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अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी सहित ढाबों का लगातार निरीक्षण कर मादक पदार्थ पाए जाने पर कठोर कार्यवाही के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 09 सितंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
  बैठक में कलेक्टर ने जिले में कोटपा एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत की गई कार्यवाहियों की समीक्षा की। उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही बिना लाइसेंस औषधि विक्रय करने वाले तथा एक्सपायरी दवाइयों के भंडारण और बिक्री करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
  कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मेडिकल स्टोरों में अब तक सीसीटीवी कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं, वहां शीघ्र स्थापना सुनिश्चित कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने ढाबों का सतत निरीक्षण कर मादक पदार्थों की बिक्री पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

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जशपुर में 1800 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में जादू पिटारा का भव्य प्रदर्शन,यशस्वी जशपुर के नेतृत्व में साकार करता अभिनव अभियान


जशपुर 09 सितम्बर 2025 : 
कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन एवं जिला शिक्षा अधिकारी पी. के. भटनागर के मार्गदर्शन तथा यशस्वी जशपुर के नोडल विनोद गुप्ता के कुशल नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में जशपुर जिला हमेशा से नवाचारों के लिए जाना जाता रहा है। यहाँ की शैक्षिक पहल न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। इसी कड़ी में हाल ही में 1800 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में एक साथ जादू पिटारा का भव्य प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह आयोजन यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत हुआ ।
यह पहल न केवल बच्चों को शिक्षा के नए रूप से जोड़ती है, बल्कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के उस विजन को भी साकार करती है, जिसमें खेल-आधारित, अनुभवात्मक और आनंदमय शिक्षा पर जोर दिया गया है। जादू पिटारा, NCERT और शिक्षा मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया एक अभिनव शैक्षिक संसाधन है, जिसमें - कहानियाँ, चित्र पुस्तकें, खेल और गतिविधियाँ, शिक्षण सामग्री, मल्टीमीडिया संसाधन शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य शिक्षा को रटने से मुक्त कर बच्चों को सीखने का वास्तविक अनुभव देना है। 1800 से अधिक एक साथ जादू पिटारा का प्रदर्शन प्राथमिक विद्यालयों में किया गया । सभी प्राथमिक विद्यालयों को शामिल करने वाला यह छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना शिक्षण में खेल और गतिविधि आधारित दृष्टिकोण को मजबूती मिली ।
“यशस्वी जशपुर” जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की एक पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार करना और शिक्षण को आनंदमय व रोचक बनाना है।
नई शिक्षा नीति 2020 कहती है कि- शिक्षा रटने पर आधारित न हो बल्कि अनुभवात्मक हो। प्राथमिक स्तर पर खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिले।
Foundational Literacy and Numeracy (FLN) पर विशेष ध्यान दिया जाए।
ताकि बच्चों को खेल-खेल में सीखनाः पढ़ाई बोझ न लगकर आनंददायक लगे । इस कार्यक्रम उपरांत शिक्षकों का कहना है कि बच्चों की एकाग्रता और रुचि बढ़ी है। अभिभावक खुश हैं कि उनके बच्चे अब खुशी-खुशी स्कूल जाना चाहते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे जिले की ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहे हैं। जशपुर ने यह साबित किया है कि - यदि जिले स्तर पर सामूहिक प्रयास किया जाए तो राष्ट्रीय नीतियों को जमीन पर उतारा जा सकता है। 
यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता कहते हैं कि जशपुर जिले का यह प्रयास केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि नई शिक्षा नीति 2020 के सपनों को हकीकत में बदलने की दिशा में बड़ा कदम था। 1800 से अधिक विद्यालयों में जादू पिटारा का सामूहिक प्रदर्शन अपने आप में एक अनोखा कीर्तिमान है। यह साबित करता है कि - “जब शिक्षक, प्रशासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो शिक्षा के स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है ।’’
 इस कार्यक्रम आयोजन में शिक्षक मुकेश कुमार, देवकी प्रधान, मीना सिन्हा, अर्चना यादव एवं मनोज अम्बस्ट की भूमिका प्रमुख रही ।

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कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में स्वामी आत्मानंद और आईसीटी लैब युक्त विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षण कार्यशाला हुई संपन्न ।

जशपुर 09 सितम्बर 2025 : 

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के स्वामी आत्मानंद और आईसीटी लैब युक्त विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। स्वामी आत्मानंद जशपुर के बाद सेजेस पतराटोली में कार्यशाला आयोजित होनी है।

शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला का लाभ कुल 8 विद्यालयों के 1000 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा। 


प्राचार्य विनोद गुप्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जशपुर नगर में आयोजित इस कार्यशाला में लगभग 180 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह कार्यक्रम 1 सितंबर से प्रारंभ होकर 8 सितंबर तक चला। 

नवगुरुकुल फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षक ऋतुजा पाटिल और शिवानी गोरखिया ने विद्यार्थियों को एआई की मूल अवधारणा और कार्यप्रणाली समझाई। सत्र में प्री टेस्ट और पोस्ट टेस्ट भी सम्मिलित किए गए हैं। छात्रों को एआई से संबंधित व्यावहारिक उदाहरणों के साथ एआई की अवधारणाएँ समझाईं गई।विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि वे एआई के प्रयोग से नई-नई चीज़ों की खोज और अन्वेषण कर सकते हैं। साथ ही, Canva AI के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई कि किस प्रकार इसका इस्तेमाल डिज़ाइन और क्रिएटिव कार्यों के लिए किया जा सकता है। प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है और यह तकनीक स्वास्थ्य, बैंकिंग तथा शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से उपयोगी हो रही है।  

कार्यक्रम का समन्वय नवगुरुकुल फाउंडेशन की ओर सुश्री नीलम चौधरी द्वारा किया गया। कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय और सेजेस की कंप्यूटर शिक्षिका सचिना मिंज भी उपस्थित रहीं।

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूनिफाइड कमांड की बैठक आयोजित...नक्सल विरोधी सहित विकास कार्यों की प्रगति पर हुई चर्चा 

रायपुर, 09 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में यूनिफाइड कमांड की बैठक हुई। बैठक में नक्सल विरोधी अभियान तथा विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, आईटीबीपी, बीएसएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ, भारतीय वायुसेना और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन.....निकाली गई पोषण जागरूकता रैली


जशपुर 9 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसके तहत जामजोर सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्र बड़ाईकपारा में पोषण माह का आयोजन किया गया। पोषण माह अभियान के अंतर्गत जागरुकता रैली निकाल कर लोगों को पोषण के प्रति जागरूक किया गया। इस रैली में केन्द्र के बच्चे, शिशुवती गर्भवती माताएं. किशोरी बालिकाएं एवं अन्य नागरिक उपस्थित रहे। रैली में संतुलित पोषण, कुपोषण मुक्ति, पोषण आहार के प्रति लोगों को जागरुक किया गया।
         इसी तरह फरसाबहार परियोजना में भी पोषण माह का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के तहत कानूनी सहायता लेने हेतु जानकारी दी गयी। इसके साथ ही महिला हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 181 के बारे बताया गया । 
        पत्थलगांव के जरहापारा सेक्टर के सुखरापारा आंगनबाडी केन्द्र में पोषण माह में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत माताओं को सुनहरे 1000 दिन, मातृमृत्यु, शिशुमृत्यु, कुपोषण, स्वच्छता, एनिमिया, डायरिया आदि के संबंध में जानकारी दी गयी। इसके  अतिरिक्त  घरेलू हिंसा, महिलाओं की प्रताड़ना, टोनही प्रताड़ना आदि के बारे में जानकारी देते हुए इनसे बचाव के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गयी।

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ऐतिहासिक विसर्जन झांकी में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय : विविध पौराणिक प्रसंगों एवं आधुनिक घटनाओं पर आधारित सुसज्जित झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र

रायपुर 9 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 8 सितंबर की देर रात राजधानी रायपुर के हृदयस्थल जयस्तंभ चौक स्थित नगर निगम द्वारा निर्मित स्वागत मंच पर पहुंचे और ऐतिहासिक गणेश विसर्जन यात्रा में शामिल होकर झांकियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर की गणेश विसर्जन झांकी अत्यंत ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने विघ्नहर्ता श्री गणेश से छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना भी की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐतिहासिक विसर्जन यात्रा में आमंत्रित करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि विगत दिवस राजधानी रायपुर में शाम 8 बजे से ही गणेश झांकी यात्रा प्रारंभ हो गई थी। इस बार भी निर्धारित रूट पर शारदा चौक से झांकियों को टोकन प्रदान किया गया। झांकियां तेलघानी नाका, राठौर चौक और तात्यापारा से होकर शारदा चौक में एकत्रित हुईं, तत्पश्चात एक-एक कर आगे बढ़ीं। ये सभी झांकियां जयस्तंभ चौक से होते हुए मालवीय रोड, सदर बाजार, कंकालीपारा, पुरानी बस्ती, लाखेनगर, अश्वनी नगर, सुंदर नगर और रायपुरा मार्ग से होकर महादेव घाट तक पहुंचीं। इस वर्ष भी झांकियों को विभिन्न विषयों पर आकर्षक रूप से सजाया गया। इनमें विविध पौराणिक प्रसंगों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर और राफेल विमान की झलक भी देखने को मिली। रायपुर की सड़कों पर झांकी के रूप में राफेल विमान का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। एक झांकी में बप्पा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक परिधान में विराजमान दिखाई दिए। इन झांकियों को देखने के लिए न केवल रायपुर शहरवासी बल्कि आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में राजधानी पहुंचे। 

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा तथा रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे

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क्षेत्र वासियों को मिली बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पमशाला से सराईटोला मार्ग निर्माण की मिली मंजूरी, 23 करोड़ 96 लाख की लागत से होगा सड़क का निर्माण......*


जशपुरनगर 09 सितम्बर 2025 । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है।इसी कड़ी में जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के एक और महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण के लिए मंजूरी मिल गई है।जिले के फरसाबहार–तपकरा मार्ग पमशाला से सराईटोला पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य को राज्य शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।यह मार्ग लगभग 11.50 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें पुल-पुलिया निर्माण का कार्य भी शामिल है। इस परियोजना के लिए राज्य शासन ने 23 करोड़ 96 लाख की राशि स्वीकृत की है।इस सड़क निर्माण की स्वीकृति से न केवल ग्रामीण अंचल को मजबूत और सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को यातायात और संपर्क साधनों में बड़ी सहूलियत मिलेगी। सड़क निर्माण से किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सड़क के बन जाने से क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास और अधिक गति पकड़ेगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जशपुर जिले के विकास कार्यों की यह नई कड़ी मुख्यमंत्री की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें हर गांव और हर इलाके तक बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने का संकल्प है।

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जिले में 484 आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मिली स्वीकृति , मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से बच्चों और माताओं के पोषण, शिक्षा व स्वास्थ्य को मिलेगा नया आयाम


जशपुरनगर 09 सितम्बर 2025 :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की प्राथमिकता हमेशा से प्रदेश के बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा को लेकर रही है। इसी दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जशपुर जिले में 56 करोड़ से भी अधिक की लागत से 484 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक आंगनबाड़ी भवन पर 11 लाख 69 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार करोड़ों रुपए की राशि सीधे तौर पर जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर लगाई जाएगी। इससे न केवल बच्चों और माताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी एक स्थायी और सुसज्जित कार्यस्थल प्राप्त होगा।


जर्जर भवन एवं अस्थाई से स्थायी भवन की ओर


अब तक अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र भवन जर्जर हालत में या  किराए के मकानों में संचालित होते थे।ऐसे स्थानों में न तो बच्चों को बैठने की समुचित सुविधा मिलती थी और न ही साफ-सफाई का पर्याप्त वातावरण। लेकिन नए भवन बनने के बाद बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल माहौल उपलब्ध होगा, जिससे उनकी शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियाँ व्यवस्थित ढंग से संचालित होंगी।


बच्चों और माताओं के लिए एक संपूर्ण केंद्र

नए आंगनबाड़ी भवन सिर्फ पढ़ाई या आहार वितरण का स्थान नहीं होंगे, बल्कि ये ग्रामीण समाज में पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता का केंद्र बनेंगे।
इन भवनों में बच्चों को पौष्टिक आहार ,खेल-खेल में सीखने की व्यवस्था,नियमित स्वास्थ्य जांच,माताओं के लिए पोषण व स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे जिले में कुपोषण को कम करने और शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने में बड़ी भूमिका निभाई जाएगी।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का संकल्प अब कोई भी बच्चा शिक्षा की कमी से नहीं होगा वंचित

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा का संकल्प है कि जशपुर का कोई भी बच्चा अब कुपोषण और शिक्षा की कमी से वंचित नहीं रहेगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे और हर माता को स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नए आंगनबाड़ी भवन आने वाली पीढ़ी के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे और प्रदेश में पोषण क्रांति की नींव मजबूत करेंगे।

ग्रामीणों की खुशी और सीएम साय के प्रति आभार

ग्रामीण अंचलों के लोगों ने इस नए आंगनबाड़ी भवन की  स्वीकृति का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने वाली साबित होगी। अब बच्चे अस्थायी कमरों में नहीं, बल्कि सुसज्जित भवनों में शिक्षा और पोषण प्राप्त करेंगे।

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मुख्यमंत्री से यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट....राज्य सरकार के कार्यों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना

रायपुर, 08 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और यूनिसेफ की ओर से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूनिसेफ इंडिया के सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि यूनिसेफ द्वारा विश्वभर में जनकल्याण हेतु विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ के अंतर्गत सरकार की प्राथमिकताओं को प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा किया।

मुख्यमंत्री को यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सर्विसेज प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने राज्य की पोषण संबंधी पहल और "विकसित छत्तीसगढ़" निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

सुश्री हेरेरो ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ छत्तीसगढ़ में हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम में भी सहयोग प्रदान कर रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल को मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यूनिसेफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे योगदान की सराहना की और भविष्य में भी अंजोर विजन 2047 के लक्ष्यों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया है। उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पित है और इसके लिए अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के तहत आदिवासी समुदाय, विशेषकर विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शिशु मृत्यु दर, कुपोषण सहित स्वास्थ्य एवं पोषण के सूचकांकों को बेहतर बनाने में यूनिसेफ का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के प्रमुख श्री विलियम हैनलॉन जूनियर तथा डॉ. बाल परितोष दास भी उपस्थित रहे।

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बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट : क्षेत्रीय विकास को नई गति देने11 सितंबर को बस्तर में खुलेगा उद्योग और रोज़गार का नया द्वार

रायपुर 08 सितंबर 2025/क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग आगामी 11 सितंबर 2025 को बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन करने जा रहा है। यह प्रमुख निवेश संवर्धन पहल इससे पहले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, रायपुर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टोक्यो, ओसाका और सियोल में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है। इन आयोजनों के माध्यम से नवंबर 2024 से अब तक ₹6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार अब छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के माध्यम से निवेश संभावनाओं को बस्तर तक ले जा रही है, जो प्रदेश के सबसे गतिशील और संभावनाशील क्षेत्रों में से एक है।

बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत संतुलित क्षेत्रीय विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस नीति का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा और स्थानीय समुदायों का सशक्तिकरण है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण भी हो।

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत ₹1000 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली अथवा 1000 से अधिक रोजगार सृजित करने वाली परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इस नीति में औषधि निर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, आईटी एवं डिजिटल तकनीक, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस व डिफेंस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, जिसके तहत बस्तर में होटल, इको-टूरिज़्म, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर स्पोर्ट्स और खेल सुविधाओं जैसी परियोजनाओं पर 45 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि बस्तर के 88 प्रतिशत ब्लॉक ग्रुप-3 श्रेणी में आते हैं, जिससे निवेशकों को अधिकतम नीति लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।

समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इस नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत एससी/एसटी उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी, वहीं नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों और व्यक्तियों को भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। यह सरकार की सामाजिक पुनर्वास और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक अभिनव पहल के रूप में, नई औद्योगिक इकाइयों में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर पाँच वर्षों तक उनके वेतन पर 40 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम ₹5 लाख प्रतिवर्ष) उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, बस्तर में स्टील सेक्टर की इकाइयों को 15 वर्षों तक रॉयल्टी रीइम्बर्समेंट की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक भरोसा मिलेगा और औद्योगिक विकास को स्थिरता प्राप्त होगी।

सरकार को उम्मीद है कि बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट में देश-विदेश से 200 से अधिक प्रमुख निवेशक, उद्योग जगत के दिग्गज और स्थानीय उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन सहयोग और विकास का एक उच्च-स्तरीय मंच साबित होगा। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है, जो बस्तर की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर के युवाओं को वह कौशल और अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसके वे अधिकारी हैं और जिनसे वे छत्तीसगढ़ की विकास गाथा के सक्रिय सहभागी बन सकेंगे। औद्योगिक नीति की प्रत्येक पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और समृद्धि को घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोच-समझकर तैयार की गई है।

बस्तर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन बस्तर के समग्र विकास को साकार करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा। यह बस्तर को सतत् और समावेशी विकास का प्रतीक बनाएगा, जिसकी जड़ें क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना में गहराई से जुड़ी हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि अवसरों और लाभों का प्रवाह सीधे स्थानीय जनता तक पहुँचे।

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ग्राम पंचायतों में पलायन पंजी का करें संधारण- कलेक्टर....रोजगार को बढ़ावा देने  योजनाओं से  लाभान्वित करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

जशपुर, 08 सितंबर 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में सोमवार को विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने श्रम विभाग के अधिकारियों की समीक्षा करते हुए पलायन पर प्रभावी नियंत्रण बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा, जिसके तहत काम के लिए बाहर जाने वालों की पूर्ण जानकारी संकलित कर उनके कल्याण के लिए योजना निर्माण के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्राम पंचायतों में पलायन पंजी नियमित रूप से संधारित करने को कहा, ताकि किसी भी व्यक्ति को बाहर के राज्य में यदि को समस्या हो तो उन्हें त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सके और बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थिति से लोगों को बचाया जा सके। पंजी में श्रमिक का नाम, दूरभाष नं., गंतव्य पूर्ण पता, नियोक्ता की जानकारी दर्ज अवश्य करवाने को कहा।
         उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को जिले में वित्तीय समावेशन को तीव्र गति से संचालित करते हुए प्रत्येक ग्राम के शत प्रतिशत लोगों को बैंकिग सेवाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए बैंकों की शाखाओं को खोलने के लिए ऐसे ग्राम जहां आस पास बैंक नहीं है उन्हें चिन्हित करने को कहा। उन्होंने एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्र की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जिले में रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए शासन की हितग्राहीमूलक योजना  जैसे मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना आदि का युवाओं को लाभ देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने पशुपालकों एवं मत्स्यपालकों को केसीसी द्वारा अल्पकालीन ऋण प्राप्त करने में आ रही समस्याओं का निराकरण कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
          उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को खदान नियमों के उल्लंघन की नियमित जांच कर उल्लंघन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेत खदानों से अवैध तरीके से रेत निकालने वालों पर कार्रवाई करने एवं अवैध परिवहन रोकने को कहा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को शासकीय भूमि से बेजा कब्जा हटाने, नगरीय निकायों के कृष्ण कुंज, मधुबन वाटिका एवं नर्सरी की सफाई करवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को पर्यटन के विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा घोषणा किये गए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराने को कहा। कलेक्टर ने जिले के वन धन केंद्रों एवं बहुउद्देश्यीय केंद्रों में आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ वन ग्रामीण में सड़क निर्माण के लिए पीएमजीएसवाई के साथ मिलकर कार्य करने को कहा।
         उद्योग विभाग के अधिकारियों को जिले में उद्योगों का रजिस्ट्रेशन करने एवं जिले में स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए  कम्पनी स्थापना, उसके लिए आवश्यक अनुज्ञप्तियों, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, कम्पनी रजिस्ट्रेशन आदि की जानकारी युवाओं को कॉलेजों एवं कार्यालय में कार्यशाला आयोजित कर प्रदान करते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने को कहा। इसके लिए चार्टर अकॉउंटेन्ट, टैक्स कंसल्टेंट, जीएसटी कंसल्टेंट एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क परामर्श की व्यवस्थास करने के निर्देश दिए।
        उन्होंने युवाओं को व्यवहारिक विषयों में ट्रेनिग देने के लिए कौशल विकास विभाग को निर्देश दिए। इसमें योग प्रशिक्षक, लैब टेक्नीशियन आदि कोर्स को भी शामिल करने के सुझाव दिए। युवाओं को एआई जैसे नवीन तकनीकों के ज्ञान के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदान करने को कहा। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, एसडीएम विश्वास राव मस्के सहित खनिज विभाग, श्रम विभाग, अंत्यावसायी निगम, वन विभाग, कौशल विभाग, लाइवलीहुड कॉलेज के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आम लोगों की समस्याएं,निराकरण को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

जशपुरनगर, 08 सितंबर 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास ने आज सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनके समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।
     कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हर आवेदक को उनके आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी समय पर प्राप्त हो। आज जनदर्शन में कुल 44 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधित मामले, साफ- सफाई, अधोसंरचना निर्माण, रोजगार सहित विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन शामिल थे।

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आयुष्मान भारत योजना से मिला नया जीवन — 46 वर्षीय मजदूर कैंसर से पूरी तरह स्वस्थ

जशपुर 8 सितम्बर 25/  स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकार की पहल से आज गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रही है।

इसी योजना से जशपुर जिले के पुरानी टोली निवासी श्री वीरेंद्र खाखा (46 वर्ष) को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से निजात मिली। वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं और मजदूरी कर घर चलाते हैं। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं, ऐसे में महँगे इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं था। लेकिन आयुष्मान कार्ड की मदद से उनका पूरा इलाज जिला अस्पताल जशपुर में नि:शुल्क हुआ। आज वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं।


श्री वीरेंद्र खाखा बताते हैं – “करीब 9–10 महीने पहले मेरे मुँह में घाव हुआ था। पहले तो मैंने सोचा साधारण घाव होगा, लेकिन ठीक नहीं हुआ। तब मैं जिला अस्पताल जशपुर पहुँचा। वहाँ डॉक्टर साहब ने जांच कर रायपुर भेजा। रायपुर मेकाहारा में पता चला कि कैंसर है। शुरुआत में तो बहुत डर लगा कि अब क्या होगा और खर्च कैसे उठाऊँगा। रायपुर में दो कीमोथेरेपी हुई, लेकिन बार-बार जाना मेरे लिए मुश्किल था। फिर डॉक्टर लक्ष्मीकांत आपट ने कहा कि बाकी इलाज यहीं जशपुर में हो सकता है। मैंने यहाँ चार कीमोथेरेपी करवाईं।”

“इलाज में दवा, खून और सारी जांच नि:शुल्क हुई। आज मैं पूरी तरह ठीक हूँ, घाव भर चुका है। अब बच्चों के साथ सामान्य जीवन जी पा रहा हूँ। सच कहूँ तो अगर आयुष्मान कार्ड नहीं होता तो मेरा इलाज अधूरा रह जाता। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और सरकार का धन्यवाद करता हूँ कि गरीबों के लिए इतना बड़ा सहारा दिया।”

डॉ. लक्ष्मीकांत आपट, इंचार्ज डेकेयर कीमोथेरेपी, जिला अस्पताल जशपुर ने बताया –
“जब मरीज हमारे पास आए थे तो उनके मुँह में बड़ा घाव था। प्रारंभिक इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। वहाँ से वापस आने के बाद जशपुर में चार चरण की कीमोथेरेपी पूरी कराई गई। यह सब आयुष्मान कार्ड योजना के तहत निःशुल्क हुआ। हाल ही में कराए गए सीटी स्कैन में किसी प्रकार की बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं।”

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सरस्वती साइकिल योजना से बेटियों की शिक्षा की राह हुई आसान,....शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय खरसोता की 23 बालिकाओं को मिला योजना का लाभ

जशपुर 08 डितम्बर 2025 : मनोरा  विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में प्राचार्य  तिन्तियुस टोप्पो के मार्गदर्शन में छग.शासन के निर्देशानुसार नि:शुल्क सरस्वती सायकल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें दिनेश्वर प्रधान (पूर्व बीबीसी) एवं  संजय भगत (एसएमडीसी सदस्य) की उपस्थिति में 23  छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती सायकल का वितरण किया गया।
       छात्रों को संबोधित करते हुए कहा - मेरे प्यारे बच्चों! शिक्षा एक ऐसा साधन है जो आपको हर विषम परिस्थितियों में साथ देगा। सायकल मिलने से अब आप लोगों  को विद्यालय नियमित आने में , पढ़ाई जारी रखने में सहायक होगा। मुझे विश्वास है कि आप सभी अच्छा पढ़ कर विद्यालय और अपने गांवों का गौरव बढ़ाएंगे।
विद्यालय में अध्यनरत कक्षा 9 वीं के छात्रा- कु. संतोषी भगत,अंसवंति बाई, विश्व भारती बाई, दीपिका बाई, राधिका बाई, खुश्बू बाई,सुहाना ईंदवार, साक्षी बाई, मोनिका प्रधान,सपना ओहदार,सुगंती बाई,हिना ओहदार, रंजीता बाई,अस्वंती भगत, प्रतिमा भगत, बुधनी बाई, अनिता बाई, विपाशा बाई,संजनी बाई, नव्या भगत, अनुप्रिया,विक्रांती बाई,रिंकीं बंजारे, हमीदा खातुन,प्रिया बाई, रविना बाई,सविस्ता खातुन,रुपैया खातुन को सायकल दिया गया। सायकल पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे।
           इस अवसर पर व्याख्याता  श्रीमती निर्मला भगत, श्रीमती जगमईत भगत, सरस्वती सायकल योजना के प्रभारी दिनेश कुमार राम, रोपना उरांव, अजित मिश्रा, मीना भगत, बीना कुजूर, अभिभावक एवं कार्यालय स्टाफ उपस्थित थे। सभी  ने छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।

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प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के शैक्षिक गुणवत्ता स्तर में सुधार हेतु एस डी एम ने -जशपुर एवं मनोरा के  संकुल समन्वयकों एवं प्रधान पाठक की ली बैठक

जशपुर  : कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के शैक्षिक गुणवत्ता स्तर में सुधार हेतु जशपुर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विश्वास राव मस्के की अध्यक्षता में विकासखंड-जशपुर एवं मनोरा के सभी संकुल समन्वयकों एवं माध्यमिक शाला के प्रधान पाठकों की बैठक स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर में आयोजित हुई। बैठक में यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता  द्वारा यशस्वी जशपुर के द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देश को पुनः स्मरण कराते हुए बैठक  के उद्देश्यों एवं उसके क्रियान्वयन पर समीक्षा करते हुए 3 से 8 के सभी बच्चों में अक्टूबर 2025 तक पठन कौशल में दक्ष करने हेतु लक्ष्य दिया गया। शुद्ध लेखन को नियमित कराने एवं मूल्यांकन कार्य को ईमानदारी से करते हुए कम अच्छे बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण कराने की बात कही तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सभी बच्चों का रजिस्ट्रेशन कराये जाने हेतु अपील की गई।

   अनुविभागीय अधिकारी राजस्व महोदय द्वारा एजेंडावार समीक्षा की गई। शिक्षक को अपने विषय की पूरी जानकारी रखने के साथ गुणवान होना चाहिये। कक्षाओं में सभी बच्चों को समान नज़र एवं व्यवहार से आँकने तथा एक अच्छा संबंध बनाते हुए आत्मविश्वास पैदा करने हेतु कहा गया। प्राथमिक एवं माध्यमिक के बच्चों के मासिक मूल्यांकन के आधार पर कम अच्छे बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गये। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी जशपुर कल्पना टोप्पो, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोरा सुदर्शन पैकरा बी.आर.सी.जशपुर अजय चौबे, बी.आर.सी.मनोरा तरूण कुमार पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा टुमनु गोसाई उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक जागरूकता के लिए सूर्य रथ को दिखाई हरी झंडी.....प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादक के साथ-साथ बन रहे हैं ऊर्जा दाता : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 08 सितंबर 2025// प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता अब केवल ऊर्जा उत्पादक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प को तीव्र गति से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा के फायदों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और इसके अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी के विषय में लोगों को जानकारी देने और जागरूक करने के उद्देश्य से सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 618 उपभोक्ताओं के खातों में प्रत्येक को 30 हजार रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ता प्रदूषण हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और छत्तीसगढ़ इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूरे समर्पण और क्षमता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए हॉफ बिजली बिल से आगे बढ़ते हुए मुफ्त बिजली की ओर ले जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इसे हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि प्रदेशवासी इस योजना के महत्व को समझते हुए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आमजन से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को भी इस योजना से जोड़ें और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रदेश को अग्रसर बनाने में योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से आसान वित्तीय सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत आज लाभार्थियों को लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए हैं। इन योजनाओं से उपभोक्ता स्वयं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली का विक्रय कर रहे हैं और साथ ही सस्ती बिजली का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सौभाग्य योजना के माध्यम से हर घर बिजली पहुँचाने का संकल्प लिया था। उस समय देश के 18 हजार गाँव अंधेरे में थे और आज उन सभी गाँवों तक बिजली पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जबकि आज प्रदेश 30,000 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है और पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू संपादित हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएँ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष राजनांदगांव से आए कक्षा 12वीं के छात्र श्री प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा की विशेषताओं और शासन द्वारा इसे बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ तथा ‘एग्रीवोल्टाइक्स परफार्मर हैण्डबुक’ का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में विशेष भूमिका निभाने वाले उत्कृष्ट वेंडरों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, क्रेडा के चेयरमैन श्री भूपेंद्र सवन्नी, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के सीईओ श्री राजेश राणा, भारतीय सौर ऊर्जा महासंघ के अध्यक्ष श्री सुमन कुमार, तीनों पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता उपस्थित थे।

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रायपुर की पहली महिला विधायक स्वर्गीय रजनी ताई उपासने के निवास पहुंचकर  मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर, 08 सितंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन स्थित रायपुर की पहली महिला विधायक एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्रीमती रजनी ताई उपासने के निवास पहुँचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रजनी ताई उपासने के योगदानों का पुण्य स्मरण किया तथा शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी। इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद श्री कैलाश सोनी, श्री संतोष शर्मा, श्री जगदीश उपासने सहित परिजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि रजनी ताई का निधन पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह प्रेरणादायी है। अपने कार्यकाल में उन्होंने जनता के हितों और रायपुर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सादगी, ईमानदारी और समाज से गहरे जुड़ाव के कारण उन्हें विशिष्ट पहचान मिली। वे महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर सक्रिय रहीं। श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

उल्लेखनीय है कि रायपुर की पहली महिला विधायक और समाजसेवी श्रीमती रजनी ताई उपासने का हाल ही में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वर्ष 1977 में जनता पार्टी से चुनाव जीतकर उन्होंने इतिहास रचते हुए रायपुर की पहली महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया। उस दौर में जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी, ऐसे समय में जनता का विश्वास जीतना उनके साहस और संघर्ष का प्रतीक था।

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नियमित विमान सेवा से बड़े शहरों से सीधे जुड़ा बस्तर ......इस एयरपोर्ट से अब तक तीन लाख यात्रियों ने भरी उड़ान

रायपुर, 07 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्षों की विकास यात्रा में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। जहां राजधानी रायपुर पहले से ही देश के प्रमुख शहरों से वायु मार्ग से जुड़ा था, वहीं अब बस्तर, बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे शहर भी विमान सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। विशेषकर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एयरपोर्ट और नियमित यात्री उड़ानों की सुविधा से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं।

जगदलपुर स्थित माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा का ऐतिहासिक महत्व है। इसका निर्माण वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था और इसे उस समय ‘‘जहाज भाटा’’ नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हवाई अड्डे के उन्नयन का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्ष 2019 में इसे 3-सी श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों का संचालन संभव हुआ। वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने हवाई अड्डे का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर किया।

सितंबर 2020 में जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए एलायंस एयर द्वारा नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू की गईं। इसके बाद दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर के लिए भी उड़ान सेवाएँ प्रारंभ हुईं। मार्च 2024 से इंडिगो एयरलाइंस ने जगदलपुर को हैदराबाद और रायपुर से जोड़ते हुए दैनिक सेवा शुरू की। पैरामिलिट्री बलों के लिए विशेष दिल्ली सेवा का संचालन भी किया जा रहा है।

वर्तमान में जगदलपुर एयरपोर्ट से अब तक लगभग तीन लाख यात्री हवाई यात्रा कर चुके हैं। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिली है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र उपचार हेतु पहुंचाना संभव हो पाया है। विद्यार्थी और युवा रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक आसानी से पहुँच रहे हैं।

बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और हर्बल उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक सरलता से पहुँच रहे हैं। वहीं चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा जैसे पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश से पर्यटकों की पहुँच भी सहज हुई है।

जगदलपुर एयरपोर्ट का संचालन बस्तर अंचल के लिए विकास का नया द्वार सिद्ध हो रहा है। इससे आंतरिक क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाएँ पहुँच रही हैं और बस्तर को राष्ट्रीय परिदृश्य पर नई पहचान मिल रही है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

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