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CG Breaking : मंत्रिमंडल विस्तार.! अब नहीं रही भाजपा पुरानी वाली पार्टी..होगी नई भाजपा, नए चेहरे, नया समीकरण..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। भारतीय जनता पार्टी अब पुरानी वाली पार्टी नहीं रह गई है. पार्टी में जारी बदलावों के साथ देशभर में एक नई भाजपा तैयार हो रही है. और इस नई भाजपा में छत्तीसगढ़ भाजपा भी शामिल है. जहां संगठन और सत्ता में नए समीकरणों के साथ नए चेहरों को शामिल किया गया है, किया जा रहा है.

 

वहीं, छत्तीसगढ़ भाजपा की बहुप्रतीक्षित संगठन विस्तार के बाद अब सत्ता का विस्तार भी होने जा रहा है. साय कैबिनेट में खाली मंत्री पदों को भरा जा रहा है. और यहां संगठन की तरह से नए चेहरों को मौका दिया जा रहा है. नए चेहरों को शामिल करने के पीछे छत्तीसगढ़ में एक नया समीकरण तैयार करना है. लेकिन नए चेहरे और नए समीकरण के साथ नई भाजपा है क्या ? आखिर राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से पार्टी छत्तीसगढ़ में क्या संदेश देना चाहती है ? क्या पार्टी पुराने अनुभवी नेताओं के सहारे अब नहीं रहना चाहती ? या पार्टी 2028 विधानसभा वनडे कप के हिसाब से अभी से एक नई टीम खड़ा करना चाहती है. जिसमें साय और देव की टीम में अधिकतर नए खिलाड़ी ही हो ?

 

 

हालांकि, इन सवालों का जबाव मौजूदा जो बदलाव हुआ या होने जा रहा है उससे तो यही मिल रहा है कि 2028 के चुनाव में पार्टी नए चेहरों के साथ ही उतरेगी. शायद पार्टी नहीं चाहती कि जो 15 साल तक सत्ता सुख भोग चुके हैं उन्हें पुनः सुख भोगने का मौका दिया जाए. शायद पार्टी यह भी देखना चाहती हो कि नए चेहरों के साथ क्या छत्तीसगढ़ में एक नई मजबूत टीम चुनावी लिहाज से तैयार की जा सकती है या नहीं ?

 

 

 

ज्ञात हो कि, वैसे बदलावों का यह सिलसिला यहीं थम जाएगा ऐसा भी नहीं है. भाजपा की नीति-रणनीति के जानकार बताते हैं कि बजट सत्र के बाद भी साय कैबिनेट में एक और बदलाव भी हो सकता है. अर्थात सरकार में मौजूदा कुछ मंत्री बाहर किए जाएंगे और कुछ नए चेहरों को और अवसर दिया जाएगा.

 

वहीं, पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ सूत्रों की माने तो इस विस्तार से यह संदेश भी उन दिग्गज विधायकों को दे दिया जा रहा है कि वे अब छत्तीसगढ़ पार्टी संगठन की मजबूती के लिए काम करें और अपने अनुभवों का फायदा नई टीम को पहुंचाएं. वहीं यह भी चर्चा है कि राष्ट्रीय संगठन के विस्तार में छत्तीसगढ़ के कुछ वरिष्ठों को शामिल किया जा सकता है. राज सत्ता में नहीं, राष्ट्रीय संगठन में अवसर बाकी है.

 

दरअसल, भाजपा संगठन में जैसे अनुमानों से कहीं अलग किरण देव की नई टीम तैयार हुई. फिर चाहे इसमें प्रदेश उपाध्यक्षों के नाम हो या फिर महामंत्रियों के नाम. मोर्चा प्रकोष्ठों के साथ मीडिया विभाग और प्रवक्ताओं में फेरबदल के साथ पार्टी ने बता दिया कि छत्तीसगढ़ में एक नई भाजपा को तैयार किया जा रहा है, जिसमें वर्तमान के साथ भविष्य की कार्ययोजना शामिल है.

 

फिलहाल, कुछ इसी तरह से साय सरकार में बड़े-बड़े दिग्गजों को मंत्री पद से दूर रख नए चेहरों को मौका देकर पार्टी भविष्य की रणनीति, कार्ययोजना और समीकरण को तैयार कर रही है. हालांकि जमीनी तौर पर इसका प्रभाव सरकार और राज्य के विकास पर कितना पड़ेगा इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता. लेकिन एक पूर्वानुमान यह है कि पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री साय को दिग्गजों के प्रेशर पॉलिटिक्स से दूर रखना चाहती है. पार्टी हाईकमान शायद चाहती है कि पहली बार के विधायकों के साथ मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ में खुद को साबित करें, स्वतंत्र रूप से स्थापित करें और नई भाजपा को मजबूती दें.

 

सरकार में तीन नए चेहरों को शामिल करने के पीछे का क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण

ये हैं छत्तीसगढ़ भाजपा के दिग्गज विधायक, जो साय सरकार में नहीं बन पाए मंत्री

 

पुन्नूलाल मोहिले, मुंगेली विधायक, एससी ( बिलासपुर संभाग )

 

पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक 6 बार के विधायक पुन्नूलाल मोहिले अविभाजित मध्यप्रदेश में पहली बार 1985 में विधानसभा पहुंचे थे. रमन सरकार में 2008 से 2018 तक लगातार 10 साल मंत्री रहे. उन्होंने खाद्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी. वे 4 बार लोकसभा सांसद भी रहे.

 

अमर अग्रवाल, बिलासपुर विधायक, सामान्य वैश्य समाज ( बिलासपुर संभाग)

 

5 बार के विधायक अमर अग्रवाल 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. रमन सरकार में 2003 से 2018 तक लगातार 15 साल तक मंत्री रहे. उन्होंने वित्त, वाणिज्य, आबकारी, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं राजस्व जैसे मंत्रालयों की बड़ी जिम्मेदारी संभाली थी.

 

अजय चंद्राकर, कुरूद विधायक, ओबीसी ( रायपुर संभाग)

 

5 बार के विधायक अजय चंद्राकर भी 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. रमन सरकार में 2003 से 2008 और 2013 से 2018 तक 10 साल मंत्री रहे. उन्होंने पंचायत, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति एवं पर्यटन के साथ संसदीय कार्य मंत्री की बड़ी जिम्मेदारी संभाली थी.

 

राजेश मूणत, रायपुर पश्चिम विधायक, अल्पसंख्यक, ( रायपुर संभाग)

 

4 बार के विधायक राजेश मूणत पहली बार 2003 में विधायक बने थे. रमन सरकार में 2003 से 2018 तक लगातार 15 वर्षों तक मंत्री रहे. उन्होंने लोक निर्माण, उच्च शिक्षा, आवास एवं पर्यावरण, परिवहन, नगरीय-प्रशासन जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी.

 

लता उसेंडी, कोंडागांव विधायक, एसटी ( बस्तर संभाग)

 

3 बार की विधायक लता उसेंडी भी 2003 में पहली बार विधायक बनीं थीं. रमन सरकार में 2003 से 2013 तक 10 साल मंत्री रहीं हैं. उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी.

 

विक्रम उसेंडी, अंतागढ़ विधायक, एसटी ( बस्तर संभाग)

 

4 बार के विधायक विक्रम उसेंडी अविभाजित मध्यप्रदेश में 1993 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. रमन सरकार में 2003 से 2008 तक मंत्री रहे. उन्होंने वन, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सूचना प्रद्योगिकी जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी. सांसद और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रहे.

 

धरम लाल कौशिक, बिल्हा विधायक, ओबीसी

 

4 बार के विधायक धरम लाल कौशिक अविभाजित मध्यप्रदेश में 1998 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. कौशिक को रमन सरकार में मंत्री बनने का मौका नहीं मिला. लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के साथ पार्टी प्रदेशाध्यक्ष और नेता-प्रतिपक्ष विधानसभा भी रहे.

 

साय सरकार का वर्तमान मंत्रिमंडल और संभागवार स्थिति

सरगुजा संभाग( 14 भाजपा विधायक)

वर्तमान में 4 मंत्री

 

विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री विधायक कुनकुरी (एसटी)

 

रामविचार नेताम, कृषि मंत्री

विधायक रामानुजगंज (एसटी)

 

श्यामबिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री

विधायक मनेन्द्रगढ़ (ओबीसी)

 

लक्ष्मी राजवाड़े, महिला एवं बाल विकास मंत्री

विधायक सूरजपुर (ओबीसी)

 

बिलासपुर संभाग ( 8 भाजपा विधायक)

वर्तमान में 3 मंत्री

 

अरुण साव, उपमुख्यमंत्री

विधयाक लोरमी(ओबीसी)

 

लखन देवांगन, उद्योग मंत्री

विधायक कोरबा(ओबीसी)

 

ओपी चौधरी, वित्त मंत्री

विधायक रायगढ़ ( ओबीसी)

 

दुर्ग संभाग ( 9 भाजपा विधायक)

वर्तमान में 2 मंत्री

 

विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री

विधायक कवर्धा( सामान्य)

 

दयालदास बघेल, खाद्य मंत्री

विधायक नवागढ़ ( एससी)

 

रायपुर संभाग ( 12 भाजपा विधायक

वर्तमान में 1 मंत्री

 

टंकराम वर्मा, राजस्व मंत्री

विधायक बलौदाबाजार(ओबीसी)

 

बस्तर संभाग ( 8 भाजपा विधायक )

वर्तमान में मंत्री 1

 

केदार कश्यप, वन मंत्री

विधायक नारायणपुर (एसटी)

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CG Breaking : मंत्रिमंडल के विस्तार की खबरों के बीच CM साय का बड़ा बयान, कहा- आप लोगों के इंतजार की घड़ी जल्द पूरी होगी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। साय मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल रमेन डेका ने अपने बयान से उत्सुकता बढ़ा दी है। राज्यपाल डेका ने हाल ही में कहा था, “कुछ तो होने वाला है,” जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि “राज्यपाल ने कह दिया है, तो कल कुछ बड़ा होगा।” मुख्यमंत्री साय ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा, “आप लोगों के इंतजार की घड़ी पूरी हो रही है। जल्द ही बड़ा फैसला सामने आएगा, बस देखते जाइए…”

 

 

बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राजभवन में रेड कार्पेट बिछाने से लेकर सभी गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार कर ली गई है। नए मंत्रियों के लिए तीन सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ियों की भी तैयारी हो चुकी है। इनमें से दो गाड़ियां CG 02 AF 0009 और CG 02 AV 0005 तैयार हो चुकी हैं, जबकि तीसरी गाड़ी फिलहाल ट्रायल पर है।

 

वहीं सूत्रों की जानकारी के अनुसार, संभावित नए मंत्रियों के नामों में अंबिकापुर से राजेश अग्रवाल, आरंग से गुरू खुशवंत सिंह, और दुर्ग से गजेंद्र यादव शामिल हैं। इससे पहले चर्चा में अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत के नाम शामिल थे।

 

हरियाणा मॉडल लागू होने की संभावना

 

वहीं, छत्तीसगढ़ में अब तक मुख्यमंत्री सहित 13 मंत्री बनाए गए हैं। वहीं, वर्तमान भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सहित कुल 12 मंत्री बनाए गए थे, यानी एक मंत्री का पद पहले से ही खाली रखा गया था। इसके अलावा, सांसद बनने पर स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस्तीफा दिया, जिससे कुल 13 में से दो मंत्री पद खाली हो गए। फिलहाल मुख्यमंत्री सहित कुल 11 मंत्री कार्यरत हैं।

 

दरअसल राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, हरियाणा मॉडल लागू होने की संभावना है। हरियाणा में 90 विधायक हैं और वहां मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में भी कुल 90 विधायक हैं, इसलिए चर्चा है कि हरियाणा की तर्ज पर यहाँ भी 13 की जगह 14 मंत्री हो सकते हैं, यानी आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में 3 नए मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।

 

फिलहाल, जानकार बताते हैं कि मंत्रियों की संख्या राज्य के कुल विधायकों की संख्या पर निर्भर करती है। नियम के अनुसार, किसी भी राज्य में कुल विधायकों का 15 प्रतिशत मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। हरियाणा में यह 13.5 के करीब आता है और इसलिए मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री बनाए गए। वहीं छत्तीसगढ़ में भी 90 विधायक हैं, लेकिन अब तक केवल 13 विधायकों को ही मंत्रिमंडल में जगह दी जाती रही।

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CG Big Breaking : अधिकारी- कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी.! अब केंद्र के बराबर मिलेगा महंगाई भत्ता..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी के लिए बड़ी खुशखबरी है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए दो प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की है. अब यहां के अधिकारी-कर्मचारियों को केंद्र के बराबर 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा.

 

फिलहाल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, भारत सरकार के अधिकारी-कर्मचारी को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है. हमारे राज्य के कर्मचारियों को 53 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था. इसे देखते हुए हम भी छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है. अब 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा. सीएम ने कहा, भविष्य में दीपावली का त्योहार है, प्रकाश का पर्व है. ऐसे में अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी.

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CG Breaking : कुछ देर में रायपुर बीजेपी दफ्तर में पदभार ग्रहण कार्यक्रम.! तीन नवनियुक्त महामंत्री पदभार ग्रहण करेंगे..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। आज सुबह 11 बजे भाजपा कार्यालय में पदभार ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार आज राजधानी रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। बताया जा रहा है कि भाजपा के तीन नवनियुक्त महामंत्री पदभार ग्रहण करेंगे। नवीन मार्कण्डेय, यशवंत जैन, अखिलेश सोनी पदभार ग्रहण करेंगे।

 

दरअसल, दूसरी ओर ये कहा जा रहा है कि सीएम साय के विदेश दौरे के बाद मंत्रियों का शपथ ग्रहण हो सकता है। बता दें कि कहा जा रहा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल बनाने पर सहमत हो चुका है। इसके बाद कई नाम मंत्री पद के लिए सामने आ रहे हैं। दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया जा सकता है।

 

फिलहाल, गजेन्द्र यादव के पिता आरएसएस के प्रांत संचालक रहे हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ में यादव समाज की बाहुल्यता को देखते ही इन्हें मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल को भी साय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

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CG News : पत्नी की हाई वोल्टेज ड्रामा.! पति की गिरफ्तारी पर थाने में पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने की दी धमकी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। सिविल लाइन थाने में सोमवार को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार आरोपी पति को बचाने के लिए आई पत्नी का हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। थाने के अंदर महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने की धमकी दी।

 

 हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत महिला को पकड़कर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत सोमवार को गश्त पर निकली पुलिस टीम ने मिनीबस्ती निवासी संजू टंडन को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से चाकू बरामद हुआ। पुलिस ने संजू टंडन को थाने लाकर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही थी।

 

दरअसल, जैसे ही इसकी जानकारी मिली, संजू की पत्नी मंजू टंडन मिली वो अपने परिजनों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंच गई। वहां उसने हंगामा करना शुरू कर दिया और पति को छोड़ने की मांग करने लगी। हंगामे के बीच मंजू पेट्रोल की बोतल लेकर थाने के अंदर घुस गई और अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। उसने पुलिस के सामने ही आत्महत्या करने की धमकी दी। अचानक हुई इस घटना से पूरे थाने में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तुरंत महिला को पकड़कर काबू में कर लिया।

 

फिलहाल, सिविल लाइन थाने के सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, आरोपी संजू टंडन को चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया है। पत्नी ने कार्रवाई रोकने के लिए आत्महत्या की धमकी दी थी। महिला को भी हिरासत में लेकर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए अदालत में पेश किया गया है।

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CG Breaking : अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं हो रही प्रभावित.! 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 16 हजार NHM कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के 16 हजार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. कर्मचारियों की इस हड़ताल से प्रदेशभर की स्वास्थ्य सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं. अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े राष्ट्रीय पोर्टल का काम भी ठप पड़ गया है.

 

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

 

बता दें कि, एनएचएम कर्मचारियों ने नियमितीकरण, संविलियन, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे का निर्धारण, पारदर्शी कार्य मूल्यांकन व्यवस्था, लंबित 27% वेतन वृद्धि, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति, अवकाश सुविधा, स्थानांतरण नीति और न्यूनतम 10 लाख का कैशलेस चिकित्सा बीमा जैसी माँगें रखी हैं.

 

 

20 वर्षों से सेवा, फिर भी स्थायित्व नहीं

 

ज्ञात हो कि, संघ के जिला अध्यक्ष अमृत राव भोंसले, प्रांतीय प्रतिनिधि भूपेश साहू और भूपेंद्र सिन्हा ने कहा कि बीते 20 वर्षों से निरंतर सेवा देने के बावजूद कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं किया गया. सरकार से कई दौर की वार्ता के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला है. उन्हें न तो स्थायित्व मिला और न ही उचित वेतनमान.

 

वहीं, प्रवक्ता संदीप वर्मा का कहना है कि सरकार की उपेक्षा और टालमटोल की नीति से मजबूर होकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है. यह आंदोलन केवल कर्मचारियों के हक की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और लाखों मरीजों के हित से जुड़ा है.

 

कोरोना काल में किया था योगदान

 

दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने कहा कि “NHM कर्मियों ने कोरोना महामारी सहित हर आपातकालीन परिस्थिति में जिम्मेदारी निभाई, लेकिन आज जब हम अपने भविष्य और अधिकारों की बात करते हैं, तो सरकार मौन है. जब तक माँगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा.”

 

फिलहाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने भी सरकार से ठोस पहल करने की अपील की और चेतावनी दी कि माँगें पूरी न होने पर आंदोलन और उग्र होगा. आंदोलन के पहले दिन कर्मचारियों ने कोरोना योद्धाओं को याद करते हुए मानव श्रृंखला बनाई और श्रद्धांजलि दी. उनका कहना था कि कोरोना काल में जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों को आज तक शासन-प्रशासन ने न तो आर्थिक सहायता दी और न ही कोई सुरक्षा लाभ.

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CG Breaking : अचानक राजभवन से विधायक को आया फोन.! राज्यपाल से मिलने पहुंचे अमर अग्रवाल..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. साय मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच आज शाम विधायक अमर अग्रवाल अचानक राजभवन पहुंचे. उनके राजभवन पहुंचने की खबर से सियासी हलचल बढ़ गई. जानकारी मिली है कि अगर अग्रवाल को राजभवन से मुलाकात के लिए फोन आया था, जिसके बाद वे अपने एक अन्य साथी के साथ राज्यपाल रमेन डेका से मिलने पहुंचे थे.

 

 

फिलहाल, विधायक अमर अग्रवाल ने इस मुलाकात को सौजन्य भेंट बताया है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि 10 दिन पहले राज्यपाल से समय लिया था, लेकिन राज्यपाल से मिलने का समय नहीं मिल पाया था. आज समय मिला तो मुलाकात करने पहुंचे हैं.

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CG Cabinet Meeting : साय कैबिनेट की बैठक 19 को, लिए जा सकते हैं कई मत्वपूर्ण फैसले..पढ़ें पूरी ख़बर

CG Cabinet Meeting : रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में 19 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक (Cabinet Meeting) होने वाली है. सीएम साय के विदेश दौरे से पहले यह बैठक होगी. मंत्रालय, महानदी भवन में सुबह 11 बजे से बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे.

 

कैबिनेट बैठक को लेकर उपमुख्यमंत्री साव ने दी जानकारी 

 

फिलहाल, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 19 अगस्त को कैबिनेट की बैठक है. बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों को रखा जाएगा. कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएंगे. जो भी निर्णय होगा, उसे बैठक के बाद बताया जाएगा.

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CG News : लापरवाही.! बारिश से हुई बर्बाद मंडी में रखी दलहन-तिलहन की फसलें..लाखों का नुकसान..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की कृषि उपज मंडी में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है. लगातार हो रही बारिश से मंडी में रखी सैकड़ों क्विंटल दलहन-तिलहन की फसलें भीगकर बर्बाद हो गईं. लाखों रुपए की फसलें खराब होने से किसानों और व्यापारियों में आक्रोश है.

 

 

ज्ञात हो कि, मंडी परिसर में पर्याप्त शेड और चबूतरे की व्यवस्था नहीं है. इसी वजह से मूंग, चना, सरसों, मसूर, सोयाबीन, मक्का, बाजरा, रागी और अरहर जैसी फसलें खुले में पड़ी रहीं. बारिश में इन्हें ढकने या सुरक्षित करने की व्यवस्था भी समय पर नहीं की गई, जिससे बड़ी मात्रा में फसलें भीगकर खराब हो गईं.

 

वहीं, व्यापारियों और किसानों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही मंडी अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी थी. उनका कहना है कि मंडी परिसर जलभराव और डुबान क्षेत्र में स्थित है, जहां बारिश के दौरान बोरियों के भीगने की आशंका बनी रहती है. इसके बावजूद मंडी प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया.

 

दरअसल, व्यापारी चेतन जैन के मुताबिक, “मंडी में लगभग 6500 क्विंटल चना, 6000 क्विंटल सरसों और 7000 क्विंटल मसूर समेत कई महंगी फसलें भीग गई हैं. यह नुकसान लाखों में है और इसके लिए मंडी प्रशासन ही जिम्मेदार है.”

 

 

फिलहाल, अब किसानों और व्यापारियों की मांग है कि मंडी में पानी की निकासी और पर्याप्त शेड की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो.

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CG Accident : दर्दनाक सड़क हादसा.! 6 युवकों की मौके पर हुई मौत..ड्राइवर की हालत गंभीर..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/राजनांदगांव. जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. बागनदी थाना क्षेत्र अंतर्गत सड़क चिरचारी नेशनल हाईवे चौराहे के पास एक भीषण सड़क हादसे में कार सवार 6 युवकों की मौत हो गई, वहीं चालक गंभीर रूप से घायल हो गया.

 

 

वहीं मिली जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश की कार में 7 लोग सवार थे, जो इंदौर से राजनांदगांव के रास्ते रायपुर जा रहे थे. तेज रफ्तार में चल रही कार अचानक ब्रेक लगाने से अनियंत्रित होकर दूसरी तरफ मुड़ गई और सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी. हादसे में 6 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं चालक को गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया है.

 

कोचर परिवार की याद हुई ताजा

दरअसल, इस हादसे ने वर्ष 2022 को हुए जिले में हुए एक और भीषण कार हादसे की याद ताजा कर दी है. 22 अप्रैल 2022 को हुए भीषण हादसे में कार में आग लगने से अंदर बैठे खैरागढ़ के कोचर परिवार के सदस्य जिंदा जल गए थे. इसमें साइकिल व्यापारी सुभाष कोचर के साथ उनकी पत्नी कांति देवी कोचर और उनकी बेटियां भावना कोचर, वृद्धि कोचर और पूजा कोचर शामिल थे.

 

फिलहाल, कोचर परिवार बालोद से शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस खैरागढ़ लौट रहा था. सिंगारपुर के पास कार बेकाबू होकर पुल से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तुरंत कार में आग लग गई, जिसकी चपेट में पूरा परिवार आ गया. घटना की सूचना मिलते ही ठेलकाडीह पुलिस घटनास्थल पहुंची और कार में लगी आग को बुझाने की कोशिश की. लेकिन तब तक कार में सवार सभी लोगों की जलने से मौत हो गई थी.

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CG Breaking : भाजपा हाईकमान ने दी मंजूरी.! साय मंत्रिमंडल का 21 अगस्त से पहले होगा विस्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/रायपुर। विष्णु देव साय मंत्रिमंडल विस्तार की लंबे समय से चल रही खबरों के बीच आखिरकार तारीख सामने आ ही गई है. जानकारों के अनुसार, 21 अगस्त से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, जिसमें तीन नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा.

 

दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 22 अगस्त से पहले विदेश दौरे पर जा रहे हैं, इसके पहले मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर भाजपा हाईकमान ने मंजूरी दे दी है. साय के विदेश दौरे से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा. इस बात का संकेत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में दिल्ली यात्रा से वापस के बाद अपने बयान में दे दिया था, जब उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा था कि अब इंतजार खत्म होने वाला है, मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द हो जाएगा.

 

 

हरियाणा की तर्ज पर होगा मंत्रिमंडल का विस्तार

 

फिलहाल, हरियाणा की विधानसभा में भी 90 विधायक हैं. हरियाणा में बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं. लिहाजा, हरियाणा के फॉर्मूले को छत्तीसगढ़ में भी लागू करते हुए 3 और मंत्री बनाए जा सकते हैं. हालांकि, छत्तीसगढ़ बनने के बाद से 13 मंत्री ही बनते आ रहे हैं. नियमों के तहत विधायकों की संख्या के 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते हैं, इस लिहाज से 90 विधायकों में 13.5 मंत्री बन सकते हैं. इसलिए मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री भी हो सकते हैं.

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CG Breaking : हर घर तिरंगा अभियान.! मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने निज निवास पर फहराया तिरंगा..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बीरपुर। महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज बीरपुर स्थित अपने निज निवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और राष्ट्र के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

 

वहीं, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आरंभ हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में जोड़ते हुए जन-जन में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रबल बनाने वाला सशक्त जन आंदोलन बन गया है। तिरंगा हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस, बलिदान और तप की याद दिलाता है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत का सपना देखा और उसे साकार किया।

 

फिलहाल, राजवाड़े ने कहा कि आज 140 करोड़ भारतीय उसी सपने को साकार करने के लिए एकजुट होकर विकसित, सशक्त और विश्व में सर्वश्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी आह्वान किया कि वे स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों, कार्यालयों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा अवश्य फहराएं और इस राष्ट्रीय पर्व को गर्व एवं उत्साह के साथ मनाएं।

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CG Breaking : मुख्य अतिथि सांसद रूपकुमारी चौधरी महासमुंद में करेंगे ध्वजारोहण..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/महासमुंद। जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में आयोजित 79 वें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र सांसद रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि होंगे। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार स्वतंत्रता दिवस को सुबह 8.58 बजे मुख्य अतिथि का आगमन होगा। सुबह 9.00 बजे वे ध्वजारोहण करेंगे।

 

वहीं, सुबह 9.03 बजे परेड का निरीक्षण करेंगे। तत्पश्चात मुख्य अतिथि श्रीमती चौधरी सुबह 9.30 बजे मुख्यमंत्री का जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे। सुबह 9.45 बजे परेड द्वारा हर्ष फायर एवं मार्च पास्ट होगा। सुबह 9.50 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति एवं सुबह 10.20 बजे उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान करेंगे। सुबह 10.30 बजे कार्यक्रम का समापन होगा।

 

स्वतंत्रता, तिरंगा एवं स्वच्छता दौड़ में उमड़ा देशभक्ति का जज्बा

 

दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के पूर्व 14 अगस्त को जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार सुबह मिनी स्टेडियम महासमुंद से स्वतंत्रता दौड़/तिरंगा दौड़ एवं स्वच्छता दौड़ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी एवं येतराम साहू ने हरी झंडी दिखाकर किया। दौड़ में स्कूली बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, खेल संघ, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड, एनएसएस, रेड क्रॉस, पुलिस बल, वन विभाग और मीडिया प्रतिनिधियों सहित 900 से अधिक प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगा दौड़ मिनी स्टेडियम से प्रारंभ होकर बरोंडा चौक, शास्त्री चौक, सतबहनीया चौक, गांधी चौक, नेहरू चौक होते हुए पुनः मिनी स्टेडियम में संपन्न हुई, जहां प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया।

 

फिलहाल, इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि तिरंगा हमारी एकता, अखंडता और बलिदान का प्रतीक है। आज की यह दौड़ केवल खेल का आयोजन नहीं, बल्कि हमारे दिलों में देश के प्रति सम्मान और स्वच्छता के संकल्प को मजबूत करने का एक प्रयास है। स्काउट गाइड संघ के जिलाध्यक्ष येतराम साहू ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लेने का दिन है। तिरंगा दौड़ ने नगर में देशभक्ति की अलख जगा दी है। दौड़ के समापन पर कलेक्टर लंगेह ने सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। आयोजन को सफल बनाने में वन, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, पीएचई, नगर पालिका, खेल संघ, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड एवं विभिन्न विभागों का सहयोग रहा।

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Big Breaking : सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता.! 37 लाख के 3 ईनामी नक्सली मुठभेड़ में हुए ढ़ेर..पढ़ें पूरी ख़बर

Naxal Encounter Update : रायपुर. छत्तीसगढ़ और झारखंड में सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान में तीन इनामी माओवादियों को मार गिराया. कांकेर-बस्तर सीमा के मंडा पहाड़ पर हुई मुठभेड़ में आरकेबी डिवीजन की सेंट्रल कमेटी के सचिव विजय रेड्डी (इनाम ₹25 लाख) और डिविजनल कमेटी मेंबर लोकेश सलामे (इनाम ₹10 लाख) मारे गए. वहीं, झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में माओवादी संगठन के एरिया कमांडर अरुण करकी (इनाम ₹2 लाख) को ढेर किया गया.

 

 

वहीं पुलिस के अनुसार, मंडा पहाड़ पर बुधवार दोपहर भारी बारिश के बीच डीआरजी और आईटीबीपी जवानों की माओवादियों से मुठभेड़ हुई, जो शाम तक जारी रही. फायरिंग थमने के बाद दोनों शव बरामद हुए. विजय रेड्डी फंडिंग और रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाता था, जबकि लोकेश सलामे के आत्मसमर्पण के प्रयास दो साल से चल रहे थे. 

 

दरअसल उधर, चाईबासा में मिली गुप्त सूचना पर कोबरा 209 बटालियन और स्थानीय पुलिस ने अभियान चलाकर अरुण करकी को मार गिराया. उसके पास से एक एसएलआर बरामद हुई. पुलिस का कहना है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर हिंसक वारदात की फिराक में था. पुलिस अधीक्षक वाईपी सिंह ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी तलाशी अभियान जारी है.

 

फिलहाल, छत्तीसगढ़ में मारे गए दोनों नक्सलियों के शव देर रात मोहला पहुंचे, जहां शवों का पीएम किया जाएगा, जिसके बाद संभवतः इस पूरे ऑपरेशन को लेकर अधिकृत प्रेस कांफ्रेंस कर पूरी जानकारी साझा करेगी.

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*महतारी वंदन योजना से जिले की महिलाओं को मिले 363.42 करोड़ से अधिक की राशि....महिलाएं को मिल रहा आत्मविश्वास और स्वाभिमान जीवन जीने की राह*

 जशपुर, 03 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन में बदलाव लाने के लिए महतारी वंदन योजना लाई गई थी। यह योजना देखने में एक छोटी सी आर्थिक सहायता मात्र दिखाई देती है पर इस योजना से जिले की अर्थव्यवस्था पर एक व्यापक प्रभाव दिखाई दे रहा है। वे महिलाएं जो घर की लक्ष्मी मानी जाती हैं। अक्सर घर परिवार की जरूरतें पूरा करते घर के बाहर निकल नहीं पाती थी और अपनी छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों का मुख देखा करती थी। उन महिलाओं के लिए शासन द्वारा प्राप्त आर्थिक सहायता स्वाभिमान लेकर आई है। जब जिस वस्तु की आवश्यकता हो बस अपने खाते से पैसे निकाल कर वे अपने लिए आवश्यक समाग्री ले सकती हैं और पहले अपने पैसे निकालने उन्हें शहर जाना पड़ता था उसका उपाय करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर गांव गांव में अटल सुविधा केन्द्र के माध्यम से नगद निकासी की व्यवस्था की गई है। यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक सार्थक कार्य कर रहा है।
           यह योजना केवल महिलाओं ही नहीं बल्कि पूरे जिले की अर्थव्यवस्था को गति देने का एक माध्यम बन रही है। महतारी वंदन योजना द्वारा जिले में 2 लाख से अधिक महिलाओं को योजना की शुरूआत मार्च 2024 से जुलाई 2025 तक 363 करोड़ 42 लाख 25 हजार 900 रूपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। एक वृहद उद्योग भी इतने बड़े लाभ से एक वर्ष में इतनी बड़ी जनसंख्या को लाभान्वित नहीं कर सकता। इस राशि का उपयोग कोई महिला अपनी सिलाई की दुकान में तो कोई अपने बच्चों की फीस, किताबों, कपड़ों, मिठाइयों, त्योहारों की तैयारियों में कर रहीं हैं। किसी ने इस पैसे को अपने बच्चों की भविष्य के लिए निवेश किया है तो किसी ने सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर अपनी बेटियों का जीवन सुरक्षित किया है।
          योजना से सीधे खातों में राशि महिलाओं को प्राप्त हो रही है। जिससे वे अपने घर, मोहल्ले या गांव की दुकानों में जाकर किराना समान, मनिहारी समान, सब्जियां, फल, मिठाईयां आदि खरीदती हैं। जिससे आस पास के दुकानदारों, व्यवसायियों को भी व्यवसाय प्राप्त होता है। जिससे सभी का विकास हो रहा है। आलम यह है कि योजना की राशि के अंतरण का इंतजार महिलाओं के साथ साथ व्यवसायी भी करते हैं, जैसे ही राशि अंतरित होती है सभी के चेहरे खिल उठते हैं। इस प्रकार योजना ने ना सिर्फ महिलाओं का जीवन बदलने का कार्य किया है बल्कि ग्रामीण जीवन की धुरी बन गया है। इस योजना ने महिलाओं की आर्थिक निर्भरता की बेड़ी को तोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले पा रही हैं।  
            महतारी वंदन योजना से मिली राशि का महिलाएं केवल घरेलु खर्चों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसे अन्य उत्पादक क्षेत्रों में निवेश कर सुदपयोग भी कर रही हैंं। इस योजना की राशि का महिलाएं अपनी बेटियों का जीवन सुरक्षित बनाने सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश भी कर रही हैं। इसके साथ ही अन्य उद्यमों में हाथ आजमा रही हैं। इस योजना के हितग्राहियों को एकमुश्त लाभ दिला कर उद्यमियता को प्रेरित करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के साथ मिलकर महतारी शक्ति ऋण योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत 25 हजार तक की राशि एकमुश्त 48 महिनों तक के आसान किस्तों में न्यूनतम ब्याज दर पर दिया जा रहा हैं। जशपुर में अब तक 875 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला हैं। जिसका महिलाएं व्यवसाय या अन्य कामों में उपयोग कर रही हैं।

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मुख्यमंत्री ने विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मयाली में शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस ऑनलाइन के माध्यम से जुड़े

जशपुर 4 अगस्त 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय रायपुर से ऑनलाइन के माध्यम से जशपुर के कुनकुरी विकास खंड के मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस में शिव भक्तों को सम्बोधित किया।

शिव भक्तों को मधेश्वर पहाड़ के पास सावन के माह में 28 जुलाई से 4 अगस्त 25 तक कुल 7 दिवसीय कथा अयोध्या के प्रसिद्ध कथा वाचक श्री देवकीनंदन महाराज के द्वारा शिव महापुराण की कथा सुनाया गया। शिव भक्तों ने पूरी श्रद्धा भाव से कथा का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री ने शिव भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूरे सावन माह में महामधेश्वर समिति के द्वारा विधि विधान से बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना की इसके लिए उन्होंने सभी का धन्यवाद भी दिया।
मुख्यमंत्री ने विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ की आराधना करते हुए प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की उन्होंने कहा कि सभी लोगों पर भगवान भोलेनाथ की कृपा बनी रहे।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न जगहों में भगवान भोलेनाथ अनेक रूपों में विराजमान हैं इनमें मयाली में मधेश्वर पहाड़ के रूप में कवर्धा में बाबा भोरमदेव के रूप में राजीम में फूलेशवर महादेव के  रूप में गरियाबंद में भूतेश्वरनाथ भगवान के रूप में विराजमान  है इसी प्रकार जांजगीर चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भोलेनाथ विराजमान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ में माता रानी के  पांच शक्तिपीठों के विकास कार्यों के लिए कॉरिडोर के माध्यम से योजना बनाई जा रही है ।
  
उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ में माता रानी बमलेश्वरी के रूप में विराजमान है रतनपुर में माता रानी महामाया मंदिर के रूप में जांजगीर-चांपा के चंद्रपुर में  माता रानी चंद्रहासिनी के रूप में दंतेवाड़ा में माता रानी दंतेश्वरी के रूप में विराजमान हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। वर्तमान में 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का सौभाग्य मिल गया है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 19 जगह श्रद्धालुओं को दर्शन  कराया जाएगा।

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CG Crime : पारिवारिक विवाद में ली मां की जान, पिता पर भी कुल्हाड़ी से किया वार..हत्यारा बेटा गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद में एक बेटे ने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। साथ ही पिता पर भी कुल्हाड़ी से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के 24 घंटे के भीतर मुंगेली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

ज्ञात हो, घटना ग्राम सारंगपुर (थाना फास्टरपुर-सेतगंगा) की है। 23 जुलाई को दिनेश कोसले ने गुस्से में आकर अपनी मां देवकी बाई कोसले की उस समय हत्या कर दी जब वह बिस्तर पर सो रही थी। हमला इतना भयावह था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने पिता समारू कोसले पर भी कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया। हालांकि गंभीर चोटों के बावजूद वे किसी तरह बच गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एएसपी नवनीत कौर छाबड़ा और SDOP मयंक तिवारी के मार्गदर्शन में थाना फास्टरपुर-सेतगंगा पुलिस ने

तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर 24 घंटे के भीतर आरोपी दिनेश कोसले को गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, आरोपी के पास से कुल्हाड़ी और लकड़ी का बत्ता बरामद किया गया, जिससे मां की हत्या की गई थी। आरोपी ने पूछताछ में जुर्म कबूल करते हुए कहा कि वह माता-पिता से पारिवारिक विवाद को लेकर नाराज था और गुस्से में आकर यह खौफनाक कदम उठा लिया। थाना फास्टरपुर-सेतगंगा में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 38/2025, धारा 103(1), 109(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। 24 जुलाई को आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

फिलहाल, घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। लोग स्तब्ध हैं कि एक बेटा, जिसने अपनी मां की कोख से जन्म लिया और वही उसकी मौत की वजह बना। इस घटना ने न सिर्फ परिवार को तोड़ा, बल्कि एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्रोध और मानसिक अस्थिरता जब रिश्तों पर हावी हो जाए तो घर भी कत्लगाह बन जाते हैं।

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CG Big News : संवर रहा छत्तीसगढ़.! CM साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय मिसाल बन गई प्रदेश की औद्योगिक प्रगति..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। औद्योगिक उन्नति किसी भी राज्य के विकास का सर्वश्रेष्ठ मापदंड होता है। उद्यमिता के क्षेत्र में हुए विकास को भी उस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास माना जा सकता है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र में जो प्रगति हुई है उसकी मिसाल राष्ट्रीय स्तर पर भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की “नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है।”

हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि “फार्मास्यूटिकल्स की इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है.

दरअसल, इस नीति की वजह से पिछले छह माह में ही अब तक लगभग 6.75 लाख करोड़ रूपए का निवेश आ चुका है। इसमें पावर सेक्टर में तीन लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) ₹5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।”

वहीं, साय सरकार द्वारा लागू की गई नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने राज्य को निवेश और रोजगार के नए अवसर देने का काम किया है। इस नीति की सफलता के बाद निसंदेह छत्तीसगढ़ राज्य एक विकसित और आत्मनिर्भर औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। 2030 तक लागू रहने वाली औद्योगिक विकास नीति का मुख्य उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना, रोजगार सृजन करना और आर्थिक विकास को गति देना है।

बता दें, इस नीति में विभिन्न प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है जिसमें ब्याज अनुदान, लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क में छूट, विद्युत शुल्क में छूट, और मूल्य संवर्धित कर की प्रतिपूर्ति शामिल है। इसके अलावा औद्योगिक विकास नीति में पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान, जल और ऊर्जा दक्षता व्यय की प्रतिपूर्ति, और ग्रीन हाइड्रोजन/कम्प्रेस्ड बॉयोगैस सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन को भी शामिल किया गया हैं। राष्ट्र के हर एक युवा को रोज़गार से जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को छत्तीसगढ़ की साय सरकार,औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की मदद से आकर देने का काम कर रही है।इज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश के अग्रणी राज्य बनते छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार से उद्योग जगत में ग़ज़ब की क्रांति देखने को मिल रही है।

औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन और प्रशिक्षण को दी जा रही वरीयता

वहीं, छत्तीसगढ़ की सरकार का लक्ष्य टेक्सटाइल, फार्मा, एआई, डिफेंस, ऊर्जा और मेडिकल टूरिज्म – इन सभी क्षेत्रों में अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार सृजित कर छत्तीसगढ़ को अगले दशक की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए औद्योगिक विकास नीति में स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है इसके तहत 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

हालांकि, छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्वयं का व्यवसाय आरम्भ करने के लिए ‘उद्यम क्रांति योजना’ के तहत युक्त ऋण अनुदान प्रदान किए जाएंगे। केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव में 2000 से अधिक स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की सम्भावना है।इससे आदिवासी वनवासी समुदायों के साथ ही महिलाओं को लघु वनोपजों के संग्रहण, प्राथमिक प्रसंस्करण कार्य में रोजगार और आय में वृद्धि के अवसर मिलेगा।

औद्योगिक विकास नीति में समावेशी विकास की योजना

वहीं, औद्योगिक विकास नीति में अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के उद्यमियों और तृतीय लिंग के उद्यमों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र के एमएसएमई और वृहद सेवा उद्यमों के लिए पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है, जिसमें इंजीनियरिंग सेवाएं, अनुसंधान और विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र को भी शामिल किया हैं।

औद्योगिक कॉरिडोर और बुनियादी ढांचा विकास

बता दें कि, छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने कोरबा-बिलासपुर-रायपुर क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना की योजना बनाई है जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को निश्चित ही एक नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी परियोजना के तहत कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल (छत्तीसगढ़) तक की 160.33 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेललाइन का सर्वे अंतिम चरण में है, जिससे सुदूर क्षेत्रों में परिवहन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार और औद्योगिक विकास के लिए बुनियादी सुविधाएं पहुंचेंगी।मुख्यमंत्री साय ने इस विषय में कहा था कि “रावघाट से जगदलपुर तक 3,500 करोड़ रूपए की रेललाइन की मंजूरी मिल चुकी है। कोठागुडेम से किरंदुल तक रेललाइन पर सर्वे शुरू हो गया है और खरसिया-परमालकसा रेललाइन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। जलमार्ग संबलपुर से नवा रायपुर तक आरंभ होगा। एयर कार्गाे सेवाएं भी सक्रिय हो चुकी हैं।”

साय सरकार के दिशा निर्देश पर हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों का प्रमुख केंद्र बनेगा छत्तीसगढ़

जानकारी के अनुसार, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से लैस छत्तीसगढ़ राज्य की नई उद्योग नीति में भी वनोपज प्रसंस्करण इकाईयों को थ्रस्ट सेक्टर में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आकार देते हुए छत्तीसगढ़ की साय सरकार द्वारा स्थानीय उद्यमियों को गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी तारतम्य में राज्य के वनों में उपलब्ध लघु वनोपजों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण के लिए फारेस्ट टू फार्मेसी मॉडल की शुरुआत करते हुए प्रसंस्करण केंद्र छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा निर्मित, मध्य भारत की सबसे बड़ी और आधुनिक केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई की स्थापना दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में की गई है। 27.87 एकड़ में फैले इस इकाई का लोकार्पण हाल ही में राज्य के मुखिया ने किया है। हर वर्ष लगभग 50 करोड़ रूपए के आयुर्वेदिक औषधीय उत्पादों का उत्पादन एवं प्रसंस्करण करने वाली इस इकाई के साथ ही छत्तीसगढ़, भारत में हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के वनोत्पाद के प्रसंस्करण और वैल्यूएडिशन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ता निवेश और आर्थिक विकास

दरअसल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रदेश में निवेश का वातावरण इतना सशक्त हुआ कि सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।

वहीं, पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए मात्र तीन महीनों में ज़मीन आवंटित कर एनओसी जारी की गई और अब कंपनी ने 1,143 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया है, जहां प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ के रूप में स्थापित करना है।निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 विकसित किया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन, विभागीय अनुमोदन और सब्सिडी वितरण को एकीकृत करती है। हमारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी और तेज़ है कि उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त हो सकेंगी। छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर पार्क देश का पहला पार्क है। फार्मा सेक्टर में फार्मा हब और मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। टेक्सटाइल और फार्मा में विशेष अनुदान उपलब्ध हैं।”

बता दें कि, नई औद्योगिक नीति के बाद से ही छत्तीसगढ़ निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है जिसकी वजह से राज्य में कुल 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश आने की सम्भावना है। बड़े निवेशों के चलते राज्य को विशेष आर्थिक क्षेत्र घोषित किया गया हैं। इसमें कोई दो मत नही कि बड़े निविशकों के छत्तीसगढ़ में निवेश से प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और राज्य की आर्थिक गति को नई रफ्तार मिलेगी। एक अनुमान के अनुसार इससे 20 हजार से अधिक युवा रोजगार से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा था कि “छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है। एक दिन पूर्व ही आयोजित केबिनेट की बैठक में हमने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। लॉजिस्टिक नीति से राज्य में ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग, व्यापार और किसानों को आधुनिक, सस्ती भंडारण और वितरण सुविधा प्राप्त होगी, लॉजिस्टिक लागत में कमी के माध्यम से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।”

कृषि और ग्रामीण विकास में भी निहित है औद्योगिक विकास

ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले में एग्री-हॉर्टी एक्सपो और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना और उनकी आय में वृद्धि करना है। इस आयोजन में किसानों को जियो मार्ट, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म जैसी बड़ी कंपनियों से फसल अनुबंध के अवसर मिलेंगे।

राजस्व संग्रह में वृद्धि भी सहायक है औद्योगिक विकास में

वहीं, अप्रैल 2025 में छत्तीसगढ़ ने ₹4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रह कर एक महत्वपूर्ण आर्थिक मील का पत्थर हासिल किया है। इस उपलब्धि से उसने केरल, पंजाब, बिहार और झारखंड जैसे खनिज समृद्ध राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश के शीर्ष 15 जीएसटी संग्रहकर्ता राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए गए उद्योग और व्यापार क्षेत्र के सुधारों का परिणाम है। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से राज्य की जीएसडीपी, पूंजीगत व्यय और योजनाओं की वित्तीय प्रगति के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि “राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वित्तीय संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और दक्षता के साथ किया जाए, ताकि जनकल्याणकारी योजनाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। राज्य की प्रगति उसकी वित्तीय स्थिरता पर निर्भर करती है। जितनी सशक्त वित्तीय व्यवस्था होगी, उतनी ही तेजी से हम विकास की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।”

दरअसल, 1 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा था कि “छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है।” हाल ही में आयोजित इंडस्ट्री डायलॉग 2.0 में छत्तीसगढ़ को निवेशकों द्वारा 1.25 लाख करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

फिलहाल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में समावेशी और सतत विकास के लिए ठोस कदम उठाए हैं।प्रधानमंत्री के विजन 2047 तक विकसित भारत और विकसित राज्य निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे का विकास, और कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार जैसे उपायों से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है।लॉजिस्टिक नीति और जन विश्वास विधेयक से छत्तीसगढ़ में विकास को नई गति मिल रही है और इन पहलों से छत्तीसगढ़ एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है।

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