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बस्तर में शांति के बाद विकास का नया चरण : ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से चर्चा, बस्तर के समग्र विकास की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत

रायपुर 7 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  से भेंट कर बस्तर के समग्र, समावेशी एवं सतत विकास के लिए तैयार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संकल्प और मार्गदर्शन में 31 मार्च तक माओवाद के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि अब बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद राज्य सरकार का फोकस तेजी से विकास, रोजगार सृजन और जनजीवन को सशक्त बनाने पर है। इसके तहत बस्तर रोडमैप 2.0 में एग्रो एवं एग्रो-फॉरेस्ट सेक्टर, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, और पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

*‘नियद नेल्ला नार’ योजना की सफलता पर प्रधानमंत्री ने जताई प्रसन्नता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बस्तर में अब तक किए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज की रणनीति पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इससे गंभीर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत किए गए कार्यों का नेशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। सर्वे के अनुसार 93 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल उपलब्ध हैं, जहाँ 97 प्रतिशत बच्चों को मध्याह्न भोजन, गणवेश एवं पुस्तकें मिल रही हैं। 97 प्रतिशत गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जबकि अधिकांश गांव आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े हैं और 89 प्रतिशत ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। मार्च 2026 तक राशन कार्ड एवं आधार कार्ड का संतृप्तिकरण 95 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।

*कनेक्टिविटी, आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस*

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत ‘नियद नेल्ला नार योजना’ का विस्तार करते हुए अब इसमें 10 जिलों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें बस्तर के 7 जिलों के साथ गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई भी शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना प्रारंभ की गई है, जो वर्तमान में बस्तर के 38 मार्गों पर संचालित है। साथ ही, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से क्षेत्र में आत्मगौरव और नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

नक्सल-मुक्त पंचायतों में एल्वद योजना के तहत एक करोड़ रुपए तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

*शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई के क्षेत्र में तेजी से विस्तार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बताया कि दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में भी एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ हो चुका है तथा दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र भी अब सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज सहित 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिससे कृषि और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।

*आजीविका उन्नयन और आय वृद्धि पर केंद्रित रणनीति*

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है, जिसे अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति माह तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आत्मनिर्भर आजीविका क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और हितग्राहियों को एनआरएलएम, सहकारी समितियों, एफपीओ एवं वनधन केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

साथ ही, ‘बस्तर मुन्ने’ नामक संतृप्तता शिविर कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ और समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।

*प्रधानमंत्री को बस्तर आने का दिया न्यौता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर की जनता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी  से विशेष स्नेह रखती है और प्रधानमंत्री का भी इस क्षेत्र के प्रति गहरा लगाव है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए रेल एवं सिंचाई परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए समय देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से हुई यह भेंट अत्यंत उपयोगी रही और उनके मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भविष्य की संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है।

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प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बेल मेटल निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’  कलाकृति की भेंट

रायपुर 7 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की अद्वितीय कलाकृति भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ वह पावन धरा है, जहाँ भगवान श्रीराम का ननिहाल स्थित है और यह भूमि प्रभु श्रीराम से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भेंट की गई यह कलाकृति प्रदेश की आस्था, परंपरा और सृजनशीलता का सजीव प्रतिरूप है, जो जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकौशल को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं, जिससे आस्था और श्रद्धा को जन-जन तक जोड़ने का कार्य निरंतर हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार सेवा, संस्कार और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

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जोगीमारा में “हर घर जल” की सुविधा ने लोगों के जीवन को बना दिया आसान और सुरक्षित,56 क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के जरिए सभी घरों तक नियमित रूप से आपूर्ति हो रही पानी

जशपुरनगर 07 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जल जीवन मिशन के अतंर्गत् हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के प्रयास के तहत् और एक ग्राम नल कनेक्शन से लाभान्वित हुआ है। 
         
जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम जोगीमारा भौगोलिक रूप से नजदीक होने के बावजूद लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा। घने जंगलों और बीहड़ क्षेत्र में बसे इस गांव की एक विशेषता यह भी रही कि इसका आधा हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण वहां रहने वाले परिवारों को दैनिक जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, विशेषकर पेयजल की उपलब्धता को लेकर।
           जल जीवन मिशन के लागू होने से पहले ग्राम जोगीमारा के ग्रामीण पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर थे, जिनमें मुख्य रूप से नाला और कुआं शामिल थे। गांव का आधा हिस्सा पहाड़ों में बसे होने के कारण वहां के लोगों को पानी लाने के लिए ढलानों से नीचे उतरकर दूर स्थित जल स्रोतों तक जाना पड़ता था। यह कार्य अत्यंत कठिन,था विशेषकर महिलाओं के लिए।
              
इन परिस्थितियों ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर दोनों को प्रभावित किया। बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियां अधिक देखने को मिलती थीं और परिवारों को इलाज पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था। साथ ही, महिलाओं का अधिकांश समय पानी लाने में ही व्यतीत हो जाता था, जिससे वे अन्य कार्यों पर ध्यान नहीं दे पाती थीं।
             ऐसी स्थिति में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम जोगीमारा में संगठित जल आपूर्ति प्रणाली स्थापित की गई। 10 केएल क्षमता के एक उच्च स्तरीय जलागार (ओवरहेड टैंक) के माध्यम से पूरे ग्राम में जल वितरण की व्यवस्था की गई है तथा 56 क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के जरिए सभी घरों तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पाइपलाइन के माध्यम से गांव के प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे अब पहाड़ी क्षेत्र में बसे घरों तक भी आसानी से पानी पहुंच रहा है।
           वर्तमान में ग्राम के सभी घरों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन  के माध्यम से नियमित रूप से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे गांव में एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। अब महिलाओं को कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर पानी लाने नहीं जाना पड़ता, जिससे उनके समय और श्रम की काफी बचत हुई है। यह बदलाव उनके जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ उन्हें अन्य उपयोगी कार्यों के लिए समय भी प्रदान कर रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों मंय कमी आई है और ग्रामीणों का स्वास्थ्य पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। बच्चों के लिए भी यह परिवर्तन लाभकारी सिद्ध हुआ है। अब उन्हें पानी लाने में समय नहीं देना पड़ता, जिससे वे नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
          ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से योजना का संचालन एवं रखरखाव किया जा रहा है, जिससे जल आपूर्ति प्रणाली सुचारु रूप से चल रही है। सामुदायिक सहभागिता के कारण योजना के प्रति लोगों में जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना भी विकसित हुई है। आज ग्राम जोगीमारा के निवासी इस बदलाव से अत्यंत संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि अब “हर घर जल” की सुविधा ने उनके जीवन को आसान और सुरक्षित बना दिया है। ग्राम जोगीमारा की यह सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और जनसहभागिता सुनिश्चित हो, तो भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में भी विकास की नई दिशा स्थापित की जा सकती है। यह गांव आज एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है, जहां हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचकर जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाया गया है।

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प्रदेश में पीडीएस के तहत अप्रैल से राशनकार्डधारियों के लिए केरोसिन वितरण का बड़ा फैसला, सभी जिलों में कोटा तय,शहरी क्षेत्रों में 1 लीटर, ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लीटर तक  वितरण

रायपुर, 07 अप्रैल 2026/ प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस के तहत अप्रैल 2026 के लिए केरोसिन का आबंटन जारी कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने केंद्र सरकार से प्राप्त प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) के कोटे में से 528 किलोलीटर केरोसिन राशनकार्डधारियों के लिए आवंटित किया है। यह केरोसिन उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। खाद्य विभाग के अनुसार, अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के सभी राशनकार्डधारियों को इसका लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में प्रति राशनकार्ड अधिकतम 1 लीटर और ग्रामीण क्षेत्रों (अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित) में अधिकतम 2 लीटर केरोसिन दिया जाएगा।

राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि केरोसिन का समय-सीमा में उठाव और वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर हितग्राहियों को उनकी पात्रता की जानकारी देने को कहा गया है। जिन उचित मूल्य दुकानों में केरोसिन की मांग कम है, वहां शेष स्टॉक को जरूरत वाले दुकानों में पुनः आबंटित किया जाएगा। इससे किसी भी क्षेत्र में केरोसिन की कमी न हो और सभी पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा मिल सके। अप्रैल माह के लिए आवंटित केरोसिन का उठाव 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से करना होगा। वहीं, ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लैप्स कोटा की जानकारी 30 अप्रैल तक विभाग को उपलब्ध कराएं।

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले कोे सर्वाधिक 36 किलोलीटर, बस्तर, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, रायपुर और जशपुर जिले को 24-24 किलोलीटर तथा राज्य के अन्य शेष जिलों को 12-12 किलोलीटर केरोसिन आबंटित किया गया है।

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जब संत पहुंचे दोकड़ा धाम: श्री जगन्नाथ और महादेव मंदिर में उमड़ी भारी भीड़, जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से गूंजा क्षेत्र ,संत चिन्मयानंद बापू ने विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की,


जशपुरनगर/दोकड़ा। क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा एवं श्री फलेश्वर नाथ महादेव मंदिर बगिया में उस समय भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया, जब श्री राम कथा वाचक परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापू का आगमन हुआ। मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया और जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।संत चिन्मयानंद बापू ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान श्री जगन्नाथ जी एवं महादेव जी का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आशीर्वाद प्राप्त किया।इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी भगवान श्री जगन्नाथ जी के दर्शन कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की प्रार्थना की।कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। संत के आगमन से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

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बस्तर 2.0 का बिगुल: सीएम विष्णुदेव साय ने पीएम मोदी को दिया न्योता, सौंपा 360° विकास का मास्टरप्लान—नक्सलमुक्त बस्तर अब बनेगा टूरिज्म, स्टार्टअप और इंफ्रा का पावरहाउस

नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

 ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

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“सुशासन की नई उड़ान: जशपुर के युवाओं के लिए सुनहरा मौका—CMGGF के तहत IIM रायपुर में फ्री MBA, हर माह ₹50 हजार स्कॉलरशिप, भविष्य संवारने का अवसर

जशपुर 7 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में,भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर (IIM Raipur) के प्रतिनिधि श्री बिनॉय टी एवं श्री एस.एन. मंडल द्वारा जशपुर सहित छत्तीसगढ़ के उत्तरी जिलों का दौरा किया जा रहा है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप (CMGGF)” के अंतर्गत संचालित दो वर्षीय एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस का कोर्स कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है, जो कि IIM रायपुर एवं छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

इस दौरे के दौरान प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न इंजीनियरिंग महाविद्यालयों एवं स्नातक महाविद्यालयों का भ्रमण किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को कार्यक्रम की विशेषताओं, पात्रता, एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही, अधिक से अधिक युवाओं तक जानकारी पहुंचाने के लिए पंपलेट वितरण भी किया जाएगा।

उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों की संपूर्ण फीस छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन की जाएगी तथा प्रति माह ₹50,000 का आकर्षक स्कालरशिप भी प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों को IIM रायपुर में कक्षा शिक्षण के साथ-साथ राज्य शासन के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर भी प्राप्त होगा।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध है तथा इसमें राज्य शासन की आरक्षण नीति लागू होगी।

इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी एवं आवेदन हेतु IIM रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।
IIM रायपुर की टीम द्वारा जशपुर के सभी विकास खंडों के कालेज का भ्रमण करके विद्यार्थियों को कोर्स के संबंध में जानकारी दी जा रही है।

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कहर बनकर टूटा मौसम: जिले में आंधी-ओलों की तांडव लीला—झुका बीएसएनएल टावर, गिरी आसमानी बिजली; मिनटों में उजड़ी किसानों की मेहनत,ओलावृष्टि ने खेतों को बना दिया बर्बादी का मैदान

जशपुर/नारायणपुर , 07 अप्रैल। जिले में मंगलवार का दिन किसानों के लिए किसी काले दिन से कम नहीं रहा, जब अचानक बदले मौसम ने पूरे इलाके में तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। सुबह तक जहां मौसम सामान्य और हल्की गर्मी से भरा हुआ था, वहीं दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए, तेज गर्जना के साथ बिजली चमकने लगी और देखते ही देखते धूल भरी आंधी ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इसके कुछ ही पलों बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश और उसके साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने जशपुर जिले के कई गांवों में भारी तबाही मचा दी।

फरसाबहार, पंडरीपानी, लुड़ेग, पत्थलगांव, कछार, तमता, तिलडेगा सहित आसपास के कई दर्जन गांव इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर ओलों की इतनी अधिक बारिश हुई कि खेत, सड़कें और घरों के आंगन पूरी तरह सफेद चादर से ढक गए। ग्रामीणों ने बताया कि ओलों का आकार इतना बड़ा था कि कुछ ही मिनटों में खड़ी फसलों को पूरी तरह नुकसान पहुंच गया और खेतों में लगे पौधे जमीन पर बिछ गए।

इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में तैयार खड़ी साग-सब्जी और नगदी फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं। खासकर टमाटर, मक्का, आम, खरबूज और तरबूज जैसी फसलें, जो अब बाजार में बिकने के लिए तैयार थीं, ओलों की मार सहन नहीं कर सकीं और पूरी तरह नष्ट हो गईं। किसानों का कहना है कि यह समय उनकी सालभर की कमाई का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, लेकिन इस आपदा ने उनकी उम्मीदों को एक झटके में तोड़ दिया।

तेज आंधी ने भी हालात को और गंभीर बना दिया। कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर घरों और सड़कों पर गिर गए, जिससे न केवल संपत्ति का नुकसान हुआ बल्कि कुछ स्थानों पर आवागमन भी बाधित हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि टीन शेड और कमजोर मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

कछार निवासी प्रमोद यादव, तिलडेगा के विमलेश अंबष्ठ और मुड़ापारा के बृजमोहन चरमाको सहित कई किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर मेहनत से फसल तैयार की थी और अब फसल कटाई के ठीक पहले इस प्राकृतिक आपदा ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है कि अब उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में मदद मिल सके।

ग्रामीणों के अनुसार, ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे बची-खुची फसल भी खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं आम के बागानों में भी भारी नुकसान की खबर है, जहां पेड़ों से कच्चे आम बड़ी संख्या में गिर गए हैं।

यू आकार में झुका बीएसएनएल टावर
आंधी का वेग इतना तेज था कि पंडरीपानी क्षेत्र में बीएसएनएल का नेटवर्क टावर झुककर यू आकार की स्थिति में आ गया, जिससे संचार व्यवस्था प्रभावित हो गई।
बिजली गिरने से 3 मवेशियों की मौत
उपरघिन्चा गांव में आसमानी बिजली गिरने से 3 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ा।

        इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन भी हरकत में आया है। पत्थलगांव एसडीएम ऋतु राज सिंह बिसेन ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की टीमों को तत्काल प्रभावित गांवों में भेजा गया है। पटवारियों द्वारा फसलों के नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

हालांकि इस बारिश से भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों और ग्रामीणों के लिए यह राहत भारी नुकसान में बदल गई है। अब जिले भर के किसानों की नजर प्रशासनिक सर्वे और मुआवजा प्रक्रिया पर टिकी हुई है। अगर समय रहते उचित सहायता नहीं मिली, तो यह प्राकृतिक आपदा कई परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक संकट का कारण बन सकती है।

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आस्था पर ताला, वादों पर सवाल: कैलाश गुफा मंदिर अब भी बंद -आश्वासन दर आश्वासन भी टूटा, संत समाज और श्रद्धालु आक्रोशित—कलेक्टर तक पहुंची शिकायत, अब पदयात्रा से बड़े आंदोलन की तैयारी

जशपुर,07 अप्रैल। 

जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने के विरोध में श्रद्धालुओं और संत समाज के लोगों ने सोमवार को कलेक्टर को स्मरण पत्र (रिमाइंडर) सौंपकर मंदिर खुलवाने की मांग तेज कर दी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि कोरोना काल से बंद यह मंदिर आज तक नहीं खोला गया है, जिससे लोगों में आक्रोश और निराशा का माहौल बना हुआ है।
           स्मरण पत्र में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर, पूज्य गहिरा गुरु की प्रेरणा से भक्तों एवं संत समाज के सहयोग से निर्मित एक प्रमुख आस्था केंद्र है। इसके बावजूद समिति के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह द्वारा मंदिर को बंद रखा गया है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि 5 अक्टूबर 2025 को मंदिर खोलने के लिए ज्ञापन दिया गया था, जिस पर सनातन संत समाज के सचिव खिरेन्द्र सिंह द्वारा 45 दिनों के भीतर मंदिर खोलने का आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके तीन माह बीत जाने के बाद भी मंदिर नहीं खोला गया।
         इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में समिति अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह एवं प्रतिनिधि नन्दगोपाल यादव (पकरीटोली) द्वारा लिखित घोषणा करते हुए 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) तक मंदिर खोलने की जिम्मेदारी ली गई थी, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं किया गया।
स्मरण पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंदिर खोलने की मांग को लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस दौरान 81 वर्षीय बुजुर्ग सियाराम यादव के साथ अध्यक्ष के पुत्र राजू सिंह द्वारा 21 सितंबर 2025 को मारपीट की घटना हुई, जिससे समाज में भय और आक्रोश व्याप्त है।
उल्लेखनीय है कि श्रद्धालुओं की समस्या को देखते हुए कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा कैलाश गुफा पहुंचकर मंदिर खुलवाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन समिति अध्यक्ष द्वारा अब तक मंदिर का ताला नहीं खोला गया है।
        श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि मंदिर के संचालन के लिए आज तक कोई विधिवत समिति का गठन नहीं किया गया है। वहीं 5 फरवरी 2026 को संत समाज द्वारा इस मुद्दे को लेकर बड़ा जन आंदोलन भी किया जा चुका है, परंतु स्थिति यथावत बनी हुई है।
      कलेक्टर को दिए गए स्मरण पत्र में मांग की गई है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर मंदिर को शीघ्र खुलवाए और नई समिति का गठन कर व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता बनी रहे।
इस संबंध में श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, सांसद चिन्तामणी महाराज, जशपुर विधायक, कमिश्नर सरगुजा संभाग, कलेक्टर सरगुजा तथा पुलिस अधीक्षक जशपुर को भी प्रतिलिपि प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
          बहरहाल, मंदिर बंद होने के बावजूद श्रद्धालु बाहर से ही जल चढ़ाने को मजबूर हैं। श्रद्धालुओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मंदिर नहीं खोला गया तो पदयात्रा के माध्यम से आंदोलन को जिले से संभाग और प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।

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आस्था पर सीधा हमला या सुनियोजित साजिश? मंदिर में तोड़फोड़ से सुलगा जशपुर, हिंदू संगठनों का अल्टीमेटम—अब नहीं हुई कार्रवाई तो होगा उग्र आंदोलन

जशपुरनगर - जशपुर जिले के आस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत धरधरी गांव स्थित बम्हनी माता मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना ने पूरे इलाके की शांति और सामाजिक सौहार्द को झकझोर कर रख दिया है। अज्ञात तत्वों द्वारा मंदिर परिसर में घुसकर प्राचीन मूर्तियों को खंडित करना और धार्मिक प्रतीकों का अपमान करना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि लोगों की आस्था पर सीधा आघात भी है।

घटना के अनुसार, असामाजिक तत्वों ने मंदिर में स्थापित मूर्तियों को तोड़कर बिखेर दिया, वहीं माता रानी की चुनरी और ध्वज को आग के हवाले कर दिया। यह कृत्य सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी गई।

पुलिस द्वारा ग्रामीणों से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। डीएसपी के नेतृत्व में टीम, डॉग स्क्वायड के साथ घटनास्थल पर तैनात है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

इस गंभीर मामले को लेकर जशपुर विधायक रायमुनि भगत ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों की शीघ्र पहचान कर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इसे क्षेत्र की शांति भंग करने की साजिश बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं, एसएसपी लाल उमेद सिंह ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।

घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल सहित सर्व हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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कुनकुरी के सलियाटोली में भाजपा स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फहराया ध्वज, कार्यकर्ताओं को बताया पार्टी की असली ताकत


नारायणपुर/ 07 अफ़्रैल 2026 । भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर कुनकुरी ग्रामीण मंडल के सलियाटोली में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर पार्टी का ध्वजारोहण किया और उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा के मूल सिद्धांतों और संगठन की ताकत पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया तथा मिष्ठान वितरण कर स्थापना दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत पर चलने वाली पार्टी रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता निस्वार्थ सेवा, अटूट समर्पण और सुशासन के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने उन अनगिनत कार्यकर्ताओं को भी याद किया, जिनके त्याग और बलिदान ने दशकों में पार्टी को मजबूत आधार प्रदान किया।


इस कार्यक्रम को लेकर कुनकुरी ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित पार्टी है, जो आज जिस मुकाम पर पहुंची है, वह करोड़ों कार्यकर्ताओं की मेहनत और तपस्या का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गुमनाम कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से भाजपा आज वटवृक्ष बन चुकी है, जिसकी छांव देश के 140 करोड़ लोगों को मिल रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आगे बताया कि एक समय भाजपा की दो सीटों पर कांग्रेस उपहास करती थी, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस स्वार्थ की राजनीति करती है, जबकि भाजपा राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानती है और देश को मजबूत दिशा देने का कार्य कर रही है।

इस अवसर पर श्रीमती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव जी,पद्मश्री श्री जगेश्वर यादव जी, ग्रामीण मंडल के प्रभारी श्री उपेंद्र यादव जी, जिला मंत्री श्री संतोष सहाय जी ,जशपुर नगर पालिका के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव जी, पिछड़ा मोर्चा के जिला अध्यक्ष बडाइक अनूप नारायण जी जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह जी, श्रीमती मलिता बाई जी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय जी, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव जी , कुनकुरी ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष श्री उमेश यादव जी, महामंत्री शंकर यादव जी, महामंत्री शिव शंकर सिंह जी, पिछड़ा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष गौरव यादव जी, बीडीसी संतोष यादव जी ,बीडीसी श्रीमती भारती भगत जी, श्रीमती संतोषी बंदे जी, श्री प्रदीप यादव जी, श्री हेमंत यादव जी,टिकेश्वर यादव जी, वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री बंशीधर साहू जी, श्री मनबहाल राम जी, श्री संतु राम जी ,श्री शिवनाथ साय जी,श्री हिरानाथ चौहान जी, श्री भोकरो राम जी,श्री सुख चरण राम जी, श्री फिरन राम भगत जी श्री निराकार यादव जी,श्री बुधनाथ राम जी, श्री लालदेव राम जी, श्री गंगा राम जी,श्री सोनसाय राम जी, श्रीअमर राम जी,श्री रूधन राम जी, युवा मोर्चा के श्रीमयंक सहाय जी ,श्री अरुण मोहंती जी, श्री सुरजीत सिंह जी, श्री उतम विश्वकर्मा जी ,श्री प्रमोद यादव जी, श्री मयंक चौहान जी एवं ग्रामीण मंडल के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित थे‌। 

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अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी — आर.टी.ई. के तहत 25% सीटों पर प्रवेश अनिवार्य, उल्लंघन करने पर छिनेगी मान्यता; छत्तीसगढ़ सरकार दे रही अन्य राज्यों से बेहतर प्रतिपूर्ति



रायपुर, 06 अप्रैल 2026/ ​छत्तीसगढ़ में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009, अप्रैल 2010 से प्रभावी है। इसके अंतर्गत प्रदेश के गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर, दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर प्रवेश दिलाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

*​प्रतिपूर्ति राशि का पारदर्शी भुगतान*

           शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों को नर्सरी या कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। इसके बदले राज्य सरकार प्रति बच्चा व्यय के आधार पर स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान करती है। यह राशि सरकारी स्कूल में प्रति बच्चे पर होने वाले खर्च या निजी स्कूल की वास्तविक फीस (दोनों में से जो भी कम हो) के आधार पर निर्धारित की जाती है।

​*अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर प्रतिपूर्ति*

            छत्तीसगढ़ में शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि कई पड़ोसी राज्यों की तुलना में बेहतर या उनके समकक्ष है। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से ही कक्षा 1 से 5 तक 7000 रूपए और कक्षा 6 से 8 तक 11 हजार 400 रूपए वार्षिक प्रतिपूर्ति राशि निर्धारित है। तुलनात्मक रूप से देखें तो मध्य प्रदेश में 4,419 रूपए बिहार में 6,569 रूपए, झारखंड में 5,100 रूपए और उत्तर प्रदेश में 5,400 रूपए वार्षिक दिए जाते हैं। यद्यपि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, किंतु समग्र मूल्यांकन में छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि संतुलित और उचित है।

*​साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चे ले रहे लाभ*

            वर्तमान में राज्य के 6,862 निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. के माध्यम से लगभग 3,63,515 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस वर्ष भी कक्षा पहली की लगभग 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। चूंकि सभी निजी विद्यालयों को आर.टी.ई. अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही मान्यता दी गई है, अतः यह उनकी वैधानिक जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करें।

​*नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई*

           यदि कोई निजी विद्यालय आर.टी.ई. के तहत प्रवेश देने से इंकार करता है या प्रक्रिया में व्यवधान डालता है, तो राज्य शासन उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। इसमें विद्यालय की मान्यता समाप्त करने तक का प्रावधान शामिल है। शिक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस संबंध में फैलाई जा रही किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक तथ्यों पर ही विश्वास करें।

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जनदर्शनः कलेक्टर ने सुनी आमजन की समस्याएं, कई प्रकरणों का मौके पर समाधान

रायगढ़, 6 अप्रैल 2026/ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में शहर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनदर्शन में आमजन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जहां लोगों ने शासन-प्रशासन से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं रखीं। जनदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास, शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने, अनुकंपा नियुक्ति, महतारी वंदन योजना, आर्थिक सहायता, आधार सुविधा केंद्र, सौर विद्युतीकरण, पशुधन के लिए चारा, फौती नामांतरण, सीमांकन, पेंशन एवं भूमिहीनों के लिए आर्थिक सहायता जैसे विविध विषयों से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए।
           कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जनदर्शन में पहुंचे प्रत्येक आवेदक की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कई प्रकरणों में तत्काल पहल करते हुए मौके पर ही समाधान भी किया, जिससे आवेदकों को त्वरित राहत मिली। शेष प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को प्रेषित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। 
          जनदर्शन में नगर पालिक निगम रायगढ़ सहित बेहरापाली, विजयनगर, पुसौर, औरदा, कोतरा, सहसपुरी, खरसिया आदि क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याएं कलेक्टर के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने सभी आवेदकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का निराकरण नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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राजस्व पखवाड़ा में अब तक 500 से अधिक प्रकरणों का हुआ निराकरण,त्वरित समाधान से लोगों को मिल रही राहत

रायगढ़, 6 अप्रैल 2026/ जिले में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा के तहत ग्राम पंचायतवार तिथियां निर्धारित कर गांव-गांव में शिविरों का सुव्यवस्थित आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे आमजन को त्वरित राहत मिल रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार एवं निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिविरों को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं परिणाममुखी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
           अब तक जिले की सभी तहसीलों में 94 से अधिक शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे बड़ी संख्या में आवेदनों का मौके पर निराकरण सुनिश्चित हुआ है। राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत अब तक कुल 893 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 500 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। प्राप्त आवेदनों में नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, आरबीसी 6-4, आय-जाति-निवास, खसरा, नक्शा, अभिलेख शुद्धता, आधार एवं मोबाइल नंबर प्रविष्टि तथा महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवाईसी से जुड़े प्रकरण शामिल हैं।
           राजस्व पखवाड़ा अभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है-प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित होगा। अभियान के तहत विभिन्न राजस्व प्रकरणों का त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। शिविरों में आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन की ऑनलाइन प्रविष्टि लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से की जा रही है तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह अभियान आमजन को त्वरित राहत प्रदान करने के साथ ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बना रहा है।

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जिले के सभी ग्राम पंचायतों में 7 अप्रैल को मनाया जाएगा रोजगार एवं आवास दिवस,आवास, रोजगार, जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण पर रहेगा विशेष फोकस

रायगढ़, 6 अप्रैल 2026/ जिले में ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से 7 अप्रैल को सभी ग्राम पंचायतों में “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का व्यापक आयोजन किया जाएगा। शासन के दिशा-निर्देशानुसार इस दिन “चावल महोत्सव” के साथ इन कार्यक्रमों को जनभागीदारी के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं-प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
            जिला प्रशासन ने इस आयोजन को गांव-गांव तक प्रभावी बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, स्व-सहायता समूहों और आम ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस दिन ग्राम सभाओं का आयोजन कर योजनाओं की समीक्षा, प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और नए लक्ष्यों का निर्धारण किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
           आवास दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत सभी आवासों को अधिकतम 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पंचायत स्तर पर कार्ययोजना बनाकर ग्राम सभाओं में चर्चा की जाएगी। लाभार्थियों को उनकी किश्तों की जानकारी दी जाएगी, लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को पूरा किया जाएगा और प्राप्त शिकायतों का मौके पर निराकरण किया जाएगा। इससे न केवल आवास निर्माण में तेजी आएगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
           रोजगार दिवस के तहत मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा कर उन्हें शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, ग्रामीणों की मांग के अनुसार नए कार्यों को स्वीकृति देने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा। “मोर गाँव-मोर पानी” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया- आय के जरिया” पहल को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके तहत नए तालाबों के निर्माण के लिए स्थलों का चयन कर दो माह के भीतर कार्य पूर्ण करने की योजना बनाई गई है। यह पहल जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए आय के नए स्रोत भी विकसित करेगी। इसके अलावा, आजीविका डबरी निर्माण के माध्यम से ‘लाइवलीहुड लेयरिंग’ (आजीविका संवर्धन)को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो सके। महिला सशक्तिकरण की दिशा में स्व-सहायता समूहों की भूमिका को मजबूत किया जाएगा। नागरिक सूचना पटलों पर समूह से जुड़ी महिलाओं के नाम प्रदर्शित किए जाएंगे और उन्हें सामग्री आपूर्ति व अन्य आर्थिक गतिविधियों में प्राथमिकता दी जाएगी। तकनीकी नवाचार को भी इस आयोजन में विशेष स्थान दिया गया है। मनरेगा और आवास योजना से जुड़े कार्यों की जानकारी अब क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिन्हें स्कैन कर ग्रामीण सीधे योजना से संबंधित विवरण प्राप्त कर सकेंगे। अमृत सरोवरों और अन्य प्रमुख स्थलों पर इन क्यूआर कोड्स को स्थापित किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जागरूकता दोनों बढ़ेंगी।
           जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे 7 अप्रैल को अपने-अपने ग्राम पंचायतों में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। साथ ही, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाकर भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में योगदान दें। यह आयोजन न केवल योजनाओं की समीक्षा का अवसर होगा, बल्कि ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।

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कारखाना अधिनियम की धज्जियां उड़ाना पड़ा भारी — रायगढ़ में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले 5 उद्योगों पर श्रम न्यायालय की बड़ी कार्रवाई, लाखों का अर्थदंड ठोककर दिया सख्त संदेश

रायगढ़, 6 अप्रैल 2026/ जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सतत निरीक्षण एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर श्रम न्यायालय में प्रस्तुत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। 
            उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने बताया कि मार्च माह में श्रम न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों में पांच औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। न्यायालय द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर चूक मानते हुए आर्थिक दंड लगाया गया। न्यायालय के आदेशानुसार मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड पर 4 लाख 20 हजार रुपये, मेसर्स श्याम इस्पात (इंडिया) प्रा. लि. पर 50 हजार रुपये, मेसर्स मां काली एलॉयज उद्योग प्रा. लि. पर 25 हजार रुपये, मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्रा.लि. पर 5 लाख 90 हजार रुपये तथा मेसर्स श्री रूपणाधाम स्टील प्राइवेट लिमिटेड पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। 
          उप संचालक ने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल, श्रम कानूनों एवं कार्यस्थल सुरक्षा उपायों का गंभीरता से पालन करें। लापरवाही की स्थिति में भविष्य में और कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित एवं स्वस्थ कार्य वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमित निरीक्षण, जागरूकता गतिविधियों और सख्त कानूनी कार्रवाई के माध्यम से औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रमिक हितों की प्रभावी सुरक्षा हो सके।

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मालधक्का रोड पर सट्टा कारोबार पर पुलिस का शिकंजा — व्हाट्सएप के जरिए चल रहा था अवैध खेल, खरसिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई में आरोपी दबोचा गया

   *रायगढ़, 06 अप्रैल*। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ “ऑपरेशन अंकुश” के तहत जुआ-सट्टा पर भी प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में चौकी खरसिया पुलिस द्वारा सट्टा के खिलाफ सटीक कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

        कल चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि मालधक्का रोड खरसिया में एक व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना पर तत्काल रेड कार्रवाई करते हुए *आरोपी ताजी लाल पटेल (39 वर्ष), निवासी मौहापाली* को पकड़ लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने सट्टा लिखना स्वीकार किया। उसके कब्जे से *एक मोबाइल फोन (Vivo Y15s)* जब्त किया गया, जिसमें व्हाट्सएप के माध्यम से सट्टा संबंधी मैसेज का आदान-प्रदान किया जा रहा था। साथ ही आरोपी के पास से सट्टा की *नगदी रकम ₹10,500* भी बरामद कर गवाहों के समक्ष जप्त की गई। पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध चौकी खरसिया (थाना खरसिया) में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्रवाई की गई है।

                   इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक मनोज पटेल, आरक्षक किशोर राठौर, साविल चंद्रा और मुकेश यादव की सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —*

      “जिले में सट्टा, जुआ और अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सट्टा खाईवाल एवं सट्टा पट्टी लिखने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, किसी भी स्तर पर इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

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“ऑपरेशन आघात” का ताबड़तोड़ वार: रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 थाना क्षेत्रों में 70 लीटर अवैध शराब जब्त, 5 आरोपी धराए, 3 बाइक भी जब्त

      *रायगढ़, 06 अप्रैल* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के विरुद्ध व्यापक और लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले 48 घंटों के भीतर तमनार, छाल, पुसौर और जूटमिल थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए करीब *70 लीटर अवैध शराब जब्त कर आरोपियों से शराब परिवहन में प्रयुक्त 3 मोटर सायकलो* को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

???? *तमनार पुलिस की अलग-अलग दो कार्रवाई  40 लीटर महुआ शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार*

     थाना तमनार पुलिस ने ग्राम मिलूपारा चौक क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए आरोपी पवन कुमार कलंगा (31 वर्ष), निवासी लालपुर को पकड़कर उसके कब्जे से करीब 30 लीटर महुआ शराब जब्त की। वहीं ग्राम उरबा के प्रेमनगर में रेड कार्रवाई कर आरोपी सतीष कुमार चौहान (27 वर्ष) के कब्जे से लगभग 10 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व कार्रवाई में प्रधान आरक्षक मो. दिलदार कुरैशी, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत, पुष्पेन्द्र सिदार और रंजीत भगत शामिल थे ।

  ???? *छाल पुलिस की घेराबंदी में मोटर सायकल से शराब परिवहन करते आरोपी गिरफ्तार, 10 लीटर महुआ शराब और मोटर सायकल जब्त*

   इसी क्रम में छाल पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए ग्राम खेदापाली धुल चौक के पास मोटर सायकल स्प्लेण्डर प्लस क्रंमाक JH 01 D 8456 में अवैध शराब परिवहन कर रहे आरोपी शीतल कुमार राय पिता स्व0 नंद दुलार राय उम्र 45 वर्ष साकिन जाप-02 पुराना छतरा रोड साकेत नगर थाना टाटी सिलपाई जिला रांची (झारखण्ड) हा0मु0 आरकेएस कंपनी लात थाना छाल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 10 लीटर महुआ शराब एवं मोटर सायकल जब्त किया। निरीक्षक नसिर खान के नेतृत्व में कार्रवाई में प्रधान आरक्षक शंभु पाण्डेय, आरक्षक राजेश राठौर, उमेन्द्र उरांव, सतीश जगत, और प्रबंध राठिया शामिल थे ।

???? *पुसौर पुलिस की सटीक कार्रवाई — 60 नग देशी शराब के साथ दो आरोपी पकड़े, बाइक जब्त*

      थाना पुसौर पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों परमेश्वर साय (54 वर्ष) और बालकराम सारथी (66 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जो बिना नंबर प्लेटिना मोटर सायकल में 60 नग देशी मदिरा (करीब 10.8 लीटर) परिवहन कर रहे थे। आरोपियों से शराब एवं वाहन जब्त किया गया। कार्रवाई में थाना पुसौर के उप निरीक्षक कुंदन गौर, आरक्षक धर्नुजय चंद बेहरा और महेश चौहान शामिल थे ।

????*जूटमिल पुलिस की कार्रवाई — मोटर सायकल में शराब ले जा रहे आरोपी से  9 लीटर से अधिक शराब जब्त*

        वहीं थाना जूटमिल पुलिस ने कल मुखबीर सूचना पर टांसपोर्ट नगर मेन रोड में घेराबंदी कर आरोपी सूरजभानू यादव पिता बाबूलाल यादव उम्र 35 वर्ष निवासी बिरहाभाठा थाना चंद्रपुर जिला सक्ती  को बजाज सीटी 110 सीजी 14 एम एल 9659 में शराब परिवहन करते पकड़ा गया है । आरोपी के पास से दो थैले में 52 पाव अंग्रेजी और देशी प्लेन/मशाला शराब जप्त किया गया है । आरोपित से कुल 4960 रूपये की शराब और मोटर सायकल की जप्ती कर आबकारी एक्ट में जेल भेजा गया है । कार्रवाई में प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, आरक्षक परमानंद पटेल और सन्नी मालाकार शामिल थे ।

        सभी मामलों में आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्रवाई की गई है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

                   *“रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी”*

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