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संत चिन्मयानंद बापू के आगमन पर उमड़ा जनसैलाब, गाजे-बाजे, जयघोष के बीच हुआ दिव्य स्वागत - 7 दिनों तक सलियाटोली में धर्म,मर्यादा और आदर्शों की करेंगे अमृतवर्षा

जशपुर/नारायणपुर 1 अफ़्रेल 2026 । बुधवार को संत चिन्मयानंद बापू जी का कुनकुरी आगमन हुआ, जहां उनका स्वागत अत्यंत भव्य और भावपूर्ण तरीके से किया गया।उनके आगमन पर श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय आयोजन समिति के सदस्यों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उनका पुष्पगुच्छ व मालाओं से अभिनंदन किया।

इसके पश्चात जय स्तंभ चौक पर पारंपरिक वाद्य-यंत्रों, गाजे-बाजे और जयघोष के बीच भव्य स्वागत हुआ। नगर की महिलाओं ने आरती उतारकर संत का अभिनंदन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो गया।

जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक सलियाटोली मिनी स्टेडियम में आयोजित होने जा रहा सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव पूरे क्षेत्र को राममय करने के लिए तैयार है। इस पावन आयोजन में परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापू जी अपने श्रीमुख से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन की प्रेरक कथा सुनाएंगे।

प्रतिदिन 3 घंटे होगा कथा का रसपान

आयोजन समिति के अनुसार, कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। सलियाटोली स्टेडियम में विशाल पंडाल तैयार किया गया है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ बैठकर श्रीराम कथा का श्रवण कर सकेंगे।

राम कथा: जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणा

इस सात दिवसीय कथा के दौरान संत चिन्मयानंद बापू जी भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों—धर्म, मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्शों—का गहन वर्णन करेंगे। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि किस प्रकार श्रीराम का जीवन आज भी समाज और व्यक्ति को सही मार्ग दिखाता है।

यह कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम भी बनेगी। श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और संस्कारों की अनमोल सीख प्राप्त होगी।

कुनकुरी में आयोजित यह श्रीराम कथा महोत्सव न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज को नैतिकता, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। आने वाले सात दिनों तक कुनकुरी की धरती पर राम नाम की गूंज, भक्ति की सरिता और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

श्रद्धालुओं से अपील

आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी जनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीराम कथा का श्रवण करें और इस दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाएं।

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कुनकुरी नगर पंचायत को मिली विकास की ऐतिहासिक सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 2 करोड़ 44 लाख से अधिक की राशि दी मंजूर, हर वार्ड में चमकेंगी नई बीटी सड़कें,नगरवासियों ने CM साय का जताया आभार.....

जशपुरनगर 1 अप्रैल 2026/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नगर पंचायत कुनकुरी के विकास के लिए 2 करोड़ 44 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से नगर के विभिन्न वार्डों में बीटी रोड सहित अन्य आवश्यक निर्माण कार्य कराए जाएंगे।नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 01 में आद्या शंकर त्रिपाठी  घर से एस.एल.आर.एम. सेंटर तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए 27 लाख 57 हजार रूपए, वार्ड क्रमांक 01 में मंगल भवन से गिनाबहार मार्ग सीमा तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए  33 लाख 99 हजार,वार्ड क्रमांक 02 में लोयोला स्कूल से लाजरूस मिंज घर तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु  19 लाख 68 हजार,
वार्ड क्रमांक 05 में विफ़ल चौहान घर से सामुदायिक भवन तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए  7 लाख 36 हजार,वार्ड क्रमांक 06 में मिनी गार्डन  से जामटोली प्राथमिक शाला तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए  13 लाख 21 हजार, वार्ड क्रमांक 07 में सी.एस.ई बी. कार्यालय कुनकुरी से लंबीटोली तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 17 लाख 34 हजार, वार्ड क्रमांक 08 में मुख्य मार्ग ईशा नर्सिंग से बीएसएनल कार्यालय तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु  13 लाख 63 हजार,वार्ड क्रमांक 09 आजाद बस्ती में बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 27 लाख 55 हजार,वार्ड क्रमांक 11 में तपकरा रोड से भागीरथी घर तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 7 लाख 61 हजार ,वार्ड क्रमांक 11 में शासकीय क्वार्टर से रफीक घर तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 14 लाख हजार,वार्ड क्रमांक 08 में टॉकीज चौक से लंबीटोली तक बीटी रोड निर्माण कार्य हेतु 28 लाख 37 हजार,वार्ड क्रमांक 15 में महिमा स्कूल से बैहराटोली तक बीटी रोड निर्माण कार्य – 34 लाख 43 हजार ,इस तरह से कुल 2 करोड़ 44 लाख 94 हजार रूपये की मंजूरी मिली है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया है, इस कार्य से नगर के सड़क, आवागमन और बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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जहां संस्कृति का सम्मान होता है, वहीं से विकास की नई शुरुआत होती है” — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश, ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ बना लोक-आस्था, परंपरा और विकास का संगम

रायपुर 1 अफ़्रेल 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास के संगम का सशक्त प्रतीक ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का आज धरसींवा  में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने 136 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। उन्होंने ग्राम कूंरा का नाम उसके ऐतिहासिक गौरव के अनुरूप ‘कुँवरगढ़’ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि कुँवरगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पहचान देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और बस्तर, सरगुजा, कोरिया तथा सिरपुर महोत्सव की श्रृंखला में अब कुँवरगढ़ महोत्सव भी एक विशिष्ट पहचान बनाएगा। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में त्वरित और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से गौरवपथ निर्माण, रानीसागर तालाब के सौंदर्यीकरण, पुलिस चौकी की स्थापना, खारून नदी में एनीकट निर्माण, खेल मैदान के उन्नयन तथा रायपुर के टेकारी-नयापारा से बड़े नाला मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और आमजन के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

उल्लेखनीय है कि धरसींवा क्षेत्र का प्राचीन ग्राम कूंरा, जिसे अब ‘कुँवरगढ़’ के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है, अपने भीतर गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। यह क्षेत्र आदिवासी शासक राजा कुँवर सिंह गोंड के साम्राज्य का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जिनकी वीरता और विरासत आज भी यहां के जनजीवन में जीवंत है। उत्तर में माता कंकालिन, दक्षिण में माता चंडी, पश्चिम में माता महामाया और पूर्व में भगवान चतुर्भुजी की उपस्थिति इस क्षेत्र को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। लगभग 12 हजार की आबादी वाला यह क्षेत्र अपनी परंपरा और विकास के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।
महोत्सव में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं तथा स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि अनेक क्रांतियों और परंपराओं की साक्षी रही है। उन्होंने लोगों को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के लिए भी प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रभु श्री राम का ननिहाल है और वनवास काल का अधिकांश समय उन्होंने यहीं व्यतीत किया।दंडकारण्य, माता शबरी का आश्रम, माता कौशल्या की नगरी तथा गुरु घासीदास जी और गहिरा गुरु जैसे संतों की तपोभूमि होने के कारण यह प्रदेश आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ अनेक क्रांतियां इस धरती पर हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा की इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने दो वर्षों के कार्यकाल में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, सुश्री मोना सेन, श्री देवजीभाई पटेल, श्री अंजय शुक्ला, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर श्री गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

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सत्य-अहिंसा का अमर संदेश बना विकास और शांति का आधार, भगवान महावीर जयंती पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा संदेश — नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता देश, छत्तीसगढ़ में सुशासन और समृद्धि का नया दौर

रायपुर, 1 अफ़्रेल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के एमजी रोड स्थित दादाबाड़ी तीर्थ में आयोजित भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने दादाबाड़ी परिसर स्थित जिनमंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को “जैन रत्न अलंकरण” से सम्मानित किया और कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक परिवर्तन और प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी का सत्य और अहिंसा का संदेश समस्त मानवता के लिए पथ प्रदर्शक है, जो हमें त्याग, तपस्या, करुणा और आत्मसंयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज एक सुखद संयोग है कि भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर देश नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक उपलब्धि की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा रहा है और बस्तर जैसे प्राकृतिक संपदा से समृद्ध क्षेत्र को लंबे समय तक विकास से वंचित रहना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और प्रभावी रणनीति के कारण आज नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने भगवान महावीर से प्रार्थना की कि छत्तीसगढ़ में शांति और विकास का यह वातावरण निरंतर बना रहे और भविष्य में कभी भी हिंसा का यह दौर वापस न आए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने सुशासन के संकल्प के साथ तेज गति से कार्य करते हुए विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंदों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, किसानों के हित में किए गए वादों को निभाया जा रहा है, महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा गया है तथा रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने जैन समाज की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और परमार्थ के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने, प्रेरित करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश मूणत,  श्री लोकेश कावड़िया, भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्री चंद्रेश शाह, श्री विकास सेठिया, श्री आनंद जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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1 अप्रैल 2026 से बदल गया डिजिटल पेमेंट का तरीका - अब बिना दोहरी सुरक्षा जांच के नहीं होगा कोई भी ऑनलाइन पेमेंट, RBI के नए नियम से बदलेगा देशभर में लेन-देन का पूरा तरीका

एजेंसी, 1 अप्रैल 2026: देशभर में डिजिटल लेन‑देन करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2026 से सभी डिजिटल भुगतान प्रणालियों में सुरक्षा को कड़ा करते हुए टू‑फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब UPI, मोबाइल वॉलेट, नेट‑बैंकिंग और कार्ड ट्रांजैक्शन में केवल OTP या PIN डालना पर्याप्त नहीं होगा। हर लेन‑देन के लिए दो अलग सुरक्षा स्तरों से प्रमाणीकरण करना अनिवार्य होगा।

बैंक और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स ने बताया कि नए नियम के अनुसार पहला सुरक्षा स्तर आम तौर पर UPI PIN या OTP होगा, जबकि दूसरा स्तर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे फिंगरप्रिंट या फेस ID, या ऐप आधारित सुरक्षा कोड होगा। दोनों सुरक्षा स्तरों को पूरा किए बिना कोई भी ट्रांजैक्शन सफल नहीं होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से डिजिटल भुगतान और अधिक सुरक्षित बनेंगे और साइबर फ्रॉड तथा धोखाधड़ी का खतरा काफी कम हो जाएगा।

RBI ने सभी बैंक और पेमेंट ऐप्स जैसे PhonePe, Google Pay और Paytm को निर्देश दिया है कि वे अपनी सेवाओं में 2FA सपोर्ट सुनिश्चित करें। यदि कोई पेमेंट सिस्टम नियमों के अनुसार सुरक्षा प्रदान नहीं करता और धोखाधड़ी होती है, तो उस बैंक या सेवा प्रदाता को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

उपभोक्ताओं के लिए यह बदलाव शुरुआत में थोड़ा समय लेने वाला हो सकता है, क्योंकि हर ट्रांजैक्शन में दो स्टेप वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऑनलाइन भुगतान को अधिक विश्वसनीय और भरोसेमंद बनाएगा।

आज से देशभर में डिजिटल लेन‑देन करने वाले हर व्यक्ति को यह नया नियम अपनाना होगा। पुराने नियमों के अनुसार केवल OTP या PIN से पेमेंट पूरा करना अब संभव नहीं है। डिजिटल भुगतान अब पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और दो‑स्तरीय प्रमाणीकरण के साथ होंगे, जिससे साइबर धोखाधड़ी का जोखिम काफी कम हो जाएगा।

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विजय आदित्य सिंह जूदेव के नेतृत्व में जय स्तंभ चौक पर उमड़ा जनसैलाब: वीर शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि, युवाओं में भरा जोश, नक्सलमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ गूंजा देशभक्ति का बिगुल

 जय स्तंभ चौक पर शहीदों को श्रद्धांजलि: भाजयुमो के नेतृत्व में उमड़ा जनसैलाब, युवाओं ने दोहराया राष्ट्रसेवा का संकल्प

जशपुर 31 मार्च 2026 । शहर के ऐतिहासिक जय स्तंभ चौक पर मंगलवार की शाम वीर शहीदों की स्मृति में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की उपस्थिति ने इसे जनआंदोलन जैसा स्वरूप दे दिया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव के नेतृत्व में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को नमन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जहां शहीदों की तस्वीरों के समक्ष दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सभा को संबोधित करते हुए विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कहा कि वीर जवानों के बलिदान की बदौलत ही आज प्रदेश में शांति और विकास का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षाबलों के साहसिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकल रहा है।

उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व को प्रदेश में शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के दौरान शाम करीब 6:30 बजे उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरा जय स्तंभ चौक गूंज उठा। माहौल पूरी तरह देशभक्ति से ओतप्रोत नजर आया।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत सहित भाजयुमो, महिला मोर्चा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में वीर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा और एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने की बात कही।

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गर्मी से पहले जशपुर नपा एक्शन मोड में: जल स्रोतों की सफाई, पाइपलाइन मरम्मत तेज, टैंकर व्यवस्था तैयार, हर वार्ड तक निर्बाध पानी पहुंचाने की पूरी रणनीति लागू

जशपुर 31 मार्च । आगामी ग्रीष्मकाल में संभावित जल संकट से निपटने के लिए जशपुर नगरपालिका परिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को नगरपालिका सभागार में अध्यक्ष अरविंद भगत की अध्यक्षता में जलप्रदाय शाखा एवं जल विभाग के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत एवं सभापति विक्रांत सिंह ने जल विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शहर में सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी वार्डों की स्थिति का आकलन किया गया तथा संभावित संकट वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।

चर्चा के दौरान नगर में स्थापित प्याऊ, बोरवेल और हैंडपंपों की मरम्मत एवं सुधार को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी जल स्रोतों को तत्काल दुरुस्त कर नागरिकों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

नगरपालिका प्रशासन ने इस वर्ष ग्रीष्मकालीन पेयजल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी योगेश्वर उपाध्याय ने बताया कि नगर के सभी जल स्रोतों की नियमित सफाई कराई जा रही है और जहां-जहां पाइपलाइनें पुरानी या जर्जर हो चुकी हैं, वहां युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी स्थिति में नागरिकों को पानी की समस्या से जूझने नहीं देगा।

सीएमओ ने आगे बताया कि संभावित जल संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तैयार की जा रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी वार्ड में पेयजल संकट उत्पन्न न हो। इसके साथ ही शहर के सभी वार्डों के लिए जलापूर्ति का रोस्टर भी तैयार किया जा रहा है।

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केंद्र-राज्य के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद का पतन, आत्मसमर्पण-गिरफ्तारी के बड़े आंकड़े, युवाओं को रोजगार-कौशल के अवसर और ‘विकसित भारत’ के संकल्प में बस्तर की निर्णायक भूमिका- भाजपा

जशपुर 31 मार्च : पूर्व प्रदेश भाजपा महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने बस्तर सहित पूरे देश से नक्सल मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।
           उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर, जो लंबे समय तक रेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता रहा, नक्सल मुक्त होने के बाद अब एक नई पहचान बनाएगा। नक्सलवाद ने वर्षों तक विकास को बाधित किया, लेकिन अब केन्द्र सरकार एवं राज्य की विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में चारों ओर विकास की धारा प्रवाहित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के सहयोग से छत्तीसगढ़ की छवि को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि जब केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश को माओवाद से मुक्त करने की समयसीमा तय की, तब कुछ लोगों ने इस पर संदेह जताया था।लेकिन केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जीरो टॉलरेंस नीति के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
     उन्होंने बताया कि गृह मंत्री द्वारा लगातार बस्तर दौरे और आत्मसमर्पण के आह्वान के चलते लगभग 2898 नक्सलियों ने मुख्यधारा में वापसी की, जबकि करीब 2000 नक्सलियों की गिरफ्तारी भी हुई है।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं बस्तर प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने भी बस्तर में निरंतर प्रवास कर विकास कार्यों को गति दी है।

जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि एक ओर जहां माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया गया, वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नई भर्ती प्रक्रियाएं शुरू की गईं।साथ ही युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
   उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला है, वहीं बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता अब वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन रही है।

        पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने अपने बयान में कहा कि नक्सल मुक्त बस्तर, छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का आधार बनेगा।उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों से आज बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण बना है।उन्होंने आगे कहा कि अब क्षेत्र के युवा शिक्षा, रोजगार और खेल के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।

श्रीमती साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व को इस परिवर्तन का प्रमुख कारण बताते हुए आभार व्यक्त किया।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर 31 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हाटकेश्वर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि हाटकेश्वर जयंती आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है, जो हमें धर्म, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ता है। यह दिवस समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

उन्होंने भगवान हाटकेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और प्रगति  लेकर आए।

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नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया नमन

रायपुर, 31 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

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धरसींवा में आधुनिक तहसील कार्यालय का लोकार्पण: सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 31 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर जिले के धरसींवा में नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण किया। यह पहल प्रशासनिक सेवाओं को आमजन के और अधिक निकट, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य यही है कि नागरिकों को उनकी जरूरत की सेवाएं समय पर, सरल और पारदर्शी तरीके से मिलें। धरसींवा का यह नया तहसील कार्यालय इसी संकल्प को साकार करता है। उन्होंने कहा कि इस भवन के शुरू होने से क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में अब अधिक सुविधा और तेजी मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर नागरिक को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के बेहतर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध हो।

नवनिर्मित तहसील कार्यालय में नायब नाजिर कक्ष, रिकॉर्ड रूम, माल जमार, नकल शाखा, कानूनगो कक्ष, भुइयां एवं भू-अभिलेख शाखा जैसी आवश्यक इकाइयों के साथ-साथ लोक सेवा केंद्र और आधार केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ पेयजल सहित अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

उल्लेखनीय है कि इस आधुनिक तहसील कार्यालय का निर्माण 66.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है, जो क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा और सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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बस्तर में विश्वास की जीत : दण्डकारण्य में 25 माओवादी कैडरों की मुख्यधारा में वापसी, आज हिंसा से विश्वास की ओर लौटने का साक्षी बन रहा है : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 31 मार्च 2026/छत्तीसगढ़ में आज 31 मार्च 2026 का दिन वामपंथी उग्रवाद के अंत के ऐतिहासिक और निर्णायक दिन के रूप में दर्ज हो रहा है। दण्डकारण्य क्षेत्र में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 25 माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। यह घटना नक्सल आतंक के समापन की दिशा में एक स्पष्ट और ठोस उपलब्धि के रूप में सामने आई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन दण्डकारण्य और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जब वर्षों से चली आ रही हिंसा और भय की विचारधारा ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास, लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन 25 माओवादी कैडरों पर कुल ₹1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। इनका मुख्यधारा में लौटना इस बात का प्रमाण है कि अब भटके हुए लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की पुनर्वास नीति पर मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप माओवादी तंत्र निर्णायक रूप से कमजोर हुआ है। इसी क्रम में 93 घातक हथियारों के साथ ₹14.06 करोड़ की बड़ी बरामदगी भी हुई है, जो नक्सली नेटवर्क की कमजोर होती स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि विश्वास की वापसी है। दण्डकारण्य क्षेत्र आज शांति, स्थिरता और सामान्य जीवन की ओर लौटने के इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रहा है।

उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 का यह दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में उस तिथि के रूप में याद किया जाएगा, जब नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आया और प्रदेश ने एक नए युग की दहलीज पर कदम रखा है।

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नक्सलवाद पर निर्णायक विजय से बदलता छत्तीसगढ़ का भविष्य — विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान, अब विकास-विश्वास-समृद्धि के नए युग में प्रवेश करेगा प्रदेश, विजय शर्मा ने दी ऐतिहासिक सफलता पर बधाई

रायपुर 31 मार्च 2026/छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के बीच आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि के नए युग की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद वर्षों तक प्रदेश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बना रहा और विशेष रूप से बस्तर अंचल लंबे समय तक लाल आतंक के साये में रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और नक्सल प्रभावित सभी क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा मजबूत हो रही है। बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा है, जिससे आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और प्रभावी रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भयमुक्त और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का सपना आज साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी शहादत ने इस सफलता की नींव रखी है। उन्होंने सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके अथक प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नक्सलमुक्त वातावरण में अब छत्तीसगढ़ तेज गति से विकास के नए सोपान गढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

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मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर 2 सड़कों की मिली स्वीकृति, ग्रामीणों को होगी बड़ी सहूलियत,बच्छरांव गंगुटोली से स्कूल और कुसुमटोली से खुरसागाड़ा तक अब बनेगी पक्की सड़क: मुख्यमंत्री साय की पहल से शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच होगी आसान..5 करोड़ 10 लाख रुपये स्वीकृत, 

जशपुरनगर 31 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में दो महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन के आधार पर इन कार्यों के लिए कुल 5 करोड़ 10 लाख 08 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।

     स्वीकृत कार्यों में जशपुर जिले के बच्छरांव गंगुटोली से शासकीय स्कूल बच्छरांव तक 1.00 किलोमीटर लंबाई की सड़क निर्माण शामिल है, जिसके लिए 1 करोड़ 15 लाख 53 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार ग्राम बच्छरांव (कुसुमटोली) से बच्छरांव (खुरसागाड़ा) तक 4.20 किलोमीटर लंबाई की सड़क निर्माण हेतु 3 करोड़ 94 लाख 55 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों के निर्माण से बच्छरांव क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से विद्यार्थियों को स्कूल तक पहुंचने में आसानी होगी, वहीं ग्रामीणों को बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं एवं शासकीय कार्यालयों तक पहुंचने में समय और लागत दोनों की बचत होगी।

      सड़क निर्माण से क्षेत्र में कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। किसान अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं की पहुंच भी तेज और सुगम होगी। यह स्वीकृति क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण जनजीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार आएगा।

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“प्रदेश की लाइफलाइन को मिला मेगा बूस्ट: CM विष्णुदेव साय ने 370 हाईटेक एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी, अब 15-30 मिनट में पहुंचेगी जीवनरक्षक 108 सेवा

रायपुर 31 मार्च 2026/प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से प्रारंभ हो गई हैं,  जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी।

इस पहल के अंतर्गत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंसों की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह सेवा राज्य की नवजात सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा गंभीर स्थिति में नवजात शिशुओं को सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय उपचार केंद्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं और पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ा है, जहां उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है। उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन के कारण अब लोगों को छोटे-छोटे इलाज के लिए दूर शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर जरूरतमंद मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार आम जनता के विश्वास को और सशक्त करेगा कि संकट की घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पहली बार शुरू की गई 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से आज का दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक है और इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करते हुए ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एम्बुलेंस सेवा में किसी भी प्रकार की देरी या कमी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है।

प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंच सके।

नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इनमें प्रशिक्षित नवजात इमरजेंसी तकनीशियन, 24×7 ईएमटी एवं पायलट की उपलब्धता के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक का ऑनलाइन मार्गदर्शन सुनिश्चित किया गया है। इन एम्बुलेंसों में इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन, पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट एवं 41 प्रकार की आपातकालीन दवाओं सहित सभी आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इन्हें “चलते-फिरते नवजात आईसीयू” के रूप में स्थापित करती हैं।

इसके अतिरिक्त, BLS एवं ALS एम्बुलेंसों में मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक एवं उन्नत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाओं के साथ ऑक्सीजन सपोर्ट, नेब्युलाइजेशन एवं अन्य आपातकालीन उपचार व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गंभीर मरीजों के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु पोर्टेबल वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर मॉनिटर, सिरिंज पंप, लैरिंजोस्कोप सहित अन्य उन्नत उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह समग्र पहल प्रदेश के शहरी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ, त्वरित एवं प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नागरिकों के लिए एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र के रूप में स्थापित होगी।

इस अवसर पर विधायक श्री मोती लाल साहू, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री संजीव झा, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री रणबीर शर्मा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री रितेश अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी 5 सड़कों के लिए 16 करोड़ 30 लाख की मंजूरी,क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार...


जशपुरनगर 31 मार्च 2026  जिले में सड़क विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 5 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए लगभग 16 करोड़ 30 लाख रुपये की बड़ी सौगात दी है। इससे क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुगम होगा और विकास को मजबूती मिलेगी।सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। जिले के तिरसोठ से सत्तिपारा आंगनबाड़ी भवन से बटूराबहार गांधी चौक तक मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 27 लाख,
बेल्डेगी के नवापारा से चन्द्रपुर मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 98 लाख, NH 43 से छुरीपहरी चौराअम्मा मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 48 लाख,खुटगांव से घोघरजोर पहुँच मार्ग निर्माण के लिए 4 करोड़ 52 लाख,दूदूगजोर से पालीडीह तक मार्ग निर्माण के लिए 4 करोड़ 5 लाख रूपये की मंजूरी दी गई है ।इन सड़कों के निर्माण से जिले के दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों में इस मंजूरी को लेकर उत्साह का माहौल है और इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले को सड़क निर्माण के लिए करोड़ों की दी सौगात


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सड़कों के निर्माण के लिए पिटारा खोल दिया है,अब तक सड़क निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि की मंजूरी मिल चुकी है।जिससे पहुंच विहीन दूरस्थ गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं,सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सीएम साय ने उच्च अधिकारियों को भी लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर चुके हैं।साथ ही सड़क निर्माण गुणवत्ता के साथ समय सीमा पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।जिले के लिए कई सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो चुकी है , जिससे आवागमन को लेकर राजगीरों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है।

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कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त निर्देश: आश्रम-छात्रावासों पर कड़ी नजर, भोजन-सुरक्षा से लेकर रात में अधीक्षक की मौजूदगी तक हर पहलू की होगी जांच, लापरवाही पर सीधी कार्रवाई तय - बैठक में नदारत नेशनल हाईवे अधिकारी को थमाया कारण बताओ नोटिस

जशपुर 31 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर आश्रम और छात्रावास के निरीक्षण के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी को प्रतिमाह निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा बालक और बालिका छात्रावासों के लिए अलग अलग नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी को भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था, दरवाजे खिड़की की स्थिति और शौचालय किचन की साफ सफाई की व्यस्था की विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने नोडल अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आश्रम, छात्रवास में होस्टल अधीक्षक रात में निवास करते हैं कि नहीं इसके भी जानकारी रिपोर्ट में देंगे 

उन्होंने कहा बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने लापरवाही करने वाले छात्रावास अधीक्षक की जानकारी निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारीयों को देने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में नेशनल हाईवे के अधिकारी के अनुपस्थित होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री घोषणा और मुख्यमंत्री जनदर्शन और कलेक्टर जनदर्शन के लंबित प्रकरणों का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री के घोषणा के कार्यों में बंदरचुआं बस स्टैंड के कार्य, जशपुर में दिव्यांग बच्चों के स्कूल के निर्माण कार्य,सोनार समाज का सामाजिक भवन बगीचा का मंगल भवन,पुल पुलिया और सड़क निर्माण कार्य, आदि अन्य कार्यों की विस्तार से समीक्षा किए और संबंधित अधिकारियों को समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा सभी निजी अस्पताल प्रत्येक माह के 9 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं स्वास्थ्य जांच सोनोग्राफी और अन्य महिलाओं का नियमित जांच करेंगे।
इस संबंध में सभी प्राइवेट अस्पताल से प्रमाण पत्र लेने के लिए कहा है। 

कलेक्टर ने कहा कि प्राइवेट अस्पताल शासन के नियमों का उलंघन करते पाए गए तो कारवाई की जाएगी।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर किया नमन

रायपुर 31 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की पुण्यतिथि (31 मार्च) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. श्री मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

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