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सुशासन तिहार 2026 में उमड़ा जनसैलाब: भेलवां शिविर में मौके पर हुआ समस्याओं का समाधान, योजनाओं का लाभ पाकर खिल उठे ग्रामीणों के चेहरे

जशपुरनगर, 22 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 21 मई को फरसाबहार जनपद के ग्राम भेलवां में शिविर आयोजित किया गया, जिसमें भेलवां, तुमला, जामटोली, अंबाकछार, डोंगादरहा, डुमरिया, गंझियाडीह, जोरंडाझरिया, कोल्हेनझरिया, कुल्हारबुडा, कुम्हारबहार, माटीपहाड़छर्रा, महुवाडीह, सागजोर एवं हथीबेड सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी प्राप्त किया। इसके साथ ही जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत शिविर का भी आयोजन हुआ। शिविर में पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री वेद प्रकाश भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, श्री घनश्याम यादव, श्रीमती कौशल्या यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
      इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ गांव के समीप ही लोगों की समस्याओं का निराकरण करना है। उन्होंने बताया कि गैर-विवादित राजस्व प्रकरण जैसे फौती नामांतरण, आपसी सहमति से बंटवारा आदि का निराकरण ग्राम पंचायत स्तर पर ही किया जाएगा। ग्रामीण सचिवालय लगने के दिन संबंधित सचिव एवं पटवारी उपस्थित रहकर आवेदनों का समाधान करेंगे। कलेक्टर श्री व्यास ने बताया कि पहले तहसीलदार के आदेश के द्वितीय अपील संभागायुक्त कार्यालय में की जाती थी, लेकिन अब यह अधिकार कलेक्टर को हस्तांतरित कर दिया गया है। इससे लोगों को अंबिकापुर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ई-ऑफिस एवं बायोमेट्रिक आधार अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई है, जिससे समय-सीमा में कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित हो रहा है।
    उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ लेने की अपील की। उन्होंने आयुष्मान कार्ड, वय वंदना कार्ड, अपार आईडी, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, पेंशन योजनाएं, श्री  रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, पीएम किसान एवं फसल बीमा योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों से शासन की योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जितने भी आवेदन हैं, उनका समाधानकारक निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। और जो भी आवेदन तत्काल समाधान करने योग्य है, उसका तत्काल उनका निराकरण भी किया जाएगा। साथ ही जितने भी निर्माण कार्य से संबंधित आवेदन आए हैं, उनको  शासन को अवगत कराया जाएगा।

*स्कूल में अच्छे अंक लाने वाले छात्रों को मिला सम्मान*

 शिविर में  शिक्षा विभाग द्वारा केंद्रीकृत परीक्षा कक्षा पांचवी एवं आठवीं में संकुल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं एवं विकासखंड फरसाबहार के कक्षा दसवीं एवं 12वीं के प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किया गया। भेलवा शिविर अंतर्गत 10 संकुल शामिल हुए जिसमें 6 हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल आते हैं जिनमें से कुल 36 छात्र छात्राओं को संकुल स्तर पर उच्चतम अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले छात्रों में संकुल केंद्र जोरंडाझरिया से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान प्राप्त जानवी सिंह एवं दर्शन चौहान, कक्षा आठवीं से मधुरिमा सिंह एवं रूपेश प्रधान ,कक्षा दसवीं से धनेश्वरी दास, संकुल केंद्र भेलवा से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान चंद्रिका बारिक एवं कक्षा आठवीं से सनम नाग, संकुल केंद्र तेलाइन से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान ऋषभ चौहान एवं कक्षा आठवीं में मनोज कुमार , संकुल केंद्र कोल्हेनझरिया से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान प्राप्त सूर्यकांत ,कक्षा आठवीं से महासोमानंद एवं कक्षा दसवीं से फूलेता यादव एवं कक्षा 12वीं से नीरज वैद्य, संकुल केंद्र गंझीयाडीह से कक्षा पांचवी में श्रुति प्रधान एवं श्रद्धा प्रधान ,कक्षा आठवीं में लक्ष्मी यादव एवं निकिता कुजूर कक्षा दसवीं से अमनदीप सिंह एवं कक्षा 12वीं से हरजीत सिंह, महुआडीह से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान अमृत मुंडा एवं रितु पैकरा ,कक्षा आठवीं में पूनम बाई,  संकुल केंद्र कुम्हारबहार से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान हरिप्रिया सिंह एवं प्रतिमा पैकरा, कक्षा आठवीं से टीया यादव को कक्षा दसवीं से गीतावली पैकरा, संकुल केंद्र तुमला से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान अनुपम मिंज एवं अनोल्ड टोप्पो कक्षा आठवीं से अनामिका पैकरा कक्षा दसवीं से रितु यादव कक्षा बारहवीं से नेहा चौहान को,  संकुल केंद्र सागजोर से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान हर्षिता नायक कक्षा आठवीं में देवराज साने एवं कक्षा दसवीं में सरस्वती गहिर को, संकुल केंद्र डुमरिया से कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान हेतु प्रतिभा खलखो एवं आठवीं में गुलशन कुमार पैकरा को सम्मानित किया गया । 

 *हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ*

शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। शिविर में ही 23 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाकर वितरित किए गए। इसके अलावा 33 हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड, 14 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश, 5 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी तथा 4 हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल प्रदान किए गए। इसी प्रकार 22 हितग्राहियों को आम एवं लीची के पौधे वितरित किए गए। महिला स्व-सहायता समूहों को भी ऋण सहायता प्रदान की गई, जिसमें आशा स्व-सहायता समूह को 1.50 लाख रुपये, आस्था स्व-सहायता समूह एवं रितु स्व-सहायता समूह को 3-3 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। साथ ही दिलेश्वरी बाई को मुद्रा लोन के तहत एक लाख की की ऋण सहायता राशि वितरित की गई।

*जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत ट्रांसेक्ट वॉक आयोजित*

ग्राम भेलवां में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने ट्रांसेक्ट वॉक में सहभागिता की। उल्लेखनीय है कि जिले के 417 धरती आबा ग्रामों एवं पीएम जनमन ग्रामों में व्यापक स्तर पर जनजातीय गरिमा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना, हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ना तथा जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा एवं गौरव का सम्मान करना है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद, हितग्राही संतृप्तिकरण शिविर एवं विभिन्न विभागों द्वारा सेवा प्रदाय गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने फरसाबहार में निर्माणाधीन विद्यालय, छात्रावास एवं निर्मित शासकीय आवासों का किया निरीक्षण

जशपुरनगर, 22 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को फरसाबहार विकासखंड में निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास तथा हाउसिंग बोर्ड के तहत निर्मित शासकीय आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही सभी भवनों में पेयजल, बिजली एवं अन्य आवश्यक जनसुविधाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा। इस अवसर पर एसडीएम श्री ओंकारेश्वर सिंह, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त श्री संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

*एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश*

कलेक्टर श्री व्यास ने निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निरीक्षण करते हुए कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ-साथ समय-सीमा का पालन अत्यंत आवश्यक है। लगभग 6.07 हेक्टेयर क्षेत्र में 39.74 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हो रहे इस विद्यालय में आधुनिक शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान, छात्रावास, कक्षा-कक्ष, निःशुल्क शिक्षा, गणवेश, पुस्तकें एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ भवन, ई-लर्निंग, कैरियर मार्गदर्शन तथा जीवन कौशल विकास जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

*पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास का किया निरीक्षण*

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के समीप निर्माणाधीन पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास का भी निरीक्षण किया। लगभग 1.91 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हो रहे 50 सीटर छात्रावास के पूर्ण होने पर क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह छात्रावास विशेष रूप से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। छात्रावास में भोजन, आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

*हाउसिंग बोर्ड के तहत निर्मित शासकीय आवासों का निरीक्षण*

कलेक्टर श्री व्यास ने फरसाबहार में हाउसिंग बोर्ड के तहत निर्मित शासकीय आवासों का भी निरीक्षण किया। ये आवास एफ, जी एवं एच श्रेणी में निर्मित किए गए हैं। एफ श्रेणी के अंतर्गत 6 आवास, जी श्रेणी के अंतर्गत 8 आवास तथा एच श्रेणी के अंतर्गत 6 आवास बनाए गए हैं। उन्होंने सभी आवासों में पानी, बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शासकीय कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय का किया निरीक्षण, आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ होंगी उपलब्ध

जशपुरनगर, 22 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को फरसाबहार विकासखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य गुणवत्ता एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सहित मरीजों के लिए अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए, ताकि अस्पताल प्रारंभ होते ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ सहज रूप से मिल सकें।
   चिकित्सालय का निर्माण पूर्ण होने के बाद आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार के साथ-साथ गर्भवती माताओं के लिए भी ऑपरेशन सहित आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी। वर्तमान में चिकित्सालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। 

*कलेक्टर ने भेलवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण*

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भेलवां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने एक्स-रे कक्ष, ओपीडी, वैक्सीन सेंटर, लैब तथा विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान एसडीएम श्री ओंकारेश्वर सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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पशुपालन विभाग द्वारा पशु चिकित्सा सह जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन ,विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को आर्थिक रूप आत्मनिर्भर बनाने किया गया प्रोत्साहित 

जशपुर 22 मई 2026/कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में पशुधन विकास विभाग जिला जशपुर एवं BAIF Development Research Foundation की हाई इम्पैक्ट मेगा वाटर परियोजना छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए (PVTG) ग्राम बेहराखार, विकाखण्ड कुनकुरी में पशु चिकित्सा सह जागरूकता शिविर का आयोजन 20 मई 2026 को किया गया।


शिविर का उद्देश्य ग्रामीण पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ आजीविका उन्नयन एवं विभागीय योजनाओं के प्रति जागरूक करना है ।

शिविर के दौरान बकरियों में 171 टीकाकरण एवं 171 कृमिनाशक दवा पान कराया गया। साथ ही 110 पशुओं को आवश्यक औषधियों का वितरण किया गया। कुल 36 हितग्राही शिविर से लाभान्वित हुए साथ ही बिरहोर समुदाय से 12 बैकयार्ड कुक्कूट के आवेदन प्राप्त हुए।

शिविर में बेहराखार के बिरहोर PVTG समुदाय को आजीविका संवर्धन हेतु पशुपालन गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पशुपालन विभाग एवं परियोजना दल द्वारा पशुपालन के माध्यम से आय वृद्धि पोषण सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही पशुपालन प्रबंधन रोग नियंत्रण, नियमित टीकाकरण तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

ग्राम बेहराखार में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए 21 मई 2026 को कलिबा सुशासन तिहार में श्रीमती अनिता सिंह  जिला पंचायत सदस्य श्री उपेन्द्र यादव, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं श्री अभिषेक कुमार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की उपस्थिति में संबधितों को कुक्कुट वितरण किया गया।

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नीति आयोग की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ का डंका: बीजापुर का उसूर ब्लॉक देश में दूसरे नंबर पर, बस्तर मॉडल की गूंज दिल्ली तक

रायपुर, 22 मई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के 'सुशासन' और जन- कल्याणकारी नीतियों का असर अब राज्य के सबसे दूरस्थ अंचलों में दिखने लगा है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले से एक गौरवशाली खबर सामने आई है।

नीति आयोग द्वारा जारी देश के आकांक्षी ब्लॉकों की 'चैंपियंस ऑफ द क्वार्टर' (अक्टूबर- दिसंबर 2025) की रिपोर्ट में बीजापुर के उसूर ब्लॉक ने सेंट्रल जोन में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई, कहा – यह जनता के भरोसे की जीत है*  

        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर उसूर ब्लॉक और बीजापुर जिले के नागरिकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा, _"उसूर ब्लॉक का राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बस्तर के सुदूर गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उसूर ने कठिन परिस्थितियों में जो कर दिखाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। यह सफलता जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिन बहनों, एएनएम और डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अब देश में प्रथम स्थान हासिल करना है।"_

*मंत्री श्री कश्यप ने जताया हर्ष, बढ़ाया हौसला*  

        वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उसूर ब्लॉक की यह राष्ट्रीय सफलता बेहद गौरवशाली है। उन्होंने कहा, _"यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारी सरकार की नीतियां प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंच रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों और जिला प्रशासन ने जो समर्पण दिखाया है, वह सराहनीय है। हमारा संकल्प बस्तर के हर गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।"_

        मंत्री कश्यप कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं से दूर माना जाने वाला उसूर ब्लॉक आज देश के लिए विकास का मॉडल बन गया है। इस सफलता का श्रेय जमीनी डॉक्टरों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों की दिन-रात की मेहनत को जाता है।

*विकास की नई इबारत: कड़े मानकों पर खरा उतरा उसूर*  

         नीति आयोग ने स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया था, जिसमें उसूर ब्लॉक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:

1. *संचारी रोगों पर नियंत्रण*: मलेरिया, डेंगी और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सुदूर गांवों तक प्रभावी अभियान चलाया गया।
2. *सुरक्षित मातृत्व*: संस्थागत प्रसव की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जिससे शिशु और मातृ मृत्यु दर में भारी कमी आई।
3. *सशक्त टीकाकरण कवच*: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के साथ एचपीवी टीकाकरण को जमीनी स्तर पर सफल बनाया गया।
4. *गंभीर बीमारियों की जांच*: बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की मुफ्त जांच व उपचार की सुविधा गांव-गांव तक पहुंचाई गई।

*अगला संकल्प: देश में हासिल करना है प्रथम स्थान* 
 
          कलेक्टर श्री विश्वदीप और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव पूरे जिले के लिए बड़ी प्रेरणा है। शासन और प्रशासन का अगला लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और निखारते हुए आगामी तिमाहियों में देश में पहला स्थान हासिल करना है, जिसके लिए काम तेज कर दिया गया है।

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23 करोड़ की सड़क पर ठेकेदार की बड़ी लापरवाही का खुलासा! 8 महीने तक काम शुरू नहीं, शासन ने जब्त किए 5 लाख… अब नए ठेकेदार को 13.97% कम दर पर मिला पमशाला-सरईटोला मार्ग निर्माण का जिम्मा

जशपुरनगर, 22 मई 2026/समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘‘23 करोड़ से बननी है 11 कि.मी. सड़क, 8 माह बाद भी काम शुरू नहीं‘‘ के संबंध में लोक निर्माण विभाग ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की है।
       कार्यपालन अभियंता ने बताया कि पमशाला से सरईटोला पहुंच मार्ग पी.एम.जी.एस.वाई. भाग-2 अंतर्गत वर्ष 2017-18 में स्वीकृत था। इसका निर्माण 13 अगस्त 2019 को पूर्ण हुआ एवं 5 वर्ष संधारण अवधि 13 अगस्त 2024 को समाप्त होने पर 06 जनवरी 2025 को लोक निर्माण विभाग पत्थलगांव को हस्तांतरित किया गया।
         जनप्रतिनिधियों की मांग पर मार्ग के पुनर्निर्माण हेतु वर्ष 2024-25 के प्रथम अनुपूरक बजट में 11.50 कि.मी. लंबाई की सड़क व पुल-पुलिया के लिए 08 सितम्बर 2025 को राशि रूपए 2396.94 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति तथा 24 सितम्बर 2025 को राशि रूपए 2322.58 लाख की तकनीकी स्वीकृति जारी कर निविदा आमंत्रित की गई। निविदा में मेसर्स केपकॉन प्रोजेक्ट लिमिटेड जशपुर को न्यूनतम दर 20.11 कम एस.ओ.आर. को शासन द्वारा स्वीकृत करते हुए अनुबंध करते हुए स्वीकृति पत्र 01 जनवरी 2026 को जारी किया गया तथा 15 दिवस के भीतर असंतुलित राशि जमा कर अनुबंध करने हेतु लेख किया गया। परन्तु निविदाकार द्वारा निर्धारित समयावधि में अनुबंध नहीं करने के कारण एन.आई.टी. की कंडिका के तहत् ठेकेदार द्वारा जमा अमानत राशि रूपए 5.00 लाख शासन के पक्ष में राजसात करते हुए पुनः निविदा आमंत्रण की गई। निविद 18 मार्च 2026 को खोली गई। 
         ठेकेदार मेसर्स अभय कंस्ट्रक्शन को 13.97 प्रतिशत कम दर पर कार्य प्राप्त हुआ। 18 मई 2026 को ठेकेदार को अनुबंध स्वीकृति पत्र जारी कर दिया गया है। 15 दिवस के भीतर असंतुलित राशि जमा होने के पश्चात अनुबंध कर कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
        पुनर्निर्माण में पुरानी डामर सतह उखाड़ी जाएगी। इस दौरान गड्ढों को मुरुम तथा जी.एस.बी. मटेरियल से समतल कर आवागमन सुगम रखा जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि मार्ग की स्थिति पीडब्ल्यू डी में हस्तांतरण से पहले ही खराब थी। निर्माण पश्चात नागरिकों को सुगम यातायात का लाभ मिलेगा।

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सिकल सेल मरीजों और परिजनों को मिला स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश, दुलदुला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित हुई विशेष पीयर सपोर्ट मीटिंग

जशपुर 22 मई 2026 / जिला प्रशासन,स्वास्थ्य विभाग एवं मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के सहयोग से संगवारी संस्था द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला में सिकल सेल ओपीडी के साथ-साथ Peer Support Meeting का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में जिला अस्पताल से योग चिकित्सक डॉ कृपाचार्य यादव, संगवारी संस्था से सहायक जिला समन्वयक विक्रम प्रामाणिक, स्टाफ नर्स रीतू मंडल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला से बीएमओ (प्रभार) डॉ अंजली निराला एवं सिकल सेल नोडल डॉ दीपिका उपस्थित रहे।

बैठक में 22 मरीज एवं परिजनों सहित कुल 40 लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों द्वारा बढ़ती गर्मी में स्वास्थ्य की देखभाल, उचित खानपान एवं संतुलित दिनचर्या के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वहीं योग चिकित्सक द्वारा अनुलोम–विलोम प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम एवं तिर्यक ताड़ासन जैसे योगाभ्यास कराए गए तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
साथ ही सिकल सेल से बचाव एवं जागरूकता हेतु शादी से पहले सिकल कुंडली मिलान, नियमित जांच एवं समय पर दवा सेवन करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं।

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धसमा गांव के ग्रामीणों ने कहा – PM आवास निर्माण के लिए लावा नदी से लाई गई थी रेत, फिलहाल नदी से नहीं हो रहा उत्खनन

*जशपुरनगर, 22 मई 2026/* समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार ‘बहती नदी से तरक्की, धरसा की लावा नदी से रोज निकाल रहे 50 ट्रैक्टर रेत‘‘ के संबंध में ग्राम धसमा, तहसील मनोरा में उपस्थित ग्रामवासियों के समक्ष 16 मई 2026 को जांच की गई। 

ग्रामवासियों ने बताया कि दो सप्ताह पहले ग्रामवासियों द्वारा स्वयं के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने हेतु रेत गांव के पास लावा नदी से लाई गई थी। गांव वाले प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पास की लावा नदी से रेत लाते हैं। प्रतिदिन 50 ट्रैक्टर रेत नहीं निकलता है। वर्तमान में नदी से किसी के द्वारा भी रेत नहीं निकाला जा रहा है। जांच के दौरान रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते नहीं पाया गया।

लावा नदी में ग्राम रातामाटी में रेत खदान 02 फरवरी 2024 से 01 फरवरी 2026 तक स्वीकृत रही है। जिसमें आगामी 03 वर्ष की कालावधि के लिए उत्खनिपट्टा स्वीकृति हेतु अनुबंध निष्पादन व पंजीयन कराएं जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

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साहब… 10 लीटर में कैसे चलेगा जेसीबी-ट्रैक्टर?” सुशासन शिविर में युवक ने लगाई गुहार, रोजाना 70 लीटर डीजल की मांग वाला आवेदन बना चर्चा का विषय

नारायणपुर/कुनकुरी।  पेट्रोल-डीजल संकट के बीच गुरुवार को आयोजित सुशासन तिहार शिविर में एक ऐसा आवेदन पहुंचा, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों से लेकर ग्रामीणों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम कलीबा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कलीबा निवासी मनोज कुमार यादव ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखते हुए प्रतिदिन 70 लीटर डीजल उपलब्ध कराने की मांग कर डाली।

दरअसल बीते करीब एक सप्ताह से जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत बनी हुई है। जिले में पेट्रोल डीजल सभी पेट्रोल पंप में मिल रहा है परन्तु पेट्रोल पंपों में सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है। कहीं 200 रुपये का डीजल मिल रहा है तो कहीं 10 लीटर से अधिक देने से मना किया जा रहा है। ऐसे हालात में खेती-किसानी से लेकर निर्माण कार्य तक प्रभावित होने लगे हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।

इसी परेशानी को लेकर मनोज कुमार यादव सुशासन शिविर पहुंचे और राजस्व विभाग को आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि उनके पास एक जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर है, जिससे उनके परिवार का रोजगार चलता है। खेतों की सफाई, समतलीकरण, मिट्टी कार्य और अन्य कृषि कार्यों के लिए प्रतिदिन मशीनों का संचालन जरूरी है। लेकिन वर्तमान में पेट्रोल पंपों से मात्र 10 लीटर डीजल ही मिल पा रहा है, जिससे कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

मनोज यादव ने आवेदन में साफ लिखा कि मानसून आने से पहले किसानों के खेतों में तेजी से काम करना पड़ता है। ऐसे समय में डीजल की कमी होने से जेसीबी और ट्रैक्टर खड़े हो रहे हैं। इससे न सिर्फ उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसानों के खेतों की तैयारी का काम भी अटक रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कृषि और रोजगार को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रतिदिन कम से कम 70 लीटर डीजल उपलब्ध कराया जाए।

सुशासन शिविर में यह आवेदन देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया। लोगों का कहना था कि खेती का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में डीजल की कमी से किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। ट्रैक्टर, पंप और कृषि उपकरणों के संचालन में दिक्कत आ रही है। वहीं निर्माण कार्यों में लगी मशीनें भी प्रभावित हो रही हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार घंटों लाइन में लगने के बाद भी पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसे में सुशासन तिहार शिविर में डीजल की मांग वाला यह आवेदन पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

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कलीबा के सुशासन शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का हुजूम : 460 आवेदन लेकर पहुंचे लोग, मौके पर ही बांटे गए राशन कार्ड, केसीसी, ऋण पुस्तिका और सम्मान पत्र, जनप्रतिनिधियों ने कहा – गांव-गांव पहुंच रही सरकार

नारायणपुर 21 मई 2026। प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा सुशासन तिहार अब गांवों में लोगों के लिए राहत और भरोसे का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। कुनकुरी विकासखंड की कलीबा पंचायत में आयोजित सुशासन शिविर में गुरुवार को सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 17 पंचायतों से पहुंचे ग्रामीण अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर शिविर में पहुंचे, जहां उन्हें एक ही जगह पर विभिन्न विभागों की सेवाएं और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। शिविर में लोगों ने जमीन, राशन कार्ड, बिजली, पानी, सड़क, पेंशन, कृषि, पशुपालन और अन्य समस्याओं को लेकर आवेदन दिए।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय शामिल हुईं, जबकि भाजपा जिला उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मकसद अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने पेट्रोल और डीजल की कालाबाजारी रोकने के लिए भी अधिकारियों को सतर्क रहने की अपील की।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार लगातार जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी को सरकार ने बहुत कम समय में धरातल पर उतारा है। महतारी वंदन योजना, कृषि उन्नति योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच बन गया है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उसका अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

शिविर में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार भी पहुंचे। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जानकारी दी और आवेदन प्रक्रिया समझाई।

इस शिविर में कुल 460 मांग और शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पंचायत विभाग में सबसे ज्यादा 191 आवेदन आए। इसके अलावा राजस्व विभाग में 78, पीएचई में 52, विद्युत विभाग में 30, पशु विभाग में 30, खाद्य विभाग में 25, क्रेडा में 20, कृषि विभाग में 11, महिला एवं बाल विकास विभाग में 7, कौशल विकास विभाग में 5, लोक निर्माण विभाग में 4, मत्स्य विभाग में 4, वन विभाग में 3, चिकित्सा विभाग में 3, पर्यटन विभाग में 2, परिवहन विभाग में 2, जल संसाधन विभाग में 1, शिक्षा विभाग में 1 और पुलिस विभाग में 1 आवेदन प्राप्त हुए।

शिविर के दौरान कई हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ भी वितरित किए गए। जिसमे शिक्षा विभाग द्वारा 20 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उद्यान विभाग ने 20 फलदार पौधों का वितरण किया, जबकि 5 लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र दिए गए।14 हितग्राहियों को वृद्धा पेंशन, पशु विभाग द्वारा 45 नग चूजों का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने 10 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए। राजस्व विभाग द्वारा 10 ऋण पुस्तिकाएं और खाद्य विभाग द्वारा 10 राशन कार्ड वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहां लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान हो रहा है और योजनाओं की जानकारी भी आसानी से मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि सरकार गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यप्रणाली की भी सराहना की।

कार्यक्रम में एसडीएम नंद जी पांडे, जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह, मलिता बाई, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजकुमार गुप्भित,मण्डल उपाध्यक्ष संतोष चौबे,अभिनंद खलखो, विश्वनाथ सिदार, प्रतिमा भगत, गायत्री देवी बैगा, जनपद सीईओ कुमार प्रमोद सिंह, तहसीलदार प्रमोद पटेल, नायब तहसीलदार विष्णु गुप्ता, बीईओ सुदर्शन साय पैंकरा, पंचायत निरीक्षक असीम टोप्पो,सुनील अम्बष्ठ सहित क्षेत्र के सरपंच, उपसरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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पानी के लिए जनता तड़पी तो अफसरों पर गिरेगी गाज, कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी” — कोरिया की चौपाल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सख्त अल्टीमेटम

हर हाल में नागरिकों के लिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करे ।कोई बहानेबजी नहीं चलेगी ।

रायपुर 21 मई 2026 : कोरिया जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चौपाल, पेयजल व्यवस्था पर दिखे सख्त तेवर,पेयजल समस्या का समाधान ना होने पर कलेक्टर की जिम्मेदारी तय होगी,पेयजल समस्या को लेकर आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त तेवर देखने को मिले । मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के दौरान कोरिया जिले में आयोजित चौपाल में अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए पेयजल व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों और नगरीय निकायों में कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आम जनता को पानी की समस्या से जूझना पड़े, यह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पेयजल की समस्या आ रही है अधिकारी तत्काल पेयजल समस्या का निराकरण करें किसी भी स्तर पर कोताही  बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेयजल समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित कलेक्टर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन पानी टंकियों का कार्य समय सीमा में पूरा कराया जाए। जहां टंकियों का निर्माण कार्य जारी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर लोगों तक नियमित पानी पहुंचाने के उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

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सुशासन तिहार में हितग्राहियों से आत्मीय संवाद: योजनाओं के लाभ से बदलती जिंदगी की तस्वीर देख मुख्यमंत्री हुए प्रसन्न

रायपुर 21 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ग्राम रामपुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, आयवृद्धि, आजीविका और जीवनस्तर में आए सुधारों की जानकारी लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तभी सुशासन की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने साधना महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती जागेश्वरी प्रजापति से उनके समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आलू चिप्स के व्यवसाय की जानकारी ली। श्रीमती जागेश्वरी ने बताया कि समूह अब तक आलू चिप्स की बिक्री से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुका है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज मुस्कान के साथ कहा, “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” मुख्यमंत्री की इस आत्मीय टिप्पणी से शिविर स्थल पर हर्ष और आत्मीयता का वातावरण बन गया। 

मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्हें अपने उत्पादों का विस्तार करने, बेहतर पैकेजिंग और बाज़ार से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से “लखपति दीदी योजना” की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं तथा सरकार का लक्ष्य 10 लाख लखपति दीदियां तैयार करना है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार, समाज और राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री प्राण साय प्रजापति से भी आत्मीय चर्चा की। हितग्राही ने बताया कि योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर गरीब परिवार को सम्मानपूर्वक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

सुशासन तिहार की सार्थकता उस समय और स्पष्ट दिखी जब ग्राम चंद्रपुर निवासी श्रीमती प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की तथा कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के एक लाभार्थी से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे प्राप्त राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने उनकी पहल की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि सिंचाई लागत कम हो, खेती अधिक लाभकारी बने और किसानों को बिजली खर्च से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित खेती ही किसानों की आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के अनुभव सुनने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचकर उसके जीवन में बदलाव लाए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकाधिक लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर, समृद्ध तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

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सुशासन शिविर भेलवा में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, 10वीं-12वीं और केंद्रीकृत परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला पुरस्कार

फरसाबहार, 21 मई 2026। विकासखंड फरसाबहार के ग्राम भेलवा में आयोजित सुशासन शिविर गुरुवार को शिक्षा और प्रतिभा सम्मान का बड़ा मंच बन गया। शिविर में शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में संकुल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों के हाथों पुरस्कार एवं प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया। मेधावी बच्चों के सम्मान के दौरान पूरा शिविर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष विकासखंड फरसाबहार का 10वीं, 12वीं तथा केंद्रीकृत परीक्षा 5वीं और 8वीं का परीक्षा परिणाम काफी बेहतर रहा है। विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इसी उपलब्धि को लेकर सुशासन शिविर में प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। भेलवा शिविर अंतर्गत कुल 10 संकुल शामिल रहे, जिनमें 6 हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हैं। विभिन्न संकुलों से कुल 36 छात्र-छात्राओं को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।

संकुल केंद्र जोरंडाझरिया से कक्षा 5वीं में जानवी सिंह एवं दर्शन चौहान, कक्षा 8वीं में मधुरिमा सिंह एवं रूपेश प्रधान तथा कक्षा 10वीं में धनेश्वरी दास को सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र भेलवा से कक्षा 5वीं में चंद्रिका बारिक और कक्षा 8वीं में सनम नाग को पुरस्कार प्रदान किया गया। संकुल केंद्र तेलाइन से कक्षा 5वीं में ऋषभ चौहान तथा कक्षा 8वीं में मनोज कुमार को सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार संकुल केंद्र कोल्हेनझरिया से कक्षा 5वीं में सूर्यकांत, कक्षा 8वीं में महासोमानंद, कक्षा 10वीं में फूलेता यादव एवं कक्षा 12वीं में नीरज वैद्य को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र गंझीयाडीह से कक्षा 5वीं में श्रुति प्रधान एवं श्रद्धा प्रधान, कक्षा 8वीं में लक्ष्मी यादव एवं निकिता कुजूर, कक्षा 10वीं में अमनदीप सिंह तथा कक्षा 12वीं में हरजीत सिंह को सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र महुआडीह से कक्षा 5वीं में अमृत मुंडा एवं रितु पैकरा तथा कक्षा 8वीं में पूनम बाई को पुरस्कार प्रदान किया गया।

संकुल केंद्र कुम्हारबहार से कक्षा 5वीं में हरिप्रिया सिंह एवं प्रतिमा पैकरा, कक्षा 8वीं में टीया यादव तथा कक्षा 10वीं में गीतावली पैकरा को सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र तुमला से कक्षा 5वीं में अनुपम मिंज एवं अनोल्ड टोप्पो, कक्षा 8वीं में अनामिका पैकरा, कक्षा 10वीं में रितु यादव तथा कक्षा 12वीं में नेहा चौहान को पुरस्कृत किया गया। वहीं संकुल केंद्र सागजोर से कक्षा 5वीं में हर्षिता नायक, कक्षा 8वीं में देवराज साने एवं कक्षा 10वीं में सरस्वती गहिर को सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र डुमरिया से कक्षा 5वीं में प्रतिभा खलखो तथा कक्षा 8वीं में गुलशन कुमार पैकरा को पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं पालकों ने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे लगातार मेहनत कर शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं और ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री वेद प्रकाश भगत सदस्य जिला पंचायत जशपुर रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री भरत साय पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव, श्री घनश्याम यादव एवं श्रीमती कौशल्या यादव उपस्थित रहे। इस अवसर पर जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार फरसाबहार, सीईओ जनपद पंचायत, बीईओ, सहायक बीईओ, बीआरसी फरसाबहार, सभी संकुल शैक्षिक समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पालकगण मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी, अब दूरस्थ गांवों के बच्चे भी सीखेंगे VR-AR तकनीक से, डिजिटल शिक्षा की नई क्रांति से बदलेगा ग्रामीण शिक्षा का भविष्य

रायपुर 21 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत संचालित ‘कामयाबी वेन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

उल्लेखनीय है कि ‘कामयाबी वेन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री श्री साय  ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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अब सिर्फ मकान नहीं, सड़क-पुल और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी बनाएगा मंडल: नए लोगो के लिए देशभर से उमड़ा क्रिएटिविटी का सैलाब, 2700 प्रतिभागियों ने भेजे 3000 से ज्यादा डिजाइन

रायपुर, 21 मई 2026/छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता को प्रदेश सहित देशभर से शानदार प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। प्रतियोगिता के तहत निर्धारित अंतिम तिथि 20 मई 2026 तक लगभग 2700 प्रतिभागियों द्वारा ई-मेल के माध्यम से 3000 से अधिक लोगो डिज़ाइन भेजे गए हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल” का नाम परिवर्तित कर “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” किया गया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत विधेयक को विधानसभा से पारित होने तथा राज्यपाल  की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद 24 अप्रैल 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया।

मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि नाम परिवर्तन के साथ मंडल के कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। अब मंडल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क, पुल एवं अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भी क्रियान्वयन करेगा। साथ ही राज्य के बाहर भी अधोसंरचना परियोजनाओं में कार्य करने के अवसर मिलने से मंडल की कार्यक्षमता एवं आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

इसी क्रम में 12 मई 2026 को आयोजित समय-सीमा बैठक में मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण द्वारा मंडल के नए स्वरूप एवं विस्तारित कार्यक्षेत्र को प्रतिबिंबित करने के लिए नए लोगो डिजाइन हेतु प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। प्रतियोगिता में आमजन, कलाकारों, डिजाइनरों एवं संस्थाओं से नए नाम और उसकी अवधारणा के अनुरूप लोगो डिज़ाइन आमंत्रित किए गए थे।

प्रतिभागियों को अपने डिजाइन कॉन्सेप्ट सहित CDR, PDF, PNG एवं JPEG फॉर्मेट में ई-मेल के माध्यम से प्रविष्टियां भेजने का अवसर दिया गया था।

मंडल द्वारा चयनित सर्वश्रेष्ठ लोगो के रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्राप्त प्रविष्टियों की स्क्रूटनी एवं चयन प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी। इसके लिए मंडल द्वारा 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति तकनीकी परीक्षण के पश्चात अंतिम चयन हेतु अनुशंसा करेगी।

चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मंडल का नया लोगो सार्वजनिक किया जाएगा तथा चयनित लोगो के रचनाकार को 2.50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

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सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश : “सरकार खुद पहुंच रही जनता के द्वार”, सूरजपुर को मिली विकास की नई सौगातें

रायपुर 21 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में आमजन से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान है, जिसके माध्यम से शासन और प्रशासन स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँचकर उनकी शिकायतों, समस्याओं और आवश्यकताओं का निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  सरकार का दायित्व है कि वह लोगों के बीच जाकर जमीनी वास्तविकताओं को समझे और यह सुनिश्चित करे कि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुँच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत यह उनका 11वाँ जिला प्रवास है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और ग्राम पंचायत स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ग्रामीण भाई-बहन नंगे पैर जंगलों में तेंदूपत्ता संग्रहण करने जाते थे, जिससे उन्हें चोट लगने का खतरा रहता था, लेकिन चरण पादुका योजना के माध्यम से अब उन्हें राहत और सुरक्षा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया है, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि मिलने की जानकारी भी ली और बताया कि लगभग 70 लाख महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएँ घर बैठे उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जहाँ नागरिक टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगे और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली बिल समाधान शिविर 31 जून तक आयोजित किए जाएंगे तथा लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह भी किया। धान बुवाई के मौसम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद, बीज, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को समय पर संसाधन मिल सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम निर्माण, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा नगर पालिका सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है और विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री किसान श्री रघुनंदन सिंह के निवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने हितग्राहियों के साथ सरई पत्ते से बने दोने-पत्तल में परोसे गए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोजन का आत्मीयता से स्वाद लिया। मिट्टी के चूल्हे पर बनी कोयलार भाजी, कोचई पत्ते से बना ईढ़र और आम की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ मिट्टी के गिलास में जल ग्रहण कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन से अपने गहरे जुड़ाव का संदेश दिया।

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पीडब्ल्यूडी में अब हाईटेक निगरानी और तेज़ रफ्तार निर्माण पर फोकस, सचिव मुकेश बंसल ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत — गुणवत्ता से समझौता नहीं, हर काम तय समय सीमा में पूरा करें

रायपुर. 21 मई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक दक्षता और ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने को कहा। 

विभागीय सचिव श्री बंसल ने बैठक में सभी टेंडर प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग के साथ ही जनहित एवं तकनीकी दक्षता का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आधुनिक जियो-इन्फॉर्मेटिक्स तकनीक के माध्यम से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, मैपिंग और प्रोजेक्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय सचिव को टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्य आबंटन, निर्माण कार्यों की बिलिंग प्रक्रिया एवं भुगतान प्रणाली के बारे में भी बताया।

बैठक में प्रदेशभर में चल रहे निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति तथा आगामी परियोजनाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों के कार्य निष्पादन, विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं तथा भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं, गुणवत्ता नियंत्रण और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पूछा। श्री बंसल ने रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की भी जानकारी ली।

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तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल, तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं ,चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह

रायपुर 21 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री मुरली मनोहर सोनी, श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

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