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डिजिटल क्रॉप सर्वे में शत-प्रतिशत गिरदावरी अनिवार्य, मुख्य सचिव विकासशील ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर, 9 अक्टूबर 2026/मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वे की प्रगति, भूमि अभिलेखों की पूर्णता और शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में फसलें बोई गई है, वहां उसकी वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए। संबंधित खसरों का सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि पर फसल लगी है या नहीं। फसल वाले क्षेत्रों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉलीगॉन बनाकर जानकारी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसल का सटीक और विश्वसनीय विवरण तैयार किया जाना चाहिए।

*डिजिटल क्रॉप सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश*

       मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर टीम गठित कर विभिन्न जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे में दर्ज जानकारी का मौके पर सत्यापन किया जाए तथा कितने खसरों का सत्यापन हुआ है, कितने रिकॉर्ड सही पाए गए है, कहां त्रुटियां मिलीं है इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड को सुधारने के साथ ही सर्वे की आंतरिक जांच भी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों का धान की खेती, किसान पंजीयन और धान उपार्जन से संबंधित आंकड़ों के साथ तुलनात्मक परीक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न अभिलेखों में उपलब्ध जानकारी का मिलान कर आवश्यक सुधार करने कहा है।

*नक्शों की त्रुटियों के निराकरण के लिए तकनीकी समाधान तलाशें*

        बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई प्रमुख बाधाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि नक्शों की अनुपलब्धता और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। राजस्व विभाग इन समस्याओं के निराकरण के लिए उपयुक्त तकनीकी समाधान तलाशे। मुख्य सचिव ने कहा कि आवश्यकतानुसार नक्शों को अद्यतन करने की कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में भौतिक सत्यापन और पॉलीगॉन सत्यापन आवश्यक है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा कर लिया जाए।

*कलेक्टरों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा करें*

        मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति और सत्यापन कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टरों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के संबंधित अधिकारी गांवों और खेतों के रिकॉर्ड का सत्यापन करें तथा कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। सर्वे की नियमित निगरानी के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।

  बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव सुश्री रीना बाबा साहब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी,  संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार, संचालक खाद्य फरिया आलम सिद्दीकी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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बस्तर में बदलाव की नई तस्वीर पेश कर रहा ‘पण्डुम कैफे’, पुनर्वास से स्वावलंबन तक की प्रेरक कहानी देख गदगद हुए वरिष्ठ अधिकारी

रायपुर, 09 अक्टूबर 2026/ बस्तर में हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं द्वारा संचालित ‘कैफे पण्डुम’ पुनर्वास और स्वावलंबन की मिसाल बन रहा है। जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी सहित केंद्र और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को कैफे का भ्रमण किया। उन्होंने युवाओं से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की और इसे आजीविका एवं सामाजिक बदलाव की महत्वपूर्ण पहल बताया।

      भ्रमण के दौरान बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने अधिकारियों को कैफे की अवधारणा, संचालन और इससे जुड़े परिवारों की आजीविका बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल हिंसा से प्रभावित और मुख्यधारा में लौटे लोगों को सम्मानजनक जीवन तथा आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है।

      वरिष्ठ अधिकारियों ने कैफे की व्यवस्थाओं, स्थानीय व्यंजनों, प्राकृतिक रंगों से सजे परिसर और आत्मीय आतिथ्य की सराहना की। उन्होंने कैफे को सादगी और स्थानीय परिवेश के साथ विकसित एक जीवंत केंद्र बताया। अधिकारियों ने कैफे का संचालन कर रहे युवाओं का उत्साहवर्धन भी किया।

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वन मंत्री केदार कश्यप ने संभाली झाड़ू, रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से चला स्वच्छता अभियान


रायपुर, 09 अक्टूबर 2026/  बस्तर जिले के ग्राम पंचायत चपका स्थित रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इस दौरान ऐतिहासिक मंदिर परिसर, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की साफ-सफाई कर स्वच्छता एवं जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया।

      स्वच्छता अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। सभी ने मिलकर नदी घाट, प्राकृतिक जल कुंड और मंदिर परिसर के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट की सफाई की। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने तथा धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के साथ प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। 

      इस अवसर पर ग्रामीणों ने जलस्रोतों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया। अभियान में जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छ भारत मिशन की टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने श्रमदान किया।

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‘जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते वन्यजीव’ की थीम पर मनाया गया वन्यजीव सप्ताह, विद्यार्थियों ने दिया प्रकृति बचाने का संदेश

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026/ वन्यजीव संरक्षण का संदेश देने वाली युवा प्रतिभाओं को गुरुवार को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के दंडकारण्य सभागार में पुरस्कृत किया गया। वन्यजीव सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में कला और ज्ञान आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

          वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा रायपुर वनमंडल द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय के हरित समूह एवं प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया गया। ‘जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते वन्यजीव’ की थीम पर आयोजित इस सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए प्रकृति और जैव विविधता संरक्षण का महत्व समझा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे।

           सप्ताहभर चले आयोजन में कागज की आकृतियां और घोंसलों के प्रतिरूप बनाने, बीजगोलक (सीड बॉल) निर्माण, वन्यजीव छायाचित्रण तथा प्रकृति भ्रमण जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से उन्हें वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

         शॉर्ट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में कलिंगा विश्वविद्यालय के देवेश मिंज, सिद्धांत नागपुरे और वर्षा साहू क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। निबंध प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय की श्रेया साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उपरवारा की शैल्या साहू और पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय माना कैंप के आकाश दास ने क्रमशः प्रथम तीन स्थान प्राप्त किए। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय माना कैंप की हेमा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गनोद की दीपिका साहू को सांत्वना पुरस्कार मिला। वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और प्रकृति आधारित गतिविधियों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने तथा जैव विविधता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर दिया।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं के भविष्य को संवारने की बड़ी पहल, आईटीआई-पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे आधुनिक पाठ्यक्रम; एआई और मशीन लर्निंग से रोजगार की नई संभावनाएं

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रायपुर, 09 अक्टूबर 2026/  छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कौशल से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एवं कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रतिष्ठित औद्योगिक एवं प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू), तकनीकी शिक्षा में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

*चार संस्थाओं के साथ एमओयू से युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण*

            दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला 2026 के समापन अवसर पर कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की पहल की गई। इन समझौतों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सुविधा होगी।

          टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योगों में उपयोग होने वाले व्यावहारिक कौशल की जानकारी प्राप्त होगी।

         इसी प्रकार अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता विकसित करने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

          विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और रोजगार क्षमता में वृद्धि के लिए नांदी फाउंडेशन के सहयोग से सॉफ्ट स्किल, अंग्रेजी संवाद कौशल, साक्षात्कार की तैयारी एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष इस संस्था के माध्यम से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। इस वर्ष भी आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

           इसके अतिरिक्त जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों से संबंधित कौशल प्रशिक्षण के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है। इससे युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।

*पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने विशेष पहल*

           प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इस मूल्यांकन में संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और अन्य आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया गया है। मूल्यांकन की रिपोर्ट का रोजगार मेला के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय, मंत्री तकनीकी शिक्षा श्री साहेब, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा  सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने विमोचन किया। इसमें संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इन सुझावों के आधार पर पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के विकास और आधुनिकीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।

*आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे आधुनिक तकनीक आधारित रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम*

          राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में पुराने एवं अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक से संबंधित पाठ्यक्रमों को शामिल किया जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक दक्षता प्राप्त होगी। इससे वे बदलते औद्योगिक परिवेश में रोजगार की नई संभावनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

*डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की तैयारी*

           कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा डिजिटल रोजगार पोर्टल को भविष्य में स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इस पोर्टल पर उद्योगों की आवश्यकताओं, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रिक्त पदों और रोजगार के इच्छुक युवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है।

*छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*

          इस व्यवस्था के माध्यम से युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं उद्योग एवं नियोजक संस्थाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगी। इससे रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी होगी। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय, आधुनिक पाठ्यक्रम, डिजिटल रोजगार सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के माध्यम से छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

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अरुण साव की पहल से बिलासपुर को बड़ी सौगात, 38.23 करोड़ के विकास कार्यों को मिली मंजूरी, यातायात और ड्रेनेज की समस्या से मिलेगी राहत

रायपुर. 9 अक्टूबर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर बिलासपुर नगर निगम के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत विभिन्न कार्यों के लिए 38 करोड़ 23 लाख 82 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है। राज्य शासन द्वारा मंत्रालय से आज इसकी प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत बिलासपुर में सिरगिट्टी बन्नाक चौक के पास 12 करोड़ 21 लाख 76 हजार रुपए की लागत से खेल कॉम्पलेक्स और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स बनाया जाएगा। योजना के तहत जोन क्रमांक-2 में नर्मदा कोल्ड ड्रिंक से गोकने नाला तक 3 करोड़ 15 लाख रुपए की लागत से नाला निर्माण तथा जोन क्रमांक-7 के खमतराई में 4 करोड़ 58 लाख 39 हजार रुपए की लागत से सड़क और नाली के कार्य होंगे। जोन क्रमांक-8 में इंदिरा विहार के पास 3 करोड़ 90 लाख रुपए से सड़क और व्यावसायिक परिसर भी बनाए जाएंगे।

बिलासपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-7 में बहतराई चौक के पास भक्त माता कर्मा चौक से मोपका बायपास तक 9 करोड़ 38 लाख 44 हजार रुपए की लागत से सड़क, नाली और विद्युतीकरण के कार्य किए जाएंगे। जोन क्रमांक-7 में ही 4 करोड़ 99 लाख 25 हजार रुपए की लागत से शॉपिंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा। 

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से इन अधोसंरचनाओं के निर्माण से शहर में खेल गतिविधियों के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा। साथ ही यातायात और ड्रेनेज की समस्या से मुक्ति भी मिलेगी। नए व्यावसायिक परिसरों के निर्माण से व्यावसायिक गतिविधियों को रफ्तार मिलने के साथ ही निगम के राजस्व में वृद्धि भी होगी।

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भगवान श्रीराम की विजय नहीं, मां दंतेश्वरी की आराधना का महापर्व है बस्तर दशहरा, जनजातीय परंपराओं का अनूठा संगम : मुख्यमंत्री साय

रायपुर 9 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति, जगदलपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 2026 में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया। इस अवसर पर बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा के अनुरूप प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक पागा पहनाकर उनका सम्मान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीय आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए बस्तर दशहरा के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बस्तर की सदियों पुरानी आस्था, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और सामूहिक सहभागिता की अनुपम विरासत है। इस पर्व में बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा और सामाजिक समरसता की सुंदर अभिव्यक्ति दिखाई देती है। हमारी सरकार बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इससे जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों, परंपराओं तथा इस वर्ष के आयोजन की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

*75 दिनों तक चलती है आस्था और परंपरा की अनूठी यात्रा*

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा लगभग 75 दिनों तक चलने वाला विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है। हरेली अमावस्या से इसकी पारंपरिक शुरुआत होती है और विभिन्न पूजा-विधानों एवं अनुष्ठानों के साथ यह पर्व आश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तक चलता है।

इस वर्ष 12 अगस्त को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ बस्तर दशहरा पर्व का शुभारंभ हुआ। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर को काछनगादी पूजा, 18 अक्टूबर को बेल पूजा तथा 23 अक्टूबर को मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। बस्तर दशहरा के विभिन्न अनुष्ठानों में अंचल के अलग-अलग समुदायों की परंपरागत और महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है।

*मां दंतेश्वरी की आराधना से जुड़ा है बस्तर दशहरा*

बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं के कारण देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बस्तर में दशहरा भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के प्रति आस्था और आराधना के महापर्व के रूप में मनाया जाता है।

बस्तर दशहरा की परंपरा को ऐतिहासिक मान्यताओं में चालुक्य नरेश पुरुषोत्तम देव से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि पुरुषोत्तम देव ने पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की यात्रा की थी, जहां उन्हें ‘रथपति’ की उपाधि प्राप्त हुई। इसी ऐतिहासिक परंपरा के साथ बस्तर दशहरा में रथ का विशेष महत्व जुड़ा हुआ है।

बस्तर दशहरा में मांझी, चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन सहित विभिन्न समुदायों और समाज के अलग-अलग वर्गों की जिम्मेदारियां परंपरागत रूप से निर्धारित हैं। धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर रथ निर्माण और आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं तक स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी इसकी विशेषता है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही सामूहिक सहभागिता की यह परंपरा बस्तर दशहरा को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समन्वय का अनूठा उदाहरण बनाती है।

*देश-दुनिया को आकर्षित करती है बस्तर की जीवंत संस्कृति*

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा अपनी भव्य रथयात्रा, विशिष्ट पूजा-अनुष्ठानों, जनजातीय परंपराओं और लोक संस्कृति के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक आयोजन और बस्तर की जीवंत संस्कृति को करीब से देखने के लिए पहुंचते हैं।

बस्तर दशहरा जहां सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है, वहीं यह बस्तर की लोक कला, परंपराओं और पर्यटन को भी व्यापक पहचान देता है। विभिन्न समुदायों की सामूहिक भागीदारी और मां दंतेश्वरी के प्रति अगाध आस्था इस पर्व को विशिष्ट स्वरूप प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की संस्कृति छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर है। बस्तर दशहरा जैसी परंपराएं हमें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती हैं। इन परंपराओं का संरक्षण और उन्हें देश-दुनिया तक पहुंचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री को आमंत्रण देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, परगनाकरेकोट के श्री मंगलु मांझी, श्री बलराम मांझी, श्री पदम् चालकी, श्री समारू चालकी, श्री डमरू चालकी, श्री लक्ष्मण मांझी सहित अनेक मांझी, चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन एवं बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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तुबा जंगल में मवेशी चराने की आड़ में वन संपदा पर वार! 6 पेड़ों की अवैध कटाई का खुलासा, आरोपी पर POR दर्ज, बीट गार्ड को नोटिस

*जशपुरनगर 09 अक्टूबर 2026/ तुबा जंगल में मवेशी चराने के बहाने वन संपदा के अवैध दोहन और पेड़ों की कटाई के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई की है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी, तपकरा द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया, जिसमें मौके पर 6 नग पेड़ों के ठूंठ पाए गए। पूछताछ के आधार पर अवैध कटाई में संलिप्त व्यक्ति की पहचान कर उसके विरुद्ध POR प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

विभाग के अनुसार उक्त घटना कंडईबहार परिसर की है, जो फरसाबहार सर्किल के अंतर्गत आता है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परिक्षेत्र सहायक और परिसर रक्षक को कड़ी निगरानी और नियमित गश्त के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को स्पष्टीकरण नोटिस भी जारी किया गया है।

इसके अलावा वन प्रबंधन समिति की बैठक कर ग्रामीणों को वन संरक्षण और अवैध कटाई रोकने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जशपुर में समान नागरिक संहिता पर महामंथन, विवाह-तलाक से लेकर उत्तराधिकार तक के मुद्दों पर विभिन्न समाजों ने रखे विचार; सुझावों के आधार पर तैयार होगा ड्राफ्ट


जशपुर 09 अक्टूबर 2026/ समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में समाज के विभिन्न वर्गों के विचार एवं सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से सरगुजा संभाग के प्रतिनिधियों के साथ समूह चर्चा एवं बैठक का आयोजन शुक्रवार को जशपुर स्थित जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित किया गया।


सर्व प्रथम सरगुजा संभाग के आयुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा द्वारा स्वागत भाषण दिया गया।

तत्पश्चात उच्च स्तरीय समिति के सचिव एवं रायपुर संभाग के आयुक्त श्री श्याम धावड़े द्वारा समान नागरिक संहिता की उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों का परिचय सभा के समक्ष दिया गया।

बैठक में  विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, प्रतिष्ठित एवं गणमान्य नागरिकों तथा निगम, मंडल एवं आयोग के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। समिति के समक्ष विवाह एवं तलाक भरण-पोषण उत्तराधिकार एवं विरासत और लिव-इन संबंध जैसे मुद्यों पर विभिन्न सामाजिक, राजनितिक, धार्मिक संघों के पदाधिकारियों ने खुलकर अपने सुझाव दिए।

बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. ज्योति रानी सिंह, उच्च स्तरीय समिति के सचिव एवं आयुक्त रायपुर संभाग श्री श्याम लाल धावड़े तथा सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा,   उपस्थित रहे।

*विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से लिए गए सुझाव-*

बैठक में समान नागरिक संहिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों एवं नागरिकों से यूसीसी के संबंध में उनके विचार, सुझाव एवं अभिमत आमंत्रित किए गए। विभिन्न वर्गों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र एवं सामाजिक परिवेश के दृष्टिकोण से विषय से संबंधित सुझाव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए।

बैठक का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद स्थापित करते हुए समान नागरिक संहिता से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श करना तथा विभिन्न पक्षों के विचारों एवं सुझावों को समझना रहा। समिति के सदस्यों ने उपस्थित प्रतिनिधियों के विचारों को सुना और सुझावों के संकलन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

*’सुझावों के आधार पर तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट-*

यूसीसी समिति के सदस्यों ने बताया कि सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक संगठनों सहित विभिन्न वर्गों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। इन सुझावों एवं अभिमतों के आधार पर समान नागरिक संहिता से संबंधित ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

बैठक के दौरान पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समान नागरिक संहिता क्या है, इसके विभिन्न पहलू तथा समिति द्वारा की जा रही प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उपस्थित प्रतिनिधियों को विषय से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही उनके प्रश्नों एवं सुझावों को भी चर्चा में शामिल किया गया।

*ऑनलाइन माध्यम से भी आमंत्रित किए गए सुझाव-*

समिति द्वारा समान नागरिक संहिता के संबंध में व्यापक स्तर पर सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाइट एवं ई-मेल की जानकारी भी साझा की गई। नागरिक एवं विभिन्न संगठन समिति की वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in तथा ई-मेल ucc-chhattisgarh@cg.gov.in के माध्यम से भी अपने सुझाव एवं अभिमत प्रस्तुत कर सकते हैं।

 समिति द्वारा संभाग के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से समान नागरिक संहिता से संबंधित विचार एवं सुझाव संकलित किए जा रहे हैं। प्राप्त सुझावों को आगामी प्रक्रिया में समुचित रूप से शामिल किए जाने की दिशा में समिति द्वारा कार्य किया जा रहा है।

इस दौरान  सर्व आदिवासी समाज,उरांव समाज, कंवर समाज , यादव समाज,  साहू समाज, गुप्ता समाज,  वनवासी कल्याण आश्रम, रौनियार, समाज,  अघरिया समाज,मुस्लिम  समाज,  जिला अधिवक्ता संघ, व्यापारी संघ, आदि उपस्थित रहे।

विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनि भगत, पद्म श्री जागेश्वर यादव, 
राजनीतिक दलों  के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि सहित अन्य समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और लिखित एवं मौखिक माध्यम से समान नागरिक सहिंता के विषय में अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार उपस्थित थे।

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इचकेला छात्रावास की बेटियों का क्रिकेट में डबल धमाका, अंडर-17 में लगातार दूसरे साल गोल्ड तो अंडर-19 में भी स्वर्ण पदक जीतकर सरगुजा जोन को बनाया प्रदेश चैंपियन

जशपुरनगर, 09 अक्टूबर 2026/ जशपुर जिले की बेटियों ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण के दम पर क्रिकेट के मैदान में शानदार सफलता हासिल की है। शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास इचकेला में रहकर अध्ययन करने वाली बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों की शानदार प्रदर्शन के बदौलत राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के अंडर-17 और अंडर-19 दोनों आयु वर्गों में सरगुजा जोन की टीम ने प्रदेश के अन्य जोनों को पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया हैं। दोनों वर्गों में इस दोहरी सफलता से इचकेला छात्रावास की प्रतिभाशाली बेटियों ने अपनी खेल क्षमता का लोहा मनवाया है। उनकी इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

*अंडर-17 में लगातार दूसरे वर्ष स्वर्णिम सफलता*

26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 4 से 7 अक्टूबर 2026 तक सारंगढ़ में किया गया। अंडर-17 बालिका क्रिकेट वर्ग में सरगुजा जोन की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रायपुर, दुर्ग और बस्तर जोन को पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में बिलासपुर जोन को हराकर टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस विजेता टीम में इचकेला छात्रावास की 10 बालिका खिलाड़ी शामिल थीं। टीम की कप्तान कुमारी गायत्री बाई के साथ एंजेल लकड़ा, आस्था रानी, आकृति यादव, अमीषा लकड़ा, साक्षी यादव, सुप्रिया मिंज, अनन्या सिदार, अलका रानी कुजूर और आराधना ने अपने खेल कौशल से टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सफलता की खास बात यह है कि सरगुजा जोन की अंडर-17 बालिका क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष कांकेर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता था। इस वर्ष फिर गोल्ड मेडल हासिल कर टीम ने लगातार दूसरे साल अपनी श्रेष्ठता साबित की है।

*अंडर-19 में भी सरगुजा जोन का दबदबा*

अंडर-19 बालिका क्रिकेट वर्ग में भी सरगुजा जोन की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। 24 सितंबर 2026 से राजनांदगांव में आयोजित प्रतियोगिता में टीम ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर जोन को पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। इस टीम में भी इचकेला छात्रावास की 10 खिलाड़ी शामिल रहीं। इनमें वर्षा बाई, संतोषी बाई, जिज्ञासा कुजूर, तुलसिका भगत, पूर्वांशी साहू, रितु भगत, अवीना बाई, झूमर तिर्की, आर्यनसी बेक और अंशिका राज आर्यन शामिल हैं। इनमें से आठ खिलाड़ी लूथरन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इचकेला में अध्ययनरत हैं। आर्यनसी बेक शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, इचकेला की छात्रा हैं, जबकि अंशिका राज आर्यन अंबिकापुर से हैं। दोनों आयु वर्गों की टीमों की सफलता में प्रशिक्षकों की अहम भूमिका रही। अंडर-17 टीम को कोच श्री संतोष कुमार ने प्रशिक्षण दिया, जबकि अंडर-19 टीम ने कोच श्रीमती प्रांशु प्रिया धनसो और श्री संतोष कुमार के मार्गदर्शन में शानदार प्रदर्शन किया।

*पांच-छह वर्षों के अभ्यास और मेहनत का मिला परिणाम*

छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती पंडरी बाई और श्री शंकर ने बताया कि बालिकाएं पिछले पांच-छह वर्षों से लगातार अभ्यास कर रही हैं। नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और कठिन परिश्रम के साथ खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा को निखारा है। लगातार दो वर्षों से स्वर्ण पदक जीतना उनके समर्पण और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जनरल मैनेजर श्री अनिल श्रीवास्तव, श्रीमती सुगंती कुजूर, रीना मैडम तथा प्रशिक्षकों के सहयोग और मार्गदर्शन ने भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। छात्रावास में रहकर पढ़ाई के साथ खेल की तैयारी करने वाली इन बेटियों की सफलता क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

*जिला प्रशासन के सहयोग से खिलाड़ियों को मिला प्रोत्साहन*

छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती पंडरी बाई ने बताया कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में जिला प्रशासन की ओर से खिलाड़ियों की आवश्यकताओं और खेल सामग्री की उपलब्धता के लिए किए जा रहे प्रयासों से उन्हें प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने इस सहयोग के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री संजय कुमार सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बालिका खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और पढ़ाई के साथ खेल के क्षेत्र में भी निरंतर आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री संजय कुमार सिंह ने इचकेला छात्रावास पहुंचकर स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इचकेला छात्रावास की इन बेटियों ने अपनी उपलब्धि से साबित कर दिया है कि निरंतर अभ्यास, उचित मार्गदर्शन और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।

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युवा शक्ति ही करेगी विकसित और सशक्त भारत का निर्माण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा—बड़े सपने देखें, लक्ष्य तय करें और मेहनत से सफलता की नई इबारत लिखें

रायपुर 8 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपनी रुचि के अनुरूप लक्ष्य तय करने और पूरी मेहनत एवं समर्पण के साथ उन्हें हासिल करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प सबसे महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज शाम राजधानी रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद 'यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन के संघर्ष, राजनीति, शिक्षा, राज्य के आर्थिक विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं और जल संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर सवाल किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सहज और आत्मीय अंदाज में युवाओं के सवालों के जवाब दिए और अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।

*प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में बढ़ा भारत का मान-सम्मान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान मनाया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जब लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का आह्वान किया था, तब इसे लेकर सवाल भी उठाए गए थे। आज स्वच्छता जन-जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। घर-घर शौचालय के निर्माण से माताओं-बहनों के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा हुई तथा गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के प्रति सोच और व्यवहार दोनों में बड़ा बदलाव लाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से परिचित कराया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक दृष्टि से भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।  प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है और आज पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि चार दिनों के प्रवास के दौरान उनकी अनेक प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया।

*अपना बचपन याद कर मुख्यमंत्री ने बताया - कितना बदल गया है शिक्षा का परिदृश्य*

युवाओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि आप सभी से चर्चा करते हुए मुझे अपना बचपन याद आ रहा है। जब मैं बगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था, तब हमारे स्कूल में पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने की व्यवस्था तक नहीं थी। परीक्षा देने के लिए कई किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ा और वहां पांच दिनों तक रुककर परीक्षा दी। उस समय स्कूल भवन भी कच्चे होते थे और बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है और उच्च शिक्षा की विभिन्न संस्थाएं प्रदेश में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज 15 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें शिक्षा के जो अवसर और सुविधाएं मिल रही हैं, उनका भरपूर सदुपयोग करें और अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।

*“कभी नहीं सोचा था सरपंच भी बनूंगा, ईश्वर ने मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया”*

बीबीए के छात्र अश्मित शिंदे ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की प्रेरणा कैसे मिली। सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन के संघर्षपूर्ण दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि मैं जशपुर के बगिया जैसे छोटे से गांव में पला-बढ़ा हूं। जब मैं लगभग 10 वर्ष का था, तब मेरे पिता का आकस्मिक निधन हो गया। भाइयों में सबसे बड़ा होने के कारण छोटी उम्र में ही छोटे भाइयों, मां और दादी की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभाली और छोटे भाइयों को सक्षम बनाने का प्रयास किया। उस समय कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि गांव का सरपंच बनूंगा। सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए सरपंच से विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और आज मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से कहा कि उन्होंने हमेशा ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को जीवन में अपनाया। जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि हम अच्छे उद्देश्य से पूरी निष्ठा के साथ काम करते हैं तो ईश्वर भी हमारा साथ देता है। शायद ईश्वर को मेरे हाथों से लोगों की सेवा करानी थी, इसलिए एक छोटे से गांव के सरपंच को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का अवसर मिला।

*समय की कीमत समझें, अपनी रुचि को बनाएं लक्ष्य*

छात्र करण भोसले ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन का मूल मंत्र पूछा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय की कीमत समझनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अभी उनका समय अध्ययन और अपने भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का है। इस समय का जितना अधिक सदुपयोग करेंगे, भविष्य उतना ही बेहतर होगा। सपने हमें मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं। हर युवा को अपनी रुचि पहचाननी चाहिए, उसी के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा से प्रयास करना चाहिए।

*“जल है तो कल है”—जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान*

कक्षा नवमीं के छात्र आदित्य राज तिवारी ने मुख्यमंत्री श्री साय से पूछा कि स्कूली विद्यार्थी जल संरक्षण में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जल है तो कल है।” जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और यह आज पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान चलाया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरिया जिले में लागू 5 प्रतिशत मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका उल्लेख किया है। राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण की दिशा में अच्छा काम हो रहा है।उन्होंने युवाओं से वर्षा जल संचयन को अपने घर, स्कूल और समाज में प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

*वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य*

छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के कक्षा ग्यारहवीं के छात्र मितांश सिंह ने प्रदेश के आर्थिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न राज्य है और इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर प्रदेश की आय बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 

*शिक्षा को संस्कार और रोजगार से जोड़ रही नई शिक्षा नीति*

छात्रा सानिया परवीन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में सवाल किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं। इन संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और अधोसंरचना को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। केंद्र सरकार की पीएमश्री योजना में छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल शामिल हैं। योजना के तहत इन विद्यालयों में अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं सहित आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखते हुए उसे संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के बच्चों और युवाओं को ऐसी शिक्षा मिले, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करे।

*युवाओं के साथ सुने भक्ति गीत, प्रतिभाओं का किया सम्मान*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के अंतर्गत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

इस अवसर पर गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

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सुकमा में आईईडी निष्क्रिय करने के दौरान हादसा, सीआरपीएफ के चार जवान घायल; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताई संवेदना

रायपुर 8 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र स्थित एलाड़मडगु कैंप के समीप आईईडी को निष्क्रिय करने के दौरान सीआरपीएफ के चार जवानों के घायल होने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घायल जवानों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से सभी घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

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नक्सल प्रकरणों की वापसी में तेजी लाने विजय शर्मा के सख्त निर्देश, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक और 5 नवंबर तक राज्य स्तरीय समिति की बैठक करने का आदेश

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में नक्सल प्रकरणों की वापसी, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित जवानों एवं नागरिकों के परिवारों को दी जा रही सहायता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध एवं न्यायालयों में प्रक्रियाधीन लोगों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। गंभीर अपराध, जनहानि तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य पात्र प्रकरणों की वापसी के लिए निर्धारित प्रक्रिया को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों की वापसी की कार्रवाई नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाए।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में सभी जिलों से प्राप्त प्रकरण वापसी संबंधी आवेदनों की जिलावार एवं प्रकरणवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक प्रकरण की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने प्रकरण वापसी के लिए प्रस्तावित संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसे जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित जिलों में जिला स्तरीय प्रकरण वापसी समितियों की बैठक अगले 15 दिनों के भीतर आयोजित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही राज्य स्तरीय समिति की बैठक 5 नवंबर तक संपन्न कराने के निर्देश दिए।

*अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों की वापसी और पुनर्वास पर विशेष जोर*

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों को वापस राज्य में लाने की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे व्यक्तियों की वापसी के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। राज्य लौटने वाले आत्मसमर्पित व्यक्तियों को पुनर्वास केंद्रों में रखकर उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप आजीविकापरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सकें।

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अब तक लगभग 900 पुनर्वासितों के राज्य वापस लौटने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने सभी पुनर्वासितों को मोबाइल फोन और प्रशिक्षण किट उपलब्ध कराने के साथ उनके आवश्यक पहचान पत्र एवं राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं के साथ हथियारों की मैपिंग के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

*पुनर्वासितों को भूमि आवंटन, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता का पूरा लाभ मिले*

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को प्रदान की जाने वाली सहायता एवं सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण पर अलग-अलग चर्चा करते हुए भूमि आवंटन, रोजगार उपलब्ध कराने, आवास वितरण और अन्य पुनर्वास सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पुनर्वास नीति के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को मिलने वाले सभी लाभ समय पर उपलब्ध कराए जाएं और कोई भी पात्र पुनर्वासित सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने पुनर्वासितों को मिलने वाली इनाम राशि के लंबित भुगतान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रत्येक लंबित प्रकरण की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले महीने आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक से पहले पुनर्विचार से संबंधित सभी मामलों पर चर्चा कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी पात्र पुनर्वासितों को प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की सराहना की। साथ ही सभी पुनर्वासितों के आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने पुनर्वास से संबंधित जानकारियों को सार्वजनिक करने के निर्देश भी दिए, जिससे आमजन को शासन द्वारा किए जा रहे पुनर्वास प्रयासों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।

*इलवद पंचायत के लंबित विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामीणों की मांग के अनुरूप हों कार्य स्वीकृत*
      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इलवद पंचायत के अंतर्गत लंबित विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रस्तावित एवं लंबित कार्य की स्वीकृति की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की स्वीकृति के समय यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य स्थानीय ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं और उनकी मांग के अनुरूप हों। उन्होंने ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

*नक्सल हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों और प्रभावित नागरिकों को मिले सभी निर्धारित लाभ*

     उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने वर्ष 2001 से अब तक नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति एवं अन्य निर्धारित लाभ प्रदान किए जाने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अब तक की कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण किया जाए, ताकि पात्र परिजनों को निर्धारित सहायता एवं सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में जान गंवाने वाले आम नागरिकों की जानकारी भी ली। उन्होंने मृत नागरिकों के आश्रित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता एवं अन्य लाभों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों को अनिवार्य रूप से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने नक्सल घटनाओं में घायल जवानों एवं घायल नागरिकों को प्रदान की जा रही सहायता, उपचार और अन्य सुविधाओं की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

*शहीदों की स्मृति में बनेंगे जनोपयोगी स्मारक, बड़े घटनास्थलों पर दर्ज होगी वीर सपूतों की गाथा*

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों एवं जान गंवाने वाले आम नागरिकों की स्मृति में स्मारक निर्माण की योजना की समीक्षा की। उन्होंने स्मारकों के लिए तैयार किए गए मानक डिजाइन पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि इन स्मारकों को केवल स्मृति स्थल तक सीमित न रखकर जनोपयोगी स्वरूप भी दिया जाए। उन्होंने स्मारकों को यात्री प्रतीक्षालय एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के केंद्रों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को भी इनका लाभ मिल सके।

      उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर नक्सल घटनाओं में बड़ी संख्या में जवान या आम नागरिकों की मृत्यु हुई है, वहां बड़े स्मारक बनाए जाएं। ऐसे स्मारक स्थलों पर लोगों के रुकने और ठहरने की समुचित व्यवस्था भी की जाए। इसके साथ ही संबंधित नक्सल घटना, शहीद जवानों और मृत नागरिकों के संबंध में संपूर्ण जानकारी स्मारक स्थल पर प्रदर्शित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां बस्तर के वीर सपूतों के बलिदान और इतिहास से परिचित हो सकें।

*शहीदों के नाम पर होंगे पंचायत भवन, स्कूल मैदान, मार्ग और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण*

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों की स्मृति को स्थायी सम्मान देने के लिए सार्वजनिक स्थलों के नामकरण संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, मार्ग, चौक-चौराहों, बाजार और स्कूल मैदान सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई अगले महीने तक पूर्ण की जाए। उन्होंने गांवों में शहीद स्मारकों के निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित मानक प्रारूप के अनुरूप इनका निर्माण जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

*बस्तर के रासायनिक उर्वरक मुक्त गांवों की होगी पहचान, किसानों को मिलेगा उत्पादों का उचित मूल्य*

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर के ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां अब तक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। उन्होंने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि ऐसे गांवों को चिन्हित कर धान उपार्जन प्रारंभ होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाओं से जोड़ा जाए, ताकि वहां उत्पादित कृषि उपज का किसानों को उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने इस पहल में संबंधित गांवों की महिला स्वसहायता समूहों को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाकर उनके लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित किए जाएं।

*मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के निर्देश*
     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नवरात्रि के अवसर पर मां दंतेश्वरी की आराधना एवं दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा उनकी सुरक्षा के लिए समुचित इंतजाम किए जाएं।

     बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारीक, गृह सचिव सुश्री नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री एस.आर.पी. कल्लूरी एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बस्तर, कोण्डागांव, कबीरधाम, राजनांदगांव, महासमुंद, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, दुर्ग एवं बलरामपुर जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

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छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के खुल रहे नए द्वार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले—युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और योग्यता के अनुरूप रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता

रायपुर 8 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर कौशल प्रशिक्षण और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियों को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर अपने ही प्रदेश में मिलें, वे अपने कौशल और प्रतिभा के बल पर आत्मनिर्भर बनें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला–2026 के समापन अवसर पर युवाओं को संबोधित कर रहे थे। 

इस अवसर पर उन्होंने चयनित युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री के करकमलों से लगभग 1,100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए गए।
7 एवं 8 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय रोजगार मेले में प्रदेशभर से 13 हजार से अधिक युवाओं ने सहभागिता की। विभिन्न कंपनियों द्वारा आयोजित चयन प्रक्रियाओं के बाद 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ। प्रदेश के सभी जिलों के साथ दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों से भी बड़ी संख्या में युवा मेले में पहुंचे और अपनी शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के लिए चयन प्रक्रिया में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि रोजगार का यह अवसर उनके जीवन में नई शुरुआत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर अपने परिवार के साथ प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

*युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ रही सरकार*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 925 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है, जिनके माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। राज्य स्तरीय रोजगार मेले की सफलता इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और गति देने वाली है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार तक जोड़ने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘प्रयास’ जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक अवसर छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हों। इसके लिए शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

*95 से अधिक नियोक्ता संस्थानों ने युवाओं को दिए रोजगार के अवसर*

राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों के साथ अन्य कंपनियों ने भी सहभागिता की। आयोजन स्थल पर लगभग 50 स्टॉल स्थापित किए गए, जहां विभिन्न औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्रों की कंपनियों द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार और चयन किया गया।

मेले में आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, स्नातक सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। रोजगार विभाग के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षा विभाग, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों तथा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण की भी आयोजन में सक्रिय सहभागिता रही।

कौशल विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षित युवाओं ने भी बड़ी संख्या में रोजगार मेले में हिस्सा लिया। इस तरह रोजगार मेला केवल नियुक्तियों का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सीधे संवाद और समन्वय का प्रभावी मंच भी बना।

*ई-रोजगार पोर्टल बनेगा ‘स्किल मार्केट’*

रोजगार मेले में अभ्यर्थियों के पंजीयन, आवेदन, उपस्थिति और चयन संबंधी प्रक्रियाओं को ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया गया। इससे चयन प्रक्रिया को अधिक सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में सहायता मिली।

राज्य सरकार द्वारा ई-रोजगार पोर्टल को आगे ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की योजना है। इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उद्योगों की आवश्यकताओं और उपलब्ध रिक्त पदों के साथ रोजगार के इच्छुक युवाओं की शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल की जानकारी उपलब्ध होगी। इससे एक ओर युवाओं को अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर खोजने में आसानी होगी, वहीं दूसरी ओर उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।

*जिन्हें आज अवसर नहीं मिला, उनके लिए आगे भी खुलेंगे रोजगार के द्वार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने रोजगार मेले में शामिल उन युवाओं का भी उत्साहवर्धन किया, जिन्हें इस बार रोजगार का अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार आगे भी रोजगार मेलों, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ समन्वय के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले के सफल आयोजन के लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों, शैक्षणिक संस्थानों तथा प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आए औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रतिनिधियों को बधाई दी।

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उनके हुनर को रोजगार और आजीविका के वास्तविक अवसरों से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में प्रदेशभर से युवाओं की व्यापक भागीदारी उनके उत्साह और बेहतर भविष्य की आकांक्षा को दर्शाती है। उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

*पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधार के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन*

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा तैयार थर्ड पार्टी मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया।

रिपोर्ट में पॉलिटेक्निक संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और गुणवत्ता सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के सुझावों के आधार पर संस्थानों के समग्र विकास तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रोजगार मेला भी युवाओं को सीधे अवसरों से जोड़ते हुए सेवा और जनकल्याण की इसी भावना को आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार मेले में आने से पहले वे दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी करने के साथ विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला, युवा, किसान, श्रमिक और गरीब सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर प्रशासन अलर्ट, 22-23 अक्टूबर को रायपुर और जगदलपुर में होंगे प्रमुख कार्यक्रम, सुरक्षा से लेकर प्रोटोकॉल तक सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत के माननीय राष्ट्रपति महोदया श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगामी दिनों में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। माननीय राष्ट्रपति महोदया का 22 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक रायपुर एवं जगदलपुर (बस्तर) का प्रवास प्रस्तावित है।   

       मुख्य सचिव ने अधिकारियों को राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल, आवास, स्वास्थ्य सुविधा और परिवहन के सभी इंतजाम निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राष्ट्रपति के संपूर्ण प्रवास कार्यक्रमों के लिए संस्कृति विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।   

       प्रवास के दौरान राष्ट्रपति महोदय के आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रम में लोकभवन, रायपुर एवं बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा (रायपुर) में कार्यक्रमों के आयोजन में शामिल होना प्रस्तावित है। इसी तरह से लाल बाग ग्राउंड, जगदलपुर (बस्तर) में मुरिया दरबार और बस्तर दशहरा के पावन अवसर पर विशाल सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन में शामिल होना प्रस्तावित है। 

       मुख्य सचिव ने रायपुर एवं बस्तर संभाग के कलेक्टरों का राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सभी जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (रायपुर) तथा माँ दंतेश्वरी एयरपोर्ट (जगदलपुर) से लेकर कार्यक्रम स्थलों तक सुरक्षा, कारकेड और सड़क मार्ग से यात्रा की सुगम व्यवस्था का दायित्व संबंधित जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्त तथा पुलिस अधीक्षकों को सौंपा गया है।  राष्ट्रपति महोदय एवं उनके साथ आने वाले अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्था के संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित गाइडलाइन्स के अनुसार सर्व सुविधायुक्त चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।  बैठक में कार्यक्रम स्थलों पर मानक अनुसार डायस (मंच), बैकड्रॉप, निर्बाध विद्युत आपूर्ति (वैकल्पिक व्यवस्था सहित), साउंड-लाइट सिस्टम तथा ग्रीन रूम में कंप्यूटर, प्रिंटर व इंटरनेट की जरूरी तैयारियों के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए। 

       वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, गृह एवं श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, संचालक जनसम्पर्क श्री आशीष टिकरिया सहित लोकभवन के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर रायपुर एवं बस्तर, पुलिस मुख्यालय के अधिकारी, पुलिस अधीक्षक रायपुर एवं बस्तर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण विभाग, एयरफोर्स, बीएसएनएल, एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी शामिल हुए।

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माओवाद के खात्मे से बस्तर में खुलीं विकास की नई राहें, 11 सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने कहा– शांति, सुरक्षा और विश्वास के मजबूत आधार पर बस्तर बनेगा देश का अग्रणी संभाग

*रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/* अविभाजित मध्यप्रदेश के समय प्रशासनिक सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके 11 सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने बस्तर के बदलते स्वरूप को करीब से देखा। बस्तर प्रवास के दौरान शांति, सुरक्षा, विश्वास और विकास की दिशा में हो रहे बदलावों से रूबरू होकर उन्होंने कहा कि बस्तर अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। यहां विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं और आने वाले समय में बस्तर देश के अग्रणी संभागों में अपनी पहचान स्थापित करेगा। इन सेवानिवृत्त अधिकारियों में श्री बीएल कुरिल, श्रीमति रेणु तिवारी, श्री मनोहर दुबे, श्री सुरेन्द्र उपाध्याय, श्री एसएन रूपला, श्री भरत अग्रवाल, श्री टीसी महावर, श्री डीडी सिंह, श्रीमति जयश्री कियावत, श्रीमति सुनीता त्रिपाठी, श्री उल्हास तेलंग शामिल रहे।

       सेवानिवृत्त अधिकारियों ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और यहां के जनजीवन को करीब से जाना-समझा। उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात और तीरथगढ़ जलप्रपात सहित बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। प्रकृति की अनुपम छटा से अभिभूत अधिकारियों ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ सांस्कृतिक और मानवीय विविधताओं से भी समृद्ध क्षेत्र है। यहां की लोक परंपराएं, कला-संस्कृति और विरासत इसकी विशिष्ट पहचान हैं।यह सब बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

*सरल-सहज और मेहनतकश हैं बस्तर के लोग*
      बस्तर के ग्रामीण अंचलों और लोगों के जीवन को करीब से देखने के बाद सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने कहा कि यहां के लोग बेहद सीधे-सरल, सहज और मेहनती हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजकर रखा है। अधिकारियों ने कहा कि बस्तर की सबसे बड़ी ताकत यहां के लोग हैं, जिनकी मेहनत, सहजता और अपनी संस्कृति के प्रति गहरा जुड़ाव क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

*मां दंतेश्वरी के दर्शन कर मांगा बस्तर की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद*
      बस्तर प्रवास के दौरान सेवानिवृत्त अधिकारियों ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। उन्होंने मां दंतेश्वरी से बस्तर वासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान पूरे देश में विशिष्ट है, जिसे संरक्षित रखते हुए विकास की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

*अमर वाटिका में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि*
       इन सेवानिवृत्त अधिकारियों ने जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर कर्तव्यपथ पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और सुरक्षा स्थापित करने में सुरक्षा बलों के जवानों का त्याग और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके बलिदान के कारण आज बस्तर विकास और विश्वास के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

*पुनर्वासित युवाओं का बढ़ाया हौसला*
       जगदलपुर स्थित पण्डुम कैफे में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों ने पुनर्वासित युवाओं से भी मुलाकात की। उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए उनके अनुभव जाने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर विकास की राह पर आगे बढ़ने के उनके संकल्प की सराहना की। अधिकारियों ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नई शुरुआत के साथ अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान देना ही भविष्य को बेहतर बनाने का सबसे मजबूत रास्ता है। इस दौरान कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने इन सेवानिवृत्त अधिकारियों से भेंटकर बस्तर में आकर यहां के लोगों का हौसला-अफजाई करने आभार जताया।

*माओवाद का खात्मा बस्तर के भविष्य के लिए बड़ी उपलब्धि*
      उक्त सेवानिवृत्त अधिकारियों ने बस्तर में माओवाद के खात्मे को क्षेत्र के भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा के वातावरण में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन, कृषि और अन्य क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं खुली हैं। बस्तर में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है और इसका सकारात्मक प्रभाव आमजन के जीवन में दिखाई दे रहा है।

     उन्होंने बस्तर वासियों को इस बदलाव के लिए बधाई देते हुए कहा कि शांति और विकास की यह यात्रा बस्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। प्राकृतिक संपदा, समृद्ध संस्कृति, मेहनतकश जनसमुदाय और तेजी से मजबूत हो रही अधोसंरचना के साथ बस्तर आने वाले समय में विकास का अग्रणी केंद्र बनने की क्षमता रखता है।

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जशपुर में फिजियोथेरेपी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर कंडोरा में शुरू होगा कॉलेज, 50 सीटों पर इसी सत्र से प्रवेश की तैयारी

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है। जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी की जा रही है। करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित हाईस्कूल भवन में प्रारंभिक रूप से कॉलेज का संचालन किया जाएगा। कॉलेज में 50 सीटों पर इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रारंभ करने की तैयारी है। इस पहल से जिले के विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।

कंडोरा में निर्मित हाईस्कूल भवन में हाईस्कूल संचालन की अनुमति नहीं मिलने के बाद शासन द्वारा उपलब्ध अधोसंरचना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए यहां फिजियोथेरेपी कॉलेज संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इससे एक ओर पहले से निर्मित भवन का उपयोग सुनिश्चित होगा, वहीं दूसरी ओर जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के नए अवसर विकसित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में यह पहल जशपुर को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

*50 सीटों पर प्रवेश की तैयारी, विद्यार्थियों को जिले में ही मिलेगा उच्च शिक्षा का अवसर*

फिजियोथेरेपी कॉलेज की शुरुआत से जशपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के नए अवसर मिलेंगे। प्रारंभिक रूप से 50 सीटों के साथ कॉलेज संचालन की तैयारी की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी की व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए अन्य शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

कॉलेज के संचालन से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवश्यक प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में भी सहायता मिलेगी। विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

*फिजियोथेरेपी उपचार सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को भी मिलेगा लाभ*

जिले में फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। वर्तमान में जिले के अनेक मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी शिक्षा और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होने से ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

कॉलेज के माध्यम से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने के साथ फिजियोथेरेपी सेवाओं के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

*चराईडांड में 13.93 करोड़ रुपये से बनेगा स्थायी हाईटेक कैंपस*

फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए चराईडांड के पास करीब 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से स्थायी हाईटेक कैंपस विकसित करने की योजना है। स्थायी परिसर के निर्माण तक कंडोरा में पहले से तैयार भवन का उपयोग कॉलेज संचालन के लिए किया जाएगा।

स्थायी कैंपस विकसित होने से भविष्य में विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक अधोसंरचना और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में जिले की क्षमता का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज की प्रस्तावित शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे जिले के युवाओं को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के नए अवसर मिलने के साथ भविष्य में स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी उपचार सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा पर कड़ा पहरा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में खाद्य पदार्थों की सघन जांच, पनीर में निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक वेजिटेबल फैट मिलने पर कार्रवाई

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सघन निगरानी की जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूनों का संकलन और प्रयोगशाला जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों की रक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं।

विष्णु के सुशासन में जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रतिबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय एवं वितरण नहीं करें।

*पनीर की जांच में मिली अनियमितता, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कार्रवाई*

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा गौरेला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से पनीर का विधिवत नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। प्राप्त जांच प्रतिवेदन में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाए जाने के आधार पर खाद्य विश्लेषक द्वारा संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया है। जांच में सामने आई इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

*खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच का दायरा बढ़ा, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित*

जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी एवं साबूदाना तथा 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं।

संकलित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके।

*खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर, कारोबारियों को दिए आवश्यक निर्देश*

राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय के दौरान स्वच्छता तथा गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में अमानक अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण एवं नमूना परीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

*नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील*

विष्णु भैया की सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, निर्माण तिथि, अवसान तिथि, गुणवत्ता तथा लेबल पर अंकित आवश्यक विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें।

नागरिकों को संदिग्ध गुणवत्ता वाले, खराब पैकेजिंग वाले अथवा निर्धारित अवधि समाप्त हो चुके खाद्य पदार्थों की खरीद और सेवन से बचने की सलाह दी गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित विभाग को जानकारी देने की भी अपील की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में खाद्य सुरक्षा संबंधी निगरानी, निरीक्षण और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

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