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CG Crime : नक्सलियों ने बीजापुर में फिर खूनी वारदात को दिया अंजाम..एक शिक्षादूत की कर दी हत्या..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh Crime News/बीजापुर। बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां नक्सलियों ने एक शिक्षादूत की हत्या कर दी। नक्सलियों ने शिक्षादूत का अपहरण किया था और उसके बाद उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

दरअसल, यह पूरा मामला गंगालुर थाना इलाके का है। नक्सलियों ने तोड़का का निवासी शिक्षादूत का लेंड्रा से अपहरण किया था और अब उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं हत्या की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षादूत के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

फिलहाल, नक्सलियों ने अब तक 9 शिक्षादूतों की हत्या की है। बंद स्कूलों का संचालन फिर से शुरू होने के बाद से नक्सली नाराज चल रहे थे और इसी से बौखलाए नक्सलियों ने अब तक 9 शिक्षादूतों की हत्या की है। नक्सलियों ने अब तक बीजापुर में 5 और सुकमा में 4 शिक्षादूतों की हत्या की है।

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CG Big News : बिलासपुर आ रहे RSS चीफ मोहन भागवत.! CM विष्णु देव साय विदेश दौरे से वापस लौटे..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को छत्तीसगढ़ के प्रवास पर रहेंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज न्यायधानी बिलासपुर के प्रवास पर रहेंगे. इस विशेष अवसर पर वह स्व. काशीनाथ गोरे की स्मृति स्मारिका के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. यह भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) ऑडिटोरियम, बिलासपुर में सम्पन्न होगा.

जानकारी के मुताबिक इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव के साथ कई कैबिनेट मंत्री और विधायक शामिल होंगे. 

विदेश दौरे से मुख्यमंत्री साय की वापसी

फिलहाल, विदेश दौरे से सीएम विष्णुदेव साय आज वापस लौट रहे हैं. दोपहर 2.40 बजे वे रायपुर पहुंचे है. सीएम साय 10 दिनों के विदेश दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने जापान और साउथ कोरिया का दौरा किया. यह दौरा निवेश को लेकर आधिकारिक रूप से किया गया था. सीएम के वापस लौटने पर बीजेपी ने भव्य स्वागत की है.

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CG News : 'शिक्षा में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में मेंटरशिप की भूमिका निर्णायक है' : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

Chhattisgarh News/रायपुर। नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में Fostering Mentorship in Education: A Pathway to Equity विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना को मूर्त रूप देते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में मेंटरशिप की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श कर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क बनाना है। विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और हितधारकों ने शिक्षा में समानता लाने, ड्रॉपआउट दर घटाने और युवाओं को अवसरों से जोड़ने के लिए अपने अनुभव साझा किए।

वहीं, विशेष अतिथि के रूप में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में मेंटरशिप की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित है। यह साझा राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने का अवसर है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनसांख्यिकीय ताकत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की औसत आयु 28 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु मात्र 24 वर्ष है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, हमें युवाओं को अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।

दरअसल, वित्त मंत्री चौधरी ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैंने गांव के सरकारी स्कूल में 10वीं और 12वीं तक पढ़ाई की, जहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। 17 वर्षों की औपचारिक शिक्षा के बाद भी अनेक युवाओं को यह स्पष्ट नहीं होता कि जीवन में आगे क्या करना है। कैरियर गाइडेंस और मेंटरशिप इस कमी को दूर कर सकती है। उन्होंने स्थानीय भाषा और संस्कृति आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र के बच्चों के जीवन का जुड़ाव जंगलों और झरनों से है। उन्हें इसी के अनुरूप अक्षर ज्ञान देना चाहिए। एनईपी 2020 का स्थानीय बोलियों पर फोकस सही दिशा है। वित्त मंत्री ने सरकारी स्कूलों की चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि समुदाय की भागीदारी घट रही है, हमें नवोदय विद्यालय जैसे मॉडल अपनाने होंगे। नीति आयोग को देशभर की इनोवेटिव प्रैक्टिस को साझा प्लेटफॉर्म पर लाना चाहिए, ताकि शिक्षा में समानता सुनिश्चित की जा सके।

हर बच्चे को मेंटरशिप मिलना उसका अधिकार है: डॉ. वी. के. पॉल

फिलहाल, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने कहा कि शिक्षा मानव पूंजी निर्माण का आधार है और हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रॉपआउट दरों को साझा करते हुए बताया कि प्राथमिक स्कूलों में 93 प्रतिशत नामांकन है, लेकिन अपर प्राइमरी में तीन प्रतिशत बच्चे छूट जाते हैं। सेकेंडरी स्तर पर केवल 56 प्रतिशत और 12वीं कक्षा तक मात्र 23 प्रतिशत छात्र ही पहुंचते हैं। 2019 से 2023 तक केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 15,000 ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी, जबकि आईआईटी और आईआईएम से 4,000 से अधिक छात्र बाहर हुए। यह व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्षति भी है। डॉ. पॉल ने कहा कि मेंटरशिप से छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल मिलते हैं। हमें शिक्षकों का माइंडसेट बदलना होगा, छात्रों को सशक्त बनाना होगा और तकनीक के माध्यम से सीधी पहुँच सुनिश्चित करनी होगी। विषाक्त वातावरण और नशे जैसी समस्याएं ड्रॉपआउट को बढ़ाती हैं। हर बच्चे को ज्ञान और आत्मविश्वास से लैस होकर चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलना चाहिए, यह उसका मानवाधिकार है। उन्होंने कहा कि हमारा देश मानव-केंद्रित दर्शन से समृद्ध है। हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा, जिसमें हर बच्चे को मेंटरशिप मिले, हमें एनईपी 2020 यही रास्ता दिखाती है।

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Big News : CM साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी।

वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

बता दें कि, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा—“छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।”

वहीं, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा।

दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ श्री डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है।

फिलहाल, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाएँ।

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Jashpur Accident Breaking : युवक बाईक सहित पुलिया के नीचे गिरा..मौके पर ही तोड़ा दम..मृतक की हुई पहचान..पढ़ें पूरी खबर

कुनकुरी/जशपुर नगर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी के गिना बहार के पास एक युवक बाईक सहित पुलिया के नीचे जा गिरा और थोड़ी ही देर में उसने दम तोड़ दिया । मृतक का नाम चन्दन यादव बताया जा रहा है।

फिलहाल, जानकारी के मुताबिक मृतक नवाखाई पर्व पर अपने दादा के घर बनकॉम्बो जा रहा था। रास्ते में उसकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और पुलिया से टकराकर नीचे गिर गई। हादसे में युवक को गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही कुनकुरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। 

वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क पहले से ही दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील है और पुलिया के पास मोड़ होने के कारण यहां कई हादसे हो चुके हैं। हादसे की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है।

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CG Breaking : राष्ट्रीय खेल दिवस पर छत्तीसगढ़ में भव्य आयोजन.! 3 दिवसीय कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी करेंगे संवाद..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर, 29 अगस्त, 2025 को पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम रायपुर में खिलाड़ियों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंदके जन्म दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय आयोजन किया जाएगा. 

ज्ञात हो कि, भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवं खेल विभाग मंत्रालय के निर्देश के अनुक्रम में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन दिनांक 29, 30 एवं 31 अगस्त, 2025 को ‘‘एक घंटा, खेल के मैदान में’’ थीम पर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. इस अवसर पर 29 अगस्त को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अरूण साव, उप मुख्यमंत्री (खेल एवं युवा कल्याण विभाग) की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी. कार्यक्रम की अध्यक्षता बृजमोहन अग्रवाल, संसद सदस्य, रायपुर लोक सभा करेंगे. कार्यक्रम में राज्य शासन के मंत्रीगण, विधायकगण एवं अन्य सम्जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी. आवासीय एवं गैर आवासीय खेल अकादमियों के खिलाड़ी, स्थानीय विद्यालयों, महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं खेल संघों के खिलाड़ीगण लगभग 2000 की संख्या में भाग लेंगे.

वहीं प्रथम दिवस 29 अगस्त, 2025 को आई.पी.एल. के प्रसिद्ध क्रिकेटर शशांक सिंह, अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी श्रेयांश जायसवाल, अंतर्राष्ट्रीय Football खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चैबे के द्वारा खिलाड़ियों से सीधा संवाद एवं अनुभव साझा किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में स्पोर्ट्स इन्जुरी एवं मेंटल हेल्थ अवेयरनेस सेमिनार, खिलाड़ियों के लिए करियर गाईडेंस सेमिनार तथा न्यूट्रीशियन अवेयरनेस सेमिनार का भी आयोजन रखा गया है, जिसमें स्पोट्र्स फील्ड के एक्सपट्र्स के द्वारा खिलाड़ियों को विशेष जानकारी व मार्गदर्शन प्रदान किये जाएंगे. 

वहीं दूसरे दिन, 30 अगस्त को स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा रायपुर में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आवासीय बालिका फुटबाॅल अकादमी की टीम एवं फुटबाॅल संघ के टीम के बीच सद्भावना फुटबाॅल मैच का आयोजन किया जायेगा. इसके माध्यम से लोगो को किसी एक खेल को अपने दिनचर्या में शामिल करने का संदेश भी दिया जायेगा. 

दरअसल तीसरे दिन, 31 अगस्त को समापन अवसर पर ‘‘फिट इंडिया संडे आॅन साइकिल’’ थीम पर दुर्ग जिला मुख्यालय में खेल एवं युवा कल्याण विभागा द्वारा प्रदेश साइकिल एसोसिएशन के सहयोग से वृहद साईकिल रैली का आयोजन किया जायेगा. साथ ही साथ साइकिलिंग को जीवन के अभिन्न अंग के रूप में अपनाने के लिए संदेश दिया जाएगा.

फिलहाल, भारत सरकार के निर्देश के अनुक्रम में प्रदेश के सभी 33 जिलों में 29 अगस्त को विभिन्न खेलों के आयोजन एवं जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, 30 अगस्त को जिलों में सेमिनार, डिबेट एवं विभिन्न इनडोर खेलों के आयोजन किए जाएंगे एवं 31 अगस्त को सभी जिलों में फिट इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत साइकिल रैली के आयोजन किए जाएंगे.

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CG Big News : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विधायक भूलन सिंह ने इच्छामृत्यु मांगने वाले मंडल महामंत्री के घर पहुंचकर की मुलाकात..बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफ़र..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/सूरजपुर। शारीरिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने हाल ही में मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की थी। उनकी इस पीड़ा को सोशल साइट में प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद यह मुद्दा पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आ गया। पहले इस खबर पर संज्ञान लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यादव और उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने उन्हें रायपुर बुलाकर इलाज कराने का आश्वासन दिया था। अब इस मामले को भाजपा संगठन ने भी गंभीरता से लिया है।

बता दें कि आज प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी खुद सूरजपुर पहुंचे और विशंभर यादव से मुलाकात की। इसके बाद एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया। रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की देखरेख में एक अच्छे अस्पताल में उनका इलाज कराया जाएगा।

वहीं, विधायक भूलन सिंह मरावी ने इस दौरान कहा कि यह कहना गलत है कि दो साल से मैं यहां नहीं आया। मैं कई बार विशंभर यादव से मिलने आता रहा हूँ, उनके घर पर चाय भी पीता था। हाँ, बरसात की वजह से कुछ दिन पहले नहीं आ सका। जैसे ही मुझे जानकारी मिली कि उनकी तबीयत बिगड़ गई है, मैं तुरंत यहां पहुंचा। हमारे साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी आईं। हमने विशंभर यादव को अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए रायपुर रेफर किया है। अब रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की देखरेख में अच्छे अस्पताल में उनका इलाज कराया जाएगा।

दरअसल, विधायक भूलन सिंह ने कहा कि विशंभर यादव हमारे परिवार जैसे हैं और हम लोग हरसंभव प्रयास करेंगे कि उन्हें बेहतर इलाज मिले और वे जल्द स्वस्थ होकर फिर से अपने लोगों के बीच लौटें।

फिलहाल, दो साल पहले साल 2023 में रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में जाते समय बस हादसे में विशंभर यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे और स्थायी रूप से विकलांग हो गए। इलाज में लगभग 30 से 35 लाख रुपये खर्च होने के बाद उनका पूरा परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। इलाज के लिए पैसा न होने की वजह से ही उन्होंने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री साय को इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए पत्र भेजा था।

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CG Big News : ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’.! प्रदेशभर से NHM के हजारों संविदा कर्मचारी 29 अगस्त को राजधानी की ओर करेंगे कूच..बांटेंगे 2 लाख पंपलेट..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बीते 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने अब शुक्रवार से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत सभी कर्मचारी राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर जुटेंगे और वहां से प्रदेशभर में इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।

वहीं, संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ का नारा देकर घोषणा पत्र जारी किया था। उसमें एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने का वादा किया गया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने अब तक 160 से ज्यादा ज्ञापन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की। मजबूर होकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।

ज्ञात हो कि, डॉ. मिरी ने कहा कि शुक्रवार 29 अगस्त को प्रदेशभर से कर्मचारी अपने-अपने जिलों से राजधानी की ओर कूच करेंगे। रास्ते में पड़ने वाले गांवों और कस्बों में ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ चलाया जाएगा। इसके लिए विशेष रुप से तैयार किये गए 2 लाख पंपलेट बांटे जाएंगे, जिनके जरिए लोग सरकार से पूछेंगे कि वादा की गई गारंटी आखिर कहां गायब हो गई। आंदोलनकारी कर्मचारी आम जनता, दुकानदारों और परिचितों से मिलकर अपनी पीड़ा भी साझा करेंगे।

सरकार के दावों पर कर्मचारियों का पलटवार

वहीं, कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के इस दावे को भ्रामक बताया है कि 10 में से 5 मांगें पूरी कर दी गई हैं। उनका कहना है कि केवल एक मांग पर ही सर्कुलर जारी हुआ है, बाकी पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। वहीं, शासन-प्रशासन मांगों के मूल स्वरूप को बदलकर जनता को गुमराह कर रहा है।

दरअसल,ज्ञकर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से अल्प वेतन पर शोषण झेलते हुए काम कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर, ग्रेड पे और अनुकंपा नियुक्ति शामिल हैं। इन पर लगातार निवेदन और ज्ञापन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

फिलहाल, संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को केंद्र के मत्थे मढ़ रही है, जबकि तकनीकी रूप से स्वास्थ्य विभाग और कर्मचारियों से जुड़ा फैसला पूरी तरह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।

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CG Big News : बीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण.! CM साय बोले- लगातार कार्रवाई का परिणाम.. पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। बस्तर में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों और सरकार की बड़ी कामयाबी सामने आई है. बीजापुर में बुधवार को 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 20 इनामी नक्सली भी शामिल हैं. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 81 लाख रुपए का इनाम घोषित था. मुख्यमंत्री साय ने इसे प्रदेश सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का नतीजा बताया है.

दरअसल, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है. इसी का परिणाम है कि बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं.

फिलहाल, सीएम साय ने दावा किया कि नक्सल संगठन लगातार कमजोर हो रहे हैं और बस्तर अब शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, “हमारी डबल इंजन की सरकार मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने के संकल्प पर काम कर रही है.”

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CG Big News : बच्चों के भोजन में फिनाइल गोली मिलाने मामला.! अधीक्षक और सहायक अधीक्षक हटाए गए..शिक्षक निलंबित..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड स्थित आवासीय पोटाकेबिन विद्यालय पाकेला में बीते दिनों बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन में फिनाइल गोली मिलने से हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने तत्काल कार्रवाई कर कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है।

शिक्षक निलंबित, FIR दर्ज के बाद आरोपी गिरफ्तार

फिलहाल इस मामले में विद्यालय में पदस्थ शिक्षक धनंजय साहू (शिक्षक एल.बी.) पर गंभीर आरोप लगने और थाना छिन्दगढ़ में प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

अधीक्षक स्तर पर भी कार्रवाई

वहीं, प्रशासनिक दृष्टिकोण से दुजाल पटेल (शिक्षक एल.बी.) को अधीक्षक, बालक आवासीय विद्यालय पोटाकेबिन पाकेला के प्रभार से मुक्त करते हुए उन्हें जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, सुकमा में संलग्न कर दिया गया है। उनके स्थान पर गौतम कुमार ध्रुव (शिक्षक एल.बी., माध्यमिक शाला पेदापारा, विकासखंड छिन्दगढ़) को अधीक्षक का प्रभार सौंपा गया है। आदेशानुसार उनका वेतन मूल पदस्थापना संस्था से ही आहरित किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, सहायक अधीक्षक को हटाया गया, नई नियुक्ति

विद्यालय के सहायक अधीक्षक भवन सिंह मंडावी (सहायक शिक्षक एल.बी.) को भी उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह रतन सिंह पैकरा (शिक्षक एल.बी., माध्यमिक शाला उदलतरई, विकासखंड छिन्दगढ़) को आगामी आदेश तक सहायक अधीक्षक का कार्यभार सौंपा गया है।

कलेक्टर ध्रुव का स्पष्ट संदेश

ज्ञात हो कि, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि “बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवासीय विद्यालयों की सतत निगरानी की जाए और बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए।

भोजन में मिली थी फिनाइल गोली

दरअसल, घटना 21 अगस्त की रात की है। छिंदगढ़ इलाके के पोटाकेबिन स्कूल में रोजाना की तरह भोजन परोसने से पहले चखने की प्रक्रिया की गई। जैसे ही चम्मच मुंह तक गया, तेज गंध आने पर पता चला कि खाने में फिनायल मिला हुआ है। इसके बाद तुरंत भोजन परोसना रोक दिया गया। गनीमत रही कि समय रहते मामला पकड़ में आ गया, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

वहीं घटना के बाद कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की और एसडीएम व अन्य अधिकारियों को मंगलवार तक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आज यानी बुधवार को कार्रवाई की गई।

हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

फिलहाल, इस घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इसे बेहद संवेदनशील बताते हुए राज्य के मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामे के साथ जवाब तलब किया है। साथ ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्कूलों में बच्चों का भोजन पूरी सावधानी से बनाया और परोसा जाए। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।

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Raigarh Elephants News : हाथियों के झुंड का वीडियो बना रहे बाइक सवारों को हाथी ने दौड़ाया..बाल बाल बचा पाए अपनी जान..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh Elephants News/रायगढ़। छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला इन दिनों हाथियों के आतंक और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को लेकर लगातार सुर्खियों में है। ताजा मामला जिले के घरघोड़ा ब्लॉक के नवापारा टेड़ा जंगल का है, जहां बाइक सवार दो युवकों की जान पर उस समय बन आई जब वे हाथियों के झुंड का वीडियो बना रहे थे। अचानक एक हाथी उन पर दौड़ पड़ा। घबराए युवक किसी तरह बाइक भगाकर मौके से भागे और जान बचा पाए। यह पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

कैसे हुआ हादसा 

जानकारी के मुताबिक, नवापारा टेड़ा जंगल से हाथियों का झुंड गुजर रहा था। इसी दौरान कुछ युवक बाइक से वहां पहुंचे और उन्होंने हाथियों का वीडियो बनाने का निश्चय किया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जैसे ही हाथियों ने इंसानों की मौजूदगी देखी, झुंड से एक हाथी गुस्से में सड़क की ओर दौड़ पड़ा। युवक इस अप्रत्याशित स्थिति से घबराए और बाइक को तेजी से भगाते हुए वहां से किसी तरह अपनी जान बचा पाए।

 वायरल हुआ वीडियो

बता दें कि यह घटना किसी राहगीर द्वारा मोबाइल कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में बाइक सवारों की घबराहट और हाथी का आक्रामक रूप साफ नजर आता है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। कई लोग इसे देखकर जहां चौंक रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे मजाक के तौर पर ले रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों और वन विभाग ने इसे गंभीर घटना बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में लंबे समय से मानव-हाथी संघर्ष की समस्या बनी हुई है।

वहीं रायगढ़, जशपुर, कोरबा, सरगुजा और बलरामपुर जिलों में हाथियों का बार-बार गांव और कस्बों की ओर आना आम बात हो गई है। इन टकरावों में हर साल दर्जनों लोग हाथियों के हमले का शिकार होकर अपनी जान गंवाते हैं, वहीं कई हाथी भी घायल होते हैं या रास्ता भटक जाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि जंगलों के बीच से गुजरती सड़कों, खनन परियोजनाओं, खेतों में फसलों की बुवाई और इंसानी बस्तियों के विस्तार के चलते हाथियों के प्राकृतिक मार्ग (Elephant Corridors) बाधित हो गए हैं। यही वजह है कि हाथी अक्सर गुस्से में आकर इंसानों से टकरा जाते हैं। 

जान जोखिम में डालता "वीडियो बनाने का शौक

दरअसल वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि लोग अक्सर जंगली जानवरों को देखकर उत्साहित हो जाते हैं और उनका वीडियो या फोटो बनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह शौक कई बार जानलेवा साबित हो जाता है। रायगढ़ की इस घटना में गनीमत रही कि बाइक सवार युवक किसी तरह बच निकले, वरना थोड़ी सी चूक उनकी जान ले सकती थी। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी बेहद समझदार और सामाजिक जानवर होते हैं। लेकिन जब वे असुरक्षित महसूस करते हैं या इंसानों की ओर से उकसाए जाते हैं तो आक्रामक हो जाते हैं। यही वजह है कि हाथियों के झुंड के करीब जाना बेहद खतरनाक होता है।

फिलहाल हाथियों के आवागमन वाले इलाकों में इंसानी गतिविधियों को सीमित किया जाना चाहिए। जंगलों के भीतर और हाथियों के पारंपरिक रास्तों पर सड़क निर्माण या खनन से बचना जरूरी है। साथ ही, गांव और कस्बों में हाथी आने पर स्थानीय लोगों को सतर्क रहना चाहिए और वन विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए। यह घटना एक बार फिर सबके लिए चेतावनी है कि जंगलों और जंगली जानवरों का सम्मान करना जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए, ताकि लोग हाथियों के करीब जाने से बचें। वहीं ग्रामीणों को भी चाहिए कि वे ऐसी घटनाओं को मनोरंजन की तरह न लें, बल्कि सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

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CG News : "स्व-सहायता समूहों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है"- रमेन डेका

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि इन समूहों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है।

वहीं उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं और यही समूह गांव की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर बदलने की ताकत रखते हैं। राज्यपाल ने कहा कि आज महिलाएं स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से अपने परिवार और समाज की दिशा बदल रही हैं।

दरअसल कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे व्यापार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्व-सहायता समूहों ने महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित की है। इससे महिलाएं समाज में अपनी पहचान बना रही हैं और अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने में सक्षम हो रही हैं।

फिलहाल राज्यपाल ने समूहों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार भी इनके साथ खड़ी है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है। उनका मानना है कि जब महिलाएं मजबूत होंगी, तो परिवार और समाज भी मजबूत होंगे।

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CG Big News : बस्तर में मूसलाधार बारिश ने मचाई है तबाही.! बह गई सड़क, कई घर डूबे..बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू करना भी हो रहा मुश्किल..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पिछले 18 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। बस्तर के कई नदी-नाले उफान पर हैं और अचानक आई बाढ़ ने लोगों की जिंदगी खतरे में डाल दी है।

वहीं, लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के मांदर गांव में बारिश के पानी ने विक्राल रूप ले लिया। बड़े बहार नाले का जल स्तर इतना बढ़ गया कि मांदर गांव के कई घर पानी में डूब गए। अचानक आई बाढ़ ने लोगों को घरों से निकलने का मौका भी नहीं दिया।

रेस्क्यू में आ रही दिक्कतें

ज्ञात हो कि, बाढ़ में लोगों के फंसे होने की जानकारी लगते ही मौके पर स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पहुंची। प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने भी मोर्चा संभाला, लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से SDRF की टीम को रेस्क्यू अभियान शुरू करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सांसद ने प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

वहीं, बस्तर सांसद महेश कश्यप भी बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि बस्तर में मूसलाधार बारिश और बाढ़ की स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी गई है। बाढ़ ग्रस्त गांवों में मदद पहुंचाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।

सड़क बह गई

इसी बीच

 दरअसल, जगदलपुर-तोखापाल ब्लॉक के रायकोट में भी तेज बारिश के कारण सड़क बह गई। राष्ट्रीय राजमार्ग से रैक लोडिंग प्वाइंट जाने वाले मार्ग में हादसा हुआ। भूस्खलन से बचाने के लिए बनाई गई रिटर्निंग वाल भी ध्वस्त हो गई।

हेल्पलाइन नंबर जारी

फिलहाल, बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने हेल्पलाइन नंबर दूरभाष नंबर : 07856-252412 जारी किया है।

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CG News : बड़ा हादसा टला.! मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस में लगी आग..बाल-बाल बची मरीज की जान..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बस्तर. डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में बड़ा हादसा होते-होते टल गया. लेबर पेन की मरीज को लेकर पहुंची 108 एंबुलेंस में अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई. आग लगते ही एंबुलेंस पायलट और सहयोगियों ने बिना समय गंवाए मरीज को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल में शिफ्ट किया. समय रहते की गई इस तत्परता से मरीज की जान बच गई.

दरअसल, आग की सूचना फायर ब्रिगेड को दोपहर 12:50 पर दी गई थी, लेकिन टीम लगभग एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंची. तब तक एंबुलेंस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी. हालांकि, मौके पर मौजूद दमकल उपकरणों से किसी तरह आग को काबू में किया गया. एंबुलेंस को टोटल लॉस घोषित किया गया है.

फिलहाल इधर, बस्तर में लगातार 12 घंटे से हो रही बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. सड़कों पर जलभराव से एंबुलेंस का आवागमन रोक दिया गया है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बल को शहर के अलग-अलग इलाकों में तैनात किया गया है. लोगों की सुरक्षा के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन नियंत्रित कर दिया गया है.

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Jashpur Crime : जशपुर के कुनकुरी में दिल दहला देने वाली वारदात.! कलयुगी बेटे ने कुल्हाड़ी से वार कर मां को उतारा मौत के घाट, फिर.. पुलिस ने किया गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

कुनकुरी/जशपुर नगर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मंगलवार की सुबह बेदरभद्रा बस्ती में एक युवक ने अपनी ही मां की कुल्हाड़ी से वारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को कई टुकड़ों में काट दिया और फिर पास में ही बैठकर गाना गाता रहा। वारदात की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी पर काबू पाया और उसे हिरासत में लिया।

जानकरी के मुताबिक, आरोपी युवक का नाम जीत राम यादव है, वहीं उसकी मां का नाम गुल बाई था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अपनी मां की हत्या के बाद जीत राम उसकी लाश के पास बैठा रहा और गाना गाने लगा। यह देख आसपास के लोग दहशत में आ गए और थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलने पर कुनकुरी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी हाथ में कुल्हाड़ी लेकर किसी को भी पास नहीं आने दे रहा था। वह जिस किसी को देखता, कुल्हाड़ी लहराने लगता, जिससे लोग पीछे हट जाते।

वहीं, पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जीत राम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार वालों ने बताया कि वह कुछ समय पहले केरल में काम करता था, तभी से उसकी मानसिक हालत बिगड़ने लगी थी। इसी वजह से घरवालों ने उसे दो दिन पहले ही कुनकुरी वापस बुला लिया था। घटना के समय घर में अन्य परिजन भी मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है – एसपी शशिमोहन सिंह

दरअसल,ज्ञजशपुर पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने घटना की पुष्टी करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर गई और बेहद विभत्स दृश्य देखा। आरोपी हत्या के बाद काफी आक्रामक हो गया था, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, क्योंकि हत्या के बाद भी वह गाना गा रहा था।

फिलहाल, एसपी ने बताया कि अभी आरोपी की मानसिक बीमारी, नशे की स्थिति और पारिवारिक विवाद इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर उससे पूछताछ और जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में अपराध दर्ज कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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CG News : हाईकोर्ट ने FIR निरस्त करने का दिया आदेश.! 3 साल बाद गरीब रिक्शा चालक को मिला है इंसाफ..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। सक्ति जिले के एक गरीब रिक्शा चालक जय प्रकाश रात्रे को लगभग तीन साल बाद आखिरकार हाईकोर्ट से इंसाफ मिला है। पुलिस ने उसे बेवजह आरोपी बनाकर न सिर्फ थाने में बिठाए रखा, बल्कि 17 हजार रुपये जबरन वसूल लिए। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने का आदेश दिया है।

क्या था मामला?

ज्ञात हो कि, जय प्रकाश रात्रे रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है, 2 नवंबर 2022 को वह अपने घर पर मौजूद था। तभी पुलिस कांस्टेबल किशोर साहू और सिविल ड्रेस में आए तीन अन्य पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और उसे थाने ले आए। थाने में उससे 17 हजार रुपये की मांग की गई। मजबूरी में उसकी पत्नी ने झोपड़ी की मरम्मत के लिए कर्ज लेकर रखे रुपये पुलिस को दिए, तब जाकर पति की रिहाई संभव हो सकी।

वहीं, आरोप है कि रिश्वत मिलने तक जय प्रकाश को थाने में बंधक बनाकर रखा गया। इसके बाद उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ए) के तहत झूठा प्रकरण दर्ज कर दिया गया।

हाईकोर्ट की टिप्पणी

हालांकि, करीब ढाई साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मामले में पुलिस आरोप-पत्र दाखिल नहीं कर सकी। इस पर जय प्रकाश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई। याचिका में यह भी मांग की गई कि कांस्टेबल किशोर साहू के खिलाफ आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए।

वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट में डीजीपी की ओर से हलफनामा प्रस्तुत करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को बांड भरने के बाद रिहा कर दिया गया था। हालांकि कोर्ट ने पाया कि इतने लंबे समय में आरोप-पत्र पेश न किया जाना गंभीर लापरवाही है और प्राथमिकी को देखते ही साफ है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई मामला बनता ही नहीं। इसलिए हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया।

पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

दरअसल, इस प्रकरण में पहले हाईकोर्ट ने क्रिमिनल रिट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मी को लाइन अटैच कर दिया गया। इसके बाद जब एफआईआर निरस्तीकरण की याचिका दाखिल हुई तो डीजीपी ने भी कठोर कदम उठाते हुए चार थानेदारों को निंदा की सजा दी और एक उपनिरीक्षक (एसआई) को निलंबित कर दिया।

पौने तीन साल तक संघर्ष के बाद इंसाफ

फिलहाल, करीब पौने तीन साल तक न्याय पाने के लिए जय प्रकाश रात्रे को अदालतों के चक्कर लगाने पड़े। गरीब परिवार पर अचानक आए इस संकट ने उसे आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया था, लेकिन अंततः हाईकोर्ट ने उसके साथ हुई नाइंसाफी को मान्यता देते हुए उसे राहत दी।

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Agniveer Recruitment 2025-26 : युवाओं के लिए सुनहरा अवसर..निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए 5 सितंबर तक करें पंजीयन

Agniveer Recruitment 2025-26 : कोरिया। भारतीय थल सेना में करियर बनाने का सपना देख रहे कोरिया जिले के युवाओं के लिए खुशखबरी है। अग्निवीर भर्ती 2025-26 के तहत चयनित उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता की तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बैकुंठपुर में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंजीयन की अंतिम तिथि 5 सितंबर 2025 तय की गई है।

निःशुल्क शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण

वहीं जिला रोजगार अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय रोजगार सेवा छत्तीसगढ़ एवं जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बैकुण्ठपुर द्वारा यह विशेष पहल की गई है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को 1.6 किलोमीटर दौड़, बीम पुल-अप, 9 फीट गड्ढा कूदना सहित अन्य शारीरिक दक्षता गतिविधियों का अभ्यास कराया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि कम्प्यूटर आधारित परीक्षा में सफल अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

पंजीयन की प्रक्रिया

दरअसल, जिले के इच्छुक अभ्यर्थी, जो कि कम्प्यूटर आधारित परीक्षा में सफल हुए हैं, वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यालयीन समय में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बैकुंठपुर (स्थान – कलेक्ट्रेट परिसर, जिला पंचायत के बगल) पहुंचकर पंजीयन करा सकते हैं।

अंतिम तिथि 5 सितंबर

फिलहाल, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंजीयन की अंतिम तिथि 5 सितंबर 2025 तय की गई है। समय पर पंजीयन कराने वाले अभ्यर्थियों को ही इस निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।

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Jashpur Breaking : जशपुर के बगीचा रौनी घाटी में भूस्खलन होने से सड़कों पर पड़ी दरारें..बड़े हादसे की संभावना..पढ़ें पूरी ख़बर

बगीचा/जशपुर नगर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली रौनी घाटी में भूस्खलन होने के कारण बगीचा-रौनी-जशपुर मुख्य मार्ग पर एक बार फिर संकट गहरा गया है। घाटी के बीचों बीच सड़क पर गहरी दरारें पड़ गई हैं, जिससे बड़े हादसे होने की संभावना जताई जा रही है, जिसके चलते दोनों ओर से आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

ज्ञात हो कि, पिछले 72 घंटों से जशपुर जिले में लगातार बारिश हो रही है। बारिश की गति भले धीमी रही हो। पर उसकी निरंतरता ने जमीन को कमजोर कर दिया है, जिससे भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर रौनी घाटी पर देखने को मिला है, जहां सड़क का एक हिस्सा दरक गया और गहरी दरारें उभर आईं।

वहीं, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ बृजेश गुप्ता ने बताया रौनी रोड पर करीब पांच साल पहले भी भूस्खलन हुआ था। अब फिर वैसी ही स्थिति बनी है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से मार्ग को दोनों ओर से पूरी तरह सील कर दिया गया है।

दरअसल, लोगों को लगभग 5 से 10 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।जो असुविधाजनक और जोखिमभरा है, जिससे स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, मरीज और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मार्ग की स्थायी मरम्मत और सुरक्षात्मक दीवार बनाई जाए ताकि हर साल यह संकट न दोहराया जाए।

फिलहाल, रौनी घाटी एक भू-संवेदनशील क्षेत्र के तहत आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां पर ठोस रिटेनिंग वॉल, जल निकासी व्यवस्था की व्यवस्था को नहीं अपनाया गया।तो, हर साल बारिश में यही स्थिति बनी रहेगी।

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