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महिलाओं के अधिकारों की नई प्रहरी: डॉ. ममता साहू ने संभाली छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की कमान, त्वरित न्याय, सुरक्षा और सशक्तिकरण को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर, 14 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियुक्त डॉ. ममता साहू ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया।

 शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में उन्होंने कार्यभार संभालते हुए महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण, उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण तथा महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. ममता साहू ने आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया और सभी से समर्पण, पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। उन्होंने आयोग के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने, उनकी शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण तथा उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं के हितों से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करेगा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, नगर निगम रायपुर के पार्षद महेश ध्रुव, दुर्गेश राव, श्रीमती रजनी शेंगडे, जितेन्द्र साहू, कृष्णा साहू, श्रीमती सीमा डहरिया, गीतेश साहू सहित आयोग के सचिव, सहायक संचालक, लेखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर  रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं,आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण एवं समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

जशपुरनगर 14 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।
    कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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लोकतंत्र के मंदिर से हरित क्रांति का संदेश: विधानसभा परिसर में सीएम विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा, 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान बना जनभागीदारी का संकल्प

रायपुर 14 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान आज विधानसभा परिसर हरियाली, जनभागीदारी और मातृ सम्मान के भाव से सराबोर नजर आया। 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के अंतर्गत आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप सहित विधानसभा के सभी सदस्यों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। यह संकल्प केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रकृति के संरक्षण, मातृत्व के सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं हरित भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प बनकर उभरा। कार्यक्रम के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों ने अभियान के लिए तैयार विशेष सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें भी खिंचवाईं तथा प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रारंभ हुआ 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान आज पूरे देश में जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी मां के प्रति कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी मां के नाम पर पौधा लगाता है तो उस पौधे के साथ उसका भावनात्मक रिश्ता भी जुड़ जाता है और वह उसके संरक्षण के लिए स्वयं प्रेरित होता है। यही भाव इस अभियान को स्थायी, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधारोपण किया जाना अत्यंत प्रेरणादायी पहल है। विधानसभा परिसर से दिया गया यह संदेश निश्चित रूप से पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता उत्पन्न करेगा। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल समाज में वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, अनियमित वर्षा, बढ़ते तापमान और जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन परिस्थितियों में वृक्षारोपण केवल पर्यावरणीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के संतुलन के आधार हैं। वे हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता का संरक्षण और स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी उसी आत्मीयता से करनी चाहिए, जिस भाव से वह अपने परिवार के किसी सदस्य की देखभाल करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में वन संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि, जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय अभियानों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान प्रदेश के गांव-गांव, शहर-शहर और प्रत्येक परिवार तक पहुंचेगा तथा प्रकृति संरक्षण को सामाजिक दायित्व और जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में उत्कृष्ट मॉडल बन सकता है।

कार्यक्रम में विधानसभा के सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी माताओं के नाम पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण पाण्डेय सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से वनवासियों की बढ़ी आमदनीहजारों तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खाते हुए मालामाल, सरकार ने सीधे खातों में भेजे 16 करोड़ से ज्यादा रुपये

जशपुरनगर, 14 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा वनवासियों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन्हीं जनहितकारी पहलों के तहत तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। साथ ही जंगलों में कार्य करने वाले वनवासियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए चरण पादुका वितरण योजना का भी प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इन निर्णयों से प्रदेश सहित जशपुर जिले के वनाश्रित परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, जशपुरनगर के माध्यम से तेन्दूपत्ता संग्राहकों के हित में संचालित योजनाओं के अंतर्गत संग्रहण पारिश्रमिक एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ऑनलाइन किया गया है। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनी है तथा संग्राहकों को बिना किसी बिचौलिये के उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक प्राप्त हो रहा है।

*वर्ष 2023 के संग्रहण पर मिला प्रोत्साहन पारिश्रमिक*

तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2023 के अंतर्गत जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, जशपुरनगर की 24 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में से 4 समितियां लाभ की स्थिति में रहीं। इन समितियों से जुड़े 7,210 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 27 लाख 76 हजार 686 रुपये की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन हस्तांतरित की गई। इससे संग्राहकों को उनके श्रम का अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ और उनकी आय में वृद्धि हुई।

*33,968 संग्राहकों को मिला 16.37 करोड़ रुपये से अधिक का पारिश्रमिक*

तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 में जिले की 24 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 33,968 संग्राहकों ने तेन्दूपत्ता संग्रहण किया। इन सभी संग्राहकों को संग्रहण कार्य के एवज में 16 करोड़ 37 लाख 17 हजार 680 रुपये 50 पैसे की पारिश्रमिक राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था लागू होने से भुगतान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है तथा संग्राहकों को समय पर उनकी मेहनत का पूरा प्रतिफल मिल रहा है।

*वनाश्रित परिवारों की आजीविका को मिला संबल*

तेन्दूपत्ता संग्रहण छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के लिए आजीविका का प्रमुख स्रोत है। राज्य शासन द्वारा संग्रहण पारिश्रमिक एवं प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान कर संग्राहकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनके आर्थिक हितों की भी सुरक्षा की जा रही है। इससे ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और वनोपज आधारित आजीविका को नया प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, जशपुरनगर ने संग्राहकों से आगामी तेन्दूपत्ता संग्रहण सत्र में भी गुणवत्तापूर्ण संग्रहण करने तथा शासन की विभिन्न वनोपज हितग्राही योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की है।

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वीबी-जीरामजी मिशन में सारंगढ़ की महिलाओं ने रचा नया कीर्तिमान, 30 हजार सीड बॉल तैयार कर हरियाली की अलख जगाई

       रायपुर, 14 जुलाई 2026/ विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) के अंतर्गत सारंगढ़,-बिलाईगढ़ जिले के जनपद पंचायत सारंगढ़ की ग्राम पंचायत गोड़म में सीएलएफ क्लस्टर से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगभग 30 हजार सीड बॉल तैयार किए गए।

*मानव श्रृंखला बनाकर बीज रोपण उत्सव मनाया*
         इन सीड बॉल का वितरण जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, क्लस्टर के सरपंचों, अन्य अधिकारियों तथा स्व-सहायता समूह की दीदियों की उपस्थिति में क्लस्टर अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों को किया गया। इस दौरान सभी ने मिलकर मानव श्रृंखला का निर्माण कर बीज रोपण उत्सव मनाया और लोगों को वीबी जीरामजी अंतर्गत पौधारोपण करने एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 

*तालाबों एवं डबरियों की मेड़ों सहित उपयुक्त स्थलों पर होगा रोपण*
        इस अवसर पर निर्देश दिए गए कि सीड बॉल का उपयोग वीबी- जीरामजी के अंतर्गत निर्मित तालाबों की मेड़ों, डबरियों की मेड़ों तथा अन्य उपयुक्त स्थलों पर रोपण के लिए किया जाएगा, ताकि वर्षा ऋतु में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

*वीबी - जीरामजी के उद्देश्यों एवं जनभागीदारी आधारित विकास कार्यों की दी जानकारी*
           कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों को वीबी - जीरामजी योजना के उद्देश्यों, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा जनभागीदारी आधारित विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई। सभी से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाकर इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान से बालोद बना जल संरक्षण का मॉडल, 2.85 लाख संरचनाओं से 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित

रायपुर, 14 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)  के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान प्रदेशभर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है। अभियान के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है।

           इसी क्रम में बालोद जिले में जिला प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्व-सहायता समूहों तथा सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण के विविध कार्य किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य “जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो – वहीं वर्षा जल का संचयन हो” की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।

         अभियान के अंतर्गत प्रत्येक शासकीय भवन में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा सतही वर्षा जल संचयन के लिए रिचार्ज शाफ्ट, डबरी, तालाब एवं ट्रेंच का निर्माण किया गया है। साथ ही हैंडपंपों एवं प्रधानमंत्री आवासों में सोख्ता गड्ढों तथा वर्षा जल संचयन प्रणालियों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

        भू-जल संवर्धन के लिए रिचार्ज पिट, इंजेक्शन वेल, निष्क्रिय बोरवेलों का रिचार्ज, तालाबों का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण, चेकडैम, वाटर एब्जॉर्बिंग ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्जीवन किया गया है।

          जिले में वीबीजी-रामजी (मनरेगा), वन विभाग, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं तथा जनभागीदारी के माध्यम से अब तक 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जिनसे लगभग 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि, भूमि की नमी का संरक्षण, खरीफ एवं रबी दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

         अभियान की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार जनभागीदारी है। जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम विकास समितियों, महिला कमांडो, ग्रीन आर्मी तथा स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से तालाबों एवं जलाशयों की स्वच्छता, घर-घर जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के प्रति जनजागरूकता तथा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं सीड बॉल अभियान संचालित किया जा रहा है। जुलाई माह में अब तक 3 लाख से अधिक सीड बॉल का रोपण किया जा चुका है तथा 2 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

         राज्य शासन द्वारा वीबी- जी राम जी योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, हरित विकास एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। ‘जल संरक्षण – जन सहभागिता से जल समृद्धि की ओर’ की भावना के साथ जिला प्रशासन बालोद जल-सुरक्षित, हरित एवं समृद्ध ग्रामीण विकास के लक्ष्य की दिशा में सतत कार्य कर रहा है।

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राजिम को मिला नगर पालिका का दर्जा, बहुप्रतीक्षित मांग पूरी; विकास की रफ्तार को मिलेगा नया इंजन, शासन ने जारी की अधिसूचना

रायपुर. 14 जुलाई 2026. राज्य शासन ने राजिमवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए राजिम नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। राजिम नगर पंचायत की सीमाएं ही राजिम नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने राजिम नगर पंचायत के नगर पालिका के रूप में उन्नयन पर कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राजिम के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे राजिम में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को और ज्यादा गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंचेगा।

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जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा: जशपुर में परिवार नियोजन जागरूकता अभियान तेज, गांव-गांव पहुंचेगा संदेश; सास-बहू सम्मेलन से टूटेंगी भ्रांतियां

   जशपुरनगर, 14 जुलाई 2026/ जिले में परिवार नियोजन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से 11 से 18 जुलाई 2026 तक जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आमजन को परिवार नियोजन के महत्व से अवगत कराएं तथा इस संबंध में समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर कर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ परिवार और जनसंख्या स्थिरीकरण का संदेश देगा तथा लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी प्रदान करेगा।

*जब बच्चे में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल* 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि "जब बच्चे में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल" थीम पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य दंपतियों को गर्भधारण के उचित समय, दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का सुरक्षित अंतराल रखने तथा परिवार नियोजन के विभिन्न उपायों के प्रति जागरूक करना है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में गुणात्मक सुधार लाने के साथ-साथ परिवार के समग्र स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ बनाया जा सकता है। अभियान के दौरान जिले के सभी विकासखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सास-बहू सम्मेलन  एवं अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से परिवार नियोजन से जुड़ी भ्रांतियों का निराकरण किया जाएगा तथा योग्य दंपतियों को उपलब्ध सेवाओं और उनके लाभों की जानकारी दी जाएगी।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। इनमें कॉपर-टी, अंतरा इंजेक्शन, गर्भनिरोधक गोलियां (छाया एवं माला-एन) तथा निरोध शामिल हैं। इच्छुक दंपतियों को प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा परामर्श एवं आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

*पुरुष नसबंदी पर 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि*

सरकार द्वारा परिवार नियोजन अपनाने वाले हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरुष नसबंदी कराने पर 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े के दौरान 11 से 18 जुलाई तक जिला चिकित्सालय जशपुर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव में प्रतिदिन पुरुष नसबंदी ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी योग्य दंपतियों से अपील की है कि वे परिवार नियोजन अपनाकर स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल परिवार के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें तथा उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान को जशपुर में मिलेगी नई रफ्तार, कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त संदेश—31 शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक पहुंचाना सुनिश्चित करें, गुणवत्ता से विकास कार्यों में नहीं होगा कोई समझौता

जशपुर 14 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के क्रियान्वयन संबंध में सोमवार को कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि इस योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन किया जाना है।

योजना के तहत हितग्राहियों को 31 योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है।

इसके लिए  सर्वेक्षण कार्य के माध्यम से छुटे हुए हितग्राहियों का चिन्हांकन करके योजना का लाभ दिया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सभी एसडीएम , जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को बताया कि सुघ्घर अभियान के तहत 
हितग्राहियों को जॉब कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,राशन कार्ड,जल जीवन मिशन, आयुष्मान कार्ड, आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन,जननी सुरक्षा योजना,आय जाति निवास प्रमाण पत्र,विवाह प्रमाणपत्र, गर्भवती महिलाओं और बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण, प्रधानमंत्री जन-धन योजना , आधार कार्ड, कौशल विकास योजना से युवाओं का प्रशिक्षण,श्रम कार्ड, आदि अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

उन्होंने मंगल भवन, सामुदायिक भवन,सीसी रोड, सांस्कृतिक भवन,खेल मैदान,मिनी स्टेडियम,आदि प्रगतिरत निर्माण कार्यों की जानकारी ली।

कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन के लंबित आवेदनों का भी गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए।

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ढाई साल में आदिवासी विकास की नई इबारत: शिक्षा, रोजगार, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की जनजातीय हितैषी नीतियों का बड़ा असर

रायपुर, 13 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार के पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल में आदिवासी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। आज छत्तीसगढ़ संवाद के आडिटोरियम में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने एक संयुक्त प्रेसवार्ता में विभाग की बहुआयामी उपलब्धियों और भावी योजनाओं का पूरा ब्यौरा साझा किया।

*राज्य की 43 जनजातियों के उपसमूहों के विकास के लिए कई अभिनव योजनाएं* 

        मंत्री श्री नेताम ने बताया कि प्रदेश की कुल आबादी का लगभग 30.62 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जनजाति वर्ग का है। विभाग द्वारा राज्य की 43 जनजातियों एवं उनके उपसमूहों के विकास के लिए कई अभिनव योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर बनाना है।

*शिक्षा और छात्रवृत्ति के क्षेत्र में बड़ा सुधार*

         पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार करते हुए अब समयबद्ध ऑनलाइन डीबीटी भुगतान सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2025-26 में 84 हजार 702 विद्यार्थियों को 94.57 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। राज्य में वर्तमान में 2,817 आश्रम एवं छात्रावास संचालित हैं, जहाँ लाखों छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से दी जा रही हैं।

*राष्ट्रीय स्तर पर चमके एकलव्य विद्यालयों के सितारे*

        प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि प्रदेश में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 27 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने न केवल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है, बल्कि राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में 55 स्वर्ण, 43 रजत और 64 कांस्य (कुल 162 पदक) जीतकर छत्तीसगढ़ को देश में दूसरा स्थान दिलाया है।

*युवाओं के लिए प्रयास और अब नई सीजी एसीई योजना*

       आदिवासी युवाओं को प्रशासनिक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य बनाने के लिए श्युवा करियर निर्माण योजनाश् के तहत अब तक 164 युवाओं का चयन अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय सेवाओं में हो चुका है। सरकार आगामी वर्ष से इसे और व्यापक रूप देते हुए सीजी-एसीई (ब्ळ-।ब्म्) योजना के रूप में शुरू करने जा रही है। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालय, खेल परिसर और विशेष शिक्षण केन्द्रों के माध्यम से भी मदद दी जा रही है।

*वनाधिकार और संस्कृति का संरक्षण*

       वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में 4.28 लाख से अधिक व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और हजारों सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र दिए जा चुके हैं। वनाधिकार से जुड़े 19 हजार मामलों में से 16 हजार से अधिक का त्वरित निराकरण किया गया है। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए देवगुड़ी निर्माण एवं मरम्मत योजना, जनजातीय गौरव दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव जैसे आयोजन किए जा रहे हैं।

*पीएम-जनमन में छत्तीसगढ़ अव्वल* 

         विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए शुरू किए गए पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

*बजट में भारी-भरकम प्रावधान और आगामी योजनाएं*

         बस्तर, सरगुजा तथा मध्य क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना कार्यों को तेज कर दिया गया है। वर्ष 2026-27 के बजट में विभाग के लिए 2,136.26 करोड़ रुपए तथा जनजातीय उपयोजना के अंतर्गत 42,165.95 करोड़ रुपए का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। आगामी वर्ष की प्रमुख परियोजनाएं में कोरबा में नया खेल परिसर, बीजापुर में 500 सीट की क्षमता वाला नया प्रयास आवासीय विद्यालय, नारायणपुर एवं सुकमा में सर्वसुविधायुक्त एजुकेशन सिटी, छात्रावासों-आश्रमों के नए भवनों का निर्माण और शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण शामिल हैं।

        इस प्रेसवार्ता के दौरान अंत्याव्यवसायी वित्त एवं विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विभाग के आयुक्त श्री राहुल वेंकट और टीआरटीआई की संचालक श्रीमती हीना अनिमेष नेताम भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

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जशपुर के सपनों को मिली नई उड़ान, मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति पर बगीचा में जनउत्साह,आतिशबाजी, मिठाइयों और जयघोष के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार, कहा—अब स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में लिखेगा विकास का नया इतिहास

नारायणपुर/बगीचा। वर्षों से मेडिकल कॉलेज की मांग कर रहे आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले के लोगों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दिए जाने की घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी खुशी को साझा करने के लिए बगीचा बस स्टैंड में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार उत्सव मनाया। भाजपा मंडल अध्यक्ष हरीश आरिक के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की, मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान पूरे बस स्टैंड परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समर्थन में जमकर नारे लगाए और इस फैसले को जशपुर जिले के विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया। स्थानीय नागरिकों ने भी इस सौगात को आदिवासी अंचल के भविष्य को नई दिशा देने वाला निर्णय बताया।

भाजपा मंडल अध्यक्ष हरीश आरिक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले की दशकों पुरानी मांग पूरी कर ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनने से जशपुर ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। गंभीर मरीजों को अब इलाज के लिए रायपुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। साथ ही मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल, तकनीकी और अन्य क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उच्च शिक्षा के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा।

नगर पंचायत उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार विकास और जनकल्याण के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। जशपुर जैसे दूरस्थ आदिवासी जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि अब जिले के लोगों को बेहतर इलाज के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। समय पर उपचार मिलने से गरीब और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक राहत भी मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और संवेदनशील नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह सौगात पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।

इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर, मिठाइयां वितरित कर और एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जशपुर जिले की पहचान शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी मजबूत होगी तथा आदिवासी अंचल के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर भजपा मण्डल अध्यक्ष हरीश आरिक,नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात सिदाम, नगर पंचायत उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर गुप्ता, पार्षद राजकिशोर जायसवाल, मंडल महामंत्री पवन सिंह, कोषाध्यक्ष पंकज जैन, एल्डरमैन हरीशंकर पैंकरा, उमाशंकर ठाकुर, बजरंग अग्रवाल, विनय यादव, राजेंद्र कृष्ण गुप्ता, विपिन यादव, ऋत्विक जैन, शुभम जिंदल, संतोष गुप्ता, भगवान गुप्ता, दीपक जायसवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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राशिफल : ग्रह-नक्षत्रों की चाल से बदलेगा भाग्य, जानिए आज किस राशि को मिलेगा शुभ समाचार, किसके बनेंगे नए अवसर और किसे रखनी होगी सावधानी

♈ मेष
आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा होने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत बढ़ानी होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान पर ध्यान दें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

♉ वृषभ
आर्थिक मामलों में दिन लाभदायक रहेगा। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

♊ मिथुन
आज आपकी वाणी और व्यवहार से लोग प्रभावित होंगे। नए संपर्क भविष्य में लाभ देंगे। व्यवसाय में विस्तार की योजना बन सकती है। छात्रों के लिए समय अनुकूल है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है। मानसिक तनाव से बचने के लिए सकारात्मक सोच रखें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♋ कर्क
आज धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार में किसी शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य में हल्की थकान महसूस हो सकती है।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

♌ सिंह
आज भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन विशेष लाभकारी रहेगा। व्यापार में नई उपलब्धि मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

♍ कन्या
आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभदायक साबित होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

♎ तुला
आज संतुलित निर्णय लेने से सफलता मिलेगी। व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक
आज कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में लाभ मिलेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8

♐ धनु
आज नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। नौकरी और व्यापार दोनों में प्रगति के संकेत हैं। यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक सिद्ध होगी। परिवार के साथ अच्छा समय बितेगा। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

♑ मकर
आज कार्यों में सफलता के लिए धैर्य रखना होगा। आर्थिक मामलों में सुधार होगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में किसी शुभ समाचार से प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन तनाव से बचें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

♒ कुंभ
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यवसाय में नई योजनाएं लाभ देंगी। नौकरीपेशा लोगों को सम्मान मिल सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

♓ मीन
आज आत्मविश्वास के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7


आज का दिन सकारात्मक सोच, संयम और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का है। जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। परिवार और कार्यक्षेत्र के बीच संतुलन बनाए रखें। शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल माना जा सकता है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूरा किया क्षेत्रवासियों का वर्षों पुराना सपना, कुनकुरी मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति पर नारायणपुर में आतिशबाजी, मिष्ठान वितरण और जनआभार समारोह से मनाया गया ऐतिहासिक उत्सव

नारायणपुर । कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज को आधिकारिक स्वीकृति मिलने की ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्साह अब गांव-गांव तक पहुंच गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नारायणपुर के जैस्तंभ चौक में भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण मंडल कुनकुरी द्वारा भव्य जनआभार एवं खुशी उत्सव का आयोजन किया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, रंग-बिरंगी आतिशबाजी, मिठाइयों की मिठास और कार्यकर्ताओं के उत्साह ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए तथा मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति को जशपुर जिले के विकास का नया अध्याय बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

उपस्थित लोगो  ने कहा कि वर्षों से जिस मेडिकल कॉलेज का सपना देखा जा रहा था, वह अब साकार होने जा रहा है। इससे न केवल जशपुर बल्कि कुनकुरी, फरसाबहार, दुलदुला, पत्थलगांव, कांसाबेल सहित आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जिले की पहचान भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।

 इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि कुनकुरी मेडिकल कॉलेज केवल एक भवन नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को रायपुर, बिलासपुर, रांची या अन्य बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और उच्चस्तरीय उपचार जिले में ही उपलब्ध होने से समय और धन दोनों की बचत होगी तथा गरीब और ग्रामीण परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए डॉक्टर बनने का सपना साकार करने का रास्ता आसान होगा। मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही नर्सिंग, पैरामेडिकल, लैब टेक्नीशियन, फार्मेसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इसके अलावा  छोटे-बड़े व्यवसायों को भी नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मो. असलम आज़ाद ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार जनहित के निर्णय लेकर गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा और विद्यार्थियों के जीवन को बेहतर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसी सौगात आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर साबित होगी और जशपुर जिले को स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

पूर्व युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विकास नाग ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सरल, सहज और जनसेवक व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने क्षेत्र की जनता की भावनाओं को समझते हैं और विकास के प्रत्येक वादे को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति इस बात का प्रमाण है कि सरकार दूरस्थ अंचलों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष तुलाधार यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विकसित जशपुर और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अब तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज आने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी, युवाओं को बेहतर शिक्षा मिलेगी और क्षेत्र का समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास नई रफ्तार पकड़ेगा।

ग्रामीणों ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब गंभीर मरीजों को इलाज के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज बनने से समय पर इलाज मिलेगा, चिकित्सा खर्च कम होगा और विद्यार्थियों को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र से प्रतिभाओं का पलायन भी कम होगा और स्थानीय युवाओं को अपने घर के नजदीक ही बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओं के बीच मिष्ठान वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, उमंग और जनभागीदारी का अनूठा दृश्य देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की थाप, आतिशबाजी की रोशनी और विकास के नारों के बीच ग्राम नारायणपुर ने कुनकुरी मेडिकल कॉलेज की ऐतिहासिक सौगात का हर्षोल्लास के साथ स्वागत करते हुए इसे जशपुर जिले के भविष्य को बदलने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।

  इस कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, मंडल उपाध्यक्ष तुलाधर यादव,जनपद सदस्य संजय बंग, संतन राम , महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती भारती भगत , किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र राम , भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सुरजीत सिंह सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मेडिकल कॉलेज से बदलेगी क्षेत्र की    तस्वीर

कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से पूरे जशपुर अंचल के विकास को नई गति मिलेगी। अब गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों के नजदीक पहुंचेंगी।

मेडिकल कॉलेज शुरू होने से स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही नर्सिंग, पैरामेडिकल, लैब, फार्मेसी सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के कारण होटल, हॉस्टल, मेडिकल स्टोर, परिवहन, किराये के आवास और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों का मानना है कि यह योजना केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जशपुर जिले की शिक्षा, रोजगार, व्यापार और आधारभूत विकास को भी नई दिशा देगी।

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महतारी वंदन योजना से बदल रही महिलाओं की तकदीर: हर महीने की आर्थिक सहायता बनी आत्मनिर्भरता की ताकत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण की नई मिसाल

रायपुर, 13 जुलाई 2026।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नियमित रूप से मिल रही आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला के ग्राम पंचायत डुमरिया की श्रीमती बसंती धुर्वे इसका प्रेरणादायक उदाहरण है।

श्रीमती बसंती धुर्वे ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हो गई है। इस राशि से उन्हें दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति, घरेलू खर्चों के बेहतर प्रबंधन तथा परिवार की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से अब वे अधिक आत्मविश्वास के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहभागी बन रही हैं।

श्रीमती बसंती धुर्वे का कहना है कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सम्मान, आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही है। योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं को छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर रहने से मुक्त कर रही है तथा उन्हें परिवार के निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी जनकल्याणकारी योजना लागू की है, जिसका लाभ सीधे महिलाओं तक पहुंच रहा है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके जीवन में आत्मविश्वास, सुरक्षा और सम्मान की भावना भी विकसित कर रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन के कारण महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेशभर की लाखों महिलाओं तक नियमित रूप से पहुंच रहा है। योजना महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने, परिवारों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने तथा समावेशी विकास के राज्य सरकार के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की महिलाओं के लिए केवल एक आर्थिक सहायता ही नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनके जीवन स्तर में सतत सुधार लाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है।

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रायपुर विकास प्राधिकरण को मिला नया नेतृत्व, डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने संभाली उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी; मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले— शहर के सुनियोजित विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, 13 जुलाई 2026/ रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने सोमवार को रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कार्यभार ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने डॉ. जय प्रकाश शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रायपुर के सुनियोजित एवं समग्र विकास में रायपुर विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें विश्वास है कि डॉ. शर्मा के अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्राधिकरण की विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

समारोह में रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू ने कहा कि डॉ. शर्मा के प्रशासनिक अनुभव, चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय तक किए गए कार्य तथा सामाजिक सरोकारों का लाभ रायपुर विकास प्राधिकरण को मिलेगा। उनके नेतृत्व में प्राधिकरण की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहितकारी कार्यों को नई दिशा एवं गति मिलेगी। उन्होंने आरडीए के माध्यम से आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।

पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य शासन की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर के सुनियोजित विकास, आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं तथा हितग्राही सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अवनीश शरण सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छाप: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री को भेंट की बस्तर की ढोकरा ट्री ऑफ लाइफ शिल्पकृति

रायपुर, 13 जुलाई 2026। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि उस समय दर्ज हुई, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री श्री क्रिस्टोफर लक्सन को छत्तीसगढ़ के बस्तर की विश्वविख्यात ढोकरा ट्री ऑफ लाइफ (जीवन वृक्ष) धातु शिल्पकृति भेंट की। प्रधानमंत्री की इस विशिष्ट कूटनीतिक सौगात ने न केवल बस्तर की हजारों वर्ष पुरानी जनजातीय कला को वैश्विक पहचान दिलाई है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, पारंपरिक शिल्प कौशल और आदिवासी विरासत को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की है।

यह अवसर पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। राज्य की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएं और पारंपरिक हस्तशिल्प आज वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को भेंट के लिए बस्तर की ढोकरा शिल्पकृति का चयन इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की लोककला आज विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोककलाओं और पारंपरिक शिल्पों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से कलाकारों तथा शिल्पकारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम है कि आज बस्तर की ढोकरा कला जैसी पारंपरिक विरासत वैश्विक कूटनीतिक उपहार का हिस्सा बनकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा रही है।

संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ भी राज्य की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण, प्रदर्शन और प्रचार-प्रसार के लिए लगातार प्रयासरत है। संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में विभाग लोककला, जनजातीय परंपराओं और पारंपरिक शिल्प को नई पीढ़ी से जोड़ने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में अनेक पहल कर रहा है। ढोकरा शिल्पकृति का वैश्विक स्तर पर सम्मानित होना इन प्रयासों की सार्थकता को भी रेखांकित करता है।

बस्तर की ढोकरा कला विश्व की सबसे प्राचीन धातु शिल्प परंपराओं में से एक मानी जाती है। इसका निर्माण लॉस्ट वैक्स कास्टिंग अर्थात मोम सांचा ढलाई तकनीक से किया जाता है, जिसे विश्व की सबसे पुरानी धातु ढलाई विधियों में शामिल किया जाता है। कुशल जनजातीय शिल्पकार प्रत्येक कलाकृति को पूरी तरह हाथ से तैयार करते हैं, इसलिए हर शिल्पकृति अपनी बनावट, सौंदर्य और कलात्मक अभिव्यक्ति में अद्वितीय होती है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित यह शिल्प परंपरा बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा और जनजातीय जीवन-दर्शन का जीवंत स्वरूप है।

प्रधानमंत्री द्वारा भेंट की गई ट्री ऑफ लाइफ (जीवन वृक्ष) शिल्पकृति केवल एक कलात्मक वस्तु नहीं, बल्कि भारतीय दर्शन और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की भावना का सशक्त प्रतीक है। यह परस्पर जुड़ाव, नवजीवन, समृद्धि और मानव तथा प्रकृति के बीच संतुलन का संदेश देती है। भारतीय परंपरा में यह कल्पवृक्ष की अवधारणा का प्रतिनिधित्व करती है, वहीं न्यूजीलैंड के माओरी समुदाय की व्हाकापापा की अवधारणा से भी सामंजस्य स्थापित करती है, जो जीवन, प्रकृति और वंश परंपरा के गहरे संबंध को व्यक्त करती है। इस प्रकार यह शिल्पकृति सांस्कृतिक संवाद और वैश्विक मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक बन गई है।

बस्तर की ढोकरा कला केवल हस्तशिल्प नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोकविश्वास, प्रकृति के प्रति सम्मान और सतत जीवनशैली की अभिव्यक्ति है। यह कला स्थानीय शिल्पकारों की आजीविका को सशक्त बनाते हुए पर्यावरण-अनुकूल हस्तनिर्मित उत्पादों की परंपरा को भी आगे बढ़ाती है। प्रत्येक कलाकृति में जनजातीय समाज की सृजनात्मकता, प्रकृति से आत्मीय संबंध और सांस्कृतिक निरंतरता की झलक दिखाई देती है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस शिल्पकृति को अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक उपहार के रूप में चयनित किया जाना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति की वैश्विक स्वीकार्यता का महत्वपूर्ण प्रमाण है। इससे राज्य के जनजातीय कलाकारों और शिल्पकारों का उत्साह बढ़ेगा, स्थानीय हस्तशिल्प को नए बाजार मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और जनजातीय विरासत को विश्वभर में नई पहचान प्राप्त होगी।

बस्तर की ढोकरा ट्री ऑफ लाइफ शिल्पकृति आज केवल एक उपहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता, जनजातीय गौरव, पारंपरिक शिल्प कौशल और भारत की अमूल्य विरासत का ऐसा वैश्विक दूत बन गई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का नाम और अधिक गौरवपूर्ण ढंग से स्थापित कर दिया है।

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टीटीएफ कोलकाता में छत्तीसगढ़ का डंका, 21 राज्यों के बीच ‘बेस्ट डेकोरेशन ऑफ स्टॉल एंड अपीयरेंस’ राष्ट्रीय सम्मान से बढ़ी पर्यटन की प्रतिष्ठा

रायपुर, 13 जुलाई 2026।  ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) कोलकाता-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति के साथ राष्ट्रीय स्तर पर एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित पर्यटन आयोजन के सफल समापन पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को देश के 21 राज्यों की सहभागिता के बीच उसके आकर्षक, सृजनात्मक एवं प्रभावशाली पवेलियन के लिए      “बेस्ट डेकोरेशन ऑफ स्टॉल एंड अपीयरेंस” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, प्राकृतिक पर्यटन, धार्मिक धरोहरों और आधुनिक पर्यटन दृष्टिकोण को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के सफल प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है।

10 से 12 जुलाई तक कोलकाता के विश्व बंगला प्रांगण में आयोजित देश के प्रतिष्ठित पर्यटन व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का पवेलियन तीनों दिनों तक आगंतुकों, पर्यटन विशेषज्ञों, टूर ऑपरेटर्स और निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। बस्तर की जनजातीय संस्कृति, चित्रकोट एवं तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर, भोरमदेव, धार्मिक एवं इको-टूरिज्म, पर्यटन रिसॉर्ट्स तथा राज्य के विविध पर्यटन परिपथों को आधुनिक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसे व्यापक सराहना मिली।

आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री एस भारतीदासन तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसियों, होटल समूहों, पर्यटन विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ अनेक महत्वपूर्ण बी-टू-बी बैठकों में सहभागिता की। इन बैठकों में पर्यटन निवेश, संयुक्त पर्यटन पैकेजों के विकास, विपणन सहयोग, नए पर्यटन बाजारों तक पहुंच तथा छत्तीसगढ़ में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इन संवादों से राज्य के पर्यटन क्षेत्र में भविष्य की नई साझेदारियों और निवेश के अवसरों को भी मजबूती मिली।

मेले में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ राज्य तथा अन्य राज्यों के लगभग 28 पंजीकृत टूर ऑपरेटर्स, होटल संचालकों, होम-स्टे संचालकों और पर्यटन उद्यमियों ने भी सक्रिय सहभागिता की। इससे राज्य के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय पर्यटन उद्योग के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने का अवसर प्राप्त हुआ।

आयोजन के उद्घाटन अवसर पर गोवा के पर्यटन मंत्री श्री रोहन ए. खंवटे, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज, पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष तथा थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सुश्री सिरीपोर्न तांतीपन्याथेप सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया था। सभी अतिथियों ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक विरासत और पर्यटन विकास की संभावनाओं की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में रेखांकित किया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि टीटीएफ जैसे राष्ट्रीय मंच राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश और दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस सम्मान ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ आज अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक वैभव और उत्कृष्ट पर्यटन संसाधनों के बल पर राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री एस भारतीदासन ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता से राज्य में पर्यटन निवेश, पर्यटकों की संख्या और निजी क्षेत्र की भागीदारी में सकारात्मक वृद्धि होगी।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि पर्यटन बोर्ड राज्य के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि टीटीएफ-2026 में मिली सफलता और राष्ट्रीय सम्मान राज्य के पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है तथा इससे छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के अभियान को नई गति मिलेगी।

टीटीएफ कोलकाता-2026 में प्राप्त “बेस्ट डेकोरेशन ऑफ स्टॉल एंड अपीयरेंस” सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, जनजातीय विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन विकास की संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सशक्त पहचान का प्रतीक है। यह उपलब्धि आने वाले समय में राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, निवेश आकर्षित करने तथा देश-विदेश के अधिकाधिक पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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पंडवानी को विश्व मंच तक पहुंचाने वाली डॉ. तीजन बाई को सदन का नमन, मुख्यमंत्री ने कहा– उनका योगदान स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा

रायपुर 13 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

निधन उल्लेख के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके जाने से कला एवं सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों में गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था। पात्रों का सजीव चित्रण, ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। जिस दौर में महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी अत्यंत सीमित थी, उस समय उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने एशिया, यूरोप सहित विश्व के अनेक देशों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत किया। यह गौरव प्राप्त करने वाली वे छत्तीसगढ़ की एकमात्र विभूति हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्रियों ने भी डॉ. तीजन बाई के कला क्षेत्र में अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर प्रवास पर आए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. तीजन बाई के परिजनों से दूरभाष पर बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अनेक विश्वविद्यालयों द्वारा डॉ. तीजन बाई को डी.लिट्. की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। भारतीय लोकसंगीत और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उनकी कला, साधना और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सदन की ओर से दिवंगत पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि परमात्मा इस कठिन समय में शोकाकुल परिजनों, उनके असंख्य प्रशंसकों और कला जगत को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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