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नोनी सुरक्षा योजना ने संवारा कौशिल्या की बेटी का भविष्य, एक लाख के बॉन्ड से मिली आर्थिक सुरक्षा

रायपुर, 02 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बेटियों के सुरक्षित भविष्य और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित नोनी सुरक्षा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के तहत पात्र बालिकाओं के भविष्य के लिए आर्थिक प्रावधान किया जा रहा है, जिससे परिवारों को बेटियों की शिक्षा और आगे की जरूरतों को लेकर भरोसा मिल रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मेंड्राकला निवासी श्रीमती कौशिल्या रजवाड़े भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी बेटी के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं।

कौशिल्या रजवाड़े ने बताया कि उनके पति श्री राजेश कुमार रजवाड़े कृषि कार्य करते हैं और उनके तीन बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी बड़ी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नोनी सुरक्षा योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई और आवेदन ऑनलाइन पंजीकृत किया गया।

आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनकी बड़ी बेटी का नोनी सुरक्षा योजना में पंजीयन हुआ और उन्हें एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ। कौशिल्या ने बताया कि यह बॉन्ड एलआईसी बीमा के माध्यम से प्रदान किया गया है। योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद निर्धारित राशि प्राप्त होगी। इससे बेटी की आगे की शिक्षा और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए आर्थिक आधार तैयार होगा।

*बेटी की शिक्षा और भविष्य की चिंता हुई कम*

कौशिल्या के लिए नोनी सुरक्षा योजना केवल आर्थिक सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा भी है। उन्होंने बताया कि कृषि कार्य से होने वाली आय के बीच बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में बेटी के नाम पर उपलब्ध आर्थिक सुरक्षा से भविष्य की चिंता कम हुई है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि भविष्य में बेटी की उच्च शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होगी। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मिलने वाली राशि बेटी के आगे के जीवन की मजबूत शुरुआत में सहायक होगी और परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को भी कम करेगी।

*बेटियों के भविष्य को लेकर परिवारों में बढ़ रहा भरोसा*

नोनी सुरक्षा योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के साथ परिवारों में बेटियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे रही है। योजना के माध्यम से बालिकाओं के भविष्य के लिए पहले से आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होने से अभिभावकों को उनकी शिक्षा और भविष्य से जुड़े निर्णय लेने में संबल मिल रहा है।

कौशिल्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी होने से उन्हें योजना की जानकारी समझने, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और ऑनलाइन पंजीयन कराने में सुविधा मिली। विभागीय स्तर पर मिले सहयोग से योजना का लाभ प्राप्त करना उनके लिए आसान हुआ।

*“अब बेटी के भविष्य की चिंता नहीं”*

कौशिल्या रजवाड़े ने नोनी सुरक्षा योजना के लिए छत्तीसगढ़ शासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से उन्हें अपनी बेटी के भविष्य को लेकर एक मजबूत भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद बेटी के भविष्य के लिए पहले से आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध होना बड़ी राहत है। उन्होंने कहा, “अब बेटी के भविष्य की चिंता पहले जैसी नहीं रही। उसके नाम पर आर्थिक सुरक्षा होने से हमें भरोसा है कि आगे उसकी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। शासन की यह पहल हम जैसे परिवारों के लिए बहुत उपयोगी है।”

कौशिल्या रजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नोनी सुरक्षा योजना बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। योजना से मिली आर्थिक सुरक्षा ने उनके परिवार को अपनी बेटी को बेहतर अवसर देने का विश्वास दिया है।

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महिला कोष के एक लाख ने बदली हरमनिया देवी की जिंदगी, किराना-सिंगार दुकान बनी कमाई का मजबूत जरिया

रायपुर, 02 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ महिला कोष से प्राप्त ऋण ने अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मेंड्राकला निवासी श्रीमती हरमनिया देवी राजवाड़े और उनके स्व-सहायता समूह को आजीविका का नया आधार दिया है।

हरमनिया देवी आकांक्षा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाओं के सामने नियमित आय का साधन विकसित करने की चुनौती थी। समूह की बैठकों में सदस्यों से चर्चा के बाद ऐसी गतिविधि शुरू करने का निर्णय लिया गया, जिससे महिलाओं को निरंतर आमदनी का अवसर मिल सके। इसी दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण प्राप्त करने की जानकारी मिली।

*आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से मिली योजना की जानकारी*

हरमनिया देवी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से मिलने वाले ऋण के बारे में जानकारी दी और आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद उन्होंने समूह की अन्य सदस्यों से चर्चा कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और ऋण के लिए आवेदन किया।

आवेदन स्वीकृत होने के बाद आकांक्षा स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह की महिलाओं ने आपसी सहमति से इस राशि का उपयोग ऐसी आजीविका गतिविधि में करने का निर्णय लिया, जिससे नियमित आमदनी सुनिश्चित हो सके।

*किराना और सिंगार दुकान बनी आय का नया जरिया*

समूह ने ऋण राशि से किराना एवं सिंगार सामग्री की दुकान शुरू की। ग्रामीण क्षेत्र में दैनिक उपयोग की वस्तुओं और सिंगार सामग्री की स्थानीय मांग को देखते हुए यह व्यवसाय समूह के लिए उपयोगी साबित हुआ। दुकान शुरू होने के बाद धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ी और समूह की महिलाओं को नियमित आय का अवसर मिलने लगा।

हरमनिया देवी ने बताया कि पहले समूह की महिलाओं के पास स्थायी आजीविका गतिविधि का अभाव था। ऋण मिलने के बाद उन्हें सामूहिक रूप से व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला। अब महिलाएं दुकान के संचालन में अपनी भूमिका निभाने के साथ मेहनत से आय अर्जित कर रही हैं। मांग के अनुसार दुकान में नई सामग्री भी जोड़ी जा रही है, जिससे कारोबार को आगे बढ़ाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

*आमदनी बढ़ी तो बच्चों की पढ़ाई भी हुई आसान*

हरमनिया देवी ने बताया कि आजीविका गतिविधि से होने वाली अतिरिक्त आमदनी का सकारात्मक असर परिवारों पर पड़ा है। आय में सुधार होने से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, शैक्षणिक सामग्री और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हो रही है। पहले जिन छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, अब नियमित आमदनी के कारण उन्हें पूरा करना आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार से समूह की महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महिलाएं अब परिवार की आर्थिक जरूरतों में पहले की तुलना में अधिक योगदान दे पा रही हैं। समूह के माध्यम से सामूहिक निर्णय लेकर आर्थिक गतिविधि संचालित करने से उनमें नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई है।

*“ऋण ने हमें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया”*

हरमनिया देवी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ महिला कोष से मिले ऋण ने उनके समूह को केवल पूंजी ही नहीं दी, बल्कि अपने स्तर पर व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ने का अवसर भी दिया। उन्होंने कहा, “एक लाख रुपये की ऋण सहायता से शुरू की गई किराना और सिंगार दुकान आज हमारे समूह की आजीविका का आधार बन रही है। इससे महिलाओं को नियमित आमदनी का अवसर मिला है और परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।”

उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूहों को ऋण और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं से महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

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मातृत्व के सफर में ‘मातृ वंदना’ बनी अन्नू तिवारी का सहारा, आर्थिक मदद से पोषण और स्वास्थ्य का रखा बेहतर ख्याल

रायपुर, 02 सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि से महिलाओं को गर्भावस्था एवं प्रसव के बाद पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। अम्बिकापुर निवासी श्रीमती अन्नू तिवारी भी योजना से लाभान्वित होकर अपने मातृत्व काल को सुरक्षित और बेहतर तरीके से पूरा कर रही हैं।

अन्नू तिवारी ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने पर उन्हें आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी मिली। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने आवश्यक प्रपत्र भरकर योजना का लाभ लिया। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें चरणबद्ध रूप से आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि योजना के तहत सबसे पहले उन्हें एक हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसके बाद दो हजार रुपये की सहायता मिली। प्रसव के बाद शिशु को निर्धारित तीन टीके लगने के पश्चात उन्हें पुनः दो हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। इस प्रकार योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने गर्भावस्था और प्रसव के बाद अपने खान-पान तथा पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया।

*पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में मिली मदद*

अन्नू तिवारी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक होता है। योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने खान-पान और स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने में मदद की। प्रसव के बाद भी इस राशि से शिशु के पोषण और देखभाल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिली। उन्होंने कहा कि योजना से प्राप्त सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। आर्थिक सहयोग मिलने से मातृत्व के दौरान जरूरी पोषण और देखभाल पर ध्यान केंद्रित करना आसान हुआ। वर्तमान में वे और उनका शिशु दोनों स्वस्थ हैं।

*प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार*

अन्नू तिवारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए उपयोगी पहल है। मातृत्व के महत्वपूर्ण दौर में मिलने वाली आर्थिक सहायता से परिवार को अतिरिक्त संबल मिलता है और महिलाओं को अपने स्वास्थ्य तथा बच्चे के पोषण पर बेहतर ध्यान देने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि ने उनके मातृत्व अनुभव को और सुरक्षित बनाने में सहयोग दिया। अन्नू तिवारी ने अन्य पात्र महिलाओं से भी योजना का लाभ लेने और गर्भावस्था के दौरान अपने स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखने की अपील की।

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सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और पदोन्नति में देरी पर मंत्री नाराज, अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ काम तेज करने के निर्देश

 ​रायपुर, 02 सितंबर 2026/ राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति लाने के उद्देश्य से आज उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विभागीय अधिकारियों की मंत्रालय में समीक्षा बैठक ली। बैठक में 1 जुलाई 2026 को लिए गए निर्णयों पर अब तक हुई कार्यवाही का बिंदुवार क्रियान्वयन की समीक्षा की गया। मंत्री श्री वर्मा ने समयबद्ध कार्यों में देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक ढिलाई को तुरंत दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में सचिव श्री अविनाश चंपावत, आयुक्त श्रीमती रीता यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

*​प्राध्यापक भर्ती और पदोन्नति की समयसीमा तय*

       ​बैठक के दौरान राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सत्र 2026-27 के तहत जारी प्रवेश प्रक्रिया का जायजा लिया गया। मंत्री श्री वर्मा ने सहायक प्राध्यापक के 700 पदों पर जारी भर्ती प्रक्रिया की रुकावटों को तत्काल दूर करने तथा प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। स्नातक प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति की पेंडेंसी पर  सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने 15 सितंबर 2026 तक समस्त कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अपात्र होने के बावजूद पदोन्नति पाने वाले प्राध्यापकों की जांच कर उन पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की गई।

*​न्यायालयीन प्रकरणों पर चिंता और वेतनमान का त्वरित निराकरण*

     वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी वेतनमान के प्रकरणों में हो रही देरी के कारण सहायक प्राध्यापकों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, जिस पर मंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विभाग में लंबित न्यायालयीन प्रकरणों और याचिकाओं का ब्योरा मांगते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 अक्टूबर 2026 तक सभी विचाराधीन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण कर आदेश जारी किए जाएं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों की पीएच.डी. अनुमोदन की प्रगति और मंत्री कार्यालय द्वारा भेजी गई शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विस्तृत विवरण तलब किया गया। 

*​वित्तीय पारदर्शिता और शैक्षणिक गुणवत्ता पर जोर*

     मंत्री श्री वर्मा ने समीक्षा के दौरान पिछली बैठक में मांगी गई बजट संबंधी अधूरी जानकारी पर असंतोष जताया गया। उन्होंने  वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रत्येक शासकीय महाविद्यालय को आवंटित बजट की महाविद्यालयवार पूर्ण सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षकीय कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया।

*​सत्र प्रबंधन और नई नीतिगत पहल*

     ​छात्र-छात्राओं के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने महाविद्यालयों में सीट वृद्धि की प्रक्रिया को सुचारू बनाने हेतु नया कैलेंडर लागू करने का सुझाव दिया। इसके तहत शासकीय व निजी महाविद्यालयों से सीट वृद्धि के प्रस्ताव दिसंबर तक मंगाकर जनवरी तक स्वीकृतियां जारी की जाएंगी, ताकि आदेशों में होने वाली त्रुटियों से महाविद्यालयों को मुक्ति मिल सके। लॉ और बी. एड. जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 31 दिसंबर तक प्राप्त होने वाले ऑनलाइन आवेदनों का निराकरण समय सीमा के भीतर करने के निर्देश दिए गए।

        ​इसके साथ ही, 4-वर्षीय बी.एड. पाठ्यक्रम हेतु एन.सी.टी.ई. (NCTE) दिल्ली की नैक ग्रेडिंग शर्तों पर चर्चा के लिए एक विशेष टीम गठित कर दिल्ली भेजने और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमानुसार प्रति सेक्शन 60 विद्यार्थियों के अनुपात को समायोजित करने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।

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करेले की खेती ने बदली किसान नारायण प्रसाद वर्मा की तकदीर, एक एकड़ में 12 टन उत्पादन से कमाया 1.07 लाख का शुद्ध मुनाफा

रायुपर, 02 सितंबर 2026/ पारंपरिक खेती से इतर आधुनिक तकनीकों और उद्यानिकी फसलों को अपनाने से किसानों की तकदीर बदल रही है। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत ग्राम टेंगराही के कृषक श्री नारायण प्रसाद वर्मा ने इसे सच कर दिखाया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के सहयोग से करेले की व्यावसायिक खेती अपनाकर वे न केवल अपनी आय दोगुनी कर चुके हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।

*सरकारी अनुदान और योजनाओं का मिला लाभ*

     युवा किसान की करेले की खेती से किस्मत चमक गई हैए जिसके तहत उन्हें लागत के हिसाब से अच्छा मुनाफा मिल रहा हैं, जिसके लिए वह कई सालों से करेले की खेती कर लाखों रुपए मुनाफा कमा रहे हैं
1.06 हेक्टेयर कृषि भूमि के मालिक श्री वर्मा पहले केवल धान की पारंपरिक खेती करते थे, जिससे सीमित आय प्राप्त होती थी। आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लिया। योजना के तहत शासन से उन्हें सब्जी क्षेत्र विस्तार हेतु 1 हेक्टेयर क्षेत्र में करेले की खेती के लिए 24,000 का अनुदान मिला। सपोर्ट सिस्टम स्थापना हेतु 0.50 हेक्टेयर क्षेत्र में सपोर्ट सिस्टम लगाने के लिए 5,000 की राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से उनके खाते में हस्तांतरित की गई।

*आधुनिक कृषि तकनीकों ने बढ़ाई उपज*

      श्री वर्मा ने खेती में नवाचार करते हुए ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई), प्लास्टिक मल्चिंग और आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किया। इससे पानी की भारी बचत हुई और फसल की गुणवत्ता व उत्पादन में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि करेले की उन्नत और आधुनिक तकनीकों और मचान विधि से खेती करके किसान कम समय में लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। श्री वर्मा ने बताया कि खेत में नमी बनाए रखने और खरपतवार रोकने के लिए मल्चिंग शीट और पानी की बचत के लिए ड्रिप इरिगेशन, टपका सिंचाई का उपयोग किया जाता है।

*12 टन उत्पादन और 1.07 लाख का शुद्ध मुनाफा*

     करेले की खेती कर रहे युवा किसान नारायण प्रसाद वर्मा ने बताया कि पहले हम पारंपरिक खेती करते थे, पर इसमें उन्हें अधिक मुनाफा नहीं हो पा रहा था। इसके बाद उन्होंने करेले की खेती की शुरुआत की, जिसमें उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ। उन्होंने तकनीकी प्रबंधन और उचित देखरेख के कारण उन्हें प्रति एकड़ करेले की फसल से लगभग 12 टन उत्पादन हासिल हुआ। बाजार में फसल का सही मूल्य मिलने पर सभी लागत और खर्चों को निकालकर उन्हें एक लाख 7 हजार रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। इस सफलता से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि कृषि के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

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छत्तीसगढ़ पहुंचे उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल डेका समेत मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत

रायपुर, 02 सितंबर 2026/उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के छत्तीसगढ़ आगमन पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में उनका आत्मीय स्वागत किया।

       उपराष्ट्रपति का स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री श्री दयालदास बघेल, वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी ) श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन,  राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, राज्य सभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने आत्मीय स्वागत की। इसी प्रकार कौशल विकास,  तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री सुनील सोनी, श्री मोती लाल साहू और जनप्रतिनिधि श्री अशोक बजाज और मुख्य सचिव श्री विकासशील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, जनप्रतिनिधियों ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में आत्मीय स्वागत किया।

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जामबहार में बिजली व्यवस्था को मिलेगी नई ताकत, 3.40 करोड़ के सबस्टेशन का मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया भूमिपूजन, 4500 से ज्यादा परिवार होंगे लाभान्वित

रायपुर, 02 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ के उद्योग, वाणिज्य, श्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा जिले के बालको क्षेत्र से लगे ग्राम पंचायत जामबहार में 3.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 33/11 के.वी. (05 एम.वी.ए. क्षमता) विद्युत सबस्टेशन का विधिवत भूमिपूजन किया। इस नए सबस्टेशन के निर्माण से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में गुणवत्ता आएगी और आसपास के अन्य सबस्टेशनों पर दबाव कम होगा।

*शहरी व ग्रामीण बस्तियों में सुधरेगी बिजली आपूर्ति*

           सबस्टेशन निर्माण के लाभ रेखांकित करते हुए उद्योग मंत्री देवांगन ने बताया कि इससे कोरबा शहरी क्षेत्र के रूमगरा, बेलगिरी बस्ती, मदरसा मोहल्ला, हवाई पट्टी, खान मोहल्ला और जोगियाडेरा जैसी बस्तियों को बेहतर बिजली मिलेगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के जामबहार, रोकबहरी, सोनपुरी, परसाबातेल और चुहिया में भी सुचारू विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित होगी। योजना से 4,500 से अधिक उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे।

*सौर ऊर्जा और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील*

          समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा हर घर तक समुचित बिजली पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से 'प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' और 'बिजली बिल समाधान योजना' का लाभ उठाने की अपील की।

         कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह और जिला पंचायत सदस्य रेणुका राठिया ने मंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि रफीक मेमन, निगम पार्षद नरेंद्र देवांगन, सीमा कंवर, जामबहार सरपंच उपन सिंह कंवर तथा बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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ई-ऑफिस में तेज काम और समय पर दफ्तर पहुंचने वालों का बढ़ा मान, मुख्य सचिव ने अधिकारी-कर्मचारियों को किया सम्मानित

रायपुर, 01 सितम्बर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को जुलाई माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसी प्रकार से ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग को दूसरा तथा ग्रामोद्योग विभाग को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया। 

मुख्य सचिव ने सभी सम्मानित प्रशंसा पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस में लगातार अच्छा प्रदर्शन करें यही अपेक्षा है। उन्होंने आई-गाट पर प्रत्येक माह कम से कम 3 से 4 कोर्स प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी अपने विभाग की आवश्यकता के अनुसार अवश्य करें। मुख्य सचिव ने प्रदेश स्तर पर आई गाट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। 

संयुक्त सचिव से कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में ई-ऑफिस रैंकिंग के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव श्री सच्चिदानंद आलोक प्रथम, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव श्रीमती जयश्री जैन द्वितीय, आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव श्री दूरदेशी राम सोन्टापर विभाग प्रथम स्थान, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल कुमार गुप्ता द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) के उप सचिव श्रीमती ऋतु वर्मा तृृतीय स्थान पर सम्मानित किया हुए। गृह विभाग के अवर सचिव श्री पूरन लाल साहू प्रथम स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-1) के अवर सचिव श्री कैलाश कुमार नेताम द्वितीय स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव तृतीय स्थान पर सम्मानित किया। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अनुभाग अधिकारी श्री वीरेन्द्र कुमार प्रथम स्थान, अनुभाग अधिकारी श्री जीवन लाल नेताम द्वितीय स्थान, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री योगेन्द्र कुमार साहू तृतीय स्थान पर सम्मानित किया हुए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री मोहम्मद शाहिर अंसारी प्रथम स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती प्रिया बागड़े द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-4) के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री जलेश राम तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए। 

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मुकेश राम प्रधान प्रथम स्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री गौरव कुमार राय द्वितीय स्थान, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती अंजू दत्ता तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री प्रभु सिंह राठिया प्रथम स्थान, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री संदीप कुमार तारम द्वितीय स्थान, नगरीय प्रशासन विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री उमेश यादव तृतीय स्थान पर सम्मानित हुए। आदिम जाति विकास विभाग के सहायक ग्रेड-2 श्री शेष नारायण साहू प्रथम स्थान, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की डाटा एन्ट्री ऑपरेटर श्रीमती माया देवांगन द्वितीय स्थान, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के सहायक ग्रेड-श्री तरूण कुमार धृतलहरे तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया।

अटेंडेंस रेंक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले में अवर सचिव श्री अनिल तिर्की, निज सचिव सुश्री आराधना साहू, अनुभाग अधिकारी श्री आशिष कुमार शर्मा, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री आशुतोष वर्मा, अनुभाग अधिकारी श्री अश्वनी कुमार भतपहरी, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री भागेश कुमार ध्रुव, अवर सचिव श्री भूपेन्द्र सिंह राजपूत, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव, उप सचिव श्रीमती हेमिन बाघे, भृत्य श्री किशोर कुमार, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री लोक नारायण शर्मा, अनुभाग अधिकारी श्रीमती मंजूषा राजपूत, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मेलू राम ध्रुव, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री मिर्जा मुस्कान बेग, अनुभाग अधिकारी श्री मुकेश कुमार शाकार, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री नरेश कुमार बाघमार, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री पवन कुमार साहू, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती पुष्पांजली गजभिये, भृत्य श्री राज कुमार सोरी, सचिव (भारसाधक) श्री राजेश सिंह राणा,  स्टैनो टायपिस्ट सुश्री राखी सिदार, स्टैनो टायपिस्ट श्री रमाकांत, वरिष्ठ सचिवालय सहायक सुश्री रूपाली तिवारी, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री शिवचरण राठौर,  सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती सुधा शेंडे, सहायक ग्रेड-01 श्री तरूण कुमार धृतलहरे, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री विवेक सोनी को रैंकिंग एक के लिए सम्मानित किया गया।

तीन माह का ई-ऑफिस रैंकिंग में आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव, श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम स्थान, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अपर सचिव श्री सच्चिदानंद आलोक द्वितीय स्थान, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त सचिव श्रीमती जयश्री जैन तृतीय स्थान सम्मानित किया गया।

तीन माह के लिए अडेंटेंस रैकिंग में उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी श्री लोक नारायण शर्मा प्रथम स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य श्री राज कुमार सोरी द्वितीय स्थान, सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मेलू राम ध्रुव तृतीय स्थान पर सम्मानित किया गया।

तीन माह के लिए डिपार्टमेंट रैकिंग में प्रथम स्थान में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वितीय, गृह विभाग तृतीय स्थान वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सम्मानित किया गया।
ई-ऑफिस रैंकिंग विभागाध्यक्ष के अधिकारियों में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त सुश्री रीता यादव प्रथम स्थान, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त श्री डी. राहुल वेंकट द्वितीय स्थान, उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक श्री जॉन तिग्गा तृतीय स्थान, चिकित्सा शिक्षा विभाग सहायक ग्रेड-3 श्री वेद प्रकाश देवांगन चतुर्थ स्थान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डाटा एन्ट्री ऑपरेटर श्री पीताम्बर प्रसाद पाचवें स्थान पर सम्मानित किया गया।

ई-ऑफिस जिला कार्यालय में जिला रायपुर की सहायक परियोजना अधिकारी सुश्री अनिता जैन प्रथम स्थान, जिला सक्ती कार्यालय सहायक सह डाटा एन्ट्री ऑपरेटर सुश्री नंदनी सोनी द्वितीय स्थान, रायपुर जिले के नोडल अधिकारी श्री पंकज कुमार शर्मा तृतीय स्थान, सक्ती जिला के ई-जिला तकनीकी प्रबंधक श्री तुलसी देवांगन चौथा स्थान, कबीरधाम जिले के अधीक्षक श्री राजेन्द्र सिंह धु्रर्वे पांचवा स्थान पर सम्मानित किया गया।

आई-गाट रैंकिंग में श्री गौतम कुमार देवांगन, चौकीदार, आयुक्त बिलासपुर को प्रथम स्थान, श्री प्रेम नारायण नायक, व्याख्याता, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार, द्वितीय स्थान और श्री दिनेश कुमार, पुलिस आरक्षक, पुलिस अधीक्षक बालोद, तृतीय स्थान सम्मानित किया गया।

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तकनीकी वस्त्र उद्योग में छत्तीसगढ़ बनाएगा अपनी नई पहचान, ग्रामोद्योग विभाग ने रखा रोडमैप, शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान और बाजार विस्तार पर मुख्य सचिव ने दिए ठोस निर्देश

रायपुर, 02 सितम्बर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत राज्य शासन के ग्रामोद्योग विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे राज्य में टेक्सटाईल उद्योग की संभावनाओं के लिए व्यापक कार्ययोजना बनायें। उन्होंने कहा कि तकनीकी वस्त्र उद्योग के लिए प्रदेश में शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए शैक्षणिक एवं तकनीकी शिक्षण संस्थाओं से आवश्यक सहयोग लेकर कार्य करें।

          बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास, बाजार विकास, अनुसंधान, नवाचार और विकास के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किया। बैठक में एग्रो टेक्सटाईल, मेडिकल टेक्सटाईल, कंन्स्ट्रक्शन टेक्सटाईल, स्मार्ट टेक्सटाईल, स्पोर्टस होम एवं क्लाथ के संबंध में व्यापक चर्चा हुई।

          बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री राजेश सिंह राणा सहित उद्योग एवं वाणिज्य, तकनीकी शिक्षा, एनआईटी एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा एवं विश्वविद्यालय के तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

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मेहनत, हौसले और सरकारी योजनाओं ने बदली सीता मरावी की तकदीर, गांव में किराना दुकान से शुरू हुआ सफर आज बना ‘लखपति दीदी’ की पहचान

रायपुर, 2 सितम्बर 2026/ मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सीता मरावी आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। कभी सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करने वाली सीता मरावी ने वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की राह अपनाई और आज ‘लखपति दीदी’ बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।

स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद सीता मरावी ने बैंक लोन, सीआईएफ एवं आरएफ के माध्यम से प्राप्त 25 हजार रुपये की राशि से गांव में किराना दुकान शुरू की। इसके बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर उन्होंने मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया।

दोनों व्यवसायों को मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाते हुए उनकी वार्षिक आय अब लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आमदनी से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि उनमें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

सीता मरावी बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर दिया। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

सीता मरावी को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने आर्थिक सशक्तिकरण की नई कहानी लिखी है।

अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए श्रीमती सीता मरावी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।

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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा—सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना जगाने वाले मजबूत संस्थान

रायपुर, 02 सितम्बर 2026/ सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों तथा कैडेटों की प्रतिभा को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया।

विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलकूद गतिविधियों, सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों तथा कैडेटों के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की जानकारी दी।

समारोह में सैनिक स्कूल के कैडेटों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान तथा भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर किया।

मुख्य अतिथि श्री राजेश अग्रवाल ने सैनिक स्कूल अंबिकापुर की सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा विकसित अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। उन्होंने ऐप की उपयोगिता एवं विशेषताओं की सराहना की।

*उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट एवं हाउस सम्मानित*

समारोह में सत्र 2025-26 के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।

सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को प्रदान किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। वहीं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस की ट्रॉफी प्रदान की गई।

विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कमेंडेशन (प्रशस्ति/सराहना) प्रदान कर सम्मानित किया गया।

*कैडेटों को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित*

मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि सैनिक स्कूल जैसे संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और देश के गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

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कॉपर-टी के बाद महिला की मौत के मामले ने पकड़ा तूल, कलेक्टर के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित, पोस्टमार्टम के बाद उपचार से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू

जशपुरनगर 02 सितम्बर 2026/ दैनिक समाचार पत्र में दिनांक 01 सितम्बर 2026 को प्रकाशित "कॉपर टी के बाद तबीयत बिगड़ने से महिला की मौत, शव रखकर प्रदर्शन" शीर्षक के समाचार के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला जशपुर द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि केरसई निवासी महिला का प्रसव दिनांक 29 जुलाई 2026 को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र केरसई में हुआ था। 

48 घंटे की निगरानी पश्चात 31 जुलाई 2026 को नियमानुसार कॉपर-टी लगाया गया था। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर 07 अगस्त 2026 को अल्ट्रासोनोग्राफी कराई गई, जिसके उपरांत उन्हें हॉलीक्रॉस कुनकुरी से उच्च उपचार हेतु जे.एम.जे. अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया। वहाँ ऑपरेशन पश्चात 11 अगस्त 2026 को डिस्चार्ज किया गया। बाद में जटिलता बढ़ने पर 22 अगस्त 2026 को बुर्ला चिकित्सालय, संबलपुर में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देशन में CMHO द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर दिनांक 31 अगस्त 2026 को पोस्टमार्टम कराया गया है तथा निष्पक्ष जांच हेतु उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच समिति द्वारा उपचार से संबंधित समस्त अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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अघोर परिषद ट्रस्ट और बाबा भगवान राम ट्रस्ट की जनसेवा पहल, नारायणपुर आश्रम में 6 सितंबर को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, सुबह से शाम तक विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे मरीजों का परीक्षण,जांच से लेकर दवाइयों तक की सुविधा मिलेगी मुफ्त

नारायणपुर । ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने की दिशा में अघोर परिषद ट्रस्ट नारायणपुर एवं बाबा भगवान राम ट्रस्ट सोगड़ा, जशपुर की ओर से एक सराहनीय पहल की जा रही है। आगामी 6 सितंबर 2026, रविवार को नारायणपुर आश्रम में नि:शुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर  सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक एवं दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इस शिविर में आसपास के गांवों से आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच और परामर्श की सुविधा बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी। 

आयोजकों के अनुसार शिविर में एलोपैथिक चिकित्सा के साथ होम्योपैथी एवं आयुर्वेद चिकित्सा के चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। यानी अलग-अलग प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर पहुंचने वाले लोगों को विशेषज्ञों से सीधे सलाह लेने का अवसर मिलेगा। मरीजों की जांच के बाद जरूरत के अनुसार उन्हें चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जाएगा।

खास बात यह है कि इस शिविर में केवल जांच और परामर्श तक ही व्यवस्था सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह शिविर काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

ग्रामीण अंचलों में कई बार स्वास्थ्य संबंधी छोटी-बड़ी परेशानियों के लिए लोगों को दूर शहरों और अस्पतालों तक जाना पड़ता है। ऐसे में आश्रम परिसर में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा उपलब्ध होने से आसपास के ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे समय और आने-जाने के खर्च की बचत के साथ लोगों को अपनी स्वास्थ्य समस्या को लेकर उचित चिकित्सकीय सलाह भी मिल सकेगी।

  अघोर परिषद ट्रस्ट नारायणपुर और बाबा भगवान राम ट्रस्ट सोगड़ा द्वारा समय-समय पर इस तरह की जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं। पूर्व में भी नारायणपुर क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर चिकित्सा सुविधा का लाभ ले चुके है।

आयोजकों ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि जिन लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है या जिन्हें चिकित्सकीय जांच और परामर्श की आवश्यकता है, वे निर्धारित तिथि और समय पर नारायणपुर आश्रम पहुंचकर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाएं।

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राष्ट्रपति से मुलाकात कर लौटे छत्तीसगढ़ के होनहार बच्चों से मुख्यमंत्री साय ने सुनी यादगार यात्रा की कहानी, बोले—आपकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव

रायपुर, 01 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा और राष्ट्रपति महोदया के साथ हुए आत्मीय संवाद के अनुभव सुनाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इस विशेष अवसर के लिए बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में गौरव की बात है। प्रदेश के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी यात्रा के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। राष्ट्रपति महोदया ने उनसे सहजता और आत्मीयता के साथ बातचीत की तथा उनकी शिक्षा, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए क्षणों से जुड़े अपने अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं। ऐसे अवसर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके सपनों को नई ऊंचाई देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट और संवाद का विशेष अवसर प्राप्त हुआ था। इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदया ने विद्यार्थियों से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रपति भवन में इस मुलाकात का एक अत्यंत भावुक और यादगार क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने CWSN (Children with Special Needs) विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति महोदया का यह आत्मीय स्नेह नुकेश के साथ ही वहां उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी जीवनभर संजोकर रखने वाली स्मृति बन गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी राष्ट्रपति भवन में देखने को मिली। छात्राओं ने प्रदेश के पारंपरिक सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, गीत-संगीत और सांस्कृतिक सौंदर्य से सजी इस प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रस्तुति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विशेष रूप से प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के बच्चों ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़े राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा के साथ उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी सुंदर परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान और हमारी अमूल्य धरोहर है। नई पीढ़ी जब इसे आत्मसात कर देश के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुत करती है, तो हमारी परंपराओं को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपति महोदया से प्राप्त प्रोत्साहन और इस यात्रा से मिले अनुभव को वे अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी उपलब्धियों से परिवार, प्रदेश और देश को गौरवान्वित करें।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर जिले की राजवती पोयाम, सुकमा जिले के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग जिले की पायल राजानी, महासमुंद जिले की रागनी साहू, रायपुर जिले के नुकेश कुमार वर्मा तथा महासमुंद जिले के दुर्गेश साहू एवं डिगेश सेन शामिल थे।

इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा श्री चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी उपस्थित थे।

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मटासी में फिर हुआ सड़क हादसा, कार और ट्रक की जोरदार भिड़ंत के बाद घर में घुसी कार; बाल-बाल बची चालक की जान

नारायणपुर। नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मटासी में सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार शाम करीब 5 बजे एक बार फिर कार और ट्रक की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर टर्न लेते हुए सीधे सड़क किनारे बने एक घर में जा घुसी। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन जिस तरह कार घर में घुसी, उसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। थोड़ी सी चूक और यह हादसा बड़ी घटना में बदल सकता था।

मिली जानकारी के अनुसार कार क्रमांक CG 14 MU 4084 डिपाटोली की ओर से आ रही थी और स्टेट हाईवे-17 की ओर पहुंच रही थी। इसी दौरान बगीचा की ओर से ट्रक क्रमांक UP 64 BT 7989 स्टेट हाईवे पर आ रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों वाहन जैसे ही आमने-सामने पहुंचे, डिपाटोली की तरफ से आ रही कार ट्रक से जा टकराई। टक्कर के बाद कार बेकाबू होकर घूमी और सड़क किनारे स्थित एक घर में जा घुसी। हादसे में घर को भी नुकसान पहुंचा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक कार चालक के नशे की हालत में होने की बात सामने आई है। हालांकि चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। हादसे के बाद मौके पर काफी भीड़ जुट गई थी। किसी तरह का विवाद या मारपीट न हो, इसके लिए कार चालक को मौके से दूसरी जगह ले जाने की बात भी सामने आई है। वहीं ट्रक चालक अपना वाहन मौके पर खड़ा कर वहां से निकल गया।

घटना की सूचना मिलते ही नारायणपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर थाना ले गई है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और वाहन चालकों की क्या गलती थी।

इधर इस हादसे के बाद मटासी और आसपास के ग्रामीणों में सड़क सुरक्षा को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस की नियमित वाहन चेकिंग नहीं होने के कारण कई वाहन चालक बेखौफ होकर सड़क पर वाहन दौड़ाते हैं। शाम होते ही तेज रफ्तार बाइक और कार चलाने वालों की संख्या बढ़ जाती है। कई युवक सड़क पर स्टंट करते नजर आते हैं तो कुछ मोटरसाइकिलों के साइलेंसर खोलकर इतनी तेज आवाज में वाहन दौड़ाते हैं कि आसपास के लोगों का चलना तक मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि मोटरसाइकिल में तीन-चार लोगों के बैठकर चलना भी इस क्षेत्र में अब कोई नई बात नहीं रह गई है। यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी के बावजूद नियमित चेकिंग नहीं होने से वाहन चालकों में पुलिस का डर दिखाई नहीं देता। लोगों का कहना है कि अगर मुख्य मार्ग और स्टेट हाईवे पर लगातार चेकिंग हो, तो नशे में वाहन चलाने वालों और तेज रफ्तार वाहन चालकों पर काफी हद तक लगाम लग सकती है।

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मटासी क्षेत्र में नियमित रूप से वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाए। खासकर शाम के समय स्टेट हाईवे-17 पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए और नशे में वाहन चलाने वालों, तेज रफ्तार वाहन चालकों, स्टंट करने वालों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

लोगों का कहना है कि आज कार घर में घुसने के बाद भी किसी की जान नहीं गई, यह सिर्फ किस्मत की बात है। अगर उस समय घर के सामने कोई व्यक्ति खड़ा होता या सड़क किनारे कोई राहगीर मौजूद होता तो मामला बेहद गंभीर हो सकता था। ग्रामीणों का साफ कहना है कि पुलिस की नियमित चेकिंग और कार्रवाई जरूरी है, वरना इसी तरह बेलगाम वाहन दौड़ते रहेंगे और किसी दिन बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

मटासी में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए अब ग्रामीणों की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। लोगों का कहना है कि सड़क पर नियम तोड़ने वालों को जब तक मौके पर कार्रवाई का डर नहीं रहेगा, तब तक रफ्तार और लापरवाही का यह खेल इसी तरह चलता रहेगा।

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कलेक्टर रोहित व्यास की पहल से जशपुर में विज्ञान शिक्षा में नई शुरुआत, 64 शिक्षक बने स्रोत शिक्षक; स्कूलों में अब प्रयोग, गतिविधियों और STEM आधारित सीखने पर रहेगा जोर

जशपुर। 

कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल पर जशपुर जिले में विज्ञान शिक्षण को अधिक प्रयोगात्मक, गतिविधि आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में JashQuest कार्यक्रम चलाया जा रहा है। 

कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 64 विज्ञान के शिक्षकों को सेजेस जशपुर में प्रशिक्षण दिया गया। यह सभी स्रोत शिक्षक अगले चरण में विकासखंड स्तर पर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।        जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र सिन्हा ने प्रशिक्षण को जिले में विज्ञान शिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इस तरह की अवधारणा जिले में पहली बार लागू की जा रही है।  उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के मन-मस्तिष्क में एक अच्छे शिक्षक के रूप में अपनी छाप छोड़ें और यह सुनिश्चित करें कि सभी बच्चे गतिविधियों में समान रूप से सहभागी बनें। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे विश्वास है इस पहल के परिणाम आने वाले समय में विद्यालय एवं ब्लॉक स्तर पर बेहतर दिखाई देंगे तथा विज्ञान प्रदर्शनियों में भी विद्यार्थियों द्वारा नई एवं रचनात्मक गतिविधियां देखने को मिलेंगी। 

प्रशिक्षण का शुभारंभ सहायक संचालक श्रीमती सरोज खलखो की उपस्थिति में हुआ। प्रशिक्षण संचालन के लिए यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय और व्याख्याता संजय दास उपस्थित रहे। 

'फ्रॉम एक्सपीरियंसिंग टू एम्पावरिंग लर्नर्स’ थीम पर आधारित इस प्रशिक्षण में थिंकटेक बेंगलुरु की एजुकेटर्स टीम के द्वारा शिक्षकों को एक्सपीरिएंशियल लर्निंग, एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग एवं कॉम्पिटेंसी-बेस्ड लर्निंग की तकनीकों से परिचित कराया गया।

प्रशिक्षण में थिंकटेक की ओर से एजुकेटर श्रीमती लक्ष्मी जोइस, हेमंत मुदलियार, गौतम सिंह एवं श्रीमती रुचि मुदलियार ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया। शिक्षकों ने पेपर ब्रिज बिल्डिंग चैलेंज, डीआईवाई बैटरी, वाटर स्प्रे मॉडल, एसिड-बेस रिएक्शन, फूड स्टार्च टेस्ट, फिजिकल एंड केमिकल रिएक्शंस एवं स्ट्रॉ प्रोपेलर जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित गतिविधियों के प्रयोग किए।

इन गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को विद्यार्थियों में ऑब्जर्वेशन, क्वेश्चनिंग, इन्वेस्टिगेशन, क्रिएटिविटी, कोलैबोरेशन, प्रॉब्लम सॉल्विंग, एप्लीकेशन एवं स्कैम्पर जैसी दक्षताओं को विकसित करने की व्यवहारिक समझ की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विज्ञान शिक्षण को ‘करके सीखने’ की अवधारणा से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को टीचर कॉर्नर ऐप के माध्यम से थिंकटेक द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले निरंतर शैक्षणिक सहयोग एवं संसाधनों की जानकारी भी दी गई।


STEM क्लब गठन की जानकारी भी दी गई।  

जिले में विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने के लिए STEM क्लब गठन से संबंधित जानकारी भी दी गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एवं मैथमेटिक्स के प्रति रुचि, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा उन्हें हैंड्स-ऑन लर्निंग के अवसर उपलब्ध कराना है।

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छत्तीसगढ़ में यूसीसी पर व्यापक मंथन: बस्तर से सरगुजा तक की उठी आवाज ,सर्व आदिवासी समाज और महिला आयोग ने दिए अहम सुझाव

​रायपुर, 01सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का सर्वसमावेशी प्रारूप तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आज यूसीसी समिति के समक्ष बस्तर से लेकर सरगुजा तक के प्रतिनिधियों की आवाज गूंजी। इस परिचर्चा में सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग और अध्यक्ष राज्य फिल्म विकास निगम ने विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे संवेदनशील विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। समिति के सदस्यों सेवानिवृत्त आईएएस श्री एम. के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त श्रीमती ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक ताने-बाने का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

​      इस दौरान कंवर, गोंड, बैगा और उरांव जैसी प्रमुख जनजातियों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए आदिवासियों की सदियों पुरानी रूढ़िगत प्रथाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विशिष्टता को नए कानून में पूर्ण संरक्षण देने की बात कही। इसके साथ ही विवाह पंजीयन, संपत्ति के अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर भी समिति के साथ गंभीर विचार-विमर्श हुआ।

       ​महिला अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ सकारात्मक सामाजिक बदलावों का समर्थन किया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकार, राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने और धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के संदर्भ में यूसीसी की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-कला और जनजातीय धरोहर को अक्षुण्ण रखने का सुझाव देते हुए कहा कि वैवाहिक और संपत्ति अधिकारों में समानता से समाज के अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं को नया आत्मविश्वास और कानूनी सुरक्षा मिलेगी।

      ​संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत समिति प्रदेशभर में व्यापक जन-संवाद चला रही है। प्रस्तावित संहिता का मूल उद्देश्य धर्म या समुदाय के भेदभाव से परे हटकर सभी नागरिकों के लिए एक समान विधिक ढांचा तैयार करना है। इसके तहत विवाह एवं तलाक,भरण - पोषण,उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव इन संबंध में विचार और सुझावों पर समिति मंथन करेगी। वर्तमान में समिति जिला स्तरीय फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और प्रत्यक्ष बैठकों के माध्यम से आम जनता, कानूनविदों और सामाजिक संगठनों की राय जुटा रही है, ताकि छत्तीसगढ़ में एक पारदर्शी, न्यायसंगत और जन-हितैषी समान नागरिक संहिता लागू की जा सके।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने घोलेंग में वीवर्स ट्रेनिंग एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर का किया निरीक्षण, महिलाओं के हुनर को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने पर जोर

जशपुर 1 सितंबर 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज जशपुर विकास खंड के ग्राम घोलेंगे में वीवर्स ट्रेनिंग एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर का निरीक्षण किया।

 ग्राम पंचायत घोलेंगे में आजीविका परिसर में स्व सहायता समूह की महिलाओं को आधुनिक  हस्तकरघा कपड़े बनाने का दिया जा रहा प्रशिक्षण 

उन्होंने अवलोकन किया और सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 
 जिला प्रशासन और एनआरएलम और आदित्य बिरला गुरुप के द्वारा जशपुर की महिलाओं को आधुनिक मशीनें और मार्केट में मांग के अनुसार हस्तकरघा और कपड़े सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


 वर्तमान में आजीविका से परंपरागत रूप से जुड़े लगभग 35 से 40 परिवारों और स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


 महिलाओं द्वारा हस्तकरघा कपड़े बनाने और निर्मित शॉल और साड़ी तैयार की जा रही है। 

  घोलेंग स्थित आजीविका परिसर में हैंडलूम प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य हस्तकरघा क्षेत्र से जुड़े परिवारों को आधुनिक मशीनरी एवं तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, लैब टेस्टिंग, आधुनिक डिजाइन तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करना है।

केंद्र के माध्यम से पारंपरिक हस्तकरघा कला को आधुनिक तकनीक एवं बाजार की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए स्थानीय परिवारों के लिए आजीविका के बेहतर अवसर सृजित करने का प्रयास किया जा रहा है। आदित्य बिरला समूह के प्रबंधन एवं सहयोग से प्रशिक्षण, उत्पादन, डिजाइन विकास तथा बाजार से जुड़ी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

 आदित्य बिरला समूह के प्रतिनिधि  एवं प्रशिक्षक सहित स्व सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों दीदियां उपस्थित रहीं। महिलाओं ने पारंपरिक हस्तकरघा कला को संरक्षित करने तथा इसे आधुनिक बाजार से जोड़कर नई पहचान दिलाने के संकल्प के साथ काम कर रही है।

 जशपुर की समृद्ध पारंपरिक कला एवं स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने तथा हस्तकरघा से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

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