ताजा खबरें


बड़ी खबर

अबूझमाड़ की नन्हीं पारूल को मिला नया जीवन — “प्रोजेक्ट धड़कन” ने समय पर पहचानकर कराई सफल हृदय सर्जरी, दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सेवा का बना सहारा

रायपुर,25 अप्रैल 2026 // नारायणपुर जिले के दूरस्थ ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा अब फिर से मुस्कुरा रही है। कुछ समय पहले तक यह नन्हीं बच्ची जल्दी थक जाती थी, सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी और परिवार उसकी सेहत को लेकर लगातार चिंतित रहता था। गांव के सीमित संसाधनों के बीच माता-पिता को यह भी पता नहीं था कि उनकी बच्ची के हृदय में गंभीर समस्या है। लेकिन जिले में शुरू किए गए “प्रोजेक्ट धड़कन” ने न केवल बीमारी की समय पर पहचान की, बल्कि पारूल को नया जीवन भी दे दिया।

नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से फरवरी 2026 में “प्रोजेक्ट धड़कन” की शुरुआत की गई थी। इस विशेष अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की हृदय संबंधी जांच कर गंभीर मामलों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय रहते उनका उपचार कराया जा सके। खास बात यह है कि यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों तक पहुंची, जहां पहले विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद सीमित थी।

अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की। प्रथम चरण में 3000 से अधिक बच्चों की जांच की गई। इस दौरान तीन बच्चों में हृदय रोग के संभावित लक्षण पाए गए। इनमें ब्रेहबेड़ा की पारूल दुग्गा भी शामिल थी।

जब पारूल के परिवार को बच्ची की बीमारी की जानकारी मिली तो चिंता बढ़ गई, लेकिन पहली बार उम्मीद भी जगी। प्रशासन ने तुरंत बेहतर इलाज की व्यवस्था की। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन बच्चों को रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

रायपुर पहुंचने पर श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पारूल की विस्तृत जांच की। जांच में उसके हृदय में गंभीर समस्या की पुष्टि हुई, जिसके लिए ऑपरेशन आवश्यक बताया गया। परिवार के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वय से उपचार की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।

10 अप्रैल 2026 को श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर में पारूल की सफल हृदय सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी लगातार देखभाल की गई। 
आज पारूल अपने घर लौट चुकी है। वह  खेल रही है, मुस्कुरा रही है और परिवार की गोद में नई ऊर्जा के साथ पल रही है। वही अब परिवार के चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान बन गई है।

कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि “प्रोजेक्ट धड़कन” का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर जीवनरक्षक उपचार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में कठिनाई न झेलनी पड़े, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
           उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, मैदानी कर्मचारियों और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

पारूल की कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे गांवों तक संवेदनशील शासन पहुंच रहा है। यह उस भरोसे की कहानी है, जिसमें दूरस्थ परिवारों को भी विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
          “प्रोजेक्ट धड़कन” अब नारायणपुर में एक योजना भर नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद का नाम बन चुका है, जिनके लिए हर नन्हीं धड़कन सबसे कीमती है।

और भी

छत्तीसगढ़ से हज यात्रा पर जा रहे 815 यात्रियों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने फर्स्ट एड किट वितरित कर की सुखद यात्रा की कामना

रायपुर, 25 अप्रैल 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।
             मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की। 
                 सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।
          कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे।

और भी

वैश्विक निवेशकों के लिए उभरता केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़ — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापानी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात में औद्योगिक विकास, पारदर्शी नीति और रोजगार अवसरों पर विस्तृत मंथन

रायपुर 25 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर श्री युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी श्री के. डी. दीवान उपस्थित थे।

और भी

पहाड़, जंगल और मुश्किल रास्तों को पार कर आई रोशनी: नारायणपुर के ईरपानार में जले पहली बार बल्ब, खुशी से झूम उठे ग्रामीण

रायपुर,25 अप्रैल 2026 // कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के गहरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम पगडंडियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुँची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला नहीं देखा, बल्कि विकास को महसूस किया।

ईरपानार नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यह दूरी सामान्य रास्ते जैसी नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग, पहाड़ी चढ़ाई, घने वन क्षेत्र और कई स्थानों पर पैदल सफर करना पड़ता है। बरसात के मौसम में संपर्क और भी कठिन हो जाता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। कार्यपालन अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन मोड में काम कर सफलता हासिल की।

 *घने जंगलों के बीच चला विकास अभियान* 

कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई हिस्सों में बिजली खंभे, तार और सामग्री पहुंचाने के लिए कठिन श्रम करना पड़ा। टीम को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से सामग्री पहुंचाई गई।बिजली लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विभागीय टीम ने मिसाल पेश की है।

*₹56.11 लाख की लागत, लेकिन असर पीढ़ियों तक*

ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया , एवं उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी विकास का समान अधिकार दिया जा रहा है।

*अब बच्चों के सपनों को मिलेगा उजाला*

बिजली आने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधा, जो शहरों में सहज है, अब यहां भी उपलब्ध होगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से जीवन आसान होगा।

भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार सुविधाओं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

 *ग्रामीणों की आंखों में दिखी खुशी* 

जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने घरों में पहली बार स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन, लकड़ी और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार जताया। लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।

 *अबूझमाड़ में बदलाव की नई शुरुआत* 

 ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

और भी

“निधि आपके निकट 2.0” से बदलेगा पीएफ सेवाओं का अनुभव: अब जिला स्तर पर ही होगा क्लेम, पेंशन और UAN समस्याओं का तुरंत समाधान


कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा सदस्य सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से “निधि आपके निकट 2.0” कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों, पेंशनधारकों और नियोक्ताओं को जिला स्तर पर ही उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय तक बार-बार आने की आवश्यकता न पड़े।
ईपीएफओ द्वारा आयोजित इन शिविरों में पीएफ दावा (Claim) संबंधी समस्याएं, यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) सक्रियण, केवाईसी अपडेट, बैंक खाते की जानकारी सुधार, पेंशन से जुड़े प्रकरण, डिजिटल सेवाओं का उपयोग तथा शिकायत निवारण से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। शिविरों में उपस्थित अधिकारी मौके पर शिकायतों का पंजीकरण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद समाधान प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के कई जिलों में जिला नोडल अधिकारियों की निगरानी में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना तथा लाभार्थियों को उनके अधिकारों एवं ऑनलाइन प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना है। ईपीएफओ का मानना है कि जिला स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों से सदस्यों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और सेवाओं की पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
“निधि आपके निकट 2.0” अभियान के माध्यम से ईपीएफओ सदस्य-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इस पहल से कर्मचारियों और पेंशनधारकों को स्थानीय स्तर पर सहायता मिलने के साथ-साथ लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में भी मदद मिलेगी। शिविरों में लाभार्थियों को ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं, पोर्टल उपयोग और डिजिटल सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, जिससे वे भविष्य में स्वयं भी सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
ईपीएफओ ने सभी संबंधित कर्मचारियों, नियोक्ताओं और पेंशनधारकों से अपील की है कि वे अपने जिले में आयोजित शिविरों में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें। कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सदस्य संबंधित जिला नोडल अधिकारी अथवा ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से संपर्क कर सकते हैं।

और भी

“मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से बदल रही गांवों की तस्वीर — जशपुर का केरे गांव बना ग्रामीण पर्यटन का उभरता हॉटस्पॉट, होमस्टे मॉडल से आत्मनिर्भरता और रोजगार की नई राह

जशपुर 25 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है।  

 जिला प्रशासन के सफल प्रयासों का परिणाम है, जिसने इस गांव को अपनाकर यहां 5 होमस्टे स्थापित किए हैं तथा स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे प्रबंधन एवं अतिथि सेवा का समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया है।

हाल ही में महुआ होमस्टे, केरे में ठहरे अतिथियों का अनुभव इस पहल की सफलता को दर्शाता है। बिलासपुर से रांची जा रहे तीन यात्रियों के समूह ने अपने सफर के दौरान एक आरामदायक ठहराव की योजना बनाई। इंटरनेट पर खोज के दौरान उन्हें HOI की वेबसाइट पर महुआ होमस्टे की जानकारी मिली। केरे गांव में  अतिथियों के  आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया और उन्हें ताजे, पौष्टिक एवं घर के बने भोजन का स्वाद चखने को मिला। अतिथियों ने भोजन की गुणवत्ता, ठहरने की सुविधा और मेजबानों के आत्मीय व्यवहार की सराहना की।

यह अनुभव दर्शाता है कि केरे गांव को एक भरोसेमंद और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिला प्रशासन, जशपुर, इस पहल के माध्यम से केरे गांव में विकसित हो रही सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय आजीविका के नए अवसरों को महत्वपूर्ण मानता है। इस तरह के प्रयास न केवल ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को एक जिम्मेदार और समावेशी दिशा प्रदान करते हैं।

सकारात्मक अनुभवों और बढ़ती पहचान के साथ, केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित पर्यटन विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनने की दिशा में अग्रसर है। ‎

और भी

युवाओं के लिए सुनहरा मौका: एक ही दिन में नौकरी पाने का अवसर, 360 पदों पर होगी सीधी भर्ती, 10वीं पास से लेकर नर्सिंग योग्य युवाओं के लिए खुला बड़ा मंच

जशपुरनगर, 25 अप्रैल 2026/ जिले में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का एक सुनहरा अवसर है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जशपुर द्वारा 28 अप्रैल 2026 मंगलवार को रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेले में तीन कंपनियों द्वारा कुल 360 पदों पर भर्ती  की जाएगी। इच्छुक आवेदक सुबह 11:00 बजे से अपने मूल दस्तावेजों के साथ रोजगार कार्यालय, जशपुर में उपस्थित होकर रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं। जिला रोजगार अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आवेदकों को अपने साथ समस्त मूल प्रमाण पत्रों, पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड के साथ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जशपुर में उपस्थित होना है।
    रोजगार मेले में RJ Group man power Jashpur Nagar अंतर्गत 50 पदों में भर्ती होनी है, जिनमें सिक्योरिटी गार्ड हेतु 20 पद योग्यता 10 वीं व 12 वी, फाइनेंस ऑफिसर के 10 पद योग्यता 10 वीं व 12 वी, कम्प्यूटर ऑपरेटर के 10 पद योग्यता 12 वीं के साथ डीसीए, रिसेपनिस्ट के 5 पद योग्यता 12 वीं के साथ डीसीए और स्टाफ नर्स के 5 पदों के लिए योग्यता नर्सिंग होना आवश्यक हैं। इसी तरह Parishram Human Resource में मीटर इंस्टालेशन के लिए 300 पदों में भर्ती होनी है, इसके लिए योग्यता आईटीआई और नॉन आईटीआई मांगी गई है। Svatantra Microfin Pvt.Ltd में फ़ील्ड ऑफिसर के 10 पदों के लिए योग्यता 10 वीं पास निर्धारित  है। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक युवाओं से इस रोजगार मेले में भाग लेकर अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।

और भी

चराईडाँड़-बतौली मार्ग पर बड़ा सवाल—गार्डवाल टूटा या तोड़ा गया? कपरी नाला में दिखी संदिग्ध स्थिति, हादसे की आशंका से राहगीरों की जान खतरे में, विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल — रात में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा!

जशपुर/नारायणपुर 25 अफ़्रैल 2026 :

नारायणपुर क्षेत्र में स्टेट हाईवे 17 के चराईडाँड़-बतौली मार्ग स्थित कपरी नाला के पास सड़क सुरक्षा के लिए लगाया गया लोहे का गार्डवाल इन दिनों टूटा हुआ पड़ा है, जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा इस स्थान पर सड़क के दोनों किनारों पर लोहे के मजबूत गार्डवाल लगाए गए थे, ताकि तीव्र मोड़ और नाले के पास दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां का नजारा बदला हुआ दिखाई दे रहा है। सड़क के एक तरफ का  गार्डवाल जमीन पर उखड़ा हुआ पड़ा है और उसकी स्थिति को देखकर यह साफ तौर पर प्रतीत होता है कि यह किसी सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त नहीं हुआ लगता  है। यदि ऐसा होता तो गार्डवाल पूरी तरह मुड़ जाता या कई हिस्सों में टूटकर बिखरा होता, जबकि यहां ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता। डिवाइडर को देखने से ऐसा लगता है कि किसी ने जानबूझकर औजार की मदद से उसे उखाड़कर नीचे रख दिया है।

स्थानीय ग्रामीणों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों ने आशंका जताई है कि यह हरकत किसी अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा की गई है, जिन्होंने अपने निजी स्वार्थ या शरारत के चलते सड़क सुरक्षा के इस अहम साधन को नुकसान पहुंचाया है। लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले से ही दुर्घटना संभावित स्थल रहा है और गार्डवाल लगाए जाने के बाद काफी हद तक हादसों में कमी आई थी, लेकिन अब इसके टूट जाने से फिर से खतरा बढ़ गया है।

रात के समय और तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक बन जाती है, क्योंकि अंधेरे में गार्ड वाल के अभाव में वाहन चालक संतुलन खो सकते हैं या सीधे नाले में गिर सकते हैं। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह हरकत किसने और क्यों की? क्या यह सिर्फ शरारत है या इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य छिपा है? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशना प्रशासन और संबंधित विभाग के लिए जरूरी हो गया है,ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, टूटे हुए गार्ड वाल को जल्द से जल्द पुनः स्थापित कर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले समय मे अन्य स्थानों पर लगे गार्डवाल और सरकारी संपत्तियां भी असुरक्षित हो सकती हैं। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन सख्ती दिखाए और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई कर लोगों के मन में सुरक्षा और विश्वास कायम रखे।

कपरीनाला में लोहे का गार्डवाल का क्षतिग्रस्त की सूचना आपके माध्यम से मिल रही है,इंजीनियर को  भेज कर मुआयना कराया जाएगा,दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। क्षतिग्रस्त हुए गार्डवाल को मरम्मत कराया,।

 वीरेन्द्र लकड़ा - एसडीओ -लोकनिर्माण विभाग-कुनकुरी 

और भी

टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने और प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाली की मांग , छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 29 अप्रैल को एक साथ गरजेगा शिक्षक आंदोलन

रायपुर // 25 अफ़्रैल 2026 -
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर शिक्षकों की नाराजगी सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अब आंदोलन ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। छत्तीसगढ़ टीएफआई के बैनर तले प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयों में 29 अप्रैल को शाम 4 बजे एक साथ ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया गया है। इस बड़े फैसले पर मुहर संगठन की ऑनलाइन बैठक में लगी, जिसमें प्रदेशभर के प्रमुख शिक्षक नेताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन, मनीष मिश्रा और छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने साफ कहा कि टीईटी की अनिवार्यता शिक्षकों के साथ अन्याय है और इसे खत्म करने के लिए देशभर में आवाज उठ रही है। कई राज्य सरकारें इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी हैं और मध्य प्रदेश सरकार ने भी हाल ही में इस संबंध में पहल की है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार अब तक चुप्पी साधे हुए है, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।

शिक्षक नेताओं ने बताया कि हाल ही में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के शिक्षकों ने एकजुट होकर बड़ा प्रदर्शन किया था। इस दौरान वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल ने मंच से भरोसा दिलाया था कि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और वे खुद इस विषय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाएंगे। इसके बावजूद अभी तक ठोस निर्णय नहीं होने से शिक्षक संगठन अब प्रदेश स्तर पर आंदोलन को तेज करने के मूड में हैं।

वहीं, पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के फैसले का हवाला देते हुए शिक्षक संगठनों ने कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट रूप से प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए पुरानी पेंशन बहाल करने का आदेश दिया है। इस मामले में पहले सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच दोनों में शिक्षकों को राहत मिली है, बावजूद इसके शासन स्तर पर अब तक आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है।

टीएफआई ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा है कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। 29 अप्रैल को होने वाले ज्ञापन कार्यक्रम में सभी शिक्षक संगठन एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाएंगे। जिला मुख्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल होंगे और प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाएंगे।

इसके साथ ही शिक्षक प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय और संचनालय स्तर पर भी राज्य के आला अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगों को मजबूती से रखेगा। बैठक में केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर, बसंत कौशिक, जाकेश साहू, कमलेश सिंह बिसेन, रामचंद्र सोनवंशी और गिरिजाशंकर शुक्ला सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।

और भी

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय,आंगनबाड़ी संचालन समय में बदलाव: बच्चों की उपस्थिति सुबह 7 से 9 बजे तक सीमित

रायपुर 24 अप्रैल 2026/ प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार  30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इस अवधि में बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित की गई है, ताकि उन्हें अत्यधिक तापमान एवं लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा (ECCE) गतिविधियाँ निर्धारित समय-सारिणी एवं कलेण्डर के अनुसार संचालित होंगी तथा पूरक पोषण आहार का वितरण नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए।

निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्र प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ होंगे, जिसमें बच्चों की उपस्थिति 7:00 से 9:00 बजे तक रहेगी, जबकि अन्य सेवाओं के लिए केंद्र 11:00 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि गर्म हवाओं, अधिक तापमान एवं लू की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करें तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 01 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित किए जाएंगे।

और भी

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को

रायपुर, 24 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।

        बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।

            छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। 

          बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।

और भी

न्यू एज मीडिया की दौड़ में पीछे नहीं, आगे दिखें—आयुक्त रजत बंसल का सख्त संदेश: जनसंपर्क अधिकारियों को हर प्लेटफॉर्म में महारत जरूरी, लापरवाही पर कार्रवाई तय

    रायपुर, 24 अप्रैल 2026/ जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में जनसंपर्क संचालनालय और जिला जनसंपर्क अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को न्यू एज मीडिया की सभी विधाओं में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और संचार के नए माध्यमों को अपनाना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है।
      उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंपर्क का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कोताही से बचना जरूरी है। जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परिणाम के अनुरूप हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा। 
    बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंत्रिगणों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिले के कलेक्टरों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय बनाएं। इससे सूचनाओं का समयबद्ध और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा, जो शासन की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।

      जनसंपर्क आयुक्त ने आगामी एक मई से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर माध्यम का प्रभावी उपयोग कर योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। 
    उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि राज्य में हो रहे विकास कार्यो और योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों को वीडियो पोस्ट और समाचारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे अन्य लोगों को भी इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ सतत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों और सरकार के कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके। जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से कार्य करें ताकि शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें वहीं उन्होंने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिला जन संपर्क अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए है। 
     बैठक में अपर संचालक सर्वश्री उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव और श्रीमती हर्षा पौराणिक सहित संचालनालय और जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी मौजूद थे।

और भी

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें: मुख्य सचिव श्री विकासशील


*रायपुर, 24 अप्रैल 2026/*
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

           मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।  

           मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।

           कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी श्री दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकरी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी। 

        एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक श्री अभिजीत कौशिक, श्री उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।

और भी

“बिलासपुर ने रचा विकास का नया इतिहास: 50 हजार से अधिक परिवारों को मिला ‘अपना पक्का घर’, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बदली ग्रामीण जीवन की तस्वीर

रायपुर, 24 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 50 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जन मन योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसके माध्यम से जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत मिली है।

           राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 50 हजार 44 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई। कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और कार्यों में तेजी आई।

 क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मस्तूरी विकासखंड 14 हजार 973 आवासों के साथ जिले में शीर्ष पर रहा। इसके बाद बिल्हा में 13 हजार 762, कोटा में 11हजार 205 और तखतपुर में 10 हजार 104 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया। यह आंकड़े न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी साबित करते हैं।

 इस सफलता के पीछे ‘नारी शक्ति’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें निर्माण कार्य में सक्रिय भागीदारी दी गई, जिससे वे आत्मनिर्भर बनीं। वहीं 331 महिलाओं को ‘डीलर दीदी’ बनाकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी। इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराये पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई और महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित हुए।

         प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक जिले ने कुल एक लाख 3 हजार 873 आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की मजबूत कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का परिणाम है। इस योजना का मानवीय पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और  ग्राम नेवसा की कैलाशा बाई जैसी हितग्राही, जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं, आज पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं। उनके लिए यह केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है।

 कलेक्टर बिलासपुर ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ये 50 हजार से अधिक घर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की नींव हैं। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।

और भी

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम

रायपुर, 24 अप्रैल 2026/ पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका - इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं।

वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।  

मंत्री श्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन  इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है।

मंत्री श्री नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। 

मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। 

कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से कहा है कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। वही रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। 

उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए हैं।

और भी

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य: खाद्य विभाग,राज्य सरकार पेट्रोल-डीजल संकट के अफवाहों से बचने, की अपील

रायपुर, 24 अप्रैल 2026/ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के साथ ही आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र राज्य सरकार लगातार भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि प्रदेश की ईंधन आवश्यकताओं की निर्बाध पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। आपूर्ति की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। शासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

प्रदेश में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों तथा तीनों प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध है। मार्च 2026 में प्रदेश की मासिक पेट्रोल आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर के विरुद्ध 1.27 लाख किलोलीटर (126 प्रतिशत) की आपूर्ति की गई। वहीं अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल प्राप्त हो चुका है। 
इसी प्रकार मार्च में डीजल की आवश्यकता 1.64 लाख किलोलीटर के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183 प्रतिशत) आपूर्ति हुई, जबकि अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल की आपूर्ति हो चुकी है। स्पष्ट है कि प्रदेश में मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सभी जिलों में आकस्मिक निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाई जारी है। राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। आम नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए विभागीय कॉल सेंटर (1800-233-3663) भी सक्रिय रूप से कार्यरत है।
23 अप्रैल 2026 को खाद्य विभाग के संचालक की अध्यक्षता में तीनों ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह सामने आया कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल आउटलेट से डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बनती है। इस पर कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करें।
वर्तमान स्थिति के अनुसार, प्रदेश में लगभग 77,111 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है, जो लगभग 22 दिनों की आवश्यकता के बराबर है। इसी प्रकार 84,295 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है, जो करीब 15 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त है। सरकार ने पुनः आश्वस्त किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तथा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

और भी

“पंचायतों की ताकत से मजबूत होगा विकसित भारत का सपना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा संदेश, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

रायपुर 24 अप्रैल 2026/डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। श्री साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की।

राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।

सम्मेलन को सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना*

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया।

इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

और भी

जशपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: तुमला में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 76 किलो से अधिक अवैध मादक पदार्थ के साथ नाबालिग समेत 4 आरोपी गिरफ्तार, 49 लाख से अधिक की जप्ती

जशपुर, 24 अप्रैल 2026। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जशपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना तुमला क्षेत्र में पुलिस ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 76 किलो 940 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ एक विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त दो कारें और चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 49 लाख 17 हजार रुपये बताई जा रही है, जिसमें गांजा की कीमत करीब 38 लाख रुपये आंकी गई है।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 23 अप्रैल की रात करीब 10 बजे थाना तुमला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उड़ीसा राज्य की ओर से दो कारों में भारी मात्रा में गांजा छुपाकर तस्करी की जा रही है और यह खेप लावाकेरा-सारईटोली मार्ग से होकर गुजरने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना तुमला पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल चौकी कोल्हेंझरिया तथा चौकी कोतबा की पुलिस टीम के साथ मिलकर मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर सघन जांच शुरू की।

कुछ ही देर में मुखबिर के बताए अनुसार एक बिना नंबर की सफेद मारुति ब्रेजा और दूसरी काले रंग की मारुति XL6 कार (क्रमांक CG-14-MW-3300) मौके पर पहुंची, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। जांच के दौरान XL6 कार में तीन व्यक्ति और ब्रेजा में एक व्यक्ति सवार पाया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम युगल यादव (21 वर्ष), मोहित कुमार यादव (26 वर्ष), दीपक यादव (26 वर्ष) तथा एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक बताए।

पुलिस ने गवाहों की उपस्थिति में दोनों वाहनों की तलाशी ली, जिसमें ब्रेजा कार की डिक्की और सीटों के बीच छिपाकर रखी गई चार बोरियों में 73 पैकेट गांजा बरामद हुआ। इन पैकेटों को भूरे रंग की सेलो टेप से अच्छी तरह पैक किया गया था। जब्त गांजा का कुल वजन 76 किलो 940 ग्राम पाया गया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लेकर गांजा, दोनों कारें और मोबाइल फोन जब्त कर लिए।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह गांजा उड़ीसा राज्य से लाकर अन्य स्थानों पर खपाने की फिराक में थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना तुमला में धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। तीन आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेषण गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी तुमला निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, चौकी प्रभारी कोल्हेंझरिया सहायक उप निरीक्षक विपिन किशोर केरकेट्टा, प्रधान आरक्षक मुकेश भगत, फ्रांसिस बेक, आरक्षक बूटा सिंह, अमित साय और पुस्तम यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मामले को लेकर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस पूरी तरह सतर्क है और मुखबिर तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

और भी