पुलिस सैलरी पैकेज बना दिवंगत आरक्षक के परिवार का सहारा, जशपुर पुलिस और एसबीआई के माध्यम से पत्नी को मिली 1 करोड़ रुपये की बीमा सहायता
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पुलिस सैलरी पैकेज बना दिवंगत आरक्षक के परिवार का सहारा, जशपुर पुलिस और एसबीआई के माध्यम से पत्नी को मिली 1 करोड़ रुपये की बीमा सहायता

जशपुर, 13 मार्च 2026 । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “पुलिस सैलरी पैकेज” योजना के तहत जशपुर जिले के रक्षित केंद्र में पदस्थ रहे दिवंगत आरक्षक स्वर्गीय रमेश बड़ा के परिवार को बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत उनकी पत्नी सोलमा बाई को भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से 1 करोड़ रुपये की जीवन बीमा सहायता राशि प्रदान की गई। इस सहायता से परिवार को कठिन समय में बड़ा सहारा मिला है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वर्गीय रमेश बड़ा की 6 अगस्त 2025 को एक दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। उस समय वे रक्षित केंद्र जशपुर में पदस्थ थे। स्वर्गीय रमेश बड़ा ने 8 जनवरी 1995 को अविभाजित मध्यप्रदेश के गुना जिले से आरक्षक के रूप में पुलिस सेवा की शुरुआत की थी और अपने लंबे सेवाकाल में विभाग को सेवाएं देते हुए कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य किया।

आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने भारतीय स्टेट बैंक जशपुर के मुख्य प्रबंधक समीर कुमार, वरिष्ठ सहायक संदीप कुमार सिंह और गौतम कुमार झा की उपस्थिति में दिवंगत आरक्षक की पत्नी सोलमा बाई व उनके परिजनों को 1 करोड़ रुपये का चेक सौंपा।

कार्यक्रम के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने दिवंगत आरक्षक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की “पुलिस सैलरी पैकेज” योजना पुलिस परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह है। इस योजना के माध्यम से ड्यूटी के दौरान अथवा दुर्घटना में मृत्यु होने पर नामांकित सदस्य को 1 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर प्रदान किया जाता है, जबकि सामान्य मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है।

इस अवसर पर बैंक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने दिवंगत आरक्षक के परिजनों को प्राप्त राशि के सुरक्षित और समुचित उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी। उन्हें फंड मैनेजमेंट के बारे में समझाइश दी गई, ताकि इस राशि का भविष्य में सुरक्षित और लाभकारी उपयोग किया जा सके।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के सभी पुलिसकर्मियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना से जुड़कर अपने वेतन खाते को एसबीआई के पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत पंजीकृत रखें और नामांकन की जानकारी समय-समय पर अपडेट करते रहें, ताकि विपरीत परिस्थितियों में उनके परिवार को योजना का पूरा लाभ मिल सके।

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