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कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे परिवारों के लिए संजीवनी बनी सहायता राशि : माटीकला बोर्ड अध्यक्ष ने अपने गृह ग्राम रनपुर में जरूरतमंदों को वितरित किए सहायता चेक, कलेक्टर रोहित व्यास ने की सराहना

जशपुरनगर 15 मई 2026/ छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती ने गुरुवार को अपने गृह ग्राम रनपुर में जरूरतमंदों के लिए संवेदनशील पहल करते हुए 12 हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपये की स्वेच्छानुदान राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास भी मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामीणों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे उनके बीच राहत और संतोष का माहौल देखा गया। यह स्वेच्छानुदान राशि मुख्य रूप से आकस्मिक एवं अत्यावश्यक परिस्थितियों में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दी जाती है। इस अवसर पर श्री चक्रवर्ती ने बताया कि यह राशि उन जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों को दी जाती है, जो गंभीर बीमारी, दुर्घटना या आर्थिक संकट जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। इसके माध्यम से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग, गरीब परिवारों को राहत, असाध्य रोगों या दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों को संबल प्रदान किया जाता है। इसके अलावा यह राशि सामुदायिक विकास से जुड़े छोटे कार्यों, सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं खेल गतिविधियों के लिए भी उपयोगी होती है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिल सके।

     कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सहायता राशि जरूरतमंदों के लिए संजीवनी का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर सहायता मिले, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से उबर सकें।
ग्रामीणों ने इस पहल के लिए आभार जताते हुए कहा कि समय पर मिली यह आर्थिक सहायता उनके लिए बड़ी राहत है। कार्यक्रम में एसडीएम बगीचा श्री प्रदीप राठिया सहित जनपद सीईओ, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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जनता की हर आवाज अब सीधे सरकार तक : सीएम हेल्पलाइन 1076 बनेगी शिकायतों के त्वरित समाधान का सबसे बड़ा हथियार, जशपुर में अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

जशपुरनगर, 15 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रत्येक नागरिकों को शासकीय सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल करने जा रही हैं। राज्य सरकार सीएम हेल्पलाइन और शिकायत प्रबंधन प्रणाली छत्तीसगढ़ शुरू कर रही है। जिसे सुशासन और अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। जिसका उ‌द्देश्य नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने, सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा अपनी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण हेतु एक एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय माध्यम प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। इस संबंध में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में ब्लॉक और जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
      प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित गति से निराकरण सभी अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यह अवश्य ध्यान रखा जाना चाहिए़ कि पात्र हितग्राहियों को शासकीय सेवाओं का लाभ समय पर मिले, साथ ही वे समस्या के निराकरण से संतुष्ट नजर आए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सीएम हेल्पलाइन के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी श्री हरिओम द्विवेदी सहित एसडीएम, सभी विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे। सीएम हेल्पलाइन के प्रशिक्षण दल के प्रमुख श्री अनुराग दीवान ने जानकारी देते हुए बताया कि  सीएम हेल्पलाइन एक केंद्रीकृत और तकनीक से संचालित शिकायत निवारण प्रणाली है। इसके माध्यम से नागरिक फोन, व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप या लिखित आवेदन द्वारा सरकारी सेवाओं से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। 
   सभी शिकायतों का समाधान चार स्तरों  के जरिए किया जाएगा, जिसमें हर स्तर पर तय समयसीमा होगी। सिस्टम में शिकायत की रियल-टाइम ट्रैकिंग, समाधान के बाद नागरिकों से फीडबैक लेना और MIS आधारित रिपोर्टिंग शामिल होगी, ताकि कामकाज की निगरानी सही तरीके से हो सके। सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर शिकायतों का समाधान करना होगा। हेल्पलाइन से प्राप्त डेटा की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, जिससे कमियों की पहचान हो, जिम्मेदारी तय हो सके और सरकारी सेवाओं में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने जानकारी दी कि सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत निवारण प्रणाली के तहत 1076 टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा कर समाधान पा सकते हैं। 

*सीएम हेल्पलाइन इस समस्या का समाधान के पाँच प्रमुख स्तंभ*

शिकायत ट्रैकिंग प्रणाली-प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट यूनिक टोकन संख्या प्रदान की जाती है, जिससे उसकी स्थिति एवं प्रगति की रियल-टाइम ट्रैकिंग सुनिक्षित होती है। समयबद्ध संकल्प- निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों के निराकरण हेतु SLA आधारित प्रणाली लागू की जाती है तथा विलंब की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारी के पास स्वतः एस्केलेशन किया जाता है। आवेदक की पुष्टि- समाधान उपरांत नागरिकों से संतुष्टि सम्बन्धी प्रतिक्रिया प्राप्त कर सेवा गुणवत्ता का आकलन किया जाता है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही- प्रत्येक स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी एवं आवेदन का रियल टाइम दृश्यता के अवलोकन से पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन सुनिक्षित किया जाएगा। कार्यकुशल निगरानी -MIS डैशबोर्ड एवं रिपोर्टिंग के माध्यम से विभागीय प्रदर्शन की सतत निगरानी एवं त्वरित सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।

*पारदर्शिता और समाधान के लिए चार स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली*

सीएम हेल्पलाइन एक सुव्यवस्थित चार स्तरीय शिकायत निवारण एवं एस्केलेशन तंत्र का पालन करती है, जिसे जवाबदेही, पारदर्शिता और शिकायतों के समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह L1 (ब्लॉक स्तर), L2 (जिला स्तर), L3 (कमिश्नरेट/डिवीजन/निदेशालय स्तर) तथा L4 (सचिव/विभागाध्यक्ष स्तर) से मिलकर बना है, जो एक संपूर्ण स्तरवार शिकायत प्रणाली बनाता है। शिकायत पंजीकरण के पश्चात प्रत्येक शिकायत स्वतः ही प्रारंभिक कार्रवाई हेतु संबंधित L1 अधिकारी को आवंटित कर दी जाती है। अगर किसी शिकायत को गलती से गलत विभाग में भेज दिया गया हो, तो उसे सीएम हेल्पलाइन यूनिट  को ट्रांसफर किया जा सकता है। वहां से उसे सही विभाग के उचित L1 अधिकारी को भेज दिया जाएगा। इस प्रणाली में हर स्तर पर लगातार निगरानी और समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

*सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर दिन के 24 घंटे, सप्ताह के 7 दिन और वर्ष के 365 दिन होगी संचालित*

सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर दिन के 24 घंटे, सप्ताह के 7 दिन और वर्ष के 365 दिन संचालित होगा। नागरिक किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, शिकायत की स्थिति जान सकते हैं या जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें नागरिक छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी सरकारी विभाग, सार्वजनिक सेवा या सरकारी योजना से संबंधित शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकते हैं। इसमें सार्वजनिक उपयोगिताएँ, कल्याणकारी योजनाएँ, अधोसंरचना आदि से जुड़ी समस्याएँ शामिल हैं। नागरिक चार तरीके हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से, लिखित पत्र के माध्यम से और व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें और भेजे गए ओटीपी  के माध्यम से सत्यापन करें। लॉग-इन करने के बाद शिकायत पंजीकरण फ़ॉर्म में विभाग, श्रेणी का चयन करें और समस्या का विवरण भरें। समर्थन दस्तावेज़ या फोटो भी संलग्न कर सकते हैं। अंत में, सबमिट  पर क्लिक करके शिकायत पंजीकरण पूरा करें।  
    ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के बाद सिस्टम तुरंत एक विशिष्ट शिकायत टोकन नंबर जरीनकरता है, जो पोर्टल पर प्रदर्शित होता है तथा SMS के माध्यम से आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है। शिकायत की स्थिति जांच करने के लिए  सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में लॉग-इन कर अनुभाग पर जाकर वहाँ अपना विशिष्ट टोकन नंबर दर्ज कर  अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति, जिस अधिकारी को शिकायत सौंपी गई है, अब तक की गई कार्रवाई, तथा अनुमानित समाधान तिथि देख सकते हैं।   नागरिक सीएम हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव  को अपना टोकन नंबर बताकर आप अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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मटासी में खबर का तगड़ा असर : मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय के निर्देश पर बिजली विभाग ने दिखाई बिजली जैसी रफ्तार, रातभर अंधेरे में डूबे गांव में कुछ घंटों में लगा नया ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने कहा — अब मिली राहत की सांस

नारायणपुर 15 मई 2026। नारायणपुर क्षेत्र के ग्राम मटासी में बीते दो दिनों से गहराया बिजली संकट आखिरकार दूर हो गया। “कलम की आवाज” में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और बिजली विभाग ने ऐसी तेजी दिखाई कि कुछ ही घंटों के भीतर गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। अचानक हुई इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और लोगों ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय व विद्युत विभाग के प्रति आभार जताया है।

ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम मटासी मुहल्ला में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर बुधवार रात लगभग 10 बजे अचानक जलकर खराब हो गया था। ट्रांसफार्मर फेल होते ही पूरे मुहल्ले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में पूरी रात गांव अंधेरे में डूबा रहा। बिजली बंद होने से जहां घरों में लोग परेशान थे, वहीं पानी की समस्या भी गहराने लगी थी। ग्रामीणों का कहना था कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

मामले को “कलम की आवाज” ने प्रमुखता से उठाया। समाचार प्रकाशित होते ही मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय तक इसकी जानकारी पहुंची। बताया जा रहा है कि कैम्प कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिजली विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके बाद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तत्काल सक्रिय हो गए और युद्धस्तर पर काम शुरू किया गया।

विद्युत विभाग की टीम आवश्यक सामग्री और नया ट्रांसफार्मर लेकर मटासी पहुंची। कर्मचारियों ने खराब ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया। कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद गांव में दोबारा बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई। जैसे ही गांव में बिजली लौटी, लोगों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ नजर आने लगी।

ग्रामीणों ने कहा कि समाचार प्रकाशित होने के बाद जिस तेजी से कार्रवाई हुई, उससे लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, विद्युत विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय रहते समस्या का समाधान होने से बड़ी परेशानी टल गई। 

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पहाड़ियों के बीच बसे बेलसोंगा जलाशय को मिलेगी नई मजबूती : कलेक्टर रोहित व्यास ने किया निरीक्षण, गेट मरम्मत के निर्देश से सिंचाई व्यवस्था होगी दुरुस्त, खेतों तक पहुंचेगा भरपूर पानी और किसानों की बढ़ेगी आमदनी...

जशपुरनगर 15 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को बगीचा अनुविभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत चराईखारा स्थित बेलसोंगा जलाशय का निरीक्षण किया। यह जलाशय पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों से परिपूर्ण है। कलेक्टर ने जलाशय पहुंचकर उसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान श्री चक्रवर्ती ने बताया कि जलाशय में जल भराव की स्थिति अच्छी रहती है। जिससे आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर भी संतुलित बना रहता है। हालांकि जलाशय के गेट की मरम्मत की आवश्यकता है, जिससे जल प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    कलेक्टर ने स्थल का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलाशय के गेट की मरम्मत के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि जलाशय को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि गेट की मरम्मत के बाद जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध हो सकेगा। इससे न केवल फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उत्पादन में भी वृद्धि होगी और किसानों की आय में सुधार आएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

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तीन तरफ ऊंचे पहाड़, बीच में बसा कुरूमढोढ़ा… आम के पेड़ के नीचे लगी कलेक्टर की चौपाल में छलका ग्रामीणों का दर्द, पटवारी प्रभार बदलने से लेकर पुल-सड़क, राशन और पानी तक पर मौके पर हुए बड़े फैसले

जशपुरनगर 15 मई 2026/ बगीचा अनुविभाग अंतर्गत तीन ओर पहाड़ों से घिरे दूरस्थ ग्राम कुरूमढोढ़ा में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को आम के पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाई। उन्होंने वहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस दौरान छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने चौपाल में ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ संवाद करते हुए गांव की मूलभूत समस्याओं जैसे राशन, आवास, पेयजल, सड़क एवं राजस्व सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि रनपुर से जुड़ने वाली कच्ची सड़क के बीच पुल नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। इस पर कलेक्टर ने स्वयं स्थल निरीक्षण कर पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया, जिससे भविष्य में आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

*राजस्व सेवाएं अब गांव के करीब* -

ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कुरूमढोढ़ा ग्राम के लिए रनपुर के पटवारी को प्रभार देने के निर्देश एसडीएम को दिए। पहले ग्रामीणों को राजस्व कार्यों के लिए दूरस्थ गांव ढोढ़ाअम्बा के पटवारी के पास जाना पड़ता था, जबकि कुरूमढोढ़ा रनपुर पंचायत अंतर्गत आता है। इससे ग्रामीणों को कठिनाई होती थी। अब यह सुविधा गांव के नजदीक उपलब्ध होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस निर्णय पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए तालियां बजाकर कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और त्वरित समाधान के लिए प्रशंसा की।


*राशन व्यवस्था और पेयजल पर त्वरित निर्णय* -

चौपाल में ग्रामीणों ने राशन दुकान दूर होने की समस्या बताते हुए कहा कि उन्हें राशन लेने रनपुर जाना पड़ता है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कुरूमढोढ़ा में ही राशन भंडारण कर स्थानीय स्तर पर वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बस्ती में नल-जल की समस्या सामने आने पर कलेक्टर ने तत्काल आवश्यक बोर खनन कराने के निर्देश दिए, जिससे पेयजल संकट दूर हो सके।


*आवास और राजस्व प्रकरणों पर भी दिए निर्देश* -

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए हितग्राहियों को निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने और तेजी से पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें पक्के मकान की सुविधा मिल सके। फौती बंटवारे के लिए तहसील जाने की समस्या पर कलेक्टर ने बताया कि अब ग्रामीण सचिवालय के माध्यम से गांव स्तर पर ही ऐसे प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। ग्रामीण पंचायत में आवेदन देकर अपने मामलों का समाधान करा सकते हैं और उन्हें अनावश्यक रूप से तहसील नहीं जाना पड़ेगा।

*डिजिटल सेवाएं भी गांव तक* -

कलेक्टर ने बताया कि गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से आय, जाति, निवास जैसे प्रमाण पत्र अब स्थानीय स्तर पर ही बनाए जा सकेंगे। इससे ग्रामीणों का समय, श्रम और खर्च बचेगा। यह जनचौपाल न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बनी, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता और ग्रामीणों के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

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रनपुर में प्रशासनिक सख्ती और विकास की नई पहल : माटीकला बोर्ड अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती और कलेक्टर रोहित व्यास ने गांव का किया व्यापक निरीक्षण, स्कूल से अस्पताल तक व्यवस्थाओं की परखी हकीकत, अतिक्रमण हटाकर गांव को व्यवस्थित बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के दिए कड़े निर्देश

जशपुरनगर 15 मई 2026/ छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को ग्राम रनपुर का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय संस्थाओं एवं सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार व्यवस्था एवं स्वच्छता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं ग्रामीणों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि ग्राम स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बाजार व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे विकास कार्यों में सहयोग करें और गांव को व्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। निरीक्षण के दौरान गांव के सरपंच, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

*स्कूल परिसर में अतिक्रमण हटाने पर जोर* -

कलेक्टर ने सबसे पहले रनपुर में हाईस्कूल परिसर का अवलोकन किया, जहां उन्होंने बाउंड्री वाल निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर का सीमांकन कर पर्याप्त भूमि सुरक्षित की जाए, ताकि बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं खेल मैदान उपलब्ध हो सके। इससे विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर होगा और उन्हें समुचित सुविधाएं मिल सकेंगी।

*बाजारडांड का निरीक्षण, अतिक्रमण हटाने के निर्देश* -

इसके पश्चात कलेक्टर श्री व्यास ने गांव के बाजारडांड का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण बाजार क्षेत्र संकरा हो गया है, जिससे आवागमन एवं व्यापार में समस्या होती है। इस पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत को आपसी सहमति से अतिक्रमण हटाने की पहल करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि गांव के हित में सामंजस्य बनाकर बाजार क्षेत्र का व्यवस्थित विकास किया जाए। कलेक्टर ने सामुदायिक शौचालय की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, बाजार परिसर को स्वच्छ रखने तथा पंचायत द्वारा निर्मित दुकानों का मासिक किराया नियमित रूप से वसूलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस आय का उपयोग पंचायत के विकास कार्यों में किया जा सकता है। साथ ही एसडीएम को बाजार क्षेत्र का सीमांकन कर निर्धारित क्षेत्र चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिससे बाजार लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके।

*स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा* -

कलेक्टर ने रनपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, आईपीडी, मासिक प्रसव प्रकरण, दवा वितरण, उपलब्ध उपकरण, स्टोर रूम, पीएनसी कक्ष एवं पुरुष-महिला वार्ड का अवलोकन किया। उन्होंने संस्थागत प्रसव दर बढ़ाने पर जोर देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी बातचीत कर उनके हालचाल जाना और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि वे अस्पताल परिसर में ही निवास कर गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं प्रदान करें, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

*पशु औषधालय एवं आयुर्वेदिक केंद्र का निरीक्षण* -

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गांव में स्थित पशु औषधालय का भी जायजा लिया। जहां उन्होंने पशु उपचार, औषधि वितरण, टीकाकरण एवं बधियाकरण की जानकारी ली। उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद आयुर्वेद औषधालय का निरीक्षण करते हुए उन्होंने ओपीडी, दवा उपलब्धता एवं स्टाफ उपस्थिति की जानकारी ली और नियमित सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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पानी के लिए रोजाना संघर्ष कर रहे बैशाखूपारा के लोगों को मिली बड़ी राहत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल से दूर हुई वर्षों पुरानी पेयजल समस्या,ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार

नारायणपुर 15 मई 2026। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच ग्राम पंचायत सेंदरीमुंडा के वार्ड क्रमांक 7 बैशाखूपारा में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या आखिरकार दूर हो गई। लंबे समय से पानी की गंभीर किल्लत झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह राहत किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। मुहल्ले में पानी की समस्या इतनी विकराल हो चुकी थी कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को रोजाना  दूर जाकर पानी लाना पड़ता था। सुबह होते ही महिलाओं के सिर पर घड़े और हाथों में बाल्टियां दिखाई देती थीं। भीषण गर्मी में पानी की तलाश ग्रामीणों की सबसे बड़ी मजबूरी बन चुकी थी।

गांव के लोगों ने कई बार विभाग जे पास अपनी समस्या उठाई, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था। आखिरकार ग्रामीणों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया तक अपनी आवाज पहुंचाने का निर्णय लिया। गांव के  संतोष देहरी के नेतृत्व में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचा और बैशाखूपारा में हैंडपंप खनन कराने की मांग को लेकर आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने  बताया कि पानी की समस्या के कारण गांव में हालात बेहद खराब हैं और लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया ने तत्काल कार्रवाई की। आवेदन मिलते ही बिना किसी देरी के हैंडपंप खनन के लिए मशीन और टीम को गांव भेजा गया। प्रशासन की इस त्वरित पहल ने ग्रामीणों के चेहरे पर उम्मीद की नई किरण जगा दी। 

कुछ ही समय में हैंडपंप खनन का कार्य पूरा हुआ और जैसे ही पानी निकला, पूरे बैशाखूपारा में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और महिलाओं ने राहत की सांस ली। वर्षों से जिस समस्या ने गांव की दिनचर्या को प्रभावित कर रखा था, उसका समाधान होते ही लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। 

ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि पहले उन्हें सुबह-सुबह दूर-दराज के क्षेत्रों में पानी भरने जाना पड़ता था। कई बार घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता था और गर्मी में काफी परेशानियां उठानी पड़ती थीं। अब मुहल्ला में ही हैंडपंप लग जाने से उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है। 

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री की संवेदनशील कार्यशैली और मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि शासन की यह पहल बताती है कि सरकार गांव और गरीबों की समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है और समाधान के लिए तत्परता से काम कर रही है।

समस्त ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में मिली यह सुविधा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है और इससे पूरे बैशाखूपारा में राहत और खुशी का माहौल बना हुआ है।

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ट्रांसफार्मर हुआ खराब तपती रातों में तड़पा मटासी : 21 घंटे से अंधेरे में डूबी बस्ती, पानी के लिए मची हाहाकार, विभाग के कर्मचारी बोला- डीजल नहीं… ग्रामीण बोले- बिल लेने में आगे, सुविधा देने में फिसड्डी

नारायणपुर 15 मई 2026। भीषण गर्मी के बीच नारायणपुर वितरक केंद्र अंतर्गत आने वाली मटासी बस्ती इन दिनों बिजली संकट से जूझ रही है। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे बस्ती में लगा ट्रांसफार्मर अचानक खराब हो गया, जिसके बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप्प हो गई। शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे तक भी ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। तेज गर्मी, उमस और अंधेरे के बीच पूरी रात लोगों ने बेहद मुश्किल हालात में गुजारी।

गांव में बिजली बंद होते ही सबसे पहले पेयजल संकट गहराने लगा। घरों में लगे मोटर बंद हो गए, पानी टंकी तक नहीं पहुंच सका और लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। गर्मी इतनी अधिक है कि दिन में घरों के भीतर बैठना मुश्किल हो रहा है, वहीं रात में बिजली नहीं रहने से लोग घरों के बाहर और आंगन में जागकर समय बिताने को मजबूर हैं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान नजर आते  नजर आए ।

ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना बिजली विभाग को तुरंत दे दी गई थी, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि हर महीने समय पर बिजली बिल भेज दिया जाता है और उपभोक्ताओं से पूरा भुगतान भी लिया जाता है, लेकिन जब सुविधा देने की बारी आती है तो विभाग जिम्मेदारी से पीछे हट जाता है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर शहर में ऐसा हाल होता तो शायद कुछ ही घंटों में ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता, लेकिन गांवों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता।

बिजली बंद होने से मोबाइल चार्ज करना भी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। कई लोगों के मोबाइल बंद हो चुके हैं, जिससे संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। दुकानदारों का कारोबार ठप पड़ गया है, वहीं छोटे बच्चों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। गर्मी और उमस के कारण पूरी रात लोगों की आंखों में कटी।

इधर बिजली विभाग के नारायणपुर स्टाफ ने सफाई देते हुए कहा कि कुनकुरी से नया ट्रांसफार्मर लाने में डीजल की समस्या आ रही है, डीजल किसी भी पंम्प में नही मिल रहा है जिसके कारण देरी हो रही है। वहीं दूसरी ओर नारायणपुर के जेई ने दावा किया कि सुबह 11 बजे तक ट्रांसफार्मर नारायणपुर पहुंच जाएगा और उसके बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर नया ट्रांसफार्मर लगाते हुए बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

अब गांव में चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि आखिर विभाग के स्थानीय कर्मचारियों की बात सही है या अधिकारियों का आश्वासन। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बिजली बहाल नहीं होती, तब तक उनकी परेशानी कम नहीं होने वाली। 

फिलहाल भीषण गर्मी में मटासी बस्ती अंधेरे और परेशानी के दौर से गुजर रही है और ग्रामीणों की निगाहें बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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दोकड़ा में भक्ति का महासंगम : श्री जगन्नाथ मंदिर स्थापना प्रथम वर्षगांठ महोत्सव में शुरू हुआ हरि कीर्तन अष्ट प्रहरी महायज्ञ, रात्रि मशहूर कीर्तन गायकों एवं वादकों का होगा समागम....


नारायणपुर/दोकड़ा। ऐतिहासिक एवं श्रद्धा के केंद्र श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में स्थापना प्रथम वर्षगांठ महोत्सव के तहत शुक्रवार से भव्य हरि कीर्तन अष्ट प्रहरी महायज्ञ का शुभारंभ हो गया। सुबह से ही मंदिर परिसर “हरे कृष्ण हरे राम” एवं “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गूंज उठा। इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं और भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा एवं झारखंड राज्य के प्रसिद्ध कीर्तन गायकों एवं मंडलियों का भव्य समागम हो रहा है। संगीतमय हरिनाम संकीर्तन, मृदंग, झांझ एवं भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। दूर-दूर से श्रद्धालु महायज्ञ एवं हरि कीर्तन में शामिल होने दोकड़ा पहुंच रहे हैं।मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट, पारंपरिक झांकियों एवं धार्मिक प्रतीकों से भव्य रूप दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने एवं महाप्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति के अनुसार संध्या आरती में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। संध्या के समय दीपों एवं भक्ति संगीत से मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठेगा।आयोजन समिति ने बताया कि तीन दिवसीय इस धार्मिक महोत्सव का समापन शनिवार को पूर्णाहुति, दधीभजन एवं नगर भ्रमण के साथ होगा। महोत्सव क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश दे रहा है।गौरतलब है कि दोकड़ा का श्री जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र की आस्था एवं परंपरा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वर्ष 1942 से यहां भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा परंपरा चली आ रही है, जबकि मंदिर के जीर्णोद्धार एवं भव्य निर्माण कार्य की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय द्वारा मंदिर की नींव रखी गई थी तथा 25 मई 2025 को मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ था।

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84 वर्षों की ऐतिहासिक रथयात्रा परंपरा को मिला नया वैभव : 1942 से चली आ रही जगन्नाथ भक्ति की धारा , दोकड़ा का श्री जगन्नाथ मंदिर बना आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य केंद्र ,श्रीमती कौशल्या साय की सहभागिता से भक्तिमय हुआ पूरा क्षेत्र

नारायणपुर/दोकड़ा।यहां के ऐतिहासिक प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में स्थापना के प्रथम वर्षगांठ महोत्सव 2026 का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में हुआ। तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ हजारों की संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।कलश यात्रा का शुभारंभ शिव मंदिर से हुआ, जहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं ने कलश धारण किया। इसके बाद यात्रा बस स्टैंड एवं नगर भ्रमण करते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में “हरे कृष्ण हरे राम” एवं जय जगन्नाथ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। मंदिर पहुंचने पर विधि-विधान से अधिवास एवं कलश स्थापना संपन्न कराई गई।महोत्सव के तहत शुक्रवार 15 मई को सुबह 8 बजे से अखंड हरि नाम कीर्तन महायज्ञ एवं नामाचार का शुभारंभ होगा। आयोजन समिति के अनुसार ओडिशा, झारखंड सहित प्रदेश के प्रसिद्ध भजन एवं कीर्तन गायकों द्वारा संगीतमय हरि कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब जाएगा।तीन दिवसीय इस आयोजन में प्रतिदिन विशाल भंडारा एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। महोत्सव के अंतिम दिन पूर्णाहुति, दीक्षाभंजन एवं नगर भ्रमण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। आयोजन समिति ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह एवं बलराम भगत ने बताया कि यह महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकता को और मजबूत करने का कार्य करेगा।मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट, पारंपरिक ओडिशा शैली की झांकियों एवं धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पेयजल, बैठने एवं प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है।क्षेत्रवासियों ने कहा कि श्री जगन्नाथ महाप्रभु की कृपा से यह आयोजन पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक समरसता का संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं में महोत्सव को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

आस्था और इतिहास का प्रतीक बना दोकड़ा का श्री जगन्नाथ मंदिर

दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत केंद्र बन चुका है। मंदिर से जुड़ा इतिहास भी अत्यंत गौरवशाली और प्रेरणादायक रहा है।

मुख्यमंत्री एवं धर्मपत्नी ने रखी थी मंदिर की नींव

मंदिर के नव निर्माण एवं भव्य स्वरूप के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय द्वारा मंदिर की नींव रखी गई थी। उनके संरक्षण एवं क्षेत्रवासियों के सहयोग से यह धार्मिक धरोहर आज भव्य रूप में स्थापित हो सकी है।

1942 से प्रारंभ हुई थी ऐतिहासिक रथ यात्रा

दोकड़ा क्षेत्र में भगवान जगन्नाथ की भक्ति परंपरा कई दशकों पुरानी है। वर्ष 1942 से यहां रथ यात्रा महोत्सव की शुरुआत हुई थी, जिसका शुभारंभ पंडित स्वर्गीय सुदर्शन सतपथी महाराज एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला सतपथी द्वारा किया गया था। तभी से यह परंपरा निरंतर जारी है और आज इस मंदिर के गजपति महाराज प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय द्वारा यहां की परम्परा को निर्वहन की जा रही है।और क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

2019 में शुरू हुआ जीर्णोद्धार कार्य

समय के साथ मंदिर के विस्तार एवं जीर्णोद्धार की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके बाद वर्ष 2019 में मंदिर के पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य की शुरुआत हुई। मंदिर को पारंपरिक ओडिशा शैली में विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए और 25 मई 2025 में इस मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा किया गया।

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वन धन विकास केंद्र वनांचल की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया सोपान

रायपुर, 14 मई 2026/ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में वन धन विकास केंद्र महिलाओं की आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त आधार बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन और प्रधानमंत्री जनमन योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य में अब तक 155 वन धन विकास केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 139 सामान्य क्षेत्रों में और 16 केंद्र विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीव्हीटीजी) क्षेत्रों में संचालित हैं।

*संग्रहण से प्रसंस्करण तक का सफर*

       इन केंद्रों ने पारंपरिक लघु वनोपज संग्रहण को आधुनिक प्रसंस्करण से जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ न केवल वनोपजों का संग्रहण होता है, बल्कि उनका प्राथमिक प्रसंस्करण और उच्च गुणवत्ता वाले हर्बल उत्पादों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पहल ने हजारों महिलाओं को उनके गांव के समीप ही स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है।

*हजारों समूहों को मिला आर्थिक संबल*

          वन धन विकास केंद्रों की सफलता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। लगभग 4 हजार 900 महिला स्व-सहायता समूह इन केंद्रों से सीधे जुड़े हैं। करीब 55 हजार महिला सदस्य गांवों और हाट-बाजारों में संग्रहण एवं प्रसंस्करण के कार्य में संलग्न हैं। पिछले पांच वर्षों में संग्रहण कार्य के लिए महिलाओं को लगभग 4 करोड़ रुपये का कमीशन वितरित किया गया है।

*हर्बल उत्पादों से बढ़ी आय*

         प्राथमिक संग्रहण के साथ-साथ मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 1,300 महिला समूहों की 17,000 महिलाएं हर्बल उत्पाद निर्माण से जुड़ी हैं। इस विशिष्ट कार्य के लिए अब तक करीब 1 करोड़ रुपये का कमीशन महिलाओं को दिया गया है। तैयार उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग को की जा रही है। इसी कड़ी में 4 केंद्रों ने 25.17 लाख रुपये का शुद्ध लाभांश अर्जित कर एक मिसाल पेश की है।

*स्थानीय संसाधनों से सशक्तिकरण*

         वन धन विकास केंद्रों की यह मुहिम न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से वनांचल की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रही है। यह पहल लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के सपने को छत्तीसगढ़ के जंगलों में हकीकत में बदल रही है।

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मुख्य सचिव ने की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, डेटा आधारित निगरानी पर जोर

रायपुर, 14 मई 2026/छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों की जनोन्मुखी और महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अनुशंसाओं पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली और अधिकारियों को विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।

*डेटा आधारित निगरानी और सुशासन*

       मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने डेटा आधारित निगरानी प्रणाली (Data-driven Monitoring System) को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से क्षमता विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रस्तुतिकरण भी दिया गया।

*शिक्षा और आंगनबाड़ी बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण*

      शिक्षा और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों की समस्या है, वहां प्राथमिक शालाओं के अतिरिक्त कक्षों में आंगनबाड़ी संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कलेक्टरों के साथ समन्वय करने को कहा। समग्र शिक्षा के तहत जिन स्कूलों में कमरों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

*विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा*

          बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आदिम जाति विकास, पर्यटन, ऊर्जा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार सहित स्कूल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन, और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी-केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान

रायपुर, 14 मई 2026/ केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।

*अजा परियोजना वैज्ञानिक पशुपालन और सशक्त बाजार लिंकेज*

          मंत्री श्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया।

*पिंक दीदी और बिजनेस दीदी आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान*

          निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा “प्रोजेक्ट पिंक दीदी” की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र,  के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया।

*घर संभालने वाली महिलाएं अब बनीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर*

       मंत्री श्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

*अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के निर्देश*

         केंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा।  केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

        केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।

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सुनीता जायसवाल को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी मुस्कान , प्रशासन की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई से हितग्राही ने जताया आभार

रायपुर, 14 मई 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। नगर पालिका भाटापारा के इतवारी राम यादव शासकीय विद्यालय में आयोजित शिविर में उस समय प्रशासन का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया, जब राशन कार्ड की समस्या लेकर पहुंची स्थानीय निवासी सुनीता जायसवाल का कार्य मिनटों में पूरा हो गया।

*संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान*

        सुनीता जायसवाल लंबे समय से राशन कार्ड की समस्या से जूझ रही थीं। शिविर में उनके आवेदन पर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और पात्रता की जांच कर मौके पर ही नया राशन कार्ड बनाकर सौंपा। हाथों-हाथ राशन कार्ड पाकर सुनीता भावुक हो गईं और उन्होंने त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया।

*एक ही छत के नीचे मिली सरकारी सेवाएं*

        सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है। इस शिविर की प्रमुख विशेषताएं रहीं। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से आवेदनों का मिलान और सत्यापन आसान हुआ। प्राप्त आवेदनों पर बिना किसी विलंब के पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की गई। सुनीता जायसवाल की तरह अन्य दर्जनों लोगों ने भी अपनी पेंशन, राजस्व और अन्य नागरिक सेवाओं का तत्काल लाभ प्राप्त किया।सरकार की यह पहल सचमुच सुशासन का प्रतीक है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा राशन कार्ड इतनी जल्दी बन जाएगा। अब मुझे दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

*धरातल पर उतर रहा है सुशासन*

        हितग्राही सुनीता जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प को पूरा कर रही है। प्रशासन का यह समस्याओं को स्थल पर ही समाधान मॉडल जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।

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चिचिरदा समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 450 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा ,17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण हुए लाभान्वित, जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को बांटे चेक और जरूरी सामग्री

रायपुर, 14 मई 2026/राज्य शासन के सुशासन तिहार अभियान के तहत बुधवार को बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचिरदा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शासन की जनता के द्वार पर दस्तक पहल के तहत आयोजित इस शिविर में चिचिरदा सहित आसपास की 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर के दौरान कुल 1145 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 450 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई।

*जनप्रतिनिधियों ने वितरित की सहायता सामग्री*

          शिविर में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री, चेक और प्रशस्ति पत्र सौंपे। वितरण की मुख्य झलकियां इस प्रकार रहीं। नए राशन कार्ड और आयुष्मान कार्डों का वितरण, मनरेगा जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को नए घर की चाबियां सौंपी गईं। कृषि एवं संबद्ध विभाग के द्वारा मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स और उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्थानीय बच्चों और खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई।

*विभागीय स्टॉल्स के माध्यम से दी गई जानकारी*

         शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। मंच के माध्यम से अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। 

        सुशासन की यह लहर केवल चिचिरदा तक सीमित नहीं रही। सिमगा विकासखंड के ग्राम जांगड़ा में भी समाधान शिविर का सफल आयोजन हुआ। जिले के 7 नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया। इस पहल से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

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सुशासन तिहार :कोतबा नगर पंचायत शिविर में जनप्रतिनिधियों और आमनागरिकों ने नशा मुक्ति अभियान की ली शपथ ,शिविर में 104 आवेदन प्राप्त हुए 

जशपुर 14 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार का जिले में बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में विगत दिवस 13 मई 2026 को सुशासन तिहार के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर नगर पंचायत कोतबा में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कोतबा के जनप्रतिनिधिगण  पार्षदगण नगर पंचायत कोतबा एवं जनप्रतिनिधि, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पत्थलगांव ,जिला स्तरीय अधिकारी ब्लॉक लेवल अधिकारी उपस्थित थे।

शिविर में जनप्रतिनिधियों और नगर वासियों लगभग  500 लोगों ने नशामुक्ति अभियान का शपथ लिया गया। 

तथा शिविर में विभिन्न विभागों के 104 मांग  शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए हैं।

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सुशासन तिहार: कस्तूरा में सामूहिक स्वच्छता श्रमदान आयोजित ,जनभागीदारी से स्वच्छ एवं सुंदर ग्राम निर्माण का दिया संदेश

जशपुरनगर, 14 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में आयोजित सुशासन तिहार में लोगों की भारी भागीदारी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविरों में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ भी उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशानुसार शासन आपके द्वार की अवधारणा को साकार करते हुए गांवों के समीप ही जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से आमजन को अपनी समस्याओं एवं मांगों के निराकरण के लिए दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभान्वित भी किया जा रहा है। इससे आमजन में शासन एवं प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का वातावरण स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
    इसी क्रम में आज 14 मई को ग्राम पंचायत कस्तूरा में आयोजित सुशासन तिहार के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत शिविर स्थल एवं धान मंडी परिसर में सामूहिक स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।  इस अवसर पर विकासखंड दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सरपंच, सचिव सहित स्वच्छाग्रहियों ने श्रमदान कर स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। सभी ने मिलकर स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्राम निर्माण का संकल्प लेते हुए नियमित साफ-सफाई और जनभागीदारी से गांव को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जनआंदोलन है। सामूहिक सहभागिता से ही स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ गांव की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

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चोंगरी बाहर सुशासन शिविर में 4 बच्चों का अन्नप्राशन और 8 गर्भवती महिलाओं का गोद भराई करवाया गया 

जशपुर 14 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार के तहत सभी विकास खंडों में जिला स्तरीय सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

विगत दिवस ग्राम चोंगरी बाहर में सुशासन शिविर में महिला बाल विकास विभाग द्वारा 04 बच्चों का अन्नप्राशन और 08 गभर्वती महिलाओं का गोद भराई करवाया गया और जनप्रतिनिधियों ने अपनी शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरामती पैंकरा 
जनपद पंचायत कांसाबेल की अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत
जनपद पंचायत कांसाबेल के उपाध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता श्री दिनेश प्रसाद, श्री रवि यादव, श्री सरोज आपट बीडीसी श्रीमती रश्मि चौहान श्री मोतीलाल भगत पूर्व जनपद अध्यक्ष श्री संजय सिंह श्री नंदलाल यादव श्री परशु चक्रेश श्री रामपुकार रवानी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से परियोजना अधिकारी श्री योगेश भगत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता  उपस्थित रहे।

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