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जशपुर में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा: डीआईजी की सख्त बैठक के बाद एक्शन मोड में पुलिस, NDPS से लेकर ट्रैफिक उल्लंघन तक हर मोर्चे पर कड़ी कार्रवाई के संकेत-तीन सवारी बाइक सवारों और मालवाहक में सवारी ढोने वालों पर कसेगा शिकंजा

जशपुर 11 अफ़्रैल 2026 :  जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और लंबित मामलों के तेजी से निराकरण के उद्देश्य से आज पुलिस कार्यालय जशपुर में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने एक अहम अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, लोक अभियोजन अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी सहित विभिन्न शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे। डीआईजी ने अनुविभागवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग एवं शिकायतों की बारीकी से समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण किया जाए तथा पुराने मामलों को अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

बैठक में एनडीपीएस एक्ट के मामलों को लेकर विशेष रूप से गंभीरता दिखाई गई। जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विपिन शर्मा ने “चेन ऑफ कस्टडी” की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए बताया कि मादक पदार्थ की जब्ती से लेकर न्यायालय में पेशी तक हर कदम पर विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैंपलिंग, तौल, सीलिंग, लेबलिंग, पंचनामा और मालखाना प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर आरोपी को न्यायालय से लाभ दिला सकती है। विवेचना अधिकारियों को यह भी बताया गया कि स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति, दस्तावेजों में त्रुटियां, समय-स्थान का उल्लेख न होना और एफएसएल रिपोर्ट में देरी जैसी कमियां अक्सर केस को कमजोर बना देती हैं, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता और तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत करना अनिवार्य है।

डीआईजी एवं एसएसपी ने जिले में गौ-तस्करी, गांजा तस्करी, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशीली दवाओं के कारोबार पर पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों, अंतरराज्यीय मार्गों और प्रमुख चेक-पोस्ट पर सघन चेकिंग और नाकाबंदी कर अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही मुखबिर तंत्र को और अधिक सक्रिय करने, विश्वसनीय नेटवर्क बढ़ाने और सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। नशे में वाहन चलाने, ओवर स्पीड, बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी चालानी कार्रवाई बढ़ाने को कहा गया है। मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने वालों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

डीआईजी ने साफ तौर पर कहा कि कोई भी फरियादी थाना या चौकी से निराश होकर वापस न लौटे। सभी शिकायतों पर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई हो तथा आम जनता के साथ शालीन और सौहार्दपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने थाना प्रभारियों को पैदल मार्च, कॉम्बिंग गश्त और क्षेत्र में विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन में सुरक्षा का माहौल मजबूत होना चाहिए। साथ ही निगरानी बदमाशों पर सतत नजर रखने और उनकी नियमित चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि विवेचना कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए और लंबित पीएम तथा एफएसएल रिपोर्ट को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जाए। स्पष्ट संकेत दिए गए कि अब जशपुर पुलिस अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रही है।

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अटल वयो अभ्युदय योजना बनी वरदान: जिले के 12 बुजुर्गों की आंखों में लौटी रोशनी, AIIMS रायपुर में सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन से खिला चेहरा

जशपुरनगर 11 अप्रैल 2026/ संचालक समाज कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार भारत सरकार की महत्वपूर्ण एवं महत्त्वकांक्षी अटल वयो अभ्युदय योजना अंतर्गत जिले से फरसाबहार, बगीचा जनपद क्षेत्र एवं जनक वृद्धआश्रम जशपुर से कुल 54 वरिष्ठ नागरिकों का चयन मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु किया गया था। जिसमें से 06 वरिष्ठ नागरिकों का 22 मार्च को रायपुर स्थित AIIMS में सफलता पूर्वक मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। इसी प्रकार 01 वरिष्ठ नागरिकों को चश्मा प्रदाय किया गया और 01 वरिष्ठ नागरिक का बी०पी० एवं शुगर होने के कारण से ऑपरेशन नहीं किया गया। 
             
इसी कड़ी में बगीचा जनपद अंतर्गत 25 मार्च 2026 को 13 हितग्राहियों को जन प्रतिनिधियों द्वारा फूल माला एवं शाल से स्वागत कर मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु एआईआईएमएस रायपुर रवाना किया गया। जिसमें से देवरी बाई 72 वर्ष, राजपति 65 वर्ष, मालती देवी 66 वर्ष मुनेश्वरी 66 वर्ष लक्ष्मनिया बाई 71 वर्ष खुदुराम 65 वर्ष पेटरा 71 वर्ष कुवर 66 वर्ष का सफलता पूर्वक ऑपरेशन किया गया एवं कौशल्या बाई 71 वर्ष, कपूर राम 74 वर्ष एवं चरण राम 65 वर्ष को बी०पी० एवं शुगर होने के करण ऑपरेशन नहीं किया गया।
          इस प्रकार अटल वयो अभ्युदय योजना अंतर्गत एआईआईएमएस रायपुर में कुल 19 वरिष्ठ नागरिको में 12 वरिष्ठ नागरिकों का मोतियाबिंद का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हुआ एवं 02 को चश्मा दिया गया। वर्तमान में इन सभी का जिला अस्पताल जशपुर में फॉलो अप करवाया गया।

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प्रकृति में जनजातीयों की अटूट आस्था, देवी-देवताओं के वास से जल जंगल का हो रहा संरक्षण व संवर्धन : मंत्री श्री रामविचार नेताम

रायपुर, 11अप्रैल 2026/ आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है। 

मंत्री श्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी। 

मंत्री श्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी ।

श्री नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है ।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं।

मनरेगा आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण जनजातीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से वंचित समुदायों को जल प्रबंधन में जोड़ने पर बल दिया। रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने रेखांकित किया कि जल संरक्षण कोई ’रॉकेट साइंस’ नहीं है, बल्कि यह सदियों के अनुभव से उपजा सामुदायिक ज्ञान है।

संवाद सम्मेलन में यह बात उभर कर आई कि कॉमन्स केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आधार हैं। इस अवसर पर श्री सोनमणि बोरा ने जनजातीय लोक गीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के दस्तावेजीकरण और कॉपीराइट संरक्षण के लिए एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना साझा की। सम्मेलन में नेल्सन मंडेला पुरस्कार विजेता श्री शेर सिंह आंचला, पद्म श्री श्री पांडी राम मंडावी, पद्मश्री श्री जगेेश्वर यादव और गौर मारिया कलाकार सुश्री लक्ष्मी सोरी, इंदु नेताम ने भी अपने अनुभव साझा किए और संसाधनों के संरक्षण की अपील की। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में अपर संचालक श्री संजय गौड़, टीआरटीआई की संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम की विशेष योगदान रही। यह कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग, टीआरटीआई और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी द्वारा प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स पहल के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें यूएनडीपीए आईआईटी-भिलाई, बीआरएलएफ, एक्सिस बैंक फाउंडेशन और अन्य प्रमुख संस्थान सहयोगी रहे।

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सुबह से भटकते रहे मरीज के परिजन, नहीं मिला समाधान बल्कि मिली डांट-फटकार — वायरल वीडियो ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल,सिविल सर्जन ने ऑपरेटर जीवनदीप कर्मी श्रीमती मोती चौहान को कारण बताओ नोटिस जारी  कर 5 दिन में मांगा जवाब

जशपुर 11 अप्रैल 2026/ सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने श्रीमति मोती चौहान (ऑपरेटर जीवनदीपकर्मी) जिला चिकित्सालय जशपुर को मरीज के परिजनो के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने के संबंध मे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए 5 दिन का दिया समय।

सिविल सर्जन ने नोटिस में उल्लेख किया है कि सोशल मिडिया फेसबुक में प्रकाशित/अपलोड विडियो वायरल के को संज्ञान में लेते हुए दिनांक 08.04.2026 को सोशल मिडिया में प्रसारित विडियो में यह ज्ञात हो रहा है, कि मरीज के परिजन के साथ आयुष्मान कार्ड को चालू करने के संबंध में आपके द्वारा मरीज के परिजन के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। विडियो मे यह परिलक्षित हो रहा है कि मरीज सुबह से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन अरोगय योजना का लाभ लेने के लिए आयुष्मान कांऊटर में बार-बार अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहा है, किन्तु आपके द्वारा किसी प्रकार की समस्या होने का शांतिपूर्वक निदान न बताया जाकर संबधित से अभद्रतापूर्ण चिलाकर बात किया जा रहा है जो कि पूर्णतः करना छ०ग० सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत है। चूंकि आप एक शासकीय कार्यालय में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रहे है, कदाचित यह व्यवहार मान्य नहीं है। 

अतः इस संबंध में अपना लिखित स्पष्टीकरण 05 दिवस में मेरे समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें।

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पाकरगांव में भीषण अग्निकांड —बेहरा टेंट हाउस का विशाल गोदाम बना आग का गोला, लाखों रुपये का सामान पलभर में जलकर राख, इलाके में मचा हड़कंप

जशपुर/पत्थलगांव। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के पाकरगांव में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब बेहरा टेंट हाउस के गोदाम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर रखा टेंट, पर्दे, कुर्सियां, सजावटी सामग्री सहित लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था, जिससे पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोदाम के पीछे कचरा जलाया जा रहा था और उसी दौरान उठी चिंगारी ने पास स्थित गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। टेंट हाउस में रखी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लेने में जुट गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए घंटों बाद आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक गोदाम में रखा लगभग सारा सामान जलकर राख हो चुका था, जिससे संचालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

टेंट हाउस संचालक नित्या बेहरा ने बताया कि कचरा जलाने के दौरान उठी चिंगारी से यह हादसा हुआ, जिससे उनका लाखों का नुकसान हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। तहसीलदार प्रांजल मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और आगजनी का मामला दर्ज कर लिया गया है।

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सारूडीह में क्रिकेट का शानदार आगाज़—कौशल्या साय की गरिमामयी मौजूदगी में रात्रिकालीन टूर्नामेंट का शुभारंभ, उद्घाटन मैच में नागरिक इलेवन ने प्रशासन इलेवन को 4 रन से हराया

जशपुरनगर, 10 अप्रैल 2026।
सारूडीह चाय बागान रोड का मैदान गुरुवार की रात खेल, उत्साह और जनसैलाब का गवाह बना, जब स्वर्गीय विकास शर्मा की स्मृति में आयोजित जिला स्तरीय रात्रिकालीन नॉकआउट क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।

रात करीब 8:30 बजे उनके मैदान पहुंचते ही आयोजन समिति ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान हुई भव्य आतिशबाजी ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। चारों ओर तालियों और जयघोष के बीच उनके करकमलों से प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया गया।

आखिरी ओवर तक सांसें थामे रहा उद्घाटन मुकाबला

शुभारंभ के बाद खेला गया उद्घाटन मैच प्रशासन इलेवन और नागरिक इलेवन के बीच जबरदस्त रोमांच लेकर आया। 10-10 ओवर के इस मुकाबले में दोनों टीमों ने दमदार प्रदर्शन किया।

प्रशासन इलेवन की कप्तानी आईएएस अधिकारी अंकित फटकरे ने की, जिनके साथ हरिओम दुबे, विश्वास राव मस्के, समीर बड़ा जैसे अधिकारी मैदान में उतरे।
वहीं नागरिक इलेवन की कमान विजय आदित्य सिंह जूदेव के हाथों में रही, जिनकी टीम में अरविंद भगत, राजा सोनी, राहुल गुप्ता सहित कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे।

नागरिक इलेवन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 82 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। जवाब में प्रशासन इलेवन ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन टीम 77 रन तक ही पहुंच सकी। इस तरह नागरिक इलेवन ने 4 रन से शानदार जीत दर्ज कर दर्शकों का दिल जीत लिया। हर चौके-छक्के पर गूंजती तालियों ने मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया।

आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा मैदान खचाखच भरा रहा। जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में फ्रेंड्स क्लब, जशपुर की टीम की भूमिका सराहनीय रही। अध्यक्ष विनय भगत, उपाध्यक्ष रूपेश नायक, कोषाध्यक्ष संदीप भगत, सचिव प्रिंस भगत, उपसचिव विशाल शर्मा सहित सभी पदाधिकारियों ने समर्पण के साथ कार्य किया।

साथ ही मृत्युंजय पाठक, अतुल मूंदड़ा, सम्यक जैन, संदीप सिन्हा, प्रहलाद भगत, संजय खूंटे, ज्ञान भगत, मुनेश्वर सिंह, पप्पू शर्मा, गगन यादव, गौरव भगत, सागर नायक, शत्रुघ्न बघेल, प्रतीक तिग्गा, रवि एक्का, रोहित साहू, नितेश भगत, हर्ष, शिवानंद, अंशुल भगत, अभिमन्यु पाण्डेय, रुद्र, शिवम, विवेक नायक, आदित्य टोप्पो, अमन भगत, विजय पैंकरा, राजा गुप्ता, रोहित भगत, नवीन सहित सभी का योगदान उल्लेखनीय रहा।विशेष रूप से वैभव सिन्हा (डाबू) की सक्रियता और समर्पण इस आयोजन की सफलता की मजबूत कड़ी साबित हुई।

      यह आयोजन खेल के साथ-साथ सामाजिक एकता, युवा जोश और उत्सव की भावना का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया, जहां क्रिकेट के बहाने पूरा क्षेत्र एक मंच पर नजर आया।

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स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला — वाइस चांसलर मीट-2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा विजन, स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक-पारंपरिक चिकित्सा के संगम से बदलेगा प्रदेश का भविष्य

*स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला - स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री श्रीविष्णुदेव साय*

*आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के संगम से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य मॉडल: मुख्यमंत्री श्री साय*

*मेडिसिटी हब और नए मेडिकल कॉलेज से बदलेगा प्रदेश का स्वास्थ्य परिदृश्य*

*सुकमा में “मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना” का होगा शुभारम्भ*

रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने श्री हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन - सेवा और समर्पण का प्रेरक दस्तावेज है यह कृति: मुख्यमंत्री

रायपुर 10 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए श्री जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

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कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई—खाद, बीज और दवा दुकानों पर छापा-जांच, अनियमितता पर 10 दुकानों को थमाया नोटिस

*जशपुरनगर 10 अप्रैल 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार किसानों को सही समय पर सही दर पर खाद एवं बीज उपलब्ध हो इस हेतु कृषि विभाग के उप संचालक सहित समस्त मैदानी अमले द्वारा निजी क्षेत्र के खाद, बीज एवं दवा दुकानों का सतत् रूप से निरीक्षण किया जा रहा है।
         खरीफ विपणन वर्ष 01 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। अब तक खरीफ उर्वरक का लक्ष्य 26675 मे.टन के विरूद्ध में जिले में अबतक 11306 मे.टन का उर्वरक भण्डारण कर 149 मे. टन खाद का वितरण किया जा चुका है। 
           इस तारतम्य में उप संचालक कृषि द्वारा जिले के कुल 10 दुकानों का स्वयं के द्वारा निरीक्षण किया गया एवं कमी यथा उर्वरक दर का डिस्पले नहीं होना, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं किया जाना, किसानों को खाद विक्रय करने का रजिस्टर संधारण नहीं किया जाना, किसानों को खाद विक्रय की रसीद नहीं दिया जाना आदि अनियमितता पाये जाने पर 10 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें में. अन्नपूर्णा खाद भण्डारण पत्थलगांव, श्री राम सेल्स पत्थलगांव, ओमप्रकाश अवग्रवाल बगीचा, संजय अग्रवाल, बगीचा, नीशांत ट्रेड्स कांसाबेल, विनायक एग्रो कोतबा, न्यू आदेर्श कृषि केन्द्र, कोतबा, बालाजी खाद भण्डार पत्थलगांव, राहुल कृषि केन्द्र सन्ना एवं जैन कृषि केन्द्र सन्ना शामिल हैं। 
             जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को शासकीय दर पर एवं बोई जाने वाली फसल के रकबे के अनुसार ही उर्वरक का विक्रय करने के लिए निर्देशित किया गया है। यदि किसी दुकानदार के द्वारा उक्त निर्देश का पालन नहीं करने पर उर्वरक अधिनियम के तहत् वैधानिक कार्यवाही यथा लाईसेंस निरस्तीकरण, एफ.आई. आर की कार्यवाही की जावेगी। साथ ही किसान भाई जब भी आपके द्वारा निजी दुकान से उर्वरक एवं अन्य आदान सामग्री क्रय की जाती है, तो शासकीय दर पर ही खरीदी कर रसीद लेने की अपील की जाती है। जिले में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरक की कालाबाजारी, गैर कृषि उपयोग, जमाखोरी, अधिक कीमत पर विक्रय एवं अमानक उर्वरकों के विक्रय जैसे अवैध कार्यवाही रोकने के लिए जिले के सभी निजी एवं शासकीय 187 दुकानों को कृषि विभाग के मैदानी अमलों को नामजद डयटी लगाई गई है।

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स्थापना दिवस के अवसर पर नारायणपुर में भाजपा का आयोजन, जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी, बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल


नारायणपुर 10 अफ़्रैल 2026 : भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस (6 से 12 अप्रैल) के पावन अवसर पर चल रहे ‘गांव चलो–बस्ती चलो’ अभियान के अंतर्गत ग्राम नारायणपुर में एक भव्य, गरिमामयी एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी एवं भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत कुनकुरी के उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष श्रीमती संतोषी बंदे जी, वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री जटाराम प्रजापति जी, श्री राजेंद्र यादव जी, श्री खीरी यादव जी, श्री भउवा राम जी, श्री कलेश्वर चौहान जी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का श्रीफल एवं अंगवस्त्र से सम्मान कर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की। साथ ही समाज के प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कर योजनाओं से वंचित लोगों तक लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
अभियान के तहत गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया तथा घर-घर भाजपा का ध्वज लगाकर संगठन के प्रति जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों में अपार उत्साह देखने को मिला। “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद” के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। सभी ने संगठन के साथ मिलकर विकास और सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस सफल आयोजन में श्री भुनेश्वर यादव जी, श्री मुकेश प्रजापति जी, श्री वीरेश सनमानी जी, श्री गोपाल प्रसाद यादव जी, भाजयुमो मंडल मंत्री श्री अरुण कुमार मोहंती जी, श्री जनक राम जी सहित क्षेत्र के अनेक कार्यकर्ता, मातृशक्ति एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
 
इस कार्यक्रम के ग्राम प्रभारी भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल मंत्री श्री अरुण मोहंती जी रहे, जिनके नेतृत्व में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
       ग्राम नारायणपुर में आयोजित यह कार्यक्रम संगठन की मजबूती का प्रतीक होने के साथ-साथ “विकास और विश्वास” की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना।

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कुनकुरी में दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर — एक ही शिविर में बना प्रमाण-पत्र, मिला यूडीआईडी कार्ड, सहायक उपकरण और योजनाओं का लाभ; 75 दिव्यांगजनों ने उठाया लाभ


 
जशपुरनगर 10 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विगत दिवस 08 अप्रैल को दिव्यांगजन प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाया गया। इसके अलावा पेंशन योजनाओं सहायक उपकरण, दिव्यांग ऋण इत्यादि हेतु आवेदन भी लिया गया। 
        
      शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष  और उपाध्यक्ष उपस्थित रहे। शिविर में  दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण सुगम्य केन श्री चन्द्रशेखर खत्री 60 वर्ष ग्राम नारायणपुर निवासी दृष्टि वाधित 100 प्रतिशत प्रदान किया गया एवं 10 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड का भी वितरण किया गया। इसके साथ ही 5 दिव्यांगजन ने दिव्यांग पेंशन की जानकारी व दिव्यांग ऋण की जानकारी प्राप्त की। उक्त शिविर में 75 दिव्यांगजन उपस्थित हुए।

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दातुन लेने गए थे… मौत घर तक नहीं लौटने दी”: कुनकुरी के जंगल में हाथी का कहर, 83 साल के बुजुर्ग को पटक-पटककर मार डाला, गांव में दहशत और सन्नाटा 

नारायणपुर 10 अफ़्रैल 2026 । सुबह की साधारण दिनचर्या कब आखिरी सफर बन जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। नारायणपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर कुसुमडार गांव में कल गुरुवार की सुबह उस वक्त मातम में बदल गई, जब दातुन तोड़ने जंगल गए 83 वर्षीय बुजुर्ग बुधनाथ राम चौहान को जंगली हाथी ने बेरहमी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुनकुरी रेंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिलासपुर कुसुमडार निवासी बुधनाथ राम चौहान (83 वर्ष) कल गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे अपने घर से दातुन तोड़ने के लिए निकले थे। वे बेलजोरा नाला पार कर महज 800 मीटर दूर स्थित गिद्दाबहार जंगल पहुंचे थे, जहां पहले से ही दो जंगली हाथी विचरण कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि जैसे ही बुजुर्ग दातुन तोड़ने में व्यस्त थे, अचानक उनका सामना हाथियों से हो गया। हाथियों को सामने देख जान बचाकर भागने का प्रयास करने लगा,लेकिन उम्रदराज होने के कारण बुधनाथ राम चौहान तेज़ी से भाग नहीं सके।

इसी बीच एक हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से जकड़ लिया और जोर से पटक दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ओर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कुनकुरी अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया गया।

वन विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी बनाए हुए है।

इलाके में अब भी मंडरा रहा खतरा

जिस स्थान पर यह दर्दनाक हादसा हुआ है, वहां अब भी दो जंगली हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। इसे देखते हुए वन विभाग ने गांव में मुनादी कर लोगों को उस क्षेत्र में जाने से सख्ती से मना किया है।ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल की ओर अकेले न जाएं, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जंगली जानवर की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

 कल सुबह 10 बजे की घटना है समीप के नाला में  नहाने गया  उससे पहले दातुन के लिए नाला किनारे जंगल मे गया था जंहा उसका सामना हाथी से हो गया ओर हाथी ने सूंड़ से पटक कर जान ले लिया, शव को पीएम कराकर परिवार को सुपुर्द कर दिया गया है। विभाग की ओर से तत्काल सहायता राशि 25 हजार दे दी गई है।

                                          सुरेन्द्र होता 

                             वन परिक्षेत्राधिकारी -कुनकुरी 

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हरिनाम संकीर्तन से पावन हुआ बगीचा — 72 घंटे के अखण्ड भक्ति महायज्ञ में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था, कौशल्या साय ने की पूजा-अर्चना और मांगी क्षेत्र की सुख-समृद्धि

जशपुरनगर 10 अफ़्रैल 2026 : महाकुल यादव समाज सेवा समिति बगीचा के तत्वावधान में आयोजित श्री हरि अखण्ड संकीर्तन चौबीस प्रहरी (72 घंटे) का भव्य आयोजन इन दिनों पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना रहा है। 7 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह धार्मिक आयोजन 11 अप्रैल शनिवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा।

इस दौरान बगीचा पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आ रहा है। आयोजन स्थल पर सुबह से लेकर देर रात तक हरि नाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि गूंज रही है, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है।

गुरुवार की संध्या आयोजित अष्ट प्रहरी महायज्ञ में प्रदेश के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में आध्यात्मिक चेतना और एकता का प्रतीक बताया।

इस भव्य आयोजन में जिलेभर से आई विभिन्न कीर्तन मंडलियां लगातार अपनी प्रस्तुति दे रही हैं। हरे कृष्ण, हरे राम के संकीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा हुआ है। श्रद्धालु घंटों बैठकर भजन-कीर्तन का आनंद ले रहे हैं और भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं।

आयोजन में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर उमड़ी भारी भीड़ इस धार्मिक कार्यक्रम की लोकप्रियता और भव्यता को दर्शा रही है।

पूरे क्षेत्र में गूंज रहे हरिनाम संकीर्तन ने बगीचा को मानो एक आध्यात्मिक धाम में परिवर्तित कर दिया है। हर ओर भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि 11 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ इस अखण्ड संकीर्तन का समापन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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खेल समाचार : जीत मिली, लेकिन भारी पड़ा जश्न —स्लो ओवर रेट ने बिगाड़ा कप्तान शुभम गिल का खेल — 210 रन की धमाकेदार जीत के बाद भी लगा 12 लाख का तगड़ा जुर्माना

नईदिल्ली, 10 अपै्रल। इंडियन प्रीमियर 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज करना गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल पर भारी पड़ गया. मैच के बाद उनपर स्लो ओव रेट की वजह से 12 लाख का जुर्माना ठोक दिया गया.
आईपीएल ने एक बयान जारी करके कहा, गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल पर जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि उनकी टीम ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ टाटा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 14वें मैच के दौरान धीमी ओवर-रेट बनाए रखी.
बयान में आगे कहा गया, चूंकि आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह इस सीजन में उनकी टीम का पहला अपराध था. जिसकी वजह से गिल पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
इससे पहले, पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर पर आईपीएल 2026 में धीमी ओवर-रेट के लिए दो बार जुर्माना लगाया जा चुका है. पहले 12 लाख और दूसरी बार 24 लाख का जुर्माना लगा.
   गुजरात ने दिल्ली के सामने जीत के लिए 210 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था. जिसमें गिल, जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर की तिकड़ी ने अर्धशतक लगा. जावब में दिल्ली की टीम 209 रन ही बना सकी. जिसमें केएल राहुल 92 रन बनाकर गलत समय पर आउट हो गए, जबकि मिलर 40 रन बनाकर नाबाद रहे.
   दिल्ली मैच जीतने के बहुत करीब था. उनको आखिरी दो गेंदों पर दो रनों की जरूरत थी, लेकिन आखिरी गेंद पर कुलदीप यादव के रन-आउट होने से मुकाबला गुजरात टाइटन्स के पक्ष में चला गया.गेंदबाजी में, राशिद खान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में केवल 17 रन खर्च करके 3 अहम विकेट लिए. जिसमें समीर रिजवी का भी विकेट शामिल है.
इस शानदार प्रदर्शन की वजह से राशिद खान को प्लेयर ऑफ दि मैच का अवॉर्ड दिया गया. इस जीत के साथ गुजरात ने अंक तालिका में अपना खाता खोला और वो अब तीन मैच के बाद छठे नंबर पर पहुंच गए हैं(RNS)

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निजी स्कूलों की फीस, दबाव और अनियमितताओं पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी — अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी, हर शिकायत पर होगी सख्त जांच और कार्रवाई: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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बंदूक छोड़ थामा मतदाता परिचय पत्र,अब पुनर्वासित युवा चुनेंगे अपना जनप्रतिनिधि,पुनर्वास केंद्र के 116 आत्मसमर्पित युवाओं का बना मतदाता कार्ड

 रायपुर 09 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों का मतदाता परिचय पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनाकर उन्हें मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।

जिला शासन के इस सकारात्मक कदम से अब ये पुनर्वासित युवा अपने मताधिकार का प्रयोग कर पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य,  विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को और मजबूत करते हुए अब वे भविष्य में स्वयं भी चुनाव लड़ने के पात्र बन गए हैं। यह बदलाव उनके जीवन में सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास की नई शुरुआत माना जा रहा है।

*सरकार की नीति से बदली जिंदगी*
जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का लाभ आत्मसमर्पित युवाओं को लगातार दिया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों के राशन कार्ड, जॉब कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड पंजीयन के साथ-साथ पीएम आवास योजना सर्वे भी पूरा कराया गया है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो गया है।

*कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम*
पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण में 48 हितग्राही, सिलाई मशीन प्रशिक्षण में 5 हितग्राही, कृषि उद्यमी एवं राजमिस्त्री प्रशिक्षण में 265 हितग्राही, वाहन चालक प्रशिक्षण में 14 हितग्राही और मुर्गी पालन प्रशिक्षण में 25 हितग्राही कुल मिलाकर 317 पुनर्वासित युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को पहचान और अधिकार दिला रही है, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर भी कर रही है।

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आजीविका मिशन से रमशीला कश्यप को मिला आत्मनिर्भरता का संबल,किराना दुकान से लगभग 25 हजार रुपये की कर रहीं हैं आय अर्जित

रायपुर, 09 अप्रैल 2026।
एक समय माओवाद से प्रभावित रहा कोंडागांव जिले का दूरस्थ ग्राम कुधुर आज विकास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। शासन की योजनाओं की पहुँच ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है, और इसी परिवर्तन की मिसाल हैं ग्राम की निवासी श्रीमती रमशीला कश्यप। किराना दुकान संचालन से प्रति माह लगभग 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहीं हैं l 

         राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर रमशीला कश्यप ने अपने जीवन को नई दिशा दी। वर्ष 2018 में उन्होंने ‘जय मां दंतेश्वरी’ स्व-सहायता समूह की सदस्य बनकर आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत की। उस समय गांव में केवल एक किराना दुकान था, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर मर्दापाल जाना पड़ता था।
ग्रामीणों की इस समस्या को समझते हुए रमशीला कश्यप ने गांव में ही किराना दुकान खोलने का साहसिक निर्णय लिया। स्व-सहायता समूह से प्राप्त 50 हजार रुपये की सहायता से उन्होंने अपनी दुकान की शुरुआत की। समय के साथ उन्होंने दुकान में जरूरत के अनुसार सामग्री बढ़ाई और अपने व्यवसाय को मजबूत किया।

     आज रमशीला की यह छोटी-सी पहल पूरे गांव के लिए बड़ी सुविधा बन चुकी है। जहां एक ओर ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर रमशीला कश्यप के परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में वे प्रति माह लगभग 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
पहले केवल खेती पर निर्भर रहने वाला उनका परिवार अब अतिरिक्त आय के स्रोत से सशक्त हो गया है। 

        रमशीला कश्यप की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। आज वे अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। रमशीला कश्यप ने शासकीय योजनाओं से मिली सहायता के लिए शासन प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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राज्य के सिंचाई जलाशयों में अभी 67 प्रतिशत से अधिक जल भराव,पिछले दो सालों की तुलना में जल उपलब्धता की स्थिति काफी बेहतर

रायपुर, 09 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य के 12 वृहद एवं 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में इस वर्ष जल भराव की स्थिति काफी बेहतर है। वर्तमान में राज्य के कुल 46 प्रमुख सिंचाई जलाशयों में औसत रूप से 67.43 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 मेें इसी अवधि में औसत रूप से 45.23 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 के 42 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। यह स्थिति राज्य में बेहतर वर्षा, सुनियोजित जल प्रबंधन तथा जलाशयों के प्रभावी संचालन का परिणाम है।

राज्य के 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 68.19 प्रतिशत जल भराव है, जबकि वर्ष 2025 में यह 45.84 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 में 38.62 प्रतिशत था। प्रमुख वृहद जलाशयों में शामिल मनियारी जलाशय में 90.41 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली में 86.85 प्रतिशत, खारंग में 84.99 प्रतिशत, दुधावा में 84.54 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 76.72 प्रतिशत, सोंढूर में 70.65 प्रतिशत एवं तांदुला में 66.19 प्रतिशत में जल उपलब्ध है। वहीं मिनीमाता बांगो जलाशय में 63.86 प्रतिशत तथा केलो में अभी 51.83 प्रतिशत जल भराव है। कोडार जलाशय में अपेक्षाकृत कम 35.45 प्रतिशत जल उपलब्ध है। 

इसी प्रकार राज्य की 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 63.38 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 के 44.62 प्रतिशत एवं वर्ष 2024 के 45.38 प्रतिशत से अधिक है। मध्यम जलाशयों में छिरपानी जलाशय मेें 92.23 प्रतिशत, खपरी में 92.98 प्रतिशत, पिपरिया नाला में 89.69 प्रतिशत, गोंडली में 85.53 प्रतिशत, सुतियापाट में 79.82 प्रतिशत, सारोदा में 77.57 प्रतिशत एवं कोसारटेडा में 77.46 प्रतिशत जल भराव अपने उच्च स्तर पर हैं। 

प्रदेश में उपलब्ध जल का उपयोग किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से नियंत्रित एवं चरणबद्ध रूप से जल छोड़ा जा रहा है। रविशंकर सागर (गंगरेल) परियोजना से नहरों के माध्यम से धमतरी एवं रायपुर क्षेत्रों में निस्तारी एवं सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा रहा है। दुधावा जलाशय से मुख्य नहरों के जरिए पानी दिया जा रहा है। सोंढूर परियोजना से नहर प्रणाली के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है। कोडार जलाशय से लगभग 6.84 क्यूमेक्स (घन मीटर प्रति सेकण्ड) जल नहरों के माध्यम से छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त परालकोट परियोजना से दाएं एवं बाएं तट नहरों के जरिए जल वितरण किया जा रहा है।

मध्यम परियोजनाओं में भी खरखरा, गोंडली, पिपरिया, सारोदा, जुमका, केदार नाला एवं अन्य जलाशयों से आवश्यकता अनुसार नहरों एवं स्लुइस गेट के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है, जिससे रबी फसलों की अंतिम सिंचाई एवं ग्रीष्मकालीन फसलों एवं निस्तारी के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल का सदुपयोग तथा सभी सिंचित क्षेत्रों को आवश्यकतानुसार पानी मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जलाशयों में बेहतर जल भराव समन्वित प्रयासों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों की आय में सुधार हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जलाशयों के जल स्तर की सतत निगरानी करते हुए जल का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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