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अम्बिकापुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव का अनोखा अंदाज, खुद स्कूटी चलाकर पहुंचे शहर के विभिन्न इलाकों में, सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत देखी और पीएम आवास के हितग्राहियों से रूबरू होकर जानी उनकी समस्याएं

रायपुर. 8 अक्टूबर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज खुद स्कूटी चलाकर अम्बिकापुर शहर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था और डीसी रोड स्थित एसएलआरएम सेंटर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बने आवासों के हितग्राहियों से बातचीत की और अधिकारियों को नागरिक सुविधाएं बेहतर बनाने तथा सड़क निर्माण एवं मरम्मत के काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

*केरसु तालाब में सफाई व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश*

शहर भ्रमण के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विभिन्न क्षेत्रों में साफ-सफाई एवं नागरिक सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। केरसु तालाब में सफाई की आवश्यकता पाए जाने पर उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों एवं आवासीय क्षेत्रों में नियमित सफाई के साथ स्वच्छता व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर करने एवं नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

*प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से मिले*

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सुभाष नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी घटक के तहत बने 493 आवासीय इकाईयों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों से मुलाकात कर वहां में मिल रही सुविधाओं और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। साथ ही पक्का मकान मिलने के बाद उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। हितग्राहियों ने आवास मिलने पर खुशी जताई और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री साव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन हितग्राहियों को आवास आबंटित किए गए हैं, उनका वहां निवास सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने आवासीय परिसर में साफ-सफाई, जरूरी सुविधाओं और शेष निर्माण कार्यों जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*स्वच्छता दीदियों के काम की सराहना की*

उप मुख्यमंत्री ने डीसी रोड स्थित एसएलआरएम सेंटर पहुंचकर कचरा संग्रहण, पृथक्करण और प्रसंस्करण की व्यवस्था देखी। उन्होंने अम्बिकापुर के कचरा प्रबंधन मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि शहर में लगभग 480 स्वच्छता दीदियां घर-घर से कचरा एकत्र करने और उसके प्रबंधन का महत्वपूर्ण काम कर रही हैं। उनके प्रयासों से शहर में स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था बनी है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव द्वारा स्कूटी से अंबिकापुर शहर के भ्रमण के दौरान महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, नगर निगम के सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत की सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव और नगर निगम के आयुक्त श्री विनय कुमार अग्रवाल सहित पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा अभियंतागण भी उनके साथ थे।

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महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति के स्वावलंबन को मिल रहा नया आधार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जारी की 32वीं किस्त, 67.38 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचे ₹632.40 करोड़, अब तक ₹20,708 करोड़ से ज्यादा की आर्थिक सहायता

रायपुर 8 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत कर रही महतारी वंदन योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक दी गई आर्थिक सहायता की राशि 20708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तीकरण हमारी सरकार के लिए केवल एक योजना या कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। हमारा विश्वास है कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा और पोषण से लेकर परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों तक उसकी भागीदारी और मजबूत होती है। इसलिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार माताओं-बहनों के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में नारीशक्ति को विकास की धुरी बनाते हुए महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी है। उनके नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल हुई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि लाखों महिलाओं के लिए अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसेमंद आर्थिक आधार बनी है। कोई बहन इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई में कर रही है, कोई पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में, तो कोई अपनी छोटी-छोटी बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में इसका उपयोग कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन की राशि केवल बैंक खातों में पहुंचने वाली आर्थिक सहायता नहीं है। यह माताओं-बहनों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को नई शक्ति देने वाली राशि है। हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की माताएं-बहनें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हों, बल्कि परिवार और समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी निरंतर बढ़े।

*हर महीने सीधे माताओं-बहनों के खाते में पहुंच रहा आर्थिक संबल*

प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। योजना की शुरुआत से सितंबर 2026 तक 31 किस्तों में महिलाओं को 20075 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी थी।

मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा आज जारी 32वीं किस्त में प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की गई। इस प्रकार योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक 20708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचने से उन्हें नियमित आर्थिक संबल मिल रहा है। यह व्यवस्था पारदर्शिता के साथ महिलाओं को अपने संसाधनों पर सीधा अधिकार भी प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाना और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल और आजीविका के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एक महिला सशक्त होती है तो उसका परिवार सशक्त होता है और जब प्रदेश की लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो पूरा समाज और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

*दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक माताओं-बहनों को मिले ₹37.19 करोड़*

महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त से दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं को भी सीधा लाभ मिला। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले की इन माताओं-बहनों के बैंक खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की।

नियमित रूप से मिलने वाली यह आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू आवश्यकताओं के साथ स्वयं की जरूरतों को पूरा करने की स्वतंत्रता दे रही है। इससे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और निर्णय क्षमता भी मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में सरकार सहभागी बने। महिला सशक्तीकरण हमारे लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने का व्यापक संकल्प है।

*मातृशक्ति के सशक्तीकरण के साथ दुर्ग के विकास को ₹218.48 करोड़ की नई गति*

कार्यक्रम में एक ओर प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक संबल मिला, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग जिले के समग्र विकास के लिए 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये की लागत के विकास कार्यों की सौगात दी।

मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये की लागत के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

ये कार्य सड़क संपर्क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा और विद्युत अधोसंरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनके पूर्ण होने से दुर्ग जिले में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी।

*बेहतर सड़कें बढ़ाएंगी कनेक्टिविटी, सुगम होगा आवागमन*

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच राज्य मार्ग क्रमांक-22 के लगभग पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए 30.20 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जाएगा।

अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया राज्य मार्ग क्रमांक-21 के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 24.06 करोड़ रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक 3.60 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 4.28 करोड़ रुपये के कार्यों की आधारशिला रखी गई।

पाटन विधानसभा क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 15.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भिलाई से तर्रा मुख्य जिला मार्ग के 15 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 8.33 करोड़ रुपये तथा पौहा से खपरी तक 2.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

अहिवारा एवं वैशाली नगर क्षेत्र में चंदूलाल चंद्राकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मुख्य मार्ग के 2.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण के लिए 7.06 करोड़ रुपये के कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।

इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा, आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के केंद्रों तक लोगों की पहुंच आसान होगी।

*युवाओं के कौशल और भविष्य में निवेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में सिडबी क्लस्टर डेवलपमेंट फंड से वित्तपोषित आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। इस कार्य पर 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत आई है। उन्नत अधोसंरचना से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल अर्जित करने की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में भी 8.86 करोड़ रुपये की लागत से ऑफिस ब्लॉक के नवीनीकरण, सीसी रोड निर्माण, दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन तथा सिविल विंग के विस्तार सहित विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे।

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे जिले के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

*सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत, किसानों को मिलेगा लाभ*

जल संसाधन विभाग के अंतर्गत सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण और जलाशयों की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए अनेक कार्यों की आधारशिला रखी गई।

पाटन विधानसभा क्षेत्र में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार तथा नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग के लिए 2.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अहिवारा क्षेत्र में मोहंदी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए 4.96 करोड़ रुपये, कपसदा जलाशय के लिए 4.57 करोड़ रुपये तथा नंदौरी जलाशय के लिए 4.77 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे।

दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णोद्धार पर प्रत्येक के लिए 4.71 करोड़ रुपये तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर 4.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने के लिए कोटनी माइनर चैनल का निर्माण 4.93 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। शिवनाथ मंडल कार्यालय दुर्ग के जीर्णोद्धार एवं नवीन निर्माण के लिए भी 4.96 करोड़ रुपये के कार्य की आधारशिला रखी गई।

इन कार्यों के पूरा होने से जल प्रबंधन बेहतर होगा, सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को खेती के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

*चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं का होगा विस्तार*

दुर्ग शहर में चिकित्सा शिक्षा की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए 16.16 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये के कार्य की भी आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं से चिकित्सा एवं नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलेगी।

*पाटन क्षेत्र में और मजबूत होगी विद्युत अधोसंरचना*

पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

इनमें 25.83 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) का निर्माण तथा 14 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल है।

इसके अतिरिक्त 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

*मातृशक्ति के सामर्थ्य से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के समन्वय पर आधारित है। एक ओर माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ पूरी शक्ति से योगदान दे रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाकर, किसानों को मजबूत करके और आधुनिक अधोसंरचना विकसित करके राज्य सरकार विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों के चेहरे पर खुशी, उनके जीवन में आत्मविश्वास और उनके हाथों में आर्थिक सामर्थ्य हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। सशक्त मातृशक्ति ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है।

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सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने बच्चों और महिलाओं से किया संवाद, संतुलित आहार एवं बेहतर पोषण पर दिया जोर

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने गुरुवार को कोंडागांव जिले के गोलावंड स्थित स्कूलपारा आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से संवाद किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पोषण एवं कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने तथा पालकों को कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

*बच्चों से किया, महिलाओं के पोषण पर विशेष फोकस के निर्देश*
वन मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों से बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता परखी। जहां बच्चों ने चित्रों के माध्यम से फल, पशु-पक्षियों और विभिन्न वस्तुओं की पहचान की। मंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए फल और चॉकलेट वितरित किए। उन्होंने महिलाओं को बच्चों के संतुलित आहार और गर्भावस्था में उचित पोषण की सलाह दी। इस दौरान पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार हुआ।

*सेवाभाव के लिए छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-मितानिन का सम्मान*
मंत्री श्री कश्यप ने आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन सहायिका सहित छह महिलाओं को उनके सेवाभाव और योगदान के लिए सम्मानित किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में दिसंबर में बजेगा स्थानीय निकाय चुनाव का बिगुल, नगर पालिका और पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटा निर्वाचन आयोग

 रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/आयोग द्वारा स्थानीय निकायो के निर्वाचन के संबंध में निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है, निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 30 नवम्बर 2026 को किया जायेगा। आगामी आम एवं उप निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से रिक्त पदों, आरक्षण, परिसीमन की अद्यतन जानकारी ली, साथ ही निर्वाचन हेतु आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री भीम सिंह, सचिव नगरीय प्रशासन श्री अविनाश चंपावत, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित रहे।

 पंचायत निर्वाचन - सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरिया एवं कोंडागांव जिलों की 09 ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा 126 पंच पदों का आम निर्वाचन प्रस्तावित हैं तथा जनपद पंचायत सदस्य का 01 रिक्त पद, सरपंच के 92 रिक्त पदों, पंच के 721 पदों के लिए उपनिर्वाचन कराया जाना है। 

 नगरीय निकाय निर्वाचन - नवगठित 02 नगर पंचायत तमनार, जिला रायगढ़ व नगर पंचायत बड़ी करेली, जिला धमतरी के साथ साथ नगरपालिक निगम भिलाई-चरौदा, रिसाली, जामुल एवं बिरगांव सहित ऐसे 15 नगरीय निकाय जिसमें आम निर्वाचन सम्पन्न कराया जाना है। इसके साथ ही एक अध्यक्ष पद (नगर पंचायत, बिलाईगढ़) एवं अलग-अलग निकायों के 06 वार्ड पार्षद का उप निर्वाचन भी कराया जाना है।

 राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सभी संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को निर्वाचन से संबंधित समस्त तैयारियों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारू निर्वाचन सुनिश्चित करना है इसलिए निर्वाचन संबधी समस्त अपेक्षित कार्यवाही समय सीमा में पूर्ण कर ली जाए।

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अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में सहकारिता से समृद्धि का राष्ट्रीय संकल्प, जगदलपुर में जुटे विभिन्न राज्यों के अधिकारी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ मां दंतेश्वरी की पावन धरा बस्तर जिले के जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि वर्कशाॅप का भव्य शुभारंभ गुरुवार को हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित यह नौवां सम्मेलन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि बस्तर में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस स्तर का राष्ट्रीय विचार-मंथन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य ध्येय सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के सबसे दूरदराज, आकांक्षी और जनजातीय अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और विकास का लाभ पहुंचाना है।

        सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने रेखांकित किया कि सहकारिता की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अंतिम छोर तक दिखाई दे। असम में शांति बहाली के बाद आई विकास की गति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ठीक वैसा ही सकारात्मक और अभूतपूर्व बदलाव आज बस्तर की धरती पर भी महसूस किया जा रहा है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए उन्होंने देश भर में दो लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स की स्थापना, उनके पूर्ण डिजिटलीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में रूपांतरण और विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना को तेजी से लागू करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड, एनसीडीसी और एनडीडीबी जैसी शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से पैक्स के विविधीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के पारदर्शी व सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया।

         छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए सहकारिता को केवल पारंपरिक खाद व ऋण वितरण तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का सशक्त माध्यम बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन हो चुका है और डेयरी, मत्स्य पालन तथा लघु वनोपज के क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर तेजी से कार्य जारी है। इन समितियों को डिजिटल करने के साथ-साथ माइक्रो-एटीएम और सीएससी सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे ग्रामीण आबादी को नागरिक सेवाएं मिलने के साथ समितियों की आय भी बढ़ी है। औद्योगिक विस्तार की चर्चा करते हुए उन्होंने कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख किया और कहा कि गुजरात व महाराष्ट्र के सफल मॉडलों की तरह इकोनॉमिक्स ऑफ स्केल हासिल करने के लिए नेफेड, एनसीसीएफ और बीबीएसएसएल जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।

      सम्मेलन में अन्य राज्यों के अनुभवों को साझा करते हुए तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने बताया कि उनके राज्य ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उन्हें जमीन पर उतारा है। तमिलनाडु का सहकारी तंत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिक समितियों के उत्पादों को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध करा रहा है।

     सत्र के शुभारंभ पर छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर के जीवट और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रभावशाली खाका खींचा। उन्होंने साझा किया कि मात्र पंद्रह दिन पहले ही यह पूरा क्षेत्र भारी जलभराव से जूझ रहा था और सम्मेलन का सभागार भी कई दिनों तक पानी में डूबा रहा, लेकिन जिला प्रशासन और पूरी टीम ने इस प्राकृतिक आपदा को चुनौती मानकर बहुत कम समय में परिसर का कायाकल्प कर इसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए तैयार कर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि अतीत के संघर्षों को पीछे छोड़कर बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहा है और यहां सहकारिता के क्षेत्र में मौजूद अपार संभावनाएं स्थानीय आजीविका को नई ऊंचाई देंगी। सम्मेलन के शुरूआत में देश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को लघु फिल्म के द्वारा प्रदर्शित किया गया। साथ ही सम्मेलन स्थल पर विभिन्न सहकारी समितियों एवं संस्थाओं द्वारा अपने उत्पादों से संबंधित स्टाॅल लगाया गया है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव साझा करने सहित सहकारिता के क्षेत्र में नवोन्मेषी प्रयासों के बारे में अवगत कराया जाएगा।

         बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिवों और पंजीयकों तथा विभिन्न सहकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हुआ यह दो दिवसीय मंथन देश भर में सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय संकल्प को नई गति और दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती, गौरेला में पनीर जांच के दौरान वेजिटेबल फैट निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक, फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री पर तत्काल रोक

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सघन निगरानी की जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूनों का संकलन और प्रयोगशाला जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों की रक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं।

विष्णु के सुशासन में जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रतिबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय एवं वितरण नहीं करें।

*पनीर की जांच में मिली अनियमितता, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कार्रवाई*

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा गौरेला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से पनीर का विधिवत नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। प्राप्त जांच प्रतिवेदन में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाए जाने के आधार पर खाद्य विश्लेषक द्वारा संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया है। जांच में सामने आई इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

*खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच का दायरा बढ़ा, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित*

जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी एवं साबूदाना तथा 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं।

संकलित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके।

*खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर, कारोबारियों को दिए आवश्यक निर्देश*

राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय के दौरान स्वच्छता तथा गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में अमानक अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण एवं नमूना परीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

*नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील*

विष्णु भैया की सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, निर्माण तिथि, अवसान तिथि, गुणवत्ता तथा लेबल पर अंकित आवश्यक विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें।

नागरिकों को संदिग्ध गुणवत्ता वाले, खराब पैकेजिंग वाले अथवा निर्धारित अवधि समाप्त हो चुके खाद्य पदार्थों की खरीद और सेवन से बचने की सलाह दी गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित विभाग को जानकारी देने की भी अपील की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में खाद्य सुरक्षा संबंधी निगरानी, निरीक्षण और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

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तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा, मूल स्वरूप भी रहेगा बरकरार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दूर किया भ्रम

रायपुर 8 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर उत्पन्न भ्रम को स्पष्ट करते हुए कहा है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। न तो चौक के नाम में कोई परिवर्तन किया जा रहा है और न ही उसके मूल स्वरूप के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के तहत विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा, इसे केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आज दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में वे शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दुर्ग जिले को इस अवसर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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अधिकारियों को उप मुख्यमंत्री अरुण साव की दो टूक, जिम्मेदारी समझें और गंभीरता से निभाएं दायित्व, विकास कार्यों में तेजी लाकर समय-सीमा में पूरा करें सभी काम

रायपुर. 8 अक्टूबर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं।

*योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश*

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें। 

*निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा*

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। 

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

*’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’*

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा। 

श्री साव ने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों के आवागमन पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आने वाला समय त्यौहारों का समय है, इसलिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लोगों को असुविधा न हो। 

*पेयजल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश*

श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित अधोसंरचना के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

*’प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं’*

उप मुख्यमंत्री ने बैठक में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं। खेल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ एवं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्कूलों के संकुलवार एक-एक पीटीआई को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने को कहा।

उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के लिए किए जा रहे पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों, खेल से जुड़े लोगों को शामिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, मिलकर चलने का स्वभाव, रचनात्मकता की प्रेरणा देता है। इसलिए युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करें। सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त श्री विनय कुमार अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ऋतिक के इलाज के लिए 18 लाख रुपये की दी स्वीकृति, बेंगलुरु में होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट,महंगे इलाज के खर्च में परिवार को मिलेगी बड़ी राहत


जशपुरनगर। जशपुर जिले के 10 वर्षीय ऋतिक यादव के उपचार के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना (MVSSY) के अंतर्गत 18 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। इस राशि से ऋतिक के बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) सहित आवश्यक उपचार में मदद मिलेगी। गंभीर बीमारी से जूझ रहे ऋतिक के परिवार के लिए यह स्वीकृति बड़ी राहत लेकर आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऋतिक यादव, पिता श्री मेघनाथ यादव, जशपुर जिले के निवासी हैं। परिवार ने ऋतिक के उपचार के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर सहायता की गुहार लगाई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत उपचार के लिए 18 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।

*कर्नाटक के बेंगलुरु में होगा ऋतिक का बोन मैरो ट्रांसप्लांट*

बीमारी से पीड़ित ऋतिक का उपचार कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित Mazumdar Shaw Medical Center में किया जाएगा। उपचार में OT-U100, Allogenic BMT तथा BMT Haplo-identical प्रक्रिया शामिल है। बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे महंगे उपचार के लिए स्वीकृत आर्थिक सहायता से परिवार को इलाज का खर्च वहन करने में मदद मिलेगी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र मरीजों को उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाता है। ऋतिक के उपचार के लिए 18 लाख रुपये की स्वीकृति से परिवार को बड़ी राहत मिली है और अब बेंगलुरु में उसके उपचार का रास्ता आसान होगा।

*बगिया के सीएम कैम्प कार्यालय ने दिलाई सहायता*

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में जरूरतमंद परिवारों द्वारा उपचार के लिए सहायता की मांग किए जाने के बाद इस तरह की स्वीकृतियां गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं। ऋतिक के परिवार को भी इस आर्थिक सहायता से बेहतर उपचार की उम्मीद मिली है।परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है।

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भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज को लेकर नवा रायपुर तैयार, मुख्य सचिव ने दिए सुचारू आयोजन और सुरक्षा के निर्देश

रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (परसदा) में आयोजित होने वाली भारत महिला बनाम ज़िम्बाब्वे महिला टी-20 क्रिकेट सीरीज की प्रशासनिक स्तर पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। तीन अंतर्राष्ट्रीय महिला टी-20 मुकाबले 16, 18 और 20 अक्टूबर 2026 को खेले जाएंगे।  मुख्य सचिव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं के संबंध में अन्य विभागों से आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैच के सुचारू संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए पुलिस विभाग एवं आयोजक संस्थाओं को समय पर जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा है। 

   मैच के सफल संचालन और अंतर-विभागीय समन्वय के लिए रायपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक लोकल सपोर्ट कमेटी गठित की गई है। इस समिति में रायपुर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, खेल एवं युवा कल्याण संचालक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, एनआरडीए के प्रतिनिधि और छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं। ई-टिकट को आसानी से स्कैन कर स्टेडियम में प्रवेश दिलाने के लिए दर्शकों हेतु परिसर में ओपन वाई-फाई की व्यवस्था की जाएगी।

स्टेडियम के भीतर खाद्य सामग्री, पेयजल आपूर्ति इत्यादि व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। टिकटों पर स्टेडियम का नाम शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर अटल नगर स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा। टिकटों का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा। स्टेडियम परिसर और सभी पार्किंग क्षेत्रों में सीसीटीव्ही कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। टिकट धारकों को निश्चित अनुपात में पार्किंग पास उपलब्ध कराए जाएंगे। सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सीसीटीव्ही कैमरे एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पुलिस, एनआरडीए, सीएससीएस और बीसीसीआई द्वारा की जाएगी। आवश्यक विद्युत व्यवस्था, सीएसपीडीसीएल और ऊर्जा विभाग द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग नजदीकी अस्पतालों की मैपिंग करेगा और स्थल पर एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आपातकालीन इलाज एवं वीवीआईपी आवागमन हेतु ग्रीन कॉरिडोर का मार्ग निर्धारित किया गया है।  स्टेडियम परिसर एवं निगम के निकटतम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध रहे इसकी सुनिश्चितता बीएसएनएल द्वारा की जाएगी। फायर ब्रिगेड और पर्याप्त जल की उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति के लिए रूट का चिन्हांकन गृह एवं अग्निशमन विभाग द्वारा किया जाएगा।

 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इस बैठक में परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के यशवंत कुमार, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, संचालक जनसम्पर्क श्री आशीष टिकरिया, एमडी टूरिज्म श्री सौमिल रंजन चौबे सहित कलेक्टर रायपुर, पुलिस अधीक्षक रायपुर, एनआरडीए, खेल एवं युवा कल्याण, फायर एवं सेफटी, एयरपोर्ट आथरटी, सीएसपीडीसीएल, पीडब्लूडी, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारियों ने भाग लिया।

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एनक्यूएएस में साधवानी पीएचसी ने लहराया परचम, राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा स्वास्थ्य केंद्र

रायपुर, 7 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साधवानी ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के मूल्यांकन में सफलतापूर्वक क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाती है।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं, मरीजों के अधिकारों, उपलब्ध संसाधनों, सहायक एवं क्लीनिकल सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन तथा परिणाम आधारित सेवाओं सहित विभिन्न निर्धारित मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। पीएचसी साधवानी ने इन मानकों के अनुरूप अपनी स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य के अनुरूप जीपीएम जिले में भी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

जिला कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देशन में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में एनक्यूएएस प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखने, संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन सुनिश्चित करने और मरीज-केंद्रित सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

पीएचसी साधवानी की इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सतत मार्गदर्शन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ जिला स्तरीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनक्यूएएस मूल्यांकन की तैयारियों के दौरान फील्ड मॉनिटरिंग, गैप एनालिसिस, दस्तावेजीकरण तथा आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियों पर निरंतर कार्य किया गया।

पीएचसी साधवानी के चिकित्सा अधिकारी, आरएमए, एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सपोर्टिंग स्टाफ सहित समस्त स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम भावना और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एनक्यूएएस में मिली यह सफलता जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।

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फुटबॉल सिखाता है टीमवर्क, अनुशासन और आखिरी मिनट तक संघर्ष का जज्बा : राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।

           राज्यपाल श्री डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।

          श्री डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है।

        राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। 

         समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।

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सेवा संकल्प से गूंजा कबीरधाम, हजारों नागरिकों के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निकाली भव्य ‘सेवा ज्योति यात्रा’, विकसित भारत-2047 का लिया संकल्प

      रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले में भव्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

     सेवा ज्योति यात्रा से पूर्व शासकीय पीजी कॉलेज के डोम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन के संबोधन को उपस्थित नागरिकों ने सुना। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए सेवा ज्योति चौक पहुंची। यात्रा में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लेकर सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प का संदेश दिया।

*संकल्प मजबूत हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है — उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

      उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और देश को आगे ले जाने की यात्रा रही है।

     श्री शर्मा ने कहा कि संकल्प लेना बड़ी बात है, लेकिन उसे धरातल पर उतारना उससे भी बड़ी बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तब हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़, कबीरधाम विकसित कबीरधाम और कवर्धा विकसित कवर्धा बने, यह हम सभी का संकल्प होना चाहिए।

      उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा हो सकता है और रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है। सेवा ज्योति यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिले के विकास, सेवा और जनभागीदारी का संकल्प है। जब संकल्प बड़ा हो, नीयत स्पष्ट हो और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति साथ हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, “हम जरूर करबो।”

*हिंसा की जगह विकास, भय की जगह विश्वास और बंदूक की जगह शिक्षा व रोजगार पहुंचे — श्री शर्मा*

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत के सामर्थ्य का संदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने तथा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसी घटनाएं देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं।

     उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है कि हिंसा की जगह विकास पहुंचे, भय की जगह विश्वास पहुंचे और बंदूक की जगह शिक्षा, रोजगार और अवसर पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। कवर्धा, कबीरधाम और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

*सेवा को उत्सव और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाएं — विधायक श्रीमती भावना बोहरा*

      पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के प्रतीक हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “सेवा को उत्सव बनाइए और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाइए”, यही इस अभियान की मूल भावना है।

      श्रीमती बोहरा ने कहा कि सेवा सेतु, स्वच्छता अभियान, रंगोली सहित विभिन्न गतिविधियों में जिले के नागरिक उत्साह से भाग ले रहे हैं। विकसित भारत-2047 के संकल्प में कवर्धा और छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने नागरिकों से इस संकल्प में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

*जनसेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी — श्रीमती मोना सेन*

       फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंचा रही है। आवास, राशन, शौचालय, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न योजनाओं से बड़ी संख्या में परिवार लाभान्वित हुए हैं।

      उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा योजनाएं बनाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उनका लाभ सही हितग्राही और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं, बल्कि समाज से जुड़ना, जरूरतमंदों तक पहुंचना और जनसेवा को मजबूत करना है।

     जिला अध्यक्ष श्री राजेंद्र चन्द्रवंशी ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए नागरिकों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने “हम करेंगे — वी विल डू इट” के संकल्प के साथ विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सहभागिता का संकल्प लिया।

      इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री जयंती पटेल, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस प्राधिकरण के सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती नंदनी साहू, जनपद अध्यक्ष बोडला श्रीमती बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विजय पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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नागरिक सेवाओं से लेकर निवेश और रोजगार तक विकास का रोडमैप तैयार, विकसित भारत 2047 के लिए छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं पर हुआ व्यापक मंथन

रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ की भूमिका और राज्य की प्राथमिकताओं को तय करने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में छठवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए विभिन्न विभागों की प्रस्तुतियों और प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

         कार्यशाला के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए  निवेश, रोजगार, नागरिक सेवाओं का विस्तार और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। ग्रामीण संपर्क (रूरल कनेक्टिविटी), जल प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करना। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के लक्ष्य अधिक ठोस, स्पष्ट और समयबद्ध माइलस्टोन (समय-सीमा) के साथ होने ताकि नागरिकों के जीवन पर इनके सकारात्मक प्रभावों का सटीक आकलन किया जा सके।

*विशेषज्ञों के प्रमुख सुझाव* 

         खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने महत्वपूर्ण खनिजों के विकास और उनसे जुड़ी संभावनाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। ऊर्जा सचिव श्री सारांश मित्तर ने अनुपयोगी भूमि (वेस्टलैंड) पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास की व्यापक रणनीति साझा करते हुए ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, सामान्य प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण, आदिम जाति विकास, पर्यटन, राजस्व, कौशल विकास, स्वास्थ्य, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिवों व सचिवों ने अपने-अपके विभागों की कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।

         बैठक में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता,  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल, उद्योग विभाग के संचालक श्री प्रभात मलिक, नीति आयोग के सदस्य श्री आशीष भट्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।

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बहतराई की खेल भूमि ने देश को दिए कई प्रतिभावान खिलाड़ी, 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया शुभारंभ

रायपुर. 7 अक्टूबर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के पांचों संभागों से आए खिलाड़ियों के मार्च पास्ट की सलामी ली और गुब्बारे छोड़कर प्रतियोगिता का आगाज किया। 

राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में बस्तर, बिलासपुर, रायपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग के 571 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 14 वर्ष, 17 वर्ष एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की तीरंदाजी, 19 वर्ष आयु वर्ग की हॉकी और 19 वर्ष बालक वर्ग की कबड्डी के मुकाबले बहतराई के एस्ट्रोटर्फ, इंडोर स्टेडियम और तीरंदाजी मैदान में खेले जाएंगे।
 
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बहतराई की खेल भूमि ने देश और प्रदेश को कई प्रतिभावान खिलाड़ी दिए हैं। इसी मैदान पर खेलकर संजू देवी ने एशियन गेम्स कबड्डी में स्वर्ण पदक जीता। मधु सिदार और गीता यादव ने अंडर-19 महिला हॉकी में देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश ‘जो खेलेगा वही खिलेगा’ को दोहराते हुए खिलाड़ियों से पूरी खेल भावना और आत्मविश्वास के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।  
 
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि खेल के मैदान में कोई हारता नहीं है, खिलाड़ी या तो जीतता है या सीखता है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर संसाधन और सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने बहतराई खेल परिसर को मध्य भारत के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में विकसित करने के लिए इसके उन्नयन पर जोर दिया।

बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल और जिला शिक्षा अधिकारी श्री संदीप पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे। 

*बेटियों की प्रस्तुति ने मोहा मन*

पीएमश्री कन्या विद्यालय सरकंडा की छात्राओं ने शुभारंभ कार्यक्रम में भारत माता की वंदना सहित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। तपती धूप में छात्राओं की शानदार प्रस्तुति की अतिथियों ने सराहना की। विधायक श्री शुक्ला ने उनके उत्साहवर्धन के लिए 11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

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समान नागरिक संहिता पर महिला संगठनों का मंथन, संपत्ति, भरण-पोषण, तलाक और लिव-इन संबंधों को लेकर दिए व्यावहारिक सुझाव

रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ महिला मंच और महाराष्ट्र मंडल महिला समिति की पदाधिकारियों व सदस्यों ने समान नागरिक संहिता समिति के समक्ष विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील व व्यावहारिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एम.के. राऊत और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार ने महिलाओं द्वारा दिए गए सभी व्यावहारिक और कानूनी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उन पर विचार करने का पूर्ण आश्वासन दिया।   

*लैंगिक समानता और संपत्ति अधिकार*

     शताब्दी पाण्डेय ने धर्म आधारित कानूनों में बदलाव की वकालत करते हुए पैतृक व व्यक्तिगत संपत्ति में महिला और पुरुष को समान अधिकार देने, भरण-पोषण के नियम एक समान बनाने और आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की। छत्तीसगढ़ एक जनजातीय बहुल प्रदेश होने के कारण संबंधित समुदायों की परंपराओं, नीतियों, रीति-रिवाजों और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श पर सहमति बनी। साथ ही, पंचायतों में कानूनी सलाह के लिए विशेष डेस्क बनाने की मांग रखी । 

       सुश्री श्वेता पड्डा ने महिलाओं के शोषण पर प्रभावी रोकथाम के लिए लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन को अनिवार्य बनाने की मांग की। साथ ही, लिव-इन से जन्मे बच्चों को पालन-पोषण और उत्तराधिकार का पूरा अधिकार मिलने तथा जैविक पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

      अधिवक्ता श्रीमती सुचित्रा वर्धन ने स्पष्ट किया कि केवल आपसी सहमति (एग्रीमेंट) के आधार पर महिला-पुरुष का साथ रहना भारतीय कानून में मान्य नहीं है, इसलिए इस पर स्पष्टता जरूरी है। अधिवक्ता श्रीमती हेमलता सिंह ने यूसीसी का मुख्य उद्देश्य कानूनी भेदभाव को समाप्त कर व्यवस्था को सरल बनाना बताया। गीता श्याम दलाल ने एक राष्ट्र, एक कानून का समर्थन करते हुए कहा कि अपराधी को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, जबकि सभी को अपनी परंपराओं को मानने की स्वतंत्रता हो। श्रीमती आस्था अभय काले ने कहा कि यह व्यवस्था समाज के अंतिम छोर पर खड़ी कमजोर महिलाओं तक पहुँचनी चाहिए, जिसके लिए महिलाओं का जागरूक होना सबसे पहले आवश्यक है। बैठक में आकांक्षा तिवारी, डॉ. (श्रीमती) भारती यादव, डॉ. (श्रीमती) रत्ना पाण्डेय, श्रीमती पुरोहित और प्रसन्ना राजेश अवस्थी, श्रीमती अर्चना वोरा, श्रीमती शेफाली पुरोहित, श्रीमती शीला शर्मा, श्रीमती नमिता शेष, श्रीमती मालती मिश्रा ने बच्चों के हितों की रक्षा से जुड़े सुझाव दिए, आदिवासी समाज की सहभागिता व विवाह परंपराओं पर अपने विचार समिति  के समक्ष रखे। समिति ने महिलाओं की इस संवादात्मक पहल की सराहना करते हुए सभी व्यावहारिक सुझावों को आयोग के समक्ष प्रमुखता से रखने का भरोसा दिलाया।

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रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक गूंजा ‘विकसित भारत’ का संदेश, मंत्री राजेश अग्रवाल की अगुवाई में युवाओं और नागरिकों ने निकाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’

रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जशपुर के रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित सभा में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।

संकल्प सभा के पश्चात पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में रणजीता स्टेडियम से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संदेश दिया गया।

*रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक निकली सेवा ज्योति यात्रा*

सेवा ज्योति यात्रा रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान विकसित भारत, राष्ट्रसेवा और सामूहिक सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। इसमें विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, युवाओं और आम नागरिकों ने सहभागिता की।

*विकसित भारत का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से होगा साकार: मंत्री श्री राजेश अग्रवाल*

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना महत्वपूर्ण अवसर है। इन वर्षों में राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देने के निरंतर प्रयास हुए हैं।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य व्यापक जनभागीदारी से ही साकार होगा। सरकार के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता, अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और राष्ट्र के विकास में योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें। गांव, शहर, समाज और प्रदेश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी अंततः विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण*

रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रारंभ हुई अपनी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनता के विश्वास और आशीर्वाद को अपनी शक्ति बताया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि इन 25 वर्षों में प्राप्त अनुभव और जनविश्वास देश की जनता की पूंजी है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना सीख देती है और चुनौतियां संकल्प को मजबूत बनाती हैं। साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले बड़े होने चाहिए। उन्होंने कर्तव्य और निरंतर कर्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।

*युवा ऊर्जा और सामूहिक शक्ति से विकसित भारत की ओर बढ़ेगा देश*

प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और देश की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी, कर्तव्यबोध, राष्ट्रसेवा और युवा शक्ति की भूमिका का संदेश प्रमुखता से दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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हाथों में मशाल, जुबां पर राष्ट्र निर्माण का संकल्प—मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में निकाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’, युवाओं और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

रायपुर, 7 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये संकल्प चौक जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक बनेंगे। ये आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देंगे कि राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया। इसके पश्चात उन्होंने हाथों में मशाल लेकर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व किया और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से प्रारंभ हुई यह यात्रा तेलीबांधा चौक तक निकाली गई। बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की।

*प्रधानमंत्री श्री मोदी के 25 वर्ष का सेवाकाल राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में  जिम्मेदारी संभाली थी। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके निरंतर सेवाकाल के आज 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा जनसेवा, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण की यात्रा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्वयं को देश का ‘प्रधान सेवक’ मानते हैं। देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं और उनके बेहतर भविष्य की चिंता करते हुए वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है और आज पूरी दुनिया भारत के बढ़ते सामर्थ्य और नेतृत्व को देख रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री श्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की।

*सेवा संकल्प अभियान में प्रदेशभर की भागीदारी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इस दौरान सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत में 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ के लोगों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ डेढ़ करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की थी। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश के नागरिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से लगातार जुड़ रहे हैं।

*विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विराट लक्ष्य देश के सामने रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। इस संकल्प को सिद्ध करने की क्षमता और सामर्थ्य हमारे देश और देशवासियों में है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047’ के माध्यम से आने वाले वर्षों के विकास की दिशा तय की है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी बनें।

*छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मिलता है भरपूर सहयोग*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने से पहले विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया था। इस कारण वे प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के साथ यहां की संभावनाओं से भी भली-भांति परिचित हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री श्री मोदी से छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है, प्रदेश को अपेक्षा से बढ़कर उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए अवसरों से जुड़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है।

*वैश्विक अवसरों से जुड़ रहा छत्तीसगढ़*

अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच है कि भारत के राज्य भी दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने आर्थिक और संस्थागत संबंधों को मजबूत करें तथा निवेश, तकनीक, कौशल और नवाचार के वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि इसी दिशा में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ और हरियाणा को सिंगापुर में आयोजित प्रथम ‘Singapore-India Network for Growth (SING) Forum-2026’ में भागीदारी के लिए चुना गया। सिंगापुर प्रवास के दौरान उद्योग जगत, निवेशकों और बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और सिंगापुर के संबंध पुराने और मजबूत हैं। सिंगापुर में विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रति वैश्विक विश्वास तेजी से बढ़ा है। आज दुनिया भारत को विश्वास, संभावनाओं और विकास के बड़े केंद्र के रूप में देख रही है और इसका लाभ छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी मिल रहा है।

*‘वी विल डू इट’ के संकल्प को जनभागीदारी से करेंगे साकार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘वी विल डू इट’ के उद्घोष का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य बड़ा अवश्य है, लेकिन देशवासियों के सामूहिक प्रयास से इसे हासिल करना निश्चित रूप सेसंभव है।

उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। हमें भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करना होगा। जब देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तब विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से सिद्ध होगा।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु रहने तथा इसी ऊर्जा के साथ निरंतर देश की सेवा करते रहने की कामना की। उन्होंने नागरिकों से सेवा ज्योति यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, श्री यशवंत जैन, श्री अखिलेश सोनी, श्री राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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