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जशपुर के संकल्प शिक्षण संस्थान में वित्तीय साक्षरता वर्कशॉप का शुभारंभ,डिजिटल बैंकिंग, बजट प्रबंधन और निवेश पर दी गई विशेष जानकारी

जशपुर विकासखंड के 10 विद्यालयों के 150 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लिया हिस्सा

जशपुर 10 सितम्बर 2025 : 
जिले के कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में वित्तीय साक्षरता वर्कशॉप का शुभारंभ किया गया।
शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देशन में आयोजित इस वर्कशॉप में जशपुर विकासखंड के 10 विद्यालयों से आए लगभग 150 विद्यार्थी और शिक्षक सम्मिलित हुए। 


संकल्प संस्थान के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों को वित्तीय अनुशासन और डिजिटल साक्षरता  के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर कार्यक्रम आयोजित कराया जा रहा है। जिले के सभी विकासखंडो में एक-एक वर्कशाप आयोजित होना है।


भोपाल से आए डिजिटल कोच वीरेंद्र मिश्रा ने आज के वर्कशॉप में विद्यार्थियों को पैसे के महत्व और उसे सही तरीके से मैनेज करने, बैंकिंग की मूलभूत प्रक्रिया, सेविंग अकाउंट, यूपीआई, एटीएम और मोबाइल बैंकिंग के बारे में बताया । छात्रों को खर्च और बचत में संतुलन बनाने, बजट प्लान तैयार करने और इमरजेंसी फंड पर चर्चा हुई।

विद्यार्थियों को वित्तीय प्रणाली, बैंकिंग उपकरणों, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बचत की आदत विकसित करने, बजट बनाने की विधि, आपातकालीन निधि की आवश्यकता तथा निवेश के मूलभूत सिद्धांतों को सरल ढंग से समझाया।

सत्र में स्मार्ट स्पेंडिंग पर चर्चा करते हुए जरूरत और चाहत के बीच फर्क, विज्ञापनों और पीयर प्रेशर के प्रभाव से बचने की सीख दी गई। बचत की शक्ति, एसआईपी और चक्रवृद्धि ब्याज के फायदे भी छात्रों को समझाए गए। साथ ही लोन और क्रेडिट स्कोर पर बात करते हुए ईएमआई ट्रैप से बचने के उपाय बताए गए।

साथ ही निवेश की मूलभूत जानकारी देते हुए म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक मार्केट के विषय में अवगत कराया गया। ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और पोंजी स्कैम से बचाव के तरीके साझा किए गए और सुरक्षित वित्तीय आदतें अपनाने की प्रेरणा दी गई।
पूरे सत्र को इंटरएक्टिव गतिविधियों, वर्कशीट्स और खेलों के माध्यम से संचालित किया गया, ताकि विद्यार्थी वित्तीय साक्षरता को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से लागू कर सकें।

कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय और केंद्रीय विद्यालय, मॉडल स्कूल,  सेजेस ,एकलव्य, महारानी लक्ष्मी बाई कन्या विद्यालय सहित 10 स्कूलों के विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित रहे।

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आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 10 सितंबर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।

*जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है।

प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके। 

*पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी।

*शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की।

*आधारभूत संरचना और पर्यटन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्रीगण श्री रामविचार नेताम, श्री दयालदास बघेल, श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओ.पी. चौधरी, श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब, श्री राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा  श्री संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, श्री मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव श्री बसवराजू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, प्रभारी आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा श्री अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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पत्थलगांव की मांग मुख्यमंत्री ने किया पूरा 5 करोड़ की लागत से बनेगा मॉर्डन बस स्टैंड, नगरवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

जशपुरनगर 10 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को निरंतर विकास की नई सौगातें मिल रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप नगर पालिका परिषद पत्थलगांव को आधुनिक बस स्टैंड निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी होने पर नगर वासियों ने उनका आभार जताया है।
 
 पत्थलगांव में बनेगा अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पत्थलगांव वासियों को बड़ी सौगात दी है, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड में यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, टिकट काउंटर एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी,साथ ही नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।यह सौगात मिलने पर पत्थलगांव क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष की लहर है। लंबे समय से यहाँ के लोग आधुनिक बस स्टैंड की मांग कर रहे थे। इसके निर्माण से यात्रियों को बेहतर सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही नगर के यातायात प्रबंधन में भी सुधार होगा।

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मुख्यमंत्री के पहल से जशपुर की सड़कों का तेजी से हो रहा विस्तार, तीन सड़कों का निविदा प्रक्रिया पूर्ण , जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य 


जशपुरनगर 10 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सड़क विकास की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। जिले के तीन महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।आगामी दिनों में इन निर्माण कार्यों की शुरुआत होने से जिलेवासियों को बेहतर यातायात सुविधा और विकास का नया मार्ग मिलेगा।जिले में होने वाले प्रमुख सड़क निर्माण बागबहार-कोतबा मार्ग लंबाई 13.20 कि.मी. केन्द्रीय सड़क निधि योजनांतर्गत इस मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 37 करोड़ 47 लाख 87 हजार रुपए है।जिसकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शीघ्र ही कार्य आरंभ होगा।वहीं जिले की लुडेग-तपकरा-लावाकेरा मार्ग एस.एच. 04 लंबाई 41.00 कि.मी. इस महत्वपूर्ण मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाएगा। इस सड़क के निर्माण पर 99 करोड़ 98 लाख 71 हजार रुपए की राशि व्यय की जाएगी।जिसका निविदा कार्य संपन्न हो चुका है।इसी तरह जशपुर-आस्ता-कुसमी मार्ग कुल लंबाई 28.00 कि.मी. इस मार्ग का निर्माण कार्य भी केन्द्रीय सड़क निधि योजनांतर्गत स्वीकृत है।इस परियोजना की अनुमानित लागत 33 करोड़ 59 लाख 67 हजार है।

बेहतर सड़क से विकास को गति

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से जशपुर जिले की सड़क व्यवस्था और सुदृढ़ होगी। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा, व्यापार और आवागमन में आसानी होगी तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ,बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा

रायपुर, 10 सितम्बर 2025// बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए।

उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे scholarship@azimpremjifoundation.org पर प्रेषित किया जा सकता है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा श्री विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड श्री सुनील शाह उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री की आत्मीयता ने छुआ श्रमिक परिवार का दिल,अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से प्रतिज्ञा का फौज में जाने का सपना होगा पूरा

रायपुर, 10 सितम्बर 2025/एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से।

नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।

नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है।  बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी।  मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।

नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा।

उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात, कुनकुरी में बनेगा अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 63 करोड़ 84 लाख की मिली मंजूरी

जशपुरनगर 10 सितंबर 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व में जशपुर जिले को लगातार विकास की नई सौगातें मिल रही हैं। खेल प्रतिभाओं को पहचान और बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है।जिले के कुनकुरी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए शासन द्वारा 63 करोड़ 84 लाख 89 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।यह खेल कॉम्प्लेक्स न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए मील का पत्थर साबित होगा।खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा इस कॉम्प्लेक्स के निर्माण से ग्रामीण और आदिवासी अंचल के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।अब खिलाड़ियों को बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।यहीं पर उन्हें प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएं और खेल आयोजन की बेहतर व्यवस्था मिलेगी।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी।युवाओं के लिए खेलों में करियर और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि इस कॉम्प्लेक्स के बनने से जशपुर जिले की पहचान खेलों के क्षेत्र में और भी मजबूत होगी।

ये होंगी विशेष सुविधाएं

इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अत्याधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे—
एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन,बास्केटबॉल कोर्ट
कबड्डी और खो-खो के मैदान,आधुनिक स्विमिंग पूल एवं ड्रेस चेंजिंग रूम,वॉलीबॉल ग्राउंड ,जंपिंग गेम,और खेल उपकरण
इन सभी व्यवस्थाओं से खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिता का अनुभव मिलेगा।


जशपुर का खेलों में नया स्वर्णिम अध्याय

जशपुर जिला पहले से ही अपनी खेल प्रतिभाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। अब इस इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से यह परंपरा और मजबूत होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह कदम न केवल खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है, बल्कि यह जशपुर को खेलों की भूमि के रूप में नई पहचान भी दिलाएगा।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का किया शुभारंभ, चयनित बच्चों का किया सम्मान....श्रमिकों के बच्चों के लिए खुला बेहतर शिक्षा का रास्ता – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 9 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक बच्चों के लिए संचालित "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" का शुभारंभ किया। उन्होंने चयनित बच्चों का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। श्री साय ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना का लाभ 200 बच्चों को मिलेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिक अनेक समाज के हित के लिए कार्य करता है, परंतु अपने परिवार के लिए बहुत कम समय, संसाधन, ऊर्जा और ध्यान दे पाता है। उनके भी सपने होते हैं कि उनके घर के बच्चे पढ़-लिखकर बेहतर जीवन जिएँ, ताकि भविष्य में मजदूर का बेटा-बेटी केवल मजदूरी न करे, बल्कि समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील और राजनेता बने।इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत श्रमिक बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ में "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" प्रारंभ की है। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा छठवीं से बारहवीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से कार्यक्रम के दौरान निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों ने मिलकर योजना का शुभारंभ पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना से अब हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निश्चिंत हो गए हैं। इस योजना के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा और भविष्य सँवारने का सुनहरा अवसर मिल गया है। हमारे लिए यह एक सपना था, जो अब पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत चालू वर्ष में 100 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 14 निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इन विद्यालयों में सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी।

श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज श्रम विभाग के सहयोग से श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों का दाखिला प्रदेश के 14 निजी आवासीय विद्यालयों में कराया गया है। सरकार की सोच है कि श्रमिक का बच्चा केवल श्रमिक न रहकर अधिकारी बने और देश की सेवा करे। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके निश्चित ही दूरगामी परिणाम सामने आएँगे।

श्रम मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि श्रम विभाग के अंतर्गत तीन मंडल संचालित हैं, जिनमें लगभग 70 से अधिक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा पिछले 20 माह में लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से पहुँचाया गया है। उन्होंने योजना के तहत चयनित बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी के संकल्पों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य में लगभग 30 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनके बच्चे अच्छे विद्यालयों में नहीं पढ़ पाते थे। उनके लिए "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना से श्रमिकों के बच्चों को बेहतर विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने चयनित बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस मौके पर श्रम विभाग के सचिव श्री हिम शिखर गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम, श्रम कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरी की ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग,बगीचा रेंगले मार्ग पर राजपुरी नाला में बनेगा उच्च स्तरीय पुल,शासन से मिली स्वीकृति

जशपुर 09 सितम्बर 2025 : 

जशपुर जिले की वर्षों पुरानी बहुप्रतीक्षित मांग आखिरकार विष्णुदेव साय की सरकार ने पूरी कर दी है।छत्तीसगढ़ शासन ने जशपुर जिले के बगीचा से रेगले मार्ग पर राजपुरी नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 15 लाख 14 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। वित्त विभाग की सहमति के बाद लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर से आदेश जारी किया गया है।

आदेशानुसार पुल निर्माण की निविदा केवल 90 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध होने के बाद ही आमंत्रित की जाएगी। साथ ही कार्य की तकनीकी स्वीकृति सक्षम अधिकारी से प्राप्त करना अनिवार्य होगा। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य पूर्ण पारदर्शिता, मितव्ययिता और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

यदि निविदा दर 10 प्रतिशत से अधिक होगी अथवा अतिरिक्त कार्य जुड़ेंगे तो पुनः प्रशासकीय स्वीकृति लेना आवश्यक होगा। साथ ही कार्य की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंडल अध्यक्ष हरीश यादव ने बताया कि इस पुल की मांग लंबे समय से की जा रही थी, क्योंकि बरसात के दिनों में राजपुरी नाला उफान पर आने से बगीचा-रेगले मार्ग पर यातायात प्रभावित हो जाता था। पुल बनने के बाद अब स्थानीय लोगों को निर्बाध आवाजाही की सुविधा मिलेगी।ग्रामीणों ने बताया कि साय सरकार ने जो वादा किया था उसे पूरा कर दिया है।

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छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड की 15वीं बैठक सम्पन्न : छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों का संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राथमिकता – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर, 09 सितंबर 2025/ छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या पिछले तीन वर्षों में दोगुनी हो गई है। वर्ष 2022 में जहां बाघों की संख्या 17 थी, वहीं अप्रैल 2025 के सर्वेक्षण में यह बढ़कर 35 हो गई। यह जानकारी आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड की 15वीं बैठक में दी गई। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों का संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राथमिकता है। हमारा राज्य वन संपदा और वन्य प्राणियों के मामले में अत्यंत समृद्ध है। इन्हें सुरक्षित और विकसित करने के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में बाघों की संख्या में तीन वर्षों के भीतर हुई दोगुनी वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाघों की संख्या 17 से बढ़कर 35 होना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में संतोषजनक कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हमें अन्य वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी ठोस प्रयास करने होंगे। छत्तीसगढ़ के कई इलाके ऐसे हैं जिन्हें वन्यजीव संरक्षण के माध्यम से विकसित किया जा सकता है। जशपुर जिले के नीमगांव में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। यहां प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन हेतु आवश्यक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसी तरह अन्य क्षेत्रों की पहचान कर उनका भी विकास किया जाना चाहिए। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य में बाघों की संख्या के साथ-साथ अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन में भी वृद्धि हुई है तथा उनके रहवासों में सुधार के प्रयास जारी हैं। आगे इसके और बेहतर परिणाम जनता के सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आज पारित प्रस्ताव जनहित के महत्वपूर्ण कार्य हैं, जो शांति का वातावरण स्थापित करने में सहायक होंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वन्यजीवों एवं जैव विविधता को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे।

बोर्ड के सदस्य सचिव श्री अरुण कुमार पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा विभागीय उपलब्धियों और एजेण्डा पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। सदस्य सचिव ने बताया कि राज्य में सर्वाधिक बाघ अचानकमार टाइगर रिज़र्व में हैं। राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक में पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व और गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व में मध्यप्रदेश से बाघ एवं बाघिन के ट्रांसलोकेशन की अनुमति मिल चुकी है। शीघ्र ही ट्रांसलोकेशन की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।

उन्होंने बताया कि राजकीय पशु वनभैंसा की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। असम से लाए गए वनभैंसों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसी प्रकार राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण हेतु भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। “मैना मित्र” नामक समूह का गठन किया गया है, जो मैना के संरक्षण और उनके रहवास की निगरानी करता है। टाइगर रिज़र्व और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अन्य सुविधाएं विस्तारित की जा रही हैं, जिससे समीपवर्ती ग्रामवासियों को रोजगार मिलेगा और वन्यजीव संरक्षण में भी सहयोग प्राप्त होगा।

बैठक में वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन हेतु गश्ती मार्ग निर्माण तथा संरक्षित क्षेत्र के युक्तियुक्तकरण के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व, गरियाबंद अंतर्गत धवलपुर से कुकरार तक सड़क निर्माण कार्य; मिशन अमृत योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार कार्य; तथा कवर्धा वनमंडल में इंटरनेट सुविधा के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति प्रदान की गई। इससे वन क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी, ग्रामीणों के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार होगा और क्षेत्रीय अमलों के लिए सूचना संप्रेषण मजबूत होगा।

बैठक में राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड के सदस्यों ने वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में विधायक श्री धर्मजीत सिंह, विधायक श्री चैतराम अटामी, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद तथा अन्य माननीय सदस्य और गैर-शासकीय संस्थाओं के प्रख्यात वन्यजीव विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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बस्तर में 11 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री साय करेंगे छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ

रायपुर, 09 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 11 सितंबर को बस्तर में आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। यह आयोजन क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देने के साथ-साथ अवसरों के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके।

इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री सी.पी. राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर  दी बधाई

रायपुर, 09 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री सी.पी. राधाकृष्णन को भारत का उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक प्रभावशाली नेता और कुशल प्रशासक के रूप में श्री राधाकृष्णन जी ने समाज की जड़ों से उठकर राष्ट्र के उच्च संवैधानिक पद तक पहुँचने का गौरव अर्जित किया है। उनका यह सफर लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त मिसाल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री राधाकृष्णन जी का दूरदर्शी नेतृत्व और गहरा प्रशासनिक अनुभव न्याय, समानता और विकास के मूल्यों को नई ऊँचाइयों पर स्थापित करेगा। वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के उत्थान के प्रति उनकी निष्ठा सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय प्रगति को और सुदृढ़ बनाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता श्री राधाकृष्णन जी के विश्वास, कड़ी मेहनत और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है, जो पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से श्री राधाकृष्णन जी को पुनः शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

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राज्य नीति आयोग ने जारी की जिला प्रगति रिपोर्ट 2024 : सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि: मुख्यमंत्री श्री साय.....

रायपुर, 09 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा तैयार “सतत विकास लक्ष्य (SDG) राज्य एवं जिला प्रगति रिपोर्ट 2024” का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य उपस्थित थे।

यह रिपोर्ट वर्ष 2023-24 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति का मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2023 में राज्य का कंपोजिट स्कोर 69 था, जो 2024 में बढ़कर 70 हो गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की सतत विकास की दिशा में सकारात्मक प्रगति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह रिपोर्ट इस तथ्य का प्रमाण है कि राज्य और जिले स्तर पर किए जा रहे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, ऊर्जा और लॉजिस्टिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष बल देकर सतत विकास लक्ष्यों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी।

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट न केवल नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिला स्तर पर हो रहे कार्यों की स्पष्ट तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट आगामी वर्षों में नीतिगत निर्णयों और योजनाओं के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष एवं मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि जिला स्तर पर एसडीजी प्रदर्शन का यह आकलन, नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है। आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक जिले को उसकी ताकत और चुनौतियों के अनुरूप आवश्यक समर्थन और दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के बीच एक आदर्श रूप में स्थापित होगा।

गौरतलब है कि रिपोर्ट के अनुसार 82 संकेतकों के आधार पर प्रत्येक जिले का स्कोर और रैंकिंग तय की गई है। जिलों को चार श्रेणियों—एस्पिरेटर, परफॉर्मर, फ्रंट रनर और अचीवर में वर्गीकृत किया गया है। वर्ष 2024 में राज्य के 28 जिले फ्रंट रनर श्रेणी में शामिल हुए, वहीं 5 जिले परफॉर्मर श्रेणी में आए। धमतरी जिले ने पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी अचीवर श्रेणी में अपना स्थान बनाए रखा। 12 जिलों ने अपने स्कोर में वृद्धि दर्ज की, जबकि 10 जिलों ने अपना स्कोर बरकरार रखा।

राज्य स्तर पर 16 सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत 275 संकेतकों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 40 संकेतकों ने वर्ष 2024 तक ही अपने निर्धारित 2030 लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि राज्य की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करने वाली है। अनुमान व्यक्त किया गया है कि आगामी दो से तीन वर्षों में 83 संकेतकों के लक्ष्य भी हासिल कर लिए जाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, श्री मुकेश बंसल, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री आशीष भट्ट तथा सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम उपस्थित थे।

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जीएसटी में बदलाव से राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति, कारोबारियों और आमजन को मिलेगा लाभ – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर, 09 सितम्बर 2025/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में राज्य के विभिन्न व्यावसायिक संघों के प्रतिनिधियों ने भेंट कर जीएसटी में किए गए सुधारों के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीएसटी ने न केवल व्यापार जगत को सशक्त किया है, बल्कि पारदर्शिता और कर संग्रहण में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था भारत को वैश्विक व्यापार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की कर व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा सुधार माने जाने वाला वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राज्य और देश के व्यापार जगत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। जीएसटी में किए गए हालिया सुधारों से राज्य के उद्योगों और व्यापारियों के साथ-साथ आमजन को भी महत्वपूर्ण राहत मिली है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। यह सुधार भविष्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित राज्य के विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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अब कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं : प्रदेश में 10,538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण पूर्ण – 16,165 शिक्षक एवं प्राचार्य हुए समायोजित

रायपुर, 9 सितंबर 2025/
छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देशों के प्रावधानों के तहत राज्य में व्यापक युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की गई है। इस बड़े कदम के फलस्वरूप 16,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया है। अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं है।

उल्लेखनीय है कि पहले जहां 5,936 विद्यालय एकल-शिक्षकीय थे, वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद केवल 1,207 प्राथमिक शालाएँ शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण एकल-शिक्षकीय रह गई हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विषयवार किया गया है। यदि किसी संस्था में किसी एक विषय का शिक्षक अतिशेष पाया गया, किन्तु उसी संस्था में सेटअप के आधार पर किसी अन्य विषय का पद रिक्त था, तो ऐसे अतिशेष शिक्षक का युक्तियुक्तकरण करते हुए आवश्यकता के आधार पर रिक्त विषय के पद पर उस विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई है।

युक्तियुक्तकरण निर्देशों के अंतर्गत, शालाओं में पदस्थापना तिथि के आधार पर अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है। इस दौरान विषय, विकलांगता तथा परिवीक्षा अवधि जैसे कारकों का भी विशेष ध्यान रखा गया।

इसके अलावा, अतिशेष शिक्षकों की गणना उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज मूल विषय के आधार पर की गई है। 

जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के पश्चात कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उनके वेतन आहरण की कार्यवाही पूर्व पदस्थ संस्था से प्राप्त अंतिम वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर की जा रही है।

इसी तरह, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन (जिनमें न्यायालयीन प्रकरण भी सम्मिलित हैं) पर शासन गंभीरता से परीक्षण कर रहा है। इन प्रकरणों की जांच संभागीय आयुक्त की समिति, संचालनालय स्तरीय समिति एवं शासन स्तरीय समिति में की जा रही है और शीघ्र ही इनका निराकरण कर लिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय 


रायपुर - 09 सितम्बर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय 

1) मंत्रिपरिषद ने सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 09 जून 2025 को बम विस्फोट की घटना में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपूंजे की शहादत और अदम्य वीरता को सम्मानित करते हुए उनकी पत्नी श्रीमती स्नेहा गिरेपूंजे को विशेष प्रकरण मानते हुए राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

2) मंत्रिपरिषद की बैठक में पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत की निर्भरता को कम करने तथा गैर पारंपरिक स्त्रोत आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की सौर ऊर्जा नीति में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

 नीति की अवधि - नई व्यवस्था के अनुसार यह संशोधित नीति अब 2030 तक लागू रहेगी, या फिर जब तक राज्य सरकार नई सौर ऊर्जा नीति जारी नहीं करती।
 उद्योगों को मिलने वाले लाभ - सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब राज्य की औद्योगिक नीति के तहत प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा। 
 इसके तहत निवेशकों को कई तरह की रियायतें और प्रोत्साहन मिलेंगे, जैसे ब्याज अनुदान, पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों को), जीएसटी प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को), बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर अनुदान, भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट, भूमि बैंक से जमीन लेने पर शुल्क में रियायत मिलेगी, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग समुदाय के उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में छूट, दिव्यांगों को रोजगार देने पर अनुदान, मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है। 

3) मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सुश्री रीता शांडिल्य, जो वर्तमान में लोक सेवा आयोग की सदस्य एवं कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, को लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है।

4) मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि के तहत सेवानिवृत्त हो चुके मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली सम्मान राशि 10 हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार रूपए प्रतिमाह करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसकी घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी। 

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बगीचा के जूरूडांड हादसे पर कांग्रेस की राजनीति शर्मनाक, भाजपा का पलटवार– झूठ और शव की राजनीति से बाज आए विपक्ष.....


जशपुरनगर09 सितम्बर 2025 :  प्रदेश सरकार द्वारा जुरूडांड़ सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को दिये गए मुआवजे की तुलना नौ लखा हार से करना शर्मनाक है। नौलखा हार मांगलिक और खुशियों का प्रतीक है। इस संकट और शोक की घड़ी में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव जरिता लेतफलांग द्वारा इस तरह का बयान कांग्रेस की जनभावना विहिन संस्कृति को प्रदर्शित करती है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जशपुर की विधायक रायमुनि भगत ने उक्त बातें कही। वे जिला भाजपा कार्यालय राधाकांत भवन में आयोजित भाजपा के पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थी। रायमुनि भगत ने कहा कि जुरूडांड़ में हुई भीषण सड़क दुर्घटना की सूचना पर वे रात को ही मौके पर पहुंच गई थी। उनके साथ पुलिस,जिला प्रशासन और भाजपा के कार्यकर्ता घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उनके स्वजनों को दिलासा देने में लगे हुए थे। विधायक भगत ने आरोप लगाया कि इस संकट की घड़ी के सबसे अहम बारह घंटे तक कांग्रेसी कही नजर नहीं आए। घटना के दूसरे दिन मृतकों के शव पर राजनीति करने कांग्रेसी पहुंचे। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव लेतफलांग द्वारा दिये गए बयान पर निशाना साधते हुए उन्होनें कहा नियम के अनुसार घटना में पीड़ितों को तात्कालिक सहायता के रूप में 25000 रूपये दिया जाता है। लेकिन कांग्रेसियों को यह भी किश्त की राशि है। इससे पता चलता है कि कांग्रेसी किस मानसिकता के लोग हैं। उन्होनें जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन का मोल धन दौलत से नहीं चुकाया जा सकता। महत्वपूर्ण यह होता है कि पीड़ित परिवार को संकट की घड़ी में किस प्रकार सांत्वना और सहायता दी जा रही है। प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थित पत्थलगांव की विधायक गोमती साय ने कहा कि जिस पत्थलगांव घटना में दिए गए 50 लाख की मुआवजा राशि को लेकर कांग्रेसी शोर मचा रहे हैं,वह तात्कालिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खिरी में छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई को अपने राजनीतिक स्वार्थपूर्ती के लिए लुटाने और गांजा तस्करी को संरक्षण से उपजे जनाक्रोश का परिणाम था। पत्थलगांव के पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा की मांग पत्थलगांव की जनता की थी। जुरूडांड़ मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित पूरी सरकार,जिला प्रशासन और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सेवाभावना से पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम किया। जबकि कांग्रेस मृतकों व घायलों के परिवारों की भावनाओं को आहत करते हुए शव की शर्मनाक राजनीति कर रही है। पत्रकारवार्ता में भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय,जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष साालिक साय,पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, जिला महामंत्री मुकेश शर्मा,  जिला मंत्री संतोष सिंह, जिला मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान, कार्यालय प्रभारी शरद चौरसिया, कृपा शंकर भगत,  शारदा प्रधान, विजय सहाय, सज्जु खान,  भूषण वैष्णव, राजकिशोर जायसवाल उपस्थित थे।
नहीं हुई किसी महिला की गिरफ्तारी -
  पत्रकारवार्ता में भाजपा की दोनो महिला विधायक रायमुनि भगत और गोमती साय ने कांग्रेस के उस आरोप को झूठा बताते हुए खारिज कर दिया,जिसमें उन्होनें महिला डीडीसी आशिका कुजूर को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया था वह स्वेच्छा से पुलिस बस में सवार हुई थी। सूर्यास्त के बाद महिला को थाना नहीं लाने की नियम की जानकारी दिया गया था। यह पूरा पुलिस के रोजनामचा में दर्ज है। इसके बाद भी कांग्रेस झूठ की राजनीति करने में तुली हुई है। 
पीड़ितों को मरहम ना लगाना कांग्रेस की आदत -
  पत्रकारवार्ता में भाजपा ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान भी जशपुर के तात्कालिन विधायक विनय भगत दुर्घटना में पीड़ितों केपास नहीं पहुंचते थे। पत्रकार वार्ता में भाजपा ने जरूडांड़ के ही महेश्वर यादव को मिडिया के सामने लेकर आई। महेश्वर ने बताया कि 10 अक्टूबर 2020 को घर के सामने स्थित बिजली के खंबे में करंट प्रवाहित हो जाने से उनके पिता जोधन राम और मां प्रेमी बाई का निधन हो गया था। वे स्वयं भी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होनें फोन करके तात्कालिन विधायक विनय भगत को इसकी जानकारी दी थी। लेकिन विधायक या उनका कोई प्रतिनिधि जुरूडांड़ नहीं पहुंचा। और ना ही उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया। महेश्वर यादव ने बताया कि सोमवार को जब उन्होनें इस संबंध में पूर्व विधायक विनय भगत से बात की तो उन्होनें चुप्पी साध ली। 
मृतक विपिन के पिता ने लगाएं गंभीर आरोप -
  भाजपा के प्रेस कांफ्रेंस में जुरूडांड़ सड़क दुर्घटना में मृत 17 वर्षीय नवयुवक विपिन प्रजापति के पिता देव नारायण भी उपस्थित थे। उन्होनें मिडिया को दिये गए बयान में आरोप लगाया कि घटना के दूसरे दिन पोस्टमार्टम के बाद वे अपने मृतक बेटे का अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम पहुंच गए थे। विपिन के पार्थिव शरीर को चिता में रखा जा चुका था तो कुछ कांग्रेसी मुक्तिधाम पहुंचे और 50 लाख मुआवजा दिलाने की बात कहते हुए अंतिम संस्कार रोकने को कहा लेकिन उन्होनें कांग्रेसियों के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। देवनारायण ने कहा कि जब बेटा से बढ़ कर रूपया नहीं है।

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माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा ऋण वसूली के दौरान सवः सहायता समूह को अनावश्यक रूप से परेशान करने पर होगी शख्त कार्रवाई : कलेक्टर

 जशपुरनगर, 09 सितंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जनपद पंचायत और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के आधिकारियों की बैठक लेकर उनके कार्यक्षेत्र में संचालित विकासकार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने सभी विकासकार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में  पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार भी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि यदि माइक्रोफाइनेंस कंपनियां ऋण वसूली के दौरान स्व-सहायता समूहों को अनावश्यक रूप से परेशान करती हैं तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    बैठक के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने स्वच्छता कार्यों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान से संबंधित सभी गतिविधियों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, सेग्रीगेशन शेड की प्रगति, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, तरल आअपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता श्रमदान की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जिन ग्रामों में डोर टू डोर कचरा संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रहा है, वहां पर जल्द सुधार लाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने ग्रामों में एक पलायन पंजी बनाने के निर्देश ताकि, गावों से बाहर अन्य राज्यों में जाकर काम करने वालों की वास्तविक जानकारी उपलब्ध रहे। कलेक्टर ने किसी भी प्रकार की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उस पर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। 
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को लोन रिकवरी रेट को संतुलित रखते हुए अधिक से अधिक पात्र ग्रामीणों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। उन्होंने ग्रामीण लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के  निर्देश दिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, जनपद पंचायतों के सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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