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मुख्यमंत्री गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी पर नगर कीर्तन यात्रा में हुए शामिल

रायपुर, 21 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यह हमारा सौभाग्य है कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर आयोजित कीर्तन यात्रा का दर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की अगुवाई कर रहे पंच प्यारों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को पवित्र सिरोपा और कृपाण भेंट की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य और गर्व का विषय है। आज हम नगर कीर्तन यात्रा के दर्शन कर रहे हैं, जो गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर असम के गुरुद्वारा धुबरी साहिब से प्रारंभ होकर देश के अनेक स्थानों से होते हुए छत्तीसगढ़ पहुँची है। लगभग 10 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर यह नगर कीर्तन यहां पहुँचा है। हमारे प्रदेशवासियों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण और पुण्य अवसर है कि हमें इस यात्रा का स्वागत करने और इसमें भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी की शहादत के बारे में हम सभी भलीभांति जानते हैं। वे मुगलों के सामने कभी नहीं झुके और अपने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। आज भी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब गुरु तेगबहादुर जी की शहादत का अमर प्रतीक है। हम गुरु तेगबहादुर जी को नमन करते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की शहादत भी अद्वितीय है। साहिबजादों ने मुगलों के सामने झुकने के बजाय धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने साहिबजादों की इस वीरता को नमन करते हुए हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वीर बाल दिवस को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, पूर्व विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री बलदेव सिंह भाटिया, श्री गुरचरण होरा, गुरुद्वारा कमेटियों के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में सिख धर्म के अनुयायी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स पर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर, 20 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन रंजीत कश्यप सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्र शहीद जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का यह त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के मार्ग पर और अधिक दृढ़ संकल्पित करता है।

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प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त प्रधानपाठकों तथा व्याख्याताओं को काल्पनिक पदोन्नति आदेश जारी किया जाये-फेडरेशन

 जशपुर 20 सितम्बर 2025 : 
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी को  प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त प्रधानपाठकों तथा व्याख्याताओं को काल्पनिक पदोन्नति देने ई-मेल किया है। 
प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता एवं महामंत्री संजीव शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ राजपत्र 5 मार्च 2019 द्वारा एजुकेशन एवं ट्राइबल के शिक्षक संवर्गों के लिये समेकित भर्ती-पदोन्नति नियम बनाया गया था। प्राचार्य पद पर पदोन्नति हेतु मार्च/अप्रैल 2025 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में पात्र व्याख्याताओं एवं प्रधानपाठकों के पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक (डी.पी.सी) हुआ था। लेकिन विभागीय प्रक्रिया में व्यवधान के फलस्वरूप 30/4/25 को टी-संवर्ग में 1335 तथा ई-संवर्ग में 1478 प्राचार्य पदोन्नति आदेश जारी हुआ था। लेकिन टी-संवर्ग अंतर्गत जारी पदस्थापना आदेश दिनाँक 29/8/25 को जारी हुआ था। जिसमें 30/4/25 से 31/7/25 तक टी-संवर्ग के सेवानिवृत्त व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों के नाम पदस्थापना आदेश से हटा दिया गया था। जबकि विभाग के द्वारा टी संवर्ग में प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों को प्राचार्य पद पर काल्पनिक पदोन्नति *कार्य नहीं वेतन नहीं* के सिद्धांत के आधार पर काल्पनिक पदोन्नति आदेश जारी करना था।जोकि ई-संवर्ग में प्राचार्य पदोन्नति आदेश तिथि एवं पदस्थापना आदेश तिथि तक में भी लागू होगा।  
         उन्होंने बताया कि मंत्रालय स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश  6/10/18 के द्वारा 171 व्याख्याताओं/प्रधानपाठकों (माध्यमिक शाला स्नातकोत्तर) को 15600-39100 ग्रेड पे 5400 (वेतन मैट्रिक लेवल-12) में काल्पनिक पदोन्नति *कार्य नहीं वेतन नहीं* के सिद्धांत पर किया गया था। नोशनल पे फिक्सेशन होने से संबंधितों को पेंशन एवं ग्रेच्यूटी में आर्थिक लाभ मिला था। प्राचार्य पद का वास्तविक लाभ भले ही नहीं मिला हो लेकिन सेवानिवृत्त प्राचार्य का पदनाम मिला था।
      फेडरेशन ने सेवानिवृत्ति के कारण प्राचार्य पदोन्नति से  वंचित हुए पात्र व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों को *कार्य नहीं वेतन नहीं* सिद्धांत के अंतर्गत *काल्पनिक पदोन्नति* देने का माँग शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से किया है।

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सीएम के प्रयासों से जशपुर बन रहा खेलों का नया केंद्र,बगीचा में आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण प्रारंभ

जशपुरनगर, 20 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में खेल प्रतिभाओं को पहचान और बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार दूरदर्शी सोच के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी अपनी चमक बिखेरें और देश व राज्य का नाम गौरवान्वित करें। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर ही खेल मैदानों और आवश्यक अधोसंरचनाओं के निर्माण की लगातार स्वीकृति दी जा रही है। साथ ही निर्माण भी कार्य सतत्  रूप से जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय के कार्यकाल में 2.83 करोड़ लागत के बगीचा में स्वीकृत हुए आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इस स्टेडियम में वुडन फ़्लोरिंग युक्त दो बैडमिंटन कोर्ट होंगे। साथ ही खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी विकसित की जाएँगी। क्षेत्रवासियों और खिलाड़ियों ने इस पहल पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब उन्हें बड़े शहरों जैसी खेल सुविधाएँ अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी, जिससे  बेहतर खिलाड़ी उभर के सामने आएंगे।

 खेल ग्राउंड सहित जरूरी अधोसरंचना निर्माण की निरंतर मिल रही हैं स्वीकृतियाँ

 आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले के खिलाड़ियों ने अपने मेहनत और प्रतिभा से तीरंदाजी,ताईक्वांडों तैराकी, एथेलेटिक्स और हॉकी में शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी  प्रतिभा की चमक बिखेरी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले को खेल की दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने दृढ़संकल्पित है। उनके प्रयासस्वरूप सन्ना में आधुनिक सुविधाओं से लैस तीरंदाजी अकादमी और कुनकुरी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति प्रदान की गई है। रणजीता स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाने की घोषणा।  जिला मुख्यालय जशपुर में एस्ट्रो टर्फ हाकी मैदान के पास बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही मयाली‌ में एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालित है। जशपुर के घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है।  इसके अलावा नगरीय क्षेत्र से लेकर गांव तक के स्टेडियम व मैदानों की जीर्णोद्धार की निरंतर स्वीकृति दी जा रही है। 

खिलाड़ियों, नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराना शामिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए और अधिक तैयार हो पाएंगे। यह पहल जिले में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

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अघोरपीठ गम्हरिया एवं जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में श्री सर्वेश्वरी समूह का 65 वां स्थापना दिवस कल....निकलेगी प्रभात फेरी

जशपुर 20 सितम्बर 2025 : श्री सर्वेश्वरी समूह का 65 वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास  के साथ 21 सितंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा इस अवसर पर सुबह 5:00 बजे अघोर पीठ गम्हरिया आश्रम से प्रभात फेरी निकाली जाएगी जो सती चौरा में पूजा अर्चना के पश्चात सोगड़ा आश्रम पहुंचेगी जहाँ ध्वजों तोलण   एवं पूजा पाठ के पश्चात अघोर पीठ आश्रम गम्हरिया में प्रभात फेरी सम्पन्न होगी।वहां ध्वजों तोलण, सफल योनी का पाठ ,लघु गोष्ठी एवं प्रसाद वितरण के पश्चात दोपहर में जशपुर के विभिन्न मंदिरों मस्जिद और गिरिजा घरों में झाड़ू वितरण एवं जशपुर के विभिन्न चिकित्सालयो में पौष्टिक आहार का वितरण किया जाएगा।

नारायणपुर में सर्वेश्वरी समूह का 65वां स्थापना दिवस कल 21 सितम्बर को

नारायणपुर : सर्वेश्वरी समूह का 65वां स्थापना दिवस पूरे जिले के साथ जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर चिटकवाइन में भी 21 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 5:30 बजे आश्रम परिसर से प्रभात फेरी के साथ होगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों का परिभ्रमण कर पुनः आश्रम लौटेगी। सुबह नौ बजे ध्वजारोहण, पूजन और सफल योनि का पाठ होगा। इसके बाद 11 बजे आश्रम परिसर में श्री सर्वेश्वरी समूह का हमारे व्यक्तित्व पर प्रभाव विषय पर गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें वक्ता अपने विचार साझा करेंगे।

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21 साल से जारी परंपरा, हर साल बदलती पंडाल की सजावट, 22 सितम्बर से शुरू होगी नवरात्रि......इस वर्ष नारायणपुर में देखें मन्दिर का भव्य नजारा

नारायणपुर 20 सितम्बर 2025 : प्रतिवर्ष की तरह इस साल भी नारायणपुर में दुर्गा पूजा पंडाल बनाने और प्रतिमाएं स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष 22 सितंबर से नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने जा रहा है। नवरात्रि का यह पावन पर्व इस बार नौ दिनों का होगा, जिसके कारण इसे विशेष माना जा रहा है। 22 सितम्बर दिन सोमवार  सोमवार को अभिजीत मुहूर्त में पुरोहितों के मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा, कलश स्थापना के बाद आदि शक्ति मां जगदम्बा का पूजन अर्चन शुरू होगा।

नारायणपुर में दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समिति सहित गांवों के लोग पंडाल सजाने के लिए साफ सफाई में जुट गए हैं। पांडाल तैयार होने पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।दुर्गा पूजा के दौरान 9 दिनों तक पूरे गांव में भक्तिमय माहौल रहता है। सुबह-शाम मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती और भजन होते हैं। इस दौरान बाल कलाकारों द्वारा बीच बीच मे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किया जाता हैं।

    यंहा पिछले 21 वर्षों से दुर्गा पूजा का पंडाल सजाया जा रहा है। यह आयोजन ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न होता है। कार्यक्रम के अंत में मां दुर्गा का भंडारा होता है। क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।भक्त गण बताते हैं कि यहां केवल पूजा ही नहीं, बल्कि कला, आस्था और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

रावण निर्माण की तैयारी में जुटा पूजा समिति :

नारायणपुर के कन्या शाला मैदान पर रावण दहन कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता हैं।पूजा समिति सदस्यों के द्वारा रावण दहन की तैयारी को लेकर सभी प्रकार के निर्णय हो चुके हैं। 2 अक्टूबर को भव्य विसर्जन यात्रा के साथ शानदार आतिश बाजी  के साथ रावण दहन का कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया।सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे। जिससे कि रावण दहन कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की कोई दुर्घटना न हो। लोग सुरक्षित और निर्भय होकर रावण दहन कार्यक्रम देख सके। रावण दहन का उद्देश्य है कि शक्तिशाली राजा भी अगर असत्य और बुराई के मार्ग पर चलना शुरू कर दे तो उसका अंत निश्चित है। रावण दहन की शुरूआत  झांकी निकाल कर भगवान श्री राम का  अग्नि वाण रावण के ऊपर चलाया जाता है। इसके साथ ही प्रतिमा धू-धू कर जलने लगती है। चारो और जय श्री राम के नारे लगना शुरू हो जाता है।

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जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रीनू ठाकुर के निधन पर मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया

रायपुर, 20 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रीनू ठाकुर के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमती रीनू ठाकुर अपनी कर्त्तव्यपरायणता, सरल एवं सौम्य व्यक्तित्व तथा मधुर व्यवहार के कारण विभागीय परिवार में विशिष्ट स्थान रखने वाली अधिकारी रहीं। उन्होंने विभागीय दायित्वों का निर्वहन सदैव पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ किया और अपने कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करते हुए शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दे।

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जिले को मिली एक और बड़ी सौगात, सीसीरिंगा से महलंग सहसपुर सड़क की निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के पहल से मिली 6 करोड़ 91 लाख रुपए की मंजूरी, 


जशपुरनगर 20 सितम्बर 2025 : जिले के सड़कों की तस्वीर तेजी से बदल रही है, प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और निरंतर प्रयासों से जिले के विकास कार्यों में लगातार नई कड़ियाँ जुड़ रही हैं।ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत संरचना से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है।इस बार जिले के लिए जिस कार्य को मंजूरी मिली है, वह है सीसरिंगा से महलंग होते हुए सहसपुर मार्ग 6.5 किलोमीटर का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 6 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।लंबे समय से क्षेत्रवासियों की यह मांग पूरी होने जा रही है।इस सड़क निर्माण से न केवल ग्रामीणों को आवागमन में सुगमता मिलेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। किसानों को अपनी फसलों और उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी।साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में भी तेज़ और सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सौगात मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि इस सौगात से गांव-गांव में विकास की गति और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

राहगीरों को मिलेगी कीचड़ और धूल से निजात

लंबे समय से राहगीरों और ग्रामीणों की समस्या अब खत्म होने जा रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और धूल भरी गर्मी के मौसम में उठने वाली परेशानी से अब लोगों को निजात मिलेगी। क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति और तेजी से हो रहे विकास कार्यों से लोगों को बेहतर सुविधा मिलने वाली है।
ग्रामीणों ने बताया कि अब तक बरसात के समय कच्ची सड़कों पर चलना बेहद कठिन हो जाता था। कीचड़ और गड्ढों की वजह से न केवल राहगीरों को दिक्कत होती थी बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और किसानों को भी आवागमन में भारी दिक्कत झेलनी पड़ती थी।सड़क निर्माण हो जाने से क्षेत्र वासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा होगी।

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मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात.....प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर संघ ने आभार जताते हुए वापस ली प्रदेशव्यापी हड़ताल

रायपुर, 20 सितम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कल से प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा।

उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ से डॉ अमित मिरी, डॉ रविशंकर दीक्षित, श्री पूरन दास, श्री कौशलेश तिवारी, श्री हेमंत सिन्हा, श्री दिनेश चंद्र, श्री संतोष चंदेल, श्री प्रफुल्ल पाल, डॉ देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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ग्रामीणों की इस मांग पूरा होने पर पूरा गांव में मनाया जमकर जश्न, बाजे - गाजे के साथ किनको जताया आभार......जानने पढ़ें पूरी खबर

जशपुरनगर 19 सितम्बर 2025 : जिले के फरसाबहार क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने धौरासांड से दाईजबहार मार्ग पर ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 18 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

ग्रामीणों ने खुशी में बजाए बाजे-गाजे

ईब नदी पर पुल निर्माण की स्वीकृति की खबर मिलते ही ग्रामीणों में हर्ष और उल्लास का माहौल बन गया। जगह-जगह बाजे-गाजे के साथ जश्न मनाया गया। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए और युवाओं ने नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी कर दी है।इस मौके पर बाबी यादव,चंपावती सिंह,शिवपूजन साय,नितेश यादव,शरीफ साय, समल साय,देवकरण नायक, डीसी साय,देवानंद साय, उजीत साय सहित बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मिलेगा आवागमन का बेहतर विकल्प

क्षेत्र के डीडीसी वेदप्रकाश भगत ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए बताया कि इस पुल के निर्माण के बाद दाईजबहार, बरकशपाली, साजबहार, बामहनमारा, तपकरा सहित धौरासांड, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा और तुबा जैसे गांवों की दूरी कम हो जाएगी। अब लोगों को लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

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प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प को पूरा करने राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है काम

रायपुर, 19 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।

विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।

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श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर, 19 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित शांता राम सर्राफ जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने शांता राम सर्राफ जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख को  सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री दयालदास बघेल, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री गजेन्द्र यादव, श्री टंकराम वर्मा, श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े सहित अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में ग्राम नारायणपुर के धान मन्डी केंद्र में किया गया पौध-रोपण

नारायणपुर :19 सितम्बर 2025 : प्रदेश में चलाए जा रहे पौध-रोपण कार्यक्रम “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति ने स्कूली बच्चों संग धान मंडी परिसर में पौध-रोपण किया।
    सरकार द्वारा चलित अभियान ‘एक-पेड़-माँ-के -नाम’ अभियान के तहत आज आदिम जाति सेवा समिति के सभी स्टाफ ओर स्कूली बच्चों के साथ मिलकर मंडी केंद्र पर पौधारोपण व वृक्षाएपन किया गया। सभी सदस्यों ने मंडी परिसर को हरित बनाने व आस पास हरियाली लाने को अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए पौधारोपण व वृक्षारोपण किया। समिति की वरिष्ठ कर्मचारी, सदस्य व समूह  ने भी अभियान में भाग लेकर वृक्षारोपण किया और पर्यावरण को हरित व प्रदूषण रहित रखने का संदेश दिया। प्रम्बधक सुरेश त्रिपाठी विकास जैन(विक्की)दिलीप ताम्रकार,सन्तु राम ने सभी को एक एक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया।

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राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे ग्रीन कॉरिडोर:एक पेड़ माँ के नाम सड़कों के किनारे और डिवाइडर्स पर पौधरोपण...तरक्की की राह के साथ साथ हरियाली की छांव भी – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर. 19 सितम्बर 2025. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जहां एक ओर देश में सड़कों का जाल बिछा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजमार्गों के किनारों और डिवाइडर्स पर पौधे लगाकर ग्रीन कॉरिडोर भी तैयार कर रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के तहत इस साल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर दो लाख 71 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के साथ-साथ प्राधिकरण उन्हें 'ग्रीन कॉरिडोर' में भी बदल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान छत्तीसगढ़ में हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दो लाख 71 हजार से अधिक पौधे रोपित होना इस बात का प्रमाण है कि सड़क निर्माण केवल विकास की आधारशिला नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु और हरित जीवन का भी संकल्प है। राष्ट्रीय राजमार्ग से छत्तीसगढ़ में नागरिकों को तरक्की की राह के साथ ही हरियाली की छांव भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर का यह प्रयास छत्तीसगढ़ को न केवल यातायात सुविधा में बल्कि पर्यावरणीय संतुलन में भी देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।

उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' अभियान के अंतर्गत इस साल निर्धारित लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण किया है। रायपुर-विशाखापट्टनम (NH-130CD) परियोजना में सर्वाधिक 97 हजार 145 पौधे लगाए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र सीमा-दुर्ग-रायपुर-ओडिशा सीमा (NH-53) पर 46 हजार 141 पौधे, चांपा-कोरबा-कटघोरा (NH-149B) मार्ग पर 23 हजार 020 पौधे, बिलासपुर-कटघोरा (NH-130) मार्ग पर 16 हजार 847 पौधे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव (NH-130A) मार्ग पर 14 हजार 400 पौधे तथा सिमगा-रायपुर-धमतरी (NH-30) परियोजना में 5406 पौधे रोपे गए हैं। 

राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवाइडर्स पर मीडियन प्लांटेशन के रूप में पौधे लगाए गए हैं, जबकि किनारों पर एवेन्यू प्लांटेशन के रूप में पौधरोपण किया गया है। इनमें काफी संख्या में बड़े फलदार और छायादार वृक्ष भी शामिल हैं। नए इलाकों में पौधरोपण के साथ ही पिछले वर्षों में क्षतिग्रस्त हुए पौधों को बदलने के लिए 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन भी किया गया है। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक (15 सितम्बर 2025 तक) कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी (Regional Officer) श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ सिर्फ एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक निवेश है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़कों का निर्माण करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और सुन्दर पर्यावरण का भी निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों में इस साल दो लाख दो हजार 959 नए पौधे लगाए गए हैं, जबकि 68 हजार 297 जगहों पर रिप्लांटेशन किया गया है। इस तरह छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस साल (2025-26 में) अब तक कुल दो लाख 71 हजार 253 पौधे लगाए जा चुके हैं।

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आदि कर्मयोगी अभियान  के अंतर्गत आदि सेवा केंद्र का रनपुर में भव्य उद्घाटन.....आदि सेवा केंद्र से ग्रामीण सीधे अपनी बात रख सकेंगे : शंभूनाथ चक्रवर्ती-अध्यक्ष माटी कला बोर्ड......देखिए पूरी खबर

नारायणपुर : 19 सितम्बर 2025 : आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत, बगीचा विकासखंड के स्थित ग्राम पंचयात रनपुर में आदि सेवा केंद्र का उद्घाटन माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। इस मौके पर सरपंच श्रीमति अनिमा एक्का,उपसरपंच श्री राजेंद्र चौहान,सचिव महेन्द्र बरला,मनोज नायक एवं समस्त पंच गण एवं ग्रामवासी उपस्थिति रहे।

इस अवसर पर माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि केन्द्र सरकार की आदि कर्मयोगी अभियान  शासन अभियान के तहत किया गया है केंद्र सरकार की आदि कर्मयोगी अभियान का मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों के सुदूरवर्ती जन जातीय गांवों में विकास को आगे बढ़ाना तथा जनता से जुड़े विकास को गति प्रदान करने की है।ग्रामीण समस्याओं को लेकर नियमित रूप से ग्राम सभा का आयोजन होगा. सड़क, बिजली, पानी, नल-जल योजना, शिक्षा व आवास समेत बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव केंद्र को भेजे जायेंगे  उन्होंने कहा कि योजनाओं को सफल बनाने में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है. इस अभियान को जिला प्रशासन हर समस्या पर गंभीरता से काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि आदि सेवा केंद्र से ग्रामीण सीधे अपनी बात रख पायेंगे, जिससे पारदर्शिता और कार्य की गति दोनों बढ़ेगी. गांव में शिविर लगाकर जाति प्रमाण पत्र व राशन कार्ड में नाम जोड़ने जैसे कार्य भी किये जायेंगे,यह सेवा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में समर्पण और सेवा भाव को बढ़ावा देगा, जिससे समुदाय का विकास सुनिश्चित हो सके।

  इस सेवा केंद्रों के माध्यम से विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण आहार वितरण, बैंकिंग सेवाएँ, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार संबंधी जानकारी तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाना है। आदि सेवा केन्द्र के शुभारंभ से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है ताकि अब गाँव में ही आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।

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कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में सेजेस फरसाबहार में हुआ वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का समापन....जिले के आठ विद्यालयों में आयोजित कार्यशाला में 1371 विद्यार्थी हुए लाभान्वित

जशपुर 19 सितम्बर 2025 : 

जिले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल पर वित्तीय साक्षरता वर्कशॉप का आयोजन सेजेस फरसाबहार में किया गया। शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देशन में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला जिले के आठ विद्यालयों में 11 सितंबर से 18 सितंबर तक आयोजित हुई। 

18 सितंबर को सेजेस फरसाबहार के 209 विद्यार्थियों ने कार्यशाला में भाग लिया। इससे पूर्व 17 सितंबर को बगीचा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महादेवडांड में कार्यशाला आयोजित हुई जिसमें 402 विद्यार्थी सम्मिलित हुए।
 
कार्यशाला के लिए आए हुए ट्रेनर और डिजिटल कोच वीरेंद्र मिश्रा ने कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को पैसे के महत्व, बजट बनाने की आदत, नियमित बचत, इमरजेंसी फंड और इन्वेस्टमेंट की मूल बातें समझाईं। उन्होंने बैंकिंग की बुनियादी प्रक्रियाएँ जैसे सेविंग अकाउंट, यूपीआई, एटीएम और मोबाइल बैंकिंग के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा पर भी जानकारी साझा की। कार्यशाला में स्मार्ट स्पेंडिंग करने के तरीके, जरूरत और चाहत में भेद, एडवरटाइजमेंट और पीयर प्रेशर , सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान व चक्रवृद्धि ब्याज के लाभ, लोन और क्रेडिट स्कोर प्रबंधन, ईएमआई ट्रैप से बचने के उपाय, म्यूचुअल फंड व शेयर बाजार का परिचय और पोंजी स्कीम, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। पूरे प्रशिक्षण को गतिविधियों, वर्कशीट्स और खेलों के जरिए रोचक और इंटरएक्टिव बनाया गया, ताकि विद्यार्थी सीखी गई बातों को अपने दैनिक जीवन में आसानी से लागू कर सकें। इस कार्यशाला में मैत्री स्कूल की ओर से उत्कर्ष मिश्रा ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम में  बीईओ दुर्गेश देवांगन के सहयोग से आयोजित हुआ। 

कार्यशाला में संस्था के प्राचार्य प्रदीप कुमार कुजूर, शिक्षक अमृत सिंह, हेमंत निकुंज, शिक्षिका अनुभूति सिंह और शिवानी तिवारी सहित संस्था के कई शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

जिले में आयोजित कार्यक्रमों का समन्वय यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश‌ पांडेय ने किया।

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पीएम सूर्यघर से सूरज देगा बिजली, बदलेगा जिंदगी का हर कोना....सिर्फ विटामिन डी नहीं, जीवन का आधार है सुरज की रोशनी

रायपुर, 19 सितंबर 2025/ देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और हर घर तक स्वच्छ, सस्ती एवं निरंतर बिजली पहुँचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल नागरिकों को बिजली बिल से हमेशा के लिए राहत दिला रही है, बल्कि परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण में भी क्रांतिकारी योगदान दे रही है। छत्तीसगढ़ में इस योजना का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में अत्यंत प्रभावी और संवेदनशील ढंग से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सौर ऊर्जा को अपनाने की गति तेज हुई है। 

देश की “पावर कैपिटल” कहलाने वाले कोरबा जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का प्रभाव विशेष महत्व रखता है। यहाँ अनेक परिवार इस योजना का लाभ उठाकर हर महीने बचत कर रहे हैं और बिजली बिल आने जाने के झमेले से मुक्त हो रहे हैं। इन्हीं में से एक प्रेरक उदाहरण हैं नकटीखार, कोरबा निवासी रंजीत कुमार है, जिन्होंने अपने परिवार के जीवन में ऊर्जा क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है।

श्री रंजीत कुमार जो एसईसीएल, कुसमुंडा में डंपर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं, मेहनतकश व्यक्ति हैं।  हर महीने आने वाला बिजली बिल, परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें और बच्चों की पढ़ाई के खर्चों के बीच बिजली बिल अक्सर उनके बजट को बिगाड़ देते थे। यही कारण था कि जब प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत आवेदन कर इसका लाभ उठाने का निश्चय किया। दो माह पहले आवेदन करके उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल सिस्टम लगवाया। जिसकी कुल लागत लगभग 2 लाख 10 हजार रुपए रही, 78 हजार रुपए केंद्र सरकार की सब्सिडी पहले ही मिल चुकी है। शेष राशि में उन्होंने सस्ती व आसान दर पर लोन लेकर तथा कुछ नकद भुगतान देकर किया। सिर्फ कुछ हफ्तों में ही यह निवेश उनके जीवन के लिए सबसे बड़ा वरदान साबित हुआ। पहले जहां उनके घर का बिजली बिल हर महीने एक हजारों रुपए तक पहुँच जाया करता था, वहीं अब सौर ऊर्जा से चल रहे घर का मासिक बिल मात्र 130 रुपए आ रहा है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण की भी बड़ी मित्र है। सौर ऊर्जा से न केवल कोयला और डीज़ल जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होती है, बल्कि वायु प्रदूषण में भी भारी कमी आती है। कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में, जहाँ कोयला आधारित बिजली उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, वहां सौर ऊर्जा का बढ़ता उपयोग पर्यावरण संरक्षण में ऐतिहासिक योगदान है। परिवारों को बिजली बिल से मुक्तिमिल रही है, घरों में रोशनी और उपकरणों का संचालन संभव हो रहा है, लोग ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।

श्री कुमार और उनके परिवार ने बताया “अब हमें बिजली बिल की चिंता नहीं रहती। सौर पैनल ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है। बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होती और घर के उपकरण भी बिना रुकावट चलते हैं। 
आज उनका घर न केवल रोशन है बल्कि ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक आदर्श भी बन गया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के सशक्त क्रियान्वयन से आमजन का जीवन बदल रहा है। यह योजना उन हजारों परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो अब तक बिजली का स्थाई उपाय ढूंढ रहें थे। पीएम सूर्यघर योजना ने उन्हें आत्मनिर्भरता, आर्थिक मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा की राह दिखाई है।

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करोड़ों रूपए की जीएसटी चोरी का खुलासा: 170 से अधिक बोगस फर्म बनाकर की जीएसटी चोरी....जाँच में 1.64 करोड़ रूपये नकद और 400 ग्राम सोना जब्त

 रायपुर, 19 सितंबर 2025/राज्य जीएसटी विभाग ने जीएसटी एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस नेटवर्क तथा जीएसटी प्राईम पोर्टल का उपयोग करके बोगस फर्म और बोगस बिल तैयार करने वाले सिंडिकेट का पता लगाया है। इसका मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया है, जो जीएसटी के कर सलाहकार के रूप में कार्य करता था। इस सिंडिकेट के कारण राज्य को प्रतिमाह करोड़ों रूपये के कर राजस्व का नुकसान होता था।
        राज्य जीएसटी की बी.आई.यू. टीम इस प्रकरण पर एक माह से कार्य कर रही थी। मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया के ऑफिस में 12 सितंबर को जांच की गयी। जांच के दौरान यहां से 172 फर्मों के बारे में जानकारियां मिली। फरहान ने अपने 5 ऑफिस स्टॉफ को फर्मों का पंजीयन कराने, रिटर्न फाईल करने और ई-वे बिल तैयार करने के लिये रखा था। इसके अलावा मास्टर माइंड के आफिस से बोगस पंजीयन के लिये किरायानामा, सहमति पत्र, एफिडेविट तैयार करने के भी साक्ष्य मिले हैं।
          26 बोगस फर्मों से ही 822 करोड़ का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि रिटर्न में 106 करोड रूपये का ही टर्नओव्हर दिखाया गया है। केवल इन फर्मों से ही राज्य को 100 करोड़ रूपये के जीएसटी का नुकसान होने का प्रारंभिक आंकलन है। यहां से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार राज्य के भीतर और पंजाब, असम, मणिपुर, ओडिसा में भी पंजीयन लिया गया है। पंजीयन के लिए बोगस दस्तावेज जैसे किरायानामा एवं सहमति पत्र भी तैयार किये जाते थे। इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जारी किए जा रहे थे।
           मो. फरहान के बोगस फर्मों से संबंधित दस्तावेज छुपाये जाने की सूचना पर विभाग ने 17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के आवास में सर्च (जांच) किया गया। वहां अधिकारियों को 1 करोड़ 64 लाख रूपये के नोट और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले। विभाग के अधिकारियों ने इसे जब्त कर के आयकर विभाग को सूचना दे दी है।
      जीएसटी अधिकारियों द्वारा इन फर्मों से करोड़ों रूपए के जीएसटी फ्रॉड की राशि की गणना की जा रही है। इस प्रकरण में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ लेने वाली कम्पनियाँ भी विभाग के जांच के दायरे में है। राज्य कर विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्यवाही प्रगति पर है।

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