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भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM)–2026 में 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों ने भाग लेकर वैश्विक चुनौतियों और नवाचारों पर किया उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श

भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM)–2026
                                                                   प्लेनरी सत्र में 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों की सहभागिता
                                                                निर्वाचन प्रशासन के समक्ष वैश्विक चुनौतियों पर हुआ उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श
                                                                                           रायपुर, 21 जनवरी 2026/भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM)–2026 के अंतर्गत आयोजित प्लेनरी सत्र में 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) के प्रमुखों ने सहभागिता की।
                            प्लेनरी सत्र की कार्यवाही का शुभारंभ भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी द्वारा किया गया। इस सत्र में लगभग 60 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों के साथ-साथ राजदूत एवं उच्चायुक्त भी शामिल थे।
               यह प्लेनरी सत्र लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श एवं अनुभवों के आदान-प्रदान हेतु एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ, जिसमें चुनाव प्रबंधन निकायों के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ अधिकारी तथा राजनयिक प्रतिनिधि एक साथ उपस्थित रहे।
           सत्र के दौरान इंटरनेशनल आईडिया (International IDEA) की अध्यक्षता के अंतर्गत वर्ष 2026 के लिए भारत द्वारा निर्धारित विषयगत प्राथमिकताओं को साझा किया गया। इस अवसर पर EMB नेताओं एवं विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों द्वारा लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रशासन के समक्ष विद्यमान वैश्विक चुनौतियों, नवाचारों एवं श्रेष्ठ प्रक्रियाओं पर अपने विचार व्यक्त किए गए।

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मेन रोड पर अतिक्रमण हटाया गया: सब्जी-मछली दुकानों से लग रहे जाम से आमजन को मिली राहत, कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर पुलिस और नगरपालिका की सख्त कार्रवाई

जशपुरनगर, 21 जनवरी 2026:
शहर के मेन रोड पर लंबे समय से सब्जी और मछली की दुकानों के कारण लग रहे ट्रैफिक जाम से आम नागरिकों को राहत देने के लिए नगरपालिका ने कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की। इस दौरान सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को हटाकर उन्हें निर्धारित बाजार शेड में शिफ्ट किया गया। कार्रवाई में पुलिस बल की भी मौजूदगी रही।

यह कदम उस समय और अहम हो गया जब पिछले महीने नगर फोरम की बैठक में मेन रोड पर अतिक्रमण रोकने की बात उठाई गई थी। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत और नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने आम नागरिकों की मांगों के आधार पर दुकानों को शेड में स्थानांतरित करने की सहमति दी थी। इसके बाद दुकानों को बाजार में शिफ्ट कराया गया था, लेकिन लगभग एक माह बाद कुछ दुकानदारों ने फिर से सड़क किनारे दुकानें लगानी शुरू कर दीं, जिससे यातायात बाधित होने लगा।

लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर कलेक्टर रोहित व्यास ने पुनः कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत नगरपालिका की टीम ने अभियान चलाया और सड़क किनारे लगे अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन की इस कदम की खुलकर सराहना की। लोगों ने कहा कि अब मेन रोड पर जाम से काफी हद तक मुक्ति मिलेगी और आम जनता को राहत मिलेगी।

कार्यवाही के दौरान मुख्य नगरपालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय, सहायक अभियंता कैलाश खटोले, भोला यादव, शंकर निराला और पुलिस विभाग की टीम उपस्थित रही। कलेक्टर रोहित व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सब्जी और मछली की दुकानें केवल निर्धारित शेड में ही लगेंगी। वहीं, सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय ने राजस्व निरीक्षक प्रभात सिन्हा को प्रतिदिन निगरानी रखने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी विक्रेता तय स्थानों पर ही व्यवसाय करें।

नगरपालिका की इस कार्रवाई से शहरवासियों में संतोष का माहौल है। नागरिकों ने प्रशासन से भविष्य में भी इसी तरह की सख्ती बनाए रखने और अतिक्रमण रोकने की मांग की है।

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छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की साक्षी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,मुख्यमंत्री शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर 21 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री श्री गिरवर सिंह ठाकुर, श्री महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का ऐतिहासिक लोकार्पण, भारतीय सांस्कृतिक चेतना को मिला नया शोध केन्द्र

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का हुआ लोकार्पण

श्रीमंत शंकर देव के विचार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की नींव - श्री डेका

श्रीमंत शंकर देव के लेखनी से पूरा देश गौरवान्वित हुआ है - श्री साय

रायपुर, 21 जनवरी 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित महान संत, समाज सुधारक और सांस्कृतिक चेतना के प्रणेता श्रीमंत शंकरदेव के विचारों, दर्शन और साहित्य को समर्पित शोध संस्थान का भव्य लोकार्पण आज गरिमामय समारोह में सम्पन्न हुआ। 

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, डॉ. कृष्ण गोपाल जी सह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सहित शिक्षा जगत के विद्वान, शोधार्थी, युवा वर्ग तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मध्य एम.ओ.यू. पर भी हस्ताक्षर किया गया। एम.ओ.यू. के पश्चात दोनों ही विश्वविद्यालय के शोधार्थी एक-दूसरे विश्वविद्यालय में अंतरविषयक अनुसंधान कर सकेंगे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव के विचार आज भी समाज को जोड़ने, सामानता स्थापित करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। 

श्री डेका ने कहा कि इस शोध पीठ की स्थापना उत्तर पूर्वी भारत और मध्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को अकादमी एवं शोध के स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह शोध पीठ भारत की महान संत परंपरा, भक्ति आंदोलन और सामाजिक सुधारों पर केंद्रित अध्ययन का सशक्त केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक प्रयास देश की सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करते हैं। 

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस शोध पीठ के संचालन हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ रूपये दिए गए हैं जिसके लिए उन्हांेने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। 

राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव ने समाज सुधारक, शिक्षाविद, कलाकार, नाटककार, नाट्य निर्देशक, चित्रकार, साहित्यकार, गीतकार, संगीत और वैष्णव धर्म के प्रवर्तक व प्रचारक के रूप में ख्याति अर्जित की है। श्रीमंत शंकर देव को उत्तर पूर्व भारत के महान समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठ कर समरस समाज की कल्पना की। नामघर और सत्र परंपरा के माध्यम से उन्होंने समानता, करूणा और उदारता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया। श्रीमंत शंकर देव द्वारा रचित साहित्य अंकिया नाट और बोरगीत आज भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। उनके विचारों ने असमिया समाज को एक सूत्र में पिरोया और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूज्य शंकरदेव जी का कार्यक्षेत्र भले ही असम था, लेकिन उनके द्वारा सामाजिक जागरण का जो कार्य किया गया, उसका प्रभाव संपूर्ण देश पर पड़ा। श्रीमंत शंकर देव जी द्वारा रचित साहित्य, नाटक, भजन में भारतीय संस्कृति का उद्घोष है।. हमारा देश अपनी एकता और अखंडता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे श्री शंकरदेव जी जैसे भारत माता के सपूत हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की संस्कृति को समर्पित किया। वर्तमान और नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के योगदान को बताकर हम एक सक्षम और समृद्ध भारत बना सकते हैं। इससे लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार होता है। श्री शंकर देव जी ने अपनी एक रचना में कहा कि भारत भूमि में जन्म लेना सबसे सौभाग्य की बात है। उन्होंने 500 वर्ष पहले एक भारत का जो संदेश दिया, उसे आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ का नारा देकर साकार कर रहे हैं। 

मुख्य वक्ता डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा असम राज्य विविधताओं से भरा हुआ है। यहां विविध प्रकार की जनजाति भौगालिक, नदी, पहाड़, जंगल, घने वन उपस्थित है। जिस कारण यहां हजारों वर्षों से दूर दूर विविध जनजाति निवास करते है। इन जनजातियों को एक सूत्र में बांधने का महत्वपूर्व कार्य श्रीमंत शंकर देव ने किया। उन्होंने श्री कृष्ण भक्ति के माध्यम से किया लोगो को जोड़ा। वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख व्यक्तिव है उन्होंने भक्ति के साहित्य का लेखन किया, नाट्य, गायन खड़े प्रशिक्षण दिया। गांव गांव में नाम घर की स्थापना किए। आज असम के हर गांव है जिसे नाम स्थापित है। भक्ति, संस्कृति एवं सामाजिक सद्भाव का घर कहलाता है। उन्होंने श्रीमंत शंकर देव के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने शिक्षा को केवल साक्षरता तक सीमित न रखकर उसे संस्कार और संस्कृति से जोड़ा। यह शोध संस्थान केवल भवन नहीं, बल्कि विचारों की कार्यशाला बनकर उभरेगा। यहाँ से निकलने वाले शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पहचान दिलाएंगे। 

कार्यक्रम के अंत में संस्थान की स्थापना से जुड़े सभी सहयोगियों और प्रबंधन समिति को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की गई कि यह केंद्र भविष्य में ज्ञान, नवाचार और सत्य की खोज का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा वसुधैव कुटुम्बकम् के संदेश को विश्व पटल पर स्थापित करेगा।

गौरतलब है श्रीमंत शंकरदेव शोध पीठ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य उत्तरपूर्वी भारत तथा मध्य भारत के भक्ति आन्दोलन से जुड़े महान संतों के योगदान एवं व्यापक प्रभाव को भारतीय जनमानस के समक्ष लेकर आना साथ ही दोनों ही क्षेत्रों के जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की मौखिक परंपरा को लेखबद्ध करना है। शोधपीठ के द्वारा शोधवृत्ति भी शोधार्थियों को प्रदान किया जाएगा। शोधपीठ में भाषा, साहित्य, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास, क्षेत्रीय अध्ययन, समाजशास्त्र एवं समाजकार्य के विषय के शोधार्थी शोधकार्य कर सकते हैं।

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किसान बिना किसी परेशानी के अपनी उपज का बेच रहे धान,खरीदी केन्द्र की व्यस्था से किसान है खुश 


जशपुर 21 जनवरी 2026/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान खरीदी का कार्य शासन के निर्देशानुसार सुचारू रूप से जारी है। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे किसान बिना किसी परेशानी के अपनी उपज का विक्रय कर सकें।

इसी क्रम में कुनकुरी विकासखण्ड स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम घटमुंडा निवासी कृषक श्री विजय प्रताप ने बताया कि केंद्र में धान विक्रय के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि आज मैंने आसानी से अपना धान बेचा। केंद्र में साफ-सुथरा और पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया, वहीं धान की तौल भी समय पर सुचारू रूप से की गई।

किसान श्री विजय प्रताप ने शासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि धान खरीदी केंद्र में कर्मचारियों द्वारा सहयोगात्मक व्यवहार किया जा रहा है तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित हो रही है। इससे किसानों का समय बच रहा है और अनावश्यक परेशानी से भी राहत मिल रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ कर किसानों के मान-सम्मान को बढ़ाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा धान खरीदी कार्य को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी खरीदी केंद्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि धान खरीदी कार्य समयबद्ध एवं सुचारू रूप से पूर्ण हो सके।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट का बड़ा फैसला : नई आबकारी नीति, नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का शिक्षण संस्थान, स्टार्टअप हब और स्वास्थ्य सेवाओं को ऐतिहासिक मजबूती

रायपुर 21 जनवरी 2026 :   मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -* 

1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया। 

2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है। 

 एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।  

3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा। 

 सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।  

4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। 


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बालिका के भविष्य की रक्षा: महिला बाल विकास विभाग व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से बाल विवाह रुकी, परिजनों को दी गई कानूनी समझाइश

जशपुर 21 जनवरी 2026/ महिला बाल विकास  विभाग और पुलिस विभाग की टीम को सूचना मिली की ग्राम-बस्ता,पोस्ट- लोखंडी ,जिला जशपुर में नाबालिक बालिका का विवाह कराया जा रहा था जिसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से सुपरवाइजर एवं पुलिस विभाग की टीम द्वारा उक्त स्थान पर पहुंचकर परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए बाल विवाह रोका गया तथा परिजनों को समझाइस दिया गया कि 18 वर्ष पूर्ण करने के पश्चात ही विवाह कराया जाए।
टीम ने बालिका के शैक्षणिक योग्यता की भी जानकारी ली और बालिका की शिक्षा दीक्षा पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश।

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महिला पशुपालकों के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम कृषक कौशल विकास योजना से बदलेगी ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर

जशपुरनगर 21 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में पशुधन विकास विभाग द्वारा पत्थलगांव में विगत दिवस 18 जनवरी  को महिला स्व सहायता समूह के कुल 25 महिला पशु पालकों को कृषक कौशल विकास योजना अंतर्गत बकरी पालन प्रशिक्षण सह भ्रमण के लिए राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार संस्थान समेती रायपुर भेजा गया।
              प्रशिक्षण सह भ्रमण हेतु  पशु पालकों को कृषि स्थायी समिति जनपद पंचायत पत्थलगांव सभापति
श्री हंसलाल सिदार द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। इस प्रशिक्षण में महिला पशु पालकों को दिनांक 19 से 22 जनवरी 2026 तक चार दिवसीय प्रशिक्षण एवं बकरी पालन प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा।
       कृषक कौशल विकास योजना के अंतर्गत मिलने वाला यह प्रशिक्षण न केवल इन महिलाओं को बकरी पालन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराएगा, बल्कि उनके कौशल विकास और आय वृद्धि में भी मील का पत्थर साबित होगा। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को रायपुर के सरकारी बकरी प्रजनन प्रक्षेत्रों का भ्रमण कराया जाएगा, जहाँ वे प्रत्यक्ष रूप से आधुनिक प्रबंधन और उन्नत पशुओं को देख सकेंगी। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को पशुपालन के लिए प्रशिक्षित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएँ अपने समूहों के माध्यम से बकरी पालन की इकाई स्थापित कर सकती हैं।
             संस्थान का महत्व राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार संस्थान रायपुर प्रदेश का अग्रणी संस्थान है जो कृषकों और पशुपालकों के क्षमता विकास  के लिए कार्य करता है। इस प्रकार की पहल जशपुर जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले में आजीविका के नए अवसर पैदा करने में सहायक होगी।

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बकाया जलकर जमा नहीं करने पर काटे जाएंगे नल कनेक्शन, अवैध नल कनेक्शन वैध नहीं कराया तो होगी कार्रवाईः कलेक्टर श्री रोहित व्यास


जशपुरनगर, 21 जनवरी 2026/कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में नगरपालिका और नगरपंचायत के अधिकारियों की बैठक लेकर नगरीय निकायों में संचालित विकासकार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित निर्माण कार्यों, राजस्व वसूली, सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई सहित अन्य कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पेड़ों और शासकीय भवनों में बिना अनुमति के निजि विज्ञापन लगाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को इसे जल्द हटवाने के निर्देश दिए साथ ही संबंधितों पर कार्रवाई करने को कहा। 
   राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री व्यास ने संपत्ति कर, समेकित कर, जलकर, दुकान किराया, यूजर्स चार्ज सहित अन्य मदों में लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा बकाया संपत्ति कर जमा नहीं किया गया है, उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जलकर बकाया एवं अवैध नल कनेक्शनों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता बकाया जलकर जमा नहीं करेंगे, उनके नल कनेक्शन काटे जाएंगे। साथ ही जिन लोगों ने अवैध नल कनेक्शन ले रखे हैं, यदि वे एक माह के भीतर नियमों के अनुरूप वैध नहीं कराते हैं, तो उनके नल कनेक्शन काटने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
     बैठक में कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में लकड़ी का उपयोग कर भोजन तैयार करने वाले होटल, ढाबा एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि लकड़ी जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी एवं अन्य स्वच्छ ऊर्जा के विकल्प अपनाने के निर्देश दिए। इसके आंवला उन्होंने बिना अनुमति के एवं अवैध रूप से सड़क किनारे सब्जी या अन्य दुकान लगाने वालों पर कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे आवागमन भी बाधित होती है और दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। कलेक्टर श्री व्यास ने नगरीय क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं सुव्यवस्थित बनाने में विशेष ध्यान दें। उन्होंने वॉल पेंटिंग, चौक-चौराहों, पार्कों एवं तालाबों के सौंदर्यीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन स्थलों के लिए सौंदर्यीकरण प्रस्ताव तैयार नहीं हुए हैं, उनके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। 
  कलेक्टर श्री व्यास ने नगर के सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, प्रत्येक वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगाने, सड़क निर्माण एवं सड़कों के किनारे नालियों को कवर करते हुए निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत ई-केवाईसी कार्य समय पर पूर्ण करने एवं मृत व्यक्तियों के नाम राशन कार्ड से विलोपित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर नगरपालिका जशपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय सहित जिले के समस्त नगर पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री के आगमन से पहले जशपुर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर रोहित व्यास ने उड़नदस्ता टीम, चेक पोस्ट, धान खरीदी, दिव्यांग हितग्राही, आयुष्मान कार्ड और बायोमेट्रिक उपस्थिति पर दिए सख्त निर्देश

जशपुर 21 जनवरी 2026 / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली और आगामी 24 और 25 जनवरी को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आगमन के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कोतबा, मयाली में विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री कोतबा में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भूमिपूजन और आम सभा को भी सम्बोधित करेंगे इसी प्रकार कुनकुरी विकास खंड के मयाली में भी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए लोकार्पण भूमिपूजन की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। और कार्यक्रम की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को छुटे हुए सभी व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग को सरस्वती सायकल योजना के तहत छात्राओं को योजना का लाभ देने के लिए कहा है।
कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग को पात्र दिव्यांग व्यक्तियों का यूडीआईडी नम्बर जनरेटर करके दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी दिव्यांग छुटने न पाए इसका विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने कहा दिव्यांग जनों का पेंशन राशन और शासन की योजना का लाभ देने के लिए कहा है।
कलेक्टर ने पेंशन धारी हितग्राहियों का आधार अपडेट करने के लिए कहा है।
कलेक्टर ने साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में धान खरीदी की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी चेक पोस्ट पर उड़नदस्ता टीम बढ़ाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के अंतिम चरणों में धान कोचियों लोग धान खरीदी केन्द्रों में अवैध धान खपाने की पूरी कोशिश करेंगे इसके लिए प्रशासनिक अमला को सचेत रहने के निर्देश दिए हैं। और अवैध धान परिवहन करने और खपाने वालों पर कार्रवाई करने के लिए कहा हैं।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम और खाद्य विभाग, विपणन विभाग, सहकारिता विभाग,को धान खरीदी केन्द्रों और चेक पोस्ट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। धान खरीदी के नोडल अधिकारीयों को धान खरीदी केन्द्रों में भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा जिन किसानों ने अपना धान विक्रय कर लिया है उन किसानों को रकबा सत्यापन करवाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रातः 10 बजे कार्यालय आकर बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए हैं।

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सरगुजा ओलम्पिक 2026 : सरगुज़ा संभागायुक्त ने आयोजन की तैयारियों के सम्बन्ध में ली संभागस्तरीय बैठक

जशपुर 21 जनवरी 2026/ सरगुजा ओलम्पिक 2026 के आवश्यक तैयारियों पर सरगुज़ा संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से संभागस्तरीय बैठक ली। जिला कलेक्टरेट कार्यालय अम्बिकापुर के एनआईसी कक्ष में पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक झा, जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग के डायरेक्टर श्रीमती तूलिका सलाम, कलेक्टर सरगुजा श्री अजीत वसंत,संभागस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वर्चुअल रूप से सरगुज़ा सम्भाग के समस्त जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सम्बंधित अधिकारी जुड़े।
जशपुर जिले से वर्चुअल के माध्यम से कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, खेल अधिकारी और सभी जनपद पंचायत सीईओ वर्चुअल के माध्यम से सीधे जुड़े थे।

सम्भागायुक्त श्री दुग्गा ने कहा कि सरगुजा संभाग अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है, यह क्षेत्र खेल प्रतिभाओं से परिपूर्ण है। यहां के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि और अपार क्षमता को पहचानकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता आदिवासी अंचल के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी।

बैठक के दौरान उन्होंने सरगुजा ओलम्पिक की आवश्यक तैयारियों पर जिलेवार समीक्षा की। बैठक में  समस्त जिला कलेक्टरों ने अपने-अपने जिले में आयोजन की तैयारियों के सम्बन्ध में जानकारी साझा की। सम्भागायुक्त श्री दुग्गा ने अब तक हुए पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली तथा कहा कि लोगों में सरगुज़ा ओलम्पिक के सम्बन्ध में प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है। पंजीयन की अंतिम तिथि 25 जनवरी तक है इसलिए पंजीयन में प्रगति लाएं। उन्होंने ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर कार्ययोजना तैयार करते हुए आयोजन को सफल बनाने निर्देशित किया। सरगुज़ा संभाग के सभी खेल अधिकारियों को स्कूल कॉलेजों में पी.टी.आई., खेल संघों को जोड़कर सरगुज़ा ओलम्पिक की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने को कहा। इसी प्रकार उन्होंने सभी जिला पंचायत सीईओ को जनपद स्तर पर वॉल राइटिंग करवाकर लोगों को जागरूक करने निर्देशित किया। 
पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक झा ने कहा कि सरगुजा ओलम्पिक 2026 शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसमें युवाओं एवं खिलाड़ियों की व्यापक सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आयोजन में पुलिस विभाग की सक्रिय भूमिका रहेगी, पूरे आयोजन में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था हेतु ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार के लिए पुलिस थानों में हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। 

*आयोजन की प्रमुख तिथियां-*

सरगुज़ा ओलंपिक हेतु पंजीयन की अंतिम  तिथि 25 जनवरी 2026 तक है। विकासखण्ड स्तरीय आयोजन 28 जनवरी से 03 फरवरी तक, जिला स्तरीय आयोजन 05 फरवरी से 10 फरवरी  तक, संभाग स्तरीय आयोजन 01 मार्च से 03 मार्च तक आयोजित होगा।
बता दें विकासखण्ड स्तर पर पंजीयन हेतु इच्छुक व्यक्ति लिंक   https://rymc.cg.gov.in/sargujaOlympic2025  में अथवा ऑफलाईन विकासखण्ड शिक्षा कार्यालय/जनपद कार्यालय/नगर पंचायत अथवा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला कार्यालय के माध्यम से किया जा सकेगा। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है। 

 *ये खेल होंगे आयोजित-*

सरगुजा ओलंपिक में विकासखण्ड स्तर पर एथलेटिक्स दौड़,  गोला फेंक, भाला फेंक, तवा फेंक, लम्बी कूद, ऊंची कूद, 4x100 रिले रेस, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराते, कबड्डी, खो-खो, बालीबाल, बास्केटबाल आयोजित होंगे। हॉकी एवं कुश्ती के खिलाडी सीधे जिले स्तर पर प्रतिभाग करेंगे।

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ग्रामीण भारत के कायाकल्प की नई शुरुआत: जशपुर में VB G राम G को लेकर भाजपा की जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

जशपुर 21 जनवरी 2026
विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से “विकसित भारत – VB G राम G” अभियान को लेकर जिला भाजपा कार्यालय जशपुर में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों, संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए रायगढ़ लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि *VB G राम G* देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। यह योजना केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव मजबूत होंगे और *VB G राम G* उसी दिशा में एक ठोस कदम है।

जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया ने कहा कि संगठनात्मक दृष्टि से *VB G राम G* को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मंडल स्तर पर कार्यशालाएं अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा ने कभी मनरेगा का विरोध नहीं किया, लेकिन कांग्रेस जानबूझकर जनता को भ्रमित कर रही है। मनरेगा की कई व्यावहारिक कमियों को दूर करने के लिए ही नए कानून लाए गए हैं।

VB G राम G के प्रदेश सह प्रभारी अम्बिकेश केशरी ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि *विजन 2047* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है और जब तक गांवों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत नहीं होगा, तब तक यह विजन पूरा नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह दुष्प्रचार कर रही है कि मनरेगा को हटाया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा ने मनरेगा को समाप्त नहीं किया, बल्कि उसकी खामियों को सुधारते हुए नए कानून के रूप में *VB G राम G* को लागू किया है।

अम्बिकेश केशरी ने कहा कि *VB G राम G* केवल मजदूरी योजना नहीं है, बल्कि यह बुनियादी सुविधाओं के विकास, सिंचाई व्यवस्था के विस्तार, ग्राम इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने और स्थायी संपत्तियों के निर्माण का अभियान है।

उन्होंने मनरेगा की कमियों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि मनरेगा में मजदूरों को महीनों तक भुगतान नहीं मिल पाता था, जिससे गरीब और श्रमिक वर्ग परेशान रहता था। *VB G राम G* में सरकार ने यह गारंटी दी है कि *एक सप्ताह के भीतर मजदूरी सीधे बैंक खाते में भुगतान* किया जाएगा। यदि एक सप्ताह के बाद भी भुगतान में देरी होती है, तो ब्याज के साथ भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यह मजदूरों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को “राम” नाम से ही चिढ़ है, इसलिए वह इस योजना का विरोध कर रही है, जबकि यह योजना गांव, गरीब और किसान के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने वाली है।

पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि *VB G राम G* आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत करेगा और गांवों में रोजगार के साथ-साथ विकास की नई संभावनाएं खोलेगा।

जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि यह योजना आदिवासी और ग्रामीण अंचलों के लिए वरदान साबित होगी और जशपुर जैसे जिलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि 
VB G राम G मनरेगा की कमियों को दूर करते हुए ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार बनेगा और विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा देगा।

बैठक का सफल संचालन जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया तथा जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए समापन किया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि मंडल स्तर की कार्यशालाएं 27 जनवरी से 5 फरवरी तक अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाएंगी, ताकि *VB G राम G* की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि कार्यशाला में प्रमुख रूप से  नपा अध्यक्ष अरविन्द भगत, नपा उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव सहित आनंद शर्मा, श्रीनायक मिश्रा, संतोष सिंह, कमला निराला, ममता कश्यप, अनूप नारायण सिंह, देवधन नायक, श्यामलाल भगत, विष्णु गुप्ता, गोविंद भगत, रीना बारला, मुकेश सोनी, नेहरू सिंह, शारदा प्रधान, पिंकी गुप्ता, पंकज जायसवाल, हरिशंकर यादव, आनंद यादव, देवलाल भगत, सरोजनी सिंह, मुनेश्वर सिंह केसर, केशव यादव, राजू गुप्ता, सुधीर पाठक, दीपक गुप्ता, उमेश प्रधान, राजा सोनी, विकास सोनी, राहुल गुप्ता, विनोद निकुंज, आशु राय, दीपू मिश्रा, मानू सोनी, रागिनी भगत, नीतू गुप्ता, कंचन बैरागी सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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ऑपरेशन आघात : जशपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, नारायणपुर में क्रेटा कार से 1 क्विंटल 85 किलो गांजा जब्त दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 55 लाख से अधिक का मादक पदार्थ बरामद

जशपुर, 21 जनवरी 2026।
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए थाना नारायणपुर पुलिस ने रानीकोंबो क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान क्रेटा कार से 1 क्विंटल 85 किलो 42 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद कर दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 55 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है।

तड़के मुखबिर की सूचना से खुला मामला

पुलिस के अनुसार दिनांक 20 जनवरी 2026 की तड़के लगभग 3 से 4 बजे के बीच थाना नारायणपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की क्रेटा कार (क्रमांक UP-32-HF-0299) में गांजा छुपाकर कुनकुरी होते हुए नारायणपुर मार्ग से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर थाना नारायणपुर एवं थाना बगीचा की संयुक्त टीम ने ग्राम रानीकोंबो मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर सघन वाहन जांच प्रारंभ की।

कार की तलाशी में निकले 180 पैकेट गांजा

कुछ ही देर बाद कुनकुरी की ओर से आती संदिग्ध क्रेटा कार को पुलिस ने घेराबंदी कर रोका। कार में दो युवक बैठे हुए मिले। पुलिस द्वारा जब वाहन की गहन तलाशी ली गई तो बीच की सीट के नीचे तथा डिक्की में कारपेट के नीचे छुपाकर रखे गए पीली टेप से लिपटे कुल 180 पैकेट गांजा बरामद किया गया।

बरामद गांजे का कुल वजन 1 क्विंटल 85 किलो 42 ग्राम पाया गया।

आरोपी बोले – ओडिशा से लाकर यूपी ले जा रहे थे गांजा

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना नाम—

  1. शान मोहम्मद उर्फ सानू (22 वर्ष), निवासी जगदीशपुर, मानपुरलाल, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
  2. सुहैल अहमद (19 वर्ष), निवासी सरौरकला, कमलापुर, थाना सीतापुर, जिला सीतापुर (उत्तर प्रदेश)

बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि वे ओडिशा के मलकानगिरी क्षेत्र से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश जा रहे थे और यह तस्करी एक लखनऊ निवासी व्यक्ति के निर्देश पर की जा रही थी।

तीसरा आरोपी चिन्हित, जल्द गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की निशानदेही पर लखनऊ स्थित मुख्य तस्कर की पहचान कर ली गई है, जिसने गांजा मंगवाया था। उसे भी शीघ्र गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है।

वाहन व मोबाइल जब्त, डिजिटल साक्ष्य की जांच

तस्करी में प्रयुक्त क्रेटा कार तथा दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। मोबाइल डाटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज

दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना नारायणपुर में धारा 20(बी)(2)c नारकोटिक्स एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक अमरबेल मिंज, अनिल कामरे, नरेश मिंज, नरेश मिंज, प्रधान आरक्षक उमेश मिंज, आरक्षक अविनाश सोनी एवं कुलदीप खलखो की सराहनीय भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा—“जशपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाया जा रहा ऑपरेशन आघात पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ जारी है। नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की प्राथमिकता युवाओं को नशे से बचाना और समाज को सुरक्षित बनाना है।”

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मुंगेली में धान खरीदी घोटाले का भंडाफोड़: 8.14 करोड़ की आर्थिक अनियमितता, राइस मिलर, समिति प्रबंधक व ऑपरेटर सहित 4 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी वाहन और ओवरलोडिंग से किया गया संगठित फर्जीवाड़ा

रायपुर, 21 जनवरी 2026/ मुंगेली जिले में धान खरीदी एवं परिवहन के मामले में गड़बड़ी के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर से प्राप्त अलर्ट के आधार पर की गई जांच में धान के अवैध ओवरलोडिंग, फर्जी वाहनों से परिवहन तथा रिसायक्लिंग के गंभीर मामले उजागर हुए हैं। जांच में यह सामने आया कि धान उठाव करने वाले वाहनों द्वारा वास्तविक क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक अधिक ओवरलोडिंग कर अवैध परिवहन किया गया।

कलेक्टर श्री कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के निर्देशानुसार खाद्य विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई विस्तृत जांच में राइस मिलरों, समिति प्रबंधकों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों द्वारा संगठित रूप से फर्जीवाड़ा कर शासन को 8 करोड़ 14 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने का खुलासा हुआ है। इस गंभीर प्रकरण में विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ आरोपी फरार हैं।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, पीडीएस चावल का वितरण नहीं किया गया, फर्जी वाहन नंबरों के माध्यम से धान का परिवहन दर्शाया गया तथा वास्तविक मात्रा से अधिक धान उठाव दिखाकर शासन को नुकसान पहुंचाया गया। प्रारंभिक जांच में लगभग 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी एवं परिवहन में अनियमितता के प्रमाण मिले हैं।

नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर 74 जीपीएस युक्त एवं 40 से अधिक बिना जीपीएस वाहनों के माध्यम से धान का अवैध परिवहन किया गया। इसी प्रकार, सिंघनुपरी उपार्जन केन्द्र द्वारा एसएस फूड के साथ मिलकर 4,542 क्विंटल धान का बिना जीपीएस वाहन से परिवहन, छटन उपार्जन केन्द्र द्वारा दीपक राइस मिल एवं नवकार मिल के साथ मिलकर 3,589 क्विंटल धान का अवैध परिवहन तथा झगरहट्टा उपार्जन केन्द्र द्वारा वर्धमान राइस मिलर्स के साथ अनियमितता किए जाने पर कार्रवाई की गई है।
इन मामलों में उपलेटा एवं वर्धमान राइस मिल के संचालक, समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं अब्दुल समद, ललित जैन, नवेन्द मेनन एवं अनिल जांगड़े फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।

अन्य थानों में भी दर्ज हुए प्रकरण

थाना फास्टरपुर में अपराध क्रमांक 12/2026 एवं थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भी धान उपार्जन केन्द्रों में फर्जी परिवहन, धोखाधड़ी एवं अनियमितताओं के मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा फर्जीवाड़ा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। Nahin

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स्वामी आत्मानंद विद्यालय, नयापारा की छात्रा को दिल्ली आमंत्रण...परीक्षा पे चर्चा 2026 के प्रथम चरण में महासमुंद की बेटी कु. सृष्टि साहू का हुआ चयन

 रायपुर, 20 जनवरी 2026 /  परीक्षा पे चर्चा के नवें संस्करण में इस वर्ष भी विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों में व्यापक उत्साह देखने को मिला। पंजीयन की अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ राज्य से कुल 29.29 लाख प्रतिभागियों ने पोर्टल पर अपना पंजीयन कराया। यह आंकड़ा गत वर्ष की तुलना में 7.16 लाख अधिक है, जो कार्यक्रम के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

 गत वर्ष पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा था, जबकि इस वर्ष अंडमान एवं निकोबार, चंडीगढ़ एवं लक्षद्वीप के बाद राज्य को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इस वर्ष राज्य से 1.41 लाख पालकों द्वारा पंजीयन किया गया, जो पालकों की शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का स्पष्ट संकेत है।

*प्रथम चरण की चयन प्रक्रिया*

 प्रथम चरण में विद्यार्थियों के चयन हेतु जिलों से विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों से संबंधित वीडियो आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित तिथि तक कुल 171 विद्यार्थियों के वीडियो प्राप्त हुए। गठित समिति द्वारा इन वीडियो का गहन परीक्षण किया गया, जिसके उपरांत 18 विद्यार्थियों का चयन कर उनका विवरण केंद्र को भेजा गया। चयनित विद्यार्थियों में पीएमश्री विद्यालय से 04, सेजस से 06, निजी विद्यालयों से 04, शासकीय विद्यालयों से 03 तथा केजीबीव्ही से 01 विद्यार्थी शामिल हैं।

*कु. सृष्टि साहू का केंद्रीय स्तर पर चयन*

 केंद्र की समिति द्वारा महासमुंद जिले के स्वामी आत्मानंद विद्यालय, नयापारा की गणित संकाय की कक्षा 12वीं की छात्रा कु. सृष्टि साहू का चयन किया गया है। कु. सृष्टि साहू, पिता श्री नरेन्द्र कुमार साहू एवं माता श्रीमती दिनेश्वरी साहू को 21 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया गया है।

*प्रशासन एवं शाला परिवार की प्रतिक्रिया*

 कु. सृष्टि साहू के चयन पर जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगहे ने उनसे भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शाला की प्राचार्या श्रीमती अमी रूफस ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि कु. सृष्टि एक अनुशासित, परिश्रमी एवं अध्ययनशील छात्रा है। उन्होंने यह भी बताया कि कु. सृष्टि बाल दिवस के अवसर पर शाला नायक की भूमिका में प्राचार्य की कुर्सी पर बैठकर नेतृत्व प्रदान कर चुकी है।

*परिवार का गर्व और सहयोग*

 कु. सृष्टि साहू के पिता शासकीय विद्यालय में शिक्षक हैं तथा माता गृहणी हैं। दोनों ने अपनी पुत्री के चयन पर गर्व एवं प्रसन्नता व्यक्त की है और इसे परिवार के साथ-साथ जिले के लिए भी गौरव का विषय बताया है।

*शाला एवं विभागीय प्रयासों की सराहना*

 शाला प्राचार्य के अनुसार विद्यालय के सभी शिक्षकों द्वारा परीक्षा पे चर्चा में विद्यार्थियों के पंजीयन हेतु विशेष प्रयास किए गए। विद्यालय में 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया गया तथा विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास भी कराया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।

 कु. सृष्टि साहू के चयन पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे एवं शिक्षा विभाग द्वारा हार्दिक बधाई दी गई। छात्रा के दिल्ली प्रवास से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण कराने में जिला परियोजना समन्वयक श्री रेखराज शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा रायपुर द्वारा भी महासमुंद जिले को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।

*आगामी चरण की प्रतीक्षा*

 परीक्षा पे चर्चा 2026 के आगामी चरणों में और विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया जारी है, जिसके परिणामों की प्रतीक्षा की जा रही है।

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किसानों की मेहनत की रक्षा में शासन का संकल्प : छत्तीसगढ़ में धान घोटालों पर बड़ा एक्शन, अंतर्राज्यीय तस्करी से लेकर राइस मिल अनियमितताओं तक शिकंजा,करोड़ों की कार्रवाई – शासन की सख़्ती से कांपे धान माफिया 

धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने राज्यभर में सघन कार्रवाई

अवैध परिवहन, भंडारण व मिलिंग पर प्रशासन सख़्त, कई जिलों में बड़ी कार्रवाई

रायपुर 20 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-केंद्रित बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अवैध धान परिवहन, भंडारण, विक्रय एवं मिलिंग अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यभर में व्यापक और सघन अभियान चलाया जा रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा अंतर्राज्यीय सीमाओं, धान खरीदी केंद्रों, राइस मिलों एवं संदिग्ध स्थलों पर सतत निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई की जा रही है, ताकि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही सुनिश्चित हो सके।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने कहा कि राज्य सरकार धान उपार्जन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-हितैषी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध परिवहन, भंडारण, बिक्री अथवा मिलिंग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने  कहा कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले। बिचौलियों, फर्जी टोकन, मिलावट, अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रारंभिक स्तर पर ही सख़्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में राजस्व, खाद्य, मंडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सतत निगरानी एवं भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहाँ संबंधित व्यक्ति, संस्था अथवा मिल संचालक के विरुद्ध छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। खाद्य सचिव ने दोहराया कि किसानों के हितों की रक्षा और धान खरीदी व्यवस्था की शुचिता बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसी क्रम में महासमुंद जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायपाली विकासखंड अंतर्गत रेहटीखोल क्षेत्र में बीती रात संयुक्त टीम द्वारा एक ट्रक से 694 बोरा धान जब्त किया गया। जब्त धान का कुल वजन लगभग 319 क्विंटल पाया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि उक्त ट्रक में उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर बिना किसी वैध दस्तावेज के धान का परिवहन किया जा रहा था। परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर धान से भरे ट्रक को मौके पर ही जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर अवैध धान परिवहन रोकने के लिए सतत निगरानी रखी जा रही है तथा संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की जा रही है, ताकि धान खरीदी प्रणाली की शुचिता बनी रहे।

धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के तहत धमतरी जिले में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के समिति प्रबंधक एवं ऑपरेटर को सेवा से पृथक कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मिलावटयुक्त धान, टोकन का दुरुपयोग एवं अवैध बिक्री के प्रकरण सामने आए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धान उपार्जन व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रारंभिक स्तर पर ही कठोर कार्रवाई की जा रही है, ताकि उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही सीमित रहे और बिचौलियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

इसी प्रकार  13 जनवरी 2026 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बिलारी (सोनाखान) में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त कर पुलिस थाना सलीहा-बिलाईगढ़ के सुपुर्द किया।

सरगुजा जिले में कलेक्टर के निर्देशन में राइस मिलों का सघन भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में राजेश राइस मिल खोडरी एवं सिद्धिविनायक राइस मिल दरिमा में धान की भारी कमी पाई गई। कस्टम मिलिंग आदेश 2016 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत संबंधित मिलों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

महासमुंद जिले में अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम द्वारा कुल 217 कट्टा धान एवं एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। अवैध परिवहन एवं भंडारण के मामलों में मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में महासमुंद जिले में अब तक की गई कार्रवाई में बीते दो दिनों में कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया है। कलेक्टर द्वारा अंतर्राज्यीय जांच चौकी टेमरी, नर्रा एवं खट्टी सहित धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सख़्त निर्देश दिए गए हैं। पिथौरा, बसना एवं सरायपाली क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकरणों में बड़ी मात्रा में अवैध एवं संदिग्ध धान जब्त कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कई मामलों में धान को पुलिस थाना के सुपुर्द किया गया है।

बिलासपुर जिले में धान उठाव में गंभीर गड़बड़ी सामने आने पर अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मिल को सील किया गया तथा संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। मौके से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है। भौतिक सत्यापन में कस्टम मिलिंग के लिए जारी धान की तुलना में हजारों क्विंटल धान की कमी पाई गई। दो दिनों तक चली गहन जांच के बाद अनियमितता की पुष्टि होते ही तत्काल कार्रवाई की गई। खाद्य विभाग के अनुसार बिलासपुर जिले में अब तक 56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 के उल्लंघन के अंतर्गत की गई है। जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि धान खरीदी, परिवहन, भंडारण एवं मिलिंग में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं एवं मिल संचालकों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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शिक्षा के साथ संस्कारों की मजबूत नींव रखने वाला “शिशु नगरी” कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर जशपुर में भव्य रूप से संपन्न, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर रहा विशेष फोकस,

जशपुरनगर 20 जनवरी 26 : 
सरस्वती शिशु मंदिर जशपुर में आयोजित शिशु नगरी कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह एवं अनुशासित वातावरण के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, व्यवहारिक ज्ञान, सामाजिक समझ तथा आत्मविश्वास का विकास करना रहा। विद्यालय प्रांगण में सजी शिशु नगरी ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को बाल शिक्षा की नवीन पद्धति से रू-बरू कराया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना टोप्पो, मुख्य अतिथि श्रीमती सविता मिश्रा, विद्यालय समिति के सामान्य व्यवस्थापक रामनिवास अग्रवाल एवं प्राचार्य संजय कुमार यादव द्वारा मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात वंदना एवं स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।

प्रधानाचार्य रामानंद राम ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए शिशु नगरी कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों को जीवनोपयोगी व्यवहारिक ज्ञान, अनुशासन, सहयोग भावना एवं आत्मनिर्भरता सिखाने की एक प्रभावी पहल है, जिससे बालकों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना टोप्पो ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में बच्चों पर किसी भी प्रकार का मानसिक दबाव नहीं डालना चाहिए, बल्कि खेल-खेल में सीखने के माध्यम से उनकी रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति एवं सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार का समन्वय ही भावी पीढ़ी को सशक्त, संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक बनाता है।

मुख्य अतिथि श्रीमती सविता मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ संस्कारों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के अत्यधिक उपयोग से बच्चों के चारित्रिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को सही दिशा दें, समय प्रबंधन सिखाएं और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ें।

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में अरुणोदय प्रथम एवं द्वितीय के भैया-बहनों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की सजीव प्रस्तुति, अनुशासन एवं आत्मविश्वास ने सभी अभिभावकों का दिल जीत लिया। वहीं अभिभावक माताओं द्वारा प्रस्तुत लोरी गीत एवं देशभक्ति नागपुरी गीत ने पूरे वातावरण को भावनात्मक और देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।

विद्यालय समिति के सामान्य व्यवस्थापक रामनिवास अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाल्यावस्था में दिया गया सही मार्गदर्शन ही जीवन की सफलता की नींव रखता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के नियमित अध्ययन, नैतिक शिक्षा एवं संस्कारों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य संजय कुमार यादव ने समस्त अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिशु नगरी जैसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यवहारिक समझ को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसके पश्चात अतिथियों एवं अभिभावकों ने शिशु वाटिका का निरीक्षण किया तथा बच्चों द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनकी रचनात्मक प्रतिभा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

कार्यक्रम में लगभग 250 अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय समिति के पदाधिकारियों, आचार्य-आचार्याओं एवं विद्यालय कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

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सेक्टर स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में सरस्वती कॉलेज अंबिकापुर का दबदबा, एनईएस कॉलेज जशपुर पहली बार बना उपविजेता,एनईएस खेल मैदान में हुआ रोमांचक फाइनल मुकाबला

सरगुजा संभाग के पांच महाविद्यालयों की टीमों ने दिखाया दमखम

जशपुरनगर 20 जनवरी 26 : 
छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शासकीय रामभजन राय एनईएस स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जशपुर द्वारा परिक्षेत्र स्तरीय पुरुष हैंडबॉल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन एनईएस खेल मैदान में किया गया। प्रतियोगिता में सरगुजा संभाग के पांच महाविद्यालयों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर खेल भावना का परिचय दिया।

सोमवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में गत विजेता सरस्वती महाविद्यालय, अंबिकापुर की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। वहीं मेजबान एनईएस कॉलेज, जशपुर की टीम ने उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए पहली बार सेक्टर स्तर पर उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।

उद्घाटन मुकाबले से ही दिखा रोमांच

उद्घाटन मुकाबला एनईएस कॉलेज जशपुर एवं शासकीय बालासाहेब देशपांडे महाविद्यालय, कुनकुरी के बीच खेला गया, जिसमें मेजबान टीम ने बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की। पहले सेमीफाइनल में शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर और सरस्वती महाविद्यालय, अंबिकापुर आमने-सामने हुए, जिसमें सरस्वती कॉलेज ने एकतरफा जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया।

दूसरा सेमीफाइनल एनईएस कॉलेज और गत उपविजेता श्री साईं बाबा महाविद्यालय, अंबिकापुर के बीच खेला गया, जो अंत तक बेहद रोमांचक रहा और अंततः मेजबान टीम ने जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।

खेल से मिलता है जीवन का संस्कार – प्राचार्य

उद्घाटन अवसर पर प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र ने कहा कि खेल केवल शरीर ही नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीत और हार दोनों से जीवन को नई दिशा मिलती है।

नया हैंडबॉल कोर्ट बना खिलाड़ियों के लिए वरदान

क्रीड़ा अधिकारी मनोरंजन कुमार ने बताया कि एनईएस खेल मैदान में नव निर्मित हैंडबॉल कोर्ट से अब जशपुर के खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास का बेहतर अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय एवं राज्य स्तरीय टीम के लिए योग्य खिलाड़ियों का चयन करना है।

इनकी रही अहम भूमिका

प्रतियोगिता के सफल आयोजन में ऑब्जर्वर क्रीड़ा अधिकारी राजू राज कुजूर, अतिथि क्रीड़ा अधिकारी विवेकानंद, केवीएस पीईटी नवीन कुमार, व्यायाम शिक्षक विमल लकड़ा एवं हॉकी कोच सुप्रिया तिग्गा का विशेष योगदान रहा।

इस दौरान प्रो. डॉ. यूएन लकड़ा, डॉ. जेपी कुजूर, प्रो. एसईजी लकड़ा, प्रो. कीर्ति किरण केरकेट्टा, प्रो. रिजवाना खातून, प्रो. प्रवीण सतपति, डॉ. हरिकेश कुमार, अंजिता कुजूर, प्रिंसी कुजूर, लाइजन मिंज, वरुण श्रीवास, रजिस्ट्रार बी.आर. भारद्वाज सहित महाविद्यालय के अनेक कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक गौतम कुमार सूर्यवंशी ने किया।

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