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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

जशपुरनगर, 08 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज नगर पालिका जशपुर क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन नालंदा परिसर, जुदेव चौक के समीप सौंदर्यीकरण कार्य, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर चौक, बालासाहेब देशपांडे चौक तथा पुरानी टोली स्थित सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, सहायक अभियंता नगर पालिका श्री कैलाश खरोले, उप अभियंता श्री शुभेंदु श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

*500 सीटर नालंदा परिसर से मिलेगा आधुनिक अध्ययन का बेहतर केंद्र*

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने लगभग 2.87 हेक्टेयर क्षेत्र में 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 सीटर नालंदा परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर विद्यार्थियों को आधुनिक लाइब्रेरी, डिजिटल अध्ययन सुविधाओं के साथ शांत एवं व्यवस्थित अध्ययन का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगा। यह परिसर जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

*जुदेव चौक के समीप सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश*

कलेक्टर ने रंजीता स्टेडियम के समीप जुदेव चौक में लगभग 64 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। प्रस्तावित कार्यों के तहत आकर्षक फव्वारा, सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं की प्रतिकृतियों सहित अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*सामुदायिक भवन के शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश*

कलेक्टर श्री व्यास ने पुरानी टोली में लगभग 74 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। भवन का निर्माण अंतिम चरण में है और वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। उन्होंने शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। सामुदायिक भवन के पूर्ण होने से शासकीय आयोजनों के साथ-साथ शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए नागरिकों को एक ही स्थान पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

*डॉ. अंबेडकर एवं बालासाहेब देशपांडे चौक बनेंगे आकर्षण और प्रेरणा के केंद्र*

कलेक्टर श्री व्यास ने लगभग 15 लाख रुपये की लागत से डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर चौक एवं बालासाहेब देशपांडे चौक में किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन चौकों का सौंदर्यीकरण शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही लोगों के लिए आकर्षण एवं प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

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छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, लंबे इंतजार के बाद 700 से अधिक तबादला आदेश जारी, करीब 400 नाम अंतिम परीक्षण में बाहर, भविष्य में ऑनलाइन होगी तबादला प्रक्रिया


रायपुर, 8 अगस्त 2026- प्रदेश के शिक्षकों के लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानांतरण को लेकर आखिरकार शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। स्थानांतरण के लिए तैयार की गई सूची में व्यापक स्तर पर छंटनी और परीक्षण के बाद अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।विभागीय स्तर पर तैयार की गई प्रारंभिक सूची में करीब 1,600 शिक्षकों के नाम शामिल थे। इसके बाद सूची की समीक्षा करते हुए समन्वय से संख्या कम करने के निर्देश दिए गए और करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई। अंतिम परीक्षण में भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब 400 नामों को सूची से बाहर कर दिया गया। इसके बाद शेष शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।इन मामलों में नहीं हुआ स्थानांतरण-शिक्षा विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता दी गई। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक, ऐसे शिक्षक जिनके स्थानांतरण से विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरण तथा अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों का परीक्षण करते हुए उन्हें अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया।विभाग का स्पष्ट मानना रहा कि किसी शिक्षक के स्थानांतरण के कारण विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।अनुशंसा और प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार हुई थी सूची। सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों एवं विभिन्न स्तरों से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक सूची से लेकर अंतिम सूची तक कई स्तरों पर जांच के बाद करीब 400 नामों को हटाया गया।अब अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर चल रहा इंतजार समाप्त हो गया है।

अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथन

शिक्षक स्थानांतरण की वर्तमान प्रक्रिया के बाद शिक्षा विभाग अब भविष्य की स्थानांतरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं तकनीक आधारित बनाने पर भी विचार कर रहा है। विभागीय स्तर पर शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की व्यवस्था लागू करने को लेकर मंथन जारी है।यदि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होती है तो शिक्षक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन, आवेदन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में अन्य राज्यों में लागू ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणालियों का भी अध्ययन किया जा रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं के परीक्षण के बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अंतिम सूची में शामिल शिक्षकों के आदेश जारी हो चुके हैं, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों की नजरें अब नए पदस्थापना स्थल पर टिक गई हैं।

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ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 24 भारतीय वन सेवा अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदलीं, कई वन मंडलों से लेकर टाइगर रिजर्व और मुख्यालय स्तर तक हुआ बदलाव

नवा रायपुर, 8 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत प्रदेश के विभिन्न वन मंडलों, वन्यजीव क्षेत्रों और विभागीय कार्यालयों में कार्यरत 24 भारतीय वन सेवा अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से नवीन पदस्थापना दी गई है। यह पदस्थापनाएं आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेंगी।

शासन के इस आदेश के बाद प्रदेश के कई प्रमुख वन क्षेत्रों में जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। वन मंडलों के साथ-साथ वन्यजीव प्रबंधन, टाइगर रिजर्व, कार्ययोजना वनमंडल और विभागीय मुख्यालय से जुड़े पदों पर भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

तबादला आदेश में प्रदेश के अलग-अलग वन क्षेत्रों को शामिल किया गया है। कई अधिकारियों को एक वन मंडल से दूसरे वन मंडल में भेजा गया है, वहीं कुछ अधिकारियों को मुख्यालय स्तर की जिम्मेदारी दी गई है। वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर भी बदलाव किया गया है।

आदेश के तहत कुछ अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति से वापस लेकर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं कुछ अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर अन्य विभागीय संस्थानों में भेजा गया है। इससे वन विभाग के प्रशासनिक कामकाज और मैदानी स्तर की जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।

दूसरे चरण में भी कई वन मंडलों और विभागीय कार्यालयों में पदस्थापना बदली गई है। इसमें सरगुजा, कांकेर, मरवाही, कोरिया, बस्तर, दुर्ग, सूरजपुर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित कई वन क्षेत्रों में जिम्मेदारियों का पुनर्गठन किया गया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का यह आदेश 8 अगस्त 2026 को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन से जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नवीन पदस्थापनाएं आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेंगी।

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जशपुर में पिता-पुत्र के विवाद ने लिया खूनी रूप, बेटे ने सील-लोढ़ा से पिता के सिर पर किया वार, अस्पताल ले जाते समय मौत; हत्या के आरोप में 32 वर्षीय बेटा गिरफ्तार

जशपुर/तपकरा। थाना तपकरा क्षेत्र के ऊपर कछार चौकी अंतर्गत ग्राम सिंगीबहार में पिता-पुत्र के बीच हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। विवाद के दौरान बेटे ने कथित तौर पर अपने पिता के सिर पर घर में रखे सील-लोढ़ा से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 6 अगस्त 2026 की है। मृतक कृष्णा सिंह के भतीजे योगादर सिंह को गांव के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उसके चचेरे भाई सूरज सिंह का अपने पिता कृष्णा सिंह के साथ विवाद हुआ है और मारपीट के बाद कृष्णा सिंह बेहोश पड़े हैं। सूचना मिलते ही योगादर सिंह मौके पर पहुंचा। वहां कृष्णा सिंह खटिया पर बेहोशी की हालत में मिले। उनके नाक, मुंह और कान से खून निकल रहा था। आरोपी सूरज सिंह भी मौके पर मौजूद था।

परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस की मदद से कृष्णा सिंह को उपचार के लिए शासकीय अस्पताल केरसेई पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शासकीय अस्पताल कुनकुरी रेफर किया। कुनकुरी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने जांच के बाद कृष्णा सिंह को मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना पर थाना कुनकुरी पुलिस ने बिना नंबर का मर्ग कायम कर मृतक के शव का पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद मामला तपकरा थाना क्षेत्र का होने के कारण मर्ग डायरी आगे की कार्रवाई के लिए थाना तपकरा भेजी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 7 अगस्त को आरोपी सूरज सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम सिंगीबहार, चौकी ऊपर कछार, थाना तपकरा को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता के स्वभाव को लेकर आए दिन घर और बाहर विवाद की स्थिति बनती रहती थी। घटना के दिन भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर आवेश में आकर घर में रखे सील-लोढ़ा से पिता के सिर पर वार कर दिया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अपराध स्वीकार किए जाने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सील-लोढ़ा भी जब्त कर लिया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी तपकरा निरीक्षक संदीप कौशिक, चौकी प्रभारी ऊपर कछार सहायक उप निरीक्षक भुनेश्वर भगत, प्रधान आरक्षक अजय कुमार लकड़ा तथा आरक्षक दिलीप खलखो, सोनू सिंह और अमेश पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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शतरंज की बिसात पर भिड़ेंगे देशभर के दिग्गज खिलाड़ी, जशपुर में पहली बार ऑल इंडिया ओपन फिडे रेटेड टूर्नामेंट, विजेता को 50 हजार और उपविजेता को 30 हजार

जशपुरनगर। जशपुर जिले में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है। ‘चेकमेट @ जशपुर’ ऑल इंडिया ओपन फिडे रेटेड शतरंज टूर्नामेंट-2026 का आयोजन 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पुरानी टोली स्थित कम्युनिटी हॉल में किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं खेल विभाग द्वारा जशपुर जिला शतरंज संघ के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता को ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ का भी सहयोग प्राप्त है।

प्रतियोगिता में देशभर से शतरंज खिलाड़ियों के शामिल होने की उम्मीद है। मुकाबले में कुल 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। मुख्य वर्ग में विजेता खिलाड़ी को 50 हजार रुपये, उपविजेता को 30 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 20 हजार रुपये एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा प्रतियोगिता में शीर्ष 17 खिलाड़ियों के साथ अंडर-15, अंडर-13, अंडर-11 और अंडर-9 बालक-बालिका वर्ग, अंडर-1650, अनरेटेड, वेटरन एवं महिला वर्ग के खिलाड़ियों के लिए भी पुरस्कार रखे गए हैं। जशपुर जिले और सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके लिए भी विशेष पुरस्कारों का प्रावधान किया गया है।

आठ राउंड में होंगे मुकाबले

प्रतियोगिता फिडे स्विस सिस्टम के तहत कुल आठ राउंड में आयोजित होगी। प्रत्येक खिलाड़ी को बाजी के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक चाल पर 30 सेकंड का इंक्रीमेंट निर्धारित किया गया है।

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जशपुर जिले के खिलाड़ियों के लिए प्रवेश शुल्क 200 रुपये, सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों के लिए 800 रुपये तथा अन्य जिलों और राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए 1200 रुपये निर्धारित किया गया है। 22 अगस्त तक सामान्य प्रवेश शुल्क लागू रहेगा। 22 अगस्त शाम 5 बजे के बाद 200 रुपये विलंब शुल्क देना होगा। वहीं 24 अगस्त के बाद किसी भी खिलाड़ी का प्रवेश स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए वर्ष 2026-27 का AICF पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिता के पहले 50 खिलाड़ियों के लिए नि:शुल्क डॉरमेट्री आवास की व्यवस्था भी की जाएगी।

जशपुर में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता आयोजित होने से जिले के स्थानीय शतरंज खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन को लेकर खेल प्रेमियों और शतरंज खिलाड़ियों में भी उत्साह देखा जा रहा है।

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जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों पर कलेक्टर सख्त, अगस्त में हर हाल में पूरा करने के निर्देश

जशपुर 8 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत संचालित जल जीवन मिशन योजना की समीक्षा की 

उन्होंने 70% से अधिक भुगतान हुए विभिन्न अनुबंधों के ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश देते हुए सभी कार्य अगस्त माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने ठेकेदारों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही बरतने पर कार्यों की वसूली आपके अनुबंधों से किए जाएंगे उक्त बैठक में जल जीवन मिशन के 25 ठेकेदार विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कहा जल जीवन मिशन के तहत लोगों तक शुद्ध पेयजल पहचान छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है इसमें कोई लापरवाही नहीं चलेगी

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यक्ष नगर गोकुल धाम कण्डोरा में हाई मास्क सोलर लाइट का भूमिपूजन, ग्रामीणों में खुशी

नारायणपुर । यक्ष नगर गोकुल धाम कण्डोरा में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदत्त हाई मास्क सोलर लाइट स्थापना कार्य का विधिवत भूमिपूजन एवं फाउंडेशन कार्य किया गया। इस सुविधा के मिलने से क्षेत्र में रात के समय प्रकाश व्यवस्था बेहतर होने के साथ ही स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हाई मास्क सोलर लाइट की स्थापना को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था मजबूत होने से यक्ष नगर गोकुल धाम में आने-जाने वाले लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी और रात्रिकालीन गतिविधियों में भी सहूलियत होगी।

भूमिपूजन एवं फाउंडेशन कार्य के दौरान समिति के सदस्य निराकार यादव पटेल, रामचंद्र यादव, कुंवर यादव, मोहन यादव (बूथ अध्यक्ष), मधुसूदन यादव, गौरव यादव (पीएम ग्रामीण मंडल अध्यक्ष), लखन यादव, चंद्रभानु, सरपंच कृष्णा राय एवं सुरेंद्र यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।

समिति के सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में हाई मास्क सोलर लाइट की स्थापना महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में क्षेत्र में इसी तरह अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।

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जशपुर में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर दिखा अंतरिक्ष विज्ञान का रोमांच, ISRO के वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, 240 छात्र-छात्राओं ने जाना चंद्रयान से गगनयान तक भारत की अंतरिक्ष यात्रा

जशपुर। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-2026 के अवसर पर जशपुर में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CCOST) एवं छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर द्वारा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC), क्षेत्रीय रिमोट सेंसिंग केन्द्र नागपुर, शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन जशपुर के सहयोग से 7 अगस्त को स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर में विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से करीब 240 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में ISRO के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर एवं क्षेत्रीय रिमोट सेंसिंग केन्द्र नागपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों से रूबरू कराया। वैज्ञानिकों ने चंद्रयान मिशन, आदित्य-L1, गगनयान मिशन, उपग्रह प्रौद्योगिकी, रिमोट सेंसिंग तथा अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों के साथ सीधे संवाद करने और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े सवाल पूछने का भी अवसर मिला।

कार्यक्रम स्थल पर आयोजित स्पेस एग्जीबिशन विद्यार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। प्रदर्शनी में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, उपग्रह तकनीक, अंतरिक्ष अभियानों और ISRO की प्रमुख उपलब्धियों से संबंधित विभिन्न मॉडल एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियों को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में काफी रुचि दिखाई और वैज्ञानिकों से विभिन्न जानकारियां हासिल कीं।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-2026 की थीम पर विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक समझ को सामने लाने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता एवं अंतरिक्ष विज्ञान आधारित क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, अंतरिक्ष विज्ञान और ISRO की उपलब्धियों को अपने पोस्टरों में आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार राकेश महतो, कक्षा 11वीं, संत जेवियर शांति भवन जशपुर, द्वितीय पुरस्कार शिवम सोनी, कक्षा 11वीं, सेजेस जशपुर और तृतीय पुरस्कार प्रियांश साव, सेजेस जशपुर ने प्राप्त किया।

इसी तरह अंतरिक्ष विज्ञान आधारित क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक जानकारी और तार्किक क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मुश्कान नायक, कक्षा 11वीं, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय जशपुर, द्वितीय पुरस्कार नितेश यादव, कक्षा 12वीं, मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर और तृतीय पुरस्कार हर्षिता सिंह, कक्षा 12वीं, जशपुरांचल अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जशपुर ने हासिल किया। विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय जशपुर, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जशपुरांचल अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, शांति भवन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गम्हरिया, शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोड़काचौरा तथा सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हुए। जिला शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्पेस एग्जीबिशन का अवलोकन किया और विद्यार्थियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बढ़ाने वाली इस पहल की सराहना की।

आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि विकसित करना, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना तथा उन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों और इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर की संभावनाओं से परिचित कराना है। कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, CCOST, छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर रायपुर, ISRO के NRSC एवं क्षेत्रीय रिमोट सेंसिंग केन्द्र नागपुर, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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रायपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 34 अधिकारी-कर्मचारियों का तबादला—थानों से लेकर पुलिस कमिश्नरेट की विभिन्न शाखाओं तक बदली गई जिम्मेदारी, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

रायपुर। पुलिस कमिश्नर रायपुर कार्यालय से जारी आदेश के तहत पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। 34 अधिकारी-कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है। तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।

इस फेरबदल में शहर के विभिन्न थानों के साथ पुलिस कमिश्नरेट की अलग-अलग शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कुछ कर्मचारियों को थानों से पुलिस शाखाओं में, जबकि कुछ को शाखाओं से थानों में भेजा गया है।

पुलिस विभाग में यह बदलाव प्रशासनिक आवश्यकता और पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है। संबंधित कर्मचारियों को आदेश के अनुसार नवीन जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

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राशिफल: शनिवार को बदलेंगे ग्रहों के संकेत, मेष से मीन तक जानिए किस राशि की खुलेगी किस्मत, किसे मिलेगा धन-करियर में लाभ और किन राशियों को आज रहना होगा बेहद सावधान - जानिए दिनभर के ग्रहों के संकेत

 8 अगस्त 2026। शनिवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज कुछ जातकों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी और सफलता मिल सकती है, जबकि कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। पारिवारिक जीवन में संवाद बनाए रखना लाभकारी रहेगा। विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता बढ़ाने का दिन है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन।

मेष राशि — योजनाओं को गति मिलेगी, मेहनत का मिलेगा परिणाम

मेष राशि वालों के लिए शनिवार का दिन उत्साह और सक्रियता से भरा रह सकता है। लंबे समय से अटके किसी काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा हो सकता है।

आर्थिक स्थिति: आय के नए अवसर सामने आ सकते हैं। हालांकि अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर रहेगा। किसी को बड़ी रकम उधार देने से पहले अच्छी तरह विचार करें।

परिवार: घर में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। परिवार के वरिष्ठ सदस्य की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

विद्यार्थी: पढ़ाई में मन लगाने के लिए समय का बेहतर प्रबंधन जरूरी होगा।

स्वास्थ्य: थकान और तनाव से बचें। पर्याप्त आराम करें।

आज का उपाय: शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करें।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

वृषभ राशि — आर्थिक मामलों में राहत, पारिवारिक सहयोग मिलेगा

वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे परिस्थितियां आपके पक्ष में आती दिखाई देंगी। किसी पुराने प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी में प्रगति हो सकती है। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को जल्दबाजी से बचना चाहिए।

आर्थिक स्थिति: धन संबंधी मामलों में स्थिरता बनी रह सकती है। पुराने निवेश या रुके हुए भुगतान से राहत मिलने की उम्मीद है।

परिवार: परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। किसी प्रियजन के साथ महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है।

विद्यार्थी: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को अनुशासन बनाए रखना होगा।

स्वास्थ्य: खान-पान पर ध्यान दें और पर्याप्त पानी पीते रहें।

आज का उपाय: जरूरतमंद को भोजन कराना शुभ रहेगा।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

मिथुन राशि — नए अवसर मिलेंगे, निर्णय सोच-समझकर लें

मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी बातचीत और समझदारी प्रभावशाली रहेगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दे सकती है। व्यवसायियों को नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिलेगा।

आर्थिक स्थिति: आय अच्छी रह सकती है, लेकिन साथ ही खर्च भी बढ़ सकता है। बजट बनाकर चलना बेहतर होगा।

परिवार: छोटी बातों को लेकर बहस से बचें। आपकी शांत बातचीत घरेलू माहौल को बेहतर बनाएगी।

विद्यार्थी: नई चीज सीखने और ज्ञान बढ़ाने के लिए अच्छा समय है।

स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम करने के लिए कुछ समय आराम करें।

आज का उपाय: गणेश जी का स्मरण करें और किसी जरूरतमंद विद्यार्थी की मदद करें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

कर्क राशि — पारिवारिक सुख बढ़ेगा, काम में धैर्य रखें

कर्क राशि वालों के लिए दिन भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण रह सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन उनका सकारात्मक परिणाम भी मिलने की संभावना है।

आर्थिक स्थिति: धन का प्रवाह सामान्य रहेगा। अचानक कोई घरेलू खर्च सामने आ सकता है, इसलिए बचत पर ध्यान दें।

परिवार: घर के किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी मिल सकती है। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा।

विद्यार्थी: पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने पर अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

स्वास्थ्य: नींद पूरी लें और तनाव से बचें।

आज का उपाय: शिव मंदिर में जल अर्पित करना शुभ माना जाता है।

शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2

सिंह राशि — आत्मविश्वास बढ़ेगा, करियर में मिल सकती है उपलब्धि

सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा हो सकती है। कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है। व्यवसाय में नई योजना बनाने के लिए समय अनुकूल रहेगा।

आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। हालांकि जोखिम वाले निर्णय लेने से पहले पूरी जानकारी जुटाएं।

परिवार: परिवार के सदस्यों के बीच आपका प्रभाव बढ़ेगा। किसी पुराने मतभेद को बातचीत से दूर किया जा सकता है।

विद्यार्थी: कठिन विषयों पर विशेष ध्यान देने से सफलता मिलेगी।

स्वास्थ्य: ऊर्जा अच्छी रहेगी, लेकिन अत्यधिक काम करने से बचें।

आज का उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

कन्या राशि — मेहनत रंग लाएगी, रुके काम पूरे होंगे

कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत का सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा। लंबे समय से लंबित कोई कार्य पूरा हो सकता है। नौकरी में आपकी कार्यशैली से वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं।

आर्थिक स्थिति: खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बचत की दिशा में कदम उठाना लाभकारी रहेगा।

परिवार: किसी करीबी रिश्तेदार से अच्छी खबर मिल सकती है। घर में सहयोग का माहौल रहेगा।

विद्यार्थी: नियमित पढ़ाई करने वालों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।

स्वास्थ्य: दिनचर्या व्यवस्थित रखें।

आज का उपाय: जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान करें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

तुला राशि — संबंधों में मधुरता, कारोबार में नए संपर्क बनेंगे

तुला राशि के लिए शनिवार का दिन संतुलन बनाए रखने का संदेश दे रहा है। कामकाज में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापारियों के लिए नए ग्राहक या व्यावसायिक संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं।

आर्थिक स्थिति: धन संबंधी मामलों में सावधानी जरूरी है। अचानक खर्च बढ़ सकता है।

परिवार: जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। परिवार के साथ किसी कार्यक्रम की योजना बन सकती है।

विद्यार्थी: पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।

स्वास्थ्य: लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से बचें।

आज का उपाय: जरूरतमंद को वस्त्र या भोजन का दान करें।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 6

वृश्चिक राशि — चुनौतियों के बीच मिलेगी सफलता, धैर्य जरूरी

वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन आपकी दृढ़ता परिस्थितियों को अपने पक्ष में कर सकती है। कार्यस्थल पर किसी मुद्दे को लेकर मतभेद हो सकते हैं। अपनी बात शांत तरीके से रखना बेहतर रहेगा।

आर्थिक स्थिति: पैसों के मामले में जल्दबाजी न करें। किसी नई योजना में धन लगाने से पहले जानकारी लें।

परिवार: परिवार के किसी सदस्य की चिंता आपको परेशान कर सकती है, लेकिन बातचीत से समाधान निकलेगा।

विद्यार्थी: लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें।

स्वास्थ्य: तनाव कम करने के लिए पर्याप्त आराम जरूरी है।

आज का उपाय: शनिदेव का स्मरण करें और जरूरतमंद की सहायता करें।

शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 8

धनु राशि — भाग्य का साथ, करियर में आगे बढ़ने का अवसर

धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक संकेत लेकर आया है। नौकरी और व्यवसाय दोनों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। कोई वरिष्ठ व्यक्ति आपकी मदद कर सकता है। दूर स्थान से कोई महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हो सकती है।

आर्थिक स्थिति: आय में सुधार के संकेत हैं। पुराने आर्थिक प्रयासों का लाभ मिल सकता है।

परिवार: घर में खुशी का वातावरण रहेगा। परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लगेगा।

विद्यार्थी: उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए दिन उपयोगी है।

स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

आज का उपाय: किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

मकर राशि — जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, आर्थिक अनुशासन जरूरी

मकर राशि के लिए आज का दिन कर्मप्रधान रहेगा। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन इसका फायदा आगे चलकर मिल सकता है। अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें।

आर्थिक स्थिति: आय बनी रहेगी, लेकिन खर्चों की अधिकता परेशान कर सकती है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें।

परिवार: परिवार में किसी महत्वपूर्ण फैसले को लेकर चर्चा हो सकती है। सभी की राय सुनना उचित रहेगा।

विद्यार्थी: नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी बनेगा।

स्वास्थ्य: काम के बीच आराम के लिए समय निकालें।

आज का उपाय: जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या कंबल दान करना शुभ माना जाता है।

शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8

कुंभ राशि — नई सोच से मिलेगा लाभ, संपर्क बढ़ेंगे

कुंभ राशि वालों के लिए दिन रचनात्मक और उत्साहपूर्ण रह सकता है। आपकी नई सोच कार्यक्षेत्र में लोगों को प्रभावित करेगी। व्यवसाय में नए संपर्क बन सकते हैं। किसी पुराने परिचित से महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

आर्थिक स्थिति: आय के साथ खर्च भी बढ़ सकते हैं। भविष्य के लिए बचत पर ध्यान दें।

परिवार: घर में आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। किसी करीबी से सुखद समाचार मिल सकता है।

विद्यार्थी: तकनीकी और रचनात्मक विषयों में रुचि बढ़ेगी।

स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लें।

आज का उपाय: जरूरतमंद को भोजन या आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराएं।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4

मीन राशि — मनोकामना पूरी होने के संकेत, आत्मविश्वास बढ़ेगा

मीन राशि वालों के लिए आज का दिन आशावादी रहने वाला है। लंबे समय से जिस काम को लेकर प्रयास कर रहे थे, उसमें आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है।

आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। किसी पुराने भुगतान के मिलने की उम्मीद बन सकती है।

परिवार: घर में शांति और सहयोग का वातावरण रहेगा। किसी करीबी के साथ सुखद समय बिताएंगे।

विद्यार्थी: पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी और कठिन विषयों को समझने में आसानी होगी।

स्वास्थ्य: सामान्य रूप से दिन अच्छा रहेगा। अपनी दिनचर्या संतुलित रखें।

आज का उपाय: भगवान विष्णु का स्मरण करें और जरूरतमंद की सहायता करें।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

8 अगस्त 2026 को कई राशियों के लिए दिन मेहनत, संयम और सही निर्णय पर निर्भर रहेगा। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना और परिवार में संवाद बनाए रखना अधिकांश जातकों के लिए लाभकारी रहेगा। राशिफल सामान्य ज्योतिषीय संकेतों पर आधारित है; इसे निश्चित भविष्यवाणी के बजाय सामान्य मार्गदर्शन के रूप में देखें।

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एडीबी के सहयोग से 'अंजोर लाइट' तकनीकी सहायता परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी ,छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के प्रभावी क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और मूल्यांकन को मिलेगी नई गति

रायपुर, 07 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में वित्त विभाग के उस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 'Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)' तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्णतः अनुदान (Grant) प्राप्त होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के प्राथमिकता एजेंडा के प्रभावी क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण (Monitoring) एवं मूल्यांकन (Evaluation) को सुदृढ़ बनाएगी।

यह बहु-क्षेत्रीय तकनीकी सहायता परियोजना 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक तीन वर्षों के लिए संचालित होगी। परियोजना का समन्वय आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से किया जाएगा, जबकि राज्य स्तर पर वित्त विभाग नोडल विभाग होगा। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संचालनालय संस्थागत वित्त को सौंपी जाएगी तथा प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समन्वय के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा।

इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के क्रियान्वयन को संस्थागत रूप से सशक्त बनाते हुए राज्य में समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत लोक वित्त प्रबंधन (Public Financial Management) को मजबूत किया जाएगा, विजन दस्तावेज में चिन्हित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए परियोजना पाइपलाइन तैयार होगी तथा संस्थागत एवं नीतिगत सुधारों का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही आउटकम बजटिंग, रियायती जलवायु वित्त (Concessional Climate Funds), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित संस्थागत क्षमता विकास, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण पुनर्स्थापन एवं जलवायु अनुकूल संसाधन प्रबंधन के लिए तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के लिए प्राथमिकता आधारित निर्माण एवं विकास परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार की जाएगी। बजटिंग और प्रोक्योरमेंट सुधारों के माध्यम से सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। राज्य सरकार को नीतिगत निर्णयों के लिए सतत व्यापक आर्थिक एवं राजकोषीय (Macro-Fiscal) विश्लेषण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (SOEs) की वित्तीय स्थिति, ऋण संधारणीयता तथा लाभप्रदता को मजबूत करने के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा हाइब्रिड फाइनेंसिंग तक उनकी पहुंच बढ़ाने हेतु आवश्यक नीतिगत सुधार किए जाएंगे। विजन-2047 के प्राथमिकता क्षेत्रों में कॉन्सेप्ट प्लान, व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Studies) तथा तकनीकी सहायता के माध्यम से नई पीपीपी परियोजनाओं का विकास भी किया जाएगा।

परियोजना से राज्य को अनेक दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के अनुरूप प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण परियोजना पाइपलाइन तैयार होगी। सार्वजनिक वित्त प्रबंधन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा मिलेगा तथा आउटकम आधारित बजटिंग, ग्रीन बजटिंग और जलवायु अनुकूल विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के लिए आवश्यक नीतियां, दिशानिर्देश, फ्रेमवर्क, क्षमता निर्माण और व्यवहार्यता अध्ययन तैयार होने से राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण विकसित होगा।

इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह पूरी तरह एडीबी के अनुदान पर आधारित है। इसके लिए राज्य शासन अथवा भारत सरकार को किसी प्रकार का वित्तीय अंशदान नहीं देना होगा। परिणामस्वरूप राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, जबकि संस्थागत क्षमता निर्माण, निवेश संवर्धन, हरित एवं सतत विकास तथा छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति मिलेगी।

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ट्रेनिंग पूरी करते ही छत्तीसगढ़ में 5 युवा IAS अधिकारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जशपुर के सहायक कलेक्टर बने भानुप्रतापपुर के नए एसडीएम

नवा रायपुर, 7 अगस्त। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वर्ष 2020 एवं 2024 बैच के पांच परिवीक्षाधीन अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में फेस-2 प्रशिक्षण पूरा करने और 21 अगस्त 2026 को कार्यमुक्त होने के बाद इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम के पद पर नियुक्त किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार वर्तमान में विभिन्न जिलों में सहायक कलेक्टर के रूप में कार्यरत अधिकारियों को अब स्वतंत्र एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह आदेश 7 अगस्त 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

  • श्री फडतरे अनिकेत अशोक (आईएएस 2020)
    वर्तमान पदस्थापना – सहायक कलेक्टर, जशपुर
    नई पदस्थापना – एसडीएम (राजस्व), भानुप्रतापपुर, जिला कांकेर।

  • श्री अरविंद कुमार टी. (आईएएस 2024)
    वर्तमान पदस्थापना – सहायक कलेक्टर, बिलासपुर
    नई पदस्थापना – एसडीएम (राजस्व), बलौदाबाजार, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा।

  • श्री अक्षय दोरी (आईएएस 2024)
    वर्तमान पदस्थापना – सहायक कलेक्टर, रायगढ़
    नई पदस्थापना – एसडीएम (राजस्व), डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव।

  • श्री क्षितिज गुरुमेले (आईएएस 2024)
    वर्तमान पदस्थापना – सहायक कलेक्टर, कोरबा
    नई पदस्थापना – एसडीएम (राजस्व), घरघोड़ा, जिला रायगढ़।

  • श्री विपिन दुबे (आईएएस 2024)
    वर्तमान पदस्थापना – सहायक कलेक्टर, बस्तर
    नई पदस्थापना – एसडीएम (राजस्व), कटघोरा, जिला कोरबा।

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कोसा से दुनिया तक छत्तीसगढ़ की उड़ान! मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लॉन्च किया प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब', बुनकरों को ₹10.90 करोड़ की सौगात

रायपुर 7 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी एवं माटीकला बोर्ड के विभिन्न हितग्राहियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को 10 करोड़ 90 लाख रुपये से अधिक की अनुदान एवं पुरस्कार राशि वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' का शुभारंभ करते हुए उसके लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन किया। साथ ही उन्होंने हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर बुनकरों एवं शिल्पकारों को, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में इस दिवस को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ का कोसा, बस्तर की बुनाई तथा प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उत्पाद देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को 'लोकल टू ग्लोबल' की नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक डिज़ाइन, कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, विपणन तथा नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए अधिकांश वादों को राज्य सरकार ने पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। किसानों को धान खरीदी की अंतर राशि का भुगतान, भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना का पुनः संचालन सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचार-मुक्त शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। ई-ऑफिस व्यवस्था, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और घर बैठे शासकीय सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना तथा आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।

*बुनकरों के लिए सुशासन सरकार की बड़ी पहल*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों एवं शिल्पकारों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 469 आवासविहीन बुनकर परिवारों के लिए बुनकर शेड सह आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में आयोजित 47 प्रदर्शनियों के माध्यम से लगभग 10 करोड़ रुपये के हथकरघा उत्पादों की बिक्री हुई, जिससे बुनकरों को बेहतर बाजार उपलब्ध हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए पिछले ढाई वर्षों में 2,001 महिला स्व-सहायता समूहों को सिलाई पारिश्रमिक के रूप में 68 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा पाँच विक्रय भंडारों तथा केंद्रीय वस्त्रागार के माध्यम से विभिन्न शासकीय विभागों को 93 करोड़ रुपये के वस्त्र उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त बुनकरों द्वारा निर्मित 436 करोड़ रुपये के वस्त्रों की शासकीय खरीदी कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में देश के पाँच प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ के हैंडलूम एवं हस्तशिल्प उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं, रायपुर में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल स्थानीय उत्पादों को आधुनिक विपणन मंच उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्थापित की जा रही है, जिससे 4,500 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को डिजाइन एवं टेक्सटाइल क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और छत्तीसगढ़ का हैंडलूम उद्योग नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगा।

*विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया बुनकरों का उत्साहवर्धन*

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगभग 1 लाख 20 हजार परिवार हथकरघा एवं इससे संबंधित गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरुआत किए जाने से इस क्षेत्र को नई पहचान और नई ऊर्जा मिली है।

उन्होंने सभी नागरिकों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक हथकरघा उत्पाद खरीदने का आग्रह करते हुए कहा कि बुनकरों की मेहनत, उनकी कला और हमारी समृद्ध परंपरा को जीवित रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

*ग्रामोद्योग मंत्री ने स्वदेशी आंदोलन की विरासत को किया याद*

ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन ने देश में आत्मनिर्भरता की अलख जगाई थी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कोसा साड़ी का देशभर में विशिष्ट स्थान है और राज्य सरकार हथकरघा, हस्तशिल्प तथा ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बुनकरों, शिल्पकारों और स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।


*मुख्यमंत्री ने स्वदेशी प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया, खरीदी कोसा साड़ी*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ, बिलासा हैंडलूम, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, सबरी एम्पोरियम तथा माटीकला बोर्ड सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोसा, खादी, हस्तशिल्प, मृद्शिल्प एवं अन्य पारंपरिक उत्पादों का अवलोकन करते हुए कारीगरों से संवाद किया तथा उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को अधिकाधिक अपनाने और प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने हथकरघा स्टॉल से स्वयं तत्काल भुगतान कर कोसा साड़ी खरीदी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद ही बुनकरों और शिल्पकारों के श्रम एवं कौशल का सबसे बड़ा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय कदम से कार्यक्रम में उपस्थित बुनकरों और महिला कारीगरों का उत्साह दोगुना हो गया।

*आत्मसमर्पित महिलाओं का रैंप वॉक बना आकर्षण का केंद्र*

कार्यक्रम का सबसे प्रेरक और भावनात्मक क्षण वह रहा, जब बस्तर की आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं ने स्वदेशी फैशन शो में आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा सिल्क एवं अन्य हैंडलूम परिधानों का आकर्षक प्रदर्शन किया। यह प्रस्तुति मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ती महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मानजनक पुनर्वास और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर की सशक्त अभिव्यक्ति थी। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया, उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि इनमें से लगभग सभी महिलाएँ पहली बार रायपुर पहुँची थीं। यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों का हिस्सा बन गया।

*मुख्यमंत्री ने 'कोशल फैब' प्रीमियम ब्रांड का शुभारंभ किया*

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ब्रांड के लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन भी किया। 'लूम टू लग्जरी' की अवधारणा पर आधारित यह प्रीमियम ब्रांड छत्तीसगढ़ के कोसा एवं पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने तथा उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

*इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर एवं अन्य नवाचारों का शुभारंभ*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ द्वारा एनआईटी के सहयोग से विकसित इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया गया। इस डिजिटल पहल से उत्पादों के भंडारण, प्रबंधन, विपणन तथा वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

इस अवसर पर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत बुनकरों की डायरेक्टरी तथा टाई-डाई एवं बाँधनी रंगाई विषयक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। साथ ही जशपुर जिले के गोरिया में स्थापित होने वाली ग्लेजिंग यूनिट का शुभारंभ भी किया गया। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामोद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को अनुदान एवं पुरस्कार राशि वितरित की। उन्होंने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 935 छात्र-छात्राओं को 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। साथ ही 17 वरिष्ठ बुनकरों को सम्मान राशि देकर उनके उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा संचालनालय के माध्यम से 49 बुनकरों के लिए बुनकर शेड सह आवास निर्माण हेतु 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त पाँच बुनकर सहकारी समितियों को भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई तथा 85 बुनकरों को उन्नत करघे एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए। साइटसेवर्स इंडिया के सहयोग से नेत्र परीक्षण कराने वाले बुनकरों को चश्मों का भी वितरण किया गया। रेशम संचालनालय द्वारा सिल्क समग्र योजना के अंतर्गत 21 रेशम कृषकों को सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के हितग्राहियों को अनुदान राशि वितरित की गई।

इसी प्रकार हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा 30 शिल्पकारों को आधुनिक टूल किट तथा माटीकला बोर्ड द्वारा 70 पंजीकृत माटी शिल्पियों को विद्युत चाक प्रदान किए गए, जिससे उनके उत्पादन और आजीविका को नई गति मिलेगी।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट बुनकरों को राज्य स्तरीय स्व. बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार तथा राजराजेश्वरी करुणामाता हथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया।

*'सेल्फी विद स्वदेशी' अभियान से जुड़ने की अपील*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा 'सेल्फी विद स्वदेशी' अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद न केवल बुनकरों, शिल्पकारों और कारीगरों की आजीविका को सशक्त बनाती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पाद खरीदकर उसके साथ सोशल मीडिया पर सेल्फी साझा करने वाले प्रत्येक जिले के चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में सहभागिता कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा बुनकर संघ के अध्यक्ष श्री भोजराम देवांगन, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, संस्कृत विद्या मंडलम के अध्यक्ष श्री राजेश राजपूत, सचिव श्री राजेश सिंह राणा, श्री चुन्नीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में बुनकर, शिल्पकार और कारीगर उपस्थित थे।

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मुंबई तक पहुंची जशपुर पुलिस, इंसास रायफल छोड़कर जंगल से भागा फरार आरोपी पलटू दास गिरफ्तार, पहले ही जेल जा चुका है साथी हृदय साहू, नक्सल कनेक्शन की भी जांच तेज

जशपुर। करीब दो महीने पहले बूमतेल सरनाटोली जंगल में पुलिस घेराबंदी के दौरान इंसास रायफल समेत कई हथियार छोड़कर फरार हुआ आरोपी आखिरकार जशपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लगातार फरार चल रहे आरोपी पलटू दास को जशपुर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, साइबर इनपुट और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मुंबई से गिरफ्तार कर जशपुर लाया है। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में उसका साथी हृदय साहू उर्फ गांगु पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिनमें उसके नक्सली संगठन से जुड़े रहने और वर्षों पहले जंगल में छिपाकर रखे गए हथियार अपने कब्जे में लेने की बात भी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार 11 जून 2026 को सिटी कोतवाली जशपुर को सूचना मिली थी कि बूमतेल सरनाटोली जंगल क्षेत्र में दो सशस्त्र युवक राहगीरों को हथियारों के बल पर डराकर उनसे पैसे वसूल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस को अपनी ओर बढ़ता देख दोनों आरोपी जंगल का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले, लेकिन जल्दबाजी में अपने हथियार और अन्य सामान वहीं छोड़ गए।

मौके से पुलिस ने एक इंसास रायफल मैगजीन सहित, एक होममेड रायफल, एक देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, चार लोहे के बोल्ट, एक हथौड़ी, एक तलवार, एक कैंची, आरोपियों के बैग तथा कई दस्तावेज बरामद किए थे। मामले में सिटी कोतवाली जशपुर में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान झारखंड के गुमला जिले के लूँगा निवासी हृदय साहू उर्फ गांगु तथा सकरा निवासी पलटू दास के रूप में की। पुलिस ने पहले हृदय साहू को उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि पलटू दास लगातार फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।

इसी दौरान तकनीकी विश्लेषण और साइबर इनपुट के जरिए जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई में छिपा हुआ है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित कर मुंबई भेजी गई। टीम ने आरोपी को वहां से हिरासत में लेकर जशपुर लाकर पूछताछ की।

पूछताछ में पलटू दास ने बताया कि उसकी पहचान हृदय साहू से उसके जीजा के गांव लूँगा में हुई थी। दोनों ने मिलकर हथियारों के दम पर लोगों को डराकर अवैध वसूली करने की योजना बनाई थी। आरोपी अपने साथ इंसास रायफल और देसी कट्टा लेकर आया था, जबकि होममेड रायफल उसने हृदय साहू को दी थी। दोनों जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ पहुंचे और रास्ते में एक युवक और युवती को खुद को किसी पार्टी का सदस्य बताकर धमकाया। इसके बाद उनके परिजनों से 30 हजार रुपये मंगवाकर उन्हें छोड़ दिया और रकम का आपस में बंटवारा कर लिया।

आरोपी ने यह भी बताया कि जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने आई दो युवतियों को भी हथियार दिखाकर डराया और उनका भोजन खा लिया। बाद में लावा नदी क्षेत्र में खेत में काम कर रहे लोगों से भी भोजन लिया। इसी दौरान पुलिस का सर्च अभियान शुरू हो गया और पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी हथियार तथा अन्य सामान छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। लगातार पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए पलटू दास बाद में मुंबई जाकर छिप गया था।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वह पहले एक नक्सली कमांडर के समूह के संपर्क में रह चुका है। उसके अनुसार वर्ष 2012 में जंगल में चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार उसने अपने कब्जे में ले लिए थे। पुलिस अब इस पूरे नक्सल कनेक्शन और हथियारों के स्रोत की विस्तृत जांच कर रही है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने और आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह तथा नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जशपुर पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है और हथियारों के स्रोत सहित अन्य संभावित कड़ियों का भी पता लगाया जा रहा है।

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श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा का नया दौर: साय सरकार के ढाई साल में करोड़ों की सहायता, लाखों परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और कल्याण योजनाओं का मिला लाभ

            छगन लाल लोन्हारे 
            संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

रायपुर, 7 अगस्त 2026/ पिछले ढाई साल में श्रम विभाग ने गढ़ी सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि की मिसाल। छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक ऐतिहासिक पहल की हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने श्रमिक कल्याण को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे सुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार से जोड़ते हुए श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। वहीं श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में विभाग ने श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ तेज़ी और सरलता से पहुंचाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। 

*श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में हो रहा है सुधार* 

             मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है, इन योजनाओ के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। राज्य में संगठित, असंगठित और निर्माण श्रमिकों के हितों के संरक्षण के लिए विभिन्न श्रम कल्याण मंडलों के माध्यम से 67 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। श्रमिकों के पंजीयन, सहायता और योजनाओं के लाभ को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए श्रम विभाग ने नई यूजर-फ्रेंडली  वेबसाइट shramvjayate.ch.gov.in श्रमेव जयते मोबाइल एप विकसित किया है, जिससे श्रमिक अब ऑनलाइन आवेदन, पंजीयन और अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। 

*रोजगार सृजन के साथ श्रमिक अधिकार भी हो रहा है मजबूत*

             ढाई वर्षों में श्रम विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत किया है। 5 नए जिलों (मोहला-मानपुर-अंबागढ़,चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, ,सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं सक्ती) में श्रम अधिकारी कार्यालय की स्थापना हेतु 20 पदों का सृजन किया गया है। वर्तमान में 10 जिलों के सहायक श्रमायुक्त कार्यालय तथा 23 जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय संचालित है। इस प्रकार राज्य के सभी 33 जिलों में श्रम कार्यालयों का संचालन सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कर विभागीय क्षमता को भी बढ़ाया गया है। उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से श्रम कानूनों में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। दुकानों एवं स्थापना अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट, महिला श्रमिकों के लिए रात्रिकालीन कार्य की सुविधा, फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने जैसे अनेक निर्णयों ने रोजगार सृजन के साथ श्रमिक अधिकारों को भी मजबूत किया है। 

*लगभग 17.82 लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित*

            श्रम विभाग की उपलब्धियों में सबसे उल्लेखनीय सफलता श्रमिक पंजीयन और हितलाभ वितरण रही है। 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 के बीच लगभग 12.65 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन किया गया। लगभग 17.82 लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया गया, जिन पर लगभग 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई। निर्माण श्रमिकों को लगभग 780 करोड़ रुपये तथा असंगठित श्रमिकों को लगभग 187 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। लाभ वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली लागू की गई है। 

 *मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 24 घंटे, सात दिन संचालित*   

            मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्रों की स्थापना श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है।  मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 24 घंटे, सात दिन संचालित किया जा रहा है। संचालित  राज्यभर में मोबाइल शिविर आयोजित कर लाखों श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और आवेदन संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के श्रमिकों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ घर के समीप मिल रहा है। राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के सामाजिक सुरक्षा कवच को भी मजबूत किया है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत आवास सहायता राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की गई है। मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, छात्रवृत्ति, श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिला है। 

*1.60 लाख से अधिक महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता* 

          महिला श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत निर्माण एवं असंगठित क्षेत्र की 1.60 लाख से अधिक महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता प्रदान की गई। वहीं ’शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रमिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए मेधावी शिक्षा सहायता, निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग तथा छात्रवृत्ति योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। हजारों विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे श्रमिक परिवारों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है। 

 *छत्तीसगढ़ का श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान* 

        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिक कल्याण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का जो संकल्प लिया गया है, उसे श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में श्रम विभाग प्रभावी रूप से जमीन पर उतार रहा है। पारदर्शी व्यवस्था, तकनीकी नवाचार, त्वरित सेवा, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक सम्मान की भावना ने छत्तीसगढ़ को श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान दी है। ढाई वर्षों की यह यात्रा केवल योजनाओं और आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि लाखों श्रमिक परिवारों के जीवन में आए विश्वास, सुरक्षा और समृद्धि की नई शुरुआत है।

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छत्तीसगढ़ी गमछे से दिया स्वदेशी का संदेश, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल बोले—हर हथकरघा उत्पाद बुनकरों के सम्मान और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक

रायपुर, 7 अगस्त 2026। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा हथकरघा से निर्मित वस्तुओं के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और लाखों बुनकर परिवारों के सम्मान से जुड़ा जन आंदोलन है।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों द्वारा निर्मित पारंपरिक  गमछा धारण कर प्रदेश की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा को सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि यह गमछा केवल एक परिधान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, श्रम, परंपरा और स्थानीय शिल्प कौशल का जीवंत प्रतीक है।

श्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी और हथकरघा उत्पादों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि जब हम स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का उपयोग करते हैं, तब हम न केवल उनकी आजीविका को सशक्त बनाते हैं, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक नागरिक का यह छोटा-सा प्रयास आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बुनकर अपनी पारंपरिक कला, उत्कृष्ट शिल्पकौशल और रचनात्मकता के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं। ऐसे प्रतिभाशाली शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करना हम सबका  सामूहिक दायित्व है।

श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नागरिकों से अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद के साथ वीडियो अथवा चित्र साझा करने और  राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अभियान से जुड़ने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस जनभागीदारी से देश-दुनिया तक हमारे बुनकरों की अद्भुत कला, उनकी मेहनत और भारतीय हथकरघा की समृद्ध परंपरा को नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी स्वदेशी अपनाने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएंगे तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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"रजवार समाज की एकजुटता से सामाजिक विकास को मिलेगी नई दिशा, शिक्षा, युवा नेतृत्व और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का जोर; बोले— समाज और शासन मिलकर करेंगे समावेशी विकास का निर्माण

रायपुर 7 अगस्त 2026। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में आयोजित रजवार समाज की महत्वपूर्ण बैठक एवं सम्मान समारोह में शामिल होकर समाज के वरिष्ठजनों, माताओं, बहनों और युवाओं से आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर समाज की ओर से उनका पुष्पमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न सामाजिक एवं विकास संबंधी विषयों पर मंत्री को अवगत कराया और समाज के उत्थान के लिए आवश्यक पहल की अपेक्षा व्यक्त की। 

बैठक को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता, शिक्षा और आपसी सहयोग में निहित होती है। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए तथा वरिष्ठजनों के अनुभवों का लाभ लेकर नई पीढ़ी को संगठित एवं संस्कारित करना समय की आवश्यकता है।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। समाज से जुड़े जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने सामाजिक समरसता बनाए रखने, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा शिक्षा के स्तर को लगातार बेहतर बनाने का आह्वान किया। 

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि रजवार समाज की बैठक में सम्मिलित होकर समाज के सभी वरिष्ठजनों, माताओं, बहनों एवं युवाओं से आत्मीय भेंट का अवसर मिला। इस दौरान आप सभी द्वारा दिए गए स्नेह, सम्मान और आत्मीय आतिथ्य के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। रजवार समाज का छत्तीसगढ़ के सामाजिक विकास, सांस्कृतिक विरासत और जनसेवा में योगदान सदैव प्रेरणादायी एवं अतुलनीय रहा है। रजवार समाज के सभी सम्मानित सदस्यों का हृदय से अभिनंदन एवं शुभकामनाएँ।

बैठक में समाज के वक्ताओं ने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सहयोग, युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। 

सम्मेलन में उपस्थित समाजजनों ने मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए समाज के विकास एवं मार्गदर्शन में निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई। इस पर मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शासन और समाज को मिलकर कार्य करना होगा, तभी समावेशी और सतत विकास का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा। 

कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, संगठन की मजबूती, सामाजिक सद्भाव और विकास के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने इस आयोजन को सामाजिक जागरूकता, संगठनात्मक सशक्तीकरण और नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया।

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26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खिलाड़ियों के स्वागत के लिए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर शुरू की तैयारियां

रायपुर, 7 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खेल संस्कृति को नई गति मिल रही है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला 18 से 21 अगस्त तक आयोजित होने वाली 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। चार दिवसीय इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों से 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 540 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
राज्य सरकार खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवन शैली का सशक्त आधार मानती है। शालेय स्तर पर आयोजित होने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करती हैं।

*चार खेलों की स्पर्धाओं से गूंजेगा जीपीएम*

प्रतियोगिता के दौरान जिम्नास्टिक (बालक एवं बालिका), क्रिकेट (बालक), ताईक्वांडो (बालक एवं बालिका) तथा कबड्डी (बालिका) की स्पर्धाएं आयोजित होंगी। प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी पांचों संभागों के खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी सहभागिता करेंगे। आयोजन से खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना, टीम भावना और खेल उत्कृष्टता को नई दिशा मिलेगी।

*उत्कृष्ट आयोजन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार*

प्रतियोगिता के सफल एवं गरिमामय आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राज्यभर से आने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

*सुरक्षा से लेकर आवास और चिकित्सा तक हर व्यवस्था पर विशेष ध्यान*

बैठक में खेल स्थलों के चयन, खिलाड़ियों के आवास एवं भोजन, परिवहन, स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा उद्घाटन एवं समापन समारोह की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी सहित खेल एवं युवा कल्याण, वन, स्वास्थ्य, आदिवासी विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विद्युत, खाद्य, परिवहन तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह प्रतियोगिता न केवल प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी, बल्कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को राज्य के प्रमुख खेल आयोजनों के सफल मेजबान के रूप में नई पहचान भी दिलाएगी।

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