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शाला प्रबंध समिति डूमरटोली द्वारा राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का किया गया सम्मान

 जशपुर 21 सितम्बर 2025
शाला प्रबंधन समिति डूमर टोली के द्वारा भव्य कार्यक्रम कर राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का सम्मान किया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अरविंद भगत अध्यक्ष नगर पालिका परिषद जशपुर श्रीमती शांति भगत जिला पंचायत सदस्य पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर गोविंद राम भगत पूर्व जनपद अध्यक्ष मनोरा सलमा भगत डीडीसी जगपति भगत डीडीसी एवं पूर्व के वर्षों में राज्यपाल प्राप्त शिक्षक सुदामा मिश्रा व सुधीर कुमार पाठक पार्षद जशपुर  संकुल प्राचार्य श्रीमती निर्मला तिर्की सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम सरपंच मालती कुजूर व ग्राम डूमरटोली मारगा फतेहपुर के ग्राम वासियों ने उपस्थित होकर इस वर्ष राज्यपाल पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक प्रवीण कुमार पाठक प्रधान पाठक माध्यमिक शाला डुमरटोली एवं सरिता नायक प्रधान पाठक मटासी विकासखंड कुनकुरी का सम्मान किया गया। 
          ग्राम वासियों ने अपने पारंपरिक ढंग से नृत्य मांदर बाजा आम पल्लव से पानी छिटना हांथ धुलाना कुमकुम चंदन लगा नृत्य करते हुए मंच में स्थान देकर पुष्प गुच्छ से सम्मानित कर आसन ग्रहण करवाया गया नृत्य दल फतेपुर का नेतृत्व श्रीमती जयमुनी बाई एवं फ्लोरेंशिया भगत फतेपुर के द्वारा किया गया। स्वागत समारोह पश्चात ग्राम पंचायत बुमतेल एवं डुमरटोली के महिला समूहों अभिभावकों ग्रामीणों शिक्षकों के साथ उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को शाल-श्रीफल पुष्पगुच्छ माल्यार्पणकर सम्मान दिया गया। 
      शिक्षक सम्मान कार्यक्रम में प्रति वर्ष अनुसार रामानुजन गणित विज्ञान क्लब डूमर टोली की ओर से शाला प्रबंध समिति एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोरा के अनुमोदन से विकासखंड में उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य करने के लिए श्री बलदेव ओहदार ओपी चौधरी श्री खैटू राम महतो वंदना मांझी को सम्मान पत्र मोमेंटो देखकर सम्मानित किया गया इसके साथ विगत वर्षों में राज्यपाल पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक श्री सुदामा मिश्रा एवं आगामी वर्ष 25-26 राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित श्री रवि गुप्ता का भी सम्मान किया गया। रामानुजन गणित विज्ञान क्लब डुमरटोली प्रभारी शिक्षक  सत्यदीप प्रसाद एवं संजीव यादव ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष विकास खंड शिक्षा अधिकारी व संकुल प्राचार्य के मार्गदर्शन में किया जाताहै
      उक्त शाला प्रबंध समिति डुमरटोली के द्वारा संपादित शिक्षक सम्मान कार्यक्रम समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री मनेजर राम एवं अध्यक्ष मधुमती प्रजापति,शिक्षक किरण राम महारथी श्रीमती मंत्री बाई व संतोषी ओहदार सुचिता तिर्की सुमित्रा बाई रमसी बाई के सहयोग से सम्पन्न हुआ।

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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच : इंद्रावती नदी में स्वयं नाव चलाकर कोंडे गाँव पहुँचे स्वास्थ्य कर्मचारी

रायपुर 21 सितम्बर 2025/
छत्तीसगढ़ में जब बस्तर के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने की बात होती है तो सबसे पहले दुर्गम जंगलों और उफनती इंद्रावती नदी का ख्याल आता है। बरसात के मौसम में दुर्गम गाँवों तक पहुँचना बेहद जोखिमपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश का प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए लोगों की जान बचाने की प्राथमिकता के साथ कार्य कर रहा है।

नक्सल प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अब आमजन तक पहुँच रहा है। यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम है, जिसने बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया और आयुक्त-सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में प्रदेशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान ने बीजापुर जिले के सबसे दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की है। बीते शनिवार को स्वास्थ्य दल ने स्वयं नाव चलाकर उफनती इंद्रावती नदी पार की और अबूझमाड़ से लगे ग्राम कोंडे में शिविर लगाया। इस शिविर में कुल 132 मरीजों की जांच की गई, जिनमें मलेरिया, सर्दी-खाँसी और त्वचा रोग से पीड़ित रोगी प्रमुख रहे। विशेष रूप से 10 गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और परामर्श प्रदान किया गया। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत महिलाओं को पोषण, एनीमिया से बचाव और सुरक्षित मातृत्व संबंधी विस्तृत जानकारी भी दी गई। बीजापुर जिले में बीते तीन दिनों के दौरान अभियान की गति उल्लेखनीय रही है। इस अवधि में हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें उच्च रक्तचाप के 3,177 मामले सामने आए। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में मुख, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की 2,823 स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया। साथ ही 314 गर्भवती महिलाओं को जांच, टीकाकरण और परामर्श का लाभ मिला। अभियान के अंतर्गत दूरस्थ अंचलों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 1,200 से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 800 से अधिक व्यक्तियों की सिकल सेल जांच भी की जा चुकी है।

ये आँकड़े केवल संख्याएँ नहीं, बल्कि उस संकल्प का प्रमाण हैं जिसके तहत प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बीजापुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम अंचलों में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बाधित न हो। यही कारण है कि स्वास्थ्य कर्मी नदी, पहाड़ और जंगल पार करके महिलाओं और बच्चों तक जीवन रक्षक सेवाएँ पहुँचा रहे हैं। प्रदेश सरकार का यह प्रयास इस विचार को सशक्त करता है कि “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है।” इसी दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर पहुँच इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।

बस्तर संभाग में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे ये सुधार न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठा रहे हैं, बल्कि यह भी प्रमाणित कर रहे हैं कि सुशासन और समर्पित प्रयासों से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।

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स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में स्वच्छता संवाद एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित

जशपुरनगर, 21 सितम्बर 2025/  जिले में स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान के अंतर्गत आज विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वच्छता संवाद एवं श्रमदान कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामवासियों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराना, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी देना, खुले में शौच मुक्त वातावरण बनाने तथा घर-घर कचरा संग्रहण जैसी गतिविधियों के प्रति जागरूक करना था।
    कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने श्रमदान कर सार्वजनिक स्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालय परिसरों एवं ग्राम चौपालों की सफाई की। इसमें बच्चों और महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान  जनप्रतिनिधियों, स्वच्छाग्रहियों और स्वयंसेवी संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि हर नागरिक अपनी भूमिका निभाए, तो हम सब मिलकर अपने जिले को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बना सकते हैं।

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बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत हेतु 283 ग्राम पंचायतों का हुआ चयन

जशपुर, 21 सितंबर 2025/ बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ अभियान अंतर्गत  शासन द्वारा प्राप्त निर्देशानुसार कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में जिले के ग्राम पंचायतों को, जिनमें पिछले 02 वर्षों में एक भी बाल विवाह नहीं हुए है, ऐसे ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जाकर लोगों को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है तथा बाल विवाह के प्रभावी रोकथाम के लिए जिला स्तरीय एवं विकासखण्ड स्तरीय टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। 
          इस टास्क फोर्स द्वारा जिले में कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलते ही बाल विवाह रोकने के साथ विवाह करने वाले परिवार को समझाईश देकर बाल विवाह के दूष्परिणामों की जानकारी देने का कार्य किया जाएगा।  बाल विवाह होने की सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, अनुविभागीय अधिकारी (रा.), परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा टोल फ्री नम्बर चाईल्ड हेल्प लाईन 1098, महिला हेल्प लाईन 181 पर दिए जाने के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
         इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी  श्री अजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा छत्तीसगढ राज्य को वर्ष 2028-29 तक बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने की घोषणा की गई है, उक्त क्रम में वर्ष 2025-26 में 40%, वर्ष 2026-27 में 60%, वर्ष 2027-28 में 80% व वर्ष 2028-29 में 100% ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त बनाना है। उक्त घोषणा के अनुक्रम में जिले के ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषणा हेतु पंचायतों के प्रमुखों से बैठक कर प्रस्ताव मंगाई गई है, जिले के सभी विकासखंडों में से कुल 283 ग्राम पंचायतों मे पिछले 02 वर्षों में एक भी बाल विवाह नहीं होने के जानकारी के साथ बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उक्त प्रस्तावों का ग्राम पंचायतों में होने वाले आगामी ग्राम सभा में अनुमोदन पश्चात बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायतों हेतु कलेक्टर द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जावेगा।

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आवासहीन परिवारों के सपना हो रहा साकार : प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीणों को मिल रहा है सुरक्षित छत और सम्मानजनक जीवन

जशपुर 21 सितम्बर 25// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत सुदूर गाँवों में बसे जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को अब सुरक्षित छत और सम्मानजनक जीवन मिल रहा है। इस योजना ने न केवल आवासहीन परिवारों के सपनों को साकार किया है, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और आत्मसम्मान का नया आधार भी प्रदान किया है।

मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत बुमतेल निवासी श्री लखन उरांव इस योजना से लाभान्वित होकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले एक सशक्त उदाहरण बने हैं। वर्षों तक कच्चे मकान में रहने के कारण उन्हें और उनके परिवार को बारिश और ठंड में असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। छत से पानी टपकना, बार-बार घर की मरम्मत करना और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण का अभाव, इनके जीवन की सबसे बड़ी समस्या रही।

प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वीकृत आवास ने श्री लखन के इन सभी कष्टों को दूर कर दिया। उन्होंने समय पर मकान निर्माण पूरा किया और अब उनके परिवार के पास स्थायी व सुरक्षित घर है। हितग्राही श्री लखन ने भावुक होकर बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमें सुरक्षित छत दिया है। बरसात के दिनों में अब हमें पानी टपकने की चिंता नहीं होती और बार-बार मरम्मत के झंझट से भी मुक्ति मिल गई है।

उन्होंने आगे बताया कि उन्हें शासन से आयुष्मान भारत कार्ड और राशन कार्ड की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे उनके जीवन में और अधिक सहजता और सुरक्षा आई है। अब वे न केवल सुरक्षित घर में रह रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से भी लाभान्वित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक आवास निर्माण की योजना नहीं, बल्कि यह सम्मान और नई उम्मीद की आधारशिला है। इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवार भयमुक्त होकर सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जशपुर जिले में यह योजना ग्रामीण जीवन में स्थायी परिवर्तन ला रही है और हर गरीब परिवार के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है।

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सेवा पखवाड़ा अंतर्गत नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जशपुर में हुआ मैराथन दौड़ का आयोजन

जशपुर, 21 सितम्बर 2025 : सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज जशपुर में नशा मुक्त भारत अभियान को बढ़ावा देने हेतु एक प्रेरणादायक मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नागरिकों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मैराथन दौड़ जशपुर जयस्तंभ चौक से शुरू होकर रणजीता स्टेडियम में समापन किया गया।

इस आयोजन में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, एवं समाज कल्याण अधिकारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

क्रीड़ा परिसर के 500 से अधिक बच्चों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मैराथन में भाग लिया। विशेष रूप से समर्थ स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने भी भाग लेकर आम नागरिकों से नशा से दूर रहने की भावपूर्ण अपील की।

कार्यक्रम का समापन रणजीता स्टेडियम में हुआ, जहां विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने बच्चों को नशा मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और नागरिकों से आग्रह किया कि वे समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाने में सहयोग करें।

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जिले के तेरह गांवो में बिखरेगी सुशासन की रौशनी,अंधेरे से मुक्ति दिलाने सीएम की पहल में खुशी की लहर...58 लाख स्वीकृत

जशपुरनगर 21 सितम्बर 25/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीणों की इस समस्या को दूर कर दी। सीएम साय ने जिले के कांसाबेल ब्लॉक के ग्राम पूसरा,पोंगरो,कांसाबेल,बाँसबहार,चोगरीबहार,देवरी,दोकड़ा,सारूकछार,बटईकेला,नरियलडांड,फरसाजुड़वाईन,खूंटीटोली,बेलटोली के कई आश्रित बस्तियों,मजरा टोली में अधूरे पड़े विद्युतीकरण के काम को पूरा कराने के लिए 58 लाख रूपये की स्वीकृति देते हुए राशि जारी कर दी है,जिसके बाद इन बस्तियों में विद्युत केबल तार लगाकर ग्रामीणों को अंधेरे से मुक्ति दिलाने का कार्य शुरू हो गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संज्ञान में जैसे ही जिले काँसाबेल ब्लाक में अधूरे पड़े विद्युतीकरण के काम का मामला आया,उन्होंने इसे पूरा कराने के लिए विभाग की निर्देशित कर किया था। 

ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री साय का आभार
विद्युतीकरण कार्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 58 लाख रूपये की स्वीकृति देकर उन्हें अंधेरे से मुक्ति मिलने के बाद ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है। ग्रामीणों ने वर्षों की समस्या को दूर करने के लिए सीएम साय का आभार जताया है।

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नई समिति के गठन के साथ ही बगीचा में क्रिकेट को मिलेगी एक नई दिशा,जिला व राज्य स्तर पर नई पहचान बनाने का मिलेगा अवसर

बगीचा 21 सितम्बर 2025- बगीचा क्रिकेट समिति का निर्वाचन संपन्न हो गया है। इस निर्वाचन में सुबोध जायसवाल निर्विरोध अध्यक्ष एवं सुरेश सोरेन निर्विरोध सचिव चुने गए, वहीं आर्यन गुप्ता को उपाध्यक्ष और जगदीश गुप्ता कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए।समिति के संरक्षक ताहिर चिश्ती,गुड्डू मिश्रा, मनोज गुप्ता, वरुण जैन ,दीपक सिंह संतोष गुप्ता बनाये गए हैं

वहीं समिति के कार्यसमिति सदस्य अवधेश जायसवाल,नीरज गुप्ता ,कौशल शर्मा, डेविड चिश्ती, विनोद शर्मा, रूपेंद्र कौशले, अनिल तिर्की, सुरजन कुजूर राहुल सुमन, विक्की बाखला, नितिन शर्मा , विवेक अग्रवाल आसिफ राजा,बबला गुप्ता,दीपक राजपूत,खगेन्द्र चौहान,धनंजय निराला, शुभम सिडाम,उमेश सोनी नवीन सिन्हा,मुरली भगत,दिलीप जायसवाल,दिवाकर गुप्ता,जयप्रकाश कुजूर,राकेश भगत,सुबेचंद,भरत गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।

20 सितंबर को बगीचा के हाईस्कूल मैदान में हुए निर्वाचन में अध्यक्ष पद हेतु सुबोध जायसवाल और सचिव पद हेतु सुरेश सोरेन को निर्विरोध निर्वाचित किया गया।उपाध्यक्ष पद के लिए 2 उम्मीदवारों आर्यन गुप्ता और संतोष भगत में आर्यन गुप्ता ने 1 मतों से जीत हासिल किया,आर्यन गुप्ता को 14 वोट तो वहीं संतोष भगत को 13 वोट मिले।
कोषाध्यक्ष पद के लिए जगदीश गुप्ता और दीपक राजपूत दोनों ही उम्मीदवारों के बीच काफी कड़ा संघर्ष देखने को मिला पर अंतिम दौर में जगदीश गुप्ता ने बढ़त बनाते हुए जीत हासिल की।जगदीश गुप्ता 15 वोट और दीपक राजपूत 12 वोट मिले।नवनिर्वाचित सदस्यों ने कहा की बगीचा विकासखंड में क्रिकेट को बढ़ावा देने हर संभव प्रयास किया जाएगा, बगीचा विकासखंड मुख्यालय के इकलौते क्रिकेट मैदान के मैदान के समतलीकरण और मैदान में लाइट की सुविधा समेत मैदान में समस्याओं के निराकरण और सुविधाओं के विस्तार के लिए समिति द्वारा शासन से मांग की जाएगी। कार्यकारिणी के गठन के पश्चात समिति के लिए विभिन्न निर्णय भी लिए गए।

नई समिति के गठन के साथ ही बगीचा विकासखंड में क्रिकेट को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बगीचा के इकलौते खेल मैदान की समस्याओं का निराकरण करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल समिति की प्राथमिकता रहेगी। स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई है कि नई समिति के नेतृत्व में क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और बगीचा के क्रिकेट खिलाड़ियों को जिला व राज्य स्तर पर नई पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

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मुख्यमंत्री गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी पर नगर कीर्तन यात्रा में हुए शामिल

रायपुर, 21 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यह हमारा सौभाग्य है कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर आयोजित कीर्तन यात्रा का दर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की अगुवाई कर रहे पंच प्यारों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को पवित्र सिरोपा और कृपाण भेंट की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य और गर्व का विषय है। आज हम नगर कीर्तन यात्रा के दर्शन कर रहे हैं, जो गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर असम के गुरुद्वारा धुबरी साहिब से प्रारंभ होकर देश के अनेक स्थानों से होते हुए छत्तीसगढ़ पहुँची है। लगभग 10 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर यह नगर कीर्तन यहां पहुँचा है। हमारे प्रदेशवासियों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण और पुण्य अवसर है कि हमें इस यात्रा का स्वागत करने और इसमें भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी की शहादत के बारे में हम सभी भलीभांति जानते हैं। वे मुगलों के सामने कभी नहीं झुके और अपने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। आज भी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब गुरु तेगबहादुर जी की शहादत का अमर प्रतीक है। हम गुरु तेगबहादुर जी को नमन करते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की शहादत भी अद्वितीय है। साहिबजादों ने मुगलों के सामने झुकने के बजाय धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने साहिबजादों की इस वीरता को नमन करते हुए हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वीर बाल दिवस को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, पूर्व विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री बलदेव सिंह भाटिया, श्री गुरचरण होरा, गुरुद्वारा कमेटियों के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में सिख धर्म के अनुयायी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स पर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर, 20 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन रंजीत कश्यप सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्र शहीद जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का यह त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के मार्ग पर और अधिक दृढ़ संकल्पित करता है।

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प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त प्रधानपाठकों तथा व्याख्याताओं को काल्पनिक पदोन्नति आदेश जारी किया जाये-फेडरेशन

 जशपुर 20 सितम्बर 2025 : 
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी को  प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त प्रधानपाठकों तथा व्याख्याताओं को काल्पनिक पदोन्नति देने ई-मेल किया है। 
प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता एवं महामंत्री संजीव शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ राजपत्र 5 मार्च 2019 द्वारा एजुकेशन एवं ट्राइबल के शिक्षक संवर्गों के लिये समेकित भर्ती-पदोन्नति नियम बनाया गया था। प्राचार्य पद पर पदोन्नति हेतु मार्च/अप्रैल 2025 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में पात्र व्याख्याताओं एवं प्रधानपाठकों के पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक (डी.पी.सी) हुआ था। लेकिन विभागीय प्रक्रिया में व्यवधान के फलस्वरूप 30/4/25 को टी-संवर्ग में 1335 तथा ई-संवर्ग में 1478 प्राचार्य पदोन्नति आदेश जारी हुआ था। लेकिन टी-संवर्ग अंतर्गत जारी पदस्थापना आदेश दिनाँक 29/8/25 को जारी हुआ था। जिसमें 30/4/25 से 31/7/25 तक टी-संवर्ग के सेवानिवृत्त व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों के नाम पदस्थापना आदेश से हटा दिया गया था। जबकि विभाग के द्वारा टी संवर्ग में प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों को प्राचार्य पद पर काल्पनिक पदोन्नति *कार्य नहीं वेतन नहीं* के सिद्धांत के आधार पर काल्पनिक पदोन्नति आदेश जारी करना था।जोकि ई-संवर्ग में प्राचार्य पदोन्नति आदेश तिथि एवं पदस्थापना आदेश तिथि तक में भी लागू होगा।  
         उन्होंने बताया कि मंत्रालय स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश  6/10/18 के द्वारा 171 व्याख्याताओं/प्रधानपाठकों (माध्यमिक शाला स्नातकोत्तर) को 15600-39100 ग्रेड पे 5400 (वेतन मैट्रिक लेवल-12) में काल्पनिक पदोन्नति *कार्य नहीं वेतन नहीं* के सिद्धांत पर किया गया था। नोशनल पे फिक्सेशन होने से संबंधितों को पेंशन एवं ग्रेच्यूटी में आर्थिक लाभ मिला था। प्राचार्य पद का वास्तविक लाभ भले ही नहीं मिला हो लेकिन सेवानिवृत्त प्राचार्य का पदनाम मिला था।
      फेडरेशन ने सेवानिवृत्ति के कारण प्राचार्य पदोन्नति से  वंचित हुए पात्र व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों को *कार्य नहीं वेतन नहीं* सिद्धांत के अंतर्गत *काल्पनिक पदोन्नति* देने का माँग शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से किया है।

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सीएम के प्रयासों से जशपुर बन रहा खेलों का नया केंद्र,बगीचा में आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण प्रारंभ

जशपुरनगर, 20 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में खेल प्रतिभाओं को पहचान और बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार दूरदर्शी सोच के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी अपनी चमक बिखेरें और देश व राज्य का नाम गौरवान्वित करें। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर ही खेल मैदानों और आवश्यक अधोसंरचनाओं के निर्माण की लगातार स्वीकृति दी जा रही है। साथ ही निर्माण भी कार्य सतत्  रूप से जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय के कार्यकाल में 2.83 करोड़ लागत के बगीचा में स्वीकृत हुए आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इस स्टेडियम में वुडन फ़्लोरिंग युक्त दो बैडमिंटन कोर्ट होंगे। साथ ही खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी विकसित की जाएँगी। क्षेत्रवासियों और खिलाड़ियों ने इस पहल पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब उन्हें बड़े शहरों जैसी खेल सुविधाएँ अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी, जिससे  बेहतर खिलाड़ी उभर के सामने आएंगे।

 खेल ग्राउंड सहित जरूरी अधोसरंचना निर्माण की निरंतर मिल रही हैं स्वीकृतियाँ

 आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले के खिलाड़ियों ने अपने मेहनत और प्रतिभा से तीरंदाजी,ताईक्वांडों तैराकी, एथेलेटिक्स और हॉकी में शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी  प्रतिभा की चमक बिखेरी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले को खेल की दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने दृढ़संकल्पित है। उनके प्रयासस्वरूप सन्ना में आधुनिक सुविधाओं से लैस तीरंदाजी अकादमी और कुनकुरी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति प्रदान की गई है। रणजीता स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाने की घोषणा।  जिला मुख्यालय जशपुर में एस्ट्रो टर्फ हाकी मैदान के पास बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही मयाली‌ में एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालित है। जशपुर के घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है।  इसके अलावा नगरीय क्षेत्र से लेकर गांव तक के स्टेडियम व मैदानों की जीर्णोद्धार की निरंतर स्वीकृति दी जा रही है। 

खिलाड़ियों, नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराना शामिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए और अधिक तैयार हो पाएंगे। यह पहल जिले में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

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अघोरपीठ गम्हरिया एवं जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर में श्री सर्वेश्वरी समूह का 65 वां स्थापना दिवस कल....निकलेगी प्रभात फेरी

जशपुर 20 सितम्बर 2025 : श्री सर्वेश्वरी समूह का 65 वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास  के साथ 21 सितंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा इस अवसर पर सुबह 5:00 बजे अघोर पीठ गम्हरिया आश्रम से प्रभात फेरी निकाली जाएगी जो सती चौरा में पूजा अर्चना के पश्चात सोगड़ा आश्रम पहुंचेगी जहाँ ध्वजों तोलण   एवं पूजा पाठ के पश्चात अघोर पीठ आश्रम गम्हरिया में प्रभात फेरी सम्पन्न होगी।वहां ध्वजों तोलण, सफल योनी का पाठ ,लघु गोष्ठी एवं प्रसाद वितरण के पश्चात दोपहर में जशपुर के विभिन्न मंदिरों मस्जिद और गिरिजा घरों में झाड़ू वितरण एवं जशपुर के विभिन्न चिकित्सालयो में पौष्टिक आहार का वितरण किया जाएगा।

नारायणपुर में सर्वेश्वरी समूह का 65वां स्थापना दिवस कल 21 सितम्बर को

नारायणपुर : सर्वेश्वरी समूह का 65वां स्थापना दिवस पूरे जिले के साथ जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर चिटकवाइन में भी 21 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 5:30 बजे आश्रम परिसर से प्रभात फेरी के साथ होगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों का परिभ्रमण कर पुनः आश्रम लौटेगी। सुबह नौ बजे ध्वजारोहण, पूजन और सफल योनि का पाठ होगा। इसके बाद 11 बजे आश्रम परिसर में श्री सर्वेश्वरी समूह का हमारे व्यक्तित्व पर प्रभाव विषय पर गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें वक्ता अपने विचार साझा करेंगे।

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21 साल से जारी परंपरा, हर साल बदलती पंडाल की सजावट, 22 सितम्बर से शुरू होगी नवरात्रि......इस वर्ष नारायणपुर में देखें मन्दिर का भव्य नजारा

नारायणपुर 20 सितम्बर 2025 : प्रतिवर्ष की तरह इस साल भी नारायणपुर में दुर्गा पूजा पंडाल बनाने और प्रतिमाएं स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष 22 सितंबर से नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने जा रहा है। नवरात्रि का यह पावन पर्व इस बार नौ दिनों का होगा, जिसके कारण इसे विशेष माना जा रहा है। 22 सितम्बर दिन सोमवार  सोमवार को अभिजीत मुहूर्त में पुरोहितों के मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा, कलश स्थापना के बाद आदि शक्ति मां जगदम्बा का पूजन अर्चन शुरू होगा।

नारायणपुर में दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समिति सहित गांवों के लोग पंडाल सजाने के लिए साफ सफाई में जुट गए हैं। पांडाल तैयार होने पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।दुर्गा पूजा के दौरान 9 दिनों तक पूरे गांव में भक्तिमय माहौल रहता है। सुबह-शाम मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती और भजन होते हैं। इस दौरान बाल कलाकारों द्वारा बीच बीच मे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किया जाता हैं।

    यंहा पिछले 21 वर्षों से दुर्गा पूजा का पंडाल सजाया जा रहा है। यह आयोजन ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न होता है। कार्यक्रम के अंत में मां दुर्गा का भंडारा होता है। क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।भक्त गण बताते हैं कि यहां केवल पूजा ही नहीं, बल्कि कला, आस्था और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

रावण निर्माण की तैयारी में जुटा पूजा समिति :

नारायणपुर के कन्या शाला मैदान पर रावण दहन कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता हैं।पूजा समिति सदस्यों के द्वारा रावण दहन की तैयारी को लेकर सभी प्रकार के निर्णय हो चुके हैं। 2 अक्टूबर को भव्य विसर्जन यात्रा के साथ शानदार आतिश बाजी  के साथ रावण दहन का कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया।सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे। जिससे कि रावण दहन कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की कोई दुर्घटना न हो। लोग सुरक्षित और निर्भय होकर रावण दहन कार्यक्रम देख सके। रावण दहन का उद्देश्य है कि शक्तिशाली राजा भी अगर असत्य और बुराई के मार्ग पर चलना शुरू कर दे तो उसका अंत निश्चित है। रावण दहन की शुरूआत  झांकी निकाल कर भगवान श्री राम का  अग्नि वाण रावण के ऊपर चलाया जाता है। इसके साथ ही प्रतिमा धू-धू कर जलने लगती है। चारो और जय श्री राम के नारे लगना शुरू हो जाता है।

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जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रीनू ठाकुर के निधन पर मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया

रायपुर, 20 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रीनू ठाकुर के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमती रीनू ठाकुर अपनी कर्त्तव्यपरायणता, सरल एवं सौम्य व्यक्तित्व तथा मधुर व्यवहार के कारण विभागीय परिवार में विशिष्ट स्थान रखने वाली अधिकारी रहीं। उन्होंने विभागीय दायित्वों का निर्वहन सदैव पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ किया और अपने कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करते हुए शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दे।

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जिले को मिली एक और बड़ी सौगात, सीसीरिंगा से महलंग सहसपुर सड़क की निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के पहल से मिली 6 करोड़ 91 लाख रुपए की मंजूरी, 


जशपुरनगर 20 सितम्बर 2025 : जिले के सड़कों की तस्वीर तेजी से बदल रही है, प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और निरंतर प्रयासों से जिले के विकास कार्यों में लगातार नई कड़ियाँ जुड़ रही हैं।ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत संरचना से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है।इस बार जिले के लिए जिस कार्य को मंजूरी मिली है, वह है सीसरिंगा से महलंग होते हुए सहसपुर मार्ग 6.5 किलोमीटर का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 6 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।लंबे समय से क्षेत्रवासियों की यह मांग पूरी होने जा रही है।इस सड़क निर्माण से न केवल ग्रामीणों को आवागमन में सुगमता मिलेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। किसानों को अपनी फसलों और उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी।साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में भी तेज़ और सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सौगात मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि इस सौगात से गांव-गांव में विकास की गति और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

राहगीरों को मिलेगी कीचड़ और धूल से निजात

लंबे समय से राहगीरों और ग्रामीणों की समस्या अब खत्म होने जा रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और धूल भरी गर्मी के मौसम में उठने वाली परेशानी से अब लोगों को निजात मिलेगी। क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति और तेजी से हो रहे विकास कार्यों से लोगों को बेहतर सुविधा मिलने वाली है।
ग्रामीणों ने बताया कि अब तक बरसात के समय कच्ची सड़कों पर चलना बेहद कठिन हो जाता था। कीचड़ और गड्ढों की वजह से न केवल राहगीरों को दिक्कत होती थी बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और किसानों को भी आवागमन में भारी दिक्कत झेलनी पड़ती थी।सड़क निर्माण हो जाने से क्षेत्र वासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा होगी।

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मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात.....प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर संघ ने आभार जताते हुए वापस ली प्रदेशव्यापी हड़ताल

रायपुर, 20 सितम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कल से प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा।

उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ से डॉ अमित मिरी, डॉ रविशंकर दीक्षित, श्री पूरन दास, श्री कौशलेश तिवारी, श्री हेमंत सिन्हा, श्री दिनेश चंद्र, श्री संतोष चंदेल, श्री प्रफुल्ल पाल, डॉ देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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ग्रामीणों की इस मांग पूरा होने पर पूरा गांव में मनाया जमकर जश्न, बाजे - गाजे के साथ किनको जताया आभार......जानने पढ़ें पूरी खबर

जशपुरनगर 19 सितम्बर 2025 : जिले के फरसाबहार क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने धौरासांड से दाईजबहार मार्ग पर ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 18 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

ग्रामीणों ने खुशी में बजाए बाजे-गाजे

ईब नदी पर पुल निर्माण की स्वीकृति की खबर मिलते ही ग्रामीणों में हर्ष और उल्लास का माहौल बन गया। जगह-जगह बाजे-गाजे के साथ जश्न मनाया गया। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए और युवाओं ने नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी कर दी है।इस मौके पर बाबी यादव,चंपावती सिंह,शिवपूजन साय,नितेश यादव,शरीफ साय, समल साय,देवकरण नायक, डीसी साय,देवानंद साय, उजीत साय सहित बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मिलेगा आवागमन का बेहतर विकल्प

क्षेत्र के डीडीसी वेदप्रकाश भगत ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए बताया कि इस पुल के निर्माण के बाद दाईजबहार, बरकशपाली, साजबहार, बामहनमारा, तपकरा सहित धौरासांड, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा और तुबा जैसे गांवों की दूरी कम हो जाएगी। अब लोगों को लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

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