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संकल्प, सेजेस, प्रयास और डीपीएस की छात्राओं ने बढ़ाया जशपुर का मान,राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कोतबा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले की 9 मेधावी बालिकाओं को किया सम्मानित

जशपुर नगर 25 जनवरी 2026 

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर कोतबा में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर जिले की नौ मेधावी बालिकाओं को मुख्यमंत्री विष्णु देव के हाथों पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

कोतबा में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग की ओर से बालिकाओं के लिए सम्मान कार्यक्रम आयोजित हुआ था। जिसमें कक्षा दसवीं और बारहवीं में मेरिट में आने वाली बालिकाओं को ₹5000 और ₹3000 की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। 

कलेक्टर रोहित व्यास, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार और जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर ने बालिकाओं को शुभकामनाएं दी हैं।

संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने संस्थान के व्याख्याता राजेंद्र प्रेमी के साथ बालिकाओं को कार्यक्रम में उपस्थित कराने के लिए भेजा था। सम्मानित होने वाली बालिकाओं में संकल्प जशपुर से पूर्णिमा पैंकरा, हर्षिता सिंह, पूजा चौहान, संकल्प पत्थलगांव से संजना पैंकरा, सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जशपुर से अनुष्का सिंह, ईशा सहारे, निशिता  थवाइट , प्रयास जशपुर से स्तुति पांडेय, डीपीएस जशपुर से निशा एक्का रहे हैं।

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समुद्र, विज्ञान और उद्योग की जीवंत पाठशाला बना विशाखापट्टनम, जशपुर जिले के विद्यार्थियों के लिए यादगार रहा अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण

जशपुर 25 जनवरी 2026 : 
समग्र शिक्षा ,राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र ,छात्राओं का अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। जिला कलेक्टर   रोहित व्यास के निर्देश पर जिले के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र - छात्राओं को  विशाखापटनम ( आंध्र प्रदेश ) ले जाकर 19 से 24 जनवरी तक एक्पोजर विजिट कराया गया।  19 जनवरी को जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कुनकुरी  बालेश्वर यादव  के द्वारा दल को  हरी  झंडी दिखाकर रवाना किया गया था ।भ्रमण के दूसरे दिन बच्चों ने मैत्री गार्डन भिलाई पहुंचकर वन्य प्राणियों का अध्ययन किया,साथ ही साथ भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना और बॉक्साइड से ठोस लोहे तक की यात्रा को समझा।तीसरे दिन भिलाई से प्रस्थान करने के बाद दल  विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश पहुंचा और जहां छात्र,छात्राओं ने सबमरीन म्यूजियम, Air क्राफ्ट म्यूज़ियम, का अध्ययन किया।  चौथे दिन के भ्रमण की  शुरुआत  फिशिंग हार्बर, से प्रारंभ होकर आर के बीच, ट्रिनिटी पार्क,सागर नागर बीच होते हुए कैलाशगिरी पर्वत पर समाप्त हुई। जहां विद्यार्थियों ने बोट निर्माण,मछली व्यापार,समुद्री जहाज,भारतीय तट रक्षा व्यवस्था के साथ आयात निर्यात की प्रणाली को समझने का प्रयास किया । छात्र,छात्राओं ने विशाखापत्तनम की स्थानीय बोली ,भाषा ,संस्कृति के साथ साथ स्थानीय पाक ,खान पान , बाजार और अर्थव्यवस्था को भी अध्ययन किया। खूबसूरत समुद्री तट के किनारे बैठकर  आती जाती लहरों को निहारते हुए बच्चों का उत्साह देखते बनता था।जिला शिक्षा अधिकारी  प्रमोद कुमार भटनागर एवं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा नरेंद्र कुमार सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन से  अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण विशाखापत्तनम( आंध्र प्रदेश ) का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।यह भ्रमण सभी विद्यार्थियों के ज्ञान और अनुभव में वृद्धि करेगा।

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रायपुर साहित्य महोत्सव : पत्रकारिता और साहित्य’ पर पैनल चर्चा आयोजित,वरिष्ठ पत्रकारों और साहित्यकारों ने साझा मूल्यों पर किया विमर्श

रायपुर, 25 जनवरी 2026/ रायपुर साहित्य उत्सव के तीसरे एवं समापन दिवस पर ‘पत्रकारिता और साहित्य’ विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। यह सत्र लाला जगदलपुरी मंडप में आयोजित दूसरे सत्र के रूप में सम्पन्न हुआ। यह चर्चा दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय श्री बबन प्रसाद मिश्र की स्मृति को समर्पित रही। पैनल में वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार सुश्री स्मिता मिश्र, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, श्री अवधेश कुमार और श्री गिरीश पंकज शामिल रहे, जबकि सत्र का संचालन श्री विभाष झा ने किया।

चर्चा के दौरान अपने विचार रखते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री गिरीश पंकज ने कहा कि चाहे पत्रकारिता हो या साहित्य, लेखन का मूल आधार सदैव जनहित और सामाजिक उत्तरदायित्व होना चाहिए।

‘हरिभूमि’ के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि तथ्यों को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करना पत्रकारिता का मूल सिद्धांत है, वहीं तथ्यों और परिस्थितियों पर चिंतन साहित्य को व्यापक और गहन दृष्टि प्रदान करता है। उन्होंने पत्रकार और साहित्यकार के बीच मूलभूत अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकार प्रायः संस्थागत मर्यादाओं, मूल्यों और संपादकीय प्राथमिकताओं के दायरे में कार्य करते हैं, जबकि साहित्यकार को विषय के विविध आयामों को स्वतंत्रता के साथ अभिव्यक्त करने का अधिक अवसर मिलता है।

वरिष्ठ पत्रकार सुश्री स्मिता मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता और साहित्य के बीच अंतर मुख्यतः शैली, भाषा और दृष्टिकोण का है। पत्रकारिता जहाँ तथ्यप्रधान होती है, वहीं साहित्य भावनाओं और संवेदनाओं की ओर अधिक झुकाव रखता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भाषा में संवेदनशीलता, रिपोर्टिंग में सहानुभूति और व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने की क्षमता दोनों ही क्षेत्रों के लिए अनिवार्य है, क्योंकि दोनों ही जनमानस को प्रभावित करने की सामर्थ्य रखते हैं।

पत्रकार और साहित्यकार दोनों रूपों में अपने अनुभव साझा करते हुए श्री अवधेश कुमार ने पत्रकारिता और साहित्य को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया। उन्होंने कहा कि उनके पत्रकारिता के अनुभव अक्सर उनके साहित्यिक लेखन की प्रेरणा बनते हैं तथा अनेक मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरें उन्हें उन विषयों के गहरे सामाजिक और मानवीय पक्षों को साहित्य के माध्यम से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करती हैं।

सत्र के दौरान संचालक श्री विभाष झा ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात पत्रकारों, जिनमें श्री मुक्तिबोध और श्री माधवराव सप्रे प्रमुख हैं, के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक चेतना के विस्तार के लिए साहित्य को माध्यम बनाया। पैनल में समकालीन पत्रकारिता में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उससे उत्पन्न चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर सुश्री स्मृति दुबे के कविता संग्रह ‘करुण प्रकाश’ तथा श्री लोकनाथ साहू ललकार के कविता संग्रह ‘यह बांसुरी की नहीं बेला है’ का विमोचन भी अतिथियों के करकमलों से सम्पन्न हुआ।

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राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येंद्र कुमार साहू के आतिथ्य में जिला स्तरीय समारोह आयोजित, नये मतदाताओं को ई-पिक कार्ड देकर किया गया सम्मान, बूथ लेवल अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येंद्र कुमार साहू के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन स्वर्ण जयंती सेमीनार हॉल, शासकीय राम भजन राय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अमरेन्द्र, प्राचार्य शासकीय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर द्वारा की गई। इस अवसर पर अतिरक्ति जिला एवं सत्र न्यायाधीश मान.श्री जनार्दन खरे, प्रथम सिविल न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रभाग और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुमन सिंह,  सचिव जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव सुश्री श्वेता बघेल, द्वितीय सिविल न्यायाधीश वरिष्ठ प्रभाग, श्री क्रांति कुमार सिंह, प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, प्रथम सिविल न्यायाधीश, सुश्री चौतली खाण्डेकर, द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश सिविल न्यायाधीश कनिष्ठ प्रभाग सुश्री पूनम नसीम अपर कलेक्टर जशपुर श्री प्रदीप कुमार साहू, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री हरिओम द्विवेदी, बूथ लेवल अधिकारी, माय भारत वॉलिंटियर, नये मतदाता सहित निर्वाचन कार्यालय व महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  
               प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येंद्र कुमार साहू ने समारोह में मतदाताओं को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं निर्भिक बिना प्रलोभन के मतदान करने के लिए शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि मतदाताओं का लोकतंत्र में बहुत बड़ा योगदान है। प्रत्येक मतदाता किसी न किसी रूप में लोकतंत्र में अपना योगदान कर रहा है। सबकी सहभागिता से लोकतंत्र बना है। उन्होंने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि वोट करना सबकी जिम्मेदारी है। इसलिए वोट आवश्यक करें। एक अच्छा सुशासन बनाने में सहयोग करने के लिए मतदान करना अति आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को अपने मतों का उचित रूप से प्रयोग करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आज हम विश्व का सबसे बड़ा सफल लोकतंत्र में है यह हमारी बहुत बड़ी उपलब्धि है।  समारोह में मुख्य अतिथि एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा नये मतदाताओं को ईपिक कार्ड प्रदाय करते हुए मतदाता बनने पर स्वागत कर उनका सम्मान किया गया। साथ ही एसआईआर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बूथ लेवल अधिकारी को भी प्रशस्ति पत्र प्रदाय सम्मानित किया गया। 
            अपर कलेक्टर श्री साहू ने नये मतदाओं और युवाओं को जागरूक करते हुए कहा कि वयस्क होने पर अपना नाम मतदाता सूची में आवश्य जुड़वाएं। निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए सरल प्रक्रिया किया गया है। सभी युवा घर बैठे ऑनलाईन के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में जोड़वा सकते हैं और किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधार कर सकते हैं। उन्होंने मतदान के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक-एक वोट महत्वपूर्ण है। प्रत्येक मतदाता को मतदाता सूची में अपना पंजीयन आवश्यक कराना चाहिए। 
          उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि जशपुर जिले अंतर्गत तीन विधान सभा है। जिसमें विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 12 में 338 मतदान केन्द्र, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 13 कुनकुरी में 298 मतदान केन्द्र एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 14 पत्थलगांव में 298 मतदान केन्द्र बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय, अनुविभाग एवं तहसील मुख्यालय पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण  अर्हता तिथि 01 जनवरी 2025 के संदर्भ में 23 दिसम्बर 2025 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है। वर्तमान में पुरुष मतदाता संख्या 301574, महिला मतदाता संख्या 308921 एवं थर्ड जेण्डर के 14 सहित कुल मतदाता संख्या 614509 हैं। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से आने वाले प्रत्येक निर्वाचन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।    
             इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शासकीय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमरेन्द्र ने भी अपने उदबोधन में मतदाताओं को जाकरूक करते हुए अपने मतों का प्रयोग करने की अपील की। इसके साथ ही माय भारत के वॉलिंटियरों द्वारा मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई। जिसके माध्यम से उन्होंने नये मतदाताओं का स्वागत किया और युवाओं को मतदान हेतु प्रेरित किए। अंत में मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम की समाप्ति की गई।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास का किया शुभारंभ, आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी निर्देशन में जिले में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु नवीनतम तकनीकों के माध्यम से स्मार्ट क्लास का संचालन किया जा रहा है। आज की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण  शिक्षा मिल सकेगी। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय ने आज कांसाबेल विकासखंड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। स्मार्ट क्लास के शुभारंभ से क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा और उनकी सीखने की क्षमता में नया आयाम जुड़ेगा।  उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन, SECL एवं EdCIL  के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था।
        इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। 
     एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना के लिए SECL द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने SECL एवं EdCIL के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा नई दिशा, ग्राम केरे को बनाया जाएगा मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम, मुख्यमंत्री ने होमस्टे परियोजना का किया उद्घाटन

जशपुर 25 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया ने जशपुर जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ शासन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह एमओयू 25 जनवरी 2026 को जशपुर जिले के 
मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया  निवास में संपन्न हुआ। यह समझौता जशपुर को राज्य में जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल है।
समझौते पर श्री रोहित व्यास, जिला कलेक्टर, जशपुर तथा श्री विनोद वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार अधिकारी होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठ शासकीय अधिकारी उपस्थित रहे।
इस सहयोग के अंतर्गत, होमस्टेज़ ऑफ इंडिया और जिला प्रशासन मिलकर जशपुर को समुदाय-आधारित पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने हेतु एक सशक्त एवं सहयोगात्मक ढांचा तैयार करेंगे। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह साझेदारी केरे को जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य करेगी, जिससे एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा लक्षित क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।
इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।

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गौवंश संरक्षण के साथ महिला उद्यमिता को बढ़ावा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुधारू पशु प्रदाय योजना अंतर्गत आदिवासी महिलाओं को वितरित कीं साहिवाल नस्ल की दुधारू गायें

जशपुरनगर, 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने गृह निवास बगिया में गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन तथा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग की पात्र महिलाओं को साहिवाल नस्ल की दो-दो दुधारू गायों का वितरण किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने पशुपालकों को पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विधिवत गाय की पूजा की तथा अपने हाथों से चारा खिलाया। श्रीमती कौशल्या साय और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय भी इस दौरान मौजूद रहे।    
     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कहा कि गाय को हम सभी माता मानकर पूजते हैं। गाय जीवनदायिनी है इसके दूध एवं दूध से बने उत्पाद हमें पोषण प्रदान करते हैं, वहीं गोबर और गौमूत्र का औषधीय सहित विभिन्न अन्य उपयोगों में भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।  दुधारू पशु प्रदाय योजना से लाभान्वित मंजू भगत एवं अरुणा देवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इन गायों से प्राप्त दूध के विक्रय से वे अब अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने की खुशी के साथ-साथ गाय की सेवा कर पुण्य अर्जित करने का संतोष भी उन्हें प्राप्त हो रहा है।

*पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड में पशुओं के देखभाल सहित मिलेगी अन्य जानकारियां*

 पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड की शुरुआत प्रथम चरण में जिले के 40 गांवों के लगभग 21 हजार पशुपालकों को दी जाएगी। इस कार्ड के माध्यम से पशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं आहार संबंधी समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पशुपालकों को वैज्ञानिक ढंग से पशुपालन करने में सहायता मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।

*हितग्राहियों को एक वर्ष तक मिलेगा बीमा सहित अनेक सुविधाओं का लाभ*

डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग की पात्र महिलाओं को साहिवाल नस्ल की दो दुधारू गायें प्रदान की जाती हैं। इसके साथ ही हितग्राहियों को एक वर्ष की अवधि के लिए निशुल्क गाय बीमा, पशु स्वास्थ्य की निगरानी हेतु पशु निगरानी उपकरण, प्रति पशु प्रतिदिन 5 किलोग्राम साइलेज चारा, 2 किलोग्राम पशु आहार तथा 50 ग्राम खनिज मिश्रण उपलब्ध कराया जाता है।
इसके अतिरिक्त पशु प्रेरण से पहले और बाद में वैज्ञानिक पशु प्रबंधन प्रथाओं पर किसानो को प्रशिक्षण, शासकीय पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु उपचार, कृत्रिम गर्भधान एवं पशु टीकाकरण सहित सभी सुविधाए दी जाती है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बगिया बनेगा प्रदेश का मॉडल सिंचाई क्लस्टर,समृद्धि–एमकैड योजना से बदलेगी बगिया की तस्वीर, 13 गांवों तक पहुँचेगी आधुनिक पाइपलाइन सिंचाई सुविधा

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समृद्धि–कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एमकैड) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की मोहनपुरा एवं कुंडलिया वृहद सिंचाई परियोजनाओं का अध्ययन भ्रमण कर लौटे जशपुर जिले के किसानों के दल से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री ने किसानों से पाँच दिवसीय अध्ययन यात्रा के दौरान देखी गई व्यवस्थाओं, तकनीकों और वहाँ के ग्रामीण जीवन से जुड़ी जानकारियाँ विस्तार से पूछा और चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि समृद्धि–एमकैड योजना के क्रियान्वयन से बगिया क्लस्टर के प्रत्येक गांव को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक से खेतों तक पानी पहुँचेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में स्थायी सुधार आएगा। उन्होने कहा कि किसानों के अनुभव इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना जशपुर के लिए एक मॉडल सिंचाई परियोजना सिद्ध होगी।

*किसानों ने साझा किए अध्ययन भ्रमण के अनुभव* - 
अध्ययन भ्रमण दल में शामिल ग्राम नरियरडांड की किसान नेहा गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मोहनपुरा–कुंडलिया परियोजना में ड्रिप लाइन और फव्वारा पद्धति से सिंचाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि वहाँ अधिकारियों ने जल प्रबंधन प्रणाली को विस्तार से समझाया और यह जानकारी दी कि किस प्रकार मोबाइल के माध्यम से पाइप लाइन को ऑन-ऑफ किया जाता है। नेहा गुप्ता ने कहा कि इसी प्रकार की सुविधा बगिया क्लस्टर के 13 गांवों में मिलने से आजीविका को बड़ा संबल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया। ग्राम बांसबहार के किसान शिवशंकर साय ने बताया कि अध्ययन भ्रमण के दौरान मोहनपुरा बांध और पाइपलाइन नेटवर्क का अवलोकन कराया गया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा पूरे भ्रमण के दौरान मार्गदर्शन किया गया। वहाँ के ग्रामीणों द्वारा किया गया आदर-सत्कार और खेती की उन्नत पद्धतियाँ देखकर मन अत्यंत प्रसन्न हुआ। उन्होंने कहा कि पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन में भी आधुनिक सिंचाई तकनीक के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर फसल उत्पादन संभव है। शिवशंकर साय ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस योजना से सभी किसानों को समान रूप से लाभ मिलेगा। ग्राम चोंगरीबहार के किसान संजीवन कुमार राम ने बताया कि जिस क्षेत्र में पहले जमीन उपजाऊ नहीं होने के कारण खेती संभव नहीं थी, वहाँ अब आधुनिक सिंचाई व्यवस्था से खेती-बाड़ी हो रही है। इससे गांव में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और लोग आजीविका से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव देखकर बगिया क्लस्टर के लिए भी नई उम्मीद जगी है।

*मुख्यमंत्री का संदेश - किसान होंगे परियोजना के सहभागी* - 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य किसानों को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें परियोजना का सक्रिय सहभागी बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि भ्रमण से लौटे किसान अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा करेंगे, जिससे समृद्धि–एमकैड योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनेगा।

उल्लेखनीय है कि समृद्धि–एमकैड योजना के तहत बगिया क्लस्टर के 13 ग्रामों में मैनी नदी से दाबयुक्त पाइपलाइन सिंचाई प्रणाली के माध्यम से 4,831 हेक्टेयर क्षेत्र को खरीफ और रबी दोनों मौसमों में सुनिश्चित सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। परंपरागत नहर प्रणाली के स्थान पर पाइप आधारित नेटवर्क से जल की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक और नियंत्रित उपयोग संभव होगा। इस प्रकार, किसानों के अनुभव और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से बगिया क्लस्टर को प्रदेश का आदर्श और मॉडल सिंचाई क्षेत्र बनाने की दिशा में एक और सशक्त कदम आगे बढ़ चुका है।

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जशपुर की जनजातीय कला पहुँचेगी देश-दुनिया तक : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में रेयर प्लेनेट से ऐतिहासिक एमओयू, अब जशपुर की आदिवासी महिलाओं के हस्तशिल्प देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर बिकेंगे

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ वन विभाग की पहल पर जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में विगत दिवस बगिया में रेयर प्लेनेट संस्था तथा जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों जागरण, स्माईल आरती, राखी एवं मुस्कान समूह के मध्य जशक्राफ्ट ब्रांड के उत्पादों के विपणन हेतु अनुबंध समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के अंतर्गत अब जशपुर की जनजातीय महिलाओं द्वारा बांस , छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से निर्मित हस्तशिल्प, आभूषण एवं सजावटी उत्पाद देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर संचालित रेयर प्लेनेट के बिक्री केंद्रों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों को स्थायी बाज़ार, बेहतर मूल्य तथा नियमित आय का अवसर प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एमओयू को जशपुर की महिलाओं के लिए एक निर्णायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जशक्राफ्ट जैसे ब्रांड के माध्यम से हमारी आदिवासी बहनों की कला अब देशभर के लोगों तक पहुँचेगी। यह केवल उत्पादों की बिक्री नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की मजबूत नींव है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वन एवं परंपरागत ज्ञान आधारित आजीविका को बाजार से जोड़ा जाए, ताकि महिलाएं अपने गांव में रहकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह एमओयू ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करता है तथा जशपुर की जनजातीय महिलाओं को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक ठोस पहल है। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित स्व सहायता समूह की महिलाएं एवं रेयर प्लैनेट संस्था के प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

*पुस्तक विमोचन और जशक्राफ्ट उत्पादों की सराहना* - 
कार्यक्रम के दौरान  मुख्यमंत्री द्वारा “जशक्राफ्ट” पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने जशक्राफ्ट के अंतर्गत तैयार किए गए आभूषणों एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन कर उनकी गुणवत्ता, कलात्मकता और नवाचार की प्रशंसा की। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी एवं विधायक श्रीमती गोमती साय का जशक्राफ्ट ब्रांड के पारंपरिक आभूषण पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। जो महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति के सम्मान का प्रतीक बना।
इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा जशक्राफ्ट ब्रांड के प्रचार-प्रसार हेतु तैयार वीडियो का भी विमोचन किया गया, जिससे जशक्राफ्ट को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

*जशक्राफ्ट: जशपुर की सांस्कृतिक विरासत से जन्मा सशक्त ब्रांड* - 

उल्लेखनीय है कि जशक्राफ्ट केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की अभिव्यक्ति है। जिले की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय समुदायों से आती है, जहाँ पीढ़ियों से बाँस, कांसा घास, छिंद पत्ते, लकड़ी और मिट्टी से हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तैयार की जाती रही हैं। पूर्व में संगठित व्यवस्था और बाज़ार की कमी के कारण कारीगरों की प्रतिभा सीमित रह जाती थी। जिला प्रशासन की पहल से जशक्राफ्ट के रूप में ऐसा मंच तैयार हुआ, जो जशपुर के आठों विकासखंडों के कारीगरों को एकजुट कर उनकी कला को पहचान, संरक्षण और बाज़ार उपलब्ध करा रहा है।
इस पहल के केंद्र में आदिवासी महिला कारीगर हैं, जिनके हाथों से बिना मशीनों के बने उत्पाद परंपरा, प्रकृति और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हैं। जशक्राफ्ट आज स्वदेशी ज्ञान से आकार लेते हुए एक टिकाऊ और सम्मानजनक आजीविका मॉडल के रूप में उभर रहा है।

वनमण्डलाधिकारी जशपुर वनमण्डल जशपुर ने बताया कि वन विभाग द्वारा संचालित यह पहल महिला स्वावलंबन, वन आधारित आजीविका और स्थानीय उत्पादों के राष्ट्रीय बाजारीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जो आने वाले समय में जशपुर को हस्तशिल्प के मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगी।

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सामाजिक भवन कुनकुरी में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनी जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती, समाज के सभी ब्लॉक पदाधिकारी रहे मौजूद

कुनकुरी में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती मनाई गई

कुनकुरी, 24 जनवरी 2026 :
शनिवार को सामाजिक भवन कुनकुरी में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में जशपुर जिला समाज संगठन के सभी ब्लॉक के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सभापति श्री मुल्तान पवार ने की। उप-सभापति एवं समाज के जिला उपाध्यक्ष श्री प्रकाश ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे। मंच संचालन समाज संगठन के वरिष्ठ संरक्षक श्री बद्रीनाथ श्रीवास ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर की गई। इसके पश्चात वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और समाज के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।

जिला अध्यक्ष श्री उमा शंकर ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्म के साथ-साथ जीवन का एक लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का जीवन संघर्ष, दृढ़ संकल्प और जनसेवा की भावना से भरा रहा है, जिससे समाज को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

वरिष्ठ संरक्षक श्री बद्रीनाथ श्रीवास ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी ने कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए कभी हार नहीं मानी। एक गरीब परिवार में जन्म लेकर उन्होंने अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर बिहार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद तक दो बार पहुंचकर इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि समाज को उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए।

जिला कोषाध्यक्ष श्री हरिहर ठाकुर ने समाज में एकता बनाए रखने पर जोर दिया। जिला सचिव श्री चंदन कुमार ठाकुर ने केश शिल्पी कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि समाज के युवक-युवतियों को सैलून एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण हेतु तीन माह का निःशुल्क कोर्स उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें रहने-खाने की व्यवस्था भी निःशुल्क है।

कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से संगठनात्मक नियुक्तियां की गईं। श्री रवि ठाकुर को सैलून संघ का जिला अध्यक्ष, श्री संदीप कुमार श्रीवास को जिला उपाध्यक्ष, श्री कैलाश ठाकुर को जिला उपाध्यक्ष सचिव, श्री कलिंदर ठाकुर को सह-सचिव तथा श्री राजेंद्र ठाकुर को दायित्व सौंपा गया।

युवा प्रकोष्ठ में श्री सुजीत कुमार ठाकुर को जिला सचिव एवं श्री खिरोधर श्रीवास को जिला सह-सचिव बनाया गया।

कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती अनुपमा ठाकुर, समाज संगठन के जिला उपाध्यक्ष श्री प्रकाश ठाकुर, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष श्री रिंकू श्रीवास, दुलदुला ब्लॉक से लव कुश ठाकुर, विक्की कुमार ठाकुर, महिला मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा ठाकुर, श्रीमती बबिता देवी, पत्थलगांव ब्लॉक अध्यक्ष श्री धवर साय श्रीवास, बजरंग श्रीवास, ओम श्रीवास, बबलू श्रीवास, फरसाबहार ब्लॉक अध्यक्ष श्री राम ठाकुर, कांसाबेल सैलून संघ ब्लॉक अध्यक्ष श्री राजू ठाकुर, बगीचा ब्लॉक से बिरजू ठाकुर, कुनकुरी ब्लॉक अध्यक्ष श्री संतोष ठाकुर सहित ब्रह्मदेव ठाकुर, विजय ठाकुर, दीपक ठाकुर, आशीष कुमार ठाकुर, सुनील कुमार ठाकुर, दिलीप ठाकुर, फूलचंद ठाकुर, मेवालाल श्रीवास, दौलत ठाकुर एवं सुरेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांसाबेल में जनप्रतिनिधियों संग सुनी ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी,मन की बात देश की सामूहिक चेतना, नागरिक कर्तव्य और जनभागीदारी का उत्सव

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल में जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह देश की सकारात्मक सोच, नागरिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने वाला मंच है। आज की कड़ी में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता बनना किसी भी नागरिक के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इसे उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही मतदाता पंजीयन कराने की अपील की और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया की 10 वर्षों की यात्रा का स्मरण करते हुए बताया कि आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने युवाओं द्वारा एआई, अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और गुणवत्ता को देश के विकास का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि अब हर भारतीय उत्पाद की पहचान टॉप क्वालिटी से होनी चाहिए।

     प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में जनभागीदारी से हुए जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया। उत्तर प्रदेश की तमसा नदी के पुनर्जीवन, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जलाशयों के संरक्षण, अरुणाचल प्रदेश और असम में युवाओं द्वारा स्वच्छता अभियान, तथा पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के व्यक्तिगत प्रयासों को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि देशभर में अब तक 200 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है, जो पर्यावरण के प्रति बढ़ती जन-जागरूकता का प्रतीक है। साथ ही प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न (मिलेट्स) को पोषण और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और सामूहिक प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने गुजरात के सामुदायिक किचन, जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति के प्रयास, तथा मलेशिया में भारतीय संस्कृति के संरक्षण जैसे उदाहरणों के माध्यम से भारतीय मूल्यों की वैश्विक पहचान को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए ये सभी उदाहरण यह दर्शाते हैं कि जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्यबोध से देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री के संदेशों को आत्मसात कर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक सहभागिता और गुणवत्ता आधारित कार्य संस्कृति को अपनाने की अपील की। इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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150 करोड़ की लागत से 100 एकड़ में बनेगी चित्रोत्पला फिल्म सिटी, छत्तीसगढ़ की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चित्रोत्पला फिल्म सिटी छत्तीसगढ़ की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को देगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

फिल्म सिटी और कल्चरल कन्वेंशन सेंटर से युवाओं, कलाकारों और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का किया भूमि पूजन

फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में मिलेगी विशेष पहचान

150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 100 एकड़ में विकसित होगी फिल्म सिटी

रायपुर 24 जनवरी 2026//
छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम माना-तूता में चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों, फिल्म कलाकारों, निर्माता-निर्देशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के अभिनय और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के माध्यम से प्रदेश के हजारों हुनरमंद कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उचित सम्मान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के साथ ही फिल्म निर्माण और कन्वेंशन सेंटर से संबंधित विभाग को चार प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर स्थान मिलेगा।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज का यह अवसर छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं फिल्म विकास उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और रचनात्मक भविष्य की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है और इस पहल से पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग को भी नया आयाम मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। हमारी स्पष्ट योजना है कि आगामी दो वर्षों के भीतर इन परियोजनाओं को पूर्ण कर राज्य को समर्पित किया जाएगा।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल तथा पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री ने फिल्म सिटी के प्रस्तावित मास्टर प्लान का किया अवलोकन*

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने परियोजना के प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी।

*चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन अवसर पर पर्यटन विभाग को मिले 4 प्रस्ताव*

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन के साथ ही पर्यटन विभाग को फिल्म निर्माण एवं कन्वेंशन सेंटर में इकाइयों की स्थापना हेतु चार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समारोह के दौरान ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे गए।
गदर फिल्म के निर्माता श्री अनिल शर्मा ने अपनी आगामी फिल्म का निर्माण चित्रोत्पला फिल्म सिटी में करने का प्रस्ताव दिया। इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमेन श्री राकेश कुमार ने ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में इंटरनेशनल एक्जीबिशन सेंटर एवं ट्रेड मार्ट के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के चेयरमेन श्री नीरज खन्ना ने यहां वर्ल्ड क्लास हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट फेयर आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। वहीं एटी फिल्म्स हॉलीवुड से श्री आशुतोष वाजपेयी ने हॉलीवुड फिल्मों एवं स्ट्रीमिंग वीडियो कंटेंट को चित्रोत्पला फिल्म सिटी में लाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा।

उल्लेखनीय है कि राज्य में फिल्म टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की “कैपिटल इन्वेस्टमेंट हेतु राज्यों को विशेष सहायता – ग्लोबल स्तर के आइकॉनिक पर्यटन केंद्रों का विकास” योजना के अंतर्गत इन दोनों परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण हेतु 95.79 करोड़ रुपये तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण हेतु 52.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र से लगभग 300 करोड़ रुपये के निवेश की भी संभावना है। परियोजनाओं को दो वर्षों की समयावधि में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ में स्थानीय एवं अन्य वाणिज्यिक फिल्मों और वेब सीरीज़ के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य के प्राकृतिक दृश्य, पर्यटन स्थल एवं समृद्ध संस्कृति फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत अनुकूल हैं।

फिल्म सिटी में गांव, शहर एवं गलियों के सेट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, जेल एवं पुलिस चौकी, स्कूल-कॉलेज, मंदिर एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के सेट, स्कल्प्चर गार्डन, शॉपिंग स्ट्रीट, प्रोडक्शन ऑफिस, स्टूडियो, प्रशासनिक भवन एवं पार्किंग विकसित की जाएगी। साथ ही पर्यटकों के लिए टॉय म्यूजियम, स्नो वर्ल्ड, होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स एवं एक्सपीरियंस सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 1500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन हॉल विकसित किया जाएगा, जिसमें मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बैंक्वेट, रेस्टोरेंट, अतिथि कक्ष, जिम, लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल एवं प्रशासनिक ब्लॉक जैसी सुविधाएं होंगी।

*फिल्म शूटिंग, फेस्टिवल और रोजगार के नए अवसर*

उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में न्यूटन, जहानाबाद, कौन प्रवीण तांबे, द ग्रेट इंडियन मर्डर, ग्राम चिकित्सालय जैसी फिल्मों एवं वेब सीरीज़ की शूटिंग हो चुकी है, जिससे राज्य में वाणिज्यिक फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं स्पष्ट होती हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को नए अवसर प्राप्त होंगे। फिल्म फेस्टिवल, अवॉर्ड शो एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी। इसके साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार होगा तथा फिल्म टूरिज्म के साथ सामान्य पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोतबावासियों को स्वच्छ पेयजल की दी बड़ी सौगात,9.85 करोड़ की जल आवर्धन योजना का किया लोकार्पण,8,500 से अधिक नागरिकों को मिलेगा घर-घर शुद्ध पेयजल

​जशपुर, 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिले के विकास की कड़ी में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए नगर पंचायत कोतबा में जल आवर्धन योजना' का विधिवत लोकार्पण किया। लगभग 9.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कोतबावासियों को शुद्ध पेयजल की इस नई सुविधा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस योजना के प्रारंभ होने से क्षेत्र की लगभग 8,580 की आबादी के लिए शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। 

लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार "हर घर जल" के संकल्प को तेजी से पूरा कर रही है। कोतबा की इस योजना से न केवल लोगों को स्वच्छ पानी मिलेगा, बल्कि जलजनित बीमारियों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि शुद्ध जल न केवल एक आवश्यकता है, बल्कि यह एक स्वस्थ जीवन का आधार भी है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र वासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह योजना आप सभी के जीवन में समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य लेकर आए।" मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार हर गांव और हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

*​योजना का तकनीकी स्वरूप और विस्तार*

​लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पूर्ण की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग 9.85 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने आज लोकार्पण के साथ ही इस योजना को विधिवत रूप से जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है।
​परियोजना के तहत तकनीकी बुनियादी ढांचे को बेहद मजबूत बनाया गया है। इसमें एक आधुनिक इंटेक वेल और पंप हाउस निर्माण के साथ ही 1.50 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का जल शुद्धीकरण संयंत्र स्थापित किया गया है, जो पानी की गुणवत्ता को मानकों के अनुरूप बनाए रखेगा। स्वच्छ जल के भंडारण के लिए 350 किलो लीटर क्षमता की विशाल आरसीसी उच्च स्तरीय टंकी (16 मीटर ऊंचाई) का निर्माण किया गया है।
​क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पानी पहुँचाने के लिए विभाग ने पाइपलाइन का एक विस्तृत नेटवर्क तैयार किया है। इस वितरण प्रणाली के अंतर्गत क्षेत्र की विभिन्न गलियों और वार्डों में कुल 32,178 मीटर (32.17 किमी) लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। स्रोत से पानी लाने एवं शुद्धिकरण के लिए 20 एचपी क्षमता के शक्तिशाली 02 रॉ वाटर सेंट्रीफ्यूगल पंप एवं 02 नग क्लीयर वाटर सेंट्रीफ्यूगल पम्प का उपयोग किया गया है। इस नेटवर्क में 100 मिमी से लेकर 200 मिमी व्यास के टिकाऊ डी.आई. पाइपों का उपयोग किया गया है, ताकि पानी का दबाव बना रहे और भविष्य की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके। विद्युत की सुचारू आपूर्ति हेतु सबस्टेशन स्थापित कर 25 केवीए के 02 नग ट्रांसफार्मर लगाए गए है।

*ग्रामीणों में हर्ष की लहर*
शुद्ध पेयजल की इस बड़ी सौगात से उत्साहित कोतबा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आत्मीय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इस सराहनीय प्रयास से अब घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुँचने का सपना साकार हो गया है।"

​लोकार्पण समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय  विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर सरगुजा श्री  नरेंद्र दुग्गा, आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीआईजी श्री शशि मोहन सिंह, डीएफओ जशपुर श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, नगर पंचायत कोतबा के अध्यक्ष श्री हितेंद्र कुमार पैंकरा,  अन्य विभागीय अधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने पत्थलगांव के प्रेस क्लब का किया लोकार्पण ,पत्थलगांव प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद 

जशपुर 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम कोतबा में प्रेस क्लब भवन पत्थलगांव का किया शुभारंभ। 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को नगर पंचायत कोतबा के हाईस्कूल ग्राउंड में जिले को करोड़ों की सौगात दी। इस दौरान जहां कई विकास कार्यों की नींव रखी गई वही कई योजनाओं के तहत कराए गए निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। गौरतलब है कि पत्थलगांव के प्रेस क्लब भवन का शासन की लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता के संरक्षण और संवर्धन की योजना के तहत 25 लाख रु की लागत से निर्माण कराया गया है। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद से ही इसके लोकार्पण का पत्थलगांव के साथ ही पूरे जिले के पत्रकारों को बेसब्री से इंतजार था। शनिवार को नगर पंचायत कोतबा के हाईस्कूल में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में इसका भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा लोकार्पण किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशिष्ट अतिथि के रूप में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय के साथ ही कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में प्रेस क्लब पत्थलगांव के अध्यक्ष विजय त्रिपाठी, गोविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार चेतवानी, अतुल त्रिपाठी, सचिव राजेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी रमेश तिवारी, संयुक्त सचिव निसामुद्दीन खान, छत्रमोहन यादव, नीरज गुप्ता, शिव प्रताप सिंह, जितेंद्र सोनी, श्याम चौहान, अभिषेक शुक्ला, प्रदीप ठाकुर, विवेक तिवारी, सौरभ त्रिपाठी, आकाश शर्मा, बाबर खान, विकास शर्मा, कमलेश अंबष्ट, हरीश यादव, आयुष बंसल एवं अन्य पत्रकारगण उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने कोतबा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन -4 करोड़ 37 लाख की लागत से भवन बनाया जाएगा 

जशपुर 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम कोतबा में 4 करोड़ 37 लाख 23 हजार की लागत से 50 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के कार्य का किया भूमिपूजन इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, पूर्व विधायक श्री भरत साय, नगर पंचायत कोतबा अध्यक्ष श्री हितेंद्र पैंकरा, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीआईजी श्री शशिमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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तेजी से संचालित हो रहे हैं विकास कार्य, समृद्धि की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय,स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय भवन निर्माण,सहित की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

जशपुरनगर, 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नगर पंचायत कोतबा  के हाई स्कूल ग्राउंड में 51.73 करोड़ रुपए लागत के  28 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करने के बाद लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती कौशल्या साय मौजूद रहे। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें कोतबा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय भवन निर्माण, तहसील लिंक कोर्ट की स्थापना, नगर पंचायत में रेस्ट हाउस निर्माण, इंडोर स्टेडियम का निर्माण, कोतबा जल आवर्धन योजना हेतु आवश्यक अतिरिक्त राशि वहन, कोकियाखार में सामुदायिक भवन निर्माण, तथा बागबहार में सप्ताह में एक दिन एसडीएम (लिंक कोर्ट) लगाने की घोषणाएं शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने 36वीं सब जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को सम्मानित किया। साथ ही राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के तहत जिले में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेघावी छात्र-छात्राओं को चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
       इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में तेजी से विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रदेश की जनता से की गई अधिकांश गारंटियों को राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक पूरा किया है।  सरकार के पहले ही कैबिनेट निर्णयों में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे प्रदेश में आवास क्रांति का सूत्रपात हुआ। अब तक कुल 26 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक 15 हजार करोड़ रुपये की राशि 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक सफलता मिली है। किसानों के हित में कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है।
      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ की यात्रा कराई जा चुकी है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिला है। वनवासी परिवारों के कल्याण हेतु तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर श्रमिकों के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया है।
     उन्होंने कहा कि पीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपकर दोषियों को जेल भेजा गया, जिससे परीक्षार्थियों का टूटा विश्वास पुनः बहाल हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सलवाद, जो कभी छत्तीसगढ़ के लिए गंभीर चुनौती था, अब तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के मरम्मत एवं विकास के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 750 सड़कों को मंजूरी मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में लागू की गई नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिसके तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। ई-गवर्नेंस के माध्यम से सभी योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को और सुदृढ़ करने हेतु सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए एक दूरदर्शी विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, पूर्व विधायक श्री भरत साय, नगर पंचायत कोतबा अध्यक्ष श्री हितेंद्र पैंकरा, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीआईजी श्री शशिमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों जशपुर जिले के मेधावी विद्यार्थियों को राजभवन में मिला सम्मान - 18 विद्यार्थियों को डेढ़-डेढ़ लाख और प्रशस्ति पत्र से किया गया पुरस्कृत।

जशपुर नगर 24 जनवरी 2026 :

राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 10वीं एवं 12वीं के 239 मेधावी विद्यार्थियों को राजभवन में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। 
 
कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में जशपुर जिले के सर्वाधिक 33 विद्यार्थी सम्मानित हुए हैं। कलेक्टर रोहित व्यास, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार और जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं।

संकल्प शिक्षण संस्थान के 18 विद्यार्थियों को यह सम्मान मिला है।  जिसमें संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर से 14, संकल्प शिक्षण संस्थान कुनकुरी से 01 और संकल्प शिक्षण संस्थान पत्थलगांव से 03 विद्यार्थी रहे।

पूरे प्रदेश में 2023-24 में प्रथम स्थान पर रहने वाली जशपुर जिले की सिमरन शबा और 2024-25 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नमन खुंटिया को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।  

लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित इस प्रतिभा सम्मान समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत डेढ़ डेढ़ लाख रुपए से विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
 
कार्यक्रम में वर्ष 2024 के 110 और वर्ष 2025 के 129 टापर विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थी भी शामिल है। इस वर्ग में संकल्प की अगोस्मा वनवासी और अम्बीराज पहाड़िया, सेजेस बगीचा की अंकिता सम्मानित हुए हैं।

सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में संकल्प से टीपेश प्रसाद यादव, युवराज पैंकरा, पूर्णिमा पैंकरा, अंकित कुमार यादव, हर्षिता सिंह, जितेंद्र बंजारे,पूजा चौहान, संजना पैंकरा, करीना टोप्पो, रितु कुर्रे, माही डनसेना, आराधना कुजूर, अर्पिता शैली कुजूर, प्रीति समदूर,रसीना चौहान, रत्नेश प्रधान, सेजेस जशपुर से अनुष्का सिंह, रूपेश लायक, श्रेयांश यादव, दिमित्रा सिंह खडग, उमा बरेठ, आयुषी गुप्ता, मोना यादव, सेजेस पत्थलगांव से सलोनी सिंह, करीना सिंह , प्रयास विद्यालय से स्तुति पांडेय, आयुष साहू, डीपीएस से निशा एक्का भी रहे हैं। 

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सम्मिलित करने के लिए सहायक संचालक किशोर केरकेट्टा के साथ शिक्षकों का दल रायपुर भेजा गया था।

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सुदूर आदिवासी अंचलों तक विकास की रोशनी: कोतबा में मुख्यमंत्री श्री साय ने 28 विकास कार्यों की दी सौगात, 50 बिस्तरीय अस्पताल और नई तहसील का शुभारम्भ

जशपुरनगर 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा क्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत नगर पंचायत कोतबा में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कुल 51 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से पूर्ण होने वाले 28 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र सहित कोतबा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। सुदूर और आदिवासी अंचलों में अधोसंरचना विकास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

*27 करोड़ 24 लाख रुपये के 19 कार्यों का भूमिपूजन* - 

कोतबा में मुख्यमंत्री द्वारा 27 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से 19 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम दोकड़ा में मिनी स्टेडियम, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत पुलिया निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न सड़कों एवं पहुंच मार्गों का निर्माण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा परियोजना कार्यालय सह संसाधन केंद्र भवन, तथा कोतबा में 50 बिस्तरीय नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण प्रमुख है। इसके साथ ही सेतु निर्माण उपसंभाग द्वारा उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के तहत शासकीय उद्यान रोपणी कार्यालय व आवास भवन, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बागबहार एवं बुलडेगा में कन्या आश्रम एवं लुड़ेग में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम गौरव पथ योजना के तहत सी.सी. सड़क व नाली निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

*24 करोड़ लाख रुपये के 9 कार्यों का लोकार्पण* - 

मुख्यमंत्री ने 24 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 9 कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सी.सी. सड़क निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामीण व मुख्य सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा बागबहार में तहसील कार्यालय भवन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कोतबा जल आवर्धन योजना, तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा लुड़ेग में महतारी सदन निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।


*स्वास्थ्य, सड़क और जल आपूर्ति को मिलेगा बड़ा लाभ* - 
विशेष रूप से 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से कोतबा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार होगा। वहीं, नई सड़कों, पुल-पुलियों और पहुंच मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जल आवर्धन योजना से पेयजल समस्या के समाधान में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके साथ ही महतारी सदन से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन के केंद्र का लाभ मिलेगा। नवीन तहसील कार्यालय भवन से लोगों को राजस्व सेवाओं के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि जनता को शीघ्र इनका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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