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बादलखोल अभ्यारण्य में विश्व हाथी दिवस : नारायणपुर में विभाग ने निकाली जागरूकता रैली, हाथियों के प्राकृतिक आवास की रक्षा से लेकर मानव-हाथी संघर्ष कम करने तक दिया संरक्षण का व्यापक संदेश

नारायणपुर। विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर बादलखोल अभ्यारण्य अंतर्गत नारायणपुर में वन विभाग द्वारा हाथी संरक्षण को लेकर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-हाथी सह-अस्तित्व का संदेश देने के उद्देश्य से निकाली गई इस जागरूकता रैली में वन विभागीय अमले ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

12 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में गेम रेंज ऑफिसर, नारायणपुर की उपस्थिति में अधीनस्थ समस्त वन विभागीय स्टॉफ ने रैली में हिस्सा लिया। रैली का शुभारंभ गेम रेंज कार्यालय, नारायणपुर से हुआ। हाथी संरक्षण के संदेश के साथ वन विभाग का जागरूकता दल नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ा।

रैली बाजार क्षेत्र, अटल चौक, कन्या शाला, वनकोम्बो, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय तथा थाना परिसर तक पहुंची। इस दौरान वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को हाथियों के महत्व तथा उनके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया।

हाथियों के संरक्षण के साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व पर जोर

विश्व हाथी दिवस का उद्देश्य केवल हाथियों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने और मानव एवं हाथियों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व स्थापित करने की दिशा में समाज को जागरूक करना भी है। इसी भावना के साथ नारायणपुर में आयोजित रैली के माध्यम से लोगों को हाथियों के प्रति संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।

वन विभाग द्वारा बताया गया कि हाथी वन पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जंगलों में उनकी मौजूदगी प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में हाथियों और उनके आवास का संरक्षण जंगल तथा जैव विविधता के संरक्षण से भी सीधे जुड़ा हुआ है।

ग्रामीणों और नई पीढ़ी को जागरूक करने की पहल

रैली के दौरान वन विभागीय अमले ने स्थानीय लोगों के बीच हाथियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। विशेष रूप से विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों से होकर निकाली गई रैली के माध्यम से बच्चों और युवाओं को वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने का संदेश दिया गया।

अधिकारियों एवं वनकर्मियों ने लोगों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करें। वन्यजीवों के संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से वन विभाग के साथ सहयोग करने का आह्वान किया गया।

हाथी बचेंगे तो जंगल सुरक्षित रहेगा

विश्व हाथी दिवस पर आयोजित यह जागरूकता रैली नारायणपुर क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हाथियों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बादलखोल अभ्यारण्य और आसपास के वन क्षेत्रों की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार जनजागरूकता को महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जा रहा है। इसी क्रम में विश्व हाथी दिवस पर निकाली गई रैली ने लोगों को हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा तथा मानव-हाथी सह-अस्तित्व के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।

और भी

हरेली पर मुख्यमंत्री निवास बना छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति का जीवंत मंच, कृषि औजारों और गौमाता की पूजा से गूंजा किसान सम्मान का संदेश—पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पारिजात रोपकर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश; लोकगीत-नृत्य, गेड़ी-बिल्लस और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के बीच किसानों की समृद्धि, आधुनिक कृषि और महिला सशक्तीकरण का संकल्प

*हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की*

*हरेली प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पशुधन के सम्मान और खेती-किसानी के गौरव का पर्व - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह*

*पौधरोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया पारिजात का पौधा*

*लोकगीत-लोकनृत्य, गेड़ी-बिल्लस जैसे पारंपरिक खेल और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से मुख्यमंत्री निवास में उतरा गांव का रंग*

*ड्रोन दीदी से किया संवाद: किसान को हार्वेस्टर सब्सिडी का 16 लाख रुपए का चेक सौंपा*

रायपुर 12 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपराएं, लोकगीतों की स्वर लहरियां, मांदर की थाप, गेड़ी का उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू - प्रदेश के प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार पर आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी में बदल गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, किसानों की समृद्धि और सभी परिवारों की सुख-खुशहाली की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक इस उत्सव के साक्षी बने।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर किसान भाई-बहनों को हरेली तिहार की गाड़ा-गाड़ा बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन के बीच आत्मीय रिश्ते का उत्सव है। यह पर्व हमें अपनी धरती, पशुधन, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की बड़ी आबादी की आजीविका खेती-किसानी से जुड़ी है। किसान की समृद्धि ही गांव और प्रदेश की खुशहाली का मजबूत आधार है।

*पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से पहुंचे मुख्यमंत्री*

हरेली के उत्सव में मुख्यमंत्री श्री साय पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे नजर आए। पारंपरिक वेशभूषा धारण कर वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक श्रीमती संगीता यादव के पिंक ऑटो में मुख्यमंत्री निवास परिसर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस अनूठे अंदाज ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उत्सव के माहौल में आत्मीयता का रंग घोल दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश एवं नवग्रह पूजन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग का अभिषेक किया और नांगर, रापा, कुदाल, फावड़ा सहित खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि औजारों की विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली के समय तक खेती के अनेक प्रमुख कार्य पूरे हो चुके होते हैं और किसान प्रकृति एवं अपने कृषि साधनों की पूजा कर अच्छे कृषि वर्ष की कामना करते हैं। यह परंपरा हमारे पुरखों की प्रकृति के प्रति गहरी समझ और सम्मान को दर्शाती है।

*गौमाता को खिलाई पारंपरिक लोंदी, पशुधन संरक्षण का दिया संदेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में निर्मित गौशाला पहुंचकर गौमाता की आरती और पूजा-अर्चना की। उन्होंने गाय और बछड़े को हरा चारा, चना-गुड़ तथा पारंपरिक ‘लोंदी’ खिलाई। हरेली पर पशुधन को लोंदी खिलाने की लोक परंपरा पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और रोगों से बचाव की कामना से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन में पशुधन परिवार और कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। हमारी लोक संस्कृति हमें पशुओं के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और संरक्षण की सीख देती है। आधुनिकता के साथ अपनी ऐसी उपयोगी और प्रकृति-सम्मत परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।

*किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है सरकार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरू हुए किसान क्रेडिट कार्ड ने किसानों को खेती के लिए सहज रूप से पूंजी उपलब्ध कराने का रास्ता खोला। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने सहकारी कृषि ऋण की ब्याज दरों को चरणबद्ध ढंग से कम करते हुए अंततः शून्य प्रतिशत तक पहुंचाया। आज किसानों को सहकारी बैंकों से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध हो रहा है।

उन्होंने कहा कि फसल बीमा को सरल बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की दिशा में भी निरंतर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीद रही है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।

*पारिजात का पौधा लगाकर दिया हरियाली बढ़ाने का संदेश*

हरेली के प्रकृति संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में पारिजात का पौधा लगाया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी पारिजात का पौधा रोपा। मंत्रीगण तथा विभिन्न निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली हमें प्रकृति से केवल लेने की नहीं, उसे सहेजने और लौटाने की भी सीख देती है। पौधरोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित भविष्य तैयार किया जा सकता है।

*आधुनिक कृषि तकनीक से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में लगाए गए कृषि एवं अन्य विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के स्टॉल पर उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता और विशेषताओं की जानकारी ली। 

मुख्यमंत्री ने रायपुर के किसान श्री इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण से किसानों की लागत और श्रम कम करने के साथ उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।

*ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता को मुख्यमंत्री ने सराहा*

कृषि विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी श्रीमती चंद्रकली वर्मा से आत्मीय संवाद किया। श्रीमती वर्मा ने बताया कि वे ड्रोन के माध्यम से खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं तथा प्रति एकड़ 300 रुपए पारिश्रमिक प्राप्त करती हैं। वे अब तक ढाई हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं और पिछले दो वर्षों में लगभग 7 लाख रुपए की आय अर्जित की है।

मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि कृषि में तकनीक का उपयोग महिलाओं के लिए भी आय और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा कर रहा है। ड्रोन दीदियां आधुनिक कृषि और महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरक कड़ी बन रही हैं।

नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने किसानों को अरहर और उड़द दाल के मिनी किट वितरित किए। उन्होंने कृषि मित्रों द्वारा तैयार ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र और मधुमक्खी के मोम से बने लिप बाम जैसे उत्पादों के बारे में जानकारी ली। उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर किसान श्री रामविशाल निषाद ने मुख्यमंत्री को नीम का पौधा भेंट किया।

*गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी ने ताजा की गांव की यादें*

मुख्यमंत्री निवास को हरेली के अनुरूप नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों और पारंपरिक ग्रामीण अलंकरण से सजाया गया था। परिसर में कदम रखते ही छत्तीसगढ़ के गांवों और मेलों जैसा वातावरण महसूस हो रहा था। हरियाली और लोक सज्जा के बीच गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

गेड़ी पर चढ़े कलाकारों और प्रतिभागियों ने हरेली की पहचान को जीवंत किया, वहीं ग्रामीण खेलों ने बच्चों और युवाओं को अपनी परंपरागत खेल संस्कृति से परिचित कराया। रहचुली ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया और पूरे आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंद घोल दिया।

*लोकधुनों पर कलाकारों के साथ झूमे मुख्यमंत्री श्री साय*

मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के बीच लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीत और नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हरेली के उल्लास में मुख्यमंत्री श्री साय भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ पारंपरिक लोकधुनों पर झूमे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर कलाकारों का उत्साह दोगुना हो गया।

ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित विभिन्न छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉलों ने आयोजन में पारंपरिक खानपान का रंग भरा। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का अवलोकन करते हुए नागरिकों और कलाकारों से संवाद किया तथा हरेली की खुशियां साझा कीं।

*किसान की खुशहाली से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि : डॉ. रमन सिंह*

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा, संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण लोक पर्व है। कृषि औजारों, गौमाता और प्रकृति की पूजा हमारी कृतज्ञता की संस्कृति को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है। किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है और महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। किसान का घर खुशहाल और गांव मजबूत होगा, तभी छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग और प्रशस्त होगा।

*किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश समृद्ध होंगे : कृषि मंत्री*

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी, हरियाली और प्रकृति के प्रति आस्था का महापर्व है। हमारी संस्कृति प्रकृति के संरक्षण, पशुधन के सम्मान और अन्नदाता के श्रम के प्रति आदर का संदेश देती है। हरेली अपनी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और खेती को अधिक समृद्ध बनाने का संकल्प लेने का अवसर है। किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता और हमारी जड़ों का उत्सव है। आधुनिक विकास की तेज यात्रा के बीच अपनी संस्कृति, परंपरागत ज्ञान, ग्रामीण खेल, लोककला और खानपान को सहेजकर रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ, गौमाता और प्रकृति से प्रदेश पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खेत लहलहाएं, किसानों के घर खुशहाली आए और प्रदेश निरंतर समृद्धि के पथ पर आगे बढ़े।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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हरेली पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश: “किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़”, 3,100 रुपये क्विंटल धान खरीदी से लेकर सिंचाई और आधुनिक खेती तक सरकार का फोकस

रायपुर 12 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज हरेली तिहार के पावन अवसर पर नवा रायपुर में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्री वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन आवास में गृह प्रवेश की बधाई देते हुए उनके सुखी, समृद्ध और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को भी छत्तीसगढ़ के प्रथम लोक पर्व हरेली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली जैसे शुभ अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा का नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश इस अवसर को और भी विशेष बनाता है। हरेली हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा पर्व है। किसान इस दिन कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं तथा अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व छत्तीसगढ़ की उस समृद्ध परंपरा का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति, खेती और लोकजीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

*किसान छत्तीसगढ़ की प्रगति की धुरी : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार खेती-किसानी है। किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी हैं और उनकी समृद्धि में ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि निहित है। राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इससे किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा मिले, जिससे किसान वर्षा पर निर्भरता कम कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल परंपरागत खेती तक सीमित रहने के बजाय उन्हें कृषि से जुड़ी सहायक और आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होंगे तो विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की गति और तेज होगी। सरकार की नीतियों के केंद्र में अन्नदाता का हित है और खेती-किसानी को अधिक समृद्ध तथा लाभकारी बनाने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।

*हरेली से शुरू होता है छत्तीसगढ़ के पर्वों का सिलसिला : डॉ. रमन सिंह*

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। हरेली के साथ ही प्रदेश में तीज-त्योहारों का उल्लासपूर्ण सिलसिला प्रारंभ हो जाता है। आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली के रंग में रंगा हुआ है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश से किसानों में उत्साह है और बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि प्रदेश के खेत-खलिहान अच्छी फसल से लहलहाएं, किसानों के घरों में खुशहाली आए और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे। उन्होंने राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

*राम भजन की प्रस्तुति ने बनाया भक्तिमय वातावरण*

हरेली तिहार और गृह प्रवेश के उल्लास के बीच राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राम भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में भक्तिमय वातावरण निर्मित कर दिया। उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने भजन का आनंद लिया।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू एवं श्री इंद्रकुमार साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के परिजन उपस्थित थे।

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशवासियों को दी हरेली की बधाई ,गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर अच्छी फसल व खुशहाली का कामना की

रायपुर. 12 अगस्त 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ के पहले त्योहार हरेली पारंपरिक तरीके से पूजा-पाठ कर मनाई। उन्होंने नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास मे गौमाता एवं कृषि औजारों नांगर, गैती, कुदारी इत्यादि की विधिवत पूजा-अर्चना की। घर के प्रवेश द्वार पर आरोग्य और हरियाली के प्रतीक नीम की डाली लगाई। उन्होंने हरेली पर ईश्वर से प्रदेश में अच्छी बारिश, खुशहाली और खेतों में लहलहाती फसल की कामना की।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेशवासियों को हरेली की बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की माटी, खेती-किसानी और लोक संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें गेड़ी सहित छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। हरेली हमारी संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता को दर्शाता है। यह पर्व प्रकृति और अन्नदाता के प्रति सम्मान का भाव भी प्रकट करता है। हमारी लोक परंपराएं और त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है।

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जशपुर में पहली बार सजेगा देशभर के शतरंज सितारों का महामुकाबला, 29 अगस्त से शुरू होगा ऑल इंडिया ओपन FIDE रेटेड चेस टूर्नामेंट “चेकमेट @ जशपुर 2026”, 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि पर होगी खिलाड़ियों की नजर


जशपुर नगर, 12 अगस्त 2026।

कलेक्टर रोहित व्यास की पहल पर जिले में पहली बार आयोजित होने जा रहे ऑल इंडिया ओपन FIDE रेटेड चेस टूर्नामेंट “चेकमेट @ जशपुर 2026” की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति की पहली बैठक एसडीएम विश्वासराव मस्के की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए आयोजन समिति के सदस्यों के बीच कार्यों का विभाजन किया गया।

प्रतियोगिता का आयोजन 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक जशपुर नगर के कम्युनिटी हॉल, पुरानी टोली में किया जाएगा। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के तत्वावधान में जिला प्रशासन और खेल विभाग जशपुर के द्वारा जिला शतरंज संघ के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर के शतरंज खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है।

बैठक में खिलाड़ियों के पंजीयन, आयोजन स्थल, तकनीकी टीम, आवास, भोजन, यातायात, सुरक्षा , पुरस्कार और प्रचार-प्रसार सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं।  

बैठक में आयोजन समिति के सचिव एवं जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष डॉ. अशोक लकड़ा आयोजन समिति के सदस्य विनोद गुप्ता,संजीव शर्मा, अधिवक्ता सत्य प्रकाश तिवारी, प्रदीप चौरसिया, अवनीश पांडेय , विनीत सहाय, संदीप सौरभ और सुनील निराला  व दीपक मिश्रा उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों में कुल 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। प्रतियोगिता FIDE स्विस सिस्टम के अनुसार 8 राउंड में आयोजित होगी। मुख्य श्रेणी में विजेता को ₹50,000, उपविजेता को ₹30,000 और तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी को ₹20,000 की पुरस्कार राशि एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन के द्वारा 50 पुरुष और 50 महिला खिलाड़ियों के लिए डॉरमेट्री आधारित निशुल्क आवास की व्यवस्था भी की जाएगी। यह टूर्नामेंट ओपन है, इसलिए इसमें सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं।

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दोकड़ा में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में रंगा क्षेत्र ,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, ट्रैक्टरों और मोटरसाइकिलों के साथ उमड़ा जनसैलाब

दोकड़ा। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व बुधवार को राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को लेकर दोकड़ा में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। बगिया अटल चौक से दोकड़ा तक निकली इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, किसान, युवा और स्कूली बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बने।

तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भारत माता के जयकारों और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। हाथों में लहराते तिरंगे ने यात्रा को और भव्य बना दिया।

इस यात्रा की खास बात यह रही कि किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए, वहीं युवाओं ने मोटरसाइकिलों के साथ उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। स्कूली बच्चों ने भी हाथों में तिरंगा थामकर पूरे जोश और अनुशासन के साथ यात्रा में भाग लिया।

यात्रा में श्री अशोक गुप्ता, राजेश फेंटा चौधरी,श्रीमती हीरामती पैंकरा, प्रमोद गुप्ता, दिनेश प्रसाद, रवि यादव, रामविलास राम, संजय सिंह, उपेंद्र नाथ साय, गुलाब सिंह, सरोज यादव, अटल बिहारी साय, प्रभु राम कुमावत एवं नंदलाल यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक एवं स्कूली बच्चे शामिल हुए।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी तिरंगा हाथ में लेकर यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया। उनके साथ मौजूद नागरिकों और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।

यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से समाज के हर वर्ग ने एकजुट होकर राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

बगिया अटल चौक से दोकड़ा तक निकली इस यात्रा में किसानों के ट्रैक्टर, युवाओं की मोटरसाइकिलें, स्कूली बच्चों की कतार और हाथों में लहराते तिरंगे ने पूरे आयोजन को आकर्षक बना दिया। देशभक्ति के जोश और भारत माता के जयघोष के साथ यह तिरंगा यात्रा क्षेत्र में राष्ट्रप्रेम की मजबूत तस्वीर पेश करती नजर आई।

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कुनकुरी में विश्व हाथी दिवस पर वन विभाग की अनूठी पहल, संकल्प शिक्षण संस्थान के 129 बच्चों को दी गई हाथियों के संरक्षण और मानव-हाथी द्वंद्व से बचाव की जानकारी; जागरूकता के साथ बच्चों ने लिया वन्यजीव और पर्यावरण बचाने का संकल्प

कुनकुरी/नारायणपुर । विश्व हाथी दिवस के अवसर पर 12 अगस्त को शासकीय संकल्प शिक्षण संस्थान, कुनकुरी में वन विभाग के तत्वावधान में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के 129 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस दौरान बच्चों को हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपवनमंडलाधिकारी कुनकुरी, परिक्षेत्र अधिकारी कुनकुरी सहित वन विभाग का अमला एवं समस्त ट्रेकर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि हाथी केवल वन्यजीव ही नहीं, बल्कि वन पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं। जंगलों में हाथियों की सुरक्षित मौजूदगी पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बच्चों को दी हाथियों के संरक्षण की जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हाथियों के व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवास, भोजन, जंगलों में उनकी भूमिका तथा संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही हाथियों और ग्रामीणों के बीच होने वाले मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए ग्रामीणों और आम नागरिकों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

उप वन मंडलाधिकारी ने बच्चों से कहा कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज और नई पीढ़ी की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को हाथियों के करीब जाने, उन्हें परेशान करने अथवा उनके प्राकृतिक आवास में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करने के प्रति भी जागरूक किया गया।

प्रश्नोत्तरी से परखी बच्चों की जानकारी

कार्यक्रम को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए विद्यार्थियों के बीच हाथी संरक्षण एवं वन्यजीव जागरूकता विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों ने इसमें उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

नई पीढ़ी को संरक्षण से जोड़ने की पहल

विश्व हाथी दिवस के मौके पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के बीच वन्यजीव संरक्षण के प्रति रुचि पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को समझाया गया कि जंगल सुरक्षित रहेंगे तो वन्यजीव भी सुरक्षित रहेंगे और पर्यावरण का संतुलन बना रहेगा।

परिक्षेत्र अधिकारी कुनकुरी ने मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता, सतर्कता और ग्रामीणों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हाथियों के संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं उपस्थित लोगों ने हाथियों, वन्यजीवों और पर्यावरण की रक्षा करने तथा जंगलों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। विश्व हाथी दिवस पर कुनकुरी में आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों के बीच वन्यजीव संरक्षण का संदेश पहुंचाने के साथ ही हाथी संरक्षण के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।

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हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की अनुपम छटा, कौशल्या साय ने विधि-विधान से की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और किसानों की खुशहाली की मांगी दुआ

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और हर परिवार के मंगल की कामना की।हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपरा, कृषि संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है। इस पर्व पर किसान अपने कृषि औजारों एवं पशुधन की पूजा कर अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री निवास बगिया में भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हरेली पर्व मनाया गया।इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने समस्त प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरेली हमारे छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और कृषि परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हमें प्रकृति, खेती-किसानी और अपनी लोकपरंपराओं के संरक्षण का संदेश देता है।उन्होंने कामना की कि हरेली का यह पावन पर्व प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा किसानों के खेतों में हरियाली और भरपूर फसल हो।हरेली तिहार के उल्लास के साथ मुख्यमंत्री निवास बगिया भी छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोकसंस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगा नजर आया।

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राशिफल: मेष से मीन तक जानिए आज किस राशि के सितारे चमकाएंगे किस्मत, किसे मिलेगा धन-लाभ और किसके लिए रिश्तों व करियर में आएंगे नए अवसर

आज का दिन कई राशियों के लिए नई योजनाओं, कामकाज में प्रगति और रिश्तों में मधुरता लेकर आ सकता है। कुछ जातकों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी, वहीं विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा बुधवार, 12 अगस्त 2026 का दिन।

♈ मेष राशि

आज का दिन आपके लिए उत्साह और सक्रियता से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। अधिकारियों या वरिष्ठ लोगों से बातचीत करते समय संयम रखें। व्यापार में नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहने के संकेत हैं, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना आपके लिए लाभकारी रहेगा। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की आवश्यकता है।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

♉ वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में सावधानी और स्थिरता का रहेगा। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिलेगा। व्यापारियों को पुराने संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। धन का निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं, इसलिए बातचीत से समाधान निकालें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आराम और नियमित दिनचर्या पर ध्यान दें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

♊ मिथुन राशि

आज आपको नई जानकारी और नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी संवाद क्षमता प्रभावशाली रहेगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दे सकती है। व्यापार में नई डील या साझेदारी पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रह सकता है, हालांकि जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♋ कर्क राशि

आज का दिन परिवार और भावनात्मक मामलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। घर में किसी पुराने विषय पर चर्चा हो सकती है और उसका समाधान निकल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। व्यापार में ग्राहकों से अच्छे संबंध लाभ पहुंचा सकते हैं। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। किसी करीबी व्यक्ति की मदद से महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। विद्यार्थियों को मेहनत के अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

♌ सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी बात को महत्व मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिलने की संभावना है। व्यापार में नई योजना बनाने के लिए दिन अच्छा है। आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जोखिम वाले फैसलों से बचें। सामाजिक क्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। परिवार में माहौल सकारात्मक रहेगा।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

♍ कन्या राशि

आज आपको योजना बनाकर काम करने का लाभ मिलेगा। नौकरी में किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके काम की सराहना होगी। व्यापारियों को लेन-देन में सावधानी बरतनी चाहिए। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन बजट बनाकर चलना बेहतर होगा। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन का समय अनुकूल है। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♎ तुला राशि

आज का दिन संतुलन और संबंधों में मधुरता लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। धन संबंधी मामलों में लाभ के अवसर बनेंगे। किसी पुराने निवेश से उम्मीद के अनुसार परिणाम मिल सकता है। दांपत्य और पारिवारिक जीवन में सुखद वातावरण रहेगा। विद्यार्थियों को लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। यात्रा की योजना बन सकती है।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 7

♏ वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को आज धैर्य और समझदारी से काम लेने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी मेहनत से उनका समाधान संभव है। किसी सहकर्मी से मतभेद हो तो विवाद बढ़ाने से बचें। व्यापार में जल्दबाजी में निर्णय न लें। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से तनाव कम होगा। विद्यार्थियों को मेहनत बढ़ाने की जरूरत है।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8

♐ धनु राशि

आज का दिन नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। नौकरी में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। व्यवसाय में विस्तार की योजना पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। किसी पुराने मित्र या परिचित से मुलाकात लाभकारी हो सकती है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। यात्रा से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

♑ मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत और अनुशासन का परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारी बढ़ सकती है। अधिकारी आपके काम से संतुष्ट रहेंगे। व्यापार में लाभ के लिए नई रणनीति बनानी पड़ सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति स्थिर रहेगी। पुराने कर्ज या भुगतान से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। परिवार में किसी बड़े सदस्य की सलाह महत्वपूर्ण साबित होगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

♒ कुंभ राशि

आज आपको रचनात्मक सोच और नए विचारों का लाभ मिलेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी या नया अवसर मिल सकता है। व्यापारियों को तकनीक या नए तरीके अपनाने से फायदा हो सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। किसी मित्र से महत्वपूर्ण सलाह मिल सकती है। परिवार में आपका सहयोग सभी को पसंद आएगा। विद्यार्थियों को कठिन विषयों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। दिनभर सकारात्मक बने रहने का प्रयास करें।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

♓ मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आज का दिन शांति, आत्मविश्वास और प्रगति लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। व्यापार में पुराने संपर्कों से लाभ मिल सकता है। धन के मामले में दिन सामान्य से बेहतर रहेगा, लेकिन भावनाओं में आकर खर्च न करें। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। मानसिक रूप से खुद को सकारात्मक रखें।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

12 अगस्त का दिन मेहनत, संयम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी के बजाय परिस्थितियों को समझकर कदम उठाना अधिक लाभकारी रहेगा। विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए अनुशासन सफलता की कुंजी बन सकता है।

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केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में लाभार्थियों और वेंडर्स को समय पर भुगतान सुनिश्चित करें : मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर, 11 अगस्त 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित की जा रही केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की।  मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लाभार्थियों और विभिन्न वेंडर्स को समय पर भुगतान हो इसके लिए सभी जरूरी कार्य करें। योजनाओं के अंतर्गत सभी जरूरी स्वीकृतियां निर्धारित समयावधि में लेना चाहिए, इसके लिए सिस्टमैटिक सिस्टम होना चाहिए। योजनाओं का इंपलिमेंनटेशन हो इसकी मॉनिटरिंग अधिकारी करें।

               बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत केंद्र प्रयोजित योजनाओं (सीएसएस) के लिए एस. एन. ए. स्पर्श ऑन बोर्डिंग स्थिति की समीक्षा की गई। एस. एन. ए. एक डिजिटल प्रणाली है जो केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न राज्यों में संचालित की जा रही है, जिसमें मनरेगा समेत कई केंद्रीय योजनाओं के तहत फंड ट्रांसफर किया जाता है। यह प्रणाली फंड के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसी तरह से योजनाओं की मातृ स्वीकृतियों और लंबित परिचालन की समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की ऑन बोर्डिंग करने के लिए निर्धारित कार्यवाही पूर्ण करने एवं योजनाओं के अंतर्गत सभी भुगतानों प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने कहा है। वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।

             बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, उद्योग एवं वाणिज्य एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, विशेष सचिव वित्त श्री चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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17 सौ फीट लंबे तिरंगे के साथ कुनकुरी की सड़कों पर उमड़ा देशभक्ति का महासैलाब, 5 हजार से अधिक विद्यार्थियों और नागरिकों ने एक साथ थामा राष्ट्रध्वज, जय स्तंभ चौक से सिनेमा हॉल तक गूंजते रहे भारत माता के जयकारे

जशपुरनगर 11 अगस्त 2026/ 
जिले के कुनकुरी नगर में मंगलवार को राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम से ओतप्रोत भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। 

1700 फीट लंबे राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकली इस यात्रा में 5 हजार से अधिक स्कूली विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। जय स्तंभ चौक से शुरू हुई तिरंगा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सिनेमा हॉल तक पहुंची। इस दौरान पूरा नगर भारत माता के जयकारों, देशभक्ति गीतों और तिरंगे की शान से सराबोर नजर आया।

यात्रा में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी हाथों में तिरंगा लेकर अनुशासनबद्ध तरीके से शामिल हुए। विद्यार्थियों के कदमों की ताल और बैंड की देशभक्ति धुनों ने माहौल में जोश भर दिया। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने भी यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित था, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका दौरा रद्द हो गया। इसके बाद उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों और नगरवासियों के साथ तिरंगा यात्रा में सहभागिता की और बच्चों के साथ 1700 फीट लंबे राष्ट्रीय ध्वज को थामकर यात्रा में कदम से कदम मिलाया।

कौशल्या साय ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उनके अनुशासन तथा राष्ट्रभक्ति की सराहना की। उनके यात्रा में शामिल होने से विद्यार्थियों और नगरवासियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

बैंड की धुन पर विद्यार्थियों का मार्च पास्ट रहा आकर्षण

तिरंगा यात्रा का प्रमुख आकर्षण निर्मला स्कूल कुनकुरी का बैंड दल रहा। बैंड दल ने देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत कीं, जिस पर विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च पास्ट किया। विद्यार्थियों की कतारबद्ध प्रस्तुति और हाथों में लहराते तिरंगों ने पूरे आयोजन को आकर्षक बना दिया।

यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति के नारे लगाए। इस दौरान नगर की गलियां और प्रमुख सड़कें देशभक्ति के नारों से गूंजती रहीं।

*1700 फीट तिरंगे ने खींचा लोगों का ध्यान*

यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण 1700 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने इस विशाल तिरंगे को अपने हाथों में थामकर यात्रा पूरी की। तिरंगे की लंबी श्रृंखला के साथ जब विद्यार्थी और नागरिक नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे तो यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।

आयोजकों के अनुसार, तिरंगा यात्रा में 5 हजार से अधिक विद्यार्थियों और नागरिकों ने सहभागिता की। यात्रा का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, एकता, अखंडता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा।

*जिला प्रशासन ,जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही सहभागिता*

कार्यक्रम में विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय 

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव जिला कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह,

 अध्यक्ष सुशीला साय, विजय आदित्य सिंह जूदेव ,अनीता सिंह, मलिका बाई, भरत सिंह, सुनील अग्रवाल, राजकुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

नगरवासियों ने भी तिरंगा यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा के मार्ग में लोगों ने तिरंगे का सम्मान करते हुए भारत माता के जयकारे लगाए। कई स्थानों पर नागरिकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

कौशल्या साय ने बच्चों की देशभक्ति की सराहना की

कार्यक्रम के दौरान कौशल्या साय ने विद्यार्थियों के मार्च पास्ट और निर्मला स्कूल के बैंड दल की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों में दिखाई दे रही राष्ट्रभक्ति की भावना देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और देश की एकता एवं अखंडता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को हमेशा याद रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर भी है।

नगर में दिखा देशभक्ति का उत्साह

तिरंगा यात्रा के दौरान कुनकुरी का माहौल पूरी तरह देशभक्तिमय नजर आया। एक ओर 1700 फीट लंबा तिरंगा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा, तो दूसरी ओर हजारों विद्यार्थियों की अनुशासित भागीदारी ने आयोजन को भव्य स्वरूप दिया। बैंड की धुन, देशभक्ति गीतों और भारत माता के जयकारों के बीच निकली यात्रा ने नगरवासियों में उत्साह और गर्व की भावना पैदा की।

जय स्तंभ चौक से सिनेमा हॉल तक निकली इस यात्रा ने ‘एकता में शक्ति’ और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संदेश दिया। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व आयोजित इस आयोजन में विद्यार्थियों और नागरिकों की बड़ी भागीदारी ने कुनकुरी में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकजुटता का माहौल बनाया।

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बस्तर की धरती पर लहराएगा तिरंगा, नक्सल हिंसा के पुराने गढ़ों तक पहुंचेगा राष्ट्रभक्ति का संदेश — 12 से 15 अगस्त तक ‘बस्तर तिरंगा यात्रा ,उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे शामिल, महिला बाइकर्स भी संभालेंगी तिरंगा

रायपुर, 11 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

*बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है*

         यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।

*शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान*

       तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। 

*आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें*

         इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।

*महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी*

        बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली  की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। 

*तीन दिनों में बस्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा*

          बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।

*‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ से होंगे पौधरोपण*

          इस यात्रा के प्रत्येक घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत स्थल पर जितने लोग शहीद हुए हैं उतने ही पौधों का पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। 

*बस्तर की संस्कृति और विकास की झलक भी दिखेगी*

         तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। 

*बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़*

       प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। 

*तिरंगा यात्रा बनेगी नए बस्तर की पहचान*

        ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।

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सावन महोत्सव में बड़ा धार्मिक आयोजन: सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 500 धर्मांतरित परिवारों की सनातन में सम्मानपूर्वक घर वापसी; प्रबल प्रताप सिंह जूदेव का कड़ा संदेश— “भगवान शिव पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले सुन लें, सनातन को छेड़ा है, अब सनातन तुझे छोड़ेगा नहीं”

शिवरीनारायण के तेंदुवाधाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में धार्मिक आयोजन, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक संस्कारों के बीच हुआ कार्यक्रम

शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा)। सावन के पवित्र महीने में शिवरीनारायण की धार्मिक नगरी में मंगलवार को आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला। तेंदुवाधाम स्थित राम मिलेंगे आश्रम में सावन महोत्सव के अंतर्गत सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन का धार्मिक आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।

आयोजन के दौरान 500 परिवारों की सनातन परंपरा में घर वापसी कराए जाने का कार्यक्रम भी हुआ। आयोजकों के अनुसार धर्मांतरित परिवारों ने धार्मिक विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक संस्कारों के बीच सनातन परंपरा को अपनाया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ का सिलसिला चलता रहा।

पूजा-अर्चना के बाद कराया गया पारंपरिक संस्कार

राम मिलेंगे आश्रम, कुमार दिलीप सिंह जूदेव सनातन फाउंडेशन एवं सेवा न्याय उत्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी अभियान प्रमुख एवं छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी शामिल हुए। उन्होंने पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बाद घर वापसी करने वाले परिवारों का पारंपरिक धार्मिक संस्कारों के साथ स्वागत किया।

कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए। सावन के अवसर पर आयोजित पार्थिव शिवलिंग पूजन से पूरा परिसर धार्मिक वातावरण में नजर आया।

पिता के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि उनके पिता कुमार दिलीप सिंह जूदेव ने घर वापसी अभियान के लिए लंबे समय तक कार्य किया और इसे आगे बढ़ाना उनके जीवन का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, धर्म जागरण और अपनी मूल परंपराओं से दूर हुए परिवारों को सम्मानपूर्वक जोड़ने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन दर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ना हर व्यक्ति का अधिकार है।

भगवान शिव पर टिप्पणी को लेकर जताई नाराजगी

कार्यक्रम के दौरान प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भगवान शिव को लेकर की गई कथित अशोभनीय टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं और सनातन संस्कृति का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और समाज में आपसी सौहार्द बना रहना जरूरी है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्यजन रहे मौजूद

आयोजन में धर्माचार्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा की और सावन महोत्सव में अपनी सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में डॉ. अशोक हरिवंशी, अंजू गबेल, जगन्नाथ दादा, महात्यागी बाबा, शालिनी अत्री, ज्योति जायसवाल, श्यामता, भुवनेश्वरी साहू, माधुरी पांडे, शीलू साहू, लक्ष्मी पटेल, संतोषी साहू, दुर्गा बरेठ, पुष्पा साहू, पूर्णिमा गबेल, पुष्पा गबेल, परमेश्वरी सिदार, मीना साहू, अनीता कंवर, रोशनी राज, लक्ष्मी कंवर, नेम पटेल, धर्मसेना लिमिश जायसवाल, बृजेश जायसवाल, करण खुटे, नीतीश वैष्णव, राजेश कुमार साहू, उज्जैन सिंह कंवर, अनिल गबेल, सरिता दुबे, कुत्री जांगड़े, रूपेंद्र गबेल, अवधेश शुक्ला, भूपेंद्र सिंह, सुधाकर त्रिपाठी, विकास, ठाकुर श्रवण सिंह, महेश, अश्विनी, विष्णु, महेंद्र पाल, जानकी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

धार्मिक आयोजन से भक्तिमय रहा माहौल

सावन महोत्सव के तहत आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर तेंदुवाधाम और आसपास के क्षेत्र में लोगों में उत्साह देखा गया। सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन के साथ आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का स्मरण कर क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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डीएमएफ की ‘नव संकल्प’ पहल ने रचा सफलता का नया इतिहास, छत्तीसगढ़ पुलिस एसआई, सूबेदार और प्लाटून कमांडर प्रारंभिक परीक्षा में 20 से अधिक युवाओं ने लहराया परचम

 कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के कुशल मार्गदर्शन में जिला खनिज न्यास (DMF) मद से संचालित 'नव संकल्प शिक्षण संस्थान' के विद्यार्थियों ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। संस्थान के 20 से अधिक छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ पुलिस उप निरीक्षक (SI), प्लाटून कमांडर और सूबेदार की प्रारंभिक भर्ती परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।
उल्लेखनीय है कि यह प्रारंभिक परीक्षा गत 12 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी। चयन प्रक्रिया के कुल चरणों में से प्रथम चरण (प्रारंभिक परीक्षा) में सफलता प्राप्त करने वाले ये सभी छात्र अब आगामी 2, 3 और 4 नवंबर को आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा (Mains Exam) में सम्मिलित होंगे।

मुख्य परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए सफल अभ्यर्थियों को नव संकल्प शिक्षण संस्थान की ओर से विशेष टेस्ट सीरीज और उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययन नोट्स उपलब्ध कराकर निरंतर मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक छात्र अंतिम रूप से चयनित हो सकें।

इस प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले प्रमुख विद्यार्थियों में निशांत सिदार, असीम तिग्गा, खिरोमनी बाई, बिनिका पैकरा, दीपा सिदार, दीपक कुमार यादव, खेमा यादव, मुकेश सारथी, नेहा सिंह, सरिता यादव, सीमा पैकरा, रामशीला पैकरा, सृष्टि तिरकी, पॉल राज तिरकी, प्रीति खलखो, रेशमा पैकरा, संतोष एक्का, लक्ष्मीबाई, संदीप खाखा, मयंक चक्रेश, अंशुबाई, प्रभात कुमार गुप्ता और डंजना पैकरा शामिल हैं।
यह संस्थान जिले के युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है इससे पूर्व भी नव संकल्प शिक्षण संस्थान के सैकड़ों छात्र जिला पुलिस, होमगार्ड और केंद्रीय पुलिस बलों में चयनित होकर देश और समाज को अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
छात्रों की इस शानदार उपलब्धि पर नव संकल्प शिक्षण संस्थान की प्राचार्य सुश्री दुर्गाश्वरी सिंह , विषय विशेषज्ञ गण मनीष गुप्ता, विवेक पाठक,विनीत तिवारी,  शैलेश कोसले, खुशबू द्विवेदी एवं प्रबंधन से आशुतोष चौबे, नीरा गुप्ता ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई देते हुए आगामी मुख्य परीक्षा हेतु ढेरों शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

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कविता शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने पटिया में डेमो कार्यशाला, शिक्षकों ने सीखी बच्चों को कविता से जोड़ने की नई तकनीक

मनोरा 
शा.प्रा.शाला पटिया में कविता शिक्षण पर डेमो कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें संकुल -ओरकेला, अलोरी और गुल्लू के भाषा पढ़ाने वाले शिक्षक एवं संकुल समन्वयक सम्मिलित हुए।आज की कार्यशाला में बच्चों के साथ कविता शिक्षण की प्रक्रिया में बच्चों के पूर्व अनुभवों से कविता को बातचीत के जरिए जोड़ते हुए चर्चा की गई। पोस्टर के चित्रों पर चर्चा, शीर्षक का अनुमान लगाना, शीर्षक पर चर्चा की गई। कविता को हाव -भाव एवं अभिनय के साथ बच्चों के साथ गाया गया। कविता पर चर्चा की गई। वाक्य पट्टी, शब्द कार्ड के माध्यम से बच्चों ने कविता की पंक्तियां सजाई और उसको पढ़ा। आगे शब्द जाल के माध्यम से अक्षरों की पहचान करते हुए, नए -नए शब्द बच्चों के द्वारा बताया गया और लिखा गया। कविता से ही तुकांत शब्द ढूंढ कर और नए तुकांत शब्द बनाए और लिखे गए। बच्चों के द्वारा नए शब्द (मेहमान शब्द) खोज कर लिखे गए जिनका सरल उदाहरणों व वाक्य के माध्यम से अर्थ स्पष्ट किया गया।
आज की कार्यशाला में अल्पना देवी शा.प्रा.शाला पटिया, देवेश प्रधान शा.प्रा.शाला रुकरुमा, लिली टोप्पो शा.क.आ.प्रा.शा.पटिया, हेमन्ती तिर्की शा.प्रा.शा.ओरकेला, सुदामा राम शा.प्रा.शाला डोंगझरन, महेंद्र राम शा.प्रा.शाला कुबड़ीबथान, फबियोला एक्का शा.प्रा.शाला नीचे गुल्लू, पुष्पा अनिता खलखो शा.प्रा.शाला ऊपर गुल्लू, प्रदीप बरवा शा.प्रा.शाला झरगांव, सुखराम शा.प्रा.शाला बोरोकोना, नीलम किंडो शा.प्रा.शाला मतलोंगा, बालेश्वर राम शा.मा.शाला पटिया, मुकेश कुमार सिंह शा.मा.शाला पटिया, संकुल समन्वयक कालेश्वर राम और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन से सर मुकेश जी की मुख्य रुप से सहभागिता रही। 

डेमो के पश्चात सभी प्रतिभागियों से कविता शिक्षण के चरणों पर । विस्तृत चर्चा किया गया। सभी शिक्षकों ने डेमो में किए गए चरणों के महत्व और बच्चों की सहभागिता को समझते हुए सराहना की और अपनी कक्षा में सुनिश्चित करने का संकल्प व्यक्त किया।

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92 फीट के विशाल तिरंगे के साथ कांकेर में उमड़ा देशभक्ति का सैलाब, उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में ढाई किमी लंबी भव्य तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

रायपुर. 11 अगस्त 2026. उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज कांकेर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। अप्रतिम उत्साह के साथ देशभक्ति से ओतप्रोत तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और शहरवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विधायक श्री आशाराम नेताम और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने भी तिरंगा यात्रा में भागीदारी की।  

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान से शुरू हुई तिरंगा यात्रा नगर घड़ी चौक, ऊपर-नीचे रोड, मस्जिद चौक, गांधी चौक होते हुए नवनिर्मित मिनी स्टेडियम परिसर में सम्पन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने हाथ में राष्ट्र ध्वज लेकर उत्साह से भाग लिया। 

यात्रा की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से की गई। नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रैली में शामिल लोगों का स्वागत किया तथा देशभक्ति के नारे लगाए। नगरवासियों ने चॉकलेट व टॉफी बांटकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देश पर वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर इस जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था। 

*92 फीट तिरंगा बना आकर्षण का केंद्र*

तिरंगा यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने 92 फीट लंबा तथा 5 फीट चौड़ा तिरंगा का प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न मार्गों और चौक-चौराहों पर इसे लहराते हुए यात्रा निकाली गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सेंट माइकल इंग्लिश स्कूल की बैंड टोली में शामिल छात्राओं ने राष्ट्रगीत की धुन पर वाद्य यंत्र बजाते हुए रैली में मार्चपास्ट किया। 

केंद्र शासन एवं राज्य शासन के निर्देश पर 9 अगस्त से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने एवं राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के गायन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे लोगों में देश भक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत हो।

कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसपी श्री निखिल राखेचा, श्री महेश जैन, श्री सतीश लाटिया, श्री राहुल टिकरिहा, श्री राजा देवनानी, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, कांकेर नगर पालिका के उपाध्यक्ष श्री उत्तम यादव, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी और जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री रमेश निषाद भी तिरंगा यात्रा में मौजूद थे।

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माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से गूंजा हर-हर महादेव का जयघोष, कांवड़ यात्रा के शुभारंभ में शामिल हुईं विधायक गोमती साय, ज्वालेश्वर महादेव मंदिर में किया पूजन-अर्चन

अमरकंटक। आज पवित्र नगरी अमरकंटक में माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पर पहुंचकर पंडरिया विधायक  भावना बोहरा की कांवड़ यात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के साथ माँ नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भगवान ज्वालेश्वर महादेव के मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

कांवड़ यात्रा के इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों में उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। माँ नर्मदा के उद्गम स्थल से शुरू हुई यह धार्मिक यात्रा आस्था, श्रद्धा और भगवान भोलेनाथ के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

कार्यक्रम में बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला जी  सैकड़ों श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे।

विधायक गोमती साय ने कहा कि माँ नर्मदा और भगवान महादेव की कृपा से प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहे तथा सभी क्षेत्रवासियों के जीवन में खुशहाली आए, यही मेरी प्रार्थना है।

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माँ नर्मदा का जल लेकर महादेव की शरण में पहुंचेंगे कांवड़िए, अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किमी की पदयात्रा में दिखेगा श्रद्धा, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम

अमरकंटक। पंडरिया विधायक भावना बोहरा  के नेतृत्व में माँ नर्मदा मंदिर, अमरकंटक से भोरमदेव तक निकलने वाली 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा के पूर्व संध्या पर अमरकंटक स्थित मेला मैदान (डोम), नवीन नगर पालिका परिसर में भव्य धार्मिक एवं भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक  गोमती साय  ने शामिल होकर कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं के साथ माँ नर्मदा और भगवान भोलेनाथ की भव्य आरती की तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय  ने कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को भोजन परोसकर उनकी सेवा भी की। श्रद्धा, सेवा और भक्ति से ओत-प्रोत इस आयोजन ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने माँ नर्मदा और भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ भक्तिमय वातावरण में सहभागिता की।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक श्री राकेश शर्मा जी द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय भजन संध्या ने आयोजन को और भी भावपूर्ण बना दिया। भजनों की मधुर धुन और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं के साथ महादेव की भक्ति में रमने का अवसर उपस्थित लोगों के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभूति का क्षण रहा।

इस अवसर पर बेलतरा विधायक  शुशांत शुक्ला , कबीरधाम जिला अध्यक्ष  राजेन्द्र चंद्रवंशी , पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष  अशोक साहू  सहित जिला एवं जनपद के पदाधिकारी, मंडल एवं बूथ अध्यक्ष व प्रभारी, पंडरिया विधानसभा के वरिष्ठ कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधिगण, माँ नर्मदा एवं नर्मदेश्वर महादेव के दर्शन हेतु पहुंचे श्रद्धालु तथा 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा में शामिल होने वाले कांवड़िया भाई-बहन उपस्थित रहे।

आस्था और सनातन परंपरा का संगम

माँ नर्मदा की पावन धारा से जल लेकर भोरमदेव के बाबा भोलेनाथ को अर्पित करने वाली यह 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। अमरकंटक से भोरमदेव तक कांवड़ियों की यह यात्रा माँ नर्मदा और भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था को अभिव्यक्त करेगी।

इस पावन अवसर पर सभी ने कांवड़ यात्रियों की मंगलमय यात्रा तथा क्षेत्रवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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