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अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला ने बच्चों के साथ साझा किए अपने अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव.....ग्रुप कैप्टन श्री शुक्ला की उपलब्धि देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 05 सितंबर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर से स्कूली बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता के लिए मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन रायपुर और विज्ञान भारती के मध्य दो महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े विषयों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला को उनकी सफल अंतरिक्ष यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को नमन करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन की इस विशेष पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा एवं उत्साह को बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक सोच है। विज्ञान प्रश्न पूछने और तर्क करने की शक्ति और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रोजेक्ट जय विज्ञान के अंतर्गत आयोजित कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनियाँ, प्रतियोगिताएँ और नवाचारी परियोजनाएँ विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देंगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ के बच्चे केवल ज्ञान के उपभोक्ता नहीं, बल्कि नए विचारों और खोजों के सृजनकर्ता बनेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञान-आधारित समाज की सच्ची नींव है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से आह्वान किया कि वे श्री शुभांशु शुक्ला से प्रेरणा लेकर अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपना तथा देश का नाम ऊँचा करें।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने कहा कि देश ने जो अवसर उन्हें प्रदान किया है, उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा—“मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का मैं विशेष आभार व्यक्त करता हूँ कि उनकी पहल से ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। जब प्रदेश का मुखिया विज्ञान और शिक्षा से जुड़े आयोजनों को महत्व देता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश पर पड़ता है और बच्चों के भीतर नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा उत्पन्न होती है।”

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, प्रदेश भर से जुड़े स्कूली छात्र-छात्राएँ और शिक्षकगण उपस्थित थे।

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राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित....शिक्षा के बिना जीवन अधूरा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 05 सितंबर 2025/राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित गरिमामय समारोह में वर्ष 2024 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। 

समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के 64 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2025 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की भी घोषणा की।

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सर्वप्रथम भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, महान दार्शानिक और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को उनकी जयंती पर नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है। बेहतर शिक्षक एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महती भूमिका निभाते हैं। 

उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के प्रेरणास्रोत होते है। उनके विकास में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका है। आज का जीवन सरल नहीं है। गिरकर खड़े होना और जीवन की चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए यह विद्यार्थियों को सीखाना चाहिए। 

श्री डेका ने कहा कि शिक्षक ऐसा पढ़ाएं जिससे बच्चे स्कूलों की ओर आकर्षित हो। स्कूल भवन नहीं बल्कि उसके अंदर क्या पढ़ा रहे है ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्राचीन भारत की गुरूकुल परंपरा को श्रेष्ठ बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक गेम चेन्जर है। इस नीति के अनुरूप बच्चों को शिक्षा मिले यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका मूल उद्देश्य यही है कि शिक्षा अधिक व्यवहारिक, कौशल आधारित और सर्वांगीण बनाया जाए। इस नीति में विशेष बल मातृभाषा में शिक्षा पर दिया गया है। बालक को उसकी मातृभाषा में शिक्षा देने से वह अधिक रूचि तथा सहजता के साथ शिक्षा ग्रहण करता है। 

श्री डेका ने कहा कि नवाचारी शिक्षा अपने आप में एक मिसाल है। यह गौरव का विषय है कि हमारे शिक्षक साथी अध्यापन के लिए नए-नए उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग कर रहें हैं, जिससे बच्चों को सिखाना, रुचिकर एवं सहज हो गया है। बदलते  परिवेश के अनुसार बच्चों को शिक्षा दिया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस हेतु सार्थक पहल एवं प्रयास की आवश्यकता है। पाठ्यक्रमों में भी उचित पाठों का समावेश किया जाना समय की मांग है। 

समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। वे देश को ऐसे राष्ट्रभक्त नागरिक देते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार शिक्षक भी अनेक कठिनाइयों के बावजूद ज्ञान का उजाला फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है और इसके बिना जीवन अधूरा है। पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। आज प्रदेश में 20 से अधिक विश्वविद्यालय, 15 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स तथा लॉ विश्वविद्यालय स्थापित हैं।

श्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आसानी से शिक्षा उपलब्ध हो। इसी दृष्टि से प्रत्येक 1 किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय, 3 से 4 किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय, 6 से 7 किलोमीटर पर हाई स्कूल, 8 से 10 किलोमीटर पर हायर सेकेंडरी विद्यालय और प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के नवाचारी पहल पर भी अपने विचार साझा किए।

समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होेने से प्रदेश में शिक्षा का स्तर आने वाले समय में और बेहतर होगा। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की।

राज्यस्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों सूरजपुर जिले के श्री अजय कुमार चतुर्वेदी को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के श्री रमेश कुमार चंद्रवंशी को श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की श्रीमती सुनीता यादव को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरूस्कार और रायगढ़ जिले के श्री भोजराम पटेल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 64 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण श्री ऋतुराज रघुवंशी ने किया। 

समारोह में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, विधायक  श्री पुरन्दर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजीव झा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक उपस्थित थे।

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महतारी वंदन योजना : माताओं-बहनों के सम्मान से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि संभव – मुख्यमंत्री श्री साय.....अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची,

रायपुर, 05 सितम्बर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। 

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने गोंडी अनुवादक ऐप ‘आदि वाणी’ परियोजना की सफलता पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को दी बधाई

रायपुर, 05 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा।

प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है।

प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।

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राजनीति की आड़ में गुंडागर्दी कर रहे हैं नगर पंचायत अध्यक्ष,जुरूडांड़ में कांग्रेसियों का असली चेहरा हुआ उजागर, असंवेदनशीलता की सारी हदें कर दी पार: सुनील गुप्ता

जशपुरनगर 05 सितम्बर 2025 : बीते दिनों जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के जुरूडांड़ में हुई भीषण सड़क हादसे से जशपुर सहित पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्भाग्यजनक दुर्घटना के पीड़ित परिवारों पर जब प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सहायता करने में जुटी हुई थी,उस समय स्थानीय रहवासियों और पीड़ितों को बरगला कर कांग्रेसी अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का काम कर रहे थे। लेकिन जुरूडांड़ के जागरूक ग्रामीणों ने उनके इस प्रयास पर पानी फेर दिया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने जुरूडांड़ मामले में कांग्रेस के गैर जिम्मेदाराना रवैये पर निशाना साधते हुए कही है। उन्होनें नगर पंचायत कुनकुरी के अध्यक्ष विनयशील रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें नगर पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है लेकिन वे इस पद की गरीमा और मर्यादा को भूल कर गुंडे की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि कल तक जो विनयशील आरएसएस और बजरंग दल पर गुंडागर्दी का आरोप लगा रहे थे,उनकी गुंडागर्दी को जशपुर के साथ पूरे देश की जनता देख रही है।  कांग्रेस अब जनता का भरोसा खो चुकी है, इसलिए अब केवल लाशों की राजनीति कर रही है।यह कृत्य न सिर्फ अनैतिक और अमानवीय है, बल्कि अशांति फैलाने की साजिश है।उन्होंने अपील की कि ग्रामीण कांग्रेस के बहकावे में न आएं। गाड़ी चालक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुका है, मुख्यमंत्री ने घायलों के इलाज व मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।पूर्व जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कांग्रेस कभी प्रधानमंत्री मोदी की मां पर अभद्र टिप्पणी करती है तो कभी गृहमंत्री अमित शाह पर ओछे वार करती है। अब तो हद यह है कि मौत पर भी राजनीति कर रहे हैं।सुनिल गुप्ता ने कहा कि भाजपा हमेशा जनता की सेवा में खड़ी है, जबकि कांग्रेस केवल झूठ और नाटक कर जनता को गुमराह कर रही है। जनता समय आने पर कांग्रेस को इसका करारा जवाब देगी।

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मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर बाढ़ पीड़ितों को राशन-ईलाज के साथ अब जरूरी दस्तावेज बनाने का काम शुरू

रायपुर, 04 सितम्बर 2025/बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है।  बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।

      बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।

      सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके।

स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण श्री मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।

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कृष्ण कुमार राय ने कांग्रेस के चक्काजाम व धरना को बताया संवेदनहिन राजनीति की पराकाष्ठा ....छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार कर रही जुरूडांड़ के प्रभावितों की सहायता

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार बगीचा के जुरूडांड़ में हुए भीषण हादसे के घायलों और मृतकों के परिजनों की पूरी संवेदनशीलता के साथ सहायता कर रही है। वहीं कांग्रेस मानवीय संवेदना को भूल कर शव की शर्मनाक राजनीति कर रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय ने उक्त बातें कही। उन्होनें कहा कि जुरूडांड़ में हुई घटना ने जशपुर सहित पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। आपदा की इस घड़ी में गंभीर संकट से जुझ रहे मृतकों व घायलों के परिवार को संवेदना और मानवीय सहायता की जरूरत है नाकि बेवजह की राजनीति की। उन्होनें कहा कि घटना के बाद से सरकार और जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल घटना स्थल पर पहुंच कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों को समुचित व्यवस्था के साथ अंबिकापुर पहुंचाया गया है। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी शशि मोहन सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर गुप्ता के साथ जशपुर की विधायक रायमुनि भगत भी रात को ही बगीचा पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतक के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख और घायलों के उपचार की जिम्मेदारी लेने की घोषणा कर दी है। इसके बावजूद कांग्रेसी जुरूडांड़ में ग्रामीणों को बरगला कर शव के साथ धरना प्रदर्शन करने में लगे हुए थे। लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों का समर्थन ना मिलने से पीछे हटना पड़ा।

   कृष्ण कुमार राय ने जोर दे कर कहा कि जशपुर स्व कुमार दिलीप सिंह जूदेव का जिला है। यहां भाजपा और भाजपा की सरकार जिले की जनता के साथ हर सुख और दुख की घड़ी में मजबूती से साथ खड़ी रहती है।

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लुत्ती बांध के टूटने पर जताई गहरी नाराज़गी, दुबारा इस तरह की गलती नहीं की जाएगी बर्दाश्त – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 04 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में स्थित लुत्ती बांध के टूटने की घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्री साय ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि मैदानी अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतत रूप से फील्ड में जाकर बांधों सहित अन्य संरचनाओं का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने, सभी बांधों की जलभराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं की प्रगति आदि के सम्बन्ध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। साथ ही विशेष रूप से बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का कड़ाई से पालन करने तथा जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने लक्षित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षमता के बीच अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग की अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर बल दिया, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में 04 वृहद परियोजनाएँ, 357 लघु परियोजनाएँ और 300 एनीकेट, इस प्रकार कुल 661 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 1036 जीर्णोद्धार कार्य भी चल रहे हैं। इस तरह कुल 1697 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनमें लगभग ₹8966 करोड़ की राशि व्यय होगी।

इस बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उईके तथा बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग मंडलों के मुख्य अभियंता सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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करमा तिहार के रंग में डूबा मुख्यमंत्री निवास : मुख्यमंत्री करमा तिहार 2025 कार्यक्रम में हुए शामिल, करमा दलों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित

रायपुर, 04 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। श्री कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, श्रीमती कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राम कुमार टोप्पो, विधायक श्री आशाराम नेताम, विधायक श्री प्रबोध मिंज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम श्री राम सेवक सिंह पैकरा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, सभापति जिला पंचायत धमतरी श्री टीकाराम कंवर, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज श्री हरवंश सिंह मिरी, अध्यक्ष कंवर समाज रायपुर महानगर श्री मनोहर सिंह पैकरा सहित कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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जी एस टी दरों में बदलाव : आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारी को मिलेगा फायदा - भाजपा

जी एस टी दरों में बदलाव : आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारी को मिलेगा फायदा - भाजपा

जशपुर 04 सितम्बर 2025 : 

केंद्र की मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए आयकर में 12 लाख रुपये तक की छूट देने के बाद अब GST दरों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन ऐतिहासिक फैसलों से व्यापारियों, मध्यमवर्ग और उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। भाजपा नेताओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।


भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा:

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार लगातार मध्यमवर्ग और व्यापारियों के हित में निर्णय ले रही है। आयकर में 12 लाख तक की छूट और अब GST दरों में राहत से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं को भी सीधे लाभ होगा।”

पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव ने कहा:

“GST दरों में कमी से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है। यह कदम साबित करता है कि भाजपा सरकार केवल घोषणाएँ नहीं करती बल्कि धरातल पर जनता के जीवन स्तर को सुधारने के लिए ठोस काम करती है।”

पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा:

“कांग्रेस सरकारें हमेशा करों का बोझ बढ़ाने का काम करती रहीं। मगर मोदी सरकार ने आयकर और GST दोनों में छूट देकर हर वर्ग को राहत दी है। यह कदम विशेष रूप से छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित होगा।”

जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा:

“GST दरों में बदलाव से स्थानीय व्यवसाय और ग्रामीण अंचलों में व्यापार को नई गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आम उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।”

जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा:

“मोदी सरकार ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि उसकी प्राथमिकता जनता है। आयकर छूट और GST राहत से आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त करने का काम हुआ है।”

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा:

“यह ऐतिहासिक निर्णय भाजपा की जनसेवा और जनकल्याण की नीति को स्पष्ट करता है। आज हर वर्ग यह महसूस कर रहा है कि *‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’* मोदी सरकार की नीति में ही झलकता है।”*

आयकर छूट और GST दरों में बदलाव को लेकर भाजपा नेताओं ने कहा कि यह निर्णय भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त करेगा और आम जनता को सीधी राहत पहुँचाएगा।
उक्त जानकारी जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने दी।

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निजी भूमि पर प्राकृतिक रूप से उगे तथा रोपित वृक्षों की कटाई हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी

जशपुरनगर 04 सितम्बर 2025/ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर के अधिसूचना 11 फरवरी 2022 द्वारा शासकीय वनों से लगे हुए ग्रामों में इमारती वृक्षों को गिराने तथा हटाने के संबंध में अधिसूचना जारी किया गया है। फलस्वरूप निजी भूमि पर प्राकृतिक रूप से उगे तथा रोपित वृक्षों की कटाई आसान हुआ है। भूमि स्वामी द्वारा वृक्षों का पंजीयन निर्धारित प्रारूप में संबंधित तहसीलदार तथा संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी के पास जमा करना होगा। पंजीयन उपरांत वृक्षों की कटाई हेतु आवेदन संबंधित एसडीएम को करना होगा। आवेदन पत्र प्राप्ति के पश्चात् एसडीएम को 45 कार्य दिवस के भीतर निर्णय लेगें। निजी भूमि पर प्राकृतिक रूप से उगे वृक्षों के संबंध में एक कलेण्डर वर्ष में एक खाते पर अधिकतम 04 वृक्ष प्रति एकड़ के मान से एवं अधिकतम कुल 10 वृक्षों की कटाई की अनुमति प्रदान की जा सकेगी। रोपित वृक्ष पर एसडीएम 30 दिवस के भीतर निर्णय लेंगे।
          वृक्ष कटाई की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत भूमिस्वामी यदि स्वयं कटाई नहीं कराना चाहता है एवं वन विभाग को विक्रय करना चाहता है तो वन विभाग को आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। वन विभाग प्राप्त वनोपज को डिपो परिवहन कराकर मूल्य निर्धारित कर संबंधित भूमिस्वामी को निर्धारित मूल्य में व्यय की कटौती कर अनुसूचित जन जाति वर्ग से होने पर 95 प्रतिशत एवं अन्य वर्ग से होने पर 90 प्रतिशत राशि उसके खाते में जमा करावेगा। वन विभाग द्वारा कटाई एवं अन्य कार्य में किए गये व्यय राशि भूमिस्वामी को देय राशि से कटौती की जावेगी।
     विनिर्दिष्ट प्रजाति के वृक्ष जैसे साल, सागौन, शिशम, बीजा एवं खैर के कटाई से प्राप्त समस्त वनोपज का विक्रय वन विभाग के माध्यम से किया जायेगा। किसी जलधारा, झरने अथवा तालाब के किनारे के अंतिम किनारे से 20 मीटर के अंदर, किसी पवित्र स्थान से 20 मीटर के क्षेत्र में सम्मिलित किसी उपवन, वन महोत्सव कार्यक्रम या उसके समान किसी अन्य योजना के अन्तर्गत वृक्षों की प्रजातियों के वृक्षारोपण के क्षेत्र में, पड़ाव, कब्रस्तान अथवा श्मशान स्थल, गोठान, खलियान, बाजार अथवा आबादी हेतु अलग किये गये किसी क्षेत्र में स्थित कोई भी वृक्ष काटा नहीं जावेगा ।
          निजी एवं शासकीय भूमि में लगे सभी वृक्षों की कटाई की अनुमति अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से लेना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अन्तर्गत गठित ग्राम सभा में पारित किए गये विद्यमान्य संकल्प के बाद ग्राम पंचायत द्वारा प्रदत्त की गई लिखित अनुशंसा से आम जामुन, इमली, महुआ, चंदन, खजूर को छोड़कर छिंद. ताड़ एवं पाम की सभी प्रजातियां, हर्रा, नीम एवं कदम प्रजातियों के पेड़ जो सूख गए हो अथवा सूख रहे हो काटे जा सकेंगे। किन्तु वृक्ष सूख गए हो अथवा सूख रहे हो, से पृथक दशा में उपरोक्त प्रजातियों के पेड़ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुशंसा के बगैर काटे नहीं जायेंगे। निर्धारित प्रपत्र तहसीलदार व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अथवा वनमण्डलाधिकारी, जशपुर वन मण्डल, जशपुर कार्यालय से सम्पर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।

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ग्रामीणों को अब जान जोखिम में डाल कर नहीं करना पड़ेगा नदी पार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले में चार उच्च स्तरीय पुल निर्माण को दी मंजूरी

जशपुरनगर 04 सितम्बर 2025 : जिलेवासियों के लिए आवागमन को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सड़क और पुल-पुलिया का तेजी से विकास कर रहे हैं। जिले में पुल-पुलिया की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री श्री साय ने चार वृहद पुल निर्माण के लिए 13 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इनमें गुलझरिया बम्हनी मार्ग पर श्री नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण शामिल है। पुलविहिन इस नदी पर पुल निर्माण करने का मांग ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से किया जा रहा था। बरसात के दिनों में इस नदी को पार करने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को दूर करने के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री नदी पर पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 66 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। इस पुल के निर्माण से गुलझरिया से बम्हनी के बीच बसे लगभग दर्जन भर गांव के रहवासियों का विकासखंड मुख्यालय दुलदुला तक पहुंच आसान हो जाएगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी के लिए एक और वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। इसके अलावा सीएम श्री साय ने जिले में 1.71 करोड़ की लागत से बेनसारी नाला में किलकिला से केराकछार रोड में पुल पुलिया का निर्माण,मैनी नदी में कांसाबेल से शब्दमुंडा मार्ग में जजर्र पुलिया के जगह नए पुल निर्माण के 3.49 करोड़ की लागत से निर्माण किया जा रहा है और जिला मुख्यालय जशपुर में बांकी नदी पर जर्जर पुल हो चुके पुल की जगह नए उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 4 करोड़ 60 लाख की स्वीकृति दी है।

जिले में विकसीत हो रहा है बुनियादी ढांचा 

किसी भी जिले के लिए विकास का पैमाना बुनियादी ढांचा को माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह जिले में बीते दो साल के अंदर इस क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है। सड़क व पुल के साथ ही शिक्षा,स्वास्थ्य,पानी की सुविधा विकसीत कर,आम नागरिकों का जीवन सुखद बनाने के लिए तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार जशपुर जिले के लिए दिल खोल कर बजट दे रही है। सरकार का लक्ष्य जशपुर को विकसीत जिला के रूप में स्थापित करना है।

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ईद-ए-मिलाद की छुट्टी पर बदलाव!6सितम्बर की जगह अब इस दिन मिलेगा अवकाश.....

जशपुर :छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) अवकाश को लेकर संशोधित अधिसूचना जारी की है।

विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पूर्व में दिनांक 06 सितम्बर 2025 (शनिवार) को घोषित सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश को निरस्त करते हुए दिनांक 05 सितम्बर 2025 (शुक्रवार) को सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। साथ ही, 06 सितम्बर 2025 को अनंत चतुर्दशी पर्व के अवसर पर घोषित ऐच्छिक अवकाश यथावत रहेगा।


 
 


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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए जताया आभार 

 

रायपुर, 03 सितम्बर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री जी की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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बी ई ओ ने बैठक लेकर प्रधान पाठकों एवं संकुल समन्वयकों को दिए  दिशा निर्देश.......प्रतिमाह शिक्षक - पालक बैठक करें

जशपुर : विकासखंड फरसाबहार में विकास खंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन द्वारा समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयक  एवं प्राथमिक विद्यालय एवं पूर्व माध्यमिक के प्रधान पाठकों की बैठक आयोजित की गई । बैठक में  सभी को यशस्वी जशपुर के निर्देशों के बारे में पुनः जानकारी दी गई। साथ ही जुलाई माह में मासिक परीक्षा के प्राप्त अंकों/ ग्रेड सी एवं डी प्राप्त विद्यालय की समीक्षा की गई जिसमे  सी एवं डी ग्रेड आने का कारण जाना गया और उसके अगले ग्रेड में जाने हेतु क्या प्रयास कर रहे हैं इस हेतु सभी प्रधान पाठकों से पूछा गया।
   अधिकांश प्रधान पाठकों द्वारा अनियमित उपस्थित को कारण बताया जिसमें हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की तरह वॉट्स पालक शिक्षक  एस एम सी प्रतिनिधि की वॉट्स  अप ग्रुप बनाने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही सभी शिक्षक सभी अनियमित रहने वाले छात्रों को आपस में बांटकर उनके पालक से निरंतर संपर्क करने हेतु कहा गया।
 साथ ही प्रतिमाह शिक्षक - पालक बैठक आयोजित कर अनियमित छात्रों के पालको को अनिवार्यता उपस्थित कराने एवं सभी पालकों को मासिक परीक्षा के रिजल्ट बनाने हेतु निर्देशित किया गया है।

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय.बरगांव में नए प्राचार्य का किया गया आत्मीय स्वागत

जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार  उच्चतर माध्यमिक विद्यालय.बरगांव में जेंडर राम मांझी ने प्राचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया।पदभार ग्रहण के अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। सर्वप्रथम विद्यालय स्टाफ की ओर से पुष्प गुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया गया, वहीं छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत करते हुए पुष्प अर्पित कर नए प्राचार्य का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर श्री मांझी ने अपने उद्बोधन में कहा कि –
"मैं विद्यालय की प्रगति के लिए सतत प्रयास करता रहूंगा। इस कार्य में मुझे समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों का सहयोग अपेक्षित है।"

  इस अवसर पर जयमन तिर्की वरिष्ठ व्याख्याता वाणिज्य ने कहा कि ने प्राचार्य के स्वागत के साथ ही विद्यालय में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है हम सब मिलकर प्राचार्य के साथ इस विद्यालय को और अधिक उन्नत बनाएंगे.कार्यभार संभालते ही उन्होंने विद्यालय स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में विद्यालय निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा और उत्कृष्ट परिणाम प्रस्तुत करेगा।कार्यक्रम मे समस्त स्टॉफ उपस्थित थे.

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जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री चौधरी ने दी अहम राय.....

रायपुर, 03 सितम्बर 2025/ केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक आयोजित हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सक्रिय रूप से भागीदारी की।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि बैठक में जीएसटी प्रणाली में सुधार से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सुधार आम नागरिकों को सहूलियत देंगे, व्यापार जगत को गति प्रदान करेंगे और देश की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार करेंगे।

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जीएसटी सुधार केवल कर संरचना का सरलीकरण नहीं है, बल्कि यह इज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूत करने और राज्यों तथा देश की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने का भी माध्यम है।

यह उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में व्यापक सुधारों का आह्वान किया था। आज आयोजित यह बैठक उस संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और ठोस कदम साबित हुई है।

बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्रीगण, राजस्व विभाग के सचिव, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष व सदस्य तथा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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बेबीलॉन टावर में अग्नि दुर्घटना : मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन......जाबांज युवाओं को कलेक्टर-एसएसपी ने किया सम्मानित

रायपुर 03 सितंबर 2025/राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया। 

गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे। 

 इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें श्री सोमेश साव, श्री देवाशीष बरिहा, श्री आकाश साहू, श्री विशाल यादव, श्री अभिषेक सिन्हा श्री ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। 
 
 कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री श्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला। 

 घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी श्री पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहंुच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।  

श्री सोमेश सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानें

श्री सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहंुच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी श्री ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद श्री सोमेश, श्री ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।

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