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अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला रहे जशपुर जिले में प्रवास,होम-स्टे, साहसिक पर्यटन एवं जश्क्राफ्ट की सराहना

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026/ देश के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्री एवं भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला का 04 फरवरी 2026 को जशपुर जिले के अंतर्गत होम-स्टे ग्राम केरे तथा प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा में प्रवास संपन्न हुआ। 
        श्री शुभांशु शुक्ला ने वनमण्डल जशपुर द्वारा प्रायोजित देशदेखा क्लाइम्बिंग कम्पनी के सदस्यों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को साहसिक खेलों एवं पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने, सुरक्षित एवं अनुशासित ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जशपुर जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
            कार्यक्रम के दौरान वनमण्डलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार भा.व.से. द्वारा श्री शुभांशु शुक्ला को जशपुर जिले की महिलाओं द्वारा बांस एवं छिंद घास से निर्मित जश्क्राफ्ट के पारंपरिक आभूषण भेंट किए गए। श्री शुक्ला ने जश्क्राफ्ट उत्पादों की उच्च गुणवत्ता, कलात्मकता एवं नवाचार की प्रशंसा की तथा इस पहल को स्थानीय आजीविका सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने जश्क्राफ्ट से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने एवं व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा देशदेखा क्लाइम्बिंग कम्पनी के सदस्य उपस्थित रहे।

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जिला कार्यालय की कार्य व्यवस्था बनाए रखने निषेधाज्ञा लागू,कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री रोहित व्यास ने धारा 163 के तहत जारी किए सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश

जशपुरनगर 6 फरवरी 2026/ जिला कार्यालय जशपुर में बिना पूर्व सूचना विभिन्न समूहों के अचानक प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने अथवा भीड़ के रूप में पहुंचने से नियमित शासकीय कार्य प्रभावित होने तथा आम नागरिकों को असुविधा होने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री रोहित व्यास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता–2023 की धारा 163 (पूर्व में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144) के अंतर्गत जिला कार्यालय जशपुर एवं उसके 100 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के घातक शस्त्र जैसे बंदूक, रायफल, पिस्टल, रिवाल्वर, भाला, बल्लम, बरछा, लाठी अथवा अन्य हथियार एवं विस्फोटक सामग्री लेकर नहीं चलेगा। इसके साथ ही किसी भी प्रकार का जुलूस निकालना, आपत्तिजनक नारे लगाना, पोस्टर वितरित करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

*धरना, आमसभा और ध्वनि विस्तारक पर रोक* -

निषेधाज्ञा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भीड़ एकत्र करने, धरना देने, नारेबाजी करने, आमसभा या जुलूस आयोजित करने तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है, ताकि शासकीय कार्यों में बाधा न पहुंचे।

*ज्ञापन हेतु पूर्व अनुमति अनिवार्य* -

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति या समूह को ज्ञापन सौंपने अथवा अन्य कारणों से जिला कार्यालय परिसर में प्रवेश करने के लिए न्यूनतम दो दिवस पूर्व अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी जशपुर को विधिवत लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। लिखित अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही संबंधित व्यक्ति अथवा समूह को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यह आदेश शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कर्तव्य निर्वहन हेतु शस्त्र अथवा लाठी रखना आवश्यक है। साथ ही कानून-व्यवस्था के लिए नियुक्त पुलिस अधिकारियों तथा शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था या दिव्यांगता के कारण लाठी रखने वाले व्यक्तियों को भी इस आदेश से छूट दी गई है।

*उल्लंघन पर दंड का प्रावधान* -

आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता–2023 की धारा 223 (पूर्व में भा.दं.सं. की धारा 188) के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि समयाभाव के कारण आम नागरिकों को सुनना संभव नहीं होने से यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। यह निषेधाज्ञा आदेश आगामी तीन माह तक जिला कार्यालय जशपुर एवं उसके 100 मीटर क्षेत्र में प्रभावशील रहेगा।

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स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता बगिया सीजन- 2 का भव्य समापन, पगुराबहार ने बंदरचूआ को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब..


जशपुरनगर। बगिया में आयोजित स्वर्गीय ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता सीजन-2 का भव्य एवं गरिमामय समापन गुरुवार को किया गया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर अतिथियों द्वारा स्वर्गीय ओमप्रकाश साय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पूरे परिसर में भावनात्मक माहौल देखने को मिला और उपस्थित जनसमूह ने स्वर्गीय साय के सामाजिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित रहीं। उन्होंने स्व. ओमप्रकाश साय के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय ओमप्रकाश साय समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाते रहे। उन्होंने अपने जीवनकाल में क्षेत्र के विकास और लोगों की भलाई के लिए निरंतर कार्य किया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की स्मृति में आयोजित खेल प्रतियोगिता युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ समाज को एकता और भाईचारे का संदेश भी देती है।श्रीमती कौशल्या साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना सिखाने का सशक्त जरिया है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने गांव, क्षेत्र एवं राज्य का नाम रोशन करें। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।फाइनल मुकाबला पगुराबहार और बंदरचूआ टीम के बीच खेला गया, जिसमें पगुराबहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बंदरचूआ को 6 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पगुराबहार ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला लिया। बल्लेबाजी करने उतरी बंदरचूआ की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 86 रन का लक्ष्य खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पगुराबहार की टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज की।प्रतियोगिता में विजेता टीम पगुराबहार को प्रथम पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रुपये नगद एवं ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता टीम बंदरचूआ को 21 हजार रुपये नगद एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में सरपंच राजकुमारी साय, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिनेश प्रसाद चौधरी, जिला पंचायत सदस्य हीरामति पैंकरा, मंडल अध्यक्ष रवि यादव, जनपद सदस्य सरोज यादव, रामविलास राम, समिति सदस्य रामनारायण राम, अजीत साय, अवधेश साय, परमेश्वर साय, किशोर साय, राजेंद्र राम, विनोद साय, प्रवीण साय सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।पूरे आयोजन के दौरान खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिला और प्रतियोगिता ने क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है-उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा

रायपुर, 5 फरवरी 2026/

     राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विमर्श के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।    
      कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का कुलपति,कुलसचिव,महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्राध्यापक स्वयं अध्ययन करें।उन्होंने राज्य स्तर पर संचालित समितियों द्वारा नियमित समीक्षा, जिला क्लस्टर व्यवस्था, टास्क फोर्स की बैठकें तथा विश्वविद्यालय स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समावेशित कर विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, विरासत और मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। स्थानीय लोक कला और शिल्प कला को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।भारतीय ज्ञान परंपरा पर विद्यार्थियों के बीच ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर उनमें जागरूकता बढ़ाई जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। मंत्री श्री वर्मा ने भविष्य में इस प्रकार की विस्तृत एवं बहुदिवसीय कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
      कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में भारतीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अध्यक्ष श्री अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सह संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, निदेशक आईआईटी भिलाई डॉ. राजीव प्रकाश, शिक्षाविद श्री दिलीप केशरवानी, डॉ. नारायण गवांडकर सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।
   इस अवसर पर उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता श्री अतुल कोठारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने, क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट सिस्टम तथा टास्क फोर्स के गठन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. राजीव प्रकाश ने नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए। इसी तरह श्री ओम प्रकाश शर्मा ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।
     कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

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परीक्षा के डर को तोड़ने फिर विद्यार्थियों के बीच आएंगे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, 6 फरवरी को देशभर में होगा ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का सीधा संवाद

अंबिकापुर 05 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और समग्र कल्याण की भावना तथा परीक्षा को लेकर भय के वातावरण को दूर करने के उद्देश्य से  06 फरवरी 2026 को विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों से परीक्षा पे चर्चा किया जाएगा।
      जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) 2026 कार्यक्रम 06 फरवरी 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से जिले के प्रत्येक शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों, विकासखण्ड मुख्यालय तथा जिला मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया (यूट्यूब, फेसबुक लाइव), दूरदर्शन, PM eVidya TV, रेडिया चैनलों और विभिन्न ओटीटी प्लेटफार्म आदि पर किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान: चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण

प्रधानमंत्री आवास केवल मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नींव हैं – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 5 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है। 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है।

आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है। 

इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं।

*"प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*"प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। - उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

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जहां हर श्लोक बना जीवन का संदेश—भक्ति, श्रद्धा और संकीर्तन की गूंज के बीच जशपुर के कीर्तन भवन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, भक्त प्रह्लाद और ध्रुव चरित्र के प्रसंगों से भावविभोर हुए श्रद्धालु.....

जशपुरनगर 05 फरवरी 2026  :- शहर के कीर्तन भवन में बुधवार की शाम सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन की कथा का वाचन आचार्य करुणा शंकर जी महाराज द्वारा किया गया। कथा प्रारंभ से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना एवं भागवत महापुराण की आरती की गई।


          पहले दिन आचार्य करुणा शंकर जी ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग है। उन्होंने भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र और भक्ति के मूल सिद्धांतों का संक्षिप्त वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और सदाचार का संदेश दिया।
         कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संपूर्ण वातावरण भक्ति-मय हो गया। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से कीर्तन भवन गूंज उठा। आयोजन समिति ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा के साथ झांकी प्रदर्शन प्रतिदिन शाम  6:30 से 9:30 तक आयोजित की जाएगी.

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पहाड़ों और जंगलों के बीच बनेगी विकास की मजबूत सड़क: रजत जयंती पर 500 करोड़ की लागत से प्रदेशभर में बनेंगी 28 महत्वपूर्ण सड़कें - जशपुर जिले को भी मिली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की सौगात, आवागमन होगा आसान

रायपुर : रजत जयंती महोत्सव : 500 करोड़़ रूपए की लागत से होंगे 28 महत्वपूर्ण सड़कों के कार्य

रायपुर, 05 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ गठन के रजत जयंती महोत्सव के विशेष अवसर पर शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्री विण्णु देव साय के निर्देशन में और लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री अरूण साव के मार्गदर्शन में आमजन के लिए यातायात और अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यों को कराने स्वीकृति प्रदान की गई है। हाल ही में लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के 28 महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पांच सौ करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए है।
 राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यो में जिला धमतरी के भोथली मेंढरका मार्ग निर्माण कार्य पुल-पुलिया सहित लम्बाई 3 किलोमीटर के कार्य के लिए 5 करोड़ 64 लाख 51 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार धमतरी के मेघा से खैरझिटी मार्ग लम्बाई 3.50 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए 10 करोड़ 39 लाख 64 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
जिला सूरजपुर के अंतर्गत बिशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग (एस.एच-16) के सुदृढ़ीकरण एवं मजबूती कार्य के लिए 32 करोड़ 24 लाख 47 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसी तरह से विधानसभा क्षेत्र प्रेमनगर के अंतर्गत जमदेई से पोतका मार्ग पर रेहण्ड नदी तक मार्ग निमार्ण कार्य के लिए 6 करोड़ 15 लाख 40 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। बेमेतरा जिले के अंतर्गत देवकर साजा खम्हरिया मार्ग लम्बाई 31.60 किलोमीटर के लिए 31 करोड़ 11 लाख 43 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। 
इसी प्रकार से बेरला से कोदवा देवरबीजा करमू मार्ग लम्बाई 22 किलोमीटर के लेन मजबूतीकरण कार्य के लिए 15 करोड़ 94 लाख एक हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार बहिंगा तिवरैया सिमगा पहुंच मार्ग लम्बाई 12 किलोमीटर के निर्माण कार्य के लिए 11 करोड़ 81 लाख 12 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के कामेश्वर नगर रामचन्द्रपुर-लुरगी मार्ग के मजबूतीकरण एवं उन्नयन कार्य 48 किलोमीटर के लिए 25 करोड़ 68 लाख 85 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी तरह से सनावल मार्ग के मजबूतीकरण एवं उन्नयन कार्य 35 किलोमीटर के लिए 9 करोड़ 16 लाख 21 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार परसवार से चलगली उन्नयन मार्ग लम्बाई  18 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 38 करोड़ 80 लाख  48 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
जशपुर जिले के अंतर्गत विकासखण्ड कांसाबेल के गड़ैरटोली से जामुण्डा-कटंगखार पहुंच मार्ग लम्बाई 4.50 किलोमीटर पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 62 लाख 80 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला मंुगेली के सल्फा मोतिपुर धुमा अमलडीह मार्ग 22.50 किलोमीटर मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य के लिए 45 करोड़ 25 लाख 66 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला कांकेर के चारामा कोरर से गिधाली-रतेडीह-कुर्रूटोला  पहुँच मार्ग पुल-पुलिया सहित लम्बाई 6 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 10 करोड़ 17 लाख 92 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। अंतागढ़-बेड़मा मार्ग के मजबूतीकरण कार्य के लिए 24 करोड़ 69 लाख 12 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। इसी प्रकार कांकेर के बासनवाही-टंहकापार मार्ग के 3/8 किलोमीटर पर महानदी पर सेतुमय पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए 28 करोड़ 6 लाख 90 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
जिला मेनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पाराडोल से मेरो मार्ग पर कौड़ीया नाला पर पुल निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 96 लाख 53 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। पाराडोल से तेन्दुडांड मार्ग पर हसदेव नदी पर पुल निर्माण कार्य के लिए 9 करोड़ 18 लाख 8 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार बेलबहरा से लालपुर पहुंच मार्ग पर सुखाड़ नाला पर पुल निर्माण कार्य के लिए 5 करोड़ 11 लाख 86 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला राजनांदगांव विकासखण्ड छुरिया के बैरागीभेंड़ी से भोलापुर पहुंच मार्ग लम्बाई 3 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 6 करोड़ 13 लाख 32 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला बलौदाबाजार के छछानपैरी से कुम्हारी तक पहुंच मार्ग लम्बाई 3 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 5 करोड़ 48 लाख 47 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
जिला सरगुजा के सोनतराई मैनपाट मार्ग लम्बाई 28 किलोमीटर मजबूतीकरण एवं सौन्दर्यकरण कार्य के लिए 26 करोड़ 33 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। सरगुजा के अम्बिकापुर के गांधीचौक से रेलवे स्टेशन तक 4 लेन चौड़ीकरण लम्बाई 5 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए 61 करोड़ 34 लाख  7 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार सरगुजा के कोरंधा से पसेना तक लम्बाई 4 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ 92 लाख 90 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के बसंतपुर कारियाम मार्ग लम्बाई 15 किलोमीटर मजबूतीकरण कार्य के लिए 9 करोड़ 26 लाख 47 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। रायपुर जिले के गोढ़ी-तोड़गांव-बड़गांव लम्बाई 4 किलोमीटर मजबूतीकरण, चौड़ीकरण एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य के लिए 21 करोड़ 55 लाख 97 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला दुर्ग के सेलुद जामगांव रानीतराई मार्ग लम्बाई 40.52किलोमीटर का डामर नवीनीकरण कार्य के लिए 11 करोड़ 71 लाख 63 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जिला सक्ती के छुहीपाली से कटेकोनी बड़े-कर्राखई-ठाकुरपाली से सेमराडीह तक सड़क लम्बाई 12 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य के लिए 15 करोड़ 29 लाख 67 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। बिलासपुर के कोनी मोपका बायपास मार्ग लम्बाई 13.40 किलोमीटर फोरलेन निर्माण कार्य के लिए 20 करोड़ 51 लाख 80 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में इन महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यों की स्वीकृति मिलने से लोगो का आवागमन और सुविधा जनक हो जाएगा। इन मार्गों के कार्य क्षेत्रीय लोगो के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। इन कार्यों की स्वीकृति मिलने से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र होने से लोगो को सुविधा होगी। 

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना,बाल विवाह रोकने करेगा प्रचार प्रसार

जशपुरनगर 5 फरवरी 2026/ बाल विवाह के विरुद्ध जन-जागरूकता को राज्य के अंतिम छोर तक पहुँचाने और छत्तीसगढ़ को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगिया से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ 8 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न गांवों और कस्बों में भ्रमण कर बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय बाल विवाह चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में भी शामिल हुए। यह पहल 100 दिवसीय राष्ट्रव्यापी गहन जागरूकता अभियान के अंतर्गत संचालित की जा रही है। जिले में यह अभियान समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च द्वारा, बाल अधिकारों के लिए कार्यरत देशव्यापी नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से चलाया जा रहा है।
रथ को रवाना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाल विवाह की प्रवृत्ति में पहले की तुलना में उल्लेखनीय कमी आई है। बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा चुका है और सरकार, नागरिक समाज संगठनों तथा स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही बाल विवाह से मुक्त किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, संस्था सदस्य अंजलि ताम्रकार, संस्था के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

     संस्था द्वारा बताया गया कि प्रचार प्रसार रथ चारपहिया वाहनों के माध्यम से प्रमुख मार्गों पर तथा मोटरसाइकिल और साइकिल कारवां के जरिए दूरस्थ और कमजोर संपर्क वाले गांवों तक पहुँचेगा। यात्रा के दौरान पंचायतों, स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संवाद के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। समर्पित संस्था के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि यह रथ समुदाय स्तर पर चेतना विकसित करने और बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ सामूहिक संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अभियान के माध्यम से ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा मयाली - मुख्यमंत्री श्री साय - स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिली पर्यटन विकास की नई सौगात,मुख्यमंत्री श्री साय ने किया मयाली–बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन

जशपुरनगर 5 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत सरकार के स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली–बगीचा विकास परियोजना का आज मयाली नेचर कैंप में भूमिपूजन किया। इसके अंतर्गत लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से मयाली, विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग मधेश्वर पर्वत एवं बगीचा स्थित कैलाश गुफा में पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने विभिन्न कार्य किये जाएंगे। मयाली–बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत को संरक्षित करते हुए समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान प्राप्त होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र वासियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए ऐतिहासिक है।आज यहां पर मयाली के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी गई। मयाली अब  पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा है। अब यह वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा। मयाली की पहचान मधेश्वर महादेव से रही है। जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। अब विकास परियोजना से मधेश्वर पहाड़ के धार्मिक और पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी। इसे ध्यान में रखते हुए मयाली डेम के पास पर्यटक रिसोर्ट और स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाया जाएगा। इस परियोजना से जशपुर जिले में पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। मयाली को एक संपूर्ण इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन बनाया जाएगा। इससे यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। जब देश-विदेश से पर्यटक आएंगे तो पर्यटन से होने वाली आमदनी का लाभ सीधे स्थानीय लोगों को मिलेगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ में होम-स्टे नीति भी लागू की गई है। ग्रामीण परिवार अपने घरों को होम-स्टे बनाकर पर्यटन से सीधे जुड़ सकेंगे। इस तरह से होम-स्टे से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके साथ ही पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
हमारे बेटे-बेटियों के लिए भी यह एक नया अवसर है। परियोजना के तहत बनने वाले स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प और डिजिटल बुकिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। मयाली क्षेत्र के विकास से जशपुर के न सिर्फ पर्यटन क्षेत्र को बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक विभिन्नताओं को भी देश विदेश के लोग जानेंगे।

विभिन्न विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर — पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरेगा क्षेत्र

मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन के एक समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। क्षेत्र में पर्यटन एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने हेतु अनेक विकास कार्य प्रस्तावित एवं स्वीकृत किए गए हैं, जिनके पूर्ण होने पर मयाली की पहचान एक सुव्यवस्थित, आकर्षक और पर्यटक-अनुकूल स्थल के रूप में स्थापित होगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली में 05 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस हॉल, कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग तथा पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से न केवल पर्यटकों के ठहराव और आयोजन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिव मंदिर क्षेत्र में भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं। यहां प्रवेश द्वार का निर्माण, स्वच्छ टॉयलेट सुविधा, सौंदर्यीकरण हेतु लैंडस्केपिंग तथा सुगम आवागमन के लिए पाथवे का विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्यटन सशक्त होगा। इसी प्रकार बगीचा क्षेत्र के कैलाश गुफा परिसर को भी एक सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां प्रवेश द्वार, टॉयलेट, पिकनिक पिंडी (स्पॉट), रेस्टिंग शेड, घाट का विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों/रेलिंग का जीर्णोद्धार किया जाना प्रस्तावित है। इससे प्राकृतिक सौंदर्य के बीच सुरक्षित एवं सुविधाजनक पर्यटन अनुभव सुनिश्चित होगा।
उक्त सभी कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-स्कीम सीबीडीडी योजना के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के क्रियान्वयन से मयाली और बगीचा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती, रोजगार के अवसरों का सृजन तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है। आने वाले समय में यह क्षेत्र जशपुर जिले के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरेगा।

    इस अवसर पर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं अध्यक्ष पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड श्री शंभुनाथ चक्रवर्ती, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी राज्य सहकारी वित्त एवं विकास निगम श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव, उपाध्यक्ष नगर पालिका जशपुर श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सचिव छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग श्री रोहित यादव, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे।

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मयाली नेचर कैंप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद,पर्यटन एवं एडवेंचर गतिविधियाँ पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय रोजगार को भी देती हैं बढ़ावा: मुख्यमंत्री

जशपुरनगर, 05 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक अलग ही उत्साहपूर्ण और ऊर्जावान अंदाज़ में नजर आए। उन्होंने जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में न केवल विभिन्न साहसिक खेल गतिविधियों का स्वयं अनुभव किया, बल्कि कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने नियमानुसार 10 रुपये का प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।    


   इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।

*मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की शुरुआत की*

मुख्यमंत्री श्री साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक एटीवी  को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग स्पोर्ट्स का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर  निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का प्रेरक संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए।मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।

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प्रदेश में खुलेंगे 4 नए उप पंजीयक कार्यालय        भखारा, लवन, सकरी और राजकिशोर नगर में उप पंजीयक कार्यालयों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति


रायपुर, 05 फरवरी 2026
प्रदेश में आम नागरिकों को रजिस्ट्री एवं पंजीयन से जुड़ी सेवाएं सहज, सुलभ और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम–1908 के प्रावधानों के तहत भखारा (जिला धमतरी), लवन (तहसील मुख्यालय, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा), सकरी एवं राजकिशोर नगर (बिलासपुर) में चार नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धमतरी जिला के भखारा में नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने हेतु प्रशासकीय स्वीकृत दी गई है। इसी प्रकार जिला पंजीयक बलौदाबाजार-भाटापारा के अंतर्गत तहसील मुख्यालय लवन और बिलासपुर जिले के राजकिशोर नगर एवं सकरी में उप पंजीयक कार्यालय खोलने  प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया है।
इन नए उप पंजीयक कार्यालयों के खुलने से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को रजिस्ट्री कार्य के लिए दूरस्थ जिला मुख्यालयों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन की बचत होगी, भीड़ कम होगी तथा पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में गति आने की भी संभावना है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक उनके निकटतम स्तर पर उपलब्ध हों। नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति से लोगों को पंजीयन संबंधी कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय सुशासन की दिशा में एक और सशक्त कदम है, जिससे नागरिकों का समय बचेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
 वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य हमारी सरकार नागरिक सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।चार नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति इसी सोच का परिणाम है। नए उप पंजीयक कार्यालय खुलने से पंजीयन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को उनके क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और त्वरित होगी। उन्होंने बताया कि पंजीयन विभाग द्वारा 10 नए क्रांतिकारी सुधार लागू किए गए हैं, जिनका लाभ इन क्षेत्रों के नागरिकों को भी मिलेगा। इनमें ऑटो डीड जनरेशन, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, घर बैठे रजिस्ट्री, स्वतः नामांतरण, ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाणपत्र, एकीकृत कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप आधारित सेवाएं, डिजीलॉकर एकीकरण, डिजी-डॉक सेवा तथा खसरा नंबर के माध्यम से ऑनलाइन सर्च एवं रजिस्ट्री डाउनलोड की सुविधा शामिल है।
राज्य सरकार के इस निर्णय को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पंजीयन व्यवस्था अधिक विकेंद्रीकृत और प्रभावी बन सकेगी।

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विद्यालय की पोषण वाटिका बनी बच्चों की खुशियों और सीख का स्रोत,पोषण वाटिका से उत्पादित आलू घर ले जाने मिले तो बच्चों के चेहरे खिल उठे

कुनकुरी/नारायणपुर 05 फरवरी 2026 : । प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली, कुनकुरी विकासखंड इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह विद्यालय न केवल बच्चों को किताबी शिक्षा दे रहा है, बल्कि उन्हें खेती और पर्यावरण से जुड़ा व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान कर रहा है। विद्यालय परिसर में विकसित की गई पोषण वाटिका हमेशा हरी-भरी रहती है, जिससे बच्चों को मिड डे मील में प्रतिदिन ताजी और पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विद्यालय में पोषण वाटिका का निर्माण एवं रख-रखाव प्रधान पाठक श्री लव कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में शिक्षक श्री महेश तिर्की, इको क्लब के सदस्यों एवं विद्यालय के अन्य कर्मचारियों के सहयोग से किया जाता है। प्रत्येक मौसम के अनुसार यहां सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। शरद ऋतु में इस बार पोषण वाटिका में विभिन्न सब्जियों के साथ-साथ आलू की खेती भी की गई थी।

विद्यालय की पोषण वाटिका से इस बार लगभग ढाई किंवटल  आलू का उत्पादन हुआ है। उत्पादित आलू का अधिकांश हिस्सा विद्यालय के मिड डे मील के लिए सुरक्षित रखा गया है, जिससे बच्चों को पौष्टिक भोजन मिल सके। वहीं शेष बचे आलू को प्रति बच्चे 2.5 किलोग्राम की दर से वितरण किया गया। आलू पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी, बच्चे इसे उपहार स्वरूप पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।

इस अवसर पर बच्चों को यह भी समझाया गया कि वे घर जाकर अपने पालकों से खेती-किसानी से होने वाले लाभों के बारे में चर्चा करें और कृषि कार्य के महत्व को समझें। विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों को छोटी उम्र से ही आत्मनिर्भरता, श्रम के महत्व और कृषि से जुड़ाव का संदेश देना है।

प्रधान पाठक श्री लव कुमार गुप्ता ने बताया कि पोषण वाटिका का उपयोग केवल मिड डे मील तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे शैक्षणिक गतिविधियों से भी जोड़ा गया है। बच्चे यहां गणितीय संक्रियाएं, लाभ-हानि, मापन, अनुमान लगाना, आकृतियों की पहचान जैसे विषयों को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखते हैं। इसके साथ ही पर्यावरण विषय के अंतर्गत जड़, पत्ती, मिट्टी के प्रकार, उन्नत खेती एवं फसलों की जानकारी भी बच्चों को व्यवहारिक रूप से दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस पहल से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ी है और वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि अनुभव के रूप में लेने लगे हैं। विद्यालय की यह पहल अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।

पोषण वाटिका से मिले आलू को घर ले जाते बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ जीवनोपयोगी ज्ञान भी विकसित हो रहा है।

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बगिया में जनता की आवाज़ बनी जनदर्शन की गूंज, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक-एक फरियाद सुन अफसरों को दिए मौके पर सख्त निर्देश

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बगिया में जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से सुनी आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण करने के निर्देश.....*


जशपुरनगर 5 फरवरी 2026 : जशपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने गृह ग्राम बगिया पहुंचे, जहां उन्होंने जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्रवासियों से प्रत्यक्ष संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं आम नागरिकों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं, मांगें एवं सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा जनदर्शन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सीधे जनता से संवाद कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल किया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के विकास में ग्रामीण क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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मैनपाट महोत्सव की तैयारियों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर हर व्यवस्था का लिया बारीकी से जायजा

मैनपाट महोत्सव स्थल पर तैयारियों का कलेक्टर अजीत वसंत ने लिया जायजा


अंबिकापुर 04 फरवरी 2026/  कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने बुधवार को मैनपाट महोत्सव स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने आगामी 13, 14 एवं 15 फरवरी को रोपाखार जलाशय के समीप आयोजित होने वाले कार्यक्रम स्थल में डोम निर्माण, मंच व्यवस्था, साज-सज्जा, ग्रीन रूम की जानकारी ली तथा हेलीपैड स्थल, मेला स्थल, विभागीय स्टॉल स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने मुख्य अतिथियों, वीआईपी, वीवीआईपी, मीडिया तथा आमजनों हेतु बैठक व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने रूट चार्ट, पार्किंग व्यवस्था, आवागमन, सुरक्षा आदि की विस्तृत जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

   उन्होंने कहा कि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की समस्या ना हो, पूरे आयोजन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहे। उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा में सभी तैयारियां पूरी करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय कर कार्यक्रम को सफल बनाना सुनिश्चित करें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों, एसडीएम श्री रामसिंह ठाकुर सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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रायपुर में जुटेंगे विभिन्न देशों में बसे छत्तीसगढ़ी, 27-28 मार्च को प्रवासी छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव,नॉर्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन के सहयोग से होगा आयोजन

रायपुर 4 फ़रवरी 2026 - 

प्रदेश के विकास में प्रवासी छत्तीसगढ़ियों की सहभागिता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 27 एवं 28 मार्च को राजधानी रायपुर में “प्रवासी छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जाएगा। यह कॉन्क्लेव उत्तर अमेरिका छत्तीसगढ़ प्रवासी संघ (North America Chhattisgarh Association – NACHA) तथा छत्तीसगढ़ एनआरआई संघ (NRI Association of Chhattisgarh) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
इस दो दिवसीय आयोजन में  भारत से बाहर विभिन्न देशों में निवासरत छत्तीसगढ़ के रहवासी सहभागिता करेंगे। इस कॉनक्लेव के लिए पंजीयन जल्द शुरू होगा। 

कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन एवं उद्योग विकास स्टार्टअप विकास जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, प्रवासी छत्तीसगढ़ियों के अनुभव एवं संसाधनों के माध्यम से राज्य के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा होगी।
इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश और प्रवासी छत्तीसगढ़ी समाज के बीच संवाद को सुदृढ़ करना तथा सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशना है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ, उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़ी प्रदेश की अमूल्य पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि “विदेश में रहकर काम कर रहे छत्तीसगढ़ी नागरिक अपने ज्ञान, अनुभव और निवेश के माध्यम से राज्य के विकास को नई गति दे सकते हैं। सरकार चाहती है कि प्रवासी छत्तीसगढ़ी प्रदेश के औद्योगिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।”

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खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 04 फरवरी 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये।

बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई।

बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग श्री पी दयानंद, संचालक खनिज श्री रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।

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राज्य के 27 जिलों में 206 शासकीय शालाओं के नवीन भवन निर्माण हेतु 24.23 करोड़ की स्वीकृति


रायपुर, 04 फरवरी 2026
राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट अंतर्गत शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के 27 जिलों में संचालित 206 शासकीय शालाओं के नवीन भवन निर्माण हेतु 24 करोड़ 23 लाख 56 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से भवन विहीन शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं स्थायी विद्यालय भवन की सुविधा प्राप्त होगी।
43 शासकीय प्राथमिक शालाओं के लिए भवन निर्माण
स्वीकृति के अंतर्गत राज्य की 43 शासकीय प्राथमिक शालाओं में नवीन भवन निर्माण हेतु प्रति शाला भवन 11.48 लाख रुपये की दर से कुल 493.64 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला की तीन प्राथमिक शाला, खैरागढ़-छुईखदान- गण्डई जिला की एक, बलौदाबाजार जिला की एक, बेमेतरा जिला की दो, कांकेर जिला की दो, कोण्डागांव जिला की दो तथा कोरिया जिला की एक प्राथमिक शाला के लिए नया भवन बनाए जाएंगे।
इसी प्रकार जांजगीर-चांपा जिला की एक प्राथमिक शाला, कवर्धा जिला की एक, महासमुंद जिला की दो, बिलासपुर जिला की एक, रायपुर जिला की दो, राजनांदगांव जिला की चार, सरगुजा जिला की पांच, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की चार, सूरजपुर जिला की एक, जशपुर जिला की दो, गरियाबंद जिला की दो, मुंगेली जिला की एक तथा धमतरी जिला की पांच प्राथमिक शालाओं के लिए नया भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
163 शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए भवन निर्माण
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की 163 शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं के नवीन भवन निर्माण हेतु प्रति शाला 11.84 लाख रुपये की दर से कुल 1929.92 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला की चार, बस्तर जिला की तीन, बेमेतरा जिला की छह, बलरामपुर जिला की छह शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नवीन भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार कांकेर जिला की नौ, धमतरी जिला की चार, कोण्डागांव जिला की दो , कोरिया जिला की नौ, कवर्धा जिला की सात, रायपुर जिला की बारह, रायगढ़ जिला की चार, राजनांदगांव जिला की छह, सरगुजा जिला की दस, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की दस, सूरजपुर जिला की तेरह, दुर्ग जिला की एक, नारायणपुर जिला की सात, गौरेलादृपेण्ड्रादृमरवाही जिला की तीन शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नवीन भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है। जांजगीर-चांपा जिला की दो, महासमुंद जिला की आठ, बलौदाबाजार जिला की आठ, मुंगेली जिला की सात, जशपुर जिला की चार, सक्ती जिला की तीन, बालोद जिला की दो, गरियाबंद जिला की आठ तथा खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला की दो पूर्व शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नवीन भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
ग्राम पंचायतों के माध्यम से होगा निर्माण
राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि स्वीकृत की गई सभी शाला भवनों का निर्माण संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत राशि दो अथवा तीन किश्तों में विमुक्त की जाएगी, जिससे पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। उक्त स्वीकृति संबंधित बजट मांग संख्याओं के अंतर्गत व्यय की जाएगी तथा यह आदेश वित्त विभाग की नस्ती दिनांक 28 जनवरी 2026 द्वारा प्रदत्त सहमति के आधार पर जारी किया गया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि 27 जिलों की 206 शासकीय शालाओं के लिए भवन निर्माण की यह स्वीकृति ग्रामीण, आदिवासी एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाएगी और विद्यार्थियों को सुरक्षित व सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगी।

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