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राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय,साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल — सी एम 

रायपुर 7 जनवरी 2026/ राजिम भक्तिन माता एवं माता कर्मा के बताए संदेश मानव समाज के लिए कल्याणकारी है, हमें उनके संदेशों का अनुसरण करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय ने आज राजिम के त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन एवं भक्त माता राजिम की पूजा अर्चना कर प्रदेश और समाज की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहू सृजन पत्रिका का विमोचन किया। साहू समाज द्वारा मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजिम माता भक्ति जयंती की बधाई देते हुए कहा कि साहू समाज समृद्ध और शिक्षित समाज है जो हर दृष्टिकोण से समृद्ध रहा है। साहू समाज का इतिहास भी समृद्ध रहा है। हम सबको दानवीर भामाशाह,बाबा सत्यनारायण जी का आशीर्वाद मिल रहा है। यह समाज निरंतर विकास करें। यही कामना है। जब समाज एक जुट होगा तो केवल समाज ही नहीं प्रदेश और देश भी शक्तिशाली और समृद्ध बनता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज के सामूहिक विवाह को अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि राजिम माता ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया, आज वह समाज शिक्षा, कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राजिम माता के आशीर्वाद से हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उर्वरा से भरपूर है। अब नक्सलवाद से जवान पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। हम सबका संकल्प है कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त कर देंगे। राज्य के विकास में बाधक नक्सलवाद अब खत्मा की ओर है। राज्य को हम सब समृद्धि की दिशा में लेकर जाएंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज सिरकट्टी आश्रम में भव्य राम जानकी मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। इस पुण्य अवसर पर हमें शामिल होने का सौभाग्य मिला। जैसे अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा स्थापना किए हैं, उसी तर्ज पर यहां कुटेना में भी धर्म ध्वजा स्थापित किया गया है। मेरा सौभाग्य है कि एक साल पहले भी इस अवसर पर शामिल होने का अवसर मिला था। 
  
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि साहू समाज एक संगठित समाज के रूप में जाना जाता है। आज हम सभी राजिम माता की जयंती मनाने आये हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के इस पावन धरती से प्रेरणा लेकर जाएंगे और मिलकर समाज के विकास के लिए काम करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि माता राजिम भक्तीन की महिमा का बखान करते हुए कहा कि राजिम त्याग, भूमि तपस्या, साधना और श्रम की भूमि है। भगवान को खिचड़ी खिलाने वाले समाज से हमारा समाज का नाता है। हम अपने पुरखों के योगदान को याद करके समाज को आगे ले जा सकते हैं। शिक्षा और संस्कार भी जरूरी है। 

इस अवसर पर साहू समाज के प्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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बस्तर अब बदल रहा है — शांति, विश्वास और विकास की ओर तेज़ी से बढ़ता नया बस्तर : मुख्यमंत्री श्री साय,सुकमा में ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए किया आत्मसमर्पण

रायपुर 7 जनवरी 2026/बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 7 महिलाएँ भी शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल सुरक्षा मोर्चे पर उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवीय विश्वास और संवाद की जीत है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के स्पष्ट संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लागू संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष परिणाम अब दिखाई दे रहा है। “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान ने उन युवाओं के जीवन में नई आशा जगाई है, जो कभी नक्सलवाद के भ्रम जाल में भटक गए थे।
लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदूर अंचलों तक शासन की सीधी पहुँच ने बस्तर की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज बस्तर में डर नहीं, बल्कि विश्वास की आवाज़ गूंज रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग त्यागने वालों के लिए सरकार के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि नक्सल समस्या का स्थायी समाधान सुरक्षा, विकास और विश्वास की त्रयी में निहित है। मुख्यमंत्री ने शेष माओवादी साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि वे शांति, परिवार और प्रगति का रास्ता चुनें। राज्य सरकार उनकी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में पूरा सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति की दिशा में निर्णायक क़दम बढ़ा चुका है और हर आत्मसमर्पण के साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और अधिक मज़बूत हो रहा है।

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सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे जन-जागरूकता कार्यक्रम

रायपुर, 07 जनवरी 2026/ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत प्रतिदिन जन-जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। 

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप की ओर से लीड एजेंसी द्वारा जन जागरूकता संबंधी तैयार पोस्टर एवं फ्लैक्स जारी किया गया। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं पंचगणों को पंचायत अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आवश्यक पहल करने के लिए एक अपील जारी किया गया। सड़क सुरक्षा माह के प्रथम दिवस 01 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे, माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी की अध्यक्षता में बेमेतरा में हेलमेट रैली को हरी झण्डी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। इसी कड़ी में 03 जनवरी को दुर्ग में संभाग स्तरीय अधिकारियों, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, परिवहन, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, आबकारी, स्वास्थ्य निर्माण एजेंसियों की बैठक तथा 05 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की उपस्थिति में संबंधित विभागीय सचिवों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही विशेष रूप से सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले जिले रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग के लिए समन्वित प्रयास से कार्ययोजना बनाया जाकर वर्ष 2026 के दौरान दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिये गये।

प्रदेश में वर्ष 2025 में गत वर्ष की तुलना में मृत्यु दर में यद्यपि कमी आई है। गत वर्ष की तुलना में यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही में लगभग 45 प्रतिशत अधिक (लगभग 9 लाख प्रकरणों) की जाकर लगभग 39 करोड़ रूपये परिशमन शुल्क संकलित किये गये। साथ ही जन जागरुकता के कार्यों के फलस्वरूप अर्थात् लगभग 3 प्रतिशत मृत्यु दर में कमी परिलक्षित हुई है। प्रदेश के 20 जिलों में मृत्युदर में कमी हुई है। रायपुर सहित अन्य 13 जिलों में मृत्यु दर को कम करने कार्य किए जा रहे हैं। इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में न्यूनतम 10 प्रतिशत की कमी सहित दुर्घटना जन्य सड़क खण्डों में यथाशीघ्र सुधारात्मक उपायों एवं आकस्मिक उपचार हेतु त्वरित प्रतिक्रिया हेतु समुचित उपाय का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान जन-जागरुकता के लिये यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन पृथक-पृथक गतिविधियों के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में वाहन चालकों एवं यात्रीगणों को बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल में बात करते हुए या नशे का सेवन कर तथा तेज गति से वाहन चलाने वालों को समझाईश देकर यातायात के नियमों का पालन करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही यातायात नियमों के पालन करने वालों को सम्मानित करने का कार्य भी किया जा रहा है।

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आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय,श्रीरामजानकी मंदिर के शिखर पर लहराई धर्मध्वजा

रायपुर 7 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के सिरकट्टी धाम आश्रम स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा मंदिर के सर्वोच्च शिखर पर धर्मध्वजा की स्थापना की। उन्होंने आश्रम को सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए आश्रम परिसर में समरसता भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद पूरे देश में जो आध्यात्मिक चेतना का वातावरण निर्मित हुआ है, उसी की अखंड धारा का विस्तार आज सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा स्थापना के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऋषि-मुनियों, साधु-संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की पवित्र भूमि है। हमें धर्म को केवल आस्था के रूप में नहीं, बल्कि कर्तव्य के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय यहीं व्यतीत किया। दंडकारण्य के रूप में विख्यात अबूझमाड़ का विशाल जंगल कभी नक्सल समस्या से प्रभावित क्षेत्र था, जो आज तेजी से नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 39 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की निशुल्क तीर्थयात्रा कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत भी अब तक पांच हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पांच शक्तिपीठों के विकास का कार्य भी निरंतर प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत 148 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है तथा रतनपुर के विकास के लिए भी प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा कि राजिम कल्प-कुंभ का आयोजन भी इस बार भव्य स्वरूप में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामजानकी मंदिर का भव्य स्वरूप जनसहभागिता का अनुपम उदाहरण है। लगभग 22 हजार परिवारों के सहयोग से लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह मंदिर बीते 10 वर्षों की तपस्या का परिणाम है। राजस्थान के शिल्पियों द्वारा पारंपरिक शैली में बिना सीमेंट और छड़ के उपयोग के निर्मित इस मंदिर की आयु लगभग एक हजार वर्ष आंकी गई है। उन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की आस्था और एकजुटता का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने धर्मध्वजा रोहण को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल परंपरागत ध्वजारोहण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक समरसता की स्थापना का प्रतीक है। 

केबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि हम सभी के लिए सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा की स्थापना देखना अलौकिक अनुभव है। कार्यक्रम में सिरकट्टी आश्रम के महामंडलेश्वर महंत संत गोवर्धन शरण व्यास ने स्वागत उद्बोधन में सिरकट्टी आश्रम की स्थापना और महत्व पर जानकारी दी। 

इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक सर्वश्री रोहित साहू, दीपेश साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, अनेक जनप्रतिनिधि, देश के विभिन्न स्थानों से आए संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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सीएम जनदर्शन : कल गुरुवार को जनता से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होगा जनदर्शन कार्यक्रम

 


रायपुर 07 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 8 जनवरी गुरुवार को दोपहर 12 बजे से जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

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सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर- पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

रायपुर, 07 जनवरी 2025/   आर्थिक रूप से सशक्तिकरण की नींव सशक्त मानसिकता पर आधारित होती है। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास व्यक्ति को सफलता की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। सूरजपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने इस सोच को व्यवहार में उतारते हुए आत्मनिर्भरता की एक सशक्त मिसाल प्रस्तुत की है। ये महिलाएं न केवल स्वयं सशक्त बन रही हैं, बल्कि जिले की महिलाओं एवं बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

*पोषण और महिलाओं का सशक्तिकरण दोनों होता है*

पोषण आहार (रेडी-टू-ईट या RTE) निर्माण संयंत्र सरकार द्वारा संचालित ऐसी इकाइयाँ हैं, जो आंगनवाड़ियों और अन्य योजनाओं के तहत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के लिए पौष्टिक, पहले से तैयार भोजन बनाती हैं, जिसे महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) द्वारा चलाया जाता है, जिससे पोषण और महिलाओं का सशक्तिकरण दोनों होता है, जिसमें गेहूं, दालें, और दूध जैसे घटक शामिल होते हैं, जो प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। 

*स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नमकीन दलिया तथा मीठा शक्ति आहार का निर्माण* 

           जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्काल उपभोग हेतु तैयार पोषण आहार (रेडी टू ईट) निर्माण संयंत्र का शुभारंभ किया गया है। इन संयंत्रों में स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नमकीन दलिया तथा मीठा शक्ति आहार का निर्माण किया जा रहा है, जो विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘डी’, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, पाइरीडॉक्सिन, फोलिक अम्ल, कोबालामिन, लोह तत्व (आयरन), कैल्शियम एवं जिंक जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर है।

*तीनों संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पोषण आहार निर्माण कार्य में संलग्न*

          जिले प्रशासन द्वारा जिले में कुल 07 पोषण आहार निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए है। यहां वर्तमान में भैयाथान, प्रतापपुर एवं सूरजपुर विकासखंड में तीन संयंत्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इन तीनों संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पोषण आहार निर्माण कार्य में संलग्न हैं। निर्मित पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। इस प्रकार स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण में अप्रत्यक्ष किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इस सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बात है कि पोषण आहार के निर्माण के साथ-साथ उसके वितरण की भी जिम्मेदारी भी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है।

*भैयाथान विकासखंड में 15 स्व-सहायता समूह*

            सूरजपुर विकासखंड में 15 स्व-सहायता समूह तथा प्रतापपुर विकासखंड में 13 स्व-सहायता समूह सक्रिय रूप से वितरण कार्य में अपनी भूमिका निभा रही है। इन समूहों के माध्यम से कुल 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार वितरण कार्य में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इस योजना से महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। मानसिक रूप से सशक्त ये महिलाएं अब घरेलू कार्यों के साथ-साथ आजीविका से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह पहल न केवल निश्चित रूप से जिले में पोषण स्तर सुधारने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

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धुन के पक्के प्रदीप ने अपनी जिद से बदली किस्मत की तस्वीर,प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह

रायपुर, 05 जनवरी 2026/धुन के पक्के लोग अपने संकल्प और परिश्रम से न केवल स्वयं का जीवन संवारते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। वैशाली नगर, राजनांदगांव निवासी श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपने दृढ़ इरादों से यह सिद्ध कर दिखाया है कि सही योजना और मेहनत के सहारे आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

*योजना के तहत 10 लाख रूपए तक सब्सिडी*

        प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों (सूक्ष्म उद्यमों) को सशक्त बनाने, उन्हें औपचारिक बनाने और बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिसके तहत नए और मौजूदा उद्यमों को ऋण-आधारित सब्सिडी (35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये), ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता, सामान्य बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण जैसी मदद मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के तहत प्रतिस्पर्धा कर सकें और आय बढ़ा सकें। 

 *प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह* 

            प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपना उद्योग प्रारंभ कर स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया।

 *लघुवनोपज आधारित उद्योग से मिली आर्थिक मजबूती* 

         प्रदेश में उपलब्ध लघुवनोपज की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की। इस उद्योग के लिए मशीन एवं शेड निर्माण हेतु कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 2 लाख 13 हजार 500 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।

 *महिला स्वसहायता समूह को मिला स्थायी रोजगार* 

        उद्योग की स्थापना के साथ ही श्री देशपांडे ने कौरिनभाठा स्थित संस्कारधानी महिला कृषक अभिरुचि स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुईं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया।

 *आधुनिक मशीनों से बढ़ी उत्पादन और मूल्य संवर्धन क्षमता* 

        योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्होंने आईटीआई मुंबई से चिरौंजी डिकॉल्डीकेटर मशीन क्रय की। इस मशीन के माध्यम से चिरौंजी का छिलका अलग कर गिरी निकाली जाती है, वहीं छिलकों से चारकोल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा की गिरी से तेल निष्कर्षण तथा हर्रा-बहेरा डिकॉल्डीकेटर मशीन द्वारा छाल पृथक्करण का कार्य भी किया जा रहा है।

 सोलर ऊर्जा से संचालित प्रोसेसिंग यूनिट 

           ग्रामीण एवं वनीय क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की असुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री देशपांडे ने अपने प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से संचालित किया है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल शून्य हो गया है और उत्पादन कार्य में निरंतरता बनी हुई है, जिससे लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

 *चार राज्यों तक विस्तारित कारोबार, सालाना 4 लाख की आय* 

            चिरौंजी, हर्रा और बहेरा उत्पादों की बाजार में निरंतर मांग के चलते उनका व्यवसाय अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक विस्तारित हो चुका है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।

*वन संरक्षण, आजीविका और जागरूकता का समन्वय*

            इस पहल से वनीय क्षेत्रों में लघुवनोपज के संग्रहण, पौध संरक्षण एवं सतत आजीविका के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

 *प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार* 

           श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान, रायपुर IPHL बनी देश की पहली NQAS प्रमाणित प्रयोगशाला

रायपुर 7 जनवरी 2026/केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने जिला अस्पताल रायपुर स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (IPHL) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) का प्रमाणन प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई दी है।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे  पत्र में श्री नड्डा ने उल्लेख किया कि रायपुर IPHL देश में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला बन गई है, जिसे यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की विश्वसनीय एवं क्वालिटी-अश्योर्ड डायग्नोस्टिक सेवाएँ प्रदान करने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और रायपुर जिला अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जनविश्वास को मजबूत किया है और सेवा-प्रदाय के नए मानक स्थापित किए हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने आगे कहा कि IPHL की स्थापना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अधोसंरचना मिशन (PM-ABHIM) का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह मिशन पूरे देश में स्वास्थ्य निगरानी, प्रयोगशाला नेटवर्क और आपदा तैयारी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मिशन का मूल उद्देश्य गुणवत्ता-सुनिश्चित, अस्पताल-विशिष्ट एवं रोग-विशिष्ट प्रयोगशाला निदान उपलब्ध कराना है। रायपुर IPHL को प्रदान किया गया यह प्रमाणन इस बात की पुष्टि करता है कि प्रयोगशाला ने अपने मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत अधो संरचना का सफलतापूर्वक एकीकरण करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को प्राप्त किया है।

केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से आग्रह किया कि वह रायपुर मॉडल को श्रेष्ठ अभ्यास (बेस्ट प्रैक्टिस) के रूप में अपनाते हुए राज्य के अन्य जिलों और क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार  जिलों में गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं का निरंतर विस्तार करती रहेगी। उन्होंने कहा कि  यह उपलब्धि प्रौद्योगिकी-सक्षम और मानक-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को भी दर्शाती है। यह प्रमाणन संस्थागत परिपक्वता और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता आश्वासन की सुदृढ़ होती संस्कृति का परिचायक है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर IPHL को प्राप्त NQAS प्रमाणन छत्तीसगढ़ की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि राज्य में प्रयोगशाला सेवाओं के मानकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक उपकरणों और मजबूत अवसंरचना के क्षेत्र में सतत एवं परिणाममूलक सुधार किए गए हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि यह प्रमाणन केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों, लैब तकनीशियनों, पैरामेडिकल स्टाफ और जिला अस्पताल रायपुर की समर्पित टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य के अन्य जिलों में भी IPHL को इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध, सटीक और विश्वसनीय जांच सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने पुनः आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार और गुणवत्ता संवर्धन के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान सुदृढ़ करेगा।

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किसानों से सीधा संवाद कर जानी जमीनी हकीकत: जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का इस धान खरीदी केंद्र में औचक निरीक्षण, पारदर्शी व्यवस्था पर जोर एवं व्यवस्थाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर 07 जनवरी 2026 :किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने जिले के लुड़ेग धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर धान खरीदी की जमीनी स्थिति की जानकारी ली और उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं।श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखा जाए तथा किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

*धान केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने तौल प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण, बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, छाया और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसानों को केंद्र पर सम्मानजनक और सुव्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए,
श्री साय ने स्पष्ट किया कि धान की तौल के बाद भुगतान प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि किसान संतुष्ट रहें और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो।

*समस्या मिलने पर तत्काल समाधान के निर्देश*

जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी किसान को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के अवसर पर समिति के कर्मचारी, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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बच्चों की शिक्षा और व्यवस्थाओं में कोई समझौता नहीं: कलेक्टर रोहित व्यास ने बालक आश्रम व प्राथमिक शाला का किया गहन निरीक्षण, जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 07 जनवरी 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा स्थित शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम में बच्चों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण सचिवालय में लगातार अनुपस्थिति की शिकायत पर करारोपण अधिकारी श्री मनराज सिंह पैंकरा को शो काज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 
    कलेक्टर ने आश्रम में शयन कक्षों का निरीक्षण किया, जिनका नाम स्वतंत्रता संग्राम के महान शहीद भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस एवं चंद्रशेखर आज़ाद के नाम पर रखा गया है। उन्होंने इस पहल की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम परिसर, शौचालय, शयन कक्ष में उपयोग होने वाली चादरें, तकिया कवर एवं अन्य सामग्रियों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन के रंग-रोगन कराने को कहा।
    उल्लेखनीय है कि 100 सीटर शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थी निवासरत हैं। कलेक्टर श्री व्यास ने बच्चों की सामान्य ज्ञान में वृद्धि हेतु आश्रम परिसर में भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख पदों पर आसीन व्यक्तियों के नाम प्रदर्शित करने तथा समय-समय पर इन्हें अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए। इसके उपरांत कलेक्टर ने शासकीय प्राथमिक शाला सुलेसा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहकर शैक्षणिक कार्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
     निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यहां अध्ययनरत बच्चों से  आत्मीयता पूर्वक बातचीत कर उन्हें पढ़ाई का जीवन में महत्व के बारे में बताते हुए उनका उत्साहवर्धन भी किया। इस मौके पर एसडीएम श्री प्रदीप कुमार राठिया, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद भटनागर, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्री संजय सिंह, जनपद पंचायत सीईओ श्री विनोद सिंह, हेड मास्टर श्री विजय साहू सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

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स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी लापरवाही को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त, कलेक्टर रोहित व्यास ने पीएचसी सुलेसा का निरीक्षण कर दवाओं, साफ-सफाई और सुविधाओं को लेकर दिए स्पष्ट निर्देश


जशपुरनगर, 07 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति एवं साफ-सफाई की स्थिति का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने स्वास्थ्य केंद्र के प्रत्येक वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने लैब कक्ष में किए जा रहे विभिन्न परीक्षणों की जानकारी लेते हुए जो आवश्यक उपकरणों की कमी रह गई है उसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा को दिए। दवा भंडार कक्ष के निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली और कहा कि वितरण के पश्चात जिन दवाओं की कमी हो जाती है, उनकी समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए।  कलेक्टर ने ड्रेसिंग रूम, प्रसव कक्ष, वेलनेस एवं परामर्श कक्ष सहित अन्य कक्षों का भी निरीक्षण किया और कमियों को दूर कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल की समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही भवन का रंग-रोगन कराने हेतु निर्देशित किया।
    उन्होंने आयुष्मान कार्ड, वय वंदना कार्ड सहित केंद्र और राज्य सरकार। द्वारा संचालित समस्त स्वास्थ्य योजनाओं के लाभों की जानकारी ग्रामीणों को देने तथा  पात्र हितग्राही  जिनके कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनका कार्ड शीघ्र बनाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर एसडीएम श्री प्रदीप राठिया, स्वास्थ्य अधिकारी आकांक्षा टोप्पो, जनपद पंचायत सीईओ श्री विनोद सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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निर्माण कार्यों को समय सीमा में करे पूर्ण — कलेक्टर श्री रोहित व्यास,सीजीएमएससी व हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की हुई सघन समीक्षा

जशपुरनगर 07 जनवरी 2026/ जिले में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन) एवं हाउसिंग बोर्ड निर्माण विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने दोनों विभागों के अंतर्गत स्वीकृत एवं जारी कार्यों की प्रगति दर की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने  कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने सीजीएमएससी द्वारा निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सब हेल्थ सेंटर, एमसीएच यूनिट, मीटिंग हॉल, वैक्सीन स्टोरेज यूनिट, फायर फाइटिंग सिस्टम सहित अन्य सहायक अधोसंरचना कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन स्वास्थ्य परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में चिकित्सा सुविधाओं को बड़ी मजबूती मिलेगी, अतः सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।

       कलेक्टर ने हाउसिंग बोर्ड निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे तहसील भवन, मिनी स्टेडियम, छात्रावास भवन, प्रशिक्षण केंद्र एवं परियोजना कार्यालय के निर्माणाधीन कार्यों की भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न करते हुए नियमित निगरानी के साथ प्रगति सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री व्यास ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले के नागरिकों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी निर्माण एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करें। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक सहित सीजीएमएससी एवं हाउसिंग बोर्ड विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

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सरकारी सेवा में भ्रष्ट आचरण पर सख्ती, फिटनेस प्रमाण-पत्र के नाम पर अवैध वसूली करने वाले जिला अस्पताल जशपुर के दो कर्मचारी निलंबित

जशपुरनगर 07 जनवरी 2026/ जिला चिकित्सालय जशपुर में पुलिस विभाग के अभ्यर्थियों से फिटनेस प्रमाण-पत्र बनाने के दौरान अवैध रूप से राशि मांगने के गंभीर प्रकरण सामने आने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (क) के अंतर्गत की गई है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में जिला अस्पताल में पदस्थ भृत्य श्री सुबोध राम एवं चौकीदार श्री राजू यादव शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस विभाग के अभ्यर्थियों से फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी कराने के दौरान अवैध रूप से राशि की मांग की थी।

    निलंबन अवधि में श्री सुबोध राम का मुख्यालय कार्यालय खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरसाबहार निर्धारित किया गया है, जबकि श्री राजू यादव का मुख्यालय कार्यालय खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बगीचा नियत किया गया है। दोनों कर्मचारियों को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शासकीय सेवाओं में भ्रष्ट आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है तथा भविष्य में इस प्रकार की किसी भी शिकायत पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

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लखपति दीदी बनने की दिशा में मजबूत कदम, कुनकुरी विकासखंड की 47 कृषि सखियों ने रांची के ओरमांझी में सीखे उन्नत, वैज्ञानिक और ऑर्गेनिक खेती के जबर्दस्त गुर


जशपुर 7 जनवरी 2026/ कुनकुरी विकासखंड की 47 कृषि सखियों का रांची (झारखंड) में सफल किसानों के खेतों का परिभ्रमण
जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड में कार्यरत कृषि सखियों के दल का 6 जनवरी 2026 को  झारखंड राज्य के रांची जिले अंतर्गत ओरमांझी प्रखंड में कार्यरत प्रसिद्ध एवं सफल किसानों के खेतों में शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस परिभ्रमण के दौरान कृषि सखियों ने झारखंड सरकार एवं भारत सरकार द्वारा सम्मानित कृषक श्री  गणशू महतो तथा प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती संगीता देवी के खेतों में किए जा रहे उन्नत कृषि कार्यों का गहन अवलोकन किया।
परिभ्रमण के दौरान कृषि सखियों ने गोभी, मटर, मूली, मिर्च सहित विभिन्न प्रकार की साग–सब्जियों की उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी प्राप्त की। किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे मल्चिंग का महत्व, ऑर्गेनिक खेती की तैयारी, मृदा परीक्षण की उपयोगिता, उचित उर्वरकों का चयन, मचान खेती, ड्रिप इरिगेशन प्रणाली आदि को प्रत्यक्ष रूप से देखा एवं समझ विकसित की।
यह अभिनव एवं प्रेरणादायक पहल कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास के कुशल नेतृत्व में तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर श्री अभिषेक कुमार के  मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विहान अंतर्गत कार्यरत कृषि सखियों को सफल किसानों के अनुभवों से रूबरू कराना, कृषि पद्धतियों, रखरखाव एवं नवाचारों पर विचारों का आदान–प्रदान कर सीख विकसित करना है।
झारखंड सरकार द्वारा सम्मानित कृषक श्री गणशू महतो ग्राम सदमा ओरमांझी झारखंड ने अपने जीवन संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि वे कभी ₹50 प्रतिदिन की नौकरी किया करते थे, किंतु उन्नत कृषि की जानकारी अपनाकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। आज वे आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग ₹50 लाख की आय अर्जित कर रहे हैं। उनके प्रेरक जीवन वृतांत को सुनकर जशपुर जिले की महिला कृषि सखियाँ अत्यंत उत्साहित एवं प्रेरित हुईं।
इसी प्रकार प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती संगीता देवी ग्राम कच्चू ओरमांझी झारखंड ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने 40 एकड़ जमीन लीज में लेकर वर्तमान में 8 एकड़ भूमि  पर सब्जी एवं अन्य फसलों की उन्नत खेती कर लाखों रुपये की वार्षिक आय प्राप्त की। उनके अनुभवों ने महिला कृषकों में आत्मविश्वास एवं आगे बढ़ने की नई ऊर्जा का संचार किया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल से निश्चित रूप से जशपुर जिले के किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा महिला कृषकों को सशक्त बनाते हुए उन्हें “लखपति दीदी” के रूप में विकसित करने की दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई ताकत, डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस से वर्ष 2025 में 10,114 मरीजों को मिला जीवन रक्षक लाभ


जशपुरनगर 7 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा जिलेवासियों को दी गई 10 अतिरिक्त संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंसों की सौगात के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त हुई हैं। वर्तमान में जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवन रक्षक बनकर दिन-रात जिले के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में दौड़ रही हैं। जिले के संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेश के प्रबंधन दीपक साहू ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जिले में कुल 10,114 मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, हृदयाघात, सर्पदंश तथा प्रसूति जैसे आपात मामलों में इन एंबुलेंसों ने अहम भूमिका निभाई है।
डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस से 2025 में 572 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कई मामलों में एंबुलेंस के भीतर ही सफल प्रसव कराकर माँ और नवजात की जान बचाई गई, जो एंबुलेंस में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त 10 एंबुलेंसों के चलते दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी त्वरित स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित हो पाई है। इससे न केवल प्रतिक्रिया समय में कमी आई है, बल्कि ग्रामीण अंचलों के लोगों को भी समय पर जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधा मिल रही है।जिलेवासियों का कहना है कि संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा ने आपात स्थिति में भरोसेमंद सहारा बनकर स्वास्थ्य व्यवस्था में नई मजबूती दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ होती जा रही हैं, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।

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जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश 

जशपुर 7 जनवरी 2026/ जिला पंचायत सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) एवं PMJANMAN के अंतर्गत आवास पूर्णता को गति देने के उद्देश्य से आवास पूर्णता हेतु सर्वाधिक लंबित पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में  सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक,जिला पंचायत PMAY-G व के सभी अधिकारी, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), Block  Coordinator,  संबंधित पंचायतों के तकनीकी सहायक, सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास मित्र उपस्थित रहे।
जिला पंचायत सीईओ ने लंबित आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा समय-सीमा में आवास पूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले  ग्राम पंचायत भीतघरा, घटमुंडा एवं सिंगिबहार सचिव को नोटिस जारी किए जाने हेतु निर्देश दिए गए।

 जिला पंचायत सीईओ ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ दिलाने पर जोर दिया। साथ ही, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

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दामिनी एवं मेघदूत एप से आकाशीय बिजली एवं मौसम पूर्वानुमान की मिलेगी जानकारी

जशपुरनगर 07 जनवरी 2026/भारत सरकार द्वारा बाढ़, आकाशीय बिजली, वनीय आग, लू-ताप-घात आदि आपदाओं के बारे में जनसामान्य को पूर्व चेतावनी प्रदान करने हेतु सचेत, दामिनी एवं मेघदूत एप विकसित किये गए है, मोबाइल में सचेत, दामिनी एवं मेघदूत एप को गूगलप्ले स्टोर से डाउनलोड कर उपयोग करने तथा आपदा के समय जनसामान्य की सहायता एवं बचाव हेतु आपदा टोल फ्री नंबर 1070 जारी किया गया है।
             जिला प्रशासन द्वारा सभी आम नागरिकों को दामिनी एवं मेघदूत एप  को गूगलप्ले स्टोर से डाउनलोड करने हेतु सूचित किया जा रहा है। ऐप डाउनलोड कर  जानकारी प्राप्त किया जा सकता है तथा विशेष परिस्थिति में टोल फ्री नंबर 1070 पर कॉल कर संपर्क स्थापित कर सकते है।

*किसानों की फसलों का कवच बननेगा मेघदूत एप*
       मेघदूत ऐप डिजिटल इंडिया के तहत किसानों को तकनीक से जोड़ने के लिए भारत सरकार द्वारा लांच किया गया है। मौसम विभाग में मेघदूत नाम का एक ऐप विकसित किया गया है जो किसान की फसलों का सुरक्षा कवच साबित होगा। इसका उपयोग बेहद सरल है। इसके माध्यम से मौसम की जानकारी के आधार पर किसानों को फसल जोखिम प्रबंधन से संबंधित सलाह मिलती है। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से किसानों को डाउनलोड करना होगा और फिर अपने मोबाइल नंबर से पंजीकरण करके मौसम की जानकारी का अलर्ट पा सकते हैं।

*दामिनी ऐप से किसानों को मिलेगी आकाशीय बिजली से सुरक्षा*
        दामिनी ऐप के माध्यम से किसानों को आकाशीय बिजली से बचाव के तरीकों के संबंध में आधे घंटे पहले ही सूचना उपलब्ध हो जाएगी। इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने के उपरांत किसान की लोकेशन के अनुसार उस स्थान से 40 किलोमीटर के दायरे में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी के बारे में ऑडियो संदेश एवं एसएमएस के माध्यम से अलर्ट मिलेगा।

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धान खरीदी केन्द्र में किसानों के लिए की गई पूरी व्यवस्था,किसानों को मिल रही बेहतर सुविधाएं

जशपुरनगर 7 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में धान खरीदी की जा रही हैं।जिले के 46 धान खरीदी केन्द्रों के माध्यम से किसानों से धान खरीदी की जा रही हैं।खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। जिले के दुलदुला धान खरीदी केंद्र में किसानों को निर्धारित व्यवस्थाओं के साथ सहज एवं सुविधाजनक वातावरण में धान विक्रय की सुविधा मिल रही है।

धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे किसान श्री सबत यादव ने बताया कि केंद्र में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है और उन्होंने आसानी से अपना धान विक्रय किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए “टोकन तुंहर हाथ” मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन बुक करने की सुविधा से किसानों को काफी राहत मिली है। इस व्यवस्था के कारण उन्हें कतार में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ी और समय की भी बचत हुई।

श्री यादव ने बताया कि धान खरीदी केंद्र में साफ-सुथरा बारदाना उपलब्ध कराया जा रहा है तथा निर्धारित समय पर तौल की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। उन्होंने शासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसानों को पारदर्शी एवं सुगम तरीके से अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है, जिससे किसानों का सम्मान बढ़ा है और उनमें आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।

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