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कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस की तैयारी करने के दिए निर्देश,विकास कार्यों की उपलब्धियों पर आधारित झांकी तैयार करें 


जशपुर 7 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यों को गंभीरता से करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 

उन्होंने कहा कि ऐसे निर्माण कार्य जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है उन कार्यों के लिए  प्रथम किश्त की राशि शीघ्र जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक,अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान आगामी 26 जनवरी की तैयारी की भी समीक्षा की उन्होंने कहा कि इस वर्ष में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया जाएगा सभी अधिकारियों को जो जिम्मेदारी दी गई उसका गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि रणजीता स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा कार्यक्रम के लिए परेड की तैयारी, सांस्कृतिक कार्यक्रम , जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने विभाग की उपलब्धियों पर आधारित झांकी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।कार्यक्रम में मंच व्यस्था बैठक व्यस्था, पेयजल की व्यस्था, गणमान्य नागरिकों को आमंत्रण पत्र वितरण व्यवस्था सहित जरूरी सारी व्यस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा की अपने विभाग के उत्कृष्ट कार्य करने वाले नाम की सूची भेजते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें की वे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हो और उनको पहले प्रमाण पत्र नहीं मिला हो जिनको पहले भी 15 अगस्त और 26 जनवरी में प्रमाण पत्र मिल चुका है। उनकी सूची नहीं भिजने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को देने के निर्देश दिए हैं।

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नारायणपुर धान मंडी में अव्यवस्था से किसान बेहाल: दर्जनों ट्रैक्टरों की कतार, 11 बजे तक नहीं शुरू हुई खरीदी


नारायणपुर 07 जनवरी 2026। आदिम जाति सेवा समिति नारायणपुर में आज धान बेचने पहुंचे किसानों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। सुबह से ही धान मंडी परिसर के बाहर और अंदर दर्जनों ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन निर्धारित समय के बावजूद 11 बजे तक धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे किसानों में नाराजगी और चिंता का माहौल बना रहा।

मंडी में मौजूद किसानों ने बताया कि वे प्रतिदिन तड़के सुबह मंडी गेट के सामने लाइन लगाना शुरू कर देते हैं, ताकि जल्द नंबर लग जाए और धान बेचकर समय पर अपने घर लौट सकें। लेकिन आज खरीदी शुरू न होने से किसान घंटों तक ट्रैक्टरों में धान लेकर इंतजार करने को मजबूर रहे। कई किसानों ने आशंका जताई कि मौजूदा हालात को देखते हुए आज धान बेचने में देर रात हो सकती है।

इस संबंध में जब आदिम जाति सेवा समिति के कर्मचारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मंडी में लेबरों की कमी के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई है। कर्मचारियों के अनुसार, कल खरीदे गए धान की बोरियों को समय पर व्यवस्थित नहीं किया जा सका था, जिस वजह से आज सुबह से ही बोरियों को सहेजने और व्यवस्थित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी कारण धान खरीदी की प्रक्रिया में देरी हुई।

समिति कर्मचारियों ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है और सभी किसानों का धान खरीदा जाएगा। व्यवस्था दुरुस्त होते ही खरीदी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

हालांकि, मंडी में व्याप्त अव्यवस्था और देरी से किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। किसानों का कहना है कि समय पर खरीदी शुरू न होने से न केवल उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि आर्थिक और मानसिक तनाव भी बढ़ता है। किसानों ने प्रशासन और समिति प्रबंधन से मांग की है कि धान खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त लेबर और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।

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बस्तर अंचल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय,मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकमा जिले के पंचायत प्रतिनिधियों से की आत्मीय मुलाकात

रायपुर 6 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत राजधानी भ्रमण पर आए सुकमा जिले की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बस्तर के प्रत्येक गांव तक पहुंचाने के लिए निरंतर  कार्य कर रही है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में भी तीव्र गति से विकास कार्य संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर अंचलों में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों को सुरक्षा और गति दोनों प्राप्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब अधिकांश गांवों में शासकीय राशन दुकानों की स्थापना की जा चुकी है तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा  कि निकट भविष्य में बस्तर क्षेत्र पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भर बस्तर के लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से बस्तर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को राजधानी भ्रमण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि वे यहां के विकास कार्यों को देखकर प्रेरित हों और अपने क्षेत्रों में भी चहुंमुखी विकास को बढ़ावा दें।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि हमर छत्तीसगढ़ जन भ्रमण योजना के अंतर्गत सुकमा जिले के सुदूरवर्ती विभिन्न ग्राम पंचायतों के लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधि राजधानी रायपुर के दो दिवसीय भ्रमण पर आए हैं। भ्रमण के दौरान जनप्रतिनिधियों को मंत्रालय, जंगल सफारी, आदिवासी संग्रहालय, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और शॉपिंग मॉल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया गया।

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डबल इंजन सरकार का निर्णायक कदम — बिलासपुर बनेगा छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बिलासपुर के विकास का नया रोडमैप तय

रायपुर 6 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। बैठक में जिस प्रकार केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता का विषय बन चुका है। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री अमर अग्रवाल , विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण सभी एक ही मंच पर  उपस्थित थे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह शक्तिशाली संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर—दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के लिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक इच्छा-शक्ति पूरी तरह सक्रिय है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10–15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएँ, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी।

बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि बिलासपुर विकास रोडमैप के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। 

केंद्र–राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएँ अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा।

बैठक में बताया गया कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहाँ विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है।

बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी पहल की पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

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एक मासूम दिल की तेज़ धड़कन ने बदली तक़दीर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ से अरमान को मिली नई ज़िंदगी

                                                      
रायपुर, 6 जनवरी 2026/ गांव में मितानिन ने एक दिन कहा था, “आपके बच्चे की धड़कन बाकी बच्चों से तेज है,” यह वाक्य आज भी श्रीमती रजनी यादव के कानों में गूंजता है। वे बोलते-बोलते रो पड़ती हैं, “हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया अब लगता है, क्यों नहीं दिया!”

               गोगांव, रायपुर की रहने वाली श्रीमती रजनी यादव का तीसरा बेटा अरमान, अपने दोनों बड़े भाईयों और दोस्तों के साथ हंसता-खेलता बड़ा हो रहा था। कभी पिट्टूल खेलता, कभी दौड़ लगाता, सब कुछ सामान्य लगता था। बस बार-बार होने वाला सर्दी-बुखार माता- पिता को थोड़ा परेशान जरूर करता था, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि उस मासूम सी हंसी के पीछे एक गंभीर खतरा छिपा है। फिर 13 दिसंबर 2025 का दिन आया। सरोरा स्थित शासकीय स्कूल में, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार पहुँची चिरायु टीम ने जब बच्चों की जांच शुरू की, तो अरमान की बारी पर डॉक्टर ठिठक गए। उसके हृदय की धड़कन सामान्य नहीं थी। यही वह पल था, जिसने एक परिवार की ज़िंदगी की दिशा बदल दी।

           प्रोजेक्ट धड़कन छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की एक स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर बच्चों में जन्मजात हृदय रोगों (Congenital Heart Diseases - CHDs) का जल्द पता लगाना और उनका मुफ्त इलाज कराना है, जिसमें श्री सत्य साई हॉस्पिटल और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं, विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों की जांच की जाती है और उन्हें आवश्यक डिजिटल उपकरण (जैसे स्टेथोस्कोप) प्रदान किए जाते हैं।  टीम अरमान को तत्काल श्री सत्य साईं नारायण अस्पताल, नया रायपुर लेकर गई। विस्तृत जांच हुई और रिपोर्ट ने माता-पिता के पैरों तले ज़मीन खिसका दी। अरमान के दिल में 18 मिमी का छेद था। डॉक्टरों ने बिना देर किए कहा, “ऑपरेशन जरूरी है।” ईंट-भट्ठे में काम करने वाले पिता श्री रंगनाथ यादव और मां रजनी के सामने सवालों का पहाड़ खड़ा था कि पैसे का इंतजाम कैसे होगा?

            बच्चा का स्वास्थ्य, उसका भविष्य कैसा होगा? लेकिन उस घड़ी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। चिरायु टीम की सलाह पर भरोसा किया और अपने बेटे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। ज़िला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ के अंतर्गत 28 दिसंबर 2025 को विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में अरमान का जटिल हृदय ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क सफलतापूर्वक किया गया। लगातार निगरानी और देखभाल के बाद कुछ ही दिनों में वह डिस्चार्ज होकर घर वापिस आ गया। 
       
            आज जब अरमान पिट्टूल खेलता है, दोस्तों के पीछे भागता है, तो यह विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि सिर्फ एक हफ्ते पहले वह अस्पताल में एक जटिल सर्जरी प्रक्रिया से गुजर रहा था। चिरायु टीम द्वारा लगातार फॉलो-अप किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार अरमान की सेहत में उल्लेखनीय सुधार है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। उसके चेहरे की मुस्कान आज सिर्फ उसके परिवार की नहीं, पूरे मोहल्ले की खुशी बन गई है।

          भावुक होकर श्रीमती रजनी यादव कहती हैं, “अगर समय पर जांच और ईलाज नहीं मिलता, तो शायद आज मेरा बच्चा मेरे सामने न होता।” वहीं पिता श्री रंगनाथ यादव कहते हैं, ष्मेरे पास न पैसा था, न साधन३ लेकिन प्रोजेक्ट धड़कन ने मेरे बेटे को नई ज़िंदगी दे दी।” आज अरमान केवल अपने माता-पिता का सहारा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आशा, विश्वास और समय पर मिली मदद की ताकत का प्रतीक बन चुका है। रजनी और रंगनाथ, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और ज़िला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते नहीं थकते।

         यह कहानी सिर्फ एक बच्चे के बचने की नहीं है - यह कहानी है संवेदनशील शासन, समय पर हस्तक्षेप और उस भरोसे की, जो एक मासूम दिल को फिर से धड़कने का मौका दे सका।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक ली,राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण समयसीमा में सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 06 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में संचालित समस्त राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता एवं व्यपर्वतन तथा राजस्व न्यायालय से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य नियमों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करें।
      कलेक्टर श्री व्यास ने भू-अर्जन एवं मुआवजा से जुड़े प्रकरणों की भी जानकारी ली और इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने भारतमाला परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों को मुआवजा वितरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए तकनीकी दिक्कतों का त्वरित निराकरण कर प्राथमिकता के आधार पर बचे हुए मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया।
     उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों का ई-केवाईसी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही धान खरीदी केंद्रों के भौतिक सत्यापन कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा। कलेक्टर श्री व्यास ने यह भी निर्देशित किया कि अब सभी कार्यालयों में फाइलिंग का कार्य केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि आरबीसी 6-4  के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की तेजी से निराकृत करें, ताकि प्रभावितों एवं पीड़ितों को समय पर  मुआवजा राशि मिल सके। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।

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शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करें सुनिश्चित: कलेक्टर श्री रोहित व्यास,कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा

जशपुरनगर, 06 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में ग्राम पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यों की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक उपस्थित रहे।
    बैठक के दौरान कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और आम नागरिकों को इसके लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करने को कहा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ओडीएफ प्लस मॉडल, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, गांवों में कचरा संग्रहण, हाट-बाजारों की नियमित साफ-सफाई, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट तथा स्वच्छता श्रमदान की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
       समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में उन्होंने पेंशन हितग्राहियों के आधार सीडिंग तथा दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों की भर्ती शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों में शौचालय निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राशन कार्ड, पेंशन योजना एवं महतारी वंदन योजना के ऐसे हितग्राहियों जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम शीघ्र हटाए जाएं। साथ ही जिन पात्र व्यक्तियों के अभी तक नवीन राशन कार्ड नहीं बने हैं, उनके कार्ड प्राथमिकता से तैयार करने को कहा।
    उन्होंने सुशासन शिविर सहित अन्य शिविरों में उज्ज्वला योजना एवं अन्य योजनाओं से संबंधित लंबित आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के आवास निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री व्यास ने स्व-सहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, लंबित बैंक लिंकेज कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों को ऋण वितरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए पात्र हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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धान खरीदी में 6 करोड़ 55 लाख रुपये की बड़ी गड़बड़ी का खुलासा, जशपुर के कोनपारा उपकेंद्र में अनियमितता पर एफआईआर, फड़ प्रभारी गिरफ्तार



जशपुर 06 जनवरी 2026 :
जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र अंतर्गत धान खरीदी उप केंद्र कोनपारा में खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान धान खरीदी में करोड़ों रुपये की गंभीर अनियमितता सामने आई है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02 जनवरी 2026 को अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव (उम्र 61 वर्ष) द्वारा थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोनपारा, पंजीयन क्रमांक 128 के अंतर्गत संचालित धान खरीदी उपकेंद्र में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा धान खरीदी कार्य में गंभीर अनियमितता की गई है, जिससे शासन को 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।

जांच में सामने आया कि खरीफ वर्ष 2024-25 में उपकेंद्र में कुल 1 लाख 61 हजार 250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी, जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों को मात्र 1 लाख 40 हजार 663 क्विंटल 12 किलोग्राम धान का ही परिदान किया गया। इस प्रकार कुल 20,586.88 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई। संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में भी मौके पर धान उपलब्ध नहीं पाया गया और रिपोर्ट में कमी की पुष्टि हुई।

धान की प्रति क्विंटल कीमत 3100 रुपये के अनुसार इस कमी से 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपये की क्षति आंकी गई। इसके अतिरिक्त धान पैकिंग में उपयोग किए गए नए व पुराने कुल 4,898 नग बारदाने भी गायब पाए गए, जिनकी कीमत 17 लाख 07 हजार 651 रुपये बताई गई। इस प्रकार कुल मिलाकर शासन को 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपये की आर्थिक हानि हुई है।

पुलिस ने इस मामले में धान खरीदी उपकेंद्र कोनपारा के प्राधिकृत अधिकारी भुनेश्वर यादव, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू, फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र साय, सहायक फड़ प्रभारी अविनाश अवस्थी एवं उप सहायक फड़ प्रभारी चंद्र कुमार यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 320, 336, 338 एवं 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना प्रारंभ की है।

विवेचना के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव (उम्र 39 वर्ष), निवासी ग्राम झारमुंडा, थाना तुमला, जिला जशपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले से जुड़े अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी तुमला निरीक्षक कोमल सिंह नेताम, सहायक उप निरीक्षक टेकराम सारथी, प्रधान आरक्षक फ्रांसिस बेक, आरक्षक दुर्योधन यादव, अजीत लाल टोप्पो एवं महिला आरक्षक बीरजिनिया टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि अपेक्स बैंक जशपुर के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर धान खरीदी में हुई बड़ी अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में पुलिस की आगे की जांच निरंतर जारी है।

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कुनकुरी विधानसभा में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ अटल स्मृति विधानसभा सम्मेलन,सेवा, सुशासन और राष्ट्रभक्ति की राजनीति के प्रतीक थे अटल जी – गुरूपाल सिंह भल्ला

कुनकुरी/नारायणपुर 06 जनवरी 2026 :कुनकुरी विधानसभा के पमशाला में अटल स्मृति विधानसभा सम्मेलन का आयोजन गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गुरूपाल सिंह भल्ला, पूर्व विधायक सत्यानंद राठिया एवं पूर्व विधायक भरत साय ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन जिला भाजपा उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता गुरूपाल सिंह भल्ला ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, राजनीतिक जीवन एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीति को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई। भल्ला ने कहा कि आज के कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करें।

पूर्व विधायक सत्यानंद राठिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे शिखर पुरुष थे, जिन्होंने वैचारिक मतभेदों के बावजूद संवाद और समन्वय की राजनीति को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि अटल जी के आदर्शों पर चलकर ही भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। राठिया ने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिए निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।

पूर्व विधायक भरत साय ने कहा कि अटल जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, सादगी और संवेदनशील नेतृत्व का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि अटल जी के कार्यकाल में देश ने सड़क, संचार, रक्षा और आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और संगठन को नई ऊर्जा प्राप्त होती है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला भाजपा उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि अटल स्मृति सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अंत्योदय के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य किया। उपेन्द्र यादव ने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें और भाजपा की नीतियों व सिद्धांतों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखें।

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रमुख रूप से नगरपालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुदबल यादव, डीडीसी अनिता सिंह, मलाती बाई, राजकुमार गुप्ता, अनूप नारायण सिंह, असलम आज़ाद, यदुवर गुप्ता, दिलीप साहू, उमेश यादव, मुक्तेश्वर साय, चरित्र दास बाबा, कौशल्या यादव, रवि यादव सहित भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात करने और संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया।

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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जशपुर पुलिस की बड़ी पहल — यातायात जागरूकता को लेकर 117 से अधिक ऑटो चालकों के साथ निकाली गई रैली, नियमों के पालन व सुरक्षित ड्राइविंग का दिया गया संदेश

जशपुर 06 जनवरी  2026
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस द्वारा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत मंगलवार को ऑटो रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में 117 से अधिक ऑटो चालकों ने भाग लेकर यातायात जागरूकता का संदेश दिया।

यह रैली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के नेतृत्व में निकाली गई। ऑटो रैली एसडीओपी कार्यालय जशपुर से प्रारंभ होकर महाराजा चौक, सन्ना तिराहा, बिरसा मुंडा चौक, जैन तिराहा, बस स्टैंड और पुरानी टोली होते हुए पुनः एसडीओपी कार्यालय में संपन्न हुई।

कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने ऑटो चालकों को संबोधित करते हुए यातायात नियमों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आवश्यकता से अधिक सवारी न बैठाएं, ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन बीमा अद्यतन रखें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा स्वयं नियमों का पालन कर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन न चलाएं, ओवर स्पीड और नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें, क्योंकि इससे स्वयं के साथ-साथ दूसरों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। साथ ही, किसी भी सड़क दुर्घटना की स्थिति में गुड सेमेरिटन बनते हुए घायलों की सहायता करें और तत्काल नजदीकी अस्पताल एवं थाना को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि नागरिकों का एक छोटा सा प्रयास किसी की जान बचा सकता है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर शहर हो रहा रोशन ,शहर की प्राचीन विरासत और धरोहर को सहेजने का किया जा रहा कार्य 

जशपुरनगर 6 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनहितकारी नेतृत्व में जशपुर के चौक चौराहों और प्राचीन विरासत को सहेज कर किया जा रहा रोशन ।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर नगरी निकाय क्षेत्र में रात्रि कालीन सौन्दर्य और सुरक्षा के दृष्टिकोण से शहर के 6 जगहों पर प्रकाश की व्यस्था की जा रही है।
इनमें शहर के दो प्रवेश द्वार एक गम्हरिया चौक गिरांग से जशपुर आने वाले प्रवेश द्वार जिला पुरातत्व संग्रहालय, जिला ग्रन्थालय, जुदेव प्रतिमा चौक, महाराज चौक,बेल पहाड़ के पास सीएसआर मद से आकर्षक सुन्दर लाइट व्यस्था की जा रही है। 
शुभारंभ में गम्हरिया चौक के प्रवेश द्वार पर प्रकाश की व्यस्था कर दी गई हैं।

‌ इसके साथ ही राज्य की साय सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर विद्युत सब-स्टेशनों की स्थापना, ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार तथा वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इन प्रयासों से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
साय सरकार द्वारा जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को मंजूरी दी गई है,जिसकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगी,जो पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इसके साथ ही फरसाबहार एवं झिक्की बगीचा में 132/33 केवी सब-स्टेशन की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की  गई है, जिससे क्षेत्रीय बिजली भार का संतुलन बेहतर होगा। इसके अलावा जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।

*117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना ,ग्रामीण इलाकों की लो वोल्टेज समस्या से हमेशा के लिए मिलेगी निजात*

नए सब-स्टेशनों एवं ट्रांसमिशन नेटवर्क सहित ग्रामीण इलाकों में 117 नए ट्रांसफार्मर की स्थापना की जा चुकी है। जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।

*बिजली के साथ विकास को मिली नई रफ्तार*

जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है। निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निस्संदेह, साय सरकार की यह पहल जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।

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कोतबा में स्वास्थ्य के नाम पर कांग्रेस का धरना महज दिखावा, भाजपा सरकार दे चुकी है ऐतिहासिक सौगात – पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता

जशपुरनगर 05 जनवरी 2026
कोतबा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कांग्रेस पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि स्वास्थ्य के नाम पर कांग्रेस का यह धरना पूरी तरह राजनीतिक नौटंकी और जनता को गुमराह करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने पांच वर्षों के शासनकाल में जशपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह चरमराने दिया, वही आज झूठा दिखावा कर रहे हैं।

पूर्व जिलाध्यक्ष श्री गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान कोतबा सहित पूरे जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की घोर उपेक्षा की गई, न डॉक्टर थे, न संसाधन और न ही बुनियादी ढांचा। कांग्रेस नेताओं को जनता के इलाज से नहीं, बल्कि अपने स्वार्थ और सत्ता सुख से मतलब रहा, जिसके कारण ग्रामीण अंचलों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार किए जा रहे हैं।स्थानीय विधायक श्रीमती गोमती साय की पहल पर कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, जहां शीघ्र ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना की जाएगी। 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में  जिले में 220 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल, कुनकुरी में मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय, तथा 5 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

श्री गुप्ता ने कहा कि जिले में 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस, 18 महतारी एक्सप्रेस, तथा सभी विकासखंडों में शव वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे आम जनता को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब ये सुविधाएं कहां थीं?

पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे तेज और व्यापक विकास कार्य कांग्रेस नेताओं को पच नहीं रहे हैं, इसलिए वे धरना-प्रदर्शन, अनर्गल आरोप और दुष्प्रचार के सहारे जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जशपुर की जनता कांग्रेस के झूठे आडंबर को भली-भांति समझ चुकी है और आने वाले समय में उसे फिर लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव समिति के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर 5 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित थे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया।

इस अवसर पर श्री के.के. भारद्वाज, डॉ. संदीप जैन, श्री नरेंद्र लोधी, श्री गोविंद वर्मा, श्री पुष्कर साहू, श्री संतोष लोधी, श्री अशोक चंद्राकर, श्री देवनाथ साहु, श्री राकेश सोनकर, श्री हीरामन कोसले, श्री विक्रम परमार, श्री चंद्रशेखर साहू, श्री गणेश राम साहू, दूजे राम धीवर उपस्थित थे।

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भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 5 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेश में आयोजित हो रही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराना है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए शासन की प्रतिबद्धता है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भर्ती परीक्षाएँ पारदर्शी ढंग से आयोजित की जाएँ तथा परीक्षा प्रणाली को वर्तमान चुनौतियों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे, इसके लिए पारदर्शिता बढ़ाने संबंधी सभी उपायों पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे राज्य में भर्ती प्रणाली अधिक सरल, न्यायोचित और समयबद्ध बनेगी। बैठक में पुलिस बल सहित विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गई और चयन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में समान अहर्ता वाले पदों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग परीक्षाएँ आयोजित किए जाने की वर्तमान व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। समान पात्रता वाले पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि विभागों को समय पर मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

पीएससी की परीक्षा प्रणाली को और अधिक समकालीन, पारदर्शी तथा अभ्यर्थी हितैषी बनाने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। यह भी विचार किया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को वर्तमान आवश्यकताओं एवं समसामयिक विषयों के अनुरूप और अधिक प्रासंगिक बनाया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री एस.आर.पी. कल्लूरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने समाजसेविका पद्मश्री राजमोहिनी देवी की पुण्यतिथि पर किया नमन

रायपुर 5 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सामाजिक चेतना और जनसेवा की सशक्त प्रतीक पद्मश्री राजमोहिनी देवी की 6 जनवरी को पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी समाज से निकलकर सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करने वाली स्वर्गीय राजमोहिनी देवी का जीवन सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी गाथा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजमोहिनी देवी ने विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं के अधिकारों, स्वाभिमान और स्वावलंबन के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने नशाखोरी, कुप्रथाओं और शोषण के विरुद्ध जनजागरण को अपना ध्येय बनाया और समाज को जागरूक बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय राजमोहिनी देवी की निस्वार्थ सेवा, अदम्य साहस और लोकहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के लिए कार्य करने की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। उनका जीवन और कृतित्व सदैव समाज के लिए पथप्रदर्शक बना रहेगा।

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अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों और सुशासन के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए जशपुर में भाजपा की भव्य विधानसभा स्तरीय ‘अटल सुशासन सम्मेलन’,भाजपा का परचम आज भी अटल जी के नेतृत्व और दूरदर्शी विचारों की वजह से लहरा रहा - रंजन सिन्हा 

जशपुर 05 जनवरी 2026 : भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय जशपुर में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्य स्मृति में विधानसभा स्तरीय अटल सुशासन सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य अटल जी के विचारों, सुशासन की अवधारणा तथा राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुँचाना रहा।

सम्मेलन में मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि रंजन सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल भारत के प्रधानमंत्री ही नहीं थे, बल्कि वे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा थे। उन्होंने राजनीति को सेवा, मर्यादा और राष्ट्रहित से जोड़ा।
रंजन सिन्हा ने कहा कि आज यदि भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है और उसका परचम पूरे देश में लहरा रहा है, तो इसके पीछे अटल बिहारी वाजपेयी जी का दूरदर्शी नेतृत्व, संगठन के प्रति समर्पण और वैचारिक स्पष्टता का बहुत बड़ा योगदान है।

उन्होंने कहा कि अटल जी ने सुशासन को भाषणों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे योजनाओं और नीतियों के माध्यम से जमीन पर उतारकर दिखाया। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, ग्राम सड़क योजना, टेली संचार क्रांति, शिक्षा एवं आधारभूत ढांचे के विस्तार जैसे कार्यों ने देश को नई दिशा दी।
उन्होंने यह भी कहा कि अटल जी की राजनीति संवाद, सहमति और समावेश की राजनीति थी, जिसमें विरोधियों के प्रति भी सम्मान की भावना रहती थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश उसी सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने शासन को जनसेवा का माध्यम बनाया। उनके निर्णयों का लाभ आज भी देश को मिल रहा है। भाजपा सरकार अटल जी के दिखाए मार्ग पर चलकर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में विकास को नई गति दे रही है।

पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी की राजनीति राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित थी। पोखरण परमाणु परीक्षण जैसे साहसिक निर्णयों ने भारत को विश्व मंच पर सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अटल जी के विचारों को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की ।
नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने अंत में सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

जिला मीडिया भाजपा प्रभारी
फैज़ान सरवर खान ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रमुख रूप से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेश नंदे, जनपद अध्यक्ष गंगा भगत, बगीचा नगरपंचायत अध्यक्ष प्रभात सिडाम, संतोष सिंह, गेंदबिहारी सिंह, शंकर गुप्ता, देवधन नायक, श्यामलाल भगत, श्रीमती रजनी प्रधान, श्रीमती शांति भगत,हदीस अंसारी, मुकेश सोनी, गोविंद भगत, नेहरू सिंह, प्रभाकर यादव, देवलाल भगत, श्रीमती शारदा प्रधान, नसरुल्ला सिद्दीकी, राजकिशोर जायसवाल, राजू गुप्ता, बलवंत गुप्ता, सतीष गोस्वामी, श्रीमती रीना बारला, नागेंद्र भगत, कृपा भगत, मानू सोनी, दीपू मिश्रा, राजा सोनी, केशव यादव , आशु राय, सावित्री निकुंज, सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, पार्षदगण, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सम्मेलन में सभी उपस्थित जनों ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के आदर्शों को आत्मसात करने और उनके विचारों पर चलने का संकल्प लिया।

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“किसानों के हितों की रक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में दलहन और तिलहन की MSP पर खरीद को मिली हरी झंडी”

रायपुर 5 जनवरी 2026/भारत सरकार के ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के दौरान छत्तीसगढ़ में दाल एवं तिलहनी फसलों की खरीद के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) लागू करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

केंद्रीय मंत्री द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ में निम्नानुसार फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 21 हजार 330 मीट्रिक टन तुअर, 25 हजार 530 मीट्रिक टन उड़द, 240 मीट्रिक टन मूंग, 4 हजार 210 मीट्रिक टन सोयाबीन और 4 हजार 210 मीट्रिक टन मूंगफली खरीद की मंजूरी दी गई है।

इन फसलों की खरीद मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित दाम प्राप्त होगा। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में आशा व्यक्त की है कि इस निर्णय से तुअर, उड़द, मूंग, सोयाबीन और मूंगफली उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी तथा उन्हें औने-पौने दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एमएसपी पर खरीद की सभी तैयारियाँ समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर किसानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करेगी। इस निर्णय से राज्य के किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, दलहन एवं तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।

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राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राज्य योजना अंतर्गत मधुमक्खी पालन से लाभान्वित हो रहे किसान

*जशपुरनगर 05 जनवरी 2025/* राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राज्य योजना अंतर्गत मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने हेतु जशपुर जिले के कुल 20 कृषकों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना तथा फसलों के परागण के माध्यम से उत्पादन बढ़ाना है। योजना के तहत लाभार्थियों को मधुमक्खी पेटी बी बॉक्स मय मधुमक्खी कॉलोनी हेतु 1600, मधुमक्खी छत्ता हेतु 800 मधु निष्कासन यंत्र हेतु 8000 अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। 
           मधुमक्खी पालन के लिए अधिक भूमि की आवश्यकता नहीं होती। किसान इसे अपनी खेती के साथ-साथ आसानी से अपना सकते हैं। मधुमक्खी पालन अंतर्गत सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता से निम्नलिखित क्षेत्रों को मजबूत बना रही हैं। 

*फसलों की पैदावार बढ़ाने में मधुमक्खियों की अहम भूमिका*

         मधुमक्खियां केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मधुमक्खियों द्वारा किए गए परागण से फल, सब्ज़ी और तिलहनी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। सरसों, लीची, आम, अमरूद, सूरजमुखी, धनिया, सब्ज़ी फसलें और जंगली फूल मधुमक्खियों के लिए उत्तम पुष्प स्रोत हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मधुमक्खी पालन अपनाने से टिकाऊ और लाभकारी कृषि को बढ़ावा मिलता है।

*स्वरोज़गार का अवसर*

         मधुमक्खी पालन ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोज़गार का अच्छा माध्यम बन रहा है। प्रशिक्षण लेकर कोई भी व्यक्ति इस कार्य को आसानी से शुरू कर सकता है। शहद, मोम, रॉयल जेली जैसे उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है। सरकार द्वारा आर्थिक सहायता एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 
 
*पर्यावरण संरक्षण में सहायक* 

         मधुमक्खियां जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। इनके बिना प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मधुमक्खियों की संख्या घट रही है, जो चिंता का विषय है। ऐसे में मधुमक्खी-अनुकूल खेती को अपनाने की आवश्यकता है।

*कम लागत, अधिक मुनाफा*

कम निवेश में अधिक लाभ देने वाला मधुमक्खी पालन आज किसानों की पहली पसंद बनता जा रहा है। एक मधुमक्खी बॉक्स से साल में कई बार शहद उत्पादन किया जा सकता है। सही प्रबंधन से अच्छी आमदनी संभव है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मौसम, पुष्प स्रोत और वैज्ञानिक तकनीकों का ध्यान रखकर मधुमक्खी पालन किया जाए, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हों।

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