ताजा खबरें


बड़ी खबर

रक्षा बंधन का त्योहार भाई और बहनों की आपसी रिश्तों का है प्रतीक -- मुख्यमंत्री....जशपुर की दीदियों ने बांधी राखी

जशपुर 9 अगस्त 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह ग्राम बगिया कैम्प कार्यालय में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित दीदीयों ने राखी बांधकर आभार व्यक्त किया।
  
मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री आवास योजना,महतारी वंदन योजना से लाभान्वित दीदीयां आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता सहायिका, और मितानिन स्व सहायता समूह की दीदियों ने राखी बांधी 

मुख्यमंत्री ने सभी दीदियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार भाई और बहनों की आपसी रिश्तों और प्रतीक का त्योहार है।उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन त्यौहार के पर्व पर भाई बहनों की रक्षा का संकल्प लेती है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार लोगों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के लगभग तीन करोड़ की जनता का आशीर्वाद हमेशा बना रहे और हम उनके विश्वास पर खरा उतरेंगे।

उन्होंने कहा मोदी जी की गारंटी को पूरा कर रहे हैं मोदी की गारंटी का मतलब वादा पूरा होने की गारंटी ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी , उद्यान कालेज, 200 बिस्तरों का अस्पताल, और बिजली की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के कुनकुरी विकास खंड के ग्राम हर्राडांड में प्रदेश का पांचवां पावर प्लांट स्टेशन बनाने की भी स्वीकृति मिल गई है।उन्होंने कहा की जशपुर के विकास के लिए किसी भी प्रकार की बांधा नहीं आएगी। 
इस अवसर सुनील गुप्ता सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र दुग्गा आईजी श्री दीपक कुमार झा,जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा और जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की दीदीयां और लाभान्वित हितग्राही महिलाएं उपस्थित थे।

और भी

युक्तियुक्तकरण से बदला छोटे से गाँव का शैक्षिक परिदृश्य.....

रायपुर, 09 अगस्त 2025/ बिलासपुर जिला के कोटा ब्लॉक का छोटा सा ग्राम खरगा अब शिक्षा की नई रोशनी से जगमगा रहा है। इस गाँव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की छात्रा पूनम धृतलहरे की आंखों में अब आत्मविश्वास और उम्मीद दोनों चमकते हैं। मेहनती और होशियार पूनम शुरू से पढ़ाई में आगे रही है, लेकिन लंबे समय से यह विद्यालय एकल शिक्षकीय था, जिससे उसकी और उसके साथियों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। कठिन सवालों के उत्तर न मिल पाने से बच्चे धीरे-धीरे उत्साह खोने लगे थे और कुछ तो स्कूल छोड़ने की सोच भी रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण ने इस गाँव के बच्चों की जिंदगी में नई दिशा दी। विद्यालय में पहले से कार्यरत शिक्षक श्री संतोष कुमार खांडे के साथ अब श्री मुकेश कुमार यादव की नियुक्ति होने से कक्षाओं में नई ऊर्जा और बेहतर शिक्षण वातावरण आया। दो शिक्षकों की मौजूदगी ने न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारी, बल्कि बच्चों का स्कूल से जुड़ाव भी बढ़ाया।

पूनम और उसके सहपाठियों का कहना है कि अब वे कठिन से कठिन प्रश्न हल करना सीख गए हैं और पढ़ाई में मजा आने लगा है। पालकों ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अब उनके बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे वे भी शहर के बच्चों की तरह बड़े सपने देख और पूरे कर सकेंगे।

खरगा जैसे छोटे गाँवों में जब शिक्षक समय पर पहुँचते हैं, तो यह बदलाव केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे गाँव के भविष्य को दिशा देता है। आज पूनम और उसके साथी न सिर्फ मन लगाकर पढ़ रहे हैं, बल्कि आने वाले समय में अपने गाँव और राज्य का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।

और भी

*कुनकुरी,जशपुर,सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी,बलरामपुर, पेंड्रा जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी....नगरीय प्रशासन विभाग ने नालंदा परिसरों के लिए मंजूर किए हैं 237.58 करोड़

रायपुर 9 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सपनों को पर देने 34 नए नालंदा परिसर बना रही है। ये नालंदा परिसर केवल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़ जैसे बड़े शहरों में ही नहीं बन रहे, बल्कि दूरस्थ वनांचलों के सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे शहरों में भी बन रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नए नालंदा परिसरों के लिए राशि स्वीकृत की है। वहीं रायगढ़ में सीएसआर से 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी का काम प्रगति पर है। इसके लिए रायगढ़ नगर निगम और एनटीपीसी (National Thermal Power Corporation) के बीच 42 करोड़ 56 लाख रुपए का करार हुआ है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर होगा। 

इन सेंट्रल लाइब्रेरीज-सह-रीडिंग जोन्स से प्रदेशभर के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी पुस्तकें भी मिलेंगी। प्रदेश के हर वर्ग के युवाओं के करियर निर्माण में ये लाइब्रेरीज काफी मददगार और अहम साबित होंगे। इन सर्वसुविधायुक्त, अत्याधुनिक लाइब्रेरीज में युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नालंदा परिसरों के लिए 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17 नगरीय निकायों में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अलग-अलग शहरों में 15 नालंदा परिसरों के लिए 111 करोड़ 70 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें से 11 नालंदा परिसरों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर संबंधित निर्माण एजेंसीज को कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। ये जल्द ही आकार लेना शुरू कर देंगे। 

नगरीय प्रशासन विभाग ने 11 नालंदा परिसरों के लिए जारी किए 19.15 करोड़

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 11 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में कुल 19 करोड़ 14 लाख 87 हजार रुपए इसी महीने जारी किए हैं। विभाग द्वारा दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर नगर निगम को प्रत्येक को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की प्रथम किस्त जारी की गई है। वहीं बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, कांकेर और जांजगीर नगर पालिका तथा कुनकुरी नगर पंचायत को प्रत्येक को एक करोड़ दस लाख 37 हजार रुपए प्रथम किस्त के रूप में जारी किए गए हैं। नालंदा परिसर के निर्माण के लिए जशपुर नगर पालिका को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है। 

दस शहरों में 500 सीटर और 22 में 250 सीटर लाइब्रेरी बनेंगी

राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के अनुकूल माहौल देने के लिए दस नगरीय निकायों में 500 सीटर और 22 शहरों में 250 सीटर लाइब्रेरी बनाए जाएंगे। दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम तथा जशपुर, लोरमी एवं गरियाबंद नगर पालिका में 500-500 सीटर नालंदा परिसरों का निर्माण किया जाएगा। वहीं धमतरी और चिरमिरी नगर निगम, कवर्धा, जांजगीर-नैला, बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कांकेर, नारायणपुर, बलरामपुर, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती, पेंड्रा, सारंगढ़, सूरजपुर, बैकुंठपुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा नगर पालिका तथा कुनकुरी, बसना और अंबागढ़-चौकी नगर पंचायत में 250-250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन बनाए जाएंगे।  

रायपुर में अभी तीन लाइब्रेरी संचालित, दो और बनेंगे

राजधानी रायपुर में अभी तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित हैं। इनमें एक हजार सीटर नालंदा परिसर-सह-ऑक्सी रीडिंग जोन, 800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-स्मार्ट रीडिंग जोन और 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में नालंदा परिसर में पढ़ाई करने वाले 400 युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर न केवल अच्छी नौकरियां हासिल की हैं, बल्कि प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश भी प्राप्त किया है। रायपुर में जल्दी ही एक हजार सीटर और 500 सीटर नई लाइब्रेरी का काम प्रारंभ होगा। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इनके लिए क्रमशः 22 करोड़ 80 लाख रुपए और 11 करोड़ 28 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद - श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के नालंदा परिसर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को उड़ान देने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिले, इसके लिए हम अलग-अलग क्षेत्र के शहरों में नालंदा परिसरों का निर्माण कर रहे हैं। सुकमा से लेकर सूरजपुर और रायगढ़ से लेकर कवर्धा तक – हर कोने में अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन खोले जा रहे हैं। ये नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं। 

छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने प्रतिबद्ध - श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशभर में नालंदा परिसरों के विस्तार के बारे में कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वसुविधायुक्त ये लाइब्रेरियां उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री भी प्रदान करेंगी। राज्य के युवाओं की मेहनत को उनके इच्छित मुकाम तक पहुंचाने में नालंदा परिसर बड़ी भूमिका निभाएंगे। यहां वे पूरे फोकस, लगन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

और भी

*छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत – पशुधन सुरक्षा, नस्ल सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल....गावों में रोजगार का आएगा नया आयाम – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर, 09 अगस्त 2025/ 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और पशुधन संरक्षण को नई दिशा देने के लिए गौधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल पशुधन की सुरक्षा और नस्ल सुधार को बढ़ावा देगी, बल्कि जैविक खेती, चारा विकास और गौ-आधारित उद्योगों के माध्यम से गांव-गांव में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। योजना का स्वरूप इस तरह तैयार किया गया है कि निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं की देखभाल के साथ-साथ चरवाहों और गौसेवकों को नियमित आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध हो, जिससे ग्रामीण जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता आ सके। गौधाम योजना के ड्राफ्ट को वित्त एवं पशुधन विकास विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है।

गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन करना, गौ-उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा फसलों के नुकसान और दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है।

अवैध तस्करी और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस

पशुधन विकास विभाग ने यह योजना विशेष रूप से तस्करी या अवैध परिवहन में पकड़े गए पशुओं और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की है। राज्य में अवैध पशु तस्करी एवं परिवहन पर पहले से रोक है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में गौवंशीय पशु जब्त होते हैं। इन पशुओं और घुमंतु पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ही यह योजना शुरू की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में क्षमता के अनुसार अधिकतम 200 गौवंशीय पशु रखे जा सकेंगे।

गौधाम योजना के तहत चरवाहों को 10,916 रुपए प्रतिमाह और गौसेवकों को 13,126 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के चारे के लिए प्रतिदिन निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट गौधाम को वहां रहने वाले प्रत्येक पशु के लिए पहले वर्ष 10 रुपए प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपए प्रतिदिन, तीसरे वर्ष 30 रुपए प्रतिदिन और चौथे वर्ष 35 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से राशि दी जाएगी। योजना के लिए बजट, नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं, ताकि संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय – “पशुधन की सुरक्षा और गांवों में रोजगार बढ़ाएगी गौधाम योजना”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि गौधाम योजना से प्रदेश में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बड़ी संख्या में चरवाहों एवं गौसेवकों को नियमित आय का साधन मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार कर उन्हें अधिक दूध देने और खेती-किसानी में पूरी क्षमता से उपयोग करने योग्य बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में जैविक खेती और चारा विकास कार्यक्रमों को भी गति मिलेगी, जिससे ग्राम स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।

गौधाम की स्थापना के लिए चयनित होगी उपयुक्त शासकीय भूमि

ऐसी शासकीय भूमि, जहां सुरक्षित बाड़ा, पशुओं के शेड, पर्याप्त पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध हो, वहीं गौधाम की स्थापना की जाएगी। जिन गौठानों में पहले से अधोसंरचना विकसित है, वहां उपलब्धता के आधार पर गौठान से सटे चारागाह की भूमि को हरा चारा उत्पादन के लिए दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि आसपास की पंजीकृत गौशाला की समिति संचालन हेतु असहमति व्यक्त करती है, तो अन्य स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी या सहकारी समिति संचालन के लिए आवेदन कर सकेगी।

जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जो पंजीकृत गौशालाओं से भिन्न होंगे। पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। जिला स्तरीय समिति प्राप्त आवेदनों का तुलनात्मक अध्ययन कर चयनित संस्था का नाम छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजेगी। मंजूरी के बाद चयनित संस्था और आयोग के बीच करार होगा, जिसके पश्चात गौधाम का संचालन उस संस्था को सौंपा जाएगा।

गोबर खरीदी नहीं होगी, चारा विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

गौधाम में गोबर खरीदी नहीं होगी, पशुओं के गोबर का उपयोग चरवाहा स्वयं करेगा। यहां निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं को ही रखा जाएगा और उनका वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन होगा। संचालन में गौशालाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, किसान उत्पादक कंपनी और सहकारी समिति संचालन के लिए पात्र होंगी। गौधाम को वहां रहने वाले पशुओं की संख्या के आधार पर राशि दी जाएगी। गौधाम से सटी भूमि पर चारा विकास के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी—एक एकड़ में चारा विकास कार्यक्रम पर 47,000 रुपए और पांच एकड़ के लिए 2,85,000 रुपए का प्रावधान है।

गौधाम बनेंगे प्रशिक्षण केंद्र, बढ़ावा मिलेगा गौ उत्पादों को

प्रत्येक गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। संचालनकर्ता समिति या संस्था ग्रामीणों को गौ-उत्पाद विषय पर प्रशिक्षण देगी और उन्हें गौ-आधारित खेती के लिए प्रेरित करेगी। इसके साथ ही गोबर और गौमूत्र से केंचुआ खाद, कीट नियंत्रक, गौ काष्ठ, गोनोइल, दीया, दंतमंजन, अगरबत्ती आदि बनाने का प्रशिक्षण, उत्पादन और बिक्री के लिए भी गौधाम एक माध्यम बनेंगे।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री साय ने IIM रायपुर के सुशासन फेलोशिप छात्रों से आत्मीय संवाद में साझा किए अपने अनुभव......जीवन के अनुभवों से सिखाए सुशासन के गुर, विद्यार्थियों के जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के दिए प्रेरक उत्तर*

रायपुर, 08 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी हमेशा सकारात्मक परिणाम देती है। जनसेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ लगे रहने  पर जनता का स्नेह और आशीर्वाद अवश्य ही प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित नवनिर्मित सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सुशासन संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन IIM रायपुर में अध्ययनरत मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें सुशासन की बारीकियों से अवगत कराया और उनके प्रश्नों के प्रेरणादायक उत्तर दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी फाइलें डिजिटलीकृत हो रही हैं। इससे शासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी है और फाइलों की ट्रैकिंग भी सहज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के सभी मार्गों को बंद करने की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले, यही असली सुशासन है। योजनाएं सोच-समझकर बननी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे जनता की गाढ़ी कमाई लगती है। जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती हैं, तभी आमजन को उसका सीधा लाभ मिलता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उनके जिज्ञासु सवालों के बेझिझक और प्रेरणाप्रद उत्तर दिए।

आरंग के फेलो हर्षवर्धन ने जब मुख्यमंत्री से उनके ग्राम बगिया के पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने के सफर की सबसे महत्वपूर्ण सीख पूछी, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनीतिक और पारिवारिक संघर्षों को साझा करते हुए कहा - "बहुत कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं पंच भी बनूंगा, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाया।" उन्होंने आगे कहा – “ईमानदारी और निष्ठा से जब कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। मैंने कभी कर्तव्यपथ नहीं छोड़ा, और जनसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। जनता ने मुझे पंच, सरपंच, विधायक, सांसद, राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री तक का दायित्व सौंपा।”

बिलासपुर के फेलो मनु पांडेय ने जब यह पूछा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने में छत्तीसगढ़ की क्या भूमिका होगी, तो मुख्यमंत्री ने बताया –
"प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2014 से पहले भारत अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। वर्तमान में हमारी जीएसडीपी 5 लाख करोड़ रुपये है, जिसे 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।"
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह लक्ष्य कोई कल्पना नहीं, बल्कि एक ठोस योजना है, जिसे हम अवश्य प्राप्त करेंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक सम्पन्न राज्य है – यहाँ लोहा, टिन, लिथियम, बॉक्साइट, सोना और हीरे जैसे बहुमूल्य खनिजों के भंडार हैं। राज्य का 44% भूभाग वनों से आच्छादित है, जहां सैकड़ों प्रकार के लघु वनोपज हैं। यहाँ की उर्वरा मिट्टी और मेहनतकश लोग ही छत्तीसगढ़ की असली ताकत हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा – “आप जैसे युवाओं के संकल्प और कौशल से हम विकसित छत्तीसगढ़ जरूर बनाएंगे।”

फेलोशिप का उद्देश्य – भविष्य के उत्तरदायी सुशासक तैयार करना

कार्यक्रम में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने फेलोशिप योजना की रूपरेखा पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को गवर्नेंस की उच्च स्तरीय शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर एक दक्ष एवं उत्तरदायी प्रशासनिक पीढ़ी तैयार करना है।

इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के साथ मिलकर पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित कर रही है। चयनित फेलोज को शासन के विभिन्न विभागों में प्रायोगिक प्रशिक्षण के अवसर भी दिए जाएंगे। श्री भगत ने बताया कि फेलोज शासन के निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में डेटा आधारित नीति निर्धारण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, संसाधनों के कुशल उपयोग, ई-गवर्नेंस को मजबूती, और नीतियों के जमीनी प्रभावों के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने किया फेलोशिप के प्रोस्पेक्टस का विमोचन, अंजोर विजन डॉक्युमेंट भी किया भेंट

 मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप कोर्स के प्रोस्पेक्टस का विमोचन किया और विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्युमेंट की प्रति भी भेंट की।

इस अवसर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने भी छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल, IIM रायपुर के प्रोफेसर्स एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

और भी

*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ब्रह्मकुमारी बहनों ने बाँधी राखी*

रायपुर, 08 अगस्त 2025/ रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रायपुर की संचालिका ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की और उन्हें रक्षा-सूत्र बाँधकर उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद जीवन की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्मकुमारी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी भावनात्मक एकता और सामाजिक मूल्यों की गहराई को दर्शाने वाला अनुपम उत्सव है।उन्होंने कहा कि रक्षा-सूत्र में निहित शुभकामनाएँ उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देती हैं।

और भी

भाजपा के जिला कार्यालय सभा कक्ष में "मोर तिरंगा मोर अभियान" देशभक्ति भाव को लेकर कार्यशाला हुई संपन्न। 

"हर घर तिरंगा-घर घर तिरंगा" अभियान" देशभक्ति भाव को लेकर जिला कार्यशाला में हुई संपन्न। 

जशपुर/नारायणपुर :- भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय बलरामपुर के सभा कक्ष में "मोर तिरंगा मोर अभियान"  तिरंगा यात्रा जिला स्तरीय कार्यशाला कार्यक्रम प्रभारी व भाजपा जशपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता के मुख्य आतिथ्य एवं विशिष्ट अतिथि प्रतापपुर विधानसभा के विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते एवं भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल के अध्यक्षता में संपन्न हुई।

जिला कार्यशाला सर्वप्रथम भारत माता के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर शुरुआत की गई ।
भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने कार्यशाला को  संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश एवं राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में देशभक्ति भाव को लेकर हर घर तक तिरंगा झंडा लगाना है जिसमें जिले के सभी मंडलों के पदाधिकारी कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए झंडा लगाने में अपनी सहभागिता दें। उन्होंने जिले वासियों से अपने अपने घरों में तिरंगा झंडा लगाने की अपील की।

कार्यक्रम प्रभारी एवं भाजपा जयपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि हमारा भारत देश में अंग्रेजों ने फुट डालो और राज करो कि नीति को अपनाया परन्तु देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीयता के भाव जागने के लिए हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत की और देश की आजादी में अपनी प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को याद किया। 

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि भारत कोई जमीन का टुकड़ा नहीं है यह जीता जागता राष्ट्र पुरुष है भारत आज विश्व में आर्थिक दृष्टि से तीसरे नंबर पर पहुंचने वाला है जल्द ही विकसित भारत बनेगा भारत की शक्ति को देखकर अभी पाकिस्तान कांप रहा है। भारत आंख मिलाकर बात करता है, हमारा भारत देश विश्व गुरु अवश्य बनेगा। 

तिरंगा यात्रा कार्यशाला में पूर्व जिला अध्यक्ष गोपाल कृष्ण मिश्रा ने तिरंगा यात्रा कार्यक्रम को विस्तार से बताया। 
भाजपा कार्यालय में नवनियुक्त भाजपा जिला पदाधिकारीयों का हुआ स्वागत ,प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के मुख्य उपस्थिति में भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने सभी नवनियुक्त जिला पदाधिकारीयों का माल्यार्पण कर भाजपा का पट्टा पहनाकर स्वागत किया एवं सफल कार्यकाल हेतु शुभकामनाएं प्रेषित किया। 

भारतीय जनता पार्टी सदस्यता अभियान 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को मुख्य अतिथि सुनील गुप्ता, एवं भाजपा जिलाअध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुणि निकुंज,उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव जी व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मान किया गया।

तिरंगा यात्रा जिला कार्यशाला के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह, कमलाराम, बलवंत सिंह, तारावती सिंह,शशिकला भगत,  जिला महामंत्री  द्वय संजय सिंह एवं भानु प्रकाश दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनि निकुंज उपाध्यक्ष धीरजसिंह देव ,पिछड़ा वर्ग ज़िला महामंत्री शैलेश गुप्ता, अरुण केशरी,जिला मंत्री शर्मिला गुप्ता, बसंती भगत ,रामकुमार कुशवाहा, जिला कार्यालय मंत्री अजय गुप्ता, नगर पालिका बलरामपुर विधायक प्रतिनिधि मुकेश गुप्ता, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, सोशल मीडिया संयोजक गौतम सिंह, मीडिया प्रभारी जितेंद्र श्रीवास्तव , जिला मीडिया सह प्रभारी अजय यादव, मंडल अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, सीताराम गुप्ता, विजय सिंह ,विवेक जायसवाल, धीरेन्द्र द्विवेदी, जितेंद्र जायसवाल, नारद यादव, जिला पंचायत सदस्य रवि प्रताप, बद्री यादव, गीता पैंकरा, जनपद अध्यक्ष मुद्रिका सिंह, मंगलम पांडे, अभिषेक सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। आज के महत्वपूर्ण कार्यक्रम का संचालन ज़िला महामंत्री संजय सिंह व जिलामंत्री भानु प्रकाश दीक्षित द्वारा  एवं आभार व्यक्त भाजपा जिलाउपाध्यक्ष श्रीमती शशिकला भगत के द्वारा किया गया।

और भी

*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास को दी जा रही प्राथमिकता......उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने जारी की स्वीकृति*

कोनी-मोपका बायपास के पुनर्निर्माण हेतु 59.55 करोड़ रुपए की स्वीकृति

रायपुर, 08 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर जिले के कोनी-मोपका बायपास के पुनर्निर्माण के लिए 59 करोड़ 55 लाख 27 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान के अंतर्गत दी गई है।

लगभग 14 किलोमीटर लंबी इस सड़क की स्थिति विगत कई वर्षों से अत्यंत दयनीय थी। एनटीपीसी सीपत, स्पंज आयरन फैक्ट्रियों, कोलवाशरी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ घने शहरी यातायात का भारी दबाव इस मार्ग से गुजरता है, जिससे सड़क अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से इसके पुनर्निर्माण की माँग की जा रही थी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना को बजट में प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अधोसंरचना विकास, विशेष रूप से सड़कों की मजबूती और गुणवत्ता, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनसुविधा से जुड़े ऐसे कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के उपरांत, विभाग ने मंत्रालय स्तर से वित्तीय स्वीकृति संबंधी परिपत्र प्रमुख अभियंता को जारी कर दिया है। साथ ही निर्माण कार्य को समय-सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्री साव ने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कार्य प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संपूर्ण परियोजना की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर निर्माण कार्य में त्रुटि पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाए।

इस बायपास के पुनर्निर्माण से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि शहरवासियों को भी भारी यातायात से राहत मिलेगी। राज्य शासन का यह निर्णय आमजन की बहुप्रतीक्षित माँग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्वबोध को दर्शाता है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा शीघ्र ही कार्यादेश जारी कर निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। शासन की मंशा है कि यह परियोजना उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो, ताकि नागरिकों को शीघ्र और स्थायी राहत प्रदान की जा सके।

और भी

*रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री श्री साय ने दी हार्दिक शुभकामनाएं ......भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 08 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और परस्पर सौहार्द की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन का त्यौहार भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है, जिसमें बहनें अपने भाई की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए रक्षा-सूत्र बांधती हैं, वहीं भाई भी बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं। रक्षाबंधन पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को सशक्त करने वाला पर्व है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पारंपरिक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, प्रेम, करुणा और दायित्वबोध की भावना को भी उजागर करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर पर समाज में सौहार्द्र, भाईचारा और महिला सम्मान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए संकल्प लें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से प्रदेश की बेटियों, बहनों और मातृशक्ति को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पावन पर्व सभी नागरिकों के जीवन में प्रेम, उमंग और एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।

और भी

*बिलासपुर निवाशी शशांक के घर की छत पर सौर ऊर्जा से लगने से घर का बिजली बिल हुआ शून्य, सरकार को भी कर रहे हैं बिजली की आपूर्ति*

रायपुर, 08 अगस्त 2025/ प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने सौर ऊर्जा के माध्यम से अनेक घरों को रोशन किया है। बिलासपुर जिले के निवासी श्री शशांक दुबे ने अपने घर की छत पर एक पूर्ण सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कर लिया है। इस सौर ऊर्जा संचालित प्लांट से न केवल उनका घर रोशन हो रहा है, बल्कि उनका बिजली बिल भी अब शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, श्री दुबे अब सरकार को भी बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं।

श्री दुबे ने बताया कि जब से उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं, तब से उनके घर का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। सौर पैनलों के माध्यम से छत पर हो रहा बिजली उत्पादन उनके मासिक बिजली व्यय की पूर्णतः बचत कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी छत पर पाँच किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से उन्हें अब मासिक बिजली बिल की कोई चिंता नहीं रह गई है, साथ ही वे एक उत्पादक के रूप में बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं। सोलर पैनल लगवाने के पश्चात उनके घर का बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है।

श्री दुबे ने बताया कि पाँच किलोवाट सोलर पैनल लगवाने में उन्हें लगभग दो लाख रुपये की लागत आई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा ₹78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई है, और राज्य सरकार की ओर से भी शीघ्र ही ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी प्राप्त होने वाली है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत केवल एक बार निवेश करना होता है, जिसके पश्चात 25 वर्षों तक निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति मिलती रहती है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु उपभोक्ता pmsuryaghar.gov.in पोर्टल या पीएम सूर्यघर ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। दीर्घकालिक दृष्टि से यह योजना अत्यंत किफायती सिद्ध होती है, जिसमें बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी प्रदान की जाती है।

श्री दुबे ने यह भी बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के पश्चात इस पर किसी प्रकार का नियमित मेंटेनेंस खर्च नहीं आता, तथा सोलर पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा पाँच वर्षों तक नि:शुल्क सर्विसिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर वे स्वच्छ (ग्रीन) ऊर्जा के उत्पादन में सहभागी बन रहे हैं, जिससे नवीनीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री दुबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना को अपनाएं, सौर ऊर्जा का उपयोग करें और बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें। साथ ही, पर्यावरण संवर्धन में भी अपना सक्रिय योगदान दें।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह प्लांट नेट मीटरिंग के माध्यम से विद्युत ग्रिड से जुड़ता है, जिससे उपभोक्ता अपनी आवश्यकता से अधिक उत्पन्न बिजली को ग्रिड में भेज सकता है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड को दी गई अतिरिक्त बिजली के बदले उन्हें आय भी प्राप्त होती है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इस योजना से उपभोक्ताओं को अधिक आमदनी, न्यूनतम बिजली बिल तथा नवीन रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, नवीनीकृत ऊर्जा स्रोतों के प्रति जन-जागरूकता में भी वृद्धि होगी।

और भी

*आदर्श विद्यालय में हुआ पालक-शिक्षक सम्मेलन : शिक्षित बच्चे ही गढ़ेंगे देश का भविष्य- श्रीमती रायमुनी भगत*

जशपुरनगर 08 अगस्त 2025/ शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर नगर में विगत दिवस 07 अगस्त को पालक-शिक्षक सम्मेलन एवं प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के द्वारा दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण कर किया गया। मां सरस्वती की वंदना की सुमधुर प्रस्तुति की गई।
         इस अवसर पर श्रीमती रायमुनी भगत ने उपस्थित पालकों और बच्चों को सम्बोधित करते हुए  कहा कि  देश का भविष्य शिक्षित समाज से ही संवरेगा, निखरेगा, उज्ज्वल बनेगा। आज के बच्चे ही कल के भविष्य हैं। इसलिए बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। श्रीमती भगत ने कई उदाहरण के माध्यम से जीवन में शिक्षा के महत्व के बारे में पालकों और बच्चों को समझाया। श्रीमती भगत ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अच्छी पढ़ाई करने से ही आपका भविष्य उज्ज्वल बनेगा। आप लोगों को सरकार के द्वारा आवास, भोजन, किताबें, ड्रेस सब कुछ उपलब्ध कराया जा रहा है। आप लोगों को केवल पढ़ाई करना है। इसलिए अपना सब कुछ पढ़ने के लिए लगा दीजिये। आपका भविष्य अच्छा होगा, तो आपका परिवार मजबूत होगा, जिससे समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा। 
       कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि, शासकीय रामभजन राय इन ई एस महाविद्यालय जशपुरनगर के प्राध्यापक डॉ. अमरेंद्र ने बच्चों की बढ़ती उम्र के साथ उनके  व्यवहार में होने वाले बदलाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार परिवर्तन पर  नजर रखनी चाहिए । थोड़ी सी भी शंका होने पर शिक्षकों को तुरंत बताएं। शिक्षक काउंसिलिंग करके बच्चों की उचित सहायता करेंगे।  
      विद्यालय के प्राचार्य खान वक्कारुज्जमां खां ने पालक शिक्षक सम्मेलन की आवश्यकता के साथ ही अन्य निर्धारित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। 
      श्रीमती कल्पना टोप्पो, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी जशपुर ने अपने उदबोधन में छात्र जीवन से जुड़ी बातें बताते हुए अभिभावकों को बच्चों की भावनायें समझकर उनके समस्या हल करने के कई तरीके बताए। शाला की एसएमसी की अध्यक्ष श्रीमती संझौती बाई ने बच्चों को समझाया कि परिवार में अभाव को दूर करने का एक सबसे आसान उपाय है - अच्छी शिक्षा प्राप्त करना। विद्यालय की व्याख्याता श्रीमती सुनीता केरकेट्टा ने नशामुक्ति पर बच्चों और पालकों के साथ  विस्तार से चर्चा की। कक्षा 10 वीं के छात्र रविशंकर राम के द्वारा  परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में अपनी  सहभागिता के  अनुभव साझा किये गए। कक्षा 6वीं के नवप्रवेशित छात्रों ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित पालकों से भी, उनके सुझाव आमंत्रित किये गए।  पालकों की अतिथियों और शिक्षकों के साथ  भोज  के पश्चात कार्यक्रम की समाप्ति हुई।
        कार्यक्रम में  पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री कृपा शंकर भगत; युवा समाजसेवी श्री आशुतोष राय; शाला  विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती संझौती बाई; सेवानिवृत्त प्रधानपाठक श्री एल. डी. चौहान, श्री टी गोसाई, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जशपुर, श्री अमित अम्बष्ट सीएसी, शाला के सभी शिक्षक, कर्मचारी के अलावा बड़ी संख्या संख्या में पालक भी उपस्थित रहे। 
शाला प्रवेशोत्सव का हुआ आयोजन
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती रायमुनी भगत ने नवप्रवेशित बच्चों का तिलक लगाकर, पुस्तक व गणवेश वितरण किया। नवप्रवेशित बच्चों के हस्तछाप लिए गए। विशेष रूप से बनाये गए सेल्फी जोन में नवप्रवेशित बच्चों के साथ श्रीमती भगत ने सेल्फी ली।
बाल कैबिनेट का हुआ शपथ ग्रहण
शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जशपुरनगर में इको क्लब फ़ॉर लाइफ के अंतर्गत बाल कैबिनेट का गठन किया गया है। बाल कैबिनेट के द्वारा पूरे सत्र में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। श्रीमती रायमुनी भगत ने बाल कैबिनेट के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। 
वार्षिक परीक्षा में प्रथम को मिला सम्मान
श्रीमती रायमुनी भगत ने इस साल 2025 की परीक्षाओं में अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

और भी

*पी.एम. श्री केन्द्रीय विद्यालय  जशपुर में छात्र-छात्राओं को दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ*

जशपुरनगर 08 अगस्त 2025/ नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम के तहत आज पी.एम. श्री केन्द्रीय विद्यालय जशपुर में नशामुक्ति शपथ का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 600 की संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और शपथ दिलाया गया।
          शपथ समारोह में समाज कल्याण विभाग जशपुर के अधिकारी द्वारा युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा गया कि नशापान समाज एवं देश के विकास के लिए सर्वाधिक बाधक तत्व है। नशापान से व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, प्रतिष्ठा कम होती है तथा आये दिन सड़क दुर्घटनाएं, चोरी, हिंसा, हत्या, व्यभिचार आदि अनेक अपराधों के पीछे नशा एक बहुत बड़ी वजह है। इससे कैंसर, पक्षाघात मिर्गी, अल्सर इत्यादि असाध्य गम्भीर बीमारियाँ होती है। मद्यपान एवं धूम्रपान से दूर रहना चाहिए। तथा जन सामान्य को भी दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए हैं। 
          कार्यक्रम के अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण, स्कूल के प्राचार्य श्री नरेंद्र कुमार सिंह, व्याख्याता श्री डी.डी स्वर्णकार, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में न केवल नशा के दुष्प्रभावों से अवगत कराना था, बल्कि नशामुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण हेतु सामुहिक प्रयास करना है।

और भी

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगांव में  पालक-शिक्षक सम्मेलन सम्पन्न....हुनर भी बन सकता है कैरियर की सीढ़ी- दुर्गेश्वरी 

जशपुर 08 अगस्त 2025
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगांव में आज पालक-शिक्षक बैठक सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह आयोजन विद्यालय, शिक्षकों, पालकों और छात्रों के समन्वय से एक सार्थक संवाद और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला रोजगार अधिकारी सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह और विशिष्ट अतिथि ग्राम सरपंचश्रीमती आरती भगत पूर्व शिक्षक गोविंद मिश्रा तथा एसएमडीसी अध्यक्ष प्रतिनिधि  सहित समिति के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।विद्यालय की प्राचार्य  के नेतृत्व में कार्यक्रम का सांस्कृतिक और बौद्धिक समन्वयपूर्ण संचालन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई। छात्राओं ने स्वागत गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
प्राचार्य ने अपने उदबोधन में कहा –
> "शिक्षक और अभिभावक जब एक दिशा में कदम मिलाते हैं, तो बच्चों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है।हमारा उद्देश्य है बच्चे सिर्फ अच्छे अंक नहीं, अच्छे इंसान भी बने। इस बैठक का उद्देश्य सिर्फ उपलब्धियों को बताना नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि हम सब मिलकर बच्चों की कमियों को कैसे दूर करें, उनकी खूबियों को कैसे और निखारें, और उन्हें आत्मविश्वासी, जिम्मेदार नागरिक कैसे बनाएं।

मुख्य अतिथि सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह ने कहा –
> "बच्चों से तो अक्सर मिलती हूँ, पर पालकों से संवाद का यह अवसर बरगांव ने दिया।
रोजगार केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, टेक्निकल, स्किल और क्रिएटिव क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं हैं। मैं आपको बताना चाहती हूं कि रोजगार का कोई भी क्षेत्र कम नहीं होता सिर्फ सरकारी नौकरी के लिए हम पढ़ाई नहीं करते बल्कि एक अच्छे नागरिक बनने के  साथ-साथ हमें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपने बच्चों के कै रियर को ध्यान में रखना चाहिए ताकि वे और भी अच्छा कर सके चाहे वह कोई भी क्षेत्र हो वह टेक्नीशियन,  प्लंबिंग,विद्युत, मेकेनिक या कोई भी क्षेत्र हो  अपने हुनर के दम पर भी वह अच्छे रोजगार की प्राप्ति कर सकते हैं रोजगार अधिकारी के रूप में मैं आपको लगातार मार्गदर्शन देती रहूंगी.
विशिष्ट अतिथि  गोविंद मिश्रा ने अपनी "जादुई पिटारा प्रस्तुति" से कार्यक्रम में उल्लास का संचार किया।
कार्यक्रम में बस्ता रहित शनिवार, बच्चा बोलेगा बेझिझक, स्वास्थ्य पोषण, डिजिटल लाइब्रेरी, पॉक्सो एक्ट और गुड टच–बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर शिक्षक और पालकों में सकारात्मक चर्चा हुई।
पालकों की भागीदारी सराहनीय रही, विशेषकर श्रीमती विद्यावती, कालेश्वर, शशिध्वज, श्रीमती सुनीला लकड़ा आदि ने अपने विचार आत्मीयता से साझा किए।
शिक्षकों ने भी विषयानुसार प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यालय की कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के संचालन, कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई, रेडक्रॉस, खेलकूद और करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया।
सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के पालकों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का सारगर्भित संचालन डॉ. मिथिलेश कुमार पाठक द्वारा किया गया।

और भी

*छत्तीसगढ़ शासन, आईआईएम, एनआईटी और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर.....हस्ताक्षर के साक्षी बने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*

रायपुर, 08 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

*गांव-गांव तक पहुंचेगी शिक्षा, कौशल और नवाचार की क्रांति: मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन" को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र" की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया।

*संसाधन-आधारित नहीं, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ अब कोर सेक्टर के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। बीते 20 महीनों में किए गए साढ़े तीन सौ से अधिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है और केवल आठ माह में 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि छत्तीसगढ़ को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला राज्य बनाएंगे – जहाँ युवा बदलाव के वाहक बनें और उद्यमिता से समाज को दिशा दें।

*किसानों के लिए बनेगा देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र*

मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन श्री रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णतः समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा।

*मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का 172 करोड़ रुपये का योगदान*

मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने आईआईएम रायपुर एवं एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है। इसमें से 101 करोड़ रुपये आईआईएम रायपुर को तथा 71 करोड़ रुपये एनआईटी रायपुर को प्रदान किए जाएंगे।

इस दानराशि से आईआईएम रायपुर में "ओसवाल छात्रावास" के 202 कमरे और "दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर" की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से छह अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।

इसी प्रकार, एनआईटी रायपुर में "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना की जाएगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक क्षेत्रों पर कार्य करेगा।

यह केंद्र वर्ष 2030 तक 10,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देगा, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा और 5,000 से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ की औद्योगिक आवश्यकताओं – विशेषकर खनन, इस्पात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों – के अनुरूप विकसित की गई है, और यह स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहेगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के, एनआईटी रायपुर के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे, आईआईएम रायपुर के चेयरमैन श्री पुनीत डालमिया, एनआईटी के निदेशक श्री एन. वी. प्रसन्ना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. संजीव पाराशर, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

और भी

बहनों ने प्रेम और भाईचारे का दिया संदेश :कलेक्टर को ब्रह्मकुमारी बहनों ने बांधी राखी 

जशपुर 8 अगस्त 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास को शुक्रवार को कलेक्टर कक्ष में प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सदभावना भवन बिजली टोली जशपुर की ब्रह्माकुमारी बहनों ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राखी बांधकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। बहनों ने कलेक्टर को स्मृति चिन्ह भेंट भी किया।

कलेक्टर ने बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। कलेक्टर को ब्रह्माकुमारी नीलम बहन, रूक्मणी बहन, ममता बहन, कुमारी श्यामा ने राखी बांधी इस अवसर पर सूरज भाई भी उपस्थित थे।

और भी

*जशपुर के तुमला में सनसनीखेज वारदात : कलयुगी बेटे की हैवानियत....माँ को टांगी से लगातार प्रहार कर उतारा मौत के घाट...पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जेल*

जशपुर : 08 अगस्त 2025 : जशपुर के थाना तुमला के फरदबहार  गांव से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. एक कलयुगी बेटे ने आपसी विवाद में अपनी ही मां को टांगी से लगातार वार कर निर्मम हत्या कर दी,वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी बेटे  को मौके से गिरफ्तार कर जेंल भेज लिया.

   पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी सुबरन राम, उम्र 70 वर्ष निवासी फ़रदबहार, थाना तुमला, जिला जशपुर ( छ ग) ने थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी बहन मृतिका दशमती बाई व उसका भांजा आरोपी कमल राम  जो कि थाना फरसाबहार क्षेत्रांतर्गत ग्राम गौरीघाट में रहते हैं,दिनांक 06.08.25 को  मेहमान के रूप में प्रार्थी के घर फ़रदबहार आए थे, इसी दौरान दोपहर में वे सभी खाना खाकर आराम कर रहे थे, प्रार्थी की बहन मृतिका दशमती बाई, उसके घर की परछी में चटाई बिछा कर लेटी हुई थी व प्रार्थी अपने कमरे में लेटा हुआ था, इसी दौरान दोपहर करीबन 02.30 बजे प्रार्थी को अपने घर के आंगन में अपनी बहन मृतिका दशमती बाई व अपने भांजे आरोपी कमल राम की झगड़े की आवाज आ रही थी, कि तभी आवाज सुनकर प्रार्थी ने जब अपने घर के आंगन में जाकर देखा तो पाया कि, उसका भांजा आरोपी कमल राम अपनी मां मृतिका दशमती बाई के गर्दन में टांगी से लगातार वार कर रहा है, जिस पर प्रार्थी के द्वारा आस पड़ोस में चिल्लाने पर, आरोपी कमल राम टांगी को छोड़कर भाग गया, प्रार्थी ने जब मृतिका दशमती बाई के पास जाकर देखा तो पाया, कि मृतिका दशमती बाई की गर्दन में लगी चोट की वजह से मृत्यु हो गई है।
       रिपोर्ट पर पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी कमल राम उम्र 25 वर्ष के खिलाफ थाना तुमला में हत्या के लिए बी एन एस की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया व घटना स्थल का निरीक्षण कर, शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्डम कराते हुए, आरोपी कमल राम को घटना के चंद घंटों के भीतर ही हिरासत में ले लिया गया।
     पुलिस की पूछताछ पर आरोपी कमल राम के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उक्त घटना दिनांक को उसका व उसकी मां मृतिका दशमती बाई के मध्य पारिवारिक बात को लेकर वाद विवाद हो रहा है, इसी दौरान उसकी मां की किसी बात से , वह इतना क्षुब्ध हो गया कि, आंगन में रखी लोहे की टांगी से अपनी मां मृतिका दशमती बाई के गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के द्वारा आरोपी कमल राम के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी को भी जप्त कर लिया गया है।
    आरोपी कमल राम के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
 मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तुमला निरीक्षक कोमल नेताम, प्रधान आरक्षक फ्रांसिस बेक, आरक्षक हीरा लाल यादव, नगर सैनिक बेनुधर बारीक व देवनन्दन राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
      मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि थाना तुमला क्षेत्र में अपनी मां की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है, उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी को भी जप्त किया गया है।

और भी

*अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर, 7 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है।

बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया।

बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है।

बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से श्री राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से श्री गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री बसव राजू, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, श्री रोहित यादव, श्री कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, श्री आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

*मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा....सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री श्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा याद*

रायपुर, 7 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा।

किसान श्री योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुश्री सृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री श्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री श्री साय  की दृष्टि  मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया।  मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई। 

सृष्टि के पिता श्री योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी।

सुश्री सृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।

और भी