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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और कृषि मंत्री रामविचार नेताम पहुंचे बंदरचुंआ, स्वर्गीय विवेक अंधारे के ब्रह्मभोज में शामिल होकर व्यक्त की गहरी संवेदना, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नम आंखों से किया स्मरण

जशपुरनगर, 01 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज ग्राम बंदरचुंआ, विकासखंड कुनकुरी  पहुंचकर स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे के आकस्मिक निधन पर आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवार से भेंट कर उनका ढांढस बंधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। 
      केंद्रीय आवासन एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय सहित बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय नागरिकों ने भी स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे को श्रद्धांजलि अर्पित किए। स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे मुख्यमंत्री के निज सहायक श्री दीपक अंधारे के चचेरे भाई तथा श्री विनायक अंधारे के सुपुत्र थे।

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सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार अभियान का तृतीय दिवस जारी,जिला मुख्यालय स्थित दूध और दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र, डेयरी आदि का किया गया सघन निरीक्षण

*जशपुरनगर 1 मई 2026/* सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशन एवं जिला दंडाधिकारी जशपुर के नेतृत्व में चल रहे 15 दिवसीय सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार- अभियान के तृतीय दिवस खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिला मुख्यालय जशपुर नगर में कार्रवाई की गई।

*खाद्य सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा की गई कार्यवाही*
     खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जशपुर नगर क्षेत्र में दूध और दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र, डेयरी आदि का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डेयरी में दूध की उपलब्धता, दूध से बनने वाले उत्पाद जैसे दही, पनीर, घी, लस्सी आदि के विनिर्माण की प्रक्रियाओं और रखरखाव के विषय में संबंधित खाद्य कारोबारियों को मौके पर आवश्यक जानकारी व दिशा-निर्देश दिए गए। शंका के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा ’दही, गाय का दूध और पनीर के कुल 03 नमूने संकलित कर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए। रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।
      निरीक्षित प्रतिष्ठानों में विगत दिवस 29 अप्रैल को  श्रीकृष्णा डेयरी, रांची रोड, नीलेश डेयरी, नीलेश स्वीट्स, नीलेश केक एंड डेलीनिड्स बस स्टैंड,  अरुण डेयरी, बिरसा मुंडा चौक   और  पुनीत डेयरी, कलेक्टर ऑफिस रोड शामिल हैं। 
            जिले में यह अभियान ’27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक’ सतत जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य पदार्थ एवं गुणवत्तायुक्त औषधि उपलब्ध कराना तथा खाद्य-औषधि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है।

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35 वर्षों की गौरवपूर्ण शासकीय सेवा का स्वर्णिम अध्याय पूर्ण — यशस्वी जशपुर के सहायक नोडल संजीव शर्मा को संकल्प शिक्षण संस्थान में भावभीनी विदाई,

जशपुर 1 मई 2026 : 
संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में  श्री संजीव शर्मा के सेवानिवृत्ति अवसर पर एक भावपूर्ण वातावरण में विदाई समारोह आयोजित हुआ।  ‌श्री शर्मा ने 09 दिसंबर 1991 से 30 अप्रैल 2026 तक अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए शिक्षा क्षेत्र में जशपुर जिले को आगे बढ़ाया है। 

बिलासपुर में जन्मे संजीव शर्मा एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता डॉ. टी.डी. शर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं तथा माता श्रीमती पुष्पलता शर्मा का स्नेह व संस्कार उनके जीवन की आधारशिला रही हैं। एक छोटी सी टीम के साथ यशस्वी जशपुर के कार्यों का पूरे जिले में क्रियान्वयन अत्यंत चुनौतीपूर्ण और परिश्रम का कार्य है। जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। शिक्षा के क्षेत्र में उनका नेतृत्व एवं मार्गदर्शन सदैव सहकर्मियों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
गार्डनिंग और बैडमिंटन के खेल का शौक रखने वाले संजीव शर्मा ने व्यायाम शिक्षक के रूप में शासकीय सेवा प्रारंभ की। अनुशासित जीवनचर्या और समय के पाबंद श्री शर्मा ने बालक स्कूल कुनकुरी , जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जशपुर (डाईट)  आदर्श विद्यालय ,जशपुर तथा यशस्वी जशपुर में सहायक नोडल के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
सेवानिवृत्ति के दिन श्री शर्मा अपने परिवार के साथ समारोह में उपस्थित हुए। उनके बेटे चिराग, बेटी तनिष्का एवं दामाद रोहित मिश्रा एवं नातिन जीविका मिश्रा विशेष रूप से इंदौर से इस अवसर पर शामिल होने पहुंचे। विदाई समारोह में सभी की आंखें नम थीं। समारोह के दौरान बेटा चिराग और बेटी तनिष्का अपने पिता के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करते हुए अत्यंत भावुक हो गए, जिससे वातावरण और अधिक संवेदनशील हो गया। परिवार की नन्ही सदस्य जीविका ने भी अपने नाना जी के विदाई समारोह में शामिल होकर इस पल को और खास बना दिया। उनकी पत्नी श्रीमती हेमा शर्मा भी इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित रहीं। उन्होंने श्री शर्मा को सबसे अच्छे पिता और एक अच्छे पति के रूप में बताकर अपना स्नेह और सम्मान प्रकट किया। 
श्री संजीव शर्मा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने शासकीय सेवा को पूरी ईमानदारी से निभाया है इसलिए वे आज पूरे संतोष से सेवानिवृत हो रहे हैं। उन्होंने सभी सहकर्मियों के साथ कार्य करने के अपने अनुभव भी बताएं और सभी का आभार भी व्यक्त किया। 
इस कार्यक्रम में प्राचार्य विनोद गुप्ता, यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय सहित शिक्षक सीमा गुप्ता, अश्विनी सिंह, ममता सिन्हा, प्रभात मिश्रा, दिलीप सिंह, दीपक ग्वाला, राजेंद्र प्रेमी , शिवसुन्दर यादव, अवध किशोर सिंह,अधीक्षक शांति कुजूर तथा कार्यालय के स्टाफ दिलीप राम, दीपक महतो और प्रदीप सिंह उपस्थित रहकर अपने विचार व्यक्त किया । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सीमा गुप्ता एवं श्रीमती ममता सिन्हा ने किया । 
समारोह के अंत में श्री संजीव शर्मा को शाल- श्रीफल और उपहार भेंटकर कर सभी ने उनके स्वास्थ और सुखमय भविष्य की कामना कर उन्हें भावभीनी विदाई दी।

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आम जनता से शालीनता से पेश आएं अधिकारी - लोगों की सुनें, लोगों को सुनाएं नहीं - मुख्यमंत्री का अधिकारियों को दो टूक निर्देश

रायपुर, 1 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था को जनकेंद्रित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से  शासकीय अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आमजन के साथ शालीनता, धैर्य और सम्मान के साथ व्यवहार करें। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यालय और फील्ड स्तर पर शासकीय अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका आचरण शासन की छवि को प्रभावित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुनना प्रशासनिक अधिकारियों  का पहला कर्तव्य है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समाधान पर केंद्रित रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद तभी सार्थक है, जब उसमें संवेदना और समस्याओं का समाधान करने की नीयत हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों में जनसमस्याओं के निराकरण को प्रभावी, सरल और भरोसेमंद बनाया जाए। जब कोई आम नागरिक किसी शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह महसूस होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सकारात्मक अनुभव ही जनता के मन में विश्वास पैदा करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के अनुभव से मापी जाती है। इसलिए अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें, लोगों से सीधे संवाद करें और उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और तत्परता ही प्रशासन की असली ताकत है।

उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बनाए रखने के लिए ईमानदारी के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता और विनम्रता भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि व्यवहार से स्थापित होता है। यदि अधिकारी जनता के साथ सरल, सहज,  सहयोगात्मक और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण का तरीका हर समय अपनाते हैं, तो प्रशासन स्वयमेव अधिक प्रभावी हो जाता है और शिकायतों की संख्या स्वतः कम होने लगती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब प्रशासन हर नागरिक के लिए सुलभ, संवेदनशील और सम्मानजनक बने। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस भावना को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाकर आगे बढ़ें और हर व्यक्ति को यह अहसास दिलाएं कि सरकार उसके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार के दौरान वे स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के कार्य के साथ-साथ उनके व्यवहार पक्ष का भी अवलोकन करेंगे।उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के दौरान अधिकारियों की संवेदनशीलता, शालीनता और जवाबदेही को प्राथमिकता के साथ परखा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे।इस दौरान पंचायत एवं वार्ड स्तर पर शिविरों में आवेदन स्वीकार कर जनसमस्याओं का निराकरण किया जाएगा। सुशासन तिहार में  जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी तथा स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा औचक निरीक्षण और जनसमस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘अविस्मरणीय यात्रा’ पुस्तक का किया विमोचन ,महिला पत्रकारों ने नारी शक्ति वंदन के संकल्प को महिला सशक्तिकरण की ओर बताया ऐतिहासिक कदम

रायपुर, 1 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित  कार्यालय कक्ष में पत्रकार श्रीमती नीरा साहू द्वारा गुजरात यात्रा पर लिखी गई पुस्तक ‘अविस्मरणीय यात्रा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती साहू को उनकी उत्कृष्ट रचना के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र एवं शासकीय संकल्प के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और अधिकारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पत्रकारों की दृष्टि को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा-वृत्तांत पर्यटन प्रेमियों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगा।

इस अवसर पर सुश्री निशा द्विवेदी, सुश्री चित्रा पटेल, सुश्री लवलीना शर्मा, जनसंपर्क विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर, सहायक संचालक सुश्री संगीता लकड़ा एवं सुश्री आमना खातून सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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‘बगिया के विष्णु’ का विकास विज़न: सुशासन की नई परिभाषा गढ़ती साय सरकार, डबल इंजन की रफ्तार से किसान, आदिवासी, महिला और युवाओं तक पहुंच रही योजनाओं की बौछार

रायपुर 1 मई 2026 : 

छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'सुशासन' को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि करीब 2 वर्ष 4 माह 17 दिन में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।

प्रदेश की पहचान ‘धान का कटोरा’ के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें ‘हरा सोना’ से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया।राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की। यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने असर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति और संकल्प के साथ 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति का लक्ष्य एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
 
विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग' से जुड़े मामलों में जांच कराना सरकार के जवाबदेही वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, खेल गतिविधियों विशेषकर बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया है।

विगत वर्ष आयोजित ‘सुशासन तिहार’ को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है। श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को 'डबल इंजन सरकार' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है और इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है।

‘बगिया के विष्णु’ के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों ईब से इंद्रावती तक विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह समावेशी विकास की अवधारणा को दर्शाता है। लक्ष्य स्पष्ट है, अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना।

छत्तीसगढ़ में सुशासन की यह यात्रा अभी 'प्रारंभिक चरण' में है, लेकिन दिशा स्पष्ट दिखाई देती है। सरकार की प्राथमिकताओं में किसान, महिला, आदिवासी, युवा और ग्रामीण समाज केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियां किस तरह स्थायी बदलाव का रूप लेती हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि विकास की यह कहानी गति पकड़ चुकी है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर प्रदेश के समस्त श्रमवीरों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर, 1 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के समस्त श्रमवीरों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके सुखमय, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष 1 मई का यह महत्वपूर्ण दिवस उन परिश्रमी हाथों के सम्मान का प्रतीक है, जिनके अथक श्रम, समर्पण एवं निष्ठा से समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार सुदृढ़ होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि श्रमिक वर्ग किसी भी राज्य और राष्ट्र की उन्नति का मूल आधार है। कृषि, उद्योग, निर्माण एवं सेवा क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में श्रमिकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समावेशी एवं सतत विकास की संकल्पना तभी साकार हो सकती है, जब श्रमिकों को सम्मान, सुरक्षा एवं अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण बोर्ड 
के माध्यम से श्रमिकों एवं उनके परिवारों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे उन्हें आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा एवं सामाजिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर श्रमिकों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, कौशल उन्नयन के अवसरों का लाभ उठाएं और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।

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अहिंसा, समानता और विश्व बंधुत्व के संदेश से जग को आलोकित करने वाले भगवान गौतम बुद्ध की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं

रायपुर,1 मई 2026/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी बौद्ध धर्मावलम्बियों सहित प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि महात्मा बुद्ध ने लोगों को अहिंसा, समानता और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया। उनकी शिक्षा को विदेशों में भी लोगों ने अपनाया और लाखों अनुयायी उनके दिखाये मार्ग पर चलकर देश-दुनिया को शांति का संदेश दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौतम बुद्ध के उपदेश हर परिस्थिति और काल में प्रासंगिक हैं। उनकी दी गई शिक्षा हमें संयम से आगे बढ़ने का संदेश देती है। महात्मा बुद्ध के विचार और जीवन मूल्य एक बेहतर समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए हमेशा मार्गदर्शक रहेंगे।

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मातृशक्ति के सम्मान, भागीदारी और अधिकारों को नई ताकत देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल—विधानसभा के विशेष सत्र में विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में रखा संकल्प, लोकतंत्र में महिलाओं के एक तिहाई प्रतिनिधित्व को बताया समावेशी विकास की मजबूत नींव

*मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए डबल इंजन सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर 1 मई 2026/छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में  संकल्प प्रस्तुत करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान, समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए संसद और सभी विधानसभाओं में उनके लिए एक तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करेगी, बल्कि समाज में समान अवसर और संतुलित प्रतिनिधित्व की दिशा में भी एक नई ऊर्जा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रयासों से देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भूमिका मिलेगी और विकास अधिक समावेशी एवं प्रभावी बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पावन धरती माता शबरी, मां दंतेश्वरी और मां महामाया की भूमि है, जहां नारी को सदैव शक्ति के रूप में सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि सृजन और शक्ति की आधारशिला है। नवरात्रि में जिस शक्ति की हम पूजा करते हैं, वही शक्ति समाज में मातृरूप में विद्यमान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे शास्त्रों में वर्णित “या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता…” केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन का मूल तत्व है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर भक्त माता कर्मा, तीजन बाई, उषा बारले जैसी विभूतियों ने अपनी प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया है। साथ ही, रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और अवंती बाई जैसी वीरांगनाओं के योगदान को भी उन्होंने प्रेरणास्रोत बताया। आधुनिक युग में कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स जैसी महिलाओं ने देश का गौरव वैश्विक स्तर पर बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व का विस्तार समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कार्यक्षेत्र के विस्तार और जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्थागत सुधार और संतुलन पर विचार करना महत्वपूर्ण है, जिससे शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनसरोकारों के अनुरूप बन सके।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश में महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, शिक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। इन प्रयासों ने महिलाओं की गरिमा और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देना और उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता, स्वरोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि वे समाज की मुख्यधारा से भी अधिक मजबूती से जुड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास, पेयजल, आजीविका और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, जो समाज में सकारात्मक 
परिवर्तन का संकेत है।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाने का एक सशक्त उदाहरण है। बड़ी संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में नेतृत्व कर रही हैं और स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को परिवार और समाज में सशक्त बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सकारात्मक पहल की जा रही हैं, जिससे वे निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृशक्ति का सशक्तिकरण केवल एक नीति का विषय नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने सभी वर्गों से इस दिशा में सहयोग और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि एक समतामूलक, सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सके।

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राजनांदगांव को मिला खेल विकास का बड़ा तोहफा: अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी और आधुनिक स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ, मुख्यमंत्री के फैसले से युवाओं में नई उम्मीदें जगीं

रायपुर, 1 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान एवं अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और क्रिकेट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग पर मंत्री परिषद की बैठक में त्वरित निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राजनांदगांव में अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण संभव होगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलेगा।

इस दौरान विधायक श्री धरम लाल कौशिक, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव श्री योगेश बागड़ी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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अनियमितता पाए जाने पर कृषि आदान विक्रय प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई , चार दुकानों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस 21 दिवस के लिए निलंबित

   जशपुरनगर, 30 अप्रैल 2026/ खरीफ सीजन 2026 के प्रारंभ होते ही जिले में कृषि आदानों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी की जा रही है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार उप संचालक कृषि एवं अधिसूचित प्राधिकारी (उर्वरक) श्री एम.आर.भगत के द्वारा खरीफ पूर्व तैयारियों के तहत विभिन्न विकासखंडों में कृषि आदान विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने तथा उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।
    कार्रवाई के तहत मेसर्स अन्नु कृषि केन्द्र, कांसाबेल,  मेसर्स अन्नु सीड्स कुनकुरी, मेसर्स मौसम बीज भंडार, कवई विकासखंड बगीचा तथा मेसर्स कृषि कल्प एग्रीकल्चर प्वाइंट, मुडाबहला विकासखंड पत्थलगांव के उर्वरक विक्रय लाइसेंस को उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 के खंड 26 (A) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 21 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा रासायनिक उर्वरकों का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की तत्परता से अमित राम का पार्थिव शरीर केरल से एयरलिफ्ट कर रांची होते हुए पहुंचा गृह ग्राम, शोकाकुल परिवार को मिला बड़ा सहारा

जशपुरनगर 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील एवं त्वरित पहल के परिणामस्वरूप जिले के विकासखंड फरसाबहार अंतर्गत ग्राम पगुराबहार(सराईटोली) निवासी अमित राम का पार्थिव शरीर केरल के कोझिकोड से उनके गृह ग्राम सुरक्षित रूप से पहुंचाया गया। अमित राम केरल के कोझिकोड में ट्रेन से यात्रा के दौरान दुर्घटनावश ट्रेन से नीचे गिरने की वजह से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के पश्चात शोकाकुल परिजनों ने पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम लाने के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से सहायता हेतु निवेदन किया था।

*संवेदनशीलता और त्वरित पहल बनी परिवार का संबल*

  मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आवश्यक समन्वय स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप अमित राम के पार्थिव शरीर को विमान के माध्यम से केरल से रांची तक लाया गया। इसके पश्चात मुक्तांजली वाहन के जरिए उन्हें उनके गृह ग्राम पगुराबहार(सराईटोली) पहुंचाया गया। किसी प्रियजन की असमय मृत्यु परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक होती है, विशेषकर जब यह घटना घर से दूर घटित हो। ऐसे समय में पार्थिव शरीर को शीघ्र घर लाना परिजनों की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय द्वारा की गई इस त्वरित एवं मानवीय पहल ने शोकाकुल परिवार को बड़ी राहत और मानसिक संबल प्रदान किया है।

    *हर दुःख में सहभागी बनते हैं मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह पहल उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है। वे केवल एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह प्रदेशवासियों के सुख-दुःख में सदैव सहभागी रहते हैं। प्रदेश का कोई भी नागरिक संकट में हो, मुख्यमंत्री उसकी पीड़ा को समझते हुए हर संभव सहायता के लिए तत्पर रहते हैं। इस कठिन समय में मिली सहायता के लिए मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री एवं कैंप कार्यालय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।

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01 मई को जशपुर दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय: कांसाबेल के बगिया में विकास कार्यों को देंगे गति, कुनकुरी के बंदरचुआं में स्वर्गीय विवेक अंधारे के ब्रह्मभोज कार्यक्रम में होंगे शामिल 

जशपुरनगर, 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 01 मई को जशपुर प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे प्रातः 11:10 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड, रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 12:25 बजे विकासखंड कांसाबेल ग्राम बगिया पहुंचेंगे।मुख्यमंत्री दोपहर 01:00 बजे बगिया में ‘समृद्धि एम-कैड’ निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इसके पश्चात वे दोपहर 3.15 बजे विकासखंड कुनकुरी के ग्राम बंदरचुआं पहुंचकर अपने निज सहायक श्री दीपक अंधारे के चचेरे भाई स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे के आकस्मिक निधन पर आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री  शाम 4:25 बजे बगिया हेलीपैड से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

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नारी शक्ति वंदन के संकल्प को मिला महिलाओं का व्यापक समर्थन , राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर जताया आभार

रायपुर, 30 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित  कार्यालय में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।

इस अवसर पर महिला प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र तथा इस संबंध में पारित शासकीय संकल्प के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पहल महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा।

महिला प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री  श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं के उत्थान हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में महिला सशक्तिकरण को और अधिक गति मिलेगी तथा महिलाओं की भागीदारी सभी क्षेत्रों में सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन जैसी ऐतिहासिक पहल समाज में समानता और न्याय के नए आयाम स्थापित करेंगे। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की महिलाएं विकास यात्रा की सशक्त सहभागी हैं और उनके सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास की परिकल्पना अधूरी है।मुख्यमंत्री ने महिला प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मिस इंडिया छत्तीसगढ़ सुश्री अनुष्का सोन ने की सौजन्य मुलाकात : सदन का ऐतिहासिक सत्र सुनने विधानसभा पहुंची थी मिस इंडिया छत्तीसगढ़

रायपुर, 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज विधानसभा में मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026 सुश्री अनुष्का सोन ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर सुश्री अनुष्का ने मुख्यमंत्री को नारी सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर विशेष सत्र आयोजित करना एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।

सुश्री अनुष्का ने बताया कि वे आज विधानसभा की ऐतिहासिक कार्यवाही को सुनने विशेष रूप से पहुंची थीं और इस अनुभव को उन्होंने अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण की प्रक्रिया को करीब से देखना उनके लिए एक नई सीख रही, जिससे वे समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए और अधिक प्रोत्साहित कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं, जो एक सशक्त और जागरूक समाज की पहचान है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल महिलाओं के आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगी तथा उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे आने के लिए प्रेरित करेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बेटियां शिक्षा, कला, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सुश्री अनुष्का सोन को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरक बनें।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा उपस्थित थे।

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हादसे में मृतक परिवार को बड़ी राहत: 2 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत, सीएम कैंप कार्यालय बगिया में लगाई थी गुहार, परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार


जशपुरनगर 30 अप्रैल 2026/प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत एक पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। हादसे में मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिला है और उनकी आर्थिक स्थिति को कुछ मजबूती मिली है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम फरदबहार तहसील फरसाबहार निवासी स्वर्गीय विनोद साय की नदी में नहाने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से गंभीर चोट लग गई थी। हादसे में उनका पैर बुरी तरह घायल हो गया था। परिजनों द्वारा उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और आर्थिक संकट भी गहरा गया।मृतक की पत्नी चिरंजीवी पैंकरा ने अपनी समस्या को लेकर बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय का रुख किया। उन्होंने आवेदन देकर तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बीमा राशि दिलाने की मांग की। प्रारंभिक स्तर पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था, जिससे परिवार को काफी परेशानी हो रही थी।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित संज्ञान लिया और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासनिक पहल के बाद प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया और अंततः परिजनों को 2 लाख रुपए की बीमा राशि स्वीकृत कर दी गई। यह सहायता राशि मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है।परिजनों ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनके दुःख की घड़ी में संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद की है। उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की कार्यप्रणाली की सराहना भी की।

 *सीएम कैंप कार्यालय बगिया बना लोगों के लिए उम्मीद की किरण*

बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय अब आमजन के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और जरूरतमंद अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि यहां आने वाले आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है।स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, सड़क, राजस्व और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में लोगों को तत्काल समाधान मिलने लगा है। इससे ग्रामीणों का भरोसा शासन-प्रशासन के प्रति लगातार मजबूत हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें लंबे समय तक भटकना पड़ता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण हो रहा है। यही कारण है कि यह कार्यालय अब क्षेत्र में जनविश्वास का केंद्र बनता जा रहा है।

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जंगल-पहाड़ों के बीच स्वास्थ्य की दस्तक: मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी वनांचलों की ‘संजीवनी’, साढ़े तीन माह में 2000 से अधिक ग्रामीणों को घर-घर मिला मुफ्त इलाज

​रायपुर, 30 अप्रैल 2026/
    छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और दुर्गम पहाड़ियों पर बसे विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों के लिए शासन की मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) एक वरदान साबित हो रही है। 'अस्पताल खुद ग्रामीण के द्वार' की परिकल्पना को साकार करते हुए, इस सेवा ने पिछले साढ़े तीन महीनों में 2035 लोगों को उनके ही मोहल्ले में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

*​पैदल चलने की मजबूरी हुई खत्म*

   ​पूर्व में इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को सामान्य इलाज के लिए भी कई मील पैदल चलना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 15 जनवरी 2026 से संचालित यह यूनिट विशेष पिछड़ी जनजाति 'कमार' बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और औराई सहित कसडोल क्षेत्र के अन्य गांवों में निरंतर कैंप लगा रही है। अब सुदूर बस्तियों के लोगों को शहर के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

*​एक ही छत के नीचे जांच और दवा*

     ​इस चलते-फिरते अस्पताल में सुविधाओं का पूरा तामझाम मौजूद है। प्रत्येक यूनिट में एक मेडिकल ऑफिसर, लैब टेक्निशियन, नर्स और ड्राइवर की दक्ष टीम तैनात रहती है।
​निःशुल्क जांच: बीपी, शुगर, मलेरिया और हीमोग्लोबिन जैसी महत्वपूर्ण जांचें मौके पर ही की जाती हैं।अनुभवी डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा सलाह के साथ-साथ मुफ्त दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं।

*​नियोजित व्यवस्था और मुनादी से सूचना*

     ​प्रशासन द्वारा कैंप लगाने की तिथि और स्थान एक माह पूर्व ही निर्धारित कर लिया जाता है। ग्रामीणों को समय पर सूचना मिले, इसके लिए गांव-गांव में मुनादी (ढोल बजाकर घोषणा) करवाई जाती है। इससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में लंबी कतारों और परिवहन के सीमित साधनों के कारण पहले हमारा पूरा दिन बर्बाद हो जाता था। अब घर के पास इलाज मिलने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

*​परंपरा से आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम*

      ​इस पहल का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव ग्रामीणों की सोच पर पड़ा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग जो पहले केवल बैगा-गुनिया या पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर निर्भर थे, अब उनमें आधुनिक चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास जागा है। लोग अब बीमारियों को छिपाने के बजाय समय पर जांच और इलाज को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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“सुशासन तिहार 2026” का बड़ा अभियान: जशपुर जिले के 36 क्लस्टरों में लगेंगे समाधान शिविर, 5 मई से खूंटीटोली से होगी शुरुआत, एक ही मंच पर 11 से 18 गांवों की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण

जशपुरनगर 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सहित जशपुर जिले में “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन किया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों के 31 एवं नगरीय निकायों के 5 कुल 36 क्लस्टरों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक शिविर में एक क्लस्टर के लगभग 11 से 18 गांवों एवं नगरीय निकायों के एक क्लस्टर में 15 वार्डों के नागरिक शामिल होकर अपनी समस्याओं का आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सुशासन तिहार के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी की नियुक्त कर विभागीय अधिकारियों को भी विभिन्न कार्यों का दायित्व सौंपे है।


       जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पहला शिविर 05 मई 2026 को कांसाबेल क्षेत्र के खूंटीटोली में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न विकासखंडों में निर्धारित तिथियों के अनुसार शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत बगीचा जनपद क्षेत्र में नन्हेसर में शिविर 07 मई 2026, महुआ में 12 मई, पंडरापाठ में 15 मई, कुरडेग में 19 मई, टांगरडीह में 22 मई, सरबकोम्बो-आश्रम बाजारडांड में 27 मई तथा महुवाडीह में 29 मई 2026 को आयोजित होगा। कुनकुरी जनपद क्षेत्र अंतर्गत फरसाकानी में शिविर 06 मई, बोडोकछार में 13 मई तथा कलीबा में 21 मई 2026 को आयोजित होगा। जशपुर जनपद क्षेत्र में जामटोली में शिविर 11 मई, बड़ाकरौंजा में 18 मई तथा बोकी में 25 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। दुलदुला क्षेत्र में सिमडा में शिविर 07 मई तथा कस्तुरा में 14 मई 2026 को आयोजित होगा। मनोरा क्षेत्र में खरसोता में शिविर 08 मई, रेमने में 15 मई तथा टेम्पू में 25 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। पत्थलगांव क्षेत्र में किलकिला में शिविर 08 मई, घरजियाबथान में 15 मई, राजाआमा में 22 मई, पालीडीह में 26 मई तथा कोकियाखार में 29 मई 2026 को आयोजित होगा। कांसाबेल क्षेत्र में चोंगरीबहार में 13 मई तथा कुसुमताल में 20 मई 2026 को शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार फरसाबहार क्षेत्र में बनगांव में शिविर 07 मई, बाबूसाजबहार में 15 मई, भेलवा में 21 मई तथा अमडीहा में 27 मई 2026 को आयोजित होगा। इसके अतिरिक्त नगरीय निकायों में भी शिविर आयोजित होंगे, जिसमें नगर पंचायत बगीचा में 13 मई, नगर पालिका पत्थलगांव में 09 मई, नगर पंचायत कोतबा में 13 मई, नगर पंचायत कुनकुरी में 11 मई तथा नगर पालिका जशपुर में 12 मई 2026 को शिविर लगाए जाएंगे।

      सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक अपने आवेदन लिखित रूप में शिविरों में प्रस्तुत कर सकेंगे, जिनका निराकरण अधिकतम 1 माह के भीतर किया जाएगा। यह पहल प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनेगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

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