स्मार्ट मीटर को लेकर ग्रामीणों में फैली आशंकाओं और अफवाहों को दूर करने बिजली विभाग की जमीनी पहल, नारायणपुर बाजार में नुक्कड़ नाटक कर बताया—जितनी खपत उतना ही बिल, अब नहीं होगी गलत रीडिंग की परेशानी
ताजा खबरें

बड़ी खबर

स्मार्ट मीटर को लेकर ग्रामीणों में फैली आशंकाओं और अफवाहों को दूर करने बिजली विभाग की जमीनी पहल, नारायणपुर बाजार में नुक्कड़ नाटक कर बताया—जितनी खपत उतना ही बिल, अब नहीं होगी गलत रीडिंग की परेशानी

 

⚡ “डिजिटल तकनीक को लेकर ग्रामीणों में विश्वास जगाने बिजली विभाग का जनजागरण अभियान तेज, स्थानीय बोली में नुक्कड़ नाटक से समझाया स्मार्ट मीटर का फायदा और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था”

⚡ “मार्च 2026 तक हर घर स्मार्ट मीटर लगाने के लक्ष्य को लेकर विभाग सक्रिय, विरोध और भ्रम खत्म करने बाजार-हाट में सीधे ग्रामीणों से संवाद और जागरूकता अभियान शुरू

नारायणपुर, 13 फरवरी 2026 : 
ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर को लेकर फैली गलतफहमियों, आशंकाओं और विरोध की स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग ने जनजागरण का नया तरीका अपनाया है। कुनकुरी ओर नारायणपुर विद्युत मंडल द्वारा गुरुवार को नारायणपुर के  बाजार मेला में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर ग्रामीणों को स्मार्ट मीटर की वास्तविकता और इसके फायदों से अवगत कराया गया।

मेला में बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच कलाकारों ने स्थानीय बोली में नाटक प्रस्तुत किया। इस दौरान संवाद और अभिनय के माध्यम से बताया गया कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिल अधिक नहीं आता, बल्कि उपभोक्ता द्वारा जितनी बिजली का उपयोग किया जाता है, उसी के आधार पर सटीक बिल तैयार होता है।

 “स्मार्ट मीटर तेज चलता है” जैसे भ्रम को किया दूर

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सबसे पहले ग्रामीणों के बीच फैले इस भ्रम को दूर किया गया कि स्मार्ट मीटर तेज चलता है और अधिक बिल बनाता है। कलाकारों ने उदाहरण देकर समझाया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह डिजिटल और वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित होता है, जिससे गलत रीडिंग या मनमानी बिलिंग की संभावना समाप्त हो जाती है।

विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि पुराने मीटरों में रीडिंग लेने में मानवीय त्रुटि की संभावना रहती थी, जिससे कभी-कभी गलत बिलिंग की शिकायतें सामने आती थीं। लेकिन स्मार्ट मीटर में यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होती है।

 डिजिटल पारदर्शिता से उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि स्मार्ट मीटर में आधुनिक चिप और संचार प्रणाली लगी होती है, जो उपभोक्ता की बिजली खपत की जानकारी सीधे बिजली कंपनी के सर्वर तक पहुंचाती है। इससे रीडिंग लेने के लिए किसी कर्मचारी के घर जाने की आवश्यकता नहीं होती और बिलिंग पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होती है।इससे उपभोक्ताओं को सही और सटीक बिल मिलेगा तथा गलत बिलिंग की समस्या समाप्त हो जाएगी।

 बिजली की बचत और खर्च पर नियंत्रण का भी दिया संदेश

नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर नजर रख सकते हैं। इससे वे अनावश्यक रूप से जलने वाले बल्ब, पंखे और अन्य उपकरणों को बंद कर बिजली की बचत कर सकते हैं।

बिजली की बचत से जहां ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी कमी आएगी, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से लाभ होगा।

  2026 तक हर घर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य

बिजली विभाग ने जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार मार्च 2026 तक सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से मीटर स्थापना का कार्य किया जा रहा है।

लेकिन कई जगहों पर जानकारी के अभाव और अफवाहों के कारण लोग मीटर लगाने में संकोच कर रहे हैं। इसी को देखते हुए विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक, जनसंवाद और जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सही जानकारी दी जा रही है।

ग्रामीणों ने दिखाई उत्सुकता, पूछे कई सवाल

नुक्कड़ नाटक के दौरान ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर को लेकर कई सवाल पूछे। कुछ ग्रामीणों ने बिल बढ़ने की आशंका जताई, तो कुछ ने मीटर की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। विभाग के कर्मचारियों ने सभी सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए स्मार्ट मीटर के फायदे समझाए।

कार्यक्रम के बाद कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अब स्मार्ट मीटर के बारे में सही जानकारी मिली है और वे मीटर लगाने में सहयोग करेंगे।

 विभाग का उद्देश्य—तकनीक के प्रति विश्वास और सहयोग बढ़ाना

बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को नई डिजिटल तकनीक से परिचित कराना और उनके मन में फैली गलतफहमियों को दूर करना है। विभाग चाहता है कि उपभोक्ता जागरूक होकर स्मार्ट मीटर की सुविधा का लाभ उठाएं और बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने में सहयोग करें।

आने वाले दिनों में भी कुनकुरी विद्युत मंडल क्षेत्र के विभिन्न गांवों और बाजारों में इसी तरह के नुक्कड़ नाटक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Leave Your Comment

Click to reload image