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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में गोल्डन गुरुवार: तैराकी में मणिकांता की तूफानी जीत, अंजलि मुंडा का दूसरा स्वर्ण, अनुष्का का शानदार प्रदर्शन — 3800 खिलाड़ियों के बीच छिड़ी मेडल की जंग में कर्नाटक शीर्ष पर

रायपुर, 26 मार्च 2026/ कर्नाटक के तैराक मणिकांता एल ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में अपना तीसरा लगातार स्वर्ण पदक जीतकर स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की। वहीं ओडिशा की अंजलि मुंडा ने महिलाओं की स्पर्धा में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धियां उन्होंने गुरुवार को यहां खेले जा रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के दूसरे दिन हासिल कीं।

मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए भी खुशी की बात रही, जहां स्थानीय तैराक अनुष्का भगत ने महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में दूसरा स्थान हासिल कर अपना दूसरा रजत पदक जीता।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस पहले संस्करण में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें लगभग 3800 खिलाड़ी नौ खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है।

मणिकांता, जिन्होंने बुधवार को 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 50 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण पदक जीते थे, ने अपना दबदबा जारी रखते हुए 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले 2ः25.93 सेकंड में जीत लिया। त्रिपुरा के रियाज त्रिपुरा (2ः34.04 सेकंड) ने रजत और ओडिशा के कान्हू सोरेन (2ः36.21 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।

महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में अंजलि मुंडा ने 2ः53.82 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत (2ः59.33 सेकंड) ने रजत और ओडिशा की अंजलि मलिक (3ः06.13 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।

पदक तालिका में कर्नाटक छह स्वर्ण और दो रजत पदकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि ओडिशा तीन स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है।

वेटलिफ्टिंग में असम की मोनिखा सोनोवाल और मिजोरम के इसाक मालसावम्तलुआंगा ने चोट से जूझते हुए शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीते। मोनिखा ने घुटने की चोट के बावजूद महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में 57 किग्रा स्नैच और 75 किग्रा क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 132 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा की दीपा रानी मलिक (120 किग्रा) ने रजत और अंडमान-निकोबार की अलास्का अलीना (115 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया।

मोनिखा, जो असम के धेमाजी जिले से हैं, ने बताया कि तीन महीने पहले अभ्यास के दौरान उनका घुटना मुड़ गया था और कोच उन्हें प्रतियोगिता से हटाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने खेलने का फैसला किया। उन्नीस साल के खिलाड़ी ने कहा,” मैं इस प्रतियोगिता को मिस नहीं करना चाहती थी क्योंकि मैं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। मुझे खुशी है कि मैं दबाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकी।”

मिजोरम के इसाक मालसावम्तलुआंगा भी पीठ की चोट से जूझ रहे थे। स्नैच में 108 किग्रा उठाने में संघर्ष के कारण वह दूसरे स्थान पर थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में शानदार वापसी करते हुए 130 किग्रा उठाकर कुल 235 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। झारखंड के बाबूलाल हेम्ब्रम (230 किग्रा) ने रजत और ओडिशा के सुब्रत नाइक (228 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता।

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ओलंपिक सिल्वर से एशियाई गोल्ड तक का अधूरा सफर — सैखोम मीराबाई चानू का बड़ा ऐलान: ‘एशियन गेम्स में मेडल जीतना ही अब जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य’, केआईटीजी मंच से जनजातीय खिलाड़ियों को दिया नया सपना”

रायपुर, 26 मार्च 2026/ टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सेखोम मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के उद्घाटन अवसर पर अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे लक्ष्य, एशियन गेम्स पदक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सपना अब भी उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले एक दशक से भारतीय वेटलिफ्टिंग की अग्रणी खिलाड़ी रही मीराबाई ने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीते हैं, लेकिन एशियाई खेलों में पदक अब तक उनसे दूर रहा है। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 19 वर्ष की उम्र में पदार्पण किया था, जहां वे नौवें स्थान पर रहीं। इसके बाद 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में हिप की चोट ने उनका सपना अधूरा छोड़ दिया।

31 वर्षीय मीराबाई ने कहा कि – “एशियन गेम्स मेरे लिए बेहद खास है। वहां प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा होता है, और यही इसे सबसे चुनौतीपूर्ण बनाता है। मेरा सपना है कि मैं वहां पदक जीतूं।” हालांकि, इस लक्ष्य की राह आसान नहीं है। नियमों में बदलाव के कारण उन्हें 48 किलोग्राम और 49 किलोग्राम वर्ग के बीच संतुलन बनाना होगा। वे 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी, जबकि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया (जापान) में आयोजित एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स तक मैं 48 किलोग्राम में खेलूंगी, लेकिन एशियन गेम्स के लिए फिर से 49 किलोग्राम वर्ग में आना होगा, जो एक बड़ी चुनौती है। मीराबाई ने हाल ही में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाते हुए कुल 205 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

इस अवसर पर उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलता है, खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय इलाकों में जहां बहुत टैलेंट है, लेकिन मंच की कमी रहती है।

मीराबाई ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार, इन संस्थानों में खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, पोषण और सुविधाएं मिल रही हैं, जो भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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BREAKING NEWS: उम्र के आखिरी पड़ाव पर मिला सबसे बड़ा सहारा — 100 वर्षीय सोहद राम को प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्की छत, परिवार में खुशी की लहर, बरसों का सपना हुआ पूरा


जशपुर 26 मार्च 2026/ कांसाबेल विकासखंड के ग्राम पंचायत टांगरगाँव के 100 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग श्री सोहद राम चक्रेश के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) किसी सहारे से कम नहीं है। उम्र के इस पड़ाव पर, जब कदम साथ नहीं देते, तब एक सुरक्षित और मजबूत घर उनके लिए सुकून की छांव बन गया है। वर्ष 2024-25 में मिले इस आवास ने उनके कच्चे घर की असुरक्षा को खत्म कर उन्हें एक सम्मानजनक जीवन दिया है।

श्री चक्रेश अब चलने-फिरने में असमर्थ हैं, ऐसे में परिवार के लिए उनकी देखभाल करना पहले कठिन था। उनके नाती श्री बसंत कुमार चक्रेश बताते हैं कि कच्चे मकान में रहना हमेशा चिंता का कारण बना रहता था—बरसात, ठंड और गर्मी में दादा को तकलीफ होती थी। लेकिन अब पक्का मकान मिलने से न सिर्फ रहने की सुविधा बढ़ी है, बल्कि पूरे परिवार को सुरक्षित आवास भी मिली है। 

प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से ऐसे कई जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन मिल रहा है, जो वास्तव में इस योजना की सार्थकता को दर्शाता है।

श्री सोहद राम चक्रेश और उनके परिवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने शासन-प्रशासन का धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें अपने जीवन के इस अंतिम पड़ाव में एक सुरक्षित छत और सुकून भरा जीवन मिल सका है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री श्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट: जनजातीय कल्याण और खेल विकास को लेकर हुई सार्थक चर्चा

रायपुर 26 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री श्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

उल्लेखनीय है कि श्री रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।

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जंगलों से शहर तक अब आसान सफर: 8 करोड़ की स्वीकृति से बनेगा जशपुर-सन्ना मार्ग, वनांचल क्षेत्र में सड़क विकास से आवागमन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का  मिलेगा फायदा

जशपुरनगर 26 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जशपुर-सन्ना मार्ग के विभिन्न हिस्सों के मजबूतीकरण कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण सड़क निर्माण से विशेष रूप से वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा।
राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल इस कार्य हेतु जशपुर-सन्ना मार्ग के किमी. 32/10, 33/2, 33/6-10, 34/2-4-6 एवं 41/10 से 52/10 तक कुल 12.498 किलोमीटर लंबाई के सड़क खंड के सुदृढ़ीकरण के लिए 8 करोड़ 4 लाख 40 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ

इस सड़क के मजबूत होने से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को वर्षभर सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। बरसात के मौसम में जहां पहले आवागमन बाधित होता था, अब वहां निरंतर संपर्क बना रहेगा। इससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। सड़क की बेहतर स्थिति से किसानों को अपनी उपज को समय पर बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। परिवहन लागत कम होगी और फसल खराब होने की संभावना भी घटेगी। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय व्यापार और छोटे व्यवसायों को भी गति मिलेगी।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच

इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण से विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने में सुविधा होगी, जिससे शिक्षा में निरंतरता बनी रहेगी। वहीं, आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को अस्पताल तक समय पर पहुंचाना आसान होगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही सड़क बनने के बाद परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार भी बढ़ेंगे। यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी। यह सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की एक मजबूत कड़ी साबित होगी। इससे वनांचल क्षेत्रों का शहरी क्षेत्रों से बेहतर संपर्क स्थापित होगा, जिससे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी तेजी से अंतिम छोर तक पहुंच सकेगा। इस प्रकार जशपुर-सन्ना मार्ग का सुदृढ़ीकरण कार्य क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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सरकारी पीडीएस बारदानों में लाखों का खेल:पीडीएस बारदानों की हेराफेरी कर लाखों डकारे, जांच में खुली पोल , आरोपी और खरीदार दोनों पहुंचे सलाखों के पीछे

जशपुर, 26 मार्च 2026। जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत उपयोग किए जाने वाले बारदानों (बोरियों) के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें करीब 8 लाख 39 हजार 500 रुपए मूल्य के 33 हजार 850 नग बारदानों के गबन का खुलासा हुआ है। इस मामले में जशपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी रिजवान अली तथा बारदानों के खरीददार सुधीर साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी अजय कुमार ठाकुर, जिला विपणन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित जशपुर ने दिनांक 08 सितंबर 2025 को थाना कांसाबेल में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि वर्ष 2022-23 में शासकीय उचित मूल्य दुकानों से PDS बारदानों के संकलन एवं परिवहन के लिए आरोपी रिजवान अली को अनुबंध के आधार पर कार्य सौंपा गया था। संकलन के दौरान आरोपी द्वारा विकासखंड कांसाबेल के विभिन्न उचित मूल्य दुकानों से बारदान एकत्रित किए गए, लेकिन उन्हें नियमानुसार विपणन संघ के कुनकुरी गोदाम तक नहीं पहुंचाया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर जशपुर द्वारा जांच कमेटी गठित कर जांच कराई गई। जांच में यह पाया गया कि आरोपी रिजवान अली ने कुल 33 हजार 580 नग बारदान, जिनकी कीमत प्रति नग 25 रुपए के हिसाब से 8 लाख 39 हजार 500 रुपए होती है, को गोदाम में जमा न कर शासकीय संपत्ति का गबन कर लिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना कांसाबेल में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 408, 420 एवं 411 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस अधीक्षक (डीआईजी) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई, जिसे सूरजपुर और अंबिकापुर रवाना किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी रिजवान अली को सूरजपुर से तथा बारदानों के खरीददार सुधीर साहू को अंबिकापुर से हिरासत में लेकर जशपुर लाया।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक MP 65-GA-0244 तथा लगभग 4000 नग बारदान भी बरामद कर जब्त किए हैं।

मामले में पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी है तथा शेष बारदानों की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक अशोक यादव, सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव, आरक्षक राजकुमार भगत, सुभाष चंद्र बोस एवं नगर सैनिक जोगेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भी जांच कर रही है।

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जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा कायाकल्प: 16 करोड़ की लागत से बन रहा 50 बिस्तरीय अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक अंतिम चरण में, अब गंभीर मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहरों की ओर

जशपुरनगर 26 मार्च 2026/ जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। जिला चिकित्सालय जशपुर में 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी में नवीन ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट भवन निर्माण कार्य तेजी से जारी है। सीएमएचओ ने बताया कि जिला चिकित्सालय जशपुर में 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन मद से स्वीकृत किया गया है, जिसके लिए 16 करोड़ 63 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस कार्य हेतु 15 मार्च 2023 को मेसर्स श्री सांई इंफ्रास्ट्रक्चर, रायपुर को कार्यादेश जारी किया गया था। वर्तमान में यह निर्माण कार्य अंतिम चरण यानी फिनिशिंग स्तर पर प्रगतिरत है तथा इसकी संभावित पूर्णता जून 2026 निर्धारित की गई है। इस आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण से जिले में गंभीर मरीजों के उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी और उन्हें बाहर रेफर करने की आवश्यकता में कमी आएगी।

     इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुनकुरी में नवीन ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट भवन का निर्माण भी पीएम-अभीम योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इसके लिए 50 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है तथा 14 मार्च 2024 को मेसर्स श्री गुरूदेव इंजिनियरिंग, जशपुर को कार्यादेश जारी किया गया है। वर्तमान में इस निर्माण कार्य के तहत प्लिंथ स्तर तक का कार्य पूर्ण किया जा चुका है और आगे का कार्य प्रगति पर है।

       सीएमएचओ ने बताया कि इन दोनों निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। विशेष रूप से क्रिटिकल केयर ब्लॉक के संचालन से गंभीर मरीजों को आधुनिक उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी, वहीं कुनकुरी में पब्लिक हेल्थ यूनिट के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। जिला प्रशासन द्वारा इन निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर आमजन को इसका लाभ प्रदान किया जा सके।

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जनजातीय गौरव का ऐतिहासिक महाकुंभ: छत्तीसगढ़ की धरती पर गूंजा देश का पहला ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’, 30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी बने साक्षी, रायपुर-बस्तर-सरगुजा में खेल प्रतिभाओं का महासंगम

*छत्तीसगढ़ में जनजातीय शक्ति का खेल महाकुंभ: देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ*

*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक - केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया*


*खेल प्रतिभाओं को नया आसमान देने सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*रायपुर, बस्तर और सरगुजा बने राष्ट्रीय खेल संगम के केंद्र*

*देशभर से 9 खेल विधाओं में 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 2500 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा*

रायपुर 25 मार्च 2026/छत्तीसगढ़ की धरती आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष श्री दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता सुश्री साइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने—जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में खेलों को लेकर उत्साह और प्रयास दोनों दोगुने हैं। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
जनजातीय संस्कृति, इतिहास और गौरव से जुड़ा आयोजन
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, बल्कि यह जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि भी है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का अवलोकन करने का आग्रह भी किया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक है और आने वाले वर्षों में भी यह श्रृंखला जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन शैली है।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों ने खेलों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत से अधिक युवा आबादी में अपार क्षमता है और अब खेल प्रतिभाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों से भी उभर रही हैं। 

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज ने सदैव देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा मिल रही है और ‘ट्राइबल गेम्स’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक है और देशभर से आए खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरा छत्तीसगढ़ उत्साहित है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय प्रतिभाओं को विश्व मंच तक ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्र कुमार साव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्य सचिव श्री विकासशील सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण,  बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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जनसमस्या पर युवा नेता की पहल, उपेक्षित कुएँ की सफाई की मांग -सफाई और मरम्मत की मांग पर नगरपालिका ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा 

जशपुरनगर। गर्मी के आगमन के साथ ही शहर में पेयजल संकट की आशंकाएँ तेज होने लगी हैं। इसी कड़ी में वार्ड क्रमांक 02 नवाटोली में वर्षों से उपेक्षित पड़े एक सार्वजनिक कुएँ की स्थिति ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है क्षेत्रवासियों की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए भाजपा युवा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता दीपक गुप्ता ने इस कुएँ की तत्काल सफाई, मरम्मत एवं पुनः उपयोग योग्य बनाए जाने की मांग को लेकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा है।

नवाटोली स्थित यह कुआँ, जो सुनील होटल और शिव आइसक्रीम फैक्ट्री के पास स्थित है, कभी आसपास के परिवारों के लिए प्रमुख जलस्रोत हुआ करता था। लेकिन लंबे समय से देखरेख के अभाव में अब इसकी स्थिति जर्जर हो गई है। कुएँ के भीतर जमी गाद, गंदगी और दूषित जल ने इसे लगभग अनुपयोगी बना दिया है, जिससे क्षेत्रवासियों को गर्मी के दिनों में पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

उपेक्षा के कारण बढ़ी समस्या, विकल्प भी सीमित -

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, वार्ड में पहले से ही पेयजल के वैकल्पिक स्रोत सीमित हैं। ऐसे में सार्वजनिक जलस्रोत की अनदेखी लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। कई परिवारों को दैनिक जरूरतों के लिए दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इससे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

समय रहते पहल की जरूरत -

दीपक गुप्ता ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी आवश्यकता को प्राथमिकता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि गर्मी से पहले जलस्रोतों की सफाई और संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने नगरपालिका से अपील की कि नवाटोली के इस कुएँ की तत्काल सफाई, गाद निकासी और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

नगरपालिका ने दिया आश्वासन -

इस मामले में मुख्य नगरपालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग को निर्देशित कर कुएँ की स्थिति का निरीक्षण कराया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर सफाई एवं मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

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सोगड़ा आश्रम में उमड़ा आस्था का सागर: सप्तमी पर निकला भव्य ‘माँ का डोला’, गगनभेदी जयकारों के बीच हुई दिव्य महाआरती, माँ कालरात्रि की विशेष पूजा से गुंजायमान हुआ पूरा परिसर, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ

जशपुरनगर 25 मार्च। वासन्तिक नवरात्र के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कल मंगलवार को सोगड़ा आश्रम में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंगलवार को सप्तमी तिथि के शुभ अवसर पर ब्रह्मनिष्ठालय सोगड़ा आश्रम में माँ कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। पूरे आश्रम परिसर में माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

परंपरा के अनुसार निकला ‘माँ का डोला’ -

सप्तमी के पावन अवसर पर आश्रम की प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए शाम 7 बजे भव्य ‘माँ का डोला’ निकाला गया। माँ भगवती को आकर्षक रूप से सुसज्जित डोले में विराजमान कर श्रद्धालुओं के बीच निकाला गया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन, भजन-कीर्तन और गगनभेदी जयकारों के साथ डोला मंदिर प्रांगण से निकला। श्रद्धालुओं में माँ के दर्शन के लिए विशेष उत्साह देखने को मिला।

आश्रम परिक्रमा के बाद हुई महाआरती -

डोला भगवती मंदिर से निकलकर पूरे आश्रम परिसर की परिक्रमा करते हुए पुनः मुख्य मंदिर पहुँचा। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। परिक्रमा के उपरांत माँ कालरात्रि की विशेष महाआरती की गई। दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार के बीच पूरा वातावरण भक्ति और आस्था में डूब गया।

सप्तमी पूजन का विशेष महत्व -

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र की सप्तमी तिथि पर माँ कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर माँ भगवती का मनोहारी श्रृंगार किया गया था। मान्यता है कि सोगड़ा आश्रम में आयोजित इस भव्य अनुष्ठान में शामिल होने से श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक फल की प्राप्ति होती है।

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कुनकुरी में सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन की ब्लॉक स्तरीय बैठक सह सम्मान समारोह सम्पन्न — TET अनिवार्यता के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक, सदस्यता अभियान तेज करने का लिया संकल्प

नारायणपुर/कुनकुरी, 23 मार्च 2026।
सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन कुनकुरी द्वारा ब्लॉक स्तरीय बैठक सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस बैठक में क्षेत्र के शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर संगठन की मजबूती और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की।

बैठक का मुख्य मुद्दा TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता रहा, जिसके खिलाफ संगठन के माध्यम से जोरदार आवाज उठाने का निर्णय लिया गया। उपस्थित शिक्षकों ने एकमत होकर कहा कि इस विषय पर चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से सदस्यता अभियान को तेज करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सहायक शिक्षक श्री महेश कुमार तिर्की का सम्मान रहा। श्री तिर्की, जो कि शासकीय प्राथमिक शाला डीपाटोली में पदस्थ हैं, ने हाल ही में 20 से 22 मार्च तक चंडीगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया नेशनल मास्टर गेम्स में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने 40+ आयु वर्ग की 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 30+ आयु वर्ग की 4×100 मीटर रिले रेस में रजत पदक हासिल कर जिले और राज्य का नाम गौरवान्वित किया।

उनकी इस उपलब्धि को शिक्षकों ने गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह सफलता उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन और संघर्ष का परिणाम है। इस उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने न केवल शिक्षकों बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है।

ज्ञात हो कि श्री तिर्की पूर्व में भी ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक्स चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ का पांच बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और कई पदक अपने नाम कर चुके हैं।

कार्यक्रम के दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों द्वारा श्री तिर्की का पुष्पमाला एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष भरत कुमार यादव, संगठन के संरक्षक देवराज यादव, जिला कार्यकारिणी सदस्य अरविंद निराला, महासचिव अताउल हकराईन, रोशन सोरेंग, फुलधर राम, ब्रह्मदत्त चौहान, अनुग्रह कुजूर सहित नारी शक्ति के रूप में सुश्री फाबियोला एक्का, श्रीमती तरुण कांति टोप्पो, कांति तिर्की, नीता कुजूर, एंजलिना कुजूर, नीतू भगत एवं अन्य शिक्षक साथी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में श्री महेश कुमार तिर्की द्वारा सभी उपस्थित शिक्षकों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिसके साथ ही बैठक का समापन हुआ।

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11 हाथियों के झुंड के बीच फंसे बुजुर्ग दंपत्ति को वन विभाग ने किया मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर — पत्थलगांव परिक्षेत्र में रातभर चला साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन, जनहानि टली

जशपुरनगर 25 मार्च 2026/ जशपुर वनमण्डल के परिक्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत ग्राम तिलडेगा क्षेत्र में हाथियों के दल के विचरण के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई, जिसमें वन विभाग की तत्परता से दो बुजुर्गों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।डीएफओ जशपुर श्री शशिकुमार ने बताया कि  24 मार्च 2026 की दरम्यानी रात को 11 हाथियों का एक दल कक्ष क्रमांक पी.एफ. 959 नंदनझरिया क्षेत्र में सारसमार एवं नंदनझरिया होते हुए तिलडेगा बस्ती के समीप पहुँच गया। इस दौरान हाथियों ने तिलडेगा भदरापारा निवासी श्री जय कुमार नाग (40 वर्ष) के खेत में बने आवासीय घर को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया। उस समय घर के अंदर उनके माता-पिता श्री बितन नाग (65 वर्ष) एवं श्रीमती राजमति नाग (60 वर्ष) मौजूद थे। हाथियों की आहट सुनकर श्री जय कुमार नाग किसी तरह बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचे और तुरंत वन विभाग के गश्ती दल एवं रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर तत्काल कार्रवाई शुरू की। बी.एफ.ओ. श्री दिनेश कुमार (बालाझर), बी.एफ.ओ. श्रीमती अनिता तेन्दुआ (तमता), आरआरटी सदस्य श्री राम बिलास नाग, श्री रविशंकर पैंकरा एवं श्री रमेश पैंकरा तथा वाहन चालक श्री पियारू लकड़ा ने समन्वित प्रयास करते हुए हाथियों को सुरक्षित रूप से खदेड़ा।
काफी प्रयासों के बाद टीम ने घर के भीतर फंसे बुजुर्ग दंपत्ति का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें शासकीय वाहन से सुरक्षित गांव में पहुंचाया। इस साहसिक एवं त्वरित कार्रवाई के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

*लगातार निगरानी में है हाथियों का दल* -

वर्तमान में 11 हाथियों का यह दल तिलडेगा क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए सुखरापारा परिसर के कक्ष क्रमांक आर.एफ. 958 में विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा दल की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके। वन विभाग ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, विशेषकर रात्रि के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। वन विभाग जशपुर द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं।

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दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना : मुख्यमंत्री श्री साय ने भूमिहीन मजदूरों के खातों में अंतरित की 495 करोड़ रुपए से अधिक राशि,जशपुर के 7 हजार से अधिक हितग्राहियों सहित प्रदेश के लाखों हितग्राही लाभांवित

जशपुरनगर 25 मार्च 2026/ दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आज बलौदाबाजार में आयोजित किया गया। जहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों के बैंक खातों में 495 करोड़ 96 लाख रुपये की राशि अंतरित की। इस योजना के तहत प्रत्येक भूमिहीन मज़दूर हितग्राही को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। पिछले वर्ष भी 562.11 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई थी। इस योजना से जशपुर जिले के 7 हजार से अधिक हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया गया। जिले में इसका जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि महाविद्यालय कुनकुरी में आयोजित किया गया, जहां अतिथियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर सहभागिता निभाई।


*मजदूरों के सम्मान का प्रतीक है योजना – मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह कार्यक्रम केवल राशि वितरण नहीं, बल्कि भूमिहीन मजदूरों के प्रति सरकार के सम्मान और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक औषधीय परंपराओं को जीवित रखने वाले 22 हजार 28 बैगा-गुनिया को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूर हमारी कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनकी मेहनत का सम्मान करती है। यह योजना गरीब परिवारों के जीवन में आर्थिक सहारा प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में भी इस योजना को जारी रखने हेतु बजट में प्रावधान किया गया है।


*हितग्राही से मुख्यमंत्री ने किया संवाद*-

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के ग्राम रेमते निवासी हितग्राही श्री कन्हैया लाल से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें योजना के तहत प्राप्त राशि के बेहतर उपयोग की शुभकामनाएं दीं। श्री कन्हैया लाल ने बताया कि पिछले वर्ष मिली राशि से उन्होंने बकरी खरीदकर बकरी पालन शुरू किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। इस वर्ष की राशि का उपयोग वे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे घर में टाइल्स लगाने में करेंगे। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।


*योजना से मिलेगा व्यापक लाभ* -

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी तथा पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवारों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया एवं मांझी परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।


*जिला स्तरीय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता* -

कुनकुरी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनपद पंचायत कुनकुरी अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम कुनकुरी श्री नन्द जी पांडे, सरपंच ग्राम पंचायत रेमते श्रीमती सरिता तिर्की सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने कहा कि कुनकुरी में आयोजित कृषि क्रांति एक्सपो 2.0 के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिली है और अब भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान कर सरकार ने उनके जीवन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह राशि मजदूरों के परिवार के पालन-पोषण एवं आजीविका संवर्धन में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। यह योजना प्रदेश के भूमिहीन मजदूरों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभर रही है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

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मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब.....


जशपुरनगर 25 मार्च चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में आयोजित चार दिवसीय श्री रामनवमी महायज्ञ का आज बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा मुख्यमंत्री निवास बगिया से प्रारंभ होकर नदी तट तक निकली तथा पुनः यज्ञ स्थल तक पहुंची, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। वहीं, कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।आयोजन को लेकर बगिया सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्यमंत्री के भाई जयप्रकाश साय सह पत्नी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना की जा रही है।कार्यक्रम के तहत आज मूर्ति स्थापना के साथ पूजा, हवन, आरती, लीला एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। आगामी दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला जारी रहेगी—26 मार्च: पूजन, हवन, आरती, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन,27 मार्च: विशेष पूजन, नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति एवं रात्रि में भव्य लीला,28 मार्च: सहस्त्रधारा स्नान, आशीर्वाद, मूर्ति विसर्जन एवं प्रसाद वितरण के साथ समापन होगा।यह भव्य आयोजन ग्राम बगिया के यज्ञ स्थल पर किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।पूरे कार्यक्रम का संचालन धर्म संस्थापक परम पूज्य स्वामी धनपति पण्डा जी महाराज (गुरुधाम मुंडियापानी, लैलूंगा, रायगढ़) के आशीर्वाद में किया जा रहा है।श्रीमती कौशल्या साय ने जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र नवरात्रि में यह महायज्ञ वर्ष 1993 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रतीक बन चुका है।चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में भक्ति संगीत, कथा-प्रवचन और विविध धार्मिक अनुष्ठानों से बगिया पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर हुआ अमल,बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट की हुई शुरुआत,53 गांवों को होगा लाभ, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

जशपुरनगर, 25 मार्च 2026/ जिले के बागबहार तहसील में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुविधा की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इस पहल से क्षेत्र के 53 गांवों के लोगों को अब अपने राजस्व एवं अन्य प्रकरणों के लिए पत्थलगांव जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों का त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनके समय, श्रम और धन की उल्लेखनीय बचत होगी।
    एसडीएम लिंक कोर्ट का संचालन प्रत्येक सप्ताह बुधवार को किया जाएगा। इससे लंबित राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी आएगी और न्याय प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ एवं त्वरित बनेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 24 जनवरी 2026 को कोतबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट प्रारंभ करने की घोषणा की थी, जिसे अमलीजामा पहनाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और सुशासन के संकल्प के परिणामस्वरूप बागबहार क्षेत्र के ग्रामीणों को अब अपने राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी।एसडीएम लिंक कोर्ट प्रारंभ होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे प्रशासन आम जनता के और अधिक करीब आया है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।

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टी.बी. मुक्त जशपुर बनाने की दिशा में बड़ी पहल,टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत 100 दिवसीय 'निक्षय निरामय 2.0 अभियान का हुआ शुभारंभ


जशपुरनगर, 25 मार्च 2026/ राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिले में 100 दिवसीय “निक्षय निरामय 2.0 अभियान” का शुभारम्भ किया गया।  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने स्वास्थ्य अधिकारियों को अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जांच एवं सर्वे कर टी.बी. मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने तथा उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले को टी.बी. मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि टी.बी. के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जांच एवं उपचार कराएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी एस जात्रा एवं अन्य अधिकारियों ने प्रचार प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया 

*उच्च जोखिम वाले मरीजों को पहचान कर किया जाएगा उपचार*

अभियान का उद्देश्य  उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों (60 वर्ष से अधिक उम्र, BMI 18.5 से कम, मधुमेह के मरीजों, PLHIV, धुम्रपान एवं शराब का सेवन करने वाले, टी.बी. मरीजों के कांटेक्ट, पूर्व में टी.बी. से ग्रसित व्यक्तियों) की स्कीनिंग कर टीबी के समस्त एवं छुटे हुए मरीजों की पुष्टि करना, टी.बी की दवाई व पोषण आहार प्रदाय कर मृत्यू को कम करना, टी.बी. संक्रमण को रोकने हेतु प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट प्रदाय करना, तथा टीबी से बचाव, रोकथाम एवं उपचार को बढ़ावा देने हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही  14 वर्ष से अधिक उम्र के समस्त व्यक्तियों की स्कीनिंग किये जाने या 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यदि पिछले 2 साल में टी.बी. बीमारी हो, टी.बी. मरीज के कॉन्टेक्ट रहे हों, गंभीर कुपोषित हो, एच.आई.व्ही. से ग्रसित हो या उच्च जोखिम समूह में हो तो भी स्कीनिंग किया जाना है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को प्रतिवर्ष 2 बार एक्स-रे के द्वारा स्कीनिंग और टी.बी. मरीज के सम्पर्क में आने वालों को शत प्रतिशत निःशुल्क प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट लेना अनिवार्य है। 
    
        *04 चरणों में चलाया जाएगा अभियान*

यह अभियान 04 चरणों में आयोजित होगा, प्रथम चरण में मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर लक्षण के अनुसार लाक्षणिक स्कीनिंग करना एवं उच्च जोखिम व्यक्तियों की सूची अद्यतन करना। दुसरे से चौथे चरण में विभिन्न स्तर के अस्पतालों में आयुष्मान शिविर आयोजित कर सिम्प्टोमेंटिक एवं हैण्डहेल्ड एक्स-रे का उपयोग कर स्क्रीनिंग करना है। अभियान के दौरान प्रत्येक हैण्डहेल्ड एक्स-रे मशीन से न्यूनतम 100 एक्स-रे एवं अधिकतम 200 एक्स-रे प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान ओ.पी.डी. में आने वाले मरीजों में से 5 से 10 प्रतिशत मरीजों का टी.बी. स्क्रीनिंग करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
शुभारम्भ अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस अभियान का उद्देश्य के बारे में बताया और कहा कि व्यापक जनभागीदारी से इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इस दौरान डॉ. व्ही. के. इन्दवार जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, डॉ. रोशन बरियार जिला क्षय अधिकारी सहित टी.बी. विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

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दूध उत्पादन से लेकर वर्मी कम्पोस्ट तक — एक ही काम से कई फायदे, मधुसुदन भगत का मॉडल दिखा रहा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रास्ता


जशपुर 25 मार्च 2026/ जिले के नगर पंचायत बगीचा के किसान मधुसुदन भगत पिछले कई वर्षों से समर्पण और मेहनत के साथ गौपालन को सफल व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ा रहे है। आधुनिक तकनीकों और पशुधन विकास विभाग की मदद से उन्होंने अपने पशुपालन को एक प्रेरणादायक मॉडल बना दिया है। 

मधुसुदन की कहानी 2005 से बड़े रूप में गौपालन का काम कर रहे हैं।
27 गाय प्रतिदिन 60 लीटर से ज्यादा दूध देती है नगर में खपत हो जाती है। 

किसान ने कुल 27 गौपालन कर रहे हैं और पशुओं के गोबर का उपयोग अपने खेतों में खाद के रूप में करते हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पास जर्सी नस्ल के गाय है कुछ लोकल मिक्स ब्रीड के गाय का भी पालन करते हैं।


 बगीचा के  पशुचिकित्सालय से  पशुओं का नियमित इलाज और टिकाकरण करवाते हैं।

उनकी गाय प्रतिदिन सुबह और शाम 10 से 12 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। 

पशुओं के खाने के लिए मक्के के चूरे को खौलते पानी में डालकर पकाया जाता है जिसे गाय बहुत चाव से खाती हैं। और इससे दूध के उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती है। दिन में दो बार गोबर को एकत्रित कर उसे वर्मी कम्पोस्ट बनाने में उपयोग किया जाता है। 
 

 मधुसुदन भगत की यह पहल बताती है कि सही जानकारी मेहनत और विभागीय सहयोग से पशुपालन भी किसानों के लिए मजबूत आय का माध्यम बन सकती है।

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