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शुभकामनाओं की बौछार पर भावुक हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़वासियों के प्यार और आशीर्वाद के लिए जताया हृदय से आभार

रायपुर, 2 जून 2026/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने अपने जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर रायगढ़ के क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों द्वारा दी गई शुभकामनाओं और स्नेह के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की जनता और जनप्रतिनिधियों ने जिस आत्मीयता, स्नेह और अपनत्व के साथ उन्हें शुभकामनाएं दीं, वह उनके लिए अत्यंत भावुक और हृदयस्पर्शी अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि जनस्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी और प्रेरणा है, जो उन्हें निरंतर जनसेवा और विकास कार्यों के लिए ऊर्जा प्रदान करती है।

वित्त मंत्री ने कहा, “रायगढ़ के क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर जिस आत्मीयता से मुझे शुभकामनाएं दीं, वह अत्यंत हृदयस्पर्शी रही। आप सभी का यह स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद मेरे लिए अमूल्य है। इसके लिए मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और सहयोग ही उन्हें क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी नागरिकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।

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सीतापुर विधायक-नायब तहसीलदार विवाद पर भड़का राजस्व अमला, पटवारी संघ ने खोला मोर्चा; गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

जशपुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार से जुड़े विवाद ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नया मोड़ ले लिया है। मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज राजस्व पटवारी संघ खुलकर सामने आ गया है। संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पटवारी संघ ने अपने ज्ञापन में घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक शासकीय अधिकारी की गरिमा पर हमला नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के शासन को खुली चुनौती देने जैसा गंभीर मामला है। संघ का आरोप है कि घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है, जिससे कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

संघ ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी सहित कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संघ का कहना है कि यदि इस मामले में समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

पटवारी संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की सभी मांगों का पूर्ण समर्थन करता है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संघ बिना पूर्व सूचना के आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला पटवारी संघ जशपुर के अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव, संरक्षक अशोक मांझी, संगठन मंत्री भगवती चरण टंडन, चंद्रशेखर पटेल, यशवंत स्वर्णकार सहित बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे।

इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है। अब सभी की निगाहें शासन और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि कर्मचारी संगठनों की बढ़ती नाराजगी आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है।

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तेंदूपत्ते की कमाई से बदली तकदीर, तीखुर ने खोले आत्मनिर्भरता के नए रास्ते... बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री ने देखी जंगल से समृद्धि की अनोखी कहानी, बेटियों की पढ़ाई से लेकर महिलाओं की लाखों की आय तक बना मिसाल!

रायपुर 1 जून 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में वन विभाग की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर वनाधारित आजीविका से आए सकारात्मक बदलावों को नजदीक से जाना। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यार्थियों और किसानों से मिलकर उनकी जीवन यात्रा, संघर्ष और योजनाओं से हुए परिवर्तन की कहानियों को सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि गांवों में सम्मानजनक आजीविका, शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार करना है।

मुख्यमंत्री श्री साय सबसे पहले तेंदूपत्ता संग्राहक श्रीमती वेदबती यादव के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवारजनों से आत्मीय चर्चा की। श्रीमती यादव ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 3720 गड्डी तेंदूपत्ता संग्रहित कर 20 हजार 460 रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण अब उनके परिवार के लिए आय का भरोसेमंद माध्यम बन गया है। मुख्यमंत्री ने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वन संपदा पर आधारित आजीविका ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती का सशक्त माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री ने वन धन विकास केंद्र मर्दापाल से जुड़ी मां शीतला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती विमला भोयर से भी चर्चा की। श्रीमती भोयर ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में एक माह के भीतर 85 किलोग्राम तीखुर का प्रसंस्करण कर लगभग 85 हजार रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि पहले वन उत्पाद सीमित उपयोग तक रह जाते थे, लेकिन प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से अब आय के नए अवसर बने हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों पर आधारित ग्रामीण उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जामुन, आम और तीखुर से बने पारंपरिक शरबत से स्वागत किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की बेटी राजबती मंडावी से भी संवाद किया। राजबती को कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। मुख्यमंत्री ने उसकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि वन आधारित योजनाएं केवल आजीविका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का भी माध्यम बन रही हैं। उन्होंने राजबती को आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं देते हुए मेहनत और शिक्षा को सफलता का आधार बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम के किसान श्री गौतम यादव द्वारा मक्के की खेती के साथ तालाब में किए जा रहे मत्स्य पालन का भी अवलोकन किया। श्री यादव ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि उन्नति योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे खेती और मत्स्य पालन को एकीकृत कर आय में निरंतर वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती, वानिकी और मत्स्य पालन का समन्वित मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

बड़ेकनेरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण नहीं बचाते, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को जीवन, सुरक्षा और समृद्धि भी प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। मर्दापाल परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत दो किसानों को 5,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति तथा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को कुल 6 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

बड़ेडोंगर परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत किसानों को 2,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। एक तेंदूपत्ता संग्राहक को 20,460 रुपये का भुगतान किया गया तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि प्रदान की गई। वन प्रबंधन समिति कमेला को लाभांश के रूप में 8 लाख 46 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई। नारंगी परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य के तहत एक हितग्राही को 21,873 रुपये 50 पैसे का भुगतान तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वन विभाग की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों की आजीविका, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिलाओं, किसानों और विद्यार्थियों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है और वन आधारित अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में सशक्त आधार बन रही है।

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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टपकती छत से पक्के आशियाने तक का सफर... बरसों का दर्द हुआ खत्म, मुख्यमंत्री ने खुद कराया गृह प्रवेश, अब चैन की नींद सोएगा चमन लाल का परिवार!

रायपुर 1 जून 2026/ कभी बारिश की बूंदों के साथ टपकती छत, आंधी-तूफान की चिंता और कच्चे घर की असुरक्षा में गुजरती रातें… लेकिन अब वही परिवार पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून और सम्मान के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही श्री चमन लाल पवार के नवनिर्मित आवास में सपरिवार गृह प्रवेश कराकर एक परिवार के वर्षों पुराने सपने को साकार किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए उनके जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक परिवर्तन सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर एक विशेष उपलब्धि भी सामने आई। श्री चमन लाल का आवास बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास बन गया है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित किया गया है। यह पहल ग्रामीण विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। एक ही परिवार को आवास सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सुविधा का लाभ मिलना शासन की समन्वित विकास सोच को भी प्रतिबिंबित करता है।

श्री चमन लाल पवार ने बताया कि वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत टपकती थी और तेज हवा या खराब मौसम में पूरी रात चिंता में बीतती थी। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना रहता था। उन्होंने कहा कि अब पक्का मकान मिलने के बाद जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास हुआ है।

श्री पवार ने कहा कि अब बारिश और आंधी-तूफान की चिंता नहीं रहती। छत नहीं टपकेगी और पूरा परिवार चैन की नींद सो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह मकान केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा, आत्मविश्वास और नए जीवन की शुरुआत है।

*एक परिवार, कई जनकल्याणकारी योजनाओं का संबल*

श्री चमन लाल का परिवार शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। उनकी पत्नी श्रीमती घंसतीन बाई तथा बहू श्रीमती संगीता पवार को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। खेती-किसानी के लिए भी परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं का सहयोग मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

*पीएम आवास और पीएम सूर्य घर का अभिनव संगम*

परिवार ने अपने नए घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित कराया है, जिससे घरेलू बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है और बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाओं को मजबूत करने वाला उदाहरण बन गया है।

बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास, जहां पीएम सूर्य घर योजना का लाभ भी जुड़ा है, शासन की बहु-आयामी और समन्वित विकास नीति का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह पहल केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित जीवन, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण जैसे व्यापक लक्ष्यों को भी आगे बढ़ा रही है।

*मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान श्री चमन लाल पवार और उनके परिवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और पीएम सूर्य घर योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

ग्राम बड़ेकनेरा का यह परिवार इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है कि जब शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल सुविधाएं नहीं देतीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों का संचार करती हैं।

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150 साल पुरानी धरोहर का खुला खजाना! बड़े कनेरा में मिलीं दुर्लभ पांडुलिपियां, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देखा इतिहास का अनमोल खजाना, कहा— “यही है हमारी असली सांस्कृतिक पहचान

रायपुर 1 जून 2026/ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़े अमूल्य विरासत संरक्षण के प्रयासों को नई प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा का दौरा किया। यहां उन्होंने ज्ञान भारतम् अभियान के तहत संरक्षित लगभग 150 वर्ष पुरानी उड़िया भाषा में लिखित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण में जुटे परिवारों की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम निवासी श्री रामूराम यादव से मुलाकात कर उनके पास सुरक्षित रखी गई आठ प्राचीन पांडुलिपियों को देखा तथा उनके इतिहास, उपयोग और संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें केवल पुस्तकीय विरासत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की जीवंत पहचान हैं। इन्हें संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने पीढ़ियों से इन पांडुलिपियों को सहेजकर रखने वाले परिवारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की भागीदारी के बिना सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण संभव नहीं है। जिन परिवारों ने दशकों तक इन धरोहरों को सुरक्षित रखा है, वे वास्तव में हमारी ज्ञान-संपदा के संरक्षक हैं।

इस अवसर पर बड़े कनेरा के श्री हरदू कश्यप, श्री परमेश्वर मानिकपुरी, अमरावती के श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री पुरसोती राम मौर्य तथा कोपरा ग्राम के श्री चमरू नाग ने भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये पांडुलिपियां उनके दादा-परदादाओं के समय से परिवारों में संरक्षित हैं और आज भी अत्यंत सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखी जाती हैं।

संरक्षकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन पांडुलिपियों में पंजीयार, पंजी, पुराण, पंचांग तथा चक्रकूट पंचांग जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं, जिनका उपयोग परंपरागत ज्ञान, धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक व्यवस्थाओं तथा ज्योतिषीय गणनाओं में किया जाता रहा है। इन ग्रंथों में स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विधानों और समय गणना की विशिष्ट प्रणालियों का भी उल्लेख मिलता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पांडुलिपियों के अध्ययन की प्रक्रिया, उन्हें पढ़ने-समझने की पारंपरिक पद्धतियों तथा वर्तमान समय में उनके संरक्षण की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में प्राचीन ज्ञान-संपदा के संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा से जुड़ी रह सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ज्ञान भारतम् अभियान देश की प्राचीन पांडुलिपियों, ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान भारत की बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

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बड़ेकनेरा से मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश: महिलाओं के हाथों में आर्थिक ताकत, माताओं को सुरक्षा, बच्चों को पोषण और स्व-सहायता समूहों को संबल देकर बदल रही छत्तीसगढ़ की तस्वीर, योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर सीएम विष्णुदेव साय ने देखा जमीनी बदलाव का असर

रायपुर 1 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का लाभ सीधे व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, तभी सुशासन का उद्देश्य सार्थक होता है।

*प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को मिला बल*

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही श्रीमती मनिता मरकाम और श्रीमती खेमलता कोर्राम को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की मजबूत आधारशिला बन रही है।

*महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक ताकत*

महतारी वंदन योजना से लाभान्वित श्रीमती संतोषी भोयर, जो घर पर पार्लर संचालन करती हैं, तथा श्रीमती संपत्ति मानिकपुरी, जो सब्जी व्यवसाय से जुड़ी हैं, ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को सहारा देने में सहायक सिद्ध हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती परिवार और समाज दोनों को सशक्त बनाती है।

*अन्नप्राशन संस्कार से बच्चों के स्वस्थ भविष्य की कामना*

कार्यक्रम में अंजू कोर्राम एवं पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशुओं के समुचित पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में पोषण पर विशेष ध्यान देना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

*गोद भराई कार्यक्रम से मातृत्व का सम्मान*

गोद भराई कार्यक्रम के अंतर्गत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, सुरक्षित प्रसव और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और गर्भवती महिलाओं की देखभाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

*सुपोषण किट वितरण से कुपोषण के खिलाफ अभियान को मजबूती*

कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

*सक्षम योजना और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई दिशा*

कार्यक्रम में मनई यादव को सक्षम योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन रही है।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ महिला कोष के अंतर्गत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई हैं और इनके माध्यम से महिलाओं में उद्यमिता, बचत और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है।

*किशोरियों को मिली हाइजीन किट, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर*

कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक एवं हीना को हाइजीन किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ परिवार और समाज के निर्माण की आधारशिला बनती है।

कार्यक्रम में कंसोराम नेताम एवं गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल तथा आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार की साझा जिम्मेदारी ही बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखती है।

*जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा विश्वास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनती हैं, तभी सुशासन का उद्देश्य पूर्ण होता है।

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ब्रेकिंग : मुख्यमंत्री ने देखा ऐसा डिजिटल मॉडल, जहां बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए गांव में मिल रही दर्जनों सरकारी सेवाएं, बड़ेकनेरा बना पूरे प्रदेश के लिए ‘डिजिटल सुशासन’ का रोल मॉडल!

रायपुर 1 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निरीक्षण कर ग्रामीण डिजिटल सुशासन के अभिनव मॉडल ‘सेवा सेतु’ की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर योजनाओं की पहुंच, पारदर्शिता और प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को उनके गांव में ही सहज, सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि ‘सेवा सेतु’ अभियान और अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं, जिनसे आमजन को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है।

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान ग्राम की हितग्राही श्रीमती कौशल्या मानिकपुरी ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्त हो रही है, जिससे घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से खेती-किसानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिली है।

इसी प्रकार श्रीमती सुमति मानिकपुरी, श्रीमती अमिल मानिकपुरी तथा श्रीमती पचमती बघेल ने मुख्यमंत्री को बताया कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाया है और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहारा दिया है। वृद्धावस्था पेंशन और महतारी वंदन योजना का लाभ प्राप्त कर रही श्रीमती वेंकटरमणा जंगम ने भी योजनाओं की नियमित उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक गरीब, किसान और महिला तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

*‘गाँव के द्वार, डिजिटल सरकार’ का साकार हो रहा संकल्प*

ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में संचालित ‘सेवा सेतु’ अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को ग्रामीणों तक त्वरित, सरल और सुलभ तरीके से पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर अनेक शासकीय, वित्तीय और डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार होती दिखाई दे रही है।

*एक ही छत के नीचे मिल रही दर्जनों डिजिटल और शासकीय सेवाएं*

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में आवेदन प्रेषण के लिए मात्र 30 रुपये तथा प्रिंट आउट के लिए 5 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र के माध्यम से आय, जाति, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन तथा भवन निर्माण अनुज्ञा जैसी सेवाएं ग्रामीणों को गांव में ही मिल रही हैं।

इसके अतिरिक्त नगद आहरण, फंड ट्रांसफर, पेंशन सेवाएं, जीवन, सामान्य एवं कृषि बीमा, पैन कार्ड एवं पासपोर्ट आवेदन, बिजली बिल भुगतान, यात्रा टिकट बुकिंग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का ऑनलाइन पंजीयन भी इसी केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों का समय, श्रम और आर्थिक व्यय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है।

*हर माह 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल लेन-देन, स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा*

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में ‘सेवा सेतु मैनेजर’ के रूप में कार्यरत श्री संजय मिश्रा ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल ने न केवल ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं, जिससे युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

*ग्रामीणों के समय, श्रम और धन की बचत का माध्यम बना सेवा सेतु*

बड़ेकनेरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब विभिन्न शासकीय सेवाओं और योजनाओं का लाभ गांव में ही उपलब्ध हो जाने से उन्हें दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे समय, श्रम और धन की बचत हो रही है तथा शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल अब ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण, पारदर्शी सेवा वितरण और सुशासन की नई मिसाल के रूप में उभर रहा है।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना उम्मीदों का केंद्र: हाथी प्रभावित दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्या का हुआ त्वरित समाधान, आवेदन पहुंचते ही अंधेरे में डूबी सारंगडाँड़ बस्ती में लौटी बिजली

नारायणपुर : 1 जून 2026 । मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया एक बार फिर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। जिले के दूरस्थ एवं हाथी प्रभावित क्षेत्र ग्राम पंचायत बनकोम्बो की सारंगडाँड़ बस्ती पिछले पांच दिनों से अंधेरे में डूबी हुई थी। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण पूरे बस्ती की विद्युत व्यवस्था ठप हो गई थी, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

ग्रामीणों ने कई दिनों तक विभाग से  बिजली बहाल होने की प्रतीक्षा की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर अपनी समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और तत्काल बिजली विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया से मिले निर्देशों के बाद बिजली विभाग की टीम सक्रिय हुई और सारंगडाँड़ बस्ती में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली व्यवस्था सुचारू होते ही ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

ग्रामीणों ने बताया कि सारंगडाँड़ बस्ती हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्थित है। ऐसे क्षेत्रों में बिजली केवल सुविधा का साधन नहीं बल्कि सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम होती है। रात के समय बिजली नहीं होने से लोगों को जंगली हाथियों की आवाजाही के बीच अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया तक उनकी बात पहुंचने के बाद जिस तेजी से कार्रवाई हुई, उससे उन्हें यह भरोसा मिला है कि शासन आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी संवेदनशीलता और तत्परता सराहनीय है।

क्षेत्र के लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया लगातार ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी केंद्र बनता जा रहा है। यहां पहुंचने वाली जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई होने से लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं संबंधित अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि समय पर ट्रांसफार्मर बदलने से न केवल बिजली की समस्या दूर हुई है, बल्कि हाथी प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से भी बड़ी राहत मिली है।

ग्रामीणों का मानना है कि जहां जनसमस्याओं पर तत्काल सुनवाई और त्वरित समाधान हो, वहीं सुशासन की वास्तविक पहचान दिखाई देती है।

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ब्रेकिंग न्यूज़: एक शिकायत, एक वीडियो और फिर मचा प्रशासनिक भूचाल! मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त रुख के बाद यंहा के जनपद पंचायत CEO तत्काल निलंबित, जानिए पूरा मामला......

रायपुर 1 जून 2026/ सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग, श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में श्री पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के विपरीत है। इस संबंध में संभागायुक्त दुर्ग द्वारा श्री पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा। 

लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। 

निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

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अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा की बड़ी समीक्षा बैठक : विकसित भारत अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार

रायपुर, 01 जून 2026/  अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को विकसित भारत अधिनियम के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी हो। नियमों के लागू होने से पहले यदि लोग इसके प्रति जागरूक होंगे, तो वे योजनाओं का अधिक से अधिक और सही लाभ उठा सकेंगे। अपर मुख्य सचिव ने आगामी 01 जुलाई से लागू होने वाले विकसित भारत अधिनियम 2025 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस नए अधिनियम के प्रावधानों और नियमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

         अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने आज अटल नगर नवा रायपुर स्थित विकास आयुक्त भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) सहित अन्य ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
     
*प्रधानमंत्री आवास निर्माण की सराहना की*

       बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक आवास पूर्णता और तीव्र निर्माण गति पर  हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागीय टीम की सराहना की और निर्देशित किया कि विकास की इस गति को निरंतर बनाए रखा जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही पक्के मकान से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और समय-सीमा में लक्ष्यों को पूरा करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

         इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री धर्मेश साहू, मनरेगा आयुक्त एवं संचालक (प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण) श्री तारण प्रकाश सिन्हा, अपर विकास आयुक्त श्री वी.पी. तिर्की सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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महानदी में आधी रात चलता मिला अवैध रेत उत्खनन का खेल, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद धमतरी में खनिज विभाग का बड़ा एक्शन; 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त कर की गईं सील

रायपुर, 01 जून 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाकर लगातार छापेमारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सूक्ष्म निगरानी, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव हो पा रहा है।
                इसी क्रम में खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 31 मई 2025 की रात्रि में जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में 05 चैन माउंटेन मशीनें रेत के उत्खनन में संलग्न पाई गईं। मौके पर रेत उत्खनन के संबंध में किसी प्रकार की वैध अनुमति अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।
               खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा जवाब प्रस्तुत करने हेतु मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया।
जांच कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण स्थापित हो रहा है। राज्यभर में अभियानात्मक कार्रवाई जारी है और अवैध खनन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

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पीडब्ल्यूडी सचिव का सख्त अल्टीमेटम: 30 जून तक टेंडर, 31 जुलाई तक कार्यादेश; भारतमाला से जुड़ेंगी छत्तीसगढ़ की सड़कें, पहुंचविहीन गांवों तक बनेगा विकास का नया नेटवर्क

रायपुर. 1 जून 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों को मार्च-2026 तक स्वीकृत कार्यों के 30 जून तक निविदा आमंत्रित कर 31 जुलाई तक कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा ऋतु के तुरंत बाद ये काम शुरू किए जा सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ से गुजर रहे भारतमाला परियोजनाओं की सड़कों से राज्य की सड़कों को जोड़ने फोरलेन सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने को कहा, ताकि भारतमाला सड़कों का पूरा लाभ राज्य को भी मिल सके। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में मौजूद थे। विभाग के सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल प्रदेशभर की 36 द्रुतगामी सड़कों के साथ ही दूरस्थ अंचलों के पहुंचविहीन गांवों के लिए भी प्राथमिकता से सड़कों व पुलों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष और पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने को कहा। उन्होंने 31 जुलाई तक इनके प्राक्कलन भी भेजने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में आर.सी.पी.एल.डब्लू.ई.ए. (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के कार्यों को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद अधिकारियों को जिओ-टैगिंग और एसएनए का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया।

श्री बंसल ने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर समय पर उनका भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों के देयकों का भुगतान एक माह के भीतर करने को कहा। उन्होंने भुगतान के पहले सभी कार्यों का कड़ाई से सत्यापन भी करने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक किए गए कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र और फाइनल बिल समीक्षा के लिए भेजने को कहा। श्री बंसल ने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को हर तीन महीने में राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। 

विभागीय सचिव ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों से अच्छा समन्वय रखकर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को डामरीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान खुद फील्ड में मौजूद रहकर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को हर मंगलवार को अपने कार्यालय में ही रहने के निर्देश दिए। उन्होंने काम में ढिलाई एवं लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने को भी कहा। उन्होंने भू-अर्जन के मामलों में मिशन मोड में काम करते हुए आगामी तीन से छह माह के भीतर सभी प्रकरणों को निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात को देखते हुए सड़कों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर पूर्ण करने को कहा। 

श्री बंसल ने कार्यों में सुविधा और प्रशासनिक कसावट के लिए विभाग के विभिन्न अनुविभागीय कार्यालयों के स्थानांतरण एवं पुनर्गठन की कार्यवाही जून कर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक विर्माण विभाग की परिसंपत्तियों के डिजिटाइजेशन, एसडीओ से लेकर प्रमुख अभियंता कार्यालय तक ई-ऑफिस से कार्य संपादित करने, कार्यालयों को सुव्यस्थित रखने, गति शक्ति पोर्टल पर कार्यों की प्रगति की जानकारी समय पर अपडेट करने, न्यायालयीन प्रकरणों में जवाब समय पर दाखिल करने, प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति, निविदा आमंत्रण और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रियाएं दो से तीन माह में पूर्ण करने तथा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कराने के भी निर्देश दिए।

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“सिर्फ सफलता नहीं, समाज को भी लौटाएं कुछ अमूल्य” : राजभवन में बेटियों को राज्यपाल रमेन डेका का प्रेरक संदेश, अंगदान-देहदान का संकल्प लेने वाले 75 मानवता के प्रहरी सम्मानित

रायपुर, 01 जून 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोक भवन  में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानवता की सेवा का अनुकरणीय संदेश देने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने बालिका गृह की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़े परिश्रम के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को कभी छोटा न समझने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

*पुस्तकों से मिलता है स्थायी ज्ञान और आगे बढ़ने का साहस*

         राज्यपाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सी जानकारियां समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। विशेष रूप से सफल विभूतियों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यह समझने का अवसर मिलता है कि कैसे कठिन संघर्षों और निरंतर प्रयासों के बाद लोग सफलता के शिखर तक पहुंचे हैं। ऐसी प्रेरक कहानियां जीवन में आगे बढ़ने का साहस और संकल्प देती हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन में हमेशा ऐसा कार्य करने का प्रयास करें जिसमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि दूसरों की मदद करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का निस्वार्थ भाव हो। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के आत्मीय जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने भी राज्यपाल को स्व-निर्मित उपहार भेंट कर अपना स्नेह व्यक्त किया।

*मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य*

          इस अवसर पर राज्यपाल ने पर्यावरण एवं जल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मानव, पशु एवं प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस संतुलन को कायम रखने में वृक्षों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेड़ों को बचाना और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

         राज्यपाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ष्हमने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन पानी भी खरीदकर पीना पड़ेगा। इसलिए जल का संवर्धन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमने आज पेड़ों को नहीं संभाला, तो आने वाले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इंसान ही स्वच्छ हवा और पानी को प्रदूषित कर रहा है, इसलिए इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी इंसान की ही है।

*अंगदान और देहदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा*

          राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा और शोध (त्मेमंतबी) के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान और देहदान का संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के सच्चे नायक हैं। उन्हें अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यह संवेदनशीलता और मानवता का सबसे उच्च भाव है, जिसे हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

*75 नागरिक और रायपुर कलेक्टर हुए सम्मानित*

         कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, रायपुर जिले के कलेक्टर श्री गौरव सिंह को भी इस पुनीत क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान व देहदान का संकल्प लेने वाले प्रबुद्ध नागरिक, बालिका गृह की बालिकाएं तथा उनके शिक्षक उपस्थित थे।

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जंगल की पगडंडियों से स्विमिंग पूल की लेन तक: बैगा बच्चों के सपनों को पंख दे रहा खेल शिविर, राष्ट्रीय प्रशिक्षकों से सीख रहे तैराकी के गुर

रायपुर, 01 जून 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। जंगलों और पहाड़ों के बीच जीवन व्यतीत करने वाले बैगा बालक-बालिकाएं आज तरणताल (स्वीमिंग पूल) में तैराकी के आधुनिक खेल कौशल सीखकर अपने सपनों को नई दिशा दे रहे हैं।

            नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के तरणताल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें आकांक्षी विकासखंड गौरेला के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा समुदाय के बच्चों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने स्वयं गांवों तक पहुंचकर बैगा परिवारों को प्रेरित किया और बच्चों को इस शिविर से जोड़ा।

*अवसर मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास*

          प्राकृतिक जलस्रोतों, नदी-नालों और जंगलों के बीच जीवन बिताने वाले इन बच्चों के लिए तरणताल का यह अनुभव बिल्कुल नया है। यहाँ वे केवल तैरना ही नहीं सीख रहे, बल्कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी खेल संस्कृति को भी आत्मसात कर रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतने बड़े स्वीमिंग पूल में अभ्यास नहीं किया था। वे तैराकी के तकनीकी पहलुओं को सीखकर बेहद उत्साहित हैं और भविष्य में बड़े खिलाड़ी बनने का सपना देख रहे हैं।

*राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से मिल रहा मार्गदर्शन*

         इस ग्रीष्मकालीन शिविर में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को तैराकी की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को फ्री-स्टाइल, बैक-स्ट्रोक, बटरफ्लाई-स्ट्रोक, ब्रेस्ट-स्ट्रोक तथा मेडले जैसी प्रतिस्पर्धी विधाओं का कड़ा अभ्यास कराया जा रहा है। सुबह और शाम, दो पालियों में संचालित इन सत्रों के माध्यम से बच्चों की शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और खेल कौशल को लगातार विकसित किया जा रहा है। प्रशिक्षकों का मानना है कि बैगा बच्चों में स्वाभाविक शारीरिक क्षमता, साहस और सीखने की तीव्र इच्छा है, जो उन्हें भविष्य का उत्कृष्ट खिलाड़ी बना सकती है।

*जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम*

         विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में पलने के कारण अद्भुत सहनशक्ति और बेजोड़ शारीरिक क्षमता के धनी होते हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन बच्चों को खेल की मुख्यधारा से जोड़ने का यह प्रयास न केवल खेल विकास की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि सामाजिक समावेशन और जनजातीय सशक्तिकरण का भी एक जीवंत उदाहरण है।

*मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल जनजातीय युवा*

         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और कौशल विकास के अवसरों का विस्तार कर रही है। सरकार का संकल्प है कि दूरस्थ अंचलों का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा संसाधनों के अभाव में पीछे न छूटे। बैगा समुदाय के बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ना सरकार की समावेशी विकास नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे न केवल बच्चों के व्यक्तित्व का विकास हो रहा है, बल्कि उनमें बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास भी जागृत हो रहा है।

*सपनों की नई लहर*

          कभी जंगलों और पहाड़ियों तक सीमित रहने वाले बैगा बच्चे आज तरणताल में पूरे आत्मविश्वास के साथ लहरों से मुकाबला कर रहे हैं। यह सकारात्मक परिवर्तन केवल एक खेल प्रशिक्षण का परिणाम नहीं है, बल्कि सरकार की संवेदनशील सोच, जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता और बच्चों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है।

          यह ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर बैगा बच्चों के लिए एक ऐसे सुनहरे अवसर के रूप में उभरा है, जो उनके जीवन की दिशा बदल सकता है। आने वाले वर्षों में यही बच्चे राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ और पूरे भारत का गौरव बढ़ाएंगे, यही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।

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राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय-सीमा में 100 फीसदी निराकरण के निर्देश; अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

जशपुरनगर, 01 जून 2026/ अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न राजस्व कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की।  बैठक के दौरान अपर कलेक्टर ने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।
    समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर श्री साहू ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए। उन्होंने भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। अपर कलेक्टर ने आरबीसी 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावितों एवं पीड़ितों को समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक से सभी एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर मौजूद रहे।

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सुशासन तिहार का अगला बड़ा पड़ाव: खारीबहार में 2 जून को लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर, 13 गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा मौके पर समाधान

जशपुरनगर 1 जून  2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत फरसाबहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत खारीबहार में 2 जून 2026 को शिविर लगेगी। इस शिविर में 13 गांव बाबूसाजबहार, अंकिरा, भेजरीडांड, सिकिरमा, गारीघाट, झारमुण्डा, खारीबहार, कोरंगामल, लवाकेरा, फरदबहार, दलटोली, बारो एवं कोनपारा के ग्रामीण अपनी मांग एवं समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। 
        सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके।  
       कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

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सुशासन तिहार बना दिव्यांगों के जीवन में नई उम्मीद की किरण: सुरेन्द्र राम को मिली ट्राई साइकिल, अब आत्मनिर्भरता की राह होगी आसान

जशपुर 1 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है और सामग्री वितरण भी की जा रही है।

इसी कड़ी में ग्राम पूर्णापानी के सुरेंद्र राम को सुशासन तिहार बोकी शिविर में मिला ट्राई साइकिल ।

 
उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि कुछ कार्यों के लिए मुझे दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब मैं अपने जरूरी कार्य स्वयं  कर सकूंगा  इसके लिए  जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

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दैनिक राशिफल : जून की पहली सुबह लेकर आई ग्रहों का बड़ा संदेश - कहीं धन लाभ के प्रबल योग, कहीं करियर में नई उड़ान, तो कहीं रिश्तों की होगी परीक्षा ; जानिए आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा 1 जून 2026 का दिन

 

जून माह का पहला दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीदें, आर्थिक अवसर और करियर में प्रगति के संकेत लेकर आया है। चंद्रमा का धनु राशि में गोचर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई योजनाओं को गति देगा। नौकरी, व्यापार, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य के मामलों में आज का दिन अधिकांश राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल—

मेष: कार्यक्षेत्र में बढ़ेगा प्रभाव, रुके हुए कार्यों को मिलेगी गति

आज का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। व्यवसाय में नए अनुबंध मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा और किसी शुभ समाचार से घर में प्रसन्नता का वातावरण बनेगा।

करियर: नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति के संकेत।
व्यापार: निवेश के लिए समय अनुकूल।
प्रेम: संबंधों में मधुरता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: अधिक भागदौड़ से थकान हो सकती है।

वृषभ: आर्थिक मामलों में मिलेगा लाभ, कानूनी विवादों में राहत के संकेत

वृषभ राशि वालों के लिए दिन आर्थिक दृष्टि से शुभ रहने वाला है। धन लाभ के नए अवसर सामने आ सकते हैं। यदि कोई कानूनी या प्रशासनिक मामला लंबित है तो उसमें सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ संबंध मजबूत होंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना है।

करियर: वरिष्ठों से प्रशंसा मिलेगी।
व्यापार: लाभ में वृद्धि और नए ग्राहक मिल सकते हैं।
प्रेम: वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

मिथुन: संवाद कौशल दिलाएगा सफलता, नए संपर्क बनेंगे लाभ का आधार

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। महत्वपूर्ण बैठकों और चर्चाओं में सफलता मिलने की संभावना है। नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन विशेष रूप से अनुकूल है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

करियर: इंटरव्यू और प्रस्तुति में सफलता।
व्यापार: नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है।
प्रेम: पुराने मतभेद समाप्त होंगे।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें और पर्याप्त नींद लें।

कर्क: भावनात्मक संबंध होंगे मजबूत, परिवार में रहेगा सुखद वातावरण

कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन पारिवारिक दृष्टि से बेहद शुभ है। घर में किसी मांगलिक चर्चा या आयोजन की संभावना बन सकती है। कार्यस्थल पर आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है।

करियर: कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ेगा।
व्यापार: लाभदायक अवसर प्राप्त होंगे।
प्रेम: रिश्तों में निकटता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।

सिंह: मेहनत का मिलेगा पूरा फल, सामाजिक प्रतिष्ठा में होगी वृद्धि

सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से भरा रहेगा। समाज में सम्मान बढ़ेगा और प्रभावशाली व्यक्तियों से मुलाकात लाभदायक साबित होगी। किसी महत्वपूर्ण परियोजना में सफलता मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

करियर: महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सकती है।
व्यापार: रुका हुआ धन वापस मिल सकता है।
प्रेम: जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखें।
स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्याओं से सावधान रहें।

कन्या: शिक्षा और करियर में सफलता के योग, नई योजनाएं होंगी सफल

आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए शुभ समाचार लेकर आ सकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

करियर: अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
व्यापार: विस्तार की योजनाएं सफल होंगी।
प्रेम: रिश्तों में नई ऊर्जा का संचार होगा।
स्वास्थ्य: पुरानी परेशानियों से राहत मिलेगी।

तुला: भाग्य का मिलेगा पूरा साथ, रुके हुए कार्य होंगे पूरे

तुला राशि के जातकों के लिए दिन भाग्यवर्धक साबित हो सकता है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

करियर: पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि।
व्यापार: साझेदारी में लाभ मिलेगा।
प्रेम: संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।
स्वास्थ्य: तनाव से राहत मिलेगी।

वृश्चिक: धैर्य और संयम से मिलेगा लाभ, विवादों से रहें दूर

आज जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखें। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है।

करियर: संयम से काम लें।
व्यापार: बड़े निवेश से बचें।
प्रेम: गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास करें।
स्वास्थ्य: तनाव और रक्तचाप पर नियंत्रण रखें।

धनु: आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा दिन, यात्रा के बनेंगे योग

चंद्रमा आपकी राशि में होने से आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। शिक्षा, यात्रा और करियर से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

करियर: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
व्यापार: नए संपर्क लाभ पहुंचाएंगे।
प्रेम: साथी का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: यात्रा के दौरान सावधानी रखें।

मकर: सरकारी कार्यों में सफलता, मेहनत का मिलेगा प्रतिफल

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन कार्यक्षेत्र में सफलता लेकर आ सकता है। आपकी मेहनत और लगन की सराहना होगी। सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

करियर: पदोन्नति के योग बन रहे हैं।
व्यापार: योजनाएं सफल होंगी।
प्रेम: पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: कमर और जोड़ों के दर्द से सावधान रहें।

कुंभ: आय के नए स्रोत खुलेंगे, लंबे समय से चली आ रही समस्या होगी दूर

आज आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। नई नौकरी या आय के अतिरिक्त स्रोत मिल सकते हैं। मित्रों और सहयोगियों का पूरा समर्थन प्राप्त होगा। पारिवारिक जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।

करियर: नए अवसर प्राप्त होंगे।
व्यापार: लाभ में वृद्धि होगी।
प्रेम: प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य बना रहेगा।

मीन: आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, धन लाभ के बन रहे योग

मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आया है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

करियर: नए अवसरों का लाभ उठाएं।
व्यापार: धन लाभ के अच्छे योग हैं।
प्रेम: भावनात्मक संबंध मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य: पर्याप्त आराम और संतुलित आहार लें।

                  वृषभ, कन्या, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। आर्थिक लाभ, करियर में प्रगति और पारिवारिक सुख के प्रबल योग बन रहे हैं।

 आज का शुभ उपाय

सोमवार के दिन भगवान शिव का अभिषेक करें, बेलपत्र अर्पित करें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप करें। इससे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की संभावना बढ़ेगी।

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