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जय बिहान” से आत्मनिर्भरता तक: बलरामपुर में महिलाओं की बदलती तस्वीर के साक्षी बने मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 03 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अपने बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण कक्ष में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने “जय बिहान” कहकर अभिवादन किया, जिससे पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से पशु सखियों और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना। संवाद के दौरान ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे पशु सखी के रूप में गांव में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और जागरूकता का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को नजदीक से महसूस किया और कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि RSETI के माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार किया जा चुका है।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां उन्होंने विभिन्न समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके उत्पादों और अनुभवों की जानकारी ली। कोमल स्व-सहायता समूह की श्रीमती पूर्णिमा बासिन ने बताया कि बैंक लिंकेज और CIF के माध्यम से प्राप्त ऋण से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीन पर बदलाव की स्पष्ट तस्वीर बनकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं और स्थानीय उत्पादों को प्रदेश स्तर तक पहचान मिल रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच श्रीमती खुशबू सिंह एवं सचिव श्रीमती सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई दिशा तय करती हैं। 

उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के गांवों में महिलाओं की यह भागीदारी राज्य को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी।

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स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल , ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान' पहुंचे मुख्यमंत्री: 'पशु सखियों' का बढ़ाया मनोबल

रायपुर 3 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर  जिला प्रवास के दौरान 'ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान'  (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पशु सखियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षण कक्ष का अवलोकन करते हुए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और प्रशिक्षणार्थियों से ‘जय बिहान’ कहकर आत्मीय अभिवादन किया। उन्होंने विशेष रूप से  पशुपालन का प्रशिक्षण ले रही पशु सखियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और उनके प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के बगरा क्लस्टर अंतर्गत ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे गांव में पशुओं का सर्वे कर पशु चिकित्सकों को सहयोग प्रदान करती हैं तथा ग्रामीणों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं बीमारियों के प्रति जागरूक करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य को और अधिक दक्षता के साथ करने में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि RSETI जैसे संस्थान न केवल प्रशिक्षण के केंद्र हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।

उल्लेखनीय है कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अब तक 16 बैचों में कुल 510 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

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????गम्हरिया में खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश: शादी से लौटते वक्त गुलेल के मामूली विवाद ने ली बुजुर्ग की जान, सरई लकड़ी से बेरहमी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, सड़क किनारे फेंकी लाश—जशपुर पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अंधा कत्ल, दो आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

जशपुर, 03 मई 2026। शांत माने जाने वाले जशपुर जिले के गम्हरिया इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक बुजुर्ग का शव खेत में संदिग्ध हालत में मिला। लेकिन मामला सिर्फ मौत का नहीं था—यह एक खौफनाक हत्या थी, जिसे अंजाम देकर आरोपी बड़े ही शातिर तरीके से मौके से फरार हो गए थे। हालांकि जशपुर पुलिस की मुस्तैदी और तेज जांच के चलते इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश महज 48 घंटे में कर दिया गया।

घटना 30 अप्रैल 2026 की है, जब थाना जशपुर को सूचना मिली कि ग्राम गम्हरिया स्थित अघोर आश्रम के पास खेत में पंडारीपानी निवासी 75 वर्षीय बलराम उरांव का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गांव और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की, साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नाम सामने आए, जिनमें अरविंद कुजूर (40 वर्ष) और सुखनाथ बड़ा (50 वर्ष), दोनों निवासी पंडारीपानी, की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो जो कहानी सामने आई उसने सबको चौंका दिया। आरोपियों ने बताया कि 29 अप्रैल की रात वे गम्हरिया में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे, जहां मृतक बलराम उरांव भी मौजूद था। खाना खाने के बाद जब रात करीब 8:30 बजे वे गांव लौट रहे थे, तभी अचानक बलराम उरांव ने बिना किसी कारण के दोनों पर गुलेल से पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

इस हरकत से नाराज होकर दोनों आरोपी गुस्से में आगबबूला हो गए। पास में ही एक ऑनलाइन सेंटर के पीछे रखी सरई लकड़ी की फाड़ी उठाई और बुजुर्ग पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मौके पर ही बलराम उरांव की मौत हो गई।

हत्या करने के बाद आरोपी शव को सड़क किनारे फेंककर मौके से फरार हो गए, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की पैनी नजर से वे ज्यादा देर तक बच नहीं सके। सटीक सूचना और सघन जांच के आधार पर 2 मई 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी मोर ध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक भागवत नायकर, साइबर सेल प्रभारी नसरुद्दीन अंसारी और प्रधान आरक्षक अनंत मिराज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जशपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां एक ओर अपराधियों में हड़कंप मचा है, वहीं आम जनता ने राहत की सांस ली है।

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सरगुजा जिले के ग्राम सिलमा में अचानक उतरा मुख्यमंत्री श्री साय का हेलीकॉप्टर , खाट में बैठकर ग्रामीणों से किया संवाद: सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश

रायपुर 3 मई 2026/प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए।

जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी श्री राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है।

जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और उनका निराकरण करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ग्रामीणों से ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया। 

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, कलेक्टर श्री अजीत वसंत  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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सुशासन तिहार का ऐतिहासिक आगाज: सुदूर चंदागढ़ में अचानक उतरे मुख्यमंत्री, बरगद की छांव में सजी जनचौपाल, सौगातों की झड़ी और ‘लखपति दीदी’ की सफलता कहानी बनी सबसे बड़ा आकर्षण

 

जशपुर, 3 मई 2026। सुशासन तिहार के पहले ही दिन जशपुर जिले के सुदूर चंदागढ़ में उस वक्त जबरदस्त हलचल मच गई, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर अचानक गांव में उतरा। मुख्यमंत्री के आगमन की खबर मिलते ही ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी और पूरे गांव ने पारंपरिक अंदाज में उनका भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बरगद पेड़ के नीचे जनचौपाल सजी, जहां मुख्यमंत्री ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस आत्मीय अंदाज ने लोगों का दिल जीत लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “आज सरकार खुद आपके द्वार तक आई है, सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक चलेगा और इस दौरान हर गांव-गांव जाकर जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।” उन्होंने साफ कहा कि वे यहां नेता बनकर नहीं, बल्कि जनता की बात सुनने आए हैं।

जनचौपाल में मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी सुमिला कोरवा से संवाद किया, जिनकी आत्मनिर्भरता की कहानी सुनकर वे खासे प्रभावित हुए। सुमिला ने बताया कि उन्होंने अपनी मेहनत से अब गाड़ी तक खरीद ली है। वहीं भैंसामुंडा की पुष्पलता चौहान ने भी बताया कि उनका समूह ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कामों से अच्छी आमदनी कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कई बड़ी घोषणाएं कर दीं—गांव में सामुदायिक भवन का निर्माण, मिनी स्टेडियम की स्थापना, बच्चों को क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म देने के साथ ही सीसी रोड निर्माण की सौगात दी। इन घोषणाओं से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख “लखपति दीदी” बनाई जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में 3 करोड़ महिलाएं इस श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिससे गरीबों का पक्का घर का सपना पूरा हो रहा है।

जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने राशन वितरण, नमक-शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, पटवारी की कार्यप्रणाली और तेंदूपत्ता संग्रहण जैसे मुद्दों पर सीधे ग्रामीणों से फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामुदायिक भवन के लिए जल्द जगह चिन्हित करें और बिजली बिल समाधान शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याएं दूर करें।

मुख्यमंत्री ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, चरण पादुका योजना, रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की जानकारी भी दी और ग्रामीणों को इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

सुशासन तिहार के पहले ही दिन मुख्यमंत्री का यह दौरा न सिर्फ योजनाओं की सौगात लेकर आया, बल्कि सरकार और जनता के बीच भरोसे का मजबूत पुल भी बनाता नजर आया।

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जब विष्णुदेव साय ने छोड़ी प्रोटोकॉल की दीवारें, गांव के स्कूल मैदान में बच्चों संग थामा बल्ला, खेला दिल खोलकर क्रिकेट—सुशासन तिहार बना यादगार, मासूम चेहरों की मुस्कान बनी सबसे बड़ी उपलब्धि, खेल-खेल में दिया बड़ा संदेश:  7

रायपुर 3 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। 

मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी।

बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके।

मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।

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सुशासन तिहार में दिखा संवेदनशील सुशासन का जमीनी चेहरा: विष्णुदेव साय अचानक पहुंचे वनांचल की ‘लखपति दीदी’ सुमिला की दुकान, लौंग-इलायची से हुआ स्वागत

रायपुर 3 मई 2026/प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।

मुख्यमंत्री श्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि “यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए।” उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है।

सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।

सुमिला ने आगे बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि “आपने अपनी मेहनत से ‘लखपति दीदी’ का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।”

मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।

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“जब मुख्यमंत्री ने खुद उठाई करणी… भैंसामुड़ा में ईंट-ईंट जोड़ते दिखी जनसेवा की मिसाल, कच्ची झोपड़ी से पक्के घर तक सपनों को मिला साकार रूप

रायपुर 3 मई 2026/सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य ग्राम भैंसामुड़ा में देखने को मिला, जिसने ग्रामीणों के मन में गहरी छाप छोड़ी।

विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का औचक निरीक्षण किया। गांव से गुजरते समय उनकी नजर हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने न केवल कार्य की गुणवत्ता को परखा, बल्कि वहां कार्यरत श्रमिकों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत प्रदेश के विकास की वास्तविक ताकत है।

इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण तब सामने आया, जब उन्होंने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में सहभागी होते देख वहां उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे। यह दृश्य केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बन गया।

हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर चंदागढ़ के राजमिस्त्री श्री मोहन चक्रेश से भी चर्चा की। उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल केवल एक औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सहभागिता और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गई। इस घटना ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।

इस दौरान पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय और अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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गोद में उठाया, चश्मा पहनाया… भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का मानवीय और स्नेहिल चेहरा, नन्हीं मानविका के “डॉक्टर बनने” के सपने को मिला खास हौसला

रायपुर 3 मई 2026/सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य  उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।

सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे  सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है। मुख्यमंत्री श्री साय के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा - "मुझे डॉक्टर बनना है", तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया। 

मानविका की माता श्रीमती दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है।

यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।

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ब्रेकिंग: सुशासन तिहार की धमाकेदार शुरुआत, जनता के बीच उतरेंगे मुख्यमंत्री — सीधे सुनेंगे लोगों की समस्या, योजनाओं का होगा ग्राउंड रियलिटी चेक 

रायपुर 03 मई 2026। प्रदेश में सुशासन को धरातल पर परखने और जनता तक योजनाओं की असली तस्वीर जानने के लिए मुख्यमंत्री ने आज से अपने बहुप्रतीक्षित “सुशासन तिहार” अभियान का जोरदार आगाज कर दिया है। राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन हेलीपेड से मुख्यमंत्री अपने प्रदेशव्यापी दौरे पर रवाना हुए, जहां से अब वे सीधे गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर जनता से रूबरू होंगे।

इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि अब सरकार खुद लोगों के दरवाजे तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री आम नागरिकों से सीधा संवाद कर यह जानने की कोशिश करेंगे कि जमीन पर योजनाएं कितनी कारगर साबित हो रही हैं और किन जगहों पर सुधार की जरूरत है। यानी अब फाइलों में नहीं, बल्कि हकीकत में सुशासन का परीक्षण होगा।

मुख्यमंत्री के इस दौरे में उनके साथ प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और विशेष सचिव रजत कुमार बंसल भी मौजूद हैं, जो पूरे अभियान के दौरान प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर रखेंगे और मौके पर ही जरूरी निर्देश जारी करेंगे।

गौरतलब है कि 1 मई से शुरू हुआ “सुशासन तिहार” अभियान 10 जून तक लगातार चलेगा। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न इलाकों में जनसंवाद, निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा का सिलसिला जारी रहेगा। सरकार का साफ संदेश है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही प्राथमिकता होगी।

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पत्थलगांव में मौसम का कहर और राहत का दोहरा वार: तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से फसलों पर संकट, लेकिन भीषण गर्मी से मिली बड़ी राहत 

 

जशपुर। जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में मौसम ने शनिवार को अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया। दोपहर बाद आसमान में काले घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में मौसम ने और विकराल रूप ले लिया, जब बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि भी हुई।

तेज हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं, वहीं खेतों में खड़ी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खासकर आम, लीची और हरी सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। कई किसानों ने बताया कि ओलों की मार से फलों और सब्जियों को गंभीर क्षति पहुंची है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है।

हालांकि, इस अचानक बदले मौसम ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दी है। पिछले कई दिनों से पड़ रही तपती गर्मी और उमस के बीच यह बारिश किसी राहत की फुहार से कम नहीं रही। तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने सुकून की सांस ली।

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शिक्षा के क्षेत्र में जशपुर का जलवा कायम : 5वीं में 99.90% और 8वीं में 99.61% रिजल्ट ने पूरे जिले को किया गौरवान्वित, जिला बना शिक्षा गुणवत्ता का नया मॉडल

जशपुर, 2 मई 2026। जिले में शिक्षा के क्षेत्र से एक बेहद सुखद और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है, जहां कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत वार्षिक परीक्षा के परिणामों ने पूरे जिले का मान बढ़ा दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा घोषित सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों में विद्यार्थियों ने ऐसा शानदार प्रदर्शन किया है कि आंकड़े खुद सफलता की कहानी बयान कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कक्षा 5वीं में कुल 15,415 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था, जिनमें से 15,379 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 15,363 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इस तरह इस कक्षा का कुल परिणाम 99.90 प्रतिशत रहा, जो लगभग शत-प्रतिशत के बराबर है। वहीं कक्षा 8वीं में भी विद्यार्थियों ने पीछे नहीं रहते हुए दमदार प्रदर्शन किया। इस कक्षा में 15,173 छात्रों का पंजीयन हुआ, जिनमें से 14,997 परीक्षा में बैठे और 14,938 विद्यार्थी पास हुए। यहां कुल परिणाम 99.61 प्रतिशत दर्ज किया गया।

रिजल्ट के आंकड़े यह साफ संकेत दे रहे हैं कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की है, जबकि द्वितीय और तृतीय श्रेणी में भी अच्छी संख्या में छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। पूरक या असफल विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रहना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों की लगन रंग ला रही है।

गौरतलब है कि यह परीक्षा 16 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा का संचालन राज्य शासन और लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों के तहत किया गया था।

 जिला शिक्षा अधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा है कि यह सफलता सामूहिक प्रयास का नतीजा है और आने वाले समय में जिले की शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी।

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मध्य प्रदेश में हुए क्रूज हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में सख्ती—वाटर स्पोर्ट्स सुरक्षा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा एक्शन, कलेक्टरों को दिए कड़े निर्देश, सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही 

रायपुर 2 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

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जनगणना-2027 के अहम प्रशिक्षण से गायब रहना पड़ा भारी: आदेशों की अनदेखी और बार-बार नोटिस के बावजूद नहीं दिया जवाब, सहायक शिक्षक सत्यजीत निराला पर गिरी निलंबन की गाज, प्रशासन का सख्त संदेश—लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जशपुर 2 मई 2026/
संबंधित विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण भवन नंबरिंग एवं मकान सूचीकरण कार्य हेतु प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण हेतु तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी दुलदुला द्वारा शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में दिनांक 15.04.2026 से 17.04.2026 तक 03 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (ग्रामीण) दुलदुला के प्रतिवेदन क्रमांक 115/कानूनगो जनगणना/2026 दुलदुला, दिनांक 21.04.2026 के अनुसार श्री सत्यजीत निराला, सहायक शिक्षक (एल.बी.), प्राथमिक शाला सरहापानी, ग्राम पतराटोली, तहसील-दुलदुला, जिला-जशपुर (छ.ग.) बिना किसी पूर्व सूचना एवं अनुमति के प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाये गये, जिसके संबंध में चार्ज अधिकारी दुलदुला द्वारा संबंधित को कारण बताओ नोटिस क्रमांक 114 दुलदुला दिनांक 19.04.2026 जारी कर जवाब मांगा गया परंतु संबंधित के द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर उक्त संबंध में कार्यालयीन पत्र क्र. 2174 जशपुर, दिनांक 21.04.2026 के माध्यम से संबंधित श्री सत्यजीत निराला, सहायक शिक्षक (एल.बी.), प्राथमिक शाला सरहापानी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत किये जाने हेतु निर्देशित किया गया परन्तु संबंधित के द्वारा वर्तमान स्थिति तक किसी भी प्रकार का जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है।

श्री सत्यजीत निराला के द्वारा जनगणना जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य में अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही करते हुए उच्चाधिकारियों के आदेश-निर्देशों की अवहेलना किया गया है। उक्त कृत्य गम्भीर लापरवाही, उदासीनता एवं कदाचरण के श्रेणी में आता है, जो छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 एवं 07 के सर्वथा विपरीत है।

अतः श्री सत्यजीत निराला, सहायक शिक्षक (एल.बी.), प्राथमिक शाला सरहापानी, ग्राम पतराटोली, तहसील-दुलदुला, जिला जशपुर को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलम्बन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुलदुला नियत किया जाता है तथा निलम्बन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

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जशपुर में 30 जंगली हाथियों का आतंक | 8 शावकों के साथ गांवों में घुसे, फसलें रौंदी, घरों को किया नुकसान, पीठाआमा जंगल में डेरा — ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग हाई अलर्ट पर 

 

जशपुरनगर 2 मई 2026 । जिले में एक बार फिर जंगली हाथियों के बड़े दल ने दहशत फैला दी है। करीब 30 हाथियों का झुंड, जिसमें 8 शावक भी शामिल हैं, लैलूंगा वन परिक्षेत्र से निकलकर पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में प्रवेश कर गया है। हाथियों की इस अचानक आमद से ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार हाथियों का यह दल फिलहाल पीठाआमा के जंगल में डेरा जमाए हुए है, लेकिन उनकी लगातार बदलती लोकेशन ने आसपास के गांवों की चिंता बढ़ा दी है। जैसे-जैसे हाथियों के मूवमेंट की जानकारी मिल रही है, वन विभाग तत्काल आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को अलर्ट कर रहा है।

हाथियों के झुंड ने रास्ते में कई किसानों की केला पौधा ओर पेड़ों को बुरी तरह रौंद दिया है। इसके साथ ही बाड़ी में लगे सिंचाई पम्पों को भी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।  जिससे गांवों में दहशत और बढ़ गई है।

स्थिति को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। जिस दिशा में हाथियों का दल बढ़ रहा है, उस दिशा के गांवों में लगातार मुनादी कर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी जा रही है। वन अमला गांव-गांव पहुंचकर लोगों को समझाइश दे रहा है कि वे हाथियों के पास न जाएं और न ही उन्हें भगाने की कोशिश करें, क्योंकि इससे स्थिति और खतरनाक हो सकती है।

वन विभाग ने साफ तौर पर ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें और रात के समय खेतों या जंगल की ओर जाने से बचें। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में पूरी टीम अलर्ट मोड पर है और हाथियों के हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

बीती रात 30 हाथियों का दल पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के  खड़ामाचा जंगल में प्रवेश किया है। लोगों को हाथियों से दूर रहने के लिए सतर्क किया जा रहा है। साथ ही 8 गांवो के लोगो को अलर्ट कर मुनादी कर दी गई है।
  कृपा सिंधु पैंकरा - वन परिक्षेत्राधिकारी पत्थलगांव

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सुशासन तिहार 2026 का भव्य आगाज: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में घर-घर पहुंच रही सरकार, शिविरों में उमड़ा जनसैलाब और मौके पर ही समस्याओं का समाधान”

रायपुर, 02 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में आज एक मई से सुशासन तिहार 2026 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 01 मई से 10 जून तक संचालित होने वाला यह अभियान शासन और आमजन के बीच की दूरी को समाप्त कर पारदर्शी, त्वरित एवं संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।

अभियान के प्रथम दिवस प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया, जहां मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनते नजर आए। यह पहल वास्तव में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने की छत्तीसगढ़ सरकार की  प्रतिबद्धता को पूरा करने का प्रभावी माध्यम है। 

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा में आयोजित शिविर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां प्राप्त 573 आवेदनों में से लगभग 47 प्रतिशत का मौके पर ही निराकरण किया गया। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण किया गया और आवेदकों से संतुष्टि फीडबैक भी लिया जाए।

कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में 332 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 का तत्काल समाधान किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि यह अभियान शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

इसी क्रम में रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम कठिया में आयोजित शिविर में मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब की उपस्थिति में कई हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। महिलाओं को मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किए गए। दिव्यांग हितग्राही श्री योगेश यादव को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। शिविर में हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी।

शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा वन-स्टॉप समाधान केंद्र के रूप में स्टॉल लगाए गए, जहां आमजन को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, उज्ज्वला योजना, कृषि उपकरण, मत्स्य पालन सामग्री सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाओं की उपलब्धता ने ग्रामीणों को त्वरित राहत दी।

सुशासन तिहार के माध्यम से न केवल शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है, बल्कि आम नागरिकों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।

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रेत माफियाओं पर सरकार का सख्ती : सचिव पी. दयानंद की कलेक्टरों को सख्त चेतावनी, सीएम विष्णुदेव साय के आदेशों में जरा सी भी लापरवाही पड़ी भारी तो सीधे तय होगी जिम्मेदारी

सचिव की कलेक्टरों को दो टूक : अवैध रेत खनन पर सख्ती से हो कार्रवाई, सीएम के निर्देशों के पालन में लापरवाही पर कलेक्टर होंगे जिम्मेदार

खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने रेत आपूर्ति करने वाले प्रमुख 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ की बड़ी वर्चुअल बैठक

प्रदेश में रेत की आपूर्ति में न हो कमी, स्वीकृत खदानों से क्षमता अनुरूप उत्पादन कर आम जनता को उचित दर पर उपलब्ध कराएं रेत

खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही साय सरकार

पीएम आवास के हितग्राहियों के लिए रॉयल्टी मुक्त रेत आपूर्ति का कड़ाई से हो पालन, इसकी आड़ में न हो अवैध गतिविधि

रायपुर  2 मई 2026// छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन और पारदर्शिता के अपने संकल्प के अनुरूप कार्य करते हुए खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व क्षति और अवैध गतिविधि से जुड़े किसी भी मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों को उचित दरों पर रेत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 
              मुख्यमंत्री के निर्देश पर खनिज विभाग लगातार सक्रिय है और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के सचिव सह खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने 30 अप्रैल 2026 को प्रदेश में रेत आपूर्ति करने वाले प्रमुख 11 जिलों—रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर, बलरामपुर और कांकेर—के कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर खदानों के संचालन की गहन समीक्षा की।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत रेत खदानों से उनकी क्षमता के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित किया जाए और आम जनता को रेत उचित दरों पर उपलब्ध हो। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसकी आड़ में अवैध खनन को बढ़ावा न मिले।
          खनिज सचिव श्री दयानंद ने रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए पाया कि गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा जिलों में 100 प्रतिशत से अधिक नीलामी की गई है, जबकि धमतरी, बिलासपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कलेक्टरों को तत्काल अधिक से अधिक खदानों की नीलामी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव ने यह भी निर्देशित किया कि नीलाम किए गए घाटों की खनन योजना और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए और इसकी साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही अवैध खनन वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर सतत कार्रवाई की जाए तथा शिकायतों और मीडिया में प्रकाशित खबरों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
                   उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि खनिज विभाग के केंद्रीय उड़नदस्ता दल को किसी जिले में अवैध खनन पर कार्रवाई करनी पड़ रही है, तो यह संबंधित जिला प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है कि वे इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी इस तरह की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जता चुके हैं।
           बैठक के अंत में खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।प्रदेश के किसी भी जिले में यदि अवैध खनन कार्य चल रहा हो और वहाँ ड्रोन सर्वे से अथवा केन्द्रीय उड़न दस्ता के दल द्वारा जाँच में अवैध उत्खनन का साक्ष्य पाया जाता है तो जिला कलेक्टर व खनिज अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं ज़िम्मेदार होंगे ।

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बगिया क्लस्टर समृद्धि एम-कैड योजना से 13 गांव के 4933 हेक्टेयर में होंगी सिंचाई - मुख्यमंत्री श्री साय , जशपुर बनेगा आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का राष्ट्रीय मॉडल जिला

जशपुरनगर 1 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने गृह ग्राम बगिया में समृद्धि  कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना जशपुर जिले के लिए सिर्फ एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि हर बूंद से अधिक उत्पादन की सोच का प्रतीक है। इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल जिला बनेगा। परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे जल उपयोग दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके तहत जमीन के अंदर पाइप बिछेगी, जिससे जमीन अधिग्रहण की भी समस्या नहीं होगी। पहले सिंचाई के लिए बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। अब इस योजना से पानी की कमी दूर होगी। साथ ही किसानों को पर्याप्त पानी भी मिलेगा। यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर  बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। देश में 23 राज्यों में 34 योजना स्वीकृत किए गए है। इसमें प्रदेश का एकमात्र बगिया क्लस्टर शामिल है। जिसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपए है। इसके अंतर्गत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 ग्रामों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, आईजी श्री दीपक झा, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार, एडीएम श्री प्रदीप साहू, समृद्धि के स्टेट नोडल ऑफिसर श्री आलोक अग्रवाल, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे।

     इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने क्षेत्रवासियों को सिंचाई कार्य शुभारम्भ की बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिंचाई योजना से गांवों का सर्वांगीण विकास होगा। खेतों में जल की समुचित आपूर्ति होगी। जिससे किसान अधिक समृद्ध और खुशहाल होंगे। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बगिया क्लस्टर सिंचाई योजना आने वाले समय में किसानों के लिए वरदान साबित होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक विकसित होंगी।

*समृद्धि एम कैड परियोजना: पानी का होगा समुचित उपयोग, देश 34 परियोजनाओं में शामिल बगिया क्लस्टर* -

समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर श्री आलोक अग्रवाल ने बताया कि एमकैड कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2025 में किया गया था। एमकैड कार्यक्रम के अंतर्गत कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बगिया एवं आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बगिया दाबित सिंचाई प्रणाली की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्य 6 माह में पूर्ण किया जाएगा। बगिया समृद्धि योजना का संचालन एवं संधारण जल उपभोक्ता समिति के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के पश्चात प्रारंभिक 5 वर्षों तक संचालन एवं संधारण कार्य ठेकेदार द्वारा किया जाएगा, इसके बाद यह जिम्मेदारी जल उपभोक्ता समिति को सौंपी जाएगी। समिति में महिलाओं की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, पानी की हर बूंद का समुचित उपयोग करते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। परियोजना में विद्युत आपूर्ति सौर ऊर्जा के माध्यम से की जाएगी। साथ ही जल के नियंत्रित एवं वैज्ञानिक उपयोग के लिए सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विज़िशन तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स  जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से सिंचाई परिसंपत्तियों पाइप नेटवर्क संरचना एवं जल प्रबंधन के संचालन में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। डेटा एवं विश्लेषण के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि कहां, कब और कितना पानी देना है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के साथ उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जा रहा है, जिससे दीर्घकालीन उत्पादकता, लाभप्रदता और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार सुनिश्चित होगा।

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