अधूरा बाउंड्रीवाल एक साल से लटका, असुरक्षा के साये में नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र—जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की लापरवाही से मरीज, स्टाफ और ग्रामीणों की बढ़ी चिंता-नर्सों को नाइट ड्यूटी में खौफ
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अधूरा बाउंड्रीवाल एक साल से लटका, असुरक्षा के साये में नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र—जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की लापरवाही से मरीज, स्टाफ और ग्रामीणों की बढ़ी चिंता-नर्सों को नाइट ड्यूटी में खौफ

नारायणपुर, 17 मार्च 2026।
जिले के नारायणपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बाउंड्रीवाल निर्माण का कार्य पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। डीएमएफ मद से स्वीकृत इस कार्य को निर्माण एजेंसी द्वारा आधा अधूरा छोड़ देने के कारण अब यह मामला स्थानीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

जानकारी के अनुसार, नारायणपुर का यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 10 बिस्तरों वाला अस्पताल है, जहां आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से प्रसव सेवाओं के लिए गर्भवती महिलाएं भी यहां आती हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था का कमजोर होना सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन गया है।

बाउंड्रीवाल अधूरा होने के कारण अस्पताल परिसर में आवारा मवेशियों और अन्य पशुओं का लगातार आना-जाना बना रहता है। इससे न केवल अस्पताल की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय अस्पताल परिसर में असुरक्षा का माहौल रहता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में भय बना रहता है।

अस्पताल के स्टाफ ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। नाइट ड्यूटी के दौरान नर्सों और अन्य कर्मचारियों को असामाजिक तत्वों का डर सताता रहता है। साथ ही अस्पताल में चोरी जैसी घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

गौरतलब है कि नारायणपुर क्षेत्र हाथी प्रभावित इलाका माना जाता है और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जंगल के समीप स्थित है। कई बार हाथियों की आवाजाही अस्पताल परिसर के आसपास देखी जा चुकी है। ऐसे में बाउंड्रीवाल का अधूरा होना किसी बड़े खतरे को न्योता देने जैसा है।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के सामने की ओर बनाई गई बाउंड्रीवाल में एक साल के भीतर ही कई जगह दरारें नजर आने लगी हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दरारें होने के बावजूद निर्माण कार्य का माप (मेजरमेंट) कर भुगतान कर दिया गया, जो गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और निर्माण एजेंसी की निष्क्रियता के चलते यह कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य पूरा किया जाए, ताकि अस्पताल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

अधिकारियों के बयान

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर डॉ. संजय भगत ने बताया—
“पिछले एक साल से बाउंड्रीवाल अधूरी है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। नाइट ड्यूटी के दौरान स्टाफ को काफी डर का सामना करना पड़ता है। जल्द निर्माण कार्य पूरा किया जाना जरूरी है।”

वहीं, आरईएस विभाग के एसडीओ सोनसाय पैंकरा ने कहा—“बाउंड्रीवाल अधूरा होने की जानकारी है। कार्य क्यों बंद है, इसका मौके पर जाकर निरीक्षण करने के बाद ही स्पष्ट जानकारी दे पाऊंगा।”

कुनकुरी जनपद सीईओ श्री प्रमोद सिंह ने आश्वासन दिया है कि डीएमएफ मद से चल रहे इस कार्य को जल्द पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया जाएगा।

अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग और एजेंसी कब तक सक्रिय होते हैं और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता है, या फिर यह मामला यूं ही अधूरा पड़ा रहता है।

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