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पुलिस से मिली जानकारी अनुसार प्रार्थी सावन विश्वकर्मा उम्र 60 वर्ष, निवासी रतबा, थाना बगीचा जिला जशपुर (छ. ग) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया कि, उसकी बेटी मृतिका पूजा उर्फ संपत्ति केरकेट्टा , का प्रेम विवाह, ग्राम उबका , तेंदू पारा निवासी जॉन केरकेट्टा के साथ हुआ था, वे 20 वर्षों से एक दूसरे से, पति पत्नी के रूप में रह रहे थे। उसके दो बच्चे हैं, दिनांक 30.6.25 को प्रार्थी का नाती, प्रार्थी के घर आकर बताया कि उसकी मां मृतिका पूजा केरकेट्टा और उसके पिताजी आरोपी जॉन केरकेट्टा के मध्य वाद विवाद व मारपीट हुआ था, उसके पिताजी आरोपी जॉन केरकेट्टा के द्वारा, उसकी मां मृतिका पूजा केरकेट्टा के सिर में डंडे से वार कर दिया गया था व उसकी मां मृतिका पूजा केरकेट्टा घर में मृत अवस्था में है। जिस पर प्रार्थी तत्काल अपने नाती के साथ अपनी बेटी मृतिका पूजा केरकेट्टा व दामाद जॉन केरकेट्टा के उबका तेंदूपारा स्थित घर में जाकर देखा तो पाया कि उसकी बेटी पूजा केरकेट्टा घर में मृत अवस्था में है, व उसके सिर में चोट लगा है, जिससे खून बह रहा है।
*राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ कर रहे हैं आधुनिक आइसोलेशन वार्ड....ग्रामीण अंचलों में ईसीआरपी एवं नाबार्ड योजनाओं से पहुंची आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं*
रायपुर /छत्तीसगढ़ में कोविड-19 जैसी महामारियों से निपटने की तैयारी को मजबूत करने और आमजन तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से ठोस कदम उठाए हैं। इमरजेंसी कोविड रिस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज (ईसीआरपी) के तहत प्रदेश के 571 स्वास्थ्य केंद्रों – जिसमें 62 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 385 उप-स्वास्थ्य केंद्र एवं 124 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं – में अतिरिक्त आइसोलेशन वार्ड स्वीकृत किए गए। इनमें से 422 भवनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और 141 वार्ड तेजी से निर्माणाधीन हैं। ये सभी आइसोलेशन वार्ड न केवल भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेंगे, बल्कि वर्तमान में स्वास्थ्य व्यवस्था को व्यापक और सशक्त बनाने में योगदान कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नाबार्ड पोषित योजना के अंतर्गत भी राज्य में व्यापक स्तर पर आइसोलेशन सुविधाओं का विकास हुआ है। इस योजना के तहत 25 जिला अस्पतालों में 20 बिस्तरों के और 170 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 10 बिस्तरों के आधुनिक आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं, जिनका निर्माण कोविड महामारी के दौरान मरीजों के पृथक उपचार के लिए किया गया था। वर्तमान में महामारी के अभाव में इन भवनों का नवाचारपूर्ण वैकल्पिक उपयोग किया जा रहा है। कहीं इन्हें चिकित्सा उपकरणों एवं दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए स्टोर रूम के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, तो कहीं इन्हें प्रशिक्षण केंद्र एवं बैठक कक्ष के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है।आइसोलेशन भवनों ने स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा दिया है। इनके बहुउद्देशीय उपयोग से स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य संचालन में सुविधा मिली है और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित तैयारियों की क्षमता भी सशक्त हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आइसोलेशन वार्ड का भवन तकनीकी कारणों से अभी तक हैंडओवर नहीं हो सका है। जल्द ही आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर इसे भी स्वास्थ्य सेवाओं में सम्मिलित किया जाएगा।
इन सभी आइसोलेशन वार्डों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर अल्प सूचना में ही इन्हें सक्रिय किया जा सके। राज्य सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़, सक्षम और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परेशानी : नारायणपुर क्षेत्र की लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था, बिजली की आंख मिचौली से उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है परेशानी.....वन्ही बिजली जाते ही चला जाता है Jio का नेटवर्क
नारायणपुर : नारायणपुर क्षेत्र में बारिश के मौसम बिजली की आंख-मिचौली से उपभोक्ता परेशान हैं। बारिश के दौरान बिजली गुल होने और बार-बार अघोषित कटौती से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात में बिजली जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।बिजली कटौती से न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि अस्पताल, छोटे उद्योग और दुकानदारों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन दिनों क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बदहाल है। हल्की बूंदाबांदी एवं बारिश में भी यहां बिजली आपूर्ति घंटो तक प्रभावित हो रही है। प्रतिदिन दर्जनों बार बिजली की आवाजाही से क्षेत्र के उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नारायणपुर सहित आसपास के दर्जनों ग्राम इस आंख मिचौली से परेशान हैं। अघोषित कटौती से लोग हलाकान हैं और स्थिति यह है कि यंहा लाइट के जाते ही मोबाइल नेटवर्क गायब हो जाता है। जिससे ग्रामीणों को और अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नारायणपुर, सेन्द्रीमुंडा, बेने,दाराख़रीका सहित दर्जनों ग्राम जिसका सप्लाई क्षेत्र नारायणपुर, से जुड़ा है, हर दिन बिजली के घण्टो घण्टो बन्द होने की शिकायत मिलती रहती है। ग्रामीणों के द्वारा दूरभाष से विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन लगाया जाता पर मोबाइल बन्द है कि शिकायत भी मिलती है।जब कभी बात हो जाती है तो लोग विद्युत आपूर्ति बहाल करने की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन विभाग के कर्मचारी कभी फाल्ट, तो कभी पेट्रोलिंग करने की बात करते हुए कर्मचारियों की व्यस्तता बता रहे हैं। विद्युत आपूर्ति ठप रहने से जहां क्षेत्र का बाजार ठप है। वहीं विद्युत से जुड़े तकनीकी कार्य पूर्ण रूप से प्रभावित हो रहे हैं। यह क्षेत्र हाथी,भालू,सर्प, बिच्छू से प्रभावित क्षेत्र है । रात में कभी बिजली के चले जाने से लोगों को अंधेरे में पूरी रात भर भय में गुजारते हैं। रात को किसी तरह का फाल्ट होने से विभाग से किसी प्रकार की राहत रात को नहीं मिल पाती है। वहीं अब ग्रामीण अव्यवस्था को लेकर आंदोलन की तैयारी में भी जुट गए हैं।
जिओ के नेटवर्क से परेशान लोग, बिजली जाते ही चला जाता है सिग्नल
जिओ की सेवा राम भरोसे चल रही है। यहां पर लाइट गायब होते ही फोन का नेटवर्क गायब हो जाता है और जब लाइट आती है तो नेटवर्क आता है।
नारायणपुर में लगे टेलीकॉम कंपनी जिओ टॉवर पर तैनात व देखरेख करने वाले कोई नही जिसके कारण जिओ की सेवा राम भरोसे चल रही है। यहां पर लाइट गायब होते ही फोन का नेटवर्क गायब हो जाता है और जब लाइट आती है तो नेटवर्क आता है।
इस सम्बन्ध में यहां के आस-पास लोगों की माने तो डीजल बचाने के चक्कर में यह खेल खेला जा रहा है। यहां का टावर ही सरकारी बिजली के ही सहारे चलता है। कई दिनों से लगातार हो रही बिजली समस्या के चलते जिओ का नेटवर्क भी उपभोक्ताओं को रुला रहा है।
पीएम जनमन योजना अंतर्गत पीवीटीजी बसाहटों तक पहुंचे सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भीम सिंह.....जनता से रूबरू हो कर जाना सुविधाएं और सेवाएं गावों तक पहुंच रही हैं या नहीं
जशपुर/नारायणपुर :- पीएम जनमन योजना के तहत, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए सड़क संपर्क निर्माण की गुणवक्ता जांचने एवं सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आजकल विभिन्न गांवों का दौरा कर रहे हैं।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, इन बसाहटों में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा ले रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आवश्यक सुविधाएं और सेवाएं गावों तक पहुंच रही हैं या नहीं
आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जशपुर के अंतर्गत पीएमजनमन के तहत् स्वीकृत सड़कों के निरीक्षण हेतु भीम सिंह सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, के.के कटारे प्रमुख अभियंता छ.ग. ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण,कल विकासखण्ड मनोरा अंतर्गत सड़क टीआर-05 से बंधकोना बी एवं टीआर-05 से भंवरपाठ स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान स्थल पर उपस्थित आम जनता से बातचीत कर बनाये गये सड़कों से लोगो की सुविधा के संबंध में चर्चा की गयी जिसमें आम - जनता से पूछे जाने पर यह बताया गया कि प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने हमारे घर तक आने जाने के लिये जनमन योजना के तहत् सड़कों का निर्माण कराया जिसमें आने जाने के लिये अच्छी सड़कें मिली है हमें शहर एवं हास्पीटल, स्कूल, बाजार आने जाने में काफी सुविधाएं हो रही है। पहले गांव में किसी की तबीयत खराब होने पर खाट में लेटाकर हॉस्पीटल ले जाना पड़ता था एंबुलेस को हम लोग नहीं जानते थे। लेकिन सड़क बनने के बाद अब हमारे गांव तक एंबुलेंस मरीजों को लाने एवं ले जाने में सुविधा हो रही है। इसके लिये हम माननीय नरेन्द्र मोदी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद करते है।
इस स्थल निरीक्षण के दौरान अभिषेक कुमार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जशपुर एवं विभाग के अधीक्षण अभियंता सोहन चन्द्र कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता एवं उप अभियंता एवं विभाग के ठेकेदार उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी विभाग की समीक्षा बैठक ली....छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन में ऐतिहासिक बढ़त: 18% वृद्धि दर के साथ देश में अव्वल*
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है।
बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है।
बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा आयुक्त वाणिज्यिक कर श्री पुष्पेंद्र मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु विकासखंड मनोरा में समीक्षा बैठक संपन्न
जशपुर :-जिले के विकासखंड मनोरा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो साथ ही शासन द्वारा प्रदत निर्धारित कार्य समय पर संपन्न हो इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल विकास खंड श्रोत केन्द्र समन्वयक तरुण कुमार पटेल ने प्राचार्यों एवं संकुल शैक्षिक समन्वयकों की समीक्षा बैठक आयोजित की बैठक में पाठ्य पुस्तक व गणवेश वितरण यू डाइस प्रोग्रेसन जाति निवास आय अपार आई डी के लक्ष्य एवं उनकी पूर्ति ऑनलाइन छात्रवृत्ति शाला प्रवेश उत्सव एस एम सी एसएमडीसी बैठक एक पेड़ मां के नाम दर्ज संख्या इंस्पायर अवार्ड नवाचार एवं बिनोवा ऐप से संबंधित समीक्षा की गयी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने संकुल प्राचार्य को नियमित मॉनीटरिंग कर संकुल में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने विद्यालयों में किचन गार्डन लगाने तथा मध्याह्न भोजन का सुव्यस्थित संचालन करवाने शासन के द्वारा संचालित उल्लास कार्यक्रम के अध्यापन एवं आगामी सितंबर माह में आयोजित परीक्षा को सफल करने हेतु आज से ही तैयारी करने की बातें कही गई साथ ही यह भी कहा गया कि आप सभी के सहयोग से ही हम विकासखंड मनोरा को शैक्षिक क्षेत्र में बहुत आगे ले जा सकेंगे। बैठक में उपस्थित अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने में सहयोग की बातें कही गयी। आज के समीक्षा बैठक को सुव्यवस्थित संचालित करनें में सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम का पूर्ण सहयोग रहा।
शासकीय सेवकों को शेयर,प्रतिभूतियों, डिबेंचर्स ,और म्युचुअल फंड्स, में निवेश की मिली अनुमति
रायपुर /सामान्य प्रशासन विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में संशोधन अधिसूचित किया है, जिसके तहत भारत सरकार के प्रावधानों की तर्ज पर अब राज्य के शासकीय सेवकों को शेयर (Shares), प्रतिभूतियों (Securities), डिबेंचर्स (Debentures) और म्युचुअल फंड्स (Mutual Funds) में निवेश की अनुमति दी गई है। यह संशोधन नियम 19 में नया उप-खण्ड जोड़ते हुए लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
हालांकि, अधिसूचना में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि इंट्रा-डे ट्रेडिंग, बीटीएसटी (BTST), फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) तथा क्रिप्टोकरेंसी जैसे प्रकृति के निवेश गतिविधियों पर रोक लागू रहेगी।
मुख्यमंत्री ने खाद की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश....किसानों को खाद की कमी न हो
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को सतत रूप से खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही और किसानों को इसके लाभ से अवगत कराने को कहा। श्री साय ने कलेक्टरों के माध्यम से जिलेवार सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता और वितरण की निगरानी और सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती-किसानी का यह समय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इस समय खाद-बीज की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा आती है, तो इसका सीधा असर फसलों की बुआई और उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर और उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि समितियों में एनपीके खाद की व्यवस्था भी की जा रही है, किसानों को इसे उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल कदम उठाएं। उन्होंने अमानक और नकली खाद की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे मामलों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, संचालक कृषि श्री राहुल देव सहित मार्कफेड के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
युक्तियुक्तकरण के बाद नवीन जगह कार्यभार ग्रहण नही करने में लापरवाही का मामला आया सामने.....सहायक शिक्षक को बीईओ ने थमाया कारण बताओ नोटिस

जशपुर / विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने श्रीमती रफअत होदा सहायक शिक्षक (एल.बी ) प्राथमिक शाला टिमरला, विकास खंड जशपुर को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार छ.ग. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन अटल नगर रायपुर के परिपत्र के तहत दिनांक-02.08.2024 एवं समसंख्यक पत्र दिनांक-28.04.2025 के तहत् राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के परिपालन में विकासखण्ड स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के प्रस्ताव पर जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन उपरांत जिला स्तर समिति के द्वारा आयोजित काऊंसलिंग दिनांक-04.06.2025 को शासकीय प्राथमिक शाला टिमरला, विकासखण्ड-जशपुर, जिला-जशपुर (छ.ग.) का स्वयं के द्वारा चयन किया गया विद्यालय में कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला-जशपुर (छ०ग०) के आदेश के तहत दिनांक-04.06.2025 के तहत् पदांकित किया गया है। उक्त आदेश की शर्तें कण्डिका क्रमांक-02 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर स्वतः ही नवीन संस्था हेतु भारमुक्त माने जाएंगे एवं इसके पश्चात् भी कार्य भार ग्रहण नहीं करने पर अनुपस्थित मानते हुए संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
कार्यालयीन आदेश के तहत दिनांक-19.06.2025 के द्वारा आपको नवीन पदांकित संस्था शासकीय प्राथमिक शाला टिमरला, विकासखण्ड जशपुर के दिनांक-19.06.2025 के तहत् आपको एकतरफा कार्यमुक्त किया गया है। परन्तु आपके द्वारा आज दिनांक तक आदेश की अवहेलना करते हुए नवीन पदांकित संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है। आपका उपरोक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 के सर्वथा विपरित है।
अतः पत्र प्राप्ति के तीन दिवस के अन्दर अद्योहस्ताक्षरकर्ता अधिकारी के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करें। संतोषप्रद जवाब प्राप्त न होने की स्थिति में उच्च कार्यालय को अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्तावित किया जावेगा। जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होगे।
*मुख्यमंत्री का निर्देश – समय पर हो यूनिटी मॉल का निर्माण, गुणवत्तापूर्ण ब्रांडिंग पर फोकस....कला को सम्मान और कारीगरों की समृद्धि हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री साय*
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पारंपरिक रूप से बुनाई, कढ़ाई, हस्तशिल्प और माटी कला से जुड़े कारीगरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी इस कार्य में लगे लोगों की आजीविका को पुनर्जीवित करना और उनकी आय बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में ग्रामोद्योग विभाग के कार्यों और गतिविधियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान राज्य में रेशम, हस्तशिल्प, खादी, हथकरघा और माटीकला से जुड़े पारंपरिक कारीगरों, बुनकरों और उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत शामिल सभी घटकों से जुड़ी आधारभूत जानकारी ली और कहा कि इन क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, आधुनिक तकनीक और विपणन के लिए ठोस एवं समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्थायी रूप से रोजगार के अवसरों का सृजन हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रेशम उत्पादन, कोसा वस्त्र निर्माण और हथकरघा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की परंपरा और दक्षता को नई ऊंचाई देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में संचालित भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान के माध्यम से कुशल कारीगरों की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। उन्होंने संस्थान के सुचारु संचालन की दिशा में भी ठोस कदम उठाने की बात कही। श्री साय ने कहा कि विभाग द्वारा प्रशिक्षण के लिए जो राशि आबंटित की जाती है, उसका पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि कारीगरों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पारंपरिक शिल्प और बुनाई से जुड़े अत्यंत कुशल कारीगर मौजूद हैं, जो पीढ़ियों से बेहद सुंदर और आकर्षक कलाकृतियां एवं उत्पाद तैयार करते आ रहे हैं। ये हस्तनिर्मित वस्तुएं लोगों को काफी पसंद आती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि इन उत्पादों को राज्य और देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री और निर्यात की संभावनाओं को सक्रिय रूप से तलाशने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने की बात भी उन्होंने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिटी मॉल का निर्माण समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के उत्पादों को विशेष स्थान और ब्रांडिंग मिल सके तथा छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएं। इस क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार लाया जाए, ताकि रेशम उद्योग को मजबूती मिले और अधिक से अधिक लोगों को इससे रोजगार उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि हम अपने पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों की कला को सम्मान देकर ही उनके जीवन को समृद्ध बना सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव ग्रामोद्योग श्री श्याम धावड़े, प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड श्री जे.पी. मौर्य सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
*CGBusinessEasy : एक्स पर देशभर में छाया, छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक पहल को जबरदस्त सराहना*
रायपुर /छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 ने सोशल मीडिया पर अभूतपूर्व लोकप्रियता हासिल की।राजधानी रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान #CGBusinessEasy हैशटैग ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर पूरे दिन भारत में शीर्ष ट्रेंड्स में अपनी प्रमुख जगह बनाए रखी। यह ट्रेंड इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की नई पहल ने देशभर के उद्योग जगत और नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया है।
सोशल मीडिया पर 6000 से अधिक पोस्ट किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति-विशेषज्ञों ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ऑनलाइन भूमि आबंटन एवं प्रबंधन प्रणाली की सराहना की। यूजर्स ने इन पहलों को छत्तीसगढ़ को भारत का अगला निवेश और औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
अनेक एक्स यूजर्स ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नेतृत्व क्षमता को सराहते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ ने जो पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था लागू की है, वह अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन सकती है। कुछ पोस्ट्स में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रदेश में रिकॉर्ड समय में निवेश स्वीकृति, भूमि आवंटन और सब्सिडी वितरण जैसे कार्य अब एक क्लिक में पूरे होंगे, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
ट्रेंड में भाग लेने वालों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को प्रगतिशील और दूरदर्शी बताया। कई यूजर्स ने यह भी लिखा कि राज्य सरकार की लॉजिस्टिक नीति, जन विश्वास विधेयक और बस्तर व सरगुजा जैसे क्षेत्रों के विकास संबंधी घोषणाओं ने छत्तीसगढ़ को पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया। यह ट्रेंड छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ती निवेशक रुचि और सकारात्मक भावना का प्रमाण है। सोशल मीडिया पर हुए जबरदस्त रिस्पॉन्स से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ अब तेजी से निवेशकों की पहली पसंद बनने की ओर अग्रसर है।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री रामदास अठावले ने मुख्यमंत्री श्री साय से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर राज्य शासन द्वारा सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, वृद्धजनों तथा दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री अठावले ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार समन्वय के साथ समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य करती रहेंगी। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।
मनोरा विकास खण्ड के विभिन्न संकुलों और स्कूलों में मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव
मनोरा। विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल एवं विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक श्री तरुण कुमार पटेल के मार्गदर्शन में विकासखंड मनोरा में निर्धारित तिथि अनुसार शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव में स्थानीय जनप्रतिनिधि अभिभावक शाला प्रबंधन समिति सदस्य उत्साह से सम्मिलित हो रहे हैं आज माध्यमिक शाला डुमरटोली सोगडा खरसोता भीमशिला बुमतेल लुखी जरिया में धूमधाम से शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर नव प्रवेशी छात्रों को मुख्य अतिथि के द्वारा चंदन तिलक लगाकर मिष्ठान खिलाकर सम्मानित किया गया साथ ही छात्रों को पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश प्रदान किए गए माध्यमिक शाला डुमरटोली में संकुल शैक्षिक समन्वयक अजीत कुमार सिदार प्रवीण कुमार पाठक हाई स्कूल सोगाडा में संकुल प्राचार्य श्रीमती निर्मला तिर्की राजेंद्र यादव संकुल खरसोता में बलदेव ओहदार एवं आशिष गुप्ता संकुल लुखी में संकुल प्राचार्य प्रमोद भगत किशोर यादव एवं पीएम श्री के श्री जीशान खान भीमशिला में संकुल प्राचार्य संशोधन मिंज सूर्य प्रकाश भगत मुनेश्वर यादव बुमतेल में सरिता बाई मंगलनाथ राम संतपौल जरिया में दिव्या गुलाब खलखो के नेतृत्व में मनाया गया। शाला प्रवेशोत्सव के कारण छात्रों शिक्षकों जनप्रतिनिधियों में भारी उत्साह देखा गया।
सड़कों पर उतरा शिक्षकों का जन सैलाब.... प्रदेश सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश... मांगे पूरी नहीं तो जाएंगे अनिश्चितकालीन आंदोलन में....
रायपुर : प्रदेश के 1,80,000 शिक्षक आज एक बार फिर से स्कूलों की पढ़ाई छोड़ सड़कों पर उतरे। शिक्षकों ने राज्य सरकार को साफ-साफ और दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में राज्यभर के सभी स्कूलों में तालेबंदी कर वे सभी अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे और सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश संचालक संजय शर्मा, मनीष मिश्रा, केदार जैन, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत एवं जाकेश साहू ने विभिन्न जिलों में आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा चुनाव 2023 के पहले प्रदेश के समस्त शिक्षकों से कई वादा किए थे जिसे मोदी की गारंटी का नाम दिया गया था। जिसमें सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर करने, क्रमोन्नत वेतनमान देने, पुरानी पेंशन बहाल करने, प्रथम सेवा गणना करने, पदोन्नति करने सहित अनेको लिखित एवं मौखिक वादे किए गए थे। लेकिन चुनाव जीतने के बाद सरकार ने एक भी वादे पूरी नहीं की है।
प्रदेश संचालक कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, भूपेंद्र बनाफर, शंकर लाल साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर एवं लैलूंन भरतद्वाज आदि ने विभिन्न ब्लाकों में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार लगातार शिक्षकों से विवाद मोल ले रहे हैं। सरकार द्वारा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद किया जा रहा है। स्कूलों में शिक्षकों की संख्या दिन प्रतिदिन घटाई जा रही है। प्रदेश के आम जनता को गुमराह किया जा रहा है। शिक्षा में गुणवत्ता लाने की बाते कही जा रही है लेकिन जब शिक्षकों को ही स्कूलों से हटाएंगे और स्कूलों को बंद करेंगे तो कहां से शिक्षा में गुणवत्ता आएगी।
प्रदेश संचालक प्रदीप पांडे, प्रदीप लहरे, राजकिशोर तिवारी, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, धरम दास बंजारे एवं अनिल कुमार टोप्पो ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षिका सोना साहू को माननीय न्यायालय के आदेश पर एरियर्स राशि सहित क्रमोन्नति वेतनमान दिया गया है। लेकिन उक्त आदेश का पालन राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से अभी तक नहीं किया गया है। प्रदेश के शिक्षकों ने मांग की है कि सोना साहू के तर्ज पर राज्य के सभी शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान का एरियर्स राशि सहित लाभ दिया जाए। साथ ही प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पेंशन सहित समस्त लाभ दी जाए। पदोन्नति में बीएड की अनिवार्यता को खत्म कर डीएड योग्यताधारीयो को भी पदोन्नत किया जाए। तथा 2008 के सेटअप को लागू करके युक्तिकरण किया जाए एवं वर्तमान में हुए युक्तिकरण को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
शिक्षक साझा मंच के समस्त 23 प्रदेश संचालकों ने विभिन्न जिलों एवं ब्लॉकों में राज्य सरकार को सीधे सीधे और दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि आज प्रदेश के पूरे सभी 146 विकासखंडों में शिक्षक अपनी मांगों को लेकर स्कूलों को छोड़कर सड़कों पर उतरे हैं और अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो प्रदेशभर के स्कूलों में तालेबंदी कर सभी शिक्षक सड़क पर उतरकर अपने मांगों के लिए संघर्ष करेंगे एवं बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित होने पर जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
*वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ : इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य*
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक दिन पूर्व ही आयोजित केबिनेट की बैठक में हमने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। लॉजिस्टिक नीति से राज्य में ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग, व्यापार और किसानों को आधुनिक, सस्ती भंडारण और वितरण सुविधा प्राप्त होगी, लॉजिस्टिक लागत में कमी के माध्यम से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय और नागरिक जीवन में अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने से व्यवसायियों को बेवजह न्यायालयीन प्रकरणों में फंसने से राहत मिलेगी और न्यायिक खर्च में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से व्यापार व जीवनयापन में सहजता सुनिश्चित की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि निवेशकों, उद्योगपतियों और नागरिकों के लिए ऐसा परिवेश बने जिसमें न्यूनतम बाधाएं हों और विकास के हर क्षेत्र में अधिकतम संभावनाएं खुलें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रदेश में निवेश का वातावरण इतना सशक्त हुआ कि सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए मात्र तीन महीनों में ज़मीन आवंटित कर एनओसी जारी की गई और अब कंपनी ने 1,143 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया है, जहां प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ के रूप में स्थापित करना है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 विकसित किया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन, विभागीय अनुमोदन और सब्सिडी वितरण को एकीकृत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी और तेज़ है कि उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त हो सकेंगी।
*कनेक्टिविटी और अधोसंरचना में क्रांतिकारी पहल*
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रावघाट से जगदलपुर तक 3,500 करोड़ रूपए की रेललाइन की मंजूरी मिल चुकी है। कोठागुडेम से किरंदुल तक रेललाइन पर सर्वे शुरू हो गया है और खरसिया-परमालकसा रेललाइन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। जलमार्ग संबलपुर से नवा रायपुर तक आरंभ होगा। एयर कार्गाे सेवाएं भी सक्रिय हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर पार्क देश का पहला पार्क है। फार्मा सेक्टर में फार्मा हब और मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। टेक्सटाइल और फार्मा में विशेष अनुदान उपलब्ध हैं।
*बस्तर और सरगुजा : विकास की नई गाथा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अब ‘विकसित बस्तर’ के सपने को साकार कर रहा है। 90,000 युवाओं को कौशल विकास और 40,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वहां विशेष निवेश प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। बस्तर में अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए बस्तर दशहरा का पंजीकरण कराया जा रहा है। तीरथगढ़ ग्लास ब्रिज और बस्तर टूरिज्म सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
*युवाओं को अवसर, निवेशकों को विश्वास*
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में अगले पांच वर्षों में 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, फार्मा, एआई, डिफेंस, ऊर्जा और मेडिकल टूरिज्म - इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अगले दशक की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं सभी उद्यमियों से आग्रह करता हूं कि छत्तीसगढ़ में निवेश करें। यहां हर सुविधा और भरोसे के साथ विकास में सहभागी बनें। हम मिलकर विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश में चल रहे व्यापक विकास और सुरक्षा अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का संपूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित करना है, ताकि सभी प्रभावित क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और विकास की नई शुरुआत हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया। इससे अनुमतियों में लगने वाला समय घटकर रिकॉर्ड समय में आएगा। यह इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए सरल, पारदर्शी और तेज प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को आवश्यक स्वीकृतियाँ अब न्यूनतम समय में प्राप्त होंगी, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नई औद्योगिक नीतियों और सहज अनुमतियों की व्यवस्था से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने उपस्थित उद्यमियों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ में निवेश कर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भू खंड ऑनलाइन आबंटन हेतु उपलब्ध कराए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 प्रमुख कंपनियों से प्राप्त 1 लाख 23 हजार 73 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के लिए उन्हें इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा, जिससे 20 हजार 627 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जिन निवेशकों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा गया उनमें मेसर्स सारडा हाइड्रोपावर रायपुर, मेसर्स आर्टिफिशियल इलेक्ट्रॉनिक्स इंटेलिजेंस मटेरियल्स लिमिटेड चेंगापट्टू तमिलनाडू, मेसर्स केजेएसएल कोल एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड कोरबा, मेसर्स जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड कोलकाता, मेसर्स ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नासिक महाराष्ट्र, मेसर्स करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड मेरठ उत्तरप्रदेश, मेसर्स एसजी ग्रीन बिल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली, मेसर्स जिंदल स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड रायगढ़, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (थर्मल पावर), मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (सोलर पावर) और मेसर्स वीटेक प्लास्टिक प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार, सीजी स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल तथा लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंघानिया सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई! बड़ी मात्रा में अवैध रेत भंडारण पर एक्शन शुरू, जानें पूरा मामला
310 ट्रैक्टर रेत के अवैध भण्डारण पर प्रकरण दर्ज
जशपुरनगर : खनिज विभाग ने रेत खनन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अवैध रूप से भंडारण करने वालों के खिलाफ एक्शन भी शुरू कर दिया गया है। खनिज की टीम ने कई जगह छापे मारे। मौके से बड़ी मात्रा में रेत भंडारण पर कार्यवाही किया गया है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश पर खनिज रेत के अवैध भण्डारण पर सख्त कार्यवाही जारी है। इसके तहत खनिज रेत के अवैध भण्डारण की रोकथाम हेतु खनिज अधिकारी के नेतृत्व में अमला द्वारा जशपुर जिला अंतर्गत विभिन्न क्षेत्र में मौका जांच किया गया। जिसमें खनिज रेत के अवैध भण्डारण करने वालों पर खान और खनिज विकास एवं विनियमन 1957 की धारा में उल्लेखित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
जिला खनिज अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया की इस माह लोदाम क्षेत्र के ग्राम साईटांगरटोली, जिसमें 160 ट्रैक्टर (480 घ.मी.) रेत तथा ग्राम पोड़ी, जिसमें 150 ट्रैक्टर (450 घ.मी.) रेत के अवैध भण्डारण का प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार आगे भी जिले में खनिज के अवैध भण्डारण संबंधित मामले की नियमित जांच कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब अन्य विभागों में भी अनुकम्पा नियुक्ति का विकल्प,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का आभार-विजय शर्मा
रायपुर।राज्य शासन द्वारा नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों के हित में एक महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय लिया गया है। विगत दिनों मंत्रिपरिषद ने "एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013" की कंडिका 13(3) में संशोधन को मंजूरी दी है।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर प्रदेश और देश की रक्षा की है। उनके परिजनों को केवल विकल्पहीन नियुक्ति देना न्यायसंगत नहीं था। लंबे समय से शहीद परिवारों की इस मांग को हमने सरकार के समक्ष पूरी गंभीरता से रखा। मुझे प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को पारित किया है। अब शहीदों के परिजनों को विभाग चुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे उनकी सुविधा और सम्मान दोनों सुनिश्चित होंगे।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस संशोधन के अनुसार, अब नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे राज्य शासन के किसी भी विभाग में, किसी भी जिला अथवा संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे। पूर्व में यह प्रावधान था कि अनुकम्पा नियुक्ति उसी विभाग में दी जाए, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक सेवारत था। परंतु शहीदों के परिजनों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस नीति में संशोधन कर यह विकल्प प्रदान किया है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर इस निर्णय को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के समक्ष मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया।
उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा को लगातार शहीद परिवारों और उनके संगठनों से यह मांग प्राप्त हो रही थी कि उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस विभाग में नियुक्ति न देकर, अन्य विभागों में भी विकल्प मिलना चाहिए। उप मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सक्रियता से यह विषय मंत्रिपरिषद में लाया गया और सर्वसम्मति से निर्णय पारित हुआ।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा राज्य के शहीद परिवार ने पुलिस विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के साथ अन्य विभागों में नियुक्ति की मांग की थी। अब उनके लिए यह रास्ता खुल गया है, जिससे उन्हें सम्मानजनक और सुविधाजनक रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। यह निर्णय न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देने का कार्य है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का भी प्रमाण है।
*लॉजिस्टिक्स नीति 2025 को मिली मंजूरी:छत्तीसगढ़ में लॉजिस्टिक हब बनाने पर निजी निवेशकों को मिलेगा 140 करोड़ तक अनुदान*
रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक्स नीति 2025 को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति के तहत राज्य सरकार लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 140 करोड़ रुपये तक की अनुदान राशि और अन्य कई रियायतें देगी।
लॉजिस्टिक हब, ड्राइ पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो, एयर कार्गाे टर्मिनल और गति-शक्ति कार्गाे टर्मिनल जैसे अधोसंरचना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 140 करोड़ रुपये होगी। इसके अतिरिक्त बाह्य अधोसंरचना हेतु 50 प्रतिशत अनुदान सहित अन्य रियायतें निवेशकों को दी जाएगी। ट्रांसपोर्ट हब या फ्रेट स्टेशन के लिए यह अनुदान 35 प्रतिशत होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 5 करोड़ रुपये प्रावधानित है। राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करना है, जिससे उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सस्ती और आधुनिक भंडारण सुविधाएं मिल सकें।
मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए उपयुक्त है। इसी का लाभ उठाते हुए राज्य सरकार अब लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करेगी। इससे राज्य की भंडारण क्षमता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी, जिससे व्यापार और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
इस नीति के तहत ड्राइ पोर्ट, कंटेनर डिपो और एयर कार्गाे टर्मिनल की स्थापना से स्थानीय उद्योगों और उत्पादकों को निर्यात बाजार तक पहुंचने का मौका मिलेगा। साथ ही वन संसाधन, वनोपज और औषधीय पौधों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने पर 35 से 45 प्रतिशत तक पूंजी निवेश अनुदान, 50 से 60 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान सहित विद्युत शुल्क और स्टांप शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है। इसी तरह लॉजिस्टिक पार्क के लिए प्रति एकड़ 25 लाख तक अनुदान, बाहरी अधोसंरचना के लिए 50 प्रतिशत सहायता, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। ग्रीन लॉजिस्टिक्स अपनाने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान किया गया है। 500 करोड़ से अधिक निवेश या 1000 से अधिक लोगों को रोजगार देने पर विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इस नीति का उद्देश्य राज्य में लॉजिस्टिक लागत को कम करना, आधुनिक मल्टीमोडल अधोसंरचना विकसित करना, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करना और लॉजिस्टिक सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ाना है। यहां उल्लेखनीय है कि पहले औद्योगिक नीति के तहत लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलता था, लेकिन अब भारत सरकार के लीड्स सर्वे के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने स्वतंत्र लॉजिस्टिक नीति बनाकर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में कदम रख दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस नई पहल से जहां निवेश को नई दिशा मिलेगी, वहीं रोजगार, व्यापार और निर्यात के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश का प्रमुख राज्य होगा।
