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ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पत्रकारों से साझा की विभागीय उपलब्धियां, प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास

रायपुर 19  फरवरी 2026/  ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने आज नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों के साथ ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

             डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है।

              डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।
राज्य शासन द्वारा पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

            ऊर्जा सचिव डॉ. यादव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य उत्पादन कंपनी के संयुक्त उपक्रम द्वारा लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा में 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं हेतु विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 12 हजार 100 मेगावाट ताप विद्युत, 4 हजार 200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2 हजार 500 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर तथा 13 हजार 300 मेगावाट पंप स्टोरेज क्षमता शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसमें कई प्रमुख संस्थाएं भागीदार हैं।

               डॉ. यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों एवं मड़वा में 800 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। पारेषण क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच उपकेन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 137 हो गई है। ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 132 केवी लाइनों में पुराने कंडक्टरों को उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस कंडक्टर से बदला जा रहा है। साथ ही 5 हजार 200 किमी ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर का इंस्टॉलेशन पूर्ण कर 131 उपकेन्द्रों को डिजिटल संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।

            वितरण क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।

            क्रेडा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित मिश्रण, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के भी विस्तृत उत्तर दिए और विभाग की आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना साझा की। 

            इस दौरान सीएसपीडीसीएल के एमडी श्री भीम सिंह कंवर, सीएसपीजीसीएल के एमडी एस के कटियार, सीएसपीटीसीएल के एमडी श्री राजेश कुमार शुक्ला सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

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अधिवक्ता कक्ष में हुए खूनी विवाद के बाद वकीलों पर दर्ज हुई एफआईआर पर हाईकोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप — प्रथम दृष्टया बचाव में दर्ज मामला मानते हुए पूरी कार्रवाई पर लगाया स्टे

जशपुर, 19 फरवरी 2026। फरसाबहार न्यायालय परिसर में हुए मारपीट और धारदार हथियार से हमले के मामले में महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। उच्च न्यायालय बिलासपुर ने अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर और आपराधिक प्रकरण पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी है। साथ ही थाना फरसाबहार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कुनकुरी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विष्णु कुलदीप से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व फरसाबहार न्यायालय के अधिवक्ता कक्ष में तपकरा निवासी आयुष चौधरी और अधिवक्ता चुन्नू राम चौहान के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि आयुष चौधरी ने कथित रूप से धारदार सुजा से अधिवक्ता चुन्नू राम चौहान पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। इस घटना के बाद उसी दिन आरोपी आयुष चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

बताया जा रहा है कि घटना के लगभग तीन दिन बाद आयुष चौधरी ने फरसाबहार थाने में अधिवक्ता कलेश जायसवाल, चुन्नू राम चौहान, शनैश्वर चौहान और ओमप्रकाश दास के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत दर्ज कराई। फरसाबहार पुलिस ने मामले की जांच करते हुए लगभग एक सप्ताह के भीतर न्यायालय कुनकुरी में चालान पेश कर दिया।

इसके बाद चारों अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में अधिवक्ता मनोज चौहान के माध्यम से याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और आपराधिक प्रकरण को निरस्त करने की मांग की। इस याचिका पर 19 फरवरी 2026 को सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को बचाव में दर्ज कराया गया मामला मानते हुए एफआईआर और संबंधित आपराधिक प्रकरण पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही थाना फरसाबहार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

इधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। कुनकुरी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विष्णु कुलदीप ने कहा कि अधिवक्ता पर धारदार हथियार से हमला होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई, बल्कि उल्टा अधिवक्ताओं पर ही मामला दर्ज कर दिया गया। उन्होंने इसे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ जल्द ही आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा।

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नई पाठ्य पुस्तकों से बदलेगा शिक्षा का स्वरूप — सीबीएसई पैटर्न पर आधारित ‘दीपकम’ और ‘पूर्वी’ पुस्तकों के प्रभावी शिक्षण हेतु मनोरा में शिक्षकों का पांच दिवसीय गहन प्रशिक्षण सम्पन्न, छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर

जशपुर/नारायणपुर 19 फरवरी 2026 : जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर एवं जिला प्रशिक्षण संस्थान जशपुर के मार्गदर्शन में उच्च प्राथमिक शालाओं में संचालित नई पाठ्य पुस्तकों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड स्त्रोत कार्यालय मनोरा के प्रशिक्षण कक्ष में किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति से परिचित कराते हुए बच्चों में सीखने-सिखाने की क्षमता का समुचित विकास करना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री आशुतोष शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें एनसीईआरटी द्वारा तैयार संस्कृत विषय की पुस्तक दीपकम एवं अंग्रेजी विषय की पुस्तक पूर्वी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई पुस्तकों के माध्यम से बच्चों में पठन कौशल, लेखन कौशल, श्रवण कौशल, सारांश निर्माण तथा कहानी निर्माण जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं के विकास हेतु विविध गतिविधियों की जानकारी दी गई।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल ने कहा कि नई पाठ्य पुस्तकें लगभग सीबीएसई पैटर्न पर तैयार की गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को केंद्र में रखकर शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यालयों में छात्र-अनुकूल वातावरण तैयार कर गतिविधि-आधारित शिक्षण को बढ़ावा दें, जिससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का विकास हो और वे भविष्य में देश का नाम रोशन कर सकें।

प्रशिक्षण के दौरान कक्षा छठवीं की अंग्रेजी पुस्तक पूर्वी पर सर्वश्री संतोष लकड़ा, श्रीमती मेरिस्तेला किसपोट्टा एवं अजय खलखो द्वारा विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया, वहीं संस्कृत विषय की पुस्तक दीपकम पर किरण राम महारथी, श्रीमती प्रीतना तिर्की एवं अजमर सिंह द्वारा शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी शिक्षण के तरीके बताए गए।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री प्रेम लाल बर्मन एवं बीआरसी लेखापाल नरेंद्र बघेल का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण के समापन पर शिक्षकों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए नई पुस्तकों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

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मुख्यमंत्री की सार्थक प्रयास से जशपुर में बनेगा दृष्टि बाधित और श्रवण बाधित बच्चों के लिए सर्व सुविधायुक्त आवासीय स्कूल - विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने गम्हरिया में किया भूमिपूजन 

जशपुरनगर 19 फरवरी 2026/ जशपुर विधायक श्रीमती  रायमुनी भगत ने आज गम्हरिया में दिव्यांग बच्चों हेतु आदर्श आवसीय विद्यालय परिसर निर्माण कार्य तथा ऑटोमेटेड ई ट्रैक निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन ।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के घोषणा अनुरूप ग्राम गम्हरिया में शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ बच्चो हेतु आदर्श आवसीय विद्यालय परिसर का निर्माण कार्य एक करोड़ 77 लाख की लागत से किया जाएगा इनमें इनमें ई ट्रेक निर्माण कार्य 2 करोड़ 28 लाख की लागत से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले इसके लिए जशपुर जिले के गम्हरिया में दृष्टि बाधित बच्चों के लिए 6 से 12 तक और श्रवण बाधित बच्चों के लिए 1 से 12 तक का स्कूल का भवन बनाया जाएगा।
क्रियान्वयन एजेंसी - छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को बनाया गया है।
इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री प्रफुल्ल चौरे जनप्रतिनिधिगण और आम नागरिक उपस्थित थे।

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छोटे से किराना दुकान के सपने को मिला बड़ा सहारा — बिहान समूह से जुड़कर पिंकी सोनी ने लिया मुद्रा लोन, बढ़ाया व्यवसाय, आत्मनिर्भर बनकर गांव की महिलाओं को दिखाया सफलता का रास्ता

जशपुर 19 फरवरी 26 / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को  आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं।
इसी कड़ी में मनोरा विकासखंड की ग्राम पंचायत मनोरा की रहने वाली श्रीमती पिंकी सोनी बिहान अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें शासन की योजनाओं की जानकारी मिली और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ।

पिंकी जी ने अपने किराना व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखा। इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने पीएम मुद्रा लोन के तहत 70,000 रुपये का स्वयंसिद्धा लोन लिया और अपनी दुकान का विस्तार किया। दुकान बड़ी होने से न केवल उनकी आय बढ़ी, बल्कि ग्राहकों का विश्वास और पहुँच भी मजबूत हुई।

पिंकी सोनी कहती हैं —
“समूह से जुड़ने के बाद मेरे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की जानकारी मिली और आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी हासिल हुआ।”

आज पिंकी जी अपने परिवार की मजबूत आर्थिक सहारा बनी हैं। उनकी मेहनत और बिहान योजना से मिली मदद ने उन्हें आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद भी दिया हैं।

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जंगल बचाने और रोजगार सुरक्षित रखने की दोहरी रणनीति: तेंदूपत्ता के वैज्ञानिक शाखकर्तन और वनाग्नि रोकथाम पर वन विभाग ने दिया विशेष प्रशिक्षण

जशपुरनगर, 19 फरवरी 2026/ तपकरा परिक्षेत्र स्थित रेस्टहाउस में तेंदूपत्ता शाखकर्तन तथा वर्तमान अग्नि सीजन को दृष्टिगत रखते हुए अग्नि सुरक्षा विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीणों, वन प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को तेंदूपत्ता के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित शाखकर्तन की विधि तथा वनाग्नि की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रबंधकों एवं विभागीय अधिकारियों ने तेंदूपत्ता संग्रहण की महत्ता, वन संरक्षण तथा ग्रामीणों की आजीविका के मध्य संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
     कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व संसदीय सचिव श्री भारत साय एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत फरसाबहार की अध्यक्ष श्रीमती हेमंती साय, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुलारी सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती दुर्गावती नायक, तपकरा सरपंच श्रीमती सविता जायसवाल, श्री दिलीप कुमार साहू, श्री कपिल सिंह, श्री अजय शर्मा एवं श्री नटवर मूंदड़ा उपस्थित रहे। इसके अलावा वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, परिक्षेत्र अधिकारी, उप प्रबंधक, वनरक्षक, फंडमुंशी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्य अतिथि श्री भारत साय ने अपने संबोधन में कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण ग्रामीणों की आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। यदि इसका वैज्ञानिक पद्धति से शाखकर्तन एवं संग्रहण किया जाए तो वन संरक्षण और रोजगार दोनों का संतुलन बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताते हुए सभी से सजग रहने की अपील की।
     कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य ने तेंदूपत्ता शाखकर्तन की वैज्ञानिक तकनीकों, शाखा काटते समय पौधों को क्षति से बचाने की सावधानियों, निर्धारित समय-सीमा के पालन तथा गुणवत्तापूर्ण संग्रहण की प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही उन्होंने वर्तमान अग्नि सीजन को ध्यान में रखते हुए जंगल में आग लगने के प्रमुख कारणों, उससे होने वाले पारिस्थितिक एवं आर्थिक नुकसान तथा आग से बचाव के व्यावहारिक उपायों से ग्रामीणों को अवगत कराया।
उप प्रबंध संचालक श्री शैलेंद्र कुमार अंबष्ट एवं उप वनमंडलाधिकारी श्री आशीष कुमार आर्य ने तेंदूपत्ता शाखकर्तन कार्य को निर्धारित समयावधि एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप करने पर बल दिया तथा वनाग्नि की रोकथाम के लिए सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताया। कार्यशाला में उपस्थित सभी ग्रामीणों एवं सदस्यों से अपील की गई कि वे शाखकर्तन के दौरान किसी भी प्रकार से आग का उपयोग न करें, सूखे पत्तों या कचरे में आग लगाने से बचें तथा किसी भी संदिग्ध अग्नि घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण कर वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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पमशाला–सराईटोला मार्ग निर्माण के लिए अनुबंध नहीं करने पर ठेकेदार की अमानत राशि राजसात,सड़क में आवागमन सुगम बनाने गड्डों को किया जा रहा समतल

जशपुरनगर 19 फरवरी 2026/ लोक निर्माण विभाग संभाग पत्थलगांव द्वारा पमशाला से सराईटोला मार्ग निर्माण की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की गई है। कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, संभाग पत्थलगांव ने बताया कि पमशाला से सराईटोला मार्ग (लंबाई 11.50 किमी) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित हुआ है। मार्ग की अत्यंत जर्जर स्थिति को देखते हुए इसके पुनर्निर्माण एवं चौड़ीकरण हेतु वर्ष 2024-25 के प्रथम अनुपूरक बजट में शामिल कर 2396.94 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की गई थी। इसके पश्चात 2322.58 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति मिलने पर विधिवत निविदा आमंत्रित की गई। निविदा प्रक्रिया में केपकॉन प्रोजेक्ट प्रा. लि., जशपुर द्वारा 20.11 प्रतिशत कम दर (एस.ओ.आर. से) प्रस्तुत की गई, जिसे शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान करते हुए अनुबंध निष्पादन हेतु स्वीकृति पत्र जारी किया गया। साथ ही ठेकेदार को 15 दिवस के भीतर असंतुलित राशि जमा कर अनुबंध करने के निर्देश दिए गए थे।
किन्तु निर्धारित समयावधि में अनुबंध नहीं किए जाने के कारण निविदा शर्तों  के अनुसार ठेकेदार की 5.00 लाख रुपये की अमानत राशि शासन के पक्ष में राजसात कर ली गई है। इसके उपरांत नियमानुसार पुनः निविदा आमंत्रित की गई है, जिसकी निविदा 03 मार्च 2026 को खोली जाएगी। न्यूनतम दर प्राप्त होने पर कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

      कार्यपालन अभियंता ने स्पष्ट किया है कि पुनर्निर्माण कार्य के दौरान वर्तमान डामरीकरण सतह को उखाड़ना आवश्यक होगा। इसी कारण मार्ग में बने गड्ढों को निरंतर मुरूम एवं जी.एस.बी. सामग्री से भरकर आवागमन सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में मार्ग की स्थिति संतोषप्रद है। चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

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मुख्यमंत्री की पहल से जिले  में सुदृढ़ हुई स्वास्थ्य सेवाएँ,विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से जिलेवासियों को मिली बड़ी राहत

जशपुरनगर, 19 फरवरी 2026/  जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा आम नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति होने से जिलेवासियों को अब स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उन्हें उपचार के लिए अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता कम हुई है और आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपशिखा कदम, सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. गौरव हरदहा, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. दीपांशु भोय तथा रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित अग्रवाल अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से मरीजों को समय पर सटीक जांच और उपचार मिल रहा है।
    अक्टूबर 2025 से अपनी सेवाएँ दे रहे रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित अग्रवाल द्वारा अब तक लगभग 600 सोनोग्राफी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। वहीं जनवरी 2026 से पदस्थ सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. गौरव हरदहा द्वारा ओपीडी में लगभग 115 मरीजों का परीक्षण किया गया है एवं लगभग 21 मरीजों की मेजर एवं माइनर सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई है। इसी प्रकार, सितंबर 2025 से कार्यरत स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपशिखा कदम द्वारा ओपीडी में लगभग 50 मरीजों की जांच के साथ-साथ अब तक लगभग  17 मेजर एवं माइनर सर्जरी की गई हैं। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. दीपांशु भोय भी जनवरी 2026 से लगातार मरीजों की जांच एवं उपचार कर रहे हैं। इसके अलावा सभी विशेषज्ञ चिकित्सक नियमित ओपीडी सेवाओं के साथ-साथ ऑनलाइन परामर्श एवं केजुअल्टी ड्यूटी के माध्यम से भी मरीजों को निरंतर चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में भी मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध हो पा रहा है।
    जिलेवासियों ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से उन्हें अत्यधिक सुविधा प्राप्त हुई है। पहले गंभीर उपचार के लिए रांची एवं अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अधिक व्यय होता था। अब जिला चिकित्सालय में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होने से समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है। इस  पहल के लिए जिलेवासियों ने मुख्यमंत्री एवं जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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भक्ति की गूंज से गूंज उठा चोंगरीबहार — तीन दिवसीय सत्संग, सोलह सूत चौका महाआरती और महायज्ञ में उमड़ा जनसैलाब, जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया आयोजन का गौरव

नारायणपुर : 19 फरवरी 2026 । यहां के चोंगरीबहार में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग समारोह एवं सोलह सूत चौका महाआरती महायज्ञ कार्यक्रम में क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथियों के रूप में गोमती साय पत्थलगांव विधायक सहित कई जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिनेश प्रसाद चौधरी, जिला पंचायत सदस्य हीरामती पैंकरा, जनपद उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, मंडल अध्यक्ष रवि यादव, परशु चक्रेश सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।इस अवसर पर विधायक गोमती साय ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं और युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं।जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने भी आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना, महाआरती एवं यज्ञ अनुष्ठान संपन्न कराया गया। भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।आयोजन समिति ने सभी अतिथियों का पुष्पमाला एवं सम्मान-चिन्ह देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे पूरा चोंगरीबहार भक्तिरस में डूबा नजर आया।

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रोमांच और प्रकृति का संगम शिशुपाल पर्वत बना छत्तीसगढ़ का नया एडवेंचर हब,प्राचीन दुर्ग ,ट्रेकिंग,जलप्रपात और प्राकृतिक सौंदर्य ने बढ़ाया आकर्षण, युवाओं के लिए बना रोमांच और पर्यटन का नया केंद्र


 
जशपुर/रायपुर 19 फरवरी 2026
यदि आप प्रकृति, पहाड़ और एडवेंचर के शौकीन हैं, तो महासमुंद जिले के सरायपाली में स्थित शिशुपाल पर्वत आपके लिए एक शानदार पर्यटन स्थल हो सकता है। आजकल शिशुपाल पर्वत ट्रैकिंग और एडवेंचर के शौकीनों के बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। यह स्थान अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। रायपुर से 157 किमी और सरायपाली से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित यह पर्वत पर्यटकों को प्रकृति के करीब जाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।
                    रोमांचक ट्रैकिंग का अनुभव
शिशुपाल पर्वत समुद्र तल से 900 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए रोमांचक ट्रैकिंग मार्ग है, जो साहसिक गतिविधियों के प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। ट्रैकिंग मार्ग में जंगल, चट्टानें और प्राकृतिक पगडंडियां शामिल हैं। पर्वत के ऊपर एक विशाल मैदान है, जहां से वर्षा ऋतु के दौरान पानी 1100 फीट नीचे गिरता है और भव्य जलप्रपात का निर्माण करता है। यह दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। यहां की हरियाली और शांत वातावरण एक मनमोहक दृश्य का निर्माण करते हैं। पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। यहां पहुंचने वाले सैलानियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया गया।
                   प्राकृतिक सुंदरता और शांति
शिशुपाल पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाते हैं। यहां का वातावरण, हरियाली और झरने पर्यटकों को मानसिक शांति और सुकून का अनुभव कराते हैं। यह स्थान फोटोग्राफी और प्रकृति के अद्भुत दृश्यों के लिए भी प्रसिद्ध है। शिशुपाल पर्वत न केवल रोमांचक ट्रैकिंग स्थल है, बल्कि इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम भी है। यहां ट्रैकिंग, फोटोग्राफी और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। अपने ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक आकर्षण के कारण शिशुपाल पर्वत आज के दौर में पर्यटन का नया केंद्र बनता जा रहा है।
               ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व
शिशुपाल पर्वत (बड़ा डोंगर) का नाम स्थानीय लोककथाओं से जुड़ा हुआ है। किंवदंती है कि इस पहाड़ पर कभी राजा शिशुपाल का महल हुआ करता था। यहां का गौरवशाली इतिहास रहा है। पर्वत पर ही जर्जर दुर्ग, प्राचीन मंदिर और तालाब के अवशेष आज भी अतीत की गाथा सुनाते हैं। जिनके अनुसार जब अंग्रेजों ने राजा को घेर लिया, तो उन्होंने वीरता का प्रदर्शन करते हुए अपने घोड़े के साथ पहाड़ी से छलांग लगा दी। इस घटना के कारण इस पर्वत का नाम शिशुपाल पर्वत और यहां स्थित झरने का नाम भी उन्हीं के नाम पर पड़ा। यह जलप्रपात अत्यधिक ऊंचाई से गिरने के कारण अद्भुत सौंदर्य का अनुपम उदाहरण है।
                        रोजगार के नए अवसर
शिशुपाल पर्वत पर हर वर्ष मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए आते हैं। इस दौरान मंदिर के आसपास भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेले की चहल-पहल का आनंद लोग उठाते हैं। धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अद्भुत अनुभव इसे एक संपूर्ण पर्यटन स्थल बनाता है। यह मेला न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
                 पर्यटन विकास की संभावनाएं
इस क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की पहल शासन द्वारा की जा रही है। वहीं आसपास के क्षेत्रों में बांस से बनी हस्तशिल्प वस्तुएं भी पाई जाती हैं, जो स्थानीय लोगों की आय का प्रमुख जरिया बन सकती हैं। इसे एक पर्यटन परिपथ के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। यहां से चंद्रहासिनी देवी मंदिर, गोर्मदा अभ्यारणय, सिंघोड़ा मंदिर, देवदरहा जलप्रपात एवं नरसिंहनाथ जैसे पर्यटन स्थलों  को जोड़ा जा सकता है।

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ब्रेकिंग न्यूज : जिस पिता के साये में बेटी थी सुरक्षित, उसी ने जल्लाद बनकर छीन ली जिंदगी: शराब के नशे में दरिंदा पिता कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर आंगनबाड़ी सहायिका बेटी की बेरहमी से हत्या, पूरे गांव में पसरा मातम

नारायणपुर थाना क्षेत्र के कुडुकेला के जामटोली में दिल दहला देने वाली वारदात, आरोपी पिता हिरासत में — हत्या के कारणों की गहराई से जांच में जुटी छत्तीसगढ़ पुलिस

जशपुर/नारायणपुर, 19 फरवरी 2026 
जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुडुकेला के जामटोली में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक शराबी पिता ने अपनी ही 22 वर्षीय बेटी की कुल्हाड़ी से वार कर निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका की पहचान बिंदिया लकड़ा, पिता लारेंस लकड़ा, उम्र लगभग 22 वर्ष के रूप में हुई है। वह गांव के ही आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका के पद पर कार्यरत थी और अपने परिवार का सहारा मानी जाती थी।

बताया जा रहा है कि 18 फरवरी को बिंदिया लकड़ा आंगनबाड़ी केंद्र से कार्य समाप्त कर दोपहर बाद अपने घर लौटी थी। इसी दौरान शाम लगभग 3:30 से 4:00 बजे के बीच उसका अपने पिता लारेंस लकड़ा से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। घटना के समय आरोपी पिता शराब के नशे में धुत था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने पास में रखी कुल्हाड़ी उठाकर अपनी बेटी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले में गंभीर रूप से घायल बिंदिया लकड़ा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और तत्काल इसकी सूचना नारायणपुर थाना पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपी पिता को हिरासत में लेकर थाने ले गई। 

ग्रामीणों के अनुसार मृतिका बिंदिया लकड़ा स्वभाव से शांत और मेहनती थी तथा आंगनबाड़ी में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से कर रही थी। इस हृदयविदारक घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और लोग स्तब्ध हैं कि एक पिता इस तरह अपनी ही बेटी का हत्यारा बन सकता है।

पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक हत्या के पीछे का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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ग्रहों की बदली चाल से आज बदलेगा भाग्य का समीकरण: कई राशियों को मिलेगा धन, पद और प्रतिष्ठा, तो कुछ राशियों को विवाद और खर्च से रहना होगा सतर्क — पढ़िए 19 फरवरी 2026, गुरुवार का राशिफल 

 

नारायणपुर, 19 फरवरी 2026। गुरुवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण कई राशियों के लिए नई उम्मीद और सफलता लेकर आया है। चंद्रमा की स्थिति और ग्रहों के प्रभाव से आज नौकरी, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। जहां कुछ राशियों के लिए धन लाभ और करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं, वहीं कुछ राशियों को संयम और सतर्कता से दिन बिताने की सलाह दी गई है।

♈ मेष राशि:

अधिकारियों की नजर में बढ़ेगा कद, करियर में मिलेगी नई जिम्मेदारी, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत।मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन सफलता और प्रगति लेकर आया है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपके कार्य की सराहना हो सकती है। नई जिम्मेदारी मिलने से भविष्य में पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।व्यापारियों के लिए दिन लाभकारी रहेगा। लंबे समय से रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है।पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी।स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक परिश्रम के कारण थकान हो सकती है।

♉ वृषभ राशि:

धन लाभ के प्रबल योग, निवेश से मिलेगा फायदा, परिवार में आएगी खुशहाली।वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से बहुत अनुकूल रहेगा। पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वेतन वृद्धि या पदोन्नति की खुशखबरी मिल सकती है।व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे और आय में वृद्धि होगी।परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी।स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♊ मिथुन राशि:

कार्यस्थल पर विवाद की आशंका, धैर्य और समझदारी से लें निर्णय, जल्दबाजी से हो सकता है नुकसान।मिथुन राशि के जातकों को आज सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद हो सकता है, इसलिए संयम बनाए रखें।व्यापार में सामान्य लाभ होगा, लेकिन नए निवेश से बचना बेहतर रहेगा।परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम होगा।स्वास्थ्य की दृष्टि से तनाव और थकान महसूस हो सकती है।

♋ कर्क राशि:

भाग्य का मिलेगा पूरा साथ, रुके कार्य होंगे पूरे, आर्थिक स्थिति में आएगा बड़ा सुधार।कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे और सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।धन लाभ के प्रबल योग हैं और आय में वृद्धि हो सकती है।परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा।स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♌ सिंह राशि:

करियर में उन्नति और सम्मान मिलने के संकेत, समाज में बढ़ेगी प्रतिष्ठा, व्यापार में होगा लाभ।सिंह राशि के जातकों को आज करियर में सफलता मिलने की संभावना है। अधिकारियों से सम्मान मिलेगा और पदोन्नति के योग बन रहे हैं।व्यापारियों के लिए दिन लाभकारी रहेगा।परिवार का सहयोग मिलेगा और घर में खुशी का माहौल रहेगा।स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♍ कन्या राशि:

नई योजना शुरू करने के लिए अनुकूल समय, आर्थिक लाभ से बढ़ेगा आत्मविश्वासकन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई शुरुआत के लिए अनुकूल है। व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है।नौकरी में उन्नति के योग हैं।परिवार में सम्मान और सहयोग मिलेगा।स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

♎ तुला राशि:

अनावश्यक खर्च बढ़ने के संकेत, आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी, सोच-समझकर लें निर्णय। तुला राशि के जातकों को आज खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।नौकरी में सामान्य स्थिति रहेगी।परिवार का सहयोग मिलेगा।स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

♏ वृश्चिक राशि:

व्यापार में बड़ी सफलता के योग, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत, करियर में मिलेगी उन्नति,वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा। व्यापार में बड़ा लाभ हो सकता है।नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं।परिवार में खुशियां रहेंगी।स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♐ धनु राशि:

नई जिम्मेदारी मिलने से बढ़ेगा आत्मविश्वास, मेहनत का मिलेगा पूरा फल।धनु राशि के जातकों को आज करियर में सफलता मिलने की संभावना है।व्यापार में लाभ होगा।परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♑ मकर राशि:

धन लाभ के प्रबल योग, भाग्य देगा पूरा साथ, रुके कार्य होंगे पूरेमकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन लाभकारी रहेगा।नौकरी और व्यापार में सफलता मिलेगी।परिवार में सुख-शांति रहेगी।स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♒ कुंभ राशि:

कार्यस्थल पर सतर्कता जरूरी, विवाद से बचें, खर्च बढ़ सकता है।कुंभ राशि के जातकों को आज सावधानी बरतने की आवश्यकता है।कार्यस्थल पर विवाद हो सकता है।आर्थिक मामलों में सतर्क रहें।स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

♓ मीन राशि:

धन लाभ के संकेत, करियर में सफलता, परिवार में रहेगा खुशी का माहौल। मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। धन लाभ के योग हैं।नौकरी में सफलता मिलेगी। परिवार में सुख और शांति रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रीमती कुसुम सिन्हा को दी श्रद्धांजलि

रायपुर 18 फरवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा की पूज्य माता स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने  बिलासपुर के बोदरी स्थित मुख्य न्यायाधीश निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर श्रीमती कुसुम सिन्हा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों  से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और कहा कि माता जी का स्नेह, संस्कार और त्याग जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उनका सरल, स्नेहमयी और अनुपम स्वभाव सदैव स्मरणीय रहेगा। 

इस अवसर पर केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री एवं सांसद श्री तोखन साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने भी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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पशु केवल संसाधन नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवार का अभिन्न सदस्य हैं”—शासकीय नवीन महाविद्यालय मनोरा के विशेष शिविर में लगा निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर, खोखसों-बेंजोरा में सैकड़ों पशुओं की हुई जांच और उपचार

मनोरा  18 फरवरी 2026।
इकाई, शासकीय नवीन महाविद्यालय मनोरा द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन ग्राम खोखसों-बेंजोरा में ग्रामीणों के हित में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के पशुधन के स्वास्थ्य की जांच, उपचार और पशुपालकों को पशुओं की देखभाल के प्रति जागरूक करना था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने गाय, बैल, बकरी एवं अन्य पशुओं को लेकर पहुंचे, जहां पशु चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा उनका परीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्रदान किया गया।

कार्यक्रम अधिकारी अलेख केरकेट्टा ने इस अवसर पर कहा कि पशु ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा होते हैं और उनका स्वास्थ्य सीधे ग्रामीणों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है, उसी प्रकार पशुओं का स्वास्थ्य भी अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों के लिए पशु केवल एक जीव नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के समान होते हैं, जो उनकी आजीविका का प्रमुख साधन होते हैं। पशुधन से ही ग्रामीणों की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित होती है, इसलिए पशुओं की सेवा, सुरक्षा और नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत जरूरी है।

उन्होंने बताया कि यह पशु चिकित्सा शिविर ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से पशुपालकों और किसानों को उनके गांव में ही पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस शिविर में पशुओं की विभिन्न बीमारियों की जांच कर उपचार किया गया तथा पशुपालकों को पशुओं के संतुलित आहार, साफ-सफाई, टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

इस शिविर में शासकीय पशुधन विकास विभाग मनोरा की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। टीम में बिनीता यादव (एम.वी.यू. मनोरा), अंजू भाई, विक्टोरिया कुजूर, अंशुमाला तिग्गा एवं मनवाती बाई शामिल रहीं। पशु चिकित्सा टीम ने पशुओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक दवाइयां प्रदान कीं और पशुपालकों को पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए उचित देखभाल एवं समय-समय पर उपचार कराने की सलाह दी।

शिविर के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। स्वयंसेवकों ने शिविर के एक दिन पूर्व प्रभातफेरी निकालकर और घर-घर जाकर ग्रामीणों को शिविर की जानकारी दी तथा अधिक से अधिक पशुपालकों को शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने पशुपालकों की सहायता करते हुए पशुओं को जांच स्थल तक लाने, चिकित्सा टीम को सहयोग देने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को न केवल अपने पशुओं के स्वास्थ्य की निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा मिली, बल्कि उन्हें पशुधन के प्रति जागरूक भी किया गया। इस पहल ने ग्रामीणों में पशुओं के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और देखभाल की भावना को और मजबूत किया। रासेयो इकाई की इस सेवा भावना और सामाजिक दायित्व निभाने की पहल की ग्रामीणों ने सराहना की और इसे गांव के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

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रायपुर में होने जा रहे आईएमए के 21वें स्टेट कॉन्फ्रेंस को लेकर डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला, सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने दी अग्रिम शुभकामनाएं

रायपुर,18 फरवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज महानदी भवन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ स्टेट के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।इस दौरान डॉक्टरों ने 7 व 8 मार्च 2026 राजधानी रायपुर में स्थित श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में "आईएमए सीजीकॉन 2026" 21 वां स्टेट कॉन्फ्रेंस का न्यौता दिया।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर आईएमए छत्तीसगढ़ राज्य शाखा अध्यक्ष एवं चेयरमेन डॉ अनूप वर्मा,अध्यक्ष हॉस्पिटल बोर्ड डॉ सुरेंद्र शुक्ला,आईएमए सचिव डॉ संजीव श्रीवास्तव, डॉ गंभीर सिंह उपस्थित थे।

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सुप्रिया से प्रेरणा लेकर युवाओं को अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए: मुख्यमंत्री श्री साय,देशसेवा का संकल्प और सफलता की उड़ान: मुंगेली की सुप्रिया सिंह बनी लेफ्टिनेंट

रायपुर 18 फरवरी 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय में सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथा रैंक प्राप्त करने वाली मुंगेली की सुश्री सुप्रिया को सम्मानित किया। उन्होंने सुप्रिया और उनके परिजनों को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और मुँह मीठा कराया। 
             मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुप्रिया की सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवा भी असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रिया का अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को सुप्रिया से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य पाने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार भी उपस्थित रहे।
            उल्लेखनीय है कि जिले के ग्राम टेढ़ाधौंरा की 23 वर्षीय सुप्रिया ठाकुर ने सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक प्राप्त कर मुंगेली जिला सहित राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और देशसेवा के अटूट संकल्प के बल पर वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुई हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं दी है। 
          

*साधारण परिवेश से असाधारण उपलब्धि तक*

      ग्राम टेढ़ाधौंरा निवासी सुप्रिया सिंह श्रीनेत एक किसान परिवार से आती हैं। उनकी माता श्रीमती संतोषी सिंह श्रीनेत और पिता श्री वैदेही शरण सिंह, जो पेशे से किसान हैं, ने सदैव उन्हें शिक्षा और संस्कारों का मजबूत आधार दिया। परिवार के स्नेहिल और अनुशासित वातावरण में पली-बढ़ी सुप्रिया ने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने कक्षा 10वीं में 71 प्रतिशत और 12वीं में 58 प्रतिशत अंक अर्जित किए। इसके बाद उन्होंने बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन) में स्नातक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग अध्ययन के दौरान ही उन्होंने एनसीसी को अपनाया और अपने नेतृत्व कौशल के बल पर जूनियर अंडर ऑफिसर के पद तक पहुंचीं। एनसीसी के प्रशिक्षण ने उनके भीतर अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ किया। यहीं से भारतीय सेना में अधिकारी बनने का उनका संकल्प आकार लेने लगा।

*दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम*

    वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग पूर्ण करने के बाद सुप्रिया ने पूरी एकाग्रता के साथ सीडीएस परीक्षा की तैयारी प्रारंभ की। कठोर परिश्रम, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमिशन के अंतर्गत आयोजित एसएसबी साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की। उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली प्रेरक कहानी है। शैक्षणिक और सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ सुप्रिया सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। नृत्य उनकी प्रमुख रुचि है, जो उनके व्यक्तित्व को ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है। सुप्रिया सिंह श्रीनेत की यह सफलता न केवल मुंगेली, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

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मुख्यमंत्री श्री साय से छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात, 80 वॉ महा- अधिवेशन का दिया न्यौता

रायपुर,18 फरवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज महानदी भवन में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।

इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने 21 व 22 फरवरी 2026 को बलौदाबाजार -भाटापारा जिले के ग्राम चाँपा (सैंहा)में आयोजित हो रहे 80 वॉ छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज महा-अधिवेशन के लिए निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा,केन्द्रीय महामंत्री यशवंत सिंह वर्मा, कोषाध्यक्ष जागेश्वर बघेल, राज प्रधान बलौदाबाजार श्रीमती सुनीता वर्मा,चन्दखुरी चिन्ता राम वर्मा, रायपुर जगेश्वर प्रसाद वर्मा अर्जुन राज हरी राम वर्मा ,हरिश्चंद्र वर्मा, रघुनंदन वर्मा सहित समाज के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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जल संरक्षण से आत्मनिर्भर किसान, चिड़ौला में शक्तिगत कूप बना ग्रामीण समृद्धि की मिसाल

रायपुर, 18 फरवरी 2026/ ग्रामीण विकास और जल संरक्षण एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं, जो सतत आजीविका, बेहतर स्वास्थ्य और कृषि उत्पादकता के लिए अनिवार्य हैं। वर्षा जल संचयन, तालाब गहरीकरण, और जल शक्ति अभियान जैसी पहल भू-जल स्तर में सुधार और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक हैं।  शक्तिगत कूप के निर्माण ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।

            ग्रामीण विकास और जल संरक्षण की दिशा में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत चिड़ौला से एक सशक्त और प्रेरणादायी सफलता की कहानी सामने आई है। यहां शक्तिगत कूप निर्माण कार्य जयबहादुर सिंह के लिए स्वीकृत किया गया, जिसके लिए शासन द्वारा 1.80 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को सुदृढ़ बनाना तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।

            कूप निर्माण से पूर्व संबंधित हितग्राही सहित आसपास के किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थे, जिससे खेती करना अनिश्चित बना रहता था और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। लेकिन शक्तिगत कूप के निर्माण के बाद खेतों तक नियमित रूप से पानी पहुंचने लगा है, जिससे फसलों की समय पर सिंचाई संभव हुई। इसका सीधा लाभ कृषि उत्पादन में वृद्धि के रूप में सामने आया है, वहीं किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब किसान समय पर बुवाई कर पा रहे हैं और खेती अधिक लाभकारी एवं सुरक्षित बन गई है। यह कूप केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गया है। जल उपलब्धता सुनिश्चित होने से क्षेत्र में दोहरी फसल लेने की संभावनाएं बढ़ी हैं, खेती की लागत में कमी आई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। साथ ही भूजल स्तर के संरक्षण और जल के समुचित उपयोग को भी बढ़ावा मिला है, जो दीर्घकालीन विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

           ग्रामीणों ने शासन की इस जनहितकारी पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखती हैं। 1.80 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुआ। यह शक्तिगत कूप निर्माण कार्य ग्राम पंचायत चिड़ौला में जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम होने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल, प्रेरक और अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।

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