कुनकुरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत मटासी की बदहाल तस्वीर… जहां विकास योजनाओं पर चर्चा होनी चाहिए, वहां राशन के ढेर के बीच बैठने को मजबूर ग्रामीण-सरपंच का फूटा दर्द— “कई बार लगाई गुहार, लेकिन आज तक नहीं मिला गोदाम भवन”

नारायणपुर 24 मई 2026। विकासखंड कुनकुरी के ग्राम पंचायत मटासी से प्रशासन की लापरवाही की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पंचायत व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में आज तक पीडीएस गोदाम नहीं बनने के कारण पंचायत भवन को ही राशन गोदाम बना दिया गया है। हालत यह है कि पंचायत भवन में चारों तरफ राशन के बोरे और पीडीएस सामग्री का ढेर लगा रहता है, वहीं दूसरी ओर पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण उसी अव्यवस्थित माहौल में बैठकर ग्राम सभा और अन्य जरूरी बैठकें करने को मजबूर हैं।
सरपंच के अनुसार पंचायत द्वारा कई बार लिखित और मौखिक रूप से अधिकारियों के सामने अलग पीडीएस गोदाम निर्माण की मांग रखी गई, लेकिन वर्षों बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। पंचायत भवन में जब दो से तीन माह का राशन एक साथ पहुंचता है, तब पूरा भवन गोदाम में तब्दील हो जाता है। ऐसे हालात में बैठकों के दौरान लोगों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती।
गांव के लोगों का कहना है कि पंचायत भवन गांव का प्रशासनिक केंद्र होता है, जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, योजनाओं पर चर्चा होती है और विकास की रणनीति बनती है। लेकिन मटासी में तस्वीर बिल्कुल उलट है। यहां पंचायत भवन में विकास की चर्चा कम और राशन के बोरों के बीच जगह तलाशना ज्यादा बड़ा मुद्दा बन जाता है।

पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि कई बार ग्राम सभा और सचिवालय कार्य के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भीड़ ज्यादा होने पर ग्रामीणों को बाहर खड़े रहना पड़ता है, जबकि अंदर राशन सामग्री से पूरा भवन भरा रहता है। बरसात और गर्मी के मौसम में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच अर्जुन लकड़ा ने बताया कि पंचायत लगातार अधिकारियों को समस्या से अवगत करा रही है। कई बार आवेदन और मौखिक मांग करने के बावजूद अब तक पीडीएस गोदाम निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पंचायत के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं होने के कारण पंचायत भवन में ही राशन सामग्री रखनी पड़ रही है और वहीं से वितरण भी किया जा रहा है।
अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अलग पीडीएस गोदाम का निर्माण कराया जाए, ताकि पंचायत भवन को उसके मूल उद्देश्य— ग्राम सभा, बैठकों और जनसुविधा— के लिए उपयोग किया जा सके।
