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रेडियो से बदल रही महिलाओं की जिंदगी: 'दीदी के गोठ' के एक साल पूरे, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— आज की लखपति दीदियां कल बनेंगी करोड़पति, सरकार हर महिला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध

रायपुर 9 जुलाई 2026/ ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम बन गया है। इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आजीविका, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़ी अत्यंत रोचक एवं प्रेरक जानकारियां मिल रही हैं। एक सफल दीदी की कहानी हजारों अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है और यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों को सम्मानित किया तथा ‘दीदी के गोठ’ के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ फोटो गैलरी का अवलोकन किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके नवाचारों एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले से वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं लखपति दीदी श्रीमती विद्या निषाद से चर्चा की। श्रीमती निषाद ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद उन्हें बिहान समूह से प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कपड़े एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है और अब तक 12 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल दीदी अपनी संघर्ष एवं सफलता की कहानी स्वयं अपनी बोली में साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। वेदों में कहा गया है - “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” आज महिलाएं बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कोई ड्रोन दीदी बनी है, कोई राजमिस्त्री, कोई ऑर्गेनिक खेती कर रही है, तो कोई सेटरिंग प्लेट , पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की लखपति दीदियां आने वाले समय में करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आरंग क्षेत्र के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मातृशक्ति द्वारा संचालित ‘गोट यूनिट’ में बकरी, मुर्गी एवं मछली पालन का एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिससे वह लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों में पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश को 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली, जिनमें से 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक बिजली, पानी, राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगभग 8 हजार अधिकारी कार्य कर रहे हैं तथा वे स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से दो वर्षों से बकाया बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत प्रदान की जा रही है, जिसके तहत अब तक 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का मंच बन चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा इसके लिए राज्य सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। राज्य सरकार सभी समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें और उन्हें अपने परिश्रम का पूरा लाभ मिले। उन्होंने खैरागढ़ की ड्रोन दीदी का उदाहरण देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिलाएं बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बैंक सखी, पशु सखी, सीएससी संचालन तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की भूमिका और अधिक बढ़ेगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को लखपति से करोड़पति बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
कौशल विकास एवं तकनीकी 

शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहिब ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं तक नवाचार, सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

*एक वर्ष में 12 एपिसोड, प्रेरणा और नवाचार का सशक्त मंच*

‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। कार्यक्रम से प्रदेश के 25 जिलों की 38 दीदियां जुड़ी हुई हैं, जो अपनी स्थानीय बोली में नवाचार, आजीविका और सफलता की कहानियां साझा करती हैं। आज 9 जुलाई को कार्यक्रम का 12वां एपिसोड प्रदेशभर में प्रसारित किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत अब तक प्रसारित 12 एपिसोड में लखपति दीदी, नियद नेल्ला नार, वनोपज संग्रहण, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं की भागीदारी, सरस मेला, ड्रोन दीदी, कृषि सखी एवं पशु सखी, नई चेतना 4.0, वित्तीय समावेशन, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, जनप्रतिनिधि बनीं महिलाओं की सफलता की कहानियां, लाइवस्टॉक, साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव, ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड तथा ‘दीदी के गोठ’ की एक वर्ष की प्रेरणादायी यात्रा जैसे विषयों पर जानकारी प्रसारित की गई है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, गुरु सौरभ साहेब, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा,  छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां उपस्थित थीं।

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डुमरतराई थोक बाजार फेस-2 का नाम 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर, परिसर में स्थापित होगी 15 फीट ऊंची प्रतिमा - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

डुमरतराई थोक बाजार बनेगा व्यापार और रोजगार का नया ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 8 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के डुमरतराई में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि परिसर का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर किया जाएगा तथा यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर उनकी 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी। उनके नाम पर इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का नामकरण राष्ट्र निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान के प्रति हमारी विनम्र श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना विकसित होती है, वहां आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है, नए निवेश आकर्षित होते हैं और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। डुमरतराई का यह आधुनिक थोक बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई गति देगा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था तथा आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ-साथ 'ईज ऑफ लिविंग' को भी समान महत्व दे रही है। व्यापार, उद्योग और निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए अनेक सुधार लागू किए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की अधोसंरचना विकास परियोजनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा अपनाई गई नई कार्यसंस्कृति और कुशल प्रबंधन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति देंगे।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापारिक अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में डुमरतराई में आधुनिक थोक बाजार की जो परिकल्पना की गई थी, वह आज साकार हुई है। इससे व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ रायपुर की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम होगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि नवीन थोक बाजार मंडल की गुणवत्ता, नवाचार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह परियोजना प्रदेश में व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि डुमरतराई थोक बाजार का विकास दो चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल निर्मित किए गए। द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत से 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिली है।

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लोक निर्माण विभाग ही है छत्तीसगढ़ के विकास का ग्रोथ इंजन'—उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी, समय पर पूरे हों सड़क, पुल और भवन निर्माण


 
रायपुर. 9 जुलाई 2026. उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक कार्यों की प्रगति पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से बेहतर समन्वय और संवाद रख कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभाग के अभियंताओं की दक्षता और क्षमता फील्ड पर दिखनी चाहिए। उन्होंने प्रभावी एवं परिणाममूलक कार्यों के लिए समयानुकूल नई कार्यप्रणाली और कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तत्परता से पूर्ण कर आगामी सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, जिससे कि बरसात के तत्काल बाद पूरी गति से काम शुरू हो सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर समय पर काम प्रारंभ कराने को कहा।

श्री साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य का 'ग्रोथ इंजन' है। राज्य में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण के साथ ही सभी तरह की अधोसंरचना विकसित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विभाग पर है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विभाग को भी अहम भूमिका निभाना है। उन्होंने इसके लिए पूरी सक्रियता और गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को काम का पुराना ढर्रा बदलने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के समय पर बिल तैयार करने और उनका हर महीने भुगतान करने के निर्देश दिए। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि फील्ड पर विभाग के काम और उनके परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने सड़कों और पुल-पुलियों सहित स्कूलों, कॉलेजों, ऑडिटोरियम, कार्यालयों, आवासगृहों एवं अन्य भवनों के निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ अनुबंध में निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने को कहा। उन्होंने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को भू-अर्जन के कार्यों में तेजी लाने इससे संबंधित कानूनों व नियमों की व्यापक एवं समग्र जानकारी के लिए राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।

श्री साव ने पहुंचविहीन गांवों तक साल भर कनेक्टीविटी बनाए रखने के लिए सड़कों और पुलों के प्रस्ताव व प्राक्कलन प्राथमिकता से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पुराने लंबित कार्यों से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर काम आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को ब्लैक-लिस्ट करने और उनके अनुबंध टर्मिनेट करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने बैठक में अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा अनुशंसित कार्यों के साथ ही द्रुतगामी सड़कों व पुलों, पहुंचविहीन गांवों के लिए पक्की सड़कों, जिले की जरूरतों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों की प्राथमिकता तय कर आगामी 31 अगस्त तक नए कार्यों के प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के काम पूरा होने के बाद तत्काल इन्हें संबंधित विभागों या नगरीय निकायों को हैंडओवर करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता और सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।

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सुशासन और विकास की बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरंग विधानसभा को दिए 128 करोड़ से अधिक के विकास कार्य, रीवा में 4 करोड़ के स्टॉप डैम सहित कई अहम घोषणाएं

रायपुर 9 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज आरंग विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित कार्यक्रम में 128 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम पंचायत रीवा में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम निर्माण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समोदा में अहाता निर्माण, नगर पंचायत समोदा के पंचायत भवन में प्रथम तल निर्माण तथा ग्राम तुलसी के हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नयन की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि "मोदी की गारंटी, यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी" केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की कार्यशैली और जनविश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 28 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 520 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सहकारिता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। पात्र उपभोक्ता "मोर बिजली" मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से सितंबर तक पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

कार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आरंग विधानसभा क्षेत्र को अब तक 858 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन की नई दिशा स्थापित हुई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के अंतर्गत आंवला का पौधारोपण किया। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल वितरित की तथा जिला प्रशासन के मिशन उत्कर्ष के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला,  कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का बड़ा ऐलान: असंगठित श्रमिकों के लिए नई योजनाओं की सौगात, ई-रिक्शा अनुदान दोगुना कर ₹1 लाख, गिग वर्कर्स-चरवाहों और मेधावी बच्चों को भी मिलेगा विशेष लाभ

 

रायपुर,09 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा दायरे का विस्तार करने और उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की प्रथम बैठक संपन्न हुई, जिसमें श्रमिकों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

*ई-रिक्शा सहायता योजना का अनुदान दोगुना किया गया*

          बैठक में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया गया। इसके तहत ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत वर्तमान में दी जा रही 50 हजार रुपये की अनुदान राशि को बढ़ाकर सीधे एक लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे श्रमिक आसानी से अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकेंगे।

         डिलीवरी कार्य करने वाले कर्मकारों (गिग वर्कर्स), चरवाहों और मेधावी बच्चों के लिए बनेंगी नई योजनाएं असंगठित क्षेत्र के अलग-अलग वर्गों को सुरक्षा देने के लिए मंडल ने अपने दायरे का विस्तार किया है।  डिलीवरी कार्य करने वाले कर्मकारों को अब मंडल के दायरे में शामिल करते हुए उनके लिए विशेष कल्याणकारी योजना तैयार की जाएगी। चरवाहों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए एक पृथक (अलग) योजना बनाई जाएगी। असंगठित कर्मकारों के प्रतिभावान व मेधावी बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए नई प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी। श्रमिकों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवर देने के लिए एक व्यापक बीमा योजना तैयार करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

*शत-प्रतिशत ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार आधारित पंजीयन के निर्देश

          श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि असंगठित बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन किया जाए, ताकि योजनाओं का सीधा और वास्तविक लाभ केवल पात्र श्रमिकों को ही मिल सके। उन्होंने पाम्पलेट और चित्रमय बुकलेट के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा हितग्राहियों के आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के भी निर्देश दिए।

        इस महत्वपूर्ण प्रथम बैठक में मंडल के सदस्य एवं विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एवं नोडल अधिकारी श्री एस.एल. जांगड़े, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल गुप्ता सहित वित्त विभाग एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के महाप्रबंधक तथा उप श्रमायुक्त व प्रभारी अधिकारी श्री एस.एस. पैकरा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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खरीफ सीजन ने पकड़ी रफ्तार: 20 लाख हेक्टेयर से ज्यादा में बोनी पूरी, किसानों को रिकॉर्ड खाद-बीज वितरण... अब मानसून के साथ तेज होगी खेती की रफ्तार!

रायपुर, 09 जुलाई 2026/  प्रदेश में खेती-किसानी का काम तेजी के साथ जारी है। राज्य में अब तक 20.14 लाख से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 41 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को भी कहा हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 7.78 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.62 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। 09 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 248.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।  

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.56 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 3.62 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है, जो मांग का 71 प्रतिशत है। 

इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 7.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 57 प्रतिशत है।     

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है।

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"अब बदलेगी छत्तीसगढ़ की पर्यटन तस्वीर! मंत्री राजेश अग्रवाल का बड़ा विजन—हर पर्यटन स्थल होगा विश्वस्तरीय, संस्कृति को मिलेगी नई पहचान"

रायपुर, 09 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने तथा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से आज मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में दोनों विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना निर्माण, प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना विकास, प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, विभाग की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही संस्कृति विभाग द्वारा संचालित सांस्कृतिक संरक्षण, लोककला एवं लोक कलाकारों के संवर्धन, सांस्कृतिक आयोजनों, पुरातात्विक एवं धरोहर संरक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी संस्कृति विभाग के संचालक डॉक्टर संजय कन्नौजे द्वारा दी गई। संस्कृति विभाग की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

प्रस्तुतीकरण के उपरांत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दोनों विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गति, गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिल सके।

श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध राज्य है। इन सभी विशेषताओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ प्रदेश की लोककलाओं, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहरों को भी व्यापक पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं।

उन्होंने पर्यटकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्यटन अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नए पर्यटन स्थलों के योजनाबद्ध विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही संस्कृति विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक कला रूपों के संवर्धन, संग्रहालयों, सांस्कृतिक संस्थानों तथा सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाया जाए, जिससे नई पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी कार्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जा सकता है।

बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, पर्यटन मंडल की उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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तिलक से हुआ नन्हे विद्यार्थियों का स्वागत, बैग-किताब और साइकिल वितरण के साथ आत्मानंद विद्यालय बगीचा में धूमधाम से मना शाला प्रवेश उत्सव

बगीचा-नारायणपुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम विद्यालय, बगीचा में गुरुवार को शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद स्कूली विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

उत्सव के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्य अतिथियों ने बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी और पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया। वहीं कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिलें भी प्रदान की गईं। कार्यक्रम के अंतर्गत अतिथियों ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम में पद्मश्री जागेश्वर राम, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, भाजपा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, जिला पंचायत सदस्य मोनिका टोप्पो, जनपद पंचायत बगीचा की अध्यक्ष गायत्री नागेश, उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात सिदाम, उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता सुभाष अग्रवाल एवं हरिनारायण शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष हरीश आरिक, महामंत्री राजकिशोर जायसवाल, पार्षद अनिमा टोप्पो, एल्डरमैन हरिशंकर पैंकरा, युवा मोर्चा जिला मंत्री ऋत्विक जैन, अध्यक्ष शुभम जिंदल, संतोष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टोप्पो, बीआरसी, सीएसी, मंडल संयोजक तथा विद्यालय के प्राचार्य सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम विद्यालय के अलावा सेजस बगीचा, पीएम श्री कन्या आश्रम बगीचा, स्वामी रामकृष्ण आश्रम बगीचा, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कन्या माध्यमिक शाला तथा बालक माध्यमिक शाला बगीचा के छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन में शिक्षा के प्रति उत्साह, नए विद्यार्थियों के स्वागत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला।

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स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही अब नहीं होगी बर्दाश्त! कलेक्टर रोहित व्यास का कांसाबेल अस्पताल पर औचक निरीक्षण, बायोमेट्रिक हाजिरी से लेकर एम्बुलेंस मरम्मत तक दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर, 09 जुलाई 2026/ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास लगातार स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांसाबेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों तथा मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को समय पर उपस्थित होकर अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अस्पताल में आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए भी निर्देशित किया।
       कलेक्टर श्री व्यास ने अस्पताल में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने अस्पताल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही अस्पताल भवन में जहां भी सीपेज को ठीक करने अथवा अन्य मरम्मत कार्य की आवश्यकता हो, उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल की खराब पड़ी एक एम्बुलेंस को शीघ्र मरम्मत कर पुनः संचालन में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए, ताकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने अस्पताल भवन, शौचालय एवं पूरे परिसर की नियमित साफ-सफाई बनाए रखने को कहा। साथ ही अनुपयोगी एवं कबाड़ में पड़े सामानों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. एस.आर. टोप्पो, तहसीलदार श्रीमती आस्था चंद्राकर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप मरावी, डीपीएम श्री राजीव रंजन मिश्रा सहित अस्पताल के चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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शिक्षा तुंहर पारा : चौपाल बनी क्लासरूम ,न किताबों तक सीमित रही पढ़ाई, न स्कूल की दीवारों में कैद हुई शिक्षा... चौपाल में लगी खुली पाठशाला ने गांव को दिया प्रेरणा का नया संदेश

जशपुर । शिक्षा को गांव-गांव और हर चौपाल तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'शिक्षा तुंहर पारा' अभियान के तहत शासकीय प्राथमिक शाला पैकू के नवाचारी शिक्षक अनिल कुमार कश्यप ने ग्राम पैकू के अटक चौक स्थित बैठक मंच पर खुली पाठशाला लगाई। इस अनूठी पहल में बच्चों के साथ-साथ ग्रामीण और अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

करीब दो घंटे तक चली गतिविधि आधारित कक्षा में तीसरी, चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों ने गणित, हिन्दी और पर्यावरण विषयों की पढ़ाई खेल-खेल में की। वायरलेस माइक के माध्यम से बच्चों ने कविता, कहानी, प्रश्नों के उत्तर और अपने विचार आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किए, जिससे उनके संवाद कौशल और मंचीय आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई।

अभियान का उद्देश्य विद्यालय से दूर रह रहे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और अभिभावकों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना है। चौपाल पर चल रही इस खुली कक्षा को देखने बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और बच्चों की सीखने की गतिविधियों की सराहना की। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का संकल्प भी लिया।

नवाचारी शिक्षक अनिल कुमार कश्यप ने बताया कि 'शिक्षा तुंहर पारा' केवल शिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का अभियान है। इसका उद्देश्य हर घर तक शिक्षा का संदेश पहुंचाना, स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना और समुदाय की सहभागिता से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल तैयार करना है।

यह कार्यक्रम विद्यालय के प्रधान पाठक सैय्यद नदीम अहमद के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब शिक्षा स्वयं गांव की चौपाल तक पहुंच रही है, तो हर अभिभावक का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजकर उनके उज्ज्वल भविष्य का आधार मजबूत करे।

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जशपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था में होने जा रहा बड़ा बदलाव! अब 102, 108 और 1099 एम्बुलेंस रहेंगी हर पल तैयार, अस्पताल से छुट्टी से पहले मिलेगा नवजात का जन्म प्रमाण-पत्र, सर्पदंश और रैबीज मरीजों का होगा तत्काल निःशुल्क उपचार

जशपुरनगर 09 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं, संस्थागत प्रसव, एचपीवी टीकाकरण, सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, एनसीडी, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक प्रभावी, सुलभ एवं जन-केंद्रित बनाते हुए प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्य, समस्त नोडल अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीडीएम, परियोजना अधिकारी एवं मितानिन समन्वयक मौजूद रहे।

*102, 108 और 1099 एम्बुलेंस सेवाएं हर समय रहें सक्रिय* -

कलेक्टर श्री व्यास ने 102, 108 एवं 1099 एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा करते हुए इन्हें हर समय सक्रिय एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस सेवा मरीजों के लिए जीवनरक्षक की भूमिका निभाती है, इसलिए इनके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में स्वास्थ्य जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को 102 एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित रूप से वापस उनके घर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

*पीवीटीजी बसाहटों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी पहुंचेगी मोबाइल मेडिकल यूनिट* -

कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से पीवीटीजी बसाहटों के अलावा अन्य जरूरतमंद बसाहटों में भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मेले आयोजित होते हैं अथवा पांच हजार से अधिक लोगों की आमसभा या बड़ा आयोजन होता है, वहां भी मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

*अस्पताल से छुट्टी से पहले नवजात को मिले जन्म प्रमाण-पत्र* -

कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में जन्म लेने वाले बच्चों का अस्पताल से छुट्टी होने से पहले ही जन्म प्रमाण-पत्र जारी करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे नवजात बच्चों का समय पर आधार कार्ड बन सकेगा और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने सभी संस्थागत प्रसव के मामलों में जननी सुरक्षा योजना की राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि पात्र माताओं को योजना का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के मिल सके।

*सर्पदंश और रैबीज के मरीजों को मिले तत्काल निःशुल्क उपचार* -

बरसात के मौसम में सर्पदंश एवं कुत्ते के काटने से रैबीज के खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्पदंश अथवा कुत्ते के काटने से संबंधित मरीज अस्पताल पहुंचने पर उन्हें तत्काल एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए।

*गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश* -

बैठक में बताया गया कि गर्भवती महिलाओं का अनुपातिक लक्ष्य के विरुद्ध 71 प्रतिशत पंजीयन हुआ है, जिसमें प्रथम तिमाही में 92 प्रतिशत पंजीयन तथा 92 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की चार एएनसी जांच पूरी हुई है। कलेक्टर ने सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन आरसीएच पोर्टल पर ऑनलाइन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर एएनसी पंजीयन, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं, शिशु पंजीयन एवं टीकाकरण से संबंधित आंकड़ों को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने 'रीचिंग एवरी डिलीवरी' (रेड) कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं के मोबाइल नंबरों के सत्यापन की भी समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पत्थलगांव में 141 असफल कॉल सामने आने पर उन्होंने आरसीएच पोर्टल में गर्भवती महिला का स्वयं का अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य का सक्रिय मोबाइल नंबर ही दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत के समय उनसे आसानी से संपर्क किया जा सके और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।

*14 वर्ष पूर्ण कर चुकी बालिकाओं का शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण हो* -

कलेक्टर ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी पात्र बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अभिभावकों की प्रभावी काउंसिलिंग करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं को समय पर टीका लगाकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे से सुरक्षित किया जा सके।

*सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया और आयुष्मान सहित राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा* -

बैठक में सिकलसेल, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी), ओरल हेल्थ, आईडीएसपी, नियमित टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और आयुष्मान कार्ड सहित सभी प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिला अस्पताल के एमसीएच भवन में सीपेज की समस्या से कलेक्टर को अवगत कराया गया। कलेक्टर ने एमसीएच भवन सहित अन्य स्वास्थ्य भवनों में जहां भी सीपेज की समस्या है, उनका निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य के लिए प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी -कर्मचारियों को आधार आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली के माध्यम से नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालयीन कार्यों को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित करने को कहा। उन्होंने कहा कि डिजिटल कार्यप्रणाली से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने के साथ पारदर्शिता एवं जवाबदेही भी मजबूत होगी।

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बेरोजगार युवाओं के लिए शानदार खबर! 150 सुरक्षा अधिकारी पदों पर भर्ती, आकर्षक वेतन, बीमा, पेंशन, आवास और अन्य सुविधाओं का लाभ

*जशपुरनगर 09 जुलाई 2026/* भारत की अग्रणी सुरक्षा कंपनी एसआईएस लिमिटेड द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के स्नातक बेरोजगार युवाओं के लिए 150 जीटीओ सुरक्षा अधिकारी संवर्ग के पदों पर भर्ती की जाएगी। चयन प्रक्रिया 11 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक भारतीय सुरक्षा दस्ता परिषद नई दिल्ली एवं ग्लोबल इंडिया स्किल डेवलपमेंट की तरफ से एस.आई.एस. के संयुक्त तत्वाधान में पसारा एक्ट 2005 के अंतर्गत एसआईएस प्रशिक्षण केन्द्र, लाइवलीहुड महाविद्यालय, बॉयज छात्रावास, डोडकाचौरा कार्यालय में आयोजित की जाएगी।
        एसआईएस के कमांडेंट श्री कुमार शिवेन्द्र ने बताया कि अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। साथ ही अभ्यर्थी की न्यूनतम ऊंचाई 167.5 सेंटीमीटर एवं आयु सीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण के दौरान ही अभ्यर्थियों को 33 हजार से 40 हजार रुपये समग्र लागत वेतन प्रति माह दिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को पेंशन, उपदान, कर्मचारी राज्य बीमा, समूह बीमा, चिकित्सा, आवास, दो बच्चों को भारतीय पुलिस सेवा विद्यालय देहरादून में शिक्षा की सुविधा, अंश वितरण, यात्रा भत्ता एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।  
        नियुक्ति संपूर्ण भारत स्तर पर सभी स्थानों पर प्रदान की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी sisindia.com  एवं जॉब एट एसआईएस फेसबुक पेज के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क सूत्र 7004623515 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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जब समय था बेहद कम, तब प्रशासन बना सहारा—कलेक्टर रोहित व्यास की त्वरित पहल से पिता का सिर्फ दो घंटे में बना दिव्यांगता प्रमाण पत्र  और बेटी के सपनों को मिली नई उड़ान

जशपुरनगर, 09 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के त्वरित हस्तक्षेप और समाज कल्याण विभाग की सक्रिय पहल से ग्राम लोखंडी, पोस्ट जशपुर निवासी दिव्यांग श्री अश्विन लकड़ा का दिव्यांगता प्रमाण पत्र मात्र कुछ ही घंटों में जारी कर दिया गया। इससे उनकी पुत्री श्रुति लकड़ा का एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु काउंसलिंग समय पर पूरी हो सकी और उसका प्रवेश सुनिश्चित हो गया। श्री अश्विन लकड़ा ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उनकी पुत्री श्रुति लकड़ा का एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए चयन हुआ है। काउंसलिंग के दौरान विद्यालय द्वारा उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र की मांग की गई, जबकि काउंसलिंग की अंतिम तिथि 6 जुलाई 2026 थी। समय कम होने के कारण उन्होंने तत्काल सहायता की मांग की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने उप संचालक, समाज कल्याण श्री धर्मेन्द्र कुमार साहू को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही समाज कल्याण विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर प्रकरण का निराकरण शुरू किया।
    जांच में पाया गया कि श्री अश्विन लकड़ा लकवा से दिव्यांग हैं तथा अस्थि रोग विशेषज्ञ द्वारा उनके लिए दो वर्ष की अवधि का अस्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने हेतु मूल्यांकन किया जा चुका था। लेकिन यूडीआईडी  पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण अस्थायी प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। इस संबंध में राज्य स्तरीय यूडीआईडी समन्वयक से समन्वय स्थापित कर तकनीकी समस्या का समाधान कराया गया। साथ ही ऑपरेटर परिवर्तन के कारण ओटीपी संबंधी समस्या भी सामने आई, जिसके निराकरण के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा तत्काल संचालनालय को पत्र प्रेषित किया गया। आवश्यक तकनीकी सुधार के बाद मात्र दो घंटे के भीतर श्री अश्विन लकड़ा का दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। दिव्यांगता प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध होने से उनकी पुत्री श्रुति लकड़ा की एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 6वीं में काउंसलिंग सफलतापूर्वक संपन्न हुई और उसे प्रवेश मिल गया।इस त्वरित कार्रवाई से प्रसन्न श्री अश्विन लकड़ा ने कलेक्टर एवं समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली प्रशासनिक सहायता से उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित हो सका।

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तीन दिन की बिजली और पानी की परेशानी का हुआ अंत, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की सक्रियता से प्रेमनगर में नया ट्रांसफार्मर लगा, मोहल्लेवासियों ने कहा—मिली बड़ी राहत

जशपुरनगर 09 जुलाई 2026/  मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से पत्थलगांव के प्रेमनगर मोहल्ले में लो-वोल्टेज की  समस्या का  समाधान कर दिया गया है। विद्युत विभाग द्वारा कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर को बदलने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
प्रेमनगर के रहवासियों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय को अवगत कराया था कि पूरे मोहल्ले में केवल एक ही ट्रांसफार्मर होने के कारण पिछले तीन दिनों से लगातार लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई थी। इसके चलते घरों में लगे विद्युत उपकरण ठीक से संचालित नहीं हो पा रहे थे। वहीं, कुओं और बोरवेल की मोटरें भी बंद पड़ी थीं, जिससे पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था और लोगों को दैनिक उपयोग के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
         मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश पर विद्युत विभाग की टीम ने कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया। इसके बाद क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई तथा लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान हो गया। समस्या के त्वरित निराकरण पर प्रेमनगर के नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर की गई पहल से न केवल बिजली की समस्या दूर हुई, बल्कि पेयजल संकट से भी राहत मिली है। लोगों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही की सराहना करते हुए इसे जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान का उदाहरण बताया।

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छत्तीसगढ़ में फिर मेहरबान हुआ मानसून, अगले चार दिन झमाझम बारिश के संकेत, कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी

रायपुर, 09 जुलाई। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की भी आशंका व्यक्त की गई है। विभाग ने लोगों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने से इस कमी के कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।

गुरुवार को रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरिया, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव और कांकेर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है।

राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का मौसम कई सक्रिय मौसमी प्रणालियों से प्रभावित हो रहा है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र, सक्रिय द्रोणिका तथा चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।

लगातार हो रही बारिश खरीफ फसलों के लिए राहत लेकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों को फायदा होगा। हालांकि जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, वहां जलभराव और फिसलन की स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी हुई है, जबकि तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। मौसम सुहावना बना रहने की संभावना है। -स्रोत्र आरएनएस

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बारिश ने बढ़ाई किसानों की उम्मीदें: जशपुर जिले में मानसून सक्रिय, 1 जून से अब तक 2081.4 मिमी वर्षा, मनोरा बना सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र

जशपुरनगर। जिले में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। 9 जुलाई को जिले में औसतन 46.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं 1 जून से 9 जुलाई 2026 तक जिले में कुल 2081.4 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की 2789.3 मिमी सामान्य औसत वर्षा से अभी कम है।

भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जून से अब तक तहसीलवार वर्षा में मनोरा सबसे आगे रहा, जहां 307.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सन्ना में 291.3 मिमी, कुनकुरी में 253.7 मिमी, पत्थलगांव में 226.4 मिमी, कांसाबेल में 205.5 मिमी, जशपुर में 191.5 मिमी, दुलदुला में 176.0 मिमी, बगीचा में 152.0 मिमी, बागबहार में 148.2 मिमी तथा फरसाबहार में 129.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

बीते 9 जुलाई को हुई वर्षा की बात करें तो पत्थलगांव तहसील में सर्वाधिक 9.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी है और खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। वहीं प्रशासन भी वर्षा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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भाजपा के नए जिला कार्यालय का भव्य लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— 'यह केवल भवन नहीं, राष्ट्रसेवा और कार्यकर्ताओं की तपस्या का देवालय'

कवर्धा 09 जुलाई । 

 कबीरधाम जिले में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और जनसेवा के संकल्प को नई मजबूती देते हुए बुधवार को नवनिर्मित भाजपा जिला कार्यालय का भव्य लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में नवीन कार्यालय का लोकार्पण किया। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को उत्साहपूर्ण बना दिया।

लोकार्पण समारोह में भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, पंडरिया विधायक भावना बोहरा, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, प्रदेश कोषाध्यक्ष नंदन जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी सहित अनेक वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसका सशक्त संगठन होता है। उन्होंने कहा कि नया जिला कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति देगा और कार्यकर्ताओं को जनसेवा के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का एक सतत अभियान है। भाजपा का प्रत्येक कार्यालय कार्यकर्ताओं के लिए किसी देवालय से कम नहीं है, जहां राष्ट्र प्रथम की भावना, सेवा का संस्कार और अंत्योदय का संकल्प प्रतिदिन जीवंत रहता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन उन हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं को समर्पित है, जिन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से संगठन को मजबूत बनाने में अपना योगदान दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन की यही ताकत विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कवर्धा में स्थापित यह नया जिला कार्यालय संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं और यह कार्यालय आने वाले वर्षों में संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यालय राष्ट्रसेवा, संगठन की मजबूती और जनकल्याण के संकल्प का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि यह नया कार्यालय समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं और संगठन की विचारधारा पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति उसके अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ताओं में निहित होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता स्वयं संगठन का प्रतिनिधि होता है, इसलिए अनुशासन, सेवा और संगठन की कार्यपद्धति का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन विस्तार, निरंतर संवाद और समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाने पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता की आस्था, समर्पण और निष्ठा का प्रतीक है। इसकी प्रत्येक ईंट उन अनगिनत कार्यकर्ताओं के संघर्ष, तपस्या और सेवा की कहानी बयां करती है, जिन्होंने संगठन को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नया कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ जनसेवा के नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

लोकार्पण समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे परिसर में भाजपा के झंडे, स्वागत बैनर और नारों के बीच संगठन की एकजुटता का संदेश दिखाई दिया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। समारोह के समापन पर कार्यकर्ताओं ने नए जिला कार्यालय को संगठन की नई ऊर्जा और आगामी राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बताते हुए इसे कबीरधाम भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

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छत्तीसगढ़ पुलिस में मिला प्रमोशन का तोहफा : 61 एसआई बने इंस्पेक्टर, विभाग जल्द जारी करेगा नई तैनाती की सूची

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर पदोन्नति का आदेश जारी किया गया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2013 बैच के 61 सब-इंस्पेक्टर (एसआई) को पदोन्नत कर इंस्पेक्टर बनाया गया है।

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के हस्ताक्षर से जारी आदेश में विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र अधिकारियों को निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों की नई पदस्थापना के संबंध में अलग से आदेश जारी किया जाएगा।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह पदोन्नति वरिष्ठता एवं विभागीय नियमों के अनुरूप की गई है। पदोन्नति से पुलिस विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अधिकारियों को उनकी सेवा एवं अनुभव के अनुरूप नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

पुलिस विभाग में लंबे समय से इस पदोन्नति आदेश का इंतजार किया जा रहा था। आदेश जारी होने के बाद पदोन्नत अधिकारियों में उत्साह का माहौल है। अब सभी की निगाहें आगामी पदस्थापना सूची पर टिकी हैं, जिसके माध्यम से नए इंस्पेक्टरों को विभिन्न जिलों एवं इकाइयों में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

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