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स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संविदा भर्ती : अंतिम मेरिट सूची जारी, जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध

जशपुरनगर 31 दिसम्बर 2025/ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालन एवं प्रबंधन समिति जशपुर द्वारा संविदा भर्ती सत्र 2025-26 के अंतर्गत दावा-आपत्ति निराकरण के उपरांत अंतिम एकीकृत मेरिट सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। यह सूची जिले के वेबसाइट www.jashpur.nic.in पर प्रकाशित की गई है। अभ्यर्थी इसका अवलोकन कर सकते है। प्राप्त जानकारी के अनुसार  संविदा भर्ती के लिए विभिन्न पदों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके पश्चात प्रारंभिक दावा-आपत्ति सूची 25 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई थी, जिस पर प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के उपरांत 04 सितम्बर 2025 को प्रवर्गवार एवं विषयवार 30 गुनांक अभ्यर्थियों की एकीकृत मेरिट सूची जिले की वेबसाइट www.jashpur.nic.in पर प्रकाशित की गई थी। 30 गुनांक अभ्यर्थियों की अंतिम दावा-आपत्ति के निराकरण के पश्चात विज्ञापन की चयन प्रक्रिया के अंतर्गत अब प्रत्येक पद के विरुद्ध 25 गुनांक अभ्यर्थियों की एकीकृत मेरिट सूची प्रकाशित की गई है। भृत्य एवं चौकीदार पदों के लिए 25 गुनांक की पृथक मेरिट सूची जारी की जाएगी।

      जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 25 गुनांक अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज सत्यापन, साक्षात्कार एवं कौशल परीक्षा की तिथि पृथक से निर्धारित कर शीघ्र ही जिले की वेबसाइट के माध्यम से सूचना दी जाएगी। सभी अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे नियमित रूप से जिले की वेबसाइट www.jashpur.nic.in का अवलोकन करते रहें, ताकि आगामी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी समय पर प्राप्त हो सके।

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दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

*प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक पहुँचाई जाएंगी नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ*

रायपुर 31 दिसंबर 2025/ दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, किसानों एवं वनवासी परिवारों के हित, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा तथा प्रशासनिक सुधारों की दिशा में मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले”

रायपुर 31 दिसम्बर 2025
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई।

2. मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई।

3. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।

4. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम।

वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी।

5. मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि - 
 उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल

 सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी
   
6. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

8. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 

9. मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

10. मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।

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नववर्ष से पहले जशपुर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ऐतिहासिक सौगात, ग्रामीण व दूरस्थ अंचलों की 10 सड़कों के लिए 31 करोड़ 91 लाख रुपये की मंजूरी, वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी


जशपुरनगर 30 दिसम्बर 2025 : नववर्ष की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले जिलेवासियों के लिए खुशखबरी लेकर आई है।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 10 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन हेतु कुल 31 करोड़ 91 लाख रुपए की बड़ी राशि स्वीकृत की है।वर्षों से लंबित ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने पर क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार जताया है।
             स्वीकृत सड़कों में जिले के मुड़ापारा के एनएच-43 रोड से चर्चपारा होते हुए सुकबासुपारा तक 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपए, ग्राम पंचायत कछार से सरपंच बस्ती चौक पक्की सड़क से तिरसोठ तक 3 करोड़ 41 लाख रुपए, कांसाबेल के डांडपानी से खूटेरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 52 लाख रुपए, पाले पखना से जुनवाईंन पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।इसी तरह कांसाबेल के सेमरकछार भट्टीटोली से लपई पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 69 लाख रुपए, ग्राम पंचायत कर्रबेवरा से पखनापारा माड़ो गुफा तक पहुंच मार्ग के लिए 1 करोड़ 88 लाख रुपए, ग्राम पंचायत घरजियाबथान के ठाकुर मुड़ा से रघुनाथपुर जोड़ा तालाब मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपए, ग्राम पंचायत पाकरगांव से तुरवाआमा होते हुए चौराआमा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपए, ग्राम पंचायत भगरपुर से भगोरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपए तथा अटल चौक से पंडरीपानी होते हुए तिलंगा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 43 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

      इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, किसानों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा विकास को नई गति मिलेगी। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नए साल से पहले जिले को विकास की बड़ी सौगात देकर उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है।

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छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों का 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण,मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से घर बैठे कर सकते हैं केवायसी

रायपुर, 30 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। 

 खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है।

 अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारांे को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। 

राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।

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मखाना खेती से बदलेगी धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर,महिलाओं ने मखाना खेती में देखी आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह

रायपुर, 30 दिसंबर 2025/ कृषि विविधीकरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में धमतरी जिले ने एक और ठोस कदम बढ़ाया है। विकासखंड नगरी के ग्राम सांकरा से 40 इच्छुक महिला किसान समूह का एक दल रायपुर जिले के विकासखंड आरंग अंतर्गत ग्राम लिंगाडीह पहुंचा, जहाँ उन्होंने मखाना प्रोसेसिंग एवं आधुनिक खेती तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अध्ययन भ्रमण एवं प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था जिला उद्यानिकी विभाग, धमतरी द्वारा की गई। 
ख़ास कर कलेक्टर धमतरी ने मखाना खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी को लेकर रुचि ले रहे हैं । 

*ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी*

       अब जल्द ही धान से आगे सोच से मखाना खेती से धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी ।  छोटी छोटी डबरी से समृद्धि तक धमतरी की महिलाओं को मखाना खेती में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह दिखायी दे रही है । शासकीय प्रयासों का प्रतिफल है कि मखाना खेती से धमतरी में आर्थिक सशक्तिकरण होगा ।

*मखाना का उत्पादन लागत और बाजार संभावनाओं पर विस्तार से दी जानकारी*

     कलेक्टर के सतत प्रयासों से धमतरी जिले के ग्राम राखी, पीपरछेड़ी, दंडेसरा, राँकाडोह एवं सांकरा में लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में डबरी चिन्हांकन कर मखाना खेती की शुरुआत हो चुकी है। महिला किसानों ने  स्थानीय ओजस फार्म का भ्रमण करते हुए मखाना की खेती, कटाई, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी संपूर्ण श्रृंखला को नजदीक से समझा। फार्म प्रबंधक श्री संजय नामदेव ने किसानों को बताया कि मखाना की खेती के लिए जलभराव वाली डबरी, तालाब या जल संरचनाएं उपयुक्त होती हैं। उन्होंने तकनीकी पहलुओं, बीज चयन, उत्पादन लागत और बाजार संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी तथा यह भी बताया कि उचित प्रशिक्षण एवं सरकारी सहयोग से यह फसल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

*स्थायी आय का मजबूत स्रोत विकसित*

      इस अवसर पर श्री शिव साहू ने मखाना खेती के व्यावसायिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह फसल कम जोखिम वाली है और इससे स्थायी आय का मजबूत स्रोत विकसित किया जा सकता है। महिला किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मखाना खेती से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का नया अवसर दिखाई दे रहा है।
 
*एक किलो मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार*

       बिहार के दरभंगा निवासी मखाना प्रोसेसिंग विशेषज्ञ श्री रोहित साहनी फोड़ी ने प्रसंस्करण की बारीकियां समझाते हुए बताया कि 1 किलो मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार होता है, जिसकी बाजार कीमत 700 रुपये से 1000 रुपए प्रति किलो तक होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसान स्वयं उत्पादन के साथ प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करें, तो प्रति एकड़ लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

*औसत उत्पादन 10 क्विंटल तक प्राप्त*

         इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख वैज्ञानिक ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ लगभग 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और औसत उत्पादन 10 क्विंटल तक प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि छह माह की अवधि वाली इस फसल में कीट-व्याधि का प्रकोप नगण्य होता है तथा चोरी जैसी समस्याएं भी नहीं होतीं, जिससे यह किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प बनती है।

*किसानों ने मखाना बोर्ड एवं राज्य शासन की योजनाओं की दी गई जानकारी*

           उप संचालक उद्यानिकी, धमतरी  डॉ.पूजा कश्यप साहू के मार्गदर्शन में ग्रामीण उद्यानिकी अधिकारी श्री चंद्रप्रकाश साहू एवं बीटीएम श्री पीताम्बर भुआर्य के साथ आए किसानों ने मखाना बोर्ड एवं राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। डॉ.पूजा ने बताया कि मखाना की खेती को प्रोत्साहन देने हेतु प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं सब्सिडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
   
 *राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित*

      उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यावसायिक मखाना उत्पादन आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था, जहाँ राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित हुआ।

*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा*
        आज मखाना उत्पादन छत्तीसगढ़ की नई कृषि पहचान बन रहा है। धमतरी की महिला किसानों का यह प्रयास न केवल कृषि नवाचार का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन,प्रशिक्षण और प्रशासनिक संकल्प से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।

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 गौ वंश संरक्षण की दिशा में जशपुर पुलिस की निर्णायक पहल, ऑपरेशन शंखनाद के अंतर्गत 05 गौ वंश सुरक्षित, 02 गौ तस्कर सलाखों के पीछे

जशपुर : - 30 दिसम्बर 2025
जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। चौकी सोन क्यारी क्षेत्र में पुलिस ने जंगल के रास्ते पैदल गौ वंशों की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 05 नग गौ वंशों को सकुशल मुक्त कराया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। पुलिस के अनुसार, दिनांक 29 दिसंबर 2025 को ग्राम कोयली बथान निवासी जगदेव राम (44 वर्ष) ने चौकी सोन क्यारी पुलिस को सूचना दी थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति कुछ गौ वंशों को हांकते हुए बलादरपाठ की ओर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों को संदेह होने पर उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही चौकी सोन क्यारी पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए मौके पर दबिश दी। ग्राम कोयली बथान क्षेत्र में पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्ति 05 नग गौ वंशों के साथ मिले। पूछताछ करने पर उन्होंने अपने नाम किशोर मिंज (43 वर्ष) एवं बुलकन तिर्की (40 वर्ष) बताए, जो ग्राम सरईटोली, थाना सन्ना, जिला जशपुर के निवासी हैं।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गौ वंशों को कुछ लोगों ने खरीदा था और उन्हें झारखंड राज्य के ग्राम गोविंदपुर ले जाने के लिए कहा गया था। इसी उद्देश्य से वे जंगल के रास्ते पैदल गौ वंशों को हांकते हुए ले जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गौ वंशों के कथित खरीदारों की पहचान कर ली है, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश लगातार की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात पुलिस ने कही है।

 पुलिस द्वारा जब आरोपियों से गौ वंशों से संबंधित वैध दस्तावेजों की मांग की गई, तो वे कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेते हुए सभी 05 गौ वंशों को बरामद किया। बरामद पशुओं का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया, जिसमें सभी गौ वंश स्वस्थ पाए गए।

मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने एवं आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर पुलिस ने उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोन क्यारी सहायक उप निरीक्षक वैभव कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक विशाल गुप्ता एवं आरक्षक विमल मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस संबंध में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी के विरुद्ध अत्यंत संवेदनशील है और जिले में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और गौ तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जशक्राफ्ट हस्तशिल्प उत्पादों की सराहना

जशपुरनगर 30 दिसंबर 2025/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णु देव साय को जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों- बाँस एवं सवई घास से निर्मित आकर्षक हस्तशिल्प उत्पादों को पारंपरिक कलाकृतियों के रूप में उपहार स्वरूप भेंट किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जशक्राफ्ट के हस्तशिल्प उत्पादों को देखकर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की तथा स्थानीय कारीगरों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ विकसित की गई इन पारंपरिक कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। यह अवसर जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय कला, स्थानीय कारीगरों के उत्कृष्ट कौशल तथा जशपुर वनमंडल द्वारा किए जा रहे नवाचारपूर्ण एवं जनकल्याणकारी प्रयासों के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण रहा।
               जशपुर वनमंडल द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की नवाचारपूर्ण पहलें निरंतर जारी रखी जाएंगी, ताकि स्थानीय संसाधनों का संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान का संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ कर सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

               जशपुर वनमंडल द्वारा नवाचार के अंतर्गत ग्राम कोटानपानी के संयुक्त वन प्रबंधन समिति को चक्रीय निधि से वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे ग्रामीण महिला कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके हैं। प्रदत्त सहायता से संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों बाँस एवं सवई घास का उपयोग करते हुए आकर्षक एवं पर्यावरण-अनुकूल हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत तैयार किए जा रहे उत्पादों में झुमके, माला, टोपी सहित अन्य पारंपरिक आभूषण एवं दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं। ये सभी उत्पाद स्थानीय कारीगरों की पारंपरिक कला, कौशल, रचनात्मकता तथा पीढ़ियों से संचित जनजातीय ज्ञान का सशक्त प्रतिबिंब हैं। उत्पाद निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत् उपयोग के सिद्धांतों का विशेष रूप से पालन किया जा रहा है।
           जशक्राफ्ट पहल के माध्यम से न केवल स्थानीय कारीगरों एवं ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय कला एवं हस्तकला को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इस पहल से स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार उपलब्ध होंगे तथा स्वरोजगार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आगडीह हवाई पट्टी से हुई रवाना 

जशपुर 30 दिसम्बर 2025/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जशपुर आगडीह हवाई पट्टी से रवाना हुई।  इस दौरान छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णुदेव साय कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सांसद श्री चिन्तामणी महाराज, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय,जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री पुरन्दर  मिश्रा, कमिश्नर सरगुजा श्री नरेन्द्र दुग्गा ,आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह मौजूद रहे।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आगडीह हवाई पट्टी आगमन पर हुआ आत्मीय स्वागत

जशपुर 30 दिसम्बर 2025/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जशपुर आगडीह हवाई पट्टी आगमन पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णुदेव साय कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सांसद श्री चिन्तामणी महाराज, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय,जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री पुरन्दर  मिश्रा, कमिश्नर सरगुजा श्री नरेन्द्र दुग्गा ,आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह ने आत्मीय स्वागत किया।

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रायकेरा में विशाल हिंदू सम्मेलन संपन्न,सनातन संस्कृति की रक्षा व सामाजिक एकता पर दिया गया जोर

जशपुर/नारायणपुर : 30 दिसम्बर 2025 : कुनकुरी खण्ड के रायकेरा मंडल में रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संघ से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति की महत्ता, सामाजिक एकता एवं राष्ट्रहित के विषयों पर जनजागरूकता फैलाना रहा।


        इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदरणीय श्रीमान शौर्य प्रताप सिंह जूदेव उपाध्यक्ष, जिला पंचायत एवं राज्य युवा मोर्चा सदस्य रहे। मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमान हरिओम शर्मा प्रांत कुटुंब प्रबोधन प्रमुख, छत्तीसगढ़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमान राजीव रंजन नंदे  जिला संघचालक ने की।विशिष्ट अतिथियों में श्रीमान इंदर हेडा खण्ड संघचालक तथा श्रीमान शंभूनाथ चक्रवर्ती  पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, धार्मिक प्रांत प्रमुख एवं अध्यक्ष माटीकला बोर्ड, छत्तीसगढ़ शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें स्थानीय कलाकारों ने सहभागिता निभाई। अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत एवं परिचय कराया गया, जिसके बाद वक्ताओं ने क्रमशः अपने विचार रखे।


     मुख्य अतिथि श्रीमान शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें यह विशाल हिंदू सम्मेलन भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित रहकर अपनी संस्कृति, सभ्यता एवं धर्म के प्रति सजग रहना चाहिए तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव बनाए रखना चाहिए। स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर सनातन धर्म की रक्षा हेतु कार्य किया और समाज को संगठित करने के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित किए। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी द्वारा भी सामाजिक एवं धार्मिक जागरण के कार्य किए जा रहे हैं।श्री जूदेव जी ने कहा कि देश, धर्म और संस्कृति के विरोधी तत्वों की पहचान आवश्यक है तथा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना के साथ समाज को आगे बढ़ना चाहिए।
         मुख्य वक्ता हरिओम शर्मा ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय हिंदू समाज में व्याप्त विखराव, मतभेद और सामाजिक असंगठन के कारण समाज कमजोर हो रहा था, जिसे संगठित करने के उद्देश्य से संघ की स्थापना हुई।
श्री शर्मा  ने पाँच परिवर्तन के पाँच प्रमुख बिंदुओं—सामाजिक समरसता,कुटुंब प्रबोधन,पर्यावरण संरक्षण,स्व का बोध,नागरिक कर्तव्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से मातृशक्तियों से आह्वान किया कि वे इन मूल्यों को अपने घर से अपनाने की शुरुआत करें।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनसमूह द्वारा भारत माता की सामूहिक आरती की गई। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
              इस अवसर पर विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे— उमेश सिंह  सरपंच, कोमड़ो,श्रीमती मालती बाई सरपंच, बोड़ोकछार),
श्रीमती अनिता होता बी.डी.सी., सह खण्ड संघचालक राधेश्याम , शंकर यादव,  गोविंद यादव,  विद्याधर सिंह,  उदय शर्मा,  अशोक चौहान, बिहारी नायक मंडल पालक,  राजकुमार चौहान, देवचरण, मनीष हेडा, कर्नेल सिंह, शशिभूषण यादव मंडल कार्यवाह श्री दरगादास,  पवन सिंह,  गुलाब यादव, उमेश विश्वकर्मा, रवि यादव, देवराज यादव, संतोष सहाय,l विष्णु राय,  दिगंबर दास,  मनोज दास, बसंत यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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“25 साल का छत्तीसगढ़, सुशासन सरकार के 2 वर्ष: बगिया से मुख्यमंत्री का विकास संदेश”,मोदी की गारंटी से बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर,आवास, किसान, महिला और आदिवासी विकास सहित जनकल्याणकारी योजनाओं से बदली प्रदेश की तस्वीर

जशपुरनगर 30 दिसम्बर 2025/ सुशासन सरकार के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया स्थित अपने निज निवास में आयोजित आमजनों एवं पत्रकारों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर वीडियो डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया। बगिया में मौजूद लोगों ने वीडियो के माध्यम से सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 दिसम्बर को सरकार के दो वर्ष पूर्ण हुए और इसी वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के भी 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया, जो विकास के स्वर्णिम काल की ओर संकेत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर जनता ने विश्वास जताया। सरकार बनते ही सभी गारंटियों को पूर्ण किया जा रहा है। जिससे लोग लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 36 वादे किए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया, जबकि वर्तमान सरकार ने शपथ लेते ही जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए ठोस निर्णय लिए। कार्यक्रम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव,  जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, श्री सुनील गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, आम नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए सरकार बनते ही 14 दिसम्बर 2023 को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख गरीब परिवारों के आवास स्वीकृत किए गए। अब तक 8 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को एकमुश्त राशि में धान का भुगतान किया जा रहा है, 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से खरीदी और 3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है। लंबित बोनस राशि का भुगतान किया गया तथा तेंदूपत्ता 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से खरीदा जा रहा है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। महिलाएं इस राशि से सब्जी-भाजी व्यवसाय, पशुपालन, किराना दुकान जैसे कार्य कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रही हैं। उन्होंने रायगढ़ जिले के एक गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां महतारी वंदन की राशि से चंदा कर ग्रामीण महिलाओं ने श्रीराम मंदिर का निर्माण करा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही के लिए पृथक सुशासन विभाग का गठन किया गया है। बस्तर एवं दण्डकारण्य क्षेत्र में इमली, महुआ, चिरौंजी जैसे वनोपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा के अनुरूप सुरक्षा बलों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुनर्वास नीति लागू कर नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत 400 से अधिक गांवों में सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में सवा लाख करोड़ रुपए का निवेश कर व्यापक विकास किया जाएगा।

उद्योग एवं रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित युवाओं को उद्योग नीति के अंतर्गत 1 रुपए प्रति एकड़ की दर से भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू हुए हैं। माइक्रो-चिप्स निर्माण के लिए सिलिकॉन वैली की तर्ज पर परियोजना लाई जा रही है। कोसा, तसर, सिल्क एवं वस्त्र उद्योग की इकाइयों के लिए भी करार किए गए हैं। अब तक 15 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जिनमें बिजली, सहकारिता, पीडब्ल्यूडी तथा अन्य विभाग शामिल है। साथ ही 5000 शिक्षक भर्ती भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

जनजातीय विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘जश-प्योर' ब्रांड के माध्यम से जशपुर में महुआ कैंडी जैसे उत्पाद तैयार कर वैल्यू एडिशन किया जा रहा है। वन-धन योजना के तहत स्थानीय वन उपजों की खरीदी कर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। 80 हजार करोड़ रुपए की धरती आबा योजना के अंतर्गत प्रदेश में 6691 जनजातीय गांवों का विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 4000 करोड़ रुपए से विशेष पिछड़ी जनजातियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इन दोनों योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इन योजनाओं से पहाड़ी कोरबा, बिरहोर, अबूझमाड़ियां, कमार एवं बैगा इन पांच विशेष पिछड़ी जनजातियों का समग्र विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि अबूझमाड़ के बच्चे मलखंभ में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। बस्तर के धुर्मारास गांव का चयन विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में देश से एकमात्र छत्तीसगढ़ के गांव के रूप में हुआ है, जिससे पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।

जशपुर जिले के लिए की जा रही घोषणाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां आर्चरी अकादमी और मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। फरसाबहार में सत्य साईं हृदय चिकित्सा यूनिट 14 जनवरी से प्रारंभ होगी, जहां बच्चों के दिल की बीमारी का निःशुल्क उपचार होगा। नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, हर्राडांड में विद्युत उत्पादन इकाई, नालंदा परिसर एवं पर्यटन अधोसंरचना का विकास भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर वर्ग को सुविधा और अवसर मिले और जनता की उम्मीदों पर सरकार खरी उतरे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल

जशपुरनगर, 30 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढूढरूडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए उनके योगदान को सराहा। कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं। वरिष्ठजनों एवं समाजसेवियों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है, जिससे वे एक अच्छे नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अग्रसर होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार के गठन के साथ ही पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। किसानों के हित में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख महिलाओं को 22वीं किस्त प्रदान की जा चुकी है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी के लिए अत्यंत आवश्यक है और छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय महत्व के आईआईटी, एम्स, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी सहित 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। युवाओं को इन संस्थानों का अधिकतम लाभ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।    
     मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत राज्य को 7.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस नीति में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे यह वर्ग भी व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ सके। जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। खेलों के क्षेत्र में सन्ना में तीरंदाजी अकादमी का निर्माण करने सहित स्टेडियमों एवं खेल मैदानों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर छत्तीसगढ़ को मिला है।
   कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं सुसंस्कृत नागरिक बनाने पर भी जोर देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज से जुड़कर आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को जागरूक कर आगे बढ़ाने में योगदान दें। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि समाज को सभी क्षेत्रों में मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को समर्पण भाव से कार्य करना होगा। यदि समाज के बुजुर्ग एवं जागरूक वर्ग संकल्प लें, तो समाज के साथ-साथ देश भी तेजी से प्रगति करेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कंवर समाज के महासचिव श्री अशोक पैंकरा, अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज उत्तरी क्षेत्र-ढूढरूडांड के अध्यक्ष श्री विष्णु प्रसाद साय, सचिव श्री राजेश पैंकरा, कोषाध्यक्ष श्री गुलसागर साय सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

जशपुरनगर 30 दिसम्बर  2025 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढुढरुडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का  लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें  13 करोड़ 56 लाख 86 हजार रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण और 26 करोड़ 68  लाख 97 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों  का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित कंवर समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।
        मुख्यमंत्री श्री साय ने और 26 करोड़ 68  लाख 97 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों  का भूमिपूजन किया, उनमें 2.71 करोड़ रूपए लागत के DA-IGUA योजना के अंतर्गत ग्राम - आमाटोली विकासखण्ड-पत्थलगांव में 100 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य, 3.04 करोड़ रुपए लागत के  ग्राम पंचायत पंगसुवा दर्रापारा तक मार्ग लं. 3.20 कि.मी.सड़क निर्माण कार्य, 2.35 करोड़ रुपए लागत के सराईटोला से बरपारा पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य लंबाई 3.20 किमी., 3.06 करोड़ लागत के  पालीडीह बस्ती से लाखझार (पेट्रोल पम्प) तक लं. 2.60 किमी. का निर्माण कार्य, 6.34 करोड़ लागत के ग्राम पंचायत मुड़ाबहला में कर्राजोर से होते हुए बरपारा, धनुपारा से काडरो पहुंच मार्ग लं. 5.30 कि.मी. सड़क निर्माण कार्य, 2.73 करोड़ रुपए लागत के ग्राम पंचायत बंधनपुर से छातासराई तक पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य लं. 2.85 किमी निर्माण कार्य, 2.16 करोड़ रुपए लागत के ग्राम पंचायत सूरजगढ़ के मिडिल स्कूल पक्की सड़क से लुडेग गौठान तक पहुंच मार्ग लं. 2.55 किमी. निर्माण कार्य, 2.01 करोड़ लागत के ग्राम पंचायत तिलडेगा अटल चौक से आमाकानी पहुंच मार्ग लं. 2.26 किमी. का निर्माण कार्य और 2.25 करोड़ रुपए लागत के एस.टी.पी. निर्माण कार्य शामिल है।
         इसी तरह उन्होंने 13 करोड़ 56 लाख 86 हजार रूपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण किया उनमें 2.63 करोड़ रुपए लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के कोरंगा बस्ती से ग्यारटोली पहुंच मार्ग लं. 2.20 किमी. तक का निर्माण कार्य पुल-पुलियों सहित, 1.07 करोड़ रुपए लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के छुरीटोली से अलंगीझार पहुंच मार्ग लं. 1.10 किमी. तक का निर्माण कार्य पुल-पुलियों सहित, 1.97 करोड़ रुपए लागत से निर्मित  वि.ख. कांसाबेल के करंजटोली डाड़ीडिपा होते हुए चक्रधर नगर पहुंच मार्ग लं. 1.00 किमी. तक का निर्माण कार्य, 1.72 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के कोरंगा बस्ती श्याम घर से खैरवारटोली पहुंच मार्ग लं. 1.50 किमी. तक का निर्माण कार्य पुल-पुलियों सहित, 4.28 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के मुसकुटी से मुख्य मार्ग पहुंच मार्ग लं. 3.50 किमी. पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य, 3 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के करंजटोली-रजौटी पहुचं मार्ग लं. 1.20 किमी. पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य, 1.23 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ग्राम पंचायत घोघरा के चौक से फरसाटोली मेन रोड तक लं. 1.00 किमी. का निर्माण कार्य, 10 लाख रुपए की लागत से निर्मित सी.सी. रोड निर्माण प्राथमिक शाला पातरतोरा से जंगलू भगत के घर तक, ग्राम पंचायत नक्टीमुंडा और 54.01 लाख रुपए की लागत से निर्मित वि.खं. कांसाबेल कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), पत्थलगांव, विकासखण्ड़- पत्थलगांव का भवन निर्माण कार्य शामिल है।

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राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना : जिले के 10 कृषक भ्रमण के लिए पहुंचे जमशेदपुर झारखण्ड,35 वीं वार्षिक पुष्प प्रदर्शन का किए अवलोकन


जशपुरनगर 29 दिसम्बर 2025/राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना अंतर्गत जशपुर जिले के कुल 10 कृषकों का दल उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों के साथ भ्रमण हेतु 28 दिसम्बर को जमशेदपुर (झारखण्ड) पहुंचा। इस भ्रमण का उद्देश्य कृषकों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत पद्धतियों, पुष्प प्रदर्शनी में बोन्साई बनाना, टोपियरी बनाना, गार्डन, छत पर गार्डनिंग इत्यादि एवं नवाचार पुष्प फसलों की जानकारी प्रदान करना रहा।
           जमशेदपुर (झारखण्ड) प्रवास के दौरान कृषकों को जमशेदपुर के गोपाल मैदान में 28 दिसंबर से 1 जनवरी तक हो रहे 35 वीं वार्षिक पुष्प प्रदर्शन का भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम में पुष्प फसलों की जीवंत प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया। किसानों ने आधुनिक तकनीकों को प्रत्यक्ष देखकर काफी उत्साह जताया एवं कहा कि इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रमों से उन्हें उद्यानिकी कार्य को वैज्ञानिक तरीके से करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि यहाँ सीखी गई तकनीकों को वे अपने घर लौटकर अपने प्रक्षेत्र पर अपनाएंगे जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और आय में सुधार आएगा। इस अवसर पर उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसानों को योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी देकर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। विभाग का उद्देश्य है कि जिले के कृषकों को आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की जाए।

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दोकड़ा में 95 लाख रुपये की लागत से बनेगा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का चिकित्सालय भवन

जशपुरनगर 29 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दोकड़ा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल लेकर दोकड़ा गांव को विकास की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से होने वाले 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 95 लाख रुपये की लागत से दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के चिकित्सालय भवन , 10 -10 लाख रुपए के दो आरसीसी पुलिया, 20 - 20 लाख रुपए दो सामुदायिक भवन एवं 20 लाख रुपए की लागत के स्वागत द्वार निर्माण कार्य शामिल हैं। इस अवसर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन कार्यों से दोकड़ा गांव सहित क्षेत्र के लोगों को भी लाभ होगा। अस्पताल के निर्माण होने से स्थानीय स्तर पर ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर जाना नहीं पड़ेगा। इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट, जिला पंचायत सदस्य हीरामती पैंकरा, दोकड़ा सरपंच श्रीमती चंद्रकला भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार, वनवासी कल्याण आश्रम के सदस्यों सहित भारी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

     इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दोकड़ा में वनवासी कल्याण आश्रम की शुरुआत वर्ष 1986 में एक छोटे से अस्पताल प्रकल्प के रूप में हुई थी। उस समय सीमित संसाधनों और पुराने भवन में कार्य प्रारंभ किया गया, लेकिन आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से जुड़कर क्षेत्र के लोगों की सेवा की और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए भूमिपूजन से बड़े और सुसज्जित अस्पताल भवन के निर्माण से इस अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी और जनजातीय समाज को अपने ही क्षेत्र में बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। आश्रम का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की धर्म-संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास को गति देना है। इस संस्था ने जहां-जहां कार्य किया है, वहाँ समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार मोदी की गारंटी के अनुरूप सभी विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कर रही है। उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों को बताया कि फरसाबहार में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बगिया सिंचाई योजना प्रारंभ की जा रही है, जिससे 14 ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।

        इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम क्षेत्र में सेवा कार्य कर रहा है और अब नए अस्पताल भवन के निर्माण से जनजातीय अंचल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र का लगातार उन्नयन हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने अपने संबोधन में कहा कि ग्राम दोकड़ा से कल्याण आश्रम की शुरुआत उस समय हुई थी, जब जनजातीय समाज की रीति-रिवाज, धर्म और संस्कृति पर लगातार आघात हो रहा था। ऐसे समय में आश्रम ने समाज को मार्गदर्शन दिया, लोगों के ठहरने, आने-जाने और उपचार की सुविधा विकसित की तथा धर्म एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता का वातावरण निर्मित किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान प्रारंभ से ही सेवा, श्रद्धा जागरण और स्वास्थ्य सेवा का केंद्र रहा है, जो आज सामाजिक एवं सनातन मूल्यों का प्रमुख आधार बन चुका है। श्री बापट ने कहा कि पुराना भवन अब जीर्ण-शीर्ण हो चुका था, जिसके कारण नए अस्पताल भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस हेतु 95 लाख रुपये की स्वीकृति दिए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री एवं शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन आने वाले वर्षों में क्षेत्र के हजारों जरूरतमंद लोगों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बनेगा।

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ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता पर सख्त संदेश: मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने दिए अधिकारियों व ठेकेदारों को कड़े निर्देश

जशपुर/कुनकुरी 28 दिसंबर 2025
ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (सीएमजीएसवाई) के अंतर्गत संचालित कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शासन स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समीक्षक हरिओम शर्मा ने जिला जशपुर के विकासखंड कुनकुरी में निर्माणाधीन एवं संधारणाधीन सड़कों का गहन निरीक्षण करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट एवं कड़े निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता के साथ और समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क निर्माण एवं संधारण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गुणवत्ता में समझौता या कार्य में अनावश्यक देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सतत निगरानी रखने और ठेकेदारों को जवाबदेह बनाते हुए कार्य कराने के निर्देश दिए।

वनांचल क्षेत्रों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन मुख्य मार्ग कुंजारा–बारोटोंगरी से डोगाअम्बा पहुँच मार्ग (लंबाई 3.12 किलोमीटर), विकासखंड कुनकुरी का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। यह सड़क वनांचल क्षेत्र के ग्रामों को सीधे राज्य मार्ग से जोड़ती है। मुख्य अभियंता ने कहा कि इस मार्ग के पूर्ण होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि उपज के परिवहन एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं तक सहज पहुँच सुनिश्चित होगी। यह सड़क क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

निरीक्षण के दौरान सड़क की परत, चौड़ाई, किनारों की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था एवं निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की गई और आवश्यक सुधार तत्काल करने के निर्देश दिए गए।

संधारण कार्यों की समयबद्धता पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चल रहे संधारण कार्यों का भी विस्तार से निरीक्षण किया गया। इनमें टी-02 बनकोम्बो से कुनकुरी मार्ग लंबाई 10.53 कि.मी.,टी.आर.-03 से बेलघुटरी मार्ग लंबाई 2.80 कि.मी.,टी.आर.-03 रायकेरा से बोड़ोकछार मार्ग लंबाई 2.30 कि.मी.विकासखंड कुनकुरी शामिल हैं।

मुख्य अभियंता ने निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी संधारण कार्यों को नियमित रूप से और तय समयावधि में पूर्ण किया जाए, ताकि सड़कों की स्थिति बनी रहे और आम नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि संधारण कार्यों की उपेक्षा सड़कों की आयु घटाती है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा पर पड़ता है।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने कहा कि ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सीधे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी हुई है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी समझें और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि गुणवत्ता परीक्षण, प्रगति रिपोर्ट और फील्ड निरीक्षण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

        निरीक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं संधारण में गुणवत्ता सर्वोपरि है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

अधिकारी एवं ठेकेदार रहे उपस्थित

निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता अंबिकापुर सोहन चन्द्र, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय के कार्यपालन अभियंता सानुज कुमार घृतलहरे सहित समस्त सहायक अभियंता, उपअभियंता एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई तथा सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया।

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मुख्यमंत्री ने सामरबार के संत गहिरा गुरु आश्रम में गुरु पीठाधीश्वर संत श्री बभ्रुवाहन सिंह जी महाराज से किए मुलाकात 


जशपुर 29 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बगीचा विकास खंड के ग्राम सामरबार के संत गहिरा गुरु आश्रम में गुरु पीठाधीश्वर संत श्री बभ्रुवाहन सिंह जी महाराज से मुलाकात करके स्वास्थ्य एवं आश्रम गतिविधियों की जानकारी ली।
  मुख्यमंत्री ने पूज्य गहिरागुरुजी महाराज के अनुयायियों,कंवर समाज ,साहू समाज विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा  समाज रौतिया ,बिझीयां समाज,यादव समाज, नागवंशी , गौड़ समाज, उरांव समाज, संस्था के ट्रस्टी आश्रम प्रमुख एवं आमसभा सदस्य अन्य समाज के सदस्यगण से मुलाकात किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय , जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द गुप्ता,कृष्णा राय, भरत सिंह अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू अन्य लोग उपस्थित थे।

उल्लेखनीय मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा विकास खंड के ग्राम सामरबार 
 स्थान पर स्थित शासकीय संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी महाविद्यालय  एवं प्राच्य संस्कृत के आवासीय विद्यालय संचालित है।
जो क्षेत्र के गरीब आदिवासी पिछड़े 
 एवं दलित निर्धन छात्र छात्राओं को शिक्षा के साथ साथ संस्कार व व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है और इसका नाम प्रसिद्ध समाज सुधारक संत गहिरा गुरु जी के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने वनवासी क्षेत्रों में काम किया  यह क्षेत्र उनके आध्यात्मिक कार्यों और तपस्या से जुड़ा है, खासकर उनकी तपोभूमि, कैलाश गुफा के पास। 

शासकीय ,संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी महाविद्यालय, सामरबार एक सह-शिक्षा संस्थान है जो कला, संस्कृत साहित्य व्याकरण और ज्योतिष में स्नातक पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
संत गहिरा गुरु मूल नाम रामेश्वर, वे एक संत और समाज सुधारक थे जिन्होंने छत्तीसगढ़ के वनवासी क्षेत्रों में सनातन धर्म और संस्कृति का प्रचार किया।

 क्षेत्र संत गहिरा गुरु के कार्यों और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा है, खासकर कैलाश गुफा।
कॉलेज का लक्ष्य ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देना है। 
संत गहिरा गुरु आश्रम सामरबार, शिक्षा और आध्यात्मिकता का एक केंद्र है, जो संत गहिरा गुरु की विरासत को आगे बढ़ाता है और क्षेत्र के विकास में योगदान देता
यहां के शिक्षक और विद्यार्थीगण भारतीय संस्कृति के अनुकूल वेशभूषा, धोती कुर्ता, साड़ी, खान-पान रहन-सहन धारण करते हैं।
आश्रम सामरबार में लगभग 1000 से ऊपर छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं।
लगभग 100 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
गहिरा गुरु महाराज के अनुयायियों के द्वारा सादगी पूर्ण जीवन स्वच्छता,एवं पवित्रता का पूर्ण ध्यान रखते हुए अध्यात्मिकता पूर्ण वातावरण में जीवन यापन किया जाता है। सभी के घरों में तुलसी का चंवरा एवं सफेद झंडा लगाया जाता है। प्रतिदिन स्नान कर तुलसी में जल और सूर्य अर्घ्य अर्पित कर ही दिनचर्या की शुरुआत की जाती है। एवं संध्याकाल बेला में रामचरित मानस का पाठ करते हैं। प्रति गुरुवार को गांव एवं क्षेत्र के सदस्यगण एक जगह उपस्थित होकर सत्संग, रामायण का पाठ कर मानस की चौपाई पर ढोलक मृदंग, झांझ, आदि वाद्य यंत्रों के साथ लीला संकीर्तन करते हैं। समय समय पर संस्था के ग्रामों में सामूहिक रूप से मुट्ठी दान, श्रमदान, से जगत के कल्याण एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए यज्ञ का आयोजन किया जाता है। समाज से जुड़े लोग पूज्य गहिरागुरुजी महाराज की प्रेरणा से मद्य, मांस, एवं किसी भी प्रकार के नशा से पूर्णतः दूर है।

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