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ब्रेकिंग : मुख्यमंत्री ने देखा ऐसा डिजिटल मॉडल, जहां बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए गांव में मिल रही दर्जनों सरकारी सेवाएं, बड़ेकनेरा बना पूरे प्रदेश के लिए ‘डिजिटल सुशासन’ का रोल मॉडल!

रायपुर 1 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निरीक्षण कर ग्रामीण डिजिटल सुशासन के अभिनव मॉडल ‘सेवा सेतु’ की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर योजनाओं की पहुंच, पारदर्शिता और प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को उनके गांव में ही सहज, सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि ‘सेवा सेतु’ अभियान और अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं, जिनसे आमजन को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है।

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान ग्राम की हितग्राही श्रीमती कौशल्या मानिकपुरी ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्त हो रही है, जिससे घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से खेती-किसानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिली है।

इसी प्रकार श्रीमती सुमति मानिकपुरी, श्रीमती अमिल मानिकपुरी तथा श्रीमती पचमती बघेल ने मुख्यमंत्री को बताया कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाया है और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहारा दिया है। वृद्धावस्था पेंशन और महतारी वंदन योजना का लाभ प्राप्त कर रही श्रीमती वेंकटरमणा जंगम ने भी योजनाओं की नियमित उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक गरीब, किसान और महिला तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

*‘गाँव के द्वार, डिजिटल सरकार’ का साकार हो रहा संकल्प*

ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में संचालित ‘सेवा सेतु’ अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को ग्रामीणों तक त्वरित, सरल और सुलभ तरीके से पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर अनेक शासकीय, वित्तीय और डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार होती दिखाई दे रही है।

*एक ही छत के नीचे मिल रही दर्जनों डिजिटल और शासकीय सेवाएं*

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में आवेदन प्रेषण के लिए मात्र 30 रुपये तथा प्रिंट आउट के लिए 5 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र के माध्यम से आय, जाति, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन तथा भवन निर्माण अनुज्ञा जैसी सेवाएं ग्रामीणों को गांव में ही मिल रही हैं।

इसके अतिरिक्त नगद आहरण, फंड ट्रांसफर, पेंशन सेवाएं, जीवन, सामान्य एवं कृषि बीमा, पैन कार्ड एवं पासपोर्ट आवेदन, बिजली बिल भुगतान, यात्रा टिकट बुकिंग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का ऑनलाइन पंजीयन भी इसी केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों का समय, श्रम और आर्थिक व्यय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है।

*हर माह 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल लेन-देन, स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा*

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में ‘सेवा सेतु मैनेजर’ के रूप में कार्यरत श्री संजय मिश्रा ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल ने न केवल ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं, जिससे युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

*ग्रामीणों के समय, श्रम और धन की बचत का माध्यम बना सेवा सेतु*

बड़ेकनेरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब विभिन्न शासकीय सेवाओं और योजनाओं का लाभ गांव में ही उपलब्ध हो जाने से उन्हें दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे समय, श्रम और धन की बचत हो रही है तथा शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल अब ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण, पारदर्शी सेवा वितरण और सुशासन की नई मिसाल के रूप में उभर रहा है।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना उम्मीदों का केंद्र: हाथी प्रभावित दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्या का हुआ त्वरित समाधान, आवेदन पहुंचते ही अंधेरे में डूबी सारंगडाँड़ बस्ती में लौटी बिजली

नारायणपुर : 1 जून 2026 । मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया एक बार फिर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। जिले के दूरस्थ एवं हाथी प्रभावित क्षेत्र ग्राम पंचायत बनकोम्बो की सारंगडाँड़ बस्ती पिछले पांच दिनों से अंधेरे में डूबी हुई थी। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण पूरे बस्ती की विद्युत व्यवस्था ठप हो गई थी, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

ग्रामीणों ने कई दिनों तक विभाग से  बिजली बहाल होने की प्रतीक्षा की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर अपनी समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और तत्काल बिजली विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया से मिले निर्देशों के बाद बिजली विभाग की टीम सक्रिय हुई और सारंगडाँड़ बस्ती में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली व्यवस्था सुचारू होते ही ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

ग्रामीणों ने बताया कि सारंगडाँड़ बस्ती हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्थित है। ऐसे क्षेत्रों में बिजली केवल सुविधा का साधन नहीं बल्कि सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम होती है। रात के समय बिजली नहीं होने से लोगों को जंगली हाथियों की आवाजाही के बीच अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया तक उनकी बात पहुंचने के बाद जिस तेजी से कार्रवाई हुई, उससे उन्हें यह भरोसा मिला है कि शासन आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी संवेदनशीलता और तत्परता सराहनीय है।

क्षेत्र के लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया लगातार ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी केंद्र बनता जा रहा है। यहां पहुंचने वाली जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई होने से लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं संबंधित अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि समय पर ट्रांसफार्मर बदलने से न केवल बिजली की समस्या दूर हुई है, बल्कि हाथी प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से भी बड़ी राहत मिली है।

ग्रामीणों का मानना है कि जहां जनसमस्याओं पर तत्काल सुनवाई और त्वरित समाधान हो, वहीं सुशासन की वास्तविक पहचान दिखाई देती है।

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ब्रेकिंग न्यूज़: एक शिकायत, एक वीडियो और फिर मचा प्रशासनिक भूचाल! मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त रुख के बाद यंहा के जनपद पंचायत CEO तत्काल निलंबित, जानिए पूरा मामला......

रायपुर 1 जून 2026/ सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग, श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में श्री पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के विपरीत है। इस संबंध में संभागायुक्त दुर्ग द्वारा श्री पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा। 

लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। 

निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

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अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा की बड़ी समीक्षा बैठक : विकसित भारत अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार

रायपुर, 01 जून 2026/  अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को विकसित भारत अधिनियम के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी हो। नियमों के लागू होने से पहले यदि लोग इसके प्रति जागरूक होंगे, तो वे योजनाओं का अधिक से अधिक और सही लाभ उठा सकेंगे। अपर मुख्य सचिव ने आगामी 01 जुलाई से लागू होने वाले विकसित भारत अधिनियम 2025 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस नए अधिनियम के प्रावधानों और नियमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

         अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने आज अटल नगर नवा रायपुर स्थित विकास आयुक्त भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) सहित अन्य ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
     
*प्रधानमंत्री आवास निर्माण की सराहना की*

       बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक आवास पूर्णता और तीव्र निर्माण गति पर  हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागीय टीम की सराहना की और निर्देशित किया कि विकास की इस गति को निरंतर बनाए रखा जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही पक्के मकान से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और समय-सीमा में लक्ष्यों को पूरा करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

         इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री धर्मेश साहू, मनरेगा आयुक्त एवं संचालक (प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण) श्री तारण प्रकाश सिन्हा, अपर विकास आयुक्त श्री वी.पी. तिर्की सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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महानदी में आधी रात चलता मिला अवैध रेत उत्खनन का खेल, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद धमतरी में खनिज विभाग का बड़ा एक्शन; 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त कर की गईं सील

रायपुर, 01 जून 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाकर लगातार छापेमारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सूक्ष्म निगरानी, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव हो पा रहा है।
                इसी क्रम में खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 31 मई 2025 की रात्रि में जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में 05 चैन माउंटेन मशीनें रेत के उत्खनन में संलग्न पाई गईं। मौके पर रेत उत्खनन के संबंध में किसी प्रकार की वैध अनुमति अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।
               खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा जवाब प्रस्तुत करने हेतु मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया।
जांच कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण स्थापित हो रहा है। राज्यभर में अभियानात्मक कार्रवाई जारी है और अवैध खनन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

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पीडब्ल्यूडी सचिव का सख्त अल्टीमेटम: 30 जून तक टेंडर, 31 जुलाई तक कार्यादेश; भारतमाला से जुड़ेंगी छत्तीसगढ़ की सड़कें, पहुंचविहीन गांवों तक बनेगा विकास का नया नेटवर्क

रायपुर. 1 जून 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों को मार्च-2026 तक स्वीकृत कार्यों के 30 जून तक निविदा आमंत्रित कर 31 जुलाई तक कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा ऋतु के तुरंत बाद ये काम शुरू किए जा सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ से गुजर रहे भारतमाला परियोजनाओं की सड़कों से राज्य की सड़कों को जोड़ने फोरलेन सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने को कहा, ताकि भारतमाला सड़कों का पूरा लाभ राज्य को भी मिल सके। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में मौजूद थे। विभाग के सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल प्रदेशभर की 36 द्रुतगामी सड़कों के साथ ही दूरस्थ अंचलों के पहुंचविहीन गांवों के लिए भी प्राथमिकता से सड़कों व पुलों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष और पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने को कहा। उन्होंने 31 जुलाई तक इनके प्राक्कलन भी भेजने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में आर.सी.पी.एल.डब्लू.ई.ए. (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के कार्यों को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद अधिकारियों को जिओ-टैगिंग और एसएनए का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया।

श्री बंसल ने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर समय पर उनका भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों के देयकों का भुगतान एक माह के भीतर करने को कहा। उन्होंने भुगतान के पहले सभी कार्यों का कड़ाई से सत्यापन भी करने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक किए गए कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र और फाइनल बिल समीक्षा के लिए भेजने को कहा। श्री बंसल ने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को हर तीन महीने में राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। 

विभागीय सचिव ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों से अच्छा समन्वय रखकर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को डामरीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान खुद फील्ड में मौजूद रहकर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को हर मंगलवार को अपने कार्यालय में ही रहने के निर्देश दिए। उन्होंने काम में ढिलाई एवं लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने को भी कहा। उन्होंने भू-अर्जन के मामलों में मिशन मोड में काम करते हुए आगामी तीन से छह माह के भीतर सभी प्रकरणों को निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात को देखते हुए सड़कों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर पूर्ण करने को कहा। 

श्री बंसल ने कार्यों में सुविधा और प्रशासनिक कसावट के लिए विभाग के विभिन्न अनुविभागीय कार्यालयों के स्थानांतरण एवं पुनर्गठन की कार्यवाही जून कर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक विर्माण विभाग की परिसंपत्तियों के डिजिटाइजेशन, एसडीओ से लेकर प्रमुख अभियंता कार्यालय तक ई-ऑफिस से कार्य संपादित करने, कार्यालयों को सुव्यस्थित रखने, गति शक्ति पोर्टल पर कार्यों की प्रगति की जानकारी समय पर अपडेट करने, न्यायालयीन प्रकरणों में जवाब समय पर दाखिल करने, प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति, निविदा आमंत्रण और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रियाएं दो से तीन माह में पूर्ण करने तथा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कराने के भी निर्देश दिए।

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“सिर्फ सफलता नहीं, समाज को भी लौटाएं कुछ अमूल्य” : राजभवन में बेटियों को राज्यपाल रमेन डेका का प्रेरक संदेश, अंगदान-देहदान का संकल्प लेने वाले 75 मानवता के प्रहरी सम्मानित

रायपुर, 01 जून 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोक भवन  में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानवता की सेवा का अनुकरणीय संदेश देने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने बालिका गृह की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़े परिश्रम के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को कभी छोटा न समझने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

*पुस्तकों से मिलता है स्थायी ज्ञान और आगे बढ़ने का साहस*

         राज्यपाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सी जानकारियां समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। विशेष रूप से सफल विभूतियों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यह समझने का अवसर मिलता है कि कैसे कठिन संघर्षों और निरंतर प्रयासों के बाद लोग सफलता के शिखर तक पहुंचे हैं। ऐसी प्रेरक कहानियां जीवन में आगे बढ़ने का साहस और संकल्प देती हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन में हमेशा ऐसा कार्य करने का प्रयास करें जिसमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि दूसरों की मदद करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का निस्वार्थ भाव हो। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के आत्मीय जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने भी राज्यपाल को स्व-निर्मित उपहार भेंट कर अपना स्नेह व्यक्त किया।

*मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य*

          इस अवसर पर राज्यपाल ने पर्यावरण एवं जल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मानव, पशु एवं प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस संतुलन को कायम रखने में वृक्षों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेड़ों को बचाना और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

         राज्यपाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ष्हमने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन पानी भी खरीदकर पीना पड़ेगा। इसलिए जल का संवर्धन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमने आज पेड़ों को नहीं संभाला, तो आने वाले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इंसान ही स्वच्छ हवा और पानी को प्रदूषित कर रहा है, इसलिए इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी इंसान की ही है।

*अंगदान और देहदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा*

          राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा और शोध (त्मेमंतबी) के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान और देहदान का संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के सच्चे नायक हैं। उन्हें अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यह संवेदनशीलता और मानवता का सबसे उच्च भाव है, जिसे हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

*75 नागरिक और रायपुर कलेक्टर हुए सम्मानित*

         कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, रायपुर जिले के कलेक्टर श्री गौरव सिंह को भी इस पुनीत क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान व देहदान का संकल्प लेने वाले प्रबुद्ध नागरिक, बालिका गृह की बालिकाएं तथा उनके शिक्षक उपस्थित थे।

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जंगल की पगडंडियों से स्विमिंग पूल की लेन तक: बैगा बच्चों के सपनों को पंख दे रहा खेल शिविर, राष्ट्रीय प्रशिक्षकों से सीख रहे तैराकी के गुर

रायपुर, 01 जून 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। जंगलों और पहाड़ों के बीच जीवन व्यतीत करने वाले बैगा बालक-बालिकाएं आज तरणताल (स्वीमिंग पूल) में तैराकी के आधुनिक खेल कौशल सीखकर अपने सपनों को नई दिशा दे रहे हैं।

            नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के तरणताल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें आकांक्षी विकासखंड गौरेला के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा समुदाय के बच्चों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने स्वयं गांवों तक पहुंचकर बैगा परिवारों को प्रेरित किया और बच्चों को इस शिविर से जोड़ा।

*अवसर मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास*

          प्राकृतिक जलस्रोतों, नदी-नालों और जंगलों के बीच जीवन बिताने वाले इन बच्चों के लिए तरणताल का यह अनुभव बिल्कुल नया है। यहाँ वे केवल तैरना ही नहीं सीख रहे, बल्कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी खेल संस्कृति को भी आत्मसात कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतने बड़े स्वीमिंग पूल में अभ्यास नहीं किया था। वे तैराकी के तकनीकी पहलुओं को सीखकर बेहद उत्साहित हैं और भविष्य में बड़े खिलाड़ी बनने का सपना देख रहे हैं।

*राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से मिल रहा मार्गदर्शन*

         इस ग्रीष्मकालीन शिविर में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को तैराकी की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को फ्री-स्टाइल, बैक-स्ट्रोक, बटरफ्लाई-स्ट्रोक, ब्रेस्ट-स्ट्रोक तथा मेडले जैसी प्रतिस्पर्धी विधाओं का कड़ा अभ्यास कराया जा रहा है। सुबह और शाम, दो पालियों में संचालित इन सत्रों के माध्यम से बच्चों की शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और खेल कौशल को लगातार विकसित किया जा रहा है। प्रशिक्षकों का मानना है कि बैगा बच्चों में स्वाभाविक शारीरिक क्षमता, साहस और सीखने की तीव्र इच्छा है, जो उन्हें भविष्य का उत्कृष्ट खिलाड़ी बना सकती है।

*जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम*

         विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में पलने के कारण अद्भुत सहनशक्ति और बेजोड़ शारीरिक क्षमता के धनी होते हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन बच्चों को खेल की मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास न केवल खेल विकास की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि सामाजिक समावेशन और जनजातीय सशक्तिकरण का भी एक जीवंत उदाहरण है।

*मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल जनजातीय युवा*

         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और कौशल विकास के अवसरों का विस्तार कर रही है। सरकार का संकल्प है कि दूरस्थ अंचलों का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा संसाधनों के अभाव में पीछे न छूटे। बैगा समुदाय के बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ना सरकार की समावेशी विकास नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे न केवल बच्चों के व्यक्तित्व का विकास हो रहा है, बल्कि उनमें बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास भी जागृत हो रहा है।

*सपनों की नई लहर*

          कभी जंगलों और पहाड़ियों तक सीमित रहने वाले बैगा बच्चे आज तरणताल में पूरे आत्मविश्वास के साथ लहरों से मुकाबला कर रहे हैं। यह सकारात्मक परिवर्तन केवल एक खेल प्रशिक्षण का परिणाम नहीं है, बल्कि सरकार की संवेदनशील सोच, जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता और बच्चों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है।

          यह ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर बैगा बच्चों के लिए एक ऐसे सुनहरे अवसर के रूप में उभरा है, जो उनके जीवन की दिशा बदल सकता है। आने वाले वर्षों में यही बच्चे राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ और पूरे भारत का गौरव बढ़ाएंगे, यही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।

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राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय-सीमा में 100 फीसदी निराकरण के निर्देश; अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

जशपुरनगर, 01 जून 2026/ अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न राजस्व कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की।  बैठक के दौरान अपर कलेक्टर ने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।
    समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर श्री साहू ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए। उन्होंने भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। अपर कलेक्टर ने आरबीसी 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावितों एवं पीड़ितों को समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक से सभी एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर मौजूद रहे।

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सुशासन तिहार का अगला बड़ा पड़ाव: खारीबहार में 2 जून को लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर, 13 गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा मौके पर समाधान

जशपुरनगर 1 जून  2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत फरसाबहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत खारीबहार में 2 जून 2026 को शिविर लगेगी। इस शिविर में 13 गांव बाबूसाजबहार, अंकिरा, भेजरीडांड, सिकिरमा, गारीघाट, झारमुण्डा, खारीबहार, कोरंगामल, लवाकेरा, फरदबहार, दलटोली, बारो एवं कोनपारा के ग्रामीण अपनी मांग एवं समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। 
        सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके।  
       कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

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सुशासन तिहार बना दिव्यांगों के जीवन में नई उम्मीद की किरण: सुरेन्द्र राम को मिली ट्राई साइकिल, अब आत्मनिर्भरता की राह होगी आसान

जशपुर 1 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है और सामग्री वितरण भी की जा रही है।

इसी कड़ी में ग्राम पूर्णापानी के सुरेंद्र राम को सुशासन तिहार बोकी शिविर में मिला ट्राई साइकिल ।

 
उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि कुछ कार्यों के लिए मुझे दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब मैं अपने जरूरी कार्य स्वयं  कर सकूंगा  इसके लिए  जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

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दैनिक राशिफल : जून की पहली सुबह लेकर आई ग्रहों का बड़ा संदेश - कहीं धन लाभ के प्रबल योग, कहीं करियर में नई उड़ान, तो कहीं रिश्तों की होगी परीक्षा ; जानिए आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा 1 जून 2026 का दिन

 

जून माह का पहला दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीदें, आर्थिक अवसर और करियर में प्रगति के संकेत लेकर आया है। चंद्रमा का धनु राशि में गोचर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई योजनाओं को गति देगा। नौकरी, व्यापार, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य के मामलों में आज का दिन अधिकांश राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल—

मेष: कार्यक्षेत्र में बढ़ेगा प्रभाव, रुके हुए कार्यों को मिलेगी गति

आज का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। व्यवसाय में नए अनुबंध मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा और किसी शुभ समाचार से घर में प्रसन्नता का वातावरण बनेगा।

करियर: नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति के संकेत।
व्यापार: निवेश के लिए समय अनुकूल।
प्रेम: संबंधों में मधुरता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: अधिक भागदौड़ से थकान हो सकती है।

वृषभ: आर्थिक मामलों में मिलेगा लाभ, कानूनी विवादों में राहत के संकेत

वृषभ राशि वालों के लिए दिन आर्थिक दृष्टि से शुभ रहने वाला है। धन लाभ के नए अवसर सामने आ सकते हैं। यदि कोई कानूनी या प्रशासनिक मामला लंबित है तो उसमें सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ संबंध मजबूत होंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना है।

करियर: वरिष्ठों से प्रशंसा मिलेगी।
व्यापार: लाभ में वृद्धि और नए ग्राहक मिल सकते हैं।
प्रेम: वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

मिथुन: संवाद कौशल दिलाएगा सफलता, नए संपर्क बनेंगे लाभ का आधार

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। महत्वपूर्ण बैठकों और चर्चाओं में सफलता मिलने की संभावना है। नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन विशेष रूप से अनुकूल है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

करियर: इंटरव्यू और प्रस्तुति में सफलता।
व्यापार: नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है।
प्रेम: पुराने मतभेद समाप्त होंगे।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें और पर्याप्त नींद लें।

कर्क: भावनात्मक संबंध होंगे मजबूत, परिवार में रहेगा सुखद वातावरण

कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन पारिवारिक दृष्टि से बेहद शुभ है। घर में किसी मांगलिक चर्चा या आयोजन की संभावना बन सकती है। कार्यस्थल पर आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है।

करियर: कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ेगा।
व्यापार: लाभदायक अवसर प्राप्त होंगे।
प्रेम: रिश्तों में निकटता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।

सिंह: मेहनत का मिलेगा पूरा फल, सामाजिक प्रतिष्ठा में होगी वृद्धि

सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से भरा रहेगा। समाज में सम्मान बढ़ेगा और प्रभावशाली व्यक्तियों से मुलाकात लाभदायक साबित होगी। किसी महत्वपूर्ण परियोजना में सफलता मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

करियर: महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सकती है।
व्यापार: रुका हुआ धन वापस मिल सकता है।
प्रेम: जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखें।
स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्याओं से सावधान रहें।

कन्या: शिक्षा और करियर में सफलता के योग, नई योजनाएं होंगी सफल

आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए शुभ समाचार लेकर आ सकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

करियर: अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
व्यापार: विस्तार की योजनाएं सफल होंगी।
प्रेम: रिश्तों में नई ऊर्जा का संचार होगा।
स्वास्थ्य: पुरानी परेशानियों से राहत मिलेगी।

तुला: भाग्य का मिलेगा पूरा साथ, रुके हुए कार्य होंगे पूरे

तुला राशि के जातकों के लिए दिन भाग्यवर्धक साबित हो सकता है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

करियर: पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि।
व्यापार: साझेदारी में लाभ मिलेगा।
प्रेम: संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।
स्वास्थ्य: तनाव से राहत मिलेगी।

वृश्चिक: धैर्य और संयम से मिलेगा लाभ, विवादों से रहें दूर

आज जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखें। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है।

करियर: संयम से काम लें।
व्यापार: बड़े निवेश से बचें।
प्रेम: गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास करें।
स्वास्थ्य: तनाव और रक्तचाप पर नियंत्रण रखें।

धनु: आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा दिन, यात्रा के बनेंगे योग

चंद्रमा आपकी राशि में होने से आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। शिक्षा, यात्रा और करियर से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

करियर: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
व्यापार: नए संपर्क लाभ पहुंचाएंगे।
प्रेम: साथी का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: यात्रा के दौरान सावधानी रखें।

मकर: सरकारी कार्यों में सफलता, मेहनत का मिलेगा प्रतिफल

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन कार्यक्षेत्र में सफलता लेकर आ सकता है। आपकी मेहनत और लगन की सराहना होगी। सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

करियर: पदोन्नति के योग बन रहे हैं।
व्यापार: योजनाएं सफल होंगी।
प्रेम: पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: कमर और जोड़ों के दर्द से सावधान रहें।

कुंभ: आय के नए स्रोत खुलेंगे, लंबे समय से चली आ रही समस्या होगी दूर

आज आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। नई नौकरी या आय के अतिरिक्त स्रोत मिल सकते हैं। मित्रों और सहयोगियों का पूरा समर्थन प्राप्त होगा। पारिवारिक जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।

करियर: नए अवसर प्राप्त होंगे।
व्यापार: लाभ में वृद्धि होगी।
प्रेम: प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य बना रहेगा।

मीन: आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, धन लाभ के बन रहे योग

मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आया है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

करियर: नए अवसरों का लाभ उठाएं।
व्यापार: धन लाभ के अच्छे योग हैं।
प्रेम: भावनात्मक संबंध मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य: पर्याप्त आराम और संतुलित आहार लें।

                  वृषभ, कन्या, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। आर्थिक लाभ, करियर में प्रगति और पारिवारिक सुख के प्रबल योग बन रहे हैं।

 आज का शुभ उपाय

सोमवार के दिन भगवान शिव का अभिषेक करें, बेलपत्र अर्पित करें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप करें। इससे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की संभावना बढ़ेगी।

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दुर्ग प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय दिनेश सेन को अर्पित की श्रद्धांजलि, विधायक रिकेश सेन के परिवार से मिलकर जताई गहरी संवेदना

रायपुर 31 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर पहुंचकर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय श्री दिनेश सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सेन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर विधायक श्री रिकेश सेन एवं शोक संतप्त परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन का वियोग जीवन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती। उन्होंने स्वर्गीय श्री दिनेश सेन के निधन को परिवार एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

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दुर्ग से उठी डिजिटल क्रांति की नई लहर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अत्याधुनिक आईटी पार्क का किया लोकार्पण, हजारों युवाओं को मिलेगा तकनीकी रोजगार का सुनहरा अवसर

रायपुर 31 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए आज सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है। 

उल्लेखनीय है कि लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आधुनिक आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। एमओयू के तहत देश की विभिन्न 40 आईटी कंपनियों ने यहां अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश: जनता के बीच पहुंचकर सरकार दे रही रिपोर्ट कार्ड, दुर्ग जिले को मिली 739 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर 31 मई 2026/सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब दे, उनकी समस्याएं सुने और समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज दुर्ग जिले के स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले को 739 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों की सौगात देते हुए 251 लोककल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 362 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 376 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन 
एवं शिलान्यास शामिल है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं दुर्ग जिले के विकास को नई दिशा देने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक मई से प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन निरंतर जारी है और 10 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में यह अभियान संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि शासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचकर सेवा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। शिविर में युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल वितरण, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन सरकार ने राज्य में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था और खुशी की बात है कि सभी स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। अब शीघ्र ही सभी आवासों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना लागू की है, जिसके तहत माताओं और बहनों के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास परिवार और समाज दोनों को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण छत्तीसगढ़ लंबे समय से झेल रहे नक्सलवाद के दंश से निर्णायक रूप से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, विश्वास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने नेतानार में स्थापित सेवा डेरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ग्रामीणों और आदिवासियों को इमली प्रसंस्करण, ढेकी चावल, सिलाई और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से परिणय सूत्र में बंधना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। उन्होंने इसे सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक जनभागीदारी का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं का विस्तार कर रही है। उन्होंने बिजली समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों को राहत, सुविधा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता देने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। साथ ही 112 हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन एवं महिला सहायता सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले दुर्ग जिले के विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यही युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की आधारशक्ति हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज लोकार्पित आईटी पार्क दुर्ग के युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार और तकनीकी अवसरों का नया द्वार खोलेगा। उन्होंने इसे जिले के आर्थिक और तकनीकी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।

मुख्यमंत्री ने दुर्ग शहर में नालंदा परिसर और छात्रावास निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण मिलेगा और यहां से आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च सेवाओं में चयनित होने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार होगी।

उन्होंने इंदिरा मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के भूमिपूजन को शहर के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे यातायात दबाव कम होगा, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ होगी और व्यापारिक गतिविधियों को सुविधा मिलेगी।

समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री श्री साय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दुर्ग जिले को मिली 739 करोड़ रुपए से अधिक की विकास सौगात आने वाले समय में विकास का नया अध्याय लिखेगी। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वामित्व योजना, लखपति दीदी, आयुष्मान भारत, महिला कोष ऋण योजना, आदिवासी छात्र प्रोत्साहन, मत्स्य विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

सुशासन तिहार में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड श्री जितेन्द्र साहू, खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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खरीफ सीजन से पहले कोरबा में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण, किसानों को नहीं होगी किसी प्रकार की कमी, अनियमितता करने वाले 8 केंद्रों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

रायपुर 31 मई 2026/ भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण है और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।

             कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।  

*जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उपयोग *

            नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं। कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।

*नैनो उर्वरक लेना अनिवार्य नहीं, रहेगा पूर्णतः वैकल्पिक*

             वैज्ञानिकों की अनुशंसा के आधार पर इस बार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक और हरी खाद के संतुलित उपयोग पर जोर है। सहकारी समितियों में पिछले वर्ष की मांग के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा नैनो यूरिया/वैकल्पिक उर्वरकों और डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा नैनो डीएपी/एनपीके के माध्यम से दी जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, यह पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।

*आंकड़ों में खाद और बीज का भंडारण*

         कोरबा जिले की सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है।
 सहकारी क्षेत्र के लिए 12 हजार 700 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। लक्ष्य के विरुद्ध 7 हजार 132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरक भंडारित किया जा चुका है। किसान अब तक 1 हजार 129.94 मीट्रिक टन खाद का उठाव कर चुके हैं, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन खाद अभी भी समितियों में शेष है। नैनो तरल उर्वरक का कोरबा जिले में कुल 11 हजार 886 लीटर (6 हजार 842 लीटर नैनो यूरिया और 5 हजार 44 लीटर नैनो डीएपी) का भंडारण किया गया था, जिसमें से 483.50 लीटर का वितरण हो चुका है और 11 हजार 402.50 लीटर स्टॉक में उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक किसानों को हरी खाद के लिए ढैंचा बीज (8 किग्रा/एकड़) और मूंग बीज (4 किग्रा/एकड़) का वितरण भी किया जा रहा है।

 *28 को नोटिस, 58 बोरी यूरिया जब्त*

         किसानों को सही दाम और गुणवत्तापूर्ण खाद दिलाने के लिए उर्वरक निरीक्षकों की टीमें लगातार विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 केंद्रों की जांच की जा चुकी है, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। अनियमितता मिलने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस  जारी किया गया है। 8 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस/बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक केंद्र पर अवैध कार्रवाई करते हुए 58 बोरी यूरिया जब्त किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार कीअनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेशए 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियमए 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

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मन की बात में छत्तीसगढ़ का बढ़ा मान: प्रधानमंत्री मोदी ने जशपुर के धावक अनिमेष कुजूर और मल्हार की ऐतिहासिक धरोहर का किया राष्ट्रीय मंच से उल्लेख, मुख्यमंत्री बोले- छत्तीसगढ़ की प्रतिभा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

रायपुर 31 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाड़ियों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि "एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढ़ियों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत - सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित  थे।

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सुशासन तिहार 2026: टेम्पू शिविर में 534 आवेदन प्राप्त, हितग्राहियों को आवास की चाबी, प्रमाण पत्र और पौधों का वितरण

जशपुर 31 मई 2026/ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने मनोरा विकास खंड के ग्राम पंचायत टेम्पू विगत दिवस 30 मई को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल हुई शिविर में 13  ग्राम पंचायत के ग्रामवासी शामिल हुए।

अधिकारियों ने विभिन्न विभाग से विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। 

शिविर में कुल 534 विभिन्न विभाग के आवेदन प्राप्त हुए। सांकेतिक रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आवास की चाभी 5 व्यक्तियों को दिया गया। कृषि विभाग द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड प्रदाय किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा जाति प्रमाण पत्र, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदाय किया। उद्यान विभाग द्वारा फलदार पौधे वितरण किए गए। वन विभाग द्वारा पौधे वितरण किए गए। महिला एवम् बाल विकास विभाग के द्वारा गर्भवति महिलाओं का गोद भराई रस्म एवं छोटे बच्चों को अन्न प्राशान का कार्यक्रम कराया गया।
                 इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांन्ति भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री परमेश्वर भगत, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री हैप्पी कमल कुजूर, श्री पंकज कुमार जायसवाल, जनपद सदस्य श्रीमती सलमा भगत,  श्रीमती जगपति, पूर्व जनपद अध्यक्ष गोविंद राम भगत,  अध्यक्ष श्रीमती रजनति भगत, सरपंच टेम्पू श्रीमती पुष्पा भगत, सम्मिलित सभी तेरह ग्राम पंचायत के सरपंच 
    
एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनोरा श्री रघुनाथ राम और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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