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दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना : मुख्यमंत्री श्री साय ने भूमिहीन मजदूरों के खातों में अंतरित की 495 करोड़ रुपए से अधिक राशि,जशपुर के 7 हजार से अधिक हितग्राहियों सहित प्रदेश के लाखों हितग्राही लाभांवित

जशपुरनगर 25 मार्च 2026/ दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आज बलौदाबाजार में आयोजित किया गया। जहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों के बैंक खातों में 495 करोड़ 96 लाख रुपये की राशि अंतरित की। इस योजना के तहत प्रत्येक भूमिहीन मज़दूर हितग्राही को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। पिछले वर्ष भी 562.11 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई थी। इस योजना से जशपुर जिले के 7 हजार से अधिक हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया गया। जिले में इसका जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि महाविद्यालय कुनकुरी में आयोजित किया गया, जहां अतिथियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर सहभागिता निभाई।


*मजदूरों के सम्मान का प्रतीक है योजना – मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह कार्यक्रम केवल राशि वितरण नहीं, बल्कि भूमिहीन मजदूरों के प्रति सरकार के सम्मान और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक औषधीय परंपराओं को जीवित रखने वाले 22 हजार 28 बैगा-गुनिया को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूर हमारी कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनकी मेहनत का सम्मान करती है। यह योजना गरीब परिवारों के जीवन में आर्थिक सहारा प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में भी इस योजना को जारी रखने हेतु बजट में प्रावधान किया गया है।


*हितग्राही से मुख्यमंत्री ने किया संवाद*-

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के ग्राम रेमते निवासी हितग्राही श्री कन्हैया लाल से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें योजना के तहत प्राप्त राशि के बेहतर उपयोग की शुभकामनाएं दीं। श्री कन्हैया लाल ने बताया कि पिछले वर्ष मिली राशि से उन्होंने बकरी खरीदकर बकरी पालन शुरू किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। इस वर्ष की राशि का उपयोग वे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे घर में टाइल्स लगाने में करेंगे। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।


*योजना से मिलेगा व्यापक लाभ* -

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी तथा पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवारों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया एवं मांझी परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।


*जिला स्तरीय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता* -

कुनकुरी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनपद पंचायत कुनकुरी अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम कुनकुरी श्री नन्द जी पांडे, सरपंच ग्राम पंचायत रेमते श्रीमती सरिता तिर्की सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने कहा कि कुनकुरी में आयोजित कृषि क्रांति एक्सपो 2.0 के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिली है और अब भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान कर सरकार ने उनके जीवन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह राशि मजदूरों के परिवार के पालन-पोषण एवं आजीविका संवर्धन में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। यह योजना प्रदेश के भूमिहीन मजदूरों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभर रही है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

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मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब.....


जशपुरनगर 25 मार्च चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में आयोजित चार दिवसीय श्री रामनवमी महायज्ञ का आज बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा मुख्यमंत्री निवास बगिया से प्रारंभ होकर नदी तट तक निकली तथा पुनः यज्ञ स्थल तक पहुंची, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। वहीं, कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।आयोजन को लेकर बगिया सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्यमंत्री के भाई जयप्रकाश साय सह पत्नी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना की जा रही है।कार्यक्रम के तहत आज मूर्ति स्थापना के साथ पूजा, हवन, आरती, लीला एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। आगामी दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला जारी रहेगी—26 मार्च: पूजन, हवन, आरती, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन,27 मार्च: विशेष पूजन, नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति एवं रात्रि में भव्य लीला,28 मार्च: सहस्त्रधारा स्नान, आशीर्वाद, मूर्ति विसर्जन एवं प्रसाद वितरण के साथ समापन होगा।यह भव्य आयोजन ग्राम बगिया के यज्ञ स्थल पर किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।पूरे कार्यक्रम का संचालन धर्म संस्थापक परम पूज्य स्वामी धनपति पण्डा जी महाराज (गुरुधाम मुंडियापानी, लैलूंगा, रायगढ़) के आशीर्वाद में किया जा रहा है।श्रीमती कौशल्या साय ने जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र नवरात्रि में यह महायज्ञ वर्ष 1993 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रतीक बन चुका है।चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में भक्ति संगीत, कथा-प्रवचन और विविध धार्मिक अनुष्ठानों से बगिया पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर हुआ अमल,बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट की हुई शुरुआत,53 गांवों को होगा लाभ, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

जशपुरनगर, 25 मार्च 2026/ जिले के बागबहार तहसील में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुविधा की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इस पहल से क्षेत्र के 53 गांवों के लोगों को अब अपने राजस्व एवं अन्य प्रकरणों के लिए पत्थलगांव जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों का त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनके समय, श्रम और धन की उल्लेखनीय बचत होगी।
    एसडीएम लिंक कोर्ट का संचालन प्रत्येक सप्ताह बुधवार को किया जाएगा। इससे लंबित राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी आएगी और न्याय प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ एवं त्वरित बनेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 24 जनवरी 2026 को कोतबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट प्रारंभ करने की घोषणा की थी, जिसे अमलीजामा पहनाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और सुशासन के संकल्प के परिणामस्वरूप बागबहार क्षेत्र के ग्रामीणों को अब अपने राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी।एसडीएम लिंक कोर्ट प्रारंभ होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे प्रशासन आम जनता के और अधिक करीब आया है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।

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टी.बी. मुक्त जशपुर बनाने की दिशा में बड़ी पहल,टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत 100 दिवसीय 'निक्षय निरामय 2.0 अभियान का हुआ शुभारंभ


जशपुरनगर, 25 मार्च 2026/ राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिले में 100 दिवसीय “निक्षय निरामय 2.0 अभियान” का शुभारम्भ किया गया।  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने स्वास्थ्य अधिकारियों को अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जांच एवं सर्वे कर टी.बी. मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने तथा उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले को टी.बी. मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि टी.बी. के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जांच एवं उपचार कराएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी एस जात्रा एवं अन्य अधिकारियों ने प्रचार प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया 

*उच्च जोखिम वाले मरीजों को पहचान कर किया जाएगा उपचार*

अभियान का उद्देश्य  उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों (60 वर्ष से अधिक उम्र, BMI 18.5 से कम, मधुमेह के मरीजों, PLHIV, धुम्रपान एवं शराब का सेवन करने वाले, टी.बी. मरीजों के कांटेक्ट, पूर्व में टी.बी. से ग्रसित व्यक्तियों) की स्कीनिंग कर टीबी के समस्त एवं छुटे हुए मरीजों की पुष्टि करना, टी.बी की दवाई व पोषण आहार प्रदाय कर मृत्यू को कम करना, टी.बी. संक्रमण को रोकने हेतु प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट प्रदाय करना, तथा टीबी से बचाव, रोकथाम एवं उपचार को बढ़ावा देने हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही  14 वर्ष से अधिक उम्र के समस्त व्यक्तियों की स्कीनिंग किये जाने या 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यदि पिछले 2 साल में टी.बी. बीमारी हो, टी.बी. मरीज के कॉन्टेक्ट रहे हों, गंभीर कुपोषित हो, एच.आई.व्ही. से ग्रसित हो या उच्च जोखिम समूह में हो तो भी स्कीनिंग किया जाना है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को प्रतिवर्ष 2 बार एक्स-रे के द्वारा स्कीनिंग और टी.बी. मरीज के सम्पर्क में आने वालों को शत प्रतिशत निःशुल्क प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट लेना अनिवार्य है। 
    
        *04 चरणों में चलाया जाएगा अभियान*

यह अभियान 04 चरणों में आयोजित होगा, प्रथम चरण में मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर लक्षण के अनुसार लाक्षणिक स्कीनिंग करना एवं उच्च जोखिम व्यक्तियों की सूची अद्यतन करना। दुसरे से चौथे चरण में विभिन्न स्तर के अस्पतालों में आयुष्मान शिविर आयोजित कर सिम्प्टोमेंटिक एवं हैण्डहेल्ड एक्स-रे का उपयोग कर स्क्रीनिंग करना है। अभियान के दौरान प्रत्येक हैण्डहेल्ड एक्स-रे मशीन से न्यूनतम 100 एक्स-रे एवं अधिकतम 200 एक्स-रे प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान ओ.पी.डी. में आने वाले मरीजों में से 5 से 10 प्रतिशत मरीजों का टी.बी. स्क्रीनिंग करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
शुभारम्भ अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस अभियान का उद्देश्य के बारे में बताया और कहा कि व्यापक जनभागीदारी से इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इस दौरान डॉ. व्ही. के. इन्दवार जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, डॉ. रोशन बरियार जिला क्षय अधिकारी सहित टी.बी. विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

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दूध उत्पादन से लेकर वर्मी कम्पोस्ट तक — एक ही काम से कई फायदे, मधुसुदन भगत का मॉडल दिखा रहा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रास्ता


जशपुर 25 मार्च 2026/ जिले के नगर पंचायत बगीचा के किसान मधुसुदन भगत पिछले कई वर्षों से समर्पण और मेहनत के साथ गौपालन को सफल व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ा रहे है। आधुनिक तकनीकों और पशुधन विकास विभाग की मदद से उन्होंने अपने पशुपालन को एक प्रेरणादायक मॉडल बना दिया है। 

मधुसुदन की कहानी 2005 से बड़े रूप में गौपालन का काम कर रहे हैं।
27 गाय प्रतिदिन 60 लीटर से ज्यादा दूध देती है नगर में खपत हो जाती है। 

किसान ने कुल 27 गौपालन कर रहे हैं और पशुओं के गोबर का उपयोग अपने खेतों में खाद के रूप में करते हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पास जर्सी नस्ल के गाय है कुछ लोकल मिक्स ब्रीड के गाय का भी पालन करते हैं।


 बगीचा के  पशुचिकित्सालय से  पशुओं का नियमित इलाज और टिकाकरण करवाते हैं।

उनकी गाय प्रतिदिन सुबह और शाम 10 से 12 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। 

पशुओं के खाने के लिए मक्के के चूरे को खौलते पानी में डालकर पकाया जाता है जिसे गाय बहुत चाव से खाती हैं। और इससे दूध के उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती है। दिन में दो बार गोबर को एकत्रित कर उसे वर्मी कम्पोस्ट बनाने में उपयोग किया जाता है। 
 

 मधुसुदन भगत की यह पहल बताती है कि सही जानकारी मेहनत और विभागीय सहयोग से पशुपालन भी किसानों के लिए मजबूत आय का माध्यम बन सकती है।

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“सोनोग्राफी के नाम पर लिंग जांच करने वालों की अब खैर नहीं — कलेक्टर का अल्टीमेटम, शिकायत मिलते ही अस्पताल सील, संचालकों पर कानूनी शिकंजा और लाइसेंस रद्द होने की चेतावनी

जशपुर 25 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्राइवेट हॉस्पिटल और निजी पैथोलॉजी संचालकों की समीक्षा बैठक ली।
कलेक्टर ने सभी प्राइवेट हॉस्पिटल के डाक्टरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं का सोनोग्राफी अल्ट्रासाउंड के माध्यम से लिंग भ्रूण का पता लगाना कानूनी अपराध है किसी भी संस्थान के दौरा ऐसी शिकायतें मिलती है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध pcpndt एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और संस्था के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा।


कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान प्राइवेट हॉस्पिटल में होने वाले गर्भवती महिलाओं की जांच और सिजेरियन ऑपरेशन की भी जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि पत्थलगांव निजी अस्पताल से और कुनकुरी के 2 प्राइवेट हॉस्पिटल की ज्यादा शिकायतें मिल रही है। अस्पताल संचालकों को व्यस्था में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी है। 

कलेक्टर ने कहा कि बेटियां नहीं रहेगी तो अपने बेटों के लिए बहू कहां से ला पाएंगे इसलिए बेटीयों को भी बचाने की जिम्मेदारी सभी पालकों की है।

कलेक्टर ने सभी प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालकों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सभी गर्भवती महिलाओं और अन्य महिलाओं का  प्रत्येक माह के सप्ताह के दो दिन 9 तारीख और 24 तारीख को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए हैं।
और महिलाओं का एएनसी जांच करने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा स्वास्थ्य परीक्षण से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की स्थिति पहले से पता चल पाएगी ताकि उचित इलाज समय पर किया जा सके।

कलेक्टर ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की गर्भवती महिलाओं का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने जिला अस्पताल के गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव की जानकारी ली और कम प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कुनकुरी निजी अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के ज्यादा केस आने पर इसे गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को टीम गठित करके जिन अस्पताल में ज्यादा शिकायतें मिल रही है वहां जांच करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान केन्द्र सरकार की राहवीर योजना की भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायलों की जान बचाने वालों सम्मानित किया जाएगा। और शासन द्वारा निर्धारित राशि भी ईनाम के रूप देने का प्रावधान किया गया है।

योजना का उद्देश्य गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाना है जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है।
इस दौरान घायलों को समय पर चिकित्सकीय  सहायता मिल जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति तत्परता से घायलों को अस्पताल पहुचांता है तो उस व्यक्ति को राहवीर की उपाधि दी जाएगी और सम्मानित किया जाएगा।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को जिले में टीबी और कुष्ठ मरीजों का स्वास्थ्य जांच करके चिन्हांकन करने के निर्देश दिए हैं और मरीजों को समय पर दवाईयां उपलब्ध कराने के लिए कहा है। टीबी मुक्त अभियान के तहत 100 दिन का जिले में कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस दौरान टीबी से संभावित मरीजों का चिन्हांकन किया जाएगा और उन्हें निःशुल्क दवाई उपलब्ध कराई जाएगी 

कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं और बच्चों का समय पर टीकाकरण करने निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीएस जात्रा और प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालक और निजी पैथोलॉजी संचालकगण उपस्थित थे।

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झारखंड से लाई जा रही अवैध देशी शराब पर आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन — 30.800 लीटर मदिरा के साथ आरोपी धराया, जशपुर में सख्ती से चल रहा अभियान

जशपुरनगर, 25 मार्च 2026/ जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को नियमित जांच एवं छापेमारी सुनिश्चित करते हुए अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती महिमा पट्टावी के मार्गदर्शन में आबकारी वृत्त पत्थलगांव की टीम ने सेन्दरीबहार थाना पत्थलगांव क्षेत्र में 24 मार्च को छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को उसके आवास से 30.800 लीटर देशी मदिरा के साथ गिरफ्तार किया गया।
     जांच में पाया गया कि आरोपी उक्त मदिरा को झारखंड से विक्रय के उद्देश्य से लाया था। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2), 36 एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे रिमांड पर लेकर जेल भेज दिया गया है। उक्त कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक श्री यज्ञ शरण शुक्ला, आबकारी मुख्य आरक्षक श्री कृनेश सिन्हा, श्री छक्केलाल गुप्ता, आबकारी आरक्षक श्री जुगल किशोर पटेल, नगर सैनिक श्री मंजीत महेश्वरी सहित आबकारी वृत्त पत्थलगांव के स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

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“जय श्रीराम” के जयघोष से गूंजा बनगांव — भव्य श्रीराम कथा में शामिल हुए जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, धर्म और मर्यादा का दिया संदेश

जशपुरनगर 25 मार्च 2026 । चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत बनगांव में श्री राम कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय शामिल होकर कथा का श्रवण किया ,इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर श्रद्धा भाव से कथा का श्रवण किया।
कथा वाचन के लिए लैलूंगा से आए विद्वान कथा वाचकों ने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए ग्रामीणों को सत्य सनातन धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्मपालन के महत्व को सरल भाषा में समझाया।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा बनगांव एवं लोकेर के सरपंच सहित बालेश्वर चक्रेश भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।कार्यक्रम का समापन भक्ति भाव और जय श्रीराम के जयघोष के साथ हुआ।

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सप्तमी की पावन संध्या पर जागृत हुई आदिशक्ति: नारायणपुर के जनसेवा अभेद आश्रम से निकली माँ भगवती की अलौकिक डोला यात्रा, भक्तिरस में डूबा पूरा नगर,गूंजे भक्ति के गगनभेदी जयकारे

जनसेवा अभेद आश्रम में सप्तमी पर निकली माँ भगवती की भव्य डोला यात्रा, रास्ते भर उमड़ा आस्था का जनसैलाब” 

नारायणपुर 24 मार्च 2026 । चैत्र नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मंगलवार की शाम नारायणपुर आश्रम स्थित जनसेवा अभेद आश्रम चिटकवाइन एक बार फिर आस्था, परंपरा और भक्ति के विराट संगम का साक्षी बना। शाम ढलते ही पूरा आश्रम परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भर गया। दूर-दराज के गांवों से लेकर अन्य राज्यों तक से पहुंचे भक्तों ने माँ भगवती के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई।

संध्या होते-होते वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। ठीक सायं करीब 7:30 बजे विधि-विधान से पूजन के उपरांत माँ भगवती को भव्य रूप से सुसज्जित डोले में विराजमान किया गया। इसके बाद जैसे ही डोला यात्रा प्रारंभ हुई, “जय माँ सर्वेश्वरी ” के गगनभेदी जयकारों, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भजन-कीर्तन की स्वर लहरियों ने पूरे क्षेत्र को भक्ति में सराबोर कर दिया।

साधकों और श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से कंधे पर माँ की डोली उठाई और पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुए। महिलाएं जयकारा गीत गाती हुई आगे बढ़ रही थीं, तो युवक ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते नजर आए। हर चेहरे पर आस्था और उत्साह साफ झलक रहा था।

डोला यात्रा आश्रम से निकलकर नारायणपुर के जयस्तंभ चौक, मुख्य बाजार मार्ग और अटल चौक से होते हुए पुनः आश्रम पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता रहा। जगह-जगह ग्रामीणों और नगरवासियों ने पुष्प वर्षा एवं पूजा अर्चना कर माँ का स्वागत किया। कई स्थानों पर आरती उतारकर भक्तों ने अपनी श्रद्धा अर्पित की।

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जनसेवा अभेद आश्रम में सर्वेश्वरी समूह द्वारा सप्तमी पर विशेष आयोजन किया गया। पूरे दिन पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा। शाम को डोला यात्रा के बाद आश्रम में भव्य महा आरती का आयोजन हुआ, जिसमें भारी संख्या में  श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ नगर के लोगों की भारी भागीदारी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

डोला यात्रा का समापन आश्रम स्थित काली मंदिर में हुआ, जहां हवन, पूजन और महा आरती के साथ सप्तमी पूजा पूर्ण हुई। अंतिम चरण में श्रद्धालुओं ने माँ भगवती से सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और हर कोई माँ के दर्शन के लिए आतुर नजर आया।

सप्तमी का यह भव्य आयोजन एक बार फिर यह साबित कर गया कि नारायणपुर की धरती पर आस्था और परंपरा की जड़ें कितनी गहरी हैं, जहां हर वर्ष माँ भगवती के चरणों में श्रद्धा का ऐसा विराट सैलाब उमड़ता है।

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चैती छठ महापर्व : छठी मैया की आराधना में लीन हुआ जशपुर, तालाबों और घाटों पर सजी भक्ति की भव्य छटा, व्रतियों ने जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्पित किया अर्घ्य, गूंजे लोकगीत और जयकारे


जशपुरनगर  24बमार्च — लोक आस्था, अनुशासन और अटूट विश्वास के प्रतीक चैती छठ महापर्व का तीसरा और सर्वाधिक महत्वपूर्ण दिन मंगलवार को पूरे धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। नहाय-खाय और खरना जैसे पवित्र अनुष्ठानों के पश्चात आज व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और संतान की दीर्घायु की मंगलकामना की।
संध्या होते ही शहर के विभिन्न घाटों, तालाबों और पवित्र जलाशयों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। वातावरण ‘छठी मैया’ के गीतों, मंत्रोच्चार और लोक भजनों से गुंजायमान हो उठा। व्रती महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए डलिया और सूप में ठेकुआ, फल, नारियल एवं अन्य प्रसाद लेकर जल में खड़ी होकर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करती नजर आईं। पूरा परिवेश श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
चार दिवसीय इस महापर्व के क्रम में दूसरे दिन खरना का अनुष्ठान विधिवत संपन्न होने के बाद व्रती 36 घंटे के निर्जला उपवास का पालन कर रही हैं। मंगलवार को चैत्र शुक्ल षष्ठी तिथि पर अस्त होते सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित किया गया, जबकि बुधवार, 25 मार्च को चैत्र शुक्ल सप्तमी तिथि पर उदीयमान सूर्य को प्रातःकालीन अर्घ्य अर्पित कर इस पावन पर्व का समापन होगा। इसके उपरांत व्रती कच्चे दूध और प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगी।
इस वर्ष छठ महापर्व के तीसरे दिन रोहिणी नक्षत्र और प्रीति योग का दुर्लभ संयोग बनने से इसकी आध्यात्मिक महत्ता और अधिक बढ़ गई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग अत्यंत शुभ और कल्याणकारी फल प्रदान करने वाला माना जाता है, जिससे व्रतियों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
छठ पूजा में स्वच्छता और शुद्धता का विशेष महत्व होता है। व्रती प्रसाद निर्माण से लेकर पूजा सामग्री तक हर वस्तु की पवित्रता का विशेष ध्यान रखते हैं। व्रत के दौरान घरों में लहसुन-प्याज का पूर्णतः त्याग कर सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है। व्रती भूमि पर शयन कर संयम और साधना का पालन करते हैं तथा मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखते हुए छठी मैया की आराधना में लीन रहते हैं।
जशपुरनगर में छठ महापर्व का यह अनुपम दृश्य न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक समरसता का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता नजर आया।

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मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य आयोजन, चार दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम की तैयारियां पूरी, सत्य सनातन धर्म, देवी संत समाज द्वारा किया जा रहा है आयोजन, जुटेंगे हजारों श्रद्धालु.......


जशपुरनगर 24 मार्च ।मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के बीच श्री रामनवमी पर्व के अवसर पर महायज्ञ का भव्य आयोजन 25 मार्च से 28 मार्च 2026 तक किया जा रहा है,जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे।इस चार दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम को लेकर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है और आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।कार्यक्रम की शुरुआत 25 मार्च को कलश यात्रा एवं मूर्ति स्थापना के साथ होगी। इस दिन पूजा, हवन, आरती के साथ लीला एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।26 मार्च को पूजन, हवन, आरती, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन आयोजित होंगे।27 मार्च को विशेष पूजन, हवन, नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति आरती के साथ रात्रि में भव्य लीला एवं भजन-कीर्तन का कार्यक्रम रखा गया है।
28 मार्च को सहस्त्रधारा स्नान, आशीर्वाद, मूर्ति विसर्जन एवं प्रसाद वितरण के साथ यज्ञ का समापन होगा।
यह आयोजन ग्राम बगिया के यज्ञ स्थल पर किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम धर्म संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव स्वामी सर्व श्री धनपति पण्डा जी महाराज (गुरुधाम मुंडियापानी, लैलूंगा, रायगढ़) आशीर्वाद से पूजा सम्पन्न होगा।सत्य सनातन धर्म, देवी संत समाज आयोजन समिति द्वारा समस्त श्रद्धालुओं एवं ग्रामवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की गई है। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति संगीत, कथा-प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय रहेगा।

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निवेशकों के लिए बड़ी राहत: “वन क्लिक सिंगल विंडो पोर्टल” लॉन्च—भूमि आवंटन, अनुमति, सब्सिडी कैलकुलेटर और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने एक नई वेबसाइट वन क्लिक सिंगल विंडो सिंगल-पोर्टल किया लॉंच

यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती है

रायपुर, 24 मार्च 2026/ वन क्लिक सिंगल विंडो (OneClick) एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल है, जो निवेशकों को छत्तीसगढ़ में व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां, मंजूरी, भूमि आवंटन और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा एक ही जगह प्रदान करता है। यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती है, जिससे समय की बचत होती है, पारदर्शिता बढ़ती है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस  (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलता है।

           उद्योग विभाग से पाप्त जानकारी के अनुसार वन क्लिक सिंगल विंडोका मूल विचार सरल है विभाग के साथ काम करने वाले सभी लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना। चाहे आप एक स्थापित व्यवसाय हों, संभावित निवेशक हों, स्टार्टअप हों या निर्यातक हों, अब आपको सब कुछ एक ही स्थान पर मिलेगा। अनुमोदन के लिए वन क्लिक सिंगल विंडो से लेकर सब्सिडी कैलकुलेटर के साथ प्रोत्साहन का अनुमान लगाने तक, प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और कुशल है।

          छत्तीसगढ़ के व्यापार को आसान बनाएं के व्यापक वादे के तहत, वनक्लिक राज्य का नया सिंगल-विंडो पोर्टल है जो व्यापारिक वातावरण में गति, सरलता और पारदर्शिता लाता है। अनुमोदन और मंजूरी से लेकर बिल भुगतान, भूमि आवंटन और अनुपालन तक - एक उद्यमी या निवेशक को जो कुछ भी चाहिए, वह अब सिर्फ एक क्लिक दूर है।

         वनक्लिक नाम सहज, यादगार है और पोर्टल के मूल कार्य को स्पष्ट रूप से दर्शाता है एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुगमता और दक्षता प्रदान करना। टैगलाइन - सीजी इसे आसान बनाता है - शासन को एक सहज अनुभव में बदलने के लिए छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां उद्यमी कागजी कार्रवाई में कम समय और महत्वपूर्ण कार्यों के निर्माण में अधिक समय व्यतीत करते हैं।

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भूमिहीनों के जीवन में खुशियों की बारिश: दीनदयाल उपाध्याय योजना से 5 लाख परिवारों को मिलेगा 500 करोड़ का सीधा लाभ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल करेंगे राशि का अंतरण

रायुपर, 24 मार्च 2026/ दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। इस योजना से सर्वाधिक रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि 'अंत्योदय' की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

            दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाके तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के न्याय और सुशासन की गूंज होगी। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है।

         दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। संकल्प बजट 2026-27 में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान के साथ भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का सशक्त संबल मिलेगा। यह सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचकर उन्हें स्थिरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है।

         दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर, बिलासपुर जिला के 39 हजार 401 भूमिहीन कृषि मजदूर, महसमुंद जिला के 37 हजार 11 भूमिहीन कृषि  मजदूरों को लाभ मिलेगा, जिनका ई केवायसी हो चुका है।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 24 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
     आज आयोजित जनदर्शन में कुल 26 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 
   कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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लापरवाही और नियम उल्लंघन पर बस ऑपरेटरों पर कसेगा शिकंजा, कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त संदेश—यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

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जशपुरनगर, 24 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिले में संचालित समस्त निजी बस ऑपरेटरों की बैठक लेकर बस संचालन व्यवस्था की समीक्षा की बैठक के दौरान उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्ध संचालन, निर्धारित किराया का पालन करने, वाहनों की फिटनेस, जरूरी सुरक्षा उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा किट, ओवरलोडिंग सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित बस ऑपरेटरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
      कलेक्टर श्री व्यास द्वारा बस ऑपरेटरों को बस स्टैण्ड जशपुर में सममसीमा का ध्यान रखकर बस संचालन करने, बस स्टैण्ड में यातायात व्यवस्था बाधित न हो इसलिए बस को अनावश्यक रूप से बस स्टैण्ड में खड़े न रखते हुए व्यवस्थित रखने, बस स्टैण्ड से बस निकलते समय अनावश्यक रूप से सवारी लेने के नाम पर बाहर रास्ते में वाहन खड़ी न करने,  सवारी लेते समय बीच सड़क में बस खड़ी न करने, बस में क्षमता से अधिक सवारी न चढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बस संचालकों को अपने सभी बसों का नियमित रूप से फिटनेस चेक कराने, बस की बीमा वैधता का ध्यान में रखने,  महिला-पुरूष एवं बच्चों के बस में बैठने का विशेष व्यस्था करने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने बस चालकों के मेडिकल परीक्षण नियमित रूप से कराने, सभी बसों का परमिट, बीमा और फिटनेस प्रमाण-पत्र अपडेट रखने,  प्रशासन द्वारा निर्धारित दरों से अधिक किराया यात्रियों से वसूली न करने, ओवरलोडिंग और क्षमता से अधिक यात्री न बैठाने के निर्देश दिए गए। 
   कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बस के भीतर हेल्पलाईन नंबर और शिकायत नंबर अनिवार्य रूप से लिखे, ताकि जरूरत के समय यात्रियों को जरूरी मदद मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि ड्राइवर और परिचालकों का व्यवहार यात्रियों के प्रति विनम्र होना चाहिए जिससे यात्री निश्चिंत होकर यात्रा कर सके। उन्होंने बस चालकों को वाहन चलाते समय मादक पदार्थ का सेवन न करने एवं मोबाइल का उपयोग से बचने को कहा गया। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टिकोण से  बस संचालकों के द्वारा अपने बस चालकों एवं अन्य कर्मचारियों का पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने तथा इसकी सूचना यातायात शाखा में देने को कहा गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बस चालकों के पास वैध लाइसेंस होने पर ही बस का परिचालन करने  की अनुमति होगी। इसके अलावा प्रत्येक बसों में मिनी फायर एक्सटिंग्विगर और फर्स्ट ऐड किट अनिवार्य रूप से होना चाहिए़ ताकि आपात स्थिति में काम आ सके।

*ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में प्रशिक्षित चालकों से ही बस संचालन कराएं: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक* 

बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बस ऑपरेटरों से कहा कि जशपुर जिले की भौगोलिक स्थिति पहाड़ों एवं पठारी क्षेत्रों से घिरी हुई है, जहां औसतन प्रत्येक 4 किलोमीटर पर ब्लैक स्पॉट पाए जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में विशेष रूप से ग्रामीण और पहाड़ी मार्गों पर बस संचालन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतना आवश्यक है। उन्होंने बस ऑपरेटरों से अपेक्षा की कि वे अपने चालकों को इन मार्गों की चुनौतियों के प्रति जागरूक करें।
    उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में केवल प्रशिक्षित और अनुभवी चालकों को ही बस संचालन की जिम्मेदारी दी जाए। साथ ही बस संचालन का प्रबंधन इस प्रकार सुनिश्चित किया जाए कि सभी चालक एवं कर्मचारी पर्याप्त विश्राम प्राप्त कर सकें, जिससे थकान के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बस चालकों की नियमित जांच की जाए तथा शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी श्री विजय निकुंज, जिला बस मालिक संघ के अध्यक्ष श्री केदार मिश्रा सहित अन्य अधिकारीगण एवं बस ऑपरेटर्स उपस्थित रहे।

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कुनकुरी में आयोजित कृषि क्रांति एक्सपो बना किसानों की तरक्की का महाकुंभ, 17 कंपनियों की भागीदारी से जशपुर के मिलेट, औषधीय और उद्यानिकी उत्पादों को मिला राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार का बड़ा मंच

जशपुरनगर 24 मार्च 2026/ जिला प्रशासन जशपुर द्वारा कुनकुरी में आयोजित कृषि क्रांति एक्सपो में किसानों का उत्साह चरम पर दिखाई दे रहा है। एक्सपो के अंतर्गत आयोजित डेमॉन्स्ट्रेशन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित होकर सक्रिय रूप से भागीदारी सुनिश्चित की। एक्सपो में विभिन्न कृषि उत्पादों, आधुनिक तकनीकों एवं स्थानीय उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने किसानों और आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 17 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, वहीं जिले के 40 लीडर किसानों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए कंपनियों के साथ सीधे संवाद स्थापित किया।

*कंपनियों ने दिखाई गहरी रुचि* -

एक्सपो में विभिन्न कंपनियों ने जशपुर जिले के कृषि उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई। महाराष्ट्र से आई एक कंपनी ने जिले के ऑर्गेनिक उत्पादों को लेकर उत्साह जताया, जबकि पटना (बिहार) से आए श्री शुभम बर्नवाल ने मिलेट, कटहल एवं सरसों आधारित उत्पादों की खरीद में रुचि दिखाई। भोपाल से आए कंपनी प्रतिनिधि श्री अर्पण गौर ने जिले के मिलेट उत्पादों के नमूने लिए और लगभग 200 टन मिलेट क्रय करने की प्राथमिकता जताई, जिससे मिलेट उत्पादन को बड़ा बाजार मिलने की संभावना बनी है।

*औषधीय एवं वैकल्पिक फसलों की बढ़ी मांग* -

रांची से आए प्रतिनिधियों ने जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में लेमन ग्रास एवं पचौली की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर किसानों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि पचौली फसल को जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते और इसे अन्य फसलों के साथ इंटरक्रॉपिंग के रूप में भी उगाया जा सकता है। इस संबंध में श्री आशुतोष ने जानकारी दी कि पचौली की फसल एक बार लगाने के बाद लगभग 5 वर्षों तक उत्पादन देती है, जिससे किसानों को स्थायी आय का स्रोत मिलता है। वहीं पीपरेता (मेन्था की उन्नत किस्म) की खेती से किसान एक वर्ष में लगभग 1 लाख रुपए तक की आय अर्जित कर सकते हैं। यह फसल कम लागत में उगाई जा सकती है और इसमें जंगली जानवरों से नुकसान का खतरा भी कम रहता है।

*कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और निर्यात की संभावनाएं* -

ग्लोबल हर्ब्स कंपनी की प्रतिनिधि श्रीमती रजनी गाबा ने जिले के गिलोय, आंवला, हल्दी, सफेद मूसली, जामुन गुठली जैसे औषधीय उत्पादों की मांग जताई। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत से इन उत्पादों का निर्यात महंगा पड़ता है, इसलिए जशपुर से आपूर्ति की संभावना अत्यंत लाभकारी है। इसके अलावा कुसुम बीज, लाख, पीपल, नागरमोथा, करंज बीज और साल बीज की भी मांग व्यक्त की गई। इसी क्रम में राइस एक्सपोर्टर श्री जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे जिले से आईआर-64 एवं स्वर्णा जैसी धान किस्मों का निर्यात करना चाहते हैं। इसके लिए चावल के नमूनों का प्रयोगशाला परीक्षण कराया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरने वाले उत्पादों का निर्यात किया जाएगा।

*किसानों के लिए नए अवसरों का मंच* -

कृषि क्रांति एक्सपो के माध्यम से जिले के किसानों को सीधे बाजार से जुड़ने, उत्पादों के मूल्य संवर्धन और आय वृद्धि के नए अवसर मिल रहे हैं। यह आयोजन न केवल किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने का मंच भी प्रदान कर रहा है। जिला प्रशासन जशपुर द्वारा आयोजित यह एक्सपो किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है और भविष्य में कृषि आधारित आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभर रहा है।

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जिला जेल जशपुर में प्रशासन का बड़ा एक्शन: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर और एसएसपी ने किया आकस्मिक निरीक्षण, बंदियों की सुविधाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हर पहलू की हुई गहन जांच, सुधार के दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर 24 मार्च 2026/ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर श्री सत्येन्द्र कुमार साहू,  कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेन्द सिंह ने आज जिला जेल जशपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर के विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, जेल अस्पताल, पाकशाला (रसोईघर), वालगार्ड एवं बैरकों का निरीक्षण किया गया। बंदियों के भोजन, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया, जिसमें किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई। निरीक्षण के दौरान कुछ बंदियों द्वारा अपने-अपने प्रकरणों से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु न्यायाधीशों के समक्ष निवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जेल अधीक्षक द्वारा जेल संचालन में आ रही समस्याओं एवं कमियों की जानकारी भी अधिकारियों को दी गई, जिस पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

     निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल में बंद कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जेल परिसर की स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, पेयजल व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधन का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया। इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कु. सुमन सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती श्वेता बघेल, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश पाटनवार, जेल अधीक्षक श्री श्याम लाल, उप पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पाटनवार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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मां भगवती की महिमा से सराबोर होगा नारायणपुर — सजे-धजे डोले में विराजेंगी मां भगवती, भजन-कीर्तन और झांझ-मांदर की धुन पर निकलेगी भव्य यात्रा, श्रद्धालु होंगे शामिल

नारायणपुर 24 मार्च 2026 । वासंतिक नवरात्र के पावन अवसर पर चिटकवाइन स्थित जन सेवा अभेद आश्रम में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि का विशेष पूजन किया जाएगा। मंगलवार को आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में शाम 7 बजे मां भगवती का सुसज्जित डोला आश्रम से निकाला जाएगा।

डोला यात्रा पारंपरिक वाद्ययंत्रों मांदर और झांझ की गूंज, भजन-कीर्तन एवं जयकारों के बीच निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा अभेद आश्रम से प्रारंभ होकर जय स्तंभ चौक, नारायणपुर बस्ती और अटल चौक का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगी।

मंदिर पहुंचने के पश्चात मां भगवती की विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती की जाएगी। सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि के पूजन और डोला निकालने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

आश्रम समिति के अनुसार इस दिन मां भगवती का विशेष श्रृंगार किया जाता है तथा श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से शामिल होकर पूजा का पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।

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