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तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया आत्मीय स्वागत

रायपुर 7 फरवरी 2026/केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे।  स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री संतोष पांडेय, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री राजेश मूणत, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव (गृह) श्री मनोज पिंगुआ तथा रायपुर  पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला उपस्थित थे।

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भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 7 फरवरी 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता (India–US Interim Trade Agreement) भारत की वैश्विक आर्थिक साख और सामर्थ्य को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी। विशेष रूप से राज्य के वन-आधारित उत्पाद, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल महिला सशक्तिकरण को गति देने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करने और मेक इन इंडिया की भावना को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ एक सशक्त और सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह समझौता राज्य के समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा।

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जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया अवलोकन

रायपुर 7 फरवरी 2026/बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज बस्तर की माटी की सुगंध और आदिम जनजातीय परंपराओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और कारीगरों से प्रदर्शित कलाओं एवं उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बस्तर पंडुम को आदिवासी विरासत को संजोने और उसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने एक-एक कर ढोकरा हस्तशिल्प कला, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस कला, लौह शिल्प, जनजातीय वेश-भूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, बस्तर की जनजातीय चित्रकला, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना की।

बस्तर पंडुम आयोजन स्थल पर जनजातीय हस्तशिल्प आधारित प्रदर्शनी में ढोकरा कला से निर्मित सामग्रियों का विशेष प्रदर्शन किया गया। इस हस्तशिल्प में लॉस्ट वैक्स कास्टिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह भारत की प्राचीन जनजातीय धातु कला है, जिसमें प्रकृति, देवी-देवताओं और ग्रामीण जीवन की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ढोकरा की प्रत्येक कृति पूर्णतः हस्तनिर्मित होती है। इसके निर्माण में समाड़ी मिट्टी, मोम वैक्स, तार, पीतल, गरम भट्टी एवं सफाई मशीन का उपयोग किया जाता है। स्थानीय टेराकोटा कला को दर्शाती मिट्टी से बनी आकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया, जो लोक आस्था, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक विश्वासों को सजीव रूप में प्रस्तुत करती हैं।

प्रदर्शनी में लकड़ी की नक्काशी (Wood Carving) कला के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति देखने को मिली। लकड़ी की मूर्तियां बनाने के लिए सागौन, बीजा, सिवनर एवं साल लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसमें कारीगर पारंपरिक औजारों से बारीक आकृतियां उकेरते हैं। इसी तरह सीसल कला से बने जूट के कपड़े एवं अन्य हस्तशिल्पों का भी राष्ट्रपति ने अवलोकन किया।

एक अन्य स्टॉल में बांस से बनी पारंपरिक उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। वहीं गढ़ा हुआ लोहे की कला (Wrought Iron Art) से निर्मित कलाकृतियों ने भी राष्ट्रपति को विशेष रूप से आकर्षित किया।

जनजातीय आभूषणों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल ने राष्ट्रपति का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस स्टॉल में चांदी, मोती, शंख एवं विभिन्न धातुओं से हाथ से बनाए गए जनजातीय आभूषण (Tribal Jewellery) प्रदर्शित किए गए। ये आभूषण आदिवासी समुदायों की पहचान, सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।
तुम्बा कला (Tumba Art) के अंतर्गत सूखी लौकी जैसी फली से बनाए गए पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शनी में रखी गई थीं। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण स्टॉल में बस्तर क्षेत्र की प्रमुख जनजातियां — दंडामी माढ़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा — की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण संबंधित जनजातियों के युवक-युवतियों 
द्वारा प्रदर्शित किए गए।

बस्तर पंडुम स्थल पर जनजातीय चित्रकला से जुड़ी जीवंत प्रदर्शनी का भी राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में बस्तर की चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। बस्तर की कला में जंगल, लोक देवता, पर्व-त्योहार और दैनिक जीवन को सहज रंगों और प्रतीकों के माध्यम से उकेरा जाता है। यह चित्रकला पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है।

स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जनजातीय दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। इसमें जोंधरी लाई के लड्डू, जोंधरा, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, भेंडा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ पेय पदार्थ लांदा और सल्फी को प्रदर्शित किया गया।
लोक जीवन से संबंधित लोकचित्रों की प्रदर्शनी में बस्तर की संस्कृति और इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य, लोकजीवन एवं लोक परंपराओं से जुड़ी तस्वीरों के साथ-साथ बस्तर के जनजातीय समाज और लोक संस्कृति से संबंधित साहित्य भी प्रदर्शित किया गया।

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नवसंकल्प की मेहनत रंग लाई: जशपुर के 12 युवाओं ने अर्धसैनिक बलों में पाई ऐतिहासिक सफलता, जिले का नाम किया रोशन

जशपुरनगर 07 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान ने एक बार फिर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2025 में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित कांस्टेबल जनरल ड्यूटी (एसएससी जीडी) परीक्षा के माध्यम से संस्थान के कुल 12 छात्र-छात्राओं का चयन विभिन्न अर्धसैनिक बलों में हुआ है।
संस्थान की प्राचार्य सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह ने बताया कि एसएससी जीडी की लिखित परीक्षा फरवरी–मार्च 2025 में आयोजित की गई थी, जिसमें नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के 36 छात्र सफल हुए थे। इसके पश्चात शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं मेडिकल परीक्षण नवंबर–दिसंबर 2025 में सम्पन्न हुए। सभी चरणों के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद हाल ही में घोषित अंतिम परिणाम में संस्थान के कुल एक दर्जन विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की। चयनित विद्यार्थियों में 5 का चयन केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), 3 का केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), 2 का सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), 1 का भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा 1 का सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में हुआ है। चयनित विद्यार्थियों में बालेश्वर नाग, नोवेल टोप्पो, सोंकेश्वर प्रधान, नेहरू लाल एवं अरुण कुमार पैंकरा का चयन सीआईएसएफ में हुआ है। ब्रिन्देश्वर एवं सृष्टि तिर्की बीएसएफ में चयनित हुए हैं। वहीं रोहित केरकेट्टा, अरविंद केरकेट्टा एवं सुरेन्द्र राम का चयन सीआरपीएफ में हुआ है। देव प्रसाद नाग का चयन एसएसबी तथा चन्दन कालो का चयन आईटीबीपी में हुआ है।

      उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में भी नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों का चयन देश के विभिन्न सुरक्षा बलों में हुआ है। वर्ष 2025 में ही संस्थान के 125 विद्यार्थियों का चयन होमगार्ड्स, जिला पुलिस बल एवं केन्द्रीय पुलिस बलों में हुआ है। पहले जशपुर जैसे सुदूर जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब नवसंकल्प शिक्षण संस्थान जिले के युवाओं के लिए शासकीय सेवाओं में जाने का एक सशक्त और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरा है। सभी चयनित विद्यार्थियों को नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के समस्त स्टाफ द्वारा शुभकामनाएं दी गईं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव एनईएस पीजी कॉलेज में सीएसपीडीसीएल का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जशपुरनगर, 07 फरवरी 2026/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड  द्वारा शासकीय राम भजन राय एनईएस पीजी कॉलेज, जशपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सीएसपीडीसीएल की 25 वर्षों की उपलब्धियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मोर बिजली ऐप एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी छात्र-छात्राओं को दी गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने हेतु नारा लेखन, पेंटिंग, रंगोली एवं क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
      कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत एवं उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र उपस्थित थे। अपने उद्बोधन में श्री अरविंद भगत ने सीएसपीडीसीएल द्वारा प्रदत्त सेवाओं की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से ऊर्जा संरक्षण अपनाने तथा जिम्मेदार उपभोक्ता बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान सीएसपीडीसीएल के श्री यतीन्द्र गुप्ता द्वारा बिजली के सदुपयोग एवं व्यवस्था सुधार पर आधारित प्रेरणादायक गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थितजनों ने सराहा। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारी के विकास में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन श्री दौलत राम चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता श्री सत्यप्रकाश कुमार, कार्यपालन अभियंता श्री विनोद पंडित, सहायक अभियंता श्री लुकमान खान तथा कनिष्ठ अभियंता श्री दिनेश त्रिपाठी सहित सीएसपीडीसीएल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कांसाबेल में नहर को दूषित करने वालों पर कलेक्टर का सख्त निर्देश, घर का गंदा पानी बहाया तो लगेगा जुर्माना, अतिक्रमण पर होगी कानूनी कार्रवाई

जशपुरनगर 7 फरवरी 2026/ जिले में सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं जल संरक्षण को प्रभावी बनाने की दिशा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय तथा कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस कांसाबेल क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत एनीकट एवं नहर परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांसाबेल में नहर में गंदगी फैलाने, घरेलू अपशिष्ट जल प्रवाहित करने या अवैध अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

*महादेव मुड़ा एनीकट: किसानों को मिलेगा दोहरा लाभ* - 

निरीक्षण की शुरुआत मैनी नदी की सहायक घुघरी नदी पर निर्माणाधीन महादेव मुड़ा एनीकट से की गई। यह एक लिफ्ट इरीगेशन आधारित सिंचाई परियोजना है, जिसकी लंबाई 55 मीटर एवं ऊंचाई 2.5 मीटर है। इसमें 4 गेट लगेंगे। लगभग 5 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह एनीकट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वर्ष 2023 में स्वीकृत किया गया था। एनीकेट का कार्य तेजी से जारी है। अधिकारियों ने बताया कि एनीकट में पंप लगाकर किसान अपने खेतों तक सीधे पानी ले जा सकेंगे, जिससे महादेव मुड़ा सहित आसपास के गांवों में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी। इससे खेती को लाभ होगा, साथ ही पशु-पक्षियों के लिए भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध रहेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*कुदराझरिया एनीकट: ऊंचाई बढ़ी, सिंचाई क्षमता में इजाफा* -

इसके पश्चात साजापानी डैम से आने वाले पानी की बेहतर सिंचाई एवं निस्तारी सुविधा के लिए कुदराझरिया एनीकट का निरीक्षण किया गया। पुराने एनीकट का जीर्णोद्धार कर इसकी ऊंचाई बढ़ाकर कुल 3 मीटर की गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने एनीकट के आसपास सौंदर्यीकरण को लेकर चर्चा की और आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कुदराझरिया एनीकट से निकलने वाली लगभग 11 किलोमीटर लंबी पक्की नहर है, जो कांसाबेल होते हुए टेल एरिया टांगरगांव में मैनी नदी तक जाती है।


*नहर में गंदगी फैलाने पर सख्ती, लगेगा जुर्माना* -

जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने कांसाबेल में नहर लाइनिंग के प्रगतिरत कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों का जायजा लेते हुए गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नहर के पानी को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नहर में घरेलू गंदा पानी प्रवाहित करने, कचरा फेंकने वालों पर ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर जुर्माना लगाने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नहर किनारे शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर नहर को दूषित करने वालों के विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को समझाइश देने पर भी बल दिया, ताकि सिंचाई परियोजनाओं का लाभ दीर्घकाल तक मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों एवं पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके संरक्षण में जनभागीदारी अनिवार्य है।

*कांसाबेल में संतोषी तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना* -

जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कांसाबेल में सड़क किनारे स्थित संतोषी तालाब का भी अवलोकन किया। उन्होंने तालाब की सुदंरता बरकरार रखने किए जा सकने वाले आवश्यक सौंदर्यीकरण कार्यों की विस्तृत चर्चा की। तालाब में नहर के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही तालाब के सौंदर्यीकरण हेतु साफ-सफाई, चारों ओर पाथवे निर्माण, आकर्षक लाइटिंग, रेलिंग एवं बैठक व्यवस्था जैसी सुविधाओं की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

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बिना बिजली-डीजल के नदी के बहाव से सिंचाई, सरगुजा संभाग की पहली हाइड्रो पावर पम्पिंग योजना बनी मिसाल  100 एकड़ खेतों को मिलेगा जीवनदान, 

जशपुरनगर 7 फरवरी 2026/ जिले में नवाचार आधारित सिंचाई व्यवस्था को सशक्त करते हुए पोंगरो एनीकट हाईड्रो पावर आधारित पम्पिंग योजना अब पूर्ण हो चुकी है। सरगुजा संभाग की यह पहली योजना विकासखंड कांसाबेल के ग्राम पंचायत पोंगरो में घुघरी नदी पर निर्मित की गई है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः शून्य कार्बन उत्सर्जन पर आधारित है। योजना में किसी भी प्रकार की पारंपरिक ऊर्जा जैसे बिजली, डीजल, पेट्रोल या सौर ऊर्जा का उपयोग नहीं किया गया है। केवल नदी के जल प्रवाह से उत्पन्न हाइड्रो पावर के माध्यम से टरबाइन चलाकर पानी का उद्वहन किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विगत दिवस इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण अध्यक्ष जिला पंचायत श्री सालिक साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शीघ्र ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा इसका लोकार्पण प्रस्तावित है।

*हाइड्रो पावर से संचालित अभिनव सिंचाई योजना* -

इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के डॉ. पुनीत सिंह द्वारा तकनीकी परामर्श प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रोजेक्ट के कार्य को तेजी से पूर्ण किया गया। यह योजना आधुनिक विज्ञान और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। योजना अंतर्गत पूर्व निर्मित एनीकट से लगभग 100 मीटर डाउनस्ट्रीम में प्लेटफॉर्म बनाकर एक टरबाइन पम्प स्थापित किया गया है। इस पम्प के माध्यम से नदी तल से लगभग 12 मीटर ऊँचाई तक तथा 200 मीटर दूर निर्मित वितरण टंकी में अधिकतम 17 लीटर प्रति सेकंड की दर से पानी भरा जाता है। इससे रबी एवं ग्रीष्म (जायद) फसलों के लिए निरंतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

*किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ* -

इस अभिनव परियोजना से लगभग 100 एकड़ रबी एवं 40 एकड़ ग्रीष्मकालीन जायद फसल क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी, जिससे करीब 50 परिवार लाभान्वित होंगे। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पक्की सिंचाई नहरों एवं नालियों का निर्माण भी किया गया है, जिससे जल का समुचित वितरण सुनिश्चित हो सके। 2 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह योजना जिला प्रशासन जशपुर द्वारा जिला खनिज न्यास निधि, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) तथा जल संसाधन संभाग जशपुर के तकनीकी अभिसरण से पूर्ण की गई है।

*हरित विकास की दिशा में मील का पत्थर* -

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने इसे किसानों के लिए दीर्घकालिक लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल के रूप में कार्य करेगी। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित लोकार्पण के पश्चात यह परियोजना जशपुर जिले में सतत कृषि एवं हरित विकास की नई पहचान बनेगी।

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जहाँ भक्ति, वहाँ भगवान-श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन प्रह्लाद की अटूट भक्ति और हिरण्यकश्यप वध की जीवंत प्रस्तुति से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, नरसिंह अवतार की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

  जशपुरनगर 07 फरवरी 2026 :- शहर के श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का तीसरा दिन शुक्रवार शाम श्रद्धा, भक्ति और भव्य झांकियों के बीच संपन्न हुआ। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा पंडाल जय श्रीहरि के जयकारों से गूंज उठा।
   तीसरे दिन की कथा के जजमान ओमप्रकाश गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी हेमंती गुप्ता रहे। विधिवत पूजन-अर्चन के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।
   वृंदावन से पधारे कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने भगवान नरसिंह अवतार, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति तथा हिरण्यकश्यप वध की कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति के आगे अहंकार और अत्याचार का अंत निश्चित है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
झांकी ने बांधा समां
कथा के विशेष आकर्षण के रूप में वृंदावन से पधारे कौशल जी महाराज के मार्गदर्शन में भगवान नरसिंह, भक्त प्रह्लाद एवं हिरण्यकश्यप वध की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई। आकर्षक सजावट, प्रकाश व्यवस्था और सजीव प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। झांकी के साथ आचार्य श्री की कथा प्रस्तुति ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
   कौशल जी महाराज ने बताया कि चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी और भी भव्य एवं आकर्षक रूप में प्रस्तुत की जाएगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।

  भजनों पर झूमे श्रद्धालु

कथा के दौरान संगीतमय भजनों और कीर्तन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महिलाओं की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिनकी भक्ति और श्रद्धा ने आयोजन को और भी पावन बना दिया।
कथा के समापन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया, जिसे आयोजन समिति के सदस्यों व स्वयंसेवकों ने सेवा भाव के साथ संपन्न कराया।
   उल्लेखनीय है कि यह सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा 10 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से 9 बजे तक श्रीहरि कीर्तन भवन में जारी रहेगी। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील नगरवासियों से की है।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में आत्मीय स्वागत

 रायपुर, 07 फरवरी 2026/ देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम का शुभारंभ करने पहुंची हैं। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू का राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया। 

 एयरपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव और महापौर श्री संजय पांडे ने भी राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत किया।

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डीजीसीए द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 6 फरवरी 2026/भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR से 3C-All Weather Operations (IFR) श्रेणी में अपग्रेड किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस स्वीकृति के साथ अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और  यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हवाई सेवाएँ उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑल वेदर ऑपरेशन की सुविधा मिलने से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। यह निर्णय औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधुनिक बुनियादी ढाँचे का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है, जो राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि बिलासपुर एयरपोर्ट सहित पूरे छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगी तथा प्रदेश को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाएगी।

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स्थानीय जरूरतों और जन आकांक्षा के अनुरूप स्वीकृत होंगे विकास कार्य: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


 
रायपुर 6 फरवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन, प्रावधानित बजट तथा नवीन स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना तथा भावी विकास रणनीतियों का निर्धारण करना था, ताकि विकास का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समय पर एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के हित को प्राथमिकता में रखते हुए सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्य जो अब तक अप्रारंभ हैं अथवा प्रगतिरत हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए दो माह की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन, शैक्षणिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा एवं छात्रावासों के विकास पर प्रमुख रूप से जोर दिया गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री ललित चंद्राकर सहित अन्य विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजू एस, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु 7 फरवरी को ‘बस्तर पंडुम-2026‘ का करेंगी शुभारंभ - राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमण्डल के सदस्य, सांसद भी होंगे शामिल

रायपुर, 06 फरवरी 2026/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ ‘बस्तर पण्डुम-2026‘ का 7 फरवरी 2026 को शुभारंभ करेंगी। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 9 फरवरी तक आयोजित होगा। जनजातीय समाज के इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ जनजातीय जीवनशैली, मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत सहेजने और प्रदर्शित करने का पर्व है। बस्तर पण्डुम लोककला और संस्कृति तथा स्थानीय परंपराओं से जुड़ा उत्सव है। यह उत्सव बस्तर जनजातीय बस्तर पण्डुम जानजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और उनकी समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इस उत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की सांस्कृतिक को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।  

 छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति महोत्सव “बस्तर पंडुम 2026” का शुभारंभ समारोह 7 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे जगदलपुर में होगा। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप विशेष रूप से शामिल होंगे।  

बस्तर अंचल में पण्डुम पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस उत्सव में जनजातीय समाज की जीवनशैली के दर्शन होते है। इस बार पण्डुम पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 12 विधाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। युवा कलाकारों के माध्यम से बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा व आभूषण, पूजा पद्धति, बस्तर शिल्प, जनजातीय चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य एवं बस्तर वन औषधि पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। 

कार्यक्रम में सांसद द्वय श्री भोजराज नाग और श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंहदेव, सुश्री लता उसेण्डी, श्री विक्रम उसेण्डी, श्री नीलकण्ठ टेकाम, श्री आशाराम नेताम, श्री चैतराम अटामी, श्री विनायक गोयल, श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी, श्री लखेश्वर बघेल, श्री विक्रम मंडावी तथा महापौर श्री संजय पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।

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संगीतमय भजनों, कीर्तन और भक्त प्रह्लाद की दिव्य कथा के साथ श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 :- शहर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन भी श्रीहरि कीर्तन भवन में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने अपने मधुर वाणी और संगीतमय शैली में भक्त प्रह्लाद की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
       कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल कथा नहीं बल्कि जीवन जीने की कला हैं, जो मनुष्य को अहंकार, लोभ और मोह से दूर करती हैं।

  भजनों पर झूमे श्रद्धालु

  कथा के दौरान संगीतमय भजनों और कीर्तन से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा।  आचार्य के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिनकी भक्ति और आस्था देखते ही बन रही थी।
 कथा के बाद हुआ प्रसाद वितरण।

     दूसरे दिन की कथा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया।आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
      उल्लेखनीय है कि यह सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा 11 फरवरी तक प्रतिदिन श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

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बिजली बचाओ–भविष्य संवारो का संदेश लेकर NES कॉलेज में भव्य आयोजन, CSPC की अंतर-महाविद्यालयीन प्रतियोगिता में दिखा युवाओं का जोश

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 : । युवाओं में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी (CSPC) द्वारा शासकीय राम भजन राय NES कॉलेज में अंतर-महाविद्यालयीन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत एवं उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र सिंह ने की। इस अवसर पर CSPC के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लेकर छात्रों का मार्गदर्शन किया। उपस्थित अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता सत्य प्रकाश कुमार, कार्यकारी अभियंता विनोद कुमार पंडित, सहायक अभियंता लुकमान खान तथा कनिष्ठ अभियंता दिनेश त्रिपाठी, अविनाश एक्का और एलविन टोप्पो शामिल रहे।

प्रतियोगिताओं के जरिए दिया ऊर्जा बचत का संदेश-

आयोजन के दौरान छात्र-छात्राओं ने ऊर्जा संरक्षण और अक्षय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। बौद्धिक प्रतियोगिताओं में निबंध लेखन, भाषण और क्विज का आयोजन हुआ, वहीं रचनात्मक गतिविधियों के अंतर्गत पोस्टर/चित्रकला एवं नारा-लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। सांस्कृतिक प्रस्तुति के रूप में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बिजली की बर्बादी रोकने का प्रभावी संदेश दिया गया।

ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग समय की जरूरत -

मुख्य अतिथि अरविंद भगत और यश प्रताप सिंह जूदेव ने अपने संबोधन में कहा कि विद्युत ऊर्जा आधुनिक जीवन की आधारशिला है और इसका जिम्मेदारी से उपयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है। CSPC अधिकारियों ने ऊर्जा संरक्षण के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए अक्षय ऊर्जा को भविष्य के लिए आवश्यक बताया।

प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र सिंह ने सफल आयोजन के लिए CSPC एवं सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन ऊर्जा संरक्षण की शपथ के साथ हुआ, जिससे छात्रों में जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव देखने को मिला।

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बाल विवाह के दुष्परिणामों से समाज को अवगत कराएगा ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’, गांव-गांव पहुंचेगा अभियान, बाल विवाह पर नहीं होगी कोई ढील : प्रियंवदा सिंह जूदेव

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 :। बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है, जो बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। यह बात राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने अपने कार्यालय में बाल विवाह मुक्ति रथ अभियान से जुड़े समर्पित संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के दौरान कही।

संस्था की प्रतिनिधि अंजली ताम्रकार ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को बगिया स्थित कैंप कार्यालय से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के सभी आठों विकासखंडों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूक करेगा और इसके दुष्परिणामों की जानकारी देगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य जशपुर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाना है।

प्रियंवदा सिंह जूदेव ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बालिका एवं महिला सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं को कई प्रकार की शारीरिक कठिनाइयों और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही शिक्षा बाधित होने से उनका भविष्य प्रभावित होता है, जिसका असर पूरे समाज पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता भी जरूरी है। जब लोगों को इसके नुकसान की सही जानकारी होगी, तो वे स्वयं इस कुप्रथा से दूर रहेंगे,यही अभियान की वास्तविक सफलता होगी।

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जशपुर की सड़कों पर उमड़ा युवाओं का सैलाब, भाजयुमो के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव का ढोल-नगाड़ों, बाइक रैली और रक्त तिलक से हुआ ऐतिहासिक स्वागत

जशपुरनगरः 06 फरवरी 2026 :  भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव शहर में समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। युवाओं ने ढोल-नगाड़े के साथ बाइक रैली निकाल कर अपने युवा नेता की गर्मजोशी से स्वागत किया। रायपुर से जशपुर पहुंचने पर विजय आदित्य सिंह जूदेव ने सबसे पहले स्व. दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे महाराजा चैक पहुंचे, जहां राजा विजय भूषण सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

  *युवाओं ने किया रक्त तिलक*

महाराजा चैक पर स्वागत उस समय ऐतिहासिक और भावुक क्षण में बदल गया, जब एक युवा कार्यकर्ता ने परंपरागत ढंग से अपने रक्त से तिलक कर जिलाध्यक्ष का स्वागत किया। यह दृश्य देखते ही पूरे चैक में नारों की गूंज तेज हो गई। रक्त-तिलक को संगठन के प्रति समर्पण, निष्ठा और त्याग का प्रतीक माना गया। मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे युवा शक्ति की प्रतिबद्धता का संदेश बताया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा कि युवा ही संगठन और राष्ट्र की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि संगठन ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, वह उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जवाबदेही भी है। उन्होंने रक्त-तिलक जैसे समर्पण भाव से अभिभूत होते हुए कहा कि यही जज्बा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेगा।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे आयोजन में ऊर्जा, एकजुटता और संगठन की ताकत साफ तौर पर दिखाई

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कुनकुरी में भाजपा युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव एवं महामंत्री विकास राजा सोनी का प्रथम आगमन पर ग्रामीण मंडल ने किया भव्य स्वागत

कुनकुरी/नारायणपुर :- 06 फरवरी 2026 : 
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव जी एवं महामंत्री श्री विकास राजा सोनी जी के प्रथम आगमन के अवसर पर कुनकुरी ग्रामीण मंडल द्वारा भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

कुनकुरी आगमन पर ग्रामीण मंडल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दोनों युवा नेताओं का फूलमालाएं पहनाकर, आतिशबाजी कर तथा मिठाइयां वितरित कर गर्मजोशी से अभिनंदन किया। स्वागत स्थल पर भाजपा और युवा मोर्चा के झंडों से सजा वातावरण कार्यकर्ताओं के जोश और संगठनात्मक एकता को दर्शा रहा था।

इस अवसर पर नवनियुक्त जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा मोर्चा संगठन भाजपा की रीढ़ है और आने वाले समय में युवाओं को संगठन से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण, सेवा और समर्पण की भावना के साथ कार्य किया जाएगा। वहीं महामंत्री श्री विकास राजा सोनी जी ने कहा कि संगठनात्मक मजबूती के लिए सभी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है और युवा मोर्चा हर स्तर पर जनहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इस स्वागत कार्यक्रम में ग्रामीण मंडल से जिला मंत्री श्री संतोष सहाय जी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह जी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष श्री उमेश यादव जी, उपाध्यक्ष श्री तुलाधार यादव जी एवं श्री संतन राम जी, महामंत्री श्री शिवशंकर सिंह जी एवं श्री शंकर यादव जी, खडसा सरपंच श्री उमेश सिंह जी, महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती संतोषी बंदे जी, अनीता बाई जी, श्री हेमंत यादव जी, श्री गौरव यादव जी, युवा मोर्चा अध्यक्ष श्री विकास नागजी, श्री अरुण मोहंती जी, श्री उत्तम विश्वकर्मा जी, श्री मयंक सहाय जी, श्री यशवंत यादव जी, श्री देव लाल यादव जी, श्री प्रमोद यादव जी सहित ग्रामीण मंडल के समस्त कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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अनुभव की ताकत से मजबूत होगी छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था—शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मुख्यमंत्री से मांग : राजेश चटर्जी

रायपुर 06 फरवरी 2026 : 
          छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी  ने छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से किया है।
    फेडरेशन ने मुख्य रूप से अनुभवी शिक्षकों की कमी को पूरा करने,शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और यूजीसी (UGC) के नियमों के अनुरूप समानता लाने यह माँग किया है। फेडरेशन का कहना है कि यदि यह निर्णय लिया जाता है तो इससे अनुभवी शिक्षकों के ज्ञान का लाभ एलिमेंटरी एडुकेशन, माध्यमिक शिक्षा सहित हाई/हायर सेकंडरी शिक्षा व्यवस्था को लंबे समय तक मिलेगा।
  उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने से अनुभवी विषय शिक्षकों की कमी को पूरा करने सहायक होगा। राज्य के स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पदों की कमी को अनुभवी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति अवधि बढ़ाकर दूर किया जा सकता है। साथ ही,वरिष्ठ शिक्षकों के दशकों के अनुभव और रचनात्मकता का लाभ विद्यार्थियों को लंबे समय तक मिलेगा।
    उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और यूजीसी (UGC) के द्वारा कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित किया गया है। जिसे स्कूल शिक्षा विभाग में भी लागू करने की आवश्यकता है। इससे बुनियादी शिक्षा मजबूत होगा।
   उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2018 से संविलियन तिथि से समस्त सेवालाभ के लिए गणना करने के आदेश से कई शिक्षक सेवानिवृत्ति के समय न्यूनतम पेंशन की पात्रता से भी वंचित हो रहे हैं।लेकिन सेवानिवृत्ति आयु बढ़ने से वे इस लाभ के पात्र हो सकते हैं।

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