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धरती अयंग और सूर्य देव की पूजा से शुरू हुआ सरहुल महोत्सव, पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों की भव्य रैली और सामूहिक नृत्य से जीवंत हुई आदिवासी संस्कृति की अनमोल विरासत,सरना स्थल से नगर भ्रमण तक उमड़ा जनसैलाब

नारायणपुर, 2 अप्रैल 2026 :  चैत पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुवार को नारायणपुर के हस्तिनापुर स्थित कुडुख उरांव आदिवासी सेवा निकेतन मूली पड़हा में प्रकृति पर्व सरहुल (खद्द परब/धरती पूजा) अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का सरना स्थल की ओर आना शुरू हो गया था और लगभग 10 बजे तक पूरा परिसर जनसमूह से भर गया। इसके बाद विधि-विधान से धरती अयंग (धरती माता) और बिडी बेबारस (सूर्य देव) की पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई, जिसमें समाज के बुजुर्गों और पुजारियों ने पारंपरिक मंत्रोच्चार और अनुष्ठानों के माध्यम से नई फसल की समृद्धि, वर्ष भर की खुशहाली, धरती के समस्त जीव-जंतुओं की रक्षा तथा पूरे मानव समाज की शांति और कल्याण की कामना की।

सरहुल पर्व की विशिष्ट परंपरा के अनुसार समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चे सभी ने अपने कानों में सरई (सखुआ) के फूल धारण कर ‘सरखोसी’ की परंपरा निभाई। यह परंपरा प्रकृति के प्रति सम्मान, ऋतु परिवर्तन के स्वागत और सामुदायिक एकता का प्रतीक मानी जाती है। सरना स्थल पर पूजा के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया, जहां मांदर और नगाड़ों की धीमी थाप के बीच श्रद्धालु प्रकृति की आराधना में लीन दिखे।

पूजा-अर्चना के पश्चात सरना स्थल से एक भव्य और आकर्षक रैली निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में कुडुख उरांव समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। महिलाएं पारंपरिक साड़ी और आभूषणों से सजी हुई थीं, वहीं पुरुष भी अपने पारंपरिक पहनावे में मांदर, ढोल और नगाड़े बजाते हुए नृत्य कर रहे थे। रैली सरना स्थल से प्रारंभ होकर चराईमारा शिव मंदिर, चिटकवाइन, अघोर आश्रम, जय स्तंभ चौक, अटल चौक, कन्या शाला, पेट्रोल पंप चौक होते हुए थाना मार्ग से वापस सभा स्थल पहुंची। पूरे मार्ग में जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और इस पारंपरिक उत्सव की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और नगरवासी उमड़े रहे। मांदर की थाप और सरहुल गीतों पर थिरकते कदमों के साथ आगे बढ़ती इस रैली ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।

रैली के दौरान जिस तरह से ग्रामीण “लय से लय” मिलाते हुए सामूहिक नृत्य कर रहे थे, वह कुडुख उरांव समाज की सांस्कृतिक एकजुटता और जीवंत परंपरा का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा था। हर आयु वर्ग के लोगों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

सभा स्थल पर पहुंचने के बाद कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ सभापति श्री महान राम भगत एवं राजी पड़हा परामर्शदात्री श्री चरकू राम भगत की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पारंपरिक गीतों और नृत्यों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया और तालियों की गूंज से पूरा परिसर बार-बार गूंजता रहा।

कुडुख उरांव समाज की विशेषता यह है कि यह समाज प्रकृति को ही जीवन का आधार मानता है और जल, जंगल तथा जमीन को अपनी पहचान और अस्तित्व से जोड़कर देखता है। सरहुल पर्व इसी प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की भावना का प्रतीक है, जिसमें धरती को माता मानकर उसकी पूजा की जाती है और यह संदेश दिया जाता है कि मानव जीवन का संतुलन प्रकृति के साथ सामंजस्य में ही संभव है। इस पर्व के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराया जाता है।

इस आयोजन में राजी पड़हा हस्तिनापुर समाज के मुखिया बेल जी सुरेंद्र भगत, देवान अरविंद कुमार निराला, उप देवान संतोष राम भगत, ललित भगत, राजाराम बेल, पाऊ पड़हा श्री देवनाथ राम, जड़ा पड़हा देवान तुई प्रधान, रून राम निराला, रामकुमार बागे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिला प्रभाग से रानी सिनगी दई महिला संघ की अध्यक्ष श्रीमती बसती प्रधान भगत, चुनगुनी, सुमन अंगत सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

समग्र रूप से सरहुल महोत्सव ने हस्तिनापुर और आसपास के क्षेत्र में आस्था, परंपरा, संस्कृति और सामुदायिक एकता का ऐसा जीवंत चित्र प्रस्तुत किया, जिसने यह साबित कर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी कुडुख उरांव समाज अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ा हुआ है और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पूरे गौरव के साथ आगे बढ़ा रहा है। मांदर की थाप, पारंपरिक गीतों की मधुर धुन और सामूहिक उत्साह ने पूरे क्षेत्र को एक नई ऊर्जा और उल्लास से भर दिया।

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शिवपुर में श्रीराम कथा की पूर्णाहुति से लेकर कुड़केल खजरी में हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा तक, विधायक गोमती साय की मौजूदगी से भक्ति और उत्साह का माहौल हुआ दोगुना

पत्थलगांव:- हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सबसे पहले ग्राम शिवपुर में सार्वजनिक रामकथा समिति द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के पूर्णाहुति कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में शांति, समृद्धि और भाईचारे की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे और भक्ति भाव से श्रीराम कथा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
इस दौरान विधायक गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि “श्रीराम कथा जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इससे हमारी संस्कृति और संस्कार मजबूत होते हैं तथा आपसी एकता और भाईचारा बढ़ता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को धर्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।”
कार्यक्रम में सरपंच, मण्डल अध्यक्ष अंकित बंसल, BDC बालश्याम चौहान, अवधेश गुप्ता, नरेश यादव, अरुण यादव, धीरज शर्मा, दामोदर शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, कमलेश यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, समिति सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके पश्चात् विधायक श्रीमती गोमती साय ग्राम कुड़केल खजरी पहुंचीं, जहां दक्षिणमुखी श्री हनुमान मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान हनुमान से क्षेत्र के विकास, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।
यहां अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “हनुमान जी की भक्ति हमें सेवा, समर्पण और शक्ति का संदेश देती है। मंदिरों की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा जैसे आयोजन समाज में आस्था और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलती है।”
इस आयोजन में मण्डल अध्यक्ष विशाल अग्रवाल, खुशबू अग्रवाल, सरपंच संघ अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह, कौशल्या चौहान, शशिकांता पैंकरा, सलमी निकुंज, लक्ष्मी नारायण यादव, सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दोनों ही कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति भाव के साथ सहभागिता निभाई। विधायक श्रीमती गोमती साय की उपस्थिति से आयोजनों में विशेष उत्साह का वातावरण बना रहा।

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कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास की रफ्तार—ककनार घाटी में दौड़ी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा, बदली बस्तर की तस्वीर

रायपुर 02 अप्रैल 2026/* बस्तर की भौगोलिक विषमताओं और कठिन परिस्थितियों के बीच विकास की एक ऐसी नई इबारत लिखी गई है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। ककनार घाटी के नीचे बसे सुदूर गांव कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जो कभी वामपंथी आतंक के गढ़ माने जाते थे, आज मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। इन गांवों के निवासियों के लिए पक्की सड़क का निर्माण एक ऐसा सपना था, जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था, क्योंकि घाटी की दुर्गम ढलान और माओवाद के साये ने विकास के हर रास्ते को अवरुद्ध कर रखा था। लेकिन आज उन्हीं संकरी पगडंडियों और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर बनी नई सड़क में बस का दौड़ना बस्तर की बदलती तस्वीर का सबसे सशक्त प्रमाण है। ज्ञात हो कि बस्तर जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की शुरूआत बीते 04 अक्टूबर 2025 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा की गई थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के माध्यम से जिले के चार चयनित मार्गों पर बस सेवा संचालित की जा रही है।

        मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत शुरू हुई यह बस सेवा केवल एक वाहन नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की एक कड़ी है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार रायपुर द्वारा स्वीकृत समय-सारणी के अनुसार यह बस प्रतिदिन कोण्डागांव जिले के मर्दापाल से अपनी यात्रा शुरू करती है और ककनार घाटी के नीचे बसे उन गांवों को जोड़ती है जहाँ कभी पैदल चलना भी जोखिम भरा था। घाटी के इन दुर्गम अंचलों से होते हुए बस धरमाबेड़ा और ककनार जैसे पड़ावों को पार कर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचती है। इससे उन लोगों का सफर अब सुगम हो गया है जिन्होंने दशकों तक केवल सड़क और बस का इंतजार किया था।

        वामपंथी समस्या के कमजोर पड़ने और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते अब इन संवेदनशील इलाकों में सड़कों का निर्माण संभव हो पाया है। पक्की सड़कों के इस जाल ने न केवल परिवहन को आसान बनाया है, बल्कि ककनार घाटी के नीचे बसे ग्रामीणों के मन से अलगाव का डर भी खत्म कर दिया है। अब शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए ग्रामीणों को मीलों का सफर तय नहीं करना पड़ता। यह निरंतर बस सेवा इस बात का प्रतीक है कि बस्तर का वह हिस्सा जो कभी अंधेरे में खोया हुआ माना जाता था, अब पूरी रफ्तार के साथ प्रगति की राह पर अग्रसर है। घाटी की ऊंचाइयों से उतरकर यह बस आज हर ग्रामीण के घर तक शासन की योजनाओं और खुशहाली का संदेश पहुँचा रही है। इस बारे में चंदेला के सरपंच श्री तुलाराम नाग कहते हैं कि करीब दो साल पहले तक इस ईलाके में माओवादी समस्या के कारण विकास थम सी गई थी लेकिन आज सड़क बन जाने के साथ ही विकास को एक नई दिशा मिल चुकी है। इस ईलाके में स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र की सेवाओं के साथ ही उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी सामग्री सुलभ हो रही है वहीं समीपस्थ ग्राम ककनार में साप्ताहिक बाजार की रौनक देखते ही बनती है। क्षेत्र के ककनार सरपंच श्री बलीराम बघेल बताते हैं कि पहले उन्हे अपने तहसील मुख्यालय लोहण्डीगुड़ा और जिला मुख्यालय तक जाने मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सड़क के बन जाने से बारहमासी आवागमन की सुविधा मिल रही है।

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गाँव-गाँव पहुँची बस, बदलने लगी तस्वीर—मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से साकार हो रहा विकसित भारत का सपना

रायपुर, 2 अप्रैल 1026/ गाँव में कभी बस की पहुँच नहीं थी, आज वहाँ बस के आते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। सड़क पर बस दिखते ही बच्चे हाथ हिलाकर खुशी जाहिर करते हैं और हॉर्न की आवाज़ सुनते ही लोग घरों से बाहर निकल आते हैं—एक नई उम्मीद के साथ। यह उम्मीद अब शहर मुख्यालय, नगर मुख्यालय और विकासखंड मुख्यालय तक आसान पहुँच की है।

            यात्री बस में बैठकर लोग उन दिनों को याद करते हैं, जब उन्हें पैदल या किसी निजी वाहन के सहारे दूसरे स्थानों तक जाना पड़ता था। अब हालात बदल चुके हैं। स्कूल के बच्चे समय पर स्कूल पहुँच रहे हैं, वहीं अधिकारी-कर्मचारी भी समय पर अपनी ड्यूटी पर पहुँच पा रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ़ सुविधा का नहीं, बल्कि उन ग्रामीण परिवारों के सपनों का है जो विकसित भारत की कल्पना को अपने जीवन में साकार होते देख रहे हैं।

            यह परिवर्तन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से संभव हो पाया है। इस योजना के तहत आज बसें उन गाँवों तक पहुँच रही हैं, जहाँ पहले कभी बस नहीं पहुँची थी।

*पहाड़ी अंचल की महिलाओं को मिली राहत*

           जशपुर जिला के बगीचा विकासखंड के सन्ना निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुनीता निकुंज बताती हैं कि पहले उन्हें पास के गाँव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुँचने के लिए किसी से लिफ्ट लेनी पड़ती थी, निजी वाहन या पैदल जाना पड़ता था। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह बहुत कठिन था। अब ग्रामीण बस से उनकी यह समस्या दूर हो गई है। वे कहती हैं, “यह बस मेरे लिए बहुत बढ़िया साधन बन गई है।”

*ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान*

         बस में सफर कर रहे ग्राम मरंगी निवासी श्री दशरथ भगत हँसते हुए बताते हैं कि पहले इस सड़क पर बस नहीं चलती थी, इसलिए पैदल ही आना-जाना करना पड़ता था। बस का नाम लेते ही उसका चेहरा खिल गया l उन्होंने बताया कि “अब मुख्यमंत्री जी की पहल से बस शुरू हो गई है। हम आसानी से बगीचा जाते हैं और समय पर वापस भी लौट आते हैं।”

       यात्री श्री मंगलराम बताते हैं कि पहले वे छिछली और चंपा जैसे बाजारों तक पैदल जाया करते थे। “अब बस आने से बहुत सुविधा हो गई है। हम सब बहुत खुश हैं।”

           मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से न केवल यात्रा सुगम हुई है, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए शहर तक पहुँचने में भी बड़ी सुविधा मिली है। यह योजना ग्रामीण जीवन को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है और जशपुर जैसे पहाड़ी व दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई राह खोल रही है।

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महावीर मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब: अखंड रामायण, हवन-पूजन और भंडारे के बीच प्रियंवदा सिंह जूदेव ने कहा—नई पीढ़ी में जीवित है सनातन की अमर परंपरा

जशपुरनगरः गुरूवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर शहर के बस स्टेण्ड के समीप स्थित महावीर मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा। यहां बुधवार से चल रहे 24 घंटे के अखंड रामायण पाठ का गुरूवार को हवन पूजन के साथ समापन हुआ। इस दौरान पूरे शहर में रामायण की चैपाईयां गूंजती रही। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुुए हवन पूजा के बाद,मंदिर प्रांगण में भंडारा का आयोजन किया गया। भंडारा में शहर के साथ आसपास के ग्रामीण अंचल से श्रद्वालु सैकड़ों की संख्या में प्रसाद ग्रहण करने के लिए जुटे थे। प्रसाद वितरण का सिलसिला शाम तक चलता रहा।
आयोजन समिति के अध्यक्ष बबला गुप्ता ने बताया कि महावीर मंदिर में रामनवमीं और भगवान हनुमान के जन्मोत्सव में विशेष पूजा,भंडारा और शोभा यात्रा की परम्परा सालों से चली आ रही है। 

युवाओं को किया गया सम्मानित -

  इस अवसर पर रामनवमी शोभा यात्रा में बेहतर प्रदर्शन और योगदान देने वाले स्वयं सेवकों को सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य  प्रियवंदा सिंह जूदेव,एसएसपी डा लाल उम्मेद सिंह,नगरपालिका जशपुर के अध्यक्ष अरविंद भगत,छग पर्यटन मंडल के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय ने युवा प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रियवंदा सिंह जूदेव ने कहा कि पीढ़ियों से चली आ रही सनातन की इस परम्पराओं को आने वाली पीढ़ियों से जुड़ते हुए देखना सुखद अनुभव है। उन्होनें आयोजन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि रामनवमीं और हनुमान जयंती में शहर में होने वाले आयोजन को सफल करने में सब मिल कर मेहनत करते हैं। 

कृष्ण कुमार राय ने कहा कि महावीर मंदिर,शहर के सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है। सालों से यह मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है। एसएसपी डा लाल उम्मेद सिंह ने जिलेवासियों को हनुमान जन्मोत्सव की बधाई दी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: चांपाझरिया व्यपवर्तन योजना का होगा विस्तार, 51.44 करोड़ की स्वीकृति से 1800 हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई लाभ,

जशपुरनगर 2 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर विकासखंड दुलदुला स्थित चांपाझरिया व्यपवर्तन योजना को राज्य शासन द्वारा पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए कुल 51 करोड़ 44 लाख 62 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। जिससे जिले में सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस योजना के क्रियान्वयन से लगभग 1800 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वर्षा पर निर्भर खेती करने वाले किसानों को अब पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह पहल किसानों के हित में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी और वे आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बन सकेंगे।

     चांपाझरिया व्यपवर्तन योजना के माध्यम से जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इससे न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसान अब अधिक उन्नत एवं लाभकारी फसलों की खेती कर सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। सिंचाई सुविधा के विस्तार से क्षेत्र में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। यह योजना जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे दीर्घकालीन कृषि विकास को गति मिलेगी।

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TET अनिवार्यता के खिलाफ जशपुर के शिक्षकों का दिल्ली कूच, सैकड़ों शिक्षकों का जत्था रामलीला मैदान में होने वाले राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल होने रवाना, मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प

जशपुर : टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले दिल्ली के रामलीला मैदान में 4 अप्रैल को आयोजित एकदिवसीय आंदोलन (TET अनिवार्यता के विरोध) में शामिल होने हेतु जशपुर जिले से सैकड़ों शिक्षकों का एक जत्था आज बस के माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे का नेतृत्व जिला संचालक संतोष टांडे एवं अजय कुमार गुप्ता द्वारा किया जा रहा है।
उक्त आंदोलन में प्रदेश एवं देशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल होकर TET अनिवार्यता के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करेंगे। जशपुर जिले के शिक्षक भी पूरी एकजुटता के साथ इस आंदोलन में भाग लेकर अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।
प्रस्थान के दौरान शिक्षकों में उत्साह एवं एकजुटता का माहौल देखने को मिला। सभी ने यह संकल्प लिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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कुनकुरी में भाजपा जिला कार्यसमिति की मैराथन बैठक: संगठन मजबूती, बूथ सशक्तिकरण और स्थापना दिवस सप्ताह से अंबेडकर जयंती तक व्यापक कार्यक्रमों की रणनीति तैयार


कुनकुरी 02 अफ़्रैल 2026। भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर की जिला कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक स्थानीय मंगल भवन, कुनकुरी में आयोजित की गई। बैठक में 6 से 12 अप्रैल तक मनाए जाने वाले भाजपा स्थापना दिवस सप्ताह तथा 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तय की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक स्थापना दिवस सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वहीं 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती को व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने बूथ स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए कार्यक्रमों को सफल बनाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पूर्व विधायक रोहित साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि संगठन की ताकत कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जमीनी जुड़ाव में निहित होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे प्रत्येक गांव और बूथ स्तर तक पहुंच बनाकर पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने स्थापना दिवस एवं अंबेडकर जयंती के कार्यक्रमों को सामाजिक समरसता और संगठन विस्तार का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसे पूरी ऊर्जा के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।

 जिला भाजपा उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव ने कार्यशाला के माध्यम से कार्यकर्ताओं के समक्ष कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को बाबा साहेब की प्रतिमा स्थलों पर स्वच्छता अभियान एवं दीप प्रज्वलन, 14 अप्रैल को माल्यार्पण, पुष्पांजलि, मिष्ठान वितरण तथा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया जाएगा। इसके साथ ही बस्तियों व छात्रावासों में विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि प्रत्येक जिला केंद्र पर 20 अप्रैल से पूर्व संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व, उनके योगदान तथा सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा होगी। साथ ही संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े विषयों पर भी संवाद किया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि इन सभी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा तथा 22 अप्रैल तक सभी कार्यक्रमों का समन्वय एवं समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से जशपुर वरिष्ठ भाजपा नेता विश्वनाथ सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, जशपुर नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नपा उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, संतोष सहाय, संतोष सिंह, राजकपूर भगत, श्रीनायक मिश्रा, पिंकी गुप्ता, दिनेश चौधरी, अनिता सिंह, सरोजनी सिंह, रूपेश सोनी, शरद चौरसिया, देवधन नायक,  असलम आजाद, उमेश यादव, दिलीप साहू, बॉबी ताम्रकार सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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दूसरे राज्यों के नंबर पर छत्तीसगढ़ में दौड़ रहे वाहनों पर सख्ती: 12 माह से अधिक संचालन पर अनिवार्य होगा नया पंजीयन, NOC के बिना नहीं चलेगा काम, परिवहन विभाग ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

जशपुरनगर 02 अप्रैल 2026/परिवहन विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 47 के तहत कोई भी वाहन 12 मास से अधिक किसी राज्य में रखी अथवा संचालित की जाती है तो उस राज्य का पंजीयन चिन्ह लेना अनिवार्य है। अधिकांश वाहन स्वामियों द्वारा सीमावर्ती राज्य जैसे झारखण्ड,  उड़ीसा राज्य की पंजीयन चिन्ह आबंटित कराकर छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित की जा रही है जो कि केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 47 के विपरीत है।
         उन वाहन मालिकों का स्थाई पता छत्तीसगढ़ राज्य की है और वाहन 12 मास से अधिक इस राज्य में रखी गई है और अभी तक छत्तीसगढ़ राज्य का पंजीयन चिन्ह नहीं लिया गया है, जिससे शासन की राजस्व की हानि हो रही है। 
        परिवहन विभाग द्वारा विभाग द्वारा ऐसे वाहन स्वामी को जो अन्य राज्य की आबंटित पंजीयन चिन्ह, संबंधित प्राधिकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर जिला परिवहन कार्यालय जशपुर में प्रस्तुत करने हेतु सर्व संबंधितों को सूचित किया जा रहा है। तत्पश्चात् प्रस्तुत  एनओसी के आधार पर उन वाहनों का छत्तीसगढ़ राज्य का नवीन पंजीयन चिन्ह जिला परिवहन कार्यालय जशपुर द्वारा आबंटित किया जा सके अन्यथा मोटरयान अधिनियम 1988 एवं मोटरयान नियमों के तहत कड़ी कार्यवाही की जावेगी।

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जहां पहुंचना था कभी मुश्किल, वहां अब मिल रही त्वरित चिकित्सा—आरोग्य जशपुर अभियान बना दूरस्थ जनजातीय अंचलों के लिए उम्मीद की किरण, नवाचार और तकनीक से बदली स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर

जशपुरनगर 2 अप्रैल 2026/ सुदूर वनांचल एवं अनुसूचित जिला जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के उद्देश्य से संचालित “आरोग्य जशपुर अभियान” एक व्यापक और प्रभावी पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। भौगोलिक चुनौतियों एवं सीमित संसाधनों के बावजूद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक सुव्यवस्थित रोडमैप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत न केवल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुंच रही हैं, बल्कि नवाचारों को राज्य स्तर पर भी सराहना मिल रही है। जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में नियमित रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा भी करते है। 


*स्वास्थ्य मितान हेल्पलाईन: एक कॉल पर स्वास्थ्य सेवाएं* -

जिले में शुरू की गई स्वास्थ्य मितान हेल्पलाईन 07763-299030 आमजन के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस निःशुल्क सेवा के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 3180 से अधिक कॉल प्राप्त कर सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें 5 मिनट के भीतर रिस्पांस दिया जाता है और प्रत्येक कॉल पर 1 से 3 फॉलोअप सुनिश्चित किया जाता है। ओला-उबर की तर्ज पर एम्बुलेंस ट्रैकिंग लिंक उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं।


*पहाड़ी कोरवा हेल्पडेस्क: विशेष पिछड़ी जनजाति तक पहुंच* -

पीवीटीजी समुदायों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए बगीचा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष पिछड़ी जनजाति सहायता केन्द्र स्थापित किया गया है। आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित हेल्पडेस्क स्थानीय भाषा में संवाद कर जागरूकता बढ़ा रहा है। इस पहल से 1450 से अधिक मरीजों को ओपीडी, 900 से अधिक को आईपीडी सेवाएं तथा 140 से अधिक सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से दूरस्थ बसाहटों में नियमित स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।


*स्वस्थ महतारी सबकी जिम्मेदारी: मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस* -

रिचिंग एवरी डिलीवरी (रेड) कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। अब तक 44,000 से अधिक कॉल के माध्यम से माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित की गई है। इससे संस्थागत प्रसव में वृद्धि हुई है और उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान एवं उपचार संभव हुआ है।


*सर्पदंश प्रबंधन: जीवन बचाने की प्रभावी पहल* -

जिले के सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वर्ष में 626 सर्पदंश मामलों में से 616 का सफल उपचार किया गया है। गूगल शीट के माध्यम से केस-टू-केस मॉनिटरिंग, व्हाट्सएप ग्रुप द्वारा विशेषज्ञ परामर्श, तथा स्थानीय बैगा-गुनिया को प्रशिक्षित कर त्वरित अस्पताल भेजने की पहल से मृत्यु दर में कमी आई है।


*रक्त उपलब्धता डैशबोर्ड: समय पर जीवनरक्षक सुविधा*-

जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव, कुनकुरी, बगीचा, फरसाबहार, कांसाबेल और दुलदुला में रक्त भंडारण इकाइयों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही जिला जशपुर के अधिकारिक वेबसाइट एनआईसी पोर्टल पर रियल टाइम डैशबोर्ड विकसित किया गया है। इससे आमजनों को स्वास्थ्य केंद्रों में रक्त की उपलब्धता की सटीक जानकारी मिल रही है, जिससे आपात स्थिति में समय पर उपचार संभव हो पा रहा है।


*स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार: मजबूत हो रहा नेटवर्क* -

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कई नई संस्थाओं की स्वीकृति एवं संचालन किया जा रहा है। इनमें 220 बिस्तरीय अस्पताल कुनकुरी, नवीन एमसीएच, 3 नए सीएचसी, 7 नए पीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, एनआरसी, क्रिटिकल केयर ब्लॉक, बीपीएचयू, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र शामिल हैं। साथ ही 50 सीटों का मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है। आरोग्य जशपुर अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में आई यह व्यापक सुधार न केवल जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव ला रहा है। यह पहल स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण और प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है।

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राशिफल : आज का दिन क्यों है खास? जानिए कैसे सूझबूझ, धैर्य और सही फैसले बदल सकते हैं आपका पूरा दिन — मेष से मीन तक किसे मिलेगा भाग्य का साथ और किसे रहना होगा सतर्क, पूरी राशिफल एक नजर में

आज का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार व्यवस्था, विश्लेषण और संतुलन का संदेश दे रहा है। चंद्रमा का कन्या राशि में गोचर यह संकेत देता है कि आज लोग छोटी-छोटी बातों पर अधिक ध्यान देंगे, कार्यों में सुधार करेंगे और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे। ऐसे में जहां एक ओर मेहनत का फल मिलेगा, वहीं लापरवाही करने वालों को परेशानी भी उठानी पड़ सकती है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन रंग लाएगी, लेकिन खर्चों में अचानक वृद्धि होने से बजट बिगड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहना जरूरी है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक राहत मिलेगी। स्वास्थ्य के लिहाज से सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम को प्राथमिकता दें। किसी पुराने मित्र से मुलाकात दिन को बेहतर बना सकती है।

वृषभ राशि

आज वृषभ राशि के जातकों के लिए रचनात्मकता और आत्मविश्वास का दिन है। कला, लेखन, डिजाइन या किसी भी सृजनात्मक कार्य में सफलता मिल सकती है। करियर में नई संभावनाएं बनेंगी और वरिष्ठों से सराहना मिल सकती है। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन निवेश सोच-समझकर करें। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को आज मानसिक उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। घर और कार्यक्षेत्र के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण रहेगा। किसी निर्णय को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है, ऐसे में अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना लाभकारी रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के साथ समय बिताने से मन शांत होगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए आज का दिन व्यस्तता भरा रहेगा। सामाजिक गतिविधियों, यात्रा या पारिवारिक कार्यक्रमों में समय और धन दोनों खर्च हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें आप सफलतापूर्वक निभाएंगे। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, खासकर खानपान में लापरवाही न करें। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है। कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर रहेंगे। पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा, लेकिन किसी बात को लेकर मन थोड़ा विचलित हो सकता है। ध्यान और योग लाभकारी रहेंगे।

कन्या राशि

आज कन्या राशि के जातकों का दिन बेहद शुभ रहने वाला है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और व्यक्तित्व में निखार आएगा। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और ऊर्जा बनी रहेगी।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन थोड़ा सतर्क रहने का है। मानसिक तनाव या चिंता बढ़ सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। किसी पुराने विवाद को सुलझाने का अवसर मिल सकता है। ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों से लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में सामान्य स्थिति बनी रहेगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आएगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और नए लोगों से संपर्क बनेगा, जो भविष्य में लाभकारी साबित होंगे। करियर में प्रगति के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन थकान महसूस हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह और रचनात्मकता से भरा रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएंगे। कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं सफल होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यात्रा के योग बन सकते हैं, जो लाभदायक रहेंगे।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन सफलता का संकेत दे रहा है। आपके आत्मविश्वास और संवाद कौशल के कारण कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। नए अवसर प्राप्त होंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन थकान से बचने के लिए आराम जरूरी है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को आज निवेश और सेहत दोनों मामलों में सावधानी बरतनी होगी। किसी भी आर्थिक निर्णय को जल्दबाजी में न लें। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लेने पर सफलता मिलेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। ध्यान और योग से मानसिक शांति प्राप्त होगी।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन रिश्तों और साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। व्यापार में साझेदारी से लाभ हो सकता है। आर्थिक अवसर प्राप्त होंगे। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कोई शुभ समाचार मिल सकता है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।


आज का दिन सिखाता है कि धैर्य, योजना और संतुलन ही सफलता की कुंजी है। जल्दबाजी से बचें, सोच-समझकर कदम उठाएं और अपने स्वास्थ्य व आर्थिक स्थिति का विशेष ध्यान रखें।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे की महत्वपूर्ण मुलाकात—खेल प्रतिभाओं को पहचान, संसाधन और राष्ट्रीय अवसर देने की दिशा में बनी ठोस रणनीति


रायपुर, 01 अप्रैल 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री सुश्री रक्षा निखिल खडसे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक श्री मयंक श्रीवास्तव एवं खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार उपस्थित रहे।
            मुख्यमंत्री ने सुश्री खडसे का शॉल, बस्तर आर्ट से निर्मित आकर्षक प्रतिकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
             मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, संसाधन और सशक्त मंच उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार खेल एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन आयोजनों के जरिए अनेक छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार द्वारा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके कौशल को और निखारने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है और हमारे आदिवासी अंचल के युवाओं में यह नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर आज जब मुख्यधारा से जुड़ रहा है और वहां शांति स्थापित हुई है तो निश्चित ही आने वाले समय में खेलों में युवाओं की भागीदारी और बढ़ेगी। 
        मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर पंडुम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक खेल, गायन, वादन, वेशभूषा एवं व्यंजन सहित 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खेल विरासत का सशक्त उदाहरण है।
       उल्लेखनीय है कि केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री खडसे ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। जगदलपुर में आयोजित इस आयोजन को उन्होंने आदिवासी सशक्तिकरण, जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज और खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

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संत चिन्मयानंद बापू के आगमन पर उमड़ा जनसैलाब, गाजे-बाजे, जयघोष के बीच हुआ दिव्य स्वागत - 7 दिनों तक सलियाटोली में धर्म,मर्यादा और आदर्शों की करेंगे अमृतवर्षा

जशपुर/नारायणपुर 1 अफ़्रेल 2026 । बुधवार को संत चिन्मयानंद बापू जी का कुनकुरी आगमन हुआ, जहां उनका स्वागत अत्यंत भव्य और भावपूर्ण तरीके से किया गया।उनके आगमन पर श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय आयोजन समिति के सदस्यों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उनका पुष्पगुच्छ व मालाओं से अभिनंदन किया।

इसके पश्चात जय स्तंभ चौक पर पारंपरिक वाद्य-यंत्रों, गाजे-बाजे और जयघोष के बीच भव्य स्वागत हुआ। नगर की महिलाओं ने आरती उतारकर संत का अभिनंदन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो गया।

जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक सलियाटोली मिनी स्टेडियम में आयोजित होने जा रहा सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव पूरे क्षेत्र को राममय करने के लिए तैयार है। इस पावन आयोजन में परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापू जी अपने श्रीमुख से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन की प्रेरक कथा सुनाएंगे।

प्रतिदिन 3 घंटे होगा कथा का रसपान

आयोजन समिति के अनुसार, कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। सलियाटोली स्टेडियम में विशाल पंडाल तैयार किया गया है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ बैठकर श्रीराम कथा का श्रवण कर सकेंगे।

राम कथा: जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणा

इस सात दिवसीय कथा के दौरान संत चिन्मयानंद बापू जी भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों—धर्म, मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्शों—का गहन वर्णन करेंगे। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि किस प्रकार श्रीराम का जीवन आज भी समाज और व्यक्ति को सही मार्ग दिखाता है।

यह कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम भी बनेगी। श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और संस्कारों की अनमोल सीख प्राप्त होगी।

कुनकुरी में आयोजित यह श्रीराम कथा महोत्सव न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज को नैतिकता, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। आने वाले सात दिनों तक कुनकुरी की धरती पर राम नाम की गूंज, भक्ति की सरिता और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

श्रद्धालुओं से अपील

आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी जनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और इस दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाएं।

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कुनकुरी नगर पंचायत को मिली विकास की ऐतिहासिक सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 2 करोड़ 44 लाख से अधिक की राशि दी मंजूर, हर वार्ड में चमकेंगी नई बीटी सड़कें,नगरवासियों ने CM साय का जताया आभार.....

जशपुरनगर 1 अप्रैल 2026/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नगर पंचायत कुनकुरी के विकास के लिए 2 करोड़ 44 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से नगर के विभिन्न वार्डों में बीटी रोड सहित अन्य आवश्यक निर्माण कार्य कराए जाएंगे।नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 01 में आद्या शंकर त्रिपाठी  घर से एस.एल.आर.एम. सेंटर तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए 27 लाख 57 हजार रूपए, वार्ड क्रमांक 01 में मंगल भवन से गिनाबहार मार्ग सीमा तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए  33 लाख 99 हजार,वार्ड क्रमांक 02 में लोयोला स्कूल से लाजरूस मिंज घर तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु  19 लाख 68 हजार,
वार्ड क्रमांक 05 में विफ़ल चौहान घर से सामुदायिक भवन तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए  7 लाख 36 हजार,वार्ड क्रमांक 06 में मिनी गार्डन  से जामटोली प्राथमिक शाला तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए  13 लाख 21 हजार, वार्ड क्रमांक 07 में सी.एस.ई बी. कार्यालय कुनकुरी से लंबीटोली तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 17 लाख 34 हजार, वार्ड क्रमांक 08 में मुख्य मार्ग ईशा नर्सिंग से बीएसएनल कार्यालय तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु  13 लाख 63 हजार,वार्ड क्रमांक 09 आजाद बस्ती में बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 27 लाख 55 हजार,वार्ड क्रमांक 11 में तपकरा रोड से भागीरथी घर तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 7 लाख 61 हजार ,वार्ड क्रमांक 11 में शासकीय क्वार्टर से रफीक घर तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 14 लाख हजार,वार्ड क्रमांक 08 में टॉकीज चौक से लंबीटोली तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 28 लाख 37 हजार,वार्ड क्रमांक 15 में महिमा स्कूल से बैहराटोली तक बीटी रोड निर्माण कार्य – 34 लाख 43 हजार ,इस तरह से कुल 2 करोड़ 44 लाख 94 हजार रूपये की मंजूरी मिली है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया है, इस कार्य से नगर के सड़क, आवागमन और बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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जहां संस्कृति का सम्मान होता है, वहीं से विकास की नई शुरुआत होती है” — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ बना लोक-आस्था, परंपरा और विकास का संगम

रायपुर 1 अफ़्रेल 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास के संगम का सशक्त प्रतीक ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का आज धरसींवा  में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने 136 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। उन्होंने ग्राम कूंरा का नाम उसके ऐतिहासिक गौरव के अनुरूप ‘कुँवरगढ़’ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि कुँवरगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पहचान देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और बस्तर, सरगुजा, कोरिया तथा सिरपुर महोत्सव की श्रृंखला में अब कुँवरगढ़ महोत्सव भी एक विशिष्ट पहचान बनाएगा। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में त्वरित और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से गौरवपथ निर्माण, रानीसागर तालाब के सौंदर्यीकरण, पुलिस चौकी की स्थापना, खारून नदी में एनीकट निर्माण, खेल मैदान के उन्नयन तथा रायपुर के टेकारी-नयापारा से बड़े नाला मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और आमजन के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

उल्लेखनीय है कि धरसींवा क्षेत्र का प्राचीन ग्राम कूंरा, जिसे अब ‘कुँवरगढ़’ के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है, अपने भीतर गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। यह क्षेत्र आदिवासी शासक राजा कुँवर सिंह गोंड के साम्राज्य का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जिनकी वीरता और विरासत आज भी यहां के जनजीवन में जीवंत है। उत्तर में माता कंकालिन, दक्षिण में माता चंडी, पश्चिम में माता महामाया और पूर्व में भगवान चतुर्भुजी की उपस्थिति इस क्षेत्र को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। लगभग 12 हजार की आबादी वाला यह क्षेत्र अपनी परंपरा और विकास के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।
महोत्सव में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं तथा स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि अनेक क्रांतियों और परंपराओं की साक्षी रही है। उन्होंने लोगों को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के लिए भी प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रभु श्री राम का ननिहाल है और वनवास काल का अधिकांश समय उन्होंने यहीं व्यतीत किया।दंडकारण्य, माता शबरी का आश्रम, माता कौशल्या की नगरी तथा गुरु घासीदास जी और गहिरा गुरु जैसे संतों की तपोभूमि होने के कारण यह प्रदेश आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ अनेक क्रांतियां इस धरती पर हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा की इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने दो वर्षों के कार्यकाल में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, सुश्री मोना सेन, श्री देवजीभाई पटेल, श्री अंजय शुक्ला, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर श्री गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

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सत्य-अहिंसा का अमर संदेश बना विकास और शांति का आधार, भगवान महावीर जयंती पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा संदेश — नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता देश, छत्तीसगढ़ में सुशासन और समृद्धि का नया दौर

रायपुर, 1 अफ़्रेल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के एमजी रोड स्थित दादाबाड़ी तीर्थ में आयोजित भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने दादाबाड़ी परिसर स्थित जिनमंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को “जैन रत्न अलंकरण” से सम्मानित किया और कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक परिवर्तन और प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी का सत्य और अहिंसा का संदेश समस्त मानवता के लिए पथ प्रदर्शक है, जो हमें त्याग, तपस्या, करुणा और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज एक सुखद संयोग है कि भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर देश नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक उपलब्धि की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा रहा है और बस्तर जैसे प्राकृतिक संपदा से समृद्ध क्षेत्र को लंबे समय तक विकास से वंचित रहना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और प्रभावी रणनीति के कारण आज नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने भगवान महावीर से प्रार्थना की कि छत्तीसगढ़ में शांति और विकास का यह वातावरण निरंतर बना रहे और भविष्य में कभी भी हिंसा का यह दौर वापस न आए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने सुशासन के संकल्प के साथ तेज गति से कार्य करते हुए विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंदों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, किसानों के हित में किए गए वादों को निभाया जा रहा है, महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा गया है तथा रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने जैन समाज की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और परमार्थ के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने, प्रेरित करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश मूणत,  श्री लोकेश कावड़िया, भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्री चंद्रेश शाह, श्री विकास सेठिया, श्री आनंद जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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1 अप्रैल 2026 से बदल गया डिजिटल पेमेंट का तरीका - अब बिना दोहरी सुरक्षा जांच के नहीं होगा कोई भी ऑनलाइन पेमेंट, RBI के नए नियम से बदलेगा देशभर में लेन-देन का पूरा तरीका

एजेंसी, 1 अप्रैल 2026: देशभर में डिजिटल लेन‑देन करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2026 से सभी डिजिटल भुगतान प्रणालियों में सुरक्षा को कड़ा करते हुए टू‑फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब UPI, मोबाइल वॉलेट, नेट‑बैंकिंग और कार्ड ट्रांजैक्शन में केवल OTP या PIN डालना पर्याप्त नहीं होगा। हर लेन‑देन के लिए दो अलग सुरक्षा स्तरों से प्रमाणीकरण करना अनिवार्य होगा।

बैंक और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स ने बताया कि नए नियम के अनुसार पहला सुरक्षा स्तर आम तौर पर UPI PIN या OTP होगा, जबकि दूसरा स्तर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे फिंगरप्रिंट या फेस ID, या ऐप आधारित सुरक्षा कोड होगा। दोनों सुरक्षा स्तरों को पूरा किए बिना कोई भी ट्रांजैक्शन सफल नहीं होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से डिजिटल भुगतान और अधिक सुरक्षित बनेंगे और साइबर फ्रॉड तथा धोखाधड़ी का खतरा काफी कम हो जाएगा।

RBI ने सभी बैंक और पेमेंट ऐप्स जैसे PhonePe, Google Pay और Paytm को निर्देश दिया है कि वे अपनी सेवाओं में 2FA सपोर्ट सुनिश्चित करें। यदि कोई पेमेंट सिस्टम नियमों के अनुसार सुरक्षा प्रदान नहीं करता और धोखाधड़ी होती है, तो उस बैंक या सेवा प्रदाता को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

उपभोक्ताओं के लिए यह बदलाव शुरुआत में थोड़ा समय लेने वाला हो सकता है, क्योंकि हर ट्रांजैक्शन में दो स्टेप वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऑनलाइन भुगतान को अधिक विश्वसनीय और भरोसेमंद बनाएगा।

आज से देशभर में डिजिटल लेन‑देन करने वाले हर व्यक्ति को यह नया नियम अपनाना होगा। पुराने नियमों के अनुसार केवल OTP या PIN से पेमेंट पूरा करना अब संभव नहीं है। डिजिटल भुगतान अब पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और दो‑स्तरीय प्रमाणीकरण के साथ होंगे, जिससे साइबर धोखाधड़ी का जोखिम काफी कम हो जाएगा।

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 जय स्तंभ चौक पर शहीदों को श्रद्धांजलि: भाजयुमो के नेतृत्व में उमड़ा जनसैलाब, युवाओं ने दोहराया राष्ट्रसेवा का संकल्प

जशपुर 31 मार्च 2026 । शहर के ऐतिहासिक जय स्तंभ चौक पर मंगलवार की शाम वीर शहीदों की स्मृति में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की उपस्थिति ने इसे जनआंदोलन जैसा स्वरूप दे दिया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव के नेतृत्व में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को नमन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जहां शहीदों की तस्वीरों के समक्ष दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सभा को संबोधित करते हुए विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा कि वीर जवानों के बलिदान की बदौलत ही आज प्रदेश में शांति और विकास का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षाबलों के साहसिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकल रहा है।

उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व को प्रदेश में शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के दौरान शाम करीब 6:30 बजे उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरा जय स्तंभ चौक गूंज उठा। माहौल पूरी तरह देशभक्ति से ओतप्रोत नजर आया।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत सहित भाजयुमो, महिला मोर्चा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में वीर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा और एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने की बात कही।

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