ताजा खबरें


बड़ी खबर

राष्ट्रीय मछुआरा संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, हसदेव-बांगो में 37 करोड़ का एक्वा पार्क, मत्स्य पालकों को दुर्घटना बीमा, गंगरेल क्षेत्र में मछली पालन को नई मंजूरी और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा

रायपुर, 08 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्री ललित चंद्राकर, महासचिव श्री ओमप्रकाश धीवर, श्री नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

और भी

राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन, रायपुर बनेगा देश की उभरती जल क्रीड़ा प्रतिभाओं का सबसे बड़ा मंच

रायपुर 8 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।

कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव श्री प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

और भी

मुख्य सचिव की सख्ती: प्राथमिकता वाले कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, सभी विभागों के सचिवों से की प्रगति की समीक्षा

रायपुर, 08 जून 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।

           बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली। 

          बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

और भी

35 करोड़ की लागत से बन रहे अत्याधुनिक जगदेव राम उरांव चिकित्सालय का प्रभारी सचिव ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता और रफ्तार की सराहना

रायपुर, 8 जून 2026/जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं तेज गति से संचालित किए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा तथा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में छह मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।

प्रस्तावित अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू तथा पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था होगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी कक्ष, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी यूनिट, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल के शुरू होने से जशपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

और भी

हरित जशपुर की ओर बड़ा कदम: 80 हजार सीड बॉल से बंजर और पहाड़ी क्षेत्रों में फैलाई जाएगी हरियाली, महिलाओं-ग्रामीणों ने संभाली पर्यावरण संरक्षण की कमान

रायपुर, 08 जून 2026/ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण में वृद्धि के उद्देश्य से जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड में सीड बॉल निर्माण अभियान की शुरुआत की गई है। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सहभागिता से बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें मानसून के दौरान बंजर, पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा।

सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद तथा स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के बीजों से तैयार की जाती है। वर्षा होने पर ये बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। यह तकनीक कम लागत में अधिक क्षेत्र में वनीकरण का प्रभावी माध्यम मानी जाती है।

जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी है। अभियान के अंतर्गत आम, जामुन, करंज, नीम, इमली सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार किए जा चुके हैं।

ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लेते हुए सीड बॉल निर्माण को प्रकृति संरक्षण का सरल, प्रभावी और सामुदायिक प्रयास बताया। तैयार सीड बॉल्स को वर्षा ऋतु के दौरान उन क्षेत्रों में फैलाया जाएगा, जहां प्राकृतिक रूप से हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार ने जिलेवासियों से इस पर्यावरणीय अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से हरित, समृद्ध और खुशहाल जशपुर का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है।

इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ-साथ हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोजेक्ट के अंतर्गत हर्षा ट्रस्ट एवं बिहान के बीपीएम की भी सक्रिय सहभागिता रही, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन और गति मिल रही है।

और भी

कर्मा महोत्सव में गूंजा साहू समाज का गौरव, एक करोड़ की लागत से बने तैलीय सदन का लोकार्पण; अरुण साव बोले– ईमानदारी और मेहनत ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी

रायपुर. 8 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक श्री चैतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है। 

श्री साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।

छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। 

विधायक श्री चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष श्री टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव श्री ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार श्री कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य श्रीमती यामिनी देवी साहू, लोक गायिका सुश्री आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक श्री ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

और भी

राष्ट्रीय खेलों में चमके कुनकुरी के शिक्षक महेश तिर्की, एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर बढ़ाया जशपुर का मान

नारायणपुर/जशपुर, 8 जून। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के एक शिक्षक ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर न केवल जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। शासकीय प्राथमिक शाला डीपाटोली में पदस्थ शिक्षक महेश तिर्की ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित 14वें राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी इस उपलब्धि से शिक्षा विभाग, खेल प्रेमियों और क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।

जानकारी के अनुसार संयुक्त भारतीय खेल संघ द्वारा 5 से 7 जून तक हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला एथलेटिक्स स्टेडियम में 14वें राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 2500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। संघ का उद्देश्य विभिन्न खेल विधाओं को एक मंच प्रदान कर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और लोगों में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से 20 खिलाड़ियों की टीम ने भाग लिया। राज्य के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 8 स्वर्ण और 2 रजत पदक अपने नाम किए। इनमें जशपुर जिले के शिक्षक महेश तिर्की का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा। उन्होंने 40 प्लस आयु वर्ग की 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि 400 मीटर एवं 200 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल कर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया।

महेश तिर्की खेल जगत में नया नाम नहीं हैं। वे लंबे समय से एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहे हैं और कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पांच बार राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए कई पदक भी अर्जित किए हैं। लगातार अभ्यास, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और खेल के प्रति समर्पण ही उनकी सफलता का मूल मंत्र रहा है।

शिक्षण कार्य के साथ-साथ महेश तिर्की युवाओं के शारीरिक विकास और खेल प्रशिक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वे प्रतिदिन कुनकुरी के सलियाटोली खेल मैदान में उन युवाओं को प्रशिक्षण देते हैं जो पुलिस सेवा, सेना और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन और प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि अब तक चार युवाओं का चयन पुलिस विभाग में हो चुका है।

महेश तिर्की का मानना है कि स्वस्थ शरीर ही सफलता की पहली सीढ़ी है। वे युवाओं को नियमित व्यायाम, दौड़, योगाभ्यास तथा नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका कहना है कि यदि युवा अनुशासित दिनचर्या अपनाएं और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें तो किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने बधाई दी है। प्रधान पाठक ने कहा कि महेश तिर्की की सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा है। खेलों में रुचि रखने वाले युवा उनसे मार्गदर्शन लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं।

और भी

जगदलपुर समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव सख्त, स्वच्छता दीदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा किट वितरण के दिए निर्देश, जल जीवन मिशन की योजनाओं के बेहतर संचालन पर भी जोर

रायपुर. 7 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पांडे, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों को पूर्ण करने की तिथि विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित की गई है, इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का डीपीआर तैयार करते समय संभावित समस्याओं फारेस्ट-क्लीयरेंस, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का समाधान पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि निर्माण कार्यो में अनावश्यक विलंब न हो। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों की काउंसलिंग कर जनप्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा किट प्रदान करने को कहा। उन्होंने शहर की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने तथा नवीन राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित जल कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन-संधारण किया जा सके। उन्होंने बरसात के पहले जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

और भी

हर इच्छुक परिवार को रोजगार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम, जशपुर की ग्राम पंचायतों में आयोजित रोजगार दिवस में ग्रामीणों ने दर्ज कराई रोजगार मांग, योजनाओं की जानकारी लेकर उठाया लाभ

जशपुर, 07 जून 2026/  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीणों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर  ग्रामीणों से रोजगार की मांग प्राप्त की गई तथा विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।

रोजगार दिवस के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक एवं पंचायत कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों को मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया, जॉब कार्ड निर्माण एवं संशोधन, कार्य मांग पंजीयन, मजदूरी भुगतान की व्यवस्था तथा योजना के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।

इस दौरान ग्रामीणों से आगामी कार्यों के लिए रोजगार मांग आवेदन प्राप्त किए गए तथा पात्र हितग्राहियों के नवीन जॉब कार्ड बनाने एवं पुराने जॉब कार्डों के अद्यतन का कार्य भी किया गया। पंचायत स्तर पर प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण करते हुए ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

रोजगार दिवस में मनरेगा के अंतर्गत संचालित जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि जिले में सोक पिट, कंटूर ट्रेंच, वॉटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच (WAT), नवा तरिया, आजीविका डबरी, तालाब, एवं वृक्षारोपण जैसे कार्यों के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का कार्य भी किया जा रहा है। इन कार्यों से जल स्तर में सुधार, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा ग्रामीणों की आय बढ़ाने में सहायता मिल रही है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, युवाओं एवं कमजोर वर्गों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मनरेगा एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए गए।

 रोजगार दिवस का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक इच्छुक ग्रामीण परिवार को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना, योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से रोजगार दिवस आयोजित कर रोजगार मांग का पंजीयन एवं समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

और भी

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से बदली किसान सुधीर लकड़ा की तस्वीर उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और सौर सिंचाई से बढ़ी पैदावार, कम लागत में बेहतर आमदनी

जशपुर 7 जून 2026/ खेती-किसानी आधारित जिले जशपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री धन–धान्य कृषि योजना (PMDDKY) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि–उन्मुख नीतियों और प्रदेश में योजनाओं की तेज गति से क्रियान्वयन के कारण किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सहायता और कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन का व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में सामने आए हैं।

श्री सुधीर लकड़ा के पास कुल 3.400 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें उन्हें समय–समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आत्मा योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को सुगम और कम लागत वाला बनाया है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ।

प्रधानमंत्री धन–धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उन्हें धान के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का की खेती करने की सलाह दी गई। विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए 08 किलोग्राम मक्का बीज से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाई। उचित देखरेख, पोषक तत्व खाद, दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी आमदनी अच्छी होने लगी है।

PMDDKY योजना के माध्यम से क्षेत्र में फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, भंडारण क्षमता विकास तथा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना अनाज, दलहन, तिलहन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ही मशीनीकरण, जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि इस योजना ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण, उन्नत बीज और समय पर सलाह ने उनकी फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह किसान–हितैषी योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मिल रहा समर्थन उनकी आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।


*PMDDKY के मुख्य उद्देश्य*
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाते हुए किसानों की आय को वर्ष 2030 तक दोगुना करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीक के माध्यम से उत्पादन में 20–30% की बढ़ोतरी, अनाज–दलहन–तिलहन में आत्मनिर्भरता, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई से मानसून पर निर्भरता में कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 5% तक घटाने हेतु भंडारण क्षमता का विस्तार, जैविक कृषि और मशीनीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही महिलाओं और युवाओं को डेयरी, मत्स्य और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर उन्हें कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।

और भी

जशपुर में जल संरक्षण की अनूठी पहल: सोक पिट, डबरी, नवा तरिया और 5% मॉडल से बढ़ रहा भू-जल स्तर, खेती और ग्रामीण आजीविका को मिल रही नई मजबूती

जशपुर, 07 जून 2026: जशपुर जिले में कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार के निर्देशन में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए  विभिन्न नवाचार आधारित कार्यों को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। मनरेगा एवं जनभागीदारी के माध्यम से सोक पिट, WAT (Water Absorption Trench), कंटूर ट्रेंच, आजीविका डबरी, नवा तरिया तथा 5% मॉडल जैसे संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा जल संचय हेतु उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे है।
जिले में वर्षा जल के अधिकतम संचयन और भू-जल पुनर्भरण के उद्देश्य से घरों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सोक पिट का निर्माण कराया जा रहा है। इससे उपयोग किए गए पानी का पुनर्भरण संभव होगा साथ ही  जलभराव की समस्या में कमी आएगी। पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में WAT (वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच) तथा कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के बहाव को नियंत्रित कर मिट्टी के कटाव को रोकने के साथ-साथ जल को भूमि में समाहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आजीविका डबरी का निर्माण किया जा रहा है। इन डबरियों में वर्षा जल संग्रहित होने से किसानों को रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों की सिंचाई में सहायता मिलेगी साथ ही सब्जी उत्पादन, मछली पालन से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। जिले में 495 आजीविका डबरी निर्माणाधीन है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में नवा तरिया अभियान भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। नए तालाबों के निर्माण और पुराने जलाशयों के जीर्णोद्धार से जल भंडारण क्षमता में वृद्धि हुई है तथा पशुपालन, कृषि और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।
इसके साथ ही जिले में 5 प्रतिशत मॉडल के तहत प्रत्येक ग्राम में कुल भौगोलिक क्षेत्र के कम से कम 5 प्रतिशत भाग को जल संरक्षण संरचनाओं से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मॉडल के माध्यम से वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।
कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी विभागों एवं ग्रामीण समुदायों से जल संरक्षण कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
जशपुर जिले में जल संरक्षण के ये प्रयास न केवल जल संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, बल्कि कृषि उत्पादन, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

और भी

जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका

रायपुर, 7 जून। जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।

अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है।

इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।

जल संरक्षण से आजीविका का सृजन

राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं।

इसी प्रकार ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।

पहाड़ियों पर ट्रेंच, मैदानों में जल संचयन

प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है।

तकनीक से जल संरक्षण को नई दिशा

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए GIS आधारित युक्तधारा प्लानिंग, CLART एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है।

भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

पारदर्शिता और जनभागीदारी का मॉडल

मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भागीदारी से साझेदारी की ओर

जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ का ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।

और भी

विश्व साइकिल दिवस पर जगदलपुर में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं संग चलाई साइकिल फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश,

रायपुर. 7 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित 'सन्डे ऑन सायकल' (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

श्री साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

और भी

धमतरी के ग्राम छाती में चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी, शिक्षा, संगठन और संस्कार को बताया समाज की प्रगति का आधार

*

रायपुर, 07 जून 2026/   श्री चौधरी ने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देता है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़कर राज्य एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

       वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी आज धमतरी जिले के ग्राम छाती में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाजजनों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ एवं देश के विकास में समाज की भूमिका और योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

  
     श्री चौधरी ने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने समाज की गौरवशाली परंपराओं, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए आने वाली पीढ़ियों को संस्कारवान एवं सक्षम बनाने पर जोर दिया।

        कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में समाज के विकास और राष्ट्र की उन्नति के संकल्प के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में “राजा रामचंद्र की जय” एवं “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” के उद्घोष किए गए।

और भी

किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होने देंगे, छोटे किसानों को मिलेगी प्राथमिकता; सुपेबेड़ा पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए 7 करोड़ मंजूर, अवैध रेत उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

रायपुर 7 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं। 

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

बैठक में विधायक श्री रोहित साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

सुरक्षित मातृत्व की दिशा में बड़ा कदम: पीएमएसएमए के 10 वर्ष पूरे होने पर 9 जून को चैनपुर में लगेगा विशेष स्वास्थ्य शिविर, गर्भवती महिलाओं की होगी निःशुल्क जांच

चैनपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 9 जून 2026, मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चैनपुर एवं प्रखंड अंतर्गत सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं परामर्श प्रदान किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करना, संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है। शिविर में गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जाएगी। साथ ही उन्हें पोषण, सुरक्षित प्रसव एवं नवजात शिशु की देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जाएगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चैनपुर के प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान देशभर में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस विशेष शिविर को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसहयोग की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों के विभागाध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा गणमान्य नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। साथ ही अपने अधीनस्थ कर्मचारियों एवं क्षेत्र के लोगों को भी जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

विभाग का मानना है कि समय पर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श से गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। ऐसे में क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं से 9 जून को आयोजित इस विशेष शिविर में पहुंचकर निःशुल्क जांच कराने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सुरक्षित मां और स्वस्थ शिशु ही समृद्ध समाज की आधारशिला हैं, इसलिए इस जनकल्याणकारी अभियान को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

और भी

विधायक रायमुनी भगत ने विश्व पर्यावरण दिवस पर छेड़ा हरित जनआंदोलन, जशपुर वनमंडल में हजारों पौधों के रोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

जशपुरनगर 06 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र जशपुर, सन्ना सहित जिले के सभी वन परिक्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण वृद्धि एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, वन अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणजनों ने पौधारोपण कर हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने वन परिक्षेत्र जशपुर एवं सन्ना में सीता अशोक, लक्ष्मीतरु, टिकोमा एवं झारुल जैसे औषधीय, छायादार एवं फूलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन के लिए ही नहीं, बल्कि मानव जीवन, जल संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जनसहभागिता के माध्यम से सतत अभियान का स्वरूप दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न हरित पहल, वृक्षारोपण कार्यक्रमों तथा वन संरक्षण गतिविधियों की जानकारी भी दी।

     कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जैव विविधता संवर्धन के संबंध में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते तापमान, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जशपुर वनमंडल के सभी वन परिक्षेत्रों में फलदार, छायादार एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने वनों की रक्षा करने, अवैध कटाई एवं वन अपराधों की रोकथाम में सहयोग करने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ ली। इस दौरान महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य, छात्र-छात्राएं, पर्यावरण प्रेमी, ग्रामीणजन, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। जशपुर वनमंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह हरित अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, हरित आवरण विस्तार करने तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

और भी

बस्तर में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने उतरे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मिशन अमृत जल योजना से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग और तालाब सौंदर्यीकरण तक का किया सघन निरीक्षण, बरसात में जनता को परेशानी न हो इसके लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर. 6 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज कोण्डागांव में विभिन्न विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की जानकारी की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कोंडागांव नगर पालिका में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रगतिरत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का जायजा लेकर परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के साथ बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर कर कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा का  विशेष ध्यान रखने को कहा।

केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 योजना के तहत कोण्डागांव में पेयजल आपूर्ति के लिए 9 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत कोण्डागांव से 25 किलोमीटर दूर कोसारटेडा बांध से पानी लाकर उसका शोधन कर नल कनेक्शनों के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना के तहत दो ओवरहेड टैंकों का भी निर्माण किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कोपाबेड़ा में 3 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे तालाब सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोपाबेड़ा से शिव मंदिर तक निर्माणाधीन सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया। लगभग 2.9 किलोमीटर लंबी यह सड़क 4 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से निर्मित की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निर्माणाधीन कोण्डागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले पुल-पुलियों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इस प्रगतिरत सड़क के कारण बरसात में लोगों को आवाजाही में कोई समस्या न हो, इसका खास ध्यान रखने को कहा। 

श्री साव ने कोंडागांव के चिखलपुट्टी में नवनिर्मित बस स्टैंड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को यहां यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा बस स्टैंड के समुचित संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, नगर पालिका के अध्यक्ष श्री नरपति पटेल और उपाध्यक्ष श्री जसकेतू उसेंडी सहित लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

और भी