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मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम हाउस में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाकर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की

रायपुर 7 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री साय ने आज चन्द्रग्रहण से पूर्व मुख्यमंत्री निवास में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ-सेवा करने से उन्हें आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा का अनुभव मिलता है।

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मुख्यमंत्री श्री साय विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन में हुए शामिल.....भारतीय संस्कृति की आत्मा है संस्कृत, हमें इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना होगा : मुख्यमंत्री श्री साय

*भारतीय संस्कृति की आत्मा है संस्कृत, हमें इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना होगा : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 07 सितंबर 2025/ भारतीय संस्कृति की आत्मा संस्कृत में निहित है, जो हमें विश्व पटल पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। संस्कृत भाषा व्याकरण, दर्शन और विज्ञान की नींव है, जो तार्किक चिंतन को बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संजय नगर स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण सभा भवन में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी प्रासंगिक और उपयोगी है। संस्कृत भाषा और साहित्य हमारी विरासत का आधार हैं, जिन्हें हमें संरक्षित और संवर्धित करना चाहिए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देववाणी संस्कृत पर चर्चा के साथ यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने का एक महान प्रयास है। मुख्यमंत्री श्री साय ने संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ और सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में संस्कृत भाषा को शामिल करने से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास सुनिश्चित होगा। संस्कृत में वेद, उपनिषद और पुराण जैसे ग्रंथों का विशाल भंडार है, जो दर्शन, विज्ञान और जीवन-मूल्यों का संदेश देते हैं। वेदों में वर्णित आयुर्वेद, गणित और ज्योतिष आज भी प्रासंगिक हैं और शोध का विषय हो सकते हैं। इन ग्रंथों में कर्म, ज्ञान और भक्ति के सिद्धांत स्पष्ट रूप से प्रतिपादित हैं, जो आधुनिक जीवन में शांति और संतुलन ला सकते हैं।ऐसे में संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक और उपयोगी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वेदों और उपनिषदों के ज्ञान को अपनाकर हम अपनी विरासत को संजोने के साथ-साथ अपने जीवन को भी समृद्ध बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को संस्कृत साहित्य से जोड़ने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे इस ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचा सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को आकर्षक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है। राज्य में संस्कृत विद्वानों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इस सम्मेलन के माध्यम से हमें संस्कृत विद्या के प्रचार-प्रसार और अगली पीढ़ी को जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने सरयूपारीण ब्राह्मण सभा, छत्तीसगढ़ के प्रचार पत्रक का विमोचन भी किया। विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन का आयोजन संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ एवं सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। 

सम्मेलन को संबोधित करते हुए संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष डॉ. दादू भाई त्रिपाठी ने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक प्रमाण मिलते हैं, जिनसे सिद्ध होता है कि एक समय संस्कृत जनभाषा के रूप में प्रचलित थी। छत्तीसगढ़ी भाषा का संस्कृत से सीधा संबंध है। छत्तीसगढ़ी में पाणिनि व्याकरण की कई धातुओं का सीधा प्रयोग होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरगुजा क्षेत्र में सर्वाधिक आदिवासी विद्यार्थी संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। इनमें गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्लेषा शुक्ला, उत्कृष्ट तैराक श्री अनन्त द्विवेदी तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला शामिल थे।

सम्मेलन को दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद महाराज, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला और अखिल भारतीय संस्कृत भारती शिक्षण प्रमुख डॉ. श्रीराम महादेव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. सतेंद्र सिंह सेंगर, श्री अजय तिवारी, श्री बद्रीप्रसाद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संस्कृत शिक्षकगण, सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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चराईडाँड़ बतौली की स्टेट हाइवे में 5 किमी की दूरी में हर कदम पर गड्ढे ही गड्ढे, मौत को दे रही आमंत्रण....जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

जशपुर 07 सितम्बर 2025 : मानसून की बारिश में बतौली चराईडाँड़ के स्टेट हाइवे की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर हो गई है। भितघरा के बेबराटोली से लेकर पण्डरीपानी तक करीब 5 किमी के रास्ते में सैकड़ों बड़े बड़े गड्ढे उभर आए हैं, जो वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

सूत्रों की मानें तो इन गड्ढों में अब तक कई दो पहिया वाहन चालक गिर चुके हैं। इसके बाद भी  पीडब्लूडी विभाग की नींद नहीं टूट रही है। ऐसे में इस सड़क की अव्यवस्था को लेकर लोगों में रोष पनपने लगा है। पीब्डलूडी विभाग की ओर से एक सप्ताह पूर्व इस सड़क के गड्ढे को मिट्टी से भरा गया था  परन्तु कुछ देरी की बारिश ने फिर से भरे गए मिट्टी को बहा ले गया। 

जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते स्टेट हाईवे 17 पर बना गड्ढा कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सड़क पर बन चुके गड्ढे की मरम्मत कराए जाने को लेकर गंभीर नहीं है। सिर्फ लीपा पोती कार्य कर अपना जिम्मेदारी दिखा रहे हैं।फलस्वरूप सड़क के बीचों-बीच बना गड्ढा कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

ज्ञात हो कि यह मार्ग कुछ वर्षों से बहुत ही व्यस्त मार्ग बन चुका है इस मार्ग से दिन रात अनेकों छोटे-बड़े दो पहिया, चार पहिया, यात्री बसे, लोडिंग वाहन, रेत कोयला,से भरे डंपर सहित हजारों वाहन गुजरते हैं। भितघरा से पंडरीपानी के मध्य सड़क के बीचों-बीच गड्ढे हो जाने से आवागमन में चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन विभागीय अघिकारियों के द्वारा बन चुके गड्ढे की मरम्मत कर स्थायी समाधान नही निकाला जा रहा है।

श्रद्धालुओं को भी हो रही है परेशानी: 

स्टेट हाईवे- 17 की इस सड़क से बनारस,प्रयागराज,
अयोध्या, विंध्याचल,गंगा नदी में स्नान करने  वाहनों से श्रद्धालु जाते हैं। लेकिन सड़क के क्षतिग्रस्त होने से इन्हें परेशानी होती है।  जिम्मेदार अधिकारियों की लाफ़रवाही सहित स्टेट हाईवे की क्षतिग्रस्त सड़क से लोगों को भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द ठीक कराया जाए:

 क्षेत्र के ग्रामीणों एवं राहगीरों  का कहना है कि इस क्षतिग्रस्त सड़क से आवागमन में परेशानी उठाना पड़ रही है। संबंधित विभाग को शीध्र ही सड़क की मरम्मत कराना चाहिए। ताकि आवागमन सुलभ व सहज हो सके। यदि समय रहते सड़क के गड्ढों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय मे कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

"स्टेट हाइवे 17 सड़क में भितघरा वेवराटोली से पंडरीपानी तक 5 किमी सड़क निर्माण होना है नवम्बर -दिसम्बर तक सम्भवतः कार्य शुरू हो जाएगा। वर्तमान में सड़क पर बने गड्ढे को भरा जा रहा है।"

 श्री ब्रजेश गुप्ता 
अनुविभागीय अधिकारी पीडब्ल्यूडी- बगीचा

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अंधेरे की समस्या से मुक्त हो कर उजाले की ओर :मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या दूर करने 102 ट्रांसफार्मर स्वीकृत

जशपुरनगर 06 सितम्बर 2025 :  ट्रांसफार्मर की कमी जशपुर जिले में विद्युत व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या थी।गांव में ट्रांसफार्मर बिगड़ जाने से उसे बदलना मुश्किल हो जाया करता था।खासकर ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर ना लगने लो वोल्टेज की समस्या की शिकायते भी मिल रही थी। इस समस्या से जिले को मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले में ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित की। जिले में विद्युत वितरण व्यवस्था को सुदृढ करने ले लिए बीते 21 माह में 102 नए  ट्रांसफार्मर स्थापित किये गए हैँ।विभाग के अधीक्षण अभियंता केव्ही मैथ्यु ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर  ग्रामीण अंचल में सर्वें का काम जारी है। सर्वें में जहां भी ट्रांसफार्मर की आवश्यकता मिल रही है वहाँ तत्काल ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। 

लो वोल्टेज की समस्या हुई दूर जीवन की राह हुई आसान

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर बीते 21 माह के दौरान जिले के ग्रामीण अंचल में विद्युत वितरण व्यवस्था में आए इस क्रांतिकारी बदलाव से लोगों के जीवन में सुखद हो गईं है। जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्र में रात के समय बिजली गुल रहने की समस्या खत्म हो गईं है। रात के समय बच्चों को पढ़ने के लिए टिमटीमाते लौ का सहारा नहीं लेना पड़ता है। सिंचाई के लिए किसानों को खेत में भरपूर बिजली मिल रही है।  इससे विष्णु के सुशासन के प्रति लोगो का विश्वास और मजबूत हुआ है। 

कुनकुरी में 400 केव्ही का पांचवां उपकेंद्र होगा स्थापित, इसके अलावा दर्जन भर सब स्टेशन की भी मिली मंजूरी

जिले में विद्युत व्यवस्था के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी में 400 केव्ही क्षमता वाली छत्तीसगढ़ के पांचवे उपकेंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी है। इसके लिए तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर सरकार ने स्टेशन निर्माण के लिए बजट भी जारी कर चुकी है। जिला प्रशासन ने जमीन निर्धारण कर,आबंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस उप केंद्र के बन जाने से जिलेवासियो के साथ पड़ोसी राज्यों को भी बिजली की आपूर्ति हो सकेगी।साथ ही हाल में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले में दर्जनों विद्युत सब स्टेशन की मंजूरी भी दे चुकी है,जिससे शहर से लेकर सुदूर वनांचल क्षेत्र में भी बिजली की आपूर्ति हो सकेगी।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने एम्स रायपुर में भर्ती श्री विशंभर यादव का जाना कुशलक्षेम : इलाज के लिए 5-5 लाख की आर्थिक सहायता*

रायपुर 6 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित एम्स रायपुर में भर्ती सुरजपुर जिले के श्री विशंभर यादव से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों से श्री विशंभर यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर इलाज के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने एम्स रायपुर में  श्री नीलू गुप्ता का भी हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री श्री साय को श्री नीलू गुप्ता ने बताया कि वे और श्री विशंभर यादव एक साथ ही सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विशंभर यादव और श्री नीलू गुप्ता को इलाज के लिए 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने श्री विशंभर यादव की धर्मपत्नी श्रीमती उषा यादव से भी बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि इलाज के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित थे।

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मरीजों के लिए जीवन रक्षा का आधार बना आयुष्मान कार्ड,सरकारी और नीजि अस्पतालों में हो रहा है कैसलैस उपचार


जशपुरनगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रक्षा का आधार बन गई है। इस कार्ड से मरीज सरकारी अस्पतालों के साथ पंजिकृत नीजि अस्पतालों में भी उपचार का लाभ प्राप्त कर रहें हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में इस योजना के अंर्तगत मरीजों को लाभ प्राप्त हो रहा है। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा जीके जात्रा ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंर्तगत जिले में 46 अस्पताल पंजिकृत किये गए हैं। इनमें 44 सरकारी और 2 नीजि अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में अप्रैल 2025 से 15 अगस्त 2025 तक 16 हजार 61 मरीज इस योजना के अंर्तगत लाभ प्राप्त कर चुके हैं। सीएमएचओ डा जात्रा ने बताया कि गंभीर रोग से जुझ रहे मरीजों के लिए इस योजना में जिले के बाहर के पंजिकृत सरकारी और नीजि अस्पतालों में उपचार की सुविधा दी जाती है। इस अवधी में 632 मरीजों ने जिले से बाहर उपचार करा कर बीमारियों को मात दी है। उन्होनें बताया कि आयुष्मान योजना के अंर्तगत इलाज के लिए भर्ती मरीजों को आवश्यक जांच और दवा पूरी तरह से निःशुल्क रहती है। यह सुविधा उपलब्ध कराना पंजिकृत अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है। 
गड़बड़ी होने पर यहां करें शिकायत -
   डा जात्रा ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंर्तगत उपचाररत मरीजों से अस्पताल प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त राशि मांगी जाती है या बाहर से दवा व जांच कराई जाती है तो मरीज व उनके परिजन टोल फ्री नंबर 104 में इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होनें बताया कि इस योजना का लाभ सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिलता है। ओपीडी के मरीजों के लिये यह लागू नहीं होती है। उन्होनें बताया कि इस योजना के अंर्तगत मरीज का इलाज सिर्फ जनरल वार्ड में होता है। प्राइवेट वार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। 


इस तरह ले योजना का लाभ -
 उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने पर मरीज या उनके साथ आए परिजन को अस्पताल के काउंटर में आयुष्मान योजना के अंर्तगत उपचार कराने की जानकारी देनी चाहिए। साथ में अगर आयुष्मान कार्ड हो तो उसे काउंटर में देना होगा। अगर कार्ड नहीं राशन कार्ड और आधार कार्ड प्रस्तुत कर तत्काल यह कार्ड बनवा जा सकता है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

रायपुर, 06 सितंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय श्री शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

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रायगढ़ जिले के ग्राम गढ़ उमरिया में नवगुरुकुल का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ.....बालिकाओं की शिक्षा और संस्कारों के संवर्धन की नई पहल

रायपुर, 05 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के प्रवास के दौरान खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम गढ़ उमरिया में नवगुरुकुल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं को लैपटॉप वितरित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवगुरुकुल में स्थापित आधुनिक कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बालिकाओं को उच्चस्तरीय शिक्षा और मूल्य आधारित संस्कार प्रदान करें ताकि उनका भविष्य सुनहरा बने। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम गणेशोत्सव, शिक्षक दिवस और चक्रधर समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है, इसलिए समाज में उनका सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्मरण कराया कि पिछले वर्ष चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर रायगढ़ में प्रयास विद्यालय का उद्घाटन किया गया था और आज नवगुरुकुल की स्थापना इस कड़ी को आगे बढ़ाती है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुश्री निधि और उनकी टीम की प्रशंसा की तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी बालिकाओं को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार लगातार युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से नवगुरुकुल संस्था द्वारा जशपुर जिले की 150 बालिकाओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की सराहना की और इस प्रयास को और व्यापक बनाने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था में प्रवेश पाने वाली 120 बालिकाएँ अपनी योग्यता और मेहनत का प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास, ऊर्जा, जज्बा, जुनून और कठिन परिश्रम की पराकाष्ठा आवश्यक है। निराशा के लिए जीवन में कोई स्थान नहीं होना चाहिए क्योंकि निराशा के साथ कोई भी व्यक्ति प्रगति नहीं कर सकता। उप मुख्यमंत्री ने सभी बालिकाओं को निरंतर आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने की प्रेरणा दी।

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार बनने के बाद से प्रदेश में निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने नवगुरुकुल की स्थापना को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया और कहा कि यह संस्था विशेष रूप से बहनों के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि रायगढ़ जिले में 35 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बदलती तकनीक और समय की जरूरतों के अनुरूप छात्राओं को शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुश्री निधि ने गुरुकुल की शिक्षा प्रक्रिया और प्रशिक्षण पद्धति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य छात्राओं को न केवल तकनीकी शिक्षा देना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने योग्य बनाना है। शुभारंभ समारोह में पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री गुरुपाल भल्ला, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री जितेंद्र यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित थीं। सभी ने नवगुरुकुल की स्थापना को इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए इसे बालिकाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर करार दिया।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह अपनी धर्मपत्नी श्रीमती रेखा सिंह संग विभिन्न गणेश पंडालों में पहुंच कर लिया आशीर्वाद....समस्त नागरिकों के लिए सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की

जशपुर 05 सितम्बर 2025 : 

           
 जशपुरनगर में चल रहे गणेश उत्सव के अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह अपनी धर्मपत्नी श्रीमती रेखा सिंह के साथ आज विभिन्न गणेश पंडालों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने श्रद्धापूर्वक गणपति भगवान की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

                           एसएसपी श्री सिंह ने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो आपसी भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने उपस्थित आयोजकों एवं श्रद्धालुओं से शांति और कानून व्यवस्था में सहयोग करते हुए इस उत्सव को मिल-जुलकर मनाने की अपील की।

                      पूजा-अर्चना के उपरांत उन्होंने जशपुर जिले के समस्त नागरिकों के लिए सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की, उन्होंने कहा कि *जशपुर पुलिस सदैव जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर है तथा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग* करती रहेगी।

                               गणेश पंडालों में पहुंचने पर स्थानीय समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व उनकी धर्मपत्नी का स्वागत किया और उनका आभार व्यक्त किया।
          

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जिले के समस्त गणेश विसर्जन समितियों से जशपुर पुलिस की अपील – सूर्यास्त के पूर्व ही करें प्रतिमा विसर्जन.......कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन एवं पुलिस का करें सहयोग 

जशपुरनगर, दिनांक 05 सितम्बर 2025

  गणेशोत्सव का पर्व पूरे जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। आगामी दिनों में विभिन्न गणेश पंडालों से प्रतिमाओं का विसर्जन कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस अवसर पर जशपुर पुलिस जिले  के समस्त गणेश विसर्जन समितियों एवं श्रद्धालुओं से विशेष अपील करती है कि वे विधि-व्यवस्था एवं परंपरा के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन कार्य संपन्न कराएँ।

                          SSP जशपुर शशि मोहन सिंह ने विशेष रूप से कहा है कि –

???? गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन सूर्यास्त से पूर्व ही किया जाए।  सूर्यास्त के बाद विसर्जन करने से कई बार भीड़, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं, जिनसे बचना आवश्यक है।

 ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग केवल निर्धारित डेसीबल सीमा में ही किया जाए। तेज ध्वनि से आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को असुविधा होती है। माननीय उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) एवं जिला प्रशासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जावे।
???? डीजे संचालकों से अपील है कि वे किसी भी प्रकार के अश्लील, आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ गीत न बजाएँ। केवल धार्मिक और मर्यादित गीतों का ही प्रयोग करें, जिससे समाज में सौहार्द का वातावरण बना रहे।

???? विसर्जन यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार से मुख्य मार्ग अवरुद्ध न हों, ताकि आम नागरिकों एवं आपातकालीन सेवाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

???? सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए समितियाँ पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक (वालंटियर) नियुक्त करें, जो भीड़-प्रबंधन में प्रशासन का सहयोग करेंगे।

???? विसर्जन जुलुश के दौरान आमजन की सुविधा, विशेषकर रास्ते से गुजरने वाले लोगों के आवागमन में बाधा न हो, इस बात का समितियों को विशेष ध्यान रखना होगा।

                        SSP जशपुर शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी श्रद्धालुओं एवं समितियों से पुनः अपील किया है कि वे परंपरा और आस्था के इस महापर्व को शांति, सौहार्द एवं अनुशासन के साथ मनाएँ, कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरा-पूरा सहयोग करें, और पूर्व की तरह सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखें। साथ ही प्रशासन के साथ सहयोग कर सूर्यास्त से पूर्व गणेश प्रतिमा विसर्जन कर एक आदर्श प्रस्तुत करें।

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वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री शांताराम सर्राफ जी के निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया गहरा शोक

रायपुर, 05 सितम्बर 2025/
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक एवं वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री शांताराम सर्राफ जी के देवलोक गमन के समाचार पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सर्राफ जी का संपूर्ण जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन तथा प्रेरणा का अद्वितीय उदाहरण रहा है। सामाजिक कार्यों में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व शुभचिंतकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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सरल और सहज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का दिखा अपनत्व, नन्हे इवान को गोद में लेकर किया दुलार

रायपुर, 05 सितम्बर 2025/
रायगढ़ के खरसिया पहुँचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सहजता, सरलता और अपनेपन ने आज सभी को गहरे तक प्रभावित किया। खरसिया हेलीपैड पर जब उनकी नज़र ढाई साल के इवान पर पड़ी तो वे बच्चे को दुलारे बिना नहीं रह सके। आत्मीय मुस्कान के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे इवान को अपनी गोद में उठाया और बड़े स्नेह से दुलार किया। नर्सरी में पढ़ने वाला इवान अपने पिता के साथ बड़े उत्साह से हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को देखने आया था। बच्चे को अचानक मुख्यमंत्री श्री साय की गोद में देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक और आश्चर्यचकित रह गए। यह दृश्य मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सहजता, आत्मीयता और संवेदनशील व्यवहार का सजीव उदाहरण बन गया। इसे देखकर लोगों के मन में यह भाव सहज ही उमड़ पड़ा कि मुख्यमंत्री के दिलो-दिमाग में केवल प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण का ही संकल्प नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति उनका गहरा अनुराग भी है।

इवान के पिता श्री अमन गर्ग ने कहा कि अपने बेटे को मुख्यमंत्री की गोद में देखना उनके परिवार के लिए भावुक, अनमोल और अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह स्मृति जीवन भर उनके साथ रहेगी। श्री गर्ग ने बताया कि इवान बड़े उत्साह से मुख्यमंत्री और हेलीकॉप्टर को देखने उनके साथ हेलीपैड आया था। मुख्यमंत्री की गोद में जाते ही उसकी खुशी दोगुनी हो गई। आज एक बार फिर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अपनत्व और बच्चों के प्रति उनका अनुराग सबके सामने आया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने न केवल अमन गर्ग के परिवार का दिल जीत लिया, बल्कि वहां मौजूद सभी लोगों के हृदय में भी अमिट छाप छोड़ दी।

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राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जशपुर के शिक्षक प्रवीण पाठक को पुरस्कार से किया सम्मानित

जशपुर 05 सितम्बर 2025 : राज्यपाल और मुख्यमंत्री  ने जशपुर के शिक्षक प्रवीण कुमार पाठक को राज्य स्तरीय शैक्षिक पुरस्कार से सम्मानित किया। ज्ञात हो कि वर्ष 1986- 87 से शिक्षकीय जीवन यात्रा आरंभ करने वाले शिक्षक प्रवीण कुमार पाठक स्नातकोत्तर एम-कॉम की शिक्षा पूर्ण करके शिक्षकीय  कार्य का चयन किये क्योंकि इनके पिता स्वर्गीय चंद्रिका पाठक एवं मामा श्री करम दयाल मिश्रा शिक्षक थे उन्हीं की प्रेरणा से यह शिक्षक बनकर जिले के वनांचल ग्रामों में कार्य करते रहे इन्होंने समाज के सभी वर्गों के लिए काम किया है अभिभावकों के साथ उनके संबंध सदैव मधुर रहे शिक्षकीय  कार्य इन्होंने विकासखंड कुनकुरी से प्रारंभ किया विकासखंड जशपुर एवं वर्तमान में विकासखंड मनोरा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं इन्होंने  शिक्षा के साथ-साथ खेल पर्यावरण पूर्व व्यावसायिक शिक्षा शिक्षक छात्र समन्वय बालिका शिक्षा पर सदैव नवाचारी ढंग से कार्य किया शिक्षा में इन्होंने और इनके सहयोगियों ने मिल कर आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया इनके विद्यालय का व्हाट्सएप ग्रुप पिछले 4 वर्षों से शिक्षा हेतू सक्रिय है जिसमे अधिकांश अभिभावक  जुड़े हैं अभिभावक घर बैठे ही यह जानते हैं कि आज विद्यालय में क्या पढ़ाई हुई है। इनके विधालय के शिक्षक नित नवाचार करते रहते हैं विधालय का बैंड और परेड पुरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है, इनके विधालय मे हुए  क्विज,बाल सांसद, गणित दिवस, वृक्षारोपण  मातृ/अभिभावक शिक्षक सम्मेलन बालिका शिक्षा हेतू गर्ल्स पावर कार्यक्रम बच्चों  में छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। 
           आज इन्हें रायपुर राजभवन के दरबार  हाउस में माननीय राज्यपाल महोदय माननीय मुख्यमंत्री महोदय, माननीय शिक्षामंत्री महोदय,व शिक्षा सचिव छत्तीसगढ़ शासन के समक्ष सम्मान पत्र मोमेंटो शाल से सम्मानित किया गया।

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संकल्प कुनकुरी की छात्रा अंजलि ने किया अतंरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से संवाद...पूछा आपने अपने सफर की शुरुआत कैसे की?

जशपुर 05 सितम्बर 2025 : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग के समन्वय से शिक्षक दिवस के अवसर पर इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स फाउंडेशन के प्रेसीडेंट रत्नेश मिश्रा के नेतृत्व में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के हजारों विद्यार्थियों की सहभागिता में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की यात्रा करने वाले भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ संवाद करने के लिए जशपुर जिले से तीन विद्यार्थियों का चयन किया गया था। इनमें से एक छात्रा संकल्प कुनकुरी की कक्षा ग्यारहवीं में अध्ययनरत अंजलि पपिन्दे ने बहुत ही प्रभावशाली ढंग से अपना सवाल शुभांशु शुक्ला से पूछा।उसका सवाल यह था कि आपने अपने सफर की शुरुआत कैसे की? इस सफर में आपके सबसे सहायक व्यक्ति कौन थे और निरुत्साहित हो जाने पर आप अपने आप को कैसे उत्साहित करते थे? इसके जवाब में शुभांशु शुक्ला ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि वे कभी अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे। उन्होंने जो भी लक्ष्य तय किये उसकी ओर सीढ़ी दर सीढ़ी आगे बढ़ते रहे जो अंतत: उन्हें इस सफलता तक लेकर आया। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता पिता और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि निरुत्साहित होने पर अपना लक्ष्य न छोड़ें बल्कि एक छोटा सा विराम लेकर पुनः नये उत्साह के साथ अपने प्रयास में लग जाएँ जो आपको आपके लक्ष्य तक अवश्य लेकर जायेगा।वापस आकर संकल्प शिक्षण संस्थान के शिक्षक दिवस समारोह के बीच अंजलि ने अपना अनुभव बाँटा और कहा कि यह एक अभूतपूर्व अनुभव था। उसने कहा कि अवसर मिलने पर वह शुभांशु शुक्ला से मिलकर और भी बहुत सारे सवाल पूछना चाहेगी।अंजलि की इस उपलब्धि पर संकल्प कुनकुरी में उसका सम्मान किया गया और प्राचार्य वाई आर कैवर्त और शिक्षकों ने उसे उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

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अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला ने बच्चों के साथ साझा किए अपने अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव.....ग्रुप कैप्टन श्री शुक्ला की उपलब्धि देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 05 सितंबर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर से स्कूली बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता के लिए मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन रायपुर और विज्ञान भारती के मध्य दो महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े विषयों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला को उनकी सफल अंतरिक्ष यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को नमन करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन की इस विशेष पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा एवं उत्साह को बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक सोच है। विज्ञान प्रश्न पूछने और तर्क करने की शक्ति और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रोजेक्ट जय विज्ञान के अंतर्गत आयोजित कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनियाँ, प्रतियोगिताएँ और नवाचारी परियोजनाएँ विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देंगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ के बच्चे केवल ज्ञान के उपभोक्ता नहीं, बल्कि नए विचारों और खोजों के सृजनकर्ता बनेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञान-आधारित समाज की सच्ची नींव है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से आह्वान किया कि वे श्री शुभांशु शुक्ला से प्रेरणा लेकर अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपना तथा देश का नाम ऊँचा करें।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने कहा कि देश ने जो अवसर उन्हें प्रदान किया है, उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा—“मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का मैं विशेष आभार व्यक्त करता हूँ कि उनकी पहल से ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। जब प्रदेश का मुखिया विज्ञान और शिक्षा से जुड़े आयोजनों को महत्व देता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश पर पड़ता है और बच्चों के भीतर नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा उत्पन्न होती है।”

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, प्रदेश भर से जुड़े स्कूली छात्र-छात्राएँ और शिक्षकगण उपस्थित थे।

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राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित....शिक्षा के बिना जीवन अधूरा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 05 सितंबर 2025/राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित गरिमामय समारोह में वर्ष 2024 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। 

समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के 64 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2025 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की भी घोषणा की।

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सर्वप्रथम भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, महान दार्शानिक और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को उनकी जयंती पर नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है। बेहतर शिक्षक एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महती भूमिका निभाते हैं। 

उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के प्रेरणास्रोत होते है। उनके विकास में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका है। आज का जीवन सरल नहीं है। गिरकर खड़े होना और जीवन की चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए यह विद्यार्थियों को सीखाना चाहिए। 

श्री डेका ने कहा कि शिक्षक ऐसा पढ़ाएं जिससे बच्चे स्कूलों की ओर आकर्षित हो। स्कूल भवन नहीं बल्कि उसके अंदर क्या पढ़ा रहे है ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्राचीन भारत की गुरूकुल परंपरा को श्रेष्ठ बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक गेम चेन्जर है। इस नीति के अनुरूप बच्चों को शिक्षा मिले यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका मूल उद्देश्य यही है कि शिक्षा अधिक व्यवहारिक, कौशल आधारित और सर्वांगीण बनाया जाए। इस नीति में विशेष बल मातृभाषा में शिक्षा पर दिया गया है। बालक को उसकी मातृभाषा में शिक्षा देने से वह अधिक रूचि तथा सहजता के साथ शिक्षा ग्रहण करता है। 

श्री डेका ने कहा कि नवाचारी शिक्षा अपने आप में एक मिसाल है। यह गौरव का विषय है कि हमारे शिक्षक साथी अध्यापन के लिए नए-नए उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग कर रहें हैं, जिससे बच्चों को सिखाना, रुचिकर एवं सहज हो गया है। बदलते  परिवेश के अनुसार बच्चों को शिक्षा दिया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस हेतु सार्थक पहल एवं प्रयास की आवश्यकता है। पाठ्यक्रमों में भी उचित पाठों का समावेश किया जाना समय की मांग है। 

समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। वे देश को ऐसे राष्ट्रभक्त नागरिक देते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार शिक्षक भी अनेक कठिनाइयों के बावजूद ज्ञान का उजाला फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है और इसके बिना जीवन अधूरा है। पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। आज प्रदेश में 20 से अधिक विश्वविद्यालय, 15 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स तथा लॉ विश्वविद्यालय स्थापित हैं।

श्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आसानी से शिक्षा उपलब्ध हो। इसी दृष्टि से प्रत्येक 1 किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय, 3 से 4 किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय, 6 से 7 किलोमीटर पर हाई स्कूल, 8 से 10 किलोमीटर पर हायर सेकेंडरी विद्यालय और प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के नवाचारी पहल पर भी अपने विचार साझा किए।

समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होेने से प्रदेश में शिक्षा का स्तर आने वाले समय में और बेहतर होगा। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की।

राज्यस्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों सूरजपुर जिले के श्री अजय कुमार चतुर्वेदी को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के श्री रमेश कुमार चंद्रवंशी को श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की श्रीमती सुनीता यादव को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरूस्कार और रायगढ़ जिले के श्री भोजराम पटेल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 64 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण श्री ऋतुराज रघुवंशी ने किया। 

समारोह में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, विधायक  श्री पुरन्दर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजीव झा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक उपस्थित थे।

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महतारी वंदन योजना : माताओं-बहनों के सम्मान से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि संभव – मुख्यमंत्री श्री साय.....अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची,

रायपुर, 05 सितम्बर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। 

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने गोंडी अनुवादक ऐप ‘आदि वाणी’ परियोजना की सफलता पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को दी बधाई

रायपुर, 05 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा।

प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है।

प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।

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