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स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचेगा पोषण व स्वास्थ्य का संदेश : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 16 सितम्बर 2025/  भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 का भी आयोजन 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक पूरे देश में किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के इंदौर से इस अभियान और पोषण माह का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ करेंगे। 

छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन राजधानी रायपुर में कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।

अभियान के तहत प्रदेशभर में 7,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में महिलाओं और बच्चों के उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, क्षय रोग, कुष्ठ जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच और उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसवपूर्व जांच, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड वितरण, बच्चों का टीकाकरण और किशोरी बालिकाओं के लिए पोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे।

राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत विशेष गतिविधियां जैसे पोषण पंचायतें, आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत स्तर पर सामुदायिक सहभागिता, स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और मातृ-शिशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। पात्र महिलाओं का विशेष पंजीकरण कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। साथ ही, मिलेट्स और स्थानीय पौष्टिक खाद्य जैसे कोदो, कुटकी, रागी को अपनाने के लिए महिलाओं और परिवारों को प्रेरित किया जाएगा। बच्चों की परवरिश में पुरुषों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की वास्तविक आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला और बाल स्वास्थ्य को लेकर जो राष्ट्रीय अभियान प्रारंभ हो रहा है, वह हर घर और हर समाज को नई शक्ति देगा। छत्तीसगढ़ में इस अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह को हम सभी के सामूहिक प्रयास और सामाजिक सहयोग से एक सफल जन आंदोलन बनाएंगे। पंचायत प्रतिनिधियों, नगरीय निकायों, महिला मंडलों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से यह संदेश हर गांव और हर शहर तक पहुँचेगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की व्यापक जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रदेशभर में 7,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला एवं बाल स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस अभियान से न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी बल्कि किशोरियों और परिवारों में पोषण व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिला और बाल स्वास्थ्य एवं पोषण ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र की नींव है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ और राष्ट्रीय पोषण माह पूरे देश में एक नई जनचेतना का संचार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और समाज की सहभागिता से एक सफल जन आंदोलन का स्वरूप मिलेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर माँ और हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं पहुँचें, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सक्षम बन सके।

उल्लेखनीय है कि अभियान के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” विशेष कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण को मातृ सम्मान और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, रक्तदान शिविर, निक्षय मित्र नामांकन और दूरस्थ अंचलों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाएं भी शामिल रहेंगी। जिला और विकासखंड स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग, एएनसी जांच, किशोरी स्वास्थ्य सत्र, पोषण काउंसलिंग और इम्यूनाइजेशन ड्राइव आयोजित की जाएगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी जिले को बड़ी सौगात, 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए  41 करोड़ 59 लाख रुपए की मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य......

जशपुर16 सितम्बर 2025 :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा और विद्यार्थियों के हित में जशपुर जिले को एक बड़ी सौगात मिली है।छात्र छात्रों के लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामों में नए छात्रावास भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन भवनों पर करोड़ों रुपये व्यय किए जाएंगे।छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए मंजूरी से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।जिले में नए भवन निर्माण के लिए पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास जशपुर 1 करोड़ 92 लाख, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लोदाम 1 करोड़ 53 लाख, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पैकु 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास मनोरा 1करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बगीचा 1करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 2 करोड़ 89 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास पतराटोली 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कुनकुरी वार्ड 2 में 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तपकरा 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लवाकेरा 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी – 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बटाईकेला 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बागबहार  1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास गाला 1 करोड़ 53 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है,जिसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।

जर्जर भवन से छात्र छात्राओं को मिलेगी मुक्ति, सर्व सुविधायुक्त भवन का किया जाएगा निर्माण

जिले में इन भवनों के बन जाने से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधा मिलेगी। खासतौर पर आदिवासी एवं सुदूर अंचल के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने और भोजन की सुविधा भी बेहतर ढंग से उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जिले वासियों ने जताया आभार

जिले के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा और आदिवासी बच्चों के भविष्य को नई दिशा देगा।

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मुख्यमंत्री दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल....दूरदर्शन ने समाज को वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारों को संवारने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 16 सितम्बर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “मिले सुर मेरा तुम्हारा” जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर “हमर चिन्हारी” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने के बाद “अपनी बात” कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और विस्तारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दूरदर्शन परिवार को पुनः स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि दूरदर्शन इसी प्रकार आम जनता का मनोरंजन, संस्कार और जागरूकता का प्रमुख माध्यम बना रहेगा।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।

इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक श्री संजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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युक्तियुक्तकरण के बाद नई पदस्थापना में ज्वाइनिंग नही करने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर में किसी भी अतिशेष शिक्षक की नियम विरूद्ध पदस्थापना नहीं

केवल दो शिक्षकों के प्रकरण जिला-संभागीय स्तरीय समितियों की अनुशंसा पर हुए मान्य

जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश- युक्तियुक्तकरण के बाद आबंटित स्कूल में जल्द उपस्थिति दें शिक्षक

रायपुर, 16 सितंबर 2025/ बिलासपुर जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बाद केवल दो शिक्षकों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इन दोनों शिक्षकों की पदस्थापना में परिवर्तन जिला एवं संभाग स्तरीय समितियों के अनुशंसा पर निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया गया है। बिलासपुर जिले में युक्तियुक्तकरण के बाद अतिशेष शिक्षकों की नई पदस्थापनाएं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही की गई है। बिलासपुर के डीईओ ने युक्तियुक्तकरण के बाद आबंटित स्कूलोें में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश सभी शिक्षकों को दिए है। डीईओ ने कहा कि नई पदस्थापना में बिना कारण ज्वाइनिंग नही करने वाले शिक्षकों पर नियम अनुसार वेतन रोकने से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। 

 डीईओ ने बताया कि युक्तियुक्तकरण के बाद जिले के दूरदराज के स्कूलों में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दे दी है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण में एक बार शाला आबंटन के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव जिला स्तर पर नहीं किया जा रहा है। जिन शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण से कोई परेशानी है या नई पदस्थापना में उपस्थित होने में समर्थ नहीं है, ऐसे सभी शिक्षकों के अभ्यावेदन जिला स्तरीय समिति में निराकृत किए गए है। जिला समिति का निर्णय मान्य नहीं होने पर शिक्षकों के प्रकरण संभागीय समिति में सुलझाएं गए है। जिला एवं संभाग स्तरीय समितियों ने शिक्षकों के अभ्यावेदनों पर सूक्ष्म जांच कर अनुशंसा की है। अधिकांश आवेदनों को अमान्य किया गया है। और शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण के बाद की पदस्थापना को यथावत रखा गया है। 

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया छतौना की पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक धीरेन्द्र कुमार पाण्डे का तबादला युक्तियुक्तकरण के बाद किया गया था। श्री पाण्डे द्वारा इसके विरूद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। उच्च न्यायालय ने प्रकरण को जिला स्तरीय समिति को अवलोकन कर नियमानुसार निराकृत करने को कहा था। जिला स्तरीय समिति ने इस प्रकरण पर परीक्षण कर उसे नियमानुसार पाया था और श्री पाण्डे के अभ्यावेदन को अमान्य कर दिया गया था। श्री पाण्डे ने इसके विरूद्ध फिर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और उच्च न्यायालय के निर्देश पर अभ्यावेदन का पुनः सूक्ष्म परीक्षण कर प्रकरण को मान्य किया गया। 

इसी तरह शासकीय प्राथमिक शाला, उरैहापारा नगौई में पदस्थ सहायक शिक्षक एलबी कुलदीप सिंह सलुजा का नाम अतिशेष में था। युक्तियुक्तकरण में उनका स्थानांतरण प्राथमिक शाला संजय नगर जोंधरा मस्तूरी में किया गया था, याचिकाकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। न्यायालय में जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। जिला स्तरीय समिति ने अभ्यावेदन अमान्य कर दिया था। शिक्षक द्वारा संभागीय स्तरीय समिति में पुनः अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। समिति ने सूक्ष्म जांच के बाद शिक्षक का नाम अतिशेष सूची में होना दोषपूर्ण पाया। इसके बाद प्रकरण को संभाग स्तरीय समिति द्वारा मान्य किया गया है।

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14 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होगा मनेंद्रगढ़, जशपुर समेत प्रदेश के 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालय.... छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा को देंगे नई उड़ान – मुख्यमंत्री श्री साय

मनेंद्रगढ़, जशपुर समेत छत्तीसगढ़ में 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को मिली प्रशासकीय स्वीकृति

फिजियोथेरेपी सेवाओं के विस्तार से गांव-गांव तक पहुंचेगी राहत – स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
 
रायपुर, 16 सितंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार नए आयाम जुड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण से न केवल युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे,  बल्कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन जिलों में नए फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे उनमें मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर शामिल हैं।  इन महाविद्यालयों के निर्माण के लिए सरकार ने कुल 83 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक महाविद्यालय के लिए लगभग 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए (करीब 14 करोड़) का बजट तय किया गया है। यह निवेश न केवल आधुनिक इमारतों और प्रयोगशालाओं के निर्माण पर खर्च होगा बल्कि छात्रों के लिए आवश्यक उपकरणों और अधोसंरचना पर भी किया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश की युवाशक्ति के लिए नई राह खोलेगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य और हमारे युवाओं का भविष्य, दोनों हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। आज जिन 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्वीकृति दी गई है, वे केवल संस्थान नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नई इमारत की नींव हैं। इन महाविद्यालयों से प्रदेश के युवा डॉक्टर और विशेषज्ञ बनकर न केवल छत्तीसगढ़ की सेवा करेंगे बल्कि पूरे देश में राज्य की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा नई ऊँचाइयों को छू रही है। 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य शिक्षा के अवसर मिलेंगे और फिजियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण सेवा अब गांव-गांव तक पहुंच सकेगी। यह निर्णय प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ ही युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसरों का द्वार खोलेगा।

उल्लखेनीय है कि फिजियोथेरेपी वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इन नए महाविद्यालयों से प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार होंगे, जो आने वाले समय में समाज को बेहतर सेवाएं देंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत प्रदान करेगा। अब मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि अपने ही जिले में सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रदेश में पहले से मौजूद मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग कॉलेजों के साथ फिजियोथेरेपी कॉलेजों की यह नई श्रृंखला स्वास्थ्य शिक्षा की व्यापकता को और बढ़ाएगी। इससे छत्तीसगढ़ न केवल डॉक्टर और नर्स तैयार करेगा बल्कि विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराएगा। इस निर्णय से रोजगार के नए अवसर भी सामने आएंगे। इन महाविद्यालयों के निर्माण से लेकर संचालन तक स्थानीय स्तर पर अनेक लोगों को रोजगार मिलेगा और स्नातक होने वाले विद्यार्थी स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर प्रदेश की जरूरतें पूरी करेंगे।

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मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में हुआ निर्णय....युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में बढ़ोत्तरी

युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी 50 लाख की अनुग्रह राशि

परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि

हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए न्यौछावर करते हैं अपना जीवन – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 16 सितंबर 2025/ युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया।

आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।
 
इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन श्री अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग श्री अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), श्री विक्रांत सिंह एवं श्री राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।

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आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना के स्टेकहोल्डर वर्कशाप का आयोजन....आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए सहायक : श्री कटारिया

आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए सहायक, इससे उन्हें उपचार के लिए अस्पताल का चुनाव करने मिलता है विकल्पः स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया

गलत क्लेम करने से भुगतान में होती है देरी, इससे ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी होते हैं प्रभावितः श्री कटारिया

रायपुर, 16 सितंबर 2025/
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आज सोमवार को  न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाईन रायपुर में स्टेकहोल्डर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया की परिकल्पना एवं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला  के मागदर्शन में यह वर्कशॉप आयोजित की गई। 

योजनांतर्गत जनवरी 2025 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई थी कि छत्तीसगढ़ में देश में सबसे अधिक फ्रॉड क्लेम पाए गए हैं, और ऐसे अस्पतालों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है। वर्कशॉप में अस्पतालों को जानकारी दी गई कि ट्रिगर क्लेम को कैसे कम किया जा सकता है। साथ ही उन्हे जानकारी दी गई कि भविष्य में भी क्लेम, ट्रिगर नहीं हों।

श्री अमित कटारिया द्वारा यह बताया गया कि आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए बहुत सहायक है। इस योजना से उन्हें अपने उपचार के लिए अस्पताल का चुनाव करने का विकल्प मिला है। उन्होने बताया कि गलत क्लेम करने से एक दुविधा की शुरुआत हो जाती है। इससे योजना की छवि धूमिल होती है और जनता व अस्पताल का विश्वास डगमगाता है। इससे वास्तविक मरीज जिसे उपचार मिलना चाहिए, अक्सर वंचित रह जाता है। साथ ही अस्पतालों के सही भुगतान में देरी होती है और ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी प्रभावित होते हैं। और अंततः इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीब और वंचित परिवार को उठाना पड़ता है, जिनके लिए यह योजना जीवनरेखा है।
साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि योजना में अस्पतालों का सही पंजीयन किया जाये और समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जाये। शासकीय अस्पतालों द्वारा भी योजना में क्लेम करने के दौरान पूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करें जिससे अनावश्यक क्लेम निरस्त न हों। उन्होने आशा जाहिर की कि हमारा राज्य योजना के सकारात्मक मानकों में पूरे देश में प्रथम स्थान पर आए।
       इस वर्कशॉप में पूरे दिन में विभिन्न बिन्दुओ जैसे, योजना की सामान्य जानकारी, आयुष्मान कार्ड कैसे बनाया जाता है, वय वंदना योजना में आयुष्मान कार्ड कैसे बनाए जाएं,  सही तरीके से क्लेम कैसे किए जाएं, दस्तावेज़ कैसे सही तरीके से बनाए जाएं, लिपिकीय त्रुटि कम से कम हों, योजना में क्या करना चाहिए व क्या नहीं करना चाहिए, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन अंतर्गत आभा आई.डी. का उपयोग एवं कम्प्लांएट सॉफ्टवेयर का उपयोग आदि पर जानकारी दी गई। वर्कशॉप में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा अपनी शंकाओं को रखा गया जिसका समाधान, वक्ताओं द्वारा किया गया है। 
      इस वर्कशॉप में डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, संचालक, राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, छत्तीसगढ़, श्री टी.एन. सिंह, राज्य सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, श्री मनीष कोचर, तकनीकी निदेशक, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला, चेयरबोर्ड, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया, छ.ग., सुश्री पूजा शुक्ला मिश्रा, संयुक्त संचालक (वित्त), एवं डॉ धर्मेंद्र गहवई, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर, राज्य नोडल एजेंसी, छ.ग., राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार से प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं अस्पताल सलाहकार एवं जिला रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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युक्तियुक्तकरण: दुर्ग जिले में युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही हुआ पूरा 366 शिक्षक पदांकित

रायपुर, 16 सितंबर 2025/  दुर्ग जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। काउंसलिंग के उपरांत 366 शिक्षकों को पदांकित किया गया है।  

जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द कुमार मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में युक्ति युक्तिकरण और काउंसलिंग के बाद, कुल 631 अतिरिक्त शिक्षकों की पहचान की गई थी। जिनमें 86 व्याख्याता, 01 प्र.पा.पू.मा.शाला, 329 शिक्षक, 06 प्र.पा.प्राथ.शाला एवं 209 सहायक शिक्षक शामिल है। कुल 366 शिक्षक काउंसलिंग उपरांत जिले में पंदाकित किए जा चुके हैं। जिनमें 75 व्याख्याता, 01 प्र.पा.पू.मा.शाला, 75 शिक्षक, 06 प्र.पा.प्राथ.शाला एवं 209 सहायक शिक्षक शामिल है। जबकि 17 शिक्षकों ने पदभार ग्रहण नहीं किया। जिनमें 02 व्याख्याता, 06 शिक्षक, 02 प्र.पा.प्राथ.शाला एवं 07 सहायक शिक्षक शामिल है। पदभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है और अकार्य दिवस के संबंध में पत्र भी जारी किया गया है।

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ब्रेकिंग न्यूज : पत्थलगांव अस्पताल में नवजात बच्ची को इलाज के बहाने ले गई नर्स, फर्जी तरीके से कागज में साइन करा दे दिया एक दंपत्ति को गोद.....माता पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपिया नर्स सहित गोद लेने वाले दंपत्ति को किया गिरफ्तार

जशपुर : 15 सितम्बर 2025/  अस्पताल में जन्मे नवजात को नर्स ने फर्जी तरीके से कुछ कागजों में दस्तखत करा कर इलाज के बहाने एक दम्पति को गोद दे दिया। नवजात के माता पिता की शिकायत पर पुलिस ने नर्स सहित गोद लेने वाले दम्पति को गिरप्तार कर जेंल भेज दिया।

मामला इस प्रकार है कि दिनांक 13 सितम्बर को प्रार्थी सुखदेव नाग  उम्र 45 वर्ष, निवासी कोडेकेला घरजियाबथान थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.) ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया  था, कि उसकी पहली पत्नी से 04 बच्चियां हैं। पहली पत्नी की मृत्यु के बाद लगभग डेढ़ वर्ष से दूसरी पत्नी दिलासो बाई उसके साथ रह रही है।जो कि गर्भवती थी, जिसे दिनांक 28 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर शासकीय अस्पताल पत्थलगांव लाया गया, जहाँ उसी दिन पुत्री का जन्म हुआ। दिनांक 30 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय, प्रार्थी अपना सामान लेने चट्टानपारा पत्थलगांव गया हुआ था। वापस आने पर उसकी पत्नी ने बताया कि नर्स अनुपमा टोप्पो बच्ची को टीका लगवाने ले गई है और बताया कि बच्ची की तबियत ज्यादा खराब है, उसे इलाज हेतु बाहर भेजना पड़ेगा।उसके बाद कुछ कागजों में दस्तखत कराए गए। वहाँ दो लोग कोरबा से आए थे जिन्होंने अपना नाम निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज बताया। उन्होंने कहा कि तुम्हारे पास पैसा नहीं है, हम लोग इलाज कराकर कुछ दिन में बच्ची वापस कर देंगे। प्रार्थी एवं पत्नी ने विश्वास कर लिया।काफी दिन बीतने के बाद बच्ची नहीं मिलने पर प्रार्थी, नर्स अनुपमा टोप्पो के पास गया, जो कि बच्ची के बारे में पूछने पर हर बार टाल देती थी। बाद में पत्थलगांव के ही एक व्यक्ति से जानकारी मिली कि बच्ची को तो निशिकांत एवं सुमन वानी मिंज को गोद दे दिया गया है और उनका पता भी बताया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण प्रार्थी कोरबा नहीं जा पाया , प्रार्थी को संदेह है कि  नर्स अनुपमा टोप्पो ने उसकी नवजात बच्ची को निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज निवासी बलगी रोड लाटा थाना दर्री जिला कोरबा को दे दिया है।

 मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल रिपोर्ट पर आरोपियों के विरुद्ध थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक  J.J. ACT की धारा 80, 81 के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। 
      वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, एस डी ओ पी पत्थलगांव धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए,  घटना स्थल का निरीक्षण कर, आस पास गवाहों से पूछताछ किया गया, व आरोपी गणों निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज से संपर्क कर नवजात शिशु के गोद लेने के संबंध में वैध कानूनी दस्तावेजों की मांग करने पर उनके द्वारा कोई वैध दस्तावेज नहीं पेश किया जा सका।
        जिस पर पुलिस के द्वारा माता पिता को धोखे में रख कर नवजात बच्ची को , दूसरे दंपत्ति को दे देने तथा दंपत्ती के द्वारा बिना कानूनी प्रक्रिया के अवैध रूप से नवजात शिशु को अपने पास रखने के कारण आरोपिया नर्स अनुपमा टोप्पो व दंपत्ति निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज के विरुद्ध अपराध सबूत पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर , न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।  पुलिस के द्वारा उनके कब्जे से नवजात शिशु को भी बरामद कर  चाइल्ड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में रखा गया है ।
    मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी तथा नवजात शिशु के सकुशल बरामदगी में एस डी ओ पी पत्थलगांव धुर्वेश कुमार जायसवाल,थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, उप निरीक्षक संतोष तिवारी, प्रधान आरक्षक मिथलेश यादव तथा आरक्षक तुलसी रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
      मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि  पत्थलगांव के शासकीय हॉस्पिटल से नर्स के द्वारा ,माता पिता को धोखे में रख कर नवजात बच्ची को एक दंपत्ति को दे दिया गया था, नवजात बच्ची के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपिया नर्स तथा नवजात बच्ची को अपने पास रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, व नवजात शिशु को बरामद कर, चाइल्ड हेल्थ व वेलनेस सेंटर में रखा गया है।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले को मिली बड़ी सौगात,6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को मिली स्वीकृति.....फिजियोथेरेपी कॉलेज छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा को देंगे नई उड़ान – मुख्यमंत्री श्री साय


रायपुर, 12 सितंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार नए आयाम जुड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण से न केवल युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे,  बल्कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन जिलों में नए फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे उनमें मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर शामिल हैं।  इन महाविद्यालयों के निर्माण के लिए सरकार ने कुल 83 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक महाविद्यालय के लिए लगभग 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए (करीब 14 करोड़) का बजट तय किया गया है। यह निवेश न केवल आधुनिक इमारतों और प्रयोगशालाओं के निर्माण पर खर्च होगा बल्कि छात्रों के लिए आवश्यक उपकरणों और अधोसंरचना पर भी किया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश की युवाशक्ति के लिए नई राह खोलेगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य और हमारे युवाओं का भविष्य, दोनों हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। आज जिन 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्वीकृति दी गई है, वे केवल संस्थान नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नई इमारत की नींव हैं। इन महाविद्यालयों से प्रदेश के युवा डॉक्टर और विशेषज्ञ बनकर न केवल छत्तीसगढ़ की सेवा करेंगे बल्कि पूरे देश में राज्य की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा नई ऊँचाइयों को छू रही है। 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य शिक्षा के अवसर मिलेंगे और फिजियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण सेवा अब गांव-गांव तक पहुंच सकेगी। यह निर्णय प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ ही युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसरों का द्वार खोलेगा।

उल्लखेनीय है कि फिजियोथेरेपी वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इन नए महाविद्यालयों से प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार होंगे, जो आने वाले समय में समाज को बेहतर सेवाएं देंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत प्रदान करेगा। अब मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि अपने ही जिले में सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रदेश में पहले से मौजूद मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग कॉलेजों के साथ फिजियोथेरेपी कॉलेजों की यह नई श्रृंखला स्वास्थ्य शिक्षा की व्यापकता को और बढ़ाएगी। इससे छत्तीसगढ़ न केवल डॉक्टर और नर्स तैयार करेगा बल्कि विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराएगा। इस निर्णय से रोजगार के नए अवसर भी सामने आएंगे। इन महाविद्यालयों के निर्माण से लेकर संचालन तक स्थानीय स्तर पर अनेक लोगों को रोजगार मिलेगा और स्नातक होने वाले विद्यार्थी स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर प्रदेश की जरूरतें पूरी करेंगे।

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सेना में भर्ती हेतु स्कूली विद्यार्थियों के लिए जागरूकता अभियान : जशपुर और कांसाबेल में 1360 विद्यार्थी हुए शामिल.....भारतीय सेना‌‌ के अधिकारी रूबेश कुमार ने सेना में भर्ती प्रक्रिया की दी जानकारी ‌

जशपुर 15 सितम्बर 2025 :

शासन के निर्देश के अनुसार सेना में भर्ती हेतु स्कूली विद्यार्थियों के लिए जागरूकता अभियान का आयोजन 15 सितंबर को जिले में किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अग्नि वीर भर्ती के लिए प्रेरित और जागरूक किया गया । कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में  जशपुर के वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर ,मनोरा, दुलदुला और कुनकुरी विकासखंड के लगभग 750 विद्यार्थी और 50 शिक्षको को सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से आए भारतीय सेना के ऑफिसर रूबेश कुमार और हवलदार स्वर्ण सिंह के द्वारा अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर, डीएमसी नरेंद्र सिंन्हा और संकल्प प्राचार्य विनोद गुप्ता की उपस्थिति में कार्यक्रम सुबह 10 से 11.30 बजे तक चला।

कार्यक्रम में अग्निवीर के विभिन्न ट्रेड्स जीडी, टेक्निकल और ट्रेडमैन , महिला सेना, कार्यालय सहायक की शैक्षणिक योग्यता, शारीरिक मापदंड, रजिस्ट्रेशन, परीक्षा की प्रकृति सहित रिक्रूटमेंट प्रक्रिया के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई ‌ । साथ ही जूनियर कमीशन ऑफिसर जैसे कैटरिंग, शिक्षा, फार्मा, धर्मगुरु , नर्सिंग असिस्टेंट की भर्ती के विषय में भी बताया। स्कूली शिक्षा के दौरान स्पोर्ट्स , एनसीसी और स्काउट में विद्यार्थियों की सहभागिता से सेना की भर्ती में मिलने वाले बोनस अंक के विषय में भी बताया गया। 

जशपुर में कार्यक्रम के आयोजन के बाद मंगल भवन कांसाबेल में पत्थलगांव ,कासाबेल ,फरसाबहार और बगीचा विकासखंड के लगभग 610 विद्यार्थी और 40 शिक्षक के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कांसाबेल में आयोजित कार्यक्रम में सहायक संचालक श्रीमती सरोज खलखो, बीईओ दुर्गेश देवांगन, कल्पना टोप्पो , यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय, एबीईओ  के कुंभकार एवं बीआरसी राजेंद्र चौहान उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय से ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने की सौजन्य भेंट

रायपुर, 15 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री थिप्से की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित संघ के अन्य पदाधिकारी  उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि प्रवीण महादेव थिप्से शतरंज में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

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मुख्यमंत्री साय ने डुबान क्षेत्र में एम्बुलेंस और राष्ट्रीय बैंक शाखा शीघ्र खोलने का दिया आश्वासन.....11 मछुआ समितियों को पुनः मिला मछली पालन का हक

रायपुर, 15 सितंबर 2025/ गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की मछुआ सहकारी समितियों को पुनः मछली पालन का हक मिलने पर प्रभावित समितियों के सदस्यों ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए अभिनंदन किया। इस अवसर पर गंगरेल डुबान क्षेत्र के तीन जिलों—धमतरी, कांकेर और बालोद की 11 मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर डुबान क्षेत्र में जनसुविधा हेतु एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय बैंक की शाखा शीघ्र खोले जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और लोग सीधे लाभान्वित हो सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय निर्माण को बढ़ावा देकर बेटियों और महिलाओं को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। आज स्वच्छ भारत मिशन एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से आम नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त की है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट कार्य का जिम्मा सौंपा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ग के उत्थान और सम्मान के लिए हमारी सरकार सतत कार्य कर रही है।

इस अवसर पर धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडेय उपस्थित थीं। कार्यक्रम में गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ समितियों में ग्राम उरपुरी, तेलगुड़ा, मोगरागहन, कोलियारी पुराना, कोलियारी नया, गंगरेल, फुटहामुड़ा, तुमाबुजुर्ग, अलोरी, भिलाई एवं देवीनवागांव के सदस्यगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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बाबा भगवान राम ट्रस्ट द्वारा आयोजित छह दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा शिविर सम्पन्न


 जशपुर :- अघोरपीठ वामदेव नगर गम्हरिया,जशपुर आश्रम  में विगत 08 सितम्बर2025 से 13 सितम्बर तक बाबा भगवान राम ट्रस्ट द्वारा आयोजित छह दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा शिविर सम्पन्न हुआ। इस शिविर में कुल 69 रोगियों की चिकित्सा की गयी। सभी मरीजो की चिकित्सा वैद्य चन्द्रगुप्त साहू (झारखण्ड) द्वारा की गयी।
शिविर का शुभआरंभ 8 सितम्बर को अपरान्हः ट्रस्ट के ट्रस्टी  कृष्ण कुमार (टप्पू जी)  द्वारा परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चित्र पर विधिवत् पूजन आरती पश्चात नारियल फोड़कर किया गया। शिविर मुख्य रूप से लकवा, कमर दर्द,घुटनों का दर्द,साइटिका आदि दर्द से ग्रसित रोगियांे का ईलाज किया गया है। अभी पूर्व से पंजीकृत रोगियों की चिकित्सा की जा रही है।  
विदित हो अघोर पीठ गम्हरिया आश्रम के ठीक सामने बने इस अघोरेश्वर भगवान राम प्राकृतिक चिकित्सा परिसर को विगत 28 जुलाई 2025 को ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्य पाद गुरूपद संभव राम बाबा द्वारा उद्घाटन कर जनसेवा हेतु समर्पित किया । उक्त शिविर में भी 66 रम रोगियों को चिकित्सा  सुविधा प्रदान की गयी।  अभी प्रतिमाह ऐसे शिविर  आयोजित करने की ट्रस्ट की योजना है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर होगा पौधा रोपण,हर घर में दीप जलाने की अपील....

जशपुरनगर 15 सितम्बर 2025 : सत्रह सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय प्रातः 9 बजे बगिया के श्री फलेश्वर नाथ मंदिर परिसर में पौधा रोपण करेंगी एवं सांय 6 बजे कुनकुरी के छठ घाट में द्वीप प्रज्वलन कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर राष्ट्र प्रगति की कामना करेंगे।यहां आयोजित भव्य कार्यक्रम में घाट को दीपों से सजा कर रोशन किया जाएगा।कुनकुरी के नगरवासियों ने इस आयोजन की तैयारी उत्साहपूर्वक शुरू कर दी है। श्रीमती कौशल्या साय ने समस्त प्रदेश वासियों से अपील किया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को सभी लोग अपने घरों में पौधारोपण कर शाम को दीपक जला कर एकजुटता का संदेश दें और राष्ट्र प्रगति की कामना करें।उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी बीते 11 साल से लगातार देश के विकास के लिए पूरे समर्पण भाव से काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है। देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा मजबूत हुई है। देश का आर्थिक विकास एक नई उंचाई को छू रहा है। अंर्तराष्ट्रीय मंच में भारत की उपस्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है। बीते दो साल में नक्सल मुक्ति की ओर छत्तीसगढ़ ने तेजी से कदम बढ़ाया है।ऐसे में हम सब प्रदेश वासियों का दायित्व है कि हम जन्म दिवस के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एकजुटता का संदेश देकर उनका उत्साहवर्द्वन करे ताकि वे एक नई उर्जा के साथ देश और देशवासियों की सेवा कर सकें।

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जशपुर में हिंदी दिवस सुंदरता और गरिमा के साथ हुआ भव्य आयोजन

जशपुर 15 सितम्बर 2025 :  14 सितम्बर को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डी.आई.ई.टी.), जशपुर में हिंदी दिवस बड़े हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां विंध्यवासिनी सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री जनार्दन खरे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर तथा डॉ. विजय रक्षित, पूर्व प्राचार्य, महाविद्यालय उपस्थित थे। सर्व प्रथम संस्थान के प्राचार्य डॉ एम जेड यू सिद्दीकी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी भाषा के महत्व और उसकी राष्ट्रभाषा के रूप में भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही वनमाली सृजन केंद्र के विगत कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए वन माली जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला.

इस अवसर पर हिंदी साहित्य, व्याकरण एवं भाषा-शुद्धि पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं (निबंध, कविता पाठ, भाषण एवं प्रश्नोत्तरी) का आयोजन किया गया, जिनमें प्रशिक्षुओं एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने हिंदी की समृद्ध परंपरा, उसके वैज्ञानिक स्वरूप और देश को एकता के सूत्र में पिरोने की उसकी शक्ति पर अपने विचार व्यक्त किए।
       मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर नगर श्री सत्येन्द्र कुमार साहू ने अपने संबोधन में हिंदी के संवर्धन और के साथ अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी एक शक्तिशाली और समृद्ध भाषा है इसे किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है बस आवश्यकता है हम इसे लगातार प्रयोग में लाते रहें ।विशिष्ट अतिथियों के तौर पर उपस्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे ने हिंदी की महिमा बताते हुए बताया कि आदिकाल से हिंदी विभिन्न स्वरूपों में लगातार विकसित होता रहा है, इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विद्वानों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी सम्माननीय मुख्य अतिथियों के द्वारा किया गया, जिसमे डॉ0 विजय रक्षित एवं डॉ नंद कुमार सिंह जी के द्वारा लिखित शोध प्रविधि एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग ,डॉ किशोर मिंज द्वारा लिखित ग्रामीण महिलाओं में गतिशीलता, एवं डॉ0 राजीव रंजन तिग्गा एवं श्री आलेख द्वारा द  लाइफ फाइंडिंग द ट्रुथ शामिल थे। डॉ विजय रक्षित ने कहा राष्ट्रीय आंदोलन के समय हिंदी भाषा ने ही देश को एकता का पाठ पढ़ाया और आज के समय में सामाजिक समरसता एवं सामाजिक समन्वय का सबसे बड़ा माध्यम हिन्दी भाषा है।इसी कारण कहां जाता है कि भारत माता कि बिंदी हिंदी ही है।साथ ही क्षेत्र के कलमकार पुष्पेंद्र शुक्ला,श्रीमती अनीता गुप्ता ,वाचस्पति मिश्रा ,शुभा मिश्रा ,मुकेश कुमार, मिलन मल्हारिया, स्वाति मक्कड़, वंशिका रजक ,प्रभात मिश्रा, राजेंद्र प्रेमी, ललिता यादव मीरा अग्रवाल, वसीम कुमार, मिथिलेश पाठक, सुनील चौहान ने हिंदी के बढ़ते महत्व पर अपने विचार रखने के साथ-साथ सुमधुर संगीत का भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया । जिसमें राग यमन राग पहाड़ी, जैसे गीतों का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम वनमाली सृजन केंद्र ,जशपुर द्वारा आयोजित किया गया था समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन सृजन केंद्र द्वारा किया जाता रहा है जिसमें महिला काव्य मंच, संवेदना वन जाति परंपरा संरक्षण समिति जैसे संगठनों ने भी अपना भरपूर योगदान दिया.
         कार्यक्रम के अंत मे सभी को हिंदी भाषा के संवर्धन हेतु प्रेरित किया गया। आभार प्रदर्शन करते हुए आयोजक मंडल ने हिंदी दिवस को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षुओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह आयोजन हिंदी के प्रति सम्मान, प्रेम और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया, जिसने उपस्थित सभी को प्रेरणा प्रदान की

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात ,भालूमुंडा-खेजूरघाट मार्ग पर कोकिया नदी पर बनेगा 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल, दर्जनों गांवों को मिलेगा लाभ, निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य.....

जशपुरनगर 15 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी ने जशपुर जिले के लिए एक और बड़ी सौगात दी है। भालूमुंडा से खेजूरघाट मार्ग पर कोकिया नदी पर लगभग 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पूर्ण होने के पश्चात अब शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू जायेगा।क्षेत्र वासियों ने इस कार्य की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

क्षेत्र के दर्जनों गांव होंगे लाभान्वित

इस पुल के बनने से फरसाबहार ब्लॉक के कोरंगामाल, भालूमुंडा, पेटामेरा, अंकिरा, खरीबहार, जुड़वाइन, सागजोर, परेवाआरा समेत दर्जनों गांव सीधे ओडिशा राज्य से जुड़ जाएंगे।वहीं रेडेघाट, सोनाजोरी, बनखेता, माटीहेजा जैसे गांव भी विकासखंड मुख्यालय से जुड़कर तेज़ी से विकास की मुख्यधारा में शामिल होंगे।


बरसात में हो रही है परेशानी से मिलेगी राहत

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में कोकिया नदी पार करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। अक्सर पानी बढ़ जाने से आवाजाही रुक जाती थी, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब पुल बनने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और ग्रामीणों को  सुरक्षित व सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।साथ ही विकासखंड मुख्यालय एवं ओडिशा राज्य की ओर आवागमन के लिए दूरी कम हो जाएगी।

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बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से हेटघीचा पारा केन्दूटोली में लौटी रोशनी

जशपुरनगर, 15 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के निराकरण हेतु स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया, अपनी त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता के वजह से लोगों के विश्वास और उम्मीदों का केंद्र बन चुका है।

    विकासखंड फरसाबहार  के ग्राम हेटघीचा‌ पारा केन्दूटोली के ग्रामीणों ने  बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या सीएम कैंप कार्यालय बगिया के समक्ष रखी। कैंप कार्यालय ने तत्काल विद्युत बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया। विभाग ने त्वरित कार्यवाही कर वहां पर नया ट्रांसफार्मर  स्थापित कर दिया, जिससे पूरा गांव रोशन हो गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

जनआकांक्षाओं को पूरा कर रहा है सीएम कैंप कार्यालय

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर  पहुंच रहे हैं। बिजली, सड़क, पेयजल या विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं यहां तुरंत सुनी जाती हैं और समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाते हैं।

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