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CG Big News : संवर रहा छत्तीसगढ़.! CM साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय मिसाल बन गई प्रदेश की औद्योगिक प्रगति..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। औद्योगिक उन्नति किसी भी राज्य के विकास का सर्वश्रेष्ठ मापदंड होता है। उद्यमिता के क्षेत्र में हुए विकास को भी उस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास माना जा सकता है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र में जो प्रगति हुई है उसकी मिसाल राष्ट्रीय स्तर पर भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की “नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है।”

हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि “फार्मास्यूटिकल्स की इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है.

दरअसल, इस नीति की वजह से पिछले छह माह में ही अब तक लगभग 6.75 लाख करोड़ रूपए का निवेश आ चुका है। इसमें पावर सेक्टर में तीन लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) ₹5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।”

वहीं, साय सरकार द्वारा लागू की गई नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने राज्य को निवेश और रोजगार के नए अवसर देने का काम किया है। इस नीति की सफलता के बाद निसंदेह छत्तीसगढ़ राज्य एक विकसित और आत्मनिर्भर औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। 2030 तक लागू रहने वाली औद्योगिक विकास नीति का मुख्य उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना, रोजगार सृजन करना और आर्थिक विकास को गति देना है।

बता दें, इस नीति में विभिन्न प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है जिसमें ब्याज अनुदान, लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क में छूट, विद्युत शुल्क में छूट, और मूल्य संवर्धित कर की प्रतिपूर्ति शामिल है। इसके अलावा औद्योगिक विकास नीति में पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान, जल और ऊर्जा दक्षता व्यय की प्रतिपूर्ति, और ग्रीन हाइड्रोजन/कम्प्रेस्ड बॉयोगैस सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन को भी शामिल किया गया हैं। राष्ट्र के हर एक युवा को रोज़गार से जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को छत्तीसगढ़ की साय सरकार,औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की मदद से आकर देने का काम कर रही है।इज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश के अग्रणी राज्य बनते छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार से उद्योग जगत में ग़ज़ब की क्रांति देखने को मिल रही है।

औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन और प्रशिक्षण को दी जा रही वरीयता

वहीं, छत्तीसगढ़ की सरकार का लक्ष्य टेक्सटाइल, फार्मा, एआई, डिफेंस, ऊर्जा और मेडिकल टूरिज्म – इन सभी क्षेत्रों में अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार सृजित कर छत्तीसगढ़ को अगले दशक की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए औद्योगिक विकास नीति में स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है इसके तहत 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

हालांकि, छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्वयं का व्यवसाय आरम्भ करने के लिए ‘उद्यम क्रांति योजना’ के तहत युक्त ऋण अनुदान प्रदान किए जाएंगे। केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव में 2000 से अधिक स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की सम्भावना है।इससे आदिवासी वनवासी समुदायों के साथ ही महिलाओं को लघु वनोपजों के संग्रहण, प्राथमिक प्रसंस्करण कार्य में रोजगार और आय में वृद्धि के अवसर मिलेगा।

औद्योगिक विकास नीति में समावेशी विकास की योजना

वहीं, औद्योगिक विकास नीति में अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के उद्यमियों और तृतीय लिंग के उद्यमों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र के एमएसएमई और वृहद सेवा उद्यमों के लिए पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है, जिसमें इंजीनियरिंग सेवाएं, अनुसंधान और विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र को भी शामिल किया हैं।

औद्योगिक कॉरिडोर और बुनियादी ढांचा विकास

बता दें कि, छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने कोरबा-बिलासपुर-रायपुर क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना की योजना बनाई है जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को निश्चित ही एक नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी परियोजना के तहत कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल (छत्तीसगढ़) तक की 160.33 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेललाइन का सर्वे अंतिम चरण में है, जिससे सुदूर क्षेत्रों में परिवहन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार और औद्योगिक विकास के लिए बुनियादी सुविधाएं पहुंचेंगी।मुख्यमंत्री साय ने इस विषय में कहा था कि “रावघाट से जगदलपुर तक 3,500 करोड़ रूपए की रेललाइन की मंजूरी मिल चुकी है। कोठागुडेम से किरंदुल तक रेललाइन पर सर्वे शुरू हो गया है और खरसिया-परमालकसा रेललाइन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। जलमार्ग संबलपुर से नवा रायपुर तक आरंभ होगा। एयर कार्गाे सेवाएं भी सक्रिय हो चुकी हैं।”

साय सरकार के दिशा निर्देश पर हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों का प्रमुख केंद्र बनेगा छत्तीसगढ़

जानकारी के अनुसार, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से लैस छत्तीसगढ़ राज्य की नई उद्योग नीति में भी वनोपज प्रसंस्करण इकाईयों को थ्रस्ट सेक्टर में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आकार देते हुए छत्तीसगढ़ की साय सरकार द्वारा स्थानीय उद्यमियों को गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी तारतम्य में राज्य के वनों में उपलब्ध लघु वनोपजों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण के लिए फारेस्ट टू फार्मेसी मॉडल की शुरुआत करते हुए प्रसंस्करण केंद्र छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा निर्मित, मध्य भारत की सबसे बड़ी और आधुनिक केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई की स्थापना दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में की गई है। 27.87 एकड़ में फैले इस इकाई का लोकार्पण हाल ही में राज्य के मुखिया ने किया है। हर वर्ष लगभग 50 करोड़ रूपए के आयुर्वेदिक औषधीय उत्पादों का उत्पादन एवं प्रसंस्करण करने वाली इस इकाई के साथ ही छत्तीसगढ़, भारत में हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के वनोत्पाद के प्रसंस्करण और वैल्यूएडिशन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ता निवेश और आर्थिक विकास

दरअसल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रदेश में निवेश का वातावरण इतना सशक्त हुआ कि सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।

वहीं, पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए मात्र तीन महीनों में ज़मीन आवंटित कर एनओसी जारी की गई और अब कंपनी ने 1,143 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया है, जहां प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ के रूप में स्थापित करना है।निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 विकसित किया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन, विभागीय अनुमोदन और सब्सिडी वितरण को एकीकृत करती है। हमारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी और तेज़ है कि उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त हो सकेंगी। छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर पार्क देश का पहला पार्क है। फार्मा सेक्टर में फार्मा हब और मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। टेक्सटाइल और फार्मा में विशेष अनुदान उपलब्ध हैं।”

बता दें कि, नई औद्योगिक नीति के बाद से ही छत्तीसगढ़ निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है जिसकी वजह से राज्य में कुल 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश आने की सम्भावना है। बड़े निवेशों के चलते राज्य को विशेष आर्थिक क्षेत्र घोषित किया गया हैं। इसमें कोई दो मत नही कि बड़े निविशकों के छत्तीसगढ़ में निवेश से प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और राज्य की आर्थिक गति को नई रफ्तार मिलेगी। एक अनुमान के अनुसार इससे 20 हजार से अधिक युवा रोजगार से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा था कि “छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है। एक दिन पूर्व ही आयोजित केबिनेट की बैठक में हमने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। लॉजिस्टिक नीति से राज्य में ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग, व्यापार और किसानों को आधुनिक, सस्ती भंडारण और वितरण सुविधा प्राप्त होगी, लॉजिस्टिक लागत में कमी के माध्यम से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।”

कृषि और ग्रामीण विकास में भी निहित है औद्योगिक विकास

ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले में एग्री-हॉर्टी एक्सपो और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना और उनकी आय में वृद्धि करना है। इस आयोजन में किसानों को जियो मार्ट, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म जैसी बड़ी कंपनियों से फसल अनुबंध के अवसर मिलेंगे।

राजस्व संग्रह में वृद्धि भी सहायक है औद्योगिक विकास में

वहीं, अप्रैल 2025 में छत्तीसगढ़ ने ₹4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रह कर एक महत्वपूर्ण आर्थिक मील का पत्थर हासिल किया है। इस उपलब्धि से उसने केरल, पंजाब, बिहार और झारखंड जैसे खनिज समृद्ध राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश के शीर्ष 15 जीएसटी संग्रहकर्ता राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए गए उद्योग और व्यापार क्षेत्र के सुधारों का परिणाम है। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से राज्य की जीएसडीपी, पूंजीगत व्यय और योजनाओं की वित्तीय प्रगति के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि “राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वित्तीय संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और दक्षता के साथ किया जाए, ताकि जनकल्याणकारी योजनाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। राज्य की प्रगति उसकी वित्तीय स्थिरता पर निर्भर करती है। जितनी सशक्त वित्तीय व्यवस्था होगी, उतनी ही तेजी से हम विकास की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।”

दरअसल, 1 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा था कि “छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है।” हाल ही में आयोजित इंडस्ट्री डायलॉग 2.0 में छत्तीसगढ़ को निवेशकों द्वारा 1.25 लाख करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

फिलहाल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में समावेशी और सतत विकास के लिए ठोस कदम उठाए हैं।प्रधानमंत्री के विजन 2047 तक विकसित भारत और विकसित राज्य निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे का विकास, और कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार जैसे उपायों से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है।लॉजिस्टिक नीति और जन विश्वास विधेयक से छत्तीसगढ़ में विकास को नई गति मिल रही है और इन पहलों से छत्तीसगढ़ एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है।

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CG Big News : पुत्र चैतन्य की गिरफ्तारी पर पूर्व सीएम ने कसा तंज, कहा- इनके दिमाग में बसा हुआ है भूपेश बघेल का डर..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर। हरेली पर अपने सरकारी निवास पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ वासियों को हरेली तिहार की बधाई देते हुए सरकार पर तंज कसा है. इस दौरान उन्होंने पुत्र चैतन्य के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कहा कि इनके दिमाग में भूपेश बघेल का डर बसा हुआ है.

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई पर कहा कि उद्योगपति के ख़िलाफ बोलने वालों पर कार्रवाई की जा रही है. हम तमनार का मुद्दा विधानसभा में अंतिम दिन उठाने वाले थे. मेरे पुत्र चैतन्य को जन्मदिन के दिन बिना नोटिस दिए द्वेषपूर्वक कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया.

ज्ञात हो कि, उन्होंने कहा कि हमने जबसे होश संभाला देखा बाबू जी भी जेल गए. वो कहते थे कि जेल मेरा दूसरा घर है. मेरे पिता को जोगी सरकार ने जेल भेजा. उनकी सरकार चले गई. मुझे रमन सिंह ने जेल भेजा उनकी सरकार गई. अब मेरे बेटे को मोदी ने जेल भेजा है. इनकी भी डबल इंजन की सरकार गिर जाएगी. रणनीतिक ढंग से छत्तीसगढ़ के नेतृत्व को खत्म करने का प्रयास कर रहे है.

वहीं, चैतन्य के गैरमौजूदगी पर भूपेश बघेल ने कहा कि त्योहार साल में एक बार आता है. चैतन्य रहता तो और अच्छा लगता, लेकिन केवल चैतन्य मेरा बेटा नहीं है. छत्तीसगढ़ की पूरी जनता मेरा परिवार है. बलौदाबाजार एसपी-कलेक्टर दफ्तर आगजनी मामले में कांग्रेस के सतनामी नेताओं को जेल में डाला गया. सतनामों समाज को सरकार डराने का प्रयास की है. इसी मामले में विधायक देवेंद्र यादव को भी 6 महीने के लिए जेल भेज दिया गया. अब सतनामी समाज के लोग प्रदर्शन करने से डरेंगे, क्योंकि उन्हें जेल भेज कर डराया गया है.

दरअसल, उन्होंने कहा कि बस्तर में उद्योगपति को घुसने से हमने रोका, तो बस्तर की आवाज को दबाने का काम किया गया. कवासी लखमा को जेल भेज दिया गया. अब बेटे चैतन्य बघेल को पकड़ा गया है.

फिलहाल, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने परिवार और मित्रों के साथ बड़े ही धूमधाम से त्योहार मना रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार भोली-भाली जनता को धोखा देने में उतर आई है. छत्तीसगढ़ के जंगलों को कटा जा रहा है. एक पेड़ माँ के नाम कर पूरा जंगल उद्योगपति को सौंपा जा रहा है. पूरे जंगल को सौंपने का षड्यंत्र चल रहा है. जिसका हम पुरजोर विरोध करते है. हम आज हरेली के दिन संकल्प लेते है. छत्तीसगढ़ को उजड़ने नहीं दिया जाएगा.

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CG Big News : तेल से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलटा.! बाल्टी-ड्रम लेकर लूटने उमड़ी लोगों की भीड़..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक तेल टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद सड़क पर चारों ओर तेल फैल गया, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ा विस्फोट या जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद देखते ही देखते मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कोई प्लास्टिक का ड्रम, तो कोई बाल्टी और बोतल जैसी चीजों में तेल भरकर ले गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पुलिस ने लोगों को खदेड़ा

वहीं, घटना की सूचना के बाद जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तो आग लगने की आशंका को देखते हुए भीड़ को खदेड़कर घटना स्थल को खाली करवाया। हालांकि तब तक काफी लोग डीजल भरकर अपने-अपने घरों को रवाना हो चुके थे। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, टैंकर में लोड हजारों लीटर डीजल बह जाने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही आ है।

फिलहाल, ग्रामीणों की जान जोखिम में डालकर डीजल लूटने की हरकत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐसे हादसों के वक्त जागरूकता और सुरक्षा को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती।

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CG Big News : CM साय ने ली उच्चस्तरीय बैठक..सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं की प्रभावी रोकथाम के दिए निर्देश..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा।

बता दें कि, मुख्यमंत्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव मांगे।

वहीं, मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है।

दरअसल, बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

फिलहाल, बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Jashpur Breaking : युवाओं के लिए सुनहरा अवसर.! जशपुर में विभिन्न 92 पदों पर होगी भर्ती..29 जुलाई को होगी रोजगार मेला और प्लेसमेंट कैंप का आयोजन..पढ़ें पूरी ख़बर

जशपुरनगर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में युवाओं के लिए सुनहरा अवसर सामने आया है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, जशपुर द्वारा 29 जुलाई 2025 को रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कुल 92 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी।

वहीं, जिला रोजगार अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्लेसमेंट कैंप में तीन प्रतिष्ठित कंपनियाँ भाग ले रही हैं – आकाश ऑटोमोबाइल्स जशपुर, स्वतंत्र माइक्रोफिन प्रा. लि., और एसबीआई इंश्योरेंस।

रिक्त पदों का विवरण इस प्रकार है:

▪️ आकाश ऑटोमोबाइल्स, जशपुर (कुल 12 पद)

सेल्स मैनेजर – 1 पद

सेल्समेन – 2 पद

वर्कशॉप मैनेजर – 1 पद

वर्कशॉप सुपरवाइजर – 2 पद

फील्ड वर्कर – 2 पद

मैकेनिक – 3 पद

अकाउंटेंट – 1 पद

▪️ स्वतंत्र माइक्रोफिन प्रा. लि. (कुल 60 पद)

फील्ड ऑफिसर – 10 पद

कलेक्शन ऑफिसर – 20 पद

(शेष पदों का विवरण मौके पर दिया जाएगा)

▪️ एसबीआई इंश्योरेंस (कुल 20 पद)

लाइफ मित्र – 10 पद

एडवाइजर – 10 पद

दरअसल, जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 29 जुलाई को सुबह 11:00 बजे अपने समस्त मूल प्रमाण पत्रों के साथ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, जशपुर में उपस्थित होकर इस प्लेसमेंट कैंप में भाग ले सकते हैं।

फिलहाल, यह आयोजन जिले के युवाओं के लिए न केवल रोजगार पाने का अवसर है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में करियर की दिशा तय करने का एक अहम मौका भी है।

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CG News : मचा हड़कंप, चौंकाने वाला मामला.! पेट दर्द की जांच कराने पहुंची हॉस्टल की छात्रा निकली गर्भवती..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भोपालपटनम विकासखंड स्थित कन्या आश्रम शाला में पढ़ने वाली 12वीं कक्षा की एक छात्रा के गर्भवती होने का खुलासा हुआ है। पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत पर छात्रा को भोपालपटनम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उसे बीजापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जांच में छात्रा करीब 4 महीने की गर्भवती पाई गई है। फिलहाल छात्रा का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारी इस गंभीर मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक आयुक्त ने मंडल संयोजक भोपालपटनम मारकोंडा को विस्तृत जानकारी के साथ जिला कार्यालय तलब किया है।

जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई को छात्रा अपने घर से भोपालपटनम स्थित कन्या आश्रम पहुंची थी। 20 जुलाई को छात्रा को चक्कर आने और पेट में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद अधीक्षिका तोंडेश्वरी शेट्टी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालपटनम में भर्ती कराया गया। डॉ. गोपी ने छात्रा का इलाज किया और बीजापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बीजापुर जिला अस्पताल में मेडिकल टीम की जांच के बाद छात्रा के 4 महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। अब पूरा ट्राइबल डिपार्टमेंट इस मामले को लेकर सकते में है।

वहीं, मामले में मंडल संयोजक नन्द कुमार मारकोंडा और अधीक्षिका तोडेश्वरी शेट्टी ने बताया कि तबीयत बिगड़ने की शिकायत के बाद अस्पताल में एडमिट कराकर इलाज कराया जा रहा है। छात्रा तीन महीने की अवकाश के बाद नए स्कूल सत्र में 10 जुलाई को हॉस्टल आई थी। जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधीक्षिका की आश्रम में अभी नवीन पदस्थापना हुई है, इसी वजह से वे भी जिम्मेदारी पुरानी अधीक्षिका पर थोप रही हैं।

ज्ञात हो कि, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास देवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारियां ले रहे हैं। विस्तृत जानकारी के साथ मंडल संयोजक को बुलाया है। अभी जिला अस्पताल में छात्रा का इलाज चल रहा है। छात्रा के गर्भवती होने की सूचना मिली है। पूरी जानकारी के बाद आपको विस्तृत जानकारी दे पाऊंगा।

भाजपा की सरकार में आदिवासी, महिलाएं और छात्राएं असुरक्षित – विधायक मंडावी

वहीं, बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी ने छात्रा के गर्भवती होने के मामले को बहुत गंभीर मामला करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विष्णुदेव साय की सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। न आदिवासी सुरक्षित हैं, न महिलाएं सुरक्षित हैं और न ही आदिवासी छात्राएं सुरक्षित हैं। इस पूरे मामले में जो भी अधिकारी, कर्मचारियों की लापरवाही है, उन पर प्रशासन और सरकार को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी इस मामले में आश्रम का दौरा कर पीड़िता से मुलाक़ात करेगी।

जो भी दोषी हैं उनको बख्शा नहीं जाना चाहिए – भाजपा जिलाध्यक्ष

दरअसल, विधायक के आरोपों पर बीजापुर भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग ने पलटवार किया है। नाग ने कहा कि कांग्रेस सरकार में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। गंगालूर में युवती के गर्भवती होने का मामला प्रकाश में आया था। भोपालपटनम वाले मामले में जो भी कर्मचारी-अधिकारी दोषी हैं उनको बख्शा नहीं जाना चाहिए। कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभायें।

फिलहाल, बीजापुर जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने बताया कि कल छात्रा को जिला अस्पताल लाया गया था। हमने एडमिट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन छात्रा की मां ने इलाज नहीं कराने की ज़िद करके छात्रा को अपने साथ ले गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्रा करीब 3-4 महीने की गर्भवती है।

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पुलिस ने लापता हुए 3 बच्चों को रायपुर से किया बरामद..बच्चों के मिलने से परिजनों ने ली राहत की सांस.. पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रविवार को 3 बच्चे अचानक लापता हो गए थे. परेशान परिजनों ने पुलिस में शिकायत कर मदद की गुहार लगाई थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता लेते हुए तत्काल जांच शुरू की. लापता हुए तीनों बच्चों को पुलिस ने आज रायपुर से सकुशल बरामद किया और उन्हें लेकर बलरामपुर लौट रही है. बच्चों के मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है.

दरअसल, नाबालिगों को उनके साथियों ने दूसरे राज्यों में मजदूरी कर पैसा कमाने की बात कही. तीनों की उम्र 12 से 13 साल के बीच है. वह साथियों के बहकावे पर आ गए और मजदूरी के लिए घर से बिना सूचित किए निकल गए. लेकिन वह ज्यादा दूर नहीं जा पाए. पुलिस ने तीनों बच्चों को रायपुर से बरामद कर लिया.

फिलहाल, वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र में 12-13 साल के 3 बच्चे रविवार को अचानक लापता हो गए. बच्चों के गायब होने की खबर मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया. उनके परिजनों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. परिजनों ने आशंका जताई थी कि बच्चों को बहला-फुसलाकर बाहर के राज्यों में मजदूरी के लिए ले जाया गया होगा. फिलहाल, तीनों बच्चों के वापस सकुशल आने पर परिवारों में खुशियां लौट आई है.

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इकलौते पुत्र से टूटा संपर्क.! नौकरी करने गया है मलेशिया..परेशान माता-पिता ने पुलिस में की शिकायत..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। नौकरी करने मलेशिया गए युवक का माता-पिता से संपर्क टूट गया है. युवक रोजाना वह अपने माता-पिता से मोबाइल में बातचीत कर रहा था, लेकिन पिछले दो दिनों से मोबाइल बंद होने मिलने से परेशान माता-पिता ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत की है. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

वहीं, जूना बिलासपुर के शांति लाज के पीछे रहने वाले सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग कार्यालय में पदस्थ राजेश तम्बोली का इकलौता बेटा दीपक तम्बोली (29 साल) 31 मई को नौकरी करने के लिए मलेशिया गया था. वहां जाने के एक सप्ताह बाद परिजनों को बताया कि संबंधित कंपनी ने उसे रिजेक्ट कर दिया है. वह दूसरी कंपनी में नौकरी पाने का प्रयास कर रहा है. उस दौरान पिछले एक माह से वह होटल में रह रहा था. उनके बीच लगातार मोबाइल में बातचीत हो रही थी.

दरअसल पिता ने बताया कि 22 जून को होटल का रूम छोड़कर गेस्ट हाउस में कुछ लड़कों के साथ रहने की बात बताई. परिजन जब गेस्ट हाउस का नाम पता पूछते थे, तो वह टाल देता था. बीते 19 जुलाई को परिजनों की उससे मोबाइल में बात हुई थी. 20 जुलाई को फोन लगाया तो रिंग जा रही थी, पर फोन रिसीव नहीं हो रहा था. 21 जुलाई को उन्होने फोन लगाया तो मोबाइल लगातार बंद मिल रहा है.

कोविड काल में कर रहा था वर्क फ्राम होम

फिलहाल परिजनों के मुताबिक, दीपक 4 साल नोएडा में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा था. उसके बाद उसने नागपुर ट्रांसफर करा लिया था. वहां एक माह काम करने के बाद नौकरी छोड़कर शहर आ गया था. कोविड काल में घर में रहकर ऑनलाइन काम कर रहा था. उसके बाद दीपक अपने माता-पिता से विदेश में रहकर नौकरी करने की बात कहने लगा, माता-पिता की समझाइश के बाद भी वह नौकरी करने मलेशिया चला गया. पिता मामले की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस युवक की पतासाजी में जुटी है.

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मचा हड़कंप.! आवास नहीं मिलने से परेशान युवक पेट्रोल छिड़ककर कलेक्ट्रेट के सामने आत्मदाह का किया प्रयास..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित युवक आवास नहीं मिलने से नाराज होकर कलेक्ट्रेट के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया. कलेक्ट्रेट के सामने सुरक्षा कर्मियों ने युवक को धर दबोचा और उसे नहलाकर तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया.

दरअसल, ग्राम डोमा निवासी पीड़ित करण सोनकर जिला प्रशासन को 6 से 7 बार आवास के लिए आवेदन कर चुका है, लेकिन युवक के आवास को लेकर अब तक कोई भी विचार प्रशासन ने नहीं किया है. इससे परेशान होकर युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया, ताकि यह कदम उठाने से उसकी परेशानी को कोई सुन सके और उसकी मदद कर सके.

फिलहाल, पीड़ित युवक ने बताया कि वह आवास नहीं मिलने के कारण काफी ज्यादा परेशान हो चुका है. गांव की सरपंच गुंजा साहू के व्यवहार से भी वह काफी ज्यादा परेशान है. आवास के लिए दिए हुए आवेदन में पीड़ित युवक का नाम भी काट दिया गया है. इसके चलते वह आत्मदाह करने का मन बनाकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचा था, लेकिन कलेक्ट्रेट के सामने मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने युवक को देख लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते हुए टल गया. वहीं युवक को सुरक्षा कर्मियों ने पड़कर उसे नहलाकर जिला अस्पताल इलाज के लिए ले गया. वहीं अब रुद्री पुलिस युवक को पड़कर पूछताछ कर रही है.

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औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई.! झोला छाप डॉक्टरों को दवा सप्लाई करने वाले मेडिकल स्टोर में दी दबिश..नशीली और एक्सपायरी दवाएं जब्त..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/गरियाबंद। लंबे समय बाद गरियाबंद जिले में औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आज राजिम के कुलेश्वर मेडिकल स्टोर में औचक निरीक्षण कर औषधि निरीक्षकों की टीम ने करीब चार घंटे तक जांच की। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। मेडिकल स्टोर से न केवल एक्सपायरी और नियर-एक्सपायरी दवाएं बरामद की गईं, बल्कि नशीली दवाओं का भी बिना लाइसेंस स्टॉक मिला।

दरअसल, औषधि निरीक्षकों की टीम धर्मवीर सिंह ध्रुव, सुनील खरांसु और सतीश सोनी ने बताया कि कुलेश्वर मेडिकल से क्षेत्र के झोला छाप डॉक्टरों को नियमों के विरुद्ध दवाएं सप्लाई किए जाने की शिकायत मिली थी। इसी के आधार पर जांच की गई। टीम ने मौके पर मिले सभी दवाओं का पंचनामा तैयार कर संचालक को जवाब प्रस्तुत करने नोटिस जारी किया गया है। जवाब लेने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बगैर लेखा जोखा लाखों का वारा न्यारा

फिलहाल, दवा विक्रय के लिए कई नियम कायदे बनाए गए हैं। जिसका पालन उक्त दुकान में नहीं पाया गया। टिम ने लेखा जोखा भी जब्त किया है। नशीली दवाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज भी नहीं मिले हैं। जरूरी नियम पालन किए बगैर ही इलाके भर में बगैर बिल काटे लाखों की बिक्री के सबूत मिले हैं। हालांकि टिम ने इसकी पुष्टि नहीं किया है पर कारण बताओ नोटिस में दिए गए बिंदुओं में इसका जिक्र है। फिलहाल, टिम ने अपनी मैदानी कार्रवाई कर दिया है। अब देखना होगा कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगा या फिर उसे राजनीतिक प्रभाव से दबा दिया जाएगा।

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CG News : वन विभाग की लापरवाही.! मांस की लोभ में डंडे से पीट-पीटकर की हिरण के शावक की हत्या..सूचना के बाद भी नहीं पहुंचा वन अमला..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/ कवर्धा। इसे निर्दयता की पराकाष्ठा कह सकते हैं. खेत मालिक ने गलती से जंगल से बाहर निकलकर खेत में पहुंचे हिरण के शावक को मांस की लालच में डंडे से पीट-पीटकर मार डाला. रात के अंधेरे में लोगों की नजरों से बचते-बचाते मरे हुए हिरण के शावक को ले जा सके. लेकिन लेकिन ग्रामीणों की नजर हिरण के मृत शावक पर पड़ गई और वन विभाग को घटना की सूचना जी. लेकिन लापरवाह वनकर्मी समाचार लिखे जाने तक मौके पर नहीं पहुंचे थे.

वहीं, घटना कबीरधाम जिले के पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत नेऊर से लगे बीट क्रमांक 477 का है, जहां ग्रामीणों को खेत के मेड़ में पत्तों से ढंका एक हिरण के शावक का शव खून से लथपथ मिला. मृत हिरण के सिर पर चोट के निशान हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि खेत के मालिक ने हिरण के मांस के लिए डंडे से पीट-पीटकर हिरण को मारा है, और खेत के किनारे पत्तों से ढक दिया था, ताकि किसी की नजर ना पड़े और मौका पाकर रात के अंधेरे में ले जा सके.

जंगल पर अतिक्रमण

दरअसल, कबीरधाम जिले के जंगल में ग्रामीणों का अतिक्रमण दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहा है. लोग मकान-खेत बनाकर कब्जा कर रहे हैं. ऐसे में वन्यप्राणियों के लिए जंगल सिमटता जा रहा है, और यही कारण है वन्यजीव रहवासी इलाकों के तरफ पहुंच जाते हैं, और शिकारी का शिकार हो जाते हैं.

विभाग की लापरवाही

फिलहाल, वन विभाग द्वारा प्रत्येक बीट पर वनरक्षक की ड्यूटी लगाई जाती है, जहां उन्हें रात-दिन रहना होता है. लेकिन वनकर्मी चौकीदार के भरोसे जंगल छोड़कर अपने घर चले जाते हैं, और अधिकारियों के दौरे या कोई घटना होने पर ही अपने एरिया में आते हैं. लेकिन यहां तो घटना के बाद सूचना देने पर भी वनरक्षक मौके पर नहीं पहुंचा था.

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CG Big News : CM साय की निर्देश.! लाइसेंस निलंबित, कई दुकानों को नोटिस जारी..खाद दुकानों पर हुई छापेमारी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर किसानों को गुणवत्ता युक्त खाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के आदेश पर गठित विशेष उड़नदस्ता टीम ने विकासखंड कोटा और बिल्हा में आधा दर्जन कृषि केंद्रों पर छापामार कार्रवाई की।

दरअसल, उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स उन्नत कृषि केंद्र रतनपुर में क्रेताओं को बिना बिल दिये उर्वरक का व्यवसाय किये जाने के कारण नोटिस जारी किया गया। मेसर्स शेखर कृषि केंद्र कोनचरा को बिना आई.एफ.एम.एस, आई.डी के उर्वरक का व्यवसाय करते पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध कर उपलब्ध स्टॉक को जब्ती की कार्रवाई कर नोटिस जारी किया गया। ग्राम कोनचरा स्थित अतुल कृषि केंद्र में अनियमितता पाये जाने के कारण गोदाम को सील की कार्रवाई किया गया। ग्राम मदनपुर विकास खण्ड बिल्हा अन्तर्गत मेसर्स राघवेन्द्र देवांगन के यहां मूल्य एवं स्कंध सूची का प्रदर्शन नहीं करने, भंडारण वितरण की प्रतिवेदन नहीं भेजने, स्कंध एवं बिल संधारण नहीं करने के कारण विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। वहीं औचक निरीक्षण के दौरान मेंसर्स किसान सेवा केंद्र तखतपुर के फर्म में कमी एवं अनियमितताओं के कारण नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया था, संबंधित के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप उनके लाइसेंस को 15 दिवस के लिए निलबंन की कार्रवाई किया गया है। उक्त कृषि केंद्रों को स्पष्टीकरण तामिल के लिए सात दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन एवं जवाब प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया समय सीमा एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, निरीक्षण दल में पी.डी. हथेश्वर, उप संचालक कृषि, अनिल कुमार शुक्ला सहायक संचालक कृषि, खेमराज शर्मा ग्रा.कृ.वि.अ., विजय धीरज ग्रा.कृ.वि.अ., कार्यालयीन एवं विकासखण्ड कोटा से दिलीप रात्रे कृ.वि.अ.एवं उर्वरक निरीक्षक मारू ग्रा.कृ.वि.अधि. आर.जी. भानू ग्रा.कृ.वि.अधि. उपस्थित रहें। जिले में संचालित समस्त उर्वरक विक्रेताओं को बिना पॉस मशीन के उर्वरकों का विक्रय नही किये जाने के निर्देश प्रसारित है एवं संबंधित निरीक्षकों से उनके कार्य क्षेत्र अन्तर्गत संचालित उर्वरक विक्रेताओं से पॉस मशीन की मांग के लिए निर्देश दिये गये है। उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन के लिए अपने कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, संबंधित उर्वरक निरीक्षक एवं कार्यालय उप संचालक कृषि बिलासपुर में सम्पर्क कर सकते है।

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CG Big News : वनमंत्री कश्यप ने पूर्व CM और कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप..कहा- भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को बेचने की रची साज़िश..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने रविवार को रायपुर स्थित एकात्म परिसर में आयोजित एक अहम प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में हुए घोटालों, पर्यावरणीय स्वीकृतियों में गड़बड़ियों और कथनी-करनी के अंतर को उजागर करते हुए कहा कि कांग्रेस हाई कमान भी भूपेश बघेल का साथ देगी, क्योंकि वे “चोर चोर मौसेरे भाई हैं।”

हालांकि, मंत्री कश्यप ने आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को बेचने के लिए भूपेश बघेल की सरकार ने कई हथकंडे अपनाए थे। उन्होंने दिल्ली के दस जनपथ से आए निर्देशों के तहत प्रदेश में जनविरोधी फैसले लिए। शराब, महादेव, पीएसी, चारा, गोबर और DMF जैसे घोटालों के जरिए जनता के पैसों की खुलकर लूट की गई। इन घोटालों के मुख्य आरोपी आज जेल की सलाखों के पीछे हैं, लेकिन भूपेश बघेल अब भी खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

पेड़ कटाई और कोल ब्लॉक आवंटन में दोहरा रवैया

वहीं मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने एक ओर पर्यावरण और आदिवासियों की रक्षा की बात की, लेकिन हकीकत यह है कि भूपेश सरकार ने ही हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई के लिए ‘NO GO ZONE’ हटाया।

वहीं, उन्होंने कहा कि 16 अक्टूबर 2019 में ही राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति की सिफारिश की थी, और 2022 में कोल माइंस राजस्थान को आवंटित की गई। कश्यप ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि वह एक ओर खदानों को स्वीकृति देती है और विपक्ष में आकर उसका विरोध करती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आर्थिक नाकेबंदी को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था और किसानों को नुकसान पहुंचा रही है, ताकि कानून-व्यवस्था बिगड़े और अपराध की स्थिति बने। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस अपने नेताओं को बचाने के लिए जनता की बलि चढ़ा रही है।

मंत्री केदार कश्यप ने भूपेश बघेल से पूछे कई सवाल

वहीं, केदार कश्यप ने भूपेश बघेल पर तीखा हमला करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार के दौरान कोल ब्लॉक आवंटन जैसे निर्णय लिए गए थे, तो क्या भूपेश बघेल अब उनके लिए माफ़ी मांगेंगे? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या भूपेश बघेल कांग्रेस भवन की बिजली काटने का साहस दिखाएंगे, जैसे वे दूसरों से उम्मीद करते हैं?

दरअसल, मंत्री कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी विफलताओं और घोटालों से ध्यान हटाने के लिए प्रदेश को अराजकता की आग में झोंकना चाहती है। उन्होंने पूछा कि क्या भूपेश बघेल जनता के साथ किए गए धोखे की जिम्मेदारी लेंगे? उन्होंने यह भी दावा किया कि राजस्थान सरकार के मंत्री और तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भूपेश सरकार को पत्र लिखकर यह बताया था कि कैसे 10 जनपथ के दबाव में जनविरोधी निर्णय लिए गए।

फिलहाल, मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस केवल राजनीति चमकाने और खुद को बड़ा नेता साबित करने के लिए भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है, लेकिन जनता सब देख रही है। इसी कारण, पांच वर्षों में ही कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया गया। अब छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की नई लहर चल रही है।

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CG Breaking : इलाके में मचा हड़कंप.! नदी में तैरती मिली युवक की लाश..जांच में जुटी पुलिस..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कांकेर। रविवार दोपहर कांकेर जिले की गिरहोला नदी में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पानी में एक युवक का शव लोगों ने तैरता हुआ देखा। जिसके बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। वहीं मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है।

दरअसल, पुलिस ने तुरंत शव को नदी से बाहर निकलवाया और उसकी पहचान की प्रक्रिया शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान बुधारू यादव (35 वर्ष), निवासी चारामा के रूप में हुई है। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

फिलहाल, युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा हो पाएगा।

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CG Road Accident : यात्री बस के नीचे आया बाइक सवार..मौके पर ही मौत..बस चालक और कंडक्टर फरार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh Accident News/बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. यात्री बस की चपेट में आकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. घटना बलांगी पुलिस चौकी अंतर्गत तुंगवा पुलिस चेक पोस्ट के पास हुई है.

 जानकारी के अनुसार, बाइक सवार अचानक यात्री बस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर वाहन को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए. सूचना पर बलांगी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई.

फिलहाल, बलांगी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है. फिलहाल, मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है. वहीं वाहन को जब्त कर फरार बस चालक और कंडक्टर की तलाश शुरू कर दी है. बलंगी पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.

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CG Breaking : बेटे चैतन्य से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सपरिवार पहुंचे ईडी कार्यालय..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे.

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है.

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था.

फिलहाल, चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है.

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CG News : 50% तक सस्ती हुई दिल्ली की फ्लाइट टिकट..जाने क्या है वजह?..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/यदि आपको अब फ्लाइट से दिल्ली जाना हो… तो 8-10 हजार रुपए खर्च नहीं करने होंगे. फ्लाइट की टिकट की कीमत आधी यानी 50 प्रतिशत तक सस्ती हो गई है अब सेम डे में आपको 5 हजार रुपए तक की टिकट में फ्लाइट टिकट बुक हो जाएगी.

 वहीं, बिलासा एयरपोर्ट से दिल्ली जाने के लिए 5 हजार रुपए में उसी दिन टिकट मिल जा रहा है. इससे पहले 8 से 10 हजार रुपए लगता था. इसका कारण हवाई यात्रियों की संख्या में कमी होना बताया जा रहा है. इसके कारण किराए में कमी की गई है.

दरअसल, स्थानीय एयरपोर्ट में हवाई सुविधा शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब हवाई यात्रियों की संख्या में कमी आई है. सबसे अधिक टिकट दिल्ली, प्रयागराज रूट की बुक होती थी. इसकी कीमत भी अधिक होती थी. बिलासपुर से दिल्ली जाने के लिए तत्काल टिकट खरीदने पर 8 से 10 हजार रुपए लगता था. त्यौहार के सीजन में इसकी कीमत और बढ़ जाती थी. वर्तमान में यात्रियों की संख्या में कमी होने का कारण 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट का दुर्घटना ग्रस्त होना बताया जा रहा है. इस घटना के बाद लोग हवाई यात्रा से बच रहे हैं. ऐसे लोग ट्रेन और सड़क मार्ग में यात्रा कर रहे है. हवाई जहाज का किराया मांग और सीट उपलब्धता के आधार पर, समय के साथ ऊपर नीचे होता रहता है. सामान्य तौर पर शुरूवाती बुकिंग में किराया कम होता है. इसलिए वर्तमान में यात्री कम होने से यात्रा दिन को भी दिल्ली का टिकट खरीदने पर करीब 5 हजार रुपए में मिल जा रहा है.

फ्लाइट रद्द होने के भय से घटे यात्री

फिलहाल, बिलासा एयरपोर्ट में नाइट लैडिंग की सुविधा नहीं है. ऐसे में मानसून के दौरान घने बादल छाने से विजिबिलिटी कम होने से भी कई बार फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है. ऐसे में आवश्यक काम से आने-जाने वालों की परेशानी बढ़ जाती है. इस परेशानी से बचने लोग ट्रेन से अधिक यात्रा कर रहे हैं.

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CG News : पूर्व CM भूपेश बघेल आज जाएंगे ED दफ्तर..बेटे चैतन्य बघेल से करेंगे मुलाकात..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है. ED ने छापा मारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दोपहर 1 बजे ईडी दफ्तर जाएंगे और चैतन्य बघेल से मुलाकात करेंगे.

वहीं, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट भी किया है. उन्होंने पोस्ट साझा करते हुए कहा कि “कल दोपहर 01:00 बजे बेटा चैतन्य से मिलने ED कार्यालय जाऊंगा.”

दरअसल, शुक्रवार की सुबह 6 बजे ईडी की टीम ने भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास पर छापा मारा. छापेमारी करने करीब 8 अधिकारियों की टीम दो गाड़ियों में पहुंची और इस दौरान छानबीन के बाद भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार कर रायपुर की न्यायधीश डमरूधर चौहान विशेष कोर्ट में पेश किया गया.

फिलहाल, मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने चैतन्य बघेल को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा है, जहां उनसे शराब घोटाले में पूछताछ की जाएगी. अब चैतन्य बघेल को ED की टीम 22 जुलाई को शाम 4 बजे विशेष कोर्ट में पेश करेगी.

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