ताजा खबरें


बड़ी खबर

नन्हे बच्चों के स्वागत से अभिभूत हुए कलेक्टर रोहित व्यास, आंगनबाड़ी केंद्र में मूलभूत सुविधाएं मजबूत करने और सभी गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 31 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को विकासखंड मनोरा के आंगनबाड़ी केंद्र बेलटोली का निरीक्षण कर वहां संचालित गतिविधियों एवं बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान केंद्र के नन्हे बच्चों ने कलेक्टर का पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली एवं पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
   उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पोषण ट्रैकर में नियमित एवं समयबद्ध प्रविष्टि करने, बच्चों की अपार आईडी, आभा आईडी तथा टीकाकरण की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त और सभी योजनाओं का बेहतर संचालन के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि केंद्र में सभी शासकीय गतिविधियां एवं योजनाओं का संचालन नियमित रूप से किया जा रहा है।  इस अवसर पर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, सरपंच श्रीमती उमापति भगत सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

और भी

जशपुर में शिक्षा की गुणवत्ता पर कलेक्टर रोहित व्यास की सख्ती, स्कूलों में खुद पढ़ाया गणित, जश लर्न की प्रगति परखी और गुटखा बिक्री पर तत्काल कार्रवाई के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 31 जुलाई 2026/ नए शिक्षण सत्र की शुरुआत से ही विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था के सुचारू संचालन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को उन्होंने मनोरा विकासखंड एवं सन्ना तहसील के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने जिले में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को गणित की आधारभूत संक्रियाओं में दक्ष बनाने के उद्देश्य से संचालित जश लर्न कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  इस दौरान कलेक्टर स्वयं भी शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया, उनकी जिज्ञासाओं को सुना तथा खेल-खेल और व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से गणित की अवधारणाओं को सरल, रोचक एवं सहज तरीके से समझाया। विद्यार्थी भी  कलेक्टर से मिलकर प्रसन्न नजर आए। 

*विद्यालय परिसर के 100 मीटर दायरे में गुटखा बिक्री पर तत्काल जप्ती की कार्रवाई*

कलेक्टर श्री व्यास ने मनोरा विकासखंड अंतर्गत शासकीय आदर्श प्राथमिक शाला बेलटोली का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय एवं शौचालय की नियमित साफ-सफाई, बरसात के मौसम में परिसर को फिसलन मुक्त रखने तथा पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से जश लर्न कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी लेते हुए चैटबोट गणिता ऐप का प्रभावी उपयोग करने तथा डैशबोर्ड में समयबद्ध जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही जश लर्न के लिए नियुक्त शैक्षिक संकुल समन्वयकों को तकनीकी सहयोग, नियमित मॉनिटरिंग एवं आवश्यक मार्गदर्शन सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा पांचवीं के छात्र शिवम महतो से 13 का पहाड़ा सुनाने को कहा। छात्र ने आत्मविश्वास के साथ पूरा पहाड़ा सुनाया। इसके अलावा उन्होंने अन्य विद्यार्थियों से भी गणित के प्रारंभिक प्रश्न पूछे और उन्हें सरल एवं व्यवहारिक तरीके से हल करना सिखाया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और खूब मेहनत करने को कहा। 
       कलेक्टर ने शासकीय प्राथमिक शाला सरडीह का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों को नियमित उपस्थिति दर्ज कर जिम्मेदारीपूर्वक शिक्षण कार्य करने तथा जश लर्न कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें व्यवहारिक तरीके से गणित के प्रश्न हल करना सिखाया तथा शिक्षकों को अध्ययन में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देकर अतिरिक्त मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को विद्यालय परिसर के 100 मीटर के दायरे में गुटखा एवं पान मसाला बिक्री की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को जप्ती की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिस पर मौके पर ही कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने दुकान संचालक से कहा कि भविष्य में दोबारा इस प्रकार की गतिविधि पाए जाने पर और अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

*बच्चों को व्यवहारिक एवं सरल तरीके से पढ़ाने पर दिया जोर*

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शासकीय प्राथमिक शाला चन्दाडीपा विकासखंड बगीचा का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जश लर्न कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए शिक्षकों एवं शैक्षिक संकुल समन्वयकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के पालकों से समय लेकर फोन पर संपर्क स्थापित करें। इससे पालकों से बेहतर समन्वय स्थापित होगा और सकारात्मक परिणाम आएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से गणित की अवधारणाएं भी समझाईं। 
       कलेक्टर ने शासकीय प्राथमिक शाला सरनाटोली, विकासखंड बगीचा का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचकर नियमित उपस्थिति दर्ज करने, अनुपस्थित विद्यार्थियों के पालकों से संपर्क स्थापित कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यालय में सकारात्मक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों को  गतिविधि आधारित एवं व्यवहारिक तरीके से पढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि वे विषयों को आसानी से समझ सकें। इस दौरान उन्होंने बच्चों को खेल-खेल में गणित के विभिन्न प्रश्न हल कराए और उन्हें सीखने के प्रति प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी  सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

और भी

छत्तीसगढ़ में विज्ञान क्रांति की नई उड़ान, साइंस सिटी, एआई गैलरी और साइंस पार्क परियोजनाओं को मिलेगी तेज रफ्तार, राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन की तैयारियां भी अंतिम चरण में

रायपुर, 31 जुलाई 2026/  छत्तीसगढ़ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की आज महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की प्रमुख परियोजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने उनके क्रियान्वयन की प्रगति का आकलन किया।

*साइंस सिटी और एआई गैलरी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर विशेष फोकस*

          बैठक में रायपुर में प्रस्तावित साइंस सिटी, रीजनल साइंस सेंटर, विकसित की जा रही अत्याधुनिक एआई गैलरी तथा राज्य के विभिन्न जिलों में प्रस्तावित साइंस पार्कों की स्थापना एवं विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आमजन को आधुनिक, इंटरैक्टिव एवं अनुभवात्मक विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराने तथा समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।

*राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा*

         बैठक में वर्ष 2026-27 के दौरान रायपुर में आयोजित होने वाले 22वें अखिल भारतीय विज्ञान संग्रहालय एवं विज्ञान केंद्र प्रमुख सम्मेलन की तैयारियों और कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। यह सम्मेलन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए एनसीएसएम के साथ शीघ्र संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

*समय-सीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं*

         प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में आधुनिक विज्ञान अधोसंरचना के विकास को गति देने के साथ-साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित जनजागरूकता, नवाचार और एसटीईएम शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किए जाएं।

*वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने लिया भाग*

        बैठक में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीसीओएसटी) तथा रीजनल साइंस सेंटर (आरसीएस), रायपुर के वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

और भी

छत्तीसगढ़ के हर गांव तक पहुंचेगा डिजिटल विकास, 2,305 नए मोबाइल टावरों की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की केंद्र से बड़ी पहल, दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में इंटरनेट क्रांति की तैयारी

रायपुर 31 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में डिजिटल एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावरों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के संकल्प को छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भौगोलिक दृष्टि से कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों में मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी आज केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता से इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तक सहज पहुंच मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के अनेक दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण संचार नेटवर्क का विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में 2,305 नए मोबाइल टावरों की स्थापना डिजिटल समावेशन की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाएगी। उन्होंने कहा कि इससे उन गांवों और बसाहटों तक भी विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क पहुंचेगा, जो अब तक पर्याप्त संचार सुविधाओं से वंचित रहे हैं।

*577 अतिरिक्त टावरों की स्वीकृति से दुर्गम क्षेत्रों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित रहे एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार तथा केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर सहित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है, वहां मजबूत संचार नेटवर्क विकास की गति को और तेज करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा, आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क सुगम होगा और शासन की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लोगों को अपने गांव के निकट ही प्राप्त हो सकेगा।

*489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को एनओसी जारी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वीकृत मोबाइल टावरों की स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। कुल 577 स्थानों में से अब तक 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किए जा चुके हैं। शेष 88 स्थानों के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और शीघ्र ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर आवश्यक अनुमति और भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां बीएसएनएल द्वारा मोबाइल टावरों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। राज्य शासन संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के माध्यम से आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रहा है, ताकि टावरों की स्थापना में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो।

*डिजिटल कनेक्टिविटी बनेगी शिक्षा और स्वास्थ्य की नई ताकत*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत होने से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और डिजिटल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। इसी प्रकार टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से अधिक आसानी से जुड़ सकेंगे।

उन्होंने कहा कि मजबूत नेटवर्क से बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाएं भी अधिक प्रभावी होंगी। ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों, आवेदनों और अन्य ऑनलाइन शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस प्रकार डिजिटल कनेक्टिविटी शासन को नागरिकों के और करीब लाने का माध्यम बनेगी।

*शांति के साथ विकास और अब डिजिटल सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहा बस्तर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ अब डिजिटल कनेक्टिविटी को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। वर्षों तक भौगोलिक कठिनाइयों और अन्य चुनौतियों के कारण संचार सुविधाओं से वंचित रहे गांवों को मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ना वहां के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी से स्थानीय युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिलेगी। ग्रामीण उद्यमियों और स्व-सहायता समूहों के लिए डिजिटल बाजारों तक पहुंच आसान होगी तथा किसानों को मौसम, कृषि तकनीक और बाजार से जुड़ी सूचनाएं समय पर मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से डिजिटल परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि तकनीक का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि सुदूर वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिलने से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को बड़ी गति मिलेगी।

और भी

प्रधानमंत्री मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बस्तर विजन और विकास परियोजनाओं पर हुई अहम चर्चा

रायपुर 31 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प तथा राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष बदलते छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए राज्य की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप बस्तर आज व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करने वाला यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, हवाई संपर्क, आजीविका, खेल और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस परिवर्तन को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ की यूरिया परियोजना के लिए शीघ्र मंजूरी का किया अनुरोध*

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है तथा राज्य सरकार के स्तर की आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के स्थापित होने से छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता और बेहतर होगी। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

*461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए मांगी विशेष सहायता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के ऐसे 461 गांवों का विषय भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जहां पूर्व में सुरक्षा एवं भौगोलिक कारणों से विद्युत ग्रिड पहुंचाना संभव नहीं हो पाया था और वर्तमान में ऑफ-ग्रिड माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने इन गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी विद्युत आपूर्ति से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, आजीविका और लघु उद्यमों के विस्तार को गति मिलेगी तथा दूरस्थ अंचलों में विकास की प्रक्रिया और मजबूत होगी।

*रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना  का किया अनुरोध*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना के प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर और अन्य जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों एवं पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत है। राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं विकसित होंगी।

*5,542 गांवों तक पहुंच रहा विकास, लगभग 39 लाख लोगों को लाभ*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री के समक्ष ‘बस्तर विजन’ की विस्तृत जानकारी रखते हुए बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्त मुन्ने’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में शासन की योजनाओं और सेवाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे लगभग 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राशन, आयुष्मान भारत, जनधन खाते, वनाधिकार, प्रधानमंत्री आवास सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दूरस्थ और पूर्व में अत्यधिक संवेदनशील रहे गांवों में प्रशासन की पहुंच बढ़ने से शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

*421 बंद स्कूल फिर खुले, ओरछा और जगरगुंडा में बनेंगी एजुकेशन सिटी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में आए परिवर्तन की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। जिन गांवों में कभी बच्चों के लिए नियमित शिक्षा तक पहुंच बड़ी चुनौती थी, वहां अब स्कूलों में फिर से पढ़ाई शुरू हुई है।

उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवासीय सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

*‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच*

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के अंतर्गत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और आवश्यकता के अनुरूप उन्हें चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर में चिकित्सा अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ गीदम में मेडिकल कॉलेज के माध्यम से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार नए मेडिकल कॉलेजों और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

*सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क से बदल रही बस्तर की तस्वीर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के स्थायी विकास के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टि से सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि लगभग ₹3,513 करोड़ की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर कार्य आगे बढ़ रहा है। इस रेल संपर्क से बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जगदलपुर से नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण की प्रगति तथा इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने कहा कि बैराज परियोजना से लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र के किसानों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।

*बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने की दिशा में प्रयास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की अनूठी जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे विश्वस्तरीय प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और प्रमुखता से स्थापित करने के लिए अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास उसकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति के संरक्षण के साथ किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हों।

*बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने दिया बदलाव का संदेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला है और शांति, विश्वास तथा सामाजिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर की नई पहचान खेल, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, उद्यमिता और विकास से निर्मित हो रही है।

*छत्तीसगढ़ को मिले लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में तेजी से बदल रहे औद्योगिक परिदृश्य की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें अनेक परियोजनाओं पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को परंपरागत क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों की ओर ले जाया जा रहा है। राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निवेशों से राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता आने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी निर्मित होंगे।

*निवेश अनुकूल वातावरण में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026’ की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य ने उद्योगों और उद्यमियों के लिए जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था, सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध अनुमतियों को कानूनी आधार प्रदान किया है। इससे निवेशकों को निश्चितता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित व्यवस्था मिल रही है।

*10.42 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर 10.42 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है। अब अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर राज्य सरकार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

*₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन से तकनीक आधारित सुशासन की ओर छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शासन की सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

*वित्तीय अनुशासन के साथ जनकल्याण, राजस्व वृद्धि में छत्तीसगढ़ का मजबूत प्रदर्शन*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को राज्य की सुदृढ़ होती वित्तीय स्थिति और राजस्व वृद्धि से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच प्रभावी संतुलन स्थापित करते हुए राजकोषीय एवं राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। राज्य में जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं खनिज राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खनिज क्षेत्र में नई संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के पहले टिन ब्लॉक और लिथियम ब्लॉक की नीलामी कर छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

*तकनीक और पारदर्शिता से नागरिक-केंद्रित सुशासन को नई गति*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में निरंतर सुधार कर रही है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और लाखों आवेदनों का समयबद्ध निराकरण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था भी विकसित की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व प्रशासन में व्यापक डिजिटल सुधार करते हुए रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की व्यवस्था लागू की गई है। आधार और वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का मूल उद्देश्य शासन को नागरिकों के और निकट लाना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सहज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में विकास की गति तेज हुई है। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के समग्र कायाकल्प से लेकर कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े राज्य के इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को केंद्र सरकार का सकारात्मक सहयोग मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ को शांति, समृद्धि और संभावनाओं के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।

और भी

राजस्व मामलों में अब नहीं चलेगी लापरवाही! मंत्री टंक राम वर्मा का सख्त संदेश, नामांतरण-बंटवारे में देरी पर होगी जवाबदेही, धमतरी में बाढ़ से लेकर स्वास्थ्य और विकास कार्यों की हुई बड़ी समीक्षा

रायपुर, 31 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष धमतरी में कल आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, स्वामित्व कार्ड और भूमि डायवर्सन जैसे जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

​*अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे सरकारी योजनाओं का लाभ*

      ​बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने 5 हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड तथा 5 हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र का वितरण भी किया।

*​मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारी तेज़*

     ​मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने संभावित बाढ़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ​बाढ़ संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाए। ​राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। ​किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की सुरक्षा के लिए संसाधन और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित हो।

        बैठक के दौरान मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति पर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और साइकिल का वितरण समय पर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। वहीं, कृषि विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि मानसून और बोआई के इस मौसम में किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी भी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री वर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ आम जनता तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।

*धमतरी में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार*

    ​  समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में 200 बिस्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल, नेत्र एवं ट्रॉमा सेंटर के साथ-साथ कुरूद में 100 बिस्तरीय अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज का निर्माण प्रगति पर है। इसी तरह सड़क, ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम, नालंदा परिसर, रेलवे, औद्योगिक पार्क और पर्यटन विकास के कार्यों को आगामी दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

​       मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ​बैठक में पुलिस अधीक्षक, वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत सीईओ सहित जिले के सभी प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: जशपुर के चार ग्रामीण इलाकों में बनेंगी नई सड़कें, 8.44 करोड़ की मंजूरी से गांवों तक पहुंचेगा विकास, किसानों-छात्रों और मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ

जशपुरनगर 31 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य शासन ने वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल जिले के चार महत्वपूर्ण ग्रामीण पहुंच मार्गों के निर्माण कार्यों के लिए कुल 8 करोड़ 44 लाख 68 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इन सड़क निर्माण कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी, साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। शासन की इस स्वीकृति से स्थानीय नागरिकों में खुशी का माहौल है।

      राज्य शासन द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार बुलडेगा से रेचवाघाट पहुंच मार्ग के 1.20 किलोमीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को वर्षभर सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा दैनिक आवागमन में आने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी। इसी प्रकार खुंटापानी से सलियामुड़ा पहुंच मार्ग के 3 किलोमीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 46 लाख 67 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह मार्ग क्षेत्र के कई ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क निर्माण के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और कृषि उपज के परिवहन में भी सुविधा मिलेगी। वहीं कोसमभावना से बनगांव पहुंच मार्ग के 1.20 किलोमीटर लंबाई के निर्माण कार्य, जिसमें पुल-पुलिया का निर्माण भी शामिल है। इसके लिए 1 करोड़ 43 लाख 84 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। पुल-पुलिया निर्माण होने से बरसात के दौरान आवागमन बाधित होने की समस्या दूर होगी और ग्रामीणों को पूरे वर्ष सुरक्षित आवागमन का लाभ मिलेगा।इसके अलावा बुलडेगा मेन रोड से सुकबासुपारा होते हुए भिंजपुर पहुंच मार्ग के 2.50 किलोमीटर लंबाई के निर्माण कार्य के लिए 2 करोड़ 30 लाख 40 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति राज्य शासन द्वारा प्रदान की गई है। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के अनेक गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

      इन सभी सड़क निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद संबंधित क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने के साथ-साथ किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। विद्यार्थियों, मरीजों एवं आम नागरिकों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों का जीवन और अधिक सुगम बनेगा।

और भी

कुनकुरी में एनीमिया मुक्त भारत अभियान को मिली नई रफ्तार, 51 पंचायतों में अगस्त से चलेंगे विशेष जांच शिविर; स्वास्थ्य कर्मियों को मिला व्यापक प्रशिक्षण

जशपुर 31 जुलाई 2026/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जी एस जात्रा के निर्देशन अनुसार एवं डॉ अरविंद रात्रि जिला नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में जशपुर में एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य कुनकुरी के सभा कक्ष में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर के कुजूर की अध्यक्षता में कुनकुरी विकास खंड में एनीमिया  कार्यक्रम की प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दिया गया।

 डॉक्टर अभिषेक गुप्ता द्वारा प्रशिक्षण में एनीमिया के कारण,लक्षण, जॉच,उपचार,निगरानी,सलाह,व्यवहार परीवर्तन,की विस्तार पूर्ण जानकारी दिया गया,

जांच,उपचार के समस्त पहलुओं पर संवाद करते हुए चिकित्सा अधिकारी को सीवियर,मॉडरेट, वलनरेवल समूह को विशेष ध्यान रखते हुए जांच, रक्त नमूना संग्रह,रिपोर्ट आधारित उपचार प्रदान करने कहा गया,

डॉ. कुजूर ने कहा की स्वास्थ्य विभाग और बहार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में संचालित यह कार्यक्रम जन उपयोगी होगी,विकाश खंड के समस्त 51 पंचायत में एनीमिया जांच,उपचार और शिविर का आयोजन आगामी अगस्त माह में की जाएगी,

कैंप के सफल क्रियान्वन के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया,
   
प्रशिक्षण में 51 पंचायतों में कार्यरत सेहत साथियों की भूमिका,कार्य, ज़िम्मेदारी पर जानकारी देते हुए कहा की अभी तक 25000 लोगों की एचबी टेस्ट किया गया है,साथ ही समूह बैठक,परिवार भ्रमण,के मध्यम से तथा दीवाल लेखन,नुक्कड़ नाटक,झींगल,मायकिंग,पोस्टर, के माध्यम से जनजागरुकता किया जा रहा है।

और भी

जैशक्राफ्ट से जशपुर की महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई पहचान, 30 दिवसीय बांस एवं फर्नीचर निर्माण प्रशिक्षण का समापन, महिलाओं को मिले प्रमाण-पत्र, आधुनिक तकनीक और बाजारोन्मुख डिजाइन से बढ़ेगी आय

*जशपुरनगर 31 जुलाई 2026/* जिला प्रशासन जशपुर द्वारा जैशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत ग्राम पंचायत झोलांगा के स्व-सहायता समूहों के 50 हितग्राहियों के लिए आयोजित 30 दिवसीय आवासीय बांस एवं फर्नीचर निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह शुक्रवार को लोखंडी स्थित महतारी सदन में आयोजित किया गया। 

कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, ग्राम पंचायत झोलांगा एवं लोखंडी के सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।

जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि  तुरी एवं बसोंढ़ समाज में सूपा, झोड़ा, टोकरी सहित विभिन्न बांस उत्पादों के निर्माण की समृद्ध परंपरा रही है। आज आवश्यकता इस बात की है कि इन पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक डिजाइन एवं बाजार की मांग के अनुरूप विकसित किया जाए। 

उन्होंने कहा कि बांस से निर्मित सजावटी एवं उपयोगी उत्पादों की बाजार में व्यापक संभावनाएं हैं। जिला प्रशासन द्वारा आधुनिक प्रशिक्षण एवं मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक डिजाइन, उन्नत बांस बुनाई तकनीक तथा मशीनों के माध्यम से कच्चे बांस के प्रसंस्करण एवं फर्नीचर निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर श्री अभिषेक कुमार ने बताया कि जैशक्राफ्ट के अंतर्गत बांस एवं फर्नीचर निर्माण के प्रथम चरण के प्रशिक्षण का उद्देश्य तुरी समाज की पारंपरिक बांस शिल्प कला को आधुनिक तकनीक एवं नवीन डिजाइनों से जोड़ना है, ताकि स्थानीय कारीगर बाजार की मांग के अनुरूप आकर्षक, गुणवत्तापूर्ण एवं मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर सकें।  

समारोह के दौरान सभी 50 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही विगत एक माह से प्रशिक्षण प्रदान कर रहे गुजरात के सूरत से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षक श्री राजेश विट्ठलिया एवं श्री गोपाल विट्ठलिया को स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मान किया गया।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास के नेतृत्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में लखपति दीदी पहल के अंतर्गत महिलाओं की आय में सतत वृद्धि एवं स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जैशक्राफ्ट के माध्यम से बांस शिल्प, हस्तशिल्प, छिंद कांसा हस्तशिल्प तथा हस्तकरघा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास, आधुनिक तकनीक, उत्पाद विविधीकरण एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

और भी

मोह-माया का त्याग घर छोड़ना नहीं, बल्कि लोभ, क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या और द्वेष जैसे मन के विकारों का परित्याग है, कर्म और चरित्र से ही समाज को मिलती है सही दिशा : पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी

लोभ, अहंकार और संवादहीनता से बिखर रहे परिवार, सम्मान, संस्कार और संवाद ही सुखी समाज की असली नींव : पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी

वाराणसी, 31 जुलाई। गुरुपूर्णिमा महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित महिला एवं युवा संयुक्त सम्मेलन में श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों के विघटन, दाम्पत्य जीवन में बढ़ते तनाव और सामाजिक असंतोष के पीछे सबसे बड़े कारण लोभ, अहंकार और संवादहीनता हैं। उन्होंने कहा कि परिवारों को मजबूत बनाने के लिए केवल किसी एक पक्ष को दोषी ठहराने के बजाय सभी को आत्मचिंतन करना होगा।

उन्होंने कहा कि विवाह के बाद बेटी अपना घर-परिवार छोड़कर नए वातावरण में आती है। ऐसे में उसे सम्मान, सहयोग और अपनापन मिलना चाहिए। वहीं नववधू का भी दायित्व है कि वह नए परिवार की परंपराओं और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने का प्रयास करे। दोनों पक्षों की संवेदनशीलता, समझ और सहयोग से ही सुखी एवं सुदृढ़ परिवार का निर्माण संभव है।

पूज्य गुरुदेव ने कहा कि आज अधिकांश पारिवारिक विवादों की जड़ धन का लोभ और स्वार्थपूर्ण सोच है। इसी कारण संयुक्त परिवार टूट रहे हैं तथा माता-पिता वृद्धावस्था में उपेक्षा का जीवन जीने को विवश हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक धन संपत्ति नहीं, बल्कि अच्छे कर्म, श्रेष्ठ संस्कार और महापुरुषों द्वारा दिखाया गया जीवन मार्ग है।

उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को बुद्धि और विवेक प्रदान किया है। इसलिए किसी भी बात का अंधानुकरण करने के बजाय समय, परिस्थिति और विवेक के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। कर्मफल के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है, इसलिए जीवन में सदाचार, सेवा और मानवता को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मोह-माया का त्याग करने का अर्थ घर-परिवार छोड़ देना नहीं है, बल्कि मन के विकारों—लोभ, क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या और द्वेष—का परित्याग करना ही वास्तविक वैराग्य है। परिवार और समाज में संवाद, विश्वास तथा पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि शंका और अविश्वास संबंधों को भीतर से कमजोर कर देते हैं।

पूज्य गुरुदेव ने उपस्थित माताओं और युवाओं से महापुरुषों की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने, सेवा, सदाचार और मानवता के मार्ग पर चलने तथा आने वाले समय की चुनौतियों के लिए मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। अंत में उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य और मंगलमय जीवन की कामना की।

महिला एवं युवा संयुक्त सम्मेलन में हुआ प्रेरक संवाद

गुरुपूर्णिमा के शुभ अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन 30 जुलाई 2026 को आयोजित सायंकालीन महिला एवं युवा संयुक्त सम्मेलन में यह गोष्ठी संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ने की। इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष , , , , , , तथा ने भी विचार व्यक्त किए। भजन प्रस्तुति एवं ने दी। धन्यवाद ज्ञापन ने किया, जबकि संचालन ने किया।

65वें अखिल भारतीय वार्षिक अधिवेशन में सेवा कार्यों का प्रस्तुत किया गया प्रतिवेदन

इससे पूर्व सुबह 8 बजे श्री सर्वेश्वरी समूह का 65वाँ अखिल भारतीय वार्षिक अधिवेशन आयोजित हुआ। अधिवेशन में गत गुरुपूर्णिमा से वर्तमान गुरुपूर्णिमा तक संस्था द्वारा संचालित जनकल्याणकारी गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन संस्था के मंत्री तथा प्रचार मंत्री ने प्रस्तुत किया। साथ ही दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

अधिवेशन को संबोधित करते हुए पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने संस्था के पदाधिकारियों का आह्वान किया कि समाज केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यक्ति के आचरण और चरित्र से प्रेरणा लेता है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक प्रगति उसके पदाधिकारियों के आदर्श जीवन पर निर्भर करती है। नई पीढ़ी को संस्था के संस्कारों से जोड़ना प्रत्येक परिवार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय व्यक्ति को सहयोग नहीं मिलता, जबकि कर्मशील व्यक्ति के साथ समाज स्वयं जुड़ता है। समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता, इसलिए जीवन का प्रत्येक क्षण लोककल्याण और मानव सेवा के लिए समर्पित होना चाहिए।

और भी

राशिफल : मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए क्या लेकर आया है शुक्रवार? जानिए नौकरी, व्यापार, धन, करियर, प्रेम, परिवार और स्वास्थ्य से जुड़े हर महत्वपूर्ण संकेत, कहीं आपके लिए भी खुलने वाले हैं सफलता और तरक्की के नए द्वार

मेष (Aries)
आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, हालांकि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)
आज धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय लाभदायक साबित होंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। व्यापार में पुराने निवेश से लाभ मिलने के योग हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। किसी शुभ समाचार से घर में प्रसन्नता का माहौल बनेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें और खान-पान संतुलित रखें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)
आज नए लोगों से मुलाकात भविष्य के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में विस्तार की योजनाएं बनेंगी। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की आवश्यकता है। यात्रा के योग बन सकते हैं।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)
आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। परिवार के बुजुर्गों की सलाह आपके लिए लाभदायक होगी। नौकरी में पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचने का प्रयास करें।

शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)
आज आपके नेतृत्व कौशल की सराहना होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। व्यापार में लाभ होगा और नई योजनाएं सफल होंगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)
आज योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में तरक्की के संकेत हैं। व्यापार में लाभ होगा और नए अनुबंध मिल सकते हैं। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

तुला (Libra)
आज सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी और व्यवसाय दोनों में सफलता के योग हैं। आर्थिक मामलों में लाभ मिलेगा। परिवार के साथ आनंददायक समय व्यतीत होगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio)
आज धैर्य और संयम बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। व्यापार में लाभ होगा। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। निवेश सोच-समझकर करें। विद्यार्थियों के लिए मेहनत का फल मिलने का समय है।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 8

धनु (Sagittarius)
आज भाग्य आपका पूरा साथ देगा। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में अच्छा मुनाफा होगा। परिवार में खुशियां आएंगी। यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)
आज कार्यों में थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नौकरी में वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई संभावनाएं बनेंगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और पर्याप्त आराम करें।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त होंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)
आज आत्मविश्वास के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में लाभ होगा और नई योजनाएं आगे बढ़ेंगी। नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7

आज शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना जाता है। जरूरतमंदों की सहायता करें और सकारात्मक सोच के साथ अपने कार्यों की शुरुआत करें। संयम, धैर्य और परिश्रम आज सफलता की कुंजी साबित होंगे।

और भी

छत्तीसगढ़ में बारिश का हाई अलर्ट! मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा आदेश—रेड और येलो अलर्ट वाले जिलों में चौबीसों घंटे निगरानी, बाढ़-जलभराव से निपटने के लिए प्रशासन को फुल एक्शन मोड में रहने के निर्देश

रायपुर 30 जुलाई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही वर्षा तथा मौसम विभाग द्वारा कई जिलों के लिए जारी रेड एवं येलो अलर्ट को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उच्च सतर्कता (हाई अलर्ट) पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे संभावित बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखें तथा संवेदनशील स्थानों की पहचान कर आवश्यक एहतियाती कदम तत्काल उठाएं। जिन क्षेत्रों में आवश्यकता हो, वहां लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की संभावना न रहे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले में राहत एवं बचाव की समुचित तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों, प्राथमिक उपचार, बिजली, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहे। साथ ही वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांगजनों जैसे संवेदनशील वर्गों की विशेष देखभाल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण कंपनी तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता बनाए रखें। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों, उपकरणों, नावों तथा राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला एवं राज्य स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए तथा मौसम की स्थिति, जलाशयों के जलस्तर, नदी-नालों की स्थिति और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा की जाए। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक रूप से नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन की सतर्कता, समयबद्ध कार्रवाई और जनसहयोग से किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।

और भी

महानदी विवाद खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम: दिल्ली में छत्तीसगढ़-ओडिशा की अहम बैठक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— "महानदी विवाद नहीं, साझा समृद्धि का आधार बने"

नई दिल्ली, 30 जुलाई- नई दिल्ली स्थित श्रमशक्ति भवन में आज केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों की साझा जीवनरेखा है। यह किसानों, उद्योगों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस बैठक को विवाद की निरंतरता नहीं, बल्कि समाधान की नई शुरुआत के रूप में देखता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओडिशा की सिंचाई, पेयजल और हीराकुंड परियोजना से जुड़ी चिंताओं का सम्मान करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों, आदिवासी क्षेत्रों, सूखा प्रभावित अंचलों और भविष्य की विकास आवश्यकताओं को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए सम्मानजनक, व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि दोनों राज्यों के विशेषज्ञ उपलब्ध जल के वैज्ञानिक आकलन, कम वर्षा वाले वर्षों के लिए साझा व्यवस्था तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी संस्थागत तंत्र विकसित करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक एवं तकनीकी स्तर पर अधिकतम मुद्दों का समाधान किया जाए और केवल नीतिगत विषय ही मंत्रिस्तरीय स्तर पर लाए जाएं।

श्री साय ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल और केंद्रीय जल आयोग से निष्पक्ष तकनीकी सहयोग, समयबद्ध कार्ययोजना तथा दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक समझौते का प्रारूप तैयार कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महानदी विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और भाईचारे का सेतु बने।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी संघवाद और संवाद आधारित दृष्टिकोण ने वर्षों पुराने जटिल विषयों के समाधान का सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रक्रिया से दोनों राज्यों के किसानों, नागरिकों और भावी पीढ़ियों का जल भविष्य सुरक्षित होगा।

बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

और भी

बस्तर से सरगुजा तक दौड़ेगी विकास की रेल! 1,800 किलोमीटर से अधिक नई रेल परियोजनाओं पर बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की महत्वपूर्ण चर्चा

रायपुर 30 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं तथा लंबित रेल लाइनों की प्रगति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पांडे उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के औद्योगिक, खनिज एवं कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन, जनजातीय अंचलों के विकास तथा क्षेत्रीय संतुलित प्रगति से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल अधोसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही है।

बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थाओं की साझेदारी में एक स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा। यह रेल लाइन कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी तथा ऐसे अनेक क्षेत्रों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा लाखों नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा चुकी है तथा रेलवे द्वारा निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं - सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर) तथा अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) - को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस पर रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किलोमीटर) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर आगामी कार्यवाही प्रारंभ करने का अनुरोध किया, जिससे बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत हो सके तथा विकास एवं सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को गति मिले।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, खनिज परिवहन, कृषि उत्पादों की सुगम आवाजाही, पर्यटन संवर्धन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।

और भी

इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हुआ बस्तर का गौरव! राष्ट्रपति भवन में पहली बार मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के विजेता और जनजातीय प्रतिनिधियों का भव्य सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वयं भोजन परोसकर जीता सभी का दिल, अमित शाह बोले– ऐसा अद्भुत दृश्य पहले कभी नहीं देखा

रायपुर 30 जुलाई 2026/ बस्तर की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक नेतृत्व की गौरवशाली विरासत ने आज राष्ट्रपति भवन में इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में आत्मीय स्वागत किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा में अत्यंत दुर्लभ और आत्मीय दृश्य तब देखने को मिला, जब राष्ट्रपति ने स्वयं सभी अतिथियों को भोजन परोसकर उनका सम्मान किया। राष्ट्रपति की इस सहज आत्मीयता ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावविभोर कर दिया।

प्रतिनिधिमंडल में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के प्रतिनिधि, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, पद्मश्री सम्मानित विभूतियाँ, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, मांझी-चालकी प्रणाली तथा बस्तर पंडुम के आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कलाकारों और जनजातीय प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत भारत की अमूल्य धरोहर है और उसका संरक्षण पूरे देश का दायित्व है।

*राष्ट्रपति ने जताई बस्तर आने की इच्छा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आग्रह पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भविष्य में बस्तर दशहरा एवं बस्तर पंडुम में सम्मिलित होने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा उनके हृदय को विशेष रूप से स्पर्श करता है। राष्ट्रपति ने भगवान जगन्नाथ की काष्ठ निर्मित प्रतिमा तथा बस्तर दशहरा की अद्वितीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बस्तर दशहरा से विशेष आत्मीय संबंध रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मांझी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके पिता भी मांझी थे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था सामाजिक एकता, सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक संरक्षण की सशक्त आधारशिला है।

*बस्तर पंडुम ने संस्कृति को दिलाई नई पहचान*

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बस्तर पंडुम  छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने बस्तर की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करते हैं। 

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के कलाकार, शिल्पकार और युवा अपनी सांस्कृतिक अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

*बस्तर विकास और शांति की नई पहचान बन रहा है*

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों और स्थानीय जनभागीदारी के परिणामस्वरूप बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर में आया यह सकारात्मक परिवर्तन पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है।

उन्होंने मांझी एवं चालकी की भूमिका की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि वे समाज और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करते हुए सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

*पहली बार राष्ट्रपति भवन में दिखा बस्तर का ऐसा वैभव - केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह*

इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वे अनेक अवसरों पर राष्ट्रपति भवन आए हैं, किंतु पहली बार उन्होंने राष्ट्रपति भवन में बस्तर की पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल को एक साथ देखा है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय गौरव का अद्भुत प्रतीक है।

*मुख्यमंत्री बोले – यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से बस्तर के प्रतिनिधिमंडल की यह आत्मीय भेंट पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंच पर सम्मानित हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर आज शांति, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है तथा स्थानीय कलाकारों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को नया मंच प्रदान किया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज और उसकी संस्कृति से गहरा आत्मीय जुड़ाव है। उनके अनुभव, स्नेह और मार्गदर्शन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी तथा जनजातीय समाज का उत्साह और बढ़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी किया तथा भारत की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरासत से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत हुआ।

*राष्ट्रपति को भेंट की गई बस्तर की 300 वर्ष पुरानी 'झिटकू-मिटकी' की अनुपम कलाकृति*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा 'झिटकू-मिटकी' पर आधारित विशेष कलाकृति स्मृति-चिह्न स्वरूप भेंट की। यह कलाकृति बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्रेम, समर्पण, लोकआस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।

लोकमान्यता के अनुसार कठिन अकाल के समय झिटकू और मिटकी ने अपने प्रेम, त्याग और समर्पण की ऐसी अमिट मिसाल प्रस्तुत की कि उन्हें देवतुल्य सम्मान प्राप्त हुआ। आज भी बस्तर अंचल में झिटकू को 'खोड़िया राजा' तथा मिटकी को 'गप्पा देई' के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

साइकिल मिली तो खिल उठीं बेटियों की मुस्कान, सिटोंगा स्कूल की 16 छात्राओं को मिला निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना का लाभ

जशपुर। छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत शासकीय हाई स्कूल सिटोंगा में अध्ययनरत कक्षा 9वीं की 16 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। साइकिल मिलने से छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ झलकती नजर आई।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सिटोंगा की सरपंच श्रीमती कल्पना लकड़ा, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी टुमनू गोसाई तथा विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक अजय कुमार चैबे ने छात्राओं को साइकिल प्रदान की। इस दौरान विद्यालय की प्राचार्य, शिक्षकगण, पालक एवं ग्रामीणजन भी उपस्थित रहे।

अतिथियों ने छात्राओं को शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि बालिका शिक्षा समाज के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने छात्राओं से हर क्षेत्र में आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रातरानी शारदा मिंज ने कहा कि साइकिल मिलने से छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और दूर-दराज से विद्यालय आने में उन्हें सुविधा मिलेगी।

कार्यक्रम का संचालन सुभाष चन्द्र वर्मा ने किया। अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। साइकिल पाकर छात्राओं ने खुशी जाहिर करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

और भी

गुरु पूर्णिमा पर जशपुर से 'समरसता संकल्प अभियान', गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर जिलेभर के मंदिरों में जले हजारों दीप, भाजपा ने सामाजिक समरसता और विकसित भारत का लिया संकल्प

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जशपुर जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। अभियान के प्रथम चरण 'समरसता दीप महोत्सव' के अंतर्गत जिलेभर के मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर सामाजिक समरसता, सद्भाव और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया।

जशपुर नगर स्थित बालाजी मंदिर में जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया, वहीं लोरो शिव मंदिर में पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने दीप प्रज्ज्वलित कर संत गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इसके साथ ही जिले के सभी मंडलों एवं गांवों के मंदिरों में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज ने अपने जीवन से समानता, आत्मसम्मान, भाईचारे और सामाजिक न्याय का जो संदेश दिया, वही विकसित भारत की मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी इसी विचार को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए 'समरसता संकल्प अभियान' के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने सामाजिक भेदभाव से मुक्त, समरस और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया तथा संत गुरु रविदास महाराज के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।


इस संबंध जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, ममता कश्यप, पिंकी गुप्ता, कमला निराला, उमा देवी, शारदा प्रधान, नीतू गुप्ता, राजकुमार सिंह, देवधन नायक, रूपेश सोनी, गोविंद भगत, मुकेश सोनी, शरद चौरसिया, दीपक गुप्ता, द्वारिका मिश्रा, अनिता पैकरा, सतीश गोस्वामी, नागेंद्र भगत, रागिनी भगत, रमाशंकर गुप्ता सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

और भी

स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा ऐलान: मलेरिया के खिलाफ निर्णायक जंग जारी, बस्तर में 99% आबादी की स्क्रीनिंग, 60 हजार गंभीर मरीजों का इलाज, अब नकली (एनॉलॉग) पनीर बेचने वालों की खैर नहीं


रायपुर, 30 जुलाई 2026। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बस्तर अंचल में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके माध्यम से लाखों लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंची हैं तथा गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार संभव हुआ है।

रायपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34.29 लाख से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार प्रारंभ किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा 10,938 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मलेरिया के कुछ मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने  कहा कि मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य है। इसके लिए समय पर जांच, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और सामुदायिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रणनीतिक कार्ययोजना, सतत निगरानी और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि मलेरिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों को दर्शाती है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव सम्पन्न हुए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक नागरिकों को समयबद्ध आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे दुर्घटना, प्रसूति एवं अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सकी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए HLL Lifecare Limited के सहयोग से राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल, आईटी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली एवं गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी विश्वसनीय और समयबद्ध जांच सुविधियां उपलब्ध हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 10  मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक तकनीकी एवं पैरामेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा प्रदेश के युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी शिक्षा एवं प्रशिक्षण के नए अवसर प्राप्त होंगे।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए  प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग एवं विक्रय पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

और भी