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मुख्यमंत्री ने चौपाल में सुनी बात, 24 घंटे के भीतर पूरा हुआ वादा: कोसरंगी की दीदियों के हाथों में पहुंचीं 50 मुफ्त सिलाई मशीनें, आत्मनिर्भरता की नई सिलाई शुरू

रायपुर 23 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बीते दिन आरंग विकासखंड के एलआरसी सेंटर, कोसरंगी के अवलोकन किया गया था तथा कोसरंगी में जन चौपाल के दौरान की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए आज मीरा एवं राधा ग्राम संगठन, कोसरंगी की महिलाओं को 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने एलआरसी सेंटर के निरीक्षण के दौरान ग्राम संगठन की महिलाओं से मुलाकात कर उनके आजीविका गतिविधियों और कार्यों की जानकारी ली थी।  महिलाओं ने जन चौपाल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को शीघ्र सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन करते हुए आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम संगठन की दीदियों को जिला पंचायत सदस्य श्री गुरु सौरभ साहेब एवं  जनपद पंचायत आरंग अध्यक्ष श्रीमती ताकेश्वरी मुरली साहू की उपस्थिति में सिलाई मशीन प्रदान किया गया।

ग्राम कोसरंगी के ग्राम संगठन की दीदी श्रीमती सपना पटेल ने बताया कि मेरे समूह कल जन चौपाल में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी हमारे गांव आए थे जहां हमने सिलाई मशीन की मांग की जिसके बाद हमे आज जिला प्रशासन द्वारा सिलाई मशीन दे दी गई। मीरा ग्राम संगठन की सदस्य श्रीमती यशोदा मांडले ने बताया कि कल हमारे ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री  जी का कार्यक्रम था जिसमें हमने सिलाई मशीन की मांग की थी और हमें सिलाई मशीन मिल गई।

मांग जल्द पूरी होने पर उत्साहित दीदियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उनकी जरूरत को समझते हुए तुरंत निर्णय लिया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ताकत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित होगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रोत्साहन से जशपुर में उद्यानिकी क्रांति, चाय-लीची-स्ट्रॉबेरी के बाद अब सेब उत्पादन में भी चमक रहा जिले का नाम

रायपुर 23 मई 2026/  जशपुर हमेशा फसल विविधताओं के लिए जाना जाता रहा है। यहां के किसान परंपरागत फसलों के साथ उद्यानकी और नकद फसलों पर भी जोर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर में उद्यानिकी फसलों के लिए अनुकूल वातावरण को देखते हुए किसानों को उद्यानिकी और नगद फसलों के लिए लगातार  प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर स्थानीय जिला प्रशासन, नाबार्ड और उद्यानिकी  विभाग द्वारा इस दिशा में विशेष प्रयास किया जा रहा है। किसानों  को उद्यानिकी फसलों के लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इन समन्वित प्रयासों से पिछले दो-ढाई सालों में यहाँ के किसान परंपरागत फसलों के स्थान पर उद्यानिकी एवं नगदी फसलों में रुचि लेने लगे हैं। जशपुर के किसान अब चाय, लीची, स्ट्राबेरी, नाशपाती के साथ सेब के बगान भी तैयार कर रहे हैं।

जिला प्रशासन, उद्यानिकी विभाग, रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी (त्म्।क्ै) व नाबार्ड के समन्वित प्रयासों से जशपुर ने फलोत्पादन व बागवानी में नई पहचान बनाई है। इन पहलों से स्थानीय किसानों की आय सुदृढ़ हुई है। कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। 

जशपुर में सेब उत्पादन वर्ष 2023 में आरंभ हुआ। सेब खेती अब लगभग 410 एकड़ में विस्तारित है, जिसमें लगभग 410 किसान सेब की खेती कर रहे हैं। जिले के मनोर व बगीचा विकासखंड तथा शैला, छतौरी, करदना व छिछली जैसे पंचायतों में लगाए गए सेब के वृक्षों ने इस वर्ष उत्कृष्ट गुणवत्ता व आकार के फल दिए हैं। । स्थानीय किसान बताते हैं कि जशपुर के सेब स्वाद और गुणवत्ता के लिहाज से कश्मीर व हिमाचल के सेबों के समकक्ष हैं। रूरल डेव्हलपमेंट एंड डेव्हलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता ने बताया कि जशपुर जिले के 410 किसानों ने अपने 1-1 एकड़ जमीन पर सेब की खेती कर रहे हैं। 

इसी तरह जिले में नाशपाती के बाग लगभग 3,500 एकड़ में फैले हुए हैं, जहाँ 3,500 से अधिक किसान नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई, गीधा आदि लाखों में नाशपाती की खेती हो रही है। यहीं से नाशपाती पैक कर दिल्ली, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा सहित दूसरे राज्यों में भेजी जाती है। नाशपाती का वार्षिक उत्पादन लगभग 1,75,000 क्विंटल तक पहुँच चुका है। किसानों को नाशपाती से प्रति एकड़ वार्षिक आमदनी लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये मिल रहा है।

उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार पहुँच जैसी योजनाएँ हैं, जिनसे किसान आत्मनिर्भर बने हैं और नई फसल विविधिकरण के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त कर रहे हैं।

जशपुर में चाय की खेती पहले से होती आ रही है और यहां की चाय पत्ती की गुणवत्ता अच्छी है। अब जशपुर में सेब व नाशपाती उत्पादन के सफल विकास से जशपुर न केवल नए बाजारों के रूप में स्थापित हुआ है बल्कि स्थानीय किसानों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। भविष्य में इन फसलों का दायरा और विस्तारित करने की योजना है।

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किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी पहल, नवा रायपुर की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला में 2 लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन पर हुआ गंभीर मंथन

रायपुर, 23 मई 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।

*सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षता*  

          कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।

          यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे।

*केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा*  

         बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।

*पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर*  

            डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

            विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

*व्यवसायिक विस्तार पर मंथन*  

             कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
 
          कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव श्री सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव श्री रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर श्री ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक श्री यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री डी.के. गवली, डीजीएम श्री ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक श्री मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक श्री युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक श्री दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम श्री भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम श्री अरुण पुरोहित, श्री एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, टांगरडीह में 25 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड और फलदार पौधों का वितरण, सैकड़ों आवेदनों पर मौके पर ही हुई कार्रवाई

जशपुर 23 मई 2026/ जशपुर जिले में सुशासन तिहार के तहत सभी 8 विकास खंड के चिन्हांकित ग्राम पंचायतों में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

विगत दिवस 22 मई को बगीचा विकास खंड के ग्राम टांगरडीह जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।

 शिविर में 25 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, 25 किसानों को फलदार पौधे आम, लीची, अमरूद का वितरण किया गया।
बगीचा जनपद पंचायत सीईओ श्री विनोद सिंह ने बताया कि शिविर में 444 आवेदन प्राप्त हुए जिसका प्राप्त हुआ जिसमें से मौके पर ही 143 आवेदनों का निराकरण किया गया।

शेष आवेदनों का निराकरण गंभीरता से किया जाएगा

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सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत जशपुर के खूंटीटोली, कमतरा और पाकरगांव में उमड़ा जनसैलाब, अधिकारियों ने घर-घर पहुंचकर जनजातीय परिवारों की सुनी समस्याएं और मौके पर किया समाधान


जशपुर 23 मई 2026/ भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जशपुर में जनजातीय 
गरिमा उत्सव 2026 जन भागीदारी अभियान के तहत "जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले" अभियान   ग्राम खूंटीटोली  ग्राम कमतरा, पाकरगांव  अन्य गांवों में शिविर लगाया गया।

शिविर में अधिकारियों द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और ग्रामवासियों को केन्द्र और राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई।
और उनकी समस्याओं का भी समाधान किया गया।

ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेट,आय जाति, निवास प्रमाण के आनलाइन आवेदन और आयुष्मान कार्ड बनाया गया।

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कलेक्टर ने प्रयास आवासीय विद्यालय एकलव्य आदर्श विद्यालय और विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा विघालय के संचालन शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा 

जशपुर 23 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिला कार्यालय सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विशेष शिक्षण संस्थाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक ली और प्रयास आवासीय विद्यालय, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय तथा विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति आवासीय विद्यालय के संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, बोर्ड परीक्षा परिणाम एवं अन्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। 

इस अवसर पर प्रशांत कुशवाहा डिप्टी कलेक्टर आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह , सहायक संचालक दिव्यांश सिंह चौहान के साथ साथ सभी संस्थाओं के प्रमुख , अधीक्षक , मंडल संयोजक उपस्थित थे ।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान विशेष रूप से घोलेंग एवं सन्ना स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के कक्षा 10 वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों पर असंतोष एवं निराशा व्यक्त की। 

उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की स्थापना दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है, इसलिए परीक्षा परिणामों में अपेक्षित सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों एवं संस्थाओं को अधिक गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

कलेक्टर  ने विद्यालयों में नियमित अध्ययन-अध्यापन सुनिश्चित करने, कमजोर विद्यार्थियों की अलग से पहचान कर विशेष कक्षाएं संचालित करने तथा प्रत्येक विषय की सतत् मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि बच्चों का नियमित मासिक टेस्ट, साप्ताहिक मूल्यांकन एवं नियमित अभिभावक संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जाए। साथ ही विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि विकसित करने एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया।

बैठक में छात्रावासों की व्यवस्थाओं, भोजन की गुणवत्ता, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेलकूद एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। 

उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने की बात कही है।

कलेक्टर ने आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार करने तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने हेतु अभी से तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

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BREAKING NEWS : जशपुर पुलिस को मिली हाईटेक “लैब ऑन व्हील्स”, अब हत्या-दुष्कर्म से लेकर साइबर क्राइम तक घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, अपराधियों के बच निकलने की राह हुई बंद

जशपुरनगर, 23 मई 2026।
जशपुर जिले की कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। हत्या, दुष्कर्म, साइबर क्राइम, सड़क हादसे और नारकोटिक्स जैसे गंभीर मामलों में अब पुलिस को साक्ष्य जुटाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि जशपुर पुलिस को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन “लैब ऑन व्हील्स” मिल गई है। शुक्रवार को रक्षित केंद्र जशपुर में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस हाईटेक फॉरेंसिक वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस आधुनिक फॉरेंसिक वैन के शुरू होने से अब घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी। पहले हत्या या गंभीर अपराध के मामलों में साक्ष्य एकत्र कर उन्हें जांच के लिए बाहर भेजा जाता था, जिससे देरी होती थी और कई बार साक्ष्य दूषित या नष्ट भी हो जाते थे, लेकिन अब मौके पर ही डीएनए सैंपल, फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट, ब्लड सैंपल, डिजिटल डेटा और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की प्रारंभिक जांच हो सकेगी। इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और अपराधियों के खिलाफ अदालत में मजबूत सबूत पेश किए जा सकेंगे।

कार्यक्रम में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पुलिस अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि नई आपराधिक कानून व्यवस्था भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 में वैज्ञानिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। अब 7 साल या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने बताया कि “लैब ऑन व्हील्स” को पूरी तरह अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसमें फिंगरप्रिंट एवं फुटप्रिंट डिटेक्शन किट, डीएनए एवं ब्लड सैंपल कलेक्शन सिस्टम, नारकोटिक्स टेस्टिंग किट, डिजिटल फॉरेंसिक उपकरण, CCTV और मोबाइल डेटा एनालिसिस सिस्टम, बैलिस्टिक जांच किट, GSR (गन शॉट रेजिड्यू) टेस्टिंग किट, हाई इंटेंसिटी लाइट, DSLR कैमरा, वीडियोग्राफी सिस्टम, मिनी रेफ्रिजरेटर और साक्ष्य संरक्षण उपकरण लगाए गए हैं।

विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि पहले कई मामलों में साक्ष्यों के अभाव में अपराधी न्यायालय से बच निकलते थे, लेकिन अब वैज्ञानिक जांच प्रणाली से वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा। उन्होंने कहा कि यह तकनीक केवल अपराधियों को पकड़ने में ही नहीं बल्कि निर्दोष लोगों को झूठे मामलों से बचाने में भी मदद करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा — “बेगुनाह पिसे नहीं, गुनहगार बचे नहीं।”

जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने इसे न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। वहीं नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए अब अपराधियों तक पहुंचना और उन्हें सजा दिलाना पहले की तुलना में अधिक आसान होगा।

फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सलीम कुजूर ने बताया कि राज्य शासन द्वारा लगभग 65 लाख रुपए प्रति यूनिट की लागत से 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन तैयार कर विभिन्न जिलों में भेजी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन “विज्ञान की शक्ति से सशक्त जांच और त्वरित न्याय” की दिशा में बड़ा कदम है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। नई हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को लेकर जशपुर जिले में उत्साह का माहौल है और माना जा रहा है कि इससे अपराध जांच की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

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अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम ,स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर, 23 मई 2026/अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।

        आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

*स्वच्छता से हुई शुरुआत*  

          कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव से हुई। नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।

*बर्ड वॉक में पक्षियों का अवलोकन*  

           इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षियों और जैव विविधता के पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी।

*सीड बॉल निर्माण बना आकर्षण*  

          वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए। यह पहल वन क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

*हस्ताक्षर अभियान से जताई प्रतिबद्धता*  

          जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उपस्थित लोगों ने
हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से 
 अपनी प्रतिबद्धता जताई। सभी ने पर्यावरण बचाने और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

           कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ।

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किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने नवा रायपुर में जुटे छह राज्यों के अधिकारी, विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना की हुई समीक्षा

*सहकार से समृद्धि की ओर: नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न*

रायपुर, 23 मई 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।

*सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षता*  

          कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।

          यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे।

*केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा*  

         बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।

*पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर*  

            डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

            विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

*व्यवसायिक विस्तार पर मंथन*  

             कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
 
          कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव श्री सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव श्री रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर श्री ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक श्री यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री डी.के. गवली, डीजीएम श्री ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक श्री मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक श्री युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक श्री दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम श्री भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम श्री अरुण पुरोहित, श्री एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर बना फल उत्पादन का उभरता केंद्र, 410 किसान सेब की खेती से जुड़कर हो रहे आर्थिक रूप से सशक्त

जशपुर 23 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर के किसानों को फलों की खेती के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जशपुर जिला अब खेती और बागवानी के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बना रहा है।

जिला प्रशासन और रूरल डेवलपमेंट एंड डेवलपमेंट सोसायटी नाबार्ड के संयुक्त प्रयास से मनोरा और बगीचा विकास खंड में सेब की खेती ने सफलता हासिल की है।

वर्ष 2023 में आदिवासी किसानों ने सेब की खेती की शुरुआत की थी वर्तमान में लगभग 410 एकड़ भूमि पर लगाए गए सेब के पौधों में इस वर्ष बेहतर आकार और उत्कृष्ट गुणवत्ता के फल आए हैं।
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किसानों ने बताया कि जशपुर में उगाए गए सेब स्वाद में कश्मीर और हिमाचल प्रदेशों के सेब से किसी भी तरह कम नहीं है।
मनोर और बगीचा विकास खंड का तापमान और जलवायु सेब की खेती के लिए उपयुक्त है।
 शैला ,छतौरी, करदना के आस पास के गांव में सेब की खेती बेहतर तरीके से की जा रही है।
बगीचा विकास खंड के ग्राम छिछली में भी किसानों द्वारा सेब का उत्पादन किया जा रहा है।

जशपुर के किसानों ने फल उत्पादन को अपनाने से जीवन स्तर में बदलाव आ रहा है और किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन रहें हैं।

रूरल डेवलपमेंट एंड डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता ने बताया कि जशपुर जिले के लगभग410  एकड़ में सेब की खेती कर रहे हैं। और धान के अलावा अन्य फसलों को किसान अपना रहें हैं।

प्रत्येक किसान अपने 1 एकड़ के खेत में सेब की खेती करते है इस प्रकार जिले में कुल 410 किसान सेब की खेती से सीधे जुड़े हैं।

सहायक संचालक जनसंपर्क श्रीमती नूतन सिदार

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कांसाबेल में नशा मुक्त भारत अभियान को मिली नई ताकत, दवा विक्रेताओं को नारकोटिक दवाओं की बिक्री, एंटीबायोटिक दुरुपयोग रोकथाम और नकली दवाओं की पहचान पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

जशपुरनगर 23 मई 2026/ नशामुक्त भारत अभियान को सशक्त बनाने और दवाइयों के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कांसाबेल में जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम औषधि नियंत्रक के निर्देशानुसार तथा सहायक औषधि नियंत्रक जशपुर के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन जशपुर एवं जिला दवा विक्रेता संघ जशपुर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में दवा विक्रेताओं को नारकोटिक दवाओं के दुरुपयोग रोकने, उनके क्रय-विक्रय से संबंधित नियमों एवं आवश्यक दस्तावेज संधारण की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही एंटीबायोटिक दवाइयों के गलत उपयोग को रोकने के प्रावधान, एडवर्स ड्रग इफेक्ट (दवा के दुष्प्रभाव) की पहचान एवं उसकी सूचना देने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।

    प्रशिक्षण में विशेष रूप से शेड्यूल एच-1 दवाइयों के विधिवत संधारण, रजिस्टर में प्रविष्टि तथा निगरानी से जुड़े नियमों पर जोर दिया गया। इसके अलावा नकली दवाओं की पहचान और उनसे बचाव के उपायों की भी जानकारी प्रदान की गई, ताकि आमजन को सुरक्षित और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यक्रम में श्री पीताम्बर साहू (एडीसी, जशपुर) एवं श्री मनीष कंवर (डीआई, जशपुर) द्वारा उपस्थित दवा विक्रेताओं को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में लगभग 60 दवा व्यापारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी दवा विक्रेताओं ने नारकोटिक दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुरूप करने तथा नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। यह जागरूकता अभियान न केवल दवा व्यवसाय से जुड़े लोगों को जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि समाज को नशामुक्त और सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर अग्रसर करने का भी सशक्त माध्यम साबित हो रहा है।

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सीएचसी कुनकुरी में लगा आरओ वाटर प्यूरीफायर, मरीजों और परिजनों को अब मिल रहा स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल

जशपुरनगर 23 मई 2026/ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में पेयजल व्यवस्था नहीं होने संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। इसके फलस्वरूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। अस्पताल परिसर के भीतर ही आरओ वाटर प्यूरीफायर स्थापित किया गया है, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस व्यवस्था के बाद अस्पताल में पानी की किसी प्रकार की कमी नहीं है। सीएमएचओ डॉ जात्रा ने बताया कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। संबंधित केंद्र में नियमित रूप से व्यवस्थाओं की निगरानी भी की जा रही है, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट : पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी रोकने ड्रम, बोतल और जेरीकेन में बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध,राज्य में करोड़ों लीटर ईंधन स्टॉक उपलब्ध

रायपुर, 22 मई  2026/पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य विभाग के अनुसार प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों पर 22 मई 2026 की स्थिति में 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।

राज्य को प्रतिदिन आपूर्ति जारी है। 21 मई को ही 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित ऑयल कंपनी डिपो से जिलों को मांग के अनुसार सप्लाई की जा रही है। रबी फसल कटाई और खरीफ की तैयारी के कारण डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे ध्यान में रखकर आपूर्ति बढ़ाई गई है।

ड्रम-जेरीकेन में बिक्री प्रतिबंधित, किसानों को छूट
राज्य शासन ने 22 मई को जारी आदेश में सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर ड्रम, बोतल और जेरीकेन में ईंधन की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। उल्लंघन पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 के तहत ‘अप्राधिकृत विक्रय’ मानकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई होगी।

हालांकि रबी-खरीफ सीजन के लिए किसानों, कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित शासकीय निर्माण कार्यों और अस्पताल, मोबाइल टावर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनके लिए अनुविभागीय अधिकारी के परीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिक्री की अनुमति होगी।

पैनिक खरीदारी से बचने की अपील
सचिव खाद्य ने 20 मई को सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर ड्राई आउट होने वाले पंपों को तत्काल स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सरकार ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से प्रभावित होकर पैनिक खरीदारी या संग्रहण न करें। राज्य में ईंधन की आपूर्ति सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

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राहुल गांधी के बयान पर भाजयुमो का फूटा गुस्सा, जशपुर की सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, जोरदार नारेबाजी के बीच फूंका पुतला - भाजयुमो बोला – देश के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जशपुर। जिला मुख्यालय जशपुर में शुक्रवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस नेता के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने शहर में आक्रोश रैली निकालते हुए राहुल गांधी का पुतला दहन किया और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरे प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और आक्रोश देखने को मिला।

यह विरोध प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकिरिहा के निर्देशन पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व भाजयुमो जशपुर जिला अध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने किया। प्रदर्शन में जिले भर से पहुंचे युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

भाजयुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार देश के संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ अमर्यादित एवं गैर-जिम्मेदार बयान दे रहे हैं, जिससे देशवासियों की भावनाएं आहत हो रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री देश के लोकप्रिय एवं मजबूत नेतृत्वकर्ता हैं और उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर कांग्रेस विरोधी नारे लगाए। शहर के प्रमुख मार्गों से निकली रैली ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बाद में कार्यकर्ताओं ने बीच शहर राहुल गांधी का पुतला दहन कर विरोध जताया। इस दौरान “राहुल गांधी माफी मांगो”, “देश विरोधी राजनीति बंद करो” और “मोदी-शाह का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।

मीडिया से चर्चा करते हुए भाजयुमो जिला महामंत्री विकास राजा सोनी ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह राजनीतिक हताशा में डूब चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस अब केवल अनर्गल बयानबाजी और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा राष्ट्रहित, राष्ट्र सम्मान और देश के लोकप्रिय नेतृत्व के सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करता रहेगा।

कार्यक्रम में अभिषेक मिश्रा, वासुदेव राम, आकाश भगत, सत्यम मिश्रा, हेमराज सिंह, विकास राजा सोनी, राहुल गुप्ता, शंकर ताम्रकार, अभिषेक गुप्ता, दीपक गुप्ता, पंकज गुप्ता, कृष्ण मोहन तिवारी, राजेंद्र अंबष्ट, रवि गुप्ता सहित बड़ी संख्या में युवा मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा और लोगों के बीच इस विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा का विषय बना रहा।

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सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को अपने हाथों से पहनाया नजर का चश्मा, हितग्राहियों के चेहरों पर लौटी रोशनी और मुस्कान

रायपुर, 22 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।

स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय श्री गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय श्रीमती अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी एवं जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

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चिरायु योजना ने बदली दो मासूमों की तकदीर: समीरा और नितिन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को थैंक यू कार्ड देकर कहा — “आपकी वजह से मिली नई जिंदगी”

रायपुर 22 मई 2026/ सुशासन तिहार के दौरान आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम करहीबाजार में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब चिरायु योजना से लाभान्वित बच्चों समीरा जांगड़े और नितिन पटेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें थैंक यू कार्ड भेंट किया। बच्चों और उनके परिजनों ने निःशुल्क उपचार के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को नई उम्मीद और बच्चों को नई जिंदगी दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोनों बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए उनके परिवारजनों का भी उत्साहवर्धन किया।

उल्लेखनीय है कि विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम पंडरिया निवासी 6 वर्षीय नितिन पटेल तथा ग्राम लच्छनपुर निवासी 9 वर्षीय समीरा जांगड़े ने अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उपचार के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलाव साझा किए। समीरा के पिता श्री जीवन लाल जांगड़े ने बताया कि इलाज से पहले समीरा अत्यंत कमजोर रहती थी और स्कूल आने-जाने में भी सांस फूलने लगती थी। शिक्षकों की सलाह पर चिरायु टीम से संपर्क किया गया। टीम ने घर पहुंचकर जांच की और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके बाद 14 मई 2025 को रायपुर में सफल ऑपरेशन हुआ।

इसी प्रकार नितिन पटेल का उपचार चिरायु योजना के माध्यम से 22 नवंबर 2025 को रायपुर में हुआ। 

परिजनों ने बताया कि जिस इलाज की कल्पना लाखों रुपये खर्च होने के कारण संभव नहीं लगती थी, वह चिरायु योजना के माध्यम से निःशुल्क और सहज रूप से संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आमजन से सीधे संवाद, योजनाओं के हितग्राहियों से मुलाकात और उनके जीवन में आए बदलावों को जानने की पहल शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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PWD में बढ़ी जवाबदेही : अब मुख्यालय छोड़ने पर होगी कार्रवाई, सचिव मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग और ठेकेदार भुगतान व्यवस्था को लेकर जारी किए कड़े निर्देश

रायपुर. 22 मई 2026. लोक निर्माण विभाग ने अपने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओ) से लेकर प्रमुख अभियंता (ईएनसी) तक सभी को मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने, कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के लिए विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं।

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उन्हें हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने ठेकेदारों को समय पर भुगतान के लिए प्रमुख अभियंता को एक-एक देयक (बिल) के स्थान पर संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को हर तीन महीने के भुगतान के लिए जरूरी राशि आबंटित करने के निर्देश दिए हैं।

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सबसे दूर सबसे पहले” अभियान से बदली तस्वीर : पहाड़ी कोरवा परिवारों तक पहली बार पहुंचीं सरकारी योजनाएं, गांव-गांव लग रहे शिविरों में राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान और स्वास्थ्य सुविधाओं का मिला लाभ

जशपुर 22 मई 2026/ भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार "जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले" अभियान के तहत जशपुर विकास  खंड के ग्राम बाला छापर मनोर विकास खंड के ग्राम करदना, टांगरडीह, पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम,राजाआमा , कुकुरभूखा, बगीचा विकास खंड के ग्राम छिछली अ,और दुलदुला विकास खंड के ग्राम मयूरचुंदी  आदि अन्य गांवों में शिविर लगाया गया।

जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों का राशनकार्ड बनाकर दिया गया लोगों का पेंशन स्वीकृत आदेश दिया गया।

अधिकारियों द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और ग्रामवासियों को केन्द्र और राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई।
और उनकी समस्याओं का भी समाधान किया गया।
ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेट,आय जाति, निवास प्रमाण के आनलाइन आवेदन और आयुष्मान कार्ड बनाया गया।

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