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मुख्यमंत्री ने किया ‘वूमेन फॉर वेटलैण्ड्स’ अभियान के पोस्टर का विमोचन ,विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर जल-स्रोत संरक्षण का संदेश


रायपुर, 04 फ़रवरी 2026 
विश्व आर्द्रभूमि दिवस  के अवसर पर बीते दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में ‘वुमेन फॉर वेटलैण्ड्स ’ अभियान के पोस्टर का अनावरण किया,इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्द्रभूमि एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल ही जीवन है और आर्द्रभूमियां मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को इस पवित्र अभियान से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम है।
      मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि “नदियां, तालाब, कुएं, पोखर और आर्द्रभूमियां केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।”
प्रज्ञा निर्वाणी चला रहीं व्यापक जन-जागरण अभियान
           ‘वूमेन फॉर वैटलैंड्स ’ अभियान की संस्थापक एवं  महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी द्वारा प्रदेशभर में आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के अंतर्गत तालाब, नहर, कुएं, नदियों एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए महिलाओं को संगठित किया जा रहा है। प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार क्षेत्र को रामसर साइट घोषित करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा, 
      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “महिलाएं प्रकृति की प्रथम संरक्षक हैं,यदि मातृशक्ति आगे आएगी तो जल-स्रोतों का संरक्षण जन-आंदोलन बन जाएगा।” पोस्टर अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा सपोर्ट :-कैबिनेट ने  वर्ष 2025-30 की नई स्टार्टअप नीति को दी मंजूरी, सीड फंड से लेकर 100 करोड़ का कैपिटल फंड

 रायपुर  04 फ़रवरी 2026 /
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को नवाचार और स्टार्टअप के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंजूरी दी गई। इस नीति के लागू होने से राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और युवाओं को उद्यमिता से जुड़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे।
सरकार का कहना है कि अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विज़न @2047 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राज्य में नवाचार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना आवश्यक है। अब तक औद्योगिक नीतियों के अंतर्गत स्टार्टअप पैकेज की व्यवस्था थी, लेकिन पृथक स्टार्टअप नीति नहीं होने से इन्क्यूबेशन, निवेश और नवाचार को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही थी। इसके साथ ही भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में भी पृथक नीति का अभाव राज्य के लिए चुनौती बना हुआ था। नई नीति के माध्यम से इस कमी को दूर किया जाएगा।
नई स्टार्टअप नीति के तहत केवल राज्य शासन से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाइयों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को मजबूत करने के लिए प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट वाले स्टार्टअप्स को मिनिमम वायबल प्रोडक्ट विकसित करने हेतु 10 लाख रुपये  तक का सीड फंड दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य में निवेश की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड बनाया जाएगा, जिसके माध्यम से SEBI-पंजीकृत ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स के जरिए स्टार्टअप्स में निवेश किया जाएगा।
स्टार्टअप्स को बैंकिंग सहायता से जोड़ने के लिए ₹50 करोड़ का क्रेडिट रिस्क फंड भी बनाया जाएगा, जिसके तहत स्टार्टअप इकाइयों को बैंकों से एक करोड़ रुपये तक के संपार्श्विक-मुक्त ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को अधिकतम 50 रुपये लाख तक के सावधि ऋण या कार्यशील पूंजी पर पांच वर्षों तक 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
स्टार्टअप्स के विस्तार और बाजार तक पहुंच को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप केंद्रित आयोजनों में भाग लेने पर यात्रा, पंजीकरण और बूथ शुल्क सहित कुल खर्च का 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन के लिए किए गए खर्च की भी प्रतिपूर्ति की जाएगी। सफलतापूर्वक निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को फंडरेजिंग पर भी अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा।
नई नीति में स्टार्टअप्स को सरकारी खरीद में छूट, भूमि और भवन से जुड़े दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क में छूट तथा इन्क्यूबेशन सेंटर या किराये के भवन में संचालित इकाइयों को तीन वर्षों तक किराया अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही स्थायी पूंजी निवेश, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, पेटेंट, परियोजना प्रतिवेदन और सरकारी अनुसंधान संस्थानों से तकनीक क्रय पर भी अनुदान दिया जाएगा।
रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। दस से अधिक स्थायी रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को महिला कर्मचारियों के लिए 6,000 रुपये प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5,000 रुपये प्रति माह तक की सहायता दी जाएगी। वहीं दिव्यांगजनों, सेवानिवृत्त अग्निवीरों और नक्सल प्रभावित अथवा पीड़ित व्यक्तियों को रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक अनुदान पांच वर्षों तक मिलेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के लागू होने से राज्य में निवेश बढ़ेगा, नए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बस्तर पण्डुम 2026 : बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार

रायपुर 04 फरवरी 2026/ बस्तर पण्डुम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक, सामुदायिक और प्राकृतिक उत्सव है, जो जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं और जीवन शैली को संरक्षित व प्रदर्शित करता है।  जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत (मांदर-बांसुरी), वेशभूषा, लोक शिल्प (काष्ठ/बांस/धातु) और पारंपरिक खान-पान का प्रदर्शन किया जाएगा। यह उत्सव बस्तर की आत्म-अस्मिता का प्रतीक है, जो स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ता है। विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागी बस्तर की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन करेंगें।

*इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन*

             इस वर्ष के आयोजन ने लोकप्रियता के पुराने सभी पैमाने ध्वस्त कर दिए हैं और यह केवल एक प्रतियोगिता न रहकर अब लोक संस्कृति के एक विशाल उत्सव का रूप ले चुका है। आँकड़ों पर नजर डालें तो यह आयोजन इस बार एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में जहाँ विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, वहीं इस वर्ष यह आँकड़ा तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुँच गया है।  बस्तर के लोग अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक कलाओं को सहेजने के लिए कितने जागरूक और उत्साहित हैं। विशेष रूप से दन्तेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ पूरे संभाग में सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों ने भी हजारों की संख्या में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

*समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने तैयार* 

            बस्तर की माटी की खुशबू और यहाँ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 07 से 09 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाी है, जिसके लिए अंचल के निवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस भारी उत्साह के बीच, अब सभी की निगाहें 07 से 09 फरवरी के बीच होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला की जादू बिखरेंगे। इन तीन दिनों में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज और नाटकों का मंचन । 

 *65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे*

          प्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपना हुनर दिखाएंगे। यह मंच केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह बस्तर के ज्ञान, कला और स्वाद का एक अनुपम संगम होगा। जहाँ एक ओर 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर 56 प्रतिभागी लजीज जनजातीय व्यंजनों की खुशबू बिखेरेंगेे। इसके अतिरिक्त बस्तर की दुर्लभ वन औषधियों, चित्रकला, शिल्प कला, आभूषण और आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से रूबरू कराएगा।

*संभाग स्तर पर 340 महिलाएं अपनी कौशल का करेंगी प्रदर्शन* 

         इस आयोजन की एक और सबसे खूबसूरत तस्वीर मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी है। संभाग स्तर पर पहुँचने वाली 705 प्रतिभागियों में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या में गजब का संतुलन देखने को मिल रहा है, जिसमें 340 महिलाएं और 365 पुरुष शामिल हैं। यह भागीदारी बताती है कि बस्तर की संस्कृति को आगे ले जाने और उसे संरक्षित करने में यहाँ की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कुल मिलाकर बस्तर पण्डुम 2026 अपनी भव्यता और जन-भागीदारी के साथ एक अविस्मरणीय आयोजन की ओर अग्रसर है।

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भव्य कलश यात्रा के साथ जशपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब, सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ दिव्य शुभारंभ

वृंदावन से पधारे करुणा शंकर महाराज की अमृतवाणी से बहने लगी भागवत रसधारा, श्रोतागण हुए भावविभोर

ढोल-नगाड़ों और जय श्रीकृष्ण के घोष से भक्तिमय हुआ वातावरण, कदम-कदम पर छलकी श्रद्धा और समर्पण

जशपुरनगर 04 फरवरी 2026  :-  विशाल कलश यात्रा के साथ ही सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा का यह आयोजन 11 फरवरी तक चलेगा। श्रद्वालुओं को कथा का रसपान कराने वृद्वावन के प्रसिद्व कथावाचक करूणा शंकर महाराज जशपुर पहुंचे हैं। कलश यात्रा में शामिल होने के लिए शहर और इसके आसपास के ग्रामीण अंचल से श्रद्वालु महिला पीले वस्त्र धारण कर पहुंची थी। महिलाओं ने शहर के सती उद्यान तालाब में स्थित पक्कीडांड़ी के पवित्र कुंड से कलश में जल भर कर बालाजी मंदिर में एकजुट हुई। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य जजमान डा प्रजापति और उनकी धर्मपत्नी पूजा अर्चना कर,भगवान बालाजी का आर्शीर्वाद लेने के पश्चात कलश यात्रा श्रीहरि कीर्तन भवन के लिए रवाना हुई। देवी मंदिर से महाराजा चैक,हनुमान मंदिर चैक होते हुए कलश यात्रा श्री हरिकीर्तन भवन पहुंच कर संपन्न हुई। इस दौरान ढोल नगाड़े के साथ शहर भगवान श्रीकृष्ण,बालाजी और मां काली के जयकारे से गूंज रहा था। यहां कथाकार करूणा शंकर के नेतृत्व में पुरोहितों के दल ने पक्कीडांड़ी के पवित्र जल से पूजा व कथा स्थल का शुद्वीकरण करने के बाद देव स्थापना और संकल्प की प्रक्रिया पूरी कराई। कलश यात्रा के आयोजन में मातृ शक्ति का विशेष योगदान रहा।

कलश यात्रा के पश्चात विशाल भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, प्रसाद बन गया प्रेम और सेवा का प्रतीक

   कलश यात्रा संपन्न होने के बाद श्रीहरि कीर्तन भवन में विशाला भंडारा का आयोजन किया गया। भंडारा में प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्वालुओं का तांता लगा रहा। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ भंडारा शाम तक चलता रहा। आयोजन समिति के स्वयं सेवक श्रद्वालुओं को पूरी तन्मयता के साथ प्रसाद वितरण करते रहे।

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अंतरिक्ष से आदिवासी अंचल तक का सफर: गगनयात्री शुभांशु शुक्ला जशपुर के केरेगांव होम-स्टे में हुए पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन से अभिभूत

अंतरिक्ष से जनजीवन तक: जशपुर में गगनयात्री शुभांशु शुक्ला ने देखा ग्रामीण पर्यटन का जीवंत स्वरूप

देशदेखा के केरेगांव में अंतरिक्ष नायक का आत्मीय प्रवास: आदिवासी व्यंजन, पारंपरिक आतिथ्य और ग्रामीण जीवनशैली ने जीता शुभांशु शुक्ला का दिल

जशपुर दौरा बना यादगार: केरेगांव होम-स्टे में आदिवासी संस्कृति, स्वाद और सादगी से हुए अभिभूत

जशपुरनगर 4 फरवरी 2026/ अंतरिक्ष यात्री एवं अशोक चक्र से सम्मानित, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला जशपुर प्रवास के दौरान जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव पहुंचे। जहां उन्होंने ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत विकसित होम-स्टे का भ्रमण किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री शुक्ला ने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। परंपरागत स्वाद और आत्मीय स्वागत से अभिभूत होकर उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रवास में यह समय मेरे लिए सबसे यादगार रहा। उन्होंने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

*पारंपरिक स्वाद ने जीता दिल*

इस अवसर पर स्थानीय महिलाओं द्वारा चीला, गुलगुला भजिया, अरसा, पीठा, चेचगुड़ा, सरलागुड़ा, लालभाजी, आलू-सेम की सब्जी एवं टमाटर की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने व्यंजनों के स्वाद, शुद्धता और पारंपरिक शैली की खुले दिल से प्रशंसा की।

ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर सकारात्मक संदेश

उन्होंने कहा कि जशपुर जैसे प्राकृतिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जिले में होम-स्टे की यह पहल पर्यटन के साथ-साथ रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बन सकती है। स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को आगे बढ़ाना आज की आवश्यकता है, और केरेगांव का यह प्रयास उसी दिशा में प्रेरणादायक कदम है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने इस मुलाकात को जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में होम-स्टे आधारित पर्यटन स्थानीय संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को मंच प्रदान कर रहा है, और गगनयात्री शुभांशु शुक्ला जैसे राष्ट्रीय व्यक्तित्व की सराहना ने इस पहल को नई पहचान और ऊर्जा प्रदान की है।

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अंतरिक्ष विज्ञान में अपार संभावनाएं, जशपुर के बच्चे भी नहीं हैं पीछे – अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में बोले गगनयात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला-10 हजार बच्चों के बीच अंतरिक्ष संगवारी में गूंजा ‘इंडिया इन स्पेस’

चंद्रयान से गगनयान तक, प्रदर्शनी से प्रेरणा तक – जशपुर में दिखा अंतरिक्ष विज्ञान का महासंगम

अंतरिक्ष जीवन की सच्चाई से रूबरू हुए विद्यार्थी – अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास का दिया मंत्र

राकेश शर्मा से प्रेरणा लेकर अंतरिक्ष तक पहुँचे शुभांशु शुक्ला – बच्चों को बताया मेहनत से सपने कैसे बनते हैं हकीकत

जशपुरनगर 4 फरवरी 2026/ विज्ञान, नवाचार और राष्ट्रगौरव की अद्भुत छवि उस समय सजीव हो उठी जब भारत के अंतरिक्ष गौरव, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं गगनयात्री शुभांशु शुक्ला का आज जशपुर आगमन हुआ। उनके सम्मान में रणजीता स्टेडियम, जशपुर में ‘इंडिया इन स्पेस’ थीम पर भव्य अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के लगभग 10 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता कर इतिहास के साक्षी बने। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति जिज्ञासा जागृत करना था। इस अवसर पर शुभांशु शुक्ला ने अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में अपने 18 दिवसीय अंतरिक्ष प्रवास के अनुभवों को अत्यंत रोचक, सरल और प्रेरक अंदाज में साझा किया, जिसे बच्चों ने जिज्ञासु मन से गंभीरता और उत्साह के साथ सुना। कार्यक्रम में विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण तथा हजारों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

जय जोहार से शुरू हुआ संवाद, जशपुर के बच्चों की सराहना की
अपने संबोधन की शुरुआत “जय जोहार” से करते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि उन्होंने देश के अनेक हिस्सों में अंतरिक्ष से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया है, लेकिन जशपुर में बच्चों का उत्साह और संख्या सबसे अधिक रही। यह दृश्य यह साबित करता है कि यहां के बच्चे विज्ञान और अंतरिक्ष को लेकर बेहद जागरूक और जिज्ञासु हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान में अपार संभावनाएं है। जशपुर के बच्चों में खूब जिज्ञासा और उत्साह है। यहाँ के बच्चे भी अंतरिक्ष के क्षेत्र में पढ़ाई और शोध के लिए आगे आये। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जीवन में कभी रुकना नहीं चाहिए, निरंतर मेहनत करते रहना चाहिए और छोटी असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि बचपन में उनके मन में अंतरिक्ष यात्री बनने का विचार नहीं था, क्योंकि उस समय जागरूकता और संसाधन सीमित थे। अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा से प्रेरणा लेकर उन्होंने पहले फाइटर पायलट बनने का लक्ष्य चुना और निरंतर परिश्रम से आगे बढ़ते हुए अंतरिक्ष यात्रा तक का सफर तय किया।

अंतरिक्ष की झलक: प्रदर्शनी से वीडियो तक

रणजीता स्टेडियम में चंद्रयान, मिशन मंगल, गगनयान सहित ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका अवलोकन स्वयं शुभांशु शुक्ला ने किया। कार्यक्रम के दौरान उनके अंतरिक्ष सफर पर आधारित वीडियो एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।
इस अवसर पर सौरभ सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘द मैजिक ऑफ द नाइट स्काई’ का विमोचन भी किया गया। साथ ही अंतरिक्ष क्विज, स्लोगन और पेंटिंग प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

अंतरिक्ष जीवन की सच्चाई*- 

अंतरिक्ष के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वहां भी जीवन पूरी तरह अनुशासन और समय-सारणी से बंधा होता है। सुबह से लेकर रात तक हर गतिविधि निर्धारित होती है और अधिकांश समय वैज्ञानिक प्रयोगों में व्यतीत होता है। कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे डर की जगह आत्मविश्वास पैदा होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से ज्ञान के असीम संसाधन उपलब्ध हैं। ऐसे में समय व्यर्थ न करें, अपने लक्ष्य को पहचानें और जिस भी क्षेत्र को चुनें, उसमें पूरी निष्ठा से कार्य करें। ‘अंतरिक्ष संगवारी’ जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में एक मजबूत कदम हैं।

बच्चों से किये रोचक संवाद

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष यात्री बनने की उनकी यात्रा से जुड़े कई प्रश्न पूछे। कक्षा 9वीं की छात्रा अनिशा भगत द्वारा अंतरिक्ष में जाने के संघर्षों पर पूछे गए सवाल के जवाब में श्री शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अनुशासन और निरंतर कड़ी मेहनत से व्यक्ति अपने किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।कक्षा 11वीं की छात्रा दीक्षा दास ने उनसे उनकी प्रेरणा के बारे में प्रश्न किया, जिस पर उन्होंने बताया कि भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा से उन्हें प्रेरणा मिली। कक्षा 12वीं की छात्रा सुष्मिता के प्रश्न अंतरिक्ष में जाकर सबसे अधिक आश्चर्यजनक अनुभव क्या रहा के उत्तर में उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में सोने सहित सभी गतिविधियाँ गुरुत्वाकर्षण के विपरीत होती हैं, जो एक ओर कठिनाई पैदा करती हैं तो दूसरी ओर बेहद आश्चर्यजनक भी होती हैं। छात्र करण चौहान द्वारा अंतरिक्ष में दैनिक दिनचर्या के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया कि सुबह उठने से लेकर सोने तक की पूरी दिनचर्या वैज्ञानिक पद्धति और तय कार्यक्रम के अनुसार होती है। कक्षा 11वीं के छात्र अनुज कुमार ने सीमित संसाधनों में तैयारी को लेकर प्रश्न किया, जिस पर श्री शुक्ला ने कहा कि आत्मविश्वास और मेहनत से सफलता निश्चित है। आज के समय में मोबाइल ज्ञान का खजाना है, इसका सही उपयोग कर छोटी-छोटी चीजों से भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है। वहीं कक्षा 11वीं की छात्रा निवेदिता साहू के अंतरिक्ष में शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव संबंधी प्रश्न पर उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में कई तरह की शारीरिक चुनौतियाँ सामने आती हैं, लेकिन कड़ी ट्रेनिंग से उनका सामना किया जाता है। वहां हाइट बढ़ने लगती है, सिर भारी महसूस होता है, पर धीरे-धीरे शरीर इन परिस्थितियों के अनुरूप ढलना सीख जाता है।

अशोक चक्र से सम्मानित अंतरिक्ष गौरव

उल्लेखनीय है कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को ए-एक्स-4 मिशन के दौरान असाधारण साहस और योगदान के लिए 77वें गणतंत्र दिवस पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनका यह संवाद जशपुर के विद्यार्थियों के लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सपनों को पंख देने वाला ऐतिहासिक क्षण बन गया, जिसने ‘इंडिया इन स्पेस’ के संदेश को जमीनी स्तर तक सशक्त रूप से पहुंचाया।

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जशपुर के विद्यार्थियों को मिला अंतरिक्ष विज्ञान का लाइव अनुभव : अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने शुरू किया ग्राउंड स्टेशन, बच्चों में दिखा गजब का उत्साह

अशोक चक्र से सम्मानित अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय घोलेंग में ग्राउंड स्टेशन का किया शुभारंभ

श्री शुक्ला ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह, कड़ी मेहनत और लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयास के लिए किया प्रेरित

  जशपुरनगर,04 फरवरी 2026/ एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, ग्राम घोलेंगे के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन सदैव के लिए स्मरणीय बन गया। अशोक चक्र से सम्मानित अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला ने विद्यालय परिसर में स्थापित ग्राउंड स्टेशन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का विशेष वातावरण देखने को मिला।
इस ग्राउंड स्टेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की कार्यप्रणाली का वास्तविक एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। बच्चे यहां से सैटेलाइट की गतिविधियों को समझेंगे, डेटा कलेक्शन, उसका विश्लेषण और उपयोग करना सीखेंगे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार, विद्यालय के प्रिंसिपल श्री दुर्गेश पाठक सहित विधायक के शिक्षकगण और विद्यार्थी मौजूद रहे।
 
*ग्राउंड स्टेशन के माध्यम से लाइव सैटेलाइट कर सकेंगे ट्रेस*

विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा देविका दीवान एवं छात्र तपेश्वर साय ने श्री शुभांशु शुक्ला को ग्राउंड स्टेशन की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। श्री  शुक्ला ने उनके प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए कहा कि यह ग्राउंड स्टेशन बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रायोगिक शिक्षा को सशक्त बनाएगा। इस ग्राउंड स्टेशन के माध्यम से छात्र लाइव सैटेलाइट ट्रैकिंग, सैटेलाइट को सिग्नल भेजने एवं प्राप्त करने की प्रक्रिया, सैटेलाइट डेटा को रिसीव एवं डिकोड करने जैसी गतिविधियों को प्रैक्टिकल तरीके से सीख सकेंगे। साथ ही विद्यार्थियों को मौसम संबंधी जानकारियां प्राप्त करने और उनके विश्लेषण की भी जानकारी दी जाएगी।
 
*शासकीय दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय के छात्रों की सुमधुर गीतों की श्री शुक्ला ने की सराहना* 

कार्यक्रम के दौरान शासकीय दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय के छात्र-छात्राओं धरमजीत यादव, आशमुनि, नकुल राम, शांति, सुहाना चौहान, ममता यादव, अविनाश चौहान, सोनिया एवं आरुषि चौहान ने सुमधुर स्वर में राजकीय गीत ‘अरपा पैरी की धार’ एवं ‘आशाएं खिले दिल की’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थितजनों ने सराहा। डॉ. शुभांशु शुक्ला ने सभी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका परिचय प्राप्त किया, उनके उत्साह की प्रशंसा की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य करते हैं।

*श्री शुभांशु शुक्ला ने एकलव्य विद्यालय घोलेंग के विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के साथ उनके सवालों का दिया जवाब* 

श्री शुभांशु शुक्ला में यहाँ अध्ययनरत कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद किया। हर सवाल को ध्यान से सुना और बच्चों के जिज्ञासाओं को सरल, व्यावहारिक उदाहरणों से स्पष्ट किया। यह संवाद बच्चों के लिए आत्मीय, प्रेरक और यादगार बन गया। कक्षा 11वीं की छात्रा अनुष्का ने अंतरिक्ष यात्रा की तैयारी और चुनौतियों पर प्रश्न किया। श्री शुक्ला ने मुस्कुराते हुए कहा मेहनत लगातार होनी चाहिए। फेल्योर आए तो उससे सीखो, हार मत मानो। उन्होंने बताया कि लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता अनुशासन, धैर्य और रोज़ के छोटे-छोटे प्रयासों से बनता है। दिवेश यादव ने फाइटर पायलट और एस्ट्रोनॉट बनने की संघर्ष के बारे में पूछा। इस पर श्री शुक्ला ने स्पष्ट किया कि 12वीं के बाद एनडीए जैसी परीक्षाएँ, स्किल टेस्ट और इंटरव्यू पास करने होते हैं। फिल्मों और हकीकत का अंतर समझाते हुए बोले अंतरिक्ष में कोई बाहरी मदद नहीं होती हर स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है। डिसिप्लिन सबसे बड़ा हथियार है। 
    पूजा चौहान ने पूछा गगनयान क्यों अहम है। पूजा के सवाल पर उन्होंने बताया कि गगनयान भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान करने वाले चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा करेगा। उपग्रहों की उपयोगिता बताते हुए कहा जीपीएस, मौसम पूर्वानुमान, मछुआरों की सहायता, आपदा प्रबंधनसब सैटेलाइट से संभव है। यह देश की क्षमता को कई गुना बढ़ाता है। अंकित यादव ने लॉन्च के बारे में पूछा लॉन्च के समय डर लगता है? श्री शुक्ला ने सहजता से कहा कड़ी ट्रेनिंग के कारण डर काबू में रहता है। इंजन इग्निशन जैसे पल सिखाए जाते हैं ताकि हर सिचुएशन में सही निर्णय लिया जा सके। संवाद के दौरान श्री शुक्ला ने बच्चों को अनुशासन, टीमवर्क, फिटनेस और निरंतर सीख की आदत अपनाने की सलाह दी। यह वन-टू-वन इंटरैक्शन बच्चों के लिए केवल प्रश्न-उत्तर नहीं, बल्कि सपनों को दिशा देने वाला अनुभव बन गया, जिसने इंडिया इन स्पेस को कक्षा से जीवन तक जोड़ दिया।

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स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिलेगी पर्यटन विकास की नई सौगात,मुख्यमंत्री श्री साय करेंगे मयाली–बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन

जशपुरनगर 4 फरवरी 2026/ भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली–बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन कार्यक्रम 5 फरवरी 2026 को ग्राम खंडसा (मयाली) में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विधिवत रूप से परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। मयाली–बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत को संरक्षित करते हुए समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान प्राप्त होगी। इस अवसर पर वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री तथा प्रभारी मंत्री जिला जशपुर श्री ओ. पी. चौधरी एवं पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री राजेश अग्रवाल अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में सांसद, रायगढ़ लोकसभा श्री राधेश्याम राठिया की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

     विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक पत्थलगांव एवं उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड श्री शंभुनाथ चक्रवर्ती, अध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर श्री सालिक साय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी राज्य सहकारी वित्त एवं विकास निगम श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव तथा उपाध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त अध्यक्ष जनपद पंचायत कुनकुरी श्रीमती सुशीला साय, अध्यक्ष जनपद पंचायत बगीचा श्रीमती गायत्री नागेश तथा सरपंच ग्राम पंचायत खंडसा श्री उमेश्वर सिंह की उपस्थिति भी रहेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -


रायपुर - 04 फरवरी 2026

*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की  स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं। 

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है। 

3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा। 


4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।

5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।

अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके। 

7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है। 

गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।

8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। 

छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। 

नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। 

कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24x7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। 

मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।


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नारायणपुर में 10 फरवरी से तीन दिवसीय वार्षिक जतरा मेला, 61 हजार में हुई मेला बोली, बड़े-बड़े झूले, ड्रैगन झूला और मौत का कुआं बन सकेंगे ग्रामीण अंचल के आकर्षण का केंद्र

नारायणपुर 04 फरवरी 2026 : 
नारायणपुर में आगामी मंगलवार 10 फरवरी 2026 से तीन दिवसीय वार्षिक जतरा मेला पारंपरिक उत्साह और ग्रामीण उल्लास के साथ आयोजित होने जा रहा है। यह मेला 10,11,और 12 फरवरी तक लगेगा।इस बहुप्रतीक्षित जतरा मेला को लेकर गांव सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में जबरदस्त उत्साह का माहौल बना हुआ है। हर वर्ष लगने वाला यह मेला दिन के समय आयोजित किया जाएगा, जबकि शाम होते ही मेला बंद कर दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की पारंपरिक परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना काल के बाद से जतरा मेला की रफ्तार प्रतिवर्ष कम होती गई थी, जिस कारण पहले जैसी भीड़ और चहल-पहल देखने को नहीं मिल पा रही थी। लेकिन इस वर्ष परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य होने, मनोरंजन के साधनों की संख्या बढ़ने और पंचायत स्तर पर बेहतर प्रचार-प्रसार के चलते इस बार मेले में भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। खासकर नारायणपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों से लोग परिवार सहित मेले का आनंद लेने पहुंच सकते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायणपुर जतरा मेला की बोली 61 हजार रुपये में संपन्न हुई है। बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेला समिति द्वारा आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मेला स्थल की साफ-सफाई, दुकानों के लिए स्थान चिन्हांकन, झूलों की व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी इंतजामों को एक या दो दिन बाद शुरू कर दिया जाएगा ।

इस वर्ष के जतरा मेला में मनोरंजन की लगभग सभी प्रमुख वस्तुएं और साधन उपलब्ध रहने का अनुमान है। मेले में बड़े-बड़े झूले, ड्रैगन झूला, बच्चों के लिए अलग-अलग प्रकार के झूले, मौत का कुआं सहित कई रोमांचक खेल लगाए जाने की संभावना है । मौत का कुआं और ऊंचे झूले युवाओं के लिए खास आकर्षण होने का अनुमान है, वहीं बच्चों के झूले और खेल सामग्री से मेला परिसर गुलजार रहेगा।

इसके साथ ही जतरा मेला में खानपान की दुकानें, चाट-पकौड़ी, मिठाइयां, खिलौनों की दुकानें, घरेलू उपयोग की सामग्री और ग्रामीण जरूरतों से जुड़ी वस्तुएं भी बड़ी संख्या में सजेगी। दोपहर से लेकर शाम तक मेला परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रहेगी और पारंपरिक ग्रामीण मेले की रौनक देखने को मिलेगी।

ज्ञात हो कि 3 फरवरी को नारायणपुर के साप्ताहिक बाजार में पंचायत की ओर से मेला लगने की मुनादी करा दी गई है, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को समय रहते जानकारी मिल सके। मुनादी के बाद से ही ग्रामीणों में मेले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और लोग मेले की तैयारियों को लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जतरा मेला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, सामाजिक एकता और पारंपरिक मेलजोल का महत्वपूर्ण माध्यम है। कोरोना काल के बाद एक बार फिर मेले में रौनक लौटने की उम्मीद से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

 नारायणपुर का तीन दिवसीय वार्षिक जतरा मेला इस वर्ष ग्रामीण अंचल के लिए उत्सव, मनोरंजन और सामाजिक समरसता का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है।

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मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का किया शुभारंभ,प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को मिलेगा विस्तार

रायपुर 04 फरवरी 2026/  अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

 मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के   प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है। 

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।

ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।

गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। 

वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया उद्घाटन, 16 टीमें ले रही हिस्सा

रायपुर. 4 फरवरी 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ राज्य व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3 फरवरी से 8 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया है। चैंपियनशिप में भारत के लिए खेल चुके कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे, सर्विसेस और इंडियन यूनिवर्सिटी सहित कई राज्यों की टीमें इसमें भागीदारी कर रही हैं। पुरुष वर्ग में 10 टीमें और महिला वर्ग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने फेडरेशन कप के उद्घाटन के बाद इंडोर स्टेडियम में रुककर तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा। वे कांटे के मुकाबले वाले इस मैच के समाप्त होने के बाद ही स्टेडियम से निकले। विधायक श्री सुनील सोनी भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मैं देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करता हूं। व्हॉलीबॉल हमें टीमवर्क, सहयोग और समन्वय सिखाता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इसमें प्रदेश का काफी नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा और कौशल का पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर सके, इसके लिए जरूरी अधोसंरचना और प्रशिक्षण पर हम लगातार जोर दे रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई वर्षों से बंद राज्य खेल अंलकरण सम्मान को हमने पुनः प्रारंभ किया है। ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ी की भागीदारी पर शासन की ओर से 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने पर एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। श्री साय ने कहा कि खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की नई पहचान अब देश-दुनिया के सामने है। पिछले दो सालों से राज्य में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहले साल एक लाख 65 हजार और दूसरे साल करीब 4 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है। 

छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के अध्यक्ष श्री महेश गागड़ा ने अपने स्वागत भाषण में फेडरेशन कप के आयोजन की रूपरेखा और कार्यक्रमों की जानकारी दी। रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव श्री विक्रम सिसोदिया, भारतीय व्हॉलीबॉल संघ के महासचिव श्री रामानंद चौधरी, मध्यप्रदेश व्हॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष श्री रूद्रप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के सचिव श्री हेमप्रकाश नायक, रायपुर नगर निगम के सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, श्री राहुल कौशिक और श्री विनोद नायर सहित विभिन्न व्हॉलीबॉल संघों के पदाधिकारी, सदस्यगण, खिलाड़ी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फेडरेशन कप के उद्घाटन के दौरान मौजूद थे।

*इन राज्यों की टीम ले रही हिस्सा*

रायपुर में हो रहे 37वें फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप में पुरूष वर्ग में रेलवे, सर्विसेस, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, तमिलनाडू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। वहीं महिला वर्ग में रेलवे, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें से कई टीमों में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं।

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जशपुर बनेगा आज अंतरिक्ष विज्ञान का केंद्र, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ हजारों विद्यार्थियों का सीधा संवाद, विज्ञान के सपनों को मिलेगी नई दिशा

अंतरिक्ष संगवारी : भारत के अंतरिक्ष गौरव ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का आज जशपुर आगमन

10 हजार बच्चों से अपने अंतरिक्ष अनुभव को करेंगे साझा

विभिन्न प्रेरणादायी अंतरिक्ष कार्यक्रम का होगा आयोजन

जशपुरनगर 04 फरवरी 2026/ भारत के गौरव एवं अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने वाले ग्रुप कैप्टन, भारतीय वायुसेना एवं गगनयात्री श्री शुभांशु शुक्ला का जशपुर आगमन आज होगा। इस अवसर पर रणजीता स्टेडियम, जशपुर में इंडिया इन स्पेस थीम पर सुबह 10 बजे अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम युवाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों में विज्ञान, तकनीक तथा राष्ट्रगौरव की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर श्री शुक्ला 10 हजार बच्चों से अपने अंतरिक्ष अनुभव साझा करेंगे। उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक, विधानसभा पत्थलगांव एवं उपाध्यक्ष, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय द्वारा की जाएगी। वहीं विधायक, विधानसभा क्षेत्र जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अध्यक्ष, जिला पंचायत जशपुर श्री सालिक साय, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती, सदस्य, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री राम प्रताप सिंह, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम श्री सुरेन्द्र बेसरा, अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद् जशपुर श्री अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष, नगरपालिका परिषद् जशपुर श्री यशप्रताप सिंह जूदेव तथा अध्यक्ष, जनपद पंचायत जशपुर श्री गंगाराम भगत शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त सर्व जिला पंचायत सदस्य, सर्व जनपद पंचायत सदस्य एवं नगरपालिका परिषद् जशपुर के सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।


*शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष से जुड़ी प्रेरक यात्रा का साझा करेंगे अनुभव* -

अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन करने वाले वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को ए एक्स 4 मिशन के दौरान असाधारण साहस दिखाने के लिए 77वें गणतंत्र दिवस पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। 18 दिन तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रयोगों को अंजाम दिया। यह भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि रही। अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला विद्यार्थियों से अपने अंतरिक्ष सफर, प्रशिक्षण, चुनौतियों और भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर संवाद करेंगे। वे बताएंगे कि किस तरह विज्ञान, अनुशासन और नवाचार के बल पर भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में वैश्विक पहचान बना रहा है। यह संवाद विद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रनिर्माण के प्रति उत्साह बढ़ाएगा। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम जशपुर के विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान से सीधे संवाद का दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा और ‘इंडिया इन स्पेस’ के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुँचाएगा।

*छात्रों के लिए विविध बौद्धिक व रचनात्मक गतिविधियाँ* - 
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों के लिए बौद्धिक प्रतियोगिताएँ, नारा लेखन, चित्रकारी, निबंध, रंगोली और स्केच एक्टिविटी आयोजित होंगी। साथ ही विद्यार्थियों के आकर्षण के लिए सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किए जाएंगे, जहाँ वे ‘इंडिया इन स्पेस’ थीम के साथ यादगार क्षण संजो सकेंगे। कार्यक्रम स्थल पर अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएगी। अंतरिक्ष संगवारी जैसे कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टि, रचनात्मकता और राष्ट्रीय गौरव को सुदृढ़ करते हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि आयोजन अनुकरणीय और स्मरणीय बने।

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धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था

रायपुर 3 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के  निर्देशानुसार  तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।

किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए  बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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नारायणपुर में मंगलवार शाम बदला मौसम का मिज़ाज, हल्की बारिश से बढ़ी ठंडक, वहीं सब्जी उत्पादक किसानों की बढ़ी चिंता,एक–दो दिन और हुई बारिश तो खड़ी सब्जी फसलों को हो सकता है भारी नुकसान

जशपुर/नारायणपुर  03 फरवरी 2026 : 
आज मंगलवार की शाम नारायणपुर में अचानक मौसम ने करवट ले ली। दिनभर आसमान में हल्के हल्के छाए बादलों के बाद देर शाम अचानक हल्की बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना तो बना दिया, लेकिन इस बदलाव ने किसानों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के समय अचानक हुई बारिश से बाजार और सड़कों पर चहल-पहल कम हो गई। तापमान में आई गिरावट के कारण लोगों को ठंडक का एहसास हुआ। वहीं दूसरी ओर खेतों में मेहनत से उगाई गई सब्जी फसलों पर खतरा मंडराने लगा है।

इस समय नारायणपुर क्षेत्र में बड़ी मात्रा में टमाटर, बैंगन, गोभी, फूलगोभी, मटर, भिंडी सहित मौसमी सब्जियों की खेती की जा रही है। किसान बताते हैं कि हल्की बारिश अभी तक ज्यादा नुकसानदायक नहीं है, लेकिन यदि यह सिलसिला एक या दो दिन और जारी रहता है तो खेतों में पानी भरने, फसलों के सड़ने और रोग लगने की आशंका बढ़ जाएगी। इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

किसानों का कहना है कि लगातार नमी बने रहने से सब्जियों में फंगल रोग लगने का खतरा अधिक रहता है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।ऐसे में किसान आने वाले दिनों के मौसम पर नजर बनाए हुए हैं।

कुल मिलाकर मंगलवार शाम की हल्की बारिश ने जहां आमजन को मौसम की राहत दी है, वहीं सब्जी उत्पादक किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं।

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रजत महोत्सव के अवसर पर नारायणपुर में बिजली सेवाओं को लेकर बड़ा जन-संवाद, सीएसपीडीसीएल ने सौर ऊर्जा, स्मार्ट मीटर और विद्युत सुरक्षा पर दी विस्तृत जानकारी

छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत महोत्सव की धूम, नारायणपुर केन्द्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा जन-जागरूकता एवं सेवा-उन्मुख विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन

नारायणपुर (जशपुर) 03 फरवरी 2026 : 
छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे रजत महोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) द्वारा नारायणपुर केन्द्र में एक विशेष जन-जागरूकता एवं सेवा-उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को विद्युत सेवाओं से जुड़ी नवीन जानकारियाँ प्रदान करना, ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा राज्य की विद्युत व्यवस्था में किए गए नवाचारों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान कंपनी के अधिकारियों द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति, स्मार्ट मीटर प्रणाली, सौर ऊर्जा के उपयोग, विद्युत सुरक्षा उपाय, तथा उपभोक्ता सेवा सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव, घरेलू एवं कृषि उपयोग में ऊर्जा की बचत तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

नारायणपुर वितरण केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 08 श्रीमती अनिता सिंह उपस्थित रही । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि

रजत महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, विकास यात्रा और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी राज्य के अंतिम छोर तक सस्ती, सुरक्षित और सतत विद्युत सेवा पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जो प्रदेश के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।”

उन्होंने ऊर्जा संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए आम नागरिकों से बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील भी की।

इस कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ विद्यालय के प्राचार्या श्रीमती ए तिग्गा, मो इकबाल खान,श्रीमती अनिता सिंह, उमेश यादव, शंकर यादव, श्रीमती संतोषी बन्दे सहित ग्राम पंचायत प्रतिनिधि सरपंच छक्कन राम भगत, विकास नाग, सरपंच श्रीमती मेरी गुलाब, अर्जुन लकड़ा एवं अन्य सरपंच, उपसरपंच, जनप्रतिनिधि,विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे जनहितकारी पहल बताया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि रजत महोत्सव के अंतर्गत भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं सेवा-उन्मुख कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि आम जनता को बेहतर विद्युत सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें और ऊर्जा संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक बनाया जा सके।

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कौशल उन्नयन से जोड़कर युवाओं को बनाएं आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समीक्षा

रायपुर, 03 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि वे युवाओं को अधिक से अधिक कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। श्री साय ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में नए-नए उद्योग स्थापित होने वाले हैं, इन उद्योगों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आज महानदी भवन मंत्रालय में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोजगार मेले का आयोजन करें। बैठक में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री विकासशील सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने और तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईटीआई के आधुनिकीकरण से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सीएसएसडीए एवं राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव पर सहमति दी और शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलों में सहायक निदेशक एवं सहायक परियोजना अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक हेतु विकसित ज्तंपदमम थ्ममकइंबा मॉड्यूल को और सशक्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 से अब तक 4 लाख 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं (वीटीपी) एवं 207 पंजीकृत कोर्स संचालित हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सेतु योजना के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर का चयन किया गया है, जिसके माध्यम से आईटीआई के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत तथा उद्योगों की हिस्सेदारी न्यूनतम 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 जिलों में लगभग 1,700 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर सहित जिलों में 600 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में सत्र 2025-26 में गत वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, उद्योग सचिव रजत कुमार, श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, संचालक तकनीकी शिक्षा रोजगार एवं प्रशिक्षण श्री विजय दयाराम के., स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरूण अरोरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ आसान : सुदूर वनांचल के गांवों की बदली तस्वीर, स्वास्थ्य कर्मी, छात्रों और ग्रामीण को मिली परिवहन की सुविधा

रायपुर, 03 फरवरी 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य सुदूर वनांचल, विशेषकर बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में, ग्रामीणों को सुलभ और सुरक्षित परिवहन प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों को जिला मुख्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है।

*दूरस्थ अंचलों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस की पहुंच से राह हुई आसान* 

             मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना न केवल सड़कों पर दौड़ रही है, बल्कि यह ग्रामीणों के समय, सुविधा और सपनों को सहेजने का माध्यम बन गई है। सरगुजा जिले के बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां और अम्बिकापुर तक बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरगामी सोच और संवेदनशीलता का परिणाम है कि आज सरगुजा जिले के उन दूरस्थ अंचलों में भी विकास की गूंज सुनाई दे रही है, जहां कभी परिवहन एक बड़ी चुनौती थी। 

*सुगम हुआ सफर, समय की हुई बचत* 

          शहरी स्वास्थ्य अस्पताल में कार्यरत श्रीमती परमानिया पैकरा ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि इस मार्ग पर यह पहली बस सेवा है। उन्होंने कहा कि, पहले ड्यूटी पर समय से पहुंचना और फिर सुरक्षित घर वापस आना एक बड़ी चिंता होती थी। लेकिन जब से यह बस शुरू हुई है, हमें बहुत सुविधा मिल रही है। अब हम समय पर अस्पताल पहुंचते हैं और वक्त पर घर भी लौट आते हैं। इसी तरह स्वास्थ्य कर्मी चंदा टोप्पो ने बताया कि बांदा क्षेत्र से होने के कारण पहले आवागमन के साधन न के बराबर थे। बस सेवा शुरू होने से अब उनकी पेशेवर जिंदगी आसान हो गई है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है।

 *वरदान साबित हो रही बस सेवा विद्यार्थियों के लिए*

         ​विद्यार्थियों के जीवन में इस योजना से क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। पुष्पेंद्र कॉलेज ऑफ नर्सिंग की फाइनल ईयर की छात्रा लक्ष्मी कहती हैं कि पहले मुझे बस पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब बस मेरे घर के सामने से ही गुजरती है। इससे मैं पढ़ाई के लिए बहुत सहज महसूस करती हूँ। वहीं पीजी कॉलेज की छात्रा निशा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले उसे बस पकड़ने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। अब सिदमा गाँव से ही बस मिलने के कारण वह सीधे गाँधी चौक तक का सफर बिना किसी परेशानी के तय कर रही है।

*पैदल चलने और लंबी दूरी की बाइक यात्रा से मिली मुक्ति*

​         सरगुजा जिले के सिदमा गाँव के निवासी दिव्यांशु सिंह ने बताया कि बस सुविधा न होने के कारण उन्हें प्रतिदिन 5 किलोमीटर तक बाइक या पैदल सफर तय करना पड़ता था। दिव्यांशु कहते हैं कि अब गाँव से ही बस चलने लगी है, जिससे मैं अपने स्कूल समय पर पहुँच जाता हूँ। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इस सराहनीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

*विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे सुदूर वनांचल के गाँव*

       ​मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना एक वाहन नहीं, बल्कि सुशासन का वह भरोसा है जिसने सुदूर क्षेत्रों को शहर की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। नियमित बस के संचालन से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। ​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति सशक्त बन रहे हैं। आज सरगुजा के सुदूर वनांचल की सड़कों पर दौड़ती मुख्यमंत्री ग्रामीण बस प्रदेश की प्रगति की नई कहानी गढ रही हैं।

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