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कुष्ठ रोग को लेकर भ्रम नहीं, जागरूकता जरूरी—जशपुर में स्वास्थ्य विभाग ने बताए लक्षण और उपचार के तरीके, जीएनएम छात्राओं ने भाषण व रंगोली से दिया जागरूकता का संदेश

*जशपुरनगर, 02 अक्टूबर 2026:-*  02 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने “कुष्ठ मुक्त भारत” बनाने की शपथ ली। कार्यक्रम में डॉ. जी.एस. जात्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. आशुतोष तिर्की, जिला कुष्ठ अधिकारी, डॉ. आर.एस. पैंकरा, पूर्व डीएलओ, डॉ. रोशन बरियार, नोडल अधिकारी टीबी कार्यक्रम, श्री देवेंद्र राठौर, सहायक नोडल लेप्रोसी, श्रीमती मनीषा कुजूर, श्री रुस्तम अंसारी, श्री टी.एस. साहू, श्री ईश्वर पाटिले, श्री रमेश राम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जीएनएम नर्सिंग छात्राओं के लिए भाषण एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। भाषण प्रतियोगिता में रानी यादव ने प्रथम, साक्षी मिश्रा ने द्वितीय तथा कलावती श्रीवास ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रंगोली प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

*कुष्ठ रोग के लक्षणों की दी जानकारी*
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. आशुतोष तिर्की ने कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि शरीर की त्वचा पर दाग-धब्बे या चकत्ते, जिनमें सुन्नपन हो, त्वचा के रंग से अलग तेलिया-तमिया चमक वाले निशान, नसों में मोटापन या सूजन, हाथ-पैरों में झुनझुनी अथवा सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा चेहरे पर, विशेषकर भौंहों के ऊपर, ठोड़ी या कानों में गठान, सूजन अथवा मोटापन तथा हाथ-पैरों में बार-बार फफोले आना या पैरों में ऐसा घाव होना जो ठीक न हो रहा हो, कुष्ठ रोग के संभावित लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति में इनमें से एक या एक से अधिक लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण वाले व्यक्ति की जानकारी नजदीकी स्वास्थ्य कार्यकर्ता को देना चाहिए, ताकि समय पर जांच एवं उपचार किया जा सके।

*समय पर उपचार से कुष्ठ रोग का पूर्ण उपचार संभव*
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि कुष्ठ एक पुरानी और धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है। शरीर पर रंग से अलग दाग-धब्बे, तेलिया-तमिया चमक तथा उस स्थान पर संवेदना कम होना या सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई देने पर कुष्ठ रोग की संभावना हो सकती है। ऐसे मामलों में बिना देरी किए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर जांच एवं उपचार कराना चाहिए। उपचार में देरी होने पर विकृति की संभावना बढ़ सकती है।

उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग किसी पाप का फल नहीं है और इसे लेकर समाज में व्याप्त भय एवं भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है। समय पर पहचान और पूर्ण उपचार से मरीज स्वस्थ हो सकता है। स्वास्थ्य संस्थाओं में कुष्ठ रोग की जांच एवं बहु-औषधि उपचार (MDT) निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कुष्ठ रोग के संभावित लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार कराने के साथ-साथ परिवार एवं आसपास के लोगों को भी समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए प्रेरित करें।

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गांधी जयंती पर गांव-गांव पहुंचा ‘रिफॉर्म उत्सव’ का संदेश, मेरा युवा भारत स्वयंसेवकों ने ग्राम सभाओं में जगाई जनजागरूकता

जशपुर, 2 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रिफॉर्म उत्सव’ के अंतर्गत मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के स्वयंसेवकों द्वारा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं में सहभागिता की गई। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं अन्य महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को मेरा युवा भारत की विभिन्न गतिविधियों, युवा सहभागिता एवं उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी दी। साथ ही ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी पात्रता एवं मिलने वाले लाभों के संबंध में जागरूक किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों एवं युवाओं को नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। स्वयंसेवकों ने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

यह जनजागरूकता एवं सहभागिता अभियान जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत जुमाईकेला (कांसाबेल), ग्राम जरिया (मनोरा), ग्राम पंचायत कुटमा (बगीचा), ग्राम पंचायत डुमरिया (पारसाबहार), ग्राम पंचायत दुलदुला (दुलदुला), ग्राम पंचायत रायकेरा (कुनकुरी), ग्राम पंचायत मधुबन (पत्थलगांव) तथा ग्राम पंचायत पुरानानगर (जशपुर) शामिल रहे।

इस अभियान का उद्देश्य ग्राम स्तर पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना, नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करना रहा।

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बरसात में कीचड़ और जलभराव से अब मिलेगी राहत, बनमुंडा-लकराघरा मार्ग का निर्माण पूरा, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से 1.70 करोड़ की लागत से मजबूत हुआ ग्रामीण सड़क संपर्क

जशपुरनगर, 02 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सड़क निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में फरसाबहार तहसील क्षेत्र के बनमुंडा से लकराघरा मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस सड़क से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों के लिए यह मार्ग अब सुगम आवागमन का माध्यम बन गया है

*बरसात में राह हुई आसान, गांवों के बीच संपर्क हुआ मजबूत*

बनमुंडा-लकराघरा मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए दैनिक आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता रहा है। पक्की सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में यहां आवागमन काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता था। सड़क पर कीचड़ और जलभराव के कारण दोपहिया सहित अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती थी। इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ता था।
सड़क निर्माण पूरा होने के बाद अब ग्रामीणों को इन परेशानियों से राहत मिली है। बेहतर सड़क संपर्क से गांवों के बीच आवाजाही आसान हुई है और ग्रामीणों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच अधिक सुविधाजनक हो गई है।

*ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार*

सड़क निर्माण पूर्ण होने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही पक्की सड़क की मांग पूरी होने से बरसात के दिनों में होने वाली आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिली है। सड़क बनने से गांवों के बीच संपर्क मजबूत हुआ है और दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने में सुविधा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के विकास के साथ-साथ लोगों के जीवन को आसान बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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सेवा संकल्प अभियान के तहत जशपुर जिले में दिखा स्वच्छता के प्रति जनसहभागिता का उत्साह, महिला समूहों, युवाओं, स्वच्छाग्रहियों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर किया श्रमदान

जशपुरनगर, 02 अक्टूबर 2026। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा 2026  एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत 01 अक्टूबर को जिलेभर में एक तारीख, एक घंटा, एक साथ की थीम पर व्यापक श्रमदान गतिविधियां आयोजित की गईं। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारी एवं कर्मचारियों, स्वच्छाग्रहियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। अभियान के तहत जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने एकजुट होकर स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। इस दौरान सड़कों, नालियों, सार्वजनिक परिसरों, बाजार क्षेत्रों, जलस्रोतों तथा आसपास के स्थानों की साफ-सफाई की गई। प्रतिभागियों ने जगह-जगह जमा कचरे एवं प्लास्टिक अपशिष्ट को एकत्रित कर उसका उचित निपटान किया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी स्वयं श्रमदान में हिस्सा लेकर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक और प्रेरित किया।

*स्वच्छता को नियमित व्यवहार बनाने का दिया संदेश*

श्रमदान के दौरान ग्रामीणों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, प्लास्टिक कचरे का उचित प्रबंधन करने तथा सार्वजनिक स्थलों पर कचरा नहीं फैलाने के लिए जागरूक किया गया। स्वच्छाग्रहियों एवं अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने लोगों को समझाया कि स्वच्छता केवल किसी विशेष अभियान या दिवस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना आवश्यक है। इस दौरान लोगों ने अपने गांव और आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि सामूहिक सहभागिता से स्वच्छता के प्रति जागरूकता को और मजबूत किया जा सकता है तथा स्वच्छ वातावरण से गांवों में स्वस्थ एवं बेहतर जीवन का आधार तैयार होता है।

*स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव के संकल्प के साथ आगे बढ़ा अभियान*

जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित श्रमदान गतिविधियों में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और स्वच्छाग्रहियों ने भी स्वच्छता गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान के दौरान स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव का संदेश देते हुए स्वच्छता गतिविधियों को निरंतर जारी रखने और गांवों को स्वच्छ एवं कचरा मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।

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जशपुर में 9 अक्टूबर को होगी UCC पर जिला स्तरीय बैठक, विवाह-तलाक से लेकर उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण तक के मुद्दों पर होगी चर्चा

*जशपुरनगर 02 अक्टूबर 2026/* छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर के अधिसूचना 25 जून 2026 के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने एवं इसका प्रारूप तैयार करने के संबंध में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जशपुर द्वारा जारी आदेशानुसार यह बैठक 09 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11.00 बजे जिला पंचायत कार्यालय जशपुर के सभागार में आयोजित होगी।

बैठक में समान नागरिक संहिता के संबंध में वर्तमान विधिक स्थिति का अध्ययन, विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण एवं संबंधित विषयों पर सुझाव, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने तथा अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्थाओं के अध्ययन पर चर्चा की जाएगी। समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार कर राज्य शासन को प्रस्तुत करने एवं आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के संबंध में भी चर्चा होगी।

बैठक के समन्वय एवं एजेण्डावार तैयारी के लिए अपर कलेक्टर जशपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। बैठक में जिले के समस्त राजनैतिक दल, सामाजिक संगठन, धार्मिक संगठन, शिक्षाविद, प्रतिष्ठित नागरिकों, गणमान्य नागरिकों तथा निगम/आयोग/मण्डल के सदस्यों को सम्मिलित किया जाएगा। बैठक में उपस्थिति, परिचर्या, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी एवं कार्यवाही विवरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जशपुर में 1 से 7 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के तहत लगेंगे क्लस्टरवार शिविर, गांव में ही मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ

*जशपुरनगर 2 अक्टूबर 2026/* छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना "सेवा संकल्प अभियान" के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। 

इस हेतु कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा आदेश  जारी किया गया है।

जारी आदेशानुसार जिले के सभी 8 जनपद पंचायतों - बगीचा, फरसाबहार, दुलदुला, मनोरा, कांसाबेल, जशपुर, कुनकुरी एवं पत्थलगांव में क्लस्टर बनाकर 01 अक्टूबर से 07 अक्टूबर 2026 तक शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक क्लस्टर में 10 से 20 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। शिविर का आयोजन ग्राम पंचायत भवन, हाई स्कूल प्रांगण, माध्यमिक शाला भवन एवं सामुदायिक भवन में किया जाएगा।

जनपद पंचायत बगीचा में चार क्लस्टरों में शिविर लगेंगे। प्रथम शिविर 01 अक्टूबर 2026 को क्लस्टर बगीचा में ग्राम पंचायत बगीचा में, द्वितीय शिविर 03 अक्टूबर 2026 को क्लस्टर कामारिमा में ग्राम पंचायत कामारिमा में, तृतीय शिविर 06 अक्टूबर 2026 को क्लस्टर जुजगू में ग्राम पंचायत जुजगू में तथा चतुर्थ शिविर 07 अक्टूबर 2026 को क्लस्टर बेड़ेकोना में ग्राम पंचायत बेड़ेकोना में आयोजित किया जाएगा। इन चारों शिविरों में बगीचा जनपद की लगभग 107 ग्राम पंचायतों को क्लस्टरवार शामिल किया गया है।

इसी प्रकार जनपद पंचायत पत्थलगांव के बुलडेगा में 01 अक्टूबर, कुकुरभुका में 05 अक्टूबर, शेखरपुर में 06 अक्टूबर एवं केराकछार में 07
इसी प्रकार बगीचा विकास खंड के ग्राम कवई में 1 अक्टूबर 2026 बगीचा में 3 अक्टूबर,बिमड़ा 6 अक्टूबर बेड़े कोना में 7 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।

 जनपद पंचायत कांसाबेल के पतरापाली में 01 अक्टूबर, साजापानी में 03 अक्टूबर, नरियरडांड में 06 अक्टूबर एवं कांसाबेल में 07 अक्टूबर को, जनपद पंचायत कुनकुरी के नारायणपुर में 01 अक्टूबर, बंदरचुआं में 03 अक्टूबर, केराडीह में 06 अक्टूबर एवं कण्डोरा में 07 अक्टूबर को, जनपद पंचायत फरसाबहार के फरसाबहार में 01 अक्टूबर, दलटोली में 02 अक्टूबर, समडमा में 06 अक्टूबर एवं उपरकछार में 07 अक्टूबर को, जनपद पंचायत दुलदुला के पतराटोली में 01 अक्टूबर, मकरीबांधा में 05 अक्टूबर, विपतपुर में 06 अक्टूबर एवं रायडीह में 07 अक्टूबर को, जनपद पंचायत मनोरा के बैंजोरा में 01 अक्टूबर, माड़ो में 04 अक्टूबर, मनोरा में 05 अक्टूबर एवं पटिया में 06 अक्टूबर को तथा जनपद पंचायत जशपुर के सालेकरा में 03 अक्टूबर, किनकेल में 06 अक्टूबर एवं जुरतेला में 07 अक्टूबर को शिविर आयोजित होंगे।

प्रत्येक शिविर के लिए प्रभारी अधिकारी के रूप में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, संबंधित तहसीलदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा संबंधित विभाग के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी को नियुक्त किया गया है।

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मटासी में अनियंत्रित होकर सड़क पर गिरी बाइक, चालक के सिर में गंभीर चोट; साथ बैठी 2 साल की बच्ची पूरी तरह सुरक्षित पुलिस ने एम्बुलेंस से घायल को भेजा अस्पताल

नारायणपुर। नारायणपुर थाना क्षेत्र के मटासी में शुक्रवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिरने से चालक के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि उसके साथ बाइक पर बैठी महज दो साल की बच्ची पूरी तरह सुरक्षित रही। बच्ची को हादसे में एक खरोंच तक नहीं आई। घटना के बाद नारायणपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया और बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम जोरातराई निवासी शंकर चौहान शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी दो वर्षीय बच्ची को बाइक पर बैठाकर अपने ससुराल की ओर जा रहा था। वह स्टेट हाईवे-17 से होकर गुजर रहा था। इसी दौरान मटासी के पास पुटुकेला चौक के समीप अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क पर जा गिरी। हादसे में बाइक चला रहे शंकर चौहान के सिर में गंभीर चोट आई।

हादसे के दौरान बाइक के साथ सड़क पर गिरने के बावजूद दो साल की बच्ची को किसी प्रकार की चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्ची को एक खरोंच तक नहीं आई, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही नारायणपुर थाना पुलिस सक्रिय हुई।

थाना प्रभारी गौरव पाण्डे ने मामले में तत्परता दिखाते हुए तत्काल 112 एम्बुलेंस को सूचना दी। पुलिस स्टाफ की सहायता से गंभीर रूप से घायल शंकर चौहान को 112 एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए कुनकुरी अस्पताल भेजा गया। वहीं पुलिस टीम ने बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उसे लेकर ग्राम जोरातराई पहुंची, जहां बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

घटना के बाद नारायणपुर पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की जानकारी जुटाई और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक जानकारी में बाइक अनियंत्रित होकर गिरने की बात सामने आई है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसे लेकर पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है।

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सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्शों को नमन, गांधी-शास्त्री जयंती पर रायपुर में राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव होंगे मुख्य अतिथि

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा 2 अक्टूबर को राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में आयोजित होगा।

            सर्वधर्म प्रार्थना सभा के माध्यम से महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों और विचारों का स्मरण करते हुए समाज में शांति, प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और एकता का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रति आदर और आपसी सौहार्द की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र यादव होंगे। राज्यसभा सांसद एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।

          भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा ने नागरिकों से कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति प्रदान कर सर्वधर्म समभाव, शांति और राष्ट्रीय एकता के संदेश को सशक्त बनाने की अपील की है।उल्लेखनीय है कि 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। दोनों महान विभूतियों के जीवन से सत्य, अहिंसा, सादगी, सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है।

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“ऑपरेशन प्रहार” में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ओडिशा से 14 टन स्क्रैप लाकर स्थानीय प्लांट में खपाने की तैयारी कर रहा माजदा चालक गिरफ्तार, ₹11.98 लाख की संपत्ति जब्त

रायगढ़, 1 अक्टूबर* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने अवैध स्क्रैप परिवहन के मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 14 टन स्क्रैप से लदे टाटा 1512 माजदा वाहन को जब्त किया है। जब्त स्क्रैप की अनुमानित कीमत ₹3,98,000 तथा परिवहन में प्रयुक्त वाहन की कीमत करीब ₹8,00,000, इस प्रकार कुल करीब ₹11,98,000 की संपत्ति जब्त की गई है।

        दिनांक 30 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक राम किंकर यादव को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि रायगढ़ की ओर से आए लाल-मैरून रंग के माजदा वाहन में विभिन्न प्रकार के टीन, लोहे के टुकड़े, रॉड एवं वाहनों के पार्ट्स सहित स्क्रैप लोड कर स्टार ढाबा के पास छिपाकर रखा गया है। सूचना पर तत्काल पूंजीपथरा पुलिस टीम द्वारा मौके पर दबिश दी गई, जहां टाटा 1512 माजदा 06 चक्का वाहन क्रमांक OD15V7853 खड़ा मिला। वाहन की जांच करने पर उसके डाला में विभिन्न प्रकार के टीन, लोहे के टुकड़े, रॉड एवं वाहनों के पार्ट्स सहित करीब 14 टन स्क्रैप लोड पाया गया। पुलिस टीम को देखकर वाहन चालक छिपने एवं मौके से भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम *भूषण कुमार साह पिता पुनवासी साह, उम्र 37 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 09, ब्रीजराजनगर, जिला झारसुगुड़ा, ओडिशा* बताया। पूछताछ में आरोपी ने स्क्रैप को रेंगाली कैंप, जिला बरगढ़, ओडिशा स्थित कबाड़ी दुकान से लेकर स्थानीय प्लांट में खपाने के लिए लाना बताया। पुलिस ने वाहन में लोड करीब 14 टन स्क्रैप कीमत ₹3.98 लाख एवं परिवहन में प्रयुक्त टाटा माजदा वाहन कीमत करीब ₹8 लाख, कुल करीब ₹11.98 लाख की संपत्ति जब्त कर कब्जा पुलिस में लिया है। आरोपी के विरुद्ध धारा 35(क)(ड) BNSS एवं 303(2) BNS के तहत थाना पूंजीपथरा में वैधानिक कार्रवाई की गई है। उक्त कार्रवाई में प्रधान आरक्षक पारसमणी बेहरा, आरक्षक विनय तिवारी, आरक्षक चन्द्रशेखर चन्द्राकर एवं आरक्षक विनोद शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

          *“अवैध कबाड़ के परिवहन एवं संदिग्ध गतिविधियों पर रायगढ़ पुलिस की लगातार निगरानी है। अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”*

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जादू-टोना के शक ने ली बुजुर्ग की जान, पहले से रची हत्या की साजिश को बोलेरो से कुचलकर दिया अंजाम, सड़क हादसा दिखाने की कोशिश नाकाम, बगीचा पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक यादव को किया गिरफ्तार

जशपुरनगर, 1 अक्टूबर 2026। बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम जामपानी सरबकोंबो में जादू-टोना के शक को लेकर एक बुजुर्ग की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि मृतक की पत्नी पर टोनही और जादू-टोना करने का संदेह करने वाले आरोपियों ने पूर्व योजना बनाकर बुजुर्ग जोयो राम (68) को बोलेरो वाहन से कुचल दिया और घटना को सड़क हादसे का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी दीपक यादव (21) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन क्रमांक CG 14 MC 5946 भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

पुलिस के अनुसार 29 सितंबर को जोयो राम की मृत्यु की सूचना मिलने पर बगीचा थाने में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। शव के पंचनामा के दौरान सिर, माथे और बाएं पैर में चोट के निशान मिले। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में सिर में लगी चोट और अत्यधिक रक्तस्राव को मृत्यु का कारण बताया गया। जांच के दौरान परिजनों और गवाहों के बयान लिए गए, जिसके बाद मामला सामान्य सड़क दुर्घटना का नहीं बल्कि जानबूझकर वाहन से ठोकर मारकर हत्या किए जाने का सामने आया।

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी पक्ष द्वारा मृतक की पत्नी पर पिछले दो-तीन वर्षों से जादू-टोना करने और टोनही होने का आरोप लगाया जाता था। इसी बात को लेकर मृतक के परिवार से रंजिश चल रही थी। पुलिस के मुताबिक एक बैगा द्वारा भी मृतक की पत्नी पर जादू-टोना करने के कारण परिवार के सदस्यों की तबीयत खराब होने की बात बताए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है।

पुलिस की जांच के अनुसार 29 सितंबर को आरोपी दीपक यादव, उसके पिता और चाचा ने जोयो राम की हत्या की योजना बनाई। उन्हें जानकारी थी कि जोयो राम अपने मक्का खेत की ओर जाता है। इसी के आधार पर उसकी हत्या कर घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई गई।

बताया गया कि शाम करीब 4 बजे दीपक यादव अपने चाचा की बोलेरो लेकर डाहीडांड़ की ओर गया। वहां जोयो राम मुख्य मार्ग से करीब 5 से 10 मीटर की दूरी पर अपने मक्का खेत के सामने खड़े थे। पुलिस के अनुसार आरोपी ने वाहन को आगे ले जाकर वापस मोड़ा और तेज गति से जोयो राम को जानबूझकर ठोकर मार दी। घटना में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके बाद आरोपी वाहन लेकर बगीचा की ओर फरार हो गया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी दीपक यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके मेमोरेंडम के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों का खुलासा हुआ। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन को भी जब्त किया गया। मामले में दीपक यादव के पिता और चाचा सहित एक बैगा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने फरार आरोपियों को चिन्हित कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

मामले में थाना बगीचा में अपराध क्रमांक 259/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1), 61(2) तथा छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धारा 4, 5 और 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दीपक यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया सड़क दुर्घटना दिखने वाला यह मामला जांच में अंधविश्वास और जादू-टोने के संदेह में की गई सोची-समझी हत्या निकला। उन्होंने कहा कि जिले में अंधविश्वास के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अंधविश्वास और ओझा-बैगा के बहकावे में नहीं आने की अपील की है।

मामले की कार्रवाई में थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक विक्रांत कुमार सोन, सहायक उप निरीक्षक अनिल कामरे, नरेश मिंज और प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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“बच्चों के अंदर अपना बचपना ढूंढता हूं...” लोरमी के आंगन मिलन उत्सव में बच्चों संग जमीन पर बैठे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नन्हों के चेहरे पर खिली मुस्कान

रायपुर. 1 अक्टूबर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सेवा संकल्प अभियान के तहत आज लोरमी में आंगन मिलन उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नन्हें बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खेला और उनके साथ घुल-मिलकर स्नेह-दुलार से बातें की। बच्चों के साथ बिताए इन पलों में श्री साव का सहज और आत्मीय अंदाज नजर आया। उन्होंने बच्चों को मिठाई और खिलौने भी दिए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

आंगन मिलन उत्सव में अन्नप्राशन और गोदभराई की रस्म भी संपन्न की गई। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजर्स एवं कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। आंगन मिलन उत्सव में नन्हें बच्चों ने लाल टमाटर बड़े मजेदार, आंगनबाड़ी जाएंगे और आलू कचालू बेटे कहां गए थे जैसे बाल गीत सुनाए। बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों और खिलखिलाहट से पूरा आंगनबाड़ी परिसर खुशनुमा हो गया।

इस दौरान आयोजित सुपोषण चौपाल में बच्चों और माताओं के पोषण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित बचपन ही मजबूत भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान के माध्यम से पोषण को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस पहल की प्रशंसा की है। श्री साव ने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ परिवार और समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

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महानदी विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़-ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले—महानदी दोनों राज्यों को बांटने वाली नहीं, जोड़ने वाली जीवनधारा है

रायपुर 1 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने महानदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखा।

बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बैठक में छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से जुड़ी जीवनधारा है। महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बांटने वाली नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदी है। इसलिए इसका समाधान भी प्रतिस्पर्धा या टकराव के बजाय सहयोग, विश्वास और सहमति की भावना से निकलना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा समाधान निकालने का होना चाहिए जिसमें दोनों राज्यों और वहां के नागरिकों के हित सुरक्षित हों। छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और दीर्घकालिक समाधान का पक्षधर है। ऐसा समाधान दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में होता है और इसके जलग्रहण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रदेश में स्थित है। राज्य में कृषि, सिंचाई, पेयजल और विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों की विकास आवश्यकताएं महानदी से जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी स्थायी समाधान में छत्तीसगढ़ की इन वास्तविक आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अपने हितों की बात करते हुए ओडिशा की आवश्यकताओं और हितों का भी पूरा सम्मान करता है। हीराकुंड ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके महत्व को भलीभांति समझता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हीराकुंड जलाशय के हितों और उसके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन को  साझी समृद्धि का माध्यम बनाना चाहिए। दोनों राज्यों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो, जिसमें जल उपलब्धता, आवश्यकता और उपयोग से संबंधित तथ्य पारदर्शी ढंग से साझा हों और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लिए जाएं।

*केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की पहल से समाधान की उम्मीद*

मुख्यमंत्री श्री साय ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद से आपसी सहमति का रास्ता निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विषयों को संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास भी सहकारी संघवाद और राष्ट्रीय एकता की इसी भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच जल संबंधी प्रश्नों का सौहार्दपूर्ण समाधान राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय से जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का वातावरण बना है।

*संवाद और वैज्ञानिक तथ्यों से निकलेगा टिकाऊ समाधान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी से संबंधित विषय में भावनाओं के साथ वैज्ञानिक तथ्यों का भी उतना ही महत्व है। छत्तीसगढ़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता तथा केंद्रीय जल आयोग के निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तकनीकी आकलन पर पूरा भरोसा है।

उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता, वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरणीय जरूरतों और दोनों राज्यों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का समग्र अध्ययन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। तकनीकी स्तर पर तथ्य स्पष्ट होंगे और राजनीतिक स्तर पर संवाद एवं विश्वास कायम रहेगा तो निश्चित रूप से ऐसा समाधान निकल सकता है, जो दोनों राज्यों को स्वीकार्य हो और आने वाली पीढ़ियों के हित में भी हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के परामर्श और केंद्र सरकार की मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा।

*बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं।

*महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में अनेक समानताएं हैं।

उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ की आस्था और शिवरीनारायण से पुरी तक जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी आस्था और संस्कृति हमें जोड़ती है। महानदी भी इसी साझा विरासत और जीवन का हिस्सा है। इसलिए महानदी को विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और विश्वास की धारा बनाना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की प्राथमिकता अपने किसानों और नागरिकों का हित है। दोनों राज्यों के नेतृत्व को जमीनी आवश्यकताओं की समझ है। इसलिए परस्पर विश्वास के साथ ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों के किसानों को लाभ मिले और दोनों राज्यों के विकास की आवश्यकताएं भी पूरी हों।

*तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर संवाद रहेगा जारी*

उल्लेखनीय है कि महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच राजनीतिक एवं तकनीकी स्तर पर संवाद लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र सरकार के स्तर पर चर्चा हुई है। तकनीकी विषयों के समाधान के लिए केंद्रीय जल आयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है।

महानदी जल बंटवारे से संबंधित विवाद के समाधान के लिए वर्ष 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। इसके समानांतर आपसी संवाद और तकनीकी विमर्श के माध्यम से दोनों राज्यों के लिए स्वीकार्य समाधान की संभावनाओं पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

आज की उच्चस्तरीय बैठक को इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में सभी पक्षों ने संवाद और तकनीकी विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने तथा महानदी से जुड़े विषयों का पारस्परिक सहमति से स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में सकारात्मक चर्चा की।

बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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जब मंत्री ने खुद उठाई झाड़ू और थामा बेलचा, ग्राम तराजू में स्वच्छता अभियान को मिला जनभागीदारी का संदेश, लखनपुर की पंचायतों में भी चला सफाई अभियान

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को साकार करते हुए सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में बुधवार को ‘स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायत तराजू में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों के साथ साप्ताहिक बाजार स्थल एवं तालाब के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश दिया।

अभियान के दौरान श्री अग्रवाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर सार्वजनिक स्थल की सफाई की और ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा।

श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपने घर और परिसर के साथ ही बाजार, तालाब, सड़क तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छता का उद्देश्य वास्तविक रूप में साकार होगा। उन्होंने ओडीएफ प्लस के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी ग्रामीणों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार स्थल और तालाब किनारे आयोजित सामूहिक श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, जलस्रोतों एवं उनके आसपास गंदगी नहीं फैलाने और गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करने का संदेश दिया गया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियां केवल ग्राम तराजू तक सीमित नहीं रहीं। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। अधिकारी-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वच्छताग्राहियों ने श्रमदान करते हुए कार्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों की साफ-सफाई की। इसके माध्यम से ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को जन-जन तक पहुंचाते हुए ग्रामीणों को अपने गांव और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

ग्राम तराजू में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री कामेश्वर राजवाड़े, श्री राकेश अग्रवाल, श्री राकेश साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री राजेंद्र जायसवाल, श्री दिनेश बारी, श्री दिनेश साहू, जनपद सदस्य श्रीमती रजनी पैंकरा सहित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताग्राही एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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खेल अकादमियों में जगह बनाने खिलाड़ियों ने मैदान में बहाया पसीना, 169 खिलाड़ियों की प्रतिभा परखी गई, तीरंदाजी से लेकर हॉकी-फुटबॉल तक विभिन्न खेलों में कौशल परीक्षण के बाद चयन प्रक्रिया पूरी

रायपुर. 1 अक्टूबर 20026. खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु रायपुर स्थित विभिन्न गैर-आवासीय खेल अकादमियों में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल आज संपन्न हुआ। तीरंदाजी (बालक/बालिका) के लिए तीरंदाजी एरिना के सामने, फुटबॉल (बालिका) एवं एथलेटिक्स (बालक/बालिका) के लिए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा हॉकी (बालक/बालिका) के लिए हॉकी स्टेडियम पिच-2 में आयोजित चयन ट्रायल में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

चयन ट्रायल के अंतिम दिन आज चारों खेलों में पंजीकृत कुल 169 खिलाड़ियों की कौशल दक्षता का कड़ाई से परीक्षण किया गया। वरिष्ठ प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने हॉकी और फुटबॉल के 57-57, तीरंदाजी के 23 और एथलेटिक्स के 32 खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया। खिलाड़ियों के सटीक मूल्यांकन के लिए खेल के मानकों के आधार पर दक्षता परीक्षण किया गया। 

प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों ने फुटबॉल में पासिंग, ड्रिबलिंग, व्यक्तिगत पोजीशन, मैच सेंस और पोजिशनिंग गेम का परीक्षण किया। वहीं आर्चरी में ड्रॉ लेंथ, आई डोमिनेंस, पोस्चर, मेंटल एबिलिटी तथा 20 मीटर शूटिंग का परीक्षण किया गया। एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3000 मीटर दौड़, पैदल चाल, हाई जंप, लॉन्ग जंप, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक इत्यादि का परीक्षण किया गया। 

हॉकी में परफेक्शन और एक्युरेसी स्किल टेस्ट के तहत हिट, पुश, स्कूप, स्टॉपिंग, रिसीविंग, टैकलिंग, क्लीयरेंस, पेनल्टी कॉर्नर इंजेक्टर, ड्रैगर, हिटर और गोलकीपर के लिए टी-टेस्ट जैसी तकनीकी योग्यताओं का बारिकी से आकलन किया गया।

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अब गांव की जरूरत के हिसाब से बनेगी विकास की योजना, 2 अक्टूबर की विशेष ग्राम सभा में ग्रामीण तय करेंगे प्राथमिकताएं, दिसंबर में ग्राम सभा के सामने आएगा विकास योजना का प्रारूप

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ प्रदेश की ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा इस बार गांवों के भावी विकास की कार्ययोजना तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगी। ग्राम सभा से विकसित भारत-जी राम जी योजनांतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसमें ग्रामीण स्वयं अपने गांव की जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक विकास कार्यों पर चर्चा कर प्राथमिकताएं तय करेंगे।

     जन योजना अभियान (पीपीसी) के साथ आयोजित विशेष ग्राम सभा में पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम स्तर से प्राप्त सुझावों और आवश्यकताओं को विकसित ग्राम पंचायत प्लान में शामिल करते हुए गांव के विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

*रिफॉर्म उत्सव में ग्रामीणों से सीधा संवाद*
       विशेष ग्राम सभा के दौरान रिफॉर्म उत्सव का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें वीबी-जी राम जी के अंतर्गत 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, मांग के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराने की समय-सीमा और समय पर मजदूरी भुगतान जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी।

     योजना के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों की जानकारी देते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी कार्यों के चयन पर चर्चा होगी। योजनांतर्गत लाभान्वित हितग्राही और पंचायत पदाधिकारी अपने अनुभव भी साझा करेंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, लखपति दीदी तथा ग्रामीण परिवारों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के अवसरों पर भी संवाद किया जाएगा।

*गांव के संसाधनों और जरूरतों का होगा आकलन*
      वीजीपीपी तैयार करने के लिए ग्राम पंचायत के आधारभूत आंकड़ों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी एकत्रित की जाएगी। संसाधन मानचित्र तैयार करने के साथ ऐसी परिसंपत्तियों की पहचान भी की जाएगी, जो अभी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। अक्टूबर और नवंबर के दौरान बस्ती एवं वार्ड स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (पीआरए), स्थल सत्यापन और सामुदायिक परामर्श के माध्यम से विकास की वास्तविक जरूरतों और कमियों को चिह्नित किया जाएगा।

*दिसंबर में ग्राम सभा के सामने आएगा विकास योजना का प्रारूप*
       ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार वीजीपीपी का प्रारूप दिसंबर में ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा। ग्राम सभा में चर्चा और आवश्यक सुझावों के बाद योजना का अनुमोदन किया जाएगा। इसके पश्चात योजनाओं का विकासखंड एवं जिला स्तर पर समेकन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

*जल संरक्षण और आजीविका से जुड़े कार्यों को मिलेगा महत्व*
      ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना और आजीविका संवर्धन से संबंधित कार्यों को योजना में प्राथमिकता दे सकेंगी। आजीविका डबरी, मत्स्य पालन तालाब और प्रतिकूल मौसमी घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों सहित 375 अनुमेय कार्यों में से गांव की जरूरत के अनुरूप कार्य चुने जा सकेंगे। योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां ग्रामीणों तक सरलता से पहुंचाने के लिए पंचायत सचिवों को आठ प्रमुख वार्ता बिंदु उपलब्ध कराए गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी ग्रामीण आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

       विशेष ग्राम सभा के माध्यम से विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया को ग्रामीणों की सीधी भागीदारी से जोड़ा गया है। इससे गांव की वास्तविक जरूरतों के आधार पर कार्यों की प्राथमिकता तय करने और उपलब्ध संसाधनों का योजनाबद्ध उपयोग करते हुए ग्राम पंचायत के विकास की कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

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छत्तीसगढ़ में 127 दुर्लभ और संकटग्रस्त पौध प्रजातियों की पहचान, संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल—विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और पारंपरिक वैद्यों के मंथन से तैयार हुई प्रजातियों की वैज्ञानिक सूची

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में पाई जाने वाली 127 दुर्लभ एवं संकटग्रस्त पौधों की प्रजातियों की पहचान कर उनके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इन प्रजातियों की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं खतरे में श्रेणी आधार पर सूची तैयार की।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की विशेष पहल से आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के आधार पर विशेषज्ञों ने संकटग्रस्त पौध प्रजातियों की स्थिति का आंकलन किया। कार्यशाला से प्राप्त वैज्ञानिक प्रमाणों और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा अब इन 127 प्रजातियों को अधिसूचित करने तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में कार्ययोजना के साथ आगे की कार्यवाही की जाएगी।

राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा स्थानीय विशेषज्ञों के सहयोग से पूर्व में छत्तीसगढ़ में लगभग 3,035 पौधों की प्रजातियों की सूची तैयार की गई है। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विषय विशेषज्ञों, पारंपरिक वैद्यों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने अपने क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजातियों की वर्तमान स्थिति से संबंधित जानकारी साझा की। इसके आधार पर लगभग 127 पौधों की प्रजातियों के संकटग्रस्त होने की पहचान की गई।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को पौधों की पहचान के साथ उनके वैज्ञानिक मूल्यांकन की पद्धति की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों के पैनल ने प्राप्त तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण कर दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं खतरे में, इन श्रेणियों की सूची तैयार की। इस प्रक्रिया में वैज्ञानिक अध्ययन के साथ स्थानीय एवं पारंपरिक ज्ञान को भी शामिल किया गया।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पांडे ने कहा कि राज्य की संकटग्रस्त पौध प्रजातियों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने जैव विविधता के संरक्षण में सभी संबंधित पक्षों की सहभागिता पर जोर दिया। कार्यशाला में राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री अमिताभ बाजपेयी ने बोर्ड की कार्ययोजनाओं और वैज्ञानिक मूल्यांकन की रूपरेखा प्रस्तुत की।एसएफआरटीआई के निदेशक श्री कौशलेन्द्र कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न संस्थानों के विषय विशेषज्ञ और वैज्ञानिक भी कार्यशाला में शामिल हुए।

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वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को आर्थिक सहारा, राजमोहिनी देवी योजना से 169 परिवारों को सीधे बैंक खातों में मिली 2.42 करोड़ की सहायता

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ प्रदेश के तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 169 परिवारों को 2 करोड़ 42 लाख 40 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से अंतरित की गई।

 रायगढ़ जिले के चिमटापानी समिति के मिथिलेश सिदार और दंतेवाड़ा जिले के नकुलनार समिति के गल्ले वीटी के बैंक खातों में राशि अंतरित कर डिजिटल भुगतान की शुरुआत की गई।योजना के तहत दुर्घटना मृत्यु के 4 प्रकरणों में 4-4 लाख रुपए तथा सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 103 प्रकरणों में 2-2 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत की गई। इसी तरह 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 4 प्रकरणों में 75-75 हजार रुपए और सामान्य मृत्यु के 58 प्रकरणों में 30-30 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई।

राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग में परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपए, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रुपए तथा आंशिक विकलांगता पर एक लाख रुपए की सहायता का प्रावधान है। 

इसी प्रकार 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु पर 30 हजार रुपए, दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 75 हजार रुपए तथा आंशिक विकलांगता पर 37 हजार 500 रुपए की सहायता दी जाती है। योजना के माध्यम से तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को मृत्यु अथवा विकलांगता जैसी परिस्थितियों में सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

राज्य लघु वनोपज संघ के मुख्य कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा और प्रबंध संचालक श्रीमती संजीता गुप्ता की उपस्थिति में राशि जारी की गई।

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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर रायपुर में सजा सियान सेवा महाकुंभ, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा—वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति, उनकी गरिमा और सम्मान की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026/ अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग द्वारा रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा में सियान सेवा महाकुंभ आयोजित किया गया। समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने वरिष्ठजनों को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनसे संवाद किया। कार्यक्रम में 4 हजार से अधिक वरिष्ठजन लाभान्वित हुए।

महाकुंभ में नई सियान आशीष सेवा योजना के अंतर्गत 80 वर्ष से अधिक आयु के 1810 वरिष्ठ नागरिकों को सम्पूर्ण भारत में निशुल्क यात्रा के लिए बस पास प्रदान किए गए। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार 2 हजार छड़ियां, एक हजार श्रवण यंत्र और 20 ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। बस पास से वरिष्ठजनों को यात्रा में सुविधा मिलेगी, जबकि सहायक उपकरण उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों को सुगम बनाएंगे।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि वरिष्ठजन हमारी सांस्कृतिक विरासत और जीवन अनुभव के संवाहक हैं। उन्होंने अपने परिश्रम से परिवार और समाज को मजबूत आधार दिया है। उनका सम्मान करने के साथ उनके अनुभव को समाज के विकास में भी स्थान देना चाहिए। उन्होंने कहा, “वरिष्ठजन केवल कल की विरासत नहीं हैं, बल्कि आज के विकास के सहभागी हैं।” विकसित भारत के संकल्प और नवा अंजोर-अंजोर 2047 की सोच में वरिष्ठजनों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का वृद्धजन कल्याण का संकल्प पेंशन तक सीमित नहीं है। वरिष्ठजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा, देखभाल, आवागमन, सामाजिक सहभागिता और गरिमापूर्ण जीवन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 400 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के लिए 450 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वर्तमान में प्रदेश के 15,90,080 वरिष्ठजन लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर पात्र हितग्राही तक सहायता समय पर, पारदर्शिता के साथ और सम्मानपूर्वक पहुंचे।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इसके माध्यम से अब तक 2 लाख 55 हजार 845 वरिष्ठजनों को आध्यात्मिक यात्रा का लाभ मिला है। तीर्थयात्रा कई वरिष्ठजनों की जीवनभर की इच्छा होती है और यह योजना उन्हें उस इच्छा को पूरा करने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि सियान आशीष सेवा योजना के बस पास भी वरिष्ठजनों की यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सियान हेल्पलाइन 155326 की जानकारी देते हुए कहा कि आवश्यकता के समय वरिष्ठजनों को सहायता और भरोसा मिलना चाहिए। उन्होंने वृद्धाश्रमों, अटल वयो अभ्युदय योजना, प्रशामक देखरेख गृह और सियान गुड़ी जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग का प्रयास वरिष्ठजनों को सुरक्षित, आत्मीय और सम्मानपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। उनका ध्यान ऐसे समाज के निर्माण पर है, जहां वरिष्ठजन स्वस्थ और सक्रिय रहें तथा परिवार और समुदाय से जुड़े रहें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि वरिष्ठजनों के जीवन में आई सुविधा और उनके चेहरे की मुस्कान से आंकी जानी चाहिए। उन्होंने सभी से सुरक्षा, सहभागिता और गरिमा के तीन संकल्प लेने का आह्वान किया। श्रीमती राजवाड़े ने कहा, “आपका अनुभव हमारी शक्ति है, आपकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी है और आपकी सहभागिता विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान है।”

*रायपुर जिला प्रशासन की विशेष पहल*

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर रायपुर जिला प्रशासन ने ‘प्रोजेक्ट सियान आशीष सेवा’ और ‘प्रोजेक्ट सियान श्रम सम्मान’ की शुरुआत की। प्रोजेक्ट सियान आशीष सेवा के तहत जिले के 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को देशभर में यात्रा के लिए निःशुल्क बस पास उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
प्रोजेक्ट सियान श्रम सम्मान के अंतर्गत श्रम विभाग में लंबे समय से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संबंधित योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत 60 वरिष्ठ श्रमिकों को लाभ प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। पात्र निर्माण श्रमिकों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत 1500 रुपये मासिक पेंशन तथा तीन वर्ष से पंजीकृत 59 से 60 वर्ष आयु के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता का प्रावधान है। रायपुर जिले की इस पहल का उद्देश्य पात्र वरिष्ठ श्रमिकों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर श्रीवास तथा विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री मोतीलाल साहू उपस्थित रहे। समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, संचालक श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठजन भी मौजूद थे।

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