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अंतरराष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस पर गांव में गूंजे जागरूकता के स्वर, शपथ लेकर युवाओं और महिलाओं ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प

  

जशपुरनगर 03 जून 2026/ नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 31 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस जशपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत बोखी में मनाया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारी कर्मचारियों एवं ग्रामीणों की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित समस्त ग्रामवासियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति के संबंध में प्रेरित करते हुए नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर नशा मुक्ति संबंधी नारों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाते हुए सभी को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश देते हुए नशा मुक्त शपथ दिलाई गई तथा स्वयं एवं समाज को नशामुक्त बनाने हेतु संकल्प कराया गया।

   जशपुर लोक संगीत अकादमी द्वारा नृत्य, लोकगीत नागपुरी नुक्कड़, नाटक के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करते हुए नशामुक्त जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों, युवाओं, महिलाओं एवं विद्यार्थियों द्वारा तम्बाकू सेवन नहीं करने तथा अपने परिवार एवं समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध एवं उत्पादों की बिक्री से संबंधित कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी प्राप्त की गई। आयोजन के सफल संचालन में श्री धर्मेन्द्र कुमार साहू उप संचालक, समाज कल्याण विभाग जशपुर एवं स्वास्थ्य विभाग का सक्रिय सहयोग रहा। कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय में नशामुक्ति एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सकारात्मक संदेश प्रेषित किया गया।

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नौकरी का आखिरी दिन बना खुशियों का दिन, रिटायरमेंट के साथ ही हाथों में आया पीपीओ, शिक्षा विभाग के 7 कर्मियों को सम्मानित कर दी गई भावभीनी विदाई

जशपुरनगर 03 जून 2026/ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन संबंधी प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर ही पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) उपलब्ध कराया गया। जिला शिक्षा कार्यालय जशपुर में आयोजित सम्मान समारोह में 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हुए शिक्षा विभाग के 7 कर्मचारियों को पीपीओ सहित आवश्यक दस्तावेज प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सिन्हा ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं।

     सम्मानित किए गए कर्मचारियों में विकासखंड जशपुर के श्री प्रभुसहाय तिर्की, प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बोकी, विकासखंड पत्थलगांव के श्री विजय कुमार तिग्गा, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला हिरवापारा तथा श्री आनन्द कुमार चौहान, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला छोटकीपारा तिलडेगा शामिल हैं। इसी प्रकार विकासखंड कांसाबेल की श्रीमती दोमेतिला टोप्पो, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला चिड़ोरा, श्री सुमन्त साय, प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कटंगखार, श्री आदम एक्का, प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देवरी तथा श्रीमती अगुस्टीना कुजूर, प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ढुढ़रूडांड़ को भी पीपीओ एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रदान किए गए।

      इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री सिन्हा ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने लंबे सेवाकाल में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और शैक्षणिक सेवाओं की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में सेवानिवृत्ति से पूर्व ही समस्त आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर पीपीओ तैयार किए जाने की व्यवस्था से कर्मचारियों में विशेष संतोष और प्रसन्नता देखी गई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पेंशन भुगतान आदेश मिलने से उन्हें अनावश्यक कार्यालयीन प्रक्रियाओं और परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। कार्यक्रम में जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारी -कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान में शुभकामनाएं व्यक्त कीं। यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता तथा कर्मचारी हितैषी कार्यप्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

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फेफड़ों के कैंसर से जूझ रही 66 वर्षीय महिला के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बने जीवनदूत, इलाज हेतु 21.69 लाख रुपये की बड़ी सहायता मंजूर, आर्थिक तंगी के बीच परिवार को मिली नई उम्मीद

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोरबा निवासी 66 वर्षीय उमातिन बाई के फेफड़े के कैंसर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 21,69,344 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। इस सहायता से मरीज का उपचार रायपुर स्थित Pt. J.N.M. Medical College में कराया जाएगा।जानकारी के अनुसार, उमातिन बाई के परिजनों ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज के लिए सहायता की मांग करते हुए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मरीज के उपचार हेतु मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 21.69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल से मरीज के परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि की सहायता मिलने से अब बेहतर इलाज संभव हो सकेगा।

*लोगों के लिए राहत का केंद्र बना मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया*


बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई कर जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जनहितकारी मामलों में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से लोगों को राहत मिल रही है, जिससे आमजन में विश्वास और संतोष का माहौल है।

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सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत कांकेर में चार जिलों की समीक्षा: मुख्यमंत्री श्री साय ने जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसेवा पर दिया जोर

रायपुर 2 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य  आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और सार्थक प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और सुशासन की भावना जमीन पर दिखाई दे।

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेह और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।

*प्रधानमंत्री आवास, धान उठाव और कृषि तैयारियों पर विशेष जोर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को पक्के आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने तथा स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट तैयार करने का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने तथा सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार समीक्षा की तथा जिलों में प्रगति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

बैठक में विधायक अंतागढ़ श्री विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन,महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान, ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा होगी सुदृढ़

रायपुर, 02 जून 2026/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुआकोंडा एवं कटेकल्याण के 8 संकुल स्तरीय संगठनों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत टाटा मैजिक सवारी वाहनों की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ दूरस्थ अंचलों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाना है। योजना के तहत प्रदाय किए गए प्रत्येक टाटा मैजिक वाहन के लिए लगभग 5 लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है। इन वाहनों के संचालन से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा तथा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

*41 हजार से अधिक परिवारों की आजीविका सशक्त करने में जुटा बिहान मिशन*

कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले के 41 हजार 110 परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों से जोड़ा गया है। समूह की महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, वनोपज प्रसंस्करण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

*गांव और शहर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी, महिलाओं को मिलेगा स्थायी आय का स्रोत*

मुख्यमंत्री द्वारा प्रदाय किए गए इन वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दूरस्थ गांवों का बाजारों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक केंद्रों तथा जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही महिलाओं को वाहन संचालन एवं प्रबंधन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त होगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना से उन्हें न केवल रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा का एक नया माध्यम भी प्राप्त होगा। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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सुशासन तिहार में सुदूर कोण्डापल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर बांटे योजनाओं के लाभ और अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

रायपुर 2 जून 2026/प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। इसी भावना के साथ सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके समाधान का प्रयास कर रही है।

जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, किसान हितग्राही योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव और उनके अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे और आमजन को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव हो।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है।

इस अवसर पर  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  श्री रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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जहां कभी विकास की राह रोकती थीं दुर्गम वादियां, वहां अब सुशासन का सेतु बनकर खड़ा है कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा— बस्तर के अंतिम छोर तक पहुंचेगा विकास

रायपुर 2 जून 2026/जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। 

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो।

*कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक*

भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

*बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक*

उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए।

*बदलते बस्तर की नई पहचान*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

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सुशासन शिविर खारीबहार में मेधावियों का हुआ भव्य सम्मान, 5वीं-8वीं से लेकर 10वीं-12वीं तक के टॉपर्स पर बरसी तालियां, फरसाबहार शिक्षा जगत ने रचा सफलता का नया इतिहास

नारायणपुर। विकासखंड फरसाबहार के खारीबहार में आयोजित सुशासन शिविर उस समय शिक्षा उत्सव में बदल गया, जब विभिन्न संकुलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कक्षा पांचवीं, आठवीं, दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरों पर भी गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विकासखंड फरसाबहार का शैक्षणिक परिणाम इस वर्ष काफी बेहतर और सराहनीय रहा है। केंद्रीयकृत परीक्षा कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और बारहवीं में भी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विकासखंड का नाम रोशन किया है। इसी उपलब्धि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सुशासन शिविर में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

खारीबहार शिविर के अंतर्गत छह संकुलों के विद्यालय शामिल रहे, जिनमें चार हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भी शामिल हैं। इन संकुलों से कुल 26 छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने स्तर पर सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। सभी मेधावियों को मंच पर बुलाकर प्रमाण-पत्र, पुरस्कार और शुभकामनाएं प्रदान की गईं।

संकुल केंद्र अंकिरा से कक्षा पांचवीं में अंश यादव एवं चंदना चक्रेश, कक्षा आठवीं में राज चौहान एवं फिजा साव, कक्षा दसवीं में प्रिंस कुमार पंडा तथा कक्षा बारहवीं में सौम्य साव को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के नामों की घोषणा होते ही उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

इसी प्रकार संकुल केंद्र कोरंगामाल से कक्षा पांचवीं में चन्द्रमा चौहान, विनय नायक, आशना लकड़ा और काव्या सोरेन, कक्षा आठवीं में लक्षित साह एवं सरोन लकड़ा, कक्षा दसवीं में आकांक्षा तिर्की तथा बारहवीं में प्रेरणा टोप्पो को सम्मान प्रदान किया गया। इन विद्यार्थियों की सफलता को क्षेत्र के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताया गया।

संकुल केंद्र बाबूसाजबहार से कक्षा पांचवीं के संस्कार डनसेना एवं कक्षा आठवीं की निहारिका साने को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार दिया गया। वहीं संकुल केंद्र बारो से कक्षा पांचवीं में मालती यादव, कक्षा आठवीं में मधुबाला तथा कक्षा दसवीं में प्रियंका सिदार को सम्मानित किया गया।

संकुल केंद्र लवाकेरा के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यहां से कक्षा पांचवीं में ज्योत्सना सिंह एवं देवाशीष चौहान, कक्षा आठवीं में आयुष जयपुरिया, कक्षा दसवीं में भारती विश्वकर्मा तथा कक्षा बारहवीं में कुसुम सिंह को सम्मान मिला। वहीं संकुल केंद्र गारीघाट से कक्षा पांचवीं की देवान्ती पैंकरा एवं कक्षा आठवीं की रश्मि पैंकरा को पुरस्कार प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की गई।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और पालकों का सहयोग मिलकर सफलता की नई कहानियां गढ़ता है। मेधावियों को सम्मानित करने का उद्देश्य अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुलारी सिंह उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती संध्या सिंह, जनपद सदस्य श्री वासुदेव नायक, श्रीमती अम्बिका बड़ाइक, श्री हरीशंकर यादव, श्री राजकुमार सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष तपकरा श्री दिलीप साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष श्री कपिलेश्वर सिंह तथा भाजपा युवा मोर्चा के श्री सत्यम सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा अनुभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार फरसाबहार एवं तपकरा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीईओ, सहायक बीईओ, बीआरसी, संकुल शैक्षिक समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, पालकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

सुशासन शिविर में हुए इस सम्मान समारोह ने न केवल मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि यह भी साबित किया कि ग्रामीण अंचलों के बच्चे प्रतिभा और परिश्रम के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उनके निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहने की कामना की गई।

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कभी नक्सल संगठन में थे मासा तामो और जयमोती, आज किराना दुकान से कमा रहे सम्मान की रोटी; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला

रायपुर 2 जून 2026/प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी।

मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।

*बंदूक से रोजगार तक का सफर*

मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया।

उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया।

लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

*पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार*

बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई।

*अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है*

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।

उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।

*बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

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डैम की लहरों पर दौड़ी महिलाओं की उड़ान: ‘मुस्कान’ समूह ने नाव को बनाया रोजगार का जरिया, आत्मनिर्भरता की लिखी नई कहानी

रायपुर , 02 जून 2026/ कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल बन रही हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई है। सूरजपुर जिले के पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम की शांत जलराशि पर दौड़ती नावें अब केवल पर्यटकों को सैर नहीं करातीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, साहस और सफलता की कहानी भी सुनाती हैं।

यह कहानी है मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की, जिसने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसलों को पतवार बनाकर आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार की। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह और सचिव श्रीमती यशोदा दास के नेतृत्व में 10 महिलाओं ने पर्यटन क्षेत्र में कदम रखा और बोटिंग गतिविधि शुरू कर अपनी पहचान बना ली।

शुरुआत आसान नहीं थी। संसाधनों की कमी, तकनीकी जानकारी का अभाव और संचालन से जुड़ी अनेक चुनौतियां सामने थीं। लेकिन इन महिलाओं ने हार मानने के बजाय चुनौतियों को अवसर में बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने बोटिंग संचालन, सुरक्षा प्रबंधन और पर्यटकों की सुविधाओं की जिम्मेदारी स्वयं संभाली और धीरे-धीरे अपने प्रयासों को सफलता में बदल दिया।

आज पिलखा डैम आने वाले पर्यटक उत्साह के साथ बोटिंग का आनंद लेते हैं। इस पहल से समूह ने अब तक 74 हजार रुपये की आय अर्जित की है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
समूह की सदस्य बताती हैं कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे पर्यटन गतिविधियों का संचालन करेंगी और स्वयं रोजगार सृजित करेंगी। आज वे अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की यह सफलता दर्शाती है कि अवसर और विश्वास मिलने पर ग्रामीण महिलाएं किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। पिलखा डैम की लहरों पर चल रही यह नाव अब केवल पर्यटन का साधन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त पहचान बन चुकी है।

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जनजातीय इतिहास का सबसे बड़ा संगम बनकर उभरा दिल्ली का डीलिस्टिंग आंदोलन,गृह मंत्री अमित शाह ने बिरसा मुंडा के उलगुलान से की तुलना, गणेश राम भगत के नेतृत्व की सराहना, आज शाम 6 बजे जशपुर बस स्टैंड पर भव्य नागरिक अभिनंदन


जशपुर। जनजातीय समाज के अधिकारों, संस्कृति संरक्षण और डीलिस्टिंग जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के राष्ट्रीय विमर्श में आने के बाद इसका प्रभाव अब जशपुर जिले तक स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री गणेश राम भगत का आज 2 जून 2026 को शाम 6 बजे जशपुर आगमन हो रहा है। उनके आगमन को लेकर जशपुर, सरगुजा और झारखंड क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, वहीं स्थानीय स्तर पर बस स्टैंड जशपुर में भव्य नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक विशाल जनजातीय जनसमागम में देशभर की लगभग 550 जनजातियों के करीब 2 लाख लोगों ने भाग लेकर एक ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराई। इस आयोजन को जनजातीय समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है, जहां पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र हुए और अपनी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक पहचान तथा अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा गया। इस कार्यक्रम के दौरान डीलिस्टिंग आंदोलन को लेकर व्यापक चर्चा हुई, जो अब राष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का विषय बन चुका है।

कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही, जहां उन्होंने जनजाति सुरक्षा मंच और इसके राष्ट्रीय संयोजक श्री गणेश राम भगत के प्रयासों की सराहना करते हुए इस आंदोलन को भगवान बिरसा मुंडा के “उलगुलान” की परंपरा से जोड़कर देखा। उन्होंने इसे जनजातीय समाज की जागरूकता और एकजुटता का प्रतीक बताते हुए “जनजातीय महाकुंभ” की संज्ञा भी दी, जिससे इस आयोजन की व्यापकता और महत्व और अधिक बढ़ गया।

इसी अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्टीय संयोजक गणेश राम भगत सहित प्रतिनिधिमंडल द्वारा देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर डीलिस्टिंग कानून को शीघ्र लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन में जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।

सूत्रों के अनुसार श्री गणेश राम भगत पिछले लगभग 50 वर्षों से जनजातीय समाज, संस्कृति संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, परंपराओं के संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह आंदोलन अब केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

जशपुर में उनके आगमन को लेकर समर्थकों और जनजातीय समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बस स्टैंड परिसर में आयोजित होने वाले नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। सरगुजा और झारखंड से भी लोगों के आने की सूचना है, जिससे यह कार्यक्रम एक विशाल जनसमूह का रूप ले सकता है। स्थानीय स्तर पर आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी सक्रिय सहयोग किया जा रहा है।

जनजाति सुरक्षा मंच ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शाम 6 बजे जशपुर बस स्टैंड पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम के साक्षी बनें और जनजातीय समाज के इस महत्वपूर्ण क्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

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वर्षों की उपेक्षा के बाद अबूझमाड़ में विकास की नई सुबह, गारपा को मिली स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और सुरक्षा की बड़ी सौगात,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—अब विकास रुकेगा नहीं, हर गांव तक पहुंचेगी सुविधा

नारायणपुर, 02 जून 2026/
 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल की ग्राम पंचायत गारपा में आयोजित जन चौपाल में पहुँचकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं उत्साह के साथ उनका भव्य स्वागत किया। जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं, विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है। इसका उद्देश्य शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुँचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य वर्षों तक बाधित रहे। लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह भी अनेक बार बस्तर का दौरा कर क्षेत्र के विकास एवं शांति स्थापना के प्रयासों की लगातार समीक्षा कर चुके हैं। राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचें। गारपा सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों का जीवन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी। 

उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण किए जाएंगे।
जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खातों में जमा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कृषि एवं आजीविका संबंधी विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा पशुपालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने ग्रामीणों को रामलला दर्शन योजना, अटल डिजिटल सेवा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बस सेवा, मनरेगा जॉब कार्ड, लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा आर्थिक गतिविधियों को और अधिक बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।


मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से नक्सलवाद में आई कमी और क्षेत्र में स्थापित हो रही शांति के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिसमें कई दिन लग जाते थे। अब शासन की पहल से सुविधाएं गांवों के नजदीक पहुंच रही हैं और लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड एवं अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति की भी जानकारी ली।

जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत गारपा के सरपंच ने भूमि सुधार संबंधी त्रुटियों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के समक्ष निवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तुमेराड़ी में दो पुलियों के निर्माण, गारपा में एक किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण, उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण, मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण तथा आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। 
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से गारपा में पुलिस थाना खोलने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखा गया तथा ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उपेक्षित रहे वनांचल क्षेत्रों में आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है।
 
उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी  उपस्थित थे।

जन चौपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 अबूझमाड़ के गारपा में आयोजित यह जन चौपाल शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और विकास के नए अध्याय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

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कोंडागांव में विकास का महाधमाका: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 152 करोड़ की सौगात देकर बदली बस्तर की तस्वीर, 43 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर, 02 जून 2026/सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 44-45 डिग्री की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनता का सरकार पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनसहभागिता सुशासन की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

*सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच जाकर सुनना और समाधान करना*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर यह जानना है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। रायपुर में बैठकर जमीनी हकीकत का आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा और इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े कनेरा का यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर है, जहां लोगों का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही।

*कोंडागांव को मिली 152 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात सड़क, सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं से बदलेगी जनजातीय अंचल की तस्वीर*

छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग में बुनियादी सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने जिले को 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात दी।

इन कार्यों में जनता को त्वरित लाभ पहुंचाने वाले 96 करोड़ 30 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 55 करोड़ 88 लाख 21 हजार रुपये की लागत के 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।


*बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात*

समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं से सड़क, पर्यटन, सामाजिक अधोसंरचना और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। इसके साथ ही केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के मजबूतीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की घोषणा की।

स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।

*बड़े कनेरा बना जागरूकता और नवाचार का मॉडल*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कनेरा एक जागरूक गांव के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री चमन लाल और पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी श्री आनंद कुमार पवार से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस घर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बना है, उसी घर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल भी स्थापित किया गया है। इससे बिजली बिल शून्य हो गया है और परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

*मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे हुए पूरे*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में  हमने "मोदी की गारंटी" के नाम से जो वादे किए थे, उनमें से अधिकांश को मात्र ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे 18 लाख गरीब परिवारों के लिए सरकार ने सत्ता संभालते ही आवास स्वीकृत किए। आज छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है और इस मामले में राज्य देश में अग्रणी स्थान पर है।

*किसानों, माताओं और बहनों के लिए कई बड़ी पहल*

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में 10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

*तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों को मिला बड़ा लाभ*

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

*अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से गांव में मिल रही 400 से अधिक सेवाएं*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को अपनी आवश्यक सेवाओं के लिए शहरों या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से 400 से अधिक सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन केंद्रों में बैंकिंग सेवाएं, प्रमाण पत्र, भुगतान सेवाएं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। आने वाले समय में मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग घर बैठे आवेदन और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।

*जून से शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन*

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जून माह से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित होगी और तय अवधि में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

*बिजली बिल समाधान योजना से मिल रही राहत*

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान बढ़े बिजली बिलों से राहत देने के लिए सरकार ने विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत बकाया राशि में छूट और आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रदेश में लगभग 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है।

*हर घर सोलर की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हर घर जल, हर घर बिजली, हर घर शौचालय और हर घर बैंक खाता अभियान सफल हुए हैं, उसी प्रकार अब हर घर सोलर लगाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लाखों परिवारों को सब्सिडी प्रदान कर रही हैं, जिससे लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास और सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

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"मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दो टूक—सरकारी योजनाएं सिर्फ फाइलों में नहीं, जनता के जीवन में दिखना चाहिए बदलाव, सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर के अफसरों को दिया परिणाम आधारित काम का मंत्र

रायपुर 2 जून 2026/शासन-प्रशासन की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत अधोसंरचना और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्तर संभाग के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों सहित प्रत्येक गांव और प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके माध्यम से लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है।

 बैठक में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, सीसीएफ श्री आलोक कुमार तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे, जबकि अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

*बस्तर मुन्ने और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर मुन्ने अभियान तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिविर आधारित सेवाओं के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का अधिकतम निराकरण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर दो से तीन दिन तक लगातार शिविर आयोजित कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और भरोसेमंद सेवाओं का वास्तविक अनुभव होना चाहिए।

*लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए विशेष अभियान, पुनर्वासित परिवारों को प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अभिलेख सुधार जैसे प्रकरण सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टा वितरण, पुनर्वासित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ, तथा अन्य राज्यों में रह रहे बस्तर मूल के परिवारों के पुनर्स्थापन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

*महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा “बस्तर ब्रांड” से नया बाजार*

मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को वनोपज आधारित गतिविधियों के साथ झींगा पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने शबरी नदी क्षेत्र के तालाबों को विकसित कर झींगा पालन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए तथा महिला समूहों के उत्पादों को “बस्तर ब्रांड” के रूप में विकसित कर बाजार से जोड़ने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूह केवल आर्थिक इकाइयां नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त धुरी बन सकती हैं।

*पर्यटन, कृषि और आदिवासी उद्यमिता को नई गति*

बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों को स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने आदिवासी समुदाय को धान प्रसंस्करण एवं मिलिंग गतिविधियों से जोड़कर स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।

*मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जवाबदेह प्रशासन का सशक्त माध्यम*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जिससे आम नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की उच्च स्तर पर निगरानी होगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध समाधान संभव होगा। उन्होंने कहा कि सुशासन की असली पहचान संवेदनशील, जवाबदेह और परिणामोन्मुख प्रशासन है।

उन्होंने डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों पर विशेष जोर*

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वास्थ्य सेवाओं और ई-ऑफिस संचालन की समीक्षा की। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की कमी वाले विषयों में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग पर बल दिया तथा बीजापुर जिले की “शिक्षा मितान” पहल की सराहना की। उन्होंने स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था तथा देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रशिक्षण, व्यापक जनजागरूकता और कानूनों के प्रभावी प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से संचालित करने पर बल दिया।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।

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अब सफर होगा आसान और सुरक्षित: 3.92 करोड़ की लागत से बने गोतमा-कोतासुरा मार्ग का लोकार्पण, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर, 2 जून 2026/वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ में 3 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से निर्मित गोतमा-कोतासुरा मार्ग का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सरल, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी।

*बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही होगी आसान*

            लोकार्पण अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही आसान होती है, व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विकास कार्यों का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को अधिक सुगम और समृद्ध बनाना है।

*मार्ग के निर्माण से गांवों के लोगों को सीधे मिलेगा लाभ*

        वित्त मंत्री ने कहा कि गोतमा-कोतासुरा मार्ग के निर्माण से आसपास के गांवों के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मार्ग सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

           इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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बस किराया बढ़ेगा या नहीं? जल्द होगा बड़ा फैसला, डीजल से किराया जोड़ने की मांग; नियम तोड़े तो बसों पर गिरेगी गाज

रायपुर, 02 जून 2026/ यात्री बसों में किराया वृद्धि की मांग को लेकर परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों की बैठक लेकर चर्चा की। विभाग ने बारी-बारी से सभी संचालकों से बात की और बस संचालन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली।

           बस संचालकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछली बार किराया वृद्धि वर्ष 2021 में की गई थी। डीजल की मूल्य में लगातार वृद्धि होने के कारण संचालकों ने मांग रखी कि यात्री किराया डीजल के मूल्य में कमी या वृद्धि के साथ घटने-बढ़ने का स्थायी कानून बनाया जाए।

          परिवहन विभाग ने कहा कि अन्य राज्यों के दरों का तुलनात्मक अध्ययन कर नया किराया दर पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। 

*अखिल भारतीय पर्यटक परमिट पर सख्ती*  

       बैठक में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट के संचालन पर भी चर्चा हुई। विभाग ने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय पर्यटक परमिट का स्टेज कैरिज के रूप में संचालन किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

*बस संचालकों को दिए गए 10 अहम निर्देश*  

परिवहन विभाग ने बैठक में बस संचालकों को निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करने को कहा:  

*महिला एवं दिव्यांगजन आरक्षण*

         प्रत्येक स्टेज कैरिज में क्षमता का 25 प्रतिशत भाग महिला यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा तथा “महिलाओं के लिए आरक्षित” का बोर्ड स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। प्रत्येक बस में दिव्यांगजनों के लिए न्यूनतम 03 सीटें आरक्षित रखी जाएं और उनके चढ़ने-उतरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

*टिकट एवं रिकॉर्ड संधारण*

      प्रत्येक यात्री को पूर्व-मुद्रित टिकट जारी करना अनिवार्य होगा। टिकट में परमिट संख्या, परमिट प्रकार, वाहन क्रमांक, मार्ग, किराया, टिकट क्रमांक, जारी करने की तिथि तथा परिचालक का नाम एवं हस्ताक्षर अंकित रहेंगे। टिकट रिकॉर्ड न्यूनतम 02 वर्ष तक सुरक्षित रखना होगा।

*कर्मचारी पहचान-पत्र एवं यूनिफॉर्म* 

         प्रत्येक चालक एवं  परिचालक को पहचान-पत्र तथा यूनिफॉर्म जारी करना अनिवार्य होगा, जिसमें नाम, पता, फोटो, लाइसेंस, बैज क्रमांक, परमिट विवरण एवं वैधता अंकित रहेगी।

*वाहन में जानकारी का प्रदर्शन*

         वाहन के बाहरी भाग पर वाहन स्वामी का नाम-पता, मोबाइल नंबर, परमिट संख्या एवं प्रकार, परमिट वैधता, रूट, सेवा विवरण, पुलिस तथा परिवहन हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट अंकित किए जाएं। वाहन के अंदर चालक, परिचालक, परिचय क्रमांक एवं हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएं।

*अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन निकास*

           सभी यात्री बसों, स्लीपर कोच तथा स्कूल बसों में आपातकालीन निकास द्वार, आपातकालीन खिड़कियां, रूफ एस्केप हैच, आपातकालीन हथौड़े, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था तथा प्राथमिक उपचार पेटी कार्यशील स्थिति में रखना अनिवार्य होगा। वेल्डेड स्ट्रक्चर, अवैध पार्टिशन, अतिरिक्त सीट या अन्य अवरोध से आपातकालीन निकास बाधित करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

*फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम*

         AIS-119, AIS-063 एवं AIS-135 के प्रावधानों के अनुसार लागू श्रेणी के वाहनों में Fire Detection and Alarm System तथा Fire Detection and Suppression System कार्यशील स्थिति में स्थापित होना अनिवार्य होगा।

*अवैध संरचनात्मक संशोधन पर प्रतिबंध* 

           सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना वाहन में अवैध बॉडी मॉडिफिकेशन, चेसिस एक्सटेंशन, गैंगवे अवरोध, अनाधिकृत रूपांतरण अथवा अन्य संरचनात्मक संशोधन नहीं किया जाएगा।

*परमिट शर्तों का अनुपालन*

            सभी परमिट धारक निर्धारित परमिट शर्तों, स्वीकृत मार्ग, समय-सारणी, यात्री क्षमता एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

*सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के निर्देश*

       यात्री सुरक्षा, सड़क सुरक्षा एवं बस अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम संबंधी जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।

*नियमानुसार कार्रवाई*

           नियमों के उल्लंघन पर संबंधित वाहन परमिट धारक के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं मोटरयान नियम, 1994 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसमें फिटनेस निलंबन, लाइसेंस निरस्तीकरण, वाहन जब्ती, दंडात्मक कार्रवाई तथा अभियोजन शामिल हो सकता है।

             परिवहन विभाग ने कहा कि यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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खेल मैदान में उतरे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कोंडातराई के वॉलीबॉल खिलाड़ियों को बांटी खेल किट, कहा— अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की सबसे बड़ी पाठशाला हैं खेल

रायपुर, 02 जून 2026/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी आज रायगढ़ के डीकेएल क्लब, कोंडातराई में आयोजित ग्रीष्मकालीन वॉलीबॉल प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने युवा खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें खेल किट वितरित की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

*खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ता है*

       वित्त मंत्री श्री चौधरी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का भी सशक्त मंच है। उन्होंने युवाओं को नियमित अभ्यास, समर्पण और मेहनत के साथ अपने खेल कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन देते हुए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

*खेलों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा मिलेगी*

      वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेलों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा और बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रशिक्षक, खेल प्रेमी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी उपस्थित थे।

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कोड़ातराई को मिली 19.70 करोड़ की विकास सौगात, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया शिलान्यास-लोकार्पण, सड़क निर्माण से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

रायपुर, 2 जून 2026/ “एक ही राजनीति, विकास की राजनीति” के संकल्प के साथ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोड़ातराई में विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 19 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बनने वाले कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इसके साथ ही महतारी सदन निर्माण कार्य का भूमिपूजन तथा यात्री प्रतीक्षालय एवं सीसी रोड निर्माण कार्य का लोकार्पण भी किया।

          वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विकास ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के गांवों को बेहतर अधोसंरचना से जोड़ने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोड़ातराई- पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि महतारी सदन महिलाओं की सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा, जबकि यात्री प्रतीक्षालय और सीसी रोड जैसी सुविधाएं आमजन के दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएंगी।

         वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के हित में लगातार कार्य कर रही है। हमारी राजनीति केवल विकास और जनसेवा की राजनीति है, जिसका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुविधाओं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, पंचायत पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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