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कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी का इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय दौरा, अनुसंधान सुविधाओं और धान जर्मप्लाज्म बैंक का लिया विस्तृत जायजा

रायपुर,  11 जुलाई 2026/कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार अधोसंरचनाओं, सुविधाओं तथा गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, एवं इन्क्यूबेशन सुविधाओं का अवलोकन भी किया।
 इस अवसर पर संचालक कृषि श्री राहुल देव भी उनके साथ मौजूद थे। श्री परदेशी ने इंदिरा गांधी  कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि एवं किसानों की समृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा कृषि विश्वविद्यालय के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि श्री परदेशी के कृषि उत्पादन आयुक्त का दायित्व संभालने के पश्चात कृषि विश्वविद्यालय में यह उनका पहला दौरा था।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित विभिन्न अधोसंरचनाओं, सुविधाओं, अनुसंधान योजनाओं एवं गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में लगाई गई औषधीय एवं सगंध फसलों का अवलोकन किया तथा इसमें गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने टिशू कल्चर लैब में केला, गन्ना, बांस आदि फसलों के ऊतक प्रवर्धित पौधों में भी रूचि दर्शायी। उन्होंने कृषि संग्रहालय में प्रदर्शित प्रारूपों का भी अवलोकन किया। श्री परदेशी ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में भारत सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक मौसम वेधशाला का भी अवलोकन किया तथा इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वहां कृषि संग्रहालय तथा विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित उत्पादों के विक्रय हेतु स्थापित विक्रय केन्द्र का भी अवलोकन किया। 
कृषि उत्पादन आयुक्त ने डाॅ. आर. एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला तथा बायोटेक पार्क का भी अवलोकन किया और वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने वहां भारत के सबसे बड़े तथा विश्व के दूसरे सबसे बड़े धान जनन द्रव्य संग्रह का अवलोकन किया। कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने उन्हें बताया कि इस जर्मप्लाजम सेन्टर में चावल की 23 हजार 250 परंपरागत किस्मों के जनन द्रव्य को संग्रहित तथा संरक्षित किया गया है। इनमें से कई किस्में औषधीय तथा पोषक गुणों से भरपूर हैं। इन किस्मों का उपयोग धान की नई उन्नत किस्मों के विकास के लिए किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां अन्य फसलों की 6 हजार से अधिक किस्मों का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने क्रॉप बायोफोर्टिफिकेशन लैब के अवलोकन के दौरान संजीवनी राइस, जिंको राइस, न्यूट्री रिच राइस जीनोटाइप सहित बम्बू टिश्यू कल्चर को लेकर किए जा रहे नए प्रयोगों को देखा। उन्होंने वहां स्थापित फाइटोसेनेटरी लैब का भी अवलोकन किया।
इसके पूर्व इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में कुलपति डाॅ गिरीश चंदेल ने एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से कृषि उत्पादन आयुक्त के कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न घटकों, अधोसंरचनाओं, शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने किसानों की बेहतरी हेतु विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। बैठक में कुलसचिव, संचालक अनुसंधान, निदेशक शिक्षण, निदेशक विस्तार सेवांए, अधिष्ठाता छात्र कल्याण सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ की बेटी ने अंतरिक्ष विज्ञान में रचा इतिहास, महासमुंद की रागनी साहू 'इंटरनेशनल मून मिशन' के लिए बनीं प्रदेश की इकलौती राष्ट्रीय फाइनलिस्ट

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ महासमुंद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए यह एक अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है। शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की होनहार छात्रा रागनी साहू का चयन अंतर्राष्ट्रीय चंद्र मिशन 'शक्तिसैट' (ShaktiSat) के लिए 'नेशनल फाइनलिस्ट' के रूप में हुआ है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक अभियान की सूची में जगह बनाने वाली रागनी पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से चुनी गईं इकलौती छात्रा हैं।

*देशभर से चुनी गईं सिर्फ 20 प्रतिभाएं*

           इस वैश्विक अभियान के तहत पूरे भारत से कड़े राष्ट्रीय मूल्यांकन और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के बाद 'केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट' का चयन किया गया है, जिसमें रागनी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अपना स्थान पक्का किया है। रागनी ने वर्ष 2025 में अपने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन में पंजीयन कराया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे की ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला के अंतर्गत 21 विस्तृत मॉड्यूल तथा 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार (इन्नोवेशन) और इंजीनियरिंग आधारित लेसन सफलतापूर्वक पूरे किए।

*108 देशों के छात्र मिलकर बनाएंगे चंद्र उपग्रह*

           'मिशन शक्तिसैट' एक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत के अलावा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस सहित विश्व के 108 देशों के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इस ऐतिहासिक मिशन के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा दो चंद्र उपग्रह (Moon Satellites) विकसित किए जाएंगे। इनमें से एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा (Orbit) में स्थापित होकर परिक्रमा करेगा। दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह (Surface) पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा।

*इसरो (ISRO) द्वारा 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग*

         विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जा रहे इन उपग्रहों का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो (ISRO) द्वारा किया जाएगा। इससे पहले, रागनी साहू 22 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित होने वाली 8 दिवसीय नेशनल वर्कशॉप में भाग लेंगी। इस कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर होगा। यहाँ रागनी को इसरो व IN-SPACe के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और वैश्विक अंतरिक्ष विशेषज्ञों से सीधा संवाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा।

*नीति आयोग से सम्बद्ध है मिशन*

         यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग से सम्बद्ध है। इस वैश्विक पहल का संचालन 'स्पेस किड्ज इंडिया' की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में किया जा रहा है, जबकि विंग कमांडर जाया तारे (रिटायर्ड) इस मिशन की भारत की राष्ट्रीय राजदूत हैं।

*कलेक्टर और शिक्षा अधिकारियों ने दी बधाई*

          इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने छात्रा रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय स्कूल के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी चंद्रशेखर मिथलेश के सतत मार्गदर्शन को दिया। जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने भी रागनी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में संवेदनशील पुलिस का मानवीय चेहरा: डॉयल-112 की त्वरित कार्रवाई से सर्पदंश पीड़ित महिला को मिला नया जीवन

रायपुर, 11 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में डॉयल-112 की सतर्क एवं त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर मानव जीवन की रक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को प्रमाणित किया है। डॉयल-112 टीम ने सर्पदंश की शिकार एक महिला को बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग एक बजे डॉयल-112 गौरेला फाल्कन-1 को ग्राम जमुनिया टोला, धनौली से एक महिला के सर्पदंश की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डॉयल-112 में तैनात आरक्षक श्री रामदयाल आयाम एवं चालक श्री गोपाल पुरी तत्काल आपातकालीन वाहन लेकर घटनास्थल के लिए रवाना हुए। टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि ग्राम जमुनिया टोला, धनौली निवासी 55 वर्षीय श्रीमती सोनकुंवर पनिका को रात्रि में जमीन पर सोने के दौरान जहरीले सर्प ने काट लिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉयल-112 टीम ने बिना किसी विलंब के पीड़िता को परिजनों के साथ ईआरवी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से महिला की जान बच गई और वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि राज्य सरकार द्वारा स्थापित आपातकालीन सहायता प्रणाली केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की प्रत्येक घड़ी में नागरिकों की सुरक्षा और जीवन रक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। डॉयल-112 की प्रशिक्षित टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया, आधुनिक संचार व्यवस्था और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को समय पर सहायता मिल रही है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम धनौली में सर्पदंश की शिकार एक युवती को डॉयल-112 की तत्परता से समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसका जीवन बचाया गया था। लगातार दूसरी सफल कार्रवाई ने जिले में डॉयल-112 के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत किया है।

जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस ने वर्षा ऋतु के दौरान नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे जमीन पर सोने के बजाय चारपाई या बिस्तर का उपयोग करें, रात्रि में मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा घर एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखें ताकि सर्पों के प्रवेश की संभावना कम हो। यदि किसी व्यक्ति को सर्पदंश हो जाए तो झाड़-फूंक, टोने-टोटके अथवा घरेलू उपचार में समय न गंवाते हुए तत्काल डॉयल-112 अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें, क्योंकि समय पर चिकित्सकीय उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को संकट की घड़ी में तत्काल सहायता उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से डॉयल-112 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी आपातकालीन सहायता शीघ्रता से पहुंच सके। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की यह घटना दर्शाती है कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से न केवल आपात स्थितियों का प्रभावी प्रबंधन हो रहा है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

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डिजिटल सुशासन की मिसाल: सेवा सेतु से ग्रामीणों को घर के पास मिल रही पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं, बीजापुर की अंकिता ओयम को बिना भागदौड़ समय पर मिला विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ शासन की महत्वाकांक्षी श्सेवा सेतुश् पहल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन की मजबूत मिसाल बन रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से लोगों को अब शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। आय, जाति, निवास, विवाह पंजीयन सहित अनेक प्रमाण-पत्र अब सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रहे हैं।

*डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया होने के कारण अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ी*

        बीजापुर जिले के ग्राम भुसापुर, तहसील उसूर की निवासी अंकिता ओयम को भी सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से समय पर विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने तहसील कार्यालय उसूर स्थित सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका शीघ्र निराकरण किया गया और उन्हें समय पर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्रमाण-पत्र का वितरण सेवा सेतु केन्द्र की मैनेजर श्रीमती मंजुलता दुर्गम एवं श्री शंकर मोडियम द्वारा किया गया। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होने के कारण अंकिता को किसी प्रकार की अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ी।

*सेवा सेतु केन्द्र ग्रामीण लोगों के लिए बेहद उपयोगी सुविधाजनक*

      अंकिता बताती हैं कि पहले विवाह पंजीयन जैसे कार्यों के लिए कई बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। लेकिन सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन करना आसान रहा और निर्धारित समय के भीतर उन्हें प्रमाण-पत्र मिल गया। इससे उनके जरूरी कार्य भी बिना किसी परेशानी के पूरे हो सके। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केन्द्र ग्रामीण लोगों के लिए बेहद उपयोगी सुविधा है। इससे शासकीय सेवाएं घर के नजदीक, पारदर्शी और समय पर मिल रही हैं, जिससे लोगों का शासन-प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ा है।

*डिजिटल प्रशासन को मजबूत और पारदर्शी बनाने प्रभावी*

        राज्य शासन द्वारा संचालित सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से आय, जाति, स्थानीय निवास, विवाह पंजीयन सहित अनेक शासकीय सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ-साथ नागरिकों को सरल, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।

*हितग्राही की प्रतिक्रिया*

        अंकिता ओयम, ग्राम भुसापुर, तहसील उसूर निवासी ने बताया कि सेवा सेतु केन्द्र में विवाह पंजीयन की पूरी प्रक्रिया बहुत आसान रही। मुझे समय पर प्रमाण-पत्र मिल गया, जिससे मेरे सभी जरूरी काम बिना किसी परेशानी के पूरे हो गए। इसके लिए मैं शासन-प्रशासन और सेवा सेतु केन्द्र की पूरी टीम का हृदय से धन्यवाद देती हूँ।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पुनर्वास नीति से सुकमा में बदली 25 आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी, मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण बना आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का मजबूत माध्यम

रायपुर, 11 जुलाई 2026/  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में राज्य सरकार की पुनर्वास और कौशल विकास नीति के तहत एक सराहनीय पहल की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सुकमा में मशरूम उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

*15 दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम संपन्न*

          कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस 15 दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम में 25 आत्मसमर्पित युवाओं ने हिस्सा लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य इन युवाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें समाज में एक सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है।

*विशेषज्ञों ने सिखाए वैज्ञानिक खेती के गुर*

         प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को ऑयस्टर मशरूम की वैज्ञानिक खेती की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) कराया गया। युवाओं को बेहद सरल तरीके से तकनीकी जानकारियां दी गईं, जिसके तहत धान के पुआल (पैरा) की तैयारी और उपचार रकने के बाद मशरूम के स्पॉन (बीज) का सही उपयोग कर पॉलीबैग तैयार करना और नमी का संतुलन बनाए रखना, फसल की वैज्ञानिक तरीके से तुड़ाई, पैकेजिंग और स्थानीय बाजार में उसकी बिक्री करना शामिल था ।

*कम लागत और कम समय में अधिक मुनाफा*

        कृषि विशेषज्ञों ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि मशरूम उत्पादन एक ऐसा लाभकारी व्यवसाय है जिसे बहुत कम लागत, कम जगह और बेहद कम समय में शुरू किया जा सकता है। विशेषकर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से इसे अपनाकर युवा हर महीने एक नियमित और अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।

*बाजार में बढ़ती मांग और सेहत के लिए फायदेमंद*

       प्रशिक्षण में मशरूम के पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह एक अत्यंत पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-बी, विटामिन-डी तथा कई आवश्यक खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। कम वसा (लो फैट) और कम कैलोरी होने के कारण आज के समय में बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे यह स्वरोजगार का एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रहा है।

      इस पहल से न केवल आत्मसमर्पित युवाओं को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि वे एक नए आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में अपना जीवन बिता सकेंगे।

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ऑयल पाम के साथ मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती ने बदली किसान की तस्वीर, 30 हजार की लागत पर 70 हजार का अतिरिक्त मुनाफा

रायपुर, 11 जुलाई 2026/  देश और राज्य में किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों के बीच श्राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजनाश् छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम कचनूर से एक बेहद प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है, जहाँ एक किसान ने सूझबूझ दिखाते हुए ऑयल पाम के साथ मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती (प्दजमतबतवचचपदह) अपनाकर शानदार अतिरिक्त लाभ कमाया है।

*खाली पड़ी जमीन का किया सटीक सदुपयोग*

            ग्राम कचनूर के प्रगतिशील किसान श्री पोटाम गणेश ने अपनी 2.20 हेक्टेयर कृषि भूमि पर ऑयल पाम के पौधे लगाए हैं। चूँकि ऑयल पाम के पौधों को पूरी तरह विकसित होकर फल देने में कुछ वर्षों का समय लगता है, तब तक पौधों के बीच की जमीन खाली रहती है। इस खाली भूमि का सही उपयोग करने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग की सलाह पर बीच में मूंगफली की अंतरवर्तीय खेती करने का स्मार्ट फैसला लिया।

*30 हजार रूपए की लागत में 70 हजार रूपए का शुद्ध मुनाफा*

         पोटाम गणेश का यह निर्णय आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद साबित हुआ। मूंगफली की इस अंतरवर्तीय फसल से उन्हें जो परिणाम मिला उससे वह उत्साहित है। कुल उत्पादन मूल्य लगभग एक लाख रुपए मिला किन्तु खेती में लागत मात्र 30 हजार रुपये लगा और शुद्ध मुनाफा 70 हजार रुपये मिला।

*शुरुआती वर्षों में किसानों को संबल देती है यह तकनीक*

         अपनी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही पोटाम गणेश ने कहा, ऑयल पाम के शुरुआती वर्षों में जब तक मुख्य फसल तैयार नहीं होती, तब तक अंतरवर्तीय फसल लेने से हमारी नियमित आय बनी रहती है। इससे खेती की लागत निकालना बहुत आसान हो जाता है और आर्थिक मजबूती मिलती है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य साथी किसानों से भी अपील की है कि वे इस आधुनिक खेती पद्धति को अपनाएं।

*राष्ट्रीय मिशन से मिल रहा है तकनीकी मार्गदर्शन*

       उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयलदृऑयल पाम योजना के अंतर्गत जिला स्तर पर किसानों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन, आवश्यक सहयोग और उन्नत खेती के तौर-तरीकों की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह योजना न केवल किसानों की व्यक्तिगत आय को बढ़ा रही है, बल्कि खाद्य तेलों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने और तिलहन उत्पादन बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

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जन्मजात होंठ की गंभीर विकृति से मिली आज़ादी, बीजापुर जिला अस्पताल में सफल सर्जरी ने 22 वर्षीय भीमे हेमला की ज़िंदगी बदली, चेहरे पर लौटी मुस्कान और आत्मविश्वास

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) एक आम समस्या है, जिसमें बच्चे के ऊपरी होंठ या तालू के ऊतक गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में पूरी तरह जुड़ नहीं पाते हैं। यह दरार केवल होंठ पर हो सकती है या नाक तक जा सकती है। सर्जरी द्वारा इसे 90ः से 100ः तक ठीक किया जा सकता है।

            बीजापुर जिले के दूरस्थ बासागुड़ा गांव की रहने वाली 22 वर्षीय भीमे हेमला जन्म से होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित थीं। इस कारण उन्हें भोजन करने, निगलने और स्पष्ट रूप से बोलने में काफी परेशानी होती थी। यह समस्या उनके आत्मविश्वास और दैनिक जीवन को भी प्रभावित करती थी।

            उपचार के लिए भीमे हेमला ने जिला अस्पताल बीजापुर में संपर्क किया। यहां कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉ. विभू तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत उनकी सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन थिएटर के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयास से यह जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक पूरी हुई।

            सर्जरी के बाद भीमे हेमला के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब उन्हें बोलने, निगलने और सामान्य रूप से भोजन करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। सफल उपचार से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अब सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन जीने की ओर आगे बढ़ रही हैं।

             जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री नम्रता चौबे के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी और सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के नेतृत्व में जिला अस्पताल बीजापुर में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। इसका लाभ अब दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही जिले में मिल रहा है।

             जिला अस्पताल बीजापुर में इस तरह की जटिल सर्जरी का सफल होना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती क्षमता और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाओं का प्रमाण है। इससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है।

*हितग्राही की प्रतिक्रिया*

            भीमे हेमला, बासागुड़ा निवासी ने बताया कि वो जन्म से इस समस्या से परेशान थी। जिला अस्पताल बीजापुर में मेरा सफल इलाज हुआ। अब मैं आसानी से बोल सकता हूं और खाना खा सकती हूं। मेरे चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ सरकार एवं डॉ. विभू तिवारी, जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।

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एआई तकनीक से बदलेगी छत्तीसगढ़ की ग्रामीण सड़कों की तस्वीर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा फैसला; हर महीने होगी वीडियो मॉनिटरिंग, गड्ढों की पहचान कर होगी त्वरित मरम्मत

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

*हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की जांच*

        समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।

*सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को मिलेगी प्राथमिकता*

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।

*कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट*

        इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

        इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम श्री अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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ओबीसी आयोग की अहम सुनवाई में कई मामलों का निपटारा, मलार समाज की ओबीसी में शामिल होने की मांग पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

रायपुर, 11 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में आज विभिन्न जिलों से प्राप्त गंभीर शिकायतों और आवेदनों पर एक महत्वपूर्ण सुनवाई आयोग कार्यालय में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) श्री नेहरू राम निषाद, उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा एवं आयोग के सचिव श्री संकल्प साहू की उपस्थिति में मामलों की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सभी संबंधित पक्षकारों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

*मलार समाज को ओबीसी में शामिल करने की मांग*

        सुनवाई के दौरान सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर एवं जशपुर जिलों से आए मलार समाज के लगभग 50 से 60 प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतिनिधियों ने समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने के संबंध में एक सामूहिक आवेदन प्रस्तुत किया। समाज के लोगों ने एकमत होकर इस प्रक्रिया के प्रति अपना लिखित समर्थन दर्ज कराया, जिस पर  अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने प्रकरण का अवलोकन कर अधिकारियों को नियमानुसार आगामी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

*प्रमुख मामलों पर हुई सुनवाई और निर्देश*

         आवेदक श्री हरिशंकर साहू द्वारा सामाजिक बहिष्कार किए जाने की शिकायत पर जिला गरियाबंद के ग्रामीण साहू संघ (मुरमुरा) के पदाधिकारी आयोग के समक्ष हाजिर हुए। पदाधिकारियों ने बताया कि आवेदक को समाज की मुख्यधारा में पुनः ससम्मान शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में आयोग के पदाधिकारियों के समक्ष प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत किया गया।

        श्री जागेश्वर यदु द्वारा भू-अधिग्रहण के बदले मिली नौकरी से सेवा समाप्त किए जाने की शिकायत पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह सेवा संबंधी विवाद होने के कारण केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस पर आयोग ने आवेदक को आवश्यक विधिक कार्रवाई हेतु कैट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की उचित जानकारी दी।

        श्री प्रदीप जायसवाल ने छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी में पदों की समतुल्यता निर्धारण और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण संबंधी विषयों से आयोग को अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग क्रीमीलेयर पर समतुल्यता निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

        आवेदक श्री रामसुन्दर का बयान दर्ज किया गया, परंतु अनावेदक की अनुपस्थिति के कारण उसे आगामी तिथि पर पुनः तलब किया गया है। चूंकि यह मामला आपसी विवाद और मारपीट से संबंधित था, इसलिए आयोग ने आवेदक को संबंधित पुलिस थाने में नियमानुसार शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। सुनवाई के दौरान श्री अंबिका प्रसाद, श्री फगुन दास और श्रीमती जोगेश्वरी वर्मा के अनुपस्थित रहने के कारण आयोग ने उन्हें आगामी पेशी तिथि में दोबारा उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया है।

*संवेदनशीलता से काम करने की हिदायत*

        सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद एवं उपाध्यक्ष  श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पिछड़ा वर्ग से जुड़े सभी प्रकरणों का त्वरित और पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

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सरकारी नौकरी के साथ खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया आसमान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ऐतिहासिक फैसले से 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों का भविष्य होगा सुरक्षित, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने जताया आभार

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के महासचिव श्री विक्रम सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से 20 विभिन्न खेलों के 156 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने तथा उन्हें शासकीय सेवा में लाभ का अवसर प्रदान करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने इसे खेल प्रतिभाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन, संसाधन और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का निर्णय युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का गौरव निरंतर बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त आधार हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

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स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने ली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां

रायपुर, 11 जुलाई 2026/प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन प्रातः 9 बजे से होगा।
 
स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। समारोह स्थल पर परेड कार्यक्रम में भाग लेने वाली टुकड़ियों के निर्धारण एवं रिहर्सल हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्ग दर्शन में सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह से यातायात, पार्किंग,ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मंच/पंडाल व्यवस्था और बैठक व्यवस्था का निर्धारण आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर के द्वारा की जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग तथा संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के रिहर्सल कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाओं कलेक्टर रायपुर द्वारा की जायेंगी।

 इसी तरह से स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के निर्धारण के संबंध में शीघ्र ही निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

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आज का दिन किस राशि के लिए बनेगा सबसे शुभ और किसे लेना होगा हर फैसला सोच-समझकर? ग्रहों की चाल में छिपा है बड़ा संदेश, पढ़ें आज का राशिफल

मेष (Aries)
आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अनियमित खानपान से बचें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)
आर्थिक मामलों में दिन लाभदायक रहेगा। निवेश से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)
आज नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए अनुकूल समय है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ होगा। मित्रों से मुलाकात आनंददायक रहेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के अवसर मिल सकते हैं।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)
भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। कार्यस्थल पर धैर्य और संयम बनाए रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)
करियर के क्षेत्र में अच्छी प्रगति के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। व्यापारियों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। संतान से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)
आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरी में वरिष्ठों का विश्वास बढ़ेगा। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

तुला (Libra)
भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio)
आज अनावश्यक विवादों से दूर रहें। खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। नौकरी और व्यापार में सामान्य स्थिति रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8

धनु (Sagittarius)
करियर और व्यवसाय में नई संभावनाएं बनेंगी। यात्रा के योग हैं, जो लाभदायक साबित हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)
कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में स्थिरता बनी रहेगी। परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। निवेश के लिए दिन ठीक है, लेकिन विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा। मित्रों और परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)
आज धैर्य और विवेक से लिए गए निर्णय लाभदायक रहेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7

शनिवार का दिन कर्म, अनुशासन और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। आज किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी न करें। जरूरतमंदों की सहायता, बुजुर्गों का सम्मान और सकारात्मक सोच दिन को अधिक शुभ बना सकती है। ग्रहों के प्रभाव से अधिकांश राशियों के लिए करियर, आर्थिक मामलों और पारिवारिक जीवन में संतुलित एवं सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

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सरगुजा संभाग के सभी जिलों में किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, संदिग्धों और अन्य राज्यों के फरार आरोपियों के खिलाफ चलेगा व्यापक सत्यापन अभियान, आईजी दीपक कुमार झा के सख्त निर्देश पर पुलिस करेगी घर-घर जांच

अंबिकापुर। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा ने संभाग के सभी जिलों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, संदिग्ध लोगों, मुसाफिरों तथा अन्य राज्यों के फरार आरोपियों के विशेष सत्यापन अभियान के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक जिले में पुलिस टीम बीट और वार्ड स्तर पर व्यापक जांच करेगी।

यह निर्णय हाल ही में सामने आए उस मामले के बाद लिया गया है, जिसमें झारखंड के धनबाद निवासी हत्या का फरार आरोपी और गैंगस्टर साबीर आलम वर्ष 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपुरा क्षेत्र में बस कंपनी और सिलाई दुकान की आड़ में पहचान छिपाकर रह रहा था। आरोपी को झारखंड हाईकोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। पुलिस के अनुसार इस मामले में स्थानीय स्तर पर उसे शरण मिलने के संकेत भी मिले हैं।

आईजी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि शहरी क्षेत्रों को बीट और वार्डवार विभाजित कर जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किए जाएं। पुलिस किरायेदारों, होटल-ढाबों, ईंट भट्ठों, उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों, घुमंतू लोगों, फेरीवालों और मुसाफिरों का सत्यापन करेगी। मकान मालिकों से किरायेदारों की पूरी जानकारी ली जाएगी और जानकारी छिपाने या सहयोग नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा निगरानीशुदा बदमाशों, गुंडा सूची के अपराधियों तथा जिला बदर किए गए व्यक्तियों की भी नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक जिले में इस अभियान की निगरानी के लिए एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।

पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके मोहल्ले या वार्ड में कोई संदिग्ध व्यक्ति, बाहरी अपराधी या फरार आरोपी निवास कर रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से सत्यापन अभियान में सहयोग करने और सुरक्षित समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील की है।

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डबल इंजन सरकार की किसान हितैषी नीतियों का असर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में समय पर बीज-खाद की उपलब्धता से खरीफ खेती को मिला मजबूती का आधार

रायपुर, 10 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कृषि विभाग एवं सहकारिता तंत्र के माध्यम से प्रदेशभर में बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी किसानों को समय पर प्रमाणित बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए समुचित भंडारण, सतत निगरानी तथा सुव्यवस्थित वितरण व्यवस्था की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है।

कृषि विभाग द्वारा जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। जिले में अब तक 5,201.42 टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। इनमें से 2,800.87 टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 2,400.56 टन उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जिले को कुल 4,214.115 टन उर्वरक प्राप्त हुआ था, जबकि इस वर्ष आवश्यकता के अनुरूप अधिक भंडारण सुनिश्चित कर किसानों की मांग को प्राथमिकता दी गई है।

इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2026 के लिए गुणवत्तायुक्त एवं प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बुवाई का कार्य बिना किसी व्यवधान के संचालित हो रहा है। जिले में वर्तमान में 4,656.50 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं। इनमें से 3,649.42 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 1,007.08 क्विंटल बीज का सुरक्षित भंडार अभी भी उपलब्ध है। कृषि विभाग द्वारा बीजों की उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि जिले के किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना न करना पड़े।

राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा बीजों की गुणवत्ता, उपलब्धता और वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है, वहीं सहकारिता विभाग एवं सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। दोनों विभागों के समन्वित प्रयासों से किसानों को खरीफ मौसम में आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे खेती की तैयारियां गति पकड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने तथा  कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुणवत्तायुक्त बीज, पर्याप्त उर्वरक, समयबद्ध वितरण व्यवस्था तथा कृषि सेवाओं की सुलभ उपलब्धता राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। इन प्रयासों से किसानों का विश्वास बढ़ा है और प्रदेश में कृषि उत्पादन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही प्रमाणित बीज एवं उर्वरक प्राप्त करें। साथ ही वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए समय पर खरीफ फसलों की बुवाई पूर्ण करें, ताकि बेहतर उत्पादन एवं अधिक आय प्राप्त की जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता के अनुसार बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी स्तर पर कमी नहीं आने दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर विकास को मिली नई रफ्तार, मंत्रिपरिषद् ने OTS योजना-2026 को मंजूरी देकर निवेशकों को दी बड़ी राहत

रायपुर, 10 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के समाधान, रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रत्येक निर्णय विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की सोच से प्रेरित है। OTS योजना-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, लंबित प्रकरणों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई गति मिलेगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। OTS योजना-2026 ऐसे आबंटितियों के लिए एक सकारात्मक अवसर है, जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, अनावश्यक न्यायालयीन विवाद कम होंगे, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। यह निर्णय नवा रायपुर को देश के अग्रणी नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के अंतर्गत जो आबंटी परियोजना का विकास करने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें आबंटित भूमि समर्पित कर अनुबंध से बाहर होने का विकल्प भी मिलेगा। इससे अनावश्यक न्यायालयीन विवादों में कमी आएगी तथा भूमि का प्रभावी एवं शीघ्र उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न भू-उपयोगों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।

एनआरडीए के अनुसार, योजना के अंतर्गत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी तथा किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को कोई वित्तीय हानि नहीं होगी, जबकि पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।

OTS योजना-2026 के क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेशकों का विश्वास और सुदृढ़ होगा, मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय नवा रायपुर के नियोजित, संतुलित और तीव्र शहरी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

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इतिहास पढ़ेंगे... इतिहास गढ़ेंगे! 'यशस्वी जशपुर' के एकदिवसीय प्रशिक्षण में इतिहास व्याख्याताओं को मिला नवाचार आधारित अध्यापन का मंत्र, गतिविधियों और प्रयोगों से रोचक बनेगी पढ़ाई

जशपुर। 
जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी "यशस्वी जशपुर" कार्यक्रम के अंतर्गत इतिहास विषय के व्याख्याताओं का एकदिवसीय विषय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इतिहास विषय के अध्यापन को अधिक प्रभावी, रोचक एवं प्रयोगात्मक बनाना, विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, विश्लेषणात्मक क्षमता तथा इतिहास के प्रति गहरी रुचि विकसित करना था। साथ ही इतिहास व्याख्याताओं को उनके दायित्वों का बोध कराते हुए यह संकल्प दिलाया गया कि वे पूरे शैक्षणिक वर्ष अपने विद्यालय, विद्यार्थियों, समाज, राज्य एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करेंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजन समिति के व्याख्याता राजेंद्र प्रेमी द्वारा प्रेरणादायी गीत "शिक्षक तस्वीर बदलेंगे, इतिहास पढ़ेंगे इतिहास गढ़ेंगे,  की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुआ। इस गीत ने उपस्थित सभी व्याख्याताओं में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया।

इसके पश्चात यशस्वी जशपुर से जुड़े व्याख्याता संजय दास ने "सर्विस और जॉब" के बीच के मूलभूत अंतर को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षण केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सेवा है। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता ने इतिहास विषय को विद्यार्थियों के जीवन से जोड़कर पढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विषय के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करने के लिए केवल पुस्तक आधारित अध्ययन पर्याप्त नहीं है, बल्कि गतिविधियों, प्रयोगों, स्थानीय उदाहरणों तथा नवाचारों के माध्यम से इतिहास को जीवंत बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इतिहास विषय में भविष्य के अनेक करियर अवसर उपलब्ध हैं, जिनकी जानकारी विद्यार्थियों तक पहुँचाना भी शिक्षकों का महत्वपूर्ण दायित्व है।

विषयगत सत्र में इतिहास के मास्टर ट्रेनर डॉ. मिथलेश कुमार पाठक एवं जयेश सौरभ टोपनो ने कक्षा 11 एवं 12 के इतिहास विषय के अध्यायों का क्रमवार विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रत्येक अध्याय के उद्देश्य, प्रमुख अवधारणाओं तथा उन्हें प्रभावी ढंग से पढ़ाने की शिक्षण विधियों पर विस्तार से चर्चा की।

अपने व्याख्यान की शुरुआत करते हुए डॉ. मिथलेश कुमार पाठक ने अमेरिका के प्रसिद्ध टाइम कैप्सूल का उदाहरण प्रस्तुत किया और बताया कि विश्व स्तर पर लोग अपने इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति कितने सजग हैं। उन्होंने कहा कि टाइम कैप्सूल भविष्य की पीढ़ियों के लिए वर्तमान समय का जीवंत दस्तावेज होता है। इसके माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों में इतिहास के महत्व को रोचक ढंग से समझाने की शिक्षण पद्धति प्रस्तुत की।

उन्होंने "ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ" अध्याय से चर्चा प्रारंभ करते हुए लगभग  5000 वर्ष पूर्व की सिंधु सभ्यता से लेकर ईसा पूर्व 600 से ईस्वी 600 तक के भारतीय इतिहास का विस्तृत विश्लेषण किया। इस दौरान समाज, धर्म, शासन व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, भक्ति परंपरा, विदेशी यात्रियों के विवरण तथा 8 वीं से 17वीं शताब्दी के बीच विकसित भक्ति एवं सूफी आंदोलन की प्रमुख विशेषताओं को सरल एवं रोचक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। साथ ही प्रत्येक अध्याय को गतिविधि एवं प्रयोग आधारित शिक्षण से जोड़ने के व्यावहारिक उपाय भी बताए।

दूसरे सत्र में जयेश सौरव सौरभ टोपनो ने मध्यकालीन भारत में हुए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक परिवर्तनों से लेकर आधुनिक भारत के उदय तक की महत्वपूर्ण घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण किया। उन्होंने उपनिवेशवाद, ग्रामीण समाज, 1857 का स्वतंत्रता संग्राम,स्वतन्त्रता आंदोलन मे गाँधी जी का योगदान भारतीय संविधान का निर्माण तथा दक्षिण कौशल के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालयों में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों एवं सरल प्रयोगों के माध्यम से इतिहास विषय को विद्यार्थियों के लिए अधिक रुचिकर बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम की एक विशेष गतिविधि के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए इतिहास व्याख्याताओं को अध्यायवार समूहों में विभाजित किया गया। प्रत्येक समूह ने अपने निर्धारित अध्याय की रचनात्मक एवं नवाचारी प्रस्तुति दी तथा यह बताया कि संबंधित अध्याय को गतिविधियों, प्रयोगों एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण विधियों के माध्यम से किस प्रकार प्रभावी बनाया जा सकता है। सभी समूहों की प्रस्तुतियों की सराहना की गई तथा विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक सुझाव भी दिए गए।

समापन सत्र में सभी प्रतिभागी व्याख्याताओं से फीडबैक प्राप्त किया गया। उपस्थित शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे इतिहास विषय को केवल परीक्षा तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक सोच, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्र के गौरवपूर्ण इतिहास के प्रति सम्मान विकसित करने का सतत प्रयास करेंगे। साथ ही इतिहास को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी एवं जीवनोपयोगी विषय बनाने हेतु वर्षभर नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों का उपयोग करेंगे।

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जशपुर में रसायन विज्ञान शिक्षण को मिली नई दिशा, ज्वाइंट कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने कराया हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, 48 प्रायोगिक गतिविधियों से शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सीखा विज्ञान का व्यवहारिक स्वरूप

जशपुरनगर

कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय, जशपुर में जिले के सभी शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कक्षा 11वीं एवं 12वीं में रसायन विज्ञान का अध्यापन कराने वाले शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को प्रयोग आधारित शिक्षण पद्धति से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना था।

ज्वाइंट कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने जिले में शिक्षा गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता क्रम में ऊपर रखा है।उनके मार्गदर्शन और उपस्थिति में प्रशिक्षण स्थल पर प्रायोगिक कार्य कराए गए। सभी हायर सेकंडरी से आए विद्यार्थियों ने भी प्रैक्टिकल किया। 


प्रशिक्षण में दैनिक जीवन की सरल सामग्रियों की सहायता से रसायन विज्ञान के कई महत्वपूर्ण प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया। कई प्रयोगों के वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाते हुए विद्यार्थियों से प्रयोग कराए गए। विद्यार्थियों में इससे जिज्ञासा, तार्किक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकास होगा।

प्रशिक्षण के दौरान रसायन विज्ञान के पाठ्यक्रम से जुड़े 48 प्रायोगिक कार्यों का अभ्यास कराया गया। इनमें पदार्थों के भौतिक एवं रासायनिक गुण, विलयन एवं विसरण, अम्ल, क्षार एवं लवण, रासायनिक अभिक्रियाएं, ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी परिवर्तन, कार्बनिक एवं अकार्बनिक रसायन, गैसों के गुण, विद्युत-रसायन, पृथक्करण की विधियां, सूचक, ऑक्सीकरण-अपचयन तथा मिश्रण एवं यौगिकों से संबंधित अनेक प्रयोग शामिल रहे। सभी विकासखंडों से आए शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इन प्रयोगों को चरणबद्ध ढंग से किया। विद्यार्थियों ने स्वयं प्रयोग कर उनके परिणामों का अवलोकन किया तथा वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से समझा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।

प्रशिक्षण में विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिला रोजगार अधिकारी सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह ने कहा कि हम सभी विज्ञान से ही घिरे हुए हैं। हमारे आसपास जो घटनाएं हो रही है, सभी में विज्ञान है, दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान से संबंधित प्रयोग को समझते हुए विद्यार्थी सीखे, विद्यालय में ऐसा हमें प्रयास करना चाहिए। 

कार्यक्रम में जिला आबकारी अधिकारी महिमा पट्टावी, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता, सदस्य अवनीश पांडेय, बीईओ पत्थलगांव वेदानंद आर्य, सभी सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, रसायन विज्ञान विषय के शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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स्कूलों में अब लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त! सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार का मनोरा स्कूल में औचक निरीक्षण, वर्षों से अनुपस्थित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश,

मनोरा, जशपुर। पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मनोरा का आकस्मिक निरीक्षण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जशपुर अभिषेक कुमार ने किया। इस दौरान उनके साथ जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोरा तरुण कुमार पटेल एवं प्रोग्रामर अरुण कुमार चंद्रा उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया गया। लंबे समय से अनुपस्थित सहायक ग्रेड-3 बलदेव पैंकरा के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं अनुपस्थित व्याख्याता मधुरलता बंजारे एवं नैंसी तिर्की को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विद्यालय की अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय एवं शौचालयों की नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु समितियों के गठन, विद्यार्थियों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर फिल्टर लगाने, मध्यान्ह भोजन भवन के दरवाजों एवं खिड़कियों पर सुरक्षा जाली लगाने, परिसर में पेवर ब्लॉक बिछाने तथा प्रार्थना सभा (असेंबली) के लिए मंच निर्माण कराने के निर्देश दिए।

इसके अलावा प्रत्येक कक्षा में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हेतु ट्यूब लाइट लगाने, कक्षावार छात्र संख्या एवं समय-सारणी को ब्लैकबोर्ड के समीप स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने, फिजिक्स लैब का आधुनिकीकरण करने तथा कंप्यूटर लैब का विद्यार्थियों द्वारा नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कंप्यूटर लैब में विद्यार्थियों की गतिविधियों का वीडियो तैयार कर प्रगति प्रतिवेदन सहित जिला पंचायत कार्यालय जशपुर भेजने के लिए भी कहा गया। खेलकूद व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के अंत में सीईओ अभिषेक कुमार ने कहा कि "हम विद्यालयों में केवल अधोसंरचना को ही मजबूत नहीं कर रहे हैं, बल्कि अनुशासन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ बना रहे हैं, ताकि बच्चों के भविष्य से किसी प्रकार का समझौता न हो। शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

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