ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस की कार्रवाई,12 गौवंश मुक्त, एक तस्कर गिरफ्तार मनोरा क्षेत्र में पगडंडी रास्ते से झारखंड ले जाए जा रहे थे गौवंश, घेराबंदी कर आरोपी पकड़ा
ताजा खबरें


बड़ी खबर

ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस की कार्रवाई,12 गौवंश मुक्त, एक तस्कर गिरफ्तार मनोरा क्षेत्र में पगडंडी रास्ते से झारखंड ले जाए जा रहे थे गौवंश, घेराबंदी कर आरोपी पकड़ा

जशपुर, 22 अप्रैल 2026। जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस ने एक बार फिर सख्त और प्रभावी कार्रवाई करते हुए तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मनोरा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए 12 नग गौवंशों को क्रूरता से हांककर ले जा रहे एक तस्कर को धर दबोचा और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस की सख्ती का स्पष्ट संदेश भी सामने आया है।

मामले की जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5:30 बजे चौकी मनोरा पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बड़ा टेम्पु के लेटे झरिया नाला के पास पगडंडी रास्ते से एक व्यक्ति बड़ी संख्या में गौवंशों को तेजी से हांकते हुए झारखंड की ओर ले जा रहा है और रास्ते में उनके साथ बेरहमीपूर्वक मारपीट भी कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और बिना देर किए टीम मौके के लिए रवाना हो गई। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग लिया गया, जिससे पुलिस की घेराबंदी और अधिक मजबूत हो सकी।

लेटे झरिया नाला के पास पहुंचते ही पुलिस ने देखा कि एक संदिग्ध व्यक्ति 12 गौवंशों को तेजी से हांकते हुए ले जा रहा है और उन्हें डंडों से मारते-पीटते हुए आगे बढ़ा रहा है। हालात को भांपते हुए पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम दुर्योधन भगत (उम्र 40 वर्ष), निवासी ग्राम टेम्पु, चौकी मनोरा, जिला जशपुर बताया और गौवंशों को झारखंड ले जाने की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने जब उससे गौवंशों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने सभी 12 गौवंशों को उसके कब्जे से मुक्त कराकर सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया, जिसमें उनकी हालत थकी हुई और कुछ हद तक चोटिल पाई गई। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से इन बेजुबान पशुओं को बड़ी राहत मिली।

पूरे मामले में चौकी मनोरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के साथ-साथ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर 21 अप्रैल 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी मनोरा दिनेश पुरैना के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक वितीन कुमार भगत, आरक्षक शैलेन्द्र तोमर और रवि पैंकरा की अहम भूमिका रही, जिनकी सक्रियता और टीमवर्क के चलते यह कार्रवाई सफल हो सकी। पुलिस की इस तत्परता की स्थानीय स्तर पर सराहना भी हो रही है।

जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले को लेकर स्पष्ट रूप से कहा है कि जिले में गौ तस्करी के खिलाफ पुलिस पूरी तरह से सजग और सक्रिय है। उन्होंने बताया कि मनोरा क्षेत्र में 12 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि गौ तस्करी जैसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave Your Comment

Click to reload image