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सरचार्ज माफी और आसान किश्तों की सुविधा ने सरिता बाई को बिजली बिल भुगतान में दी राहत

जशपुरनगर, 14 मई 2026/ भारी बिजली बिल के बोझ से परेशान उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 राहत का बड़ा माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज में छूट एवं शेष राशि को आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दिए जाने से अनेक उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल मिला है। 
    इस योजना से लाभान्वित  जिले के रानी बगीचा निवासी श्रीमती सरिता बाई ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते वे  लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं कर पा रही थीं, जिसके कारण उनका बकाया बिजली बिल बढ़कर 38 हजार 648 रुपये हो गया था। बढ़ते बकाया और आर्थिक परेशानियों के कारण वे काफी चिंतित थीं। इसी दौरान उन्हें शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की जानकारी मिली। योजना के तहत उनके लगभग 11 हजार 875 रुपये की राशि माफ की गई। साथ ही शेष राशि को आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा भी प्रदान की गई, जिससे उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिली। श्रीमती सरिता बाई ने कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है। अब वे बिना किसी अतिरिक्त दबाव के किश्तों में बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगी। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत ,पुराने बकाया बिजली बिलों पर सरचार्ज माफी और आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा

रायपुर, 14 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने एवं भारी बिजली बिलों से परेशान उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज  को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि एकमुश्त अथवा आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी जा रही है।
   योजना के प्रमुख प्रावधानों के अनुसार कुछ पात्र श्रेणियों को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ पहुंचाकर बिजली बिल संबंधी समस्याओं से राहत दिलाना है। यह योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। शासन के अनुसार इस पहल से राज्य के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रूपए से ज्यादा की राहत मिली है। योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं तथा कृषि उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1912 से भी संपर्क किया जा सकता है तथा वेबसाइट www.cspdcl.co.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें।

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श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा स्थापना का प्रथम वर्षगांठ महोत्सव आज से होगा शुरू, भव्य कलश यात्रा के साथ हरि नाम कीर्तन महायज्ञ का होगा शुभारंभ, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय होंगे शामिल....

*दोकड़ा। जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर स्थापना के प्रथम वर्षगांठ महोत्सव 2026 को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए अखंड हरि नाम कीर्तन महायज्ञ, कलश यात्रा, नगर भ्रमण एवं महाप्रसाद वितरण जैसे भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन समिति द्वारा क्षेत्रवासियों सहित दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है।महोत्सव का शुभारंभ 14 मई 2026, गुरुवार को कलश यात्रा एवं अधिवास कार्यक्रम से होगा। इसके पश्चात 15 मई 2026, शुक्रवार को सुबह 8 बजे से नामाचार आरंभ किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। वहीं 16 मई 2026, शनिवार को पूर्णाहुति, दीक्षाभंजन, नगर भ्रमण एवं महाप्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।आयोजन में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित रहेंगी। आयोजन समिति ने बताया कि यह महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को नई पहचान देने का कार्य करेगा।श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट एवं पारंपरिक ओडिशा शैली की झांकियों से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है ताकि सभी भक्तजन सुगमता से धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर सकें। क्षेत्रवासियों ने इस आयोजन को लेकर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया है।

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जशपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: नाकेबंदी के दौरान फिल्मी अंदाज़ में पीछा कर पकड़ी गई करोड़ों की नशे की खेप, पिकअप वाहन से 207 किलो अवैध गांजा बरामद

जशपुरनगर 13 मई 2026 : नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत जशपुर पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम देते हुए करोड़ों रुपये मूल्य का अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने उड़ीसा से उत्तर प्रदेश की ओर तस्करी कर ले जाया जा रहा कुल 02 क्विंटल 07 किलो (207 किलो) गांजा, तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक UP-70-RT-6633, एक मोबाइल फोन एवं नगद राशि जप्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बरामद सामग्री की कुल अनुमानित कीमत लगभग 01 करोड़ 13 लाख 60 हजार 550 रुपये आंकी गई है।

दिनांक 12.05.2026 को चौकी दोकड़ा पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक सफेद पिकअप वाहन में कच्चे आम के कैरेट की आड़ में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर सुंदरगढ़ (उड़ीसा) से तपकरा-दोकड़ा मार्ग होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर ग्राम देवरी के पास नाकाबंदी की गई। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन को न रोकते हुए तेज गति से कांसाबेल की ओर भागने लगा, जिस पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा शुरू किया। कांसाबेल क्षेत्र के ग्राम खुटेरा में दूसरी नाकाबंदी के दौरान भी वाहन चालक ने दिशा बदलकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की लगातार घेराबंदी और रणनीतिक कार्रवाई के चलते अंततः बगिया-दोकड़ा मुख्य मार्ग के पास वाहन को पकड़ लिया गया।

वाहन की तलाशी लेने पर ट्रॉली में कच्चे आम से भरे प्लास्टिक कैरेट रखे हुए पाए गए, लेकिन जब आम हटाकर जांच की गई तो उनके नीचे खाकी रंग की टेप से पैक किए गए भारी मात्रा में गांजा के पैकेट छिपे मिले। कुल 23 कैरेटों में 207 पैकेटों में भरा 207 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे बेहद शातिर तरीके से आम की आड़ में छिपाकर तस्करी की जा रही थी।

वाहन चालक ने पूछताछ में अपना नाम प्रेमनाथ सिंह उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम विमड़ा, थाना बगीचा जिला जशपुर (छ.ग.) बताया तथा स्वीकार किया कि वह यह गांजा सुंदरगढ़ (उड़ीसा) से लेकर अंबिकापुर पहुंचाने के लिए निकला था, जहां से इसे आगे उत्तर प्रदेश भेजा जाना था। प्रारंभिक पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है।

आरोपी के पास से किसी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उसके विरुद्ध चौकी दोकड़ा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(2)(सी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया है तथा न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।

इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 01 करोड़ 13 लाख 60 हजार 550 रुपये मूल्य की संपत्ति जप्त की है, जिसमें लगभग 01 करोड़ 3 लाख 50 हजार रुपये का गांजा, 10 लाख रुपये का वाहन, 10 हजार रुपये का मोबाइल एवं 550 रुपये नगद शामिल हैं।

जशपुर पुलिस द्वारा जनवरी 2026 से अब तक चलाए जा रहे नशे के खिलाफ अभियान में अब तक कुल 744 किलो 227 ग्राम गांजा, 1840 नग प्रतिबंधित कफ सिरप, 8.04 ग्राम ब्राउन शुगर एवं 14 किलो गांजा पौधा जप्त करते हुए 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, साथ ही 54 लाख रुपये से अधिक मूल्य के वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एक सुनियोजित रणनीति के तहत की गई है और पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच की जा रही है, जिसमें शामिल सभी आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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घने जंगलों और नदी-नालों को पार कर स्वास्थ्य दूतों ने बचाई दो मासूमों की जान- माड़वी नन्दे और सुमड़ी को मिली नई जिंदगी

रायपुर 13 मई 2026/सुकमा जिले के के दुर्गम अंचलों में जहाँ भूगोल भी कदम-कदम पर परीक्षा लेता है, वहाँ सुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कर्तव्यनिष्ठा की एक बेमिसाल इबारत लिखी है। 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत दूरस्थ पहुँचविहीन ग्राम दुरभा पहुँची टीम ने दो मासूमों 5 वर्षीय माड़वी नन्दे और 4 वर्षीय माड़वी सुमड़ी को नई जिंदगी दी। मलेरिया, गंभीर कुपोषण और शरीर में मात्र 2 से 3 ग्राम हीमोग्लोबिन के साथ कमजोर इन बच्चियों के लिए प्रशासन की यह सक्रियता किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई।

    कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 'स्वस्थ बस्तर' के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। घने जंगलों, नदी और नालों को पार कर जब टीम दुरभा पहुँची, तो बच्चों की हालत देख उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाने का निर्णय लिया गया। दुर्गम रास्तों पर मीलों का सफर पैदल तय कर बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ से एम्बुलेंस के माध्यम से लगभग 96 किलोमीटर दूर जिला चिकित्सालय सुकमा पहुँचाया गया। प्रशासन की इस संवेदनशीलता ने साबित कर दिया कि सरकार की नजरें बस्तर के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति पर भी हैं।

    जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने युद्ध स्तर पर बच्चों का इलाज शुरू किया। एनीमिया और मलेरिया से जूझ रहे इन बच्चों को न केवल खून चढ़ाया गया, बल्कि मलेरिया का पूरा कोर्स और गहन चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराई गई। पोषण पुनर्वास केंद्र(एनआरसी) में हुए इस निःशुल्क उपचार का परिणाम सुखद रहा। कुछ ही दिनों में बच्चों का हीमोग्लोबिन स्तर 9 ग्राम के पार पहुँच गया और उनके मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लौट आई। इस दौरान बच्चों के परिजनों को पोषण, स्वच्छता और बच्चों के मानसिक विकास के लिए विशेष परामर्श भी दिया गया ताकि भविष्य में उन्हें ऐसी चुनौतियों का सामना न करना पड़े।

     इलाज के बाद बच्चों को सकुशल उनके गाँव तक वापस पहुँचाया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के अनुसार, यह मिशन केवल उपचार तक सीमित नहीं था, बल्कि बच्चों को शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु आवश्यक दस्तावेज भी तैयार किए गए। आज दुरभा गाँव में लौट आई इन मासूमों की खिलखिलाहट स्वास्थ्य विभाग के उन सफल प्रयासों की गूँज है, जो दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों को लांघकर जन-जन तक पहुँच रहे हैं।

    मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में कुल 2,93,386 लोगों के स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से आज दिनांक तक 1,74,770 लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया जा चुका है। अभियान के दौरान लगभग 5,240 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, खून की कमी, उच्च जोखिम गर्भवती महिला, कुपोषित बच्चे, बीपी एवं शुगर जैसी बीमारियों के लक्षणों के आधार पर चिन्हांकित कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पताल में बेहतर उपचार हेतु रेफर किया गया है।

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केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी में वृद्धि का निर्णय किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय -धान सहित 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को मिलेगा लाभ

रायपुर 13 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन वर्ष 2026-27 हेतु 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान सहित विभिन्न खरीफ फसलों के एमएसपी में की गई उल्लेखनीय वृद्धि यह स्पष्ट करती है कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में धान के एमएसपी में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों के सम्मान, आत्मविश्वास और समृद्धि को नई मजबूती प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में सर्वाधिक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी के साथ किसानों का विश्वास सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर लगातार बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसान कल्याण, कृषि उन्नति और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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सुशासन तिहार अंतर्गत कोतबा में चला स्वच्छता श्रमदान अभियान: नगर में व्यापक साफ-सफाई कर दिया जनसेवा और जनजागरूकता का सशक्त संदेश

जशपुरनगर 13 मई 2026/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत नगर पंचायत कोतबा में आज जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जो कि जनसेवा के साथ-साथ स्वच्छता जनजागरूकता का प्रभावी मंच बनकर सामने आया। शिविर के दौरान स्वच्छता श्रमदान अभियान चलाकर नगर के विभिन्न स्थानों में व्यापक साफ-सफाई कार्य किया गया। स्वच्छता श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, नालियों एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।

       इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि एक सतत आदत है जिसे प्रत्येक नागरिक को अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे अपने घरों एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सहयोग करें और कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें। नगर पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से जहां एक ओर नागरिकों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनजागरूकता से जुड़े अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं। इस प्रकार के श्रमदान से न केवल नगर की साफ-सफाई सुनिश्चित होती है, बल्कि लोगों में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।

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सड़क सुरक्षा और स्वच्छता की सामूहिक शपथ के साथ नागरिकों को जागरूक करने का अनूठा प्रयास, शिविर में दिखी प्रशासनिक सक्रियता

जशपुरनगर 13 मई 2026/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज नगर पंचायत बगीचा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं और शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। शिविर में प्रशासन द्वारा लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम, उपाध्यक्ष श्री दिनेश शर्मा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर सभी उपस्थित नागरिकों को सड़क सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने हेतु सामूहिक शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, ओवरस्पीड से बचने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। नागरिकों ने अपनी समस्याएं लिखित आवेदन के माध्यम से प्रस्तुत कीं, जिनका निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया तथा शेष आवेदनों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

        वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने सभी से यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। वहीं जनप्रतिनिधियों ने स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने और अपने क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने का आह्वान किया। सुशासन तिहार के तहत आयोजित यह शिविर न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बना, बल्कि लोगों को जागरूक कर जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करने वाला साबित हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि : दुलदुला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना जशपुर जिले का पहला NQAS प्रमाणित संस्थान, गुणवत्ता, विश्वास और उत्कृष्ट सेवाओं की बनी नई मिसाल

जशपुरनगर, 13 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। इसी कड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला ने नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) प्रमाणन प्राप्त कर जशपुर जिले का पहला NQAS प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थान बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल दुलदुला क्षेत्र बल्कि पूरे जिले के लिए गुणवत्ता, विश्वास और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतीक बनकर उभरी है।

*NQAS के मानकों पर खरा उतरकर हासिल की उपलब्धि*

NQAS (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू किया गया एक राष्ट्रीय गुणवत्ता ढांचा है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों का मूल्यांकन विभिन्न महत्वपूर्ण मानकों पर किया जाता है, जिनमें संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा एवं देखभाल, नैदानिक सेवाओं की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता एवं प्रबंधन, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन, मरीजों की संतुष्टि तथा फीडबैक व्यवस्था प्रमुख हैं। दुलदुला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

*नेतृत्व, समर्पण, टीमवर्क और महत्वपूर्ण सुधार से मिली सफलता*

इस उपलब्धि के पीछे मजबूत नेतृत्व, सतत मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम की सामूहिक मेहनत रही। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह जात्रा के कुशल मार्गदर्शन में यह अभियान निरंतर आगे बढ़ाया गया। वहीं जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम के सहयोग तथा दुलदुला बीएमओ डॉ. अंजली निराला और डॉ. शोभा मिंज के लगातार प्रयासों ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरी प्रक्रिया में बीपीएम श्रीमती स्वर्णलता एक्का सहित अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मचारियों, सफाईकर्मियों एवं प्रशासनिक कर्मचारियों ने टीम भावना के साथ कार्य किया।

    *स्वास्थ्य केंद्र में किए गए महत्वपूर्ण सुधार*

NQAS प्रमाणन प्राप्त करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए। मरीजों के लिए सुव्यवस्थित पंजीयन व्यवस्था विकसित की गई, वार्ड एवं शौचालयों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया गया, संक्रमण नियंत्रण के लिए SOP का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही दवाओं एवं उपकरणों के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रसव कक्ष, ओपीडी तथा आपातकालीन सेवाओं का उन्नयन भी किया गया। इन सभी व्यवस्थाओं का राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र  की मूल्यांकन टीम द्वारा गहन निरीक्षण किया गया। सभी मापदंडों पर संतोषजनक प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य केंद्र को NQAS प्रमाणन प्रदान किया गया। जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए बना प्रेरणास्रोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला की यह उपलब्धि अब जशपुर जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है। इससे जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नई ऊर्जा मिलेगी।

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“यातायात व्यवस्था सुधारने प्रशासन का सख्त अभियान : जशपुर जिले में ओवरलोड ऑटो, बिना दस्तावेज और नियम विरुद्ध चल रहे वाहनों पर होगी बड़ी कार्रवाई, आम जनता की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने जारी किया कड़ा संदेश”

जशपुरनगर 13 मई 2026/ ऑटो में क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर संचालन करने संबंधी प्राप्त शिकायत पर जिला परिवहन अधिकारी जशपुर ने बताया कि इस प्रकार की अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर शीघ्र ही विशेष जांच अभियान प्रारंभ किया जाएगा। अभियान के दौरान ओवरलोड सवारी लेकर संचालित होने वाले ऑटोरिक्शा एवं नियमों के विरुद्ध चल रहे वाहनों की सघन जांच की जाएगी। जांच के दौरान जिन ऑटोरिक्शा संचालकों के पास आवश्यक दस्तावेज जैसे बीमा, फिटनेस, वैध परमिट एवं प्रदूषण प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं पाए जाएंगे अथवा जो वाहन क्षमता से अधिक सवारी लेकर संचालित होते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्धारित समझौता शुल्क भी वसूला जाएगा।

     जिला प्रशासन ने सभी ऑटोरिक्शा संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अपने वाहनों के समस्त आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें और उन्हें वाहन में अनिवार्य रूप से संधारित करें। नियमों का पालन करते हुए ही वाहन संचालन सुनिश्चित करें, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और दुर्घटनाओं की संभावना को रोका जा सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यातायात नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में चलाए जाने वाले अभियान के माध्यम से जिले में सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

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फरसाबहार बीईओ ने 100 फीसदी परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों को शाल-श्रीफल भेंट कर किया सम्मानित , शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर भी हुआ मंथन

जशपुर/फरसाबहार 13 मई 2026 : विकासखंड शिक्षा अधिकारी फरसाबहार द्वारा मंगलवार को बोर्ड परीक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के प्राचार्य शामिल हुए।

इस दौरान 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले 13 विद्यालयों के प्राचार्यों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय तपकरा के प्राचार्य सीआर भगत, स्वामी आत्मानंद विद्यालय फरसाबहार के प्रदीप कुजुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोल्हनझरिया के अनंत कुमार सिंह, शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय कंदईबहार की राजकिशोरी तिग्गा, हाई स्कूल सिंगीबहार के ऊबराज नायक, हाई स्कूल सुण्डरू के मुन्ना राम भगत, हाई स्कूल कुम्हारबहार के गीता प्रसाद सिदार, हाई स्कूल जोरंडाझरिया के उल्लास चंद्र मिंज तथा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंडरीपानी की शोभा सिंह शामिल रहे।

इसके अलावा अनुदान प्राप्त बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जबला तपकरा के प्रसन्न तिर्की, होली स्पिरिट हाई स्कूल पोकपानी सुण्डरू की वीर कुमारी बखला, ज्ञानोदय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जबला तपकरा की अंजना पाले तथा सेंट जोसेफ उत्तर माध्यमिक विद्यालय खारीबहार की कांति कुजूर को भी सम्मानित किया गया।

बैठक में सभी विद्यालयों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की सराहना की गई। वहीं जिन विद्यालयों का परिणाम 100 प्रतिशत से कम रहा, उनके प्राचार्यों ने आगामी सत्र में बेहतर परिणाम लाने का संकल्प लिया।

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“नेशन फर्स्ट” का संदेश लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बड़ा संकल्प : पेट्रोल-डीजल बचाने सरकारी कारकेड होगा सीमित, चरणबद्ध तरीके से सभी शासकीय वाहन बनेंगे ईवी, प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग अपनाकर ईंधन संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की अपील”

रायपुर 13 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। 

उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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“नदी और हैंडपंप के सहारे गुजरती थी जिंदगी, अब हर आंगन में बह रहा स्वच्छ जल : चिन्ताटोकामेटा में जल जीवन मिशन ने बदली तस्वीर

रायपुर 13 मई 2026/
भैरमगढ़ विकासखंड के दूरस्थ ग्राम चिन्ताटोकामेटा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन ला दिया है। अब गांव के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति हो रही है, जिससे वर्षों पुरानी पानी की समस्या का समाधान हो गया है।
पहले गांव के लोग एकमात्र हैंडपंप और नदी पर निर्भर थे। पानी भरने के लिए महिलाओं और बच्चों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई बार दूर नदी से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की बड़ी समस्या बनी रहती थी।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव के 12 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। अब प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
19 मार्च 2026 को आयोजित जल उत्सव कार्यक्रम के दौरान ग्रामसभा के माध्यम से “हर घर जल” प्रमाणन भी किया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण, जलकर तथा जल आपूर्ति प्रणाली के संचालन-संरक्षण की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले पानी की व्यवस्था करना रोज़ की बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब घर पर ही पर्याप्त मात्रा में साफ पानी मिलने से जीवन काफी आसान हो गया है।
जल जीवन मिशन की यह सफलता केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण सहभागिता, जागरूकता और विकास की नई मिसाल बनकर उभरी है।

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छत्तीसगढ़ गठन के बाद पहली बार टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर नियमित भर्ती, युवाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित और आधुनिक विकास में योगदान का सुनहरा अवसर

रायपुर, 13 मई 2026/ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।

           वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।

     मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
 
          छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।

      वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

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हर घर नल-जल योजना” में बड़ा खेल ? पाँच साल से अधूरी पड़ी पानी टंकी, अधिकारी-ठेकेदार की लापरवाही से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे भीतघरा के ग्रामीण -गत वर्ष सुशासन शिविर में आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

नारायणपुर 11 मई 2026 :  बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत भीतघरा की मुख्य बस्ती में शासन की महत्वाकांक्षी “हर घर नल-जल योजना” अब ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही और भ्रष्ट कार्यप्रणाली का प्रतीक बन चुकी है। गाँव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी योजना अधूरी पड़ी हुई है। स्थिति यह है कि ग्रामीण आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार पूरे मामले से बेखबर बने हुए हैं।

गाँव में बने अधूरे निर्माण स्थल को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह बिना योजना पूर्ण किए कार्य को बीच में छोड़ दिया गया। मौके पर केवल सीमेंट का प्लेटफॉर्म, अधूरी संरचना और पाइप नजर आते हैं, लेकिन पानी की सुविधा आज तक शुरू नहीं हो सकी। पंचयात के उप सरपंच शिवनारायण यादव के अनुसार लगभग पाँच वर्ष पहले निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक काम बंद कर दिया गया। इसके बाद न ठेकेदार वापस लौटा और न ही विभागीय अधिकारियों ने कार्य पूरा कराने में रुचि दिखाई।

उप सरपंच ने बताया कि योजना के नाम पर सरकारी राशि खर्च कर केवल खानापूर्ति की गई। यदि समय पर अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाती और ठेकेदार पर दबाव बनाया जाता, तो आज गाँव के लोगों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ता। गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है, जबकि सरकार हर घर तक नल से पानी पहुँचाने के बड़े-बड़े दावे करती है।

 उप सरपंच शिवनारायण ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पिछले वर्ष आयोजित “सुशासन तिहार” शिविर में भी शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की गई थी। उस समय पीएचई विभाग बगीचा के अधिकारियों ने शीघ्र कार्रवाई और कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि सुशासन शिविर में जनता अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचती है, आवेदन जमा करती है, लेकिन उसके बाद न कोई जांच होती है और न समाधान। लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। यही कारण है कि गाँव में अधूरे निर्माण कार्य अब विभागीय उदासीनता की पहचान बन चुके हैं।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदार और निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो। साथ ही योजना को जल्द पूरा कर गाँव में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन की योजनाएँ इसी तरह अधूरी छोड़ दी जाएंगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तो विकास के दावे केवल पोस्टर और भाषणों तक सीमित रह जाएंगे। भीतघरा के लोग अब आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम और पानी की सुविधा चाहते हैं।

  मुझे आपके माध्यम से भितघरा में नल जल अधूरा होने की जानकारी मिली है ,मैं पूरी जानकारी प्राप्त कर कार्य क्यों अधूरा  है इसका पता कर  जल्द ही काम चालू करवाता हु।। 

एस बी सिंह -ई ई पीएचई  -जशपुर

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ ,अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 12 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
       आज आयोजित जनदर्शन में कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 
      कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को  आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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सिमड़ा शिविर में दिव्यांग सुगन्ती तिर्की को मिली ट्राइसाईकिल, तीन हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश सौंपकर प्रशासन ने बांटी राहत और मुस्कान

जशपुर 12 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में संचालित सुशासन तिहार में लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है। 

इसके साथ ही हितग्राहियों को  विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 3 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृत प्रमाण पत्र और 1 दिव्यांग हितग्राही को ट्राइसाईकिल वितरण किया गया।

इनमें ग्राम सिमड़ा के सुगन्ती तिर्की, को ट्राइसाईकिल मिला और डोम ,नूपपति और रामेश्वर साय को पेंशन स्वीकृत आदेश दिया गया।

सुगन्ती तिर्की ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उनको कही आने जाने में सुविधा होगी दूसरे लोगों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।

शिविर में पेंशन स्वीकृत आदेश पाने वाले हितग्राहियों ने भी खुशी जाहिर करते हुए प्रशासन को दिया धन्यवाद ।

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कुनकुरी में जल्द खुल सकता है ब्लड बैंक, मरीजों को राहत देने स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर भेजा प्रस्ताव

जशपुरनगर 12 मई 2026/ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘‘कुनकुरी में ब्लड बैंक की कमी मरीजों की जान पर बन रही आफत‘‘ के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जशपुर द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में ब्लड बैंक की स्थापना के लिए संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, अटल नगर रायपुर को पत्र के माध्यम से स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति प्राप्त होने पर ब्लड बैंक खोलने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।

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