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CG Accident : BSF जवानों को सलाम.! बने राहगीरों के मददगार..सड़क दुर्घटना में घायलों की बचाई जान..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh Accident News/कांकेर. पंखाजूर क्षेत्र के अति संवेदनशील इलाके ग्राम कटगांव और कटगांव पुल के बीच मंगलवार की शाम दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो गई. इस हादसे में तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल सूरज लाल, महेश कुमार और पवन कुलदीप सड़क पर तड़पते हुए मदद की आस में थे. इस दौरान सूचना पर 47वीं बटालियन बीएसएफ कटगांव कैंप के जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

जानकारी के मुताबिक, ग्राम कटगांव और कटगांव पुल के बीच करीब सवा 7 बजे दो मोटरसाइकिल आपस में भीड़ गई. दुर्घटना की जानकारी मिलते ही कमांडेंट विजेंद्र नाथ गंगोली के दिशा-निर्देश पर जवान मौके पर पहुंचे. जवानों ने मानवता का परिचय देते हुए घायलों को प्राथमिक उपचार दिया. इसके बाद बीएसएफ की एम्बुलेंस से सभी को सिविल अस्पताल पंखाजूर पहुंचाया गया.

गौरतलब है कि नक्सल प्रभावित

फिलहाल, कोयलीबेड़ा–परतापुर मार्ग पर तैनात 47वीं बटालियन के जवान लगातार ड्यूटी के साथ-साथ राहगीरों और ग्रामीणों की मदद करते रहते हैं. इससे आम जनता का भरोसा बीएसएफ पर लगातार मजबूत होता जा रहा है.

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CG Big News : सरपंचों ने प्रशासन पर लगाया उपेक्षा का आरोप, कहा - पंचायतों के छोटे काम ठेकेदार को दे रहे, मजदूर पलायन मजबूर..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/गरियाबंद. जिला प्रशासन के खिलाफ सरपंचों ने मोर्चा खोल दिया है. सरपंघ संघ ने पंचायतों के अधीन किए जाने वाले कई निर्माण कार्य ठेकेदार को देने, मनरेगा के काम में मनमानी को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और कहा कि काम के अभाव में मजदूर पलायन करने मजबूर हो रहे. अधिकारों का हनन किया जा रहा. सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने ग्राम पंचायतों की उपेक्षा बंद नहीं की तो आंदोलन करेंगे.

मैनपुर जनपद के सरपंच संघ अध्यक्ष हलमंत ध्रुवा के नेतृत्व में सरपंचों ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जताई. सरपंच संघ ने मांग की है कि 50 लाख तक के सभी निर्माण कार्य पंचायतों को ही दिया जाए.

ठेकेदारी प्रथा बंद कर पंचायतों को सशक्त बनाया जाए. मनरेगा कार्यों का समान रूप से सभी पंचायतों में वितरण हो, ताकि मजदूरों को रोजगार और सम्मानजनक जीवन मिले.

क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम ने सरपंच संघ की मांगों को जायज ठहराते हुए समर्थन किया है. सरपंच संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने पंचायतों की उपेक्षा बंद नहीं की तो यह आंदोलन और व्यापक स्तर पर होगा. ज्ञापन सौंपने वालों में सरपंच संघ अध्यक्ष हलमन धुर्वा, घनश्याम मरकाम, गजेंद्र नेगी, हेमोबाई नागेश, कृष्णा बाई मंडावी, शंकर नेताम, पुनीत नागेश, मुकेश कपिल, अरविंद नेताम, खेलसिंह मरकाम, यशवंत मरकाम, जयराम मांझी, हेमंत नागेश, द्रुप सिंह ओटी, गोरेलाल ध्रुव, हनिता नायक, मालती बाई, उपासिन नागेश, निर्मला ध्रुव, रमशिला बाई सहित और भी सरपंच उपस्थित थे।

ज्ञापन में सरपंच संघ ने कही ये बातें

ग्राम पंचायतों को नजरअंदाज करते हुए महज

 1 लाख तक के छोटे-छोटे कार्य भी ठेकेदारों के माध्यम से कराए जा रहे हैं। यहां तक कि मरम्मत और जीर्णोद्धार जैसे छोटे कामों में भी पंचायतों को कोई भूमिका नहीं दी जा रही है।

मनरेगा कार्य आबंटन में भेद भाव – जिले में केवल चिन्हांकित कुछ पंचायतों को ही मनरेगा के कार्य दिए जा रहे हैं, जबकि अधिकांश पंचायतें पूरी तरह उपेक्षित हैं।

मजदूरों में आक्रोश और पलायन– काम के अभाव

 वहीं, पंचायतों में ग्रामीणों का आक्रोश सरपंचों पर फूट रहा है, लोग लगातार सवाल कर रहे हैं कि “हमारे पंचायत में काम क्यों नहीं है?”ऐसी स्थिति में मजदूर रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।

50 लाख तक काम पंचायत का अधिकार – शासन का आदेश स्पष्ट है कि 50 लाख तक के कार्य ग्राम पंचायतों को दिया जाए तो फिर जिला प्रशासन क्यों पंचायतों के अधिकारों का हनन कर रहा है? पूछा है क्या प्रशासन जानबूझकर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने में लगा है?

जिला पंचायत सदस्यों ने भी रखा अपना पक्ष

वहीं, जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि निश्चित ही सरपंचों के साथ भेदभाव नहीं होनी चाहिए. सभी पंचायतों को बराबरी से कार्य मिलना चाहिए. पंचायतों के अधिकार छीनकर ठेकेदारों को सौंपना सीधे-सीधे पंचायती राज व्यवस्था पर प्रहार है. पंचायतों को दरकिनार कर जिला प्रशासन न केवल सरपंचों का अपमान कर रहा है बल्कि आम जनता की भावनाओं को भी आहत कर रहा है. हम सरपंचों की इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”

दरअसल, जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि सरकार की मंशा है कि पंचायतों को मजबूत बनाया जाए, लेकिन गरियाबंद जिले में हालात इसके विपरीत हैं. पंचायतों की उपेक्षा से ग्रामीण विकास ठप हो रहा है. विशेषकर महिलाएं और मजदूर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं. मैं मांग करती हूं कि जिला प्रशासन तत्काल ठेकेदारी प्रथा बंद करे और पंचायतों को उनका हक लौटाए.

योजनाओं के अनुरूप जैसे काम आएंगे कराए जाएंगे : सीईओ

फिलहाल, इस मामले में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा, मनरेगा के तहत पीएम आवास निर्माण में 90 दिवस काम दिया जा रहा है. इसके अलावा वृक्षारोपण कार्य भी प्राथमिकता में है. शासन की योजनाओं के अनुरूप जैसे कार्य आएंगे कराए जाएंगे. अन्य विभागों के कार्य के बारे में कुछ नहीं कह सकता.

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CG Big News : 32 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित..प्रदेश स्वास्थ्य मितानिनों के वेतन में 50% राशि वृद्धि को मिली मंजूरी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ ने बीते 32 दिन से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया है। मितानिन संघ के दबाव के चलते स्वास्थ्य विभाग ने उनकी अधिकांश मांगें मान ली हैं। स्वास्थ्य संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के स्वास्थ्य सचिव अमित कटरिया के साथ चर्चा के बाद हड़ताल स्थगित की गई है।

वहीं, मितानिनों के वेतन में 50% राशि वृद्धि को मंजूरी मिली है। इसके अलावा, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलीटेटर और ब्लॉक समन्वयक की राशि NHM के माध्यम से भुगतान की जाएगी। पिछले आर.ओ.पी. के अनुसार, प्रशिक्षक को 16 रुपये प्रति दिन, हेल्प डेस्क फैसिलीटेटर को 23 रुपये प्रति दिन और ब्लॉक समन्वयक को 1875 रुपये दिए जाने की सकारात्मक चर्चा हुई है।

दरअसल, प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ की अध्यक्ष सरोज़ सिंह सेंगर ने कहा, “आज सार्थक बैठक हुई और हमारी मांगें पूरी हुईं। 32 दिन तक धरने पर हड़ताल करने वाले सभी साथियों को मैं बधाई देती हूँ, जिन्होंने जोर-शोर से अपनी आवाज़ उठाई।”

फिलहाल, इस हड़ताल के स्थगन के बाद स्वास्थ्य मितानिनों को लंबे समय से प्रतीक्षित वेतन सुधार और अन्य लाभ मिलना तय हुआ है।

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CG Big News: पंजाब बाढ़ राहत कोष के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की मार्मिक अपील..PM मोदी को पत्र लिखा, एक लाख करोड़ रुपए की मांग की..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर पंजाब बाढ़ राहत कोष में एक लाख करोड़ रुपये देने की मांग की है। इस मांग के पीछे का कारण पंजाब की वर्तमान स्थिति और वहां के लोगों की दयनीय स्थिति है, जो बाढ़ के कारण भारी तबाही का सामना कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में पंजाब की विस्तृत जानकारी के साथ एक मार्मिक अपील की है, उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग बाढ़ के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है।

फिलहाल, छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की एक आवश्यक बैठक में सभी सदस्यों की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया कि हमें प्रधानमंत्री से अनुरोध करना चाहिए कि वे पंजाब बाढ़ राहत कोष में एक लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करें। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज का मानना है कि प्रधानमंत्री जी हमारी इस अपील पर ध्यान देंगे और पंजाब के लोगों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे पंजाब बाढ़ राहत कोष में एक लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करें।

- पंजाब के लोगों की तत्काल राहत और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाएं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराएं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री जी हमारी इस अपील पर ध्यान देंगे और पंजाब के लोगों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। हम उनके साथ खड़े हैं और उनकी मदद के लिए तैयार हैं।

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CG News : 24वीं राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता संपन्न..सौ से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। रायपुर के माना शूटिंग रेंज में 28 अगस्त से 6 सितंबर तक आयोजित 24वीं राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से सौ से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए।

फिलहाल, इस प्रतियोगिता में राजधानी स्थित टॉपगन शूटिंग एकेडमी के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और सर्वाधिक पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही ये प्रतिभागी आने वाली ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता, बिहार ऑल इंडिया जी-वी मावलंकर चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई भी कर गए। अपनी सफलता का श्रेय शूटरों ने अपने माता-पिता एवं अनुभवी कोच को दिया।

इन प्रतिभागियों को प्राप्त हुआ पदक

मुस्कान मलानी – 388/400 (गोल्ड)

प्रीत आहुजा – 378/400 (गोल्ड)

श्रद्धा वैष्णव – 376/400 (ब्रॉन्ज)

आयुष अग्रवाल – 363/400 (गोल्ड)

लक्ष्य सोनी – 361/400 (सिल्वर)

आध्या सिंह – 377/400 (गोल्ड)

नमन बरगट – 355/400 (गोल्ड)

ओम गुप्ता – 382/400 (गोल्ड)

ईशान साहू – 354/400 (गोल्ड)

वान्या त्रिपाठी – 300/400 (सिल्वर)

वीरभद्र ठाकुर – 364/400 (ब्रॉन्ज)

विक्रम सिंह बघेल – 324/400 (गोल्ड)

त्रिलोचन साहू – 344/500 (ब्रॉन्ज)

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डीलिस्टिंग धर्मांतरण के खिलाफ जनजाति सुरक्षा मंच का बगीचा में शक्ति प्रदर्शन.....विशाल जुलूस और सभा में उमड़ा जनसैलाब

जशपुर, 09 सितंबर 2025 /
जशपुर जिले के बगीचा में मंगलवार को अखिल भारतीय जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले डीलिस्टिंग धर्मांतरण के मुद्दे पर ऐतिहासिक जुलूस और विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले और आसपास के ग्रामीण अंचलों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण पहुंचे।
  यह रैली कल्याण आश्रम चौक से शुरू होकर नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए स्थानीय बस स्टैंड पहुंची, जहां यह आमसभा में परिवर्तित हो गई। इस दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन बारिश के बीच भी कार्यकर्ताओं और आमजन की मौजूदगी ने आंदोलन के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

सभा को संबोधित करते हुए मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि “डीलिस्टिंग होकर रहेगा। धर्मांतरित लोग आदिवासी अधिकारों के हकदार नहीं हो सकते।” उन्होंने ईसाई मिशनरियों पर धर्मांतरण की आड़ में लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सनातन संस्कृति पर प्रहार है, जिसे कभी भी सफल नहीं होने दिया जाएगा।

पूर्व मंत्री भगत ने आगे कहा “जंगल, जल, जमीन पर सबका अधिकार है। ईसाई मिशनरी यदि यहां कब्जा कर क्रूस गाड़ रहे हैं तो यह गलत है। शासन-प्रशासन और वन विभाग को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

सभा में रोशन प्रताप ने कहा कि धर्मांतरण समाज को तोड़ने का प्रयास है, जिसे रोकने के लिए सरकार भी कानून बनाने की ओर बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि जो लोग परंपरा और रीतिरिवाजों का पालन नहीं करते और धर्मांतरण कर चुके हैं, उनका तत्काल डीलिस्टिंग होना चाहिए।

राकेश गुप्ता ने कहा कि यह लड़ाई सनातन संस्कृति की रक्षा की लड़ाई है और पूरे देश में गणेश राम भगत के नेतृत्व में आदिवासी परंपरा-संस्कृति के संरक्षण का आंदोलन चल रहा है।

विधिक सलाहकार रामप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि जो अपनी परंपरा का पालन नहीं करता, वह आदिवासी अधिकारों का लाभ नहीं ले सकता। इसी मांग को लेकर आंदोलन देशभर में जारी है।” उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में ईसाई मिशनरियों की “दुकानदारी” बंद हो जाएगी।

सरकार से की ठोस कदम उठाने की मांग

सभी वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि धर्मांतरण कर चुके लोगों को अनुसूचित जनजातियों की सूची से बाहर करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द लागू की जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम जनजाति समाज की अस्मिता और भविष्य की रक्षा के लिए जरूरी है।

सभा में लिया गया संकल्प

सभा में मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे अपनी संस्कृति, परंपरा और पहचान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। मंच से यह भी आह्वान किया गया कि समाज के युवा आगे आएं और डीलिस्टिंग आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाएं।

      बगीचा नगर में हुए इस आयोजन ने साबित कर दिया कि जनजाति सुरक्षा मंच का आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। कार्यकर्ताओं के उत्साह और नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

कार्यक्रम में जशपुर, रायगढ़ और सरगुजा जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। मंच संचालन चंद्रदेव ग्वाला और राकेश गुप्ता ने किया। इस दौरान जनपद सदस्य सविता नागेश, पूर्व विधायक जगेश्वर राम भगत, मनिजर राम, लच्छू राम सरपंच, जीतराम भगत, मोतीराम यादव, टंकेश्वर राजवाड़े, रामजतन यादव, राजकुमार गुप्ता, जगमोहन राम, अनिल भगत, विमला भगत, आनंद प्रजापति, सुरेश नागवंशी, रामसुमेर भगत, संतन यादव, सुखलाल यादव, डमरूधर यादव, जयकुमार, उमाशंकर ठाकुर, जे.आर. नागवंशी, श्रीराम, वासुदेव, दिनेश यादव, गंगाराम भगत, गौतम, सतनारायण शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और आंदोलन का समर्थन किया।

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CG Breaking : NHM कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी..आंदोलनकर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री ने दिया आश्वासन, कहा- 'देर होगा, पर दुरुस्त होगा'.,पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कोरिया। छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। प्रदेश में 16,000 से अधिक NHM कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। प्रदर्शनकारियों को काम पर लौटने की चेतावनी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद नाराज कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है और उनका प्रदर्शन अब भी जारी है।

वहीं, आज कोरिया जिले में NHM कर्मचारियों ने एक मौन रैली का आयोजन किया। रैली प्रेमाबाग से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए PWD रेस्ट हाउस तक पहुंची, जहां स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मौजूद थे। कर्मचारियों ने हाथों में बैनर और तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य मंत्री से सीधे मिलकर अपनी सभी मांगें रखीं।

दरअसल, कर्मचारियों ने उचित वेतन वृद्धि, स्थायी नियुक्ति और बेहतर कार्य परिस्थितियों समेत 10 सूत्री मांग को पूरा करने की मांग की। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि उनकी नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए।

समाधान में दो-तीन महीने का लगेगा समय – स्वास्थ्य मंत्री

फिलहाल, इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कर्मचारियों की बातों को सुना और आश्वासन दिया कि उनके मुद्दों पर जल्द ही विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा देर होगा पर दुरुस्त होगा, दो-तीन महीने का समय लगेगा, लेकिन समाधान सामने आएगा। हम एक कमेटी बनाएंगे, जिसमें स्टेट लेवल पर दो से पांच सदस्य होंगे और उनके माध्यम से निचले स्तर तक सुझाव जाएगा। आप लोग सहमति बना लीजिए और हम उसी अनुसार काम करेंगे।

ये हैं 10 सूत्री मांग

1- संविलियन जॉब सुरक्षा

2- पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना

3- ग्रेड पे निर्धारण

4- कार्यमूल्यांकन पध्दति में सुधार

5-लंबित 27% वेतन वृद्धि

6-नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण

7-अनुकंपा नियुक्ति

8-मेडिकल या अन्य अवकाश की सुविधा

9-स्थानांतरण नीति

10-न्यूनतम 10 लाख चिकित्सा बीमा

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CG Big News : चैतन्य बघेल की याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई..ED ने रखा अपना पक्ष..15 सितंबर तक न्यायिक रिमांड पर होगें चैतन्य..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाए गए पूर्व CM के बेटे भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की याचिका पर आज (सोमवार) को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई में ईडी की ओर से अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 15 सितंबर निर्धारित की है। इस दिन भी ईडी अपने पक्ष को अदालत के समक्ष रखेगा।

बता दें कि चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इससे पहले मामले में बीते 2 सितंबर को चैतन्य बघेल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी, जिसमें ईडी ने अपना पक्ष रखा था और आज अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद हाईकोर्ट में दायर की याचिका

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने ED द्वारा गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देते हुए लगाई याचिका को चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट जाने की सलाह देते हुए खारिज कर दी थी। जिसके बाद चैतन्य ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें कहा गया है कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

वहीं, इस मामले में जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में लगातार सुनवाई जारी है। अब देखना यह है कि 15 सितंबर को आगामी सुनवाई में ईडी किस प्रकार से चालान दाखिल करती है और अदालत इसका क्या निर्णय देती है।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 15 सितंबर तक न्यायिक रिमांड पर है चैतन्य

ज्ञात हो कि, शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने चैतन्य बघेल को बीते 18 जुलाई को उनके जन्मदिन के दिन भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। उनपर आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। तब से वह जेल में बंद हैं। इससे पहले शराब घोटाला मामले को लेकर राजधानी रायपुर में ईडी की विशेष कोर्ट में बीते शनिवार को चैतन्य बघेल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें इस मामले में 15 सितंबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। माना जा रहा है कि अगली तारीख पर ईडी इस मामले में चालान पेश कर सकती है।

जानिए क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला

वहीं, छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच ईडी (Enforcement Directorate) कर रही है। ईडी ने इस मामले में एसीबी (ACB) में एफआईआर दर्ज की है, जिसमें 2,000 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का जिक्र किया गया है। इस घोटाले में कई नामजद लोग शामिल हैं, जिनमें राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं।

दरअसल, ईडी की जांच में पाया गया है कि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में यह घोटाला हुआ। आरोप है कि IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।

फिलहाल, घोटाले के सिलसिले में ईडी की जांच जारी है और मामले में अब तक कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन की जानकारी इकट्ठा की जा चुकी है।

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CG News : उपसरपंच रहस्यमयी तरीके से लापता..ग्रामीणों ने जताई अनहोनी की आशंका..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/सक्ती. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से ग्राम पंचायत करही के उपसरपंच महेंद्र बघेल रहस्यमयी तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है. महेंद्र 6 सितंबर की रात से वापस घर नहीं लौटे. काफी खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चलने पर बिर्रा थाना में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस 6 से 7 संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. हालांकि 36 घंटे बाद भी पुलिस उपसरपंच को नहीं ढूंढ पाई है.

दरअसल, उपसरपंच महेंद्र बघेल 6 सितंबर की रात 10 बजे से लापता है. आसपास ढूंढने और परिचितों से पूछने के बाद भी महेंद्र नहीं मिला तो परिजनों ने बिर्रा थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 से 7 संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

ग्रामीणों ने जताई अनहोनी की आशंका

फिलहाल, 36 घंटे के बाद भी उपसरपंच का कोई सुराग नहीं मिला है. वहीं ग्रामीणों ने अनहोनी होने की आशंका जताई है. फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है.

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CG Big News : MP के बाद गोवा सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ..बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए दिए 5 करोड़ रुपए..CM साय ने जताया आभार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ के बस्तर के कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं. भारी बारिश की वजह से जन- जीवन अस्त व्यस्त है. इस परिस्थिति में मध्यप्रदेश के बाद गोवा सरकार ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों की मदद के लिए 5 करोड़ की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई गई है. इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत का आभार जताया है. 

फिलहाल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपके इस सौजन्य के लिए हृदय से धन्यवाद। इस सहयोग से प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास में मदद होगी। साथ ही मदद का अहम कदम यह भी दर्शाता है कि हमारा देश एकजुट होकर हर संकट का सामना कर सकता है. आपदा की घडी में यह सहयोग निश्चित ही बस्तर संभाग के प्रभावित जनों को संबल प्रदान करेगा.

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CG Big News : तातापानी थाना क्षेत्र के लुत्ती डैम हादसा मामला.!आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्का जाम कर मृतक परिजनों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बलरामपुर। बलरामपुर जिले के धनेशपुर गांव में लुत्ती (सतबहिनी) डैम हादसे को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार को सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एनएच-343 पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान खैरवार समाज के बड़ी संख्या में महिला और पुरुष भी मौजूद रहे।

 

 

ज्ञात हो कि, प्रदर्शनकारियों ने मृतक परिवारों को उचित मुआवजा और शासकीय नौकरी देने की मांग उठाई। वहीं मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

 

वहीं, इस मामले पर बलरामपुर एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा कि लुत्ती डैम हादसे के संबंध में विरोध प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। इस संबंध में जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।

 

लुत्ती डैम टूटने से 7 लोग बहे, 6 के शव बरामद, एक अब भी लापता

 

दरअसल, 2 सितंबर की रात तातापानी थाना क्षेत्र के धनेशपुर गांव स्थित 50 साल पुराना लुत्ती डैम टूट गया था। अचानक हुए इस हादसे में दो घर बह गए और सात लोग पानी में बह गए। अब तक छह लोगों के शव बरामद हो चुके हैं जबकि तीन साल की एक मासूम अब भी लापता है। इस हादसे में खैरवार समाज के एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई है।

 

 

फिलहाल, बताया गया कि भारी बारिश के कारण लबालब भरे डैम के टूटने से यह घटना हुई थी। हादसे ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया था। राहत और बचाव कार्य प्रशासन व ग्रामीणों की मदद से चलाए गए।

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Big News : पंजाब में आफत की बाढ़ ने मचाई तबाही..कईयों के मवेशी बहे, तो कईयों के आशियाना डूबा..पलायन करने वाले ड्राइवर ने की बयां.,पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। पंजाब में इन दिनों आफत की बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है, कईयों के मवेशी बहे, कईयों के घर डुबने से जीवनभर की जमा-पूंजी चली गई, वहीं कईयों के बाढ़ के पानी में जीवन के सपने डूब गए. ऐसे ही टूटे हुए सपनों के साथ वापस घर लौटने वालों में से मुंगेली जिले के रोहराखुर्द निवासी अरविंद जांगड़े भी हैं.

 

वहीं, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से वापस घर लौट रहे अरविंद जांगड़े कहते हैं कि छत्तीसगढ़ की सीमा में ट्रेन के प्रवेश करते ही दिल को सुकून मिला. ऐसा महसूस करने वाले वे अकेले ही नहीं थे, ट्रेन में उनकी तरह कई लोग, कई परिवार छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के साथ-साथ पंजाब-दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों में इन दिनों नजर आ जाएंगे. बाकी के पास तो बोरियों में बंधे हुए घर का सामान है, लेकिन अरविंद के पास तो वह भी नहीं. केवल बस एक-दो जोड़ी कपड़े रखे बैग के साथ घर लौट रहे हैं.

 

 

बता दें कि, पेशे से ड्राइवरी करने वाले अरविंद बताते हैं कि कभी उनके पास खुद की गाड़ी हुआ करती थी, जिसे लेकर वे कभी-कभी हिमाचल, जम्मू तक चले जाया करते थे, लेकिन गाड़ी के खराब होने के साथ बिगड़ी घर की माली हालत ने नौकरी ढूंढने के लिए मजबूर कर दिया. बिलासपुर आने-जाने के दौरान एक शख्स ने उन्हें पंजाब के ट्रैक्टर फैक्ट्री में ड्राइवर की आवश्यकता बताई. घर-परिवार की अनुमति लेकर पंजाब के लिए निकल पड़े.

 

वहीं, पंजाब में ट्रैक्टर फैक्ट्री में वे काम भी करने लगे. तीन टाइम अच्छा खाना मिल रहा था, रहने की भी चिंता नहीं रही. पांच दिन काम करने के बाद लगा कि अब यहां लंबे समय तक काम किया जा सकता है, तो ठेकेदार से पैसे लेकर राशन-पानी भी ले आए. लेकिन जिस दिन राशन-पानी लाए, उसी दिन से मौसम बदलने लगा. बाढ़ के हालात देख शाम ढलते तक वे उनके जैसे 20-25 लोग जान बचाने के लिए मकान की छत पर चढ़ने को मजबूर हो गए.

 

 

पांच दिन टोस्ट-बिस्कुट से चलाया काम

 

ज्ञात हो कि, पांच दिन-रात छत पर ही काटे, हैलीकॉप्टर से गिराए जाने वाले बिस्कुट-टोस्ट खाकर काम चलाया. इसके बाद उन्हें हैलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया. सब सामान छोड़कर सुरक्षित जगह पहुंचने के बाद उन्हें लगा कि अब जान बच गई है. यहां एक दिन रहने के बाद सरकार ने पता नहीं किसी हिसाब से 520 रुपए थमाए और कहा कि आप अब घर चले जाओ. उन्होंने भी सलाह मानी और जो एक-दो जोड़ी कपड़े बचे थे, उन्हें लेकर जालंधर पहुंचे और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस पकड़कर घर की ओर निकल पड़े.

 

लोगों ने दिखाई भलमनसाहत

 

वहीं, अरविंद बताते हैं कि ट्रेन में सफर के दौरान लोगों की भलमनसाहत देखने को मिली. पंजाब से बैठे एक सज्जन उनकी स्थिति को देखते हुए खाने-पीने की चीजें देते रहे. वैसे ही भोपाल से नागपुर के लिए चढ़ा एक परिवार भी बीच-बीच में खाने-पीने की चीजें देते रहा. ऐसा व्यवहार पंजाब में भी बाढ़ आपदा के दौरान देखने को मिला. कई लोगों ने तो अपने खजाने प्रभावित लोगों के लिए खोल दिए थे.

 

अब घर में रहकर कमाएंगे-खाएंगे

 

वहीं, पंजाब की त्रासदी झेलकर वापस घर लौट रहे अरविंद अब दोबारा पंजाब या कहीं बाहर कमाने-खाने के लिए जाने से कान पकड़ते हैं. वे कहते हैं कि घर में बीवी है, दो बच्चे हैं, एक पांच तो दूसरा तीन साल का. घर पर ही रहकर जैसे-जैसे बीवी-बच्चों का पेट पाल लूंगा, लेकिन बाहर नहीं जाउंगा.

 

लेकिन मनीराम ने नहीं मानी हार

 

दरअसल, अरविंद जांगड़े की तरह पंजाब की त्रासदी झेलकर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से लौटने वाले में जांजगीर-चांपा जिले के रसेड़ा गांव का रहवासी मनीराम पटेल भी था. मनीराम ने बताया कि वह पंजाब के कपूरथला शहर में सेंटरिंग का काम करता था. रोज का 600 रुपए मिल जाता था. महीने भर ही हुए थे पंजाब गए कि बारिश-बाढ़ की वजह से लौटना पड़ा है. लेकिन उसने अरविंद की तरह हार नहीं मानी है, उसका कहना है कि हालात ठीक होते ही मैं फिर पंजाब जाउंगा.

 

नहीं कोई सुध लेने वाला

 

फिलहाल, पंजाब की त्रासदी झेलने वाले अरविंद और मनीराम ही नहीं है, बल्कि सैकड़ों-हजारोंं परिवार हैं जो हर साल बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से पंजाब में कमाने-खाने जाते हैं. बारिश-बाढ़ की वजह से ऐसे सैकड़ों परिवार अपना सबकुछ गंवाकर रोज पंजाब से छत्तीसगढ़ लौट रहे हैं, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. न जनप्रतिनिधियों की कोई रुचि है, और न ही प्रशासन की. लोगों भी इसे अपनी नियती मानकर चल रहे हैं.

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CG News : गांजा तस्करी कर रहे आरोपी को पैसे लेकर छोड़ देने के आरोप..चार आरक्षक निलंबित..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/महासमुंद। गांजा तस्करी कर रहे आरोपी को पैसे लेकर छोड़ देने के आरोप पर पुलिस अधीक्षक ने पटेवा थाना में पदस्थ चार आरक्षकों को निलंबित कर दिया है.

 

 

फिलहाल, मामले का खुलासा तब हुआ जब गांजा तस्करी के आरोपी भीखम चंद्रवंशी को 500-500 के 15 नकली नोट के साथ कवर्धा जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया. आरोपी भीखम चंद्रवंशी ओडिशा से गांजा और नकली नोट लाकर महासमुंद जिले के रास्ते से अवैध कारोबार कर रहा था.

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CG Accident : झांकी देखने निकला परिवार को तेज रफ्तार वाहन ने कुचला..मामा-भांजे की मौके पर मौत, 3 घायल..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh Accident News/खैरागढ़। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात खैरागढ़ में झांकी देखने निकले परिवार को तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया, जिसमें मामा-भांजे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी और दो मासूम बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। 

मामा-भांजे की मौत, पत्नी-बच्चियां घायल

जानकारी के मुताबिक खैरागढ़ के ग्राम बल्देवपुर निवासी रिलेश साहू (32) अपने भांजे मोहित साहू (13), पत्नी करिश्मा साहू और दो नन्हीं बेटियों (डेढ़ और तीन साल) को लेकर बाइक से राजनांदगांव झांकी देखने जा रहे थे। ठेलकाडीह से पहले आशीर्वाद ढाबा के पास अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

फिलहाल टक्कर इतनी भीषण थी कि रिलेश और मोहित की मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी करिश्मा और दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हादसे के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी। यह दुर्घटना एक बार फिर लापरवाह ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी की वजह से हुई। पुलिस के मुताबिक, एक ही बाइक पर पांच लोगों का सवार होना भी हादसे को आमंत्रित करना होता है।

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एम्स रायपुर में ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ....मरीजों के परिजनों के लिए एम्स रायपुर में बनेगा सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास

रायपुर, 06 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का अत्यधिक लाभ मिलेगा और शीघ्र ही राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘देव हस्त’ के नामकरण हेतु आयोजित प्रतियोगिता की विजेता सुश्री ज्योत्स्ना किराडू को पाँच हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की। कार्यक्रम में एम्स रायपुर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल, विभागाध्यक्ष डॉ. देवज्योति मोहंती, बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया एरोकॉन 2025 का शुभारंभ, कैंसर उपचार और शोध में मिलेगी नई दिशा

रायपुर, 06 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। श्री साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। 

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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श्री गणेश जी की प्रतिमा का हुआ धूमधाम से विसर्जन, मुख्यमंत्री निवास बगिया में 11 दिन तक गूंजा भक्ति का माहौल...

जशपुरनगर गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक मुख्यमंत्री निवास बगिया में इस वर्ष भी भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा विराजमान रही। पूरे 11 दिन तक यहां सुबह-शाम भजन, कीर्तन, पूजा-अर्चना और आरती के साथ भक्तिमय वातावरण छाया रहा। श्रद्धालुओं और आमजन की बड़ी संख्या प्रतिदिन मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर गणेश जी का आशीर्वाद लेती रही।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना और भव्य शोभायात्रा के साथ गणपति बप्पा का विसर्जन किया गया। बगिया निवास से शोभायात्रा रवाना होकर मैनी नदी तट तक पहुंची। पूरे रास्ते भक्त "गणपति बप्पा मोरया" के जयकारे लगाते रहे। ढोल-नगाड़े, झांझ-मंजीरे और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या एवं उनके परिवारजन भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्री गणेश जी की पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना की।
गणेश विसर्जन के दौरान व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही। श्रद्धालुओं ने बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ प्रतिमा को मैनी नदी में विसर्जित किया,इसके पश्चात भंडारा में सभी श्रद्धालु गण ने प्रसाद ग्रहण किया। विसर्जन कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।बगिया गांव और आसपास के क्षेत्र में 11 दिनों तक गणेशोत्सव का माहौल बना रहा। भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठानों ने बगिया निवास को एक आध्यात्मिक केंद्र का स्वरूप प्रदान कर दिया।

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भक्तों ने ढोल-नगाड़ों के साथ बप्पा को दी विदाई, धूमधाम से किया गया गणपति विसर्जन

नारायणपुर 06 सितम्बर 2025 : गणपति बप्पा मोरया.... मंगलमूर्ति मोरया... कुछ ऐसे ही उद्घोष से शनिवार देर शाम तक गांवों की सड़कें गूंजती रही। इसको देखो वहीं अपने आराध्य गणपति को सबसे शानदार विदाई देना चाहते थे। हर तरफ़ रंगों और गुलाल की होली खेलने वालों की भीड़ लगी थी। गाजे-बाजे के साथ निकाली गई भगवान गणेश की विसर्जन यात्रा में भक्तगण नाचते- झूमते नजर आये। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल भी लगाया।

नारायणपुर में गणेश विसर्जन यात्रा उत्साह के साथ संपन्न हुई। गांवों के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए 'गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारे लगाए। डीजे की धुन पर भक्तगण नृत्य करते नजर आए। यात्रा कीर्तन भवन से जयस्तम्भ चौक,अटल चौक होते हुए रानीकोम्बो ईब नदी के किनारे तक पहुंची।सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। ईब नदी तट पर पहुंचने के बाद विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ गणेश जी को विदाई दी।

  रनपुर कुदमुरा सहित अन्य क्षेत्रों में बप्पा का किया गया विसर्जन

रनपुर, कुदमुरा में श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के बीच विघ्न विनाशक भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन शनिवार को किया गया। श्री गणेश पूजा समिति रनपुर के पूजा पंडाल से अपराहन चार बजे गाजे-बाजे के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली गयी। अबीर-गुलाल उड़ाते और डीजे की धुन पर नाचते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन जुलूस में शामिल हुए। गणपति बप्पा मोरया की जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज रहा था। जुलूस मेन रोड होते हुए गांव भ्रमण उपरांत गो धुली बेला में ढोण्डकी नदी पहुंचा। यहां विधिविधान से प्रतिमा का विर्सजन किया गया। इससे पूर्व सुबह में हवन, दोपहर में प्रसाद वितरण किया गया

         कैसे मनाया जाता है गणेशोत्सव?
गणेश चतुर्थी भाद्रपद माह की शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर दस दिनों तक चलता है। इन दिनों भक्तजन घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। रोजाना पूजा, आरती और भजन होते हैं और अंतिम दिन यानी अनंत चतुर्दशी पर बड़े धूमधाम से प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।

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