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छत्तीसगढ़ के हितों के साथ महानदी विवाद के समाधान की पहल, वैश्विक मंच पर निवेश के अवसरों की प्रस्तुति और बस्तर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प—मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिल्ली और सिंगापुर दौरे पर टिकी नजरें

रायपुर 1 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज दिल्ली प्रवास के लिए रवाना हुए। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मध्य लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय इस बैठक में शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिल्ली रवाना होने से पूर्व कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद का दोनों राज्यों के व्यापक हित में समाधान निकालने की दिशा में लगातार सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय जल आयोग (CWC) को लिखित रूप से आश्वस्त किया है कि दोनों प्रदेशों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा लिया गया निर्णय दोनों राज्य सरकारों को मान्य होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी संवाद, समन्वय और सहयोग की भावना से इस विषय का सकारात्मक समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के हितों की रक्षा के साथ ही पड़ोसी राज्य के साथ सौहार्दपूर्ण समन्वय और सहयोग की भावना से आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर भी लगातार पहल की जा रही है। इससे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की बैठक भी आयोजित हो चुकी है, जिसमें संवाद, तकनीकी सहयोग और आपसी सहमति से समाधान की दिशा में चर्चा हुई थी।

*वैश्विक निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को करेंगे प्रस्तुत*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने आगामी सिंगापुर प्रवास के संबंध में कहा कि सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। यह प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, उपलब्धियों, औद्योगिक क्षमताओं और निवेश की व्यापक संभावनाओं को वैश्विक समुदाय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर छत्तीसगढ़ में निवेश एवं कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करना है। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, प्राकृतिक संसाधन, मजबूत अधोसंरचना, कुशल मानव संसाधन और उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसर निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में उद्योगों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे।

*बस्तर की प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर और मंच*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की युवा प्रतिभाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहां के युवाओं में अपार क्षमता और आगे बढ़ने का जज्बा है। आवश्यकता उन्हें अवसर, संसाधन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते बस्तर में शिक्षा, खेल, कौशल, नवाचार और रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाए, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

*बारिश से प्रभावित परिवारों को शीघ्र मिले सहायता - मुख्यमंत्री*

प्रदेश में पिछले तीन-चार दिनों से हुई लगातार बारिश से उत्पन्न स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 17 जिलों के 550 से अधिक गांव और 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत एवं सहायता के कार्य प्राथमिकता के साथ किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी संबंधित कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि बारिश और बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे शीघ्र पूरा किया जाए तथा ‘आरबीसी 6-4’ के अंतर्गत पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब न हो।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के मकान क्षतिग्रस्त परिवारों को बड़ी राहत देते हुए शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10 हजार की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल की अतिवृष्टि एवं बाढ़ से जिन परिवारों के मकानों को क्षति हुई है,  उन्हें नियमानुसार मिलने वाली सहायता के साथ यह अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को प्रभावित परिवारों का शीघ्र सर्वे एवं आकलन कर सहायता राशि समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मकान, फसल, पशुधन सहित अन्य क्षति का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आकलन किया जाए तथा पात्र लोगों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप सहायता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है और राहत से लेकर पुनर्वास तक हर आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाएगी।

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मरकाटोला घाट सड़क हादसे के घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, परिजनों से ली उपचार व्यवस्था की जानकारी, चिकित्सकों को बेहतर इलाज के दिए निर्देश

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ नेशनल हाईवे-30 स्थित मरकाटोला घाट पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल कवर्धा के लोगों से मिलने उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचे। उन्होंने घायलों का कुशलक्षेम जाना और उनके परिजनों से मुलाकात कर उपचार की स्थिति की जानकारी ली।

       उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने घायल रोमन सोरा से मुलाकात कर उनसे स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से भी उपचार और अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में चर्चा की। परिजनों ने उपचार व्यवस्था पर संतुष्टि व्यक्त की।

      श्री शर्मा ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से घायल के स्वास्थ्य और आगे के उपचार की जानकारी ली। चिकित्सकों ने बताया कि घायल के पैरों का ऑपरेशन किया जाना है। शारीरिक स्थिति सामान्य होने के बाद आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पर उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ संतोष सोनकर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सुंदरानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

      उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा हादसे के बाद से लगातार सभी घायलों के उपचार की जानकारी ले रहे हैं। एक घायल को उच्च स्तरीय उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार सुनिश्चित कराया जा रहा है। घायलों के परिजनों के ठहरने के लिए सेवा सदन में निःशुल्क व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी। 

       उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में भर्ती सभी घायलों को समुचित एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। इस बीच स्वास्थ्य में सुधार के बाद चार घायलों अरमान कोसले, गणेश पात्रे, प्रदीप साहू और दीप चन्द्र को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

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खुले खेत में मिली नन्ही मासूम के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिखाई संवेदनशीलता, अधिकारियों को दिए बेहतर उपचार और लगातार चिकित्सकीय निगरानी के निर्देश, सुरक्षित भविष्य के लिए संरक्षण पर भी जोर

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में खुले खेत में असहाय अवस्था में मिली नवजात बच्ची की खबर सामने आने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्ची के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर नवजात को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा उसकी सुरक्षित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्री अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि इतनी छोटी बच्ची के उपचार और देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्ची को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आवश्यकता के अनुसार हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उसकी सुरक्षा और आगे के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

घटना की जानकारी मिलने पर श्री अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक नवजात बच्ची का इस तरह असहाय अवस्था में मिलना बेहद पीड़ादायक है। इस समय सबसे महत्वपूर्ण उसका जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा है। बच्ची को केवल बेहतर उपचार ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण और भविष्य के लिए आवश्यक संरक्षण भी मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्ची के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उसके आगे के संरक्षण और पालन-पोषण से संबंधित प्रक्रिया में भी संबंधित विभाग संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

दरिमा क्षेत्र में खेत के पास मिली नवजात बच्ची को ग्रामीणों की मदद से उपचार के लिए पहुंचाया गया था। बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

श्री अग्रवाल ने बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नन्ही बच्ची जल्द स्वस्थ हो और उसके जीवन में खुशियों की नई सुबह आए। इस मासूम को उपचार के साथ सुरक्षा, संरक्षण और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित वातावरण मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।

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एक ही छत के नीचे ग्रामीणों को मिली कई सरकारी सेवाओं की सुविधा, नारायणपुर के सेवा सेतु शिविर में 53 आवेदन हुए निराकृत, स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टरों ने की जांच, जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं का लाभ लेने किया प्रेरित

नारायणपुर। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का लाभ उनके गांव और घर के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के तहत “सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार” का आयोजन कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत नारायणपुर स्थित जनपद पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में किया गया। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए और ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए मौके पर ही आवेदन प्राप्त किए। शिविर में कुल 53 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका मौके पर ही निराकरण किया गया। इससे ग्रामीणों को संबंधित विभागों के कार्यालयों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ी और उन्हें शिविर स्थल पर ही योजनाओं तथा सेवाओं का लाभ मिला।

शिविर में 11 बजे से ही ग्रामीण पहुंचने लगे थे। अलग-अलग विभागों के लिए लगाए गए स्टॉलों में ग्रामीणों ने अपनी आवश्यकताओं के अनुसार पहुंचकर योजनाओं की जानकारी ली तथा पात्रता के आधार पर लाभ लेने के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के संबंध में जानकारी दी गई। प्राप्त आवेदनों का संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर परीक्षण कर निराकरण किया गया।

एक ही परिसर में कई विभागों की सेवाएं मिलने से ग्रामीणों को मिली राहत

सेवा सेतु शिविर में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा, वन, समाज कल्याण, विद्युत, जल संसाधन, कृषि एवं उद्यानिकी, श्रम, मत्स्य पालन, अंत्यावसायी, उद्योग एवं व्यापार केंद्र, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास तथा पशुधन विभाग सहित अनेक विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और जरूरतों के अनुसार संबंधित विभाग के स्टॉल पर पहुंचकर जानकारी प्राप्त की। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया।

सेवा सेतु के साथ लगा मेगा स्वास्थ्य शिविर

शिविर स्थल पर सेवा सेतु अभियान के साथ मेगा स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया। शिविर में बीपी, शुगर सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई। ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उपचार लेने की जानकारी भी दी गई।

जनप्रतिनिधियों ने किया विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण

शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की विष्णु देव साय सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि शासन द्वारा गरीब, किसान, महिला, युवा, श्रमिक, बुजुर्ग और जरूरतमंद परिवारों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आना चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से यह भी कहा कि पात्रता रखने वाला कोई भी व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और आवेदन प्राप्त होने के बाद उसके निराकरण की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए।

जनप्रतिनिधियों ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली और उनके निराकरण की स्थिति भी देखी। शिविर में ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सरकारी कार्यालयों के चक्कर से राहत देने की पहल

सेवा सेतु अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी कार्यालयों तक बार-बार जाने की परेशानी से राहत दिलाना है। अलग-अलग विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं और जरूरतों के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। शिविर के माध्यम से उन्हें योजनाओं की जानकारी, आवेदन की सुविधा और समस्याओं के समाधान का अवसर एक ही स्थान पर मिल रहा है।

नारायणपुर में आयोजित शिविर का उद्देश्य देखने को मिला, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी ग्रामीणों के बीच मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विभागीय स्टॉलों पर पहुंचकर अपनी समस्याएं बताईं और योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की। प्राप्त 53 आवेदनों का मौके पर निराकरण होने से ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली।

शिविर में जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मलिता,श्रीमती अनिता सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती शोभा देवी बंग,जिला भाजपा उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, श्रीमती संतोषी वन्दे,भाजपा महिला उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, मो असलम आजाद,जनपद सदस्य संजय बंग, सरपंच श्रीमती मुक्तिलता प्रधान, उप सरपंच नवरतन बंग, सरपंच श्रीमती मेरी गुलाब, सरिता अंगिरा, कु. प्रेरणा भगत, श्रीमती निशा केरकेट्टा सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पंचायत सचिव एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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बादलखोल अभ्यारण्य में फिर उजागर हुई लकड़ी तस्करी की कहानी! रात में ट्रैक्टर से पहुंची साल की इमारती लकड़ी, 22 चौखट और 4 चिरान पटरा जब्त, ट्रैक्टर फरार होने और रेंजर को सूचना नहीं देने पर उठे कई बड़े सवाल

नारायणपुर। जिले के एकमात्र बादलखोल अभ्यारण्य में साल के पेड़ों की अवैध कटाई और इमारती लकड़ी की तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर वन विभाग की कार्रवाई में साल की बहुमूल्य इमारती लकड़ी की बड़ी खेप बरामद हुई है। साहीडांड़ क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में 22 नग चौखट और 4 चिरान पटरा जब्त किए गए हैं। बरामद लकड़ी की बाजार कीमत हजारों रुपये बताई जा रही है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान लकड़ी से भरा बताया जा रहा ट्रैक्टर मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पूरी कार्रवाई और विभागीय सूचना तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साहीडांड़ के डिप्टी रेंजर और नाकेदार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रैक्टर में साल की अवैध इमारती लकड़ी परिवहन की जा रही है। सूचना मिलते ही दोनों कर्मचारी सड़क पर निगरानी और सर्चिंग के लिए निकले। ट्रैक्टर को पकड़ने के लिए इंतजार किया गया, लेकिन काफी तलाश के बाद भी ट्रैक्टर हाथ नहीं आया। बाद में धान मंडी परिसर के अंदर इमारती लकड़ी पड़ी मिली। इसके बाद लकड़ी को वन विभाग के कैंपस में लाकर जब्त कर लिया गया।

लेकिन कार्रवाई के बाद अब सवाल लकड़ी मिलने से ज्यादा इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि जब विभागीय कर्मचारियों को पहले से ट्रैक्टर में अवैध लकड़ी परिवहन की सूचना थी, तो आखिर ट्रैक्टर धान मंडी परिसर तक कैसे पहुंच गया और लकड़ी उतारकर फरार भी कैसे हो गया?

सूचना मिली, गस्त हुई, फिर भी ट्रैक्टर कैसे भाग गया?

डिप्टी रेंजर के अनुसार मुखबिर की सूचना पर वे और नाकेदार गश्त में निकले थे और ट्रैक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। बताया गया कि ट्रैक्टर धान मंडी में लकड़ी डंप कर फरार हो गया। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल चर्चा में है कि रात के समय ट्रैक्टर धान मंडी परिसर में पहुंचा, वहां लकड़ी उतारी और फिर वापस निकल गया, लेकिन सर्चिंग कर रहे कर्मचारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी।

सुनसान रात में भारी ट्रैक्टर की आवाज काफी दूर तक सुनाई देने की बात कही जाती है। ऐसे में ट्रैक्टर के परिसर में पहुंचने और लकड़ी उतारने के दौरान विभागीय अमले को भनक नहीं लगना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।

सबसे बड़ा सवाल—रेंजर को तत्काल सूचना क्यों नहीं?

इस मामले में सबसे गंभीर सवाल अभ्यारण्य के गेम रेंजर को सूचना देने को लेकर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि डिप्टी रेंजर और नाकेदार को मुखबिर से ट्रैक्टर में अवैध लकड़ी परिवहन की सूचना पहले ही मिल गई थी, लेकिन गेम रेंजर को तत्काल इसकी जानकारी नहीं दी गई। गेम रेन्जर के अनुसार सुबह करीब साढ़े 9 बजे घटना की सूचना किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से मिली कि रात में साहीडांड़ सर्किल में इमारती लकड़ी पकड़ी गई है।

यही बात अब चर्चा का विषय बनी हुई है कि जब कार्रवाई वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जा रही थी तो उसी समय संबंधित रेंजर को सूचना क्यों नहीं दी गई? यदि रेंजर को समय रहते सूचना मिलती तो अतिरिक्त वन अमले के साथ संयुक्त रूप से क्षेत्र की घेराबंदी की जा सकती थी। ऐसे में ट्रैक्टर और लकड़ी परिवहन में शामिल लोगों तक पहुंचने की संभावना  आसान हो सकती थी। सूचना नही देने रेन्जर ने नाकेदार ओर दरोगा को जमकर फटकार लगाई।

हालांकि, रेंजर को सूचना क्यों नहीं दी गई, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही थी या कोई अन्य कारण, इसकी पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

ट्रैक्टर में ज्यादा लकड़ी थी तो बाकी माल कहां गया?

मामले को लेकर एक और सवाल स्थानीय स्तर पर उठ रहा है। सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि ट्रैक्टर में जब्त लकड़ी से अधिक मात्रा में माल होने की बात सामने आ रही है। यदि ऐसा था तो अतिरिक्त लकड़ी कहां गई? क्या ट्रैक्टर से पूरा माल उतारा गया या कुछ लकड़ी रास्ते में कहीं और उतारी गई? इन सवालों का जवाब फिलहाल सामने नहीं आया है।

वन विभाग की जांच में यदि परिवहन की पूरी कड़ी सामने आती है तो यह स्पष्ट हो सकता है कि लकड़ी कहां से लाई गई थी, किस स्थान पर काटी गई थी और इसे कहां ले जाने की तैयारी थी।

13 महीने पुरानी घटना भी अभी सवालों में

बादलखोल अभ्यारण्य में अवैध कटाई का मामला नया नहीं है। करीब 13 महीने पहले 12-13 अगस्त की रात अभ्यारण्य क्षेत्र में साल के बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया था। स्थानीय जानकारी के अनुसार करीब 12  बड़े साल  के पेड़ों को इलेक्ट्रॉनिक आरा मशीन से काटा गया था। काटे गए पेड़ों की अनुमानित कीमत दो लाख रुपये से अधिक बताई गई थी।

उस मामले में भी लंबे समय बाद तक आरोपियों की गिरफ्तारी नही हुई है और न ही अब तक जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही हुई है जिसको लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अब नई घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर अभ्यारण्य क्षेत्र में लगातार अवैध कटाई और लकड़ी परिवहन पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है।

कर्मचारियों की ड्यूटी और मुख्यालय को लेकर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय स्तर पर कुछ वन कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ कर्मचारी अपने निर्धारित मुख्यालय में नियमित रूप से नहीं रहते और घर से आवागमन कर ड्यूटी करते हैं। वहीं कुछ कर्मचारियों के स्थानांतरण के बाद भी उनकी ड्यूटी और कार्यस्थल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।यदि ऐसे आरोपों में तथ्य हैं तो विभाग के उच्च अधिकारियों के लिए कर्मचारियों की उपस्थिति, बीटवार गश्त और मुख्यालय व्यवस्था की जांच करना जरूरी होना चाहिए। मुख्यालय में नही रहने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए।

अब जांच पर टिकी नजर

साल की 22 चौखट और 4 चिरान पटरा की जब्ती के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वन विभाग फरार ट्रैक्टर और लकड़ी तस्करी से जुड़े लोगों तक पहुंच पाएगा? साथ ही क्या इस पूरे मामले में यह भी पता लगाया जाएगा कि लकड़ी वास्तव में किस क्षेत्र से काटी गई थी और परिवहन के पीछे कौन लोग शामिल थे?

बादलखोल अभ्यारण्य की वन संपदा की सुरक्षा को लेकर यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले भी अवैध कटाई के मामले सामने आते रहे हैं। अब लोगों की नजर विभाग की आगामी कार्रवाई पर है। यदि जांच निष्पक्ष और विस्तृत तरीके से होती है तो लकड़ी के स्रोत से लेकर परिवहन और मौके तक पहुंचने वाली पूरी कड़ी सामने आ सकती है। वहीं यदि जांच केवल जब्त लकड़ी तक सीमित रह गई तो ट्रैक्टर और कथित तस्करों के फरार होने का सवाल सिर्फ सवाल ही रह जाएगा।

मुझे सूचना किसी अन्य लोगों से मिली मैं मौके पर गया साहीडाँड़ में इमारती लकड़ी बरामद हुई है। ट्रेक्टर का पता लगाया जा रहा है। पता लगने पर दोषियों के ऊपर वन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।

श्री सिद्धार्थ भारती -गेम रेन्जर - बादलखोल अभ्यारण्य नारायणपुर

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पाकरगांव में विद्युत दुर्घटना के बाद प्रशासन सख्त, कलेक्टर रोहित व्यास ने जांच दल गठित कर 3 दिन में मांगी रिपोर्ट, लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की होगी जांच

जशपुरनगर 01 अक्टूबर 2026/ कार्यपालन अभियंता संभाग, छ.ग. राज्य विद्युत वितरण कंपनी पत्थलगांव के पत्र क्रमांक 1751 दिनांक 29.09.2026 के माध्यम से अवगत कराया गया कि दिनांक 29.09.2026 को पत्थलगांव संभाग के वितरण केन्द्र लुड़ेग के अंतर्गत ग्राम पाकरगांव में विद्युत दुर्घटना हुई है।

उपरोक्त दुर्घटना के संबंध में कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पत्थलगांव की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल में संभागीय अभियंता, छ.ग. राज्य विद्युत कंपनी कुनकुरी, कार्यपालन अभियंता, छ.ग. राज्य विद्युत वितरण कंपनी जशपुर एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जशपुर को सदस्य बनाया गया है।

जांच दल द्वारा दुर्घटना के वास्तविक कारणों, 33/11 के.व्ही. विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य हेतु जारी परमिट एवं संबंधित अभिलेखों, कार्यस्थल पर विद्युत सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रिया एवं सावधानियों के पालन, संबंधित विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों तथा ठेकेदार की भूमिका एवं उत्तरदायित्व, लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदारी निर्धारण, मृत एवं घायल श्रमिकों से संबंधित विवरण एवं उनके परिवारों को उपलब्ध सहायता,

मुआवजे की स्थिति तथा भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक सुझावों के संबंध में जांच की जाएगी।

जांच अधिकारी आवश्यकतानुसार संबंधितों के बयान दर्ज कर तथा अभिलेखों का परीक्षण कर तथ्यात्मक एवं स्पष्ट जांच प्रतिवेदन 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे।

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सड़क की क्षमता कम, भारी वाहनों का दबाव ज्यादा, सिंगीबहार से अबिरा और झारखंड सीमा को जोड़ने वाले मार्ग पर ओवरलोड ट्रकों की लगातार आवाजाही से सड़क की हालत बिगड़ने लगी

जशपुर। सिंगीबहार से अबिरा होते हुए झारखंड सीमा को जोड़ने वाली करीब 5.6 किलोमीटर लंबी सड़क पर क्षमता से अधिक भार वाले भारी वाहनों की लगातार आवाजाही अब सड़क की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। ग्रामीण आवागमन के लिए बनाए गए इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर बड़े-बड़े मालवाहक ट्रकों की लगातार आवाजाही से सड़क की सतह पर नुकसान के संकेत दिखाई देने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की निर्धारित क्षमता से अधिक लोड लेकर चलने वाले वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, जिसके कारण सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह उखड़ने लगी है।

मौके की तस्वीरों में भी भारी मालवाहक ट्रक इस ग्रामीण मार्ग से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। लगातार भारी वाहनों के आवागमन से सड़क के किनारों और सतह पर दबाव का असर नजर आने लगा है। ग्रामीणों के अनुसार सामान्य यातायात के लिए बनाई गई सड़क पर जब क्षमता से अधिक वजन वाले वाहन लगातार गुजरते हैं तो सड़क की संरचना पर अतिरिक्त भार पड़ता है। इससे सड़क की ऊपरी परत कमजोर होकर टूटने और उखड़ने लगती है। बारिश के दौरान सड़क के कमजोर हिस्सों में पानी पहुंचने से नुकसान और बढ़ने की आशंका रहती है।

सिंगीबहार से अबिरा होते हुए झारखंड सीमा तक पहुंचने वाला यह मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है। इस मार्ग से ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में आवागमन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण ग्रामीणों की सुविधा और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन वर्तमान में बड़े मालवाहक वाहनों और क्षमता से अधिक लोड वाले वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क पर लगातार दबाव बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के गुजरने से सड़क को होने वाला नुकसान तत्काल पूरी तरह नजर नहीं आता, लेकिन लगातार अधिक भार पड़ने से सड़क की मजबूती धीरे-धीरे कम होती जाती है। पहले सड़क की सतह में दरारें और उखड़ने की स्थिति बनती है, इसके बाद यही नुकसान आगे चलकर गड्ढों और बड़े क्षतिग्रस्त हिस्सों में बदल सकता है। यदि समय रहते भारी वाहनों के आवागमन और ओवरलोडिंग पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में सड़क की स्थिति और खराब होने की आशंका है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर गुजरने वाले वाहनों की जांच की जाए और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पूरी तरह खराब होने के बाद मरम्मत कराने के बजाय अभी से आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि सरकारी राशि से बनी इस सड़क को समय से पहले क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलती रहे।

"ग्रामीणों से सूचना मिली है,प्रधानमंत्री सड़क पर क्षमता से अधिक भारी वाहन लगातार आवागमन कर रही है,जिससे जल्द ही सड़क खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा। भारी वाहनों पर रोक लगना आवश्यक है"

राजेश कुमार दुबे - एस डी ओ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना -जशपुर

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सेवा संकल्प अभियान: पुलिस जवानों ने स्कूल परिसरों में किया पौधारोपण, बच्चों को यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक


दोकड़ा। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को पुलिस चौकी दोकड़ा के जवानों ने क्षेत्र के विभिन्न स्कूल परिसरों में छात्र-छात्राओं के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अभियान के दौरान बंदरचूआ स्कूल एवं ग्राम पतरापाली सहित हेटकपा, बम्हनमुंडा और नौनपानी के स्कूलों में विशेष रूप से पौधारोपण अभियान चलाया गया।
पुलिस जवानों ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर स्कूल परिसर में विभिन्न पौधे लगाए और उनकी देखभाल एवं संरक्षण के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस दौरान बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के साथ-साथ सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस जवानों ने विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
अभियान के दौरान पुलिस चौकी दोकड़ा प्रभारी संतोष सिंह, सुरेंद्र यादव, राजकुमार लकड़ा, रेणुका टोप्पो सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से पुलिस जवानों ने पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा—दोनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

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नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़, युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 30 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक आयोजित नशामुक्ति पदयात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने पदयात्रा कर नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। पदयात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री श्री साय ने लाल चौक स्थित लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। नशा केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवा स्वस्थ होंगे, शिक्षित और कुशल होंगे तथा अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएंगे तो प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग अपने परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में करे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। महात्मा गांधी ने संयम, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया था। ऐसे में नशामुक्ति का यह अभियान उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का भी सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सेवा को सर्वोपरि रखा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी शासन की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के विभिन्न कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही युवाओं को सेवा और राष्ट्र निर्माण के भाव से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गुजरात के वडनगर से निकले बाइक राइडर्स का रायपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया। इस यात्रा में बस्तर के युवा भी उत्साहपूर्वक सहभागी बने।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा, जिसके कारण वहां विकास की गति बाधित हुई। आज क्षेत्र में शांति और विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के लिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर सहित आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। हमारा लक्ष्य ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना है, जो नशे से दूर रहकर अपने सामर्थ्य, परिश्रम और नवाचार से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बने।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधायक श्री पुरंदर मिश्रा द्वारा विगत 27 वर्षों से नशामुक्ति, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे सामाजिक विषयों को लेकर पदयात्रा आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आता है। जब कोई अभियान समाज का अभियान बन जाता है, तभी उसके स्थायी और व्यापक परिणाम सामने आते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि इन पदयात्राओं से प्रेरित होकर अब तक हजारों लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह भी अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा और विशेष रूप से युवाओं को स्वस्थ एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा, एक स्वस्थ परिवार और एक जागरूक समाज मिलकर ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर श्रीवास, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं एवं आमजन उपस्थित थे।

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रायगढ़ पुलिस में भावभीनी विदाई, लंबी सेवा पूरी कर सहायक उप निरीक्षक बलराम प्रसाद शुक्ला और आरक्षक ख्रिस्तोफर बेक हुए सेवानिवृत्त, स्मृति चिह्न भेंट कर पुलिस परिवार ने दी सम्मानजनक विदाई

      *रायगढ़, 30 सितंबर 2026*। जिला पुलिस रायगढ़ में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक बलराम प्रसाद शुक्ला एवं रक्षित केंद्र में पदस्थ आरक्षक ख्रिस्तोफर बेक आज अपनी दीर्घ पुलिस सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए। दोनों पुलिसकर्मियों के सम्मान में पुलिस कार्यालय में सेवा सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं।

      कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह ने दोनों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की सेवाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सहायक उप निरीक्षक बलराम प्रसाद शुक्ला वर्ष 1983 में जिला बस्तर में आरक्षक के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। बस्तर के बाद उन्होंने जिला बिलासपुर एवं जांजगीर में अपनी सेवाएं दीं और वर्ष 2022 में स्थानांतरण पर रायगढ़ आए। रायगढ़ में उनकी ड्यूटी पुलिस लाइन के साथ-साथ बिलासपुर हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में भी लगाई गई, जहां उन्होंने जिम्मेदारीपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।

       इसी प्रकार आरक्षक ख्रिस्तोफर बेक वर्ष 1988 में मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। उन्हें आर्म्स संबंधी कार्यों में विशेष दक्षता हासिल थी और उन्होंने लंबे समय तक आर्म्स शाखा में अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा वीआईपी ड्यूटी एवं विभिन्न कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटियों में भी उन्हें हथियारों के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाती रही। डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी ने उनके सेवाकाल का उल्लेख करते हुए उन्हें अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी बताया। कार्यक्रम में श्री बेक की पत्नी एवं परिवारजन भी उपस्थित रहे। अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए श्री बेक एवं उनके परिवारजन भावुक हो गए।

         कार्यक्रम में एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी ने विभाग की ओर से दोनों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के प्रति आभार एवं सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने पुलिस विभाग में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देते हुए सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन किया है। उन्होंने दोनों को स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद जीवन की यह नई पारी है, जिसमें वे अपने परिवार को अधिक समय दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग उनके लिए पहले भी परिवार रहा है और सेवानिवृत्ति के बाद भी पुलिस परिवार उनके साथ खड़ा रहेगा। किसी भी आवश्यकता के समय वे विभाग से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से यह भी अपेक्षा जताई कि वे समाज के बीच रहते हुए पुलिस से जुड़े मुद्दों एवं जनसमस्याओं को विभाग के संज्ञान में लाते रहें, ताकि आवश्यक सुधार एवं बेहतर पुलिसिंग की दिशा में कार्य किया जा सके।

       कार्यक्रम के अंत में दोनों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को स्मृति चिह्न एवं अन्य सम्मान सामग्री भेंट कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना करते हुए भावभीनी विदाई दी। कार्यक्रम में डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर, श्री राहुल उईके, श्री शिखर मरावी तथा कार्यालयीन स्टाफ मौजूद रहे ।

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ऑपरेशन आघात में जूटमिल पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई, 5 आरोपी गिरफ्तार और 102 पाव शराब जब्त


     *रायगढ़, 30 सितंबर*। जिले में अवैध नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत जूटमिल पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 55 पाव देशी मसाला एवं देशी प्लेन मदिरा, कुल 9.900 बल्क लीटर शराब, कीमत करीब ₹5,000 तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 11 CK 4713 जब्त की है।
 
        जानकारी के अनुसार दिनांक 29.09.2026 को थाना जूटमिल के प्रशिक्षु उप निरीक्षक टिकेन्द्र चन्द्राकर को मुखबिर से सूचना मिली कि झोपड़ीपारा, थाना जूटमिल के पीछे दो व्यक्ति मोटरसाइकिल से अवैध शराब का परिवहन कर रहे हैं। सूचना पर प्रशिक्षु उप निरीक्षक के हमराह पुलिस टीम द्वारा मुखबिर के बताए स्थान पर घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की गई। मौके पर बबलू चौहान पिता टिकम चौहान, उम्र 25 वर्ष, निवासी बजरंगपारा निगम कॉलोनी मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि उसके साथ लाभ सिंह चौहान पिता बिहारी लाल चौहान, उम्र 35 वर्ष, निवासी बजरंगपारा निगम कॉलोनी, थाना जूटमिल बैठा था। पुलिस ने दोनों को रोककर उनकी तलाशी ली, जिसमें शराब के थैले में रखी 30 पाव देशी मसाला मदिरा एवं 25 पाव देशी प्लेन मदिरा, कुल 9.900 बल्क लीटर बरामद हुई। शराब की अनुमानित कीमत करीब ₹5,000 बताई गई है।

       पुलिस ने शराब एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 11 CK 4713 को विधिवत जब्त कर दोनों आरोपियों को थाना लाया। आरोपियों के विरुद्ध थाना जूटमिल में धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया गया तथा न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया।

         वहीं आज दिनांक 30.9.2026 को दो अन्य कार्रवाई में अवैध शराब बिक्री के लिए रखे तीन आरोपियों से 47 देशी और अंग्रेजी शराब जप्त किया गया है । पहली कार्रवाई में आरोपी दीपक कुमार साहू निवासी राजीव गांधी नगर वार्ड नंबर 36 से 20 पाव अंग्रेजी शराब तथा दूसरी कार्रवाई में आरोपी आकाश कलेत निवासी बापूनगर और रोहन सारथी निवासी भगवानपुर से 27 पाव देशी प्लेन शराब जप्त किया गया है ।  आरोपियों पर आबकारी एक्ट की कार्रवाई की गई है ।

         इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उप निरीक्षक टिकेन्द्र चन्द्राकर, प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, राजेश पटेल, आरक्षक परमानंद पटेल एवं सन्नी मालाकार की अहम भूमिका रही।

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“अभियान संवेदना” में चक्रधरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ओडिशा में ठिकाने बदल रहे आरोपी तक पहुंची पुलिस, 17 वर्षीय नाबालिग बरामद, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में युवक गिरफ्तार

*रायगढ़, 30 सितंबर* ।  अभियान संवेदना के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने लापता 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को ओडिशा के हिमगीर से दस्तयाब कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपित युवक मनीष सिदार उर्फ साहिल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

        जानकारी के मुताबिक, दिनांक 31.08.2026 को थाना चक्रधरनगर में स्थानीय महिला द्वारा अपनी 17 वर्षीय पुत्री के दिनांक 13.08.2026 की शाम बिना बताए घर से चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 440/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान संदेही मनीष सिदार उर्फ साहिल के साथ बालिका के हिमगीर, ओडिशा में होने की जानकारी प्राप्त हुई। पुलिस टीम द्वारा हिमगीर में दबिश दी गई, लेकिन आरोपी और बालिका मोबाइल बंद कर मकान बदलकर फरार हो गए थे। पुलिस द्वारा लगातार पतासाजी करते हुए दिनांक 02.09.2026 को हिमगीर, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा स्थित एक किराये के मकान से बालिका को दस्तयाब कर रायगढ़ लाया गया, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया था। बालिका का महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कथन कराया गया तथा पीड़िता एवं गवाहों के कथनों के आधार पर आरोपी द्वारा नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाना पाए जाने पर प्रकरण में धारा 87, 64(2)(M) बीएनएस एवं धारा 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गई। बालिका की सीडब्ल्यूसी से काउंसलिंग एवं न्यायालय में कथन की कार्रवाई भी कराई गई।

       प्रकरण में फरार आरोपी साहिल सिदार उर्फ मनीष से पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह बालिका को विगत चार वर्षों से जानता था तथा दोनों के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से सामान्य बातचीत होती थी। आरोपी के अनुसार, दिनांक 14.08.2026 को उसने अपना मोबाइल फोन दोस्त के पास गिरवी रखकर 6,000 रुपये लिए और अपनी एक्टिवा स्कूटी से बालिका को अपने परिचित के घर हिमगीर, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा लेकर गया, जहां वह उसके साथ रहने लगा। पुलिस की दबिश के बाद आरोपी ने दूसरे स्थान पर किराये का मकान लेकर रहना शुरू कर दिया था। दिनांक 02.09.2026 को चक्रधरनगर पुलिस एवं ओडिशा पुलिस की टीम द्वारा तलाश किए जाने पर आरोपी अपनी स्कूटी छोड़कर मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG 13 AA 4590 को ओडिशा से रायगढ़ लाकर जब्त किया है। आरोपी साहिल सिदार उर्फ मनीष पिता उदल सिदार, उम्र 19 वर्ष, निवासी चक्रधरनगर, के विरुद्ध अपराध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

   बालिका की पतासाजी एवं आरोपी की गिरफ्तारी में महिला उप निरीक्षक मनीषा धुर्वे, उप निरीक्षक गेंदलाल साहू एवं हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।

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मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में BHAVYA योजना को लेकर अहम फैसला, नवा रायपुर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी

रायपुर, 30 सितंबर 2026/ भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

       बैठक में प्रस्तावित परियोजना के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मास्टर प्लान, भूमि उपलब्धता, आवश्यक अधोसंरचना, परियोजना लागत, वित्तीय व्यवस्था तथा BHAVYA  की संचालन गाइडलाइन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्ताव को भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।

*नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित है औद्योगिक पार्क*

        CRDA द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। लगभग 406.72 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस औद्योगिक पार्क में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

*भारत सरकार को भेजा जाएगा परियोजना प्रस्ताव*

        स्टेट लेवल कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे भारत सरकार को भेजे जाने के लिए अनुमोदित किया गया है। अब CRDA द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव को DPIIT,  भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों पर कार्यवाही की जाएगी।

        बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी श्री उमेश कुमार झा, एनआरडीए नवा रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित कलेक्टर रायपुर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।

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नारकोटिक्स के पूरे वित्तीय नेटवर्क पर पुलिस का प्रहार, अवैध संपत्तियों की पहचान और जब्ती के लिए अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

रायपुर, 30 सितम्बर 2026/ नारकोटिक्स के मामलों में केवल आरोपियों तक पहुंचने के बजाय नशे के अवैध कारोबार से जुड़े पूरे वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में नारकोटिक्स प्रकरणों की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रदेशभर से उप पुलिस अधीक्षक से सहायक उप निरीक्षक स्तर तक के 70 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

       पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नारकोटिक्स श्री अमित कुमार ने कहा कि नारकोटिक्स के मामलों में अपराधियों को सजा दिलाने के साथ ही उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान और जब्ती कर वित्तीय नेटवर्क को तोड़ना आवश्यक है। इसके लिए प्रभावी और व्यापक विवेचना जरूरी है।

        उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स पदार्थ कहां से आ रहा है, कौन इसकी आपूर्ति कर रहा है और इसे किस तक पहुंचाया जा रहा है, इन सभी पहलुओं पर फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंक स्थापित करते हुए वित्तीय जांच की जानी चाहिए। इससे नशे के कारोबार से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की पहचान कर उसके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।

        उप पुलिस महानिरीक्षक, नारकोटिक्स श्रीमती पारुल माथुर ने कहा कि एनडीपीएस प्रकरणों की विवेचना में विभिन्न संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नशे के कारोबार से अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने नारकोटिक्स की सप्लाई रिडक्शन, डिमांड रिडक्शन, हार्म रिडक्शन और रिहैबिलिटेशन के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

       कार्यशाला के प्रथम सत्र में इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग, रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर श्री प्रकाश चंद्र चौहान ने विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि वित्तीय जांच के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि नशे के अवैध कारोबार में अवैध धन कहां से आ रहा है और उसे कहां निवेश किया जा रहा है।

        द्वितीय सत्र में नेशनल एकेडमी ऑफ कस्टम्स, इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड नारकोटिक्स, रायपुर के एडिशनल असिस्टेंट डायरेक्टर श्री सलमान इम्तियाज हुसैनी ने जीएसटी के विश्लेषण के माध्यम से अवैध धन और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन का पता लगाने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अनामिका जैन सहित पुलिस मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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अतिवृष्टि के बाद भरदा में ग्रामीणों को बड़ी राहत, मंत्री गजेंद्र यादव की पहल पर जलनिकासी के लिए 12.87 लाख रुपए की नाली निर्माण को मिली प्रशासनिक मंजूरी

रायपुर, 30 सितंबर 2026/ दुर्ग जिले के ग्राम भरदा में विगत 26 सितंबर को अतिवृष्टि और जलभराव से उत्पन्न गंभीर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे कैबिनेट मंत्री श्री गजेंद्र यादव की त्वरित पहल से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। राहत शिविर में प्रभावित परिवारों से भेंट के दौरान ग्रामीणों और किसानों द्वारा की गई मांग पर संज्ञान लेते हुए, जिला प्रशासन ने 12.87 लाख रूपए की लागत से पक्की निकासी नाली निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

       आवंटन कुल 12.87 लाख रूपए के इस निर्माण कार्य में 2.56 लाख रूपए मजदूरी मद के लिए और 10.31 लाख रूपए सामग्री मद के लिए आवंटित किए गए हैं। यह कार्य वीबी-जी रामजी (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी) योजना के तहत कराया जाएगा। यह निकासी नाली पुरुषोत्तम निषाद के घर से केशव ठाकुर के घर तक बनाई जाएगी, जिससे बारिश के दौरान मार्ग पर होने वाले जलजमाव से स्थायी रूप से मुक्ति मिलेगी।

*स्थानीय स्तर पर रोजगार और सुविधाएं*

      जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत विकास कार्यों को स्थानीय मूलभूत आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत मांग करने वाले पात्र ग्रामीणों को 15 दिवस के भीतर 300 रूपए प्रतिदिन की निर्धारित मजदूरी दर पर रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा। नाली निर्माण की त्वरित स्वीकृति और फसल क्षति के तत्काल सर्वेक्षण के निर्देशों पर ग्रामवासियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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मंत्रालय में जनता से सीधे जुड़े पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की सुनी समस्याएं और सुझाव, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर, 30 सितंबर 2026/ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आज विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों एवं आगंतुकों से मुलाकात की। मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी से आत्मीयता से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों की जानकारी ली।

मुलाकात के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं से मंत्री श्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री ने प्रत्येक आगंतुक की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं का नियमानुसार परीक्षण कर उनका यथासंभव शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जिन मामलों में अन्य विभागों से समन्वय की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए जनता से निरंतर संवाद और उनकी समस्याओं को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और सरकार के बीच जनता का सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाता है।

उन्होंने कहा कि ’जनता से जुड़े रहना और उनकी बात सुनना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है।' नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों की शिकायतों और सुझावों को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

मंत्रालय में मंत्री से मिलने पहुंचे लोगों ने भी अपनी बात सुने जाने और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपने क्षेत्र के विकास, जनहित से जुड़े विषयों तथा अन्य आवश्यकताओं से संबंधित सुझाव भी साझा किए।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनता के सुझावों और अनुभवों से शासन को जमीनी स्तर की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

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बलरामपुर की धरती से डिजिटल रोजगार की नई शुरुआत, कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर के जरिए युवाओं और दीदियों को मिलेगा एआई प्रशिक्षण, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल

रायपुर, 30 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ का बलरामपुर-रामानुजगंज जिला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा लेबलिंग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहाँ कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की स्थापना की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य जिले के शिक्षित ग्रामीण युवाओं और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को एआई आधारित अत्याधुनिक रोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

*प्रिज्मा एआई के साथ हुआ एमओयू*

      कलेक्ट्रेट कक्ष में जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज और प्रिज्मा एआई के बीच इस सेंटर की स्थापना के लिए एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री आशुतोष चतुर्वेदी, प्रिज्मा एआई के सीईओ डॉ. श्रीराम अय्यर, सीओओ श्री अमिताभ राय चौधरी, सीटीओ श्री विनीत कुमार झा तथा स्व-सहायता समूह की सदस्य सुश्री सपना व सुश्री अनुजा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

*पायलट चरण की मुख्य विशेषताएं*

       पायलट चरण के तहत बलरामपुर में 10 सीटों का सेंटर शुरू होगा, जिसमें एक समर्पित प्रशिक्षक और गुणवत्ता पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे। चयनित प्रतिभागियों को एआई साक्षरता, डिजिटल कौशल, डेटा लेबलिंग, इमेज एवं ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण, सत्यापन और गुणवत्ता समीक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभ्यर्थियों की पहचान, छंटनी और चयन एक संरचित प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

*डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ेंगी लखपति दीदी*

       कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 12वीं उत्तीर्ण और स्नातक सदस्यों वाले स्व-सहायता समूहों का बड़ा दायरा है जो स्मार्टफोन और कंप्यूटर चलाने में दक्ष हैं। यह केंद्र पारंपरिक आजीविका से जुड़ी दीदियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर स्थानीय स्तर पर ही सम्मानजनक और नियमित आय दिलाएगा, जिससे लखपति दीदी के लक्ष्य को गति मिलेगी।

*व्यय और जिम्मेदारियों का विभाजन*

      एमओयू के तहत केंद्र की तकनीक, संचालन, प्रशिक्षण, गुणवत्ता पर्यवेक्षण, प्रतिभागियों के पारिश्रमिक, प्रोत्साहन राशि और इंटरनेट कनेक्टिविटी का पूरा खर्च प्रिज्मा एआई द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं, जिला प्रशासन परिसर व बुनियादी ढांचे की पहचान, हितग्राहियों के चयन, एनआरएलएम व कौशल विकास विभागों से समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेगा। यह अनूठी पहल जनजातीय बहुल क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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बस्तर ओलंपिक के लिए 1 अक्टूबर से शुरू होगा पंजीयन, नवंबर में विकासखंड स्तर पर मुकाबले, 11 खेलों में दमखम दिखाएंगे बस्तर के युवा

रायपुर. 30 सितम्बर 2026. बस्तर क्षेत्र के युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने, उनकी रचनात्मकता एवं खेल प्रतिभा को निखारने तथा उन्हें अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक के तीसरे संस्करण के लिए पंजीयन 1 अक्टूबर से प्रारंभ होंगे। तीन चरणों में आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक के विकासखंड स्तरीय आयोजन नवम्बर में होंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बस्तर संभाग के आयुक्त और सभी जिलों के कलेक्टरों को बस्तर ओलंपिक के आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।

बस्तर ओलंपिक में जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष आयु के बालक-बालिकाएं तथा सीनियर वर्ग में महिला एवं पुरुष प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों एवं पुनर्वासित सदस्यों की प्रतिभागिता सीधे संभाग स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।

*1 से 30 अक्टूबर तक होगा पंजीयन*

बस्तर ओलंपिक के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक पंजीयन किए जाएंगे। नवम्बर और दिसम्बर में विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर इनके चरणबद्ध आयोजन होंगे। विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताएं 1 नवम्बर से 13 नवम्बर तक, जिला स्तर की प्रतियोगिताएं 16 नवम्बर से 25 नवम्बर तक तथा संभाग स्तर की प्रतियोगिताएं 7 दिसम्बर से 11 दिसम्बर तक प्रस्तावित हैं। 

बस्तर ओलंपिक के अंतर्गत एथलेटिक्स में 100 मीटर, 200 मीटर एवं 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 4×100 मीटर रिले रेस शामिल हैं। तीरंदाजी (30 मीटर एवं 50 मीटर), बैडमिंटन, फुटबॉल, कराते, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल की भी स्पर्धाएं होंगी। हॉकी एवं वेटलिफ्टिंग का आयोजन सीधे जिला स्तर पर किया जाएगा। वहीं सीनियर महिला वर्ग के लिए रस्साकसी को प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में शामिल किया गया है। 

*बस्तर ओलंपिक के पिछले दो संस्करण रहे काफी सफल*

बस्तर के युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने, उनकी रचनात्मकता एवं खेल प्रतिभा को पहचान कर खिलाड़ी के रूप में तैयार करने वर्ष 2024 में राज्य शासन द्वारा बस्तर ओलंपिक के पहले संस्करण का आयोजन किया गया था। पहले संस्करण में एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भागीदारी की थी। वहीं वर्ष 2025 में आयोजित दूसरे संस्करण में 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था। बस्तर के युवाओं को प्रेरित करने पहले संस्करण में विशिष्ट प्रदर्शन करने वाले 13 और दूसरे संस्करण के 18 खिलाड़ियों को यूथ आइकॉन के रूप में चिन्हित किया गया था।

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