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शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सपत्नीक किया कथा श्रवण, प्रदेश के प्राचीन शिवधामों और शक्तिपीठों के विकास को बताया सरकार की प्राथमिकता

रायपुर 23 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस कथा श्रवण करने पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विधि-विधान से व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

विशाल संख्या में उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। यह हम सभी के लिए सौभाग्य का अवसर है। हजारों श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला है। आज उन्हें भी सपत्नीक इस पुण्य कथा के श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। प्रदेश के चारों दिशाओं में अलग-अलग स्वरूपों में भगवान महादेव विराजमान हैं। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम में भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव, सिरपुर में गंधेश्वर महादेव और जशपुर में मधेश्वर महादेव सहित अनेक प्राचीन शिवधाम हमारी आस्था और आध्यात्मिक विरासत के केंद्र हैं। छत्तीसगढ़ के कण-कण में देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर खुशहाली एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में आदिशक्ति के अनेक पवित्र स्वरूप विराजमान हैं। राज्य सरकार प्रदेश की इस समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार होने के साथ प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिले।राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पात्र श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा और दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-दुनिया में भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्पात नगरी भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होना यहां के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धर्म के प्रति अनुराग का परिचायक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और सभी शिवभक्तों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, आयोजन समिति के श्री दया सिंह सहित समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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जशपुर के गम्हरिया में बाबा भगवान राम ट्रस्ट का निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सम्पन्न, छत्तीसगढ़ समेत झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश और ओडिशा से पहुंचे 81 मरीज, 3 बच्चों सहित सभी को वितरित की गई फकीरी एवं आयुर्वेदिक दवा

नारायणपुर/जशपुर । अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया स्थित आश्रम परिसर में रविवार 23 अगस्त 2026 को बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा आयोजित निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर सम्पन्न हुआ। शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कुल 81 मरीजों को ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध कराई गई मिर्गी रोग की फकीरी एवं आयुर्वेदिक दवा का वितरण किया गया। लाभान्वित मरीजों में तीन बच्चे भी शामिल रहे।

शिविर का शुभारंभ प्रातः करीब 4 बजे परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के चित्र पर विधिवत पूजन एवं आरती के साथ किया गया। ट्रस्ट द्वारा बताया गया कि फकीरी दवा देने की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसे पान के पत्ते पर सूर्योदय से पूर्व दिया जाता है। इसी कारण अधिकांश मरीजों को उनके सहयोगियों के साथ एक दिन पहले ही आश्रम परिसर में बुला लिया गया था। प्रातः पूजन एवं आरती के बाद मरीजों को निर्धारित विधि से फकीरी दवा दी गई तथा साथ ही मिर्गी रोग के लिए आयुर्वेदिक दवा भी वितरित की गई।

दवा वितरण के लिए विशेष रूप से वैद्य रंजीत सिंह एवं उनके सहयोगी ऋषभ सिंह तथा लाल सुमेश्वर नाथ शाहदेव उपस्थित रहे। शिविर में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश और ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों से मरीज पहुंचे। रांची, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, चतरा, टाटा, गढ़वा, पलामू, मनोहरपुर, देवघर, घाघरा, गया सहित झारखंड और बिहार के अनेक क्षेत्रों से मरीज पहुंचे। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, सक्ती, चांपा, गरियाबंद, अंबिकापुर, कोरिया, वाड्रफनगर, शंकरगढ़, कुसमी, रायगढ़, बलरामपुर, सूरजपुर, मनोरा, कुनकुरी, बगीचा, दुलदुला और जशपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से भी मरीज शिविर में शामिल हुए। मध्यप्रदेश के राजगढ़ तथा ओडिशा के वीरमित्रपुर एवं राजगांगपुर क्षेत्र से भी मरीज पहुंचे।

दवा वितरण के पश्चात वैद्य रंजीत सिंह ने मरीजों एवं उनके परिजनों को औषधि सेवन की अवधि के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और आवश्यक परहेज के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मरीजों को दवा का सेवन निर्धारित तरीके से करने तथा उपचार के दौरान आवश्यक सावधानियों का पालन करने के लिए निर्देशित किया।

ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि अगला निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर आगामी 22 नवंबर 2026 को इसी अघोर पीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया आश्रम में आयोजित किया जाएगा। अगले शिविर में दवा प्राप्त करने वाले मरीजों को 10 नवंबर 2026 की शाम को ही आश्रम परिसर में उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया है।

शिविर को सफल बनाने में पी.के. श्रीवास्तव, चन्द्रशेखर सिंह, संतोष मिश्र, गगन यादव, सत्येन्द्र सिंह (मामा), सुशील चौधरी, अखिलेश यादव, शिवम, अक्षय सिंह, अन्नत शाहदेव और वेदप्रकाश तिवारी सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।

उल्लेखनीय है कि बाबा भगवान राम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन में विगत कई वर्षों से इस प्रकार के निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ट्रस्ट के अनुसार, इन शिविरों के माध्यम से अब तक बड़ी संख्या में मरीजों को निःशुल्क दवा एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। रविवार को आयोजित शिविर में भी दूर-दराज के क्षेत्रों से मरीजों की उपस्थिति रही, जिससे शिविर के प्रति लोगों की पहुंच और रुचि का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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बगीचा में शिक्षकों का एकदिवसीय धरना, बाइक रैली निकालकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

जशपुर- बगीचा में शिक्षक साझा मंच के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक धरना स्थल पर जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने बाइक रैली निकाली। रैली के माध्यम से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया और इसके बाद एसडीएम समीर बड़ा को ज्ञापन सौंपा।शिक्षकों ने सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता के मामले में सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग रखी। इसके साथ ही सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने तथा पूर्व सेवा की गणना करते हुए संबंधित शिक्षकों को उनके समस्त सेवा लाभ प्रदान करने की मांग की गई।

शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार को शिक्षक हित में इन पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और प्रशासन के समक्ष मांगों के निराकरण की अपील की।शिक्षक साझा मंच ने मांगों के जल्द समाधान की उम्मीद जताई है। वहीं, एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन के बाद अब शिक्षकों की नजर शासन-प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है।इस दौरान फेडरेशन ब्लॉक अध्यक्ष पुरन्दर यादव, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अर्चना शर्मा, श्रीमती ज्योति खर्चे श्रीमती खुशबू शर्मा श्रीमती गीता यादव श्रीमती कमला भगत श्री लक्ष्मी प्रसाद यादव समेत सैकड़ो शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित रहे।

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सारंगडाँड़ के दो बस्ती में बिजली विभाग की लापरवाही से ग्रामीण परेशान, आठ दिन बाद भी नहीं बदला गया ट्रांसफार्मर,वन्ही खेत में रोपा लगाने तरस रहा किसान

नारायणपुर। क्षेत्र के ग्राम सारंगडाँड़ की सरनाटोली और तेतरटोली बस्ती में पिछले आठ दिनों से बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। दोनों बस्तियों को एक ही ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति की जाती है, लेकिन करीब आठ दिन पहले ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के बाद अब तक इसे बदला नहीं गया है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित बिजली विभाग और जूनियर इंजीनियर को कई बार सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लगातार बारिश के बीच बिजली के नही रहने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।

बताया गया कि इन दोनों बस्तियों में करीब डेढ़ सौ परिवार निवास करते हैं। ट्रांसफार्मर खराब होने से लगभग 20 से 25 बिजली कनेक्शनधारी परिवार पूरी तरह बिजली से वंचित हैं, जबकि कुछ उपभोक्ताओं को एक ही फेस में बिजली मिल रही है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के इस मौसम में आठ दिनों से बिजली डिम मिलने के कारण घरेलू कामकाज से लेकर रात में आवागमन तक मुश्किल हो गया है।

ट्रांसफार्मर खेत में लगा, किसान भी खेती से पिछड़ रहा

इस बिजली समस्या का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान की खेती भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार खराब ट्रांसफार्मर किसान ढरकु राम के खेत में लगा हुआ है। विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर बदले जाने की उम्मीद में किसान ने खेत में जुताई का काम रोक रखा है। इसी वजह से वह करीब एक सप्ताह से अपने खेत में धान का रोपा नहीं लगा पा रहा है। किसान का कहना है कि एक ओर वह विभाग के ट्रांसफार्मर बदलने का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खेती का महत्वपूर्ण समय निकलता जा रहा है। बारिश के मौसम में धान की रोपाई समय पर नहीं होने से उसे खेती में नुकसान उठाने की चिंता सता रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा यदि जल्द ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है तो उपभोक्ताओं को बिजली सुविधा मिलने के साथ किसान ढरकु राम भी खेत में जुताई और धान रोपाई का काम शुरू कर सकेगा। ग्रामीणों के अनुसार खेती के इस महत्वपूर्ण समय में बिजली समस्या के कारण किसान पहले ही एक सप्ताह पीछे हो चुका है।

हाथी प्रभावित क्षेत्र होने से रात में बढ़ा खतरा

आदिम जाति सेवा समिति नारायणपुर के अध्यक्ष वेद प्रकाश अंगिरा ने बताया कि करीब आठ दिन पहले ट्रांसफार्मर जल गया था। इसकी जानकारी संबंधित विभाग को कई बार दी गई, लेकिन अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के बीच बिजली बहुत ज्यादा डिम होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि सारंगडाँड़ क्षेत्र हाथी प्रभावित क्षेत्र भी है। ऐसे में रात के समय घरों और आसपास अंधेरा रहने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ जाती है। बारिश के मौसम में सांप, बिच्छू सहित अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा भी बना रहता है। सही तरीके से बिजली नहीं होने के कारण रात में इनसे बचाव करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात के समय किसी व्यक्ति को जहरीला जीव-जंतु काट ले तो बारिश और अंधेरे के बीच उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में बिजली व्यवस्था को केवल सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए और दोनों बस्तियों में बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। वहीं किसान ढरकु राम ने भी जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की है, ताकि वह खेत की जुताई कर समय पर धान की रोपाई कर सके। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में अब और देरी उनकी परेशानी बढ़ा सकती है।

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धमतरी में एक दिवसीय जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला सम्पन्न, 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने लगाए उत्पादों के स्टॉल

रायपुर, 22 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में 'जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता (एम्पैनलमेंट) मेला' आयोजित किया गया। इसे जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन TRIFED (ट्राइफेड) और जिला प्रशासन ने मिलकर आयोजित किया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार दिलाना है।

*मेले में 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए*

             जिले के जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों के पारंपरिक हुनर को स्थानीय बाजार से निकालकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनजातीय कारीगरों को बेहतर बाजार, पहचान, विपणन और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को लाइवलीहुड कॉलेज में एक दिवसीय ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला’ आयोजित किया गया। मेले में जिले के 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों तथा जनजातीय उद्यमियों को ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने का अवसर प्रदान किया गया।

*कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा अवसर*

           कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल जनजातीय कलाकारों को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराएगी। ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने के बाद कारीगरों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों, ‘जनजातीय भारत’ बिक्री केंद्रों, मेलों तथा विभिन्न विपणन गतिविधियों में भाग लेने के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और कारीगरों को आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।

*डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने पर जोर*

           कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आजीविका से जुड़ी गतिविधियां केवल आय का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनजातीय समाज की पारंपरिक कला, कौशल और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए। उन्होंने कारीगरों से कहा कि “आज इंटरनेट और सोशल मीडिया का दौर है। अपने उत्पादों और हुनर को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाएं।” उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर कारीगर सीधे ग्राहकों तक पहुंच बना सकते हैं और अपने उत्पादों की बाजार क्षमता बढ़ा सकते हैं।

*प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान*

             कलेक्टर ने जिले की भौगोलिक स्थिति एवं वन उपज की प्रचुर उपलब्धता का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक एवं ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। नगरी क्षेत्र में उपलब्ध सतावर के साथ-साथ लाख, इमली और अन्य वन उपज का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रसंस्करण कर बेहतर आय का माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं एवं जनजातीय समाज के लोगों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
      
*प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास पर फोकस*

        कलेक्टर ने कहा कि जिले के जनजातीय कारीगरों का एक विशेष बैच तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, बाजार प्रबंधन एवं उत्पाद प्रस्तुतीकरण का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि वे अपने पारंपरिक कौशल को आधुनिक उद्यमिता से जोड़ सकें।

*पारंपरिक कला को मिलेगा नया आयाम*

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जे.एल. ध्रुव ने कहा कि जनजातीय समाज की अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, कला एवं शिल्प शैली है। यदि इन कारीगरों को उचित बाजार और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराया जाए, तो उनकी आय एवं जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इससे जिले की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी।

*विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी*

           मेले में अतिथियों एवं अधिकारियों ने कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके कार्य, उत्पादों की मांग, बाजार की उपलब्धता और आय के संबंध में जानकारी ली। स्टॉलों में वस्त्र एवं हस्तकला, धातु शिल्प, जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद, मिट्टी शिल्प, बांस एवं बेंत शिल्प, जनजातीय आभूषण, उपहार एवं उपयोगी सामग्री तथा चित्रकला सहित विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए।

*ट्राइफेड नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*

             सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने कहा कि यह मेला जिले के जनजातीय कारीगरों एवं उद्यमियों को ट्राइफेड के व्यापक विपणन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों एवं जनजातीय उद्यमियों से उत्कृष्ट उत्पादों के साथ ऐसे अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।

             इस अवसर पर उप संचालक कृषि मनीष साहू, उप संचालक पंचायत नकुल वर्मा, सहायक संचालक आजीविका संदीप गन्नाडे, उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक, जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंचा ‘विष्णु भैया’ का उपहार, महतारी वंदन की 30वीं किस्त से प्रदेश की महिलाओं को मिला आर्थिक संबल

रायपुर, 22 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।

*रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशी*

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं।
महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।

*हर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारा*

सूरजपुर जिले की श्रीमती तेज कुमारी, श्रीमती मंजू रजवाड़े, श्रीमती पुनिया प्रजापति, श्रीमती शहनाज बेगम, श्रीमती गणेश्वरी प्रजापति, श्रीमती मेनका रजवाड़े और श्रीमती लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

*बचत से स्वरोजगार तक की नई राह*

महतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है।

मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की श्रीमती अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूड़ियों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की श्रीमती गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की श्रीमती राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।

*भविष्य की सुरक्षा का भी भरोसा*

कोरबा की श्रीमती शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की श्रीमती हेमंत बंजारे, मोहला जिले की श्रीमती देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की श्रीमती अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।

*30 किस्तों ने बनाया भरोसे का मजबूत आधार*

1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।

*महतारी वंदन से खुशहाल परिवार, सशक्त मातृशक्ति*

महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी को मजबूत करने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च को बढ़ावा दिया है। महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ा है।
रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त इस बदलाव की एक सुखद तस्वीर पेश कर रही है। प्रदेश की बहनें इस राशि से राखी और मिठाई खरीदने के साथ अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते हुए भाई-बहन के स्नेह का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगी।

महतारी वंदन योजना की यह कहानी केवल आर्थिक सहायता की कहानी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई ताकत मिल रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची राशि उनके लिए *‘विष्णु भैया का उपहार’* बनकर पर्व की खुशियों को और खास बना रही है।

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‘सीमा की बकरी’ ने सिखाया भाषा शिक्षण का नया तरीका, बहेरना में प्राथमिक शिक्षकों की संकुल स्तरीय कार्यशाला संपन्न

मनोरा 
मनोरा बहेरना जोन की प्राथमिक शालाओं का संकुल स्तरीय भाषा शिक्षण अभ्यास कार्यशाला संकुल केंद्र बहेरना में आयोजित किया गया। इस बैठक में बहेरना, आमगांव, गीधा और अंधरझर संकुल के प्राथमिक शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर के बच्चों में मनोरंजक एवं प्रभावकारी तरीके से भाषा शिक्षण का विकास करना रहा।
प्राथमिक शाला अंकिराकोना की शिक्षिका एवं मास्टर ट्रेनर सरस्वती सिदार ने कक्षा 1 की कहानी "सीमा की बकरी" का सजीव डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पाठ की शुरुआत बच्चों के पूर्व अनुभवों पर चर्चा, चित्र पठन और शीर्षक का अनुमान लगाने से करनी चाहिए, जिससे बच्चों में कल्पनाशीलता का विकास हो। डेमो के दौरान श्यामपट्ट के माध्यम से वर्णों, मात्राओं के जुड़ाव और ध्वनियों में आने वाले बदलावों को समझने की सहज प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया।
​भाषा सीखने में कहानियों की भूमिका अहम
कार्यशाला में अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन से मुकेश ने विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नई पाठ्यपुस्तकों की कहानियाँ बच्चों के लिए बेहद आनंददायक हैं। यदि शिक्षक कक्षा में विहित शिक्षण प्रक्रियाओं का पालन करें, तो बच्चों का भाषा सीखना अत्यंत सरल और रुचिपूर्ण हो जाएगा।
​सफल आयोजन में समन्वयकों का योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में संकुल समन्वयक उपेंद्र कुमार पंकज (बहेरना) एवं जेपी यादव (अंधारझर) की सराहनीय भूमिका रही। इस अवसर पर बसंत राम प्रधान, जयधर राम बुनकर, हेरमोन कुजूर, मिलन राम, शिव कुमार यादव, माग्रेट मिंज, प्रभा भगत, अनुराधा सिंह, दया कुमारी टोप्पो, उर्सुला तिग्गा, स्वरूप किरण मिंज, बलराम राम एवं सुखदेव राम सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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विकसित भारत-जी राम जी और प्रधानमंत्री आवास योजना के काम में तेजी लाने संभागायुक्त दुग्गा के सख्त निर्देश, लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने पर जोर, लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई

सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने शुक्रवार को सरगुजा संभागायुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में विकसित भारत-जी राम जी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से संबंधित योजनाओं की संभागस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धियां, लंबित प्रकरणों के निराकरण तथा आगामी कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव एवं विकसित भारत जी राम जी के अपर आयुक्त श्री एस.आलोक समीक्षा बैठक में राज्य से जिलावार आबंटित लक्ष्य एवं कमियों को रखा गया। उन्होंने कार्यों पर विस्तारपूर्वक समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही बैठक में उपायुक्त श्री आर के खूंटे, सरगुजा जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव, जशपुर सीईओ श्री अभिषेक कुमार, बलरामपुर सीईओ श्री आशुतोष चतुर्वेदी, एमसीबी सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, कोरिया सीईओ श्री योगेंद्र श्रीवास एवं सभी जनपदों के सीईओ भी उपस्थित रहे।

*लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत कार्यों को पूरा करें, कार्य में कोताही बरतने पर सम्बन्धित पर होगी सख्त कार्रवाई-*

बैठक में जिलेवार समीक्षा के दौरान संभागायुक्त श्री दुग्गा ने कहा कि सरगुजा सम्भाग अनुसूचित जनजाति क्षेत्र है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि शासन की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति, हर घर, हर गांव तक पहुंचे, इसके लिए गम्भीरता से अपने कार्यों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासकीय योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, शासन की अपेक्षा के अनुरूप कार्य कठिन परिश्रम से समय पर कार्य पूर्ण करें l उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत कार्यों गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय सीमा में पूरा करें। उन्होंने सभी को निर्देशित करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत करके सभी क्षेत्र में सरगुजा संभाग का प्रदर्शन बेहतर करना होगा।शासन की अपेक्षा पर खरे उतरें, अपने पद की गरिमा को समझें। विश्वास है कि सभी जिले अच्छा काम कर शासन की अपेक्षाओं को पूरा करेंगे। उन्होंने सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कहा कि समय-समय पर जनपद सीईओ एवं विभागीय अमलों की समीक्षा करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।


*निर्माण कार्यों में प्रगति लाने, जल संरक्षण के कार्य को प्राथमिकता से करने, शत-प्रतिशत रोजगार सृजन सहित अन्य विषयों पर हुई चर्चा-*

बैठक में विकसित भारत-जी राम जी अंतर्गत जुलाई एवं अगस्त माह में सृजित मानव दिवस तथा विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में मानव दिवस सृजन की स्थिति की समीक्षा की गई। संभागायुक्त श्री दुग्गा ने कहा कि मानव सृजन दिवस गत वर्ष की तुलना में कम है, इसे शत-प्रतिशत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अनिवार्य रूप से सभी विद्यालयों में शौचालय, मुक्तिधाम में प्रतीक्षालय एवं शेड निर्माण हेतु निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में जल संरक्षण एवं जल संचयन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के साथ कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया है कि वर्षा जल को संरक्षित करने, भूजल स्तर बढ़ाने तथा पानी की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। वहीं उन्होंने ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर समय पर पूर्ण करने कहा। 

श्री एस आलोक द्वारा वीबीजीराम अंतर्गत अपूर्ण आवासों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए तथा युक्तधारा में प्लान किए गए कार्यों की स्थिति की भी जानकारी ली गई।
बैठक में विभिन्न बोरवेल रिचार्ज कार्यों की स्वीकृति, महात्मा गांधी नरेगा के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को 90 मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। संभागायुक्त ने जी राम जी अंतर्गत सिक्योर पोर्टल से कार्यों की स्वीकृति तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। इस दौरान एसएनए-स्पर्श के माध्यम से भुगतान की स्थिति तथा इस वर्ष स्वीकृत एवं रोपित पौधों की जानकारी ली गई। वहीं एनएमएमएस के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति, लंबित ई-केवाईसी, जारी मस्टर रोल में शून्य प्रविष्टि वाले मस्टर रोल पर चर्चा हुई। संभागायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने सभी विषयों पर अच्छे प्रदर्शन करने वालों की सराहना की तथा जिन जिलों में प्रगति की आवश्यकता है, उन्हें बेहतर प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया।


*प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की भी हुई समीक्षा, समय सीमा में कार्यों को पूरा करने दिए निर्देश-*

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के साथ मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, विशेष परियोजना एवं पीएम जनमन योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध स्वीकृत एवं पूर्ण आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई। संभागायुक्त श्री दुग्गा ने शेष कार्यों की स्वीकृति 07 दिवस के भीतर करने हेतु निर्देशित किया तथा अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने हेतु कहा गया
स्वीकृत आवासों के विरुद्ध प्रथम किस्त के लंबित प्रकरणों तथा भुगतान की स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा आवास सॉफ्ट से अपात्र किए गए हितग्राहियों, जॉब कार्ड तथा योजनाओं के अंतर्गत अभिसरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। ए, बी एवं सी कैटेगरी के प्रकरणों को आवास सॉफ्ट में चिन्हांकित करने तथा उनके निराकरण के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।
संभागायुक्त श्री दुग्गा ने आर-सेटी एवं आरएमटी के अंतर्गत प्रशिक्षण की स्थिति, प्रगति एवं लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर प्रशिक्षण एवं योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए तथा लंबित कार्यों और प्रकरणों के निराकरण समयबद्ध तरीके से करने हेतु कहा गया।
सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत/जनपद पंचायत से आग्रह किया गया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना विकसित भारत जी राम जी एवं आवास के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता एवं टीम भावना के साथ समय पर करने हेतु निर्देश दिये गये।

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सरस्वती शिशु मंदिर नारायणपुर में खेल प्रतिभाओं में दिखा नौनिहालों का दम, पढ़ाई के साथ संस्कार और खेल के जरिए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की मजबूत पहल - तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

सरस्वती शिशु मंदिर नारायणपुर में तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ, जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे छात्र-छात्राएं

नारायणपुर। विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में पढ़ाई के साथ संस्कार, अनुशासन और शारीरिक विकास पर विशेष जोर दिया जाता है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सरस्वती शिशु मंदिर नारायणपुर में तीन दिवसीय जिला स्तरीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। प्रतियोगिता में जशपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शिशु मंदिर विद्यालयों के छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं।

तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिल रहा है। प्रतियोगिता के दौरान खो-खो, कबड्डी, गोला फेंक, तवा फेंक, ऊंची कूद, लंबी कूद सहित एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। मैदान में छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। विभिन्न विद्यालयों की टीमें पूरे जोश और अनुशासन के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।

जिला स्तर से प्रांत और राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभा निखारने का अवसर

प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेता एवं प्रतिभावान खिलाड़ी आगे प्रांत स्तर और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। इस तरह जिला स्तरीय प्रतियोगिता ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को बड़े मंच तक पहुंचने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है।

आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और शारीरिक स्वास्थ्य विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। नियमित खेल गतिविधियों से विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास भी बेहतर होता है।

पढ़ाई के साथ संस्कार और खेल पर भी विशेष फोकस

सरस्वती शिशु मंदिर संस्था की अपनी अलग पहचान है। यहां विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इसी क्रम में खेलकूद को भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि आज के दौर में बच्चों के विकास के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। पढ़ाई के साथ खेल, योग, अनुशासन, संस्कार और रचनात्मक गतिविधियों का संतुलन जरूरी है। खेल के मैदान में विद्यार्थी जीत और हार दोनों से सीखते हैं तथा संघर्ष, धैर्य और निरंतर प्रयास का महत्व समझते हैं।

अतिथियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 08 की सदस्य श्रीमती अनिता सिंह रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में उमेश यादव, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष कुनकुरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मुक्तिलता प्रधान, सरपंच नारायणपुर ने की।

कार्यक्रम में अनुप नारायण बड़ाइक, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष जशपुर, नवरतन बंग, उपसरपंच नारायणपुर, तुलाधर यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संस्था की ओर से जिला खेल प्रभारी श्री करुणा प्रसाद यादव तथा जिला समन्वयक श्री सालिक राम रजक भी मौजूद रहे।

इसके अलावा शंकर यादव, ग्रामीण मंडल भाजपा महामंत्री, श्री संजय कुमार बंग, जनपद पंचायत सदस्य, श्रीमती संतोषी वन्दे, भाजपा महिला मोर्चा उपाध्यक्ष, सुरेंद्र राम, भाजपा किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष कुनकुरी, श्री टिकेश्वर यादव, शक्ति केंद्र प्रभारी, श्रीमती मीनू सिंह, विशेष आमंत्रित सदस्य भाजपा, श्री परशुराम यादव, भाजपा पिछड़ा मोर्चा जिला सदस्य, श्रीमती जेमा नायक, पंच नारायणपुर तथा विजय प्रताप शाह देव, विद्यालय के सम्मानित सदस्य सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

अतिथियों ने प्रतियोगिता में शामिल सभी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो केवल उन्हें उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराने की। इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, खेल प्रभारी, आयोजन समिति और विद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगिता के उद्घाटन कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री त्रिविक्रम यादव ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, खेल अधिकारियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

तीन दिवसीय प्रतियोगिता के आगामी चरणों में विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता से जहां बच्चों में खेल के प्रति रुचि बढ़ेगी, वहीं उन्हें आगे प्रांत एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने की राह भी मिलेगी।

सरस्वती शिशु मंदिर नारायणपुर में आयोजित यह खेल महोत्सव इस संदेश को मजबूती दे रहा है कि बेहतर शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और स्वस्थ शरीर ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से की सौजन्य भेंट,छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को लेकर हुई चर्चा

नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा से उनके स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की जानकारी ली और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का विशेष फोकस इस बात पर है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके निकट ही गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं तक स्वास्थ्य तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ, वनांचल एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता और आधुनिक उपचार सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की दिशा में प्राथमिकता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा को प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, गंभीर बीमारियों के उपचार, स्वास्थ्य बीमा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में व्यापक बदलाव आया है। आयुष्मान भारत सहित केंद्र सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार भी केंद्र की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी तथा विशेष रूप से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य तेजी से पूरा होगा।

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महतारी वंदन की 30वीं किस्त बनी बहनों के लिए रक्षाबंधन का खास उपहार, वृंदावती और सोनम ने राशि से खरीदी राखी, बोलीं—आर्थिक सहारे के साथ बढ़ा आत्मविश्वास और सम्मान

रायपुर, 21अगस्त 2026/ महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के तहत हर माह मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और त्योहारों की तैयारियों में सहारा मिल रहा है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 30वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों की खुशियां और बढ़ गई हैं। रायगढ़ की श्रीमती वृंदावती सिदार और बिलासपुर की श्रीमती सोनम साहू की कहानी इस बात की मिसाल है कि किस तरह यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ आत्मविश्वास का आधार भी बन रही है।

*30वीं किस्त से खरीदी राखी, भाई की कलाई पर सजेगा स्नेह का धागा*

रायगढ़ की श्रीमती वृंदावती सिदार बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली राशि से उन्हें घर की जरूरी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिलती है। बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घर-गृहस्थी के छोटे-बड़े खर्चों में यह राशि उनके लिए लगातार सहारा बनी हुई है। इस बार 30वीं किस्त से उन्होंने अपने भाइयों के लिए राखी खरीदी है। उनका कहना है कि रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय इस राशि से मिली आत्मनिर्भरता और सम्मान की भावना भी उनके साथ होगी।

*रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ का उपहार*

बिलासपुर की श्रीमती सोनम साहू के लिए भी महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले खुशी का खास अवसर लेकर आई। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि से वह अपने भाई के लिए राखी खरीदने के साथ रक्षाबंधन की अन्य तैयारियां करेंगी। उनका कहना है कि त्योहार से पहले खाते में राशि आने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बहनों को रक्षाबंधन से पहले आर्थिक संबल मिलना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है।

*जरूरत के समय अपने फैसले लेने का बढ़ा आत्मविश्वास*

श्रीमती वृंदावती और श्रीमती सोनम जैसी अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग अपनी और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने और परिवार के खर्चों में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है। इससे उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत हो रही है।

दोनों महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवार की जिम्मेदारियों में भागीदारी का माध्यम बन गई है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। रक्षाबंधन के अवसर पर मिली 30वीं किस्त ने उनके लिए भाई-बहन के स्नेह के इस पर्व की खुशियों को और खास बना दिया है।

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‘जॉब सीकर’ नहीं ‘जॉब क्रिएटर’ बनेंगे छत्तीसगढ़ के युवा, नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में युवा शक्ति और नवाचार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 21 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के समक्ष छत्तीसगढ़ की तेजी से बदलती आर्थिक तस्वीर, निवेश की व्यापक संभावनाओं और भविष्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपनी पारंपरिक औद्योगिक और खनिज आधारित पहचान से आगे बढ़कर युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर आधारित नई अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बड़े निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता, बेहतर आय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना है। छत्तीसगढ़ के युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार और उद्यमिता के बल पर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें, इसी सोच के साथ राज्य की नीतियों और योजनाओं को नया स्वरूप दिया जा रहा है।

फोरम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विश्व की अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।

*6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57 प्रतिशत की विकास दर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए विकास और जनकल्याण को समान प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना निर्माण, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

*नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों के माध्यम से निवेश प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। इन सुधारों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेश के लिए नई संभावनाएं तैयार हुई हैं।

*2030 तक 5 हजार स्टार्टअप, युवा बनेंगे रोजगार सृजक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में युवा हैं। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी की प्रतीक्षा करने वाले ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अपने अभिनव विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ युवाओं को तकनीक, नवाचार, कौशल और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलने से न केवल नए व्यवसाय खड़े होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी निर्मित होंगे।

*6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण, 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके साथ ही नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य केवल तकनीकी बदलाव नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसर तैयार करना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

*500 करोड़ का एआई मिशन, नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर पार्क*

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन पर काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे तथा 300 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य है।

नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ को देश के उभरते डिजिटल और एआई इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा तथा युवाओं के लिए नई पीढ़ी के रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

*बस्तर बनेगा छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलता हुआ बस्तर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। सुरक्षा की स्थिति में तेजी से हुए सुधार के बाद अब बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। बस्तर में 421 बंद स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना बस्तर के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे बस्तर की औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

*बस्तर में पर्यटन और स्थानीय उत्पाद बनेंगे रोजगार का बड़ा माध्यम*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से इस क्षेत्र में निजी निवेश के साथ होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के वनांचलों में मिलने वाले लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। लक्ष्य यह है कि छत्तीसगढ़ केवल कच्चे माल का उत्पादक न रहे, बल्कि यहीं तैयार उत्पाद बनें और उनकी अधिकतम आर्थिक मूल्य स्थानीय लोगों को मिले।

*ग्रीन एनर्जी से जुड़ेगा छत्तीसगढ़ का विकास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब पारंपरिक ऊर्जा में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए राज्य तेजी से ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आने वाले वर्षों में प्रदेश में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी का विस्तार राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ नए निवेश और ग्रीन जॉब्स के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

*कच्चे माल से आगे बढ़कर वैल्यू एडिशन पर फोकस*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन राज्य की नई आर्थिक नीति का लक्ष्य केवल इन संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि प्रदेश के भीतर ही उनका अधिकतम वैल्यू एडिशन करना है।

इसी दिशा में नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जा रही है। राजनांदगांव में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मा पार्क तथा टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट पार्क भविष्य के औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। कोरबा में लिथियम की खोज से प्रदेश में बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और न्यू एनर्जी सेक्टर में भी नई संभावनाएं खुली हैं।

*ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम से निवेश प्रक्रिया होगी और आसान*

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है। कम जोखिम वाले उद्योगों के प्रकरणों में निर्धारित समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है।

इसके अंतर्गत आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनुमति और प्रक्रियाओं में अनावश्यक समय न लगे और वे अपना ध्यान उद्योग तथा रोजगार सृजन पर केंद्रित कर सकें।

*संसाधन से नवाचार तक - नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल*

मुख्यमंत्री श्री साय ने वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ को ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत किया, जहां प्राकृतिक संसाधन, पर्याप्त ऊर्जा, भूमि, कुशल और युवा मानव संसाधन, बेहतर होती कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियां एक साथ उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का अगला चरण संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण का है। निवेश इस परिवर्तन का माध्यम है, जबकि इसका अंतिम उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसर उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, विशेष सचिव एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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विष्णु सरकार की योजनाओं से बदली महिलाओं की जिंदगी—अब सहायता नहीं, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की ओर बढ़ते कदम

डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक

रायपुर,
किसी भी राज्य के विकास की वास्तविक पहचान वहां की महिलाओं की सामाजिक स्थिति, आर्थिक भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी सहभागिता से होती है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो परिवार सशक्त होता है, समाज प्रगतिशील बनता है और विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। इसी सोच को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को सुशासन का प्रमुख आधार बनाया है। वर्ष 2026 को "महतारी गौरव वर्ष" के रूप में मनाते हुए महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित योजनाएं आज लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल महतारी वंदन योजना महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता का सशक्त माध्यम बन चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को प्रारंभ की गई इस योजना के अंतर्गत प्रदेश की 66 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। अब तक 30 किस्तों के माध्यम से 19 हजार 444 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्राप्त हो चुकी है। वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार रानी दुर्गावती योजना प्रारंभ कर रही है। इस योजना के तहत बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में आंगनबाड़ी संचालन हेतु 800 करोड़ रुपये, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये तथा कुपोषण मुक्ति एवं पोषण योजनाओं के लिए 235 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 250 और ग्रामीण क्षेत्रों में अभिसरण के माध्यम से 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में महतारी सदन स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 368 महतारी सदनों को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें 137 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वर्ष 2026-27 में 250 नए महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, आजीविका और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
राज्य सरकार ने महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में 34 सखी वन-स्टॉप सेंटर संचालित किए हैं। यहां घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और संकटग्रस्त महिलाओं को कानूनी सहायता, चिकित्सकीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 के समन्वय से त्वरित सहायता व्यवस्था भी प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है जिसने सखी वन-स्टॉप सेंटरों के संचालन के लिए डिजिटल एसओपी लागू की है।

महिलाओं की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को उत्पादन और विपणन से जोड़ा जा रहा है। राज्य सरकार 200 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण कर रही है, जहां महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रतिवर्ष युवा रत्न सम्मान प्रदान किया जाएगा तथा लखपति दीदी भ्रमण योजना के माध्यम से सफल उद्यमियों को देश-विदेश के अध्ययन भ्रमण का अवसर मिलेगा।
बिहान मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 2.92 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं, जिनसे 31.65 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री के तीन करोड़ लखपति दीदी लक्ष्य में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक 10 लाख 43 हजार से अधिक लखपति दीदी तैयार की हैं। रेडी-टू-ईट निर्माण, कृषि आधारित उद्यम, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण तथा हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों ने ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

महिला निर्माण श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 7,900 रुपये, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत अनुदान तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत गर्भवती महिला श्रमिकों को 20 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 24 हजार से अधिक बालिकाओं का सामूहिक विवाह कराया जा चुका है। प्रत्येक जोड़े के विवाह के लिए राज्य सरकार 50 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध करा रही है। वहीं महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत 42,878 महिला समूहों को 129.46 करोड़ रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया है। महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से महिलाओं को बिना जमानत 25 हजार रुपये तक का ऋण स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से 38 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। सुशिक्षा योजना के तहत 2 लाख 18 हजार 139 छात्राओं को प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। शुचिता योजना के माध्यम से 2 हजार विद्यालयों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं तथा लाखों किशोरियों को मासिक स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

महिला समूहों के उत्पाद आज वैश्विक पहचान भी बना रहे हैं। आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित जशप्योर ब्रांड "वोकल फॉर लोकल" अभियान का सफल उदाहरण बन चुका है और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। वहीं सखी साड़ी-मिलेट कैफे जैसी पहलें स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ महिलाओं की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

आज छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का व्यापक अभियान बन चुका है। आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण पोषण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास, स्वरोजगार और सम्मानजनक जीवन की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयास महिलाओं के जीवन में नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्रदेश की महिलाएं आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही हैं। यही बदलती तस्वीर छत्तीसगढ़ को "सुशासन से समृद्धि" की ओर निरंतर अग्रसर कर रही है।

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विनोबा ऐप से जशपुर में नवाचारी शिक्षा को मिल रही नई उड़ान, कलेक्टर रोहित व्यास ने उत्कृष्ट शिक्षण कार्य करने वाले पोस्ट ऑफ द मंथ शिक्षकों को किया सम्मानित


जशपुर
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने हेतु जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में ओपन लिंक्स फाउंडेशन द्वारा विनोबा ऐप के माध्यम से नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा के दिशा-निर्देश एवं यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य एवं नवाचार के लिए जुलाई माह के  पोस्ट ऑफ मंथ और ‘बोलेगा बचपन कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित शिक्षिकाओं को जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में प्राथमिक शिक्षा नींव का कार्य करती है, इसलिए इस आधार को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षकों को नई रणनीतियों को अपनाने के साथ-साथ सैद्धांतिक ज्ञान और व्यवहारिक सीखने के तरीकों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही शिक्षकों की वास्तविक सफलता है। जब शिक्षक स्वयं जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, तो उन्हें कार्य के प्रति संतुष्टि और उपलब्धि का अनुभव होता है। यही आत्मसंतुष्टि एक शिक्षक की सफलता और उसके समर्पण की सच्ची पहचान है।
कलेक्टर कंसल्टेंट श्री अजय कुमार भी उपस्थित रहे जो शिक्षकों को बेहतर कार्य और नवाचारी के लिए प्रेरित किए । विनोबा के एसोसिएट प्रोग्राम मैनेजर श्री सोमनाथ साहू ने जानकारी दी कि यह ऐप जिले के शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को साझा करने, आपसी सीख को बढ़ावा देने तथा शैक्षणिक गतिविधियों के दस्तावेजीकरण हेतु विकसित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विनोबा भावे टीम जिले में एफएलएन, जवाहर नवोदय, जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के साथ-साथ दैनिक उपस्थिति डाटा संग्रहण का कार्य भी यशस्वी जशपुर के समन्वय से कर रही है। 
कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय विजेता शिक्षकों में प्राथमिक शाला दीपाटोली से श्रीमती आरती ओहदार, प्राथमिक शाला नोनियाताला से श्रीमती वीणा भगत, प्राथमिक शाला रजौटी से श्री मति अंबेश्वरी कुलदीप, प्राथमिक शाला सूजीबहार से श्रीमती शारदा पैंकरा, प्राथमिक शाला रायकोना से श्रीमति नमिता खेस्स,  प्राथमिक शाला नदीडिपा से श्रीमति रीना रानी गोस्वामी, सेजेस पतराटोली से प्रीति एक्का, प्राथमिक शाला थूथीअम्बा से श्रीमति संध्या कुजूर, प्राथमिक शाला छिंदबहरी से श्रीमति संतोषी डनसेना,  प्राथमिक शाला बड़ेगमहरिया से सुश्री सुनैना तिर्की, सेजेस बगीचा से सुश्री शिल्पा पांडे शामिल रहे। यशस्वी जशपुर के  सहयोगी संजीव शर्मा, सदस्य अवनीश पांडे, प्रोजेक्ट ऑफिसर आनंद कुमार टोप्पो, प्रोजेक्ट ऑफिसर  बिप्लब देवशर्मा के  द्वारा सभी विजेता शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।

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श्रमिक परिवारों के भविष्य को संवारने सरकार की बड़ी पहल, आवास सहायता बढ़ी, बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी

छगल लाल लोन्हारे
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

रायपुर, 21 अगस्त 2026/ राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र विकास के बिना विकसित राज्य की कल्पना संभव नहीं है। इसी सोच को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ शासन का श्रम विभाग श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देशन में श्रमिकों के हितों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से सेवाओं को सरल बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य सरकार के ढाई साल  में श्रम विभाग की उपलब्धियाँ राज्य सरकार की श्रमिक हितैषी सोच और संवेदनशील प्रशासन का परिचायक हैं।

*प्रशासनिक ढांचे का विस्तार, सेवाओं की बेहतर पहुंच*

        श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा श्रमिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पाँच नए जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किए हैं। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि  पाँच श्रम पदाधिकारी कार्यालयों को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के रूप में उन्नत किया गया है। अब प्रदेश में 10 सहायक श्रमायुक्त कार्यालय एवं 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालय सहित कुल 33 श्रम कार्यालय संचालित हैं। इससे श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं के प्रभावी संचालन को नई गति मिली है।

*समय के अनुरूप श्रम कानूनों में सुधार*

         औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रम कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 में संशोधन कर निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों के साथ महिलाओं के रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021 में संशोधन के माध्यम से श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्र अब 24 घंटे के भीतर जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सरल एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध होंगी तथा ष्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसष् को भी बढ़ावा मिलेगा।

*56 लाख से अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में*

       श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से अब तक लगभग 56.83 लाख संगठित, निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है।

*3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ*

          वर्ष 2026 में 30 जून तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया है। इन योजनाओं पर लगभग 173.32 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जो श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

*निर्माण श्रमिकों को बढ़ी आर्थिक सहायता*

      मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत आवास निर्माण अथवा घर खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। यह निर्णय निर्माण श्रमिकों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

*महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर*

         इसी प्रकार दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों एवं उनके समूहों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए सहायता राशि भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। इससे महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिल रहे हैं।

*शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल*

        राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से अटल कैरियर निर्माण योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

*पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण*

         वहीं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस पहल से बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

*उत्कृष्ट शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य की ओर*

        श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वर्ष 2026-27 से इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। यह पहल श्रमिक परिवारों के बच्चों के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।

*पाँच रुपये में पौष्टिक भोजन*

शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण, संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 18 जिलों में 39 भोजन केन्द्र संचालित हैं, जो हजारों श्रमिकों के लिए राहत का माध्यम बने हुए हैं।

 *डिजिटल सेवाओं से बढ़ी पारदर्शिता*

      श्रम विभाग द्वारा विकसित 'ई-श्रम साथी मोबाइल एप' श्रमिकों और नियोजकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इस एप के माध्यम से स्वयं पंजीयन, श्रमिक एवं नियोजक के बीच सीधा संपर्क तथा रोजगार संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है।

 *मॉडल लेबर चौक से मिलेगा सम्मानजनक वातावरण*

         राज्य सरकार द्वारा मॉडल लेबर चौक फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर श्रमिकों के पंजीयन, विभिन्न योजनाओं के आवेदन, भोजन, पेयजल, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।

 *सामाजिक सुरक्षा को मिला नया विस्तार*

         मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों की कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर भी उनके आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

*पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता*

        इसी प्रकार असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

 *सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में प्रयास*

        राज्य के विभिन्न कारखानों में श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप वरिष्ठ अधिकारियों एवं सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी और उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।

 *श्रमिक कल्याण की नई पहचान*

        छत्तीसगढ़ में श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे व्यापक सुधार यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी मानती है। प्रशासनिक ढाँचे का विस्तार, श्रम कानूनों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक रोजगार जैसी पहलें श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। श्रमिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ समावेशी और संवेदनशील विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चमोली सुरंग हादसे में कोंडागांव जिले के मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की सहायता देने के दिए निर्देश

रायपुर 21अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में पानी भरने की दुःखद घटना में कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5-5 लाख तथा हादसे में घायल दोनों श्रमिकों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

इस हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के 2, मदनार के 1 और दहीकोंगा के 1 श्रमिक की मृत्यु हुई है, जबकि जिले के 2 श्रमिक घायल हुए हैं। दिवंगत श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार दुःख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने हादसे में घायल दोनों श्रमिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।

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स्वास्थ्य लाभ ले रहे जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 21 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित छत्तीसगढ़ निवास में जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से मुलाकात की। उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे श्री किरण सिंह देव से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

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उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया शौर्य वाटिका का भूमिपूजन, लगभग 79 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण


रायपुर, 21 अगस्त 2026/ जिले के वीर बलिदानियों की पावन स्मृति को संजोने और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन किया गया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 37 शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही 'शौर्य वाटिका' में शहीदों के नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्मृति वृक्ष लगाए गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भी शहीदों की स्मृति में पीपल का पौधा रोपित कर शौर्य वाटिका में पौधरोपण की शुरुआत की।

           कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री  शर्मा ने लगभग 78.96 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें तालाब गहरीकरण, खेल मैदान, पहुंच मार्ग निर्माण, शौचालय, चबूतरा निर्माण, वृक्षारोपण एवं शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 37.95 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, आहता निर्माण एवं शेड निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।

          उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जवानों और बस्तर के लोगों ने बड़ी कीमते चुकाई है। उन्होंने शहीद जवानों और उनके परिवारों को नमन करते हुए कहा कि आज बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

         उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा  कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे में शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज नक्सल क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जहां कभी जाना मुश्किल था, अब वहां शांति और बदलाव का माहौल है। उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर गांव के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यहां शहीदों की स्मृति में शौर्य वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहीद परिवारों और शहीदों के नाम पर यहां पौधरोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और शौर्य को याद रख सकें।

            उन्होंने कहा कि सोनपुर गांव में योजना के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उपमुख्यमंत्री ने गांव में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा सहित वीवीजी राम जी के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति दी जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाबद्ध तरीके से गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

           इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, श्री सुरेन्द कोशिक, सरपंच श्री संत कुमार कुंभकार, सेवानिवृत शिक्षक श्री रामू राम चक्रधर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण उपस्थित थे।

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