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मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान

 रायपुर, 27 अप्रैल 2026/ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों के ई-के वाय सी कार्य में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 97.11 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-के वाय सी पूर्ण कर लिया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ ने केरलम, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे छोटे राज्यों तथा कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को भी पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है।
 
             महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ;मनरेगा के तहत श्रमिकों की ई.केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अग्रणी स्थान हासिल किया है। प्रदेश में लगभग 56.87 लाख से ज्यादा मजदूरों की डिजिटल वेरिफिकेशन (e-KYC) पूरी की गई है जो भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। यह डिजिटल प्रक्रिया फर्जी जॉब कार्डों को हटाने और सीधे वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी पहुंचाने में मदद कर रही है।

             यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के सतत नेतृत्व, मॉनिटरिंग और प्रभावी रणनीति का परिणाम है। राज्य में योजनाबद्ध ढंग से अभियान चलाकर ई-के वाय सी की प्रक्रिया को तेज किया गया, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों को समयबद्ध रूप से इससे जोड़ा जा सका।
         रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल 58 लाख से अधिक सक्रिय श्रमिकों में से 56 लाख से अधिक का ई-के वाय सी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

       मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीब और श्रमिक वर्ग के हितों के संरक्षण एवं उन्हें योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ई-के वाय सी के माध्यम से श्रमिकों को समय पर भुगतान एवं योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित हो रहा है।

       उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम स्तर पर कार्यरत टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ई-के वाय सी से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगी है, बल्कि वास्तविक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने में भी पारदर्शिता आई है। श्री शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देशित किया कि शेष लंबित प्रकरणों को भी शीघ्र पूर्ण कर प्रदेश को 100 प्रतिशत e-KYC (ई - के वाय सी) लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाए।

           प्रदेश में चलाए गए विशेष अभियान, ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से यह सफलता हासिल हुई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।

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“पहले जिला बदर, फिर कस्टडी से फरार… फिर भी नहीं सुधरा ‘लक्की’—अब घर में घुसकर लूट और हत्या के प्रयास में पहुंचा सलाखों के पीछे, पुलिस की सख्ती से खुली अपराध की पूरी कहानी

जशपुर, 27 अप्रैल 2026।
कुनकुरी थाना क्षेत्र के डुगडुगिया गांव में घटित सनसनीखेज लूट और हत्या के प्रयास के मामले में जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात आरोपी रितेश प्रताप सिंह उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर आधी रात घर में घुसकर न सिर्फ लाखों की लूट की, बल्कि विरोध करने पर महिला की जान लेने की कोशिश भी की। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।

घटना 07 अप्रैल की रात करीब 11 बजे की है। खारीझरिया निवासी 60 वर्षीय किया राम यादव अपने घर में सो रहे थे। तभी अचानक उनकी बहू के कमरे से चीखने की आवाज गूंजी। जब वे दौड़कर कमरे की ओर पहुंचे तो देखा कि गांव का ही कुख्यात युवक लक्की सिंह वहां से भाग रहा है। बाहर पहले से मौजूद उसके दो साथी मोटरसाइकिल स्टार्ट किए खड़े थे। तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़ित परिवार की बहू ने बताया कि लक्की सिंह जबरन कमरे में घुस आया और सीधे अलमारी खोलने लगा। विरोध करने पर उसने तकिए से उसका मुंह दबा दिया और उसे मारने की कोशिश की। इसके बाद आरोपी अलमारी में रखे 2 लाख 10 हजार रुपये नकद, एक रियलमी मोबाइल और चांदी का पायल लेकर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार सहम गया और तत्काल थाना कुनकुरी में शिकायत दर्ज कराई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 79/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। DIG एवं SSP जशपुर के निर्देश पर SDOP कुनकुरी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर यूनिट को भी सक्रिय किया गया, जिसने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने में अहम भूमिका निभाई।

लगातार दबिश और पतासाजी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी रितेश प्रताप सिंह उर्फ लक्की को धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपी के कब्जे से लूट की रकम में से 18 हजार रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई HF डिलक्स मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

गौरतलब है कि लक्की सिंह कोई नया अपराधी नहीं है। वह पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। इतना ही नहीं, एक बार कोर्ट पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से लोरो घाटी में फरार होने का दुस्साहस भी कर चुका है। इसके बावजूद वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया था।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को 26 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। वहीं, इस वारदात में शामिल उसके दो अन्य साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

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तीन दिवसीय कार्यशाला में उभरी ग्रामीण महिलाओं की अभिव्यक्ति की ताकत, लघु वनोपज से जुड़े संघर्ष, सफलता और संवेदनाओं को मिला प्रभावशाली मंच

जशपुरनगर, 27 अप्रैल 2026/  वन मंडल जशपुर अंतर्गत जिला लघु वनोपज संघ मर्या. एवं फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के संयुक्त तत्वावधान में 24 से 26 अप्रैल तक जिला मुख्यालय स्थित निर्वाणा होटल में तीन दिवसीय स्टोरी टेलिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में कुनकुरी, बगीचा, जशपुर, पत्थलगांव, कांसाबेल एवं सन्ना विकासखंडों की विभिन्न समितियों से जुड़ी वन धन विकास केंद्रों की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना था, ताकि वे लघु वनोपज से जुड़े अपने अनुभवों, संघर्षों और सफलताओं को आत्मविश्वास के साथ साझा कर सकें। साथ ही  इन कहानियों के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, संवर्धन एवं सतत उपयोग का संदेश समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
      कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को कहानी कहने की कला को प्रभावशाली बनाने हेतु नवरस  और पांच ज्ञानेंद्रियों के समुचित उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि भावनात्मक अभिव्यक्ति, व्यक्तिगत अनुभवों और इंद्रियों के संतुलित उपयोग से कहानियों को अधिक जीवंत, प्रभावी और प्रेरणादायक बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण में व्यावहारिक अभ्यास, समूह चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों की संप्रेषण क्षमता को भी मजबूत किया गया। कार्यशाला के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने स्वयं तैयार की गई कहानियों का प्रस्तुतीकरण किया, जिसमें उनके जीवन के अनुभव, स्थानीय परंपराएं और वन संसाधनों के प्रति उनकी संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से झलकी।
       प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि यहां सीखी गई बातें उनके भविष्य में उपयोगी सिद्ध होंगी। कार्यशाला न केवल प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने में सफल रही, बल्कि सामुदायिक स्तर पर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता को भी सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण साबित हुई। वन मंडल जशपुर ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के नवाचारपूर्ण एवं सहभागितापूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।

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मौत को दावत दे रही टूटी गार्डवाल पर आखिरकार जागा सिस्टम: खबर के बाद हरकत में आया पीडब्ल्यूडी, हाईवे-17 के खतरनाक कपरी नाला मोड़ की गार्डवाल मरम्मत का प्राक्कलन तैयार... फाइल पहुंची उच्च कार्यालय

नारायणपुर 27 अफ़्रैल 2026 : खबर का सीधा असर देखने को मिला है। स्टेट हाईवे-17 के चराईडांड–बतौली मार्ग पर कपरी नाला के पास टूटी पड़ी गार्डवाल, जो हर दिन राहगीरों की जान के लिए खतरा बनी हुई थी, उस पर आखिरकार विभाग की नींद टूट गई है। लंबे समय से अनदेखी का शिकार इस खतरनाक स्पॉट को लेकर जैसे ही खबर प्रमुखता से सामने आई, लोक निर्माण विभाग में हलचल मच गई और टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई।

मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लोहे की गार्डवाल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे जरा सी चूक भी सीधे हादसे में बदल सकती है। खासकर रात के अंधेरे और बारिश के दौरान यहां से गुजरना लोगों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। विभाग ने बिना देर किए टूटे गार्डवाल की मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार कर इसे विशेष मरम्मत मद के तहत उच्च कार्यालय को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जगह को लेकर मौखिक शिकायत की गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। अब जब मामला समाचार में जोर-शोर से उठा, तब जाकर विभाग हरकत में आया है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने उम्मीद जताई है कि इस बार सिर्फ कागजी कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की उम्मीद है फिलहाल गेंद अब उच्च कार्यालय के पाले में है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू होने की बात कही जा रही है। देखना होगा कि खबर का यह असर कितनी जल्दी जमीन पर नजर आता है, 

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जल संरक्षण को लेकर प्रियवंदा सिंह जूदेव ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से की अहम मुलाकात, बांकी नदी के संरक्षण और शहर के जल स्रोतों को बचाने पर बनी मजबूत रणनीति, शासन से हरसंभव सहयोग का मिला भरोसा


जशपुरनगरः आने वाली पीढ़ी को भीषण जल संकट से बचाने के लिए जल संरक्षण आवश्यक है। इसके लिए शहर के नदी-नालों सहित पारंपरिक जल स्त्रोतों का संरक्षित करना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा सिंह जूदेव ने उप मुख्यमंत्री अरूण साव से मुलाकात के दौरान कही। जूदेव,उप मुख्यमंत्री साव से रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में मुलाकात करने पहुंची थी। उन्होनें उप मुख्यमंत्री को बताया कि हाल में जल संरक्षण के लिए उन्होनें शहर के बुद्विजीवियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया था,इसमें सभी ने शहर में बढ़ते जल संकट पर चिंता जताते हुए,एकजुट हो कर काम करने की इच्छा जताई है। प्रियंवदा ने बताया कि इस बैठक में शहरवासियों ने नगर की जीवन रेखा कहलाने वाली बांकी नदी के सिमटते हुए अस्तित्व पर चिंता जाहिर करते हुए,इसे संरक्षित करने पर जोर दिया हेै। इस पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने शासन स्तर पर हर संभव सहयोग देने का आश्वासन देते हुए,प्रियवंदा सिंह जूदेव के पहल की सराहना की।

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बरनवापारा की धरती पर कभी विलुप्ति के कगार पर पहुंचे काले हिरण आज 200 की संख्या पार कर बने छत्तीसगढ़ की शान, ‘मन की बात’ में गूंजा संरक्षण का यह ऐतिहासिक अभियान

रायपुर, 26 अप्रैल 2026/यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए  सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।

एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव - काले हिरण - से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।
बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।
अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।

संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।

इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।

काले हिरण के बारे में 
काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।

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संघर्ष से सफलता तक: पहाड़ी कोरवा बेटी शाम कुमारी ने रचा इतिहास, पढ़ाई के साथ नौकरी पाकर बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर, 26 अप्रैल 2026/
छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं, सरकारी योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली शाम कुमारी पहाड़ी कोरवा की सफलता की कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के पहल पर शाम कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब वे अपनी उच्च शिक्षा का सपना स्वयं के दम पर पूरा कर रही हैं।

 *शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा' में वार्ड आया के पद पर पदस्थ शाम कुमारी*

   सरगुजा जिले के विकासखंड लुंड्रा के ग्राम पंचायत चिरमुण्डा निवासी शाम कुमारी वर्तमान में बी.एससी. (B.Sc.) अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के प्रति उनके जज्बे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें 'शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवापारा' में वार्ड आया (Ward Aya) के पद पर पदस्थ किया गया है।

*पढ़ाई का खर्च अब खुद उठा सकेंगी शाम कुमारी*

        अपनी खुशी साझा करते हुए शाम कुमारी कहती हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन रोजगार मिलने से अब राह आसान हो गई है। उन्होंने बताया, मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे रोजगार का अवसर मिला है। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकती हूँ और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हूँ।

*विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रति संवेदनशील है प्रशासन*

       गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों (PVTG) के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से शिक्षित पहाड़ी कोरवा युवक युवती को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 30 पदों पर नियुक्ति किया गया है। शाम कुमारी ने इस अवसर के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन सरगुजा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए शासन द्वारा उठाए जा रहे ये कदम समाज में नया हौसला भर रहे हैं।

        शाम कुमारी का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के लिए भी एक संदेश है कि शासन की योजनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

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“प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर के संग बनेगा भारत वैश्विक खेल महाशक्ति, मजबूत खेल तंत्र से ही ओलंपिक में लहराएगा तिरंगा : अरुण साव

रायपुर. 26 अप्रैल 2026/ केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। श्री साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। 

श्री साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।

आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। 

चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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जिला अस्पताल जशपुर में अब हर मंगलवार लगेगा दिव्यांग प्रमाणन शिविर, यूडीआईडी कार्ड नवीनीकरण की भी मिलेगी सुविधा

*जशपुरनगर 26 अप्रैल 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार दिव्यांगजन प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी नवीनीकरण जिला अस्तपताल जशपुर में प्रत्येक मंगलवार को  प्रातः 10.00 बजे से 4.00 बजे तक किया जावेगा। 
                 समाज कल्याण विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि ऐसे दिव्यांगजन जिनका यूडीआईडी कार्ड नहीं बना है और जिनका पहले से बना हुआ पुराना दिव्यांग प्रमाण पत्र है नवीनीकरण करने हेतु जिला जिला अस्तपताल  के रूम नम्बर  11 में कु. रेहाना खातुन मोबाईल नम्बर 7869882397 से सम्पर्क कर दिव्यांग प्रमाण पत्र कार्ड बना सकते है।
                  जिला के समस्त दिव्यांगजनो का प्रमाणीकरण तथा पूर्व में जारी प्रमाण पत्र का नवीनीकरण किया जावेगा। उक्त शिविर में आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार नम्बर में रजिस्टर्ड मोबाईल जिसमें ओटीपी आता हो, फोटोग्राफ जिसमें दिव्यांगता प्रदर्शित हो)जैसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करे। यदि आधार से लिंक मोबाईल नंबर अपडेट करने की आवश्यकता है तो पूर्व से ही आधार केन्द्र में मोबाईल नंबर अपडेट करवा लेवें।

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धुएँ से राहत, जिंदगी में आई रौशनी — उज्ज्वला योजना से जशपुर की 1.54 लाख से ज्यादा महिलाओं के रसोईघर में आई बदलाव की बयार

जशपुर 26 अप्रैल 2026/ प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन के संकल्प के साथ प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे और उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन आए। इसी उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं। 
जशपुर जिले में 1 लाख 54 हजार से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया है।

इस योजना से महिलाओं को रसोई में धुएँ से मुक्ति मिल रही है तथा उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन रहा है।

जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा में हाल ही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पात्र महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। इस अवसर पर लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। विकासखंड बगीचा निवासी श्रीमती क्रांति यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों गैस सिलेंडर प्राप्त कर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पारंपरिक चूल्हे के धुएँ से छुटकारा मिलेगा। पहले रसोई में धुएँ के कारण आँखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होती थी, लेकिन अब गैस कनेक्शन मिलने से वे स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में आसानी से भोजन बना सकेंगी।

इसी प्रकार ग्राम मड़िया निवासी श्रीमती फूलमती नगेसिया ने बताया कि वे अब तक लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती थीं। धुएँ के कारण घर का वातावरण खराब हो जाता था और उन्हें काफी असुविधा होती थी। निःशुल्क गैस कनेक्शन मिलने से अब खाना जल्दी और साफ-सुथरे तरीके से बन सकेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके लिए बहुत राहत लेकर आई है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि समय और श्रम की भी बचत हो रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले की महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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“यूरिया का विकल्प बनी हरी खाद: जशपुर में 600 हेक्टेयर में होगा प्रदर्शन, किसानों से अपनाने की अपील


 
जशपुरनगर 26 अप्रैल 2026/ जिले में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए सभी विकास खण्ड में इस वर्ष 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।
         
विभाग द्वारा किसान भाईयों से कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद का उपयोग कर धरती माता को चिरस्थाई, दीर्घायु बनाने हेतु अपील किया गया है।

*हरी खाद* 
विशिष्ट फसलों को खेत में जोतकर मिट्टी में दबाकर लगाया जाता है। तब उससे हरी खाद बनता है। हरि खाद वाली फसलें मे ढेंचा, सनई मुंग, उड़द, बरसीम
शामिल हैं। इस खाद का उपयोग बुआई से पहले रात भर बीज को भीगो देना होता है। मार्च अप्रैल में बुआई कर, बुआई के 40-50 दिन बाद, ट्रेक्टर हल से जुताई करके में मिलाना होता है। 2-3 हफ्ते बाद मुख्य फसल बोना होता है। 
 
*हरी खाद के फायद* 
 मिट्टी में नाइट्रोजन पोटाष और कई पोषक तत्व की मात्रा बढ़ाती है। जैविक पदार्थ बढ़ता है। मिट्टी की जल धारण क्षमता सुधारती है। मिट्टी को भूरभूरी और उपजाऊ बनाती है। जैविक पदार्थ बढ़ता है। रासायनिक खाद की जरूरत कम करती है। इसके लिए बहुत ज्यादा पकी (कठोर) फसल को न जोतना होता है। खेत में नमीं होना जरूरी है। जुताई के बाद 15-20 दिन तक सड़ने देना है।  एक एकड़ में 10-12 किलो पर्याप्त है। खराब जमीन पर 20 कि.ग्रा. तक डाल सकते है।

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मन की बात” में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 26 अप्रैल 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, श्री अजय जामवाल, श्री अखिलेश सोनी, श्री रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मौत का मोड़” फिर बना हादसे का मैदान — सारंगडाँड़ में देर रात ट्रेलर पलटा, चीख-पुकार के बीच ड्राइवर की सांसें अटकीं, हर महीने 2 से 4 हादसे… जिम्मेदार अब भी गहरी नींद में 

नारायणपुर : 26 अफ़्रैल 2026 - चराईडाँड़–बतौली स्टेट हाईवे का बनकोम्बो-सारंगडाँड़ हिस्सा अब “मौत का मोड़” बन चुका है, जहां हर गुजरने वाला पहिया खतरे के साये में चलता है। बीती रात करीब साढ़े 9 बजे एक बार फिर इस खतरनाक “अंधा मोड़” ने बड़ा हादसा निगलने की कोशिश की, जब बोकारो से सरिया लोड कर अनूपपुर जा रहा ट्रेलर (JH 09 BN 2366) अचानक मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया।

हादसे की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के घरों में दहशत फैल गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह दब चुका था और चालक उसी में फंसा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। ग्रामीणों ने बिना देर किए जान जोखिम में डालकर राहत कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद ड्राइवर को बाहर निकाला। तुरंत नारायणपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। अगर कुछ मिनट और देरी होती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।

लेकिन यह कोई पहली घटना नहीं है… यही सबसे बड़ा सवाल है!

स्थानीय लोगों के मुताबिक सारंगडाँड़ का यह “अंधा मोड़” हर महीने 2 से 4 हादसों का गवाह बन रहा है। कई परिवार इस मोड़ की वजह से अपनों को खो चुके हैं, लेकिन सिस्टम अब भी खामोश है। यहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड है, न ही स्पीड कंट्रोल की कोई व्यवस्था — यानी सड़क पर चलता हर वाहन खुद अपनी किस्मत के भरोसे है।

मोड़ की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके एक छोर में घने और ऊंचे पेड़ खड़े हैं, जो पूरी तरह दृश्यता को खत्म कर देते हैं। सामने से आ रही गाड़ी आखिरी पल में नजर आती है और तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। चालक के पास न संभलने का मौका होता है, न बचने का रास्ता — और बस एक झटके में सब कुछ खत्म!

ग्रामीणों का गुस्सा अब साफ दिखने लगा है। सरपंच सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सम्बंधित विभाग के कर्मचारियों को शिकायत करने के बावजूद विभाग ने न तो पेड़ों की छंटाई कराई और न ही चेतावनी संकेतक लगाए। हर हादसे के बाद सिर्फ अफसोस जताया जाता है, लेकिन जमीनी कार्रवाई शून्य है।

लोगों का कहना है — बनकोम्बो से नारायणपुर कपरीनाला तक 3 से 4  खतरनाक ओर अंधा मोड़ है विभाग की लाफ़रवाही इतनी चरम पर है कि कंन्ही भी चेतावनी के सांकेतिक बोर्ड नही लगाया गया है। सारंगडाँड़ में अगर समय रहते इस “अंधा मोड़” पर पेड़ों की छंटाई कर दी जाए, दोनों ओर बड़े-बड़े चेतावनी के संकेतक बोर्ड लगा दिए जाएं तो 95% हादसे रोके जा सकते हैं। लेकिन सवाल यही है कि आखिर विभाग कब जागेगा? 

फिलहाल, सारंगडाँड़ का यह मोड़ हर दिन एक नए हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है… और हर गुजरती गाड़ी के साथ दहशत भी दौड़ रही है। अब देखना यह है कि जिम्मेदारों की नींद कब टूटती है — या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही चेतना आएगी!

सुनिए क्या कहते हैं ग्रामीण :-

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जशपुर नगर के गम्हरिया विद्यालय में भावनाओं से भरा ऐतिहासिक विदाई समारोह—तीन अनुभवी कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक दी गई विदाई, पूरे परिसर में छाया गौरव और अपनापन का माहौल 

जशपुर नगर 26 अफ़्रैल 2026  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गम्हरिया में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब वर्षों तक अपनी सेवाएं देकर शिक्षा जगत को समृद्ध करने वाले तीन कर्मयोगी—प्राचार्य राम कुमार पाठक, खेल शिक्षिका श्रीमती शोभावन्ती राठिया एवं कार्यालय सहायक रामेश्वरम राम—अपने सेवाकाल की पूर्णता पर सेवानिवृत्त हुए। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा एक भव्य एवं गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जो सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता से ओतप्रोत रहा।

समारोह के दौरान सहकर्मियों ने इन सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके लंबे और समर्पित सेवाकाल को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि इनका योगदान केवल शिक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इन्होंने विद्यालय के वातावरण को अनुशासन, ईमानदारी और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति से सुसज्जित किया। इनके अनुभव और मार्गदर्शन ने न केवल विद्यार्थियों का भविष्य संवारा, बल्कि सहकर्मी शिक्षकों को भी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।

विदाई के इस भावुक क्षण में स्वयं सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं को जीवन में संतुलन बनाए रखने, कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। उनके शब्दों में वर्षों की साधना और सेवा का अनुभव झलक रहा था, जिसने उपस्थित सभी को भावुक कर दिया।

विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ जीवन और निरंतर सफलता की कामना करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व, कार्यशैली, समयपालन और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण सदैव सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। समारोह के अंत में स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई, जहां हर आंख नम थी, लेकिन दिल गर्व और सम्मान से भरा हुआ था।

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जशपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भाजयुमो का जोरदार प्रदर्शन: महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, राहुल गांधी का पुतला दहन कर जताया विरोध, प्रधानमंत्री मोदी के फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम 

जशपुर : 25 अफ़्रैल 2026 । जशपुर जिले में शनिवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) एवं महिला मोर्चा द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के पक्ष में आवाज बुलंद की।

कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकर्ताओं के एकत्रीकरण के साथ हुई, जहां सभी ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और इससे देश की आधी आबादी की उम्मीदों को ठेस पहुंचती है।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भूमिका मिलेगी।

इस मौके पर महिला मंडल अध्यक्ष अनीता पैंकरा, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष दीपक मिश्रा, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगा राम भगत, जिला मंत्री संतोष सिंह, भाजयुमो जिला महामंत्री राजा सोनी, जिला उपाध्यक्ष नमित सिंह, जिला प्रशिक्षण प्रमुख राहुल गुप्ता, मीडिया सह प्रभारी दीपक सिंह, सह कोषाध्यक्ष संजय सिंह, एसटी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष विनोद निकुंज, पिछड़ा वर्ग मोर्चा मंडल अध्यक्ष गुन्नू रवानी, एससी मोर्चा मंडल अध्यक्ष प्रकाश नायक, एसटी मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुरेश भगत, जशपुर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष दामोदर साव, सोनक्यारी मंडल अध्यक्ष परिंदा गुप्ता, मनोरा मंडल अध्यक्ष वासुदेव राम भगत, प्रतिमा भगत, पूर्व पार्षद अंजेला खेस एवं मुन्नी गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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फ्लड लाइट की चकाचौंध में सजा कोमड़ो का क्रिकेट मैदान, रोमांचक फाइनल में प्रभाकर जिम इलेवन ने सिंगीबहर को हराकर लहराया जीत का परचम, चौकों-छक्कों की बरसात के बीच खिलाड़ियों पर बरसी इनामों की बारिश, देर रात तक गूंजता रहा जश्न

जशपुरनगर। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम पंचायत कोमड़ो शुक्रवार की रात क्रिकेट के रोमांच से सराबोर नजर आया, जब फ्लड लाइट की चकाचौंध में खेले गए जिला स्तरीय नॉकआउट क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य समापन हुआ। देर रात तक चले इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में प्रभाकर जिम इलेवन ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सिंगीबहर को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। मैच के दौरान मैदान में उमड़ी भारी भीड़, हर चौके-छक्के पर गूंजती तालियां और जीत के बाद खिलाड़ियों का उत्साह पूरे आयोजन को यादगार बना गया।

फाइनल मुकाबले में सिंगीबहर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 76 रन बनाए। शुरुआती ओवरों में टीम ने संतुलित खेल दिखाया, लेकिन मध्यक्रम के लगातार विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा नहीं हो सका। लक्ष्य का पीछा करने उतरी प्रभाकर जिम इलेवन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और बल्लेबाजों ने दर्शकों को जमकर रोमांचित किया। टीम ने मात्र 9 ओवर में 77 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया और मैदान में जीत का जश्न शुरू हो गया।

समापन समारोह भी उतना ही भव्य रहा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विक्रमादित्य सिंह जूदेव और जया सिंह जूदेव शामिल हुए। उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

विजेता टीम प्रभाकर जिम इलेवन को मुख्य अतिथि के हाथों एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन की भी सराहना की गई, जिसमें 37 रन की शानदार पारी खेलने वाले नीतीश को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। वहीं 2 विकेट लेने वाले फैज को बेस्ट बॉलर का पुरस्कार दिया गया। पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले फ्रेंड्स क्लब के विशाल शर्मा को मैन ऑफ द सीरीज का खिताब देते हुए साइकिल भेंट की गई।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि विक्रमादित्य सिंह जूदेव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण मिल रहा है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ऐसे टूर्नामेंट नई प्रतिभाओं को सामने लाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं और युवा बड़ी संख्या में खेल को अपने करियर के रूप में अपना रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के भव्य आयोजन क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूती देते हैं और युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। देर रात तक चले इस आयोजन ने कोमड़ो को खेल उत्सव में बदल दिया, जिसकी गूंज लंबे समय तक लोगों के बीच बनी रहेगी।

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अवैध खनन पर सरकार का बड़ा प्रहार: आधी रात चला केंद्रीय उड़नदस्ता का सर्च ऑपरेशन, हसदेव नदी किनारे रंगे हाथ पकड़ी गई मशीनें, 4 भारी मशीनों की जब्ती से मचा हड़कंप

रायपुर, 25 अप्रैल 2026// छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और इससे प्राप्त राजस्व का प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि इन संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के तहत हो, ताकि प्रदेश को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। समय-समय पर समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
               इसी क्रम में संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, इंद्रावती भवन, नया रायपुर के केन्द्रीय खनिज उड़नदस्ता दल और जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम ने संचालक खनिज के निर्देश पर 24 एवं 25 अप्रैल की रात और सुबह आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला सक्ती और जांजगीर-चांपा के विभिन्न स्वीकृत रेत खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सक्ती जिले की घुरघट्टी, डोटमा, मरघट्टी, मिरौनी, सकराली, किकिरदा, देवरीमठ और करही खदानों में उत्खनन व परिवहन कार्य बंद पाया गया, जिससे नियमों के पालन की पुष्टि हुई। लेकिन जांजगीर-चांपा जिले में मध्य रात्रि के समय निरीक्षण के दौरान हसदेव नदी के पास हथनेवरा घाट क्षेत्र में अवैध रूप से मशीनों का संचालन करते हुए दो चैन माउंटेन मशीनें पकड़ी गईं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया।
          इसके अतिरिक्त ग्राम नवापारा में भी दो एक्सकेवेटर मशीनें जब्त की गईं, जिन्हें अग्रिम आदेश तक कोटवार की सुपुर्दगी में दिया गया है। कुल चार मशीनों की जब्ती कर प्रकरण दर्ज किया गया है।
इन मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
              राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि खनिज संसाधनों की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। केन्द्रीय उड़नदस्ता और जिला टास्क फोर्स को राज्यभर में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे, जिससे अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
इस कार्रवाई में संयुक्त संचालक (खनि प्रशासन) श्री भूपेंद्र चंद्राकर, खनि अधिकारी हीरादास भारद्वाज सहित जिला स्तरीय टीम के अधिकारी शामिल रहे

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संवेदनशील नेतृत्व का बड़ा असर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का त्वरित संज्ञान, मिनटों में हरकत में आया प्रशासन, तीन माह से पेंशन और राशन से वंचित वृद्ध हितग्राही तक पहुँची राहत

रायपुर 25 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील, सजग और जनकेंद्रित नेतृत्व का एक और सशक्त उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक वृद्ध हितग्राही की समस्या पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शासन ने तुरंत राहत सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम पथर्री निवासी श्री भीखलु राम ध्रुव को जिला प्रशासन की सक्रियता से बड़ी राहत मिली है।

मीडिया के माध्यम से प्रसारित एक खबर में यह जानकारी सामने आई थी कि श्री भीखलु राम ध्रुव लंबे समय से पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। इस खबर को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिना विलंब किए तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि संबंधित हितग्राही को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर श्री बीएस उइके ने स्वयं मामले की जानकारी ली और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि श्री भीखलु राम ध्रुव का ई-केवाईसी किसी कारणवश लंबित था, जिसके कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। प्रशासन द्वारा तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई, जिससे उन्हें पुनः शासकीय योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। प्रशासन की तत्परता का परिणाम यह रहा कि श्री भीखलु राम ध्रुव को तीन माह की लंबित वृद्धावस्था पेंशन एकमुश्त प्रदान की गई। 

वहीं खाद्य विभाग द्वारा भी संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके घर पहुंचकर 01 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया है। अब उन्हें नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलना सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के इस मानवीय और तत्पर हस्तक्षेप से राहत प्राप्त करने पर श्री भीखलु राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पेंशन और राशन मिल जाने से मेरे जीवन में बड़ी राहत आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह संवेदनशीलता मेरे लिए बहुत मायने रखती है। अब मुझे भरोसा है कि सरकार हमारी चिंता करती है। 

उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रत्येक जरूरतमंद तक उनका लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए निरंतर सजग और प्रतिबद्ध है।

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