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नन्हे सितारों की प्रतिभा को मिला जिला स्तरीय मंच, कहानी, कविता, स्पेलिंग बी और स्पोकन इंग्लिश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 33 विजेता विद्यार्थी हुए सम्मानित

जशपुरनगर, 30 सितंबर 2026। जिला प्रशासन और ओपन लिक्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों में भाषा कौशल विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित नन्हे सितारे कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय प्रतियोगिता के 33 विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। नवीन सामुदायिक भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह में विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया। नन्हे सितारे कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक कविता प्रस्तुति, कहानी वाचन, स्पोकन इंग्लिश और स्पेलिंग बी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।       विकासखंडों में आयोजित प्रतियोगताओं में 1036 स्कूलों के 5587 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कहानी वाचन, कविता वाचन, स्पेलिंग बी और स्पोकन इंग्लिश चार विधाओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। 
     कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करने में अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को निखारने के लिए शैक्षणिक गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्पेलिंग, कहानी और कविता जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों के भाषा कौशल, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति को मजबूत करने में प्रभावी भूमिका निभाती हैं। प्रारंभिक स्तर पर बच्चों में फंडामेंटल न्यूमेरेसी, लर्निंग और रीडिंग स्किल्स विकसित करना बेहद जरूरी है। यही बुनियादी कौशल आगे चलकर बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। 
      उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी भवन की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है, उसी प्रकार बच्चों की शैक्षणिक सफलता भी मजबूत बुनियादी कौशल पर निर्भर करती है। नन्हे सितारे कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, उसे मंच देने और आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नियमित पढ़ाई और पाठ्यक्रम के साथ अपनी रुचि लेकर बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के लिए तैयार करना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों के साथ अभिभावकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
       जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि घर बच्चे की पहली पाठशाला और माता-पिता उसके प्रथम शिक्षक होते हैं। इसलिए बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, उसे निखारने और सही दिशा देने में अभिभावकों की जागरूकता आवश्यक है। शिक्षकों और अभिभावकों के समन्वित प्रयासों से बच्चों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र सिन्हा, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद गुप्ता, ओपन लिंक फाउंडेशन के हेमंत साहू और शिक्षक, विद्यार्थियों के अभिभावक सहित अन्य उपस्थित रहे।

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युवाओं को रोजगार, नागरिकों को घर बैठे सुगम डिजिटल सेवाएं और नई पीढ़ी को आधुनिक कौशल से जोड़ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बढ़ाया कदम, नवा रायपुर में नियुक्ति, डिजिटल गवर्नेंस और नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की तीन बड़ी पहल

रायपुर, 30 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

*नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है।

*डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड श्री जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।

*16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन*

वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।

प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 शासकीय सेवाओं की पहुंच सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों तक भी विस्तारित होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपने नजदीक ही अधिक सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

*एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं के एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से बचाना, सेवाओं की डिलीवरी को समयबद्ध बनाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं और शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। शासन का प्रयास है कि नागरिक को अपनी समस्या लेकर व्यवस्था के पीछे न जाना पड़े, बल्कि व्यवस्था स्वयं उसके समाधान के लिए जवाबदेह बने।

*नवा रायपुर में लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट*

कार्यक्रम में नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र भी सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। यहां प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

संस्थान में लगभग 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो और वे रोजगार के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का भी लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बदलती तकनीक के इस दौर में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना भी आवश्यक है। यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

*राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा और कौशल संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा नवा रायपुर : श्री ओ.पी. चौधरी*

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त युवा अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें नवा रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे आधुनिक शहर के निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की बुनियाद होती है और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्री चौधरी ने कहा कि सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं का आकर्षण स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान समय में रोजगार और करियर की संभावनाएं केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। निजी क्षेत्र, उद्यमिता, तकनीक और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी व्यापक अवसर पैदा हो रहे हैं। राज्य सरकार सरकारी भर्तियों के साथ युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करती है। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं का आह्वान किया कि जिस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सेवा का अवसर मिला है, उसी भावना के साथ वे अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

*नागरिकों को केंद्रों पर स्पष्ट रूप से मिलेगी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी*

सचिव श्री अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सेवा केंद्रों पर नागरिकों से जुड़ी प्रमुख सेवाओं की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही केंद्र सरकार से संबंधित आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा तथा निजी बैंकों से जुड़ी सेवाएं भी नागरिकों को उपलब्ध होंगी। 

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा नवनियुक्त अभियंता उपस्थित थे।

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साइबर ठगी से सतर्कता, स्वच्छता का संदेश और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प—सेवा संकल्प अभियान के तहत बासनताला स्कूल में पुलिस टीम और विद्यार्थियों ने मिलकर चलाया जागरूकता एवं पौधारोपण अभियान

नारायणपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 30 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय बासनताला में साइबर अपराध से बचाव, साइबर सुरक्षा, स्वच्छता और पौधारोपण सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद रईसुल हसन खान के नेतृत्व में हुआ।

साइबर जागरूकता एवं स्वच्छता की जानकारी देने के लिए नारायणपुर थाना से प्रधान आरक्षक रंजीत खलखो के नेतृत्व में पुलिस टीम विद्यालय पहुंची। टीम में प्रधान आरक्षक पूरनचंद पटेल, अनान्यूस टोप्पो, आरक्षक संजू कुजूर, सैनिक ओम प्रकाश यादव एवं वीरेंद्र भगत शामिल रहे। विद्यालय परिवार ने पुलिस टीम का बैच लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

प्रधान आरक्षक रंजीत खलखो ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों और उससे बचने के उपायों की जानकारी दी। साथ ही स्वच्छता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचाव और स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम को केवल जागरूकता तक सीमित न रखते हुए पुलिस टीम ने विद्यालय परिवार के साथ मिलकर परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया। इसके अलावा प्राचार्य एवं राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी मोहम्मद रईसुल हसन खान के मार्गदर्शन में शिक्षकों और एनएसएस स्वयंसेवकों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में व्याख्याता बलारमी तिर्की, अरुणा कुजूर, मायाराम कुजूर, संदीप मिंज, राकेश सिंह, अनुरंजन टोप्पो, पंकज टोप्पो, अशोक यादव, विनीता मिंज, ममता टोप्पो, ग्लोरिया बरवा, किशोर बेक, रेशमा मिंज, रीना मांझी सहित विद्यालय के सभी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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सेवा संकल्प के तहत मनोरा विकासखंड में दिखा सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संगम, स्कूलों में वृहत वृक्षारोपण के साथ स्वच्छता अभियान और न्यौता भोज का हुआ आयोजन


​मनोरा:
विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल एवं विकास खंड स्रोत केंद्र समन्वयक आशुतोष शर्मा के मार्गदर्शन में 'सेवा संकल्प' कार्यक्रम के अंतर्गत मनोरा विकासखंड में वृहत वृक्षारोपण एवं विभिन्न गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान वन विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने शिक्षा विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पौधारोपण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।
​पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए विकासखंड के कतिपय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में करियर काउंसलिंग सत्र का भी आयोजन किया गया। डॉक्टर वेद भगत के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस काउंसलिंग में विद्यार्थियों को भविष्य की दिशा और करियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी गई। शासकीय उत्तर माध्यमिक शाला खरसोता में पुलिस विभाग के द्वारा छात्रों को यातायात के नियमों को बता कर विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहयोग प्रदान किये
​इसके अतिरिक्त, विकासखंड के माध्यमिक शाला डूमरटोली, रांझाड़ीपा, अंधरझर, करदाना, गिधा, पटिया, आस्ता, ढेंगनी, भीमशिला, खरसोता, आमगांव, कंडोरा, तिगरा तथा प्राथमिक शाला रजला, इराई, बेलटोली, मुटू, भभरी, आमगांव, बुमतेल, जरिया, करंटोली, बहेरना और सिकटाटोली में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन सभी विद्यालयों में शाला प्रबंध समिति (SMC) के सदस्यों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों के संयुक्त सहयोग से वृहत वृक्षारोपण एवं शाला स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
​सेवा एवं शिक्षा संकल्प कार्यक्रम के इस अवसर को और भी खास बनाते हुए कई विद्यालयों में 'न्यौता भोज' का भी आयोजन किया गया। ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षा समिति के सदस्यों तथा शिक्षकों के सौजन्य से आयोजित इस न्यौता भोज में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभोज का आनंद लिया।

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बरगांव स्कूल में ई-कचरा प्रबंधन को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक, मोबाइल, कंप्यूटर, चार्जर और लिथियम बैटरियों के सुरक्षित निपटारे की दी जानकारी


जशपुर 
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगांव में आज इको क्लब के तत्वावधान में ई-कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य श्री जे. आर. मांझी ने की।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ई-कचरे के उचित प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया गया कि मोबाइल, कंप्यूटर, चार्जर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा लिथियम बैटरियों को सामान्य कचरे के साथ फेंकना या जमीन में दबाना पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकता है। ई-कचरे में मौजूद विभिन्न रसायन एवं धातुएँ मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर सकती हैं। वहीं लिथियम बैटरियों को क्षतिग्रस्त अथवा अनुचित तरीके से रखने पर आग लगने का खतरा भी बना रहता है।

विद्यार्थियों को ई-कचरे को अलग-अलग एकत्र करने, उसे जलाने अथवा जमीन में दबाने से बचने तथा अधिकृत ई-वेस्ट संग्रह एवं पुनर्चक्रण केंद्रों तक पहुँचाने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर व्याख्याता श्रीमती ज्योति तिर्की, ने अत्यंत सहज और रोचक तरीके से गीला सूखा अन्य वेस्ट और मेडिकल वेस्ट कचरों के प्रबंधन के संबंध मे जानकारी प्रदान की।श्रीमती जया सिंह ने ई कचरा कर प्रबंधन वर्तमान स्वास्थ्य पर ई कचरों के समुचित प्रबंधन के अभाव मे हो रही बीमारी के साथ सजगता से कचरों के प्रबंधन के संबंध मे जानकारी प्रदान की गयी। कार्यक्रम मे प्राचार्य श्री मांझी द्वारा उदबोधन मे छात्र समाज और देश के भविष्य हैँ इस नाते सबसे ज्यादा जानकारी आवश्यक छात्रों को है।ज़ब हम कचरों के लिए स्वयं जिम्मेदार है तो स्वाभाविक तौर पर उसी जिम्मेदारी से हमें कचरों को प्रबंधन की। आवश्यकता है। कार्यक्रम मे  ग्रामीण के नागरिक प्रभुदान कुजूर सहित व्याख्याता श्रीमती रम्भा सिंह एवं श्रीमती सुमन करकेट्टा ने विद्यार्थियों को ई-कचरा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

इको क्लब कार्यक्रम के प्रभारी मिथलेश कुमार पाठक ने कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को “ई-कचरा अलग करें, पर्यावरण सुरक्षित करें” का संदेश देते हुए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

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राजनीतिक प्रकरणों की वापसी को लेकर मंत्रालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में 16 मामलों की समीक्षा, 9 प्रकरणों पर बनी सहमति

रायपुर, 30 सितंबर 2026/ उप मुख्यमंत्री एवं गृह तथा जेल मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी के संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रकरण वापसी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम सहित प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव विधि श्री मनीष ठाकुर, गृह सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, डीजीपी श्री अरूण देव गौतम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

      बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों की वापसी से संबंधित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें 8 लंबित प्रकरण शामिल थे, सभी मामलों में से 9 प्रकरणों की अनुशंसा की गई, 02 प्रकरणों को पुनर्विचार के लिए जिलों में भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त शेष मामलों को राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा हुआ ना पाते हुए उनको समिति ने विचार कर उन्हें समिति ने अस्वीकृत कर दिया। 

      समिति ने अधिकारियों से पूर्व में अनुसंशित लंबित प्रकरणों, उनकी वर्तमान स्थिति तथा नियमानुसार आगे की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली गई एवं इसकी नियमित समीक्षा करते हुए न्यायालय में लंबित प्रकरणों को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राजनीतिक प्रकरणों की वापसी से जुड़े मामलों की प्रकरणवार समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार आगे बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की।

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कैबिनेट के बड़े फैसले: अतिथि व्याख्याताओं की नीति में संशोधन, पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्तियों में 10% आरक्षण का रास्ता साफ

*दिनांक : 30 सितंबर 2026*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू *अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024* में प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत जारी *संशोधित नीति-2026* का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूर्व नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में किए गए अध्यापन अनुभव का यह लाभ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था।

मंत्रिपरिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाए तथा मानदेय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाए। अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि एवं आकस्मिक अवकाश संबंधी प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है। 

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा 10 सितम्बर, 2026 को फिल्म *‘हनुमान अंश’* को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के परिपालन में, फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।

3. मंत्रिपरिषद द्वारा पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, जिसका मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। 

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श्री टोला में ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी, दुर्गा पूजा स्थल पर हाई मास्ट लाइट और विधायक निधि से 3 लाख का रंगमंच तैयार

जशपुरनगर, 30 सितंबर 2026/ कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुंजारा के आश्रित ग्राम श्री टोला में ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है। दुर्गा पूजा स्थल पर हाई मास्ट लाइट स्थापित किए जाने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विधायक निधि से 3 लाख रुपए की लागत से रंगमंच का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनआवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार होने से गांव में धार्मिक, सामाजिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हुई है।

*धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में मिलेगी सुविधा*

श्री टोला के दुर्गा पूजा स्थल पर हाई मास्ट लाइट की सुविधा उपलब्ध होने से अब रात्रिकालीन धार्मिक, सामाजिक एवं सामुदायिक आयोजनों के दौरान पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रहेगी। इससे ग्रामीणों को विशेष रूप से दुर्गा पूजा सहित अन्य अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित करने में सुविधा होगी। वहीं, विधायक निधि से निर्मित रंगमंच से पूजा-पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर मंच उपलब्ध हो गया है। इससे ग्रामीणों को कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं होगी।

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खेल मैदान में बेटियों का स्वर्णिम जलवा, एशियन गेम्स में शानदार उपलब्धियों पर मुख्यमंत्री साय बोले—भारतीय महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के लिए गौरव

रायपुर, 29 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स-2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और स्वर्णिम उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में एशियन रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली नीरू ढांडा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। नीरू ढांडा ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर भारत का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स की 4×400 मीटर महिला रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य किरण पहल, पूवम्मा मचेत्तिरा, प्राची और विथ्या रामराज को भी हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय बेटियों ने अपने बेहतरीन तालमेल, गति और खेल कौशल से स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत की बेटियों का यह स्वर्णिम प्रदर्शन उनके असीम सामर्थ्य और आत्मविश्वास का परिचायक है। भारतीय महिला खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर देश को निरंतर गौरवान्वित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में बड़े सपने देखने और उन्हें अपनी मेहनत एवं लगन से साकार करने की प्रेरणा देंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत का गौरव बढ़ाती रहेंगी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का हो रहा निर्माण, सेवा संकल्प यात्रा युवाओं को सेवा, राष्ट्रभाव और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का बना माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 30 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘सेवा संकल्प यात्रा एवं युवा संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गुजरात के वडनगर से लंबी यात्रा तय कर रायपुर पहुंचे बाइक राइडर्स तथा बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे बाइक राइडर्स का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित नए भारत का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर सेवा भाव से राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने दुनिया में अपनी एक नई पहचान बनाई है और आज पूरा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा देश की युवा शक्ति को सेवा, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। गुजरात के वडनगर से प्रारंभ हुई यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि से उनकी कर्मभूमि वाराणसी तक सेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा के दौरान युवा स्वच्छता, नशामुक्ति, टीबी मुक्त भारत और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाज को जागरूक कर रहे हैं। यह यात्रा युवाओं में राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध और सेवा की भावना को और मजबूत कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डेढ़ करोड़ से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। प्रदेशवासियों ने जिस उत्साह और आत्मीयता के साथ इसमें सहभागिता की, वह प्रधानमंत्री के प्रति जनता के स्नेह और विश्वास को अभिव्यक्त करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ से गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने प्रदेश में लंबा समय बिताया है और यहां के जनजीवन को निकटता से देखा और समझा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली, अनुशासन, दूरदृष्टि और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को करीब से देखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इसी लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर भविष्य की आवश्यकताओं और संभावनाओं के अनुरूप कार्ययोजना बनाई है। शासन की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी हिंसा और भय से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है। दूरस्थ अंचलों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। बदलते बस्तर में आज नई पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रही है।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित युवा संवाद में बस्तर से आकर रायपुर के विद्यालयों में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों गोविंद कुमार, दृष्टि ध्रुव, दीपक मरकाम और दीना उइके ने अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बस्तर में आए बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्कूल, अस्पताल और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है तथा भय का वातावरण समाप्त होने से बच्चों और युवाओं में भविष्य को लेकर नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है।

विद्यार्थियों ने कहा कि बस्तर की नई पीढ़ी अब भारतीय सेना और सिविल सेवाओं में शामिल होने के साथ डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़कर देश एवं प्रदेश की सेवा करने के सपने देख रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर के बच्चों की आंखों में दिखाई दे रहे ये सपने बदलते छत्तीसगढ़ की सबसे सुखद तस्वीर हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए राज्यसभा सांसद श्री राजीव शुक्ला ने सेवा संकल्प यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के अंतर्गत 1200 युवा लगभग 2000 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान युवाओं द्वारा स्वच्छता, टीबी मुक्त भारत, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर जनजागरूकता का संदेश दिया जा रहा है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा एवं श्री वी.डी. शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री किरण सिंहदेव एवं श्री अनुज शर्मा, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण, श्री राहुल टिकरिहा, श्री नवीन मार्कण्डेय सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सेवा संकल्प यात्रा के बाइक राइडर्स तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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सड़क हादसों में जनहानि रोकने मिशन मोड में काम करेगी सरकार, मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य के लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी को मिलकर कार्ययोजना बनाने दिए निर्देश

रायपुर, 30 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिशन मोड में समन्वित रूप से कार्य करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार—दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उन्होंने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को विस्तृत और परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से जुड़ा विषय है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित सड़क संरचना, यातायात नियमों का प्रभावी पालन, वाहनों की तकनीकी फिटनेस, प्रशिक्षित चालक और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

*ब्लैक स्पॉट पर तेजी से हों सुधारात्मक कार्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक जितनी जल्दी सहायता और चिकित्सा सुविधा पहुंचेगी, जीवन बचाने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने दुर्घटना की सूचना, एम्बुलेंस की उपलब्धता, नजदीकी अस्पताल तक पहुंच और उपचार की पूरी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं नागरिक, योजनाओं का हो व्यापक प्रचार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों तक यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए कि सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं।

बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने में बड़ी मदद मिल सकती है।

*दूरस्थ गांवों तक पहुंचे सार्वजनिक परिवहन, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की समीक्षा करते हुए इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जहां अभी नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार है। दूरस्थ गांव को बस सेवा से जोड़ने का अर्थ वहां के लोगों के लिए अनेक नए अवसरों के द्वार खोलना है। शासन का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी सुगम, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा पहुंचे।

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित क्षेत्रों का सर्वे कर नए मार्गों की संभावनाओं का परीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए।

*कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा से दुर्गम क्षेत्र में आसान हुआ सफर*

बैठक में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के सकारात्मक प्रभावों की भी जानकारी दी गई। कोंटा से जगरगुंडा के बीच पहली बार प्रारंभ हुई बस सेवा से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है।

बताया गया कि अंदरूनी और सुदूर क्षेत्रों से इस यात्रा में पहले लगभग छह घंटे तक का समय लग जाता था। बस सेवा प्रारंभ होने के बाद यही सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की गति को तेज करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिन क्षेत्रों में वर्षों तक सार्वजनिक परिवहन सीमित रहा है, वहां नियमित बस सेवा आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

*पर्यटन मिशन से जुड़े परिवहन विभाग, पर्यटन स्थलों तक बढ़े कनेक्टिविटी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने में परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पर्यटन मिशन के साथ परिवहन विभाग की भूमिका को प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। पर्यटकों के लिए सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ेगी। इसका लाभ स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों को भी मिलेगा।

*वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को बनाएं और प्रभावी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की वर्तमान व्यवस्था और नए केंद्रों की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों की तकनीकी स्थिति का निष्पक्ष और प्रभावी परीक्षण सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। तकनीक आधारित व्यवस्था से फिटनेस जांच में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के नियमानुसार नवीनीकरण और फिटनेस संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*एचएसआरपी अभियान में तेजी और लंबित चालानों की रिकवरी के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के अभियान को सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के साथ वाहन मालिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने लंबित चालानों की रिकवरी में तेजी लाने और अत्याधुनिक चालान प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।

*कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट से बढ़ेगी पारदर्शिता, योग्य चालकों को ही मिले लाइसेंस*

बैठक में ड्राइविंग टेस्ट के लिए विकसित की जा रही ई-ट्रैक व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अंतर्गत सीसीटीवी कैमरों और सेंसर आधारित प्रणाली के माध्यम से कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि आवश्यक प्रशिक्षण और दक्षता रखने वाले व्यक्ति ही वाहन चलाएं। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

*इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को मिले प्रोत्साहन*

बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा नई तकनीक आधारित परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि परिवहन विभाग की प्रत्येक व्यवस्था के केंद्र में आम नागरिक की सुरक्षा और सुविधा होनी चाहिए। ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार, सुरक्षित एवं फिट वाहन, प्रशिक्षित चालक, आधुनिक तकनीक का उपयोग, बेहतर सड़क सुरक्षा प्रबंधन और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार - इन सभी मोर्चों पर एक साथ प्रभावी ढंग से काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था ऐसी हो जो प्रदेश के लोगों का सफर आसान बनाने के साथ सुरक्षित भी बनाए। विभागीय समन्वय, आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन तंत्र को निरंतर मजबूत किया जाए।

बैठक में परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान देने छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध, उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले- मेहनत, अनुशासन और एकाग्रता से खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करें

रायपुर. 30 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजनांदगांव के पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद किया। वे जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा के अभिनंदन और स्वागत कार्यक्रम में भी शामिल हुए। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खिलाड़ियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन, एकाग्रता और समर्पण के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की पहचान खेल नगरी के रूप में है और यहां की खेल प्रतिभाओं ने प्रदेश एवं देश का नाम गौरवान्वित किया है। एक खिलाड़ी की सबसे बड़ी विशेषता एकाग्रता होती है। खिलाड़ी को अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह केंद्रित और अनुशासित रहना चाहिए। 

उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा को निखारें और आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। कबड्डी में संजू देवी ने एशियन गेम्स-2026 में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने बताया कि संजू देवी बिलासपुर की बहतराई कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने जूनियर महिला हॉकी एशिया कप विजेता टीम की सदस्य छत्तीसगढ़ की बेटियों गीता यादव और मधु सिदार तथा कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।

*छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रही सरकार द्वारा प्रायोजित हॉकी लीग*

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित हॉकी लीग का आयोजन किया जा रहा है। यह लीग 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक आयोजित होगी। लीग के लिए लगभग 400 खिलाडिय़ों ने पंजीयन कराया है, जिनमें से 223 खिलाडिय़ों ने पहले दिन के ट्रायल में हिस्सा लिया है। चयन प्रक्रिया के बाद छह टीमें गठित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव की टीम का नाम यहां की पहचान संस्कारधानी के नाम पर रखा गया है। इसी प्रकार विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक एवं स्थानीय पहचान को टीमों के नाम से जोड़ा गया है। हॉकी लीग में छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति एवं पहचान को भी विशेष महत्व दिया गया है। 

*खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने योजनाबद्ध प्रयास*

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलो इंडिया सहित विभिन्न माध्यमों से खेल और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य में आर्थिक विकास के साथ खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत को खेलों के क्षेत्र में भी विश्व के अग्रणी देशों में शामिल करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। 

कार्यक्रम में वड़नगर-वाराणसी सेवा संकल्प अभियान यात्रा के तहत राजनांदगांव पहुंचे बाइकर्स का जोरदार स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि गुजरात के वड़नगर से निकली यह सेवा यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जन्मस्थली से जुड़ी है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढऩे का आह्वान किया।

सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कार्यक्रम में कहा कि वड़नगर से वाराणसी तक की यह यात्रा सेवा, आस्था और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी सेवा यात्रियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यात्रा की भारतीय परंपरा में विशेष महत्ता रही है। सेवा और सद्भावना के उद्देश्य से निकली इस यात्रा से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचता है। 

उन्होंने यात्रियों को मां बम्लेश्वरी सहित छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया तथा उनकी यात्रा की सफलता की कामना की। उन्होंने युवाओं और खिलाडिय़ों से संवाद करते हुए उनसे अपने अनुभव साझा करने तथा सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने भी युवाओं और खिलाड़ियों को संबोधित किया।

सेवा संकल्प यात्रा के प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद श्री राजेश शुक्ला, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सौरभ कोठारी और श्रीमती गीता साहू सहित जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और युवाओं ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भागीदारी की।

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नई दिल्ली के राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन से छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी सौगात, कृषि मंत्री रामविचार नेताम की मौजूदगी में प्रदेश को 182 करोड़ रुपये का आवंटन, दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

रायपुर, 30 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम आज नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में शामिल हुए। 28 और 29 सितंबर को आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के कृषि मंत्रियों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। भारत सरकार के कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं राज्यमंत्री की उपस्थिति में आगामी रबी फसल को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।

 सम्मेलन में कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के विभिन्न घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन करने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक किसानों को कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाना, कृषि की लागत को कम करना और किसानों की आय में वृद्धि के लिए प्रभावी कदम उठाना है।

 उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान भारत सरकार के कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए 182 करोड़ रुपए का आवंटन जारी किया गया और इसका पत्र भी प्रदान किया गया। उन्होंने प्रदेश के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राशि छत्तीसगढ़ में कृषि विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि इस राशि से प्रदेश में चलाए जाने वाले ’विकसित संकल्प अभियान‘ को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही आगामी समय में ‘खेत बचाओ अभियान‘ के माध्यम से किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। दलहन और तिलहन के रकबे को बढ़ाने, कृषि उत्पादन में वृद्धि करने तथा किसानों को बेहतर उपज दिलाने के लिए भी इस सहायता का प्रभावी उपयोग किया जाएगा।

 मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्य की कृषि नीतियों के बेहतर समन्वय से प्रदेश के किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले। कृषि क्षेत्र में नई तकनीक, कम लागत और बेहतर उत्पादन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त यह सहायता छत्तीसगढ़ में कृषि विकास को और गति प्रदान करेगी तथा प्रदेश को कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने में सहयोगी होगी। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

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छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के लिए चयन ट्रायल पूरा, 373 खिलाड़ियों में से 130 प्रतिभाओं ने बनाई शॉर्टलिस्ट में जगह, 8 अक्टूबर को रायपुर में होगा छह फ्रेंचाइजी टीमों के लिए प्लेयर ड्राफ्ट

रायपुर. 30 सितम्बर 2026. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के लिए आयोजित दो दिवसीय चयन ट्रायल आज रायपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में संपन्न हआ। ट्रायल के लिए कुल 373 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 223 खिलाड़ियों ने भाग लिया। दो दिवसीय चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के मूल्यांकन के बाद 130 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने चयन ट्रायल में हिस्सा लिया और लीग के पहले सीजन में जगह बनाने के लिए अपना दमखम दिखाया। चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों के खेल कौशल, प्रदर्शन और निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव लगातार दूसरे दिन ट्रायल स्थल पहुंचे। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों का खेल देखा, उनसे मुलाकात की और उन्हें अपने खेल को और निखारने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और मेहनत के माध्यम से अपने खेल को बेहतर बनाते रहें।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा, "छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए आयोजित चयन ट्रायल का सफल समापन राज्य की हॉकी प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 373 खिलाड़ियों का पंजीकरण और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से खिलाड़ियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि राज्य में हॉकी को लेकर उत्साह और प्रतिभा दोनों मौजूद हैं। 130 खिलाड़ियों का शॉर्टलिस्ट होना इस प्रक्रिया का एक अहम परिणाम है। अब इन खिलाड़ियों को प्लेयर ड्राफ्ट के माध्यम से लीग की छह टीमों का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। हमारी सरकार का उ‌द्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को बेहतर प्रतिस्पर्धी माहौल, आवश्यक अनुभव और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।" उन्होंने सभी शॉर्टलिस्टेड खिलाड़ियों को आगामी ड्राफ्ट और लीग के लिए शुभकामनाएँ दीं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री मनीष श्रीवास्तव और सचिव श्री फिरोज अंसारी भी इस दौरान मौजूद थे।
 
चयन ट्रायल के बाद अब लीग के पहले सीजन के लिए टीम गठन की दिशा में अगला महत्वपूर्ण चरण सीएचएल प्लेयर ड्राफ्ट होगा। 8 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित होने वाले इस ड्राफ्ट में शॉर्टलिस्ट किए गए 130 खिलाड़ी शामिल होंगे। इन खिलाड़ियों में से छह फ्रेंचाइज़ी टीमें अपने-अपने खिलाड़ी दल का चयन करेंगी। इसके बाद लीग के पहले सीजन के लिए टीमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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केलो विहार में महिला से चेन स्नेचिंग : बाइक सवार दो युवकों ने मंगलसूत्र झपटा, CCTV में कैद हुई वारदात,शहर में नाकेबंदी कर तलाश जारी

रायगढ़, 29 सितंबर 2026 । आज शाम  थाना चक्रधरनगर क्षेत्र अंतर्गत केला विहार के शिव मंदिर मार्ग पर मंगलवार शाम करीब 5:20 बजे महिला से चेन स्नेचिंग की घटना हुई। जानकारी के अनुसार छोटे अतरमुड़ा निवासी श्रीमती गीता पटेल अपने परिचित महिला के साथ चन्द्रनगर कॉलोनी से पैदल चक्रधरनगर की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पहुंचे। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने महिला के गले से करीब 10 ग्राम वजनी सोने का मंगलसूत्र झपटा और दोनों आरोपी तहसील कार्यालय रायगढ़ की ओर फरार हो गए।

     घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण, थाना चक्रधरनगर, थाना साइबर स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंचे । शहर में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में मिले संदिग्धों के फोटो विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा कर उनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही मुखबिरों से भी आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस टीम आरोपियों की पतासाजी में जुटी हुई है। आमजन से अपील है कि संदिग्धों के बारे में कोई जानकारी हो तो थाना प्रभारी चक्रधरनगर 9479193210 या पुलिस कंट्रोल रूम रायगढ़ के नंबर 9479193299 में सूचना देंवे ।

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शोर-शराबे से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी, छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक-2026 के प्रारंभिक प्रारूप पर जनता से मांगे गए सुझाव और आपत्तियां

रायपुर, 29 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित विधेयक को लेकर राज्य के आम नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।

      गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक संशोधन करते हुए नए विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है। आम नागरिक प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी राय शासन के समक्ष रख सकें, इसके लिए विधेयक का प्रारूप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।

       विधेयक का प्रारूप पुलिस विभाग की वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस/प्रेस रिलीज सेक्शन में हिंदी एवं अंग्रेजी में अपलोड किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के किसी प्रावधान को लेकर किसी नागरिक, संस्था अथवा संबंधित हितधारक का कोई सुझाव या आपत्ति है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन को भेजा जा सकता है।

*सुझाव देने के लिए 30 दिनों का समय*
        राज्य शासन ने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। इसके माध्यम से प्रस्तावित विधेयक पर आम जनता के साथ ही विषय विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों को भी अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा। सुझाव एवं आपत्तियां 'प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर' के पते पर भेजी जा सकती हैं।

        इस पहल के माध्यम से प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 पर नागरिकों और संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।

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अन्न की रंगोली से लेकर अन्नप्राशन और गोद भराई तक, ‘आंगन मिलन उत्सव’ में दिखा स्वस्थ पीढ़ी के निर्माण का सामूहिक संकल्प


रायपुर 29 सितंबर 2026
 *ओम प्रकाश डहरिया, सहायक जनसंपर्क अधिकारी* 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान की भावना जनभागीदारी और सेवा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच रही है। इस अभियान की सार्थक पहल ‘आंगन मिलन उत्सव’ के रूप में गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की सेवा-भावना से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का उल्लेख आधिकारिक स्तर पर भी किया गया है। 
आंगन मिलन उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव है। गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों में महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का सम्मान, बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली दीदियों, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान इस पहल को सेवा और सम्मान की संवेदना से जोड़ता है।
गांव के वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता इस आयोजन को और अधिक आत्मीय बनाती है। उनके हाथों बच्चों और महिलाओं को सुपोषण एवं स्वस्थ जीवन के लिए उपयोगी टिप्स दिए जाना उस पीढ़ी के अनुभव को नई पीढ़ी के भविष्य से जोड़ने जैसा है।
उत्सव में अन्न के दानों से बनाई गई सुपोषण की रंगोली केवल कला की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि यह संदेश देती है कि हमारे घर और खेतों में उपलब्ध पौष्टिक अन्न ही स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव है। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी सुपोषण का संदेश सहज और प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
इसी क्रम में अन्नप्राशन कार्यक्रम नवजात के जीवन में पोषण की नई शुरुआत का प्रतीक बनता है, तो गोद भराई कार्यक्रम मातृत्व, मातृ स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी की देखभाल के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का भाव जगाता है।
दरअसल, सुपोषण केवल भोजन की पर्याप्तता का विषय नहीं है। यह मां के स्वास्थ्य, बच्चे के पोषण, परिवार की जागरूकता और समाज की सहभागिता से जुड़ा व्यापक संकल्प है। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, स्व-सहायता समूह की दीदियां, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण समुदाय एक साथ मिलकर बच्चों के पोषण की चिंता करते हैं, तब सेवा का भाव धरातल पर दिखाई देता है।
आज के बच्चों के स्वस्थ शरीर में ही कल के विकसित समाज की नींव रखी जाती है। इसलिए कुपोषण के विरुद्ध जागरूकता, मातृ-शिशु स्वास्थ्य की देखभाल और सुपोषण की आदतों को बढ़ावा देना वास्तव में आने वाली पीढ़ी के लिए किया गया सबसे बड़ा निवेश है।
सेवा संकल्प की यही असली तस्वीर है—जहां सम्मान भी है, सहभागिता भी है और आने वाली पीढ़ी के स्वस्थ भविष्य का संकल्प भी।

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पारंपरिक मत्स्याखेट से आधुनिक केज कल्चर तक पहुंची मल्हनिया जलाशय की कहानी, 54 केज से सालाना 10 से 15 लाख रुपये की मछली बिक्री ने बढ़ाई मछुआरों की आमदनी


रायपुर, 29 सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, अधोसंरचना और बेहतर आजीविका के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का प्रभाव अब गांवों तक दिखाई दे रहा है। योजना के अंतर्गत अंतर्देशीय मत्स्यपालन, केज कल्चर और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि मछुआरों और मछली किसानों की आय तथा रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो। 

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड स्थित ग्राम देवरगांव का मल्हनिया जलाशय इसका एक उदाहरण बनकर सामने आया है। यहां प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफटी) के सहयोग से जय बूढ़ा देव मल्हनिया आदिवासी मछुआ सहकारी समिति मर्यादित के सदस्यों ने पारंपरिक मत्स्याखेट के साथ आधुनिक पिंजरा मछली पालन यानी केज कल्चर को अपनाया है। इससे समिति के सदस्यों के लिए मछली उत्पादन, आय और रोजगार का नया आधार तैयार हुआ है।

*54 केज ने बदली आजीविका की तस्वीर*

वर्ष 2002 से संचालित जय बूढ़ा देव मल्हनिया आदिवासी मछुआ सहकारी समिति में वर्तमान में 44 मछुआ आदिवासी सदस्य जुड़े हुए हैं। इनमें 26 सदस्य विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) बैगा समुदाय से हैं। पहले समिति के सदस्य मुख्य रूप से जलाशय में पारंपरिक मत्स्याखेट कर मछली बेचकर अपनी आजीविका चलाते थे।

जलाशय की लीज सहित अन्य खर्चों के बाद समिति की वार्षिक आय लगभग ढाई से तीन लाख रुपये तक सीमित थी। मछुआरों की आजीविका को अधिक स्थायी और आय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मत्स्य पालन विभाग एवं जिला प्रशासन ने आधुनिक पिंजरा मछली पालन को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और डीएमएफटी के संयुक्त सहयोग से मल्हनिया जलाशय में कुल 54 केज स्थापित किए गए हैं।

*केन्द्र की योजना, स्थानीय मेहनत और तकनीक का संगम*

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का एक प्रमुख उद्देश्य मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के साथ मछुआरों एवं मछली किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार के अवसर पैदा करना है। योजना में जलाशयों में केज कल्चर सहित अंतर्देशीय मत्स्यपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। 
मल्हनिया जलाशय में योजना का यही उद्देश्य स्थानीय स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। केज में उन्नत प्रजातियों की मछलियों का पालन किया जा रहा है। पारंपरिक मत्स्याखेट के अनुभव के साथ आधुनिक तकनीक जुड़ने से समिति के सदस्यों को अधिक उत्पादन और बेहतर बाजार अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

*एक साल में 10 से 15 लाख रुपये की मछली बिक्री*

केज कल्चर शुरू होने के बाद समिति की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। समिति द्वारा एक वर्ष में लगभग 10 से 15 लाख रुपये की मछली का विक्रय किया गया है। वर्तमान में केजों में लगभग 10 से 15 टन मछली उपलब्ध है।

इस गतिविधि से समिति की आय के साथ-साथ सदस्यों को नियमित रोजगार का अवसर मिल रहा है। समिति के सदस्यों के अनुसार, केज कल्चर से उन्हें प्रतिमाह लगभग 6 से 7 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है और आजीविका के लिए केवल पारंपरिक मत्स्याखेट पर निर्भरता कम हुई है।

*मछुआरों के हुनर को मिली आधुनिक तकनीक की ताकत*

मल्हनिया जलाशय की कहानी यह दिखाती है कि जब पारंपरिक आजीविका को आधुनिक तकनीक और संस्थागत सहयोग का साथ मिलता है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। वर्षों से जलाशय से जुड़े मछुआरों ने अपने पारंपरिक अनुभव को केज कल्चर की नई तकनीक के साथ जोड़ा है।

इस बदलाव से मछुआरा समिति की आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं और सदस्यों को वर्षभर रोजगार से जुड़ने का अवसर मिला है। विशेष रूप से बैगा समुदाय के सदस्यों की भागीदारी इस पहल को आजीविका सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाती है।

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन से गांवों तक पहुंची आधुनिक मत्स्य तकनीक*

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन, उत्पादकता, तकनीक, मूल्य श्रृंखला और मछुआरों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को प्रमुखता दी है। योजना के आधिकारिक उद्देश्यों में मत्स्य क्षेत्र की क्षमता का सतत उपयोग, आधुनिक तकनीक का विस्तार, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, रोजगार सृजन तथा मछुआरों और मछली किसानों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा शामिल है। 
इसी व्यापक दृष्टिकोण का स्थानीय उदाहरण मल्हनिया जलाशय में दिखाई देता है, जहां सरकारी योजना के सहयोग से पारंपरिक मत्स्याखेट को आधुनिक केज कल्चर से जोड़ा गया है। इससे मछली उत्पादन के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर तैयार हुए हैं।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन*

केन्द्र सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाने में राज्य स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप आगे बढ़ाने के प्रयासों का यह उदाहरण सामने आया है।

मल्हनिया जलाशय में 54 केज की स्थापना, मछुआरा सहकारी समिति की भागीदारी और डीएमएफटी के सहयोग का समन्वय यह दर्शाता है कि केन्द्र की योजना, राज्य स्तर का क्रियान्वयन, जिला प्रशासन का सहयोग और हितग्राहियों की मेहनत मिलकर आजीविका के नए अवसर तैयार कर सकते हैं।

*आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते मछुआरे*

आज मल्हनिया जलाशय के मछुआरों के लिए केज कल्चर केवल मछली पालन की एक नई तकनीक नहीं, बल्कि अपनी पारंपरिक आजीविका को अधिक व्यवस्थित और आय-सृजनकारी बनाने का माध्यम बन गया है। 44 सदस्यों वाली समिति के लिए 54 केज के माध्यम से विकसित यह गतिविधि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार और आय के नए अवसरों को मजबूत कर रही है।

मल्हनिया जलाशय में आया यह बदलाव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उस व्यापक सोच से जुड़ता है, जिसमें आधुनिक तकनीक, रोजगार और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यह सफलता की कहानी बताती है कि सही योजना, तकनीकी सहयोग, स्थानीय प्रशासन की सक्रियता और हितग्राहियों की मेहनत साथ आए तो जलाशय का पानी केवल मछली उत्पादन का साधन नहीं रहता, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार भी बन सकता है।

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