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CG News : इस नवनिर्मित जिले में शुरू हुआ मेडिकल बोर्ड..पहले ही दिन 44 लोगों ने कराया परीक्षण..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/खैरागढ़। नवनिर्मित जिले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के नागरिकों को दिव्यांगता या अन्य चिकित्सकीय प्रमाण पत्रों के लिए अब अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा. जिले में पहली बार मेडिकल बोर्ड का आयोजन सिविल अस्पताल परिसर में किया गया.

वहीं, जिले में यह सुविधा कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल और सीईओ प्रेम कुमार पटेल के निर्देशन में शुरू की गई. पहले दिन 33 दिव्यांगजन सहित कुल 44 लोगों का परीक्षण कर प्रमाण पत्र दिए गए. इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही.

दरअसल, मेडिकल बोर्ड अब हर माह के तीसरे बुधवार को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक नियमित रूप से संचालित होगा. नागरिक इस दिन अस्पताल पहुंचकर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं.

फिलहाल, बोर्ड के माध्यम से दिव्यांगता अधिकार अधिनियम 2016 के तहत प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य सर्टिफिकेट, सरकारी सेवा, छात्रावास और विद्यालयों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे. सीएमएचओ आशीष शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का नियत तिथि पर लाभ जरूर लें.

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CG News : शराबी प्रधानपाठक पर कार्रवाई से बच रहा शिक्षा विभाग..डीईओ पर मेडिकल रिपोर्ट दबाने का आरोप..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/खैरागढ़. जिले के ग्राम देवरी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में शराब के नशे में स्कूल आने वाले प्रधानपाठक रेशमलाल बेरवंशी पर कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर 15 जुलाई को बीईओ खैरागढ़ द्वारा गठित जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर शराब सेवन की पुष्टि की, जिसके बाद प्रधानपाठक को डायल 112 की मदद से खैरागढ़ थाने लाया गया था। तय प्रक्रिया के अनुसार, मेडिकल परीक्षण कर आगे की कार्रवाई होनी थी, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी न तो मेडिकल रिपोर्ट सामने आई और न ही शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई की। इस मामले को लेकर अब कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

दरअसल, इस मामले को लेकर सियासत भी गरमा गई है। भाजपा सांसद प्रतिनिधि भागवतशरण सिंह ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं कांग्रेस विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शिक्षा विभाग शराबी प्रधानपाठक को बचाने की साजिश कर रहा है। मनराखन का कहना है कि डीईओ लगातार मीडिया और जनता को गुमराह कर रहे हैं। पहले दिन डीईओ ने मामले की जानकारी से इनकार किया। दूसरे दिन मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी नहीं होने की बात कही और तीसरे दिन भी गोलमोल जवाब देकर रिपोर्ट का हवाला देकर मामले से पल्ला झाड़ लिया।

फिलहाल, स्थानीय पत्रकारों ने भी बीईओ, डीईओ और कलेक्टर कार्यालय तक इस मामले को उठाया, लेकिन तीन दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस ने इस मामले में कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं ग्रामीणों में भी शिक्षा विभाग की ढिलाई को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है। अब सबकी निगाह शासन-प्रशासन पर है कि शराब पीकर स्कूल आने वाले प्रधानपाठक पर कब और क्या कार्रवाई की जाती है या शिक्षा विभाग उसे बचाने में ही जुटा रहेगा।

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CG Big News : 'युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सशक्त, शिक्षकों का कोई भी पद नहीं किया गया समाप्त'- CM साय

Chhattisgarh News/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने युक्तियुक्तकरण को लेकर कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नीति-आधारित दृष्टिकोण के साथ संपन्न किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में शिक्षकों के किसी भी पद को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और संगठित किया गया है।

बता दें कि, राज्य में युक्तियुक्तकरण से पहले की स्थिति अत्यंत असंतुलित थी। प्रदेश में 0 दर्ज संख्या वाली 211 शालाएं संचालित थीं, जिनमें कुछ में शिक्षक पदस्थ भी थे। इसके अलावा, 453 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल तथा हायर सेकेण्डरी शालाएं शिक्षक विहीन थीं। साथ ही 5936 शालाएं एकल शिक्षकीय थीं, जिनमें सभी स्तर की शालाएं सम्मिलित थीं। यह स्थिति निःसंदेह शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही थी।

वहीं, दूसरी ओर कुछ प्राथमिक शालाओं में अनुचित शिक्षक-संख्या की अधिकता देखी गई 8 प्राथमिक शालाओं में 15 से अधिक शिक्षक, 61 में 10 से 14 शिक्षक, तथा 749 प्राथमिक शालाओं में 6 से 9 शिक्षक कार्यरत थे। पूर्व माध्यमिक स्तर पर भी यही असंतुलन था 9 शालाओं में 15 या उससे अधिक, 90 में 10 से 14, तथा 1641 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 6 से 9 शिक्षक कार्यरत पाए गए।

हालांकि, प्रदेश में कई स्थानों पर एक ही परिसर में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी शालाएं अलग-अलग प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित थीं, जिससे प्रबंधन में भी जटिलताएं उत्पन्न हो रही थीं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से कम दर्ज संख्या वाली शालाएं, 01 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित दूसरी शालाओं के समानांतर संचालित थीं। शहरी क्षेत्रों में यह स्थिति और भी अधिक घनत्व वाली थी 500 मीटर से कम दूरी पर 30 से कम दर्ज संख्या वाली शालाएं कार्यरत थीं। इस असमानता को समाप्त करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के उद्देश्यों को धरातल पर लागू करने के लिए युक्तियुक्तकरण आवश्यक था।

प्रथम चरण – विद्यालयों का समायोजन

वहीं, इस प्रक्रिया के पहले चरण में शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों और निर्देशों के आधार पर विकासखंड स्तर पर युक्तियुक्तकरण योग्य विद्यालयों का चयन किया गया, जिसे जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा उपरांत शासन को भेजा गया। इसके आधार पर कुल 10538 विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया गया, जिसमें 10372 एक ही परिसर में संचालित विद्यालय, 133 ग्रामीण क्षेत्र की 01 कि.मी. से कम दूरी की शालाएं, तथा 33 शहरी क्षेत्र की 500 मीटर से कम दूरी वाली शालाएं सम्मिलित हैं।

द्वितीय चरण – शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण

ज्ञात हो कि, शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन एवं गणना प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई। इन शिक्षकों को काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय तथा विषयवार आवश्यकता वाली शालाओं में समायोजित किया गया।

वहीं, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप कुल 15165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया जिससे पूर्व में 453 शिक्षक विहीन शालाएं अब पूर्णतः शिक्षक युक्त हो गई हैं। 5936 एकल शिक्षकीय शालाओं में से अब केवल 1207 प्राथमिक शालाएं शिक्षक अनुपलब्धता के कारण शेष हैं।

दरअसल, मुख्यमंत्री साय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में कोई भी पद समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि प्रत्येक विद्यालय के लिए आवश्यक शिक्षक संख्या का निर्धारण शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार दर्ज संख्या के अनुपात में किया गया है।

फिलहाल, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भविष्य में यदि किसी विद्यालय की दर्ज संख्या में वृद्धि होती है, तो वहां शिक्षकों की व्यवस्था स्वीकृत पदों के अनुसार की जाएगी।

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CG Breaking : राज्यपाल डेका ने भावना बोहरा को उत्कृष्ट विधायक सम्मान से किया सम्मानित..MLA ने कहा- 'यह सम्मान जनता के आशीर्वाद और सहयोग को समर्पित'..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। मार्च 2025 में छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 2024-25 के अंतिम दिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह ने उत्कृष्ट विधायकों की घोषणा करते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा को वर्ष 2024-25 के उत्कृष्ट विधायक के रूप में उनके नाम की घोषणा की। भावना बोहरा ने वर्ष 2024-25 की अवधि में संपन्न हुए बजट सत्र, मानसून सत्र एवं शीतकालीन सत्र में विधानसभा में विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान सक्रियता से भाग लिया, वहीं क्षेत्र एवं प्रदेश से जुड़ें प्रमुख मुद्दों और जनता के हित को ध्यान में रखते हुए उनकी समस्याओं के समाधान व आवश्यकताओं को लेकर मुखर रही। भावना बोहरा ने पंडरिया विधानसभा सहित प्रदेश में संचालित हो रहे विकास कार्यों और योजनाओं के साथ-साथ सरकार का पक्ष भी रखा। वे लगातार विधानसभा में उपस्थित रहीं एवं सदन की गतिविधियों में सक्रियता से भाग लिया। मानसून सत्र में भी उनके द्वारा लगातार क्षेत्र व प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों एवं महिला, युवा, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे विभिन्न विषयों से जुड़ें प्रश्न सदन में किए।

बता दें कि, 16 जुलाई 2025 को विधानसभा परिसर स्थित सेंट्रल हॉल के समक्ष आयोजित “उत्कृष्टता अलंकरण समारोह” में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा पंडरिया विधायक को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर पंडरिया विधायक भावना बोहरा को उत्कृष्ट विधायक सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह, अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष चरणदस महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, समस्त मंत्रीगण, विधानसभा सदस्य उपस्थित रहे।

वहीं, इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि उत्कृष्ट विधायक के लिए चयनित भावना बोहरा जी को हार्दिक बधाई देता हूं आपने जनहित, संसदीय गरिमा के लिए जो योगदान दिया है यह निश्चित ही प्रेरणादायी है। आप पहली बार विधानसभा सदस्य के रूप में चुनकर आईं हैं और उत्कृष्ट विधायक का आपको सम्मान मिला यह बहुत ही गौरव की बात है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्कृष्ट विधायक का सम्मान मिलने पर मैं भावना बोहरा को बधाई देता हूं जो पहली बार जीतकर आईं और विधानसभा की कार्यवाही में सक्रियता से हिस्सा लिया, क्षेत्र के मुद्दों और जनता की बातों को सदन में मुखरता से रखा।

ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मैं पंडरिया विधायक भावना बोहरा जी को इस सम्मान के लिए बधाई देता हूं। आप निरंतर इसी प्रकार जनता के हितों के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करती रहें और विधानसभा में आपकी सक्रियता ऐसे ही बनी रहे मेरी शुभकामनाएं है। नेता प्रतिपक्ष चरणदस महंत ने कहा कि भावना बोहरा जी को उत्कृष्ट विधायक का सम्मान मिलने पर मैं बधाई देता हूं। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने भी भावना बोहरा के कार्यों, विधानसभा की कार्यवाही में सतत उपस्थिति,सक्रियता और जनहित के विषयों को सदन के पटल पर रखने के लिए उनकी तत्परता की सराहना करते हुए उत्कृष्ट विधायक का सम्मान मिलने पर उन्हें शुभकामनाएं दी।

वहीं, इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत एवं समस्त सदस्यों और विधानसभा के प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी तथा विशेष रूप से पंडरिया विधानसभा की जनता के प्रति आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा की उत्कृष्ट जनता के आशीर्वाद, सहयोग एवं मार्गदर्शन से मुझे यह सम्मान मिला है जिसे मैं पंडरिया विधानसभा के प्रत्येक नागरिक को समर्पित करती हूं। एक जनप्रतिनिधि के रूप में यह सम्मान मिलना मेरे लिए जितना गर्व की बात है उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है। यह सम्मान मुझे और भी प्रेरित करेगा अपने दायित्वों को पूरा करने एवं पंडरिया विधानसभा की जनता ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है उन्हें उनकी आकांक्षाओं अनुरूप पूरा करने के लिए उर्जा प्रदान करेगी। इस सम्मान के प्रति मैं निरन्तर अपने दायित्वों को पूरा करती रहूं जिसके लिए मैं आश्वस्त करती हूं कि जब भी मुझे अवसर मिलेगा पूरी तत्परता से क्षेत्र एवं प्रदेश से जुड़े मुद्दों, जनहित के विषयों को सदन के समक्ष रखती रहूंगी।

दरअसल, उन्होंने कहा कि विगत डेढ़ वर्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह का संरक्षण व मार्गदर्शन मुझे प्राप्त हुआ इसके साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वरिष्ठजनों द्वारा प्रोत्साहन एवं सदन के सभी सम्मानीय सदस्यों का सहयोग मुझे मिला। विधानसभा की कार्यवाही से मुझे बहुत से अनुभव सिखने को मिले हैं और यह अनुभव मुझे अपने कर्तव्य पथ पर चलने एवं जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास करने के लिए हर पथ में मार्ग प्रशस्त करेगा। विधानसभा सत्र की कार्यवाही में प्रक्रियाओं को समझने के साथ ही अपने क्षेत्र व प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों तथा जनहित के मुद्दों को विधानसभा पटल पर रखने का अवसर मिला।मैनें हमेशा ही जनता की सेवा और एक जनप्रतिनिधि के रूप में जनता ने मुझे क्षेत्र के विकास हेतु जो दायित्व दिया है उसे पूरा करने का प्रयास किया है। इस प्रयास में मुझे क्षेत्रवासियों और सदन के सम्मानीय सदस्यों का मार्गदर्शन व सहयोग मिलता रहा है।

फिलहाल, हमारा यही प्रयास रहता है कि जनता ने जिस विश्वास से हमें एक जनप्रतिनिधि के रूप में जो अहम जिम्मेदारी दी है उसे निभाते हुए उनके हितों की सुरक्षा, समस्याओं का निराकरण, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा क्षेत्र के विकास के लिए पूर्ण पारदर्शिता और जनजागरूकता के साथ कार्य करें। विधानसभा सत्र के माध्यम से हमें अवसर मिलता है कि हम अपने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को गति देने, जनता की समस्याओं को उनकी आवाज बनकर मुखरता से उनके निदान के लिए बात सरकार के सामने रख सकें ताकि उनका त्वरित निराकरण हो सके और जनता को सुविधाओं एवं योजनाओं का लाभ निरंतर बिना किसी अवरोध के मिलते रहे।

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Big News : प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025.! आवेदन की अंतिम तिथि में बढ़ोतरी..अब 31 जुलाई तक कर सकेंगे अप्लाई..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर. केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है. छत्तीसगढ़ शासन ने राज्यभर के नागरिकों, संस्थाओं, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के 5 से 18 वर्ष की आयु वाले उन बच्चों को इस सम्मान के लिए 31 जुलाई 2025 तक आवेदन कराएं, जिन्होंने बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला-संस्कृति और विज्ञान-प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन किया है. पहले आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई थी.

वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने जानकारी दी कि नामांकन राष्ट्रीय पुरस्कार के https://awards.gov.in पोर्टल के माध्यम से केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे. पात्र बच्चों के लिए नामांकन की आयु सीमा 5 से 18 वर्ष तय की गई है. कोई भी व्यक्ति या संस्था ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को नामांकित कर सकती है. इच्छुक बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं.

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025

दरअसल, नामांकन के लिए पंजीकरण के दौरान आवेदकों को अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल, आधार संख्या सहित अन्य जानकारी देनी होगी. इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 श्रेणी का चयन कर आवेदन भरना होगा. आवेदन पत्र में उपलब्धियों का 500 शब्दों का संक्षिप्त विवरण, आवश्यक दस्तावेज (पीडीएफ, अधिकतम 10 फाइलें) और हालिया फोटो (जेपीजी/पीएनजी) अपलोड करना अनिवार्य है.

फिलहाल, आवेदन ड्राफ्ट के रूप में सेव कर अंतिम तिथि से पहले संपादित कर जमा किया जा सकता है. अधिक जानकारी और आवेदन के लिए https://awards.gov.in पर विजिट करें. सरकार का उद्देश्य इन पुरस्कारों के माध्यम से देशभर के युवाओं की प्रेरणादायक उपलब्धियों को पहचान देना और बच्चों के समग्र विकास के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना है.

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CG Big News : मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थियों की जांच होगी, फिर दिला सकेंगे एग्जाम..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित परीक्षा केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था एवं परीक्षार्थियों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश आगामी 20 जुलाई से आयोजित होने वाली व्यापम की सभी परीक्षाओं पर लागू होगा। नक़ल प्रकरण रोकने अब परीक्षा केंद्रों में मेटल डिटेक्टऱ का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही परीक्षार्थी हाफ स्लीव कपडे और स्लीपर के साथ ही परीक्षा दे सकेंगे। कलेक्टर दीपक सोनी ने व्यापम द्वारा जारी निर्देशों का जिले में कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, व्यापम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व अभ्यर्थियों के हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तथा मैनुअल पैट डाउन (हाथों से तलाशी) फ्रिस्किंग किया जाएगा। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से यह फ्रिस्किंग का कार्य किया जाएगा। पुलिस कर्मी परीक्षा प्रारंभ होने के 2.30 घंटा पूर्व अनिवार्य रूप से परीक्षा केन्द्र में अपनी उपस्थिति देंगे।महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग का कार्य महिला पुलिस कर्मी ही करेंगे । परीक्षा प्रारंभ होने के बाद इन दोनों पुलिस कर्मी में से एक-एक पुलिस कर्मी बारी-बारी से परीक्षा केन्द्र के परिसर एवं परीक्षा केन्द्र के बाहर का निरीक्षण करते रहेंगे ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि न हो सके।

2 घण्टे पहले पहुंचना होग़ा केंद्र - 

दरअसल, व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए जारी निर्देश में परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचना होग़ा ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं सत्यापन हो सके।परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा।

फिलहाल, हल्के रंग के आधी बाही वाले कपड़े व फुटवियर के रूप में चप्पल पहनना होग़ा। ये होंगे वर्जित -कान में किसी भी प्रकार का आभूषण धारण करना, संचार उपकरण, इलेक्ट्रिानिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है।परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा केन्द्र से बाहर जाना भी वर्जित किया गया है।

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CG News : शराब घोटाला मामला.! जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे कवासी लखमा..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई है। ईओडब्ल्यू और ईडी में दर्ज मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने EOW में दर्ज मामले में जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा है। वहीं ईडी में दर्ज केस में जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई अगस्त के पहले सप्ताह में रखी है।

दरअसल, ईडी, एसीबी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को लखमा ने चुनौती दी है। विशेष कोर्ट में प्रस्तुत 1100 पन्नों की चार्जशीट में पूर्व आबकारी मंत्री को शराब घोटाले से 64 करोड़ रुपये कमीशन मिलने की बात कही गई है। चार्जशीट में बताया है कि जांच में साक्ष्यों और वित्तीय विश्लेषण से यह निर्विवाद रूप से सिद्ध हुआ है कि कवासी लखमा, जो एक उत्तरदायित्वपूर्ण संवैधानिक पद पर आसीन थे, उन्होंने न केवल अपने कर्तव्यों की घोर उपेक्षा की, बल्कि मंत्री पद की शक्तियों का उपयोग कर नीतिगत निर्णयों में हस्तक्षेप, अधिकारियों की पदस्थापना में प्रभाव, टेंडर प्रक्रियाओं में विकृति और नगद लेन-देन की एक समानांतर व्यवस्था स्थापित कर पूरे विभागीय तंत्र को भ्रष्टाचार के माध्यम से संचालित किया।

फिलहाल, चार्जशीट में कहा गया है कि मंत्री के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से सुनियोजित घोटाले को अंजाम दिया गया। कमीशन राशि को मंत्री लखमा ने अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों के लिए उपयोग कर भारी मात्रा में लाभ अर्जित किया। एसीबी ने स्पेशल कोर्ट को बताया कि घोटाले में मिले 64 करोड़ में से 18 करोड़ रुपये के अवैध निवेश और खर्च संबंधी दस्तावेजी साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

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CG Breaking : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है।

दरअसल, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।

फिलहाल, ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है। अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।

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Kanda Poha Recipe : 10 मिनट में बनाएं टेस्टी नाश्ता..ये रही कांदा पोहा की रेसिपी

kanda poha Recipe : अगर आपको भी झटपट नाश्ता बनाना है और समय काफी कम है. तो कांदा पोहा इज बेस्ट ऑप्शन फॉर यू. ये 10 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. खाने में टेस्टी भी है. जानिए कांदा पोहा की रेसिपी- 

kanda poha Recipe : नाश्ता बनाने के लिए अगर कम समय है और आपको फटाफट कुछ हेल्दी एंड टेस्टी बनाना है तो कांदा पोहा एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. ये झटपट बनकर तैयार हो जाता है और खाने में स्वादिष्ट भी होता है. टेस्टी होने के साथ ही ये हेल्दी ऑप्शन भी है. जानिए कांदा पोहा बनाने की विधि-

कांदा पोहा

कांदा पोहा महाराष्ट्र की फेमस डिश है. कांदा पोहा बनाने में काफी आसान भी होता है.इसे बनाने के लिए ज्यादा चीजों की भी जरूरत नहीं पड़ती है.

कांदा पोहा बनाने के लिए सामग्री

इसे बनाने के लिए आपको पोहा, प्याज, मूंगफली, बारीक हरी मिर्च, हरी धनिया, राई, जीरा, हल्दी, हींग, कढ़ी पत्ते, चीनी, नींबू और नमक की जरूरत पड़ेगी. 

कांदा पोहा की रेसिपी

कांदा पोहा बनाने के लिए सबसे पहले प्याज के बारीक टुकड़ें कर लें. अब पोहा को पानी में भिगो दें और नरम होने पर पानी छान दें. 2 मिनट के लिए पोहा को ऐसे ही रखें. अब पोहे में हल्दी, नमक और थोड़ी सी चीनी डालकर अच्छे से मिलाएं. इसे अलग रख दें. 

अब गैस पर कड़ाही चढ़ाएं और दो चम्मच तेल डालें. अब इसमें मूंगफली डालें और डीप फ्राई करें. अब इसे अलग निकालकर राई, सौंफ, जीरा और चुटकीभर हींग डालें. जब राई अच्छे से चटक जाए तो हरी मिर्च और प्याज डालें. प्याज जब हल्की सुनहरी हो जाए तो उसमें पोहे मिलाएं. अब इसमें फ्राइड मूंगफली डालें और अच्छे से मिलाएं. अब पोहे को 5 मिनट के लिए ढंककर पकाएं.

पोहा बनकर तैयार है. इसमें नींबू का रस और बारीक हरी धनिया मिलाकर गरमागरम पोहा सर्व करें. 

पोहा खाने के फायदे

- पोहा में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है. 

- ये इम्यूनिटी भी बूस्ट करता है.

- पोहा एक हल्की मील है, जो आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है. इसको खाने से सूजन या अपच नहीं होता है.

- पोहा को पचाना आसान होता है और इसे सुबह या शाम के हल्के नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है.

- पोहा अपने हाई फाइबर सामग्री के कारण डायबिटीज मरीजों के लिए एक पौष्टिक विकल्प है, जो शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कम करता है.

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Chhattisgarh Breaking : छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र.! मेकाहारा की बंद पड़ी जांच मशीनों पर विपक्ष के सवालों पर घिरे स्वास्थ्य मंत्री का पलटवार, कहा- 5 साल आपकी भी थी सरकार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/रायपुर। सदन की कार्यवाही के तीसरे दिन डॉ. भीम राव अम्बेडकर मेमोरियल अस्पताल (मेकाहारा) की बंद पड़ी जांच मशीनों और मशीनों की खरीदी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को घेरा. स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस विधायक के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में पांच साल आपकी भी सरकार थी.

हालांकि, कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने प्रश्नकाल में मेकाहारा में बंद पड़ी जांच की मशीनों की मरम्मत का मामला उठाया हुए कहा कि मशीनों में से कई मशीन एक संख्या में थे जो वर्षों से ऐसी ही पड़ी है. मशीनों की खरीदी क्यों नहीं हो रही और खरीदी की प्रक्रिया क्या है? स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि 161 मशीन स्थापित है 50 मशीन बंद है. अभी 70 करोड़ की खरीदी कर रहे हैं. 11 मशीनों का सुधार कार्य चल रहा है.

वहीं, कांग्रेस विधायक ने सवाल किया कि कैंसर की जांच करने वाले मशीन क्यों नहीं है? स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वो जांच मशीन की श्रेणी में नहीं इलाज की श्रेणी में आता है, और यह मशीन विदेश से आता है. लेकिन हम उस मशीन को चालू भी करेंगे.

दरअसल, विधायक शेषराज ने सवाल जारी रखते हुए कहा कि यह मशीन पिछले 9 साल पहले आपके ही कार्यकाल में खरीदी गई थी. 9 साल पहले खरीदी गई मशीन अभी तक चालू क्यों नहीं कर पाए है? इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में एक अच्छे सोच के साथ मशीन की खरीदी की गई थी, लेकिन कुछ कारणवश अगर चालू नहीं कर पाए, तो अभी करवा रहे है. लेकिन 5 साल आपकी भी सरकार थी.

फिलहाल, इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मैने पिछले 5 साल में भी यह कहा है बार बार की वह मशीन अगर चालू होगी तो उससे कई लोगों का इलाज किया जा सकता है कोई अनियमितता होगी तो उसकी भी जांच करा सकते हैं.

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CG Breaking : तीन परिवारों में पसरा मातम.! तालाब में डूबने से भाई-बहन समेत चार बच्चों की हुई मौत..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में बलोदा थाना क्षेत्र के भैंसतरा गांव में आज दर्दनाक हादसा हो गया. तालाब में नहाने गए चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई. बताया जा रहा कि मृतकों में तीन लड़की और एक लड़के हैं. चारों बच्चे तीन अलग-अलग परिवार के थे. इनमें भाई-बहन भी शामिल हैं. इस घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है.

फिलहाल, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है. चारों बच्चों के शव को तालाब से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है. बताया जा रहा कि सभी बच्चे 5-8 साल के बीच के हैं.

मृतक बच्चों के नाम

पुष्पांजली श्रीवास उम्र 08 वर्ष

तुषार श्रीवास उम्र 05 वर्ष

ख्याति केेंवट उम्र 06 वर्ष प

अंबिका यादव उम्र 06 सभी भैंसतरा निवासी

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CG Breaking : गृह विभाग ने कलेक्टरों को दिया एक और पावर..NSA के तहत कर सकेंगे कार्रवाई..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। राज्य सरकार के पास रिपोर्ट है कि कतिपय तत्व सांप्रदायिक मेल-मिलाप को संकट में डालने के लिए सक्रिय है. स्थिति को देखते हुए गृह विभाग ने विभिन्न जिलों के कलेक्टरों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई का अधिकार प्रदान किया है. यह अधिकार एक जुलाई से 30 सितंबर तक प्रदान किया गया है.

दरअसल, छत्तीसगढ़ शासन की ओर से गृह विभाग द्वारा राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई है. इसमें बताया गया है कि कतिपय तत्व राज्य में सांप्रदायिक मेल-मिलाप को संकट में डालने और लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कोई कार्य करने के लिए या तो सक्रिय हैं, या उनके सक्रिय होने की आशंका है.

फिलहाल, ऐसी स्थिति में रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, जांजगीर-चांपा, कोरबा, कबीरधाम, महासमुंद, धमतरी, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोण्डागांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, मुंगेली, सूरजपुर, बलरामपुर, मोहला – मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरि-भरतपुर (एम.सी.बी.), गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती के कलेक्टर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रदान की गई शक्तियों का एक जुलाई से लेकर 30 सितंबर तक उपयोग कर सकते हैं.

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CG Breaking : कांग्रेस नेताओं को सनातन से इतनी नफरत क्यों?..खड़गे से भाजपा ने किया सवाल..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से भाजपा ने सवाल किया है, खड़गे जी, आप भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की धरती पर आए हैं, छत्तीसगढ़ की जनता आपसे पूछती है कि क्या आप सनातन आस्था पर हमला करने की अपनी आदत को दरकिनार करते हुए जय श्रीराम का जयकारा लगाएंगे? आपके दुर्जन बेटे ने कहा, सरकार बनी तो RSS पर बैन लगेगा। क्या ये संविधान की हत्या नहीं है?

दरअसल, कांग्रेस के नेताओं को सनातन से इतनी नफरत क्यों? कभी राम को काल्पनिक तो कभी हिंदू आस्था को ज़हर बताना... क्या यही आपकी कांग्रेस की सोच है? पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में छत्तीसगढ़ को कांग्रेस का ATM बना दिया गया था। शराब घोटाला, कोयला घोटाला, खाद घोटाला, सीजीपीएससी घोटाला, ट्रांसफर उद्योग कर आपके नेताओं ने बेशुमार पैसा दिल्ली दरबार पहुंचाया है। क्या आपको भी अपना हिस्सा मिला? छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई नेता जेल में हैं। क्या भ्रष्टाचार पर आपकी चुप्पी का अर्थ यह निकाला जाए कि कांग्रेस के आका भी इसमें शामिल है ?

फिलहाल, बाबा साहब के संविधान की बात करने से पहले, कांग्रेस द्वारा इमरजेंसी लगाकर संविधान हत्या की गई, आप इस पर कुछ बयान देंगे। छत्तीसगढ़ की जनता पूछ रही है – खड़गे जी, जवाब देंगे या फिर एक बार सनातन का विरोध कर चले जाएंगे?

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CG Breaking : राजीव भवन में कांग्रेस की एक्सटेंडेड कमेटी की बैठक खत्म..अध्यक्षता खड़गे ने की..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में खत्म हो गई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। बैठक में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, केसी वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में पांच एजेंडों को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद विस्तारित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक शुरू हो गई।

बैठक के पांच प्रमुख मुद्दे

- राजनीतिक प्रतिशोध और एजेंसियों का दुरुपयोग: राज्य एवं केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं पर झूठे आरोप लगाकर जेल भेजे जाने के मामलों को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए इस पर विरोध दर्ज किया गया।

- खनिज संसाधनों का निजीकरण और आदिवासी हितों पर हमला: बस्तर, हसदेव अरण्य और तमनार क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन की लूट के आरोप लगाए गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खनिज क्षेत्रों को चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपा जा रहा है।

- किसानों को खाद की कमी: राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त खाद न दिए जाने से किसानों में बढ़ते असंतोष को लेकर चिंता व्यक्त की गई।

- 10,000 से अधिक स्कूलों को बंद करने का मुद्दा: बिना युक्तियुक्त कारण के प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूलों को बंद किए जाने पर सवाल उठाए गए और इसे शिक्षा विरोधी कदम बताया गया।

- संगठनात्मक पुनर्गठन की जरूरत: कुछ संगठनात्मक जिलों एवं ब्लॉकों का जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल अधिक होने के कारण, उनके पुनर्गठन और नए जिले-ब्लॉक बनाए जाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

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दुलदुला में मुख्यमंत्री ने  3 करोड़ से अधिक के विकासकार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन,डूमरडीह में कुम्हार समाज के लिए सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा


जशपुरनगर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दुलदुला के  हाट बाजार में आयोजित एक कार्यक्रम में  दुलदुला विकासखंड के लिए 3 करोड़ 45 हजार रुपए की लागत के विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 22.36 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित ग्रामीण हाट बाजार शेड निर्माण कार्य का लोकार्पण और 2 करोड़ 78 लाख 9 हजार रुपए लागत के 10 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थल नगेराटुक्कू के सौंदर्यीकरण करने और डूमरडीह में कुम्हार समाज के लिए सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा भी की।
    कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री श्री साय ने योग दिवस की सभी को शुभकामनाएं दी और कहा कि हमें अपने शरीर और मन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित योग करना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ ने आज के दिन को योग दिवस के रूप में मान्यता दी है। आज पूरी दुनिया  योग से होने वाले लाभों का अनुभव कर इस प्राचीन भारतीय विद्या को अपना रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत मयूरचुंदी से  दुलदुला तक बस सेवा प्रारंभ की जाएगी।  दुलदुला में भी बस स्टैंड निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है।
     मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत  18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। महतारी वंदन योजना ने माध्यम से महिलाएं सशक्त हो रही है। तेंदू पत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपए किया गया है। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र' के माध्यम से गांवों में बैंकिंग की सुविधा मिल रही है। आगामी पंचायत दिवस को सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है। रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियां में नवाचारों का बेहतर उपयोग कर आम नागरिकों के सहूलियत से लिए पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाया गया है। 
     मुख्यमंत्री ने जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 01 करोड़ 21 लाख रुपए लागत के नवीन भवन निर्माण हायर सेकेंडरी स्कूल,  दुलदुला में 99.99 लाख रुपए लागत के सर्वसुविधायुक्त सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य, 10 लाख रुपए लागत के पुलिया निर्माण कार्य जामनाला ग्राम पंचायत सपघरा, 7.80 लाख रुपए लागत के सी सी रोड निर्माण रेंगाबहार पहुंच मार्ग ग्राम पंचायत चटकपुर, 7.80 रुपए लागत के सी रोड निर्माण कार्य लीलांबर घर के पास ग्राम पंचायत करडेगा, 6.50 लाख रुपए लागत के सामुदायिक भवन निर्माण कार्य ग्राम पंचायत सिरीमकेयहला,  5-5 लाख रुपए की लागत से ग्राम पंचायत कोरना, ग्राम पंचायत डोभ, ग्राम पंचायत सपघरा, ग्राम पंचायत झरगांव और ग्राम पंचायत मयुरचूंदी में अटल सुविधा केंद्र के लिए सी.एस.सी. भवन का निर्माण कार्य शामिल है।
   इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद अध्यक्ष दुलदला श्री राजकुमार सिंह, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास,  पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी- कर्मचारी और ग्रामीणजन मौजूद थे।

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*मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी की तृतीय बैठक सम्पन्न, कहा नियमानुसार हो समुचित उपयोग :

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी की तृतीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि कैम्पा मद का समुचित उपयोग नियमानुसार किया जाए। उन्होंने बैठक में कैम्पा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। हमारे प्रदेश में भरपूर वन संपदा उपलब्ध है। देश में भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुसार छत्तीसगढ़ का स्थान दसवां है, जबकि वन क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य तीसरे पायदान पर है। वनों के संरक्षण एवं संवर्धन में कैम्पा मद की राशि की महत्वपूर्ण भूमिका है, अतः इसका उपयोग आवश्यकतानुरूप प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कैम्पा मद के अंतर्गत विगत वर्षों में किए गए वन विकास, वन सुरक्षा, वन्यप्राणी संरक्षण तथा अधोसंरचना विकास से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा) द्वारा गवर्निंग बॉडी के समक्ष अब तक की प्रगति तथा कैम्पा मद से संपादित महत्वपूर्ण कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया।

बैठक में बताया गया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण, वनग्रामों का पुनर्स्थापन, भू-जल संरक्षण, देवगुड़ियों का संरक्षण, वन मार्गों का उन्नयन, पुलिया एवं रपटा निर्माण, चारागाह विकास, नर्सरियों की स्थापना, हाईटेक बेरियरों का निर्माण, नदी तट वृक्षारोपण, फ्रंटलाइन स्टाफ हेतु आवासीय भवन, अग्नि सुरक्षा तथा वन्यप्राणी प्रबंधन जैसे कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है।

छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक राज्य के ब्याज धारित लोक खाता ‘छत्तीसगढ़ प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि’ में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली से कुल 7297.55 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है, जिसमें से विगत छह वर्षों में 4010.43 करोड़ रुपए का उपयोग किया गया है।

कैम्पा मद की वार्षिक कार्य योजना (एपीओ) 2025-26 के लिए राज्य कैम्पा द्वारा भारत सरकार के राष्ट्रीय कैम्पा को 694.18 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक 433.69 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। 

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग श्री अंकित आनंद, सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री वी. श्रीनिवास राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूली बच्चों को नए सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा है— "खूब पढ़ो, आगे बढ़ो और छत्तीसगढ़ का गौरव बनो"

रायपुर / नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूल की घंटी फिर से गूंजने लगी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्कूली बच्चों को नए सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा है— "खूब पढ़ो, आगे बढ़ो और छत्तीसगढ़ का गौरव बनो।"

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूली बच्चों से कहा है कि नई किताबों की खुशबू, नई कक्षा का उत्साह और नए सपनों के साथ एक नई शुरुआत हो रही है। आज का यह दिन हम सभी के लिए विशेष है। उन्होंने स्कूली बच्चों से कहा कि मन लगाकर पढ़िए, जिज्ञासा के साथ प्रश्न पूछिए, उत्तर खोजिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि "हमने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की नई शिक्षा नीति के संकल्पों के अनुरूप व्यापक बदलाव कर प्रदेश के भविष्य को सँवारने का प्रयास किया है। आप निश्चिंत होकर पढ़ाई में मन लगाइए, बाकी की चिंता मुझ पर छोड़ दीजिए। आपकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी विद्यालय अब शिक्षकविहीन न रहे। इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं ताकि शिक्षा का एक समग्र और प्रेरणादायक वातावरण बन सके।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूली बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी नए शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

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