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'मुस्कुराता बस्तर' पहल की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की सराहना, कहा– कार्टून कला बच्चों में रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम

रायपुर 6 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन  में कार्टून वॉच के संपादक श्री त्र्यंबक शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को बस्तर में आयोजित 'मुस्कुराता बस्तर' अभियान के अंतर्गत कार्टून प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की विस्तृत जानकारी दी तथा इस अभिनव पहल पर आधारित स्मारिका भी भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि कला समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। कार्टून केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों को सरल, सहज और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने की सशक्त विधा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो उनमें आत्मविश्वास, संवेदनशीलता, तार्किक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ कला, साहित्य, खेल और संस्कृति जैसी गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।

उल्लेखनीय है कि जनसंपर्क विभाग और कार्टून वॉच के द्वारा 'मुस्कुराता बस्तर' अभियान के तहत जगदलपुर सहित बस्तर अंचल के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्टून प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित कार्टूनिस्टों ने बच्चों को कार्टून कला की बारीकियों, रेखांकन, व्यंग्य की अभिव्यक्ति, दृश्य संप्रेषण और रचनात्मक सोच के विविध आयामों से परिचित कराया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को अपनी कल्पनाशीलता को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने तथा सामाजिक विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि, CBG इकोसिस्टम के लिए 50 करोड़ की प्रोत्साहन राशि पाने वाला देश का पहला राज्य बना

रायपुर 6 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। राज्य में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकोसिस्टम के विकास के लिए किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी प्रयासों की सराहना करते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 50 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इस योजना के तहत यह प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और यह उपलब्धि उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग तथा छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति राज्य के कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी। इससे कृषि अवशेषों का वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित होगा, किसानों को अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिलेगा तथा पराली और अन्य जैव अवशेषों के बेहतर प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए हरित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को जैव ईंधन एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। सीबीजी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश, रोजगार, किसानों की आय, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।

राज्य सरकार ने कम्प्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 को 8 जून 2026 को अधिसूचित किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अपशिष्ट, पैडी स्ट्रॉ तथा अन्य बायोमास का वैज्ञानिक रूपांतरण कर औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपयोग के लिए स्वच्छ गैसीय ईंधन का उत्पादन किया जाएगा। इससे किसानों को बायोमास की आपूर्ति से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, वहीं संयंत्रों से प्राप्त जैविक खाद जैविक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने सीबीजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। इसी क्रम में 3 अगस्त 2026 को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग श्री सुबोध कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में राज्य में सीबीजी परियोजनाओं के त्वरित विकास के लिए बायोमास संग्रहण व्यवस्था, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, जैव उर्वरक के उपयोग, विभागीय समन्वय तथा निवेश प्रोत्साहन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने सभी विभागों को समयबद्ध एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित सरकार ने राज्य में सीबीजी संयंत्रों की स्थापना, निवेश संभावनाओं, नीति के क्रियान्वयन तथा भावी कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुधन विकास, परिवहन तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की नई उड़ान: 220 बेड अस्पताल, नर्सिंग-फिजियोथैरेपी कॉलेज और एमसीएच यूनिट के निर्माण का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, समय पर काम पूरा करने के सख्त निर्देश

जशपुरनगर 6 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को जिले में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। साथ ही कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाएं आमजन की सुविधा से जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सीजीएमएससी निर्माण एजेंसी के देखरेख में निर्मित किए जा रहे इन कार्यों तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


*चराईडांड में 220 बिस्तर अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज निर्माण* -

कलेक्टर श्री व्यास ने ग्राम चराईडांड में 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 220 बिस्तर के सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया। वर्तमान में अस्पताल निर्माण अंतर्गत फाउंडेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। जिस पर उन्होंने कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को कहा, जिससे कार्य को जल्द पूर्ण करने में आसानी हो। यह अस्पताल कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा एवं अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके निर्माण हो जाने से लोगों को एक ही जगह पर सर्व सुविधायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होगी। कलेक्टर ने इसी परिसर के बगल में 8 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने साइट प्लान एवं ड्राइंग देखकर फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को नर्सिंग शिक्षा की सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा। इसके अलावा कलेक्टर ने चराईडांड में ही 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से बन रहे फिजियोथैरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।

*कंडोरा में फिजियोथैरेपी कॉलेज के कक्षा संचालन की समीक्षा* -

कलेक्टर ने ग्राम कंडोरा में संचालित हो रहे फिजियोथैरेपी कॉलेज की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने क्लास संचालन के लिए अभी तक किए गए व्यवस्थाओं एवं संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉलेज में बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही परिसर में स्थित कुएं की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए।


*गिनाबहार में एमसीएच यूनिट का निरीक्षण* -

कलेक्टर श्री व्यास ने निरीक्षण के दौरान ग्राम गिनाबहार में निर्माणाधीन 50 बिस्तर के एमसीएच( मातृ शिशु स्वास्थ्य यूनिट) निर्माण का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। ये सभी निर्माण कार्य सीजीएमएससी एजेंसी द्वारा कराए जा रहे हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण हो सके और जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।


*नेचुरोपैथी सेंटर कार्य में तेजी लाने दिए निर्देश* -

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ग्राम बेमताटोली पहुंचे। जहां उन्होंने आयुष विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन नेचुरोपैथी सेंटर का अवलोकन किया। कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार को कहा कि फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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कुनकुरी तिरंगे के रंग में रंगने को तैयार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित आगमन से प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने संभाली तैयारियों की कमान

जशपुरनगर 6 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता के अमृतकाल में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कुनकुरी में भव्य तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी। तिरंगा यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आगमन प्रस्तावित है। इसे देखते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बुधवार को कुनकुरी पहुंचकर तिरंगा यात्रा एवं मंचीय कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया तथा सभी तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लोयोला कॉलेज कुनकुरी से जय स्तंभ चौक तक प्रस्तावित तिरंगा यात्रा मार्ग का अवलोकन किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि तिरंगा यात्रा में हजारों स्कूली छात्र-छात्राएं, युवा एवं आमजन हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रभक्ति का संदेश देंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं, ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

       कलेक्टर एवं एसएसपी ने लोयोला कॉलेज परिसर तथा जय स्तंभ चौक पहुंचकर मंचीय कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाएं एवं सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, एसडीएम श्री नंदजी पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, पुलिस, राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारी - कर्मचारी तथा स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी घोषणा: 6,855 करोड़ रुपये से बदलेगी ग्रामीण विकास की तस्वीर, 'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान से गांवों में आएगा नया बदलाव

रायपुर, 06 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी के अंतर्गत राज्यव्यापी 'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार का ऐतिहासिक कदम है।

         मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय की लागत 4.30 लाख रुपए निर्धारित की गई है। इसी प्रकार प्रदेश के 6,524 गांवों में 391.44 करोड़ रुपए की लागत से प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम बनाए जाएंगे, जिनकी प्रति इकाई लागत 6 लाख रुपए होगी। इसके अतिरिक्त 18.22 करोड़ रुपए की लागत से 549 मुक्तिधामों का भी निर्माण किया जाएगा, जिनकी प्रति इकाई लागत 3.32 लाख रुपए निर्धारित की गई है।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10,027 बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपए की लागत से सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। प्रति इकाई लागत लगभग 52 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि होगी, वर्षा जल का बेहतर संरक्षण होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल स्वीकृत कर शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।

*ग्रामीण विकास और रोजगार का सबसे बड़ा अभियान*
        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हुई है। योजना के अंतर्गत सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति से किया जाएगा तथा मजदूरी की दर बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत–2047' के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जी राम जी के माध्यम से राज्य को लगभग 6,855 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों के लिए राज्य में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है। भारत सरकार से योजना की प्रथम किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।

*किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का रखा गया विशेष ध्यान*
        मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का संतुलित ध्यान रखा गया है। कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती और रोजगार दोनों प्रभावित न हों।

*318 प्रकार के विकास कार्यों से बदलेगी गांवों की तस्वीर*
       मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में 318 प्रकार के कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। इनमें 107 प्रकार के जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य, 90 प्रकार के ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य, 86 प्रकार के आजीविका संवर्धन कार्य तथा 35 प्रकार के जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन संबंधी कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अंतर्गत तालाब, चेकडैम, रिचार्ज संरचनाएं, सिंचाई विस्तार, भू-जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और वृक्षारोपण को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं ग्रामीण अधोसंरचना के अंतर्गत सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, ग्रामीण पुस्तकालय, प्रयोगशाला, किचन शेड, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मुक्तिधाम और पशु चिकित्सालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती*
        मुख्यमंत्री ने बताया कि आजीविका संवर्धन के अंतर्गत ग्रामीण हाट-बाजार, कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी, मत्स्य पालन तथा पशुपालन से संबंधित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। वहीं जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन के अंतर्गत बाढ़ एवं चक्रवात आश्रय, ड्रेनेज, तटबंध, जंगलों में आग की रोकथाम तथा प्राकृतिक आपदाओं के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

*युक्तधारा द्वारा ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अव्वल*
        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी के क्रियान्वयन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। श्रमिकों की 98 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कर राज्य देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि परिसंपत्तियों की 99 प्रतिशत जियो टैगिंग के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अव्वल रहा है।

*जल संरक्षण और 'मोर गांव–मोर पानी' अभियान को मिलेगी नई गति*
        मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। विभिन्न विकासखंडों में जल उपलब्धता के आधार पर जल संरक्षण कार्यों पर न्यूनतम निर्धारित व्यय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार के 'मोर गांव–मोर पानी' महाअभियान को भी इस योजना से नई गति मिलेगी।

*5,591.42 करोड़ रुपए का बजट, पहली तिमाही में 1,264 करोड़ रुपए खर्च*
         मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में वीबी-जी राम जी के लिए 5,591.42 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट रखा गया है। वहीं अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में ही 1,264 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है।

*पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होगा क्रियान्वयन*
          मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक अधोसंरचना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाते हुए आत्मनिर्भर एवं विकसित गांवों का निर्माण करना है। प्रत्येक कार्य का अनुमोदन ग्राम सभा से कराया जाएगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, समय पर मजदूरी भुगतान, गुणवत्ता नियंत्रण तथा सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से योजना का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

        पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वीबी-जी राम जी के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

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सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालु भारत गौरव ट्रेन से रामलला एवं बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रवाना

रायपुर, 6 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनआस्था, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन को जनकल्याण से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों के वर्षों पुराने सपनों को साकार कर रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा, सेवा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है। इसी कड़ी में अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में रवाना हुई।
रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भक्ति और उल्लास का अनूठा वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ स्टेशन पहुंचे। पूरा परिसर जय श्रीराम, हर-हर महादेव और जय सियाराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर अपने आराध्य के दर्शन का उत्साह और भावनात्मक खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। अनेक परिवार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे, जहां परिजनों ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर यात्रियों को शुभ यात्रा की मंगलकामनाओं के साथ विदा किया।
भारत गौरव ट्रेन को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्रीमती मंजूषा भगत (महापौर), श्री हरविंदर सिंह टिनी (सभापति), श्रीमती नीरूपा सिंह (जिला पंचायत अध्यक्ष) सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, जिला प्रशासन तथा भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हुए यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला के दिव्य दर्शन तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन एवं पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा गया है। पूरी यात्रा का संचालन पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी के समन्वय से सुव्यवस्थित रूप से किया जा रहा है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आरामदायक रेल यात्रा, स्वच्छ एवं सुरक्षित आवास, पौष्टिक शुद्ध शाकाहारी भोजन, पेयजल, स्थानीय परिवहन, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था तथा अनुभवी एस्कॉर्ट दल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं तथा दिव्यांग यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सके।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सोच है कि आर्थिक स्थिति किसी भी श्रद्धालु की आस्था के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी भावना के अनुरूप रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह योजना केवल दर्शन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशवासियों को उनकी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन गई है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि रामलला दर्शन योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व की ऐसी जनकल्याणकारी पहल है, जिसके माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम और बाबा विश्वनाथ के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सशक्त बनाने का अभियान है। मैं सभी श्रद्धालुओं से प्रार्थना करता हूं कि वे प्रभु श्रीराम और बाबा विश्वनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के कल्याण की कामना करें तथा यात्रा से लौटकर अपने अनुभव समाज के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों।
यात्रा पर रवाना होने वाले श्रद्धालुओं ने भी भावुक होकर राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। अनेक बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने कहा कि जीवनभर इच्छा होने के बावजूद आर्थिक परिस्थितियों के कारण अयोध्या और काशी की यात्रा संभव नहीं हो पाई थी, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस योजना ने उनका वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें सम्मानपूर्वक भगवान श्रीराम और बाबा विश्वनाथ के दर्शन का अवसर देकर उनके जीवन की सबसे बड़ी मनोकामना पूर्ण कर दी है।

एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि इतनी अच्छी व्यवस्था के साथ अयोध्या और काशी की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हम जैसे सामान्य परिवारों की भावनाओं का सम्मान किया है। हम सभी उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
एक वरिष्ठ श्रद्धालु ने कहा कि सरकार ने हमारी पूरी यात्रा की चिंता अपने ऊपर ले ली है। भोजन, आवास, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी व्यवस्थाएं होने से हम पूरी निश्चिंतता और श्रद्धा के साथ यात्रा कर रहे हैं। यह योजना वास्तव में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सतत प्रयासों से संचालित रामलला दर्शन योजना आज प्रदेशवासियों की आस्था को सम्मान देने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह योजना श्रद्धालुओं को केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन ही नहीं करा रही, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकात्मता से भी जोड़ रही है। सरगुजा संभाग से रवाना हुई भारत गौरव ट्रेन इसी जनसेवा, सुशासन और जनआस्था के सशक्त समन्वय का प्रेरक उदाहरण है।

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शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का करें समयबद्ध क्रियान्वयन , प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मिले शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय

रायपुर 6 अगस्त 2026/  शासन की योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कर आमजन को अधिकतम लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से शासन की प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं की नियमित निगरानी के लिए विकसित पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल सुशासन का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पारस पोर्टल की पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, डीबीएन वित्तपोषित मोबाइल टॉवर परियोजना तथा स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करे।

*सीमांकन मामलों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री की नाराजगी*

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व विभाग में सीमांकन से संबंधित लंबित मामलों पर विशेष नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और सक्षम अधिकारी के आदेश के बाद भी कई मामलों में समय पर सीमांकन नहीं हो रहा है। यह स्थिति आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी में डालती है तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमांकन संबंधी प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह जमीनी स्तर पर लापरवाही तथा जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग के अभाव का परिणाम है। सभी कलेक्टर नियमित समीक्षा कर ऐसे मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करें।

*एग्रीस्टैक में शत-प्रतिशत किसान पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह केवल धान खरीदी की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की आधारभूत व्यवस्था है।

उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिलेवार विशेष अभियान संचालित कर प्रत्येक पात्र किसान का समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आई थीं, लेकिन इस वर्ष किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही के कारण कोई पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

*सीएम हेल्पलाइन को बनाया जाए प्रभावी जनसमस्या समाधान का माध्यम*

मुख्यमंत्री श्री साय  ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, इसलिए प्राप्त शिकायतों और फीडबैक का गंभीर विश्लेषण कर व्यवस्थागत सुधार किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की विशेष समीक्षा करते हुए विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं है, वहां विशेष अभियान चलाकर शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक एक लाख 10 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 65 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। प्राप्त फीडबैक में 55.29 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने सकारात्मक संतुष्टि व्यक्त की है।

*सेवा सेतु के माध्यम से सभी सेवाएं हों ऑनलाइन*

मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में 27 विभागों की 721 अधिसूचित सेवाएं इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सेवाओं को अभी तक ऑनलाइन नहीं लाया गया है, उन्हें भी शीघ्र सेवा सेतु से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) तथा अटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवा सेतु का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक नागरिक घर के निकट ही ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

*विकसित भारत जी-रामजी योजना में ग्राम पंचायतों को मिले प्राथमिकता*

बैठक में विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए। जिन पंचायतों में अभी तक कार्य स्वीकृत नहीं हुए हैं, वहां तत्काल प्रस्ताव स्वीकृत कर विकास कार्य प्रारंभ किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना को तेजी से सुदृढ़ किया जा सके।

*मोबाइल कनेक्टिविटी और स्कूल शिक्षा की भी हुई समीक्षा*

बैठक में डीबीएन वित्तपोषित 476 मोबाइल टॉवरों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, सरस्वती साइकिल योजना तथा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।

*स्कूलों में पोषण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूल परिसरों में किचन गार्डन विकसित करने के अभियान को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को ताजा एवं पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने स्कूल परिसरों में सहजन, कटहल सहित अन्य उपयोगी पौधों के रोपण पर भी विशेष बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन के महत्व से अवगत कराया जाए, ताकि वे स्वप्रेरणा से इस अभियान से जुड़ें और विद्यालयों में विकसित हो रही इस सकारात्मक पहल को जनआंदोलन का स्वरूप मिल सके।

*प्रत्येक माह होगी पारस पोर्टल के माध्यम से समीक्षा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल शासन की योजनाओं की प्रभावी निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर सभी प्रमुख योजनाओं एवं जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, समस्याओं का समय पर समाधान होगा और जनता तक शासकीय सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति, पीएम सूर्यघर योजना से हजारों परिवारों को मिल रही मुफ्त बिजली और आर्थिक राहत

रायपुर, 6 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में आर्थिक समृद्धि, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का नया अध्याय लिख रही है। यह योजना केवल बिजली बिल में राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाकर हरित भविष्य के निर्माण की मजबूत आधारशिला भी बन रही है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा निवासी श्री लखन लाल कश्यप इस परिवर्तन की सशक्त मिसाल बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया है। इस संयंत्र के स्थापित होने के बाद उनका मासिक बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। इससे जहां परिवार की नियमित मासिक बचत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वहीं वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
श्री लखन लाल कश्यप ने बताया कि योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने आवेदन किया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके घर पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किया गया। इस कार्य में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अनुदान प्राप्त होने से संयंत्र की स्थापना पर आने वाला आर्थिक व्यय काफी कम हो गया। सरकार की इस सहायता ने सौर ऊर्जा अपनाने का उनका सपना सहज और किफायती बना दिया।
उन्होंने बताया कि पहले प्रत्येक माह बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त भार पड़ता था। अब सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है। इससे होने वाली बचत का उपयोग परिवार की अन्य आवश्यकताओं में किया जा रहा है। साथ ही उन्हें यह संतोष भी है कि वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से प्रदूषण कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपना योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने तथा आम नागरिकों तक स्वच्छ ऊर्जा के लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के अधिकाधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ रहे हैं और बिजली पर होने वाले मासिक खर्च में उल्लेखनीय कमी ला रहे हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है।
श्री लखन लाल कश्यप का कहना है कि सौर ऊर्जा भविष्य की सबसे भरोसेमंद, किफायती और पर्यावरण हितैषी ऊर्जा है। इससे न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र परिवारों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराने की अपील की।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस जनहितकारी योजना ने सौर ऊर्जा को आम नागरिकों की पहुंच में ला दिया है। सरकार से प्राप्त अनुदान के कारण आर्थिक बोझ काफी कम हुआ और आज वे बिना बिजली बिल की चिंता के स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार यह योजना आर्थिक बचत, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण तीनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने वाली दूरदर्शी पहल है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ें, अपने बिजली व्यय में बचत करें, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाएं और विकसित एवं हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

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संवेदनशील पहल से बदलेगा अनाथ बच्चों का भविष्य: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बैंकिंग और सामाजिक संस्थाओं के साथ बनाई राज्यव्यापी कार्ययोजना, कौशल प्रशिक्षण से रोजगार तक मिलेगा पूरा सहयोग

रायपुर, 06 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पहल की है।

इसी क्रम में उन्होंने अपने निवास कार्यालय में एक्सिस बैंक के भारत प्रमुख श्री विजय तथा कैटलिस्ट फॉर सोशल एसोसिएशन की भारत प्रमुख सुश्री स्मिता रांधे से मुलाकात कर बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और रोजगारोन्मुख अवसरों से जोड़ने के विषय पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में एक्सिस बैंक के सी.एस.आर. फंड के माध्यम से बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाले बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, कौशल आधारित प्रशिक्षण देने तथा उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। यह पहल बच्चों को केवल संरक्षण तक सीमित न रखकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा देने का प्रयास है।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि "अनाथ और निराश्रित बच्चों को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाला प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़े।"

उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व सामुदायिक सहयोग से बाल संरक्षण एवं बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों के सामाजिक पुनर्वास के लिए यह पहल प्रारंभ की गई थी। वर्तमान में प्रदेश के पांच जिलों में इसका सफल क्रियान्वयन किया जा चुका है। अब इसे विस्तार देते हुए राज्य के सभी जिलों में लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार, सामाजिक संस्थाओं, कॉरपोरेट क्षेत्र तथा औद्योगिक घरानों के सहयोग से बच्चों के समग्र विकास और प्रभावी पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को कौशल विकास, डिजिटल प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन और आत्मनिर्भर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर एक्सिस बैंक के भारत सी.एस.आर. प्रभारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, संस्था से संचालक श्री दीपेश, राज्य प्रमुख श्री जिनेश तथा बैंक के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की देशभर में गूंज, बायोफैच इंडिया-2026 में विष्णुभोग चावल और केवची के प्राकृतिक शहद ने जीता सबका दिल

रायपुर, 6 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, महिला स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने तथा जैविक कृषि को प्रोत्साहन देने के प्रयास लगातार नई सफलताएं प्राप्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के महिला स्वसहायता समूहों एवं किसान उत्पादक संगठन द्वारा तैयार किए जा रहे जैविक उत्पादों ने देश के सबसे बड़े एवं प्रतिष्ठित जैविक उद्योग व्यापार मेला एवं सम्मेलन  ’बायोफैच इंडिया-2026’  में  अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।

नई दिल्ली में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला एवं सम्मेलन में जिले के प्रसिद्ध ’अरपा बिहान विष्णुभोग राइस’  तथा  ’केवची के जंगलों से संग्रहित प्राकृतिक शहद’ का राष्ट्रीय स्टॉल में आकर्षक प्रदर्शन किया गया। इन उत्पादों ने देश-विदेश से पहुंचे खरीदारों, निर्यातकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं जैविक उत्पादों से जुड़े प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यह उपलब्धि न केवल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली साबित हुई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा महिला स्वसहायता समूहों की आर्थिक मजबूती को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी सोच का परिणाम है कि बिहान से जुड़ी महिलाएं आज केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के व्यापारिक आयोजनों में अपने उत्पादों का सफल प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि तथा उन्हें स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।
बायोफैच इंडिया-2026 प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों तथा मोटे अनाज आधारित कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने वाला विश्वस्तरीय मंच है, जहां देश-विदेश के आयातक, निर्यातक, विपणन विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और व्यापारिक संस्थाएं एकत्रित होकर जैविक उत्पादों के व्यापार एवं निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ के उत्पादों की प्रभावी उपस्थिति राज्य के किसानों, महिला स्वसहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के लिए नए व्यापारिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
जिला मिशन प्रबंधक श्री दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जैविक विष्णुभोग धान एवं प्राकृतिक शहद के साथ-साथ सूरन, कटहल तथा अन्य जैविक सब्जियों के उत्पादन को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इन उत्पादों की गुणवत्ता, प्राकृतिक उत्पादन पद्धति तथा विशिष्ट स्वाद के कारण राष्ट्रीय बाजार में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला स्वसहायता समूह आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बनने के साथ लखपति दीदी अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्पादों की भागीदारी से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनके लिए बेहतर विपणन के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा है कि राज्य के प्रत्येक जिले की विशिष्ट कृषि एवं वन आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ा जाए, जिससे किसानों, महिला स्वसहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की आय में सतत वृद्धि हो तथा स्थानीय उत्पादों को उनकी गुणवत्ता के अनुरूप उचित पहचान और मूल्य प्राप्त हो। बायोफैच इंडिया-2026 में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के जैविक उत्पादों की प्रभावशाली उपस्थिति इसी दूरदर्शी सोच और ग्रामीण विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
सम्मेलन में राज्य स्तर से राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री राजन सोनी, जिले से जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अभिषेक जायसवाल तथा तिपान किसान उत्पादक संगठन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जितेन्द्र खैरवार ने सहभागिता कर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जैविक उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन एवं प्रचार-प्रसार किया। उनके प्रयासों से जिले के उत्पादों को खरीदारों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच व्यापक सराहना प्राप्त हुई।

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सावन में दिव्यता से सराबोर मयाली का मधेश्वर महादेव: बादलों ने किया महाजलाभिषेक, प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम, प्राकृतिक शिवलिंग का अलौकिक नजारा बना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र

जशपुर, 6 अगस्त। सावन का पावन महीना अपने चरम पर है और जशपुर जिले के मयाली स्थित ऐतिहासिक मधेश्वर महादेव इन दिनों अद्भुत आध्यात्मिक आभा से आलोकित दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार सुबह से पहाड़ों को अपनी आगोश में समेटे घने बादलों और धुंध ने ऐसा मनमोहक दृश्य रचा कि श्रद्धालुओं को लगा मानो स्वयं देवलोक से देवगण भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने धरती पर उतर आए हों।

मयाली की विशाल शिलारूपी संरचना, जिसे क्षेत्रवासी विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग मानते हैं, आज पूरी तरह बादलों की सफेद चादर में लिपटी नजर आई। शिवलिंग का ऊपरी भाग घने बादलों से ढका रहा, जबकि नीचे हरियाली और वर्षा से धुली प्रकृति उसकी दिव्यता को और अधिक निखारती दिखाई दी। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए किसी अलौकिक अनुभूति से कम नहीं था।

सावन के पवित्र माह में मधेश्वर महादेव का यह स्वरूप सनातन आस्था की उस परंपरा को जीवंत करता है, जिसमें भगवान शिव को प्रकृति का अधिष्ठाता माना गया है। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बादल स्वयं भगवान शिव को स्पर्श करने की उत्सुकता में उनके चरणों तक उतर आए हों और वर्षा की प्रत्येक बूंद जलाभिषेक बनकर शिवलिंग पर अर्पित हो रही हो।

जशपुर जिले का यह प्राचीन धार्मिक स्थल वर्षों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र रहा है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान मधेश्वर महादेव के दर्शन करते हैं और सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं। 

इन दिनों लगातार हो रही वर्षा से पूरे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर है। हरे-भरे वृक्ष, पहाड़ों पर छाई धुंध और बादलों से घिरा मधेश्वर महादेव का विशाल स्वरूप प्रकृति और अध्यात्म के अनुपम मिलन का सजीव उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस अलौकिक दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं और इसे भगवान शिव की विशेष कृपा मान रहे हैं।

सनातन परंपरा में भगवान शिव को पंचतत्वों के स्वामी, सृष्टि के संरक्षक और प्रकृति के अधिष्ठाता देव के रूप में पूजा जाता है। मयाली का मधेश्वर महादेव इसी सनातन दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति है, जहां प्रकृति स्वयं भगवान शिव की आराधना करती हुई दिखाई देती है। सावन के इस पावन अवसर पर बादलों से घिरा यह विशाल शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम केंद्र बन गया है।
मयाली का मधेश्वर महादेव केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि जशपुर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर भी है। यहां का दिव्य वातावरण हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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राशिफल: आज किस राशि पर होगी धन वर्षा, किसे मिलेगा करियर में बड़ा अवसर और किन लोगों को हर कदम पर बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें राशियों का राशिफल

6 अगस्त गुरुवार को ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत दे रही है। कहीं करियर में तरक्की के अवसर बनेंगे तो कहीं आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा, व्यापारियों और गृहस्थ जीवन के लिए भी यह दिन विशेष संदेश लेकर आया है। पढ़िए सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

♈ मेष राशि (Aries)

आज का दिन आपके लिए उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और सफलता मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा तथा नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा तथा जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक भागदौड़ से थकान महसूस हो सकती है।

करियर: पदोन्नति या नई जिम्मेदारी के योग।
व्यापार: नए सौदे लाभ देंगे।
प्रेम: रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: पर्याप्त आराम करें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

♉ वृषभ राशि (Taurus)

आज आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी, लेकिन जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात खुशी देगी। परिवार में किसी शुभ समाचार की संभावना है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।

करियर: धैर्य से काम लें।
व्यापार: लाभ होगा लेकिन जोखिम से बचें।
प्रेम: रिश्तों में विश्वास बनाए रखें।
स्वास्थ्य: खान-पान संतुलित रखें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

♊ मिथुन राशि (Gemini)

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों को अच्छा लाभ होगा और नए संपर्क भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगे। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन में मन लगेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। छोटी यात्रा के योग बन सकते हैं।

करियर: नई उपलब्धियां मिलेंगी।
व्यापार: निवेश लाभदायक रहेगा।
प्रेम: साथी के साथ समय बिताएं।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♋ कर्क राशि (Cancer)

आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य की सलाह आपके लिए लाभदायक रहेगी। नौकरी में बदलाव की संभावना बन सकती है। व्यापार में सामान्य लाभ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें, विशेषकर पेट संबंधी समस्याओं से बचें।

करियर: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
व्यापार: सामान्य लाभ।
प्रेम: रिश्तों में पारदर्शिता रखें।
स्वास्थ्य: तली-भुनी चीजों से बचें।
शुभ रंग: सिल्वर | शुभ अंक: 2

♌ सिंह राशि (Leo)

आज सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे। व्यापार में रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। परिवार में मांगलिक कार्य की चर्चा हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है।

करियर: सम्मान और सफलता मिलेगी।
व्यापार: आर्थिक लाभ के योग।
प्रेम: दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

♍ कन्या राशि (Virgo)

आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी। व्यापारियों को नया अनुबंध मिल सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

करियर: तरक्की के योग।
व्यापार: लाभदायक दिन।
प्रेम: रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा।
स्वास्थ्य: नियमित दिनचर्या अपनाएं।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 7

♎ तुला राशि (Libra)

आज संतुलित व्यवहार आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए संपर्क बनेंगे, जो भविष्य में लाभ देंगे। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। जीवनसाथी के साथ कहीं घूमने का कार्यक्रम बन सकता है।

करियर: सफलता के अच्छे अवसर।
व्यापार: नए ग्राहक मिलेंगे।
प्रेम: रिश्ते मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज विरोधियों से सावधान रहें और किसी भी विवाद से बचें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। वाहन सावधानी से चलाएं।

करियर: संयम से सफलता मिलेगी।
व्यापार: लाभ के अच्छे संकेत।
प्रेम: पुराने मतभेद दूर होंगे।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8

♐ धनु राशि (Sagittarius)

भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। व्यापारियों को बड़ा लाभ मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन बेहद शुभ रहेगा। यात्रा से लाभ होगा और नए लोगों से परिचय बनेगा।

करियर: उन्नति के प्रबल योग।
व्यापार: बड़ा लाभ संभव।
प्रेम: संबंध मधुर रहेंगे।
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

♑ मकर राशि (Capricorn)

आज अनुशासन और मेहनत आपको सफलता दिलाएंगे। आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है। किसी पुराने विवाद का समाधान होने से राहत मिलेगी।

करियर: मेहनत का पूरा फल मिलेगा।
व्यापार: विस्तार के अवसर।
प्रेम: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: भूरा | शुभ अंक: 4

♒ कुंभ राशि (Aquarius)

आज नए विचार और योजनाएं आपको आगे बढ़ने का अवसर देंगी। तकनीकी, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं।

करियर: नए अवसर मिलेंगे।
व्यापार: लाभ के संकेत।
प्रेम: रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।
स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद लें।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 8

♓ मीन राशि (Pisces)

आज आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल होंगे। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।

करियर: सफलता के योग।
व्यापार: सामान्य लाभ।
प्रेम: पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: नियमित योग और ध्यान लाभकारी रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

आज का दिन नए कार्यों की शुरुआत, शिक्षा, धार्मिक कार्यों, निवेश की योजना और पारिवारिक निर्णयों के लिए सामान्यतः शुभ माना जा सकता है। हालांकि किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों और विवेक को अवश्य प्राथमिकता दें।

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कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग की ली समीक्षा बैठक ,आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का आधार कार्ड और अपार आईडी बनाने के निर्देश 


जशपुर 5 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के  पोषण पुनर्वास केंद्र (N.R.C) को डिजिटल किए जाने के संबंध में समीक्षा बैठक ली।
इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और परियोजना अधिकारी और सेक्टर सुपरवाइजर उपस्थित थे।
 
 कलेक्टर ने 17 परियोजना में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए।

तथा आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का अपार और आभा ID निरंतर बनाए जाने के लिए कहा है।

उन्होंने सभी बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए सभी परियोजना अधिकारियों को नोडल बनाया गया है सभी 0 से 6 वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से और नि:शुल्क बनाया जाना सुनिश्चित करेंगे और आंगनबाड़ी के सुविधाओं से सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए कहा है।

उन्होंने शेष बचे हुए महिलाओं का महतारी वंदन योजना के तहत  ई केवाईसी करवाने के निर्देश सेक्टर सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारियों को दिए ।

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जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने विभिन्न ग्राम पंचायतों का किया औचक निरीक्षण ,स्वच्छ भारत मिशन का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश 

जशपुर 5 अगस्त 2026/ ​सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार ने विगत दिवस 4 अगस्त को विभिन्न ग्राम पंचायतों का आकस्मिक निरीक्षण किया और विकास कार्यों की जानकारी ली।

उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की जानकारी 
​कुनकुरी एवं बगीचा जनपद पंचायत के कुड़केला, साहीडांड, भीतघरा एवं सरडीह गांवों में स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करके स्व सहायता समूह की महिलाओं को 
​डोर-टू-डोर नियमित कचरा कलेक्शन करने के लिए कहा।

उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए स्वच्छ भारत मिशन का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित जनपद पंचायत सीईओ और  स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक को ठोस कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश।
गांव में नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के लिए कहा है। 

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कलेक्टर ने  सभी नोडल अधिकारियों को अपने चिन्हांकन आश्रम और छात्रावास का औचक निरीक्षण करने के दिए निर्देश 


जशपुर 5 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर आश्रम छात्रावास के लिए बनाए गए सभी नोडल अधिकारीयों से  निरीक्षण के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने कहा जशपुर जिले में संचालित आश्रम छात्रावास के लिए लगभग 182 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।
इनमें बालक छात्रावास के लिए पुरुष अधिकारियों को नोडल बनाया गया है और बालिका छात्रावास के लिए महिला अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारीयों को निरीक्षण के दौरान आनलाईन दिए गए चेक लिस्ट को भरने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि आनलाईन में निरीक्षण का दिनांक, छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, छात्रावास में अधीक्षक और अधीक्षिका निवास करते हैं कि नहीं,इसी प्रकार सी सी टी कैमरा की उपलब्धता, प्रकाश की व्यस्था, खिड़कियों में ग्रिल और जाली लगी है की नहीं, बिजली के तार स्विच एवं अन्य विघुत व्यस्था सुरक्षित स्थिति, छात्रावास में उपलब्ध बेड एवं गद्दे की संख्या, मच्छरदानी की संख्या, छात्रावास में बच्चों के लिए पंखे की उपलब्धता, सभी कमरें में पानी की उपलब्धता, छात्रावास में बच्चों के पीने के लिए पानी की उपलब्धता, शौचालय की संख्या, साफ सफाई की स्थिति, कार्यशील शौचालय, स्नानागारों की स्थिति,
पानी की उपलब्धता, 
आश्रम छात्रावास परिसर की साफ सफाई की स्थिति,
क्या परिसर झाड़ियों कचरें एवं जल भराव से मुक्त हैं।
इसी प्रकार भोजन की गुणवत्ता संतोष जनक है।
रसोई घर और खाद्यान्न भंडारण गोदाम स्थान साफ एवं व्यवस्थित है।
क्या आश्रम छात्रावास में फर्स्टएड किट उपलब्ध एवं उपयोग युक्त है।
बालिका के नैपकिन की उपलब्धता, लाइब्रेरी और स्टडी रूम में उपयोग योग्य है क्या बच्चें बैठकर अध्ययन कर सकते हैं।

कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के लिए आश्रम छात्रावास में समाचार पत्र और पत्रिकाएं आतीं हैं कि नहीं

इसी प्रकार छात्रावास में आगंतुक पंजी नियमित रूप से संधारित किया जाता है कि नहीं 
आपातकालीन हेल्प लाइन नंबर 
आदि की जानकारी निरीक्षण के दौरान अधिकारी आनलाइन एंट्री करके जानकारी देंगे।

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मुंगेली को मिली बड़ी औद्योगिक सौगात: बीईएमएल का पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र बनेगा, 79.70 एकड़ भूमि को कैबिनेट की मंजूरी

रायपुर, 05 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक मानचित्र पर मुंगेली जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिपरिषद ने मुंगेली जिले के पथरिया तहसील अंतर्गत ग्राम चंद्रगढ़ी में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के प्रस्तावित हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र की स्थापना हेतु 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

*प्रदेश का पहला संयंत्र*

        यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट (भारी मशीनरी) निर्माण संयंत्र होगा। यह संयंत्र ग्राम चंद्रगढ़ी (तहसील पथरिया) में स्थापित किया जाएगा, जो बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सार्वजनिक उपक्रम BEML के आने से स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ एमएसएमई (MSME), लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और स्पेयर पार्ट्स निर्माण जैसे सहायक उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

*विशेष प्रयासों से मुंगेली को मिली परियोजना*

         पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा ने बताया कि ठम्डस् संयंत्र के लिए शुरुआत में रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 79.70 एकड़ उपयुक्त शासकीय भूमि की खोज कर प्रस्ताव शासन को भेजा, जिसे अब कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है।

*कलेक्टर ने दी जिलेवासियों को बधाई*

         कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने इस उपलब्धि पर जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीईएमएल संयंत्र मुंगेली में आधुनिक विनिर्माण और इंजीनियरिंग गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा। यह निर्णय जिले में औद्योगिक विकास की पृष्ठभूमि तैयार करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने में मील का पत्थर साबित होगा।

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वन महोत्सव 2026 का शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माँ के नाम लगाया पीपल का पौधा, 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान की शुरुआत

रायपुर, 5 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए नया रायपुर में आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में अपनी माँ के नाम पर पीपल का पौधा लगाकर प्रदेशव्यापी 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के अंतर्गत लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में 2500 से अधिक पीपल के पौधे रोपे गए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को जीवनदाता माना गया है और पीपल का वृक्ष विशेष रूप से आस्था, आध्यात्मिक चेतना तथा पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। यह वृक्ष सर्वाधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों में माना जाता है और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2024 से प्रारंभ हुआ 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान आज जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मातृ सम्मान की भावना से जोड़ा गया है, जिससे समाज में प्रकृति के प्रति आत्मीयता और जिम्मेदारी का भाव विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं तथा इस वर्ष ढाई करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घर, खेत-खलिहानों की मेड़, विद्यालय, कार्यस्थल अथवा आसपास उपलब्ध खाली भूमि पर अपनी माँ के नाम एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी निभाएँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पौधा आने वाले समय में स्वच्छ वायु, शुद्ध वातावरण और सुरक्षित भविष्य का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि बढ़ता तापमान, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव पूरी दुनिया के सामने गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे समय में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रतिदिन एक पौधा लगाने का आजीवन प्रण लिया है। यदि किसी दिन किसी कारणवश बाहर पौधा लगाना संभव नहीं होता, तो वे गमले में पौधा लगाकर भी अपने संकल्प का निर्वहन करते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रकृति के प्रति समर्पण और अनुशासन का प्रेरणादायी उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे संकल्प समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनते हैं।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण का संकल्प है।

श्री कश्यप ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पीपल का वृक्ष आस्था और विज्ञान का अद्भुत संगम है। धार्मिक दृष्टि से इसे अत्यंत पवित्र माना गया है, वहीं वैज्ञानिक रूप से यह अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण कर वायु गुणवत्ता सुधारने और शहरी प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में लगभग 7 करोड़ 50 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) श्री अरुण कुमार पाण्डेय सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने पीपल के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने वृक्षारोपण के साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प दोहराया।

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जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा की असली पहचान, प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश

*कर्तव्यनिष्ठ होकर जनसेवा एवं सुशासन के लिए जमीनी स्तर पर करें बेहतर कार्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*प्रशासनिक सेवा जनविश्वास अर्जित करने का माध्यम, संवेदनशीलता और पारदर्शिता को बनाएं कार्यशैली का आधार*

*मुख्यमंत्री श्री साय से 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने की सौजन्य मुलाकात*

रायपुर 5 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को उनके भावी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा में चयन होना उपलब्धि अवश्य है, लेकिन वास्तविक सफलता तब है जब अधिकारी अपने पद का उपयोग जनसेवा, सुशासन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके निर्णय, व्यवहार और कार्यशैली से आम नागरिक का शासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करते समय जनता की अपेक्षाओं और स्थानीय परिस्थितियों को समझना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारी यदि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध समाधान की दिशा में कार्य करें, तो प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास स्वतः बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वर भूमि और मजबूत ऊर्जा क्षमता उपलब्ध है। इन संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए राज्य को विकसित बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में लंबे समय तक नक्सलवाद बड़ी बाधा रहा, लेकिन सुरक्षा बलों के साहस, केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा जनविश्वास के कारण अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि उन्हें विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। ऐसे क्षेत्रों में केवल प्रशासनिक दायित्व निभाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भाव भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को चाहिए कि वे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने सुशासन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर शासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े विषय आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़े होते हैं। भूमि, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों में लोगों को समय पर राहत मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासनिक अधिकारी की छोटी-सी पहल भी किसी परिवार की बड़ी समस्या का समाधान कर सकती है। इसलिए अधिकारी संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं और प्रत्येक प्रकरण को मानवीय दृष्टि से देखें।

उन्होंने अधिकारियों को व्यवहार में विनम्रता और संयम बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों को सुनना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। कई बार केवल धैर्यपूर्वक शिकायत सुन लेने से ही आधी समस्या समाप्त हो जाती है। यदि अधिकारी जनता से संवाद नहीं करेंगे, तो छोटी समस्याएं भी बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को जनता के प्रति सहज, सुलभ और उत्तरदायी रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण अनुभवों की जानकारी भी ली तथा उन्हें भविष्य में अपने पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास और सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का इंडक्शन प्रशिक्षण अब पूर्ण हो चुका है। इसके पश्चात सभी प्रशिक्षु अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ होकर शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 बैच में कुल सात अधिकारी शामिल हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर, संयुक्त संचालक श्रीमती मेनका प्रधान तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

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