ताजा खबरें


बड़ी खबर

हल्की बारिश ने फिर खोल दी बिजली विभाग की तैयारियों की पोल! साढ़े चार घंटे से ज्यादा अंधेरे में डूबे गांव

नारायणपुर। क्षेत्र में रविवार शाम हुई हल्की बारिश के साथ ही बिजली व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह चरमरा गई। शाम करीब 4 बजे बारिश शुरू होते ही नारायणपुर सब स्टेशन से जुड़े विभिन्न फीडरों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे कई गांव अंधेरे में डूब गए। समाचार लिखे जाने तक साढ़े 4 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।

लोगों का कहना है कि हल्की बारिश में बिजली गुल होना अब क्षेत्र की स्थायी समस्या बन चुकी है। हर वर्ष बिजली विभाग द्वारा बरसात पूर्व मेंटेनेंस और सुधार कार्यों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश की पहली फुहार के साथ ही बिजली व्यवस्था जवाब दे देती है। इससे विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

सूत्रों के अनुसार बारिश के मौसम में फॉल्ट, जंफर कटने, तारों में शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबियों की समस्या लगातार बनी रहती है। इसके कारण थोड़ी सी बारिश या तेज हवा चलने पर भी घंटों बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। बार-बार होने वाली इस समस्या से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति इसलिए भी गंभीर हो जाती है क्योंकि यह क्षेत्र हाथी प्रभावित माना जाता है। वहीं बरसात के मौसम में सांप-बिच्छू सहित अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करने के साथ-साथ बार-बार होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बरसात के पूरे मौसम में उन्हें इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

और भी

“खून की एक बूंद बचा सकती है किसी की जिंदगी!” विश्व रक्तदाता दिवस पर राज्यपाल रमेन डेका ने किया रक्तवीरों का सम्मान, बोले— रक्तदान से बड़ा कोई दान और सेवा नहीं

रायपुर, 14 जून 2026/मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है दूसरे के जीवन की रक्षा करना और यह अपने ही रक्त के एक बूंद से हो सके तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है। रक्त का दान सबसे बड़ा दान होता है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज प्रदेश के स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उक्त बातें कहीं।  

*30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्य हुए सम्मानित*

        विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करने के लिए लोकभवन में समारोह आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के अध्यक्ष राज्यपाल श्री डेका ने सर्वाधिक रक्तदान करने वाले प्रदेश के 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर लोकभवन में रेडक्रॉस द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें लोकभवन के अधिकारियों- कर्मचारियों सहित अन्य लोगों ने उत्सव पूर्वक रक्तदान किया।

*रक्तदाताओं ने निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर लोगों को नया जीवन दिया है*

          कार्यक्रम को संबोधित करने हुए राज्यपाल ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और यह केवल स्वस्थ व्यक्ति के स्वैच्छिक दान से ही उपलब्ध हो सकता है। राज्यपाल ने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हिमोफिलिया, कैंसर तथा दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों में जो सेवा भाव है वह दूसरी जगह देखने को नहीं मिलती। रक्तदाताओं ने वर्षो से निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर अनेक लोगों को नया जीवन दिया है। ऐसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण है। 

       राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी टीम के कार्यो की भी सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था वर्षो से जरूरत मंदों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

*रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन*

          कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन श्री तोमन साहू ने स्वागत उदबोधन दिया तथा छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन किया गया।

            कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष श्री रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमेन श्री अशोक अग्रवाल रेडक्रॉस के पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता तथा सहयोगी, संस्थानों तथा संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।

और भी

जशपुर में खाद्य सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था: 2 लाख 68 हजार से अधिक राशन कार्डधारियों को हर महीने मिल रहा राशन, 497 उचित मूल्य दुकानों से ई-पॉस मशीन के जरिए हो रहा पारदर्शी वितरण

जशपुर 14 जून 2026/ खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का उद्देश्य समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का का उपार्जन कर किसानों को समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के साथ साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश के जरूरतमंद नागरिकों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जशपुर जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है।

वर्तमान में जिले में ई पोस के माध्यम खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।

497 उचित मूल्य दुकानें संचालित है 
सभी को आधार युक्त राशन सामग्री वितरण किया जाता है।
आधार कार्ड में राशनकार्ड के मुखिया या सदस्य जिनका आधार  राशनकार्ड से लिंक है।
खाद्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जशपुर जिले में कुल बीपीएल हितग्राही 2 लाख 51 हजार 358  हितग्राही, एपीएल के 16780 हितग्राही कुल राशनकार्ड हितग्राही 2 लाख 68 हजार 108  हितग्राही शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड हितग्राहियों को कार्ड की श्रेणी के अनुसार प्रतिमाह 10 किलोग्राम से लेकर 35 किलोग्राम चावल मिलता है।
  
आदिवासी क्षेत्रों में अंत्योदय हितग्राहियों को चावल के साथ 2 चना और 1 किलो शक्कर भी मिलता है।

और भी

धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर के विकास की ऐतिहासिक आधारशिला : सुनील गुप्ता, इस परियोजना को अधिसूचित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का किया आभार व्यक्त

जशपुरनगर। भाजपा के सरगुजा सह प्रभारी एवं जशपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है।श्री गुप्ता ने कहा कि यह निर्णय जशपुर जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुरवासियों का सपना अब साकार होने जा रहा है। इस परियोजना से पहली बार जशपुर जिला सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ सकेगा, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों एवं केंद्र सरकार के सहयोग से यह महत्वपूर्ण परियोजना धरातल पर उतरने जा रही है। रेल संपर्क स्थापित होने से जशपुर जिले में व्यापार, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
श्री गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल परियोजना इसी सोच और संकल्प का परिणाम है।उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि जशपुर और पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ की प्रगति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य का मजबूत माध्यम बनेगी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जशपुर जिले की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया।

और भी

क्या आप भी किसी की जिंदगी बचाने के लिए आगे आएंगे? 16 जून को चैनपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में विशाल रक्तदान शिविर, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

चैनपुर। मानव सेवा और जनकल्याण की भावना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 16 जून 2026 (मंगलवार) को प्रखंड कार्यालय परिसर, चैनपुर में प्रातः 10:30 बजे से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

आयोजकों द्वारा चैनपुर प्रखंड अंतर्गत सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों, गैर सरकारी संगठनों (NGO), जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा प्रबुद्ध नागरिकों से इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।

रक्तदान शिविर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि एक यूनिट रक्त किसी गंभीर मरीज, दुर्घटना पीड़ित, गर्भवती महिला अथवा अन्य जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

आयोजकों ने सभी विभागाध्यक्षों से आग्रह किया है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करें ताकि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। साथ ही आम नागरिकों से भी इस जनहितकारी अभियान का हिस्सा बनने और मानवता की सेवा में योगदान देने की अपील की गई है।

रक्तदान शिविर में भाग लेने वाले रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में किया जाएगा तथा सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रहण की व्यवस्था की जाएगी।

मानवता की सेवा का अवसर, आइए रक्तदान कर किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने में बनें सहभागी

रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व ही नहीं बल्कि मानवता के प्रति हमारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। इसलिए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस लोककल्याणकारी अभियान को सफल बनाने की अपील की गई है।

और भी

धरती माता के रजस्वला होने की मान्यता के साथ शुरू हुआ आस्था का पर्व, तीन दिनों तक थम जाएंगे हल-बैल, बंद रहेंगे मिट्टी से जुड़े कार्य, गांव-गांव में दिखेगा परंपरा और श्रद्धा का अद्भुत संगम

पूजा-पाठ से लेकर खेती-किसानी तक पर रहेगा विशेष संयम, ग्रामीण अंचलों में पीढ़ियों से निभाई जा रही है परंपरा 

नारायणपुर/जशपुर/स्थानीय प्रतिनिधि। भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं में प्रकृति को माता का स्वरूप मानकर उसकी पूजा-अर्चना करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसी कड़ी में आज से ग्रामीण अंचलों में अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाए जाने वाले रजस्वला पर्व का शुभारंभ हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों धरती माता रजस्वला होती हैं, इसलिए उन्हें विश्राम देने और सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से खेती-किसानी तथा भूमि से जुड़े अधिकांश कार्यों को तीन दिनों के लिए रोक दिया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह और धार्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है। गांवों में बुजुर्गों से लेकर युवा पीढ़ी तक इस परंपरा का पालन कर रही है। मान्यता है कि जिस प्रकार परिवार में रजस्वला अवधि के दौरान महिलाओं को विश्राम दिया जाता है, उसी प्रकार धरती माता को भी इन दिनों विश्राम दिया जाना चाहिए। इसी कारण खेतों में हल नहीं चलाया जाता और भूमि की खुदाई जैसे कार्य पूरी तरह बंद रखे जाते हैं।

खेतों में नहीं चलेगा हल, मिट्टी की खुदाई कार्यों पर भी रहेगा विराम

रजस्वला पर्व के दौरान किसान खेतों में जुताई, बुआई या अन्य कृषि कार्य नहीं करते। हल-बैल और कृषि उपकरणों को भी विश्राम दिया जाता है। इसके अलावा मकान निर्माण, कुआं, तालाब, नाली, सड़क या अन्य कार्यों के लिए मिट्टी की खुदाई करना भी धार्मिक दृष्टि से वर्जित माना जाता है।

ग्रामीणों का मानना है कि इन दिनों धरती माता विश्राम की अवस्था में रहती हैं, इसलिए भूमि को किसी भी प्रकार से क्षति पहुंचाने वाले कार्य नहीं किए जाने चाहिए। यही कारण है कि गांवों में इन नियमों का पालन बड़ी श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया जाता है।

पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में भी बरती जाती है विशेष सावधानी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रजस्वला अवधि में कई लोग नियमित पूजा-पाठ, विशेष अनुष्ठान और धार्मिक आयोजनों को बन्द कर देते हैं। कई मंदिरों में भी परंपरानुसार विशेष नियम लागू रहते हैं। रजस्वला अवधि समाप्त होने के बाद शुद्धिकरण एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक गतिविधियां पुनः प्रारंभ की जाती हैं।

प्रकृति के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है यह लोकपर्व

धार्मिक विद्वानों और समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि रजस्वला पर्व केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है। धरती को माता मानकर कुछ दिनों तक उसे विश्राम देना मानव और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की भावना का प्रतीक माना जाता है।

आज के आधुनिक दौर में भी ग्रामीण समाज इस परंपरा को पूरी श्रद्धा से निभा रहा है। यही कारण है कि गांव-गांव में रजस्वला  के दौरान धार्मिक अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और प्रकृति के प्रति सम्मान की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है।

 ग्रामीण बोले— “धरती माता का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान”

ग्रामीण अंचलों में बुजुर्गों का कहना है कि यह परंपरा उनके पूर्वजों से चली आ रही है और आज भी लोग इसे पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं। उनका मानना है कि धरती ही जीवन का आधार है, इसलिए उसके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।

आस्था, परंपरा और प्रकृति संरक्षण के संदेश से जुड़ा यह आगामी तीन दिनों तक ग्रामीण जीवन की दिनचर्या को विशेष रूप से प्रभावित करेगा। इसके बाद शुद्धिकरण और विशेष पूजा-अर्चना के साथ खेती-किसानी एवं अन्य कार्यों की पुनः शुरुआत होगी, लेकिन तब तक गांवों में धरती माता को विश्राम देने की यह सदियों पुरानी परंपरा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाई जाएगी।

और भी

राशिफल : किस राशि के जातकों पर आज बरसेगी धन, सफलता और खुशियों की बारिश, और किन लोगों को हर कदम पर बरतनी होगी सावधानी? पढ़ें आज का सम्पूर्ण राशिफल

आज चंद्रमा की स्थिति कई राशियों के लिए भावनात्मक और व्यावहारिक निर्णयों को प्रभावित कर सकती है। रविवार होने के कारण पारिवारिक, सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल—

♈ मेष राशि (Aries)

आज आपके अंदर ऊर्जा और उत्साह भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्यों को पूरा करने का अवसर मिलेगा। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और आपके कार्यों की प्रशंसा हो सकती है। व्यापारियों को नए ग्राहकों और नए सौदों से लाभ मिलने के संकेत हैं।

पारिवारिक जीवन में खुशियां बनी रहेंगी। किसी रिश्तेदार से शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं।

स्वास्थ्य: सिरदर्द या थकान की समस्या हो सकती है।
उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

♉ वृषभ राशि (Taurus)

आज धैर्य और संयम आपके सबसे बड़े हथियार होंगे। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन समझदारी से उनका समाधान निकाल लेंगे। आर्थिक मामलों में लाभ तो होगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक रहेगा।

परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें। निवेश करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना उचित रहेगा।

स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्याओं से सावधान रहें।
उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

♊ मिथुन राशि (Gemini)

आज आपका आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। संचार कौशल के कारण आप लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है।

मित्रों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। अविवाहित लोगों के लिए विवाह प्रस्ताव आने की संभावना है। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
उपाय: भगवान गणेश की पूजा करें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♋ कर्क राशि (Cancer)

आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। पारिवारिक मामलों में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। घर में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत रंग लाएगी।

आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें। जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है।

स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
शुभ रंग: सिल्वर | शुभ अंक: 2

♌ सिंह राशि (Leo)

आज सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। समाज में आपकी छवि मजबूत होगी। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में लाभदायक सौदे हो सकते हैं।

परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रेम जीवन में रोमांच और उत्साह रहेगा। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है।

स्वास्थ्य: रक्तचाप संबंधी समस्या वाले लोग सावधानी रखें।
उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

♍ कन्या राशि (Virgo)

आज हर काम में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके अनुभव का लाभ मिलेगा। पुराने निवेश से लाभ प्राप्त हो सकता है।

पारिवारिक मामलों में धैर्य रखें। विद्यार्थियों को मेहनत के अनुरूप परिणाम मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में गलतफहमी दूर होगी।

स्वास्थ्य: त्वचा और एलर्जी संबंधी समस्याओं से बचाव करें।
उपाय: जरूरतमंद को हरी वस्तु दान करें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

♎ तुला राशि (Libra)

भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। नौकरी में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। व्यापारियों को लाभ और विस्तार के अवसर मिलेंगे।

परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो लाभकारी साबित हो सकती है।

स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
उपाय: माता लक्ष्मी की पूजा करें।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज संयम और विवेक से काम लेना आवश्यक है। किसी विवाद से दूर रहें। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, लेकिन आप अपनी क्षमता से आगे निकलेंगे।

आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं। परिवार में किसी बड़े सदस्य का मार्गदर्शन लाभदायक रहेगा। प्रेम जीवन में धैर्य रखने की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य: कमर या जोड़ों के दर्द की शिकायत हो सकती है।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8

♐ धनु राशि (Sagittarius)

आज नई शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों का समाधान मिल सकता है।

धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा।

स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी।
उपाय: पीले वस्त्र धारण करें।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

♑ मकर राशि (Capricorn)

आज जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, लेकिन आप उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। कार्यस्थल पर आपके सुझावों की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के अच्छे संकेत हैं।

परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।

स्वास्थ्य: हड्डियों और जोड़ों का ध्यान रखें।
उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

♒ कुंभ राशि (Aquarius)

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नई योजनाएं लाभदायक साबित होंगी। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।

आर्थिक मामलों में सुधार होगा। मित्रों और परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में सकारात्मकता बनी रहेगी।

स्वास्थ्य: पर्याप्त पानी पीएं।
उपाय: पक्षियों को दाना खिलाएं।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

♓ मीन राशि (Pisces)

आज का दिन आपके लिए शुभ संकेत लेकर आया है। व्यापार में लाभ और नौकरी में उन्नति के योग हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं।

परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा और मानसिक शांति प्राप्त होगी।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7

रविवार को सूर्य देव की आराधना करने से आत्मबल, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होने की मान्यता है। प्रातः स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें तथा "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का 11 या 21 बार जप करें।

और भी

नए आपराधिक कानूनों पर जशपुर में कार्यशाला : न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन और फॉरेंसिक विभाग एक मंच पर, त्वरित न्याय और वैज्ञानिक विवेचना पर जोर

जशपुरनगर, 13 जून 2026। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुसंधान अधिकारियों की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर के सभागार में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन एवं फॉरेंसिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यशाला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम देवांगन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुमन सिंह, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित अभियोजन, फॉरेंसिक एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों, विवेचकों तथा अभियोजन शाखा के अधिकारियों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का मूल उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि पीड़ित-केंद्रित, त्वरित और न्यायसंगत न्याय व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि नए कानूनों में तकनीक आधारित अनुसंधान, पारदर्शिता, समयबद्ध विवेचना और पीड़ितों के अधिकारों को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने विवेचकों को नए प्रावधानों का गंभीरतापूर्वक अध्ययन कर व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया तथा केस डायरी को न्यायालय भेजते समय उसकी गोपनीयता बनाए रखने के लिए सीलबंद लिफाफे में भेजने के निर्देश दिए।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येन्द्र कुमार साहू ने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एफआईआर का समयबद्ध पंजीयन, गवाहों के बयान, घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण, डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रहण और उनका विधिसम्मत संरक्षण न्यायिक प्रक्रिया की सफलता की आधारशिला है। उन्होंने मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया, ई-मेल और कॉल डिटेल रिकॉर्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनके विधिसम्मत उपयोग और संरक्षण की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि केवल आरोप पत्र प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक साक्ष्य की प्रमाणिकता सुनिश्चित करते हुए निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक अनुसंधान करना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने एफएसएल की भूमिका, क्राइम सीन प्रोटेक्शन और अभियोजन अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय को सफल न्यायिक प्रक्रिया के लिए आवश्यक बताया।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम देवांगन ने कहा कि सही और तथ्यपरक एफआईआर सफल विवेचना की नींव होती है। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल के निरीक्षण, डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विवेचकों को संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ अनुसंधान करने की सलाह देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना ही नए कानूनों की मूल भावना है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुमन सिंह ने केस डायरी के नियमित संधारण, तथ्यों की स्पष्टता, रिपोर्ट की सटीकता तथा अनुसंधान की पारदर्शिता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यवाही का समयबद्ध उल्लेख, पेजिंग और गोपनीयता अनुसंधान की विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।

कार्यशाला के दौरान नवीन आपराधिक कानूनों की व्यावहारिक चुनौतियों, न्यायालयीन अपेक्षाओं, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग तथा अभियोजन की सफलता सुनिश्चित करने वाले विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के समापन पर न्यायिक अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों, फॉरेंसिक विशेषज्ञों एवं अन्य अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

और भी

सरगुजा रेंज में नई पुलिस फोर्स की एंट्री: आईजी दीपक कुमार झा ने 78 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को दिया सफलता का मंत्र, बोले— जनता का विश्वास जीतना और कानून का सम्मान कराना ही होगी सबसे बड़ी परीक्षा

अंबिकापुर, 13 जून 2026। सरगुजा रेंज में पदस्थ नए प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों के मैदानी प्रशिक्षण की शुरुआत के साथ पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री दीपक कुमार झा ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय अंबिकापुर में आयोजित बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रशिक्षु अधिकारियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, व्यवहारिक प्रशिक्षण, जनसेवा और अनुशासन से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के आदेशानुसार सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में कुल 78 नए प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों की पदस्थापना की गई है। इनमें जिला सरगुजा में 14, सूरजपुर में 15, बलरामपुर में 16, जशपुर में 13, एमसीबी में 12 तथा कोरिया जिले में 8 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को थाना एवं मैदानी क्षेत्रों में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए संबंधित जिला इकाइयों में आदेश जारी किए गए हैं।

बैठक के दौरान जिला सरगुजा के 14 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, एमसीबी और कोरिया जिले के प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल, सीएसपी अंबिकापुर श्री राहुल बंसल तथा रक्षित निरीक्षक श्रीमती तृप्ति सिंह राजपूत भी उपस्थित रहे। वहीं अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षक भी अपने-अपने जिला मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

आईजी श्री झा ने सबसे पहले सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों का परिचय प्राप्त किया तथा उनकी शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत योग्यताओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पुलिस सेवा के व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण काल किसी भी अधिकारी के करियर की सबसे महत्वपूर्ण अवधि होती है। इसी दौरान सीखी गई बातें भविष्य में बेहतर पुलिस अधिकारी बनने की नींव तैयार करती हैं।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, अपराध विवेचना, साइबर अपराध एवं साइबर फ्रॉड की जांच, सीसीटीएनएस प्रणाली के संचालन, बीट पुलिसिंग, संत्री ड्यूटी, न्यायालयीन कार्यवाही, मुल्जिम पेशी, कोर्ट मोहर्रिर कार्य, समन एवं वारंट तामिली, गुम इंसान प्रकरणों की जांच, मर्ग जांच तथा महिला एवं बाल अपराधों के मामलों का गंभीरता से अध्ययन करने की सलाह दी।

आईजी ने कहा कि पुलिस की वास्तविक पहचान जनता के साथ उसके व्यवहार से बनती है। इसलिए प्रत्येक प्रशिक्षु अधिकारी को पीड़ित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता, शालीनता और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाना चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता और संवेदनशीलता बरतना आवश्यक है। उन्होंने मानवाधिकारों के सम्मान और पुलिस की सकारात्मक छवि निर्माण को भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व बताया।

उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण अवधि के दौरान अनुशासन, समयपालन, वर्दी की गरिमा, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन तथा कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी। साथ ही कहा कि मैदानी प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी पुलिसकर्मियों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए हर छोटी-बड़ी प्रक्रिया को गंभीरता से सीखना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में आईजी श्री दीपक कुमार झा ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल नियम-कायदों की जानकारी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि ऐसे सक्षम, जिम्मेदार और जनोन्मुखी पुलिस अधिकारी तैयार करना है जो कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, विवेचना और जनसेवा के क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को सफल प्रशिक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

और भी

तोरा में मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर हुआ विशाल जनसंवाद, सांसद राधेश्याम राठिया और विधायक रायमुनी भगत ने गिनाईं विकास एवं गरीब कल्याण की उपलब्धियां

जशपुर, 13 जून। जशपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत तोरा स्थित बजरंग बली मंदिर प्रांगण शनिवार को उस समय राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन गया, जब सोनकयारी मंडल द्वारा "मोदी जी के 12 वर्ष – सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण" विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। इस दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और पिछले 12 वर्षों में देश में हुए विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने की, जबकि रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राधेश्याम राठिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 12 वर्षों में विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अब सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में कमी आई है।

विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं, जबकि किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की है।

मुख्य अतिथि सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि निःशुल्क राशन योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा मिली है, वहीं आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के द्वार खोले हैं। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, हर घर जल मिशन, डिजिटल इंडिया, सड़क और बिजली विस्तार जैसी योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया गया, जिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के जमीनी प्रभाव पर चर्चा हुई। उपस्थित ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं से मिले लाभों के अपने अनुभव साझा किए और सरकार की जनहितकारी पहलों की सराहना की।

सोनकयारी मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंडल क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को सरकार की योजनाओं और उनके लाभों की जानकारी मिल सके।

कार्यक्रम में भाजपा मंडल एवं बूथ स्तर के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान विकास, सुशासन और गरीब कल्याण को लेकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां चर्चा का प्रमुख विषय रहीं

और भी

गांव-गांव पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, चौखट पर सुनी जनता की फरियाद; सड़क, पानी, बिजली और आवास की समस्याओं पर अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश

रायपुर , 13 जून 2026/महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कमलपुर, पहाड़गांव एवं पण्डोनगर का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। डोर-टू-डोर जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे।

जनसंपर्क अभियान के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्रामीणों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा सड़क, पेयजल, बिजली, आवास तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दे उठाए गए, जिन पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर सतत निगरानी रखते हुए लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जनसंपर्क कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े का स्वागत किया।

और भी

ढाई वर्षों में स्वास्थ्य व्यवस्था को मिली नई ताकत, एनएचएम महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने खोला सौगातों का पिटारा; हड़ताल अवधि का वेतन मिलेगा, कर्मचारियों में खुशी की लहर


रायपुर, 13 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में शामिल होकर एनएचएम कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान एनएचएम कर्मियों के 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन दिए जाने की घोषणा की।  उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री साय ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में एनएचएम कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और सरकार उनके कार्यों का सम्मान करती है।
                मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निभाई गई भूमिका को याद करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब एनएचएम के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में स्वास्थ्य कर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश की, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में, जहां सड़कें और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, स्वास्थ्य कर्मी पैदल चलकर, नदी-नाले पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में संचालित “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और अब तक लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है।
                मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहसिक प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ है। अब वहां विकास और जनकल्याण की नई संभावनाएं खुल रही हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने से लेकर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सभी के सहयोग से विकसित एवं स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से इसी समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।
               इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जशपुर से लेकर सुकमा तक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि “स्वस्थ बस्तर अभियान” का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं और सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की कई मांगें पूरी की जा चुकी हैं तथा स्थानांतरण नीति भी जारी कर दी गई है।उन्होंने कहा कि अब एनएचएम कर्मचारी भी कैशलेस उपचार योजना के दायरे में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मियों के लिए जीवन बीमा सुविधा लागू की गई है, जिसके तहत सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी आई है और नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी के लिए विशेषीकृत 116 नए स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन किया जा चुका है।
                    सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी तथा एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

और भी

नए शिक्षा सत्र से पहले मनोरा में रसोईयों की बड़ी क्लास, बच्चों को मिलेगा सुरक्षित और पौष्टिक भोजन; कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर हुआ विशेष प्रशिक्षण


    जशपुर 13 जून 2026 कलेक्टर रोहित व्यास के शालेय स्वच्छता के संदर्भ में दिए गए निर्देश के परिपालन में विकासखंड मनोरा में प्रधानमंत्री पोषण आहार योजनां (मध्याह्न भोजन) में कार्यरत रसोईयों को 01 दिवसीय प्रशिक्षण पीएमश्री सेजेस मनोरा के सभाकक्ष में दिनाँक 12 जून 2026 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल द्वारा  दिया  गया। 

   मध्यान्ह भोजन संचालन में बच्चों को पौष्टिक एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में रसोइया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है जिसे लेकर प्रशिक्षण सह बैठक में निर्धारित मीनू की जानकारी रखना एवं तदनुसार भोजन तैयार करने, रसोइया के ड्यूटी एवं भोजन प्रदाय हेतु समय निर्धारण, भोजन की शुद्धता, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं सुरक्षा के मानक,  रसोई कक्ष एवं बर्तनों की सफाई, भोजन पूर्व हाथ धुलाई के चरण, भोजन कराते समय अनुशासन बनाये रखने जैसे-पंक्तिबद्ध बैठाकर भोजन करना,भोजन परोसने के पूर्व भोजन को सुविधानुसार गणमान्य जनप्रतिनिधियों,शाला समिति के सदस्य या प्रभारी शिक्षक को चखाकर, चखना पंजी के नियमित संधारण, गैस एवं आग से सुरक्षा संबंधी इत्यादि बातों की जानकारी प्रदान कर नियमानुसार कड़ाई से पालन करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया ताकि नये सत्र में  व्यवस्थित ढंग से प्रधानमंत्री पोषण आहार योजना का लाभ सभी  लाभार्थियों को सुव्यवस्थित मिल सके। प्रशिक्षण में ए.बी.ओ.जगतपाल राम, मध्यान्ह भोजन प्रभारी एवं    विकासखण्ड के प्राथमिक-माध्यमिक शालाओं के कार्यरत रसोईयों की उपस्थिति रही।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की महत्वपूर्ण मुलाकात, केंद्र-राज्य समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी नई गति

रायपुर 13 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी।

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।

और भी

श्रीलंका में छत्तीसगढ़ की बेटी दिखाएगी दम! अंडर-19 टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सम्मान

रायपुर 13 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजनांदगांव जिले की प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर सुश्री महक नरवासे ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह तथा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम के आगामी श्रीलंका दौरे के लिए टी-20 एवं वनडे दोनों टीमों का उपकप्तान नियुक्त किए जाने पर सुश्री महक नरवासे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर महक का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महक नरवासे की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार या राजनांदगांव जिले की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रही हैं। महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महक आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी। उन्होंने महक को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "खूब खेलो, आगे बढ़ो और नई ऊंचाइयों को छुओ। आपकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगी।"

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महक नरवासे का भारतीय अंडर-19 महिला टीम की उपकप्तान के रूप में चयन प्रदेश में विकसित हो रहे खेल वातावरण और खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों का उत्कृष्ट उदाहरण है।

सुश्री महक नरवासे ने सम्मान एवं शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पिता श्री राधेश्याम नरवासे, महापौर श्री मधुसूदन यादव, कोच श्री मनोज तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

नए शिक्षा सत्र से पहले कलेक्टर का सख्त एक्शन, छात्रावासों में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं; सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, 100 मीटर क्षेत्र बनेगा ‘नो टोबैको जोन’

जशपुर, 13 जून 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावासों, आश्रमों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, प्रयास आवासीय विद्यालय एवं अन्य आवासीय संस्थाओं की नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। 

इस अवसर पर सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग संजय कुमार सिंह , सहायक संचालक दिव्यांश सिंह चौहान तथा सभी छात्रावास के अधीक्षक शामिल
उपस्थित थे।

बैठक में विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ,अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में प्रवेश से पूर्व भवनों की मरम्मत, पेयजल, विद्युत, शौचालय, स्नानागार, सेप्टिक टैंक, परिसर की साफ-सफाई तथा आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। छात्रावासों में बिस्तर, चादर, गद्दे एवं अन्य सामग्रियों की साफ-सफाई कर व्यवस्थित रूप से रखा जाए तथा प्रत्येक 15 दिवस में वस्त्रों की धुलाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने सभी संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों एवं आश्रमों के आसपास सुरक्षित एवं नशामुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए प्रत्येक संस्था के 100 मीटर की परिधि को “नो टोबैको जोन” घोषित कर आवश्यक सूचना पट्ट लगाए जाएं तथा नियमित जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

कलेक्टर ने सभी मंडल संयोजकों को एक माह के भीतर अपने क्षेत्र की सभी संस्थाओं का शत-प्रतिशत निरीक्षण एवं भ्रमण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों तथा छात्रावास संचालन संबंधी सभी बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा।

उन्होंने छात्रावासों में विद्यार्थियों की नियमित निगरानी के लिए प्रतिदिन तीन बार उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके लिए विकासखंड वॉर ह्वाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से प्रतिदिन फोटो भेजकर सत्यापित किया जाएगा ।

साथ ही छात्रावासों की निर्धारित समय-सारणी का कड़ाई से पालन कराने, विद्यार्थियों के अध्ययन, खेलकूद, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा।

कलेक्टर ने सभी अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वे छात्रावास परिसर में निवास करें तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अनुशासन की पूर्ण जिम्मेदारी निभाएं। विद्यार्थियों के पालकों से नियमित संवाद स्थापित करने, मासिक पालक-बालक सम्मेलन आयोजित करने तथा निगरानी समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में छात्रावासों एवं आश्रमों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता, पौष्टिक भोजन, बागवानी गतिविधियों तथा अभिलेखों के अद्यतन संधारण पर भी विशेष बल दिया गया। 

कलेक्टर ने कहा कि सभी संस्थाओं में विद्यार्थियों को सुरक्षित, प्रेरणादायी एवं गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी व्यवस्थाएं शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं तथा निर्धारित निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए।

और भी

*जशपुर के बेटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कर दिखाया कमाल ,दशकों पुराना रेल सपना हुआ साकार-पहली बार रेल नक्शे पर जुड़ेगा जशपुर, धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल परियोजना को केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी*


जशपुरनगर 13 जून 2026/ जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में धरमजयगढ़ –पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है। लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना के अधिसूचित होने के साथ ही जशपुर जिले को पहली बार रेल संपर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह रेल नेटवर्क रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से जशपुर जिले के पत्थलगांव से होते हुए झारखंड राज्य के लोहरदगा तक विकसित होगी। नई रेल लाइन परियोजना के मूर्त रूप लेने से जशपुर जिला विकास की नई मुख्यधारा से जुड़ेगा और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित होगी। यह ऐतिहासिक उपलब्धि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है। लंबे समय से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग रही रेल सुविधा अब साकार होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुकी है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित एवं राष्ट्रीय अवसंरचना विकास के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों में इस नई रेल लाइन परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही यह परियोजना प्रभावशील हो गई है।

सुदूर वनांचल क्षेत्र को मिलेगा विकास का नया आधार

जशपुर जिला लंबे समय से सड़क परिवहन पर निर्भर रहा है। रेल संपर्क नहीं होने के कारण यहां के लोगों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन बनने से जिले की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और लोगों को सुरक्षित, सुलभ एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

किसानों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

रेल परियोजना से कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी। जशपुर अपनी जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियों एवं बागवानी उत्पादों के लिए जाना जाता है। रेल संपर्क स्थापित होने से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी। व्यापार एवं उद्योग को भी नई गति मिलेगी।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपात, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रेल परियोजना के निर्माण एवं संचालन से भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक होगी आसान पहुंच

रेल संपर्क स्थापित होने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।

क्षेत्र में खुशी की लहर

परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगी। वर्षों से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे जिले के नागरिकों के लिए यह एक ऐतिहासिक और यादगार उपलब्धि है।

और भी

नए शिक्षा सत्र से पहले स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नारायणपुर में चला स्वच्छता का महाअभियान, प्राचार्य के मार्गदर्शन में शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर पूरा विद्यालय परिसर की सफाई

नारायणपुर, 13 जून 2026। नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ होने से पहले स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय नारायणपुर में शनिवार को व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। जनपद सीईओ कुनकुरी के निर्देश एवं विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती ए. तिग्गा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में विद्यालय परिसर, छात्रावास, खेल मैदान और आसपास के क्षेत्रों की विशेष साफ-सफाई की गई। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना रहा।

जनपद पंचायत कुसमी के निर्देशानुसार आयोजित इस स्वच्छता अभियान में ग्राम पंचायत नारायणपुर के जनप्रतिनिधियों, विद्यालय स्टाफ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने श्रमदान करते हुए परिसर में फैली गंदगी को हटाया तथा स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय भी दिया।

स्वच्छता अभियान के दौरान प्राचार्य श्रीमती ए. तिग्गा स्वयं पूरे समय उपस्थित रहीं और साफ-सफाई कार्यों में साथ देती रहीं। उन्होंने विद्यालय स्टाफ एवं उपस्थित ग्रामीणों से कहा कि स्वच्छ विद्यालय ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहली पहचान है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण अत्यंत आवश्यक है।

उनके मार्गदर्शन में विद्यालय परिसर के प्रत्येक हिस्से की सफाई की गई। कक्षाओं के आसपास उगी झाड़ियों को हटाया गया, परिसर में फैले कचरे का निष्पादन किया गया तथा छात्रावास क्षेत्र को भी व्यवस्थित बनाया गया। अभियान के दौरान सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि विद्यालय को हमेशा स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए नियमित रूप से ऐसे प्रयास लगातार किए जाएंगे।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत नारायणपुर के सरपंच श्रीमती मुक्तिलता प्रधान,, उपसरपंच नवरतन बंग,शिक्षक इकबाल खान,उत्तम यादव,हेमंत प्रजापति, नोवेल तिग्गा,सचिव जगरन्नाथ जाय सवाल,पंचायत प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, स्थानीय ग्रामीण एवं  विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं सक्रिय रूप से शामिल रहे। सभी ने एकजुट होकर स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नारायणपुर में आयोजित यह अभियान केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों और ग्रामीणों के बीच स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने आगामी दिनों में भी परिसर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के लिए लगातार अभियान जारी रखने की बात कही है।

और भी