गणित किट से बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर: आस्ता में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला सम्पन्न, गतिविधि आधारित शिक्षण से शिक्षकों को मिला नया दृष्टिकोण
जशपुर/मनोरा : 21 फरवरी 2026
मनोरा। गणितीय अवधारणाओं को सहज, रोचक एवं प्रयोगात्मक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आस्ता एवं बहेरना जोन के विभिन्न संकुलों के शिक्षकों का एक दिवसीय गणित किट आधारित उन्मुखीकरण कार्यक्रम पूर्व माध्यमिक शाला आस्ता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण स्वप्रेरित शिक्षकों द्वारा आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर गणित शिक्षण को गतिविधि आधारित एवं प्रभावी बनाना था।
कार्यशाला में आस्ता, तिगरा, सरडीह आस्ता, राझाडीपा, ढेंगनी, बहेरना, अंधरझर, गीधा एवं आमगांव संकुलों के माध्यमिक शालाओं में गणित विषय पढ़ाने वाले शिक्षक एवं संकुल समन्वयक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व माध्यमिक शाला आस्ता के कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को पाँच समूहों में विभाजित कर गणित के पाँच अलग-अलग टीएलएम (शिक्षण अधिगम सामग्री) के माध्यम से प्रयोगात्मक शिक्षण कराया गया।
प्रशिक्षकों ने गणित किट में उपलब्ध विभिन्न सामग्रियों का उपयोग करते हुए जोड़-घटाव, भिन्न, आकृतियाँ तथा ज्यामितीय कोण जैसे विषयों को सरल एवं गतिविधि आधारित पद्धति से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने स्वयं सामग्री का उपयोग कर गणितीय सिद्धांतों को समझने का प्रयास किया, जिससे उनकी अवधारणाएँ और अधिक स्पष्ट होती नजर आईं।
शिक्षकों ने पाँचों समूहों में चल रही गतिविधियों का अवलोकन किया तथा बच्चों के साथ चर्चा कर प्रक्रिया की बारीकियों को समझा। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान शिक्षकों ने अनुभव किया कि जब बच्चे स्वयं सामग्री का प्रयोग करते हैं, तो सीखने की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को गणित किट के प्रभावी एवं नियमित उपयोग के प्रति प्रेरित करना तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को कक्षा में लागू करने के लिए प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने स्वयं भी किट का उपयोग कर विभिन्न गतिविधियाँ प्रस्तुत कीं।
कार्यशाला के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में उपस्थित शिक्षकों ने अपनी जिज्ञासाएँ रखीं, जिनका प्रशिक्षकों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। शिक्षकों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
इस सफल आयोजन में के सदस्य नीलाभ्र, चन्द्रदेव, मुकेश एवं यूसुफ का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। साथ ही संकुल समन्वयक बीरबल राम, महेंद्र सिंह एवं जे पी यादव ने कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गणित किट आधारित इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि शिक्षण को गतिविधि आधारित और प्रयोगात्मक बनाया जाए तो गणित जैसे विषय को भी विद्यार्थियों के लिए रोचक एवं सरल बनाया जा सकता है। स्थानीय शिक्षकों की इस पहल को शिक्षा जगत में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
