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घने जंगलों में भी अब नहीं छुप पाएंगे हाथी: जशपुर वनमण्डल में ड्रोन से रियल टाइम मॉनिटरिंग की शुरुआत, मानव–वन्यजीव संघर्ष रोकने आधुनिक तकनीक का उपयोग

जशपुरनगर 1 फरवरी 2026/ जशपुर वनमण्डल क्षेत्र में हाथियों का निरंतर विचरण बना हुआ है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए हाथी प्रभावित वन परिक्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों की प्रभावी निगरानी तथा हाथी–मानव द्वंद को न्यूनतम करने के उद्देश्य से वन अमला एवं रैपिड रिस्पॉन्स टीम  के सदस्यों को ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

वनमण्डलाधिकारी जशपुर वनमण्डल श्री शशि कुमार ने बताया कि ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम को चरणबद्ध रूप से विभिन्न उपवनमण्डलों में आयोजित किया गया। जिसमें संबंधित उपवनमण्डलों के समस्त वन परिक्षेत्रों के कर्मचारी एवं आरआरटी सदस्य सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के तहत पत्थलगांव उपवनमण्डल के सभी वन परिक्षेत्रों हेतु  24 जनवरी 2026 को नारायणपुर में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसी प्रकार कुनकुरी उपवनमण्डल के अंतर्गत समस्त वन परिक्षेत्रों के वन अमला एवं आरआरटी सदस्यों को 25 जनवरी 2026 को कुनकुरी में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद जशपुर उपवनमण्डल के समस्त वन परिक्षेत्रों के लिए 27 जनवरी 2026 को मनोरा में प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ड्रोन के माध्यम से हाथियों की लोकेशन ट्रैकिंग, उनके मूवमेंट की सतत निगरानी, रात्रिकालीन सर्वेक्षण, संवेदनशील ग्रामों के आसपास सतर्कता बरतने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई से संबंधित व्यवहारिक जानकारी दी गई। ड्रोन तकनीक के उपयोग से दुर्गम एवं घने वन क्षेत्रों में भी वास्तविक समय में सटीक सूचना प्राप्त करना संभव हो सकेगा। वन विभाग द्वारा की गई यह आधुनिक तकनीकी पहल हाथियों की गतिविधियों पर समय रहते निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। इससे हाथी–मानव द्वंद को कम करने, जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वन्यजीव संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।

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जशपुर वनमण्डल में हाथियों की सतत निगरानी: 40 हाथियों की मौजूदगी के बीच दिन-रात गश्ती, हाथी-मानव द्वंद रोकने वन अमला और रैपिड रिस्पॉन्स टीम अलर्ट

जशपुरनगर 1 फरवरी 2026/ जशपुर वनमण्डल अन्तर्गत हाथियों का विचरण निरंतर बना हुआ है। वर्तमान में जशपुर वनमण्डल क्षेत्र में कुल 40 हाथियों का विचरण दर्ज किया गया है। हाथी-मानव द्वंद की संभावनाओं को न्यूनतम करने तथा जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हाथी प्रभावित वन परिक्षेत्रों में हाथी गश्ती टीमों का गठन किया गया है। गठित गश्ती टीमें प्रत्येक दिवस रात्रि में नियमित रूप से हाथी गश्ती कर रही हैं। विचरणरत हाथियों की गतिविधियों पर वन अमला एवं रैपिड रिस्पॉन्स टीम के सदस्य सतत निगरानी बनाए हुए हैं। हाथियों की लोकेशन, मूवमेंट एवं व्यवहार की निरंतर समीक्षा कर आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
साथ ही, संभावित संवेदनशील ग्रामों में मुनादी, मोबाइल संदेश, ग्राम स्तरीय संपर्क एवं अन्य माध्यमों से ग्रामीणों को समय-समय पर सूचित एवं सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों के निकट न जाएँ, रात्रि में अनावश्यक आवागमन से बचें तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग/आर.आर.टी. को सूचना दें।
       डीएफओ श्री शशि कुमार ने बताया कि वन विभाग द्वारा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया एवं जन-जागरूकता के माध्यम से स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

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केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट –गरीब, किसान, महिला और युवा के उत्थान का रोडमैप है ,सालिक साय व सुनील गुप्ता, कांसाबेल में कार्यकर्ताओं के साथ सुना बजट भाषण

केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम – सालिक साय, सुनील गुप्ता, कांसाबेल में कार्यकर्ताओं के साथ बजट को सुना

केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट –गरीब, किसान, महिला और युवा के उत्थान का रोडमैप है ,सालिक साय व सुनील गुप्ता, कांसाबेल में कार्यकर्ताओं के साथ सुना बजट भाषण

गरीब, किसान, महिला और युवा के उत्थान का रोडमैप है केंद्रीय बजट 2026-27 – जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय एवं भाजपा सह प्रभारी सुनील गुप्ता

मोदी सरकार का बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव मजबूत करने वाला – कांसाबेल में भाजपा कार्यकर्ताओं संग बजट पर चर्चा

 कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को नई दिशा देने वाला जनकल्याणकारी बजट – सालिक साय व सुनील गुप्ता


जशपुरनगर। केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय एवं भाजपा सरगुजा सह प्रभारी सुनील गुप्ता ने कहा कि यह बजट देश को विकसित भारत की ओर ले जाने वाला जनकल्याणकारी और दूरदर्शी बजट है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ सहित सरगुजा संभाग के ग्रामीण अंचलों को मिलेगा।नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रावधानों से स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही कर सुधारों और रोजमर्रा की वस्तुओं के सस्ती होने से आम जनता को राहत मिलेगी।
      अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को और मजबूत करता है।

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गरीब-किसान-युवा-महिला-मध्यम वर्ग सबके सशक्तिकरण का बजट है केंद्रीय बजट 2026-27, यह भारत के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 रायपुर, 01 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।

*कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती*

 बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

*युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर*

 मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।

*स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल*

 स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

*महिला सशक्तिकरण को नई दिशा*

 लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।

*उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा*

 देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

*कर सुधार और आम जनता को राहत*

 आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।

 अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

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नारायणपुर दौरे में मुख्यमंत्री साय का एक्टिव रोल: बाइकर्स को हरी झंडी, युवाओं से संवाद, भरोसे का निर्माण , सीएम साय का स्पष्ट संदेश: शांति के साथ विकास, विकास के साथ विश्वास

रायपुर 1 फरवरी 2026/ दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास पर पहुँचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ क्षेत्र में आयोजित पीस हाफ मैराथन के शुभारंभ के साथ-साथ अनेक सामाजिक, खेल और पर्यटन गतिविधियों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शांति स्थापना, आजीविका संवर्धन और स्थानीय सहभागिता को बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया, उन्हें प्रोत्साहित किया तथा लोगों से संवाद कर सहभागिता और विश्वास को और मजबूत किया।

बाइकर्स को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री श्री साय ने शांत सरोवर के समीप रायपुर के छत्तीसगढ़ राइडिंग क्लब के 40 बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बाइकर्स समूह नारायणपुर के सुदूर पर्यटन स्थल कच्चापाल तक की यात्रा करेगा। इस पहल के माध्यम से अबूझमाड़ को जानने, समझने और शांति का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

शांत सरोवर में नौका विहार
बिजली गाँव के समीप स्थित शांत सरोवर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप एवं लघु वनोपज के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम के साथ नौका विहार का आनंद लिया। स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह विशेष पहल स्थानीय प्रशासन के द्वारा की गई है। 

तीर-धनुष हाथ में, शांति संदेश साथ में
मुख्यमंत्री श्री साय ने बिंजली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीरंदाजी के स्थानीय युवा खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और स्वयं तीर-धनुष उठाकर लक्ष्य साधते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आदिवासी समाज की पारंपरिक दक्षताओं को आधुनिक प्रशिक्षण से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। शांति, आजीविका और खेलों के विकास में प्रशासन द्वारा समन्वित प्रयास किया जा रहा है।
       मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति स्थापना, आजीविका संवर्धन, खेल प्रतिभाओं को मंच देने और विश्वास का वातावरण बनाने के लिए सतत कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिन्सन गुरिया, सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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जहाँ कभी डर था, आज वहीं दौड़ी शांति की रेस —अबूझमाड़ की धरती से गूंजा शांति और विकास का उद्घोष, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई पीस हाफ मैराथन को हरी झंडी

*अबूझमाड़ की धरती से देश-दुनिया को दिया जा रहा है अमन और शांति का मजबूत संदेश: मुख्यमंत्री श्री साय*

*अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन: शांति, विश्वास और विकास का सामूहिक दौड़*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारायणपुर में अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन को दिखाई हरी झंडी*

*10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने लगाई दौड़, आत्मसमर्पित नक्सली भी बने आयोजन का हिस्सा*

जहाँ कभी डर था, आज वहीं दौड़ी शांति की रेस —अबूझमाड़ की धरती से गूंजा शांति और विकास का उद्घोष, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई पीस हाफ मैराथन को हरी झंडी

रायपुर, 1 फरवरी 2026/ अबूझमाड़ की पावन धरती से शांति, सद्भाव और विकास का सशक्त संदेश देते हुए आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अलसुबह नारायणपुर के हाईस्कूल परिसर के समीप आयोजित हाफ मैराथन सहभागिता की और धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सांकेतिक रूप से स्वयं भी दौड़ लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विजयी प्रतिभागियों को प्रदान किए जाने वाले मैडल का अनावरण भी किया। 

            मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन और शांति का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहाँ कभी आम नागरिकों और जवानों का पहुँचना भी कठिन था, लेकिन आज सकारात्मक वातावरण के कारण हजारों लोग यहाँ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवा वर्ग का जोश और उत्साह यह संकेत दे रहा है कि जल्द ही यह क्षेत्र खुशियों से आबाद होगा।

                मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के बलिदान और समर्पण से आज बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की मजबूत नींव पड़ी है।

          मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है तथा नए विकास कार्यों की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और बस्तर में विकास की गंगा निरंतर बहेगी। उन्होंने सम्पूर्ण बस्तर और छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

            उल्लेखनीय है कि यह 21 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों सहित बस्तर संभाग, प्रदेश एवं अन्य राज्यों के 10 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया। मैराथन से पूर्व हाईस्कूल परिसर में जुंबा वॉर्मअप कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। 

*आत्मसर्पित माओवादी बने मैराथन का हिस्सा*
           इस आयोजन की सबसे विशेष और ऐतिहासिक बात यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने भी हथियार छोड़कर शांति और मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए मैराथन में हिस्सा लिया। नारायणपुर की अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी बनाया।

             कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्री केदार कश्यप, जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, वैद्यराज पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री पी. सुंदरराज, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री राबिनसन गुरिया, जिला सीईओ श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय,नारायणपुर के परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय को बस देने की घोषणा


रायपुर, 1 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नारायणपुर जिले के गरांजी स्थित परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय में अचानक छात्रों के बीच पहुंचे। विद्यालय पहुंचने पर संस्था में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र रंजीत बड्डे सहित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वागत गीत, हनुमान चालीसा एवं बस्तर अंचल के पारंपरिक गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की मांग पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय को एक बस उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाएं अच्छी हैं, उनका पूरा लाभ लेकर सभी अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं। उन्होंने बच्चों को आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया और कहा कि किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी से निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद होता है। बच्चों ने जब उनसे पूछा गया कि उन्हें विद्यालय आकर कैसा लगा, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। एक बच्ची के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि बचपन में उन्हें पिट्ठू, फुटबॉल जैसे खेल खेलना बहुत पसंद था।  

मुख्यमंत्री ने संस्था के सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित कर आशीर्वाद दिया। दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की मुख्यमंत्री श्री साय सहित राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह एवं आईजी श्री सुंदरराज पी. ने सराहना की।

उल्लेखनीय है कि परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का शुभारंभ 11 सितंबर 2023 को किया गया था। इसका संचालन जिला खनिज न्यास निधि से किया जा रहा है। विद्यालय का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिससे उनका आत्मविश्वास सुदृढ़ हो और वे समाज में अपनी भूमिका प्रभावी रूप से निभा सकें। यह विद्यालय सामान्य और दिव्यांग बच्चों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। वर्तमान में विद्यालय में कुल 60 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय में आडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षा संगीत शिक्षा, खेलकूद, योग एवं व्यायाम, तथा कंप्यूटर शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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रोजगार, स्वावलंबन और समृद्ध ग्राम पंचायत निर्माण सरकार का संकल्प, वीबीजीरामजी मिशन से गांव-गांव बदलेगी तस्वीर — छत्तीसगढ़ की आवास योजना बनी देशभर के लिए रोल मॉडल : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान”

*रोजगार, स्वावलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारा लक्ष्य, वीबीजीरामजी से विकास की बढ़ेगी रफ्तार: केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान*

*छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान* 

*राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति*

*केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा*

रायपुर, 1 फरवरी 2026/रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।

श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।

 इस दौरान श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।

केंद्रीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित थे।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में  प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई। 

इस बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा में कोई समझौता नहीं— सड़क निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

*सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त और समय-सीमा में करें पूरा- मुख्यमंत्री श्री साय*

*नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया निरीक्षण*

*एनएच-130डी कोंडागांव से नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक जोड़ेगा*

रायपुर, 1 फरवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुरदृकोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

*डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गति*

डबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

*छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सा*

नेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।

*प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस*

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप बनाएंगे विशेष नीति: केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान-मुख्यमंत्री श्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य

रायपुर, 1 फरवरी 2026/ केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त व सचिव श्रीमती शहला निगार, सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा उपरांत अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़े। साथ ही छोटी जोत के किसानों को कृषि से इतर पशुपालन, मत्स्यपालन, वानिकी जैसे सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च की समस्या, वैरायटी की समस्या को दूर किया जाएगा और फसलों के वैविध्य पर काम किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बेहतर समन्वय के साथ काम हो रहा है, और बेहतर करने की अनंत संभावनाएं हैं। अलग-अलग प्रयोग कर कृषि को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे सीधे किसानों को लाभ मिले। उन्होंने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने संबंधी योजना, कृषि यंत्रों के वितरण के फिजिकल वेरिफिकेशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य जिला योजना की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारियों और सहयोगियों से संवाद कर टीम वर्क के साथ नवाचार पर ज़ोर दिया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा।

मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसानों के सशक्तिकरण को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विविध फसलों के लिए छत्तीसगढ़ में उपयुक्त जलवायु क्षेत्र है। उन्होंने फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए यहां के जलवायु के अनुरूप अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा देने की बात कही।

केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं कृषि तकनीकों को अपनाकर नवाचार के साथ खेती करने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, किसान सशक्त होंगे और देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बेहतर कार्य हो रहा है ।

केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना, कृषि उन्नति, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बागवानी मिशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंन पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से तत्परता से मिलने वाले सहायोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को उम्मीद से अधिक मद्द केन्द्र सरकार से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से राज्य में ग्रामीण विकास एवं कृषि के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए मिले दिशा-निर्देश से इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी।

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मुख्यमंत्री के गृह जिले में युवा मोर्चा को मिला मजबूत नेतृत्व - सेवा, संगठन और संकल्प का संदेश लेकर आगे बढ़े विजय आदित्य सिंह जूदेव, रायपुर में प्रदेश अध्यक्ष से भेंट कर जताया आभार,कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत

जशपुर 31 जनवरी 2026 : 
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव के रायपुर आगमन पर युवा मोर्चा एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयघोष के बीच हुए इस स्वागत ने संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष बनने के बाद रायपुर पहुंचने पर विजय आदित्य सिंह जूदेव ने भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा से सौजन्य मुलाकात की और शीर्ष नेतृत्व द्वारा उन पर जताए गए विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया।

प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा ने इस अवसर पर कहा कि जशपुर जिले में युवा मोर्चा के नेतृत्व की जिम्मेदारी ऐसे युवा के हाथों में सौंपना संगठन के लिए लाभकारी सिद्ध होगा, जो जमीनी स्तर पर सक्रिय, ऊर्जावान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि विजय आदित्य सिंह जूदेव के नेतृत्व में जशपुर जिला युवा मोर्चा को नई दिशा, नई पहचान और मजबूत संगठनात्मक ढांचा मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में युवा मोर्चा जिले में संगठन विस्तार के साथ-साथ समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जशपुर जिला मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं संगठन मंत्री श्री पवन साय का गृह जिला है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन जशपुर युवा मोर्चा को निरंतर प्राप्त होगा, जिससे संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि विजय आदित्य सिंह जूदेव की नेतृत्व क्षमता, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और सामाजिक भागीदारी संगठन को और अधिक मजबूत बनाएगी।

इस अवसर पर विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा कि जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गौरव का विषय है, साथ ही यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मार्गदर्शकों के निर्देशन में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन हित में कार्य करेंगे। उन्होंने स्वर्गीय दादा दिलीप सिंह जूदेव द्वारा दिखाए गए सेवा, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलते हुए युवा मोर्चा को जिले में शीर्ष स्थान तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।

विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा कि युवाओं को संगठित कर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना, सामाजिक कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाना, धर्म जागरण एवं हिंदुत्व की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसी शक्ति को सकारात्मक दिशा देना उनका मुख्य उद्देश्य होगा।

उन्होंने परम् आदरणीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, संगठन मंत्री श्री पवन साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री राहुल योगराज टिकरिहा, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री भरत सिंह सहित भारतीय जनता पार्टी एवं युवा मोर्चा के सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की।

रायपुर में हुए इस स्वागत और मुलाकात को लेकर जशपुर जिले के युवा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि विजय आदित्य सिंह जूदेव के नेतृत्व में जिला युवा मोर्चा संगठनात्मक रूप से और अधिक सक्रिय होगा तथा युवाओं को एकजुट कर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगा।

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बाबा भगवान राम ट्रस्ट का 66वाँ स्थापना दिवस सोल्लास सम्पन्न निःशुल्क नेत्र एवं सामान्य चिकित्सा शिविर में 518 मरीजों का उपचार, जरूरतमंदों को चश्मा, वस्त्र व कंबल वितरण

जशपुर 31 जनवरी 2026 : 
बाबा भगवान राम ट्रस्ट, सोगड़ा का 66वाँ स्थापना दिवस ट्रस्ट के मुख्यालय ब्रह्मनिष्ठालय सोगड़ा आश्रम में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ सोल्लास सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रातःकाल से ही आश्रम परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना, हवन एवं आरती का आयोजन प्रारंभ हुआ। सायंकाल ट्रस्ट कार्यालय में विशेष पूजा-अर्चना कर जशपुर सहित पूरे भारतवर्ष में सुख-शांति, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना की गई।

स्थापना दिवस के अवसर पर ट्रस्ट द्वारा जनसेवा को समर्पित अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं जरूरतमंदों को वस्त्र एवं कंबल वितरण प्रमुख रहा।

518 मरीजों को मिला निःशुल्क चिकित्सा लाभ

बाबा भगवान राम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव राम जी के निर्देशन में ट्रस्ट द्वारा विकासखंड मनोरा के सुदूर ग्राम शैला में एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सह अन्य रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन प्राथमिक शाला शैला के प्रांगण में किया गया।

शिविर का शुभारंभ प्रातः 10:30 बजे ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव राम जी के चित्रों पर विधिवत पूजन-अर्चना, आरती एवं नारियल फोड़कर किया गया। शिविर सायंकाल 4:30 बजे तक अनवरत चला।

शिविर में कुल 518 मरीजों की जांच एवं चिकित्सा की गई। इनमें से 234 मरीजों का नेत्र परीक्षण कर उन्हें तत्काल पावर वाले चश्मे एवं आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क प्रदान की गईं। नेत्र परीक्षण का कार्य श्रीमती सविता नन्दे एवं श्री टी.पी. कुशवाहा (जशपुर) द्वारा किया गया।

नेत्र परीक्षण के दौरान चिन्हित मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को जशपुर जाकर ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई।

अन्य रोगों के 272 मरीजों का उपचार

शिविर में अन्य सामान्य रोगों से पीड़ित 272 मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाइयाँ प्रदान की गईं। इन मरीजों की चिकित्सा सेवा जशपुर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजेश कुमार सिंह द्वारा दी गई। इसके अतिरिक्त शिविर में रक्त शर्करा (शुगर) जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षणों की भी व्यवस्था की गई थी।

ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्र के लोगों ने शिविर का भरपूर लाभ उठाया और ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।

निःशुल्क वस्त्र एवं कंबल वितरण

बाबा भगवान राम ट्रस्ट के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर सेवा और करुणा की भावना को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट द्वारा ग्रामीणों को लगभग 126 कंबल, साड़ियाँ एवं अन्य संकलित वस्त्रों का निःशुल्क वितरण किया गया। कंबल और वस्त्र पाकर जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ झलकती रही।

सेवा कार्य में अनेक लोगों का रहा योगदान

शिविर को सफल बनाने में ट्रस्ट के कृष्ण कुमार, मानस, विनीत, गोल्डेन, सत्येन्द्र सिंह, अखिलेश यादव, शंकर यादव, सुशील चौधरी, जयनाथ उरांव, सनोज उरांव, पी.के. श्रीवास्तव सहित अनेक सदस्यों का सक्रिय योगदान रहा।

इसके साथ ही श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा गुमला से अजय प्रसाद, अजय सिन्हा, संजय महापात्र, आश्रम कुमार, बबलूजी, मोहन, गौरी षड़गी, मुन्ना जी, महेन्द्र चौधरी एवं रूपा देवी का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

शिविर के प्रचार-प्रसार में सोगड़ा निवासी संघर्ष साय का सहयोग रहा। वहीं शिविर की व्यवस्थाओं में श्री कमल दूबे, प्रवीण सिन्हा, श्री चन्द्रशेखर सिंह (प्राचार्य, हाई स्कूल शैला), मनोज चौहान (व्याख्याता), अशोक भगत (प्रधान पाठक) सहित स्कूल स्टाफ एवं ग्रामीणों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

8 फरवरी को निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर

इसी क्रम में ट्रस्ट द्वारा 8 फरवरी को अघोरपीठ गम्हरिया आश्रम, जशपुर में निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। आश्रम में निर्मित फकीरी दवा 8 फरवरी को सूर्योदय से पूर्व तक ही दी जाएगी। अतः संबंधित मरीजों से आग्रह किया गया है कि वे सूर्योदय से कम से कम एक घंटा पूर्व आश्रम परिसर में उपस्थित हों।

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कुरुषनार बालक आश्रम में मुख्यमंत्री का मानवीय चेहरा बच्चों से संवाद, सपनों को सराहा और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के दिए निर्देश

रायपुर, 31 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अबुझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कुरुषनार स्थित बालक आश्रम पहुंचकर छात्रों से रूबरू हुए आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों की मांग पर यहां अतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्वीकृति प्रदान की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यहां उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। इस मौके पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि कहा आप सभी खूब पढ़ाई करें और अपने माता पिता सहित देश प्रदेश का नाम गौरव करें। उन्होंने आश्रम में रहने वाले विद्यार्थी रामजी से कहा की आप पढ़ लिखकर क्या बनना चाहते हैं तब रामजी ने कहा की मैं बड़ा होकर शिक्षक बनना चाहता हूँ। तब मुख्यमंत्री ने उनकी प्रशंसा की और मेहनत से पढ़ाई करने की समझाइश दी। इसी तरह छात्र सोप सिंह ने मुख्यमंत्री को पहाड़ा सुनाया। स्कूली बच्चों से संवाद के दौरान कक्षा दूसरी में पढ़ने वाला आदित्य ने मुख्यमंत्री से पूछा आपको स्कूल जाने में कैसा लगता था? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे स्कूल जाना अच्छा लगता था। बचपन में पढ़ाई को भरपूर समय दे, बड़ा आदमी बनने के लिए पढ़ाई आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता की जानकारी ली और कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री को अंतरिक्ष अभियान के मॉडल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने मॉडल प्रदर्शित करने वाले सभी विद्यार्थियों को खूब पढ़ाई करने और वैज्ञानिक बनने का प्रयास के लिए बधाई दी।

*उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत देखने कुरूषनार के शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचे। उचित मूल्य दुकान में मौजूद राशनकार्डधारियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि उन्हें नियमित रूप से समय पर राशन मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री ने उचित मूल्य दुकान में मौजूद डुटाखार के मेहरो, दशरी, तिलो एवं सुनिता, गुमियाबेड़ा की रजनी बाई एवं अनिता और ग्राम कंदाड़ी की वीणाबाई से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की और उनके परिवार के सदस्यों की जानकारी भी ली। इन सभी ने बताया कि उन्हें हर माह चांवल मिल रहा है और इसकी गुणवत्ता अच्छी है।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान उचित मूल्य दुकान में स्टॉक की उपलब्धता, रखरखाव , साफ सफाई, स्टॉक रजिस्टर, भंडारण क्षमता आदि की जानकारी ली। गौरतलब है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान से आसपास के 12 गांव आलवर, कंदाड़ी, कुरुषनार, कोडोली (विरान), गुमियबेड़ा, जिवलापदर, अरसगढ़, डुटाखार, कंकाल, जामपारा, कावड़वार और नदीपारा संलग्न है तथा 408 राशन कार्ड धारकों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

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जहाँ कभी रास्ते थे बंद, वहाँ अब दौड़ रही मुख्यमंत्री बस सेवा - मुख्यमंत्री खुद बने यात्री, बस में बैठकर देखी योजनाओं की हकीकत — नारायणपुर में सुशासन का सशक्त संदेश

रायपुर, 31 जनवरी 2026/  राज्य के दूरस्थ और सीमांत जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बस सेवा अब नारायणपुर जिले में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के प्रवास के दौरान कुरूसनार से लगभग 4 किमी तक ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा की। 

मुख्यमंत्री का बस सेवा से सफर करना इस योजना की विश्वसनीयता और जनोन्मुखी सोच को रेखांकित करता है। उन्होंने अपने सह यात्रियों से अब इस नक्सल प्रभावित इलाके में बस सेवा शुरू होने से हुए फायदों के बारे में भी ग्रामीणों से पूछा। मुख्यमंत्री का यह दौरा और बस सेवा से किया जाने वाला सफर नारायणपुर जिले में विकास, विश्वास और सुशासन की दिशा में एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। 

वर्तमान में नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा के अंतर्गत चार बसें संचालित की जा रही हैं, जिनमें से तीन बसें नियद नेल्ला नार मार्गों पर नियमित परिवहन सेवाएं प्रदान कर रही हैं। ये बसें उन क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं, जो बीते एक दशक से माओवादी उग्रवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से लगभग वंचित रहे थे।

पहला मार्ग नारायणपुर-नेलंगूर का है, जिसके अंतर्गत डूमरतराई, कुकडाझोर, आंकाबेडा, कस्तूरमेटा, मोहंदी, कोडलियार, कुत्तूल, बेडमाकोटी तथा नेलंगूर ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं। दूसरा मार्ग नारायणपुर-कुतूल का है, जिसमें कच्चापाल, कोडलियार एवं कुतूल के साथ कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, कोहकामेटा और इरकभट्टी ग्रामों को परिवहन सुविधा मिल रही है। तीसरा मार्ग नारायणपुर-गारपा का है, जिससे कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, सोनपुर, मसपुर और होरादी ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं।

यह बस सेवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें संचालन की जिम्मेदारी एक निजी बस ऑपरेटर को सौंपी गई है, जबकि शासन द्वारा मार्ग निर्धारण और निगरानी की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीमांत जनजातीय समुदायों को विश्वसनीय, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना, सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना तथा क्षेत्र में आवागमन और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना है।

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सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार रहा है सिमट - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 31 जनवरी 2026/किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि “नक्सल मुक्त बस्तर – सुरक्षित छत्तीसगढ़” का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के समन्वित एवं सतत प्रयासों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था, प्रभावी क्षेत्रीय उपस्थिति तथा बेहतर सड़क और संचार कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और उनका सामाजिक आधार कमजोर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।

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पक्के घरों के सपने को साकार करता बलौदाबाजार-भाटापारा, छत्तीसगढ़ में नंबर वन

रायपुर, 31 जनवरी 2026/

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है।इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।

बलौदाबाजार- भाटापारा जिले की उपलब्धियों की फेहरिश्त में एक और कामयाबी शुमार हो गया है। जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बलौदाबाजार -भाटापारा जिला पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान पर है। 

     बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत के नेतृत्व में  जिले ने न केवल आवासों की स्वीकृति में तेजी दिखाई है, बल्कि धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में भी रिकॉर्ड कायम किया है।

      वर्ष 2025-26 में कुल 26843 आवास स्वीकृत किया है जिसमें  24 हजार 313 आवासों को प्रथम किश्त जारी, 20 हजार 480 आवास का निर्माण प्रारम्भ हो गया है और 15 हज़ार 120 आवास प्लिंथ स्तर तक पूर्ण हो गया है।

 *सर्वाधिक प्लिंथ निर्माण* -
बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में 15 हजार 120 आवासों का प्लिंथ स्तर तक का कार्य पूर्ण हो चुका है, जो राज्य के किसी भी जिले की तुलना में सर्वाधिक है।26 हजार 439 आवासों का एफटीओ किया जा चुका है जिसमें से 24 हजार 313 हितग्राहियों के खातों में पहली किश्त का सफलतापूर्वक हस्तांतरण किया जा चुका है।

        कुल स्वीकृत आवासों में से 20 हजार 480 मकानों पर काम शुरू हो जाना एवं 139 आवास पूर्ण प्रशासन की मुस्तैदी और ग्रामीणों के उत्साह को दिखाता है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत भी जिला में प्राथमिकता से कार्य कराके 25 पात्र हितग्राहियों का आवास स्वीकृत कर सभी का शतप्रतिशत आवास पूर्ण करा लिया गया है।

*रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण*

       जिले को जल संचयन में देश मे द्वितीय पुरुस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें  प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों का विशेष योगदान रहा है। आवास योजनान्तर्गत पूर्ण आवासो में 15 हजार 260 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण कराया गया है।

        इस उपलब्धि से जिले के हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। यह न केवल ग्रामीण विकास को गति दे रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।

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छत्तीसगढ़ में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन,धमतरी, बालोद, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में शुरू हुई मखाना विकास योजना, 178 लाख की राशि स्वीकृत

रायपुर, 31 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में पारंपरिक फसलों के साथ अब किसान नकदी फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं l इसी कड़ी में मखाना की खेती किसानों के लिए एक नया और लाभकारी विकल्प बनकर सामने आ रही है l
छत्तीसगढ़ राज्य में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना का क्रियान्वयन तेजी के साथ किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड में शामिल करने की ऐतिहासिक घोषणा के उपरांत राज्य में मखाना की खेती एवं प्रसंस्करण कार्य की गतिविधियों में तेजी आई है l

            उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्ष 2025-26 से उक्त योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 178 लाख 11 हजार  रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के क्रियान्वयन हेतु धमतरी, बालोद, महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों का चयन किया गया है।

*मखाना की बाजार में अच्छी मांग*
 
          मखाना की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान अगर केवल कच्चे बीज न बेचकर, बीज को प्रोसेस कर मखाना बनाकर बाजार में बेचें, तो उन्हें कहीं अधिक लाभ मिलता है l बीज को सुखाकर, भूनकर और प्रोसेस कर मखाना तैयार किया जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है l

*मखाना उत्पादन में कृषकों की रुचि* 

          योजना अंतर्गत मखाना उत्पादन एवं मखाना बीज उत्पादन की गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। कृषकों के पूर्व से निर्मित तालाबों में 96.438 हेक्टेयर तथा किसानों की भूमि पर 37.424 हेक्टेयर, इस कुल 133.862 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना उत्पादन किया जाएगा। साथ ही कृषि एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय तथा विभागीय रोपणियों में 15 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।

*मखाना उत्पादन में धमतरी जिले के 43 कृषक सम्मिलित*

          वर्तमान में धमतरी जिले में महिला स्व-सहायता समूहों का चयन कर मखाना उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। इनमें शैल पुत्री स्व-सहायता समूह, नई किरण स्व-सहायता समूह, जय माँ नव ज्योति महिला स्व-सहायता समूह एवं प्रगतिशील कृषक समूह प्रमुख हैं। जिले में 55 एकड़ क्षेत्र में तालाबों में मखाना बीज की बुवाई पूर्ण की जा चुकी है तथा 15 एकड़ में तैयारी प्रारंभ है, जिसमें 43 कृषक सम्मिलित हैं। भूमि पर मखाना उत्पादन हेतु चयनित 55 एकड़ क्षेत्र में भी बुवाई की तैयारी प्रारंभ की गई है, जिसमें 20 कृषक शामिल हैं।

*2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित*

          उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है, जिसके अंतर्गत 75 हेक्टेयर में तालाबों में तथा 30 हेक्टेयर भूमि पर मखाना उत्पादन, 10 नवीन तालाबों का निर्माण तथा 5 हेक्टेयर में अतिरिक्त मखाना उत्पादन प्रस्तावित है।

*मखाना उत्पादन के लिए किसानों को प्रशिक्षण*

          पिछले पांच वर्षों से मखाना की खेती कर रही ओजस फार्म की संचालक श्रीमती मनीषा चंद्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु एवं मिट्टी मखाना उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। राज्य में सर्वप्रथम आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा व्यावसायिक मखाना उत्पादन प्रारंभ किया गया था तथा दिसंबर 2021 में पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र स्थापित हुआ। वर्तमान में उनकी संस्था न केवल उत्पादन एवं प्रसंस्करण कर रही है, बल्कि राज्य एवं राज्य के बाहर के किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रही है।

*स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करने पर अधिकतम लाभ*

       श्रीमती मनीषा चंद्राकर ने बताया कि एक किलोग्राम मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी कीमत 700 से 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है। यदि किसान स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करता है, तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

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मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मंथन

रायपुर, 31 जनवरी 2026/ नवा रायपुर में आज हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17 वीं बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चारों राज्यों में सामाजिक- आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित विषयों के निराकरण और बेहतर समन्वय के लिए 50 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मध्य क्षेत्र के इन चारों राज्यों से संबंधित प्रशासनिक, आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों का समाधान निकालने तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में मौजूद अधिकारी चारों राज्यों के नवाचारों और बेस्ट प्रेस्टिसेस से भी रू-ब-रू हुए। 

            मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की इस बैठक का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें मध्य क्षेत्रीय परिषद की मुख्य बैठक से पहले एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाता है, इसमें लिए गए निर्णय और सिफारिशें परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाते हैं। बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों के लंबित अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय को सुदृढ़ करने तथा विकास परियोजनाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर किया जाता है।

          मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव श्रीमती शुभा ठाकुर, मध्यप्रदेश की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शामी, उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा और उत्तराखंड के प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुंधाशु सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा चारों राज्यों के संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

          मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में कहा कि आज चारों राज्यों एवं केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच राज्य सरकारों और भारत सरकार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर रचनात्मक और उपयोगी चर्चा हुई है। निरंतर संवाद और अंतर्राज्यीय सहयोग के जरिए मध्य क्षेत्र के राज्यों के साझा हितों को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि आज हुई चर्चा के निष्कर्षों के अनुरूप चारों राज्य तत्काल कार्यवाही प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच विचार-विमर्श से आपसी संवाद बेहतर होंगे। केंद्र सरकार एवं मध्य क्षेत्रों के राज्यों की साझा समस्याओं के समाधान के लिए ठोस व व्यावहारिक निर्णय लेने में इससे मदद मिलेगी।

*इन मंत्रालयों एवं विभागों से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा*

     मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ही केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, आवास और शहरी विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, रेल मंत्रालय, खान मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, जल जीवन मिशन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अभिकरण, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, वित्त सेवा विभाग, डाक विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, वाणिज्य विभाग तथा मछली पालन विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। 

*चारों राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस से रू-ब-रू हुए अधिकारी*

      मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में अंतर्राज्यीय समन्वय, विकास और सुशासन के साथ-साथ चारों राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रेक्टिसेस की भी प्रस्तुति हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड एवं उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों के नवाचारों और प्रभावी योजनाओं की जानकारी साझा की।

       छत्तीसगढ़ द्वारा वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की प्रस्तुति दी गई, जिसे जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा लॉन्च किया गया है। यह उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को एकीकृत करता है, जिससे औद्योगिक निवेश, भूमि प्रबंधन, पर्यावरणीय स्वीकृति और सब्सिडी प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसके साथ ही दंतेवाड़ा मॉडल के तहत ब्लॉक-चेन आधारित सुरक्षित भूमि अभिलेख प्रणाली और एआई-आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की अभिनव पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

        मध्यप्रदेश ने ग्रामीण पर्यटन विकास को अपनी प्रमुख बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया। इसके तहत 125 गांवों में होम-स्टे और स्थानीय संस्कृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ऊर्जा बचत एवं नवीकरणीय ऊर्जा नीति- 2025 के माध्यम से 2030 तक 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने के लक्ष्य तथा पीएम श्री टूरिज्म हेली सर्विस के जरिए पर्यटन एवं क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाने की पहल की जानकारी दी गई।

उत्तराखंड द्वारा किसान-से- आईटीबीपी आपूर्ति श्रृंखला योजना के माध्यम से सीमावर्ती किसानों की आय वृद्धि, डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा जल स्रोतों के पुनर्जीवन की पहलों का प्रस्तुतीकरण किया गया। उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुधारों की नई पहलों, श्रम न्याय सेतु पोर्टल तथा सेवा मित्र जैसे नवाचारों पर प्रस्तुतिकरण दिया।

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