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वन धन विकास केंद्र सुकमा के माध्यम से लॉन्च हुई बस्तर की प्रसिद्ध इमली चटनी, नवा बिहान महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने दिया आधुनिक प्रशिक्षण और उत्पादन में निभाई अहम भूमिका

रायपुर, 19 जनवरी 2026/
बस्तर में इमली की चटनी को काफी पसंद किया जाता है l यह चटनी खाने में बहुत स्वादिष्ठ होती है l  सुकमा जिले में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। 

       वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बस्तर की प्रसिद्ध इमली से तैयार “इमली चटनी” को वन धन विकास केंद्र सुकमा के माध्यम से आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। यह उत्पाद स्थानीय वनोपज का मूल्य संवर्धन करने के साथ-साथ बस्तर की पारंपरिक पहचान को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास है।

      छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा किए गए अनुसंधान और गुणवत्ता मानकों के आधार पर यह चटनी तैयार की जा रही है। वन धन विकास केंद्र से जुड़ी नवा बिहान महिला स्व सहायता समूह की महिलाएँ इस चटनी के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता मानक, वैज्ञानिक विधि तथा आधुनिक पैकेजिंग संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
   
         प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और समूह की महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बस्तर संभाग में इमली की अधिकता को देखते हुए यह पहल स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
इमली चटनी के उत्पादन से वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। वन विभाग की यह पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

       आने वाले समय में यह उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ के घरों का स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि सुकमा की महिलाओं की मेहनत और सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ : द्वितीय चरण के अंतर्गत जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन,कलेक्टर ने आयोजन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 19 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी के तहत कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों के सफल आयोजन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और जनभागीदारी को सशक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है, अतः इसकी सभी तैयारियाँ समयबद्ध एवं समन्वित रूप से पूर्ण की जाएँ। कलेक्टर ने बताया कि संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ चार चरणों में मनाई जा रही है। द्वितीय चरण के अंतर्गत गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को विशेष आयोजन किए जाने हैं। इस दिन जिला मुख्यालय, विकासखंड मुख्यालय, ग्राम पंचायतों तथा सभी स्कूलों और महाविद्यालयों में ध्वजारोहरण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सामूहिक “वंदे मातरम्” गायन का व्यापक आयोजन किया जाएगा।

      कलेक्टर श्री व्यास ने निर्देशित किया है कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड की सहभागिता के साथ स्कूल बैंड द्वारा वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर राज्य पुलिस बैंड द्वारा भी देशभक्ति संगीत प्रस्तुत किया जाए, जिससे आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापना के निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता से ऐसे बूथ स्थापित किए जाएँ, जहाँ नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् गाकर रिकॉर्ड कर सकें और अभियान पोर्टल पर अपलोड कर सकें। इससे विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक कार्यक्रमों को सफल बनाने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की चेतना का प्रतीक है। इसके 150वें वर्ष के आयोजन को गरिमामय, अनुशासित और जनभावनाओं से ओतप्रोत बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क सुविधा पहुँचाने लगातार हो रहा है विकास कार्य,दो वर्षों में 914 करोड़ से अधिक की लागत से 603 सड़कों को मिली स्वीकृति

जशपुरनगर 19 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में अभूतपूर्व स्तर पर सड़क विकास कार्य चल रहे हैं। प्रदेश में विकास की गति नई ऊँचाइयों को छू रही है और जशपुर जिला भी इस परिवर्तन का साक्षी बन रहा है, जहाँ अब हर दिशा में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके तहत जशपुर जिले में 914 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 603 से अधिक सड़कों की स्वीकृति मिली है। इसमें लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में 103 सड़कों के निर्माण हेतु 567 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे दूरस्थ अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने तथा ग्रामीण जीवन स्तर में ठोस सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत भी जिले में व्यापक कार्य हो रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत 93 सड़कों के निर्माण के लिए 239 करोड़ 26 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है, जिन मार्गों का कायाकल्प किए जाने से ग्रामीण इलाकों को कीचड़ और बदहाल रास्तों से स्थायी राहत मिलेगी। यह वही ऐतिहासिक योजना है जिसे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्रामीण भारत को मुख्य मार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ किया था। साय सरकार के दो वर्षों में जशपुर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सार्थक सुधार दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत 378 सीसी सड़क निर्माण कार्यों के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है, जिससे मोहल्लों, गलियों और आंतरिक बस्तियों में आवागमन और अधिक सुगम होगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों एवं वनांचल क्षेत्रों में 76 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से 29 नई सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। आगामी वित्तीय वर्ष में भी कई नई परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं, जिनमें सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क सुविधा पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


*मुख्य सड़क निर्माण कार्य* -  जिले को मिली स्वीकृति के मुख्य कार्यों में लूडेग तपकरा मार्ग चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य लंबाई 41 किलोमीटर,  बागबहार कोतबा मार्ग लंबाई 13.20 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण  कार्य,  जशपुर आस्ता कुसमी मार्ग का उन्नयन एवं मजबूतीकरण कार्य, बतौली बगीचा चराईडाँड मार्ग का 16.80 किलोमीटर का निर्माण कार्य एवं वर्टीकल प्रोफ़ाइल करेक्शन तथा पुल  पुलिया का चौड़ीकरण कार्य, कांसाबेल - बगीचा मार्ग लंबाई 39.00 किलोमीटर में मजबूतीकरण पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य, ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट लंबाई 13.60 किलो मीटर का निर्माण कार्य, बिछीकानी ढूढरुपारा से जमरगी तक मार्ग लंबाई 9.40 किलो मीटर में सड़क निर्माण कार्य, बालाछापर - आरा सकरडेगा लंबाई 14.40 किलो मीटर का सुदृढ़ीकरण कार्य, पोटकोसेमेर साजापानी केदापानी से कर्राडाँड दुलदुला पहुँच मार्ग, लोरोदोफा से गढ़ारामबंध होते हुए जामपानी तक, ठूठीअंबा से कादोपानी झारखंड पहुँच मार्ग तक, अबिरा से पंडरीअंबा मार्ग, नन्हेंसर से लालदरा, पहारटोली से धुईपानी, धनपाठ से कामारीमा वडापा बरुवा पहाड़, बनगाँव से डीपाटोली, लोरोदोफा से गढ़ारामबंध होते हुए जामपानी तक एवं छेड़डाँड से टुकुरोली पहुँच मार्ग सहित अन्य कार्य शामिल है।


*सड़क निर्माण से बदलती ग्रामीण तस्वीर*- 

शासन का उद्देश्य है कि जिले की हर बस्ती को बारहमासी सड़क सुविधा मिले, ताकि कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के विभिन्न क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। नई सड़कों के निर्माण से स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच सुगम होगी। कृषि उत्पादों और वनोपज को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाला समय और परिवहन खर्च कम होगा, जिससे किसानों और संग्राहकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। बेहतर सड़कों के कारण एम्बुलेंस, स्वास्थ्य दल और टीकाकरण टीमों को गांवों तक समय पर पहुंचना आसान होगा, जिससे गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार आएगा। निर्माण के दौरान स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलेगा और सड़क निर्माण के बाद परिवहन साधनों, ग्रामीण व्यापार, दुकानों और सेवा आधारित गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण आर्थिक सक्रियता में नई ऊर्जा आएगी। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुंच आसान होने से आय के नए अवसर भी विकसित होंगे तथा प्रशासनिक निगरानी और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी उल्लेखनीय तेजी आएगी।

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अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 19 जनवरी 2026/ अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      अपर कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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एंटी करप्शन ब्यूरो की गिरफ्त में आए महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक ग्रेड-02, 48 घंटे से अधिक पुलिस अभिरक्षा में रहने पर कलेक्टर ने लिया सख्त निर्णय — तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

जशपुरनगर 19 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को  तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया है।
            विदित हो कि उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर कार्यालय के द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को  08 जनवरी 2026 को शाम 8.30 बजे गिरफ्तार कर 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने के फलस्वरूप छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया गया है। निलबन अवधि मे श्री गिरीश कुमार वारे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

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कलेक्टर रोहित व्यास के सख्त निर्देशों का असर, कुनकुरी में झारखंड से लाई जा रही 500 बोरी अवैध धान जब्त, राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई

जशपुरनगर, 19 जनवरी 2026/  जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी प्रक्रिया का सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही धान की अवैध खरीदी-बिक्री एवं अनधिकृत परिवहन पर पूरी मुस्तैदी से निगरानी रखते हुए प्रभावी नियंत्रण किया जाए।
       कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन देर रात तक पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। इसी क्रम में कुनकुरी में झारखंड के बसिया से आ रही 500 बोरी अवैध धान को राजस्व विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया और नारायणपुर थाना के सुपुर्द किया गया।
       राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 जनवरी को कुनकुरी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम ने सूचना के आधार पर वाहन क्रमांक CG 04 5494 की जांच की। जांच के दौरान वाहन में 500 बोरी धान लोड पाया गया, जिसके संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। पूछताछ में यह सामने आया कि वाहन बगीचा की ओर जा रहा था। राजस्व विभाग द्वारा वाहन एवं धान को नारायणपुर थाना के सुपुर्द कर दिया गया है तथा प्रकरण में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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सरकार की योजनाएं सिर्फ फाइलों में नहीं, गांव-गांव तक दिखें: सूरजपुर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिलाई जिम्मेदारी की याद”

रायपुर, 18 जनवरी 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी मैदानी स्तर पर भ्रमण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें सभी फील्ड स्तर के अधिकारी अपने मुख्यालय में रहें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कल सूरजपुर जिले में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर को चाँदनी बिहारपुर जैसे दूरस्थ अंचलों में बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव बना कर भेजने के निर्देश दिए ताकि उन स्थानो पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समीक्षा में कहा कि किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसानों को धान बेचने किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना के बेहतर क्रियान्वयन, सड़कों का गुणवत्तायुक्त तथा समय-सीमा में पूर्ण करने और स्वास्थ्य अमले को अस्पतालों में सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

इस मौके पर कलेक्टर श्री एस.जयवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ की धरा पर साहित्यकारों का महाकुंभ:23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026

रायपुर 18 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होगा। यह उत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार, रंगकर्मी और साहित्य प्रेमी इस आयोजन में सहभागिता करेंगे।

*साहित्य, संवाद और संस्कृति का संगम*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजना, उसे एक व्यापक मंच प्रदान करना तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों, पाठकों और रचनाकारों को एक साझा संवाद से जोड़ना है। उत्सव के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन न केवल साहित्यिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक विमर्श को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

*कला के लिए ओपन माइक सत्र होगा आयोजित*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के अंतर्गत ओपन माइक सत्र का विशेष आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों, युवाओं एवं नवोदित रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। कविता, कहानी, विचार, गीत, नाट्य अंश अथवा अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रतिभागी अपनी सृजनात्मक क्षमता को नई उड़ान दे सकेंगे। यह सत्र साहित्य, आत्म-अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास होगा।

*विद्यार्थियों और युवाओं में बढ़ेगी साहित्य के प्रति रुचि*

छत्तीसगढ़ के स्कूली छात्रों एवं युवाओं में साहित्य के प्रति रुचि जागृत करने के उद्देश्य से राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में रायपुर साहित्य उत्सव–2026 की जानकारी व्यापक रूप से साझा की जा रही है। युवा पीढ़ी को साहित्य, भाषा और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में यह उत्सव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

*ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तकों से होंगे रूबरू*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के दौरान देश के प्रतिष्ठित एवं ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल लगाई जाएंगी। यहां पाठकों को विविध विषयों, भाषाओं और विधाओं की पुस्तकों को देखने, समझने और खरीदने का अवसर मिलेगा। यह पुस्तक प्रेमियों के लिए एक समृद्ध, ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव सिद्ध होगा।

*रायपुर साहित्य उत्सव–2026 से कैसे जुड़ें?*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में सहभागिता के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी एवं साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइट www.raipursahityautsav.org के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।

*उत्सव स्थल तक निःशुल्क बस सेवा*

आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को रायपुर शहर के विभिन्न स्थानों से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर तक निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। तीनों दिनों यह बस सेवा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिससे विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक, साहित्य प्रेमी एवं आम नागरिक बिना किसी अतिरिक्त खर्च के उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे।

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अग्निकाल की चुनौती से निपटने जशपुर वनमण्डल ने कसी कमर, आयोजित हुई वनमण्डलस्तरीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम

जशपुरनगर 18 जनवरी 26
वनों को अग्नि से सुरक्षित रखने की दिशा में जशपुर वनमण्डल द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिनांक 16 जनवरी 2026 को वनमण्डलस्तरीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आगामी अग्निकाल (16 फरवरी से 15 जून) को देखते हुए यह कार्यशाला विशेष रूप से आयोजित की गई, ताकि वनों में आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके और प्राकृतिक संपदा को होने वाली क्षति से बचाया जा सके।

कार्यक्रम में वनमण्डलाधिकारी जशपुर ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, अग्नि प्रहरियों एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि अग्निकाल के दौरान वनों में लगने वाली आग पर्यावरण, जैव विविधता और ग्रामीण आजीविका के लिए गंभीर खतरा है। इससे न केवल पेड़-पौधे नष्ट होते हैं, बल्कि वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होता है। साथ ही, वनों के प्राकृतिक पुनरुत्पादन की प्रक्रिया बाधित हो जाती है, जिससे आने वाले वर्षों में हरियाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि आग लगने की सूचना मिलते ही संबंधित बीट, परिक्षेत्र एवं अनुभाग स्तर के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचें और अग्नि प्रहरी तथा ग्रामीणों के सहयोग से आग को नियंत्रित करने की त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। प्रारंभिक स्तर पर आग पर काबू पाने से बड़े क्षेत्र में फैलने से रोका जा सकता है।

वनमण्डलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जानबूझकर आग लगाने वालों के प्रति विभाग किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा। ऐसे मामलों में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं 79 तथा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा अग्नि रोकथाम के व्यावहारिक उपायों पर प्रशिक्षण दिया गया। फायर लाइन निर्माण, पुराने फायर लाइन का रख-रखाव, संवेदनशील क्षेत्रों का मानचित्रण, अग्नि निगरानी दल की तैनाती, त्वरित सूचना तंत्र की व्यवस्था, तथा आधुनिक संचार माध्यमों के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, सामुदायिक सहभागिता को अग्नि प्रबंधन की सबसे मजबूत कड़ी बताया गया।

संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को वन मित्र के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग से ही आग की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके लिए गांव-गांव में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि आग से केवल वन संपदा ही नहीं, बल्कि जल स्रोत, मिट्टी की उर्वरता और स्थानीय जलवायु पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक इसका असर कृषि उत्पादन और मानव जीवन पर भी दिखाई देता है।

कार्यशाला के समापन अवसर पर जशपुर वनमण्डल द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई कि अग्निकाल के दौरान जंगलों में आग न लगाएं, खेतों की सफाई के दौरान आग का प्रयोग न करें, जलती बीड़ी-सिगरेट या माचिस जंगल में न फेंकें और किसी भी प्रकार की आग या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

वन अधिकारियों ने कहा कि वनों की रक्षा केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, सतर्कता और सहयोग से ही हम जशपुर के वनों को सुरक्षित रख सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत बचा सकते हैं।

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अवैध धान के खिलाफ बड़ी कार्यवाही: तपकरा के ग्राम जामबहार में एक घर से 40 क्विंटल अवैध धान जप्त, जिला प्रशासन और जशपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने किया खुलासा

 

जशपुरनगर 18 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ में चल रहे धान खरीदी सीजन के दौरान अवैध धान की आमद और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के उद्देश्य से जशपुर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग लगातार सख्त निगरानी बनाए हुए है। इसी क्रम में आज दिनांक 18 जनवरी 2026 को थाना तपकरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम जामबहार में जिला प्रशासन एवं जशपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए एक घर में अवैध रूप से डंप किए गए 40 क्विंटल धान को जप्त किया है। जप्त धान की अनुमानित कीमत लगभग 92 हजार रुपये आंकी गई है।

मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सुबह करीब 07 बजे थाना तपकरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम जामबहार निवासी मनोज एक्का (उम्र 28 वर्ष) के घर में भारी मात्रा में धान की बोरियां रखी हुई हैं, जो उसकी खेती के रकबे से कहीं अधिक है। मुखबिर ने आशंका जताई कि उक्त धान बाहर से अवैध रूप से लाकर संग्रहित किया गया है, जिसे आगे धान उपार्जन केंद्र में खपाया जा सकता है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना तपकरा पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और जिला प्रशासन को भी सूचना दी गई।

प्रशासन–पुलिस की संयुक्त टीम ने की जांच

सूचना के बाद नायब तहसीलदार फरसाबहार शोभनाथ सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम तथा पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से ग्राम जामबहार पहुंचकर मनोज एक्का के घर की तलाशी ली। भौतिक सत्यापन के दौरान पाया गया कि उसके पास उपलब्ध धान की मात्रा उसके खेती के रकबे के अनुपात से कहीं अधिक है।

जब संदिग्ध से धान से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर प्रशासन एवं पुलिस की टीम ने मौके पर ही कार्यवाही करते हुए 40 क्विंटल अवैध धान को विधिवत जप्त कर लिया।

टीम की अहम भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में जिला प्रशासन की ओर से
नायब तहसीलदार फरसाबहार थानेश्वर राठिया,
आरआई फरसाबहार चंद्र विजय साय,
पटवारी नीलेश भगत, सतेन्द्र भगत, कीर्ति कुमार साय,

तथा पुलिस विभाग की ओर से
थाना प्रभारी तपकरा निरीक्षक सतीश कुमार कौशिक,
सहायक उप निरीक्षक रामजी साय,
आरक्षक शोभनाथ सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का बयान

मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि तपकरा क्षेत्र के ग्राम जामबहार में अवैध रूप से धान संग्रहित किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 40 क्विंटल अवैध धान जप्त किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध धान की आमद, भंडारण और परिवहन पर पुलिस की कड़ी नजर बनी हुई है और आगे भी इस प्रकार की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

अवैध धान कारोबारियों में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध धान का संग्रहण और खरीदी–बिक्री करने वालों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को किसानों और आम जनता ने सराहनीय बताया है।

लगातार जारी रहेगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि शासन की धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके।

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रहस्य,आस्था और इतिहास का संगम : घने जंगलों और पहाड़ियों में छिपा सांवा पहरिया की गुफा,बनी श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र,जंहा प्रकृति स्वयं करती है देवताओं का स्वागत.....

आस्था, रहस्य और इतिहास का अद्भुत संगम: चिटकवाइन–बोड़ालाता की गुफा बनी नारायणपुर क्षेत्र की पहचान 

निरंजन मोहन्ती- नारायणपुर 

नारायणपुर/जशपुर 18 जनवरी2026 
छत्तीसगढ़ की धरती रहस्यमयी मंदिरों, प्राचीन गुफाओं और लोक आस्थाओं से परिपूर्ण मानी जाती है। इन्हीं में से एक अनमोल धरोहर है नारायणपुर पंचायत के अंतर्गत चिटकवाइन–बोड़ालाता गांव की सीमा पर स्थित सांवा पहरिया का यह रहस्यमयी गुफा, जो आज श्रद्धालुओं, प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है। बादलखोल अभ्यारण्य और सामान्य वन क्षेत्र के मध्य स्थित यह गुफा न केवल प्राकृतिक दृष्टि से मनोरम है, बल्कि अपने भीतर गहन धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी समेटे हुए है।

गुफा का भौगोलिक और प्राकृतिक महत्व

यह गुफा बादलखोल अभ्यारण्य के नजदीक ओर नारायणपुर सर्किल से सटा सांवा पहरिया पहाड़ पर स्थित है, जहां चारों ओर घना जंगल, पहाड़ियों की श्रृंखला और पक्षियों की चहचहाहट इस स्थान को अत्यंत शांत, पवित्र और दिव्य वातावरण प्रदान करती है। गुफा के भीतर प्रवेश करते ही ठंडक और नमी का एहसास होता है, जो प्राकृतिक रूप से बने इस स्थल की विशिष्ट पहचान है। ग्रामीणों के बताए अनुसार अंदर घुप्प अंधेरा रहता है, जिससे यहां का वातावरण और भी रहस्यमयी बन जाता है। स्थानीय लोग मानते हैं कि यही अंधकार और शांति इस स्थान को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।

  ग्रामीणों ने बताया कि इस गुफा के अंदर एक विशाल कुंड  स्थित है, जो तालाब के आकार की तरह है। ग्रामीणों के अनुसार, यह कुंड कभी सूखता नहीं और वर्ष भर इसमें जल भरा रहता है। यही कुंड इस गुफा के रहस्य को और गहरा बनाता है ।

धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र

गुफा के भीतर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा शिवलिंग और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित की गई है। वर्षों से यहां नियमित पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। प्रतिदिन सुबह-शाम दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना की जाती है। विशेष रूप से प्रत्येक सोमवार को जलाभिषेक किया जाता है, जिसमें आसपास के गांवों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। मंगलवार को भी विशेष पूजा होती है, जिसे क्षेत्र में अत्यंत फलदायी माना जाता है।

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस गुफा में सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती। कई लोगों का कहना है कि यहां पूजा करने के बाद उन्हें मानसिक शांति, पारिवारिक सुख  प्राप्त होती है।

मान्यता और लोक विश्वास

इस गुफा से जुड़ी कई किवदंतियां पीढ़ियों से चली आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्राचीन काल में भगवान शिव और माता पार्वती हाथी पर सवार होकर इस क्षेत्र में भ्रमण करते थे। इसी कारण इस स्थान को शिव-पार्वती का निवास स्थल माना जाता है। यही लोक विश्वास इस गुफा को सामान्य धार्मिक स्थल से अलग और विशेष बनाता है।

अखंड कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की परंपरा

यहां प्रतिवर्ष माघ माह में अखंड कीर्तन “हरे राम हरे कृष्ण” का आयोजन किया जाता है। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति, संगीत और श्रद्धा के वातावरण में डूब जाता है। आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इसके अतिरिक्त समय-समय पर, हवन, पूजा-पाठ और भंडारे का आयोजन भी किया जाता है।

यज्ञ स्थल और अनुष्ठानों का महत्व

गुफा के समीप स्थानीय ग्रामीणों ने घांस से निर्मित यज्ञ स्थल का निर्माण किया है, जिसमें हवन कुंड बनाए गए हैं। यहां , कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न कराए जाते हैं। यह यज्ञ स्थल ग्रामीण समाज को धार्मिक रूप से एकजुट करने का कार्य भी करता है।

इतिहास से जुड़ा क्षेत्र

ग्रामीणों के अनुसार, यह क्षेत्र कभी राजा-रजवाड़ों का शिकारगाह हुआ करता था। इस गुफा से कुछ दूरी पर नारायणपुर में डोम राजा का गढ़ स्थित था, जिसके अवशेष आज भी आरा पहाड़ में देखे जा सकते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। यहां की पहाड़ियां और जंगल सदियों से अनेक ऐतिहासिक घटनाओं के साक्षी रहे हैं।

पर्यटन की अपार संभावनाएं

गुफा के सामने स्थित पहाड़ी पर चढ़कर बादलखोल अभ्यारण्य का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। यह दृश्य पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। यदि इस स्थान का समुचित विकास किया जाए, तो यह धार्मिक पर्यटन और प्रकृति पर्यटन दोनों के लिए एक आदर्श स्थल बन सकता है।

विकास की आवश्यकता और ग्रामीणों की मांग

स्थानीय ग्रामीण चंदे की राशि से इस स्थल का धीरे-धीरे विकास कर रहे हैं। इसी चंदे से स्थायी यज्ञशाला का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया, जो धन के कमी के कारण अधूरा पड़ा है। यहां सामुदायिक भवन, बिजली व्यवस्था, पेयजल सुविधा, शौचालय और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जो इस स्थल पर बनना बहुत जरूरी है।

ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अनदेखी के कारण यह स्थल आज भी सुविधाओं से वंचित है। उनकी मांग है कि शासन-प्रशासन इस पवित्र और ऐतिहासिक स्थल को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे, ताकि क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें और श्रद्धालुओं को सुविधा भी।

संरक्षण और भविष्य की पीढ़ियों के लिए धरोहर

चिटकवाइन–बोड़ालाता की यह सांवा पहरिया गुफा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि इसका समुचित संरक्षण और संवर्धन किया जाए, तो यह स्थान आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, रहस्य और इतिहास की अमूल्य धरोहर बन सकता है।

यह गुफा आज भी मौन रहकर अपनी कथा स्वयं कहती है—बस जरूरत है इसे सुनने, समझने और संजोने की।

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धान बिचौलियों पर जशपुर पुलिस की सख्त कार्रवाई, तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 84 क्विंटल अवैध धान जब्त

फरसाबहार, तुमला और पंडरापाठ में रातभर चली संयुक्त कार्रवाई, दो पिकअप और एक ट्रैक्टर पुलिस के कब्जे में

उड़ीसा से छत्तीसगढ़ खपाने लाई जा रही थी धान की खेप, पुलिस को देखकर वाहन छोड़ फरार हुए चालक

अब तक 41 वाहनों से 2422 क्विंटल धान जब्त कर चुकी है जशपुर पुलिस

जशपुरनगर, 17 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ में चालू धान खरीदी सीजन के दौरान अवैध धान परिवहन और धान बिचौलियों के विरुद्ध जशपुर पुलिस लगातार सघन अभियान चला रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले के सीमावर्ती एवं संवेदनशील इलाकों में सख्त निगरानी, नाकाबंदी और पेट्रोलिंग की जा रही है। इसी कड़ी में बीती रात थाना फरसाबहार, थाना तुमला एवं चौकी पंडरापाठ क्षेत्र में अलग-अलग मामलों में दो पिकअप वाहन और एक ट्रैक्टर से कुल 84 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 93 हजार 200 रुपये आंकी गई है।

पुलिस द्वारा जब्त किए गए सभी वाहन और धान को आगे की कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है। वहीं, फरार वाहन चालकों और वाहन मालिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

तुमला क्षेत्र में बिना नंबर पिकअप छोड़कर भागा चालक, 24 क्विंटल धान बरामद

थाना तुमला क्षेत्र में 16 और 17 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 1.30 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उड़ीसा राज्य की ओर से गांझियाडीह मार्ग से एक बिना नंबर का संदिग्ध पिकअप वाहन भारी मात्रा में धान लेकर छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने हाथीबेड़ ग्रामीण मार्ग पर नाकाबंदी कर दी।

कुछ ही देर में संदिग्ध पिकअप वहां पहुंचा, लेकिन पुलिस को देखते ही चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। तलाशी लेने पर वाहन में त्रिपाल से ढंकी हुई 60 बोरियों में 24 क्विंटल धान बरामद हुआ, जिसे मौके पर जप्त कर लिया गया।

फरसाबहार जंगल क्षेत्र में पकड़ा गया उड़ीसा नंबर पिकअप, 20 क्विंटल धान जब्त

वहीं थाना फरसाबहार क्षेत्र में सुबह करीब 7.30 बजे धौरा सांड जंगल इलाके में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पिकअप वाहन क्रमांक OD-16-A-4175 को पकड़ा। इस मामले में भी चालक पुलिस को देखकर वाहन छोड़कर फरार हो गया।

पुलिस द्वारा की गई तलाशी में पिकअप वाहन से 50 बोरियों में 20 क्विंटल धान मिला। प्रारंभिक जांच में यह धान उड़ीसा राज्य से छत्तीसगढ़ में खपाने लाए जाने की पुष्टि हुई है। वाहन मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है।

पंडरापाठ में ट्रैक्टर से उपार्जन केंद्र ले जाया जा रहा था धान, दस्तावेज नहीं होने पर जब्ती

चौकी पंडरापाठ क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान ग्राम सुलेसा के पास पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रैक्टर को रोका। ट्रैक्टर में भारी मात्रा में धान बोरी लोड थी। पूछताछ में चालक ने अपना नाम नारायण राम (43 वर्ष) निवासी सुलेसा बताया।

चालक द्वारा बताया गया कि वह यह धान सत्यपाल यादव (33 वर्ष) से खरीदकर शनिचरा राम नागेश (36 वर्ष) के यहां ले जा रहा था। जब पुलिस ने धान से संबंधित वैध दस्तावेज और उपार्जन केंद्र टोकन मांगा, तो चालक कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने ट्रैक्टर सहित 100 बोरियों में लगभग 40 क्विंटल धान जप्त कर जिला प्रशासन को सौंप दिया।

अब तक 41 वाहनों से 2422 क्विंटल धान जप्त, प्रशासन को सौंपी गई पूरी खेप

जशपुर पुलिस द्वारा अब तक जिले में अवैध धान परिवहन करते 41 वाहनों से 2422 क्विंटल धान जप्त किया जा चुका है। पुलिस द्वारा सीमावर्ती मार्गों पर नाकाबंदी, मुखबिर तंत्र सक्रिय करने और लगातार पेट्रोलिंग से धान बिचौलियों में हड़कंप मचा हुआ है।

इन पुलिसकर्मियों की रही प्रमुख भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी तुमला निरीक्षक कोमल सिंह नेताम, थाना प्रभारी फरसाबहार उप निरीक्षक विवेक कुमार भगत, प्रधान आरक्षक फ्रांसिस बेक, आरक्षक संतोष राम, सुरेश एक्का, ईश्वर पैंकरा, मारियानुस एक्का, चौकी प्रभारी पंडरापाठ उप निरीक्षक सतीश कुमार सोनवानी एवं आरक्षक बिलिचियुस एक्का की सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने कहा कि,
“जशपुर पुलिस अवैध धान परिवहन एवं धान बिचौलियों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई कर रही है। फरसाबहार, तुमला और पंडरापाठ क्षेत्र से दो पिकअप और एक ट्रैक्टर से 84 क्विंटल धान जब्त किया गया है। आगे भी यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।”

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आज का राशिफल: आज किस राशि के जीवन में आएगी खुशियों की बहार और किसे बरतनी होगी विशेष सावधानी

मेष राशि: आत्मविश्वास, साहस और निर्णय क्षमता से बदलेगा दिन, सम्मान और सफलता दोनों मिलेंगे

आज का दिन आपके लिए उन्नति और आत्मबल से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और ईमानदारी की सराहना होगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से संतुष्ट रहेंगे। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। परिवार में आपकी बातों को महत्व मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अत्यधिक भागदौड़ से बचें।

वृषभ राशि: खर्चों पर नियंत्रण जरूरी, संयम और समझदारी से बनेगा बिगड़ा काम

आज आर्थिक मामलों में सतर्कता आवश्यक है। अनावश्यक खर्च से बचें। किसी पुराने निवेश को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे सुधरेगी। पारिवारिक मामलों में धैर्य रखें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। शाम के समय शुभ समाचार मिलने के योग हैं। सेहत को लेकर खान-पान पर ध्यान दें।

मिथुन राशि: भाग्य का साथ, करियर में नए अवसर और यात्रा से लाभ

आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ संकेत लेकर आया है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या प्रमोशन की चर्चा हो सकती है। व्यापार में लाभदायक सौदा संभव है। यात्रा से आर्थिक और मानसिक दोनों लाभ मिलेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।

कर्क राशि: भावनात्मक संतुलन बनाए रखें, समझदारी से सुलझेंगे विवाद

आज मन थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। छोटी-छोटी बातों को दिल पर न लें। कार्यक्षेत्र में किसी से मतभेद हो सकता है, लेकिन बातचीत से समाधान संभव है। परिवार का सहयोग मिलेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। शाम का समय सुखद रहेगा।

सिंह राशि: नेतृत्व क्षमता से बढ़ेगा मान-सम्मान, समाज में बनेगी अलग पहचान

आज आपकी कार्यशैली सबको प्रभावित करेगी। अधिकारी वर्ग आप पर भरोसा जताएंगे। व्यापार में नई योजना सफल हो सकती है। सामाजिक कार्यों में भागीदारी से प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार में किसी शुभ आयोजन की चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

कन्या राशि: मेहनत रंग लाएगी, रुके कार्य पूरे होंगे, आत्मविश्वास बढ़ेगा

आज आपके अधूरे काम पूरे होने के योग हैं। नौकरी में स्थिरता और संतोष मिलेगा। व्यापार में धीरे-धीरे लाभ बढ़ेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा। मानसिक शांति बनी रहेगी।

तुला राशि: रिश्तों में मिठास, धन लाभ और पारिवारिक सुख का योग

आज का दिन प्रेम और सौहार्द से भरा रहेगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा। व्यापार में लाभ होगा। कोई पुराना विवाद समाप्त हो सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार महसूस होगा।

वृश्चिक राशि: धैर्य और समझदारी से टलेंगी परेशानियां, संयम से मिलेगा लाभ

आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। जल्दबाजी में निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में थोड़ी मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन परिणाम अच्छे मिलेंगे। परिवार में आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी।

धनु राशि: भाग्य पूरी तरह साथ देगा, सफलता और खुशखबरी के योग

आज का दिन आपके लिए सौभाग्यशाली है। नौकरी में तरक्की या प्रशंसा मिल सकती है। व्यापार में बड़ा लाभ संभव है। कोई शुभ समाचार परिवार में खुशी लाएगा। धार्मिक या सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

मकर राशि: जिम्मेदारियों के साथ सफलता, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

आज कार्यभार बढ़ेगा लेकिन आपकी कार्यकुशलता सबको प्रभावित करेगी। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। परिवार में आपकी भूमिका अहम रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन आराम भी जरूरी है।

कुंभ राशि: नई शुरुआत के लिए शुभ दिन, योजनाएं होंगी सफल

आज नई योजना शुरू करने के लिए उत्तम समय है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में विस्तार के योग हैं। मित्रों से सहयोग मिलेगा। परिवार में खुशियों का वातावरण रहेगा।

मीन राशि: मानसिक शांति, आत्मविश्वास और पारिवारिक सुख का योग

आज मन प्रसन्न रहेगा। पुराने तनाव दूर होंगे। नौकरी में स्थिरता आएगी। व्यापार में संतोषजनक लाभ मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

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कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,सूरजपुर जिले को दी 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर, 17 जनवरी 2026/ कर्मा महोत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोक पर्वों को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव, आपसी भाईचारा और सामूहिक आनंद का उत्सव है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित कर्मा महोत्सव में व्यक्त किए। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी सम्बोधित किया।

परंपरा, संस्कृति और उल्लास से परिपूर्ण कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में थिरक उठा। सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सबको लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगायी गई प्रदर्शनी के स्टॉलों का निरीक्षण कर नाव-जाल एवं आइस बॉक्स, आयुष्मान कार्ड, छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट ईकाइयों का शुभारंभ किया और पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी प्रदान की।

कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री राम सेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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मंत्रोच्चार, भक्ति संगीत और विशाल भंडारे के साथ श्रीहनुमान मंदिर का दूसरा स्थापना दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया,कड़ाके की ठंड में भी नहीं डगमगाई आस्था, हवन-पूजन और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ जशपुर

मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत के बीच श्रीहनुमान मंदिर का दूसरा स्थापना दिवस श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया

भंडारा में उमड़ा आस्था का सैलाब, कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

हनुमान भक्ति से गूंज उठा सीटी कोतवाली परिसर, भक्तिमय हुआ नगर का माहौल

जशपुरनगर, 17 जनवरी 2026/ शहर के सीटी कोतवाली परिसर में स्थित भगवान श्रीहनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन संपन्न हुआ तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें शहर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई थी। पुरोहितों के नेतृत्व में वैदिक विधि से भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। हवन-पूजन के पश्चात दोपहर 11 बजे से भंडारे की शुरुआत हुई, जो देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालु अनुशासित ढंग से कतार में खड़े होकर प्रसाद ग्रहण करते नजर आए।

उल्लेखनीय है कि इस मंदिर का निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा वर्ष 2024 में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी रविशंकर तिवारी द्वारा शहरवासियों के सहयोग से कराया गया था। बीते दो वर्षों में यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर नगरवासियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन एवं भजन-कीर्तन के लिए पहुंचते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है।

कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत, जय श्रीराम और जय बजरंगबली के उद्घोष से मंदिर परिसर और आसपास का इलाका गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से भगवान हनुमान से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

इस धार्मिक आयोजन में एसएसपी शशि मोहन सिंह, एएसपी राकेश पाटनवार, एसडीओपी सी.एस. परमा, कोतवाली प्रभारी मोरध्वज देशमुख सहित पुलिस विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया।

       स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर नगरवासियों ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए इसे आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।

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सोगड़ा के ब्रह्मनिष्ठालय में आस्था, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम, अनन्य दिवस पर चड़िया त्रिवेणी संगम तट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

माता अन्नपूर्णा के दिव्य दर्शन की स्मृति में हुआ आयोजन, जय अघोरेश्वर के जयघोष से गूंज उठा संपूर्ण क्षेत्र

सोगड़ा/जशपुर | 17 जनवरी, 2026
जशपुर जिले के सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र ब्रह्मनिष्ठालय सोगड़ा के तत्वाधान में माघ कृष्णपक्ष चतुर्दशी के पावन अवसर पर ‘अनन्य दिवस’ का पर्व आज पूरे भक्तिमय वातावरण में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। चड़िया त्रिवेणी संगम तट पर प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र जय अघोरेश्वर के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी को माता अन्नपूर्णा ने साक्षात दर्शन देकर अपना दिव्य आशीर्वाद प्रदान किया था। इसी पावन स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने हेतु प्रतिवर्ष अनन्य दिवस का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन चड़िया संगम में स्नान, पूजन और साधना करने से विशेष पुण्य एवं आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है।

त्रिवेणी संगम पर दिनभर चला धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम

मधेश्वर, लावा और मनोरमा नदियों के संगम स्थल पर आयोजित इस महोत्सव की शुरुआत तड़के प्रभात फेरी से हुई। सोगड़ा आश्रम से श्रद्धालु अघोरेश्वर आसन एवं सर्वेश्वरी ध्वज लेकर जयकारे लगाते हुए संगम तट पहुंचे। इसके पश्चात संगम में स्नान कर सामूहिक पूजन-अर्चन किया गया।

दोपहर में आयोजित आध्यात्मिक गोष्ठी में विद्वानों एवं साधकों ने अघोरेश्वर महाप्रभु के मानवतावादी विचारों, सेवा भाव और अघोर पंथ की मूल भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला। सायंकाल भजन-कीर्तन के बाद विशेष आरती संपन्न हुई, जिसके उपरांत पवित्र ध्वज एवं आसन की ससम्मान आश्रम वापसी कराई गई।

विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु

इस आयोजन की भव्यता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से भी हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे। संगम तट पर हर आयु वर्ग के भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला।

आश्रम से जुड़े मानस सिंह ने कहा,

“यह केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और आत्मिक जागरण का पर्व है, जो हमें सच्चे जीवन मूल्यों की याद दिलाता है।”

प्रशासन और स्वयंसेवकों की रही सराहनीय व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्था सुचारु बनी रही, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन और पूजा-अर्चना की।

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परिवहन की बाधा होगी खत्म, रायपुर साहित्य उत्सव में शामिल होने साहित्य प्रेमियों के लिए तीन दिनों तक शहरभर में चलेगी निःशुल्क बस सेवा

रायपुर, 17 जनवरी 2026/रायपुर साहित्य उत्सव के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में भाग लेने से वंचित न रह जाए। निःशुल्क बस सेवा से शहरवासियों को उत्सव स्थल तक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी।

यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026—तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन तीनों दिनों में बसों का संचालन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे आमजन बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में शामिल हो सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 15 बसें इस निःशुल्क सेवा के अंतर्गत चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने और लौटने—दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि दर्शकों को कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। बसों की संख्या इस प्रकार निर्धारित की गई है कि भीड़ के समय भी सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।

शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए बस संचालन हेतु कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोगों को उत्सव स्थल तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।निःशुल्क बस सेवा के अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों में आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान और प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। समय-सारणी जारी होते ही इसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो।

उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि परिवहन की किसी भी असुविधा के बिना लोग इस उत्सव का हिस्सा बन सकें। इस पहल के माध्यम से रायपुर साहित्य उत्सव को एक व्यापक जन-सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

रायपुर, 17 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के खम्हारडीह ( ऐश्वर्या विंड मिल ) स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुंचकर स्वर्गीय श्री श्याम सुन्दर अग्रवाल की पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल समाजसेवा एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परिवारजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, श्री छगन मुंदड़ा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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