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जशपुर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन : गिरांग मोड़ की ‘माँ भवानी आरोग्य संस्था’ सील, स्वास्थ्य विभाग की दबिश में खुली पोल, बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था इलाज का कारोबार

जशपुर 13 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने सोमवार को माँ भवानी आरोग्यम संस्था गिरांग मोड दोड़काचौरा जशपुर को अवैध रूप से चिकित्सा केंद्र संचालित करने पर   संस्था को सील कर दिया गया है । 

साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीएस जात्रा को निर्देश दिए थे कि जिले में जितने भी अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। मौके पर जाकर पंजीयन का सत्यापन करें और जिनके द्वारा वैध दस्तावेज जमा नहीं किया जा रहा है।

उन अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इसी कड़ी में जिला प्रशासन एवं मेडिकल टीम द्वारा विभिन्न संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया गया  जिसमे अवैध संचालित संस्था को सील किया गया ।

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मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: जशपुर के दूरस्थ गांवों को मिली नई रफ्तार,कम खर्च में सुविधाजनक सफर से ग्रामीणों को मिल रही बड़ी राहत

जशपुरनगर 13 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत जशपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना अंतर्गत जिले में कुल 11 बसों का संचालन किया जा रहा है। जिससे दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को अब सुगम, सुरक्षित और किफायती आवागमन की सुविधा मिल रही है। जिला परिवहन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये बसें जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर संचालित हो रही हैं। इनमें कैलाशगुफा से बगीचा, सन्ना से चम्पा, कोतबा से बुलडेगा, तेलाईन से फरसाबहार, रनपुर से कांसाबेल, दोकड़ा से दुलदुला, जशपुर से हर्री , जशपुर से बिचीटोली, जूनाडीह से बासनतला, पत्थलगांव से नारायणपुर तथा दुलदुला से अबिरा जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं। इन बसों के संचालन से ग्रामीण अंचलों के लोगों को अब कम खर्च में सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल रहा है। पहले जहां निजी साधनों या महंगे वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब कम किराए में नियमित बस सेवा उपलब्ध होने से लोगों के खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे आमजन की आर्थिक बचत हो रही है और दैनिक आवागमन आसान हो गया है। विशेष रूप से विद्यार्थियों, किसानों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को इस योजना से बड़ी राहत मिली है। छात्र अब आसानी से स्कूल और कॉलेज पहुंच पा रहे हैं, किसान अपनी उपज को कम लागत में बाजार तक ले जा पा रहे हैं, वहीं श्रमिकों को रोज़गार के स्थान तक पहुंचने में सुविधा हो रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

        मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी अब अधिक सुगम हो गई है। मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कम समय और कम खर्च लग रहा है, जिससे समय पर उपचार संभव हो पा रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के माध्यम से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि यह पहल ग्रामीणों के लिए राहत, सुविधा और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है। यह योजना जिले में विकास की नई दिशा तय करते हुए लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।

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“किशोरियों की सुरक्षा का कवच बना एचपीवी टीका: सीएचसी बगीचा से शुरू हुआ बड़ा अभियान, कैंसर से बचाव की दिशा में ऐतिहासिक पहल

जशपुरनगर 13 अप्रैल 2026/ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा में आज एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीनेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह पहल किशोरी बालिकाओं को गंभीर बीमारियों एवं विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के तहत ग्राम बगडोल निवासी कु. पायल उम्र 14 वर्ष को पहला एचपीवी टीका लगाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। इस टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 14 वर्ष से 15 वर्ष 3 माह तक की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाया जाएगा। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर बीपीएम श्री सूर्य रत्न गुप्ता, बीईटीओ श्री देवसाय भगत, आरएमए श्री मुकेश अग्रवाल, सेक्टर सुपरवाइजर श्री दशरथ साहू, आरएचओ श्री सुभाष शर्मा, श्री संतोष कुमार एवं एएनएम श्रीमती अनिता पैंकरा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

        स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी वैक्सीन एक सुरक्षित और प्रभावी टीका है, जो गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल कैंसर), गुदा, गले एवं अन्य कैंसर के साथ-साथ जननांग मस्सों के लिए जिम्मेदार ह्यूमन पैपिलोमावायरस संक्रमण से बचाव करता है। समय पर टीकाकरण से भविष्य में गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराएं, ताकि उन्हें भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। यह अभियान जिले में महिलाओं के स्वास्थ्य सशक्तिकरण और जागरूकता की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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डिजिटल गवर्नेंस पर कलेक्टर का सख्त फरमान: अब हर काम होगा ई-ऑफिस से, iGOT कोर्स बिना वेतन नहीं, पहाड़ी कोरवा बस्तियों में स्वास्थ्य शिविर अनिवार्य

जशपुर 13 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर   अधिकारियों और जिला कार्यालय के   कर्मचारियों को  शासकीय कार्य e office, sparrow, eHRMS और i Got कर्मयोगी के माध्यम से ही करने के दिए निर्देश। 
 
 उन्होंने ई आफिस संचालन के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि सभी कार्यालयों को One board करना अनिवार्य है। 

कलेक्टर ने ई आफिस का कैसे संचालन करना जैसे ई फाइल,नोट सीट को ई आफिस के माध्यम से कैसे भेजना है। अधिकारियों और कर्मचारियों का डाटा, नियुक्ति दिनांक, आदेश  पदस्थापना की जगह, जिला,पदनाम, मोबाइल नम्बर, प्रमोशन आदेश,प्रथम नियुक्ति आदेश, परीविक्षा अवधि, आदि अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपडेट करना है।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी में तीन कोर्स करने के निर्देश दिए हैं।और उसका प्रमाण पत्र कोषालय में जमा करने पर ही वेतन मिल पाएगा।  ‌

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहायक कलेक्टर श्री अनीकेत अशोक अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू और सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारीयों को निर्देश दिए हैं कि वे विकास खंड स्तरीय सुशासन शिविर में बीएमओ, विकास खंड शिक्षा अधिकारी,महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी, फूड इंस्पेक्टर,श्रम विभाग, मत्स्य विभाग सहित अन्य विभाग के अधिकारीयों को शिविर में भेजने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि राज्यपाल श्री रमेन डेका के जशपुर निरीक्षण के दौरान जरूरी निर्देश दिए गए हैं उसका सभी को पालन करना अनिवार्य है।
सभी अधिकारियों को अपने कार्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम का पौध रोपण करने के निर्देश दिए हैं। और मां के नाम का बोर्ड लगाने के लिए कहा है।
नशा मुक्ति अभियान के तहत युवाओं को नशापान दूर रहने जागरूकता अभियान चलाने और डाक या पार्सल गोदाम में पुलिस विभाग की टीम को चेक करवाने के निर्देश दिए हैं कोई पार्सल के माध्यम से अवैध नशा समाग्री तो नहीं पहुंचा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्कूल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ विक्रय नहीं किया जाना चाहिए। 
विक्रय करते पाए जाने वाले दुकानों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने प्राकृतिक आपदा 6/4 के तहत प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि गंभीरता से देने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कृषि अधिकारी को किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा खाद कि आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं।
लोगों दुर्घटना से बचाने के लिए जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव में हेलमेट जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।‌
कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बसाहटों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर उनका स्वास्थ्य जांच करने के दिए निर्देश।

गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज या अन्य सुविधा युक्त अस्पताल में भेजने के दिए निर्देश।

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“जंगल पर कब्जा करने की कोशिश पड़ी भारी: सन्ना वन विभाग का सख्त एक्शन, अवैध निर्माण रुकवाकर जमीन कराई खाली

जशपुरनगर 13 अप्रैल 2026/ वन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार वन परिक्षेत्र सन्ना अंतर्गत वन कक्ष क्रमांक पी-111 में ग्राम सुलेसा के कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से वन भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री दयानंद यादव, श्री रमेश यादव, श्री कुमार यादव एवं श्री मिथलेश यादव, निवासी ग्राम सुलेसा द्वारा उक्त वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा था। संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में वन विभाग द्वारा लिखित एवं मौखिक रूप से अतिक्रमण हटाने हेतु समझाइश दी गई थी, किन्तु उनके द्वारा निर्देशों का पालन नहीं किया गया। उक्त परिस्थिति में  12 अप्रैल 2026 को वन विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्यवाही की गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि श्री कुमार यादव, पिता धुनुर यादव, जाति आहीर, निवासी - सुलेसा द्वारा वन भूमि पर अवैध रूप से मकान निर्माण किया जा रहा था। विभाग द्वारा तत्काल हस्तक्षेप करते हुए समझाइश के साथ निर्माण कार्य रुकवाकर स्थल को वन विभाग के कब्जे में लेकर भूमि को रिक्त कराया गया।

इसके अतिरिक्त उसी कक्ष क्रमांक में श्री दयानंद यादव, श्री रमेश यादव एवं श्री मिथलेश यादव द्वारा अतिक्रमण की मंशा से मिट्टी डाली गई थी। उक्त मिट्टी को विधिवत रूप से ग्राम पंचायत सुलेसा के सरपंच को सुपुर्द किया गया है। साथ ही उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उक्त मिट्टी के भौतिक स्वरूप में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न किया जाए तथा यथास्थिति बनाए रखी जाए।

वन विभाग द्वारा संबंधित सभी व्यक्तियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न किया जाए। यदि पुनः इस प्रकार की गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध प्रचलित वन अधिनियमों एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर ने मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धि

जशपुरनगर, 13 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की नीतियों एवं शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिला आज मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मत्स्य उत्पादन न केवल पोषण सुरक्षा का माध्यम है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोजगार सृजन का भी एक सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रदेश में मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देने हेतु शासन द्वारा निरंतर नवाचारों को अपनाया जा रहा है। किसानों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा उन्हें अनुदान राशि भी प्रदान की जा रही है। इन प्रयासों से मत्स्य उत्पादक किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर हैं। अप्रैल 2024 से 9 मई 2026 तक मत्स्य उत्पादन नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए है, बल्कि मत्स्य उत्पादकों की आमदनी में इजाफा हुआ है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। 
     इन वर्षों में जिले में मत्स्य बीज स्पॉन उत्पादन 18.50 करोड़, मत्सय बीज स्टे.फ्राय उत्पादन 2.55 करोड़ तथा मत्स्य बीज संचयन 2.94 करोड़ तक पहुँच गया है। जिले में कुल 21119 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया। ग्रामीण स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु लगभग 80 हेक्टेयर ग्रामीण तालाबों व जलाशयों का पट्टा आबंटन किया गया। साथ ही 19 मछुआ सहकारी समितियों को शासन द्वारा नवीन योजना के अंतर्गत अनुदान स्वीकृत किया गया। मछुआरों के सामाजिक सुरक्षा के लिए 13989 हितग्राहियों को मत्स्यजीवि दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 63 हितग्राहियों द्वारा मौसमी तालाबों में मत्स्य बीज संवर्धन का लाभ दिया गया है। साथ ही सामान्य एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग लगभग 800 लाभार्थियों ने 50 प्रतिशत अनुदान पर फिंगरलिंग क्रय कर संचयन कार्य किया है। सामान्य एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 712 हितग्राहियों को नाव-जाल वितरण और 335 लाभार्थियों को फुटकर मछली विक्रय योजना के तहत आर्थिक सहायता दी गई है। इसी प्रकार से झींगा पालन के क्षेत्र में भी 110 इकाइयों की स्थापना से मत्स्य व्यवसाय में विविधता आई है।

*प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल*

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य पालन क्षेत्र में नीली क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश में मत्स्य उत्पादन में वृद्धि करना, मत्स्य निर्यात को दोगुना करना तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। यह योजना मछुआरों और मत्स्य पालकों को बुनियादी सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों तथा वित्तीय सहायता के माध्यम से सशक्त बनाती है। इसके अंतर्गत मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को आकस्मिक मृत्यु, स्थायी विकलांगता अथवा अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में बीमा सुरक्षा भी प्रदान की जाती है। साथ ही मछली पालन को एक व्यवसाय के रूप में शुरू करने के लिए ऋण पर सब्सिडी प्रदान करता है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनार्त्गत हितग्राहियों को स्वयं की भूमि में तालाब, पोखर संवर्धन, पौंण्डर लाइनर के निर्माण हेतु अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हितग्राहियों एवं महिलाओं को 60 प्रतिशत तक एवं सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत तक की अनुदान राशि प्रदान की जाति है।  इस योजना के तहत जिले में 26 हेक्टेयर में स्वयं की भूमि में तालाब निर्माण, 5.4 हेक्टेयर में संवर्धन पोखर निर्माण, और लगभग 8 बायोफ्लॉक पॉण्ड लाइनर इकाइयों की स्वीकृति दी गई है।

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कांसाबेल में संचालित विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान को स्थानांतरित करने की अनुमति अपरिहार्य कारणों से निरस्त

जशपुरनगर 13 अप्रैल 2026/समाचार पत्रों में प्रकाशित शराब दुकान के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन के संबंध में जिला आबकारी अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया है कि जशपुर जिले के ग्राम पंचायत कांसाबेल क्षेत्र में संचालित शराब दुकान को अन्यंत्र स्थल सिहारबुड़ में स्थानांतरित किये जाने पर स्थानीय महिलाओं द्वारा जन विरोध का प्रदर्शन करते हुए, दुकान में ताला जड़ा गया।
          स्थानीय जन विरोध को देखते हुए ग्राम पंचायत कांसाबेल में संचालित विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान को कार्यालय कलेक्टर (आबकारी) के आदेश के तहत् विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान कांसाबेल को श्री अमन गुप्ता के दुकान व भवन में स्थानांतरित करने की अनुमति को अपरिहार्य प्रशासकीय कारणों से निरस्त किया जाकर, उक्त मदिरा दुकान को राजस्व सुरक्षा की दृष्टिकोण से पूर्व में संचालित फ्रांसिस टोप्पो के बगीचा रोड स्थित दुकान व भवन में ही तब तक संचालित रहेगी। जब तक कि नियमानुसार नवीन निविदा व स्थान चयन की प्रक्रिया पूर्ण न कर ली जाए।

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जशपुर में 2 सरपंच व 25 पंच पदों पर होगा उपचुनाव, निर्वाचन तैयारियां तेज,मतदाता सूची का हुआ प्रारंभिक प्रकाशन

जशपुरनगर 13 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में त्रिस्तरीय पंचायतों के उपचुनाव हेतु विस्तृत कार्यक्रम जारी किए गए थे। इसके अंतर्गत जशपुर जिले में भी पंचायत स्तर पर रिक्त पदों के लिए उपचुनाव कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। जिले में 2 सरपंच एवं 25 पंच पदों पर उपचुनाव कराया जाएगा। इस संबंध में द्वितीय चरण में 13 अप्रैल 2026 को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री हरिओम द्विवेदी मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 42 तथा पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग द्वारा उप निर्वाचन 2026 हेतु विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया है। इसके तहत फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने से लेकर अंतिम प्रकाशन तक की समय-सारणी निर्धारित की गई है। निर्वाचन प्रक्रिया के प्रथम चरण में 23 मार्च 2026 तक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण एवं प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण की गईं। इसके पश्चात विधानसभा की अद्यतन मतदाता सूची प्राप्त कर उसे वार्डवार विभाजित करते हुए आवश्यक संशोधन एवं सॉफ्टवेयर के माध्यम से अद्यतन किया गया।

     मतदाता सूची के प्रारम्भिक प्रकाशन के उपरांत आम नागरिकों से दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की जा रही है । दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 (अपराह्न 3 बजे तक) निर्धारित की गई है। इसके पश्चात 23 अप्रैल तक उनका निराकरण किया जाएगा। इसके बाद संशोधन, विलोपन एवं परिवर्धन की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए 05 मई 2026 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

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भटके कदमों को मुख्यधारा में लाने का संकल्प, सुकमा में विश्वास और विकास की नई इबारत लिख रही है सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय—पुनर्वास से आत्मनिर्भरता तक बदलती तस्वीर का बना सशक्त प्रतीक

रायपुर 13 अप्रैल 2026/नक्सल आतंक से लंबे समय तक प्रभावित रहे सुकमा में अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर उभर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां संचालित पुनर्वास एवं कौशल विकास गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित लोगों से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव जाने और उन्हें मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन प्रारंभ करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए दृढ़संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासितों की आंखों में दिखता आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो हर भटका हुआ कदम नई दिशा और नया जीवन प्राप्त कर सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति के चलते सुकमा सहित बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है, जिनमें से 361 पुनर्वासितों ने नया जीवन प्रारंभ कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इन नागरिकों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और समाज में बराबरी का अवसर प्रदान करना है। पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, कपड़ा सिलाई, कृषि उद्यमिता और वाहन चालक जैसे विभिन्न ट्रेडों में कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में अब तक 307 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं मुख्यधारा में लौटे 313 युवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 107 पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं, जिससे वे डिजिटल और संचार माध्यमों से जुड़कर आधुनिक जीवनशैली की ओर अग्रसर हो सकें। विशेष रूप से 115 महिलाएं प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय  ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों को भी राहत प्रदान करते हुए अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग में 20 तथा जिला प्रशासन द्वारा 95 लोगों को शासकीय सेवा में रोजगार के अवसर दिए गए हैं। 

कार्यक्रम के दौरान ग्राम ढोंडरा कोंटा निवासी मौसम संजना, नागारास जगरगुंडा निवासी भरत कुमार हेमला सहित अन्य हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के अंतर्गत 10 नव नियुक्त शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल, राजमिस्त्री किट, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियां तथा पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए।  इस अवसर पर 25 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर उन्हें सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने नक्सल पुनर्वास की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाती ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। साथ ही, पुनर्वास केंद्र के कला केंद्र में कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल भौतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक बदलाव का भी प्रतीक है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप  सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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संकल्प” प्रवेश परीक्षा में बड़ा बदलाव: अब नहीं होगी दूर-दराज की परेशानी, हर विकासखंड में स्वामी आत्मानंद स्कूल बने परीक्षा केंद्र

जशपुर नगर। 13 अप्रैल 2026 

संकल्प शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।  आवेदन जमा करने के पश्चात विद्यार्थियों को उनके नजदीकी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में परीक्षा केंद्र आवंटित होगा।


जिले के विभिन्न विकासखंडों में  परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। जिन आवेदकों ने पूर्व में कक्षा  9  वीं एवं कक्षा 11 वीं के लिए आवेदन जमा किया है उनका और जो आवेदक वर्तमान में  आवेदन जमा कर रहे है  का निम्नानुसार परीक्षा केन्द्र होगा । संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर और विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जशपुर में आवेदन जमा करने वाले विद्यार्थियों को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जशपुर परीक्षा केंद्र आबंटित होगा। इसी प्रकार संकल्प पत्थलगांव और बीईओ कार्यालय पत्थलगांव में आवेदन करने वालों को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पत्थलगांव तथा संकल्प कुनकुरी और बीईओ कार्यालय कुनकुरी में जमा करने वालो को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कुनकुरी परीक्षा केंद्र आबंटित होगा। शेष सभी विकासखंडो में जहां विद्यार्थियों ने आवेदन जमा किया है, उन्हें उसी विकासखंड के नज़दीकी स्वामी आत्मानंद विद्यालय में परीक्षा केंद्र आबंटित होगा। शेष विकासखंडो में जो परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं वे इस प्रकार है - स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मनोरा,
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कांसाबेल,स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बगीचा, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पत्थलगांव,
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, फरसाबहार , स्वामी आत्मानंद विद्यालय पतराटोली। उल्लेखनीय है कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए दुलदुला विकासखंड कार्यालय में आवेदन जमा करने वाले विद्यार्थियों को स्वामी आत्मानंद विद्यालय पतराटोली परीक्षा केंद्र आबंटित होगा।

इन सभी परीक्षा केंद्रों में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में प्रवेश हेतु परीक्षा 25 अप्रैल को आयोजित होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करना और परीक्षा प्रक्रिया को सुगम बनाना है।

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महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी  -  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 13 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह देश की मातृशक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ नारी की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को रेखांकित किया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की सशक्त नींव है।

उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस ऐतिहासिक पहल को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की भूमिका समाज के निर्माण और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारी डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में सशक्त रूप दिया है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहल माताओं-बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि जब देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है, उसी समय छत्तीसगढ़ ‘महतारी गौरव वर्ष’ मना रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी प्रदेश की पहचान बन चुकी है।
उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति और महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे हर मंच पर अपनी आवाज़ बुलंद करें और इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती सहभागिता से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। यह समय देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका देने का है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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जशपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं! बिना नम्बर प्लेट और स्टंटबाजों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, रातभर चली ताबड़तोड़ कार्रवाई में 22 बाइक जब्त, शहर में मचा हड़कंप

जशपुरनगर 13 अफ़्रैल 2026 । शहर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रही बिना नम्बर प्लेट और मोडिफाइड बाइकों पर आखिरकार जशपुर पुलिस का शिकंजा कस ही गया। बीती रात कोतवाली पुलिस ने ऐसा सख्त चेकिंग अभियान चलाया कि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कई लोग रास्ता बदलते नजर आए तो कई पुलिस की पकड़ में आकर अपनी गलती पर पछताते दिखे।

दरअसल, जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि बिना नम्बर प्लेट, ओवर स्पीड, मोडिफाइड गाड़ियों और स्टंटबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी के बाद से पूरे जिले में पुलिस सख्ती के मूड में आ गई है।

इन्हीं निर्देशों के तहत कोतवाली जशपुर पुलिस ने रात में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर घेराबंदी कर एक-एक वाहन की जांच की गई। इस दौरान पुलिस ने बिना नम्बर प्लेट, तेज रफ्तार, मोडिफाइड और नाबालिगों द्वारा चलाई जा रही कुल 22 मोटरसाइकिलों को पकड़ा।

कार्रवाई के दौरान 19 बाइक ऐसी मिलीं जिनमें नम्बर प्लेट ही नहीं थी। पुलिस ने इन सभी वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया और चालकों को सख्त हिदायत दी कि पहले वाहन में नम्बर प्लेट लगवाएं, तभी आगे की प्रक्रिया होगी। अगले दिन नम्बर लिखवाने के बाद इन चालकों से चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 5700 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

वहीं एक युवक तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते पकड़ा गया, जिस पर पुलिस ने 1000 रुपये का अलग से चालान किया। बाकी दो वाहनों के खिलाफ कार्रवाई अभी जारी है, जिससे साफ है कि पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

चेकिंग के दौरान पुलिस का सख्त रवैया देख कई वाहन चालक बहाने बनाते नजर आए, लेकिन पुलिस ने किसी की एक नहीं सुनी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधे कार्रवाई की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाइश भी दी कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना उनकी खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई वाहन चालक दोबारा बिना नम्बर प्लेट या नियमों का उल्लंघन करते पकड़ा गया तो वाहन जब्त कर सीधे न्यायालय में पेश किया जाएगा। खासकर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने को लेकर पुलिस बेहद सख्त नजर आ रही है।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपने बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन चलाने न दें। अगर नाबालिग वाहन चलाते पकड़े गए तो उनके पालकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जशपुर पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सड़क सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। नियमों का पालन कर ही हादसों से बचा जा सकता है। फिलहाल पुलिस की इस सख्ती से साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए जशपुर की सड़कों पर अब कोई जगह नहीं बचने वाली है।

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पत्थलगांव में 112 किलो से अधिक गांजा बरामद, कार समेत 56 लाख की अवैध खेप जब्त, जशपुर-रायगढ़ पुलिस की संयुक्त घेराबंदी में दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

जशपुरनगर, 13 अप्रैल 2026। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत जशपुर और रायगढ़ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पत्थलगांव क्षेत्र में घेराबंदी कर पुलिस ने एक संदिग्ध कार से 112 किलो 770 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है और मौके से दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जब्त गांजे और कार की कुल कीमत लगभग 56 लाख रुपये बताई जा रही है, जिससे इस कार्रवाई को जिले की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल को रायगढ़ जिले के लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार में भारी मात्रा में गांजा भरकर तस्कर उड़ीसा की ओर से जशपुर होते हुए उत्तरप्रदेश की तरफ जा रहे हैं। सूचना मिलते ही लैलूंगा पुलिस सक्रिय हो गई और संदिग्ध वाहन का पीछा करते हुए उसकी लोकेशन ट्रेस करती रही। इसी बीच सूचना जशपुर पुलिस को दी गई, जिस पर पत्थलगांव थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुरानी बस्ती के पास मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर दी और हर संदिग्ध वाहन की सघन जांच शुरू कर दी।

दोपहर करीब 2 बजे संदिग्ध टोयोटा कार जैसे ही मौके पर पहुंची, पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस टीम ने भी तत्परता दिखाते हुए पीछा शुरू किया और कुछ ही दूरी पर तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित होकर एक नाले के गड्ढे में जा फंसी। मौका पाते ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।

गवाहों की मौजूदगी में जब कार की तलाशी ली गई तो पुलिस भी दंग रह गई। वाहन की पिछली सीट के नीचे बड़ी चालाकी से छिपाकर रखी गई 7 प्लास्टिक बोरियों में 108 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिसका कुल वजन 112 किलो 770 ग्राम निकला। पूछताछ के दौरान आरोपियों से गांजे के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिसके बाद पुलिस ने पूरे माल को जब्त कर लिया।

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम संजीव कुमार नट, उम्र 30 वर्ष, निवासी इटावा उत्तरप्रदेश तथा विजय पंडित, उम्र 28 वर्ष, मूल निवासी वैशाली बिहार और वर्तमान निवास लोनावाला महाराष्ट्र बताया है। दोनों ने स्वीकार किया कि वे उड़ीसा के संबलपुर से गांजा खरीदकर उत्तरप्रदेश ले जा रहे थे। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी जांच अब तेज कर दी गई है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस ने जब्त गांजे की बाजार कीमत करीब 54 लाख रुपये और कार की कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी है। इस मामले में थाना पत्थलगांव में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(2)(सी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने और आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में पत्थलगांव थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, उप निरीक्षक कृपादान लकड़ा सहित पुलिस टीम और रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, जिससे तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।

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जशपुर जिला अस्पताल में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, मेडिकल प्रतिपूर्ति पास करने के नाम पर पैसे लेते पकड़ा गया ड्रेसर, CMHO ने दिखाई सख्ती और तत्काल कर दिया निलंबित

*जशपुरनगर 13 अप्रैल 2026/* मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिला चिकित्सालय जशपुर के ड्रेसर श्री किशोर कुमार चौहान को चिकित्सा प्रतिपूर्ति पास किये जाने के एवज में रूपये लिये जाने के संबंध में स्पष्ट विडियो सहित समाचार प्रसारित होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में श्री चौहान का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पत्थलगांव निर्धारित किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
           विदित हो कि 09 अप्रैल 2026 को सोशल मिडिया में चिकित्सा प्रतिपूर्ति पास किये जाने के एवज में ड्रेसर श्री किशोर कुमार चौहान के द्वारा रूपये लिये जाने के संबंध में स्पष्ट विडियो सहित समाचार प्रसारित हो हुए हैं, जोकि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत और गंभीर कदाचरण श्रेणी में आता है। उक्त कृत्य के लिए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) नियम 1966 के नियम -9 के तहत् श्री किशोर कुमार चौहान, ड्रेसर, जिला चिकित्सालय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

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72 घंटे तक गूंजा हरिनाम, बगीचा का वृन्दावन भवन बना आस्था का महासागर – प्रदेशभर की कीर्तन मंडलियों ने बहाया भक्ति का सागर, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद और महसूस की दिव्य ऊर्जा

नारायणपुर 13 अफ़्रैल ।बगीचा विकासखंड अंतर्गत वृन्दावन भवन में आयोजित 72 घंटे का श्री हरिनाम अखंड कीर्तन इस वर्ष भी भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। विगत चार वर्षों से महकुल यादव समाज सेवा समिति, विकासखंड बगीचा द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिली।

7 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चले इस अखंड कीर्तन में न केवल जिले, बल्कि प्रदेश और अन्य राज्यों से भी कीर्तन मंडलियों ने पहुंचकर भक्ति रस की सरिता प्रवाहित की। पूरे आयोजन स्थल पर हरिनाम संकीर्तन की गूंज ने माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय एवं क्षेत्रीय विधायक रायमुनि भगत की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया। दोनों अतिथियों ने श्रद्धापूर्वक कीर्तन में भाग लेकर आयोजन की सराहना की।

इस अवसर पर महकुल समाज सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद यादव, हरीश खूंटियां, प्रदेश महामंत्री रविशंकर यादव, नरसिंह सागर, पूर्व जिला अध्यक्ष गणेश यादव, जशपुर जिला अध्यक्ष अशोक यादव, सरगुजा जिला अध्यक्ष नरसिंह यादव सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा।

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’ प्रदर्शनी में 100 कलाकारों की रचनात्मक गूंज, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब बोले— कला है बदलाव की सबसे ताकतवर भाषा

रायपुर, 13 अप्रैल 2026/गौरा में आपका स्वागत है। यह  प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।

       इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर ,लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज,दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी  दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।

          श्री गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है।

*यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है*

        डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG),रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है।

*यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है*

        घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर,शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं।  वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है।

*यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी*

        डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।

         डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।
     
*(CGPAG) के बारे में*

         छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

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दीदी के बखरी” से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर: सब्जी बाड़ी, मछली पालन, मुर्गी पालन और वनोपज से महिलाएं लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई कहानी

रायपुर, 12 अप्रैल 2026/सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण और मछली पालन ग्रामीण भारत में समृद्धि, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के प्रमुख स्तंभ बन रहे हैं। ये गतिविधियां न केवल परिवार को ताजी और पौष्टिक सब्जियां व प्रोटीन प्रदान करती हैं, बल्कि अतिरिक्त आय का जरिया भी बनती हैं। महिला आजीविका में वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा  बन रही है, जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर में सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।

       उत्तर बस्तर कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओं के आजीविका में वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं । जिले में काफ़ी संख्या में दीदीयां अपने जीवन स्तर में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं । अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही हैं इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही है, साथ ही मछली पालन, मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि  जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार  तक पहुंच जाए।

  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उत्तर बस्तर कांकेर के मार्गदर्शन में  यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है l यह  योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200 महिलाएं, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 महिलाएं इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10 हजार 780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय में वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी कलस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा। जिला पंचायत सीईओ ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। 

           नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी में लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर  प्रसन्नता जाहिर की। सुरेखा ने बताया कि हरी पत्तेदार सब्जियां, कंदमूल और फल एनीमिया (खून की कमी) को दूर करते हैं और बच्चों व माताओं को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

            ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और जनजातीय समुदाय महुआ, इमली, शहद, लाख, और विभिन्न जड़ी-बूटियों का संग्रहण कर उन्हें बेचकर अपनी आय बढ़ाते हैं।
        
             भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो ने बताया कि मुर्गी पालन के साथ मछली पालन (Poultry-cum-Fish) करने से मुर्गियों की बीट मछली का चारा बन जाती है, जिससे चारे का खर्च बचता है और लाभ बढ़ता है। बकरीपालन एवं मछली पालन  और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया

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शक्ति वंदन अधिनियम से राजनीति में बदलाव की दस्तक, महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी — गोमती साय -  घर संभालने वाली महिलाएं अब देश भी संभालेंगी — रायमुनी भगत

रायगढ़ :- महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा  नारी शक्ति वंदन अधिनियम, एक नए युग की  दस्तक है। महिला आरक्षण से राजनीति में भी महिलाओं का वर्चस्व स्थापित  होगा। ईमानदारी से घर परिवार चलाने वाली महिलाएं राजनीति में स्थान सुनिश्चित होने से अब ईमानदारी से देश चलाएगी।मौजूदा स्थिति में महिलाओं की भागीदारी 16% है जो इस अधिनियम के लागू होने के बाद 33% जो जाएगी। जिससे लोकसभा राज्यसभा और विधान सभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। गोमती साय ने कहा जैसे शक्ति के बिना शिव अधूरे थे और सृष्टि के संचालन में कठिनाई थी इसे मातृ शक्ति स्वरूपा सती पार्वती के सहयोग से दूर किया गया। इस विधेयक के लिए सभी महिलाओं की ओर से गोमती साय ने प्रधान मंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।जशपुर विधायक राय मुनि भगत ने कहा  तीन दशकों से यह विधेयक लंबित रहा लेकिन इच्छा शक्ति के अभाव की वजह से यह पास नहीं हो पाया ।मोदी जी की दृढ़ इच्छा शक्ति की वजह से तीन दशकों से लंबित बिल संसद के नए भवन से पास हो पाया। महिलाओं के विभिन्न रूपों पत्नी बेटी मां की व्याख्या करते हुए राय मुनि भगत न कहा दुर्गा काली सरस्वती के रूप में मातृ शक्ति को पूजा जाता है। मोदी जी के विकसित भारत की कल्पना को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरा करेगा।   पत्थलगांव भाजपा विधायक गोमती साय ने कहा भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का यह प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। इसका शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं को "नीति की लाभार्थी" से "नीति की निर्माता" बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा और यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगा।उन्होंने कहा इस अधिनियम के लागू होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण का अनुभव पहले ही यह दर्शा चुका है कि महिला प्रतिनिधित्व से नीतियां अधिक जन-केंद्रित और प्रभावी बनती हैं। अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं के स्तर पर दिखाई देगा, जिससे विकास की दिशा अधिक संतुलित और समावेशी होगी। इस परिवर्तन की पृष्ठभूमि पिछले एक दशक में तैयार की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण को एक व्यापक और जीवन चक्र आधारित दृष्टिकोण से देखा गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाया है और लड़‌कियों की माध्यमिक स्तर की नामांकन दर 80.2 प्रतिशत तक पहुंची है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.6 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं, जो बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करती है।स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से 4.27 करोड़ से अधिक महिलाओं को पोषण सहायता प्राप्त हुई है। पोषण 2.0 के अंतर्गत 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए 8.97 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंच रही हैं। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, जो महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है। आर्थिक सशक्तिकरण इस परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण आधार बना है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 32.29 करोड़ महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी हैं, जिससे वित्तीय समावेशन को नई गति मिली है। मुद्रा योजना के 68 प्रतिशत ऋण महिलाओं को प्राप्त हुए हैं, जबकि 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों ने महिलाओं को पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़ाकर तकनीकी और उद्यमिता के क्षेत्र में सशक्त किया है। महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को घरों का स्वामित्व मिला है, उज्ज्वला योजना ने स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया है, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन ने दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम किया है। इन पहलों ने महिलाओं को समय, स्वास्थ्य और सम्मान तीनों स्तरों पर सशक्त बनाया है। इन सभी प्रयासों ने मिलकर एक ऐसा मजबूत आधार तैयार किया है, जिस पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक परिणामकारी सिद्ध होगा। जब संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी, तो वे इन योजनाओं को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ नई नीतियों के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इससे शासन अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और संवेदनशील बनेगा। यह अधिनियम केवल एक नारी शक्ति वंदन अधिनियम वैधानिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देने वाला एक निर्णायक कदम है। जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ेंगी, तो विकास की प्रक्रिया अधिक समावेशी, संतुलित और टिकाऊ बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन उसी दृष्टि को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो आने वाले समय में भारत के लोकतंत्र और विकास मॉडल को और सशक्त बनाएगा। वरिष्ठ भाजपा नेत्री शीला तिवारी के मंचस्थ अतिथियों का व्यक्तिगत परिचय दिया वही महिला मोर्चा अध्यक्ष मधुलता पटेल ने मंच संचालन किया और पूनम पटेल सोलंकी ने आभार व्यक्त किया।

प्रेसवार्ता में नजर आई महिला आरक्षण की झलक

प्रवक्ता बब्बल पांडे ने जानकारी देते हुए कहा  इस प्रेस वार्ता में महिला आरक्षण की झलक नजर आई। प्रेस वार्ता के दौरान स्टेज़ में केवल महिलाएं ही बैठी।गोमती साय विधायक पत्थलगांव,रायमुनी भगत विधायक जशपुर, शिखा गवेल जिला पंचायत अध्यक्ष,मधुलता पटेल जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा,
रेखा महामिया महामंत्री महिला मोर्चा रायगढ,शीला तिवारी, सुषमा खलखो, पूनम पटेल सोलंकी, त्रिवेणी डहरे, सावित्री मिश्रा, लक्ष्मी पटेल, दीपमाला गुप्ता, लक्ष्मी विश्वास की।मौजूदगी रही।

सुर साम्राज्ञी आशा भोशले के निधन पर मंच ने मौन धारण कर दी श्रद्धांजलि

आशा भोसले के निधन पर मंचस्थ अतिथियों ने दो मिनट का मौन धारण करते हुए शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजली अर्पित की। गोमती साय ने कहा देशवासियों में अब गीत की आशा अब कौन जगाएगा। आशा जी ने  अपनीन सुरीली आवाज से देश की बड़ी आबादी को प्रभावित किया। इस मंच से सुर साम्राज्ञी को भावपूर्ण अश्रुपूरित श्रद्धांजली दी गई।

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