????गम्हरिया में खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश: शादी से लौटते वक्त गुलेल के मामूली विवाद ने ली बुजुर्ग की जान, सरई लकड़ी से बेरहमी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, सड़क किनारे फेंकी लाश—जशपुर पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अंधा कत्ल, दो आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल
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????गम्हरिया में खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश: शादी से लौटते वक्त गुलेल के मामूली विवाद ने ली बुजुर्ग की जान, सरई लकड़ी से बेरहमी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, सड़क किनारे फेंकी लाश—जशपुर पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अंधा कत्ल, दो आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

जशपुर, 03 मई 2026। शांत माने जाने वाले जशपुर जिले के गम्हरिया इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक बुजुर्ग का शव खेत में संदिग्ध हालत में मिला। लेकिन मामला सिर्फ मौत का नहीं था—यह एक खौफनाक हत्या थी, जिसे अंजाम देकर आरोपी बड़े ही शातिर तरीके से मौके से फरार हो गए थे। हालांकि जशपुर पुलिस की मुस्तैदी और तेज जांच के चलते इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश महज 48 घंटे में कर दिया गया।

घटना 30 अप्रैल 2026 की है, जब थाना जशपुर को सूचना मिली कि ग्राम गम्हरिया स्थित अघोर आश्रम के पास खेत में पंडारीपानी निवासी 75 वर्षीय बलराम उरांव का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गांव और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की, साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नाम सामने आए, जिनमें अरविंद कुजूर (40 वर्ष) और सुखनाथ बड़ा (50 वर्ष), दोनों निवासी पंडारीपानी, की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो जो कहानी सामने आई उसने सबको चौंका दिया। आरोपियों ने बताया कि 29 अप्रैल की रात वे गम्हरिया में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे, जहां मृतक बलराम उरांव भी मौजूद था। खाना खाने के बाद जब रात करीब 8:30 बजे वे गांव लौट रहे थे, तभी अचानक बलराम उरांव ने बिना किसी कारण के दोनों पर गुलेल से पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

इस हरकत से नाराज होकर दोनों आरोपी गुस्से में आगबबूला हो गए। पास में ही एक ऑनलाइन सेंटर के पीछे रखी सरई लकड़ी की फाड़ी उठाई और बुजुर्ग पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मौके पर ही बलराम उरांव की मौत हो गई।

हत्या करने के बाद आरोपी शव को सड़क किनारे फेंककर मौके से फरार हो गए, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की पैनी नजर से वे ज्यादा देर तक बच नहीं सके। सटीक सूचना और सघन जांच के आधार पर 2 मई 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी मोर ध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक भागवत नायकर, साइबर सेल प्रभारी नसरुद्दीन अंसारी और प्रधान आरक्षक अनंत मिराज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जशपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां एक ओर अपराधियों में हड़कंप मचा है, वहीं आम जनता ने राहत की सांस ली है।

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