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एक ही जमीन पर दर्ज परिवारों को अलग-अलग मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ,प्रदेश में 25 लाख 47 हजार किसान परिवार लाभान्वित

रायपुर, 14 सितंबर 2025/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि एक ही भूमि खाता (सिंगल लैण्डहोल्डिंग) में कई किसान परिवारों के नाम दर्ज हैं, तब भी प्रत्येक पात्र परिवार को अलग-अलग प्रतिवर्ष 6000 रूपए तक का लाभ प्राप्त करने का अधिकार होगा। बशर्तें वे योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र हो। प्रत्येक परिवार को न्यूनतम 6,000 रूपए वार्षिक की वित्तीय सहायता सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना की पात्रता शर्तों के तहत ‘किसान परिवार’ का अर्थ पति-पत्नी और अवयस्क बच्चों से है। यदि एक ही भूमि खाते से कई परिवार जुड़े हुए हैं, तो योजना का लाभ खाता संख्या से नहीं बल्कि परिवार की इकाई के आधार पर दिया जाएगा। इस प्रकार एक भूमि खाता साझा करने वाले अलग-अलग परिवारों को भी स्वतंत्र रूप से यह सहायता राशि प्राप्त होगी।

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, प्रत्येक किस्त 2,000 रूपए की होती है। छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत फरवरी 2025 में 20वीं किश्त के रूप में राज्य के 25.47 लाख किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रूपए की सम्मान निधि प्रदान की गई थी। इस योजना से देश के करोड़ों किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। सम्मान निधि पात्र किसानों को ही प्राप्त हो इसके लिए पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही किसान सम्मान निधि की राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है। 

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र किसान परिवार इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए राज्यों और जिलों को नियमित रूप से पात्रता की जाँच कर लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता। सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा है। इनमें सभी संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पदों के पूर्व और वर्तमान धारक, सांसद, विधायक, मंत्री, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों व विभागों के अधिकारी-कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) तथा 10,000 रुपये या उससे अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। इसके अलावा आयकरदाता परिवार भी इस योजना के दायरे से बाहर है। योजना का उद्देश्य है कि केवल वास्तविक छोटे और मध्यम किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा सके।

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मीडियाकर्मीयों का सम्मान निधि  10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने का मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक फैसला ......जशपुर प्रेस क्लब के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जताया आभार

जशपुर 14 सितम्बर 2025 - प्रदेश कैबिनेट की बैठक में वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।जशपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह फैसला पत्रकार हित में मील का पत्थर साबित होगा। सम्मान निधि दोगुनी होने से प्रदेश भर के पत्रकारों में उत्साह और खुशी का माहौल है।पत्रकारों ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के उन वरिष्ठ पत्रकारों के लिए बड़ी राहत है, जो सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक परेशानियों से जूझते थे। अब उन्हें सम्मानजनक जीवनयापन में सहूलियत मिलेगी।

प्रेस क्लब द्वारा दिये गए ज्ञापन में कहा गया की राज्य सरकार द्वारा पत्रकारों की पेंशन राशि 10 हजार से बढ़ाकर 20 हज़ार करने के लिए आपका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। यह निर्णय न केवल पत्रकारों के सम्मान में लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

पत्रकारिता का क्षेत्र अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा है। पत्रकार समाज के सामने सच्चाई लाने के लिए दिन-रात अथक परिश्रम करते हैं, अक्सर अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को दांव पर लगा देते है । दुर्भाग्यवश, सेवानिवृत्ति के बाद कई पत्रकारों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, आपके पत्रकारों के हित में लिए गए संवेदनशील निर्णय से पत्रकार समुदाय को लाभ मिलेगा। पेंशन राशि में की गई यह वृद्धि उन्हें एक बड़ी राहत प्रदान करेगी और उनके शेष जीवन को गरिमापूर्ण तरीके से जीने में मदद मिलेगी ।आपका यह निर्णय दर्शाता है कि आपके नेतृत्व में सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के योगदान को समझती है और उनका सम्मान करती है। 

यह कदम निश्चित रूप से राज्य के पत्रकारों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा, जिससे वे और अधिक समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे।​हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी सरकार पत्रकारों के कल्याण और उत्थान के लिए इसी तरह के महत्वपूर्ण कदम उठाती रहेगी। पुनः इस पत्रकारों के हित में लिए गए  निर्णय के लिए हम सब आपको  बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित करते हैं ।

इस अवसर पर जशपुर प्रेस क्लब के संरक्षक विजय त्रिपाठी(संपादक जशपुरांचल), विष्णु नारायण जोशी (संपादक समदर्शी न्यूज)विनोद शर्मा (सहसंपादक क्रांतिकारी संकेत) प्रेस क्लब अध्यक्ष विकास पांडे (ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर) राजेश पांडे (मुनादी डॉट कॉम) विक्रांत पाठक (ग्राउंड जीरो)संतोष चौधरी (ब्यूरो चीफ अमर उजाला/ANI)एन नवीन ओझा (ब्यूरो चीफ हरिभूमि) सुरेंद्र चेतवानी (नई दुनिया) निरंजन मोहंती (कलम की आवाज)दीपक सिंह (NEWS 18) योगेश थवाईत (न्यूज नेशन) प्रशांत सहाय (जशपुर की आवाज) सागर जोशी (सत्यकाम न्यूज)शिवप्रताप सिंह (जी न्यूज) जितेंद्र सोनी (आईबीसी 24) श्याम चौहान (बंसल न्यूज)नीरज गुप्ता (हरित छत्तीसगढ़)परेश दास (आज का दिन)गणेश साहू (जशपुरांचल) सुमीत ठाकुर (केलो प्रवाह)कुंदन सिंह (विस्तार न्यूज) सोनू जायसवाल(ग्राउंड जीरो)मुकेश नायक (सीजी मिरर न्यूज) मिथलेश गुप्ता (न्यूज 24)समेत जशपुर प्रेस क्लब के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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श्री सर्वेश्वरी समूह के 65 वें स्थापना दिवस समारोह आयोजन हेतु बैठक गम्हरिया आश्रम में सम्पन्न

जशपुर 14 सितम्बर 2025 : 
श्री सर्वेश्वरी समूह के 65 वें स्थापना दिवस समारोह को सुचारू  ढंग से  सम्पन्न करने  हेतु अघोरपीठ वामदेव नगर गम्हरिया आश्रम में एक बैठक बी.एन.उपाध्याय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिसमें निम्न प्रस्ताव पारित किए गए।प्रभात फेरी , पूर्व वर्ष की भांति प्रभात फेरी प्रातः 5.30 बजे अघोरपीठ गम्हरिया आश्रम से  पैलेस रोड होते हुए सति चौरा पहुचेगी जंहा ध्वाजोत्तोलन पूजन आरती उपरांत प्रभात फेरी सोगड़ा आश्रम  पहुंचेगी वहां ध्वजोत्तोलन,पूजन,आरती,सफल योनि का पाठ,प्रसाद वितरण उपरांत प्रभात फेरी नगर पालिका रोड होते हुए गम्हरिया आश्रम पहुचेगी जहां ध्वजोत्तोलन,पूजन,सफल योनि का पाठ,लघु गोष्ठि  उपरांत प्रसाद वितरण किया जायेगा। प्रभात फेरी हेतु दुपहिया/चार पहिया वाहन की व्यवस्था हेतु राजा रणविजय सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय, नरेश नन्दे  के नेतृत्व में  यश प्रताप सिंह जूदेव,शोर्य प्रताप सिंह जूदेव,विजय आदित्य सिंह जूदेव के साथ नितिन राय, विष्णु सोनी, राजेश अम्बस्ट, संतोष सिंह, तरूण शर्मा, लक्ष्मण जायसवाल, राजेश सिन्हा, नरेन्द्र सिन्हा, राजकपूर राम, अरविन्द भगत, शरद चौरसिया, मैनेजर राम,मुकेश सोनी मंडल अध्यक्ष को दायित्व सौंपा गया।निमंत्रण पत्र पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी ई निमंत्रण पत्र के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रण हेतु प्रेषित किया जायेगा। ई निमंत्रण पत्र हेतु धन्नयजय सिंह (मन्टू) एवं संतोष कुमार मिश्रा को दायित्व सौपा गया। सति चौरा व्यवस्था हेतु 21 सितम्बर की पूर्व संध्या पर सति चौरा में साफ-सफाई,दीप प्रज्वलित करने,झालर आदि की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया जिसकी व्यवस्था हेतु नितिन राय,अरेन्द्र सिंह,संतोष सिंह,रामशकर गुप्ता,वार्ड पार्षद एंव संतोष सोनी को दायित्व सौंपा गया। प्रभात फेरी में परम पूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के चित्र स्थित वाहन की फूल सज्जा हेतु नितिन राय, अमरकांत वर्मा एवं राजेश सिन्हा को दायित्व सौंपा गया।जशपुर नगर के विभिन्न मंदिरों,मस्जिद एवं गिरिजाघरों में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी झाडू वितरण किया जायेगा। झाडू वितरण हेतु  प्रमोद नायडू, रमेश गुरूजी, अमित महतो, श्री कमल दूबे, चंदन पाहवा, शप्रवीण सिन्हा, संतोष  सोनी, संतोष सिंह एवं वीरेन्द्र कुमार सिन्हा को दायित्व सौंपा गया।
जशपुर नगर के विभिन्न चिकित्सालयों में इस वर्ष भी पौष्टिक आहार वितरण करने का निर्णय लिया गया। पौष्टिक आहार वितरण हेतु डॉ. आर.के.सिंह के साथ कृष्ण कुमार राय ,नरेश नन्दे , संजय अखौरी ,संतोष मिश्र, अरविन्द भगत ,मैनेजर राम ,दीपक गुप्ता, राजेश अम्बस्ट एवं श्री सर्वेश्वरी महिला संगठन जशपुर को दायित्व सौंपा गया।
      आज के बैठक में पारित हुए प्रस्ताव एवं 21सितम्बर स्थापना दिवस के संपूर्ण कार्यक्रम की सूचना इलेक्ट्रनिक मीडिया एंव समाचार पत्रों में प्रकाशन के लिए नरेश नन्दे ,विकास पाण्डेय, प्रवीण सिन्हा,प्रशात सहाय,शरद चौरसिया,तरूण शर्मा को दायित्व सौंपा गया।गम्हरिया आश्रम में होने वाले लघु गोष्ठी  हेतु  श्रीवास्तव , प्रशांत सिंह,विद्यासागर उपाध्याय एवं संतोष मिश्र को दायित्व सौंपा गया।
         बैठक में श्री बी.एन.उपाध्याय जी द्वारा अध्यक्षीय उदबोधन में बैठक में उपस्थित सभी श्रद्धालुओ से स्वंय के कर्तव्य के अनुसार कार्य करने हेतु प्रेरित किया। अंत में आभार प्रकट करते हुए हर हर महादेव की जयघोष के साथ बैठक समाप्त की गयी।

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कलेक्टर रोहित व्यास की पहल: जिलेभर में आयोजित हो रही वित्तीय साक्षरता कार्यशालाएँ.....विद्यार्थियों ने सीखा डिजिटल बैंकिंग और स्मार्ट फाइनेंस मैनेजमेंट

जशपुर14 सितम्बर 2025 : 
जिले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल पर वित्तीय साक्षरता वर्कशॉप का आयोजन हायर सेकेंडरी विद्यालय बंदरचुआं में किया गया। शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में लगभग 250 विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल हुए।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन की पहल पर प्रत्येक विकासखंड में ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों में वित्तीय अनुशासन और डिजिटल साक्षरता की समझ विकसित हो सके।

विद्यालय में यह वर्कशॉप बीईओ कुनकुरी सी.आर. भगत के सहयोग से संपन्न हुआ।

भोपाल से आए डिजिटल कोच वीरेंद्र मिश्रा ने विद्यार्थियों को पैसे के महत्व, बजट प्रबंधन, बचत की आदत, आपातकालीन निधि और निवेश के बुनियादी सिद्धांतों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बैंकिंग की मूलभूत प्रक्रिया, सेविंग अकाउंट, यूपीआई, एटीएम और मोबाइल बैंकिंग के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर जानकारी दी।

सत्र के दौरान स्मार्ट स्पेंडिंग, जरूरत और चाहत में अंतर, विज्ञापनों व पीयर प्रेशर से बचाव, एसआईपी और चक्रवृद्धि ब्याज के फायदे, लोन व क्रेडिट स्कोर प्रबंधन, ईएमआई ट्रैप से बचने के उपाय, म्यूचुअल फंड्स और स्टॉक मार्केट की आधारभूत जानकारी तथा ऑनलाइन फ्रॉड व स्कैम से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

पूरे प्रशिक्षण को इंटरएक्टिव गतिविधियों, वर्कशीट्स और खेलों के माध्यम से संचालित किया गया, जिससे विद्यार्थी सीखे गए ज्ञान को अपनी दैनिक जीवन में आसानी से लागू कर सकें।

कार्यक्रम में जी.आर. टेक्नो से उत्कर्ष मिश्रा, प्राचार्य श्रीमती अहिल्या पैंकरा, व्याख्याता गुप्तेश्वर साय, रविन्द्र शर्मा, प्रदीप तिग्गा, एस.एन. साय, अयोध किशोर गुप्ता सहित समस्त स्टाफ और शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन का किया शुभारंभ.....जशपुर पर्यटन को मिल रही नयी पहचान

रायपुर, 14 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति इको टूरिज्म और होमस्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जशपुर के स्व सहायता समूह और किसानों को  इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर सबका साथ सबका विकास को चरितार्थ किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्व सहायता समूह और युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए दायित्वों और जिम्मेदारियों की वजह से अब ज्यादातर समय मुझे जशपुर से बाहर रहना पड़ता है, लेकिन जशपुर निरंतर आता रहूंगा और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के जरिए जशपुर को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान दिलाने की पहल की गई है। वर्ष 2024 में हुए जशपुर जम्बूरी में हमारे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने और उस अवसर का गवाह बनने पहुँचे। जशपुर जम्बूरी में न सिर्फ ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए लोगों ने नया महौल दिया, बल्कि जनजातीय परम्पराओं से भी रूबरू कराया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों का मेला और जनजातीय नृत्यों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, जिससे स्थानीय कारीगरों और गाइड्स को रोजगार मिला। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर जशपुर जम्बूरी के नए सीजन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें आगामी 6 से 9 नवम्बर तक देश, दुनिया के लोग यहाँ पहुँचकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों से परिचित हो पाएँगे। जशपुर की मिट्टी की खुशबू को जीवंत करने के लिए कर्मा, सरहुल जैसे जनजातीय नृत्य के साथ गोदना कला, काष्ट शिल्प और लौह शिल्प जैसे हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इससे न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रसार होगा, बल्कि स्थानीय कला और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ पेश करता है। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है। 

     उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सजे हैं, मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जो जशपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम टूरिज्म सेक्टर को एक उद्योग के रूप में देख रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमशीलता बढ़ेगी। राज्य में होम-स्टे नीति लागू की है ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को जानना-समझना चाहते हैं। उनके भीतर आदिवासी संस्कृति, परम्पराओं, उनके खान-पान, रहन-सहन को लेकर एक जिज्ञासा और उत्सुकता रहती है। ऐसे में होम-स्टे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी अवधारणा है, जिसमें स्थानीय समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे उत्सव से स्थानीय होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी को एक वार्षिक महोत्सव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी जशपुर आकर्षण का बड़ा केन्द्र बन पाए। जीआईएस (GIS) मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जशपुर की पहुँच बढ़ेगी।   यहाँ युवाओं और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकें। 

कार्यकम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी संबोधित किया और जशपुर के विकास, पर्यटन के क्षेत्र और कृषि क्रांति की विस्तार से जानकारी दी।
     
*दूसरी जम्बूरी 6 से 9 नवम्बर तक, पहली 2024 में हुई*
जशपुर जम्बूरी जशपुर की वादियों और झरनों के बीच हर साल एक ऐसा उत्सव मनाया जाता है, जो केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इस जिले की आत्मा का अनुभव है। जशपुर जम्बूरी ने 2024 में अपनी शानदार शुरुआत की और अब 2025 में एक और भव्य रूप में लौट रहा है।

      2024 में आयोजित पहली जशपुर जम्बूरी ने रोमांच, संस्कृति और समुदाय का ऐसा संगम पेश किया, जिसने देशभर से प्रतिभागियों को आकर्षित किया। झारखंड, ओडिशा, रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आए लोगों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रानी दाह, टी-गार्डन और जशपुर संग्रहालय जैसे स्थलों की सैर कर इतिहास और संस्कृति को करीब से महसूस किया। फ़ूड लैब ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर सबका दिल जीता। सरहुल और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियों ने जनजातीय परंपराओं की गहराई दिखाई। चार दिन रोमांचक गतिविधियों, सांस्कृतिक रंग और सामुदायिक मेलजोल के नाम रहे। इस आयोजन ने जशपुर को ईको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया गंतव्य बना दिया।

दूसरी जशपुर जम्बूरी 2025 नये अनुभवों की ओर अब यह उत्सव और बड़े स्वरूप में वापस आ रहा है। 6 नवम्बर से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों को और भी समृद्ध करेगा। रोमांचक-रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, ज़िपलाइन, ट्रेकिंग, मयाली डैम पर वॉटर स्पोर्ट्स, पैरामोटर और हॉट एयर बलून से माधेश्वर पहाड़ों के दृश्य देखे जा सकेंगे। जनजातीय नृत्य (कर्मा, सरहुल), लोक संगीत, हस्तशिल्प कार्यशालाएँ (मिट्टी, बाँस, गोंदना कला, लकड़ी व लोहे की कारीगरी), लोकनाट्य और स्थानीय व्यंजन का भी अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल, टीम-बिल्डिंग गतिविधियाँ और तारों भरे आसमान के नीचे अलाव की गर्माहट से लोगों के मन में आनंद की अनुभूति होगी। जशपुर जम्बूरी 2025 का उद्देश्य है प्रतिभागियों को प्रकृति, परंपरा और समुदाय की उस धारा से जोड़ना, जहाँ हर पल एक नई कहानी कहता है। कार्यकम में आभार व्यक्त डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा ने किया।

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मुख्यमंत्री ने किसान कॉल सेंटर का किया शुभारम्भ ,क्यू आर कोड स्कैन कर किसान सीधे बेच सकेंगे अपनी फसल बिचौलियों से मिलेगी निजात

रायपुर, 14 सितंबर 2025/ जिले के किसानों के हित में चलाई जाने वाले कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत आज किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और बाजार व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा अपने बगिया स्थित निज निवास कार्यालय से किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

      इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ, कटहल जैसी फसलों का भी बहुतायत में उत्पादन हो रहा है। ऐसे में किसानों के पास बाजारों के विकल्प के ना होने से उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसलों को बिचौलियों को बेचना पड़ता था, अब क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे उपार्जकों तक पहुंच एवं बेचने की व्यवस्था होने से जिले के किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे, जिससे किसानों को अनावश्यक बिचौलियों, कोचियों जैसे लोगों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा। कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों द्वारा किसी भी समस्या पर सहायता प्राप्त होगी। इन दोनों पहलों से कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और किसानों को उचित मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। 

उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 06 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम किस्म के दुधारू पशुओं के वितरण के साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारम्भ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, किसानों को इसके दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची के साथ कटहल की फसल भी बहुतायत में होती है। जिसके प्रसंस्करण और विकास के लिए जशपुर में विगत दिनों कटहल मेला भी आयोजित किया गया था। ऐसे में इन नवीन पहलों से किसान उत्पादन के साथ उचित मूल्य पर उत्पादों का निर्यात भी कर सकेंगे।


*किसानों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी*

किसानों को नवाचारी कृषि और कृषि के विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनांन्तर्गत 35 कृषकों के दल को रायपुर एवं दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इसमें कुनकुरी के 15 एवं कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। यह किसान वहां जाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसे वे जिले में आकर अपना सकेंगे। बीएनआर सीड रायपुर एवं इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा इस भ्रमण में कृषकों को जानकारी प्रदान की जाएगी।

*किसान कॉल सेंटर में 08069378107 नम्बर पर किसानों को मिलेगी सहायता*

         इस किसान कॉल सेंटर के माध्यम से जिले के किसान खेती से जुड़े प्रश्नों एवं समास्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए आज मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष जिला प्रशासन एवं एग्रिबिड के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ योजना का लाभ लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं को भी बिना किसी देरी के अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे किसानों को उनकी छोटी छोटी समस्याओं का सीधा निराकरण प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए 12 विशेषज्ञों का दल कार्य करेगा, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कॉल, मैसेज, व्हाट्सप्प द्वारा किसानों से जुड़ेंगे। किसानों को केवल कॉल सेंटर के नम्बर 08069378107 पर सम्पर्क करना होगा।

*जिले के किसानों की उत्पादों कोे पूरे देश से मिलेंगे खरीददार*

जी कॉम इंडिया के क्यू आर कोड से देश के किसी भी कोने के क्रेता से जिले के किसान से सीधे संपर्क कर व्यापार कर पाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से जिले के किसानों को स्थानीय मंडी पर निर्भर ना रहते हुए पूरे देश की सभी मंडियों से संपर्क हो सकेगा। देश के किसी भी कोने में बैठे खरीददार ऐप के माध्यम से किसान के पास उपलब्ध उत्पाद की जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ उनसे संपर्क कर व्यवसाय कर सकेंगे। इस ऐप के माध्यम से यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा उपलब्ध ना हो तो वह समुदाय के अपने साथी किसानों के पास उपलब्ध मात्रा को जोड़कर क्रेता को उपलब्ध करा सकते हैं, इससे सभी का सामूहिक विकास सुनिश्चित होगा। इस अभियान से किसानों को धान के साथ साथ उनकी तिलहन, दलहन, नगदी फसलों को घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा। किसान को केवल अपने पास उपलब्ध फसलों की मात्रा और उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

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नरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगात

नई उद्योग नीति में बस्तर संभाग पर विशेष तौर पर फोकस : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 14 सितम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के नरहरपुर में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में आदिवासी समाज के ईष्ट आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति में आदिवासी विकास को प्राथमिकता देते हुए बस्तर सहित सरगुजा को विशेष तौर पर फोकस किया गया है, ताकि यहां के निवासियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। ब्लॉक मुख्यालय नरहरपुर के उन्मुक्त खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी समाज के ईष्ट देवी-देवताओं का जयघोष करते हुए उपस्थित लोगों को ठाकुर जोहारनी और नवाखाई की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की यह अनूठी परंपरा आगे भी जीवित रहनी चाहिए और समाज की एकजुटता हमेशा बनी रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आगे बढ़ें, सुशिक्षित बनें, इसके लिए पूरे प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। उन्होंने बताया कि आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईआईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षण संस्थाएं प्रदेश में संचालित हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी तरह प्रयास और एकलव्य जैसे श्रेष्ठ संस्थानों के माध्यम से भी लगातार सुधार के प्रयास हो रहे हैं। दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित है और प्रदेशभर में नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों को माओवाद के विरुद्ध अभियान में लगातार बड़ी सफलताएँ मिल रही हैं। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक माओवाद के खात्मे का संकल्प दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से पशुपालन, मुर्गीपालन जैसी रोजगारमूलक गतिविधियों से लोगों को जोड़ने का कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरणपादुका वितरण, रामलला दर्शन योजना सहित ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से आदिवासियों के सतत् और समग्र विकास को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा उत्सव का कार्यक्रम है। जल, जंगल, जमीन और अपनी परंपराओं, लोकनृत्य, गीत, मांदर और मृदंग के साथ जीने वाले आदिवासियों की अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहना नितांत आवश्यक है। 

कार्यक्रम को सांसद श्री भोजराज नाग, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम और केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम सहित गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री सुमेर सिंह नाग, जिला अध्यक्ष श्री राजेश भास्कर तथा श्री राजाराम तोड़ेम ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नरहरपुर क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएँ भी कीं। इनमें 30 करोड़ की लागत से बागोड़ एनीकट का निर्माण, नरहरपुर में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापना हेतु 30 करोड़ रुपये, नरहरपुर में मावा मोदोल लाइब्रेरी के लिए 20 लाख रुपये, ग्राम ढोढ़रापहार में गोंडवाना सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, नरहरपुर में मोबाइल टॉवर की स्थापना, नरहरपुर में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह निर्माण के लिए 80 लाख रुपये और नरहरपुर विकासखंड के गोंडवाना समाज के सभी 12 मुड़ा क्षेत्रों में 12 टीन शेड निर्माण हेतु 10–10 लाख रुपये के मान से कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम धनेसरा में गोंडवाना समाज द्वारा संचालित जंगोरायतार इंग्लिश मीडियम स्कूल हेतु आवश्यक सहयोग की घोषणा भी की गई।

कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, नगरपालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी और समाज के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री की सुशासन में जशपुर के पाँच ग्रामों में होम-स्टे की शुरुआत, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंच

रायपुर, 14 सितम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में सामुदायिक पर्यटन की एक नई पहल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय से जशपुर के पाँच ग्रामों-देओबोरा, केरे, दनगरी, छिछली और घोघरा में होम-स्टे योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कृत संकल्पित है। होम-स्टे नीति न केवल पर्यटन को नई पहचान देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर भी प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि आदिवासी संस्कृति, परंपराएँ, खान-पान और जीवन शैली को लेकर अन्य प्रदेशों और देशों के लोगों में गहरी जिज्ञासा रहती है। होम-स्टे के माध्यम से पर्यटकों को सीधे गाँवों में रहकर स्थानीय संस्कृति, पूजन पद्धति और सादगी का अनुभव करने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए अविस्मरणीय साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह पहल जशपुर को न केवल पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त पर्यटन मित्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए। यह प्रशिक्षण सामुदायिक पर्यटन और होम-स्टे विकास पर आधारित था, जिससे संबंधित ग्रामों को इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर का मकरभंजा जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचें जलप्रपात में से एक है, और इसके साथ जिले के अनेक झरने व दर्शनीय स्थल जशपुर को पर्यटन की दृष्टि से अनोखा बनाते हैं। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और यहाँ आने वाले पर्यटक जीवनभर इस जगह की यादों को संजोए रखते हैं। 

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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अग्निवीरों की मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात : प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी आपकी सफलता : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 14 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज बलरामपुर जिले के चयनित 26 अग्निवीरों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, गांव और जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं को सेना में शामिल होकर देशसेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम की भावना से ही सफलता की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेना में शामिल होकर ये युवा सीमाओं की रक्षा करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।

इस अवसर पर बलरामपुर जिले के चयनित अग्निवीरों में पिंकू पैकरा, जिन्दल, विकाश पैकरा, प्रकाश सिंह, खेल साय, आर्यन, देव नंन्दन पन्ना, नरेन्द्र यादव, रंजीत केरकेट्टा, रमेश पैकरा, प्रियांशु, सनोज, निकिता नरसिंह, शशि किरण, सोहन लाल, महेन्द्र पैकरा, मिथलेश पैकरा, छोंटू, बज्जू पैकरा, पंकज, विवेक पैकरा, विधायक पैकरा, किशुन पैकरा, सोभनाथ पैकरा, अमित कुजूर और एंजेल लकड़ा शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षक श्री सुदर्शन यादव और उनकी टीम के निःशुल्क सेना भर्ती प्रशिक्षण के उल्लेखनीय प्रयासों की भी सराहना की। उनके प्रशिक्षण से लाभान्वित 30 युवाओं में से 26 युवा अग्निवीर भर्ती में चयनित हुए हैं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया कैंप कार्यालय में सुनी जनता की समस्याएं,त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 14 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज शनिवार को अपने गृह ग्राम बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में  आमजनों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके निराकरण के लिए तत्काल निर्देश दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मिले और अपनी मांगों एवं समस्याओं को प्रस्तुत किया। कुछ मामलों में त्वरित समाधान के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। 
     जनदर्शन में आए ग्रामीणों, महिलाओं, किसानों, छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को  त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 
   मुख्यमंत्री के समक्ष विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क, जनसुविधाओं और विभिन्न योजनाओं से संबंधित मांगे और समस्याओं से संबंधित आवेदन आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक आवेदक को समयबद्ध समाधान मिले। उन्होंने कहा कि सीएम कैंप कार्यालय में जनता अपनी बात नि:संकोच रख सकती है।

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महाकुल समाज के अध्यक्ष रहे स्व. डमरूधर यादव की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय,समाज के उत्थान हेतु किए कार्यों एवं साथ बिताए अनमोल पलों को किया यादव

 जशपुरनगर, 13 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज पत्थलगांव पहुंचकर दिवंगत श्री डमरूधर यादव की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवारजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उनके साथ बिताए गए अनमोल पलों एवं समाज उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों को याद किया। कहा कि डमरूधर यादव मेरे बड़े भाई के समान थे, उनका सहयोग और आशीर्वाद मुझे सदैव से मिलता रहा था।
    इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी दिवंगत श्री डमरूधर यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। स्व. श्री डमरूधर यादव ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पत्थलगाँव के उपाध्यक्ष, कृषि उपज मंडी समिति पत्थलगाँव के अध्यक्ष, जिला भूमि विकास बैंक रायगढ़ के अध्यक्ष और महाकुल समाज छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष के पद पर रहते हुए समाज की सेवा की।

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मुख्यमंत्री ने जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया 

रायपुर 13  सितम्बर 2025 /  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री बगिया कैम्प कार्यालय में  जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया। इस समझौते का उद्देश्य जिले में विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temperament) का विकास करना तथा उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ना है।

इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न अभिनव कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि विज्ञान भारती पूर्व से ही जिले में कई गतिविधियों में सहयोग कर रही है, जिनमें— “स्पेस ऑन व्हील” कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अनुभव कराना, विज्ञान क्लबों की स्थापना द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासा और नवाचार को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थी विज्ञान मंथन जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की ओर प्रेरित करना शामिल है।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर कहा कि “यह समझौता जिले के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोलेगा। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लैस नई पीढ़ी ही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञाननिष्ठ समाज की नींव रखेगी।”

जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती का यह संयुक्त प्रयास न केवल विद्यालयी शिक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार की दुनिया में नई उड़ान भी देगा।

इस दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भटनागर, प्रांत सचिव विज्ञान भारती श्री वर प्रसाद ओला,
प्रदेश संयोजक विद्यार्थी विज्ञान मंथन श्री गौरव वर्मा,
जिला संयोजक विद्यार्थी विज्ञान मंथन श्री विवेक पाठक उपस्थित रहे।

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आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र जशपुर के आदिवासियों के शारीरिक व मानसिक विकास में होगे सहायक,देश के लिए जशपुर बनेगा माडल : प्रियंवदा सिंह जूदेव

जशपुरनगरः 13 सितम्बर 2025 - आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकासीत किया जाएगा। बुनियादी सुविधा सहित आधुनिक सुविधाओं से लैस इन आंगनबाड़ी केंद्रों में शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक के बच्चों के स्वास्थ्य के साथ मानसिक विकास के लिए प्रदेश के साथ पूरे देश के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सकेगें। राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने यह प्रस्ताव छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को दिया है। मंत्री राजवाड़े शुक्रवार को एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर पहुंची थी। शहर के सर्किट हाउस में मंत्री से मुलाकात के दौरान प्रियंवदा सिंह जूदेव ने बताया कि आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में आदिवासियों के साथ पहाड़ी कोरवा,बिरहोर जैसे विशेष संरक्षित जनजातियां निवास करती है। जो आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से अब भी पिछड़ी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की राज्य सरकार ऐसे जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ना प्राथमिकता सूची में शामिल है। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र इन जातियों के बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के साथ ही इनके मानसिक व शारीरिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगें। इस दौरान जशपुर की विधायक रायमुनि भगत,कृष्ण कुमार राय,नगरपालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव,भाजपा के जिला प्रवक्ता ओम प्रकाश सिन्हा,दीपक गुप्ता, मंडल अध्यक्ष मुकेश सोनी,अभिषेक गुप्ता,शरद चौरसिया, नीज सचिव राजेश सिन्हा सहित भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इन सुविधाओं से होगा लैस -
     प्रियंवदा सिंह जूदेव ने बताया कि प्रस्तावित आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र में बेहतर रंग-रोगन के साथ आकर्षक चित्रकारी होगा। इसके साथ बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी-टेबल के साथ एक टेलीविजन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बच्चों को गीत-संगीत के माध्यम से शिक्षा दी जा सकेगी। उन्होनें बताया कि एक आंगनबाड़ी केंद्र को आदर्श केंद्र के रूप में विकसीत करने में एक लाख रूपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिवंगत श्रीमती शशिकला साय को दी श्रद्धांजलि

   जशपुरनगर, 13 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज ग्राम बंदरचुआं‌ पहुंचकर दिवंगत श्रीमती शशिकला साय के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनके  छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और  शोकाकुल परिवारजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवारजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
    इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय ने भी दिवंगत श्रीमती शशिकला साय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर  श्रद्धांजलि दी। स्वर्गवासी श्रीमती शशिकला साय, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के भतीजे श्री कृष्णकांत साय की धर्मपत्नी थीं।

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मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 का किया शुभारंभ....मानव मुस्कान को सुरक्षित रखने और सहेजने में दंत चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण

रायपुर, 13 सितम्बर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की 3 करोड़ जनता के आरोग्य के साथ हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार करेंगे। पिछले 20 महीनों में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करते हुए दुर्गम अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य हमारी सरकार ने किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 का शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दंत चिकित्सा और दांतों की देखभाल से जुड़े उपयोगी उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा डेंटल एसोसिएशन की वार्षिक स्मारिका का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार बनने के पहले दिन से ही हमने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी गई है, साथ ही फिजियोथैरेपी, नर्सिंग और मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल जैसे संस्थानों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के साथ ही हम प्रगति की भी बात कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2000 में जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से मरीजों और बुजुर्गों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं, सस्ती जेनेरिक दवाइयां आम जनता को राहत प्रदान कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पान मसाला, गुटखा और तंबाकू की वजह से मुँह के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि  दाँतों की देखभाल और सुंदर मुस्कान देने में दंत चिकित्सकों की अहम भूमिका है।उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएँ।

उन्होंने भावुक होकर अपने संसदीय कार्यकाल की स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि 1999 में जब श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, उस समय एम्स दिल्ली पर पूरे देश के मरीजों का दबाव था। तब हमने संसद में निवेदन किया था कि छत्तीसगढ़ में भी एम्स की स्थापना हो। सौभाग्य से 1 नवम्बर 2000 को राज्य गठन के बाद पहली किस्त में छह राज्यों को एम्स की सौगात मिली और छत्तीसगढ़ को भी यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार किया और 10 मिशन बनाकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

श्री साय ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश का जीएसडीपी 5 लाख करोड़ है, जिसे वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इस दिशा में हम पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध है, मेहनतकश किसान और परिश्रमी जनता इसकी असली ताकत हैं। “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की कहावत को दोहराते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश 2047 तक अपने लक्ष्यों को अवश्य प्राप्त करेगा।

जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में जीएसटी के स्लैब को 5 और 18 प्रतिशत में एकरूप किया गया है। इससे व्यापार और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा तथा व्यावसायिक गतिविधियाँ सरल होंगी। यह प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि को दर्शाता है, जो भारत को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि “मानव की मुस्कान सबसे कीमती है और उसे सुरक्षित रखने व सहेजने में दंत चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दंत चिकित्सक मुँह और दाँत से जुड़ी बीमारियों पर विस्तृत चर्चा करेंगे और उनके उपचार की दिशा में नए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और नक्सल प्रभावित व दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और यह हमारे प्रयासों का प्रमाण है कि सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति के साथ अब कुल 15 मेडिकल कॉलेज होंगे। इसके अलावा बिलासपुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, 12 नए नर्सिंग कॉलेज और पाँच फिजियोथैरेपी कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और दुर्गम क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में सबसे अधिक कैशलेस इलाज सुविधा देने वाला राज्य बन चुका है।

कॉन्फ्रेंस में इंडियन डेंटल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रेसिडेंट डॉ. अरविंद कुमार, पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. राजीव सिंह, कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन डॉ. वैभव तिवारी सहित बड़ी संख्या में देशभर से आए दंत चिकित्सक उपस्थित रहे।

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स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जशपुरनगर में 70 छात्राओं को सरस्वती साइकिल किया गया वितरण .... 


 जशपुर 13 सितम्बर 2025:  जिला मुख्यालय में स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम नवीन आदर्श उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जशपुरनगर में नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत के मुख्य आतिथ्य में निः शुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। साथ ही इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष व वर्तमान पार्षद राजेश गुप्ता, सरहुल समिति के जिला उपाध्यक्ष मैनेजर राम  एवं समाज सेवक संतोष ओहदार भी उपस्थित रहे।

 इस कार्यक्रम में कक्षा नवमी में अध्यनरत  70 बालिकाओं को राज्य सरकार द्वारा संचालित सरस्वती साइकिल योजना के तहत निः शुल्क साइकिल का वितरण किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि सरकार के द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में यह कारगर कदम है, उन्होंने सभी बालिकाओं और उनके पालकों को बधाई दी, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्तिथ  नगर पालिका जशपुर के पूर्व उपाध्यक्ष व वर्तमान पार्षद राजेश गुप्ता ने कहा कि इस योजना का लाभ  प्रत्यक्ष रूप से बालिकाओं को मिल रहा है जिससे वे पढ़ाई को नियमित रूप जारी रख सकें। संस्था के प्राचार्य विनोद कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रतिवर्ष कक्षा नवमी की पात्र बालिकाओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क सायकिल वितरित किया जाता है, इस योजना से शाला त्यागी बालिकाओं का प्रतिशत शून्य हुवा है और उनकी नियमित उपस्तिथि में भी वृद्धि दर्ज की गयी है। इस अवसर पर पात्र बालिकायें व उनके अभिभावक उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के शिक्षक महेश गुप्ता, सूखेश्वर भगत, सुरेश तांडी, प्रभात मिश्रा,जयेश सौरभ टोपनो, समीर टोप्पो, सुदर्शन साय,संगीता यादव,डॉ. विकास पाण्डेय और समस्त शिक्षकों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

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