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“सुशासन तिहार 2026” का बड़ा अभियान: जशपुर जिले के 36 क्लस्टरों में लगेंगे समाधान शिविर, 5 मई से खूंटीटोली से होगी शुरुआत, एक ही मंच पर 11 से 18 गांवों की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण

जशपुरनगर 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सहित जशपुर जिले में “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन किया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों के 31 एवं नगरीय निकायों के 5 कुल 36 क्लस्टरों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक शिविर में एक क्लस्टर के लगभग 11 से 18 गांवों एवं नगरीय निकायों के एक क्लस्टर में 15 वार्डों के नागरिक शामिल होकर अपनी समस्याओं का आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सुशासन तिहार के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी की नियुक्त कर विभागीय अधिकारियों को भी विभिन्न कार्यों का दायित्व सौंपे है।


       जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पहला शिविर 05 मई 2026 को कांसाबेल क्षेत्र के खूंटीटोली में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न विकासखंडों में निर्धारित तिथियों के अनुसार शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत बगीचा जनपद क्षेत्र में नन्हेसर में शिविर 07 मई 2026, महुआ में 12 मई, पंडरापाठ में 15 मई, कुरडेग में 19 मई, टांगरडीह में 22 मई, सरबकोम्बो-आश्रम बाजारडांड में 27 मई तथा महुवाडीह में 29 मई 2026 को आयोजित होगा। कुनकुरी जनपद क्षेत्र अंतर्गत फरसाकानी में शिविर 06 मई, बोडोकछार में 13 मई तथा कलीबा में 21 मई 2026 को आयोजित होगा। जशपुर जनपद क्षेत्र में जामटोली में शिविर 11 मई, बड़ाकरौंजा में 18 मई तथा बोकी में 25 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। दुलदुला क्षेत्र में सिमडा में शिविर 07 मई तथा कस्तुरा में 14 मई 2026 को आयोजित होगा। मनोरा क्षेत्र में खरसोता में शिविर 08 मई, रेमने में 15 मई तथा टेम्पू में 25 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। पत्थलगांव क्षेत्र में किलकिला में शिविर 08 मई, घरजियाबथान में 15 मई, राजाआमा में 22 मई, पालीडीह में 26 मई तथा कोकियाखार में 29 मई 2026 को आयोजित होगा। कांसाबेल क्षेत्र में चोंगरीबहार में 13 मई तथा कुसुमताल में 20 मई 2026 को शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार फरसाबहार क्षेत्र में बनगांव में शिविर 07 मई, बाबूसाजबहार में 15 मई, भेलवा में 21 मई तथा अमडीहा में 27 मई 2026 को आयोजित होगा। इसके अतिरिक्त नगरीय निकायों में भी शिविर आयोजित होंगे, जिसमें नगर पंचायत बगीचा में 13 मई, नगर पालिका पत्थलगांव में 09 मई, नगर पंचायत कोतबा में 13 मई, नगर पंचायत कुनकुरी में 11 मई तथा नगर पालिका जशपुर में 12 मई 2026 को शिविर लगाए जाएंगे।

      सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक अपने आवेदन लिखित रूप में शिविरों में प्रस्तुत कर सकेंगे, जिनका निराकरण अधिकतम 1 माह के भीतर किया जाएगा। यह पहल प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनेगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

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मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बड़ा संदेश — हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान देने की दिशा में विष्णु देव साय सरकार का मजबूत संकल्प, योजनाओं से बदली लाखों परिवारों की तस्वीर

रायपुर, 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते 02 साल 04 माह में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। 

मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई।

मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 256 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि विष्णु देव के सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले उसका उन्हें उचित दाम मिले और हर पेट को अन्न मिले यह हमारी सरकार की आदर्श नीति है। इस नीति को क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38 भोजन केन्द्र संचालित है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 5 रूपये में गरम भोजन, दाल चावल, सब्जी, आचार प्रदाय किया जा रहा है, जिसका विस्तार चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में समस्त जिलों में किया जा रहा है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी। 

उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं का मुख्य दायित्व श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी चिकित्सा हित लाभ उपलब्ध कराया जाता है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए 76 करोड़ 38 लाख रूपए का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।

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सरकारी ‘प्रयास’ ने रचा इतिहास: निजी स्कूलों को दी कड़ी टक्कर, 100% रिजल्ट के साथ मेरिट में छाया आदिवासी अंचलों का हुनर

रायपुर, 30 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग  एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल कायम की है। विभाग के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन में सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट परिणाम देते हुए बड़े निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। प्रयास विद्यालयों के 13 बच्चों ने सीजी बोर्ड परीक्षा के टॉप-10 में जगह बनाने में सफलता हासिल की है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 17 प्रयास विद्यालय संचालित है। जिसमें नक्सल प्रभावित बच्चों से लेकर सभी वर्गों के बच्चें अध्ययनरत है। प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से बच्चों को एक नई हौसला मिला है, जो उनके सपनों को साकार करने में सार्थक हो रही है। बतादें कि प्रयास विद्यालय के माध्यम से बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाति है। साथ ही उच्चस्तर के कोचिंग संस्थाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं एनआईटी, आईआईटी, नीट, जेईई एवं अन्य राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।

प्रयास विद्यालय के इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रयास आवासीय विद्यालयों की अवधारणा की सार्थकता को प्रमाणित करती है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु किए गए सतत प्रयास की सराहना की हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है तथा यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रयास विद्यालय के बच्चों ने सीजी बोर्ड की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभाग हमेशा बच्चों के शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे जनजाति बहुल राज्य के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही दिशा, समर्पण और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह सफलता शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है, जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बताया कि प्रदेश के 50 मेरिट छात्रों में से 13 विद्यार्थी प्रयास विद्यालय के है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस बात के लिए प्रसन्नता जाहिर करते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने को कहा।

श्री बोरा ने बताया कि हायर सेकेंडरी परीक्षा (कक्षा 12वीं) में प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। रायपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय, गुडियारी की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कोरबा जिले की छात्रा कु. रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं द्वारा 100 में 100 अंक अर्जित किया जाना विशेष उपलब्धि है।
हाईस्कूल परीक्षा (कक्षा 10वीं) में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। कुल 119 छात्राओं में से 48 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। गणित विषय में 6 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक अर्जित किए। कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी टॉप 10 मेरिट सूची में 97.5 प्रतिशत अंकों के साथ स्थान अर्जित किया।

उल्लेखनीय है कि हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची में कुल 42 विद्यार्थियों में से 21 विद्यार्थी आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों के हैं। इनमें प्रयास आवासीय विद्यालय के 11 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है, जो विभागीय प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में जनजातीय सलाहकार परिषद की अहम बैठक सम्पन्न, बस्तर-सुरगुजा में दशकों की पिछड़ापन खत्म करने के लिए लिए गए ऐतिहासिक फैसले

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। 

आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

श्री नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव मरपच्ची, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री विक्रम उसेंडी, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

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जहां सड़कें खत्म, वहां भी इलाज शुरू, सुकमा की पहाड़ियों में उम्मीद की रोशनी - 17 मरीज रेफर, 14 आयुष्मान कार्ड, 11 को मुफ्त चश्मा, स्वास्थ्य बस्तर अभियान की बड़ी सफलता

       रायपुर, 29 अफ़्रैल 2026 :  स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र के मरीज को बेहतर इलाज दिलाने के लिए स्वास्थ्य टीम ने सराहनीय प्रयास किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में पोटकपल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुटेपढ़ गांव से मरीज को पहले किस्टाराम और फिर जिला अस्पताल सुकमा तक पहुंचाया। इस दौरान मरीज ने कुल 310 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया, जिससे समय पर उपचार संभव हो सका।

यह सफलता सतत स्क्रीनिंग, प्रभावी काउंसलिंग, समय पर रेफरल और मजबूत फॉलो-अप व्यवस्था के कारण संभव हो पाई। सेक्टर मेडिकल ऑफिसर के समन्वय और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना दिया। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत किस्टाराम और मरईगुड़ा के अंदरूनी गांवों से कुल 17 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर बनाकर प्रिंट किए गए, ताकि इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। वहीं 2 अस्थमा और 2 पैरों में सूजन से पीड़ित मरीजों को विशेष जांच और उपचार के लिए भेजा गया।

इसके साथ ही कोंटा क्षेत्र से आए मरीजों की आंखों की जांच कर 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया, जबकि मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन की सलाह दी गई। मरईगुड़ा सेक्टर और पोटकपल्ली टीम के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य बस्तर अभियान दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वास्तव में जीवनदायी पहल बनकर उभर रहा है।

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जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अवैध उत्खनन और परिवहन पर ताबड़तोड़ प्रहार, राजस्व सुरक्षा को मिली नई मजबूती

रायपुर 29 अप्रैल 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर लगाम कसने के लिए तकनीक और नवाचार का सहारा लेते हुए एक बड़ी और निर्णायक पहल की है। इसी कड़ी में अब खनन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की शुरुआत कर दी गई है, जो राज्य में कानून व्यवस्था, खनिज संसाधन की सुरक्षा तथा राजस्व संरक्षण की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।
              राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से खत्म किया जाए। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अब खनन क्षेत्रों में रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे अवैध उत्खनन, परिवहन और संबंधित गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह कदम न केवल राजस्व हानि को रोकेगा, बल्कि अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी साबित होगा। खनिज विभाग का मैदानी अमला पहले से ही अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहा था, लेकिन अब ड्रोन तकनीक के जुड़ने से इस कार्रवाई की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी। ड्रोन से लगभग 5 किलोमीटर तक की रेंज और 120 मीटर तक ऊंचाई से निगरानी की क्षमता के चलते बड़े और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोन के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्तों के बच निकलने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। 
              खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जो व्यापक और सटीक निगरानी सुनिश्चित करती हैं। इसके जरिए बड़े और दुर्गम खनन क्षेत्रों पर भी आसानी से नजर रखी जा सकती है।
यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सरकार का यह साहसिक निर्णय न केवल कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि खनिज संसाधनों के संरक्षण और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। ड्रोन निगरानी की यह नई व्यवस्था राज्य में सुशासन और तकनीकी नवाचार का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।
         इसी कड़ी में 29 अप्रैल 2026 को जिला कांकेर के तहकापार रेत खदान क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए सघन निगरानी और छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों एवं उपकरणों की पहचान की गई। ड्रोन निगरानी शुरू होते ही अवैध गतिविधियों में शामिल लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।
इसके बाद केंद्रीय उड़नदस्ता दल और कलेक्टर (खनिज शाखा) के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए महानदी के किनारे भूईगांव की सीमा पर विशेष अभियान चलाकर एक चेन माउंटेन पोकलेन मशीन जेसीबी (215 एलसी) तथा एक हाईवा (क्रमांक CG08AV0975) जब्त किया गया।

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वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ की तैयारियों की केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के प्रावधानों को ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए सुविचारित, व्यापक एवं रणनीतिक पहल की जा रही है, जो ग्रामीण विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

          केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विशेष रूप से ग्राम चौपालों, ग्राम सभाओं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से चलाए जा रहे व्यापक जन-जागरूकता अभियान की प्रशंसा की। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में QR कोड स्थापना की पहल को नवाचारपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक सरलता से पहुंचेगी तथा पारदर्शिता एवं मॉनिटरिंग को मजबूती मिलेगी।

         अपने पत्र में केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने उल्लेख किया कि वन क्षेत्रों एवं विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PGVT) के समग्र विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जो राज्य के समावेशी एवं सतत विकास दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ के श्रम बजट को राज्य में मानव-दिवस सृजन  रुझान को देखते हुए 850 लाख मानव-दिवस से बढ़ाकर 1250 लाख मानव-दिवस स्वीकृत किया गया है। उन्होंने इसे राज्य के सतत प्रयासों एवं बढ़ती कार्यगत आवश्यकता का सकारात्मक परिणाम बताया।

        केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य प्रशासन इसी प्रतिबद्धता एवं ऊर्जा के साथ योजनाओं के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका सृजन को नई गति देगी, बल्कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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तकनीक आधारित ”प्रचार ऐप” से होगी आउटडोर मीडिया मॉनिटरिंगरि,फॉर्म : अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर

 रायपुर, 29 अप्रैल 2026/  सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों और नई पहलों के प्रचार-प्रसार में आउटडोर मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित है। इसमें होर्डिंग्स, यूनिपोल्स, ब्रांडिंग, डिजिटल वॉल पेंटिंग्स और एलईडी वैन अभियान शामिल हैं। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, बस स्टॉप्स तथा प्रमुख यातायात मार्गों जैसे उच्च आवागमन वाले स्थानों पर इसका प्रभाव विशेष रूप से अधिक होता है।

 आउटडोर मीडिया के क्षेत्र में प्रभावी मॉनिटरिंग एक बड़ी चुनौती रही है। कई मामलों में यह शिकायतें सामने आई हैं कि वेंडर्स द्वारा सरकारी विज्ञापनों की स्थापना में देरी की गई या निगरानी के अभाव में उन्हें समय से पहले हटाकर उनकी जगह व्यावसायिक विज्ञापन लगा दिए गए।

 इस समस्या के समाधान के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल करते हुए प्रौद्योगिकी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम ”प्रचार ऐप” विकसित किया गया है। यह प्रणाली तीन चरणों में कार्य करती है। पहले चरण में विभाग प्रचार अभियान की योजना बनाती है, पैनल में शामिल एजेंसियों और उनके एसेट्स का चयन कर प्रचार अभियान कार्य आवंटित करती है। दूसरे चरण में वेंडर्स प्रचार अभियान की समीक्षा कर क्रियान्वयन की योजना बनाती है और एसेट्स को माउंटर्स को सौंपती है। तीसरे चरण में माउंटर्स मैदानी स्तर पर निर्धारित स्थानों पर क्रिएटिव सामग्री स्थापित करती है।

 रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए माउंटर्स हेतु एक एंड्रॉइड ऐप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से माउंटर्स को जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो तीन चरणों में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है-स्थापना से पहले, स्थापना के तुरंत बाद, और अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक बार। इन तस्वीरों की पहले वेंडर एजेंसी द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें ऑनलाइन विभाग को भेजा जाता है।

 यह एंड-टू-एंड प्रणाली पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है और विभाग को सभी सक्रिय अभियानों की लगभग वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रत्येक आउटडोर एसेट की अलग-अलग ट्रैकिंग संभव हो पाती है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

 इसी क्रम में जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को पैनल में शामिल सभी एजेंसियों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने आउटडोर मीडिया की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित ”प्रचार ऐप” समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया।

 यह नई प्रणाली 01 अप्रैल 2026 से होर्डिंग्स और यूनिपोल्स के लिए लागू की जा चुकी है और जल्द ही इसे एलईडी स्क्रीन, ब्रांडिंग तथा डिजिटल वॉल पेंटिंग्स जैसे अन्य प्रारूपों तक भी विस्तारित किया जाएगा।

 इसी तरह प्रिंटिंग पर काफी शिकायतें सामने आ रही थीं, इन शिकायतों के कारण टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। नई प्रिंटिंग पॉलिसी यथा-शीघ्र लागू की जावेगी। इस हेतु बेहतर एवं पारदर्शी पॉलिसी लागू करने के लिए विभिन्न राज्यों की मुद्रण नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने घोषित किए 10वीं-12वीं के परिणाम : रायगढ़ के होनहारों ने प्रदेश में बजाया डंका, 8 छात्रों ने टॉप-10 में बनाई ऐतिहासिक जगह, 

 रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आज कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। जिले से कक्षा 12 वीं में कुल 83.45 प्रतिशत और कक्षा 10 वीं में 80.06 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए। वहीं प्रदेश स्तर पर टॉप-10 की सूची भी जारी की गई, जिसमें रायगढ़ जिले के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कक्षा 10वीं की मेरिट सूची में जिले के दो विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल महलोई (पुसौर) की गिरिजा प्रधान ने 600 में से 590 अंक प्राप्त कर 98.33 प्रतिशत के साथ पांचवां स्थान हासिल किया, वहीं पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल, घरघोड़ा के अहसान अली ने 600 में से 587 अंक प्राप्त कर 97.83 प्रतिशत के साथ आठवां स्थान प्राप्त किया।
            इसी प्रकार कक्षा 12वीं की टॉप-10 सूची में रायगढ़ जिले के 6 विद्यार्थियों ने स्थान बनाकर जिले का गौरव बढ़ाया है। गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल, छाल के कृष महंत ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर 97.80 प्रतिशत के साथ टॉप-3 में स्थान बनाया। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, महापल्ली के लोकनाथ मेहर ने 486 अंक (97.20 प्रतिशत) के साथ टॉप-6 में स्थान प्राप्त किया। महेंद्र सिंह पटेल मेमोरियल आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल, नंदेली की शीतल साहू ने 484 अंक (96.80 प्रतिशत) के साथ टॉप-8 में स्थान बनाया। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, तरकेला की बबीता पटेल ने 483 अंक (96.60 प्रतिशत) के साथ टॉप-9 में स्थान प्राप्त किया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल, खरसिया की लिसिका वर्मा ने 483 अंक (96.60 प्रतिशत) के साथ टॉप-9 में स्थान प्राप्त किया तथा प्रज्ञा हायर सेकेंडरी स्कूल, सोंडका की अंजली झा ने 482 अंक (96.40 प्रतिशत) के साथ टॉप-10 में अपनी जगह बनाई। 
            जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में जिले के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कक्षा 12वीं (कला, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि, ललित कला एवं गृह विज्ञान) के लिए कुल 8,969 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इनमें से 8,914 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 8,855 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणामों में से 7,390 परीक्षार्थी सफल रहे। इस प्रकार कक्षा 12वीं का कुल परीक्षा परिणाम 83.45 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसी प्रकार हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की परीक्षा में कुल 12,238 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इनमें से 12,075 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए तथा 11,898 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणामों में से 9,526 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। कक्षा 10वीं का कुल परीक्षा परिणाम 80.06 प्रतिशत रहा। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सतत प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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जंगल-जंगल छापा, भट्टियाँ ध्वस्त… रायगढ़ में आबकारी का बड़ा एक्शन: 377 लीटर महुआ शराब और 1705 किलो लाहन जब्त, 2 गिरफ्तार

रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने जिले में कार्रवाई करते हुए अवैध महुआ शराब के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से 377 लीटर से अधिक महुआ शराब एवं 1705 किलोग्राम महुआ लाहन की जप्ती की है। जिसमें 29 अप्रैल को की गई इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से महुआ शराब जब्त की गई।
             पहले मामले में थाना चक्रधरनगर के मनुवापाली निवासी गोविंद सेठ 50 वर्ष के पास से 18.720 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। वहीं दूसरे मामले में थाना-घरघोड़ा अंतर्गत चारमार निवासी कांती बाई 46 वर्ष के कब्जे से 15 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
               आबकारी विभाग ने पिछले तीन दिनों में जिले के विभिन्न ग्रामीण और वन क्षेत्रों में भी व्यापक छापेमारी की। ग्राम बड़गांव थाना तमनार, धरमपुरा थाना चक्रधरनगर, बिंजकोट थाना चक्रधरनगर और कर्रानारा थाना खरसिया के आसपास अवैध शराब निर्माण स्थलों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान अवैध भट्टियों को नष्ट करते हुए कुल 344 लीटर महुआ शराब और 1705 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। आबकारी विभाग ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर 29 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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घर के अंदर छिपाकर बना रखा था नशे का गोदाम… 6 कार्टून में 72 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, पुलिस की स ताबड़तोड़ रेड में अरुण यादव गिरफ्तार,NDPS एक्ट के तहत  केस दर्ज

जशपुर, 29 अप्रैल 2026। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करते हुए जशपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पत्थलगांव क्षेत्र में एक युवक द्वारा घर में भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप छिपाकर बेचने का मामला सामने आया, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को 28 अप्रैल को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कांसाबेल थाना क्षेत्र के ग्राम पोंगरो कोडाबहरी निवासी 27 वर्षीय अरुण यादव, पत्थलगांव के ग्राम चंदागढ़ स्थित अपने किराए के कमरे में अवैध रूप से नशीली कफ सिरप का भंडारण कर बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने तत्काल एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर भेजा।

पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ग्राम चंदागढ़ पहुंचकर संदिग्ध कमरे की घेराबंदी की और गवाहों की मौजूदगी में तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे के अंदर लकड़ी के तख्त के नीचे छिपाकर रखे गए छह कार्टून बरामद किए गए। इन कार्टूनों में 100-100 मिलीलीटर की कुल 720 बोतलें ‘ONEREX’ नामक प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप मिली, जिसकी कुल मात्रा 72 लीटर और अनुमानित कीमत ₹1,44,720 बताई गई है।

पूछताछ में पहले आरोपी टालमटोल करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अवैध कारोबार की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने मौके से आरोपी को हिरासत में लेकर नशीली सिरप को जब्त किया। साथ ही उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।

इस मामले में आरोपी अरुण यादव के खिलाफ थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 88/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21(ग) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को 28 अप्रैल को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत पांडेय, सहायक उप निरीक्षक लखेश साहू, प्रधान आरक्षक कमलेश्वर वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि अपने आसपास हो रही किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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डिजिटल क्रांति का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च किया ‘सेवा सेतु’, अब 441 सरकारी सेवाएं एक क्लिक पर, घर बैठे मिलेगा प्रमाण-पत्र से लेकर भुगतान तक हर सुविधा,ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।

 ‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। 

‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे। 

वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है। 

‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।

नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमनक़ सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा। 

इस अवसर पर मुख्यसचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा परिणाम 2026: बेटियों ने फिर मारी बाज़ी, 10वीं में 77.15% और 12वीं में 83.04% छात्र सफल, पिछले साल से बेहतर रहा रिजल्ट, लाखों छात्रों का इंतजार खत्म

रायपुर, 29 अफ़्रैल 2026। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आज जारी हुए हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकण्डरी (12वीं) परीक्षा वर्ष 2026 के परिणामों ने इस बार भी बेटियों की शानदार सफलता की कहानी दोहराई है। दोनों ही कक्षाओं में छात्राओं का परिणाम प्रतिशत छात्रों की तुलना में अधिक रहा है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की मजबूत उपस्थिति एक बार फिर सामने आई है।

हाईस्कूल परीक्षा 2026 में कुल 3,21,677 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 3,16,730 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। घोषित परिणामों के अनुसार 3,14,953 परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी किया गया, जिनमें से 2,43,016 विद्यार्थी सफल घोषित हुए। इस प्रकार कुल पास प्रतिशत 77.15 रहा। इसमें बालिकाओं का पास प्रतिशत 81.03 और बालकों का 72.27 प्रतिशत दर्ज किया गया। परिणामों के विश्लेषण में सामने आया कि 1,40,108 छात्र प्रथम श्रेणी में, 96,721 द्वितीय श्रेणी में और 6,187 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं 19,347 छात्र एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण रहे।

कुछ परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए हैं, जिनमें 15 छात्र नकल प्रकरण में, 143 जांच प्रक्रिया में और 1616 छात्रों के आवेदन पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा 3 परीक्षार्थियों के परिणाम बाद में जारी किए जाएंगे।

यदि पिछले वर्ष से तुलना करें तो वर्ष 2025 में हाईस्कूल का परिणाम 76.53 प्रतिशत था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 77.15 प्रतिशत हो गया है, यानी लगभग 0.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

वहीं हायर सेकण्डरी परीक्षा 2026 में कुल 2,46,166 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें से 2,44,453 परीक्षा में शामिल हुए। घोषित परिणामों में 2,43,898 विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी हुआ, जिनमें से 2,02,549 परीक्षार्थी सफल हुए। इस प्रकार कुल पास प्रतिशत 83.04 रहा। यहां भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 86.04 प्रतिशत सफलता हासिल की, जबकि छात्रों का प्रतिशत 78.86 रहा।

12वीं में प्रथम श्रेणी में 1,27,334, द्वितीय श्रेणी में 72,402 और तृतीय श्रेणी में 2,806 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। 7 छात्र पास श्रेणी में सफल हुए। वहीं 23,866 परीक्षार्थी एक या दो विषयों में असफल रहे। 63 छात्रों के परिणाम रोके गए हैं, जिनमें 5 नकल प्रकरण और 56 जांच के मामले शामिल हैं, जबकि 492 आवेदन निरस्त किए गए हैं। 2 छात्रों के परिणाम बाद में घोषित होंगे।

पिछले वर्ष 2025 में हायर सेकण्डरी का परिणाम 81.87 प्रतिशत था, जो इस वर्ष बढ़कर 83.04 प्रतिशत हो गया है। इस प्रकार 1.17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस वर्ष 10वीं के लिए 2,510 और 12वीं के लिए 2,395 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जबकि 34 समन्वय केंद्रों से पूरी परीक्षा प्रक्रिया संचालित की गई।

छात्र अपने परीक्षा परिणाम मण्डल की आधिकारिक वेबसाइटों cg.results.nic.in, results.cg.nic.in और cgbse.nic.in के अलावा डिजीलॉकर सहित विभिन्न शैक्षणिक पोर्टलों पर भी देख सकते हैं।

मण्डल की ओर से परीक्षा के सफल संचालन और परिणाम घोषित करने में सहयोग देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, मूल्यांकनकर्ताओं और सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया है। साथ ही सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी गई हैं और असफल विद्यार्थियों को द्वितीय मुख्य (अवसर) परीक्षा के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया है।

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देश में पहली पहल: दुर्ग का जेंडर-बैलेंस्ड सिस्टम बना रोल मॉडल, टूटते परिवारों को जोड़ने का संवेदनशील और संतुलित प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण

रायपुर, 29 अप्रैल 2026

तेजी से बदलते सामाजिक ढांचे में रिश्तों की जटिलताएं भी नई चुनौतियां लेकर सामने आ रही हैं। अक्सर घर की चारदीवारी के भीतर पनपने वाली पीड़ा—चाहे वह किसी बुजुर्ग की उपेक्षा हो या किसी पुरुष का मानसिक तनाव—अनसुनी रह जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग ने इस खामोशी को आवाज़ देने का एक नया रास्ता दिखाया है।

दुर्ग जिले में शुरू हुई जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग व्यवस्था आज पारिवारिक विवाद समाधान का एक ऐसा समावेशी मॉडल बनकर उभरी है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई दे रही है।

सेक्टर-6 स्थित महिला थाना का परिवार परामर्श केंद्र, जो पहले मुख्यतः महिलाओं की शिकायतों तक सीमित था, अब एक व्यापक सामाजिक मंच बन चुका है। यहां महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी समान गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जा रहा है।

उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शुरू हुआ यह केंद्र समय के साथ अपने दायरे का विस्तार करता गया। बदलते पारिवारिक समीकरणों और विवादों के नए स्वरूप को देखते हुए इसमें जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग को लागू किया गया, जिससे हर पक्ष को निष्पक्ष और संतुलित सुनवाई का अवसर मिल सके।

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है—पुरुष काउंसलर की नियुक्ति। पिछले कुछ वर्षों में यह स्पष्ट हुआ कि पुरुष भी मानसिक, आर्थिक और वैवाहिक तनाव से जूझते हुए परामर्श केंद्र तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी बात को समझने और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल को समय की मांग बताते हुए कहा है कि काउंसलिंग आधारित समाधान से विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है, जिससे परिवारों में सामंजस्य और सामाजिक स्थिरता मजबूत होती है।

वहीं दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, संवाद और परामर्श की प्रक्रिया पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले ही रोकने में कारगर साबित हो रही है। यह मॉडल न केवल विवादों को कम कर रहा है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रहा है।

इस व्यवस्था की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है—‘सीनियर सिटीज़न सपोर्ट बेंच’ का गठन। इस विशेष इकाई में रिटायर्ड अधिकारी, मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शामिल हैं, जो बुजुर्गों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं।

यहां आने वाली शिकायतें समाज की एक गंभीर तस्वीर सामने रखती हैं—
बेटे-बहू द्वारा प्रताड़ना, संपत्ति के लिए दबाव, जबरन वृद्धाश्रम भेजना, शराब के लिए पैसे न देने पर मारपीट, भोजन से वंचित करना और घर से निकाल देना जैसी घटनाएं अब खुलकर सामने आ रही हैं।

अब तक इस केंद्र में लगभग 200 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से करीब 130 मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है। यह आंकड़े न केवल इस पहल की सफलता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि सही समय पर संवाद और संवेदनशील हस्तक्षेप कितने प्रभावी हो सकते हैं।

दुर्ग का ‘काउंसलिंग-फर्स्ट’ मॉडल छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिसने पारिवारिक विवाद समाधान को नई दिशा दी है। जहां कई राज्यों में अब भी पारंपरिक और एकतरफा दृष्टिकोण हावी है, वहीं दुर्ग ने महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों—सभी को एक मंच पर समान रूप से सुनने का संतुलित मॉडल विकसित किया है।

संवाद आधारित यह व्यवस्था न केवल विवादों को समय रहते सुलझा रही है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रही है। इसी कारण यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में देख रहे हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी ऐतिहासिक सौगात,  133 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या होगी खत्म, लगाए जाएंगे अतिरिक्त ट्रांसफार्मर...

जशपुरनगर 29 अप्रैल 2026/ जिले के लोगों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब जल्द ही इस परेशानी से निजात मिलने वाली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के 133 गांव, नगर एवं टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे।जिससे जिले की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार होने वाली बिजली की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा। खासकर किसानों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

*विद्युत के क्षेत्र में जशपुर को मिल चुकी है कई बड़ी सौगात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में  जिले को विद्युत विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।400 केवी उपकेंद्र कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का 5वां सबसे बड़ा 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है। साथ ही नए सब-स्टेशन (33/11 KV): ये सब-स्टेशन सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित अन्य स्थानों पर निर्मित किए जाएंगे।एवं उच्च क्षमता केंद्र– फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के सब-स्टेशन स्वीकृत हैं।


*विकास को मिलेगी नई गति, जिलेवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

इन योजनाओं के लागू होने से बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा साथ ही लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या खत्म होगी
औद्योगिक एवं कृषि कार्यों को गति मिलेगी तथा ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा, विद्युत विभाग में बड़ी सौगात मिलने के बाद जिले भर में खुशी का माहौल है।स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

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29 अप्रैल 2026 का आज का महा राशिफल: किस राशि की चमकेगी किस्मत, किसे मिलेगा धन-लाभ और किसे रहना होगा सावधान—जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का पूरा विस्तार से

29 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से परिवर्तन और संतुलन का संकेत दे रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार आज अधिकांश राशियों पर मिला-जुला प्रभाव देखने को मिलेगा, जहां मेहनत करने वालों को परिणाम मिलने के संकेत हैं, वहीं जल्दबाजी और लापरवाही से नुकसान भी संभव है।

मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, नहीं तो संबंधों में खटास आ सकती है।

वृषभ राशि वालों के लिए आज धैर्य की परीक्षा का दिन है। परिवार से जुड़े निर्णय लेने पड़ सकते हैं और नौकरी में स्थिरता बनी रहेगी। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मानसिक संतुलन बनाए रखेगा।

मिथुन राशि के लिए दिन मिलाजुला रहेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है और मित्रों का सहयोग मिलेगा। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं, लेकिन ध्यान भटकने से काम बिगड़ सकता है, इसलिए एकाग्रता बनाए रखना जरूरी है।

कर्क राशि के जातकों को आज भावनात्मक संतुलन बनाए रखना होगा। परिवार के साथ समय बिताना जरूरी रहेगा, वहीं कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है, नहीं तो आर्थिक तनाव हो सकता है।

सिंह राशि वालों के लिए दिन सफलता का संकेत लेकर आया है। कार्यक्षेत्र में सम्मान या प्रमोशन की संभावना बन रही है। नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और आर्थिक लाभ भी हो सकता है, लेकिन अहंकार से बचना जरूरी रहेगा, नहीं तो रिश्तों में दूरी आ सकती है।

कन्या राशि के लिए दिन व्यवस्थित और सकारात्मक रहेगा। योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्य सफल होंगे और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। बचत करने के लिए समय अनुकूल है, लेकिन ज्यादा सोचने से मानसिक तनाव हो सकता है।

तुला राशि के जातकों को आज संतुलन बनाकर चलना होगा। काम और परिवार दोनों को समय देना जरूरी रहेगा। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और संबंधों में मजबूती आएगी, लेकिन किसी भी निर्णय में जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है।

वृश्चिक राशि के लिए आज का दिन परिवर्तन का संकेत दे रहा है। करियर में नया मोड़ आ सकता है और महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं। आर्थिक लाभ के योग हैं, लेकिन निजी बातों को गोपनीय रखना जरूरी होगा।

धनु राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं और शिक्षा तथा करियर में सफलता मिल सकती है। आय में वृद्धि के संकेत हैं, लेकिन लापरवाही से नुकसान हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

मकर राशि के जातकों को आज मेहनत का पूरा फल मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी और जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। आय स्थिर रहेगी, लेकिन अधिक काम के कारण थकान हो सकती है, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

कुंभ राशि के लिए आज नए अवसरों का दिन है। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। आर्थिक लाभ के संकेत हैं, लेकिन किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना जरूरी रहेगा।

मीन राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। आय और खर्च में संतुलन बना रहेगा, लेकिन भावुक होकर लिए गए निर्णय परेशानी का कारण बन सकते हैं।

आज के दिन का समग्र संकेत यही है कि संयम, धैर्य और सोच-समझकर लिया गया निर्णय अधिकांश समस्याओं को हल कर सकता है, जबकि जल्दबाजी और क्रोध से नुकसान होने की संभावना बनी रहेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज करेंगे 10वीं-12वीं बोर्ड परिणाम की घोषणा, लाखों विद्यार्थियों का इंतजार होगा खत्म, नवा रायपुर मंत्रालय से होगा रिजल्ट जारी

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/
छत्तीसगढ़ राज्य के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम की घोषणा आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में की जाएगी।

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के मंत्री श्री गजेन्द्र यादव एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। जैसे ही मुख्यमंत्री द्वारा परिणाम घोषित किया जाएगा, विद्यार्थी अपना रिजल्ट ऑनलाइन माध्यम से देख सकेंगे।

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