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कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का सफर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लेमरू में धरम सिंह के नए घर में कराया गृह प्रवेश, 60 हजार की सोलर सहायता देकर परिवार के सपनों में भरी नई रोशनी

रायपुर 16 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कोरबा जिले के लेमरू पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही श्री धरम सिंह के नव निर्मित आवास का उद्घाटन एवं गृह प्रवेश कराया। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले धरम सिंह के परिवार के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और नए घर के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आवास का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापना हेतु डीएमएफ मद से हितग्राही अंशदान की 60 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री के आगमन से धरम सिंह का परिवार भावुक हो उठा। परिवार ने आत्मीय स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभों के लिए आभार व्यक्त किया। पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि अब योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है और लोगों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

इस अवसर पर उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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पीपल की छांव में खाट पर बैठे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश; ग्राम कोसला को मिली “महतारी सदन” और हायर सेकेंडरी स्कूल भवन की बड़ी सौगात

रायपुर 16 मई 2026/सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री श्री साय के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री श्री साय का बेहद सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे बिना किसी औपचारिकता के गांव के पीपल पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया और चौपाल आत्मीय संवाद तथा संवेदनशील शासन की मिसाल बन गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे चर्चा करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।

ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पूछा, “पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं?” ग्रामीणों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने गांव के पटवारी श्री शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

चौपाल के दौरान ग्राम कोसला की श्रीमती सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है।

इसी दौरान ग्राम की “लखपति दीदी” श्रीमती नीमा तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में ग्राम कोसला में 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ग्राम कोसला में “महतारी सदन” निर्माण की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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गुपचुप के छोटे ठेले से “लखपति दीदी” बनने तक मंजू बहन की संघर्षभरी उड़ान… लेमरू में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने चखा गुपचुप, सुनी आत्मनिर्भरता की कहानी

रायपुर 16 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कोरबा जिले के लेमरू प्रवास के दौरान आत्मीयता, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्री श्री साय ने यहां ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी लखपति दीदी श्रीमती मंजू द्वारा संचालित छोटे से स्टॉल पर पहुंचकर उनके हाथों से बने चटपटे गुपचुप का स्वाद लिया और आत्मीय संवाद किया।

बातचीत के दौरान श्रीमती मंजू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने छोटे स्तर से अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। गुपचुप स्टॉल से होने वाली बचत और लगातार मेहनत के बल पर आज वे भवन निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली ‘सेंटरिंग प्लेट’ के व्यवसाय से भी जुड़ गई हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसले, परिश्रम और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंजू बहन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना आज महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक मजबूती का मजबूत आधार बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती मंजू को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेहनत को अवसर और हौसले को सहारा मिलता है, तब बदलाव केवल एक व्यक्ति के जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे गांव और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है।

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बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा कसना शुरू, कलेक्टर रोहित व्यास बोले- “अब रिजल्ट नहीं सुधरा तो स्कूल बंद होने तक की होगी कार्रवाई”, शिक्षकों की जवाबदेही तय, प्राचार्यों को रोज क्लास में बैठने का आदेश

जशपुर नगर/ 16 मई 2026

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शनिवार को कलेक्टर रोहित व्यास ने जिले के  खराब परीक्षा परिणाम वाले 26 विद्यालयों की बोर्ड परीक्षा परिणाम  की गहन‌ समीक्षा की। 

मोतीलाल हायर सेकंडरी विद्यालय लोखंडी को खराब परीक्षा परिणाम के लिए नोटिस , सेंट मैरी विद्यालय दुलदुला की जांच, सेजेस मनोरा के वाणिज्य के व्याख्याता को कारण बताओ नोटिस और विषयवार खराब रिजल्ट वाले शिक्षकों पर कार्यवाही के निर्देश उन्होंने दिए। सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इन शिक्षकों की बैठक लेकर जांच करने को कहा। साथ ही अनुत्तीर्ण और पूरक आए विद्यार्थियों की वर्ष भर की उपस्थिति के साथ ही मासिक, तिमाही और छमाही परीक्षा परिणाम चेक करने के निर्देश दिए और समीक्षा कर अनुतीर्ण होने के कारणों का पता लगाने कहा गया l 

प्राइवेट या अनुदान प्राप्त विद्यालयों के खराब परीक्षा परिणाम पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कड़ी फटकार लगाई और चेतावनी देते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा सत्र से यदि परीक्षा परिणाम में सुधार नहीं होता है तो संबंधित विद्यालयों की मान्यता समाप्त की जाएगी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों का अनुदान का प्रस्ताव भेजने पर पुनर्विचार किया जाएगा। ‌ उन्होंने कहा कि शासन के द्वारा यदि बच्चों के लिए खर्च किया जा रहा है तो उसका लाभ भी विद्यार्थियों को अच्छे से मिलना चाहिए। 

बेहतर शिक्षा गुणवत्ता के लिए सभी अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में  मासिक परीक्षा सहित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम की गतिविधियों का क्रियान्वयन भी वर्तमान शिक्षा सत्र से करने का निर्देश उन्होंने दिया। शासकीय विद्यालयों की समीक्षा के साथ इन विद्यालयों की समीक्षा भी अब की जाएगी। यशस्वी जशपुर की टीम को इन विद्यालयों की मॉनिटरिंग करने का निर्देश भी दिया। 

उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्राचार्य अब प्रत्येक दिन किसी भी एक कक्षा में एक कालखंड में पूरे समय उपस्थित रहकर अवलोकन करेंगे।  शिक्षण पद्यति में यदि कोई कमी  पाई जाएगी तो सुधार के लिए आवश्यक टीप भी दिए जायें l बच्चों की विद्यालय में 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पालक संपर्क और अधिक करने निर्देश दिया। प्रत्येक दिवस अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को कक्षा शिक्षक अनिवार्य रूप से कॉल करके अनुपस्थित रहने का कारण पंजी में संधारित करेंगे l विद्यालय में विद्यार्थियों के द्वारा मोबाइल का उपयोग ना करने की बात भी उन्होंने कही।

समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा, यशस्वी जशपुर के नोडल विनोद गुप्ता, सदस्य अवनीश पांडेय, संजय दास और सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी व प्राचार्य उपस्थित रहे।

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बैंकिंग योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर व्यास सख्त, ऋण प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश; किसानों, युवाओं और महिला समूहों को मिलेगा बैंकिंग योजनाओं का बड़ा फायदा

जशपुरनगर 16 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं विशेष जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों को बैंकिंग सुविधाओं और ऋण योजनाओं का लाभ उदारतापूर्वक दिया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने विशेष रूप से कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत प्राप्त ऋण प्रकरणों को तेजी से निराकृत करे, जिससे अधिक लोग योजना के प्रति जागरूक होंगे। बैठक में जिले में नए खोले जाने वाले बैंकिंग शाखाओं के बारे में भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, आरबीआई प्रतिनिधि, लीड बैंक मैनेजर, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

*ऋण स्वीकृति में पारदर्शिता और समाधान पर जोर* -

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि किसी हितग्राही का ऋण आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, तो उसे स्पष्ट कारण बताते हुए समाधान के विकल्प भी बताए जाएं। उन्होंने बैंक अधिकारियों से सहयोगात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं को सरल एवं सुलभ बनाया जाए। उन्होंने क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात को संतुलित रखने और समय पर ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

*केसीसी, मुद्रा और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा* -

बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड , बिहान योजना सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं उद्यानिकी से जुड़े केसीसी प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत किया जाए। साथ ही युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत करने पर जोर दिया गया।

*बीमा और पेंशन योजनाओं के प्रचार-प्रसार के निर्देश* -

कलेक्टर श्री व्यास ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक शाखाओं को सुशासन शिविर में शिविर आयोजित कर अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही लंबित बीमा दावों के त्वरित और संवेदनशील निराकरण पर भी जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।

*किसानों और समूहों के लिए विशेष पहल* -

कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बिहान स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज को तेज करने तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से रोजगारपरक प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

*जनधन, आधार सीडिंग और वित्तीय साक्षरता पर फोकस* -

बैठक में प्रधानमंत्री जनधन खातों में आधार सीडिंग, रूपे कार्ड वितरण एवं वित्तीय साक्षरता गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जिले के समग्र विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और सभी बैंक शासन की योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करते हुए आमजन को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

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दिनभर मजदूरी… फिर रात में राशन की लाइन! गोरिया पंचायत में देर रात तक बंटता रहा पीडीएस चावल, VIDEO वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

नारायणपुर/कुनकुरी 16 मई 2026। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत गोरिया में पीडीएस राशन वितरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गांव में देर रात चावल वितरण का वीडियो वायरल होने के बाद पंचायत व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। वायरल वीडियो में रात करीब 9 बजे राशन दुकान के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे ग्रामीण घंटों लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद गांव में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण लोगों को रात के अंधेरे में राशन लेने मजबूर होना पड़ रहा है।

गांव के निवासी गॉड फ्रेड खलखो और देवेंद्र गुप्ता ने पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिनभर मजदूरी करने वाले गरीब परिवारों को रात 9 से 10 बजे तक राशन के लिए इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई लोग दूर-दराज के मोहल्लों से छोटे-छोटे बच्चों को लेकर राशन दुकान पहुंचते हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में रात तक राशन वितरण होना बेहद तकलीफदेह है। लोगों का आरोप है कि दिनभर समय होने के बावजूद वितरण व्यवस्था सही तरीके से नहीं संभाली जा रही, जिसका खामियाजा हितग्राहियों को भुगतना पड़ रहा है।  वीडियो में राशन दुकान परिसर पूरी तरह लोगों से भरा दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों की लंबी कतार और देर रात तक चल रहा वितरण अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। 

इधर पंचायत के सरपंच और सचिव ने सफाई देते हुए कहा कि राशन वितरण सुबह से ही शुरू कर दिया जाता है, लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण फिंगर मशीन बेहद धीमी चलती है। इसी वजह से वितरण कार्य में देर होती है और रात तक काम चलता रहता है।

पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि अधिकांश ग्रामीण मजदूरी करने वाले हैं। यदि किसी कारण से उसी दिन राशन नहीं दिया जाए तो लोगों को दोबारा आना पड़ता है, जिससे उनका काम प्रभावित होता है। इसलिए कोशिश रहती है कि सभी हितग्राहियों को उसी दिन राशन उपलब्ध करा दिया जाए।

हालांकि पंचायत की इस दलील से ग्रामीण संतुष्ट नजर नहीं आ रहे। लोगों का कहना है कि तकनीकी समस्या का बोझ जनता पर डालना उचित नहीं है। ग्रामीण अब इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की तैयारी में हैं।

जब इस बारे में एसडीएम कुनकुरी से पूछने पर कहा कि इसका पता लगाकर वास्तविक स्थिति की जांच होगी और गलत पाए जाने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।

सवाल यह उठ रहा है कि क्या पीडीएस जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था रात में संचालित होना नियमों के अनुरूप है? अब सबकी नजर खाद्य विभाग और  प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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जशपुर में स्वास्थ्य क्रांति की मजबूत नींव : 23 करोड़ की क्रिटिकल केयर यूनिट से लेकर 220 बिस्तर अस्पताल, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी कॉलेज तक… कलेक्टर रोहित व्यास ने निर्माण स्थलों पर पहुंचकर कसी लगाम, बोले—लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय पर पूरे हों जनसुविधा से जुड़े सभी प्रोजेक्ट

जशपुरनगर 15 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस जिले में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। साथ ही कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाएं आमजन की सुविधा से जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सीजीएमएससी निर्माण एजेंसी के देखरेख में निर्मित किए जा रहे इन कार्यों तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार प्रतिनिधि मौजूद रहे।

50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर यूनिट का निरीक्षण

कलेक्टर श्री व्यास ने सबसे पहले जशपुर नगर में कल्याण आश्रम के समीप लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर यूनिट का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन एरिया, वेटिंग हॉल सहित भूतल एवं प्रथम तल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण करते हुए ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की। साथ ही परिसर में व्यवस्थित पार्किंग, छायादार वृक्षारोपण एवं अस्पताल सेटअप में उपलब्ध होने वाले आवश्यक स्वास्थ्य उपकरणों की जानकारी लेते हुए सिविल वर्क को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह यूनिट तैयार होने के बाद जिले में गंभीर मरीजों के उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा। जिससे लोगों को जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

चराईडांड में 220 बिस्तर अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज निर्माण

कलेक्टर श्री व्यास ने ग्राम चराईडांड में 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 220 बिस्तर के सिविल अस्पताल का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में अस्पताल निर्माण अंतर्गत फाउंडेशन कार्य प्रगति पर है, जिस पर उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को कहा, जिससे कार्य को जल्द पूर्ण करने में आसानी हो। यह अस्पताल कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा एवं अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके निर्माण हो जाने से लोगों को एक ही जगह पर सर्व सुविधायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होगी। कलेक्टर ने इसी परिसर के बगल में 8 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने साइट प्लान एवं ड्राइंग देखकर फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को नर्सिंग शिक्षा की सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा। इसके अलावा कलेक्टर ने चराईडांड में ही 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से बन रहे फिजियोथैरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने परिसर में खाली स्थानों पर ट्री गार्ड के साथ वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए, ताकि भवन पूर्ण होने तक हरियाली विकसित हो सके।

कंडोरा में फिजियोथैरेपी कॉलेज की तैयारियों की समीक्षा

कलेक्टर ने ग्राम कंडोरा में संचालित होने वाले फिजियोथैरेपी कॉलेज की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कॉलेज के भू तल, प्रथम एवं द्वितीय तल, प्राचार्य कक्ष सहित सभी कक्षों का निरीक्षण किया। क्लास संचालन के लिए अभी तक किए गए व्यवस्थाओं एवं संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्र प्रारंभ होने से पूर्व बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही परिसर में स्थित कुएं की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए।

नेचुरोपैथी सेंटर कार्य में देरी पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के अगले चरण में कलेक्टर श्री व्यास ग्राम बेमताटोली पहुंचे। जहां उन्होंने आयुष विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन नेचुरोपैथी सेंटर का अवलोकन किया। कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि अनावश्यक विलंब की स्थिति में अनुबंध समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही जीपीएस टैग के साथ फोटोग्राफ साझा करने को भी कहा।

गिनाबहार में एमसीएच यूनिट व बीपीएचयू का भी निरीक्षण

कलेक्टर श्री व्यास ने निरीक्षण के दौरान ग्राम गिनाबहार में निर्माणाधीन 50 बिस्तर के एमसीएच( मातृ शिशु स्वास्थ्य यूनिट) तथा बीपीएचयू (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट) अंतर्गत लैब निर्माण का भी अवलोकन किया। उन्होंने कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। ये सभी निर्माण कार्य सीजीएमएससी एजेंसी द्वारा कराए जा रहे हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण हो सके और जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

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शिक्षा, पर्यटन और यातायात को नई रफ्तार देने वाली परियोजनाओं की समीक्षा : कलेक्टर श्री व्यास ने कुनकुरी में विकास कार्यों का किया विस्तृत निरीक्षण, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर 15 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस वृहद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत कुनकुरी क्षेत्र में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने नालंदा परिसर, विसर्जन तालाब एवं ईब नदी पर बन रहे उच्चस्तरीय पुल का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने सभी निर्माण कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि ये परियोजनाएं जिले के शिक्षा, पर्यटन और यातायात विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। इन कार्यों के पूर्ण होने से न केवल युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि आम नागरिकों को भी सुविधाजनक जीवन उपलब्ध होगा। इस दौरान एसडीएम कुनकुरी श्री नंदजी पांडे सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

*अत्याधुनिक नालंदा परिसर से युवाओं को मिलेगा 24x7 अध्ययन का अवसर* -

कलेक्टर ने कुनकुरी के सलियाटोली ग्राम में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस परिसर का उद्देश्य जिले के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा संसाधन उपलब्ध कराना है। वर्तमान में प्लिंथ लेवल का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नालंदा परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, जिसमें 24 घंटे अध्ययन की व्यवस्था रहेगी। यहां इंडोर और आउटडोर स्टडी ज़ोन, ऑक्सी रीडिंग ज़ोन, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई ज़ोन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की 50,000 से अधिक पुस्तकों की उपलब्धता होगी। परिसर को पर्यावरण अनुकूल बनाते हुए सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा तथा 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं के समग्र विकास के लिए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ ज़ोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक आईडी एवं पुस्तक प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था इसे एक स्मार्ट अध्ययन केंद्र बनाएगी।


*विसर्जन तालाब का हो रहा सौंदर्यीकरण, बढ़ेगा पर्यटन* -

कलेक्टर ने इसके पश्चात कुनकुरी में विसर्जन तालाब का निरीक्षण किया, जहां सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत तालाब की साफ सफाई तथा आसपास के क्षेत्र को सुंदर एवं आकर्षक बनाया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि तालाब को एक व्यवस्थित विसर्जन स्थल (छठ घाट सहित) के रूप में विकसित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कलेक्टर ने तालाब परिसर में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं यातायात नियंत्रण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ कुनकुरी की सांस्कृतिक पहचान एवं पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे सुसज्जित एवं आकर्षक रूप में विकसित किया जाना महत्वपूर्ण है।


*ईब नदी पर उच्चस्तरीय पुल से आवागमन होगा सुगम* -

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कुनकुरी से रनपुर मार्ग पर ईब नदी में निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल का भी जायजा लिया। लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 4 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पुल की लंबाई 120 मीटर होगी, जिसमें 5 स्पान बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा दिसंबर 2026 तक पुल का निर्माण पूर्ण किया जाए। पुल के निर्माण से विशेषकर बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या समाप्त होगी और क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे परिवारों के लिए संजीवनी बनी सहायता राशि : माटीकला बोर्ड अध्यक्ष ने अपने गृह ग्राम रनपुर में जरूरतमंदों को वितरित किए सहायता चेक, कलेक्टर रोहित व्यास ने की सराहना

जशपुरनगर 15 मई 2026/ छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती ने गुरुवार को अपने गृह ग्राम रनपुर में जरूरतमंदों के लिए संवेदनशील पहल करते हुए 12 हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपये की स्वेच्छानुदान राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास भी मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामीणों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे उनके बीच राहत और संतोष का माहौल देखा गया। यह स्वेच्छानुदान राशि मुख्य रूप से आकस्मिक एवं अत्यावश्यक परिस्थितियों में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दी जाती है। इस अवसर पर श्री चक्रवर्ती ने बताया कि यह राशि उन जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों को दी जाती है, जो गंभीर बीमारी, दुर्घटना या आर्थिक संकट जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। इसके माध्यम से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग, गरीब परिवारों को राहत, असाध्य रोगों या दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों को संबल प्रदान किया जाता है। इसके अलावा यह राशि सामुदायिक विकास से जुड़े छोटे कार्यों, सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं खेल गतिविधियों के लिए भी उपयोगी होती है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिल सके।

     कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सहायता राशि जरूरतमंदों के लिए संजीवनी का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर सहायता मिले, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से उबर सकें।
ग्रामीणों ने इस पहल के लिए आभार जताते हुए कहा कि समय पर मिली यह आर्थिक सहायता उनके लिए बड़ी राहत है। कार्यक्रम में एसडीएम बगीचा श्री प्रदीप राठिया सहित जनपद सीईओ, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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जनता की हर आवाज अब सीधे सरकार तक : सीएम हेल्पलाइन 1076 बनेगी शिकायतों के त्वरित समाधान का सबसे बड़ा हथियार, जशपुर में अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

जशपुरनगर, 15 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रत्येक नागरिकों को शासकीय सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल करने जा रही हैं। राज्य सरकार सीएम हेल्पलाइन और शिकायत प्रबंधन प्रणाली छत्तीसगढ़ शुरू कर रही है। जिसे सुशासन और अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। जिसका उ‌द्देश्य नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने, सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा अपनी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण हेतु एक एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय माध्यम प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। इस संबंध में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में ब्लॉक और जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
      प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित गति से निराकरण सभी अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यह अवश्य ध्यान रखा जाना चाहिए़ कि पात्र हितग्राहियों को शासकीय सेवाओं का लाभ समय पर मिले, साथ ही वे समस्या के निराकरण से संतुष्ट नजर आए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सीएम हेल्पलाइन के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी श्री हरिओम द्विवेदी सहित एसडीएम, सभी विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे। सीएम हेल्पलाइन के प्रशिक्षण दल के प्रमुख श्री अनुराग दीवान ने जानकारी देते हुए बताया कि  सीएम हेल्पलाइन एक केंद्रीकृत और तकनीक से संचालित शिकायत निवारण प्रणाली है। इसके माध्यम से नागरिक फोन, व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप या लिखित आवेदन द्वारा सरकारी सेवाओं से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। 
   सभी शिकायतों का समाधान चार स्तरों  के जरिए किया जाएगा, जिसमें हर स्तर पर तय समयसीमा होगी। सिस्टम में शिकायत की रियल-टाइम ट्रैकिंग, समाधान के बाद नागरिकों से फीडबैक लेना और MIS आधारित रिपोर्टिंग शामिल होगी, ताकि कामकाज की निगरानी सही तरीके से हो सके। सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर शिकायतों का समाधान करना होगा। हेल्पलाइन से प्राप्त डेटा की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, जिससे कमियों की पहचान हो, जिम्मेदारी तय हो सके और सरकारी सेवाओं में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने जानकारी दी कि सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत निवारण प्रणाली के तहत 1076 टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा कर समाधान पा सकते हैं। 

*सीएम हेल्पलाइन इस समस्या का समाधान के पाँच प्रमुख स्तंभ*

शिकायत ट्रैकिंग प्रणाली-प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट यूनिक टोकन संख्या प्रदान की जाती है, जिससे उसकी स्थिति एवं प्रगति की रियल-टाइम ट्रैकिंग सुनिक्षित होती है। समयबद्ध संकल्प- निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों के निराकरण हेतु SLA आधारित प्रणाली लागू की जाती है तथा विलंब की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारी के पास स्वतः एस्केलेशन किया जाता है। आवेदक की पुष्टि- समाधान उपरांत नागरिकों से संतुष्टि सम्बन्धी प्रतिक्रिया प्राप्त कर सेवा गुणवत्ता का आकलन किया जाता है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही- प्रत्येक स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी एवं आवेदन का रियल टाइम दृश्यता के अवलोकन से पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन सुनिक्षित किया जाएगा। कार्यकुशल निगरानी -MIS डैशबोर्ड एवं रिपोर्टिंग के माध्यम से विभागीय प्रदर्शन की सतत निगरानी एवं त्वरित सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।

*पारदर्शिता और समाधान के लिए चार स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली*

सीएम हेल्पलाइन एक सुव्यवस्थित चार स्तरीय शिकायत निवारण एवं एस्केलेशन तंत्र का पालन करती है, जिसे जवाबदेही, पारदर्शिता और शिकायतों के समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह L1 (ब्लॉक स्तर), L2 (जिला स्तर), L3 (कमिश्नरेट/डिवीजन/निदेशालय स्तर) तथा L4 (सचिव/विभागाध्यक्ष स्तर) से मिलकर बना है, जो एक संपूर्ण स्तरवार शिकायत प्रणाली बनाता है। शिकायत पंजीकरण के पश्चात प्रत्येक शिकायत स्वतः ही प्रारंभिक कार्रवाई हेतु संबंधित L1 अधिकारी को आवंटित कर दी जाती है। अगर किसी शिकायत को गलती से गलत विभाग में भेज दिया गया हो, तो उसे सीएम हेल्पलाइन यूनिट  को ट्रांसफर किया जा सकता है। वहां से उसे सही विभाग के उचित L1 अधिकारी को भेज दिया जाएगा। इस प्रणाली में हर स्तर पर लगातार निगरानी और समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

*सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर दिन के 24 घंटे, सप्ताह के 7 दिन और वर्ष के 365 दिन होगी संचालित*

सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर दिन के 24 घंटे, सप्ताह के 7 दिन और वर्ष के 365 दिन संचालित होगा। नागरिक किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, शिकायत की स्थिति जान सकते हैं या जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें नागरिक छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी सरकारी विभाग, सार्वजनिक सेवा या सरकारी योजना से संबंधित शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकते हैं। इसमें सार्वजनिक उपयोगिताएँ, कल्याणकारी योजनाएँ, अधोसंरचना आदि से जुड़ी समस्याएँ शामिल हैं। नागरिक चार तरीके हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से, लिखित पत्र के माध्यम से और व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें और भेजे गए ओटीपी  के माध्यम से सत्यापन करें। लॉग-इन करने के बाद शिकायत पंजीकरण फ़ॉर्म में विभाग, श्रेणी का चयन करें और समस्या का विवरण भरें। समर्थन दस्तावेज़ या फोटो भी संलग्न कर सकते हैं। अंत में, सबमिट  पर क्लिक करके शिकायत पंजीकरण पूरा करें।  
    ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के बाद सिस्टम तुरंत एक विशिष्ट शिकायत टोकन नंबर जरीनकरता है, जो पोर्टल पर प्रदर्शित होता है तथा SMS के माध्यम से आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है। शिकायत की स्थिति जांच करने के लिए  सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में लॉग-इन कर अनुभाग पर जाकर वहाँ अपना विशिष्ट टोकन नंबर दर्ज कर  अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति, जिस अधिकारी को शिकायत सौंपी गई है, अब तक की गई कार्रवाई, तथा अनुमानित समाधान तिथि देख सकते हैं।   नागरिक सीएम हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव  को अपना टोकन नंबर बताकर आप अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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मटासी में खबर का तगड़ा असर : मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय के निर्देश पर बिजली विभाग ने दिखाई बिजली जैसी रफ्तार, रातभर अंधेरे में डूबे गांव में कुछ घंटों में लगा नया ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने कहा — अब मिली राहत की सांस

नारायणपुर 15 मई 2026। नारायणपुर क्षेत्र के ग्राम मटासी में बीते दो दिनों से गहराया बिजली संकट आखिरकार दूर हो गया। “कलम की आवाज” में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और बिजली विभाग ने ऐसी तेजी दिखाई कि कुछ ही घंटों के भीतर गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। अचानक हुई इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और लोगों ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय व विद्युत विभाग के प्रति आभार जताया है।

ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम मटासी मुहल्ला में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर बुधवार रात लगभग 10 बजे अचानक जलकर खराब हो गया था। ट्रांसफार्मर फेल होते ही पूरे मुहल्ले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में पूरी रात गांव अंधेरे में डूबा रहा। बिजली बंद होने से जहां घरों में लोग परेशान थे, वहीं पानी की समस्या भी गहराने लगी थी। ग्रामीणों का कहना था कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

मामले को “कलम की आवाज” ने प्रमुखता से उठाया। समाचार प्रकाशित होते ही मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय तक इसकी जानकारी पहुंची। बताया जा रहा है कि कैम्प कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिजली विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके बाद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तत्काल सक्रिय हो गए और युद्धस्तर पर काम शुरू किया गया।

विद्युत विभाग की टीम आवश्यक सामग्री और नया ट्रांसफार्मर लेकर मटासी पहुंची। कर्मचारियों ने खराब ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया। कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद गांव में दोबारा बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई। जैसे ही गांव में बिजली लौटी, लोगों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ नजर आने लगी।

ग्रामीणों ने कहा कि समाचार प्रकाशित होने के बाद जिस तेजी से कार्रवाई हुई, उससे लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, विद्युत विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय रहते समस्या का समाधान होने से बड़ी परेशानी टल गई। 

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पहाड़ियों के बीच बसे बेलसोंगा जलाशय को मिलेगी नई मजबूती : कलेक्टर रोहित व्यास ने किया निरीक्षण, गेट मरम्मत के निर्देश से सिंचाई व्यवस्था होगी दुरुस्त, खेतों तक पहुंचेगा भरपूर पानी और किसानों की बढ़ेगी आमदनी...

जशपुरनगर 15 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को बगीचा अनुविभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत चराईखारा स्थित बेलसोंगा जलाशय का निरीक्षण किया। यह जलाशय पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों से परिपूर्ण है। कलेक्टर ने जलाशय पहुंचकर उसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान श्री चक्रवर्ती ने बताया कि जलाशय में जल भराव की स्थिति अच्छी रहती है। जिससे आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर भी संतुलित बना रहता है। हालांकि जलाशय के गेट की मरम्मत की आवश्यकता है, जिससे जल प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    कलेक्टर ने स्थल का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलाशय के गेट की मरम्मत के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि जलाशय को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि गेट की मरम्मत के बाद जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध हो सकेगा। इससे न केवल फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उत्पादन में भी वृद्धि होगी और किसानों की आय में सुधार आएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

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तीन तरफ ऊंचे पहाड़, बीच में बसा कुरूमढोढ़ा… आम के पेड़ के नीचे लगी कलेक्टर की चौपाल में छलका ग्रामीणों का दर्द, पटवारी प्रभार बदलने से लेकर पुल-सड़क, राशन और पानी तक पर मौके पर हुए बड़े फैसले

जशपुरनगर 15 मई 2026/ बगीचा अनुविभाग अंतर्गत तीन ओर पहाड़ों से घिरे दूरस्थ ग्राम कुरूमढोढ़ा में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को आम के पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाई। उन्होंने वहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस दौरान छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने चौपाल में ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ संवाद करते हुए गांव की मूलभूत समस्याओं जैसे राशन, आवास, पेयजल, सड़क एवं राजस्व सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि रनपुर से जुड़ने वाली कच्ची सड़क के बीच पुल नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। इस पर कलेक्टर ने स्वयं स्थल निरीक्षण कर पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया, जिससे भविष्य में आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

*राजस्व सेवाएं अब गांव के करीब* -

ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कुरूमढोढ़ा ग्राम के लिए रनपुर के पटवारी को प्रभार देने के निर्देश एसडीएम को दिए। पहले ग्रामीणों को राजस्व कार्यों के लिए दूरस्थ गांव ढोढ़ाअम्बा के पटवारी के पास जाना पड़ता था, जबकि कुरूमढोढ़ा रनपुर पंचायत अंतर्गत आता है। इससे ग्रामीणों को कठिनाई होती थी। अब यह सुविधा गांव के नजदीक उपलब्ध होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस निर्णय पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए तालियां बजाकर कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और त्वरित समाधान के लिए प्रशंसा की।


*राशन व्यवस्था और पेयजल पर त्वरित निर्णय* -

चौपाल में ग्रामीणों ने राशन दुकान दूर होने की समस्या बताते हुए कहा कि उन्हें राशन लेने रनपुर जाना पड़ता है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कुरूमढोढ़ा में ही राशन भंडारण कर स्थानीय स्तर पर वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बस्ती में नल-जल की समस्या सामने आने पर कलेक्टर ने तत्काल आवश्यक बोर खनन कराने के निर्देश दिए, जिससे पेयजल संकट दूर हो सके।


*आवास और राजस्व प्रकरणों पर भी दिए निर्देश* -

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए हितग्राहियों को निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने और तेजी से पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उन्हें पक्के मकान की सुविधा मिल सके। फौती बंटवारे के लिए तहसील जाने की समस्या पर कलेक्टर ने बताया कि अब ग्रामीण सचिवालय के माध्यम से गांव स्तर पर ही ऐसे प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। ग्रामीण पंचायत में आवेदन देकर अपने मामलों का समाधान करा सकते हैं और उन्हें अनावश्यक रूप से तहसील नहीं जाना पड़ेगा।

*डिजिटल सेवाएं भी गांव तक* -

कलेक्टर ने बताया कि गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से आय, जाति, निवास जैसे प्रमाण पत्र अब स्थानीय स्तर पर ही बनाए जा सकेंगे। इससे ग्रामीणों का समय, श्रम और खर्च बचेगा। यह जनचौपाल न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बनी, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता और ग्रामीणों के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

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रनपुर में प्रशासनिक सख्ती और विकास की नई पहल : माटीकला बोर्ड अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती और कलेक्टर रोहित व्यास ने गांव का किया व्यापक निरीक्षण, स्कूल से अस्पताल तक व्यवस्थाओं की परखी हकीकत, अतिक्रमण हटाकर गांव को व्यवस्थित बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के दिए कड़े निर्देश

जशपुरनगर 15 मई 2026/ छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को ग्राम रनपुर का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय संस्थाओं एवं सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार व्यवस्था एवं स्वच्छता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं ग्रामीणों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि ग्राम स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बाजार व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे विकास कार्यों में सहयोग करें और गांव को व्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। निरीक्षण के दौरान गांव के सरपंच, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

*स्कूल परिसर में अतिक्रमण हटाने पर जोर* -

कलेक्टर ने सबसे पहले रनपुर में हाईस्कूल परिसर का अवलोकन किया, जहां उन्होंने बाउंड्री वाल निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर का सीमांकन कर पर्याप्त भूमि सुरक्षित की जाए, ताकि बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं खेल मैदान उपलब्ध हो सके। इससे विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर होगा और उन्हें समुचित सुविधाएं मिल सकेंगी।

*बाजारडांड का निरीक्षण, अतिक्रमण हटाने के निर्देश* -

इसके पश्चात कलेक्टर श्री व्यास ने गांव के बाजारडांड का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण बाजार क्षेत्र संकरा हो गया है, जिससे आवागमन एवं व्यापार में समस्या होती है। इस पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत को आपसी सहमति से अतिक्रमण हटाने की पहल करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि गांव के हित में सामंजस्य बनाकर बाजार क्षेत्र का व्यवस्थित विकास किया जाए। कलेक्टर ने सामुदायिक शौचालय की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, बाजार परिसर को स्वच्छ रखने तथा पंचायत द्वारा निर्मित दुकानों का मासिक किराया नियमित रूप से वसूलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस आय का उपयोग पंचायत के विकास कार्यों में किया जा सकता है। साथ ही एसडीएम को बाजार क्षेत्र का सीमांकन कर निर्धारित क्षेत्र चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिससे बाजार लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके।

*स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा* -

कलेक्टर ने रनपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, आईपीडी, मासिक प्रसव प्रकरण, दवा वितरण, उपलब्ध उपकरण, स्टोर रूम, पीएनसी कक्ष एवं पुरुष-महिला वार्ड का अवलोकन किया। उन्होंने संस्थागत प्रसव दर बढ़ाने पर जोर देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी बातचीत कर उनके हालचाल जाना और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि वे अस्पताल परिसर में ही निवास कर गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं प्रदान करें, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

*पशु औषधालय एवं आयुर्वेदिक केंद्र का निरीक्षण* -

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गांव में स्थित पशु औषधालय का भी जायजा लिया। जहां उन्होंने पशु उपचार, औषधि वितरण, टीकाकरण एवं बधियाकरण की जानकारी ली। उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद आयुर्वेद औषधालय का निरीक्षण करते हुए उन्होंने ओपीडी, दवा उपलब्धता एवं स्टाफ उपस्थिति की जानकारी ली और नियमित सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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पानी के लिए रोजाना संघर्ष कर रहे बैशाखूपारा के लोगों को मिली बड़ी राहत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल से दूर हुई वर्षों पुरानी पेयजल समस्या,ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार

नारायणपुर 15 मई 2026। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच ग्राम पंचायत सेंदरीमुंडा के वार्ड क्रमांक 7 बैशाखूपारा में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या आखिरकार दूर हो गई। लंबे समय से पानी की गंभीर किल्लत झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह राहत किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। मुहल्ले में पानी की समस्या इतनी विकराल हो चुकी थी कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को रोजाना  दूर जाकर पानी लाना पड़ता था। सुबह होते ही महिलाओं के सिर पर घड़े और हाथों में बाल्टियां दिखाई देती थीं। भीषण गर्मी में पानी की तलाश ग्रामीणों की सबसे बड़ी मजबूरी बन चुकी थी।

गांव के लोगों ने कई बार विभाग जे पास अपनी समस्या उठाई, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था। आखिरकार ग्रामीणों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया तक अपनी आवाज पहुंचाने का निर्णय लिया। गांव के  संतोष देहरी के नेतृत्व में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचा और बैशाखूपारा में हैंडपंप खनन कराने की मांग को लेकर आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने  बताया कि पानी की समस्या के कारण गांव में हालात बेहद खराब हैं और लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया ने तत्काल कार्रवाई की। आवेदन मिलते ही बिना किसी देरी के हैंडपंप खनन के लिए मशीन और टीम को गांव भेजा गया। प्रशासन की इस त्वरित पहल ने ग्रामीणों के चेहरे पर उम्मीद की नई किरण जगा दी। 

कुछ ही समय में हैंडपंप खनन का कार्य पूरा हुआ और जैसे ही पानी निकला, पूरे बैशाखूपारा में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और महिलाओं ने राहत की सांस ली। वर्षों से जिस समस्या ने गांव की दिनचर्या को प्रभावित कर रखा था, उसका समाधान होते ही लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। 

ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि पहले उन्हें सुबह-सुबह दूर-दराज के क्षेत्रों में पानी भरने जाना पड़ता था। कई बार घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता था और गर्मी में काफी परेशानियां उठानी पड़ती थीं। अब मुहल्ला में ही हैंडपंप लग जाने से उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है। 

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री की संवेदनशील कार्यशैली और मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि शासन की यह पहल बताती है कि सरकार गांव और गरीबों की समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है और समाधान के लिए तत्परता से काम कर रही है।

समस्त ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में मिली यह सुविधा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है और इससे पूरे बैशाखूपारा में राहत और खुशी का माहौल बना हुआ है।

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ट्रांसफार्मर हुआ खराब तपती रातों में तड़पा मटासी : 21 घंटे से अंधेरे में डूबी बस्ती, पानी के लिए मची हाहाकार, विभाग के कर्मचारी बोला- डीजल नहीं… ग्रामीण बोले- बिल लेने में आगे, सुविधा देने में फिसड्डी

नारायणपुर 15 मई 2026। भीषण गर्मी के बीच नारायणपुर वितरक केंद्र अंतर्गत आने वाली मटासी बस्ती इन दिनों बिजली संकट से जूझ रही है। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे बस्ती में लगा ट्रांसफार्मर अचानक खराब हो गया, जिसके बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप्प हो गई। शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे तक भी ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। तेज गर्मी, उमस और अंधेरे के बीच पूरी रात लोगों ने बेहद मुश्किल हालात में गुजारी।

गांव में बिजली बंद होते ही सबसे पहले पेयजल संकट गहराने लगा। घरों में लगे मोटर बंद हो गए, पानी टंकी तक नहीं पहुंच सका और लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। गर्मी इतनी अधिक है कि दिन में घरों के भीतर बैठना मुश्किल हो रहा है, वहीं रात में बिजली नहीं रहने से लोग घरों के बाहर और आंगन में जागकर समय बिताने को मजबूर हैं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान नजर आते  नजर आए ।

ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना बिजली विभाग को तुरंत दे दी गई थी, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि हर महीने समय पर बिजली बिल भेज दिया जाता है और उपभोक्ताओं से पूरा भुगतान भी लिया जाता है, लेकिन जब सुविधा देने की बारी आती है तो विभाग जिम्मेदारी से पीछे हट जाता है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर शहर में ऐसा हाल होता तो शायद कुछ ही घंटों में ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता, लेकिन गांवों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता।

बिजली बंद होने से मोबाइल चार्ज करना भी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। कई लोगों के मोबाइल बंद हो चुके हैं, जिससे संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। दुकानदारों का कारोबार ठप पड़ गया है, वहीं छोटे बच्चों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। गर्मी और उमस के कारण पूरी रात लोगों की आंखों में कटी।

इधर बिजली विभाग के नारायणपुर स्टाफ ने सफाई देते हुए कहा कि कुनकुरी से नया ट्रांसफार्मर लाने में डीजल की समस्या आ रही है, डीजल किसी भी पंम्प में नही मिल रहा है जिसके कारण देरी हो रही है। वहीं दूसरी ओर नारायणपुर के जेई ने दावा किया कि सुबह 11 बजे तक ट्रांसफार्मर नारायणपुर पहुंच जाएगा और उसके बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर नया ट्रांसफार्मर लगाते हुए बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

अब गांव में चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि आखिर विभाग के स्थानीय कर्मचारियों की बात सही है या अधिकारियों का आश्वासन। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बिजली बहाल नहीं होती, तब तक उनकी परेशानी कम नहीं होने वाली। 

फिलहाल भीषण गर्मी में मटासी बस्ती अंधेरे और परेशानी के दौर से गुजर रही है और ग्रामीणों की निगाहें बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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दोकड़ा में भक्ति का महासंगम : श्री जगन्नाथ मंदिर स्थापना प्रथम वर्षगांठ महोत्सव में शुरू हुआ हरि कीर्तन अष्ट प्रहरी महायज्ञ, रात्रि मशहूर कीर्तन गायकों एवं वादकों का होगा समागम....


नारायणपुर/दोकड़ा। ऐतिहासिक एवं श्रद्धा के केंद्र श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में स्थापना प्रथम वर्षगांठ महोत्सव के तहत शुक्रवार से भव्य हरि कीर्तन अष्ट प्रहरी महायज्ञ का शुभारंभ हो गया। सुबह से ही मंदिर परिसर “हरे कृष्ण हरे राम” एवं “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गूंज उठा। इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं और भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा एवं झारखंड राज्य के प्रसिद्ध कीर्तन गायकों एवं मंडलियों का भव्य समागम हो रहा है। संगीतमय हरिनाम संकीर्तन, मृदंग, झांझ एवं भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। दूर-दूर से श्रद्धालु महायज्ञ एवं हरि कीर्तन में शामिल होने दोकड़ा पहुंच रहे हैं।मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट, पारंपरिक झांकियों एवं धार्मिक प्रतीकों से भव्य रूप दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने एवं महाप्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति के अनुसार संध्या आरती में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। संध्या के समय दीपों एवं भक्ति संगीत से मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठेगा।आयोजन समिति ने बताया कि तीन दिवसीय इस धार्मिक महोत्सव का समापन शनिवार को पूर्णाहुति, दधीभजन एवं नगर भ्रमण के साथ होगा। महोत्सव क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश दे रहा है।गौरतलब है कि दोकड़ा का श्री जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र की आस्था एवं परंपरा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वर्ष 1942 से यहां भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा परंपरा चली आ रही है, जबकि मंदिर के जीर्णोद्धार एवं भव्य निर्माण कार्य की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय द्वारा मंदिर की नींव रखी गई थी तथा 25 मई 2025 को मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ था।

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84 वर्षों की ऐतिहासिक रथयात्रा परंपरा को मिला नया वैभव : 1942 से चली आ रही जगन्नाथ भक्ति की धारा , दोकड़ा का श्री जगन्नाथ मंदिर बना आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य केंद्र ,श्रीमती कौशल्या साय की सहभागिता से भक्तिमय हुआ पूरा क्षेत्र

नारायणपुर/दोकड़ा।यहां के ऐतिहासिक प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में स्थापना के प्रथम वर्षगांठ महोत्सव 2026 का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में हुआ। तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ हजारों की संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।कलश यात्रा का शुभारंभ शिव मंदिर से हुआ, जहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं ने कलश धारण किया। इसके बाद यात्रा बस स्टैंड एवं नगर भ्रमण करते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में “हरे कृष्ण हरे राम” एवं जय जगन्नाथ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। मंदिर पहुंचने पर विधि-विधान से अधिवास एवं कलश स्थापना संपन्न कराई गई।महोत्सव के तहत शुक्रवार 15 मई को सुबह 8 बजे से अखंड हरि नाम कीर्तन महायज्ञ एवं नामाचार का शुभारंभ होगा। आयोजन समिति के अनुसार ओडिशा, झारखंड सहित प्रदेश के प्रसिद्ध भजन एवं कीर्तन गायकों द्वारा संगीतमय हरि कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब जाएगा।तीन दिवसीय इस आयोजन में प्रतिदिन विशाल भंडारा एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। महोत्सव के अंतिम दिन पूर्णाहुति, दीक्षाभंजन एवं नगर भ्रमण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। आयोजन समिति ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह एवं बलराम भगत ने बताया कि यह महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकता को और मजबूत करने का कार्य करेगा।मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट, पारंपरिक ओडिशा शैली की झांकियों एवं धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पेयजल, बैठने एवं प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है।क्षेत्रवासियों ने कहा कि श्री जगन्नाथ महाप्रभु की कृपा से यह आयोजन पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक समरसता का संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं में महोत्सव को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

आस्था और इतिहास का प्रतीक बना दोकड़ा का श्री जगन्नाथ मंदिर

दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत केंद्र बन चुका है। मंदिर से जुड़ा इतिहास भी अत्यंत गौरवशाली और प्रेरणादायक रहा है।

मुख्यमंत्री एवं धर्मपत्नी ने रखी थी मंदिर की नींव

मंदिर के नव निर्माण एवं भव्य स्वरूप के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय द्वारा मंदिर की नींव रखी गई थी। उनके संरक्षण एवं क्षेत्रवासियों के सहयोग से यह धार्मिक धरोहर आज भव्य रूप में स्थापित हो सकी है।

1942 से प्रारंभ हुई थी ऐतिहासिक रथ यात्रा

दोकड़ा क्षेत्र में भगवान जगन्नाथ की भक्ति परंपरा कई दशकों पुरानी है। वर्ष 1942 से यहां रथ यात्रा महोत्सव की शुरुआत हुई थी, जिसका शुभारंभ पंडित स्वर्गीय सुदर्शन सतपथी महाराज एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला सतपथी द्वारा किया गया था। तभी से यह परंपरा निरंतर जारी है और आज इस मंदिर के गजपति महाराज प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय द्वारा यहां की परम्परा को निर्वहन की जा रही है।और क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

2019 में शुरू हुआ जीर्णोद्धार कार्य

समय के साथ मंदिर के विस्तार एवं जीर्णोद्धार की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके बाद वर्ष 2019 में मंदिर के पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य की शुरुआत हुई। मंदिर को पारंपरिक ओडिशा शैली में विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए और 25 मई 2025 में इस मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा किया गया।

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