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अबूझमाड़ में फैल रही है शिक्षा की रौशनी ,आज़ादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ के अति दूरस्थ गांव कारकाबेड़ा में खुला नया प्राथमिक स्कूल

रायपुर,18 मई 2026
     ​देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ क्षेत्र अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शिक्षा की नई रोशनी की ओर बढ़ रहा है। इसका सबसे सुखद और ऐतिहासिक परिणाम नारायणपुर जिले के अति दूरस्थ ग्राम कारकाबेड़ा में देखने को मिला है, जहां आजादी के बाद पहली बार किसी स्कूल की स्थापना हुई है। कभी नक्सलियों का गढ़ रहे इस इलाके में अब बच्चों को बंदूक की जगह कलम और किताबें मिल रही हैं।

*​जनसमस्या शिविर से खुला विकास का रास्ता*

    ​हाल ही में अबूझमाड़ के सुदूर क्षेत्र कोड़ेनार में एक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में कारकाबेड़ा के ग्रामीणों ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए गांव में ही स्कूल खोलने की पुरजोर मांग की थी। कलेक्टर  ने मामले की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए तत्परता दिखाई और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)  को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

*​5 घंटे की पैदल यात्रा और सर्वे*

     ​कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले कारकाबेड़ा गांव का सर्वे किया, जिसमें 20 बच्चे प्राथमिक शिक्षा के योग्य पाए गए। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी,खंड स्रोत समन्वयक, संकुल समन्वयक, सरपंच और शिक्षकों की संयुक्त टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया। यह टीम दुर्गम रास्तों, कई नदी-नालों और पहाड़ियों को पार करते हुए लगभग 5 घंटे की कठिन पैदल यात्रा कर कारकाबेड़ा पहुंची और नवीन प्राथमिक शाला का औपचारिक शुभारंभ किया।

*​मुफ्त गणवेश और शिक्षण सामग्री का वितरण*

    ​स्कूल के पहले ही दिन बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही चमक थी। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल प्रारंभ होने के साथ ही सभी 20 बच्चों को ​निःशुल्क गणवेश,​पाठ्यपुस्तकें और स्लेट
​पेंसिल, श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियां उपलब्ध कराई गईं।
​   कारकाबेड़ा सरपंच रामूराम वड्डे ने कहा कि गांव में स्कूल खुलना हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अब हमारे बच्चों को पढ़ने के लिए जान जोखिम में डालकर दूर नहीं जाना पड़ेगा।

*​अतिथि शिक्षक की व्यवस्था,पड़ोसी गांवों को भी मिलेगा लाभ*

     ​वर्तमान में इस स्कूल के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक स्थानीय अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में कारकाबेड़ा के इस स्कूल का लाभ आसपास के अन्य दूरस्थ गांवों, जैसे मरकूड़ के बच्चों को भी मिलेगा।
     ​नक्सलवाद के खात्मे के बाद अबूझमाड़ के इस अंदरूनी इलाके में स्कूल खुलना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार और शांति बहाली की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

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पुनर्वास से आत्मनिर्भरता की ओर : बीजापुर की महिलाओं के सपनों को मिल रहे नए पंख,पुनर्वासित महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण से मिल रहा रोजगार का अवसर

रायपुर, 18 मई 2026।
कभी नक्सल हिंसा की छाया से प्रभावित रहा बीजापुर अब विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। माओवाद के अंत के बाद जिला तेजी से मुख्यधारा की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षाबलों के साहस, शासन की प्रभावी पुनर्वास नीति और प्रशासन की सतत पहल ने बीजापुर को शांति एवं विकास के नए दौर में प्रवेश कराया है।
राज्य शासन की पुनर्वास नीति केवल आत्मसमर्पण या पुनर्वास तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर जिले की पुनर्वासित महिलाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत स्थानीय गारमेंट फैक्ट्री में सिलाई प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

*मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदल रही जिंदगी*

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्हें आधुनिक सिलाई तकनीक, मशीन संचालन और परिधान निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को उसी गारमेंट फैक्ट्री में रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल से महिलाओं को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 से 8 हजार रुपये तक का पारिश्रमिक दिया जाएगा।  जिससे वे आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त बनी रहें।

*आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम*

पुनर्वासित महिलाओं के चेहरे पर अब भविष्य को लेकर नई उम्मीद और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है। जो महिलाएं कभी हिंसा और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत कर रही थीं, वे आज रोजगार और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए महिलाओं को सम्मानजनक जीवन देने का सशक्त माध्यम बन रही है।

*बीजापुर बन रहा विकास और विश्वास का प्रतीक*

बीजापुर में चल रही पुनर्वास एवं कौशल विकास की यह पहल शासन की संवेदनशील सोच और दूरदर्शी नीति का उदाहरण है। जिला प्रशासन द्वारा पुनर्वासित परिवारों को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नक्सलवाद से मुक्त होकर अब बीजापुर विकास, शांति और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना रहा है। पुनर्वासित महिलाओं की सफलता यह संदेश दे रही है कि अवसर और सहयोग मिलने पर जीवन की दिशा बदली जा सकती है।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह पहुंचे रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया आत्मीय स्वागत

रायपुर 17 मई 2026/ केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के आज रायपुर आगमन पर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर  पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया।

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एक छोटी लापरवाही छीन सकती है पूरे परिवार की खुशियां” : जशपुर पुलिस ने हेलमेट जागरूकता बाइक रैली के माध्यम से दिया सड़क सुरक्षा का बड़ा संदेश, शराब पीकर वाहन चलाने, ओवर स्पीड और यातायात नियमों की अनदेखी से बचने की अपील

जशपुर, 17 मई 2026। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस द्वारा जिलेभर में विशेष सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। “सुरक्षित सफर–सुरक्षित जीवन” थीम पर चल रहे इस महाअभियान के तहत जिले के अलग-अलग थाना एवं चौकी क्षेत्रों में हेलमेट जागरूकता बाइक रैली निकालकर हजारों लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक रैली में भाग लिया तथा आम नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश दिया कि सड़क पर सावधानी ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है।

जानकारी के अनुसार 16 मई 2026 को थाना बागबहार, कांसाबेल, तुमला, लोदाम, आस्ता तथा चौकी ऊपर कछार, पंडरापाठ, मनोरा, कोतबा एवं करडेगा क्षेत्र में हेलमेट जागरूकता रैली निकाली गई। वहीं 17 मई 2026 को थाना सन्ना, बगीचा, नारायणपुर, फरसाबहार एवं चौकी सोनक्यारी क्षेत्र में पुलिस द्वारा बाइक रैली के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। रैली के दौरान पुलिस जवानों ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने की समझाइश दी। साथ ही शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, तेज रफ्तार से बचने और सभी यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की गई।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर हादसों में कमी लाना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। ऐसे में हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपाय लोगों की जान बचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा लोगों को यह भी बताया गया कि सड़क पर वाहन चलाते समय की गई छोटी सी गलती किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनते हुए सुरक्षित वाहन संचालन करना चाहिए।

रैली के दौरान कई स्थानों पर लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई तथा सुरक्षित ड्राइविंग का संकल्प भी दिलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा एवं जनजागरूकता का यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जिलेभर में जारी रहेगा।

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वनांचल के लोगों को बड़ी सौगात,धरमजयगढ़ के गंवरघुटरी में बनेगा 100 बिस्तरों का अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल

रायपुर 17 मई 2026। रायगढ़ जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गंवरघुटरी अब स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल और राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच के परिणामस्वरूप यहां 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इस अस्पताल के निर्माण से धरमजयगढ़ सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों, विशेष रूप से आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम गंवरघुटरी, तहसील धरमजयगढ़ की 2 हेक्टेयर भूमि 30 वर्ष की अस्थायी लीज पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को आबंटित की गई है। इस भूमि पर फाउंडेशन द्वारा गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शनिवार को प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत रायगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर संभाग के जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आबंटन आदेश की प्रति सौंपते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ प्रदेश के वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री  देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष तौर पर उपस्थित थे। 

उल्लखेनीय है कि यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का एक बड़ा केंद्र बनेगा। वर्तमान में धरमजयगढ़ और आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारी या विशेष उपचार के लिए रायगढ़, बिलासपुर अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीणों को त्वरित उपचार मिल सकेगा। अस्पताल में सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, जांच सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इससे वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर मजबूत होगा और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।
  
अस्पताल का संचालन गरीबों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार भूमि का उपयोग केवल अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। शासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि भूमि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए तथा समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसका निरीक्षण किया जाता रहे।

राज्य शासन के इस फैसले का वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अस्पताल निर्माण से न केवल बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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तपकरा में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला, जांच के बाद 21 प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि स्वीकृत,लाफ़रवाही पर पटवारी को जारी हुआ नोटिस

जशपुरनगर 17 मई 2026/ ग्राम तपकरा में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजा नहीं मिलने संबंधी शिकायत पर प्रशासन ने तत्परता से जांच कार्रवाई की है। इस संबंध में तहसीलदार तपकरा द्वारा तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर मुआवजा स्वीकृत किया जा चुका है। जांच उपरांत कुल 21 प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा स्वीकृत किया गया है। जिसमें 20 परिवारों को आंशिक मकान क्षति तथा 01 परिवार को पूर्ण मकान क्षति के लिए आरबीसी 6-4 के अंतर्गत सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही मुआवजा विलंब के लिए संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

     तहसीलदार तपकरा ने बताया कि तहसील न्यायालय में शिकायत प्राप्त हुई थी कि ग्राम तपकरा में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कुछ परिवारों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित हल्का पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा सभी प्रभावित परिवारों के आवेदन मंगाकर उनकी विस्तृत जांच की गई। कोटवार एवं आवेदकों के बयान दर्ज करने के पश्चात न्यायालयीन परीक्षण कर प्रकरणों का निराकरण किया गया। तहसीलदार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन द्वारा सभी पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है और शीघ्र ही संबंधित परिवारों को राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

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वायरल ऑडियो से हिला प्रशासन!” — ड्राइवर से अभद्र बातचीत पड़ी भारी, जांजगीर के कार्यपालन अभियंता तत्काल सस्पेंड, अफसरशाही की भाषा पर उठे बड़े सवाल

रायपुर 17 मई 2026 :
जांजगीर-चांपा जिले में एक वायरल ऑडियो क्लिप ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही इस ऑडियो रिकॉर्डिंग ने सरकारी सिस्टम की कार्यशैली और अफसरशाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला श्री शशांक सिंह और उनके विभागीय वाहन चालक श्री शशिकांत साहू के बीच हुई मोबाइल बातचीत का है, जिसमें कथित तौर पर बेहद अभद्र भाषा, धमकी भरे शब्द और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियां सुनाई दीं। सोशल मीडिया से लेकर सरकारी दफ्तरों तक सिर्फ एक ही चर्चा — “साहब की भाषा और व्यवहार आखिर इतना नीचे कैसे गिर गया?”
ऑडियो वायरल होते ही जिले भर में इसकी चर्चा शुरू हो गई और मामला सीधे प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि 12 मई 2026 को दोनों के बीच फोन पर तीखी बातचीत हुई थी। इसके बाद किसी ने इस बातचीत की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल कर दी। अगले ही दिन स्थानीय अखबारों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर यह मामला सुर्खियों में छा गया। वायरल ऑडियो सुनने के बाद लोग हैरान रह गए कि एक वरिष्ठ अधिकारी अपने ही अधीनस्थ कर्मचारी से किस तरह की भाषा में बात कर रहा है। चर्चा यह भी रही कि बातचीत के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी अपमानजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे पूरा मामला और गंभीर हो गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जांजगीर-चांपा ने तत्काल संज्ञान लिया। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को जांच सौंपी गई, जिन्होंने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और पूरे घटनाक्रम की जांच की। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया यह साफ माना गया कि कार्यपालन अभियंता द्वारा अपने अधीनस्थ चालक से अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार किया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि मोबाइल बातचीत के दौरान अशोभनीय शब्दों का प्रयोग हुआ और कर्मचारी को प्रताड़ित करने जैसी स्थिति बनी। प्रशासन ने माना कि इस पूरे घटनाक्रम से जिले की प्रशासनिक छवि धूमिल हुई है और जनता के बीच गलत संदेश गया है।

जांच रिपोर्ट सामने आते ही जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए श्री शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कदाचार का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग तय किया गया है। हालांकि नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले के सरकारी दफ्तरों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोग कह रहे हैं कि अब अधिकारियों की कार्यशैली और कर्मचारियों के साथ व्यवहार भी जांच के दायरे में आने लगा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस कार्रवाई को जरूरी और उदाहरणात्मक बताया है। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि वायरल ऑडियो ने सरकारी दफ्तरों के भीतर चल रही “साहबशाही” की असली तस्वीर सामने ला दी है। जिले में अब हर कोई यही चर्चा कर रहा है कि आखिर एक वायरल ऑडियो ने कैसे एक बड़े अधिकारी की कुर्सी हिला दी।

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विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के दौरान रायगढ़ में नई क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का उद्घाटन किया। इस लैब से सक्ति और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।


रायगढ़, 17 मई 2026। सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के राजामहल के पास क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का विधिवत शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। अब हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
        इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आज के समय में अपराधों की जांच केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है। वैज्ञानिक साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। रायगढ़ में इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से पुलिस को बड़ी सुविधा मिलेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा। 
     प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला के शुभारंभ को रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में एफएसएल लैब शुरू होने से अपराध जांच की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही वैज्ञानिक परीक्षण होने से पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
               बता दें कि अब तक पुलिस को ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए बिलासपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच प्रक्रिया में समय लगता था और कई मामलों के निराकरण में देरी होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे। इससे विवेचना की समय-सीमा घटेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
              सीन ऑफ क्राइम यूनिट रायगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. पी.एस. भगत ने बताया कि वर्तमान आपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह प्रयोगशाला क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला रायगढ़ में अधिकारियों और कर्मचारियों सहित कुल 28 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। इससे लैब की कार्यक्षमता और जांच प्रक्रिया दोनों को मजबूती मिलेगी। रायगढ़ की सीन ऑफ क्राइम यूनिट के लिए अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट वाहन भी स्वीकृत किया गया है। यह वाहन घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और तकनीकी जांच में मदद करेगा। इससे मौके पर ही प्रारंभिक फॉरेंसिक परीक्षण संभव हो सकेगा और साक्ष्यों के संरक्षण में भी सुधार आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय एफएसएल की शुरुआत से अपराध जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी, वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंच आसान होगी और न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। 
               इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गभेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री अरुणधर दीवान, श्रीकांत सोमावार, श्री महेश साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विकास केडिया, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री अरुण कातोरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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जनगणना 2027 में छत्तीसगढ़ का बड़ा अभियान: 60% से ज्यादा मकान सूचीकरण पूरा, GPM जिला 100% उपलब्धि के साथ बना राज्य का नंबर-1, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी टीमों को बधाई और बड़े शहरों की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी

​रायपुर, 17 मई 2026/छत्तीसगढ़ में आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। राज्य के सभी जिलों और नगर निगमों में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 60.73% कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महाअभियान में डिजिटल टेक्नोलॉजी के सटीक समन्वय से कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण हो चुका है।

*सटीक जनगणना से ही हर गरीब तक पहुंचेगा सुशासन —मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

     ​राज्य की इस प्रगति पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संतोष व्यक्त करते हुए गौरेला- पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन और प्रदेश भर के प्रगणकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे। डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है। जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द से जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें।

*​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने मारी बाजी, कई जिले शत-प्रतिशत के करीब*

      ​राज्य स्तर पर जिलों के प्रदर्शन को देखा जाए तो आदिवासी बहुल गौरेला-पेंड्रा- मरवाही (GPM) जिला सूची में शीर्ष पर है, जिसने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर लिया है। इसके बाद जशपुर (99.87%) और मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं। इसके अलावा बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी काम लगभग खत्म होने की कगार पर है।

*​कलेक्टर की रणनीति आई काम*

     GPM जिले के इस शानदार प्रदर्शन और 'शून्य पेंडेंसी' के मॉडल पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अपनी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यह सफलता हमारे स्थानीय प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors) और जिला प्रशासन की बेहतरीन टीम भावना का परिणाम है। भौगोलिक रूप से दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद हमने माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम किया। हर चार्ज नंबर की रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की गई, जिससे 17 मई की मध्यरात्रि को डेटा पोर्टल पर सिंक होते ही हमने 100% पूर्णता का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब हम अगले चरण के प्रशिक्षण और मैदानी सत्यापन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

*​बड़े शहरों और नगर निगमों की रफ्तार सुस्त, रायपुर-भिलाई पिछड़े*

     ​एक तरफ जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बाजी मारी है, वहीं राज्य के बड़े शहरों और नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी दर्ज की गई है। ​रायगढ़ नगर निगम सूची में सबसे निचले पायदान पर है, जहां महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य ही संपन्न हुआ है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है।
    
  ​प्रशासनिक मुस्तैदी का असर
राहत की बात यह है कि राज्य के अधिकांश जिलों में 'HLBs Not Started' (कार्य शुरू नहीं हुआ) का आंकड़ा शून्य है। इसका साफ मतलब है कि मैदानी स्तर पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। कबीरधाम के महज 1 ब्लॉक को छोड़कर हर जगह काम शुरू हो चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए 'प्रगति पर' (In Progress) कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टर्स को विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जशपुर में भाजपा संगठन को और मजबूत बनाने की तैयारी : सोशल मीडिया से लेकर बूथ प्रबंधन तक युवा मोर्चा को मिली नई ताकत, जशपुर भाजपा संगठन ने घोषित की नई टीम

जशपुर 17 मई 2026। भारतीय जनता पार्टी संगठन को मजबूत करने और युवाओं को सक्रिय भूमिका में लाने के उद्देश्य से युवा मोर्चा मंडल कार्यसमिति की भव्य घोषणा की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई है।

यह घोषणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन कुमार साय के मार्गदर्शन तथा युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के निर्देशानुसार की गई। वहीं स्थानीय स्तर पर भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह, जशपुर शहर मंडल अध्यक्ष मुकेश सोनी तथा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राजकुमार विजय आदित्य जूदेव की सहमति से मंडल कार्यसमिति का गठन किया गया।

घोषित कार्यसमिति में कई युवा कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। दीपक सिंह एवं आकाश भगत को सचिव (राइड) की जिम्मेदारी दी गई है। उपाध्यक्ष पद पर रवि गुप्ता, नीलेश मुंडा, हेमराज सिंह, ऋषभ गुप्ता एवं कृष्ण मोहन तिवारी को शामिल किया गया है। मंत्री पद पर विक्रम साय, विक्रांत कश्यप, आशीष गुप्ता (टीनू), नंदकिशोर कच्छप एवं मोहम्मद शहनवाज को नियुक्त किया गया है। विशेषाधिकार प्राप्त सदस्य के रूप में विवेक गुप्ता एवं राजेंद्र अम्बष्ट को स्थान मिला है। कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी दयानंद यादव को सौंपी गई है। मीडिया प्रभारी के रूप में मोहित प्रकाश एवं सत्यम मिश्रा को नियुक्त किया गया है जबकि सह-प्रभारी सूरज नारायण सिंह बनाए गए हैं। सोशल मीडिया टीम में दीपक गुप्ता (अक्कू), सोनू ताम्रकार एवं सोनू गुप्ता को शामिल किया गया है।

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ने तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया। घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह देखा गया और इसे संगठन विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में युवा मोर्चा की गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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बस्तर के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच: जगदलपुर में शुरू होगी पहली आवासीय खेल अकादमी, एथलेटिक्स-फुटबॉल-आर्चरी में निखरेंगी प्रतिभाएं

रायपुर. 17 मई 2026. बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा और कौशल को तराशने खेल एवं युवा कल्याण विभाग जगदलपुर में जल्द ही नई अकादमी खोलने जा रहा है। यह बस्तर अंचल का पहला आवासीय खेल अकादमी होगा। यहां बालकों को एथलेटिक्स, फुटबाॅल और आर्चरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अकादमी में प्रवेश के लिए विभाग द्वारा जल्द ही चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने आज जगदलपुर पहुंचकर अकादमी शुरू करने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बस्तर के खेल अधिकारियों से चर्चा कर मौजूदा अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, चयन ट्रायल की प्रक्रिया, विद्यालय सुविधा, वाहन व्यवस्था, खेल सामग्री तथा आवास सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रस्तावित अकादमी भवन का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

श्रीमती सलाम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ होने से स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और पदक अर्जित कर सकेंगे। इस अकादमी से बस्तर के नैसर्गिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, डाइट, आधुनिक उपकरण, आवास, शिक्षा, बीमा, किट, इलाज, उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी आदि की सुविधा खेल विभाग से मिलेगी।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अकादमी में प्रवेश के लिए जल्द ही चयन ट्रायल विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। एथलेटिक्स में 20, फुटबाॅल में 25 तथा आर्चरी में 20 खिलाड़ियों का चयन आवासीय अकादमी में प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने खेलो इंडिया लघु केन्द्र पण्डरीपानी में संचालित हाॅकी सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने यहां छात्रावास भवन और जिम हाॅल का निरीक्षण कर केन्द्र में प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों की संख्या और उपलब्ध खेल सामग्रियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों से मिलकर प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।

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5 साल से माइग्रेन की पीड़ा झेल रही सीमा को मिली नई जिंदगी, सुकमा के आयुष क्लिनिक ने लौटाई मुस्कान — इलाज के साथ भटके युवाओं को भी मिल रहा सम्मानजनक रोजगार

रायपुर, 17 मई 2026/बीते पांच साल सुकमा निवासी 39 वर्षीय श्रीमती सीमा सिंह के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थे। माइग्रेन के दर्द से तड़पती सीमा ने राहत की चाह में दूर-दूर के बड़े शहरों के चक्कर काटे, एलोपैथी की ढेरों दवाइयां खाईं, लेकिन बीमारी जस की तस रही। निराशा के इन बादलों के बीच उम्मीद की एक किरण तब जागी, जब वे बीते 4 मई को 'आयुष स्पेशलिटी क्लिनिक सुकमा' पहुँचीं। यहाँ अनुभवी चिकित्सक डॉ. मनोरंजन पात्रो की देखरेख में लगभग एक सप्ताह तक चले आयुर्वेदिक इलाज, सटीक दवाइयों और पंचकर्म की 'शिरोधारा' पद्धति के जादू ने कमाल कर दिया। वर्षों पुराना वह दर्द गायब हो गया जिसने उनकी रातों की नींद छीन रखी थी। दर्द से इस मुफ्ती ने सीमा के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है, जिसके लिए उन्होंने दिल से शासन-प्रशासन का आभार जताया है।

*बदलती स्वास्थ्य व्यवस्था की सुखद तस्वीर*
सीमा सिंह की यह मुस्कान सुकमा जिला प्रशासन के उन संजीदा प्रयासों का नतीजा है, जो दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार के पदभार संभालते ही जिला आयुष चिकित्सालय की तस्वीर बदलने के प्रयास तेज कर दिए गए। अस्पताल में न केवल बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया गया, बल्कि पारंपरिक और बेहद असरदार 'पंचकर्म' चिकित्सा की भी शुरुआत की गई। प्रशासन की इसी विशेष पहल का असर है कि आज यह अस्पताल रविवार को छोड़कर सप्ताह के छह दिन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, जहाँ हर दिन औसतन 14 से 15 मरीज डॉ. पात्रो की देखरेख में नया और स्वस्थ जीवन पा रहे हैं।

*बंदूकों के साए से बाहर, मुख्यधारा का सहारा*
कलेक्टर श्री अमित कुमार की यह मुहिम सिर्फ मरीजों को ठीक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण भी छिपा है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ सुकमा के युवाओं के पुनर्वास की भी एक अनूठी मिसाल पेश की है। कलेक्टर की विशेष पहल पर दो आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया और उन्हें इसी आयुष चिकित्सालय में 'कलेक्टर दर' पर सम्मानजनक रोजगार प्रदान किया गया। कभी गुमराह रहे इन युवाओं के हाथों को रोजगार देकर प्रशासन ने न सिर्फ उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा दी है, बल्कि जिले में शांति और विकास का एक नया अध्याय भी लिखा है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का सुकमा मॉडल*
सुकमा का आयुष चिकित्सालय आज सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि उम्मीद और पुनर्वास का एक जीवंत केंद्र बन चुका है। एक तरफ जहाँ असाध्य बीमारियों से जूझ रहे आम नागरिकों को सुकमा की वादियों में ही विश्वस्तरीय आयुर्वेदिक और पंचकर्म उपचार मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भटके हुए युवाओं को रोजगार देकर देश की मुख्यधारा में वापस लाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्रांति और सामाजिक सुधार के इस बेजोड़ संगम ने साबित कर दिया है कि अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो नक्सल प्रभावित माने जाने वाले सुकमा जैसे दूरस्थ अंचलों में भी संवेदनशीलता और सुशासन की नई इबारत लिखी जा सकती है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश: “हम जनता के सेवक हैं”, रायगढ़ में तीन जिलों के अफसरों की संयुक्त क्लास, राजस्व मामलों से लेकर पेयजल, स्वास्थ्य, खाद-बीज और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर दिए सख्त निर्देश

रायपुर 17 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत रायगढ़ जिला कार्यालय के सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, कोरबा एवं जांजगीर-चांपा जिले के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी और समयबद्ध ढंग से पहुंचे तथा आमजन की समस्याओं के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

बैठक में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री लालजीत सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गवेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव और शहरों तक दिखाई दे रहा है। शासन और प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिससे लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व प्रकरणों की विशेष समीक्षा करते हुए समयसीमा से बाहर एवं एक वर्ष से अधिक लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े छोटे-छोटे मामले सीधे आम नागरिकों के जीवन और आजीविका को प्रभावित करते हैं, इसलिए इनके निराकरण में संवेदनशीलता और गंभीरता आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों को शीघ्र सुधारने तथा जानबूझकर गलती करने वाले संबंधित कर्मचारियों एवं पटवारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में बताया कि प्रदेश में शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक सीधे फोन अथवा ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वर्षा ऋतु प्रारंभ होने के साथ संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम तैयारी रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप डीजल एवं पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने हम सभी जनता के सेवक हैं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद-बीज भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध हो तथा किसी प्रकार की परेशानी न हो। डीएपी की सीमित उपलब्धता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में “ड्रोन दीदी” तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। इससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का विस्तार होगा और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से जोड़ने पर बल दिया। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ भी मिलना चाहिए। कोरबा जिले में आयुष्मान कार्ड उपयोग की बेहतर स्थिति पर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की सराहना की।

सेवा सेतु पोर्टल में अपेक्षाकृत अधिक संख्या में आवेदनों के निरस्त होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के लिए नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले की डोंगा-कोहरोद सड़क निर्माण कार्य को इस वर्ष के बजट में शामिल किया गया है। संबंधित विभाग को शीघ्र प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायगढ़ जिले में निजी स्कूलों के बोर्ड परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कम आने पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर को इसकी जांच के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए विशेष प्रयास करने पर बल दिया।

इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग सहित रायगढ़, कोरबा एवं जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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तीन दिवसीय श्री जगन्नाथ मंदिर स्थापना महोत्सव का दोकड़ा में भव्य और भक्तिमय समापन, अष्ट प्रहरी संकीर्तन में छत्तीसगढ़–ओडिशा–झारखंड की मंडलियों ने भक्ति रस से बांधा समां, गूंजा “जय जगन्नाथ” का उद्घोष

नारायणपुर 16 मई 2026।यहां के ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित स्थापना के प्रथम वर्षगांठ महोत्सव का शनिवार को भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया। तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान , एवं के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

महोत्सव के दौरान आयोजित अष्ट प्रहरी नाम संकीर्तन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा एवं झारखंड से पहुंचे कीर्तन मंडलियों ने भक्ति गीतों और हरिनाम संकीर्तन से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक चले संकीर्तन में श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। मंदिर परिसर “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण हरे राम” के जयघोष से गूंजता रहा।

महोत्सव के अंतिम दिन नगर कीर्तन एवं पारंपरिक मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे दोकड़ा नगर में भक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर महोत्सव का समापन किया।

इस अवसर पर मंदिर के गजपति महाराज व मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह एवं शाम आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दीपों की रोशनी, भक्ति संगीत और हरिनाम संकीर्तन से मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से महोत्सव का सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय का समिति के सदस्यों ने शॉल श्रीफल भेंट कर जताया आभार


श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा द्वारा आयोजित स्थापना प्रथम वर्षगांठ महोत्सव के अवसर पर गजपति महाराज व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय का मंदिर समिति की ओर से शॉल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति पदाधिकारियों ने आयोजन में उनकी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से महोत्सव की गरिमा और बढ़ी है। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समिति सदस्यों की उपस्थिति ।

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जनता की सेवा ही हमारा सर्वोच्च कर्तव्य, सुशासन तिहार के माध्यम से जन-जन तक विकास और विश्वास की रोशनी पहुंचाने का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 16 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लेमरू में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से सरकार बनी है और उनकी सेवा करना ही सरकार का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता तक सीधी पहुंच और संवेदनशील कार्यशैली का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिवार का मुखिया परिवार के सुख-दुख और जरूरतों का ध्यान रखता है, उसी भावना से सरकार भी गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है और लोगों की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर आम जनता से संवाद कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं, किसानों, श्रमिकों, वनवासियों और गरीब परिवारों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें बड़ी संख्या में आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है तथा किसानों से रिकॉर्ड मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है।

उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने “मोदी की गारंटी” के अधिकांश वादों को कम समय में पूरा किया है। गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों को राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ सरगुजा से बस्तर तक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का मुख्यमंत्री को सुनने और उनसे मिलने पहुंचना जनता के विश्वास और आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक है।

शिविर के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने लेमरू क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सिंचाई के लिए एनीकट निर्माण, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्थापना, विभिन्न ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, सीसी रोड और पुलिया निर्माण की घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कोरबा जिले के 18 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

शिविर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों को राशन कार्ड, कृषि उपकरण, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, मछली पालन सामग्री, पंप, पावर स्प्रेयर, सुपोषण टोकरी तथा स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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अब जंगल-पहाड़ के आखिरी छोर तक पहुंचेगा शासन: 8 दिन के “जन भागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान में जनजातीय गांवों में लगेगी योजनाओं की चौपाल, स्वास्थ्य शिविर से लेकर शिकायत समाधान तक मिलेगा त्वरित लाभ

रायपुर, 15 मई 2026/   छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 18 से 25 मई 2026 तक “जन भागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के 1544 तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान  के 6691 गांवों में संचालित होगा।

मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पोषण और पेयजल जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारी गांवों में पहुंचकर जन सुनवाई करेंगे तथा “आदि सेवा केन्द्रों” में शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।

अभियान में सिकल सेल और टीबी जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत प्रतिदिन फोटो, वीडियो और लाभार्थियों के बयान “आदि प्रसारण” पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।

शासन ने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, एनएसएस, एनसीसी और स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान का समन्वय “सुशासन तिहार” और “जनजातीय गरिमा उत्सव” से भी किया जाएगा।

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कोसला धाम में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे : सुशासन तिहार के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माता कौशल्या के दरबार में टेका माथा, प्रदेश की खुशहाली और विकास के लिए मांगा आशीर्वाद

रायपुर 16 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम कोसला पहुंचकर माता कौशल्या मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता कौशल्या एवं प्रभु श्रीराम से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय के मंदिर परिसर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति एवं ग्रामीणों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।  इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी भी उनके साथ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, आस्था और परंपराएं प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मंदिर सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय को माता कौशल्या मंदिर का आकर्षक छायाचित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। 

मुख्यमंत्री श्री साय के अचानक आगमन से क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं स्थानीय नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे।

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सरकारी फिजूलखर्ची पर बड़ा प्रहार: कारकेड, विदेश यात्रा और पेट्रोल खर्च पर लगेगी लगाम, वित्त विभाग ने 30 सितंबर तक लागू किए सख्त मितव्ययिता निर्देश

रायपुर, 16 मई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त निर्देश जारी किया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों तथा विभागाध्यक्षों को सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य राज्य के वित्तीय संसाधनों का कुशल प्रबंधन करना और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन स्थापित करना है। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

*कारकेड वाहनों के उपयोग पर नियंत्रण*

निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। अन्य शासकीय संसाधनों का भी संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

*इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा*

राज्य के शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ईंधन व्यय में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

*ईंधन और वाहन व्यय में मितव्ययिता*

पेट्रोल एवं डीजल पर होने वाले व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।

*विदेश यात्राओं पर रोक*

अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक होने पर मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

*वर्चुअल बैठकों को प्रोत्साहन*

भौतिक बैठकों के स्थान पर वर्चुअल एवं ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निर्देशों के अनुसार भौतिक बैठकें यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाएंगी और विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित होंगी।

*ऊर्जा संरक्षण पर विशेष ध्यान*

कार्यालयीन समय के बाद सभी विद्युत उपकरण—जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर—अनिवार्य रूप से बंद किए जाएंगे। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।

*ई-ऑफिस और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा*

बैठकों में मुद्रित दस्तावेजों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (PDF, PPT आदि) का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, कार्यालयीन पत्राचार एवं नोटशीट का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से किया जाएगा, ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कमी लाई जा सके।

*iGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग*

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक प्रशिक्षण के स्थान पर iGOT कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग बढ़ाया जाएगा। विभागों को अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। शासन का मानना है कि इन उपायों से न केवल सरकारी खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

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