ताजा खबरें


बड़ी खबर

किसानों की खुशहाली से छत्तीसगढ़ की समृद्धि का संकल्प, विष्णु सरकार के फैसलों से खेती-किसानी को नई ताकत; हरेली तिहार में दिखी अन्नदाता और कृषि संस्कृति की गहरी आत्मीयता

*•छगन लाल लोन्हारे*
*संयुक्त संचालक जनसंपर्क*

रायपुर, 10 अगस्त 2026/प्रदेश सरकार किसानों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। गांव, गरीब और किसान सरकार की पहली प्राथमिकता में हैं। देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की इन ढाई साल के अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीतिगत फैसलों से खेती किसानी को नया संबल मिला है। बीते खरीफ विपणन वर्ष में किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.05 लाख मीेट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत् रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदीकर न सिर्फ किसानों को मान बढ़ाया, बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही किसानों के खाते में रमन सरकार के पिछले दो वर्ष का बकाया धान के बोनस 3716.38 करोड़ रूपए अंतरित कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर दी है। मुख्यमंत्री का मानना है कि भारत गांवों में बसता है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का व्यापार, उद्योग बढे़गा। 

 परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं की साथ पूजा करते हैं। गांवों के गुड़ी में ठाकुरदेव की पूजा की जाती है।

 हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में यादवों को भेंट करने की परंपरा रही हैं।

 सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।

हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है  जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसलिए किसान भाई इस दिन पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं। गेहूं आटे को गंूथ कर गोल-गोल बनाकर अरंडी या खम्हार पेड़ के पत्ते में लपेटकर गोधन को औषधि खिलाते हैं। ताकि गोधन को रोगों से बचाया जा सके। गांव में पौनी-पसारी जैसे राऊत, लोहार व बैगा हर घर के दरवाजे पर नीम की डाली खोंचते हैं। गांव में लोहार अनिष्ट की आशंका को दूर करने के लिए चौखट में कील लगाते हैं। यह परम्परा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यमान है।

 पिहले के दशक में गांव में बारिश के समय कीचड़ आदि हो जाता था उस समय गेड़ी से गली का भ्रमण करने का अपना अलग ही आनंद रहता था। गांव-गांव में गली कांक्रीटीकरण से अब कीचड़ की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। हरेली के दिन गृहणियां अपने चूल्हे-चौके में कई प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाती है। किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है। शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के खेल मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं। बहु-बेटियां नए वस्त्र धारण कर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो, फुगड़ी आदि खेल का आनंद लेती हैं।
 हरेली तिहार सामाजिक समरसता का प्रतीक है यह केवल धार्मिक या कृषि पर्व नहीं है यह समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने का माध्यम है। गांव के लोग मिल-जुलकर पूजा और कार्यक्रमों का आयोजन करते है। इस दिन परिवार में सुख-समृद्धि की कामना के साथ ही प्रकृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।

और भी

तिरंगे के रंग में रंगा रायपुर, हाथ में राष्ट्रध्वज थाम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, हजारों कदमों के साथ गूंजा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संकल्प

रायपुर 10 अगस्त 2026/ हाथों में लहराता तिरंगा, भारत माता के जयघोष, देशभक्ति के गीत और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत हजारों नागरिकों का उत्साह - राजधानी रायपुर आज पूरी तरह तिरंगे के रंग में रंगी नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों नागरिक राष्ट्रध्वज के तले एकजुट हुए। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वयं हाथ में तिरंगा थामकर जनसैलाब के साथ कदम से कदम मिलाया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्कूली विद्यार्थियों द्वारा हाथों में थामा गया लगभग एक किलोमीटर लंबा तिरंगा पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।

तिरंगा यात्रा के शुभारंभ से लेकर समापन तक राजधानी में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया। हजारों हाथों में एक साथ लहराते राष्ट्रीय ध्वज और भारत माता के जयघोष ने पूरे यात्रा मार्ग को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय भी नागरिकों के बीच तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान नागरिकों में मुख्यमंत्री के साथ चलने और राष्ट्रध्वज के सम्मान में आयोजित इस यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। यह केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और असंख्य बलिदानों का प्रतीक है। तिरंगे में देश के 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की अद्भुत शक्ति है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और क्षेत्रों की विविधता के बावजूद तिरंगा हम सभी को भारतीय होने के एक साझा गौरव से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तिरंगा लहराता है तो प्रत्येक भारतीय के मन में स्वाभाविक रूप से राष्ट्र के प्रति गौरव और सम्मान का भाव जागृत होता है। हमारा राष्ट्रीय ध्वज स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और एक सशक्त राष्ट्र के रूप में भारत की यात्रा का साक्षी है। तिरंगा हमें अपने अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज एक व्यापक जनअभियान का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान ने तिरंगे को घर-घर तक पहुंचाने के साथ राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान और गौरव के साथ तिरंगा फहराने तथा तिरंगा यात्राओं से जुड़कर राष्ट्रीय एकता के इस उत्सव को और भव्य बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में गर्व और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं, वह स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई है। इसके पीछे लाखों देशवासियों का संघर्ष, त्याग, तपस्या और बलिदान जुड़ा हुआ है। देश के असंख्य वीर सपूतों ने मातृभूमि को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में देश के हर क्षेत्र और समाज के लोगों ने अपना योगदान दिया। किसी ने अपना जीवन समर्पित किया, किसी ने अपना घर-परिवार छोड़ा और अनेक वीरों ने मातृभूमि के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन बलिदानों के कारण ही आज हम स्वतंत्रता और लोकतंत्र के गौरव का अनुभव कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी स्वतंत्र भारत में जन्मी और आगे बढ़ रही है। इसलिए उसे यह जानना आवश्यक है कि आजादी कितनी अनमोल है और इसके लिए हमारे पूर्वजों ने कितना बड़ा संघर्ष किया। स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाओं से परिचित होकर ही नई पीढ़ी स्वतंत्रता के वास्तविक मूल्य को समझ सकेगी।

उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। स्वतंत्रता की इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इससे युवाओं के भीतर राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, समर्पण, सेवा और ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव और अधिक मजबूत होगा।

*छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों ने स्वतंत्रता संग्राम में लिखी शौर्यगाथा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भी वीरों, जननायकों और बलिदानियों की धरती रही है। देश की स्वतंत्रता के लिए हुए संघर्ष में छत्तीसगढ़ के अनेक वीर सपूतों ने अदम्य साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों के हित में आवाज उठाई और अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका जीवन हमें बताता है कि राष्ट्रप्रेम के साथ जनसेवा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का साहस भी सच्ची देशभक्ति का स्वरूप है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के महान जननायक गुण्डाधुर की शौर्यगाथा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर संघर्ष का बिगुल फूंका। बस्तर की धरती ने सदैव अपने स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। गुण्डाधुर का साहस और नेतृत्व आज भी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर सहित छत्तीसगढ़ के अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष हमारे गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा है। इन महानायकों की शौर्यगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके आदर्शों से युवाओं को परिचित कराना हमारा दायित्व है।

*बदलते बस्तर में शांति और विकास के साथ लहराएगा तिरंगा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज हिंसा और भय के लंबे दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्रवासियों के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंची है।

उन्होंने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली हिंसा के कारण भय का वातावरण था, वहां अब विकास की नई रोशनी पहुंच रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों का शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। बस्तर के लोगों की आकांक्षाओं और सपनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, विश्वास और नई संभावनाओं से बन रही है। इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा तथा तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। बस्तर के गांवों और दूरस्थ अंचलों में भी तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहराएगा।

*एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ आगे बढ़ी नई पीढ़ी*

तिरंगा यात्रा में स्कूली छात्र-छात्राओं का उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने लगभग एक किलोमीटर लंबे तिरंगे को अपने हाथों में थामकर अनुशासित पंक्तियों में यात्रा की। सड़क पर दूर तक फैला विशाल तिरंगा राजधानी में राष्ट्रीय एकता और गौरव की अनुपम छटा बिखेरता दिखाई दिया। यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, पूर्व सैनिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। 

*पुष्पवर्षा से स्वागत, भारत माता के जयघोष से गूंजा रायपुर*

तिरंगा यात्रा को लेकर राजधानी के नागरिकों में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने इसका आत्मीय स्वागत किया। कई स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से तिरंगा लहराकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते नजर आए।

यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसके साथ नागरिकों का उत्साह भी बढ़ता गया। देशभक्ति के गीतों और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ तथा ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ के उद्घोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। युवाओं के हाथों में लहराते तिरंगे और स्कूली बच्चों के उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक चारों ओर तिरंगा ही तिरंगा दिखाई दे रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरी राजधानी ने तीन रंगों की चादर ओढ़ ली हो। हजारों हाथों में एक साथ लहराते तिरंगे और राष्ट्रभक्ति से भरे जयघोष के बीच पूरा रायपुर एक स्वर में यही संदेश देता नजर आया - भारत एक है, भारत श्रेष्ठ है और राष्ट्र सर्वोपरि है।

*तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव*

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि देश स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व मनाने जा रहा है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ तथा ‘तिरंगा यात्रा’ के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। यह उन स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिनके त्याग और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता मिली।

उन्होंने कहा कि रायपुर के कोने-कोने से बड़ी संख्या में युवा तिरंगा यात्रा में शामिल होने पहुंचे हैं। यह उत्साह बताता है कि देश की नई पीढ़ी के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना कितनी मजबूत है। जिस तिरंगे ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों को एकजुट किया था, आज उसी तिरंगे के सम्मान में पूरा रायपुर एक साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।

*तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने देशभर में राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की है। जब प्रत्येक घर पर तिरंगा लहराता है तो वह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति प्रत्येक नागरिक के सम्मान, गौरव और संकल्प की अभिव्यक्ति बन जाता है।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से उत्साहपूर्वक जुड़ने का आह्वान किया।

तिरंगा यात्रा में कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

और भी

माटी, हरियाली और किसानों के श्रम को नमन करता छत्तीसगढ़ का लोक-पर्व ‘हरेली तिहार’, कृषि औजारों की पूजा से लेकर गोधन के सत्कार और गेड़ी की उमंग तक जीवंत होती है समृद्ध लोक-संस्कृति

*विशेष लेख*
*छत्तीसगढ़ का लोक-पर्व: हरेली तिहार*
              धनंजय राठौर
          संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

छत्तीसगढ़ी संस्कृति में लोक-त्योहारों की एक समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें प्रकृति, कृषि और जीव-जंतुओं के प्रति गहरा सम्मान झलकता है। इन्हीं त्योहारों में सबसे पहला और प्रमुख त्यौहार है — हरेली तिहार। सावन माह की अमावस्या (हरियाली अमावस्या) को मनाया जाने वाला यह पर्व छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन, कृषि परंपरा और पर्यावरण-प्रेम का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की पहचान सिर्फ उसकी प्रकृति नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराएँ भी हैं।
छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में पर्व और त्यौहारों की बहुलता है। प्रत्येक माह कोई न कोई त्यौहार यहाँ लोक मानस को अपने रंग में रंग लेता है। ये त्यौहार जहॉं लोक जीवन में हंसी-खुशी के अवसर उपलब्ध कराती हैं, वहीं खेल और मनोरंजन के अनुकूल साबित होते हैं। प्रकति का यह हरापन छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में भी पूरी समाहित है। हरेली, भोजली, जँवारा हो या बसंत पंचमी सभी पर्वों में प्रकृति का मनोरम और इसका अप्रतिम सौंदर्य झलकता है। इस रूप-सौंदर्य में जीवन की चारों अवस्थाओं का उल्लास और उत्साह विविध रंगों में बिखरा हुआ है।
शायद ‘हरेली’ का हरापन हमारी परंपराओं में हमारे संस्कारों में और हमारे लोक जीवन में प्राकृतिक हरीतिमा का ज्यादा एहसास कराता है। हरेली का यह हरापन सबके जीवन में बिखरे और निखरे यही कामना है। यह भी कामना है कि भौतिकता की चकाचौंध से परे हमारी खेल परंपराएँ जीवित रहे ताकि माटी से जुड़े ग्रामीणजन शारीरिक और मानसिक दृष्टि से सुदृढ़ रहें। माटी की सोंधी-सोंधी महक हमारे लोक गीतो से आती रहे और खेल परंपरा की यह अविरल धारा निरंतर गतिमान रहे।
1. हरेली शब्द का अर्थ और महत्व
'हरेली' शब्द 'हरियाली' से बना है। सावन के महीने में जब चारों तरफ़ खेतों और मैदानों में हरी-भरी फसलें और हरियाली लहलहाने लगती है, तब किसान इस पर्व को उल्लासपूर्वक मनाते हैं। इसे छत्तीसगढ़ का पहला तिहार माना जाता है, जहाँ से राज्य के प्रमुख लोक-पर्वों की श्रृंखला शुरू होती है।
2. कृषि उपकरणों और पशुधन की पूजा
हरेली का दिन मुख्य रूप से कृषकों और कृषि से जुड़े साधनों का धन्यवाद ज्ञापित करने का दिन है:
• कृषि यंत्रों की पूजा:- हरेली की जड़ें छत्तीसगढ़ क्षेत्र की कृषि विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। यह एक उत्सव होने के साथ-साथ एक आध्यात्मिक भेंट भी है, लोगों के लिए प्रकृति, बारिश और अपने कृषि कार्य को सम्पन्न करने के बाद किसान अपने औजार, हल, फावड़ा, कुदाल, कुदाली, कुम्हड़ी, बिन्धना, बसुला, हथौड़ी, आरी,असिया, पैसुल, छूरा, खुर्पी आदि को धोकर स्वच्छ मिट्टी (मुरमी) का आसन से सजाकर किसान-किसानिन पूजा सामग्री रखकर धुले हुए चांवल आटे से हाथा लगाकर चन्दन, फूल, धुप-दीप व चीला रोटी से भोग लगाकर श्रीफल अर्पित करते हैं एवं भाव विभोर हो प्रार्थना करते हैं - ‘हे बलराम रूपी हल प्रचण्ड शक्ति के प्रतीक धारापति, आपने कंधा के रूप में माता को संवारा एवं सेवा करने में हमारी सहायता की कृषि कार्य बोनी ब्यासी रोपा के होते ही चहूओर हरियाली छाई इसके लिए कोटिशः धन्यवाद आपका कार्य सम्पन्न हुआ विश्राम करे। हमने आपको बड़ा कष्ट दिया, काम लिया, हमें क्षमा करें। आपकी दया हम पर सदैव बनी रहे, इसी प्रकार अन्य औजारों का कार्यानुसार निवेदन करते गेड़ी की पूजा कर शरीर के सामर्थ पैरो की रक्षा की कामना करते हैं।
• पशुधन का सत्कार: पशुधन किसानों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में किसान मिश्रित कृषि प्रणाली अपनाते हैं, जिसमें फसल और पशुधन का संयोजन होता है। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में लोग कम पढ़े-लिखे और अकुशल होने के कारण अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं।  बैल छत्तीसगढ़ कृषि की रीढ़ हैं। किसान, विशेषकर सीमांत और लघु किसान, जुताई, ढुलाई और उत्पादन और इनपुट दोनों के परिवहन के लिए बैलों पर निर्भर रहते हैं।
•  खेती-किसानी के सच्चे साथी यानी गाय और बैलों की विशेष सेवा की जाती है। उन्हें नहला-धुलाकर आरती उतारी जाती है तथा 'गहूंता' (आटा, नमक और जड़ी-बूटी से बना पौष्टिक मिश्रण) खिलाया जाता है, ताकि वे रोगों से मुक्त रहें। जड़ी बुटियों से तैयार औषधि को गौठान में ले जाकर अन्डी एवं खम्हार के पत्तों में नमक, चावल या गेहूँ के गोला के साथ दवा डाल कर पशुओं को खिलाया जाता है। अरण्ड, खम्हार का पत्ता औषधि है, जो वायुजनित रोगों को दूर करता है। नमक उत्प्रेक्षण का कार्य करता है, चावल या गेहूँ के कारण दवा अधिक असरकारक बन जाती है। इससे पशु धन निरोग हो जाता है यह एक प्रकार टीकाकरण ही है।
3. परंपराएं एवं रीति-रिवाज
• गेड़ी चढ़ने का आनंद:- इस पर्व में गेंड़ी का काफी महत्व है बांस के मोटे डंडो एवं बांस के पहुये को विशेष विधि से कस कर बांधा जाता है। गेड़ी का उदारण हमें पुराणों में मिलता है। बलदाऊ-कृष्ण अपने सखाओं के साथ गेड़ी चढ़ा करते थे। कृष्ण लीला प्रसंग में इसका उदाहरण मिलता है तथा खेलों का आयोजन भी होते रहे हैं, जिसमें गेड़ी दौड़, पानी पिलाना, एक पैर में खड़े होना, एक पैर में कूदना आदि अनेक खेल का आयोजन प्राचीन काल से अब तक होते आ रहे हैं। बारिश के मौसम में कीचड़ और पानी से भरे रास्तों पर चलने के साधन के रूप में शुरू हुई यह परंपरा आज एक मनोरंजक खेल बन चुकी है। 
• विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन:-हरेली में गाँव व शहरों में नारियल फेंक प्रतियोगिता भी होती है। सुबह पूजा-अर्चना के बाद गाँव के चौक-चौराहों पर युवाओं की टोली जुटती है और नारियल फेंक प्रतियोगिता का आयोजन की जाती है। नारियल हारने और जीतने का यह सिलसिला देर रात तक चलता है। गाँव-गाँव में गेड़ी दौड़ का आयोजन होता है। कहीं खो-खो तो कहीं फुगड़ी, कहीं बिल्लस, कहीं अत्ती-पत्ती, डंडा पचरंगा खेल का आयोजन होते आ रहे हैं। गाँव का गौठान हो या स्कूल का मैदान, गाँव के बाहर सड़क हो या चौबट्टा लगता है सारे लोग रंग-बिरंगे परिधानों में सजे रहते हैं।
• टोटका और सुरक्षा का विधान:- मान्यतानुसार, इस दिन गाँव को बुरी नज़र और रोगों से बचाने के लिए घर के मुख्य दरवाजों पर नीम की पत्तियाँ बांधी जाती हैं। लोहार द्वारा घरों के चौखट पर नीम की शाखाएं और लोहे की कीलें लगाई जाती हैं। स्थानीय मान्यता है कि इससे घर को बुरी शक्तियों और बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। यह प्रथा नीम के ज्ञात औषधीय गुणों और ग्रामीण स्वास्थ्य संबंधी पारंपरिक मान्यताओं में इसकी भूमिका से प्रेरित है।
• हरेली तिहार में बनाए जाने वाले ब्यंजन:- मुख्य रूप से गुड़ के चीला, अईरसा, चौसेला और बोबरा जैसे पारंपरिक पकवान बनाए और बांटे जाते हैं। गुलगुला भजिया, गुड़हा चीला, सोहारी, बड़ा, ठेठरी, खुरमी और बोबरा जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवान बनाए जाते हैं। इन व्यंजनों का भोग कृषि औजारों और गोधन को लगाया जाता है। इस दिन छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का विशेष आनंद लिया जाता है। 
4. सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश
हरेली तिहार केवल एक धार्मिक या लोक-अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह मानव का प्रकृति के साथ अटूट संबंध दर्शाता है। यह पर्व सिखाता है कि जो प्रकृति और पशुधन हमें जीवन और भोजन देते हैं, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हमारा परम कर्तव्य है।आज के समय में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हरेली पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर और 'छत्तीसगढ़िया क्रांति' के तहत पारंपरिक खेलों (जैसे गेड़ी दौड़) को बढ़ावा देकर इस लोक-सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
------00000-----

और भी

छत्तीसगढ़ में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज: 18 अगस्त को टेबल-टॉप और 20 को होगी मॉक ड्रिल ,NDMA ने दी राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में गाइडलाइन्स

​ रायपुर,10 अगस्त 2026/  राज्य में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने और पूर्व तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा एक उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन की वास्तविक क्षमताओं और अंतर-विभागीय समन्वय को परखने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल-टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया जाएगा।

*​त्वरित राहत व बचाव के लिए तैयारियों का परीक्षण आवश्यक*

     राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे टेबल-टॉप एक्सरसाइज की सभी प्रक्रियाओं और एसओपी (SOP) को गहराई से समझें। उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा के समय शून्य देरी से राहत और बचाव कार्य संचालित करने के लिए यह पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

​*अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर*

     कॉन्फ्रेंस के दौरान बाढ़ के समय विभिन्न विभागों की सक्रिय भूमिका और समन्वय पर विस्तृत समीक्षा की गई। आपदा के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) तथा पशुपालन विभाग द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्यवाहियों का खाका तैयार किया गया।

​*समीक्षा बैठक में पहुंचे प्रमुख विभागों के उच्चाधिकारी*

     इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, रायपुर रेल मंडल (DRM), स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, दूरसंचार, विज्ञान केंद्र और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग सहित पंचायत, ऊर्जा, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। ​प्रदेश के सभी जिलों के नोडल अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।

और भी

दिल्ली के प्रतिष्ठित इंडिया हैबिटेट सेंटर में गूंजी छत्तीसगढ़ की पंडवानी, तीजन बाई की स्मृति में सजी लोककला की अनुपम प्रस्तुति ने राष्ट्रीय मंच पर फिर बढ़ाया प्रदेश का गौरव

रायुपर 10 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ की पंडवानी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच इंडिया हैबिटेट सेंटर में अपनी पूरी जीवंतता के साथ प्रस्तुत हुई। महान पांडवानी कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति को समर्पित विशेष प्रस्तुति के साथ आईएचसी लोक संगीत सम्मेलन 2026 का शुभारंभ हुआ। पंडवानी की इस प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा को दिल्ली के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक बार फिर प्रमुखता से सामने रखा।

*छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट लोक शैली की ताकत पंडवानी*

        इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टाइन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में पांडवानी कलाकार प्रभा यादव ने पारंपरिक संगीतकारों के साथ प्रस्तुति दी। महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी में कथा, गायन, संवाद, लय और अभिनय का ऐसा संयोजन देखने को मिला, जिसने छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट लोक शैली की ताकत और व्यापकता को सामने रखा।

       कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश की कला और संस्कृति से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ पत्रकार एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्ण दास, धरसींवा विधायक एवं प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार अनुज शर्मा, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव तथा सांस्कृतिक कार्यकर्ता ने कार्यक्रम में भाग लिया। इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश और अन्वेषा कला केंद्र की सचिव अन्वेषा ब्रह्मा भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।

*तीजन बाई के योगदान को याद किया*

         इस प्रस्तुति का केंद्र तीजन बाई की कला यात्रा और पांडवानी को मिली राष्ट्रीय पहचान रही। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा से निकली पंडवानी को देश और दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचाने में तीजन बाई का योगदान असाधारण रहा। उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली से पंडवानी को नई पहचान दी और इसे भारतीय लोक प्रदर्शन कलाओं की प्रमुख विधाओं में स्थापित किया।

 *सांस्कृतिक स्मृतियों और जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम पंडवानी*

       तीजन बाई को समर्पित प्रस्तुति के जरिए उनके कला जीवन और छत्तीसगढ़ की उस परंपरा को याद किया गया, जिसमें कथावाचन केवल मनोरंजन नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक स्मृतियों और जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम रहा है। इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश ने कहा कि भारत की लोक कलाएं देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें पीढ़ियों से चली आ रही कहानियां, परंपराएं और मूल्य सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि लोक कलाकारों और परंपराओं को राष्ट्रीय राजधानी में मंच देना इन विरासतों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

*भारत की लोक परंपराओं में सदियों का इतिहास पंडवानी*

        धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि पंडवानी छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण लोक कला है। तीजन बाई ने इसे गांवों से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस परंपरा का सम्मान होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। अन्वेषा कला केंद्र की सचिव अन्वेषा ब्रह्मा ने कहा कि भारत की लोक परंपराओं में सदियों का इतिहास, सामूहिक स्मृति और जीवन-दर्शन सुरक्षित है। ऐसे आयोजन इन परंपराओं को नए दर्शकों और नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करते हैं।

*देश की लोक परंपराओं का साझा मंच*

       आईएचसी लोक संगीत सम्मेलन भारत के अलग-अलग हिस्सों की लोक संगीत, कथावाचन और प्रदर्शन परंपराओं को एक मंच पर लाने वाला वार्षिक आयोजन है। इसका उद्देश्य देश की विविध लोक कलाओं को सामने लाना और पारंपरिक कलाकारों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचने का अवसर देना है।

      इस वर्ष सम्मेलन की शुरुआत ही छत्तीसगढ़ की पंडवानी और तीजन बाई की स्मृति को समर्पित प्रस्तुति से होना विशेष महत्व रखता है। राजधानी के प्रमुख सांस्कृतिक मंच पर हुई इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत की लोक कलाएं केवल अतीत की धरोहर नहीं हैं, बल्कि आज भी देश की सांस्कृतिक पहचान और रचनात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अन्वेषा कला केंद्र पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से भारत की शास्त्रीय और लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन, दस्तावेजीकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शैक्षणिक गतिविधियों के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।

और भी

मतदान के जरिए चुनी गई खरसोता स्कूल की बाल कैबिनेट, विद्यार्थियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लिया हिस्सा, शपथ लेकर संभाली जिम्मेदारियां

मतदान से गठित हुई बाल कैबिनेट, विद्यार्थियों ने सीखा लोकतंत्र का पाठ

खरसोता/मनोरा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता, विकासखंड मनोरा में विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से बाल कैबिनेट का गठन लोकतांत्रिक तरीके से मतदान के माध्यम से किया गया। विद्यालय के प्राचार्य डी.के. राम, वरिष्ठ शिक्षिका जगमईत भगत एवं निर्मला भगत की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने मतदान प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।

मतदान के बाद घोषित परिणाम में गौरव निराला को शाला नायक और विद्यावती को उपशाला नायक चुना गया। वहीं सचेत भगत को अनुशासन मंत्री, मानसी भगत को उप अनुशासन मंत्री, संतोषी भगत को सांस्कृतिक मंत्री, प्रतिज्ञा भगत को उप सांस्कृतिक मंत्री, विनय प्रधान को क्रीड़ा मंत्री, अजिता भगत को उप क्रीड़ा मंत्री, आशा बाई को बागवानी मंत्री, धर्मराज नागवंशी को उप बागवानी मंत्री, अमृता भगत को स्वच्छता मंत्री तथा अश्वन केरकेट्टा को उप स्वच्छता मंत्री निर्वाचित किया गया।

नवनिर्वाचित बाल कैबिनेट के सदस्यों का विद्यालय परिसर में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान शपथ ग्रहण समारोह भी कराया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डी.के. राम ने सभी निर्वाचित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बाल कैबिनेट केवल पद और जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतंत्र, नेतृत्व, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का व्यवहारिक अनुभव मिलता है।

विद्यालय में आयोजित इस चुनाव प्रक्रिया ने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर दिया। मतदान, उम्मीदवारों का चयन, प्रतिनिधित्व, जिम्मेदारी और शपथ ग्रहण जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोकतंत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझा। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व भावना और सामूहिक जिम्मेदारी का विकास करती हैं।

इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक रोपना उरांव, रामपति पैंकरा, अजीत मिश्रा, सुकदेव कुर्रे, संदीप भगत, शिक्षिकाएं बीना कुजूर, मीना भगत, अष्टमी यादव सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

बाल कैबिनेट के गठन से विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच नेतृत्व, सहयोग, अनुशासन, स्वच्छता, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होने की उम्मीद है। विद्यालय परिवार ने कहा कि आज का विद्यार्थी केवल कल का नागरिक नहीं, बल्कि आज से ही देश के भविष्य का निर्माता है। विद्यालय में लोकतांत्रिक मूल्यों का यह अभ्यास विद्यार्थियों को भविष्य में जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।

और भी

अब जशपुर के कॉलेज विद्यार्थी भी बनेंगे एआई एक्सपर्ट! 40 विद्यार्थियों का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू, चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट सहित आधुनिक एआई टूल्स के इस्तेमाल की मिलेगी प्रायोगिक जानकारी

​जशपुर नगर।

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय आवासीय एआई प्रशिक्षण का आज संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण में जिले के शासकीय महाविद्यालयों के 40 विद्यार्थी शामिल हुए। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंन्हा एवं यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के आयोजन के लिए यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडे भी उपस्थित रहे।

​ज्वाइंट कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी जानकारी देने के साथ इसके व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना है। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में तकनीकी समझ, नवाचार, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करना है। विद्यार्थियों को एआई के विभिन्न टूल्स और तकनीकों का उपयोग सिखाकर शिक्षा, अध्ययन, शोध एवं अन्य क्षेत्रों में इनके प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है।

​जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में तकनीकी चीजों को सीखना बहुत जरूरी है। आपको पूरे कॉन्सन्ट्रेशन के साथ प्रशिक्षण लेना है और सीखने की जिज्ञासा हमेशा बनाए रखनी है । उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान बेहतर सीखने तथा सीखी गई तकनीकों का व्यावहारिक जीवन में उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के अंतिम दिन वे विद्यार्थियों से प्रशिक्षण का फीडबैक भी लेंगे।

​यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के तकनीकी युग में एआई की जानकारी विद्यार्थियों के लिए बेहद आवश्यक है। आने वाला समय तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, ऐसे में विद्यार्थियों के लिए एआई की बुनियादी समझ के साथ-साथ इसके व्यावहारिक उपयोग को जानना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के युग में एआई हमारा सहायक हो सकता है।
​उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षण को केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि सीखी गई तकनीकों का अभ्यास करें। ज्ञान को आगे बढ़ाकर जिले में कुशल युवाओं का निर्माण करना है।

आज प्रशिक्षण के पहले दिन विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय, इसका इतिहास एवं विकास, एआई के प्रकार तथा एआई, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग के बीच अंतर की जानकारी दी गई। आगे शिक्षा, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, रोबोटिक्स, स्पेस और बिजनेस सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग को समझाया जाएगा। विद्यार्थियों को जेनरेटिव एआई, चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट सहित अन्य एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, टेक्स्ट एवं इमेज जनरेशन, डेटा एनालिसिस और रिसर्च की जानकारी दी जाएगी। साथ ही  स्पीच रिकग्निशन, आईओटी में एआई के उपयोग से परिचित कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान एआई प्रोजेक्ट तैयार करने की प्रक्रिया और एआई चैटबॉट, स्टडी असिस्टेंट, स्मार्ट एग्रीकल्चर एवं डेटा एनालिसिस जैसे मिनी प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। एआई एथिक्स, डेटा प्राइवेसी, सिक्योरिटी, एआई बायस, डीपफेक तथा एआई के भविष्य एवं करियर की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। अंतिम दिवस विद्यार्थियों से प्रशिक्षण को लेकर फीडबैक लिया जाएगा तथा प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।

और भी

घर में चल रही थी हाथ भट्ठी, जरीकेनों में भरकर रखा था 160 लीटर कच्ची महुआ शराब; पण्ड्रापाठ पुलिस की दबिश से मचा हड़कंप

जशपुरनगर/बगीचा, 10 अगस्त 2026। सावन पूजा के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में गश्त कर रही पण्ड्रापाठ पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम गायबुडा स्कूलपारा में एक घर से 160 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से अवैध शराब के साथ शराब बिक्री से प्राप्त ₹900 नगद भी जब्त किया है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब ₹24,000 बताई गई है। मामले में पुलिस ने आरोपी मोहन रवि (26 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

सावन पूजा ड्यूटी के दौरान मिली मुखबिर की सूचना

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को चौकी पण्ड्रापाठ की पुलिस टीम सावन पूजा के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था की ड्यूटी के लिए ग्राम गायबुडा कैलाशगुफा की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम गायबुडा स्कूलपारा निवासी मोहन रवि अपने घर में हाथ भट्ठी से तैयार कच्ची महुआ शराब का अवैध रूप से निर्माण कर उसे बेच रहा है। सूचना में यह भी बताया गया कि आरोपी लोगों को बैठाकर शराब पिलाने के लिए भी बड़ी मात्रा में शराब अपने घर में रखे हुए है।

मुखबिर की सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल सूचना की तस्दीक की और गवाहों की मौजूदगी में आरोपी के घर पर विधिवत दबिश देकर तलाशी कार्रवाई शुरू की।

अलग-अलग जरीकेनों में मिली 160 लीटर कच्ची महुआ शराब

तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के घर में अलग-अलग जरीकेनों में हाथ भट्ठी से निर्मित कच्ची महुआ शराब मिली। पुलिस ने कुल 160 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद कर उसे विधिवत जब्त किया।

पुलिस के अनुसार जब्त शराब का विवरण इस प्रकार है—

  • 35 लीटर क्षमता के 3 जरीकेन में 30-30 लीटर के हिसाब से कुल 90 लीटर
  • 20 लीटर क्षमता के 1 जरीकेन में 20 लीटर
  • 55 लीटर क्षमता के 1 जरीकेन में 50 लीटर
  • कुल बरामद कच्ची महुआ शराब — 160 लीटर
  • जब्त शराब की अनुमानित कीमत — ₹24,000
  • शराब बिक्री से प्राप्त रकम — ₹900

वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी

पुलिस टीम द्वारा आरोपी मोहन रवि से शराब रखने और उसकी बिक्री करने के संबंध में वैध दस्तावेज अथवा अनुमति प्रस्तुत करने को कहा गया। हालांकि आरोपी के पास शराब रखने या बेचने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज अथवा अनुमति नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने गवाहों की उपस्थिति में मौके से बरामद 160 लीटर अवैध शराब और ₹900 बिक्री रकम को विधिवत जब्त कर लिया।

धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज

पुलिस के अनुसार अवैध रूप से शराब रखने एवं बिक्री करने का अपराध पाए जाने पर आरोपी मोहन रवि पिता स्वर्गीय टिभुल रवि, उम्र 26 वर्ष, निवासी गायबुडा स्कूलपारा, चौकी पण्ड्रापाठ, थाना बगीचा, जिला जशपुर के विरुद्ध चौकी पण्ड्रापाठ, थाना बगीचा में अपराध क्रमांक 214/2026, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने तथा पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी पण्ड्रापाठ उप निरीक्षक सतीश कुमार सोनवानी, पीएसआई माधुरी वर्मा, आरक्षक कुंदन नायक एवं महिला आरक्षक पूना मनी भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से महुआ शराब बनाने और उसकी बिक्री करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस द्वारा क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

और भी

रथ मेले में खुड़खुड़िया जुआ का बड़ा खेल, पुलिस की दबिश में 7 आरोपी गिरफ्तार, दो फड़ों से ₹77,240 नगद बरामद

पत्थलगांव। ग्राम सूरजगढ़ ऊपरपारा में आयोजित रथ मेले के दौरान खुड़खुड़िया पट्टी और गोटी से जुआ खिलाने के मामले में पत्थलगांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मेले में दो अलग-अलग जुआ फड़ पर दबिश देकर जुआ खेलाने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों फड़ों से पुलिस ने कुल 77 हजार 240 रुपये नगद बरामद किए हैं। इसके साथ ही खुड़खुड़िया पट्टी, छह नग प्लास्टिक की गोटी, बांस की टोकरी, प्लास्टिक की चटाई, लाल रंग का करीब तीन लीटर क्षमता वाला पेट्रोमैक्स गैस लैंप सहित जुआ खेलने और खिलाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार जशपुर जिले में अवैध जुआ, सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत 8 अगस्त 2026 को पत्थलगांव पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सूरजगढ़ ऊपरपारा स्थित रथ मेले में कुछ लोग खुड़खुड़िया नामक जुआ खेला रहे हैं और लोगों से रुपये-पैसे का हार-जीत का दांव लगवाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में सउनि लखेश कुमार साहू सहित पुलिस टीम को मौके के लिए रवाना किया गया।

पुलिस टीम ने रथ मेले में पहुंचकर घेराबंदी की। मौके पर पुलिस ने देखा कि सार्वजनिक स्थान पर सीसी रोड के किनारे पेट्रोमैक्स गैस लैंप की रोशनी में दो अलग-अलग जुआ फड़ लगाए गए थे। दोनों फड़ों पर खुड़खुड़िया पट्टी और गोटी के जरिए रुपये-पैसे का दांव लगाकर जुआ खिलाया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही जुआ खेलने वाले कुछ लोग मौके से भाग निकले, लेकिन जुआ फड़ संचालित कर रहे सात आरोपियों को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।

पहले जुआ फड़ से पुलिस ने निराकार खुटिया, विजय भगत, अगस्तु भगत और नितेश किण्डो को पकड़ा। इनके फड़ और कब्जे से 42 हजार 810 रुपये नगद बरामद किए गए। वहीं दूसरे जुआ फड़ से दिलीप खलखो, अकबर किण्डो और रंजीत किण्डो को गिरफ्तार किया गया। इनके फड़ और कब्जे से 34 हजार 430 रुपये नगद बरामद हुए। इस तरह दोनों जुआ फड़ों से पुलिस ने कुल 77 हजार 240 रुपये नगद जब्त किए।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने खुड़खुड़िया पट्टी, छह प्लास्टिक की गोटियां, बांस की टोकरी, प्लास्टिक की चटाई और लाल रंग का करीब तीन लीटर क्षमता वाला पेट्रोमैक्स गैस लैंप सहित जुआ संचालन में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में मौके की पूरी कार्रवाई विधिवत दर्ज की।

मामले में आरोपियों के खिलाफ थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 168/2026 एवं 169/2026 दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2), 4 एवं 6 के तहत दोनों मामलों में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर 9 अगस्त को सातों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में निराकार खुटिया (27), निवासी लुड़ेग तेन्दुपारा, विजय भगत (44), निवासी लुड़ेग पण्डरीबहला, अगस्तु भगत (45), निवासी घरजियाबथान, नितेश किण्डो (34), निवासी घरजियाबथान झगरापारा, दिलीप खलखो (30), निवासी घरजियाबथान, अकबर किण्डो (43), निवासी घरजियाबथान तथा रंजीत किण्डो (36), निवासी घरजियाबथान, थाना पत्थलगांव क्षेत्र शामिल हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पाण्डेय, सउनि लखेश कुमार साहू, प्र.आर. 45, 147 तथा आरक्षक 28, 667, 568, 648 और 326 सहित थाना पत्थलगांव पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जशपुर पुलिस का कहना है कि जिले में जुआ और सट्टा जैसी गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस की ओर से सार्वजनिक स्थानों और मेलों में अवैध रूप से जुआ संचालित करने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पत्थलगांव क्षेत्र के मेले में खुड़खुड़िया के माध्यम से जुआ खिलाने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जुआ और सट्टा जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है और ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

और भी

जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मजबूत विवेचना का असर, नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगाने व दुष्कर्म के दोषी आरोपी को 20 वर्ष कठोर कारावास, कुनकुरी विशेष न्यायलय ने सुनाया फैसला

जशपुरनगर, 10 अगस्त 2026। जिले में नाबालिग बच्चों एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में जशपुर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और प्रभावी विवेचना के साथ आरोपियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में कुनकुरी स्थित विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एवं पॉक्सो) ने आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान, उम्र 32 वर्ष को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

माननीय भानु प्रताप सिंह, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एवं पॉक्सो), कुनकुरी ने प्रकरण की सुनवाई के बाद आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड तथा बीएनएस की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार दोनों सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।

रथ मेले से लापता हुई थी 14 वर्षीय बालिका

मामला वर्ष 2025 का है। पुलिस के अनुसार 28 जून 2025 को 14 वर्षीय नाबालिग बालिका अपनी छोटी बहन के साथ रथ मेला देखने गई थी। शाम को छोटी बहन घर लौट आई, लेकिन बड़ी बहन के वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसके संबंध में जानकारी ली।

अगले दिन परिजनों ने बालिका की तलाश शुरू की। इस दौरान छोटी बहन से पूछताछ करने पर जानकारी सामने आई कि आरोपी सोनू चौहान नाबालिग बालिका को मेले से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी द्वारा छोटी बहन को धमकी दिए जाने के कारण उसने तत्काल घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी थी।

काफी तलाश के बाद भी बालिका का पता नहीं चलने पर उसके पिता ने 30 जून 2025 को चौकी कोल्हेनझरिया, थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

एक जुलाई को आरोपी के कब्जे से बरामद हुई नाबालिग

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 1 जुलाई 2025 को नाबालिग बालिका को आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान के कब्जे से बरामद कर लिया।

इसके बाद पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका का कथन महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष कराया गया। पुलिस के अनुसार अपने कथन में पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे प्रेम एवं विवाह का झांसा देकर अपने साथ ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया।

वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ पूरी की गई विवेचना

मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया। इसके साथ ही संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा प्रकरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए।

पुलिस द्वारा मामले में बीएनएस की धारा 137(2), 64(2)(m), पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।

विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे 1 जुलाई 2025 को विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से न्यायिक रिमांड मिलने के बाद आरोपी को जिला जेल जशपुर भेज दिया गया।

पुलिस ने प्रकरण से संबंधित जब्त प्रदर्श एवं अन्य आवश्यक साक्ष्यों को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा। एफएसएल से प्राप्त रिपोर्ट को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एवं पॉक्सो), कुनकुरी में मामले का विचारण हुआ।

पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी से दोषसिद्धि

प्रकरण में तत्कालीन चौकी प्रभारी कोल्हेनझरिया स.उ.नि. टेकराम सारथी तथा उप पुलिस अधीक्षक अजाक भावेश कुमार समरथ द्वारा की गई विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय के समक्ष मजबूत पक्ष रखा।

वहीं, लोक अभियोजक भरत राम यादव द्वारा मामले में प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई। पुलिस की विवेचना और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।

पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कठोर सजा

माननीय विशेष न्यायाधीश भानु प्रताप सिंह ने आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान को दोषसिद्ध करते हुए—

  • धारा 137(2) बीएनएस के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड
  • धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

न्यायालय ने दोनों सजाओं को साथ-साथ भुगताए जाने का आदेश दिया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में न्यायालय द्वारा अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी किया गया है।

नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में सख्त कार्रवाई का संदेश

इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों पर कानून की सख्ती और प्रभावी पुलिस विवेचना के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। जशपुर पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कठोर सजा दिलाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है।

और भी

हर घर तिरंगा अभियान से 17 अगस्त तक देशभक्ति के रंग में रंगेगा जशपुर, गांव-गांव और शहर-शहर गूंजेगा ‘जय हिंद’, तिरंगा यात्रा से लेकर रैली, मैराथन, प्रतिज्ञा और तिरंगा मेले तक होंगे भव्य आयोजन

जशपुरनगर 10 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आमजन में देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिले में ‘हर घर तिरंगा’ एवं ‘वंदे मातरम्’ थीम पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार 9 अगस्त से शुरू हुए 17 अगस्त 2026 तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान तथा 7 अगस्त से शुरु 15 अगस्त तक वंदे मातरम् थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के सभी संबंधित विभागों, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, शिक्षण संस्थानों एवं अन्य संस्थाओं को शासन के निर्देशों के अनुरूप अभियान की गतिविधियों का व्यापक स्तर पर आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, अशासकीय संस्थाओं, पुलिस विभाग, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, खिलाड़ियों एवं आम नागरिकों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने कहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की सभी गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और प्रत्येक कार्यक्रम में अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे 9 से 17 अगस्त तक अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराकर तथा विभिन्न आयोजनों में सहभागिता कर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में सहयोग करें।

*तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली जैसे होंगे विभिन्न गतिविधियां* -

‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत तिरंगा यात्रा प्रमुख गतिविधियों में शामिल होगी। जिला स्तर पर तिरंगा यात्रा का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विकासखंड, ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर भी तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी। यात्राओं में सभी वर्गों के नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों, अशासकीय संस्थाओं, पुलिस विभाग, एनसीसी, एनएसएस, जनप्रतिनिधियों एवं खिलाड़ियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। जिले में साइकिल, बाइक एवं कार तिरंगा रैली का आयोजन भी किया जाएगा। विभिन्न संगठनों, युवा स्वयंसेवकों, स्वयं सहायता समूहों तथा पुलिस विभाग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर तिरंगा दौड़ एवं मैराथन आयोजित किए जाएंगे। इनमें जनप्रतिनिधियों, विद्यालय -महाविद्यालय के विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, पुलिस विभाग, अशासकीय संस्थाओं एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खेल एवं फिटनेस क्षेत्र से जुड़े प्रतिभावान खिलाड़ियों को भी दौड़ एवं मैराथन में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

*विद्यालयों और महाविद्यालयों में होंगे देशभक्ति कार्यक्रम* -

‘हर घर तिरंगा’ के साथ वंदे मातरम् थीम पर विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। विद्यार्थियों द्वारा तिरंगा यात्रा, देशभक्ति गीत प्रतियोगिता, विचार गोष्ठी, संगोष्ठी तथा छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य प्रतियोगिता जैसे आयोजन किए जाएंगे। राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुरूप राज्य के सभी विद्यालयों में वंदे मातरम् से संबंधित सांगीतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड सहित अन्य संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में तिरंगा प्रतिज्ञा दिलाई जाएगी। इसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता की भावना को मजबूत करना है। नागरिकों को घरों एवं सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही तिरंगा सेल्फी लेने और उसे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से संबंधित मंच पर साझा करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थलों पर तिरंगा कैनवास भी लगाए जाएंगे, जहां नागरिक भारतीय भाषा में ‘हर घर तिरंगा’ अथवा ‘जय हिंद’ लिखकर अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज करा सकेंगे। कैनवास का आकार राष्ट्रीय ध्वज के निर्धारित अनुपात 3:2 के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान जिले के स्वतंत्रता सेनानियों, वीरों तथा उनके परिवार के सदस्यों को स्थानीय कार्यक्रमों में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान की जानकारी प्राप्त होगी तथा राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत होगी।

*तिरंगा मेला और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा मंच* -

जिले में तिरंगा मेला आयोजित कर स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थलों पर झंडे, वस्त्र, खाद्य पदार्थ सहित अन्य स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे अभियान के साथ स्थानीय उत्पादों एवं महिला समूहों को भी बढ़ावा मिलेगा। हर घर तिरंगा’ एवं वंदे मातरम् थीम पर उद्यान, जिला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय, ग्राम स्तर तथा विद्यालय -महाविद्यालयों में विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास, महत्व और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों से अवगत कराया जाएगा। 14 अगस्त को वंदे मातरम् पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। साथ ही संध्याकालीन समय में राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा निजी सहभागिता के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ ऑडियो एवं वीडियो बूथ स्थापित कर नागरिकों को वंदे मातरम् गीत रिकॉर्ड करने तथा अभियान के माध्यम से साझा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

और भी

जशपुर में विश्व आदिवासी दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन, न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के साथ सुरक्षा और कानूनी उपायों के प्रति किया जागरूक

जशपुरनगर 10 अगस्त 2026/* नालसा एवं सालसा की योजना के तहत माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर जिला जशपुर (छ०ग०) के मार्गदर्शन में विश्व आदिवासी दिवस दिनांक 09.08.2026 के अवसर पर थाना जशपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। 

शिविर का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय एवं छात्रावास में निवासरत विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, शासन की कल्याणकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जागरूक करना है।

उक्त विधिक साक्षरता शिविर कार्यक्रम में माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला 
 एवं सत्र न्यायाधीश  अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के द्वारा प्री-मैट्रिक अ.ज.जाति बालक छात्रावास जशपुर में विधिक जागरूकता, बाल विवाह, मानव तस्करी, नशा मुक्ति, बाल श्रम, साइबर फ्रॉड, मोटर यान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को विश्व आदिवासी दिवस, संविधान एवं कानून की मूलभूत जानकारी प्रदान करते हुए उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला।
माननीय कु. चौताली खांडेकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी जशपुर के द्वारा मोटर यान, नशीली दवाओं के दुरूपयोग, शिक्षा का अधिकार, गुड टच एवं बैड टच घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण के बारे में विद्यार्थियों जानकारी दी।
उक्त साक्षरता शिविर में माननीय श्री जनार्दन खरे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी) जशपुर, माननीय श्रीमती सुमन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, कु० श्वेता बघेल सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, कु. पूनम नशीने न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी जशपुर, एवं कु. नेहा तिर्की, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी जशपुर, प्री-मैट्रिक अ.ज.जाति बालक छात्रावास जशपुर के लगभग 100 विद्यार्थी, अधिक्षक तथा कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।

और भी

जशपुर में शान से लहराएगा तिरंगा, रणजीता स्टेडियम में होगा 80वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल होंगे मुख्य अतिथि

जशपुरनगर, 10 अगस्त 2026/ जिले में 15 अगस्त 2026 को 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी की गई है। जारी सूची के अनुसार जशपुर जिले में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। मंत्री श्री अग्रवाल 15 अगस्त को जिला मुख्यालय स्थित रणजीता स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों के नाम संदेश का वाचन करेंगे।
     स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल शहीद परिवारों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित करेंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी करेंगे। समारोह में जिले के विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

और भी

बगिया में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आम लोगों की सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के सख्त निर्देश

जशपुर, 10 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान 9 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया में आम नागरिकों से भेंट-मुलाकात कर उनकी मांगों और समस्याओं की जानकारी ली।
इस दौरान आम नागरिकों ने इलाज, आर्थिक सहायता, शिक्षा, रोजगार,  प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न आवश्यकताओं से संबंधित समस्याएं एवं मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का निराकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश  अधिकारियों दिए।

और भी

सावन के दूसरे सोमवार पर पुठरी के प्राचीन शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूर-दराज के जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु

पुठरी के इस प्राचीन शिव मंदिर में फर्रुखाबाद, एटा, बदायूं, कन्नौज, हरदोई, शाहजहांपुर सहित कई जनपदों से श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचे। बड़ी संख्या में कांवड़िये भी गंगाजल लेकर मंदिर आए और विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने अपनी बारी का इंतजार कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। उन्होंने बेलपत्र, पुष्प और गंगाजल सहित अन्य पूजा सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा।

मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें भी लगाई गई थीं। इन दुकानों पर बेलपत्र, फूल, गंगाजल, पूजा सामग्री, प्रसाद और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध थीं। श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ की सामग्री के साथ-साथ घरेलू उपयोग की वस्तुओं की भी खरीदारी की।

सावन के दूसरे सोमवार पर पुठरी शिव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना दिया।

और भी

राशिफल : ग्रहों की चाल से बनेंगे सफलता और बदलाव के नए योग, जानिए मेष से मीन तक किस राशि के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

ज्योतिष डेस्क, 10 अगस्त 2026। सोमवार का दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए अलग-अलग अनुभव और संभावनाएं लेकर आया है। किसी राशि के लिए कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और सफलता के संकेत हैं तो किसी को आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। कारोबारियों के लिए दिन योजनाओं की समीक्षा करने और नए संपर्क बनाने का हो सकता है। विद्यार्थियों को एकाग्रता के साथ अध्ययन करने पर बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। पारिवारिक मामलों में आज धैर्य और मधुर संवाद बनाए रखना विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।

मेष राशि : जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, मेहनत से मिलेगी सफलता

मेष राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन सक्रियता और आत्मविश्वास से भरा रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का दायित्व मिल सकता है। लंबे समय से अटका हुआ कोई काम आगे बढ़ने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत में अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने का अवसर मिलेगा। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा हो सकता है, हालांकि बड़े आर्थिक फैसले जल्दबाजी में लेने से बचना बेहतर रहेगा।

परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता है। दिनभर की व्यस्तता के बीच पर्याप्त आराम पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

आज का संकेत : आत्मविश्वास बनाए रखें और निर्णय सोच-समझकर लें।
शुभ रंग : लाल | शुभ अंक : 9

वृषभ राशि : आर्थिक मामलों में राहत के संकेत, कार्यक्षेत्र में बढ़ेगा प्रभाव

वृषभ राशि के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है। किसी पुराने भुगतान के मिलने या रुके हुए आर्थिक कार्य के आगे बढ़ने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। वरिष्ठ व्यक्ति से मिली सलाह भविष्य की योजना में उपयोगी साबित होगी।

व्यापार में पुराने संपर्कों से लाभ मिलने के संकेत हैं। हालांकि अनावश्यक खरीदारी और खर्च से बचना जरूरी होगा। परिवार में वातावरण सामान्य और सुखद रहेगा। विद्यार्थियों को कठिन विषयों पर विशेष ध्यान देने से लाभ मिल सकता है।

आज का संकेत : आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें।
शुभ रंग : सफेद | शुभ अंक : 6

मिथुन राशि : संपर्क और संवाद से खुलेंगे सफलता के रास्ते

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बातचीत और संपर्कों के लिहाज से बेहतर रह सकता है। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात या बातचीत भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है। अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता का लाभ मिलेगा।

व्यापारियों को नए ग्राहक मिलने या पुराने संपर्कों से काम मिलने के संकेत हैं। आय सामान्य रह सकती है, लेकिन छोटे-छोटे खर्च बढ़ने की संभावना है। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो तो बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना बेहतर होगा। विद्यार्थियों को परीक्षा या प्रतियोगिता की तैयारी में निरंतरता बनाए रखनी चाहिए।

आज का संकेत : एक साथ बहुत अधिक जिम्मेदारियां लेने से बचें।
शुभ रंग : हरा | शुभ अंक : 5

कर्क राशि : परिवार का सहयोग मिलेगा, भावनाओं पर रखें नियंत्रण

कर्क राशि के जातकों के लिए आज पारिवारिक सहयोग का दिन है। घर के किसी बड़े सदस्य से महत्वपूर्ण सलाह मिल सकती है। लंबे समय से चल रही किसी पारिवारिक समस्या पर बातचीत के माध्यम से समाधान निकलने की संभावना है।

नौकरी में काम का दबाव रह सकता है, लेकिन धैर्य के साथ परिस्थितियों को संभालने में सफलता मिलेगी। कारोबार में स्थिरता बनी रहने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में आय और खर्च के बीच संतुलन बनाकर चलना जरूरी होगा। विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

आज का संकेत : भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें।
शुभ रंग : क्रीम | शुभ अंक : 2

सिंह राशि : कार्यक्षेत्र में बढ़ेगा प्रभाव, नई जिम्मेदारी मिलने के योग

सिंह राशि के लिए सोमवार का दिन उपलब्धियों की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों की नजर आपके काम पर रह सकती है और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

व्यापारियों के लिए किसी बड़े सौदे पर बातचीत आगे बढ़ने की संभावना है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। विद्यार्थियों को लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की जरूरत है।

आज का संकेत : सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखें।
शुभ रंग : सुनहरा | शुभ अंक : 1

कन्या राशि : अधूरे काम पूरे होंगे, योजनाबद्ध तरीके से बढ़ें आगे

कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन व्यवस्थित ढंग से काम करने का है। लंबे समय से लंबित कार्यों को पूरा करने का अवसर मिलेगा। कार्यालय में दस्तावेजों और जरूरी कागजात की जांच सावधानी से करें, छोटी गलती परेशानी का कारण बन सकती है।

कारोबार में लेन-देन का हिसाब व्यवस्थित रखना लाभकारी रहेगा। आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलने से राहत मिलेगी। घरेलू जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन का लाभ मिलेगा।

आज का संकेत : छोटी बातों में उलझने के बजाय लक्ष्य पर ध्यान दें।
शुभ रंग : हरा | शुभ अंक : 5

तुला राशि : काम और रिश्तों में संतुलन बनाना होगा

तुला राशि के जातकों के लिए आज संतुलन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। साझेदारी या कारोबारी समझौते से जुड़े मामलों में सभी शर्तों को अच्छी तरह समझकर ही आगे बढ़ें।

अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। परिवार में रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए संवाद जरूरी होगा। विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक विषयों में अच्छा प्रदर्शन करने का अवसर है।

आज का संकेत : किसी के दबाव में आकर निर्णय न लें।
शुभ रंग : गुलाबी | शुभ अंक : 7

वृश्चिक राशि : मेहनत का परिणाम मिलेगा, पुराने काम में आएगी तेजी

वृश्चिक राशि वालों के लिए आज मेहनत और धैर्य का परिणाम मिलने का दिन हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी क्षमता की परीक्षा होगी, लेकिन सही रणनीति से स्थिति को अपने पक्ष में किया जा सकता है। पुरानी योजना को नए तरीके से शुरू करने का अवसर मिल सकता है।

व्यापार में पुराने ग्राहक से लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में सावधानी आवश्यक है। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लिया जा सकता है। विद्यार्थियों को कठिन विषयों पर अतिरिक्त मेहनत करनी होगी।

आज का संकेत : अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं को सोच-समझकर साझा करें।
शुभ रंग : मैरून | शुभ अंक : 8

धनु राशि : नए अवसर दस्तक देंगे, भविष्य की योजना बनेगी

धनु राशि के जातकों के लिए आज नए अवसरों का दिन रह सकता है। नौकरी में बदलाव, नई जिम्मेदारी या किसी नई योजना पर विचार हो सकता है। व्यापार में दूर के संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। यात्रा से जुड़ी कोई योजना भी सामने आ सकती है।

आमदनी के साथ खर्च बढ़ने की संभावना है, इसलिए बजट पर ध्यान दें। परिवार में किसी प्रियजन से सुखद बातचीत होगी। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित नई दिशा मिल सकती है।

आज का संकेत : अवसर का लाभ उठाएं, लेकिन जल्दबाजी न करें।
शुभ रंग : पीला | शुभ अंक : 3

मकर राशि : जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, पर मेहनत का मिलेगा उचित परिणाम

मकर राशि वालों के लिए आज कामकाज का दबाव बढ़ सकता है। इसके बावजूद आपकी मेहनत और अनुशासन से परिस्थितियां संभल जाएंगी। वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करते समय संयम और स्पष्टता जरूरी होगी।

व्यापार में स्थिति स्थिर रह सकती है। आर्थिक मामलों में अनावश्यक उधारी से बचना बेहतर होगा। परिवार के लिए समय निकालने का प्रयास करें। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अध्ययन करने से लाभ मिलेगा।

आज का संकेत : धैर्य रखें, सफलता धीरे-धीरे आपके पक्ष में आएगी।
शुभ रंग : नीला | शुभ अंक : 8

कुंभ राशि : नई सोच बनेगी ताकत, तकनीकी क्षेत्र में मिल सकता है लाभ

कुंभ राशि के जातकों के लिए आज नई सोच और नए प्रयोगों का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपका अलग दृष्टिकोण चर्चा का विषय बन सकता है। तकनीक, ऑनलाइन काम या डिजिटल क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन उपयोगी रह सकता है।

व्यापार को नए माध्यमों से विस्तार देने की योजना बन सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। किसी पुराने मित्र या परिचित से संपर्क हो सकता है। विद्यार्थियों को तकनीक का सही उपयोग पढ़ाई में लाभ दे सकता है।

आज का संकेत : नई योजना से पहले पूरी तैयारी करें।
शुभ रंग : आसमानी | शुभ अंक : 4

मीन राशि : भावनाओं पर नियंत्रण रखें, सोच-समझकर लें फैसले

मीन राशि के लिए आज का दिन मिला-जुला परिणाम देने वाला हो सकता है। मन में कई विचार रहेंगे, लेकिन एक समय में एक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर रहेगा। नौकरी में सहयोगियों का साथ मिलेगा।

व्यापार में नया निवेश करने से पहले पूरी जानकारी जुटाना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में बजट बिगड़ने से बचें। परिवार में किसी करीबी के साथ भावनात्मक बातचीत हो सकती है। विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत है।

आज का संकेत : भावनाओं के बजाय तथ्यों के आधार पर निर्णय लें।
शुभ रंग : पीला | शुभ अंक : 3

और भी

कुनकुरी पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीसाबंदी स्वर्गीय शिवबालक साव को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष, साहस, त्याग एवं योगदान को किया नमन

जशपुरनगर,09 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी निवासी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदी स्वर्गीय श्री शिवबालक साव के निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री साव के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष, साहस और योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी मौजूद रही। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री शिवबालक साव के पुत्र श्री नारायण प्रसाद साव, श्री रामकुमार साव एवं श्री राधेश्याम साव सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और उनका ढांढस बंधाया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक-संतप्त परिवार को इस कठिन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपातकाल के कठिन दौर में मीसाबंदियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अनेक कठिनाइयों और यातनाओं का सामना किया। उनका साहस, संघर्ष और त्याग देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। मीसाबंदियों ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और वे लोकतंत्र के सच्चे रक्षकों के रूप में सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मीसाबंदियों का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करना हम सभी का दायित्व है।

और भी

स्कूल के सहपाठी के पिता के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे कुनकुरी, स्व. ज्ञानचंद जैन को दी विनम्र श्रद्धांजलि; शोकाकुल परिवार से मिलकर बंधाया ढांढस


जशपुर, 9 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कुनकुरी विकासखंड में अपने स्कूल के सहपाठी श्री प्रदीप कुमार जैन के निवास पहुंचकर उनके पिता स्वर्गीय श्री ज्ञानचंद जैन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी नमन करते हुए 
श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की तथा दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

और भी